Saturday, 22 Aug 2026 | 12:30 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Junnardeo School Controversy | Teachers Caught In Bathroom Video Viral

Junnardeo School Controversy | Teachers Caught In Bathroom Video Viral

Hindi News Career Junnardeo School Controversy | Teachers Caught In Bathroom Video Viral 1 मिनट पहले कॉपी लिंक जुन्नारदेव विकासखंड के बिचबेहरी गांव के सरकारी स्कूल की छात्राओं का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे ये कहते हुए नजर आ रही हैं कि सर और मैडम स्कूल आते तो हैं लेकिन हमें पढ़ाते नहीं है। वे हमारी जल्दी छुट्टी कर बाथरूम में बंद होकर प्यार करते हैं। हमारे स्कूल का टाइम 4 बजे तक है। लेकिन हमारी 3 बजे ही छुट्‌टी कर दी जाती है। छात्राओं ने ये बात स्कूल के टीचर इंचार्ज और गेस्ट फीमेल टीचर के बारे में की। 15 अगस्त 2026 को स्टूडेंट्स ने दोनों के आपत्तिजनक व्यवहार से संबंधित वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। माता – पिता ने की टीचर को हटाने की मांग पहले यह मामला ग्राम सभा में पहुंचा और उसके बाद कलेक्टर की जनसुनवाई में। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के माता – पिता का कहना है – बच्चे अभी छोटे हैं। अगर स्कूल में टीचर ऐसे गलत काम करेंगे तो बच्चों पर इसका क्या असर होगा। इसलिए दोनों टीचर को स्कूल से हटाकर किसी दूसरे टीचर की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई ठीक से हो सके। मोबाइल में व्यस्त रहते हैं दोनों टीचर छात्राओं ने टीचर की शिकायत करते हुए कहा – हमारे स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह बंद हैं। दोनों टीचर पढ़ाने के बजाय दिनभर मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। स्कूल की छुट्‌टी का समय शाम 4:30 बजे तक है, लेकिन बच्चों की 3 बजे ही छुट्‌टी कर दी जाती है। बच्चों ने खुलकर आरोप लगाया कि छात्रों को घर भेजने के बाद दोनो बाथरूम में बंद होकर प्यार करते हैं। इस दौरान किसी भी छात्र को अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के इन टीचर्स की शिकायत वे पहले भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जनजाति कार्य विभाग के अधिकारियों से कर चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों के रवैये से तंग आकर ग्रामीणों ने 16 अगस्त को आयोजित ग्रामसभा की बैठक में दोनों टीचर्स को तत्काल पद से हटाने की मांग की थी। सहायक आयुक्त ने दिए तुरंत जांच के आदेश 100 किलोमीटर दूर से आए मासूम बच्चों की दास्तान सुनकर जनसुनवाई में हड़कंप मच गया. आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम ने बताया कि दोनों शिक्षकों को स्कूल से हटा दिया गया है और FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। टीचर्स बोले- बेवजह बदनाम किया इस मामले में आरोपी टीचर का कहना है कि हमें बेवजह बदनाम किया जा रहा है। बच्चे किसी बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं क्योंकि यहां पर किसी और ने भी गेस्ट टीचर बनने के लिए आवेदन दिया है, उनका नाम वेटिंग लिस्ट में है। मुझे हटाकर दूसरे का नाम आ जाए, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। ये खबर भी पढ़ें JSSC CGL सफल उम्मीदवारों का प्रदर्शन:कई रोने लगे, प्रदर्शनकारी बोले- परीक्षा रद्द होने से 2500 से ज्यादा कैंडिडेट्स फिर बेरोजगार होंगे 17 अगस्त 2026 को JSSC-CGL कैंसिल होने के बाद एक ओर जहां आंदोलनकारी खुशी से झूमते हुए नजर आए। वहीं एग्जाम में पास होने वाले उम्मीदवारों ने नया आंदोलन शुरू कर दिया। इस बार आंदोलन करने वाले छात्र वे हैं जिन्होंने JSSC-CGL पास करके नौकरी हासिल की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sunita Ahuja Withdraws Divorce Case Against Govinda

