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Himansh Kohli Supports Sonam Wangchuk On Education & Paper Leak Issue

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15 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ के प्रमोशन के दौरान अभिनेता हिमांश कोहली, अभिनेत्री सोनाली सहगल और निर्देशक कमल चंद्रा ने सोनम वांगचुक के समर्थन, NEET-UG समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। हिमांश ने कहा कि देश और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने वालों को सुना जाना चाहिए। सोनाली ने मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जताई। कमल चंद्रा ने कहा कि सिर्फ सरकार को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचना जरूरी है। हिमांश कोहली ने सोनम वांगचुक के समर्थन, युवाओं की आवाज और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। सवाल: आपने सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्ट किया था और उनके स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की थी। इसे आप कैसे देखते हैं? युवाओं से आपका यह जुड़ाव कैसा है? जवाब (हिमांश कोहली): मेरे करियर में युवाओं का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। मेरे टीवी शो से लेकर फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ तक, मेरा काम युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश करता है। बेहतर शिक्षा और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को सुना जाना चाहिए। मैं सोनम वांगचुक का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने देश, खासकर भारतीय सेना और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सोच और काम ने मुझे भी प्रेरित किया है। आज की Gen-Z अपनी बात हिम्मत से रखती है। हमारी पीढ़ी में लोग इतनी खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते थे। युवा सिर्फ बहादुर ही नहीं, बल्कि रचनात्मक भी हैं। अगर उनकी मांग देश के बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए है तो मैं उनके साथ खड़ा हूं। मेरी कामना है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचें। सवाल: बॉलीवुड के कलाकारों से लोग उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलें। आपने सबसे पहले समर्थन किया था। क्या कहना चाहेंगे? जवाब (हिमांश कोहली): मुझे याद है कि उस समय शायद सबसे पहले मैंने ही पोस्ट किया था और इसके लिए मुझे ट्रोल भी किया गया। लेकिन अगर बात सच्चाई और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की हो, तो चुप नहीं रहना चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यह आवाज शांतिपूर्ण होनी चाहिए और सुनी भी जानी चाहिए। सोनाली सहगल ने कहा कि शिक्षा जैसे मुद्दों को राजनीति से ऊपर रखकर समाधान की दिशा में काम होना चाहिए। सवाल: आपको लगता है कि यह आवाज सरकार तक पहुंची? जवाब (हिमांश कोहली): जी, मुझे लगता है कि बात सरकार तक पहुंची है। उम्मीद है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा और आने वाली पीढ़ी को अपनी पसंद का करियर चुनने के बेहतर अवसर मिलेंगे। सोनाली सहगल: मुझे भी लगता है कि इस मुद्दे का सकारात्मक परिणाम निकलना चाहिए। इसे राजनीतिक बहस बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। जब कोई आंदोलन होता है तो उसका सार्थक निष्कर्ष भी निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। हमें उम्मीद है कि आगे बेहतर बदलाव देखने को मिलेगा। कमल चंद्रा ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचकर सुधार करना जरूरी है। सवाल: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात हो रही है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब (हिमांश कोहली): यह अच्छी बात है। हर इंसान की तीन बुनियादी जरूरतें हैं- अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और भोजन। अच्छी शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। कमल चंद्रा: हर बात को राजनीतिक बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना होगा। कोई मंत्री खुद पेपर लीक नहीं करता, बीच में कुछ भ्रष्ट लोग होते हैं। असली जरूरत सिस्टम की खामियों को दूर करने की है। मैंने एक छात्र की कहानी देखी थी जिसने तीन-चार साल तक 16-17 घंटे पढ़ाई की। उसे 550 अंक मिले और वह खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गया और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। यह बेहद दुखद है। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है। सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों को दूर करने से बदलाव आएगा। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया फिल्म ‘आर्य भट्ट का जीरो’ खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि ‘यारियां’ के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Himansh Kohli Supports Sonam Wangchuk On Education & Paper Leak Issue

