Saturday, 22 Aug 2026 | 01:52 AM

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जब लाश बना दिए जाओ, तो रोना मत:कंगना ने नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर मॉडर्न डेटिंग पर उठाए सवाल, कहा- रिश्ते बॉडी काउंट तक सिमट गए हैं

जब लाश बना दिए जाओ, तो रोना मत:कंगना ने नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर मॉडर्न डेटिंग पर उठाए सवाल, कहा- रिश्ते बॉडी काउंट तक सिमट गए हैं

बैंग्लोर में रहनेवाली एक महिला ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति और 5 साल के बेटे की हत्या कर दी। कंगना रनोट ने कड़े शब्दों में इस केस की निंदा की और साथ ही नीले ड्रम की तस्वीर शेयर की है। उनका कहना है कि मॉडर्न डेटिंग अब सिर्फ बॉडी काउंट तक सिमट गई है। कंगना ने कहा है कि जो दूसरे परिवारों के साथ हो रहा है वो जल्द ही आपके परिवार के साथ भी हो सकता है। कंगना ने केस पर लिखा है, ‘हर दूसरे दिन ऐसी खबरें पढ़ने को मिलती हैं कि महिलाएं, आदमियों को पहाड़ से फेंक रही हैं या आदमी महिलाओं को नीले ड्रमों में पैक कर रहे हैं। पश्चिमीकरण करना आसान है, लेकिन पश्चिम में लोग एक-दूसरे को खत्म नहीं कर रहे हैं। अरेंज्ड मैरिज या रूढ़िवादी संस्कृति के सामाजिक दबाव में रहना तब तक बहुत अच्छा लगता है, जब तक वह आपका अपना बच्चा पैदा करने तक न पहुंच जाए।’ आगे कंगना ने लिखा, ‘जाग जाइए। बेंचिंग, घोस्टिंग, क्रम्बिंग और बॉडी काउंट जैसी इस संस्कृति को आपको असंवेदनशील न बनाने दें। एक बार जब आप इसे सामान्य मानने लगते हैं, तो इंसानों के साथ आपके रिश्ते महज ‘बॉडी काउंट’ तक सिमट जाते हैं। फिर जब आपको भी एक लाश में बदल दिया जाएगा, तो रोइए मत। इंसानी रिश्तों को सिर्फ ‘बॉडी काउंट’ मानने वाली पश्चिमी संस्कृति को ना कहिए। मुझे ट्रोल करने के लिए तैयार हो जाइए, लेकिन याद रखिए, यहां आसपास एक नीला ड्रम भी है। हा हा। बाय, आपका दिन शुभ हो।’ कंगना ने आगे एक नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर कहा, उन सभी दोस्तों के लिए, जो सोचते हैं कि इंसानी रिश्तों को ‘बॉडी काउंट’ कहना और इंसानों को सिर्फ शरीर बना देना ठीक है। मैंने तो कुछ कहा ही नहीं। आगे कंगना ने लिखा, आज आप दूसरों के परिवार के लिए इसे आम बना रहे हैं, कल आपके परिवार के साथ ऐसा होगा। क्या है बैंग्लोर मर्डर केस बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।