Sunita Ahuja Withdraws Divorce Case Against Govinda

5 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के तलाक की अर्जी वापस लेने पर उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने नाराजगी जताई है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर ने सुनीता के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब केस वापस ही लेना था, तो कोर्ट जाकर तमाशा क्यों बनाया गया। उन्होंने कहा कि परिवार के अंदरूनी मामलों को आपस में बैठकर भी सुलझाया जा सकता था। बुधवार को सुनीता अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ मुंबई के फैमिली कोर्ट पहुंची थीं, जहां उन्होंने अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली। ‘जब केस वापस लेना था, तो कोर्ट जाने की जरूरत क्या थी’ गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा। ‘दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई’ मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। सुनीता ने गोविंदा से तलाक का केस वापस लिया गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने गोविंदा से तलाक का केस वापस ले लिया है। बुधवार को सुनीता को उनके बेटे यशवर्धन के साथ मुंबई में फैमिली कोर्ट में देखा गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने बताया कि अब सब ठीक है और दोनों के बीच सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद है। कोर्ट के बाहर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैपराजी ने सुनीता और उनके बेटे से सवाल किया कि कोर्ट में क्या हुआ? जिस पर बेटे यशवर्धन आहूजा ने कहा, “कुछ नहीं हुआ। जाने दीजिए।” यश अपनी मां को कैमरों से बचाते हुए कार तक लेकर गए। वहीं, कार में बैठने से पहले सुनीता ने इरिटेट होकर कहा, “बर्थडे मनाने गए थे” और इसके बाद वह कार में बैठकर चली गईं। पैपराजी और कैमरों के बीच मां को कार की ओर ले जाते हुए बेटे यशवर्धन। गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी है। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.. हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स

Sunita Ahuja Withdraws Divorce Case Against Govinda

Sunita Ahuja Withdraws Divorce Case Against Govinda

46 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के तलाक की अर्जी वापस लेने पर उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने नाराजगी जताई है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर ने सुनीता के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब केस वापस ही लेना था, तो कोर्ट जाकर तमाशा क्यों बनाया गया। उन्होंने कहा कि परिवार के अंदरूनी मामलों को आपस में बैठकर भी सुलझाया जा सकता था। बुधवार को सुनीता अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ मुंबई के फैमिली कोर्ट पहुंची थीं, जहां उन्होंने अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली। ‘जब केस वापस लेना था, तो कोर्ट जाने की जरूरत क्या थी’ गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा। ‘दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई’ मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। सुनीता ने गोविंदा से तलाक का केस वापस लिया गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने गोविंदा से तलाक का केस वापस ले लिया है। बुधवार को सुनीता को उनके बेटे यशवर्धन के साथ मुंबई में फैमिली कोर्ट में देखा गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने बताया कि अब सब ठीक है और दोनों के बीच सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद है। कोर्ट के बाहर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैपराजी ने सुनीता और उनके बेटे से सवाल किया कि कोर्ट में क्या हुआ? जिस पर बेटे यशवर्धन आहूजा ने कहा, “कुछ नहीं हुआ। जाने दीजिए।” यश अपनी मां को कैमरों से बचाते हुए कार तक लेकर गए। वहीं, कार में बैठने से पहले सुनीता ने इरिटेट होकर कहा, “बर्थडे मनाने गए थे” और इसके बाद वह कार में बैठकर चली गईं। पैपराजी और कैमरों के बीच मां को कार की ओर ले जाते हुए बेटे यशवर्धन। गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी है। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.. हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स

कॉमेडियन के टिकट बेचने वाले फेडोरोव अब जेलेंस्की के खिलाफ:यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव की मांग तेज, पढ़िए दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता के 4 किस्से

कॉमेडियन के टिकट बेचने वाले फेडोरोव अब जेलेंस्की के खिलाफ:यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव की मांग तेज, पढ़िए दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता के 4 किस्से

यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव (35) ने युद्ध के बीच चुनाव कराने की मांग कर राष्ट्रपति जेलेंस्की को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा, ‘रूस को यह तय करने का अधिकार नहीं कि यूक्रेन के लोग अपनी सरकार कब चुनेंगे। लोकतंत्र को बंधक नहीं बनाया जा सकता।’ 2022 से मार्शल लॉ के कारण यूक्रेन में चुनाव नहीं हुए हैं। कभी जेलेंस्की के करीबी रहे फेडोरोव अब उनके खिलाफ खड़े हैं। इसी बीच जेलेंस्की के दफ्तर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार की जांच शुरू हुई है। पढ़िए यूक्रेन के दूसरे बड़े चर्चित नेता फेडोरोव के किस्से… फेसबुक से युवाओं को जोड़ा फेडोरोव 2012 में छात्र राजनीति के दौरान जपोरिज्जिया के स्टूडेंट मेयर चुने गए। युवाओं को जोड़ने के लिए उन्होंने एक्टिव-जेड संगठन बनाया, लेकिन फंड की कमी बड़ी चुनौती थी। उन्होंने फेसबुक पर विज्ञापनों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाई और धीरे-धीरे हजारों छात्र उनके अभियानों से जुड़ने लगे। तब यह तरीका छात्र राजनीति तक सीमित था, लेकिन यही डिजिटल सोच आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। जेलेंस्की ने अपनी टीम में शामिल किया 22 की उम्र में ही फेडोरोव ने डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू की। उस दौरान जेलेंस्की कॉमेडियन थे। तब फेडोरोव की टीम को जेलेंस्की के शो के प्रचार का काम मिला। फेडोरोव ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलवाकर शो के खूब टिकट बिकवाए और वहां पहली बार भीड़ उमड़ी। इससे जेलेंस्की प्रभावित हुए। कुछ साल बाद उन्होंने फेडोरोव को अपनी टीम में शामिल कर लिया। 2019 में फेडोरोव ने उनके ऑनलाइन चुनाव प्रचार की कमान संभाली और जीत में अहम भूमिका निभाई। बाद में उन्हें डिप्टी पीएम बनाया। अफसर के कहे असंभव काम को संभव बना दिया 2019 में डिप्टी पीएम व आईटी मंत्री रहते फेडोरोव ने सरकारी कामों को कागजों से निकालकर स्मार्टफोन तक लाने की योजना बनाई। डिजिटल पासपोर्ट का प्रस्ताव सुनकर स्टेट माइग्रेशन सर्विस का प्रमुख नाराज हो गया। उसने कहा, यह पूरी तरह असंभव है। फेडोरोव नहीं रुके। उन्होंने डिजिटल सिस्टम तैयार कराया और ई-पासपोर्ट लॉन्च किया। बाद में सरकारी सेवाओं को ई-प्लेटफॉर्म पर लाए। टकराव के बाद कुर्सी गई डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री रहते फेडोरोव ने यूक्रेनी आर्मी की कायापलट कर दी। सेना में ड्रोन, एआई और डेटा के इस्तेमाल पर जोर दिया। हालांकि उनका काम करने का तरीका पुराने सैन्य ढांचे से अलग था। सेना के कमांडर ओलेक्सांद्र सिरस्की से मतभेद हुआ। 6 महीने बाद इसी जुलाई में फेडोरोव को रक्षा मंत्री पद से हटा दिया गया। तभी से जेलेंस्की-फेडोरोव में मतभेद हैं। जेलेंस्की से आगे, रेटिंग में यूक्रेन के दूसरे चर्चित नेता कीव इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियोलॉजी की सर्वे में 63% यूक्रेनियनों ने फेडोरोव पर भरोसा जताया। वे दूसरे बड़े लोकप्रिय नेता हैं। 66% पसंद के साथ पूर्व सेना प्रमुख वालेरी जालुज्नी पहले पायदान पर हैं। किरिलो बुदानोव को 61% और राष्ट्रपति जेलेंस्की पर 56% लोगों का भरोसा मिला। जनवरी की तुलना में फेडोरोव की स्वीकार्यता 38% से बढ़कर 63% हुई।