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34 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ के प्रमोशन के दौरान अभिनेता हिमांश कोहली, अभिनेत्री सोनाली सहगल और निर्देशक कमल चंद्रा ने सोनम वांगचुक के समर्थन, NEET-UG समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। हिमांश ने कहा कि देश और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने वालों को सुना जाना चाहिए। सोनाली ने मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जताई। कमल चंद्रा ने कहा कि सिर्फ सरकार को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचना जरूरी है। हिमांश कोहली ने सोनम वांगचुक के समर्थन, युवाओं की आवाज और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। सवाल: आपने सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्ट किया था और उनके स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की थी। इसे आप कैसे देखते हैं? युवाओं से आपका यह जुड़ाव कैसा है? जवाब (हिमांश कोहली): मेरे करियर में युवाओं का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। मेरे टीवी शो से लेकर फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ तक, मेरा काम युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश करता है। बेहतर शिक्षा और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को सुना जाना चाहिए। मैं सोनम वांगचुक का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने देश, खासकर भारतीय सेना और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सोच और काम ने मुझे भी प्रेरित किया है। आज की Gen-Z अपनी बात हिम्मत से रखती है। हमारी पीढ़ी में लोग इतनी खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते थे। युवा सिर्फ बहादुर ही नहीं, बल्कि रचनात्मक भी हैं। अगर उनकी मांग देश के बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए है तो मैं उनके साथ खड़ा हूं। मेरी कामना है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचें। सवाल: बॉलीवुड के कलाकारों से लोग उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलें। आपने सबसे पहले समर्थन किया था। क्या कहना चाहेंगे? जवाब (हिमांश कोहली): मुझे याद है कि उस समय शायद सबसे पहले मैंने ही पोस्ट किया था और इसके लिए मुझे ट्रोल भी किया गया। लेकिन अगर बात सच्चाई और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की हो, तो चुप नहीं रहना चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यह आवाज शांतिपूर्ण होनी चाहिए और सुनी भी जानी चाहिए। सोनाली सहगल ने कहा कि शिक्षा जैसे मुद्दों को राजनीति से ऊपर रखकर समाधान की दिशा में काम होना चाहिए। सवाल: आपको लगता है कि यह आवाज सरकार तक पहुंची? जवाब (हिमांश कोहली): जी, मुझे लगता है कि बात सरकार तक पहुंची है। उम्मीद है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा और आने वाली पीढ़ी को अपनी पसंद का करियर चुनने के बेहतर अवसर मिलेंगे। सोनाली सहगल: मुझे भी लगता है कि इस मुद्दे का सकारात्मक परिणाम निकलना चाहिए। इसे राजनीतिक बहस बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। जब कोई आंदोलन होता है तो उसका सार्थक निष्कर्ष भी निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। हमें उम्मीद है कि आगे बेहतर बदलाव देखने को मिलेगा। कमल चंद्रा ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचकर सुधार करना जरूरी है। सवाल: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात हो रही है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब (हिमांश कोहली): यह अच्छी बात है। हर इंसान की तीन बुनियादी जरूरतें हैं- अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और भोजन। अच्छी शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। कमल चंद्रा: हर बात को राजनीतिक बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना होगा। कोई मंत्री खुद पेपर लीक नहीं करता, बीच में कुछ भ्रष्ट लोग होते हैं। असली जरूरत सिस्टम की खामियों को दूर करने की है। मैंने एक छात्र की कहानी देखी थी जिसने तीन-चार साल तक 16-17 घंटे पढ़ाई की। उसे 550 अंक मिले और वह खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गया और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। यह बेहद दुखद है। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है। सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों को दूर करने से बदलाव आएगा। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया फिल्म ‘आर्य भट्ट का जीरो’ खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि ‘यारियां’ के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Gold & Silver Price Hike

Gold & Silver Price Hike

Hindi News Business Gold & Silver Price Hike | Redmi Note 17 Launch & Aviation Fuel Statement 13 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने से जुड़ी रही। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार का हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,814 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया। एक किलो चांदी की कीमत 1,112 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। 1. सोने की कीमत ₹2,814 बढ़कर ₹1.48 लाख हुई: 6 दिन में ₹5,580 दाम बढ़ चुके; चांदी कल ₹1,112 बढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमत में 6 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,814 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। एक किलो चांदी की कीमत 1,112 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस महीने यानी अगस्त में सिर्फ 6 दिन में ही सोना 5,580 और चांदी 7,379 रुपए महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सरकार बोली- हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने का प्लान नहीं:केजरीवाल ने कहा था- इससे यात्री सुरक्षा को खतरा; एविएशन मिनिस्टर बोले- गलत बयान न दें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार का हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर इस तरह की गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह डर और चिंता पैदा होती है। नायडू का यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना का आरोप लगाया था। उड्डयन मंत्री ने साफ किया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रेडमी नोट 17 स्मार्टफोन 8,000mAh बैटरी के साथ लॉन्च:शुरुआती कीमत ₹27,999; 7 इंच एमोलेड डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन 4 जेन 4 प्रोसेसर मिलेगा शाओमी ने भारत में अपना नया मिड-रेंज स्मार्टफोन रेडमी नोट 17 लॉन्च कर दिया है। इस फोन में 8,000mAh की बड़ी बैटरी, स्नैपड्रैगन 4 जेन 4 चिपसेट और 6.9-inch का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। फोन की शुरुआती कीमत 27,999 रुपए है। इसकी बिक्री 12 अगस्त से शुरू होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. हर महीने ₹610 जमा करने पर मिलेंगे ₹1 लाख:SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम में 7.05% तक का ब्याज, जानें इससे जुड़ी खास बातें भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI एक खास रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD स्कीम चला रही है, जिसका नाम है ‘हर घर लखपति’ है। यह एक कस्टमाइज्ड RD प्रोडक्ट है, जिसका मकसद है कि आम आदमी हर महीने छोटी-छोटी बचत करके मैच्योरिटी पर ₹1 लाख या उससे ज्यादा का फंड जुटा सके और ‘लखपति’ बन सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Gold & Silver Price Hike

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Hindi News Business Gold & Silver Price Hike | Redmi Note 17 Launch & Aviation Fuel Statement 45 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने से जुड़ी रही। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार का हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,814 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया। एक किलो चांदी की कीमत 1,112 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। 