Delhi BRICS Summit 2026 | Xi Jinping India Visit & Border Dispute Talks

Delhi BRICS Summit 2026 | Xi Jinping India Visit & Border Dispute Talks

नई दिल्ली16 मिनट पहलेलेखक: मुकेश कौशिक कॉपी लिंक तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 2024 में रूस के कजान में हुई मुलाकात की है। दोनों नेता BRICS समिट में शामिल होने पहुंचे थे। भारत में 12-13 सितंबर को 18वां BRICS सम्मेलन होने जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि है। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी भारत आने की तैयारियां चल रही हैं। अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो यह करीब 7 साल बाद उनकी भारत यात्रा होगी। इससे पहले वे अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, चीन की ओर से जिनपिंग के दौरे की अभी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, दोनों देशों की एडवांस टीमों के दौरे और अन्य तैयारियों से उनके भारत आने की संभावना जताई जा रही है। जिनपिंग के दौरे से पहले भारत और चीन के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत चल रही है। जिनपिंग से बातचीत में सीमा विवाद सबसे अहम मुद्दा जिनपिंग के भारत दौरे की तैयारियों में LAC पर शांति और सीमा विवाद सबसे अहम मुद्दों में है। दोनों देश सीमा पर ऐसी व्यवस्था बनाने पर बात कर रहे हैं, जिससे किसी सैन्य घटना या तनाव का असर द्विपक्षीय रिश्तों पर न पड़े। जिनपिंग की संभावित यात्रा से पहले NSA अजीत डोभाल सीमा मुद्दे पर 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता के लिए बीजिंग जा सकते हैं। वहां उनकी चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात हो सकती है। बातचीत में सीमा प्रबंधन, तनाव कम करने और स्थायी शांति के उपायों पर फोकस रहेगा। भारत-चीन रिश्तों में धीरे-धीरे कम हो रहा तनाव पिछले करीब दो साल में भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं। अक्टूबर 2024: कजान में मोदी-शी की मुलाकात से पहले पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध खत्म करने पर सहमति बनी। 2025: कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू हुई और प्रधानमंत्री मोदी ने चीन जाकर शी जिनपिंग से मुलाकात की। मार्च 2026: भारत ने चीनी निवेश से जुड़े कुछ नियमों में ढील दी। जून 2026: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दिल्ली में अजीत डोभाल से मुलाकात की। जुलाई 2026: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बीजिंग का दौरा किया। इसके बाद सीमा वार्ता और जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा की तैयारियां आगे बढ़ीं। व्यापार और जरूरी सामान की सप्लाई भी एजेंडे में भारत और चीन के बीच सिर्फ सीमा विवाद ही नहीं, बल्कि व्यापार और आर्थिक रिश्ते भी बातचीत का हिस्सा हैं। भारत चीन के साथ अपने बड़े व्यापार घाटे को कम करना चाहता है। इसके अलावा रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे जरूरी सामान की सप्लाई को लेकर भी भारत अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार और वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी चर्चा चल रही है। 1 अगस्त से उत्तराखंड के लिपुलेख और सिक्किम के शिपकी ला दर्रों से सीमा व्यापार शुरू हो चुका है। कैलाश मानसरोवर यात्रा भी बहाल है। पुतिन के साथ जिनपिंग भी आए तो अहम होगी मुलाकात BRICS सम्मेलन में पुतिन और जिनपिंग दोनों के आने से भारत के लिए यह कूटनीतिक रूप से अहम बैठक बन सकती है। सम्मेलन के दौरान मोदी-जिनपिंग की संभावित मुलाकात में LAC पर शांति, सीमा विवाद, व्यापार और दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। —————————– खबर अपडेट हो रही है…. ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे; तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Delhi BRICS Summit 2026 | Xi Jinping India Visit & Border Dispute Talks