Karnal Youth Rajat Dies in Canada

Karnal Youth Rajat Dies in Canada

रजत की करीब 2 साल पहले ही शादी हुई थी। कनाडा में रह रहे हरियाणा के करनाल के एक 27 वर्षीय युवक की अचानक हार्ट फेल होने से मौत हो गई। युवक अपनी गर्भवती पत्नी के साथ सैर पर निकला था। इसी दौरान उसने एक दुकान से लेकर नमकीन खाई, जिसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया ग . परिवार के मुताबिक, युवक को कनाडा की नागरिकता (PR) मिल चुकी थी। उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है। दोनों की करीब दो साल पहले शादी हुई थी। दोनों अपने आने वाले बच्चे को लेकर बेहद खुश था, अचानक खुशियां गम में बदल गईं। बेटे की मौत की खबर के बाद से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब शव को भारत लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। बताया गया कि गुरुवार को कनाडा में पोस्टमॉर्टम हुआ। कपल के कई रिश्तेदार कनाडा और अमेरिका से मौके पर पहुंचे हैं। रजत नरवाल की फाइल फोटो। 9 साल पहले स्टडी वीजा पर गया कनाडा करनाल के गांव नरूखेड़ी के गुरमेल नरवाल का बेटा रजत वर्ष 2017-18 में स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। परिजन दिलबाग ने बताया कि रजत वहां पढ़ाई के साथ प्लंबरिंग का काम भी करता था। वह काफी मेहनती थी और उसे स्थाई नागरिकता (PR) मिल गई थी। फिलहाल वह कनाडा के ब्रैम्पटन, ओंटारियो में रह रहा था। रजत का भाई पम्मी भी वर्ष 2017-18 में अमेरिका गया था और वहां काम करता है। शादी के 2 माह बाद पत्नी को कनाडा ले गया रजत की शादी 4 जनवरी 2025 को पानीपत के मॉडल टाउन निवासी अक्षिता के साथ हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद ही वह पत्नी को लेकर कनाडा चला गया। अक्षिता अभी सात महीने की गर्भवती है। रजत और अक्षिता अपने होने वाले बच्चे को लेकर बेहद उत्साहित थे। अकसर परिवार के साथ होने वाले बच्चे की परवरिश को लेकर चर्चा करते थे। परिजनों के अनुसार, रजत ने मौत से एक दिन पहले ही अपनी मां सुनीता से फोन पर बात की थी। उसने परिवार को बताया था कि सब ठीक-ठाक है। शादी के 2 महीने बाद पत्नी अक्षिता भी रजत के साथ कनाडा चली गई थी। सैर पर निकले थे कपल, तबीयत खराब हुई परिजनों ने बताया कि 18 अगस्त की शाम दोनों रोजाना की तरह सैर पर निकले थे। इस दौरान नमकीन खाने का मन हुआ तो एक दुकान से नमकीन ली। रजत ने जैसे ही नमकीन खाई, अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। पत्नी घबरा गई। उसकी हालत बिगड़ती देखकर आसपास के लोग मौके पर जुटे और अस्पताल पहुंचाने में मदद की। परिजन दिलबाग के अनुसार, अस्पताल पहुंचने तक रजत का शरीर नीला पड़ चुका था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का कहना है कि मौत का कारण हार्ट फेल्योर बताया गया है। बहन ने फोन पर दी परिवार को खबर रजत की चचेरी बहन अंशुल भी कनाडा में रहती है। उसने फोन कर परिवार को घटना की जानकारी दी। अचानक उसकी मौत की खबर आने से माता-पिता गुरमेल और सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रजत का भाई पम्मी भी मौत की सूचना मिलने के बाद वह अपने साथियों के साथ अमेरिका से कनाडा पहुंचा है। परिवार ने अब रजत का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माता-पिता भी जाने वाले थे कनाडा परिजनों ने बताया कि अक्षिता सात महीने की गर्भवती होने के कारण रजत के माता-पिता को भी कनाडा जाना था, ताकि वे उसकी देखभाल में साथ रह सकें। दोनों के पासपोर्ट रिन्यू होने के लिए गए हुए थे। पासपोर्ट मिलते ही उन्हें कनाडा रवाना होना था, लेकिन इससे पहले ही रजत की मौत हो गई। परिवार के लोग अब शव भारत लाने की तैयारी में जुटे हैं। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। —————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में करनाल के युवक की मौत:5 साल पहले काम करने गया था, परिजन कर रहे शव को भारत लाने का प्रयास करनाल के चोरकारसा गांव के एक युवक की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई। युवक पांच साल पहले बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका गया था और वहीं ग्रीन कार्ड होल्डर बनकर काम कर रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। (पूरी खबर पढ़ें)

