Canada Mark Carney Statement | US Trade Talks Fail Tariff Decision

11 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को कहा कि कनाडा 8 सितंबर से अमेरिकी सामान पर जवाबी टैरिफ लगाएगा। यह फैसला अमेरिका की ओर से कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद लिया गया है। दोनों देशों के बीच आखिरी दौर की बातचीत भी शुक्रवार को बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। कनाडा का जवाबी टैरिफ स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प एंड पेपर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अमेरिकी सामान पर लगेगा। किन-किन उत्पादों पर कितना टैरिफ लगेगा, इसकी पूरी जानकारी आने वाले दिनों में जारी की जाएगी। दोनों देशों के बीच 3 दिन चली बातचीत बेनतीजा रही अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन तक चली ट्रेड डील की बातचीत नाकाम रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार आधी रात से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतना ही जवाब देगा। अमेरिका बोला- अच्छा ऑफर दिया था, उन्होंने मौका गंवाया दोनो देशों के बीच ट्रेड डील नहीं हो पाने के बाद अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कनाडा ने अमेरिका के साथ पार्टनशिप का बहुत अच्छा मौका गंवा दिया है। USTR के मुताबिक, उन्होंने कनाडा को किसी भी बड़े एक्सपोर्टर के मुकाबले सबसे अच्छा ऑफर दिया था। लेकिन कनाडा की नई मांगों और पहले किए गए वादों से पीछे हटने की वजह से यह डील नहीं हो पाई। USTR ने आगे कहा कि अगर यह डील होती तो इससे एयरोस्पेस में सप्लाई चेन कोऑर्डिनेशन, गलत ट्रेड प्रैक्टिस से निपटने के लिए जरूरी कदम, खनिजों पर सहयोग, और US-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) बातचीत की घोषणा जैसे नतीजे सामने आते। अमेरिका ने कनाडा पर इतना ज्यादा टैरिफ क्यों लगाया? अमेरिका का कहना है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इनमें ऑटोमोबाइल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शराब और लकड़ी का कारोबार प्रमुख हैं। अमेरिका ने पहले नए टैरिफ 20 अगस्त से लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, डेडलाइन से ठीक पहले दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद ट्रम्प ने टैरिफ लागू करने की समयसीमा 3 दिन बढ़ा दी, ताकि समझौते की कोशिश की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ अहम मामलों में दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो सके। 1. अमेरिकी कारों के साथ भेदभाव का आरोप अमेरिका लंबे समय से शिकायत करता रहा है कि कनाडा की ट्रेड पॉलिसी अमेरिकी कार कंपनियों को कनाडा के बाजार में बराबर मौका नहीं देती। अमेरिका चाहता है कि उसकी कारों और दूसरे सामान के लिए कनाडा का बाजार ज्यादा खुले। कनाडा ने बदले में अमेरिका से स्टील, एल्युमिनियम, कारों और लकड़ी पर लगाए गए टैरिफ में राहत मांगी थी। लेकिन अमेरिका इन टैरिफ को हटाने पर तैयार नहीं हुआ। 2. कनाडा का अपने डेयरी मार्केट को प्रोटेक्शन कनाडा अपने डेयरी बाजार को विदेशी कंपनियों और सस्ते डेयरी प्रोडक्ट्स से बचाने के लिए लंबे समय से कई नियम लागू करता रहा है। अमेरिका चाहता है कि उसके दूध, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स को कनाडा के बाजार में ज्यादा आसानी से बेचने का मौका मिले। लेकिन कनाडा अपने डेयरी सेक्टर को लेकर ज्यादा रियायत देने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस मुद्दे पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने रहे। 3. अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध कनाडा के कुछ हिस्सों में अमेरिकी शराब की बिक्री को लेकर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। अमेरिका इसे अपने सामान के साथ भेदभाव के तौर पर देखता है। अमेरिका चाहता है कि उसकी शराब को कनाडा के बाजार में ज्यादा आसानी से बेचने की इजाजत मिले। इसके अलावा दोनों देशों के बीच कनाडा की सॉफ्टवुड लंबर यानी लकड़ी को लेकर भी लंबे समय से विवाद है। अमेरिका कनाडा से आने वाली लकड़ी पर कई तरह के व्यापारिक प्रतिबंध और शुल्क लगाता रहा है। ————— यह खबर भी पढ़ें… भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
ओडिशा के पास चीनी क्रू वाला जहाज डूबा:24 लोग सवार थे; इंडियन कोस्ट गार्ड-नेवी ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया

ओडिशा के पारादीप तट से करीब 240 समुद्री मील दूर बंगाल की खाड़ी में आज एक मालवाहक जहाज डूब गया। पनामा के झंडे वाले इस जहाज पर 24 क्रू सदस्य सवार थे। पीटीआई के मुताबिक, इनमें ज्यादातर चीनी नागरिक थे। जहाज ओडिशा से लौह अयस्क लेकर सिंगापुर जा रहा था। यह शुक्रवार को ओडिशा तट से रवाना हुआ था। जहाज के डूबने की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। इंडियन कोस्ट गार्ड और नेवी ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया हादसे की जानकारी मिलते ही इंडियन कोस्ट गार्ड और इंडियन नेवी ने क्रू सदस्यों की तलाश और बचाव अभियान शुरू कर दिया। आसपास मौजूद दूसरे जहाजों को भी अलर्ट किया गया है और रेस्क्यू में मदद करने को कहा गया है। न्यूज एजेंसी से एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि कितने क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जहाज पर सवार ज्यादातर लोग चीनी नागरिक थे। हादसे के समय बंगाल की खाड़ी में मौसम भी पूरी तरह सामान्य नहीं था। मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई थी। इससे समुद्र में मौसम खराब हो सकता है। हालांकि, जहाज इसी वजह से डूबा, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। खबर अपडेट हो रही है…
Goldy Brar Claims Responsibility For Hardeep Nijjar Murder

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने दावा किया है कि कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या उसी ने करवाई थी। इससे जुड़ा एक ऑडियो सामने आया है। इसमें गोल्डी बराड़ आतंकी परमजीत सिंह उर्फ पम्मा से कह रहा है कि निज्जर को इसलिए टारगेट किया गया, क्योंकि . ऑडियो में वह कह रहा है कि जिन कोठियों में बैठकर मेरे भाइयों को मरवाया गया, वे उन्हीं लोगों की थीं। इसी वजह से मेरा खून खौलता था। मैं उसे छोड़ नहीं सकता था। गुरु घर की इज्जत के कारण अंदर गोली नहीं चलाई गई। अगर अंदर गोली चलानी होती या बदतमीजी करनी होती तो अर्श डाला को भी मार दिया जाता। गोल्डी बराड़ ने कथित ऑडियो में कहा कि गुरु घर की इज्जत के लिए सब्र रखा और गेट के बाहर आने तक इंतजार किया। उसे लगा था कि अर्श डाला भी गाड़ी में साथ है। उसने इसे अपनी गलती बताते हुए कहा कि अगर उस समय अर्श डाला को भी मार दिया होता तो उसे बार-बार सफाई देने की जरूरत नहीं पड़ती। गौरतलब है कि निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को कनाडा के सरे में कर दी गई थी। हमलावरों ने गुरुद्वारा के बाहर निकलते ही घेरकर 50 राउंड फायरिंग की थी, जिसमें से 34 गोलियां निज्जर को लगीं थी। कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ होने के आरोप लगाए थे। हालांकि, भारत सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ‘बेतुका और राजनीति से प्रेरित’ बताया था। कनाडा में रहते हुए निज्जर प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीब आया था। ऑडियो में गोल्डी बराड़ ने आतंकी परमजीत से ये बातें कही… ऑडियो में गोल्डी बराड़ ने कहा निज्जर ने बहुत अच्छे काम किए हुए होंगे। मैं नहीं कहता, नहीं किए होंगे। लेकिन जो उन्होंने गलती की है, सुखा दूनेके और अर्श डाला का पुराना रिकॉर्ड निकाल लिया जाए। उन्होंने इनकी भी जड़ें काटी हैं। इनके घर पर रहे, इनकी गारंटी पर असले के लिए पैसे लिए, इनके बंदे पकड़वाए। पुलिस के साथ रिलेशन बनाए। आज जो वही लोग इंडिया की एजेंसियों के भी मुखबिर बने हुए हैं, अर्श डाला जैसे… बाहर की एजेंसियों के तो हैं ही। ठीक है। आप सबकी जड़ें काटी हैं। कभी भला नहीं है। आप हमें दुश्मन समझते हो। आप पता कर लो, मेरे कितने भाई अंदर हैं, जो बेअदबी वाले लोगों के घरों पर गोलियां मरवाने के लिए मैंने आदमी भेजे। 15-16 लड़के हैं, मैं आपको लिस्ट भेजता हूं। प्रदीप को हमने मार दिया था, जिसके चक्कर में पांच-छह अंदर हैं। शूटर हैं। हत्या से पहले दो अटेंप्ट किए, जो मिस हुए। जो उसमें अंदर हैं। लोगों को लगता है, सिद्धू को मारने के बाद हमने बेअदबी वालों को मारा है। सिद्धू को मारने से पहले ही हमने दो बार बेअदबी वालों को टारगेट किया था। वह अंदर हैं। 16 लड़के अंदर हैं। आप जाकर पूछें कि इतने सालों से कौन आपको संभालता है। किसी जत्थेबंदी ने आकर पूछा? 