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- Tewolde Gebremariam Named Air India CEO | Plastic Currency India 2027
12 मिनट पहले
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आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-
नेशनल (NATIONAL)
1. टेवोल्डे गेब्रेमरियम एयरइंडिया के नए CEO और MD बने
- 5 अगस्त को एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमरियम को अपना नया CEO और MD अपॉइंट किया।
- टेवोल्डे ने एयर इंडिया के पूर्व CEO कैंपबेल विल्सन की जगह ली। उन्होंने 2024 में अपने पद से इस्तीफा दिया था।
- टेवोल्डे, इथियोपियन एयरलाइंस के ग्रुप CEO रहे हैं। उन्हें अफ्रीका के सबसे सफल एविएशन लीडर्स में से एक माना जाता है।
- टेवोल्डे ने 11 साल के कार्यकाल के दौरान इथियोपियन एयरलाइंस ने तेजी से विस्तार किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एयरलाइन बनाया।
- टेवोल्डे कार्यकाल में एयरलाइन का बेड़ा 33 एयरक्राफ्ट से बढ़कर 130 एयरक्राफ्ट हो गया।
- टेवोल्डे यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी कोविड-19 महामारी से पहले सालाना यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई।
एयर इंडिया
- एयर इंडिया की स्थापना 15 अक्टूबर 1932 को हुई।
- 1953 में भारत सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण किया।

जनवरी 2022 में एयर इंडिया टाटा समूह के स्वामित्व में आई है।
2. कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन का कार्यकाल बढ़ा
- 6 अगस्त को केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है।
- सोमनाथन अब 30 अगस्त 2027 तक कैबिनेट सचिव के पद पर रहेंगे।
- सोमनाथन 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के IAS ऑफिसर हैं।
- सोमनाथन का वर्तमान कार्यकाल 30 अगस्त 2026 को पूरा होना था। वे अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव बने थे।
- सोमनाथन ने पीएम कार्यालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के तौर पर भी काम किया है।
- 2011 से 2015 तक सोमनाथन वाशिंगटन डीसी में वर्ल्ड बैंक ग्रुप के में डायरेक्टर के तौर भी रहे।
- सोमनाथन के साथ ही केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल भी एक साल के लिए बढ़ाया गया है। वे 22 अगस्त 2027 तक पद पर रहेंगे।

सोमनाथन अगस्त 2024 में कैबिनेट सचिव अपॉइंट हुए थे।
3. बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 पारित हुआ
- 5 अगस्त को लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पारित किया।
- ये बिल पुराने बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891 की जगह लेगा।
- अब इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में मौजूद बैंक डॉक्युमेंट्स को कोर्ट में सीधे पेश किया जा सकेगा।
- इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे गए बैंक रिकॉर्ड को कानूनी साक्ष्य के रूप में अधिक स्पष्ट मान्यता मिलेगी।
- इसका उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे टेक्नोलॉजी बदलावों के साथ कानूनों को अपडेट करना है।
- कानून में डिजिटल साइन और सर्वर डेटा को भी शामिल किया गया है।
- नए कानून से न्यायालयों और जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल बैंक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की प्रक्रिया सरल होगी।
- इस कानून से डिजिटल ट्रांजैक्शन, ऑनलाइन एंट्रीज, ई-स्टेटमेंट और वर्चुअल रिकॉर्ड्स को अब अदालत में सीधे एविडेंस (सबूत) के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
- इससे साइबर क्राइम, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड और वित्तीय घोटालों के मामलों में डिजिटल सबूतों की मदद से जांच एजेंसियों को आरोपियों के खिलाफ केस मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट
- बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट 1891 में आया था, जो एक बैंकिंग कानून है।
- अदालतों में बैंक के रिकॉर्ड और प्रतियों को सबूत के रूप में पेश करने के नियम तय करता है।
- इसके तहत बैंकों को हर मामले में मूल कागजी बहियों या दस्तावेजों को अदालत में लाने की जरूरत नहीं होती थी।
- बल्कि कॉपी को ही असली सुबूत मान लिया जाता था।
- वहीं आज 90% से ज्यादा बैंकिंग लेनदेन डिजिटल जैसे UPI, IMPS, ई-बैंकिंग हो चुके हैं।
- नए बिल से लीगल फ्रेमवर्क को आधुनिक टेक्नोलॉजी के हिसाब से बनाया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिल को विचार और पास कराने के लिए सदन के सामने रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया।
4. RBI 2027 में प्लास्टिक नोट लॉन्च करेगा
- 6 अगस्त को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जानकारी दी कि साल 2027 में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट अगले लॉन्च होंगे।
- RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी में इसकी जानकारी दी। अप्रैल-मई के बीच ये नोट जारी किये जाएंगे।
- शुरुआत में कम वैल्यू के पॉलीमर करेंसी नोट जारी किए जाएंगे। इनका मार्केट में सर्कुलेशन और इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है।
- 27 जुलाई को केंद्र सरकार ने 10, 20 रुपए तक के प्लास्टिक नोट की टेस्टिंग को मंजूरी दी।
- रिजर्व बैंक टोटल 200 करोड़ पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगी।
- पायलट प्रोजेक्ट के तहत 3,000 करोड़ रुपए मूल्य के पॉलीमर बैंक नोट जारी किए जाएंगे।
- केंद्र सरकार ने ये साफ किया है कि फिलहाल कागजी नोटों को पूरी तरह बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
- बता दें कि पॉलीमर बैंकनोट्स कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं।
- ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं।
- ये नोट पानी, धूल और गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते नहीं है और लंबी उम्र तक चलते हैं।
- पॉलीमर शीट पर एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
- प्लास्टिक नोटों का जीवनकाल कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा होता है और इन्हें नकली बनाना कठिन है।
- भारत ने 2012 में भी पॉलिमर नोट लाने की कोशिश की थी लेकिन तकनीकी चुनौतियों के कारण योजना टल गई।
- ये ऐसे मुद्रा नोट होते हैं जो कागज के बजाय पॉलीमर नामक विशेष प्लास्टिक से बनाए जाते हैं।
- ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश है जिसने 1988 में पॉलीमर बैंक नोट जारी किए। इसके बाद कई देशों ने इन्हें अपनाया।
- भारत में पहली बार जनवरी 1946 में ब्रिटिश काल/आजादी से ठीक पहले तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने ₹500, ₹1000 और ₹10,000 के बड़े नोटों को बंद कर दिया था।
- तब काले धन और युद्ध के दौरान हुई अवैध कमाई को बाहर निकालना इसका उद्देश्य है।

