Saturday, 22 Aug 2026 | 03:19 AM

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सुविंदर विक्की ने कभी इंश्योरेंस पॉलिसी बेची थी:खाने तक के पैसे नहीं थे; ‘आवारापन 2’ के किरदार को अपनी जिंदगी से जुड़ा बताया

सुविंदर विक्की ने कभी इंश्योरेंस पॉलिसी बेची थी:खाने तक के पैसे नहीं थे; ‘आवारापन 2’ के किरदार को अपनी जिंदगी से जुड़ा बताया

एक्टर सुविंदर विक्की हाल ही में फिल्म ‘आवारापन 2’ में दिखाई दिए। कभी वो एक थिएटर प्ले से मिले सिर्फ 5 हजार रुपए लेकर मुंबई पहुंचे थे, लेकिन पैसे जल्दी खत्म हो गए और उन्हें एक महीने के अंदर पंजाब लौटना पड़ा। मुंबई में एक समय ऐसा भी आया, जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। गुजारा करने के लिए उन्होंने इंश्योरेंस पॉलिसी बेचीं और छोटे-मोटे काम किए। करीब एक दशक तक पंजाबी फिल्मों में छोटे किरदार निभाने के बाद उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ से हिंदी फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद ‘केसरी’, ‘माइलस्टोन’, ‘कोहरा’ और ‘धुरंधर द रिवेंज’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। हाल ही में सुविंदर विक्की ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘आवारापन 2’ के बारे में बात की। पढ़िए इंटरव्यू की अहम बातें। सवाल: ‘आवारापन 2’ का हिस्सा बनने का मौका आपको कैसे मिला और जब आपको फिल्म ऑफर हुई तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरे लिए सबसे खुशी की बात यह है कि मैं ‘आवारापन 2’ से जुड़ा। करीब 18 साल पहले जब ‘आवारापन’ आई थी, तब उसने युवाओं के बीच एक अलग ही इमेज बनाई थी। फिल्म के म्यूजिक और इमरान हाशमी के काम को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी। आज मेरी बेटी भी बड़ी हो गई है और वह भी ‘आवारापन’ को लेकर काफी एक्साइटेड रहती है। जैसे ही उसे पता चला कि मैं ‘आवारापन 2’ में काम कर रहा हूं, उसने फिल्म को लेकर बातें शुरू कर दीं। मेरे लिए यह एक बड़ी खुशी थी कि मैं उस फिल्म की दुनिया का हिस्सा बन रहा हूं, जिसे एक पीढ़ी ने इतना पसंद किया है। सवाल: ‘आवारापन 2’ में आपके किरदार जयदीप का अपना आंतरिक संघर्ष क्या है? जवाब: जयदीप का संघर्ष मुझे अपने जीवन के संघर्ष से काफी जुड़ा हुआ लगा। मेरी जिंदगी में भी एक समय यह द्वंद्व रहा कि क्या करना है, अभिनेता बनना है तो कैसे बनना है, कितनी स्ट्रगल करनी पड़ेगी, पैसे आएंगे या नहीं आएंगे, नौकरी के साथ यह काम करना पड़ेगा या पूरी तरह इसमें आना चाहिए। जयदीप के भीतर भी कुछ इसी तरह के सवाल हैं। वह सोचता है कि यहां रहूं या छोड़ दूं, साथ दूं या नहीं दूं। मुझे लगा कि उसके ये संघर्ष मेरे अपने संघर्षों से काफी मैच करते हैं। इसलिए मुझे इस किरदार से जुड़ना बहुत आसान लगा। सवाल: आपने अब तक कई ग्रे और नेगेटिव शेड्स वाले किरदार निभाए हैं। क्या अब कुछ अलग करने की इच्छा थी? जवाब: बिल्कुल। मन करता है कि कुछ अलग भी नजर आए। ऐसा नहीं है कि मैं रोमांस नहीं कर सकता। मेरा भी मन करता है कि पर्दे पर मेरी कोई हीरोइन हो, हम रोमांटिक सीन करें, तारों की छांव में बैठें या मैं उसके लिए मारधाड़ करूं