US Military Strategy Shift in Gulf Amid Iran Tensions

US Military Strategy Shift in Gulf Amid Iran Tensions

वॉशिंगटन17 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान के साथ युद्ध के बाद अमेरिका फारस की खाड़ी (गल्फ) में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करने पर विचार कर रहा है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन समीक्षा कर रहा है कि क्या अब गल्फ देशों में पहले जितने अमेरिकी सैनिक रखने की जरूरत है। इसकी बड़ी वजह युद्ध में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुआ भारी नुकसान है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान 200 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य सुविधाएं क्षतिग्रस्त या तबाह हुई हैं। फिलहाल अमेरिका जॉर्डन से लेकर ओमान तक फैले करीब 20 सैन्य ठिकानों पर लगभग 40 हजार सैनिक तैनात रखता है। हालांकि, इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पेंटागन, ज्वाइंट स्टाफ और अमेरिकी सेंट्रल कमांड मिलकर यह आकलन कर रहे हैं कि युद्ध के बाद मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य तैनाती कैसी होनी चाहिए। गल्फ में अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य ठिकाने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय है। वहीं कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और दूसरे गल्फ देशों में अमेरिका के बड़े सैन्य ठिकाने हैं। अमेरिका कई दशकों से इन सैन्य ठिकानों के जरिए मिडिल ईस्ट में अपने सैन्य अभियान चलाता रहा है और क्षेत्र के सहयोगी देशों की सुरक्षा में मदद करता रहा है। ईरानी हमलों के बाद बदली रणनीति ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने मिसाइल और ड्रोन हमलों की जद में आए। मार्च में कुवैत के एक सैन्य ठिकाने पर हुए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध में 200 से ज्यादा अमेरिकी मिलिट्री फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा। इस दौरान कुल 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। ईरान के हमलों से बचाव के लिए अमेरिकी सेना को 1000 से ज्यादा एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलें दागनी पड़ीं। इससे पैट्रियट और थाड जैसे एयर डिफेंस सिस्टम के मिसाइल भंडार पर दबाव बढ़ गया। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में ऐसे हमलों का खतरा कम करने के लिए सैनिकों और सैन्य उपकरणों की तैनाती पर दोबारा विचार करना जरूरी है। सैनिकों को दूसरी जगह भेजने पर विचार पेंटागन में इस समय कई प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है। इनमें गल्फ देशों से कुछ सैनिकों और सैन्य उपकरणों को जॉर्डन, इजराइल या सऊदी अरब के रेड सी (लाल सागर) तट के करीब तैनात करने का सुझाव दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि ये इलाके ईरान की सीधी मिसाइल और ड्रोन पहुंच से अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित हो सकते हैं। ट्रम्प सरकार में रणनीति को लेकर मतभेद रिपोर्ट के मुताबिक, सैनिकों की तैनाती को लेकर ट्रम्प सरकार के भीतर भी अलग-अलग राय है। एक पक्ष चाहता है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करे और संसाधनों का ज्यादा इस्तेमाल घरेलू सुरक्षा तथा चीन से मुकाबले पर करे। वहीं दूसरा पक्ष मानता है कि गल्फ देशों और इजराइल में मजबूत अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बनाए रखना जरूरी है, ताकि क्षेत्र में अमेरिका का प्रभाव कायम रहे। इजराइल में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का भी प्रस्ताव एक प्रस्ताव में कुवैत समेत कुछ गल्फ देशों से सैनिकों और सैन्य उपकरणों को इजराइल के ओवदा एयरबेस भेजने की बात भी कही गई है। हालांकि, इस प्रस्ताव का प्रशासन के भीतर विरोध भी हो रहा है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि इजराइल में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ने से संवेदनशील खुफिया जानकारी की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है। गल्फ देशों पर भी पड़ेगा असर अगर अमेरिका गल्फ देशों से बड़ी संख्या में अपने सैनिक हटाता है, तो इसका सबसे ज्यादा असर वहां के सिक्योरिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पड़ेगा। साथ ही, पूरे मिडिल ईस्ट के सुरक्षा समीकरण भी बदल सकते हैं। दशकों से सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन और दूसरे खाड़ी देश अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर निर्भर रहे हैं। सैनिकों की संख्या कम होने पर इन देशों को अपनी सैन्य क्षमता बढ़ानी पड़ सकती है या नए सुरक्षा साझेदार तलाशने पड़ सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम होने का मतलब यह नहीं होगा कि दोनों पक्षों के सुरक्षा संबंध खत्म हो जाएंगे। हथियारों की खरीद, खुफिया जानकारी साझा करने और सैन्य सहयोग जैसी व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रह सकती हैं। सितंबर तक ₹3.6 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान पेंटागन का अनुमान है कि सितंबर के अंत तक ईरान युद्ध पर अमेरिका का खर्च 37.5 अरब डॉलर (करीब 3.6 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंच सकता है। इस अनुमान में क्षतिग्रस्त सैन्य ठिकानों को दोबारा बनाने का खर्च शामिल नहीं है। इसलिए अमेरिका अब सिर्फ उनकी मरम्मत पर नहीं, बल्कि यह भी तय कर रहा है कि सभी ठिकानों को पहले की जगह फिर से बनाया जाए या कुछ को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाए। अमेरिका ने गल्फ देशों में सैन्य ठिकाने क्यों बनाए? 1. तेल और गैस की सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए: दुनिया के बड़े हिस्से को तेल और गैस फारस की खाड़ी से मिलती है। अमेरिका चाहता है कि इन समुद्री रास्तों में कोई बाधा न आए। 2. ईरान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए: 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से अमेरिका और ईरान के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। गल्फ में मौजूद सैन्य ठिकाने अमेरिका को ईरान की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करते हैं। 3. सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए: सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर और बहरीन लंबे समय से अमेरिका के रणनीतिक साझेदार रहे हैं। अमेरिकी सैन्य ठिकाने इन देशों की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। 4. मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियानों के लिए: इराक, अफगानिस्तान और ISIS के खिलाफ अभियानों में अमेरिका ने इन्हीं सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया है। —————————– यह भी पढ़ें….. ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान: बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। साथ ही एक तस्वीर के जरिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी तंज कसा, जिनके प्रोटेस्ट का एक्ट्रेस ने जमकर विरोध किया था। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंडे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी पर कसा तंज? श्वेता तिवारी के इस वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़ा रहा है। इसके प्रोटेस्ट की श्वेता तिवारी ने कड़ी निंदा की थी। उनका मानना था कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रही है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा था, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच वाले वीडियो के साथ दोस्त की एक पोस्ट भी री-शेयर की, जिसमें लिखा है कि श्वेता तिवारी किसी भी तरह के कॉकरोच को पसंद नहीं करतीं। ये निशाना कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा गया था। द ट्रेटर में नजर आईं श्वेता तिवारी कसौटी जिंदगी की शो से देशभर में पहचान हासिल करने वालीं श्वेता तिवारी इन दिनों अमेजन प्राइम के शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इससे पहले श्वेता रियलिटी शो बिग बॉस की विजेता रह चुकी हैं। श्वेता तिवारी अपनी निजी जिंदगी के चलते भी चर्चा में रह चुकी हैं। राजा चौधरी ने लगाए थे धोखा देने के आरोप श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि श्वेता तिवारी के कसौटी को-स्टार सेजान खान के अलावा कई लोगों से अफेयर थे। बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने ड्रिंक ऑर्डर की, डिलीवरी में आया कॉकरोच:घबराईं एक्ट्रेस बोलीं- तुकाराम जी आप कहां हैं; कॉकरोच जनता पार्टी का किया था जमकर विरोध