स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. CWG 2026 पदक विजेताओं का अभिनंदन और नकद पुरस्कार
- 5 अगस्त को खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीतने वावे एथलीटस को को सम्मानित किया।
- केंद्र सरकार ने खेल पुरस्कार पॉलिसी के तहत सभी एथलीटों को कैटेगरी वाइज प्राइज मनी दी है।
- गोल्ड मेडल जीतने वालों को ₹20 लाख, सिल्वर जीतने वालों को ₹10 लाख और ब्रोन्ज जीतने वालों को ₹7.5 लाख दिए।
- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी राज्य के खिलाड़ियों के लिए विशेष सम्मान समारोह की घोषणा की है।
- कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में हुआ था। भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते थे।
- भारत मेडल टैली में चौथे नंबर पर रहा था। वहीं ऑस्ट्रेलिया 70 गोल्ड समेत 171 मेडल के साथ पहले नंबर पर था।
- इंग्लैंड ने कुल 110 मेडल जीते और कनाडा 62 मेडल के साथ तीसरे नंबर पर रहा था।
- भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते।

केंद्र सरकार ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ये सम्मान दिया है।
मिसलीनियस Miscellaneous
6. आज राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार दिए जाएंगे
- 7 अगस्त को केंद्र सरकार देश के उत्कृष्ट बुनकरों को राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार देगी।
- इस साल देश भर से कुल 22 बुनकरों को हथकरघा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और नायाब योगदान के लिए चुना गया है।
- इनमें 3 संत कबीर और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार शामिल हैं।
- इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा भी इसमें शामिल होंगे।
- आंध्र प्रदेश राज्य के दो पारंपरिक बुनकरों को भी शामिल किया गया है।
- ये पुरस्कार देश की बुनाई परंपरा को जीवित रखने और हथकरघा उत्पादों में इनोवेशन करने वाले बुनकरों को दिया जाता है
- हथकरघा उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के बाद रोजगार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
- राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं को इस कला से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी
- इन पुरस्कारों से भारतीय हस्तशिल्प और सूती-रेशमी वस्त्रों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी।
- देश की पारंपरिक हथकरघा कला को संरक्षित करने और ग्रामीण बुनकरों की प्रतिभा को राष्ट्रीय पटल पर सम्मानित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
आज का इतिहास
- 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में कलकत्ता टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक हुई और स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की गई।
- 1941 में रवींद्रनाथ टैगोर, महान कवि, साहित्यकार और नोबेल पुरस्कार विजेता।
- 1944 में पहले इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर बनाया गया, जो आकार में बहुत बड़ा था।
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