और वह मेरे जख्मों पर मरहम लगाए। लेकिन फिर लगता है कि अगर हर कोई यही करेगा तो हम जो करते हैं, वह कौन करेगा? हमारे हिस्से में अच्छाई के साथ-साथ निगेटिविटी और बुराई को भी पर्दे पर उतारने की जिम्मेदारी आती है। सवाल: क्या किसी विलेन या ग्रे किरदार की सफलता का पैमाना यह है कि दर्शक उससे नफरत करने लगें? जवाब: बिल्कुल। एक विलेन तब कामयाब होता है, जब लोगों को उससे नफरत होने लगे। अगर आप किसी किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं और दर्शक उस किरदार को लेकर रिएक्ट करते हैं, उसकी तारीफ करते हैं या उससे डरते-नफरत करते हैं, तो एक अभिनेता के तौर पर वही आपकी सफलता है। सवाल: क्या किसी किरदार को निभाने के बाद उससे बाहर निकलने में आपको कभी परेशानी हुई है? जवाब: ऐसा बहुत ज्यादा नहीं हुआ, लेकिन ‘माइलस्टोन’ में गालिब का किरदार करते समय मुझे काफी पीठ दर्द रहता था। शूटिंग के बाद भी कुछ समय तक वह दर्द मेरे साथ रहा। फिर मैंने अपने दिमाग को यह समझाया कि आपने इतनी मेहनत की है, लगातार सीढ़ियां चढ़ते रहे हैं, इसलिए शरीर में कोई मसल खिंच गया होगा। पता नहीं सच में ऐसा था या मैंने अपने दिमाग को उस तरह सेट किया, लेकिन मेरे लिए वह तरीका काम कर गया। कई बार ऐसा भी होता है कि एक किरदार से निकलकर तुरंत दूसरे किरदार में जाना पड़ता है। जैसे मैंने बलबीर का किरदार किया और उसके बाद ‘सतलुज’ के लिए तैयारी करनी थी। ऐसे समय में अभिनेता को बहुत जल्दी स्विच ऑन और स्विच ऑफ करना पड़ता है। सवाल: पंजाबी सिनेमा, हिंदी फिल्मों और ओटीटी तीनों जगह काम करते हुए क्या आपकी एक्टिंग अप्रोच बदलती है? जवाब: मैं खुद को इस मामले में किस्मत वाला मानता हूं कि मुझे अक्सर ऐसा काम मिल जाता है, जो मुझे पसंद आता है। मेरे पास बहुत ज्यादा ऑप्शंस भी नहीं होते। अगर 8-10 स्क्रिप्ट आती हैं और उनमें से एक चुननी है तो मेरे लिए जो काम करने लायक है, मैं उसे करना चाहता हूं। चाहे किरदार एक सीन का हो, दो सीन का हो या 40 दिन का काम हो, मेरे लिए उसमें कुछ करने लायक जरूर होना चाहिए। अब तक मुझे जो काम मिला है, उसमें मैं खुद को काफी लकी मानता हूं। सवाल: इतने साल इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी क्या आज काम मांगने में झिझक नहीं होती? जवाब: नहीं, काम मांगने में कैसी झिझक? यह मेरा काम है। मैंने अपनी खुशी से, पूरे होश-हवास में इस फील्ड को चुना है। भगवान को साक्षी मानकर तय किया है कि मुझे अभिनेता बनना है। अब मेरी ड्यूटी है कि मुझे हर किरदार को अपनी 100 प्रतिशत क्षमता के साथ निभाना है। लोगों को वह पसंद आए, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। मेरे लिए मेरे सारे किरदार एक जैसे हैं। कोई एक दूसरे से कम या ज्यादा नहीं है। सवाल: आगे ऐसा कौन-सा किरदार करना चाहते हैं, जो अभी तक नहीं मिला? जवाब: मैं ऐसा किरदार करना चाहता हूं, जो मेरी अपनी जिंदगी के ज्यादा करीब हो। मैंने पुलिस वाले काफी किए हैं। अब कोई ऐसा आम आदमी, इंश्योरेंस एजेंट जैसा किरदार, बिजनेसमैन या पिता की भूमिका जिसमें जिंदगी की सच्चाई और मेरे अपने अनुभवों की झलक हो ऐसा कुछ करना चाहूंगा। क्योंकि जब किरदार