1. सोने की कीमत ₹2,814 बढ़कर ₹1.48 लाख हुई: 6 दिन में ₹5,580 दाम बढ़ चुके; चांदी कल ₹1,112 बढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमत में 6 अगस्त को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,814 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। एक किलो चांदी की कीमत 1,112 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस महीने यानी अगस्त में सिर्फ 6 दिन में ही सोना 5,580 और चांदी 7,379 रुपए महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सरकार बोली- हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने का प्लान नहीं:केजरीवाल ने कहा था- इससे यात्री सुरक्षा को खतरा; एविएशन मिनिस्टर बोले- गलत बयान न दें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार का हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर इस तरह की गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह डर और चिंता पैदा होती है। नायडू का यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना का आरोप लगाया था। उड्डयन मंत्री ने साफ किया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रेडमी नोट 17 स्मार्टफोन 8,000mAh बैटरी के साथ लॉन्च:शुरुआती कीमत ₹27,999; 7 इंच एमोलेड डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन 4 जेन 4 प्रोसेसर मिलेगा शाओमी ने भारत में अपना नया मिड-रेंज स्मार्टफोन रेडमी नोट 17 लॉन्च कर दिया है। इस फोन में 8,000mAh की बड़ी बैटरी, स्नैपड्रैगन 4 जेन 4 चिपसेट और 6.9-inch का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। फोन की शुरुआती कीमत 27,999 रुपए है। इसकी बिक्री 12 अगस्त से शुरू होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. हर महीने ₹610 जमा करने पर मिलेंगे ₹1 लाख:SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम में 7.05% तक का ब्याज, जानें इससे जुड़ी खास बातें भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI एक खास रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD स्कीम चला रही है, जिसका नाम है ‘हर घर लखपति’ है। यह एक कस्टमाइज्ड RD प्रोडक्ट है, जिसका मकसद है कि आम आदमी हर महीने छोटी-छोटी बचत करके मैच्योरिटी पर ₹1 लाख या उससे ज्यादा का फंड जुटा सके और ‘लखपति’ बन सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Salman Khan Alvira Khan Court Notice

Salman Khan Alvira Khan Court Notice

. ये कहना है चंडीगढ़ के ज्वेलरी कारोबारी अरूण गुप्ता का, जिन्होंने चंडीगढ़ जिला कोर्ट से सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान और कंपनी के पदाधिकारियों को नोटिस भिजवाया है। जिसमें कोर्ट ने इन सभी से 5 अक्टूबर को जवाब मांगा है। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान व उनके पॉपुलर ब्रॉन्ड से जुड़े मामले पर कथित फ्रॉड के आरोपों के बाद दैनिक भास्कर ने कारोबारी अरूण गुप्ता से एक्सक्लूसिव बातचीत की। चंडीगढ़ के कारोबारी अरूण गुप्ता ने मनीमाजरा में यह आलीशान शोरूम खोला था, जिसकी एंट्रेस के ठीक सामने सलमान खान की फोटो लगाई गई थी। जिसमें उन्होंने ज्वेलरी शोरूम खोलने, सलमान से मुलाकात से लेकर पूरे मामले पर खुलकर बात की। कारोबारी ने क्या कहा, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट कंपनी के 2 लोग आए, सलमान का नाम लिया अरुण गुप्ता ने कहा- स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के 2 लोग मेरे पास यहां आए थे। उन्होंने कहा कि हमारी ये फ्रेंचाइजी ले लो। बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी की ये फर्स्ट फ्रेंचाइजी खुल रही है। हम ज्वेलरी वगैरह बनाते हैं। ये सलमान खान की कंपनी है। मुझे इन्वेस्टमेंट के बारे में बताया। हम मान गए। उनसे सारी बातचीत हो गई। इसके बाद हमने शोरूम खोल लिया। शोरूम खोलने से पहले उन्होंने मुझे ये भरोसा दिया था कि ओपनिंग के लिए सलमान खान खुद आएंगे। 3 नवंबर को शोरूम की ओपनिंग थी। सलमान नहीं आए, वीडियो भेज दिया, फिर मुंबई बुलाया अरुण गुप्ता ने कहा- ओपनिंग के दिन सलमान खान नहीं आए। उन्होंने एक दिन पहले बिग बॉस के सेट से अपना एक वीडियो भेज दिया। जिसमें हम सबका नाम लेकर सलमान ने कहा कि मैं बिग बॉस और भारत की शूटिंग में बिजी हूं। मैं अपने ब्रदर इन लॉ आयुष शर्मा को भेज रहा हूं। आयुष ओपनिंग करके चले गए। दिसंबर 2018 में उन्होंने मुझे मुंबई इन्वॉइट किया। मैं अपनी फैमिली के साथ बिग बॉस के सेट पर मुंबई गया। वहां मैं सलमान खान से मिला। हमारी फोटो हुई। हमने बिग बॉस की शूटिंग देखी। इसके बाद मैं वापस आ गया। सलमान खान के साथ कारोबारी अरूण गुप्ता।