श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। साथ ही एक तस्वीर के जरिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी तंज कसा, जिनके प्रोटेस्ट का एक्ट्रेस ने जमकर विरोध किया था। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंडे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी पर कसा तंज? श्वेता तिवारी के इस वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़ा रहा है। इसके प्रोटेस्ट की श्वेता तिवारी ने कड़ी निंदा की थी। उनका मानना था कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रही है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा था, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच वाले वीडियो के साथ दोस्त की एक पोस्ट भी री-शेयर की, जिसमें लिखा है कि श्वेता तिवारी किसी भी तरह के कॉकरोच को पसंद नहीं करतीं। ये निशाना कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा गया था। द ट्रेटर में नजर आईं श्वेता तिवारी कसौटी जिंदगी की शो से देशभर में पहचान हासिल करने वालीं श्वेता तिवारी इन दिनों अमेजन प्राइम के शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इससे पहले श्वेता रियलिटी शो बिग बॉस की विजेता रह चुकी हैं। श्वेता तिवारी अपनी निजी जिंदगी के चलते भी चर्चा में रह चुकी हैं। राजा चौधरी ने लगाए थे धोखा देने के आरोप श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि श्वेता तिवारी के कसौटी को-स्टार सेजान खान के अलावा कई लोगों से अफेयर थे। बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।

PAK सांसद बोले-UAE होटल में पाकिस्तानियों को कमरा नहीं मिला:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया गया

PAK सांसद बोले-UAE होटल में पाकिस्तानियों को कमरा नहीं मिला:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया गया