USCIRF Demands RSS Ban | PM Modi Diplomatic Ties Controversy Update

USCIRF Demands RSS Ban | PM Modi Diplomatic Ties Controversy Update

1 मिनट पहले कॉपी लिंक आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 29 अगस्त को अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता पर सलाह देने वाले आयोग (USCIRF) के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को राजनयिक सम्मान नहीं देने और उनके साथ उच्चस्तरीय बैठकें नहीं करने को कहा है। USCIRF के चेयरमैन आसिफ महमूद ने कहा कि पीएम मोदी RSS के सदस्य हैं। और RSS के सहयोगी संगठनों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। महमूद का यह बयान RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से कुछ हफ्ते पहले आया है। भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) की ओर से आयोजित ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशंस’ में शामिल होने वाले हैं। आयोग के कमिश्नर बोले- भारत सरकार से जुड़े RSS नेताओं को सम्मान न मिले USCIRF कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा कि RSS नेता अगर भारतीय सरकार से जुड़े भी हों, तब भी उन्हें उच्चस्तरीय बैठकों या राजनयिक सम्मान का हकदार नहीं माना जाना चाहिए। मिल्स ने कहा कि इसके बजाय अमेरिकी सरकार को धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए गए RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर ध्यान देना चाहिए। USCIRF ने महमूद और मिल्स के बयान अपने X अकाउंट पर पोस्ट किए। महमूद ने पोस्ट में कहा, भारत के प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य हैं। RSS एक भारतीय संगठन है, जिसके सहयोगी संगठनों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों, जिनमें ईसाई और मुस्लिम शामिल हैं उन पर हमले किए हैं। अब RSS प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका आने की योजना बना रहे हैं।” RSS पर बैन लगाने की मांग करने वाली USCIRF क्या है, कितनी है ताकत यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम यानी USCIRF अमेरिका की स्वतंत्र सरकारी संस्था है। इसे अमेरिकी कांग्रेस ने 1998 के इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम एक्ट के तहत बनाया था। USCIRF का काम क्या है… अलग-अलग देशों में धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक उत्पीड़न की स्थिति की निगरानी करती है। अपनी रिसर्च और जांच के आधार पर सालाना रिपोर्ट जारी करती है। अमेरिकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कांग्रेस को नीतिगत सिफारिशें देती है। कुछ देशों को Country of Particular Concern (CPC) घोषित करने की सिफारिश कर सकती है। गैर-सरकारी संगठनों/समूहों के लिए EPC की सिफारिश कर सकती है। अमेरिकी सरकार से प्रतिबंध, राजनयिक दबाव या अन्य कदम उठाने की सिफारिश कर सकती है। USCIRF की कितनी ताकत है? इसे ऐसे समझिए: USCIRF- सिर्फ सलाह और निगरानी करने वाली संस्था US सरकार- अंतिम नीति और कार्रवाई करने वाली संस्था यानी अगर USCIRF किसी देश या संगठन पर प्रतिबंध की सिफारिश करती है, तो प्रतिबंध अपने-आप लागू नहीं हो जाता। अमेरिकी सरकार को उस सिफारिश पर अलग से फैसला करना होता है। USCIRF खुद प्रतिबंध लगाने वाली एजेंसी नहीं है। फिर इसकी बात को गंभीरता से क्यों लिया जाता है? क्योंकि यह कोई निजी NGO नहीं है। यह अमेरिकी सरकार की आधिकारिक, कांग्रेस द्वारा बनाई गई संस्था है और इसके सदस्य राष्ट्रपति तथा अमेरिकी कांग्रेस के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। इसकी रिपोर्टें अमेरिकी विदेश नीति में इनपुट और राजनीतिक दबाव का काम कर सकती हैं। हालांकि, इसकी सिफारिश और अमेरिकी सरकार का अंतिम फैसला अलग-अलग चीजें हैं। मार्च में USCIRF रिपोर्ट पर भारत ने आपत्ति जताई थी मार्च में USCIRF की सालाना रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के कथित उल्लंघनों की आलोचना की गई थी। रिपोर्ट में RSS और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) जैसी संस्थाओं और कुछ लोगों पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया गया था। रिपोर्ट में इन्हें धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार बताया गया था। भारत ने USCIRF की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। भारत ने कहा था कि यह संगठन लगातार देश की खराब छवि पेश करता है जो संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक कथाओं पर आधारित होती है। भारत बोला था- USCIRF अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमले पर ध्यान दे विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 मार्च को बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि भारत की चुनिंदा आलोचना जारी रखने के बजाय USCIRF को अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और हमलों की परेशान करने वाली घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- आज के युवा 30 साल बाद बुजुर्ग होंगे: वे केवल अपने बारे में न सोचें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के युवा 30 साल बाद बुजुर्ग हो जाएंगे, इसलिए उन्हें केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों का भी ध्यान रखना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Randeep Hooda Birthday | Nepal Jail Visit & Flood Relief Work