2018 में बुर्ज जवाहरसिंह वाला में जो प्रेमी गुरदीप सिंह मारा था। उसमें रिवॉल्वर मैंने दिया था। जो लड़के उसे मारकर आए थे। मुझे नहीं बताने की जरूरत मैं कौन हूं, कौन नहीं है। हमारे काम बताएंगे। मैं न तो किसी जत्थेबंदी का दुश्मन हूं, न कुछ। जो हमारे दुश्मनों की मदद करेगा, हम उसको सबक सिखाएंगे। मेरा दुश्मन उन्होंने अपने घर पर रखा। उसको संभाला। उनको पाकिस्तान से हथियार दिलवाए। मैं आपको पाकिस्तान में बैठे उन लोगों के नाम बता सकता हूं, जिनकी गारंटी पर हरदीप निज्जर ने अर्श डाला को हथियार दिलवाए थे। कनाडा के जांचकर्ताओं ने एक फोटो जारी की थी। फोटो में सिल्वर रंग की 2008 टोयोटा कैमरी ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के 128 स्ट्रीट और 72 एवेन्यू के चौराहे पर दिख रही है। पुलिस ने दावा किया था कि हत्या करने के बाद हमलावर इसी गाड़ी से भागे थे। निज्जर का मर्डर कैसे हुआ था, जानिए निज्जर की हत्या 18 जून 2023 की शाम करीब 8:30 बजे हुई थी। वह कनाडा के सरे स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारा की कमेटी का अध्यक्ष था और वह गुरुद्वारे में ही मौजूद था। जब निज्जर गुरुद्वारे से निकला और अपनी ग्रे रंग की रैम पिकअप ट्रक में बैठकर पार्किंग से बाहर जाने लगा, तब हमलावर पहले से ही घात लगाकर तैयार थे। जैसे ही निज्जर का ट्रक पार्किंग के एग्जिट गेट (निकास द्वार) की तरफ बढ़ा, अचानक एक सफेद रंग की सेडान कार उसके ट्रक के समानांतर चलने लगी। उस वैन ने तेजी से आगे आकर निज्जर के ट्रक के ठीक सामने अपनी गाड़ी अड़ा दी। इस वजह से निज्जर का ट्रक पूरी तरह ब्लॉक हो गया और वह आगे नहीं बढ़ सका। ट्रक के रुकते ही पास में छिपे दो नकाबपोश शूटर (जिन्होंने हुड वाली गहरे रंग की पोशाक पहनी थी) तेजी से निज्जर के ट्रक की तरफ दौड़े। उन्होंने निज्जर की ड्राइविंग सीट की खिड़की पर आकर ऑटोमैटिक हथियारों से अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। हमलावरों ने करीब 50 राउंड फायरिंग की, जिसमें से 34 गोलियां निज्जर को लगीं। निज्जर की मौके पर ही मौत हो गई थी। फायरिंग के बाद दोनों शूटर गुरुद्वारे के मैदान से भागकर पास की एक गली में गए। वहां पहले से ही एक सिल्वर कलर की कार (जिसमें ड्राइवर सहित तीन अन्य लोग मौजूद थे) उनका इंतजार कर रही थी। शूटर उस कार में बैठे और तेजी से फरार हो गए थे। **************** ये खबर भी पढ़ें: खालिस्तानी हरदीप निज्जर की हत्या का पूरा VIDEO: गुरुद्वारा पार्किंग से बाहर निकलते ही 6 आरोपियों ने घेरा, 2 शूटरों ने चलाईं 50 गोलियां कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का एक नया CCTV सामने आया है। जिसमें हथियारबंद लोग निज्जर को गोलियां मारते दिख रहे हैं। कनाडा की न्यूज एजेंसी CBC की रिपोर्ट के मुताबिक इसे ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो की निजी तौर पर कई सोर्स से पुष्टि की गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
बांग्लादेश में 2 साल में 457 फैक्ट्रियां बंद:2026 में 62 हजार नौकरियां गईं, गैस संकट से 800 कंपनियों के बंद होने का खतरा

बांग्लादेश के उद्योगों पर संकट गहराता जा रहा है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो साल में देश के 7 प्रमुख औद्योगिक इलाकों में 457 औद्योगिक इकाइयां स्थायी रूप से बंद हो चुकी हैं। इनमें 108 गारमेंट उद्योग से जुड़ी यूनिट्स शामिल हैं। फैक्ट्रियां बंद होने का सीधा असर रोजगार पर पड़ा है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 95 फैक्ट्रियां बंद हुईं और 61,881 लोगों की सीधी नौकरी चली गई। बंद फैक्ट्रियों का संकट सिर्फ कपड़ा उद्योग तक सीमित नहीं पिछले दो साल में बंद हुई 457 फैक्ट्रियों में कपड़ा और गारमेंट से जुड़ी फैक्ट्रियों के साथ दूसरे उद्योगों की इकाइयां भी शामिल हैं। इनमें 287 इकाइयां अन्य मैन्युफैक्चरिंग कारोबार से जुड़ी थीं। यानी बांग्लादेश में उद्योगों की मुश्किल किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है। बढ़ती लागत और ऊर्जा संकट का असर अलग-अलग तरह के कारखानों पर पड़ रहा है। गैस की कमी ने संकट और बढ़ाया सबसे बड़ी परेशानी ऊर्जा की कमी को लेकर है। अगस्त की शुरुआत में गाजीपुर में गैस का दबाव इतना कम हो गया कि 700 से 800 फैक्ट्रियों में काम रोकना पड़ा या कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजना पड़ा। गैस की कमी से बॉयलर और दूसरी मशीनें पूरी क्षमता से नहीं चल पातीं। इससे उत्पादन घटता है और फैक्ट्रियों के लिए विदेशी खरीदारों के ऑर्डर समय पर पूरा करना मुश्किल हो जाता है। दूसरे देशों का रुख कर सकते हैं विदेशी खरीदार गैस की कमी से अभी जो फैक्ट्रियां बंद हैं, उनके लिए ज्यादा दिन तक काम रोकना मुश्किल हो सकता है। फैक्ट्री बंद होने के बाद भी कर्मचारियों की तनख्वाह, बैंक का कर्ज और बाकी खर्च देने पड़ते हैं। गैस की जगह डीजल या एलपीजी से काम चलाने पर खर्च और बढ़ जाता है। ऐसे में अगर संकट लंबा चला तो कई फैक्ट्रियों के लिए दोबारा काम शुरू करना मुश्किल हो सकता है। ऊर्जा संकट का असर सिर्फ फैक्ट्रियों में कामकाज पर नहीं पड़ रहा है। इससे बांग्लादेश के लिए विदेशी कंपनियों से कारोबार हासिल करना भी मुश्किल हो रहा है। अगर फैक्ट्रियां समय पर ऑर्डर पूरा नहीं कर पाईं तो विदेशी खरीदार दूसरे देशों का रुख कर सकते हैं। इससे बांग्लादेश की फैक्ट्रियों की कमाई घटेगी