पाकिस्तान के पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर और PTI सांसद असद कैसर ने UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने संसद में कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई, लेकिन भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को ही कमरा देने की बात कही गई। कैसर ने दावा किया कि वह खुद इस घटना के दौरान वहां मौजूद थे। उनके मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी। इसी दौरान घोषणा की गई कि भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को होटल में जगह दी जाएगी, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों के साथ अलग व्यवहार किया गया। सांसद ने UAE से मामला उठाने की मांग की कैसर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री से UAE अधिकारियों के सामने मामला उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और UAE के बीच करीबी रिश्ते हैं और ऐसी घटनाओं का असर दोनों देशों के संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने UAE को पाकिस्तान का “भाई इस्लामिक देश” बताते हुए कहा कि UAE के विकास में पाकिस्तानियों का भी योगदान रहा है। कैसर ने यह भी कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर इसी तरह के व्यवहार की शिकायत की थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज या होटल की पहचान सार्वजनिक नहीं की। UAE में 15 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी UAE में 15 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी रहते हैं। यह वहां के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है। कैसर ने कहा कि पाकिस्तानी लोग UAE और वहां की सरकार का सम्मान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की घटनाओं को दोनों देशों के रिश्तों पर असर नहीं डालने दिया जाएगा। खबर अपडेट हो रही है…

PAK सांसद बोले- UAE में पाकिस्तानियों से भेदभाव हुआ:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में कमरा नहीं मिला; भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया

PAK सांसद बोले- UAE में पाकिस्तानियों से भेदभाव हुआ:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में कमरा नहीं मिला; भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया

पाकिस्तान के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में ठहराने के दौरान भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली। कैसर ने दावा किया कि वह खुद इस घटना के दौरान वहां मौजूद थे। उनके मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी। सांसद बोले- UAE सरकार के सामने मामला उठाए पाकिस्तान कैसर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री से मामले को UAE अधिकारियों के सामने उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और UAE के बीच करीबी रिश्ते हैं और ऐसी घटनाओं को दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं डालना चाहिए। उन्होंने UAE को पाकिस्तान का ‘इस्लामिक भाई देश’ बताते हुए कहा कि UAE के विकास में पाकिस्तानियों का भी योगदान रहा है। कैसर ने यह भी दावा किया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर UAE में इसी तरह के व्यवहार की शिकायत की थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में होटल का नाम, यात्रियों की संख्या या कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया है। PAK संसद में कैसर का पूरा सुनिए… UAE में 15 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी UAE में 15 लाख से ज्यादा पाकिस्तानी रहते हैं। यह वहां के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है। कैसर ने कहा कि पाकिस्तानी लोग UAE और वहां की सरकार का सम्मान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की घटनाओं को दोनों देशों के रिश्तों पर असर नहीं डालने दिया जाएगा। UAE में फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रियों के लिए क्या नियम हैं UAE के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के नियमों के मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल या लंबे समय तक लेट होने पर एयरलाइन को यात्रियों की जरूरी मदद करनी होती है। ये नियम UAE से आने-जाने वाली कमर्शियल फ्लाइट्स पर लागू होते हैं। 8 घंटे से ज्यादा इंतजार पर क्या मिलेगा? अगर फ्लाइट कैंसिल होने या देरी के चलते यात्रियों को 8 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है, तो एयरलाइन को जरूरत के मुताबिक होटल, खाना-पीना, फोन/कम्युनिकेशन और एयरपोर्ट से होटल तक आने-जाने की सुविधा देनी होती है। अगर कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई है और अगली संभावित फ्लाइट 8 घंटे से ज्यादा बाद है, तब भी होटल की व्यवस्था का प्रावधान है। पासपोर्ट के आधार पर अलग सुविधा का नियम नहीं GCAA के Passenger Welfare Program में यात्री सुविधाओं को फ्लाइट की देरी, कैंसिलेशन और कनेक्शन की स्थिति से जोड़ा गया है। भारतीय, अमेरिकी या पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर होटल की सुविधा अलग करने का कोई सामान्य नियम नहीं है। इसलिए अगर मौजूदा मामले में पासपोर्ट के आधार पर यात्रियों को अलग सुविधा दी गई, तो यह सामान्य यात्री-सहायता नियमों से अलग मामला होगा। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि होटल ने वास्तव में पासपोर्ट के आधार पर ऐसा किया था। खबर अपडेट हो रही है…