Delhi BRICS Summit 2026 | Xi Jinping India Visit & Border Dispute Talks

नई दिल्ली32 मिनट पहलेलेखक: मुकेश कौशिक कॉपी लिंक तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 2024 में रूस के कजान में हुई मुलाकात की है। दोनों नेता BRICS समिट में शामिल होने पहुंचे थे। भारत में 12-13 सितंबर को 18वां BRICS सम्मेलन होने जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि है। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी भारत आने की तैयारियां चल रही हैं। अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो यह करीब 7 साल बाद उनकी भारत यात्रा होगी। इससे पहले वे अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, चीन की ओर से जिनपिंग के दौरे की अभी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, दोनों देशों की एडवांस टीमों के दौरे और अन्य तैयारियों से उनके भारत आने की संभावना जताई जा रही है। जिनपिंग के दौरे से पहले भारत और चीन के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत चल रही है। जिनपिंग से बातचीत में सीमा विवाद सबसे अहम मुद्दा जिनपिंग के भारत दौरे की तैयारियों में LAC पर शांति और सीमा विवाद सबसे अहम मुद्दों में है। दोनों देश सीमा पर ऐसी व्यवस्था बनाने पर बात कर रहे हैं, जिससे किसी सैन्य घटना या तनाव का असर द्विपक्षीय रिश्तों पर न पड़े। जिनपिंग की संभावित यात्रा से पहले NSA अजीत डोभाल सीमा मुद्दे पर 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता के लिए बीजिंग जा सकते हैं। वहां उनकी चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात हो सकती है। बातचीत में सीमा प्रबंधन, तनाव कम करने और स्थायी शांति के उपायों पर फोकस रहेगा। भारत-चीन रिश्तों में धीरे-धीरे कम हो रहा तनाव पिछले करीब दो साल में भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं। अक्टूबर 2024: कजान में मोदी-शी की मुलाकात से पहले पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध खत्म करने पर सहमति बनी। 2025: कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू हुई और प्रधानमंत्री मोदी ने चीन जाकर शी जिनपिंग से मुलाकात की। मार्च 2026: भारत ने चीनी निवेश से जुड़े कुछ नियमों में ढील दी। जून 2026: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दिल्ली में अजीत डोभाल से मुलाकात की। जुलाई 2026: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बीजिंग का दौरा किया। इसके बाद सीमा वार्ता और जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा की तैयारियां आगे बढ़ीं। व्यापार और जरूरी सामान की सप्लाई भी एजेंडे में भारत और चीन के बीच सिर्फ सीमा विवाद ही नहीं, बल्कि व्यापार और आर्थिक रिश्ते भी बातचीत का हिस्सा हैं। भारत चीन के साथ अपने बड़े व्यापार घाटे को कम करना चाहता है। इसके अलावा रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे जरूरी सामान की सप्लाई को लेकर भी भारत अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार और वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी चर्चा चल रही है। 1 अगस्त से उत्तराखंड के लिपुलेख और सिक्किम के शिपकी ला दर्रों से सीमा व्यापार शुरू हो चुका है। कैलाश मानसरोवर यात्रा भी बहाल है। पुतिन के साथ जिनपिंग भी आए तो अहम होगी मुलाकात BRICS सम्मेलन में पुतिन और जिनपिंग दोनों के आने से भारत के लिए यह कूटनीतिक रूप से अहम बैठक बन सकती है। सम्मेलन के दौरान मोदी-जिनपिंग की संभावित मुलाकात में LAC पर शांति, सीमा विवाद, व्यापार और दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। —————————– खबर अपडेट हो रही है…. ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे; तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RPSC SI Telecom Merit List Result Released

RPSC SI Telecom Merit List Result Released

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से गृह विभाग में निकाली गई एसआई टेलीकॉम भर्ती का रिजल्ट इन्टरव्यू खत्म होने के बाद बुधवार रात जारी कर दिया है। आयोग की ओर से जारी की गई मेरिट लिस्ट में 221 कैंडिडेट्स को शामिल किया गया है। ये भर्ती 108 पदों के लिए . बता दें कि गृह विभाग में एसआई टेलीकॉम के कुल 98 पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 20 नवंबर 2024 को विज्ञापन जारी किया था। कुल 70,777 अभ्यर्थियों के आवेदन किए। बिना योग्यता आवेदन करने पर विड्रो का अवसर दिया। इस पर 3 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन विड्रॉ कर लिए। ऐसे में कैंडिडेट्स की संख्या 67,757 रह गई। इसका एग्जाम 210 सेंटर पर 9 नवंबर 2025 को हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षा 9 से 11 अप्रैल 2026 तक हुई। इन्टरव्यू 3 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक हुए। करीब तीन माह पहले गृह विभाग से मिले नए निर्देशों के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग ने भर्ती 98 के स्थान पर 108 पदों पर करने का शुद्धि पत्र जारी किया। यहां देखें मेरिट लिस्ट…

अमेरिका से 5200 भारतीय डिपोर्ट; इनमें प्रोफेशनल्स-छात्र भी:हर तीसरे सप्ताह में 1 डिपोर्टेशन फ्लाइट, कनाडा में 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा

अमेरिका से 5200 भारतीय डिपोर्ट; इनमें प्रोफेशनल्स-छात्र भी:हर तीसरे सप्ताह में 1 डिपोर्टेशन फ्लाइट, कनाडा में 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दूसरे साल मिशन डिपोर्टेशन तेज कर दिया है। इस अगस्त के पहले 15 दिन में ही 5200 से अधिक भारतीयों को डिपोर्ट किया जा चुका है।इस बार की डिपोर्टेशन लिस्ट में एच-1 बी, ओ-1 और स्टूडेंट वीसा पर अमेरिका गए भारतीय भी शामिल हैं। इन प्रोफेशनल्स की भी अच्छी खासी संख्या है। इस साल हर तीसरे हफ्ते में एक डिपोर्टेशन फ्लाइट रवाना की गई। वहीं, कनाडा के अल्बर्टा प्रांतीय सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (पीजीडब्ल्यूपी) रद्द कर दिया। अब वहां पर पढ़ाई कर रहे लगभग 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोटेंशन का खतरा बढ़ गया है। 2025 में डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या 16 साल में सबसे ज्यादा इमिग्रेशन एजेंसी (आईस) के एक अधिकारी के अनुसार अवैध प्रवासियों के खिलाफ इनकी धरपकड़ और डिपोर्टेशन दोनों की संख्या बढ़ी है। साल के अंत तक डिपोर्ट किए जाने वाले अवैध प्रवासियों की रिकॉर्ड संख्या होने वाली है। जबकि, पिछले साल डिपोर्ट किए गए 3567 भारतीयों में सभी ऐसे थे, जो अवैध रूप से अमेरिका में आए थे। आईएस ने जून में ही 801 भारतीयों को रिमूवल ऑर्डर (वापसी आदेश) जारी किया। हालांकि, इस रिमूवल ऑर्डर से तुरंत डिपोर्टेशन नहीं होता है। इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की जा सकती है या फिर संबंधित व्यक्ति अपनी इच्छा से अमेरिका को छोड़ सकता है। 2025 में डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या 16 साल में सर्वाधिक स्तर पर थी। ट्रैफिक लाइट पार करने या सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई ट्रैफिक लाइट पार करने या सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई, तुरंत डिपोर्ट कर रहे वैध वीसा पर आए प्रोफेशनल्स को किसी भी उल्लंघन का आरोप लगा डिपोर्ट किया जा रहा है। अमेरिका के किसी शहर में ट्रैफिक लाइट पार करने पर छात्रों को डिपोर्ट करने के मामले सामने आए हैं। कुछ छात्रों द्वारा सोशल मीडिया जैसे एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रम्प सरकार की आलोचना का दोषी मानकर डिपोर्ट कर दिया गया। टेक्सास में एच-1बी वीसा होल्डर की जॉब चली गई। उसके पास 60 दिन तक अमेरिका में रहकर नई जॉब सर्च करने का अधिकार था। इस बीच, एक रेस्तरां में पार्ट टाइम जॉब करते समय आईस ने रेड डाली। वीसा होल्डर को पकड़ लिया गया। उसे आईस ने वीसा उल्लंघन का दोषी माना और भारत डिपोर्ट कर दिया। कनाडा में 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा, वर्क परमिट रद्द कनाडा की अल्बर्टा प्रांतीय सरकार की ओर से पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) रद्द किए जाने से वहां पढ़ाई कर रहे करीब 1,500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा बढ़ गया है। कनाडा में वर्क परमिट होने से ये सभी छात्र स्टडी-जॉब प्रोग्राम में शामिल थे। यानी ये सभी स्टडी के बाद जॉब भी कर रहे थे। अल्बर्टा के इन छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया। फिलहाल कनाडा इमिग्रेशन का कहना है कि कुछ समय तक ये छात्र जॉब कर सकते हैं। लेकिन, इन छात्रों का कहना है कि कनाडा सरकार की ओर से जॉब गारंटी को बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए नए कानून बनाए जाएं। पीएम बोले- बिना वैध वीजा-वर्क परमिट वाले छात्रों को जाना होगा उधर, कनाडा के पीएम मार्क कार्नी का कहना है कि जिन छात्रों के पास यहां रहने का वैध वीसा या फिर वर्क परमिट नहीं है, उन्हें जाना ही पड़ेगा। अल्बर्टा के प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने और भी सख्त रवैया अपनाया है। उन्होंने कहा, स्टडी वीसा अस्थायी दस्तावेज है। विदेशी छात्र इस आधार पर कनाडा में हमेशा के लिए नहीं रह सकते हैं। हमारे कॉलेज पहले अल्बर्टा के टैक्सपेयर्स के लिए हैं। यहां पढ़ने वाले छात्रों को स्टडी पूरी करने के बाद अपने देश लौटना ही पड़ेगा। जहां तक नियमों की बात है, कनाडा आने वाले हरेक विदेशी छात्र को इन्हें मानना ही होगा। टेक्सास के हालिंग से 20 घंटे की फ्लाइट से नई दिल्ली भेजा जा रहा ह्यूमन राइट्स फर्स्ट संगठन के अनुसार भारतीयों को ओमानी एयरवेज से डिपोर्ट कर रहे हैं। टेक्सास के हालिंग से 20 घंटे की फ्लाइट से नई दिल्ली भेजा जा रहा है। इस साल डिपोर्टेशन उड़ानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले साल अमेरिका ने सैन्य विमान हरक्यूलिस से डिपोर्ट किया था। 2025 में 3,567 भारतीय अमेरिका से डिपोर्ट हुए थे 2025 में अमेरिका ने 3,567 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया था। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जून 2026 में दी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2026 में जून तक 1,076 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। 5 फरवरी 2025 को अमेरिका ने पहली बार सैन्य विमान से 104 भारतीयों को अमृतसर भेजा था। इस दौरान कई लोगों को हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगी थीं। इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद देशभर में विवाद हुआ। संसद में भी हंगामा हुआ था। ———— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:H-1B पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब डिपोर्ट का खतरा अमेरिका में 15 हजार भारतीय टेक कर्मियों की नौकरी जाने के बाद उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेगा उस पर भी एक्शन लेंगे, तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर

ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेगा उस पर भी एक्शन लेंगे, तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान की मदद करने वाले देशों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई होगी। इसमें बैंक, कंपनियां, एयरपोर्ट और सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने तेल तस्करी, कैश ट्रांसफर, करेंसी एक्सचेंज, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और फर्जी कंपनियों के जरिए ईरान तक पहुंचने वाली आर्थिक मदद को रोकने की बात कही। खबर अपडेट हो रही है…

ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे; तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर

ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे; तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान की मदद करने वाले देशों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई होगी। इसमें बैंक, कंपनियां, एयरपोर्ट और सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने तेल तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई करने और कैश ट्रांसफर, करेंसी एक्सचेंज, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और फर्जी कंपनियों के जरिए ईरान तक पहुंचने वाली आर्थिक मदद को रोकने की बात कही। ट्रम्प का दावा- ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को बड़ा नुकसान हुआ है और उसके कई सैन्य कारखाने तबाह हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मुद्रा की हालत बहुत खराब है और देश आर्थिक संकट में है। ट्रम्प ने अमेरिका की नई आर्थिक कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताया। आसान भाषा में इसका मतलब है कि अमेरिका ईरान पर बहुत बड़ा आर्थिक दबाव बनाने जा रहा है। उन्होंने दूसरे देशों से भी ईरान की मदद बंद करने और अमेरिका के साथ इस अभियान में शामिल होने की अपील की। अमेरिकी प्रतिबंधों का ईरान पर क्या असर पड़ेगा? अमेरिका की नई कार्रवाई का सबसे बड़ा असर ईरान के तेल कारोबार और पैसे के लेनदेन पर पड़ सकता है। ईरान की कमाई का बड़ा हिस्सा तेल बेचने से आता है। अगर दूसरे देश, बैंक और कंपनियां अमेरिकी कार्रवाई के डर से ईरान के साथ कारोबार कम करते हैं, तो ईरान के लिए तेल बेचना और विदेशों से पैसा लेना मुश्किल हो सकता है। तेल की तस्करी और फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई होने से ईरान के लिए छिपकर कारोबार करना और अमेरिकी कार्रवाई से बचना भी मुश्किल होगा। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान को दुनिया से आर्थिक तौर पर अलग करने की कोशिश करेगा। ईरान का तेल तस्करी नेटवर्क कैसे काम करता है तेल बेचकर कमाई, पहचान छिपाकर सप्लाई तेल के बाद पैसे की बारी अमेरिका पूरी चेन तोड़ना चाहता है —————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- 2020 चुनाव में 24,000 गैर-नागरिकों ने वोट डाले:चुनाव में मेरी जीत हुई थी, धांधली रोकने के लिए कानून बनाऊंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मतदाता और नागरिकता रिकॉर्ड की जांच में 24 हजार से ज्यादा गैर-अमेरिकी नागरिकों के वोट डालने का पता चला है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Bangladesh Presidential Election LIVE | BNP Candidate Victory Expected