- फाइल फोटो ज्वेलरी की कंप्लेंट आई, सलमान को भी भेजी अरुण गुप्ता ने कहा– 2019 में मुझे प्रॉब्लम आने लगी। मेरे पास ज्वेलरी की 1-2 कंप्लेंट आई। मैंने दिक्कत को जल्दी दूर करने के लिए सीधे सलमान खान को पर्सनली कंप्लेंट भेजी लेकिन मुझे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। मैं इंतजार करता रह गया। इसके बाद हमें न मैटीरियल आया और न ही पैकिंग से जुड़ा कोई सामान आया। कंपनी ने सारे ऑफिस क्लोज किए अरुण गुप्ता ने कहा- 2020 में इन्होंने मुंबई में अपने सारे के सारे ऑफिस क्लोज कर दिए। मैंने सोचा कि कहीं कोरोना की वजह से शिफ्टिंग कर रहे होंगे। मुझे पता नहीं था कि क्या है क्या नहीं। कंपनी ने मुझे कहा कि एक महीने के भीतर फ्रेंचाइजी के 10 और शोरूम खुलेंगे। आपकी ये पहली है। एक साल तक मुझे लटकाकर रखा। दिल्ली जाकर पता चला, कॉन्सेप्ट ही खत्म कर दिया अरुण गुप्ता ने कहा– 2021 में मैं बेटे के साथ दिल्ली गया। वहां एक पार्टी थी जो ज्वेलरी का काम करती थी। उनसे पूछने पर पता चला कि इन्होंने ये कॉसेप्ट ही खत्म कर दिया है। इन्होंने मुझे एक साल तक बिल्कुल अंधेरे में रखा। मेरे साथ फ्रॉड किया। मुझे बिल्कुल भी नहीं बताया गया कि बीइंग ह्यूमन का ज्वेलरी का कॉन्सेप्ट बिल्कुल ही खत्म हो गया। कारोबारी अरूण गुप्ता परिवार समेत मुंबई जाकर सलमान खान से मिले थे।- फाइल फोटो चंडीगढ़ SSP को कंप्लेंट दी, उन्होंने बंद कर दी अरुण गुप्ता ने कहा- मैं चंडीगढ़ आया, 12 अप्रैल 2021 को यहां मैंने SSP को कंप्लेंट दी। उसके बाद पुलिस ने उन्हें समन जारी किए। मैं चंडीगढ़ के SP केतन बंसल से मिलकर आया। 23 सितंबर 2021 को उन्होंने मुझे कहा कि ये कंप्लेंट फोर्जरी (फ्रॉड) की नहीं है। ये सिविल कोर्ट का मामला बनता है, हम इसे क्लोज कर रहे हैं। घर आते ही हार्ट अटैक हुआ, पेसमेकर डालना पड़ा अरुण गुप्ता ने कहा- इसके बाद मैं घर आया। उसी दिन जब कहीं से सुनवाई होती नहीं दिखी तो मुझे हार्ट अटैक आ गया। करीब 7-8 दिन मैं मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती रहा। मेरे पेसमेकर डाला गया। मेरी पत्नी की भी तबीयत बिगड़ गई। वह भी 4-5 दिन उसी अस्पताल में एडमिट रही। मेरा जितना पैसा था, सब लोन का था। मैंने रेंट भी पे करना था। सेलरी भी देनी थी। सलमान के ब्रदर इन लॉ आयुष शर्मा ने शोरूम का उद्घाटन किया था। – फाइल फोटो लोन पर सारी इन्वेस्टमेंट की थी अरुण गुप्ता ने कहा- जब मैं कंपनी को पेमेंट भेजता था, तब माल आता था। जितनी भी मैंने इन्वेस्टमेंट की, लोन के ऊपर सारा दरोमदार था। मैंने बेटे को काम खुलवाकर देना था। अब मेरे साथ ये सब हो गया। मैंने करीब 2-ढाई करोड़ रुपए का लोन लिया था। जब मैंने शोरूम लिया तो उसका किराया सवा लाख रुपए था। इसके अलावा 50-60 हजार सेलरी और बिजली-पानी का अलग से जाता था। आज भी किराया दे रहे हैं। रेंट भी बढ़कर ढ़ाई–3 लाख हो चुका है। हार्ट अटैक के बाद भी नहीं पूछा अरुण गुप्ता ने कहा- 2023 में हमने कोर्ट में केस किया। अब कोर्ट ने नोटिस के ऑर्डर दिए हैं। अब उन्होंने आकर अपना पक्ष देना है कि मैंने जो आरोप लगाए हैं वह सही हैं या गलत। कंपनी ने मुझसे आखिरी बार तब टाईअप किया था, जब मैंने पुलिस को कंप्लेंट दी थी। अरुण गुप्ता ने कहा- जब मुझे हार्ट अटैक आया तो उसके बाद न तो उन्होंने कोई संपर्क किया और न ही कोई बात पूछी। बहन अलवीरा के साथ सलमान खान, अलवीरा की बीइंग ह्यूमन की ज्वेलरी वाली फ्रेंचाइजी को चलाती थी।- फाइल फोटो। पेमेंट नहीं लौटाई, मैंने ज्वेलरी गलाकर बेटे का काम चालू कराया अरुण गुप्ता ने कहा कि मैं उन्हें कह रहा था कि जो भी मेरे पास माल पड़ा है, उसे वापस ले लो। मेरी पेमेंट लौटा दो और मेरा पीछा छोड़ो। उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मैंने बीइंग ह्यूमन वाली सारी ज्वेलरी गलाकर मेल्ट करा दी और बेटे का काम चालू कराया।

Tewolde Gebremariam Named Air India CEO

Tewolde Gebremariam Named Air India CEO