Randeep Hooda Birthday | Nepal Jail Visit & Flood Relief Work

18 मिनट पहले कॉपी लिंक रणदीप का जन्म 20 अगस्त 1976 को हरियाणा के रोहतक में हुआ था। बॉलीवुड के संजीदा एक्टर्स में शुमार रणदीप हुड्डा आज 50 साल के हो गए हैं। पर्दे पर अपनी दमदार एक्टिंग और सीरियस किरदारों से पहचान बनाने वाले रणदीप की असल जिंदगी का एक पहलू इंसानियत से भरा भी है। जब भी देश के किसी कोने में आपदा आई या लोग तकलीफ में दिखे, रणदीप ग्लैमरस दुनिया से दूर जमीनी स्तर पर मदद के लिए सबसे आगे खड़े नजर आए। हाल ही में असम में आई भीषण बाढ़ के दौरान भी रणदीप हुड्डा का यही मानवीय चेहरा देखने को मिला। जब बाढ़ के पानी ने असम के कई इलाकों को डुबा दिया, तो रणदीप सोशल मीडिया पर केवल दुख जताकर नहीं रुके। वे सीधे असम के शिवसागर जिले पहुंचे। यहां वे खुद पानी में उतरे और पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। रेलवे स्टेशन पर बनाए गए राहत कैंपों में रह रहे पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उन्होंने भोजन परोसा और लंगर की व्यवस्था संभाली। असम में बाढ़ पीड़ितों को खाना बांटते रणदीप हुड्डा। प्रभावित इलाकों में जाकर राहत सामग्री बांटी। केरल के बाद साल 2019 में जब महाराष्ट्र का नासिक जिला भयंकर सूखे की चपेट में था, तब भी रणदीप राहत लेकर पहुंचे। नासिक के वेले गांव में स्थिति इतनी गंभीर थी कि पीने के पानी के कुएं पूरी तरह सूख चुके थे और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे। रणदीप खुद उस गांव में पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया और सूखे की मार झेल रहे ग्रामीणों के लिए रोज 25 से 30 पानी के टैंकरों का इंतजाम कराया। नासिक के सूखे में टैंकर लेकर पहुंचे थे रणदीप हुड्डा का राहत कार्यों में जुटना हाल की घटना तक सीमित नहीं है। वे लंबे समय से संकट के समय जमीनी स्तर पर सेवा करते आए हैं। 2018 में जब केरल भीषण बाढ़ की चपेट में था और लाखों लोग बेघर हो गए थे, तब रणदीप सीधे केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे थे। संस्था खालसा एड के साथ मिलकर उन्होंने राहत शिविरों में हजारों लोगों के लिए खाना पकाने से लेकर बांटने तक का काम किया था। बड़े-बड़े बर्तनों में खाना बनाते और बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आईं। पंजाब की बाढ़ में रणदीप ने प्रभावित इलाकों में जाकर राहत सामग्री बांटी थी। 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान भी वे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और राहत सामग्री बांटी। नासिक में सूखे के दौरान रणदीप वहां पानी के टैंकर लेकर पहुंचे थे। वीकेंड पर करते हैं बीच की सफाई, UN ने बनाया ब्रांड एंबेसडर रणदीप हुड्डा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी सक्रिय रहे हैं। मुंबई के वर्सोवा बीच और मीठी नदी के सफाई अभियान में वे लगातार पर्यावरण कार्यकर्ता अफरोज शाह के साथ मिलकर खड़े रहे। वीकेंड्स पर जब अन्य बॉलीवुड सेलिब्रिटीज पार्टियों में व्यस्त रहते थे, तब रणदीप सुबह-सुबह वर्सोवा बीच पर ग्लव्स पहनकर कचरा और प्लास्टिक उठाते नजर आते थे। मुंबई में वीकेंड पर रणदीप अक्सर बीच की सफाई करते हैं। पर्यावरण के प्रति उनके इसी काम को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने उन्हें ‘जलीय प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण’ (CMS) के लिए अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। वे खुद बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही जानवरों और प्रकृति से गहरा लगाव रहा है। उन्होंने कई घोड़ों को गोद ले रखा है और बाघ संरक्षण अभियानों में भी वे सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इंसानियत और समाज सेवा का यह जज्बा रणदीप को उनके परिवार से विरासत में मिला है। उनके पिता डॉक्टर और मां आशा हुड्डा एक जानी-मानी सोशल वर्कर हैं। रणदीप का मानना है कि बचपन में मां को दूसरों की मदद करते देखकर ही उनके भीतर भी जरूरतमंदों के प्रति यह संवेदनशीलता पैदा हुई। खर्च निकालने के लिए मेल सेक्स वर्कर बनने निकले स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए रणदीप हुड्डा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न चले गए। वहां उन्होंने मार्केटिंग में बैचलर्स की डिग्री ली और उसके बाद बिजनेस मैनेजमेंट व ह्यूमन रिसोर्स में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में उनके दिन बहुत कठिनाइयों में बीते। जेब खर्च निकालने और अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने वहां कई छोटे-मोटे काम किए। मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में खुद रणदीप ने यह खुलासा किया था कि उन्होंने जिगोलो बनने के लिए वहां कोशिश भी की थी। रणदीप ने ऑस्ट्रेलिया में रेस्टोरेंट में बर्तन धोए, वेटर का काम किया, कार वाशिंग सेंटर में गाड़ियां धोईं और देर रात तक टैक्सी भी चलाई। संघर्ष इतना बढ़ गया था कि एक वक्त पैसों की सख्त किल्लत के कारण उन्होंने जिगोलो (मेल सेक्स वर्कर) बनने के बारे में भी गंभीरता से सोचा था। मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में रणदीप ने खुलासा किया था कि उन्होंने जिगोलो बनने के लिए वहां कोशिश भी की थी। एक एजेंट ने उन्हें एक कपल को सर्विस देने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। एयरलाइन कंपनी में नौकरी, थिएटर से मिला पहला ब्रेक ऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई पूरी कर जब रणदीप भारत लौटे, तो उन्होंने मुंबई में एक एयरलाइन कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी शुरू कर दी। नौकरी के साथ-साथ वे थिएटर और मॉडलिंग भी कर रहे थे। एक दिन रणदीप मुंबई में एक प्ले की रिहर्सल कर रहे थे, तभी मशहूर डायरेक्टर मीरा नायर की नजर उन पर पड़ी। मीरा नायर उनके अभिनय और पर्सनालिटी से काफी प्रभावित हुईं। फिल्म ‘मानसून वेडिंग’ में राहुल चड्ढा के किरदार में रणदीप। मीरा नायर ने रणदीप को अपनी आने वाली फिल्म ‘मानसून वेडिंग’ (2001) के ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन में रणदीप का काम पसंद आया और उन्हें एनआरआई रिश्तेदार राहुल चड्ढा के किरदार में कास्ट कर लिया गया। इस तरह साल 2001 में रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा। 35 हजार रुपए का कॉन्ट्रैक्ट किया, 4 साल तक काम नहीं मिला ‘मानसून वेडिंग’ के बाद रणदीप को उम्मीद थी कि उन्हें बॉलीवुड में काम मिलने लगेगा, लेकिन उनके करियर में एक बड़ा अड़ंगा आ गया। उस दौरान मशहूर डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने रणदीप का एक नाटक