और कर्मचारियों की तनख्वाह, कर्ज और बाकी खर्च संभालना और मुश्किल हो जाएगा। गैस नहीं मिली तो कपड़ा उद्योग पर और संकट बांग्लादेश के निर्यात कारोबार में कपड़ा और तैयार कपड़ों का बड़ा हिस्सा है। इनके लिए धागा बनाने, कपड़े की रंगाई और दूसरे शुरुआती काम करने वाली फैक्ट्रियां जरूरी हैं। अगर इन्हें पर्याप्त गैस नहीं मिली तो आगे तैयार कपड़े बनाने वाली फैक्ट्रियों का काम भी प्रभावित होगा। इसी वजह से उद्योग संगठनों ने इन इकाइयों को गैस सप्लाई में प्राथमिकता देने की मांग की है। उद्योग संगठनों ने सरकार से यह भी कहा है कि फैक्ट्रियों को रोजाना गैस की उपलब्धता और दबाव की जानकारी दी जाए, ताकि वे उसी हिसाब से उत्पादन की तैयारी कर सकें। इसके अलावा गैस संकट से परेशान छोटी और मझोली फैक्ट्रियों को बैंक कर्ज चुकाने में कुछ समय की राहत देने और मजदूरों से जुड़े विवाद जल्द सुलझाने की मांग की गई है। आने वाले दिनों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि गैस और बिजली का संकट कब तक बना रहता है। अभी कई फैक्ट्रियां कम क्षमता पर चल रही हैं। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे और विदेशी ऑर्डर भी कमजोर रहे, तो आर्थिक दबाव झेल रही कई और फैक्ट्रियां बंद हो सकती हैं। इसका असर सिर्फ रोजगार पर नहीं पड़ेगा। स्थानीय कारोबार और बांग्लादेश की निर्यात कमाई भी प्रभावित हो सकती है।
Ranveer Singh Emotional Over Dhurandhar Success

14 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘धुरंधर’ की जबरदस्त कामयाबी ने रणवीर सिंह को भावुक कर दिया है। अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह फिल्म को मिले प्यार और सपोर्ट की बात करते हुए भावुक नजर आए। रणवीर ने खास तौर पर अंबानी परिवार और जियो स्टूडियोज का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने फिल्म पर भरोसा जताया। अपने करियर के इस खास पड़ाव पर रणवीर ने उस समर्थन और प्रोत्साहन को याद किया, जो उन्हें फिल्म के सफर में मिला। वीडियो में उनके चेहरे पर भावुकता साफ नजर आती है। उनके लिए ‘धुरंधर’ की सफलता सिर्फ बॉक्स ऑफिस की जीत नहीं, बल्कि भरोसे और साथ की जीत भी है। फिल्म की सफलता पर भावुक हुए रणवीर रणवीर सिंह ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ‘धुरंधर’ को मिले प्यार पर प्रतिक्रिया दी है। वीडियो में वह फिल्म के सफर और उसे मिले समर्थन की बात करते हुए भावुक दिखाई देते हैं। अंबानी परिवार का किया खास जिक्र रणवीर ने फिल्म को मिले प्यार, समर्थन और प्रोत्साहन के लिए अंबानी परिवार का खास तौर पर आभार जताया। उन्होंने इस सपोर्ट को अपने लिए बेहद खास बताया। साथ ही जियो स्टूडियोज का शुक्रिया अदा किया, जिसने ‘धुरंधर’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर भरोसा किया। रणवीर के लिए सिर्फ फिल्म नहीं, भावनात्मक सफर ‘धुरंधर’ रणवीर के लिए महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रहा है। फिल्म में रणवीर सिंह ने हमजा अली मजारी नाम के एक अंडरकवर जासूस का किरदार निभाया है। बाद में पता चलता है कि उसका असली नाम जसकीरत सिंह रांगी है, जिसे एक बेहद खतरनाक डीप-कवर मिशन पर भेजा जाता है। कहानी में एक्शन, जासूसी और राजनीतिक घटनाक्रम को जोड़ा गया है। आदित्य धर के साथ पहली बड़ी स्पाई फ्रेंचाइजी फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है। इसमें रणवीर के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना और आर. माधवन जैसे कलाकार नजर आए। कहानी को दो हिस्सों में बनाया गया, जिसमें पहला पार्ट बड़े क्लिफहैंगर पर खत्म हुआ। दूसरे पार्ट में आगे बढ़ी कहानी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में रणवीर का किरदार अपनी पहचान बदलकर पाकिस्तान के अपराध और राजनीतिक नेटवर्क के भीतर काम करता दिखाई देता है। कहानी में मिशन के साथ बदला, विश्वासघात और निजी नुकसान का भावनात्मक पहलू भी जुड़ता है। कामयाबी ने रणवीर को किया भावुक रणवीर के लिए इस वक्त की खास बात सिर्फ ‘धुरंधर’ की सफलता नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करना है जिन्होंने इस सफर में उनका साथ दिया। अंबानी परिवार और जियो स्टूडियोज का नाम लेते हुए अभिनेता का भावुक होना इसी एहसान और जुड़ाव को दिखाता है। ____________________________ रणवीर सिंह की यह खबर भी पढ़ें.. रणवीर सिंह की नई फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग शुरू:कल्याणी प्रियदर्शन संग नजर आएंगे एक्टर; धुरंधर’ की सफलता के बाद रणवीर का बड़ा प्रोजेक्ट अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी अगली फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग रविवार को मुंबई में शुरू कर दी है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह एक एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड (दुनिया के अंत) के संकट पर आधारित एक्शन थ्रिलर फिल्म है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Arwal Bihar Mid-Day Meal Controversy