Hindi News Career Tewolde Gebremariam Named Air India CEO | Plastic Currency India 2027 12 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. टेवोल्डे गेब्रेमरियम एयरइंडिया के नए CEO और MD बने 5 अगस्त को एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमरियम को अपना नया CEO और MD अपॉइंट किया। टेवोल्डे ने एयर इंडिया के पूर्व CEO कैंपबेल विल्सन की जगह ली। उन्होंने 2024 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। टेवोल्डे, इथियोपियन एयरलाइंस के ग्रुप CEO रहे हैं। उन्हें अफ्रीका के सबसे सफल एविएशन लीडर्स में से एक माना जाता है। टेवोल्डे ने 11 साल के कार्यकाल के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन बनाया। टेवोल्डे कार्यकाल में एयरलाइन का बेड़ा 33 एयरक्राफ्ट से बढ़कर 130 एयरक्राफ्ट हो गया। टेवोल्डे यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी कोविड-19 महामारी से पहले सालाना यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। एयर इंडिया एयर इंडिया की स्थापना 15 अक्टूबर 1932 को हुई। 1953 में भारत सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण किया। जनवरी 2022 में एयर इंडिया टाटा समूह के स्वामित्व में आई है। 2. कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन का कार्यकाल बढ़ा 6 अगस्त को केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। सोमनाथन अब 30 अगस्त 2027 तक कैबिनेट सचिव के पद पर रहेंगे। सोमनाथन 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के IAS ऑफिसर हैं। सोमनाथन का वर्तमान कार्यकाल 30 अगस्त 2026 को पूरा होना था। वे अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव बने थे। सोमनाथन ने पीएम कार्यालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के तौर पर भी काम किया है। 2011 से 2015 तक सोमनाथन वाशिंगटन डीसी में वर्ल्ड बैंक ग्रुप के में डायरेक्टर के तौर भी रहे। सोमनाथन के साथ ही केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल भी एक साल के लिए बढ़ाया गया है। वे 22 अगस्त 2027 तक पद पर रहेंगे। सोमनाथन अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव अपॉइंट हुए थे। 3. बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 पारित हुआ 5 अगस्त को लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पारित किया। ये बिल पुराने बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 की जगह लेगा। अब इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में मौजूद बैंक डॉक्युमेंट्स को कोर्ट में सीधे पेश किया जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे गए बैंक रिकॉर्ड को कानूनी साक्ष्य के रूप में अधिक स्पष्ट मान्यता मिलेगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे टेक्नोलॉजी बदलावों के साथ कानूनों को अपडेट करना है। कानून में डिजिटल साइन और सर्वर डेटा को भी शामिल किया गया है। नए कानून से न्यायालयों और जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल बैंक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की प्रक्रिया सरल होगी। इस कानून से डिजिटल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन एंट्रीज, ई-स्टेटमेंट और वर्चुअल रिकॉर्ड्स को अब अदालत में सीधे एविडेंस (सबूत) के रूप में स्वीकार किया जाएगा। इससे साइबर क्राइम, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड और वित्तीय घोटालों के मामलों में डिजिटल सबूतों की मदद से जांच एजेंसियों को आरोपियों के खिलाफ केस मजबूत करने में मदद मिलेगी। बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट 1891 में आया था, जो एक बैंकिंग कानून है। अदालतों में बैंक के रिकॉर्ड और प्रतियों को सबूत के रूप में पेश करने के नियम तय करता है। इसके तहत बैंकों को हर मामले में मूल कागजी बहियों या दस्तावेजों को अदालत में लाने की जरूरत नहीं होती थी। बल्कि कॉपी को ही असली सुबूत मान लिया जाता था। वहीं आज 90% से ज्यादा बैंकिंग लेनदेन डिजिटल जैसे UPI, IMPS, ई-बैंकिंग हो चुके हैं। नए बिल से लीगल फ्रेमवर्क को आधुनिक टेक्नोलॉजी के हिसाब से बनाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिल को विचार और पास कराने के लिए सदन के सामने रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया। 4. RBI 2027 में प्लास्टिक नोट लॉन्च करेगा 6 अगस्त को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जानकारी दी कि साल 2027 में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट अगले लॉन्च होंगे। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी में इसकी जानकारी दी। अप्रैल-मई के बीच ये नोट जारी किये जाएंगे। शुरुआत में कम वैल्यू के पॉलीमर करेंसी नोट जारी किए जाएंगे। इनका मार्केट में सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। 