Tamil Nadu Maternity Leave Policy & Uber Train Booking

Tamil Nadu Maternity Leave Policy & Uber Train Booking

Hindi News Career Tamil Nadu Maternity Leave Policy & Uber Train Booking | Current Affairs 20 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो भारत आए 20 अगस्त को जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमीनई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। इस मुलाकात में भारत और जापान रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और डिफेंस टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और समैरीटाइम सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में दोनों देश साल के आखिर में होने वाली 2+2 बातचीत से जुड़े मुद्दों पर भी बात कर सकते हैं। भारत और जापान के बीच ये बैठक UNICORN नेवल रेडियो एंटीना सिस्टम के संयुक्त विकास के लिए पहला समझौता होने के बाद हो रही है। शिंजिरो कोइज़ुमीनई तीन दिन की यात्रा पर आए हैं और कोइज़ुमी 19 अगस्त को मुंबई पहुंचें हैं। इस दौरान जापान के UNICORN स्टील्थ कम्युनिकेशन सिस्टम के प्रस्तावित निर्यात पर भी बात हो सकती है। UNICORN का पूरा नाम यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना या NORA-50) है। UNICORN युद्धपोतों के रडार सिग्नेचर को छिपाकर उनकी स्टील्थ क्षमताओं को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया जाता है। इससे पहले हुई भारत-जापान रक्षा नीति वार्ता की सह-अध्यक्षता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और जापान के रक्षा उप-मंत्री कानो कोजी ने की थी। इस वार्ता में साइबर सिक्योरिटी, स्पेस, डिफेंस टेक्नोलॉजी और डिफेंस इंडस्ट्री सहयोग जैसे उभरते क्षेत्रों पर बात की थी। इससे पहले 13 जुलाई को टोक्यो में आठवीं भारत-जापान रक्षा नीति वार्ता हुई। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 2. आज भारत-सिंगापुर मिनिस्ट्रीयल राउंडटेबल मीटिंग होगी 20 अगस्त को सिंगापुर में चौथी भारत-सिंगापुर मिनिस्ट्रीयल राउंडटेबल मीटिंग होगी। इस मीटिंग में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद हिस्सा लेंगे। इस मीटिंग का फोकस भारत-सिंगापुर के व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बेहतर बिल्डिंग कैपिसिटी कनेक्टिविटी सहयोग को आगे बढ़ाने पर है। इस बैठक में पीयूष गोयल करीब 70 सदस्यीय भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। ISMR के साथ इंडिया-सिंगापुर बिजनेस राउंड टेबल भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें दोनों देश कॉम्प्रेशिप स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप के रोडमैप को आगे बढ़ाने और नए सहयोग क्षेत्रों की पहचान पर चर्चा करेंगे। इससे पहले दूसरी ISMR बैठक 26 अगस्त 2024 में सिंगापुर में हुई थी, जिसमें यही प्रमुख भारतीय मंत्री शामिल हुए थे। सिंगापुर दुनिया के कुल माइक्रोचिप्स का 10 फीसदी और सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट का 20 फीसदी हिस्सा बनाता है। ISMR के साथ इंडिया-सिंगापुर बिजनेस राउंड टेबल भी आयोजित किया जा रहा है। निधन (DEATH) 3. कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी.सी. नागेश का निधन 18 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी के नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी.सी. नागेश का निधन हो गया। वे 65 साल के थे। नागेश टिपटूर से दो बार विधायक थे और बसवराज बोम्मई की कैबिनेट में 2021 से 2023 के बीच स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री रहे। नागेश का कार्यकाल काफी विवादों भरा रहा। उनके समय में पाठ्यपुस्तकों में बदलाव को लेकर ‘भगवाकरण’ के आरोप लगे और यह मामला विवादित भी हुआ। इसके साथ ही उनके कार्यकाल में छात्राओं को क्लासरूम के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति न देने को लेकर भी विवाद हुआ था। पेशे से इंजीनियर रहे नागेश छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में सक्रिय थे और बाद में BJP में शामिल हो गए। नागेश ने 2008 और 2018 में टिपटूर से चुनाव जीता था। मिसलीनियस (Miscellaneous) 4. तमिलनाडु में तीसरे बच्चे के जन्म पर 1 साल की मैटरनिटी लीव 18 अगस्त को तमिलनाडु सरकार ने तीसरे बच्चे के जन्म पर सरकारी महिला कर्मचारियों को 365 दिनों यानी, 1 साल की मैटरनिटी लीव देने का ऐलान किया। तमिलनाडु विधानसभा में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरथकुमार ने मैटरनिटी लीव की घोषणा की। इससे पहले तक तमिलनाडु में तीसरे बच्चे के जन्म पर 12 सप्ताह यानी 84 दिन की छुट्टी दी जाती थी। तमिलनाडु में सरकार के नियम में 2 बच्चों के जन्म पर पहले से ही 365 दिनों तक की मैटरनिटी लीव का प्रावधान है। तमिलनाडु में घटती प्रजनन दर और बढ़ती बुजुर्ग आबादी को लेकर भी हाल में चर्चा तेज हुई है। राज्य की कुल प्रजनन दर 1.4 से नीचे बताई जा रही है, जबकि रिप्लेसमेंट लेवल लगभग 2.1 है। 5. उबर ने इक्सिगो के साथ MoU किया 19 अगस्त को उबर (Uber) ने भारत के प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल एवं टिकटिंग प्लेटफॉर्म इक्सिगो (ixigo) के साथ एक समझौता किया। इस नए समझौते के तहत, अब उबर ऐप का उपयोग करने वाले ग्राहक सीधे उसी ऐप के भीतर भारतीय रेलवे की ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे। इस साझेदारी के तहत , इक्सिगो अपनी ट्रेन टिकटिंग तकनीक और बुकिंग के बाद की सेवाएं प्रदान कर रहा है, जबकि Uber रेल यात्राओं को अपने फर्स्ट-माइल और लास्ट-माइल मोबिलिटी नेटवर्क से जोड़ रहा है। उबर ऐप पर ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा के साथ, यात्री अब एक ही ऐप के माध्यम से अपने ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। अपने पीएनआर स्टेटस की जांच कर सकते हैं और रेलवे स्टेशन से आने-जाने के लिए बगैर किसी रुकावट के कनेक्ट हो सकते हैं। इसके तहत कोई भी यात्री अपनी यात्रा के दौरान उबर की मोबिलिटी सर्विस का आसानी से उपयोग कर सकेगा। ये समझौता इंटरमॉडल ट्रैवल से जुड़ा है यानी ट्रेन, बस, फ्लाइट से ट्रेवल करने में लोकल कैब सर्विस को जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में टिकट बुकिंग से लेकर लास्ट डेस्टिनेशन तक पहुंचने की सुविधा मिल सकती है। इस समझौते का उद्देश्य यात्रियों को कैब (रोड ट्रांसपोर्ट) और ट्रेन (रेल ट्रांसपोर्ट) बुकिंग का अनुभव एक ही जगह सुविधा देखना पड़ेगा। उबर के प्रबंध निदेशक और सीईओ ने कहा कि भारतीय रेलवे देश के परिवहन की जीवनरेखा है और इक्सिगो के साथ यह समझौता यात्रियों की दैनिक यात्रा को बहुत आसान बना देगा। ये डिजिटल सर्विस भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले उन लाखों लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जो नियमित रूप से यात्रा के लिए रेल और कैब दोनों का उपयोग करते हैं। इस एकीकृत बुकिंग सुविधा