Bangladesh Presidential Election LIVE | BNP Candidate Victory Expected

ढाका1 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश में 35 साल बाद आज राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं। बांग्लादेश में राष्ट्रपति को जनता सीधे नहीं चुनती। संसद के सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। इसमें संसद के कुल 349 सांसद वोट डाल सकेंगे। बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने बताया कि चुनाव में पारदर्शिता के लिए वोटों की गिनती लाइव प्रसारित की जाएगी। राष्ट्रपति पद के लिए रूलिंग पार्टी BNP के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और मुख्य विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के प्रत्याशी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद आमने सामने होंगे। फरवरी में हुए आम चुनाव में BNP को संसद में दो-तिहाई बहुमत मिली थी। इसलिए फखरुल की जीत लगभग तय मानी जा रही है। दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा राष्ट्रपति चुनाव के लिए गुरुवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। वोट राष्ट्रीय संसद के सत्र कक्ष में डाले जाएंगे। मतदान शुरू होने से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन सांसदों को वोट डालने का तरीका समझाएंगे। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, चुनाव आयोग ने मंगलवार को बैलेट पेपर तैयार करने का काम शुरू कर दिया था। हर बैलेट पेपर में एक हिस्सा रिकॉर्ड के लिए और दूसरा वोट डालने के लिए होगा। सांसद को बैलेट पेपर लेने से पहले तय जगह पर अपना नाम लिखकर हस्ताक्षर करना होगा। इसके बाद वह अपनी पसंद के उम्मीदवार के नाम के सामने अपना नाम लिखकर हस्ताक्षर करेंगे। चुनाव आयोग के सीनियर सेक्रेटरी अख्तर अहमद ने मंगलवार को बताया कि दोनों उम्मीदवारों का नामांकन वैध पाया गया है। नाम वापस लेने की समय सीमा मंगलवार शाम 4 बजे खत्म हो गई, लेकिन दोनों में से किसी ने भी नाम वापस नहीं लिया। आखिरी बार 1991 में चुनाव में मुकाबला हुआ था बांग्लादेश में अब तक 12 राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं। इनमें 8 बार राष्ट्रपति निर्विरोध चुने गए। संविधान लागू होने के बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव 1974 में हुआ, जिसमें सांसदों ने वोट देकर मोहम्मद मोहम्मदुल्लाह को चुना। 1975 में संविधान संशोधन के बाद राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता से कराने की व्यवस्था हुई। इसके तहत 1978, 1981 और 1986 में लगातार तीन बार जनता ने राष्ट्रपति चुना। 1991 में फिर संसदीय व्यवस्था लागू हुई और राष्ट्रपति का चुनाव दोबारा सांसदों के जरिए होने लगा। 1991 में दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। इसके बाद 2023 तक सभी चुनाव निर्विरोध रहे, क्योंकि हार के डर से विपक्ष ने उम्मीदवार नहीं उतारा। 1991 के बाद 35 साल में पहली बार बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हो रहा है। यानी सांसदों को मतदान करना होगा। BNP ने चुनाव से पहले बैठक बुलाई राष्ट्रपति चुनाव से पहले बुधवार को राष्ट्रीय संसद में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सांसदों की बैठक हुई। प्रधानमंत्री के डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी जाहिदुल इस्लाम रोनी ने बताया कि बैठक दोपहर 4 बजे संसद में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने की। BNP के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फखरुल इस्लाम आलमगीर भी बैठक में शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद हो रहे चुनाव बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया था। हालांकि, कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना से फोन पर बातचीत की कोशिश की थी। इस खबर के बाहर आने के बाद प्रधानमंत्री नाराज हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें… ——————– बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे: जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा बांग्लादेश गंगा जल संधि में भारत से ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करने की मांग कर रहा है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…