Hindi News Career Arwal Bihar Mid Day Meal Controversy | Worms Found In School Food 15 मिनट पहले कॉपी लिंक बिहार के अरवल जिले के सदर प्रखंड के करीब 75 सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए गए खाने में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई। खाने में कीड़े देखकर बच्चों ने खाना खाने से इंकार कर दिया। कई जगहों पर प्लेटों में रखा खाना बच्चों ने फेंक दिया। यह मामला 18 अगस्त 2026 का है। कीड़े देखकर मचा हडकंप भोजन में कीड़े देखकर बच्चे सहम गए और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। स्कूल में खाना परोसने के दौरान कई स्कूलों में सब्जी के अंदर छोटे-छोटे सफेद कीड़े दिखाई दिए। जैसे ही बच्चों और रसोइयों की नजर सब्जी में मौजूद कीड़ों पर पड़ी, स्कूल प्रशासन ने तुरंत खाना परोसना बंद कर दिया। कई बच्चों ने अपनी थाली का खाना फेंक दिया। शिकायत मिलने पर रोकी खाने की सप्लाई मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी असगर हुसैन ने बताया कि मामले की जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन को भेजा गया है। अगर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल जिन स्कूलों में शिकायत मिली है, वहां भोजन की सप्लाई रोक दी गई है। अरवल जिले में स्कूलों के लिए मिड-डे मील की आपूर्ति ‘रॉयल मानव मित्र सेवा समिति’ नाम की एजेंसी के जिम्मे थी। इसी एजेंसी की ओर से स्कूलों में चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी पहुंचाई गई थी। खाने में नमक की जगह सर्फ परोसा 18 अगस्त को नालंदा के सरकारी स्कूल में बच्चों को मिड डे मील में अलग से नमक मांगने पर सर्फ (कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट पाउडर) परोस दिया गया। इस घटना के बाद 35 बच्चों से ज्यादा को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। यह घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के परासी मध्य विद्यालय की है। खाना खाने के बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर की शिकायत होने लगी। बीमार बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। ————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें… पटना के गर्दनीबाग में छात्र आंदोलन:BPSC TRE 4.0 की मांग को लेकर शुरू विरोध 13 मांगों तक पहुंचा, अनिश्चितकालीन आमरण अनशन जारी पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और झारखंड आंदोलन के बाद बिहार में छात्रों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। बिहार के पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक भर्ती (BPSC TRE 4.0) की मांग को लेकर छात्रों का ‘स्टूडेंट जस्टिस सत्याग्रह’ आंदोलन गर्दनीबाग धरना स्थल पर हो रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Deepika Padukone Spirit Movie Controversy

20 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘स्पिरिट’ विवाद में नया खुलासा, दीपिका को पूरी स्क्रिप्ट का नैरेशन नहीं मिला था प्रभास स्टारर ‘स्पिरिट’ से दीपिका पादुकोण के अलग होने का विवाद फिर सुर्खियों में है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में घटनाक्रम से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि दीपिका ने डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा से सिर्फ एक बार मुलाकात की थी। इस मुलाकात में वांगा करीब एक घंटे देर से पहुंचे और दीपिका को फिल्म की पूरी कहानी के बजाय सिर्फ वन-लाइन आइडिया बताया गया। सूत्र के मुताबिक, दीपिका पूरी नैरेशन के बिना किसी फिल्म को कमिट नहीं करतीं। ऐसे में उस समय ‘स्पिरिट’ उनकी कंसिडरेशन लिस्ट में थी ही नहीं। प्रॉफिट शेयर और दूसरी मांगों को लेकर सामने आए दावों के बीच यह नया खुलासा मामले को और पेचीदा बना रहा है। दीपिका और संदीप की सिर्फ एक बार हुई थी मुलाकात। सिर्फ एक बार हुई थी दीपिका और संदीप की मुलाकात ‘स्पिरिट’ में प्रभास के साथ पहले दीपिका पादुकोण के काम करने की खबरें थीं। बाद में वह इस प्रोजेक्ट से अलग हो गईं और तृप्ति डिमरी को फीमेल लीड के तौर पर कास्ट किया गया। अब सामने आई रिपोर्ट में घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया है कि दीपिका और संदीप रेड्डी वांगा की मुलाकात सिर्फ एक बार हुई थी। सूत्र के मुताबिक, इस मीटिंग में संदीप करीब एक घंटे देर से पहुंचे थे। इसके बावजूद दीपिका ने मीटिंग प्रोफेशनल तरीके से पूरी की। पूरी स्क्रिप्ट तो दूर, सिर्फ वन-लाइन सुनाई गई! सूत्र के मुताबिक, उस मुलाकात में दीपिका को ‘स्पिरिट’ की सिर्फ वन-लाइन कहानी बताई गई थी। उन्हें फिल्म का पूरा नैरेशन नहीं दिया गया था। रिपोर्ट में सूत्र ने दावा किया कि दीपिका किसी फिल्म को तब तक कमिट नहीं करतीं, जब तक उन्हें पूरी कहानी सुनाई न जाए। इसलिए उस समय ‘स्पिरिट’ को लेकर दीपिका की तरफ से कोई पक्की प्रतिबद्धता नहीं थी। फिल्म से उनके बाहर होने को लेकर सामने आई अलग-अलग वजहों के बीच यह दावा एक अलग तस्वीर पेश करता है। मीटिंग में करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे थे संदीप। संदीप के साथ दोबारा काम नहीं करना चाहतीं दीपिका? मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि सूत्र के मुताबिक दीपिका की संदीप रेड्डी वांगा के साथ भविष्य में काम करने की कोई इच्छा नहीं है। सूत्र ने इसकी वजह संदीप की महिलाओं को लेकर कथित सोच और उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाले नजरिए को बताया है। हालांकि, यह सूत्र का दावा है और दीपिका की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पहले 8 घंटे की टाइमिंग और फीस को लेकर आई थीं खबरें दीपिका के ‘स्पिरिट’ से अलग होने के बाद कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं। इनमें एक दावा था कि एक्ट्रेस ने नई मां होने के चलते शूटिंग के लिए फिक्स्ड 8 घंटे की वर्किंग डिमांड रखी थी। इसके अलावा फीस और फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी को लेकर भी कई खबरें सामने आईं। इसी हफ्ते संदीप रेड्डी वांगा के भाई प्रणय रेड्डी वांगा ने दावा किया कि दीपिका के फिल्म से बाहर होने की वजहों में 10% प्रॉफिट शेयर की मांग भी शामिल थी। उन्होंने कहा था कि फीस और शूटिंग टाइमिंग को लेकर भी बात हुई थी। अब नए दावे ने पूरे विवाद को फिर गरमाया एक तरफ मेकर्स की तरफ से फीस, टाइमिंग और दूसरी मांगों की बातें सामने आईं, तो दूसरी तरफ एक सूत्र का दावा है कि दीपिका को फिल्म की पूरी कहानी ही नहीं सुनाई गई थी। इसी वजह से ‘स्पिरिट’ से जुड़ा विवाद फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, इन अलग-अलग दावों के बीच अभी तक दीपिका की तरफ से कोई विस्तृत आधिकारिक सफाई नहीं आई है। तृप्ति डिमरी बनीं प्रभास की हीरोइन दीपिका के प्रोजेक्ट से अलग होने के बाद तृप्ति डिमरी को प्रभास के अपोजिट कास्ट किया गया। फिल्म का निर्देशन संदीप रेड्डी वांगा कर रहे हैं। फिल्म में विवेक ओबेरॉय भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। ‘स्पिरिट’ की रिलीज डेट 5 मार्च 2027 बताई गई है। ____________________________ दीपिका से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें ‘दीपिका ने फिल्म स्पिरिट की कहानी लीक की थी’:प्रोड्यूसर बोले- 10% प्रॉफिट मांगा था, मना किया तो कहानी लीक की; एक्ट्रेस को फिल्म से हटाया प्रभास की फिल्म ‘स्पिरिट’ से दीपिका पादुकोण के बाहर होने को लेकर नया खुलासा हुआ है। फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा के भाई प्रणय रेड्डी वांगा ने न्यूज चैनल NTV को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि दीपिका को फिल्म से हटाया गया था।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Delhi High Court Order | Janhvi Kapoor Obscene Content URLs Removed

1 मिनट पहले कॉपी लिंक जाह्नवी कपूर से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 552 URLs हटाने का आदेश दिया। जाह्नवी कपूर से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 552 URLs से ऐसा कंटेंट हटाने का आदेश दिया है, जिसमें अभिनेत्री की पहचान और तस्वीरों का कथित तौर पर अश्लील इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, करीब 6,884 URLs को एक साथ हटाने की मांग कोर्ट ने नहीं मानी। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि अलग-अलग तरह के कंटेंट पर एक जैसा आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ किसी सेलिब्रिटी के नाम या तस्वीर वाले हर फैन पेज को गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। जाह्नवी कपूर ने 11 अगस्त 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में 6,884 URLs हटाने की मांग की थी। 552 URLs पर कोर्ट ने दिया टेकडाउन का आदेश टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक, जाह्नवी कपूर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में इंटरनेट पर मौजूद करीब 6,884 URLs के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इनमें कथित अश्लील कंटेंट के अलावा तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले भी शामिल थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआती तौर पर 552 URLs पर मौजूद सामग्री को बेहद अश्लील या पोर्नोग्राफिक माना और इन्हें हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने माना कि इस कंटेंट के ऑनलाइन बने रहने से अभिनेत्री को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। लाइव लॉ के अनुसार, कोर्ट ने इन 552 URLs के संबंध में जाह्नवी का प्रथमदृष्टया मामला मजबूत पाया और अंतरिम राहत को उचित माना। 6,884 URLs पर एकमुश्त आदेश से इनकार कोर्ट ने जाह्नवी कपूर की सभी 6,884 URLs को एक साथ हटाने की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में URLs अलग-अलग तरह के कंटेंट से जुड़े हैं, इसलिए सभी पर एक जैसा ब्लैंकेट टेकडाउन आदेश देना उचित नहीं होगा। अदालत ने विवादित ऑनलाइन सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में देखने की जरूरत बताई। पहली श्रेणी में अश्लील या पोर्नोग्राफिक कंटेंट, दूसरी में अभिनेत्री के पर्सनैलिटी राइट्स से सीधे कमाई करने वाला कंटेंट और तीसरी में उनके नाम या पहचान का इस्तेमाल कर अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रोडक्ट या सर्विस को बढ़ावा देने वाली सामग्री शामिल है। फैन पेजों को लेकर कोर्ट ने क्या कहा? कोर्ट ने साफ किया कि किसी सेलिब्रिटी के नाम से चलने वाला हर फैन पेज अपने आप गैरकानूनी नहीं हो जाता। ऐसे पेजों पर कलाकार की तस्वीरें, वीडियो, फिल्मों से जुड़ी जानकारी, तारीफ या आलोचना जैसी सामग्री हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने इसी आधार पर सभी फैन पेज और URLs हटाने की मांग स्वीकार नहीं की। हालांकि, कोई अकाउंट अश्लील सामग्री पोस्ट करता है या सेलिब्रिटी की पहचान का इस्तेमाल कर व्यावसायिक फायदा कमाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। AI और डीपफेक कंटेंट भी बना था मुद्दा इस मामले में सामान्य ऑनलाइन पोस्ट के अलावा AI से बनाई गई तस्वीरों, डीपफेक और अभिनेत्री की पहचान का इस्तेमाल करने वाले अकाउंट्स से जुड़े मुद्दे भी सामने आए थे। कोर्ट ने आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री को बाकी कंटेंट से अलग करके देखने का फैसला किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Delhi High Court Order | Janhvi Kapoor Obscene Content URLs Removed

25 मिनट पहले कॉपी लिंक जाह्नवी कपूर से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 552 URLs हटाने का आदेश दिया। जाह्नवी कपूर से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 552 URLs से ऐसा कंटेंट हटाने का आदेश दिया है, जिसमें अभिनेत्री की पहचान और तस्वीरों का कथित तौर पर अश्लील इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, करीब 6,884 URLs को एक साथ हटाने की मांग कोर्ट ने नहीं मानी। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि अलग-अलग तरह के कंटेंट पर एक जैसा आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ किसी सेलिब्रिटी के नाम या तस्वीर वाले हर फैन पेज को गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। जाह्नवी कपूर ने 11 अगस्त 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में 6,884 URLs हटाने की मांग की थी। 552 URLs पर कोर्ट ने दिया टेकडाउन का आदेश टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक, जाह्नवी कपूर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में इंटरनेट पर मौजूद करीब 6,884 URLs के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इनमें कथित अश्लील कंटेंट के अलावा तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामले भी शामिल थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआती तौर पर 552 URLs पर मौजूद सामग्री को बेहद अश्लील या पोर्नोग्राफिक माना और इन्हें हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने माना कि इस कंटेंट के ऑनलाइन बने रहने से अभिनेत्री को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। लाइव लॉ के अनुसार, कोर्ट ने इन 552 URLs के संबंध में जाह्नवी का प्रथमदृष्टया मामला मजबूत पाया और अंतरिम राहत को उचित माना। 6,884 URLs पर एकमुश्त आदेश से इनकार कोर्ट ने जाह्नवी कपूर की सभी 6,884 URLs को एक साथ हटाने की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में URLs अलग-अलग तरह के कंटेंट से जुड़े हैं, इसलिए सभी पर एक जैसा ब्लैंकेट टेकडाउन आदेश देना उचित नहीं होगा। अदालत ने विवादित ऑनलाइन सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में देखने की जरूरत बताई। पहली श्रेणी में अश्लील या पोर्नोग्राफिक कंटेंट, दूसरी में अभिनेत्री के पर्सनैलिटी राइट्स से सीधे कमाई करने वाला कंटेंट और तीसरी में उनके नाम या पहचान का इस्तेमाल कर अप्रत्यक्ष रूप से किसी प्रोडक्ट या सर्विस को बढ़ावा देने वाली सामग्री शामिल है। फैन पेजों को लेकर कोर्ट ने क्या कहा? कोर्ट ने साफ किया कि किसी सेलिब्रिटी के नाम से चलने वाला हर फैन पेज अपने आप गैरकानूनी नहीं हो जाता। ऐसे पेजों पर कलाकार की तस्वीरें, वीडियो, फिल्मों से जुड़ी जानकारी, तारीफ या आलोचना जैसी सामग्री हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने इसी आधार पर सभी फैन पेज और URLs हटाने की मांग स्वीकार नहीं की। हालांकि, कोई अकाउंट अश्लील सामग्री पोस्ट करता है या सेलिब्रिटी की पहचान का इस्तेमाल कर व्यावसायिक फायदा कमाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। AI और डीपफेक कंटेंट भी बना था मुद्दा इस मामले में सामान्य ऑनलाइन पोस्ट के अलावा AI से बनाई गई तस्वीरों, डीपफेक और अभिनेत्री की पहचान का इस्तेमाल करने वाले अकाउंट्स से जुड़े मुद्दे भी सामने आए थे। कोर्ट ने आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री को बाकी कंटेंट से अलग करके देखने का फैसला किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Jodhawas School Renovation | Ashutosh Ranka Shares Video of New Work

Hindi News Career Jodhawas School Renovation | Ashutosh Ranka Shares Video Of New Work कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अपने एक्स अकाउंट पर जोधावास स्थित उस सरकारी स्कूल का वीडियो शेयर किया है जिसके खिलाफ 14 – 15 अगस्त को स्कूल के छात्रों ने आंदोलन किया था। इस स्कूल का नाम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय है। आशुतोष रांका ने छात्रों के इस आंदोलन का समर्थन तब भी किया था। फिलहाल उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए ये बताया है कि इस स्कूल में मरम्मत का काम शुरू हो गया है। जर्जर भवन को गिरा दिया गया है और वॉशरूम और प्लेग्राउंड का काम भी जल्द पूरा होगा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की हालत इतनी खराब थी कि क्लासरूम की छतों से पट्टियां टूट-टूट कर गिर रहीं थी। दीवारों में दरारें आ गई थी। स्कूल परिसर में अब बैठने लायक कमरे भी सुरक्षित नहीं बचे थे। ऐसे में अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर बच्चों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज किया। स्कूल की बदहाली से नाराज छात्रों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल के मेन गेट पर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने अधिकारियों से सीधे सवाल करते हुए पूछा – अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते? ग्रामीणों का कहना है कि वे इस जर्जर भवन की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठे प्रशासन को जगाने के लिए छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल की मरम्मत या नए कमरों का इंतजाम नहीं हो जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर बात की 14 अगस्त को प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सहमति बनी और धरना खत्म हुआ। मौके पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, CBEO और अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की। सीजेपी के सहसंयोजक आशुतोष रांका ने किया समर्थन इस प्रदर्शन में सीजेपी के सहसंयोजक आशुतोष रांका ने भी हिस्सा लिया। उनकी पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह पुलिस इंस्पेक्टर को चेतावनी देते हुए कहते हैं कि गलती से भी मेरे से पॉलिटिक्स मत खेलना, देश के शिक्षा मंत्री को हटाकर आए हैं। उन्होंने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी चेतावनी दी है कि स्कूलों की व्यवस्था जल्दी नहीं सुधरी, तो आपकी भी कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चेतावनी दी कि यदि 3 महीने में सभी जर्जर स्कूलों को ठीक नहीं कराया, तो आपकी कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। ——————————————————————————— ये खबर भी पढ़ें पटना के गर्दनीबाग में छात्र आंदोलन:BPSC TRE 4.0 की मांग को लेकर शुरू विरोध 13 मांगों तक पहुंचा, अनिश्चितकालीन आमरण अनशन जारी पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और झारखंड आंदोलन के बाद बिहार में छात्रों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। बिहार के पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक भर्ती (BPSC TRE 4