Randeep Hooda Birthday | Nepal Jail Visit & Flood Relief Work

Randeep Hooda Birthday | Nepal Jail Visit & Flood Relief Work

1 घंटे पहले कॉपी लिंक रणदीप का जन्म 20 अगस्त 1976 को हरियाणा के रोहतक में हुआ था। बॉलीवुड के संजीदा एक्टर्स में शुमार रणदीप हुड्डा आज 50 साल के हो गए हैं। पर्दे पर अपनी दमदार एक्टिंग और सीरियस किरदारों से पहचान बनाने वाले रणदीप की असल जिंदगी का एक पहलू इंसानियत से भरा भी है। जब भी देश के किसी कोने में आपदा आई या लोग तकलीफ में दिखे, रणदीप ग्लैमरस दुनिया से दूर जमीनी स्तर पर मदद के लिए सबसे आगे खड़े नजर आए। हाल ही में असम में आई भीषण बाढ़ के दौरान भी रणदीप हुड्डा का यही मानवीय चेहरा देखने को मिला। जब बाढ़ के पानी ने असम के कई इलाकों को डुबा दिया, तो रणदीप सोशल मीडिया पर केवल दुख जताकर नहीं रुके। वे सीधे असम के शिवसागर जिले पहुंचे। यहां वे खुद पानी में उतरे और पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। रेलवे स्टेशन पर बनाए गए राहत कैंपों में रह रहे पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उन्होंने भोजन परोसा और लंगर की व्यवस्था संभाली। असम में बाढ़ पीड़ितों को खाना बांटते रणदीप हुड्डा। प्रभावित इलाकों में जाकर राहत सामग्री बांटी। केरल के बाद साल 2019 में जब महाराष्ट्र का नासिक जिला भयंकर सूखे की चपेट में था, तब भी रणदीप राहत लेकर पहुंचे। नासिक के वेले गांव में स्थिति इतनी गंभीर थी कि पीने के पानी के कुएं पूरी तरह सूख चुके थे और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे। रणदीप खुद उस गांव में पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया और सूखे की मार झेल रहे ग्रामीणों के लिए रोज 25 से 30 पानी के टैंकरों का इंतजाम कराया। नासिक के सूखे में टैंकर लेकर पहुंचे थे रणदीप हुड्डा का राहत कार्यों में जुटना हाल की घटना तक सीमित नहीं है। वे लंबे समय से संकट के समय जमीनी स्तर पर सेवा करते आए हैं। 2018 में जब केरल भीषण बाढ़ की चपेट में था और लाखों लोग बेघर हो गए थे, तब रणदीप सीधे केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे थे। संस्था खालसा एड के साथ मिलकर उन्होंने राहत शिविरों में हजारों लोगों के लिए खाना पकाने से लेकर बांटने तक का काम किया था। बड़े-बड़े बर्तनों में खाना बनाते और बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आईं। पंजाब की बाढ़ में रणदीप ने प्रभावित इलाकों में जाकर राहत सामग्री बांटी थी। 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान भी वे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और राहत सामग्री बांटी। नासिक में सूखे के दौरान रणदीप वहां पानी के टैंकर लेकर पहुंचे थे। वीकेंड पर करते हैं बीच की सफाई, UN ने बनाया ब्रांड एंबेसडर रणदीप हुड्डा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी सक्रिय रहे हैं। मुंबई के वर्सोवा बीच और मीठी नदी के सफाई अभियान में वे लगातार पर्यावरण कार्यकर्ता अफरोज शाह के साथ मिलकर खड़े रहे। वीकेंड्स पर जब अन्य बॉलीवुड सेलिब्रिटीज पार्टियों में व्यस्त रहते थे, तब रणदीप सुबह-सुबह वर्सोवा बीच पर ग्लव्स पहनकर कचरा और प्लास्टिक उठाते नजर आते थे। मुंबई में वीकेंड पर रणदीप अक्सर बीच की सफाई करते हैं। पर्यावरण के प्रति उनके इसी काम को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने उन्हें ‘जलीय प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण’ (CMS) के लिए अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। वे खुद बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही जानवरों और प्रकृति से गहरा लगाव रहा है। उन्होंने कई घोड़ों को गोद ले रखा है और बाघ संरक्षण अभियानों में भी वे सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इंसानियत और समाज सेवा का यह जज्बा रणदीप को उनके परिवार से विरासत में मिला है। उनके पिता डॉक्टर और मां आशा हुड्डा एक जानी-मानी सोशल वर्कर हैं। रणदीप का मानना है कि बचपन में मां को दूसरों की मदद करते देखकर ही उनके भीतर भी जरूरतमंदों के प्रति यह संवेदनशीलता पैदा हुई। खर्च निकालने के लिए मेल सेक्स वर्कर बनने निकले स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए रणदीप हुड्डा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न चले गए। वहां उन्होंने मार्केटिंग में बैचलर्स की डिग्री ली और उसके बाद बिजनेस मैनेजमेंट व ह्यूमन रिसोर्स में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में उनके दिन बहुत कठिनाइयों में बीते। जेब खर्च निकालने और अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने वहां कई छोटे-मोटे काम किए। मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में खुद रणदीप ने यह खुलासा किया था कि उन्होंने जिगोलो बनने के लिए वहां कोशिश भी की थी। रणदीप ने ऑस्ट्रेलिया में रेस्टोरेंट में बर्तन धोए, वेटर का काम किया, कार वाशिंग सेंटर में गाड़ियां धोईं और देर रात तक टैक्सी भी चलाई। संघर्ष इतना बढ़ गया था कि एक वक्त पैसों की सख्त किल्लत के कारण उन्होंने जिगोलो (मेल सेक्स वर्कर) बनने के बारे में भी गंभीरता से सोचा था। मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में रणदीप ने खुलासा किया था कि उन्होंने जिगोलो बनने के लिए वहां कोशिश भी की थी। एक एजेंट ने उन्हें एक कपल को सर्विस देने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। एयरलाइन कंपनी में नौकरी, थिएटर से मिला पहला ब्रेक ऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई पूरी कर जब रणदीप भारत लौटे, तो उन्होंने मुंबई में एक एयरलाइन कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी शुरू कर दी। नौकरी के साथ-साथ वे थिएटर और मॉडलिंग भी कर रहे थे। एक दिन रणदीप मुंबई में एक प्ले की रिहर्सल कर रहे थे, तभी मशहूर डायरेक्टर मीरा नायर की नजर उन पर पड़ी। मीरा नायर उनके अभिनय और पर्सनालिटी से काफी प्रभावित हुईं। फिल्म ‘मानसून वेडिंग’ में राहुल चड्ढा के किरदार में रणदीप। मीरा नायर ने रणदीप को अपनी आने वाली फिल्म ‘मानसून वेडिंग’ (2001) के ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन में रणदीप का काम पसंद आया और उन्हें एनआरआई रिश्तेदार राहुल चड्ढा के किरदार में कास्ट कर लिया गया। इस तरह साल 2001 में रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा। 35 हजार रुपए का कॉन्ट्रैक्ट किया, 4 साल तक काम नहीं मिला ‘मानसून वेडिंग’ के बाद रणदीप को उम्मीद थी कि उन्हें बॉलीवुड में काम मिलने लगेगा, लेकिन उनके करियर में एक बड़ा अड़ंगा आ गया। उस दौरान मशहूर डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने रणदीप का एक नाटक

भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरा हटाया गया

भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरा हटाया गया

दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स और ट्रैफिक बोलार्ड्स हटा दिए हैं। इन बैरिकेड्स से पहले हाई कमीशन के आसपास बाहरी सुरक्षा घेरा बना हुआ था। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरियर और पार्किंग पोल हटा दिए थे। महाराष्ट्र के जलगांव में सड़क हादसा, बस-ट्रक की टक्कर में 4 की मौत महाराष्ट्र के जलगांव में पाचोरा-मालेगांव रोड पर MSRTC बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा चालीसगांव क्षेत्र के दहिवाल गांव के पास हुआ। टक्कर के बाद दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। हादसे के कारणों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आज की अन्य बड़ी खबरें… केन्या में हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत; 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख भी मारे गए केन्या के सांबुरु काउंटी में बुधवार सुबह हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर की खुफिया एजेंसी के प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी शामिल हैं। हेलिकॉप्टर माउंट ओलोलोक्वे के पास क्रैश हुआ था। यह लोइसाबा वाइल्डलाइफ कंजर्वेंसी से एवासो न्गिरो नदी की ओर जा रहा था। इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी के साथ उनकी पत्नी स्टेफनी सेंसी भी हादसे में मारी गईं। स्टेफनी फैशन डिजाइनर थीं। स्पेनिश टीवी नेटवर्क टेलीमुंडो के एग्जीक्यूटिव जोसे सुआरेज के भी मारे जाने की खबर है। हेलिकॉप्टर ऑपरेटर के मुताबिक, हादसे की वजह अभी पता नहीं चली है। केन्या रेड क्रॉस ने बताया कि हादसे वाली जगह पर आग और मुश्किल रास्ते के कारण राहत और शव निकालने के काम में परेशानी हुई। केन्या के परिवहन मंत्रालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। राहुल गांधी ने वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी को दी श्रद्धांजलि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री और अपने पिता राजीव गांधी की जयंती पर वीर भूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा- मंदिरों में भेदभाव की कोई जगह नहीं, कांचीपुरम के मंदिर का मामला मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि भगवान की नजर में सभी जीव समान हैं और भगवान किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। कोर्ट ने साफ किया कि मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने भगवद् गीता के अध्याय 9 के श्लोक 29 का हवाला देते हुए कहा कि मैं सभी जीवों के प्रति समान भाव रखता हूं। न मैं किसी का पक्ष लेता हूं, न किसी से द्वेष करता हूं। जो भक्तिभाव से मेरी पूजा करते हैं, वे मुझमें हैं और मैं उनमें हूं। मामला कांचीपुरम के अरुलमिगु देवराज स्वामीगल मंदिर, खासकर श्री मनवाला मामुनिगल श्राइन से जुड़ा था। यहां के एक निवासी ने याचिका में आरोप लगाया था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मनवाला मामुनिगल श्राइन में दो प्रवेश द्वार हैं- एक मुख्य और दूसरा साइड एंट्री। आरोप था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों को मुख्य प्रवेश से जाने नहीं दिया जाता, जो साफ भेदभाव है। पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को पुलिस की मंजूरी, 30 शर्तें पुणे पुलिस ने राहुल गांधी के 22 अगस्त को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। हालांकि, पुलिस ने इसके लिए 30 शर्तें तय की हैं। आयोजकों को आपत्तिजनक तस्वीरें या बैनर लगाने से रोकने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। कार्यक्रम शहर के RTO चौक के पास SSPMS कॉलेज ग्राउंड में शाम 4:30 से रात 9:30 बजे तक होगा। पुलिस के मुताबिक, इसमें 8,000 से 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। मणिपुर में 3 दिन स्कूल-कॉलेज बंद, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का फैसला मणिपुर सरकार ने राज्य में 20 से 22 अगस्त तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया है। सरकार ने यह फैसला मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया है। इस दौरान बोर्ड से जुड़े सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी संस्थानों पर लागू होगा। दरअसल, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर JFD ग्रुप ने 48 घंटे की हड़ताल बुलाई है। बुधवार को हड़ताल के दूसरे दिन घाटी के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के पुतले जलाए और रैलियां निकालीं।