27 जुलाई को केंद्र सरकार ने 10, 20 रुपए तक के प्लास्टिक नोट की टेस्टिंग को मंजूरी दी। रिजर्व बैंक टोटल 200 करोड़ पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 3,000 करोड़ रुपए मूल्य के पॉलीमर बैंक नोट जारी किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने ये साफ किया है कि फिलहाल कागजी नोटों को पूरी तरह बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। बता दें कि पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते नहीं है और लंबी उम्र तक चलते हैं। पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। प्लास्टिक नोटों का जीवनकाल कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा होता है और इन्हें नकली बनाना कठिन है। भारत ने 2012 में भी पॉलिमर नोट लाने की कोशिश की थी लेकिन तकनीकी चुनौतियों के कारण योजना टल गई। ये ऐसे मुद्रा नोट होते हैं जो कागज के बजाय पॉलीमर नामक विशेष प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश है जिसने 1988 में पॉलीमर बैंक नोट जारी किए। इसके बाद कई देशों ने इन्हें अपनाया। भारत में पहली बार जनवरी 1946 में ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था। तब काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना इसका उद्देश्य है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. CWG 2026 पदक विजेताओं का अभिनंदन और नकद पुरस्कार 5 अगस्त को खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीतने वावे एथलीटस को को सम्मानित किया। केंद्र सरकार ने खेल पुरस्कार पॉलिसी के तहत सभी

अमेरिका में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक:यहां पैदा हुए विदेशियों के बच्चे को भी नागरिकता नहीं; ट्रम्प बोले- बर्थराइट सिटीजनशिप मजाक बन गई थी

अमेरिका में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक:यहां पैदा हुए विदेशियों के बच्चे को भी नागरिकता नहीं; ट्रम्प बोले- बर्थराइट सिटीजनशिप मजाक बन गई थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अमेरिका में जन्म लेने वाले लोगों को नागरिकता मिलने के दायरे को सीमित करने की कोशिश की है। राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने इमिग्रेशन) से जुड़े दो कार्यकारी आदेश साइन किए हैं। इनमें से एक आदेश अमेरिका में पैदा होने वाले उन लोगों की संख्या को सीमित करेगा, जो अमेरिकी नागरिकता पाने के पात्र हैं। ट्रम्प ने बताया कि दूसरा आदेश ‘बर्थ टूरिज्म’ पर लगाम लगाने के लिए है। इसके तहत उन विदेशी पर्यटकों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ाए जाएंगे, जो अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म देना चाहते हैं। इससे पहले बर्थराइट सिटीजनशिप को सीमित करने की कोशिश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, लेकिन अब वे दोबारा इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इन आदेशों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ट्रम्प का मानना है कि उनके ये नए कदम संवैधानिक होंगे। जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था इससे पहले जून में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा था। कोर्ट ने ट्रम्प के उन पिछले प्रयासों को खारिज कर दिया था, जिनमें उन्होंने यह घोषित करने की कोशिश की थी कि अमेरिका में अवैध-अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। कोर्ट ने कहा था कि अमेरिका में गैर-कानूनी या अस्थायी रूप से मौजूद लोगों के बच्चे अपने-आप अमेरिकी नागरिकता पाने के हकदार हैं। कोर्ट ने ‘यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क’ मामले में अपने पहले के फैसले का भी हवाला दिया और कहा कि विदेशी माता-पिता से अमेरिका में पैदा हुए बच्चे इसके हकदार हैं। कैसे मिला था बर्थराइट सिटीजनशिप का अधिकार व्हाइट हाउस के सलाहकार स्टीफन मिलर ने कहा कि ये एग्जीक्यूटिव एक्शन 14वें संशोधन के मूल मकसद पर आधारित हैं। अमेरिकी संविधान में किया गया 14वां संशोधन खास तौर पर गृह युद्ध के बाद इसलिए बनाया गया था ताकि यह पक्का किया जा सके कि गुलामों के बच्चे नागरिक बन सकें। इसका उद्देश्य हर विदेशी नागरिक के बच्चे को स्वतः नागरिकता देना नहीं था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, ऐसी नागरिकता के लिए अयोग्य लोगों की कैटेगरी का दायरा बढ़ाने के लिए कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। बर्थराइट-बर्थ टूरिज्म पर नए आदेश का असर 2024 में बर्थ टूरिज्म से पैदा हुए बच्चों की संख्या 9600 थी ट्रम्प प्रशासन इसे बहुत बड़े खतरे के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन आधिकारिक आंकड़े कुछ और बताते हैं। माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (MPI) के मुताबिक अमेरिका में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों में से एक बहुत ही छोटा हिस्सा ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक 22,000 से 26,000 बच्चों के पेरेंट्स अमेरिकी नागरिकता पाने के मकसद से वहां पहुंचते हैं। 2024 के सरकारी आंकड़ों में विदेशी पते वाली मांओं के केवल 9,600 जन्म दर्ज किए गए थे।

अमेरिका में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक:यहां पैदा हुए विदेशियों के बच्चे को नागरिकता नहीं मिलेगी; ट्रम्प बोले- बर्थराइट सिटीजनशिप मजाक बन गई थी

अमेरिका में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक:यहां पैदा हुए विदेशियों के बच्चे को भी नागरिकता नहीं; ट्रम्प बोले- बर्थराइट सिटीजनशिप मजाक बन गई थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अमेरिका में जन्म लेने वाले लोगों को नागरिकता मिलने के दायरे को सीमित करने की कोशिश की है। राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने इमिग्रेशन से जुड़े दो कार्यकारी आदेश साइन किए हैं। इनमें से एक अमेरिका में पैदा होने वाले उन लोगों की संख्या को सीमित करेगा, जो यहां नागरिकता पाने के हकदार हैं। ट्रम्प ने बताया कि दूसरा आदेश ‘बर्थ टूरिज्म’ पर लगाम लगाने के लिए है। इसके तहत उन विदेशी पर्यटकों पर वीजा प्रतिबंध बढ़ाए जाएंगे, जो अमेरिका में आकर बच्चे को जन्म देना चाहते हैं। इससे पहले बर्थराइट सिटीजनशिप को सीमित करने की कोशिश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, लेकिन अब वे दोबारा इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इन आदेशों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ट्रम्प का मानना है कि उनके ये नए कदम संवैधानिक होंगे। जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था इससे पहले जून में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बर्थराइट सिटीजनशिप को बरकरार रखा था। कोर्ट ने ट्रम्प के उन पिछले प्रयासों को खारिज कर दिया था, जिनमें उन्होंने यह घोषित करने की कोशिश की थी कि अमेरिका में अवैध-अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। कोर्ट ने कहा था कि अमेरिका में गैर-कानूनी या अस्थायी रूप से मौजूद लोगों के बच्चे अपने-आप अमेरिकी नागरिकता पाने के हकदार हैं। कोर्ट ने ‘यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क’ मामले में अपने पहले के फैसले का भी हवाला दिया और कहा कि विदेशी माता-पिता से अमेरिका में पैदा हुए बच्चे इसके हकदार हैं। कैसे मिला था बर्थराइट सिटीजनशिप का अधिकार व्हाइट हाउस के सलाहकार स्टीफन मिलर ने कहा कि ये एग्जीक्यूटिव एक्शन 14वें संशोधन के मूल मकसद पर आधारित हैं। अमेरिकी संविधान में किया गया 14वां संशोधन खास तौर पर गृह युद्ध के बाद इसलिए बनाया गया था ताकि यह पक्का किया जा सके कि गुलामों के बच्चे नागरिक बन सकें। इसका उद्देश्य हर विदेशी नागरिक के बच्चे को स्वतः नागरिकता देना नहीं था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, ऐसी नागरिकता के लिए अयोग्य लोगों की कैटेगरी का दायरा बढ़ाने के लिए कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। बर्थराइट-बर्थ टूरिज्म पर नए आदेश का असर 2024 में बर्थ टूरिज्म से पैदा हुए बच्चों की संख्या 9600 थी ट्रम्प प्रशासन इसे बहुत बड़े खतरे के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन आधिकारिक आंकड़े कुछ और बताते हैं। माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (MPI) के मुताबिक अमेरिका में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों में से एक बहुत ही छोटा हिस्सा ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक 22,000 से 26,000 बच्चों के पेरेंट्स अमेरिकी नागरिकता पाने के मकसद से वहां पहुंचते हैं। 2024 के सरकारी आंकड़ों में विदेशी पते वाली मांओं के केवल 9,600 जन्म दर्ज किए गए थे। ————– ट्रम्प से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की सख्ती से भारतीय छात्रों का अमेरिका जाना कम: पाकिस्तान-बांग्लादेश के छात्रों को ज्यादा वीजा अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए अब राह पहले जैसी आसान नहीं रही। ट्रम्प सरकार की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के बीच 2025 में भारतीय छात्रों को मिलने वाले F-1 स्टूडेंट वीजा में बड़ी गिरावट आई है। इसके उलट पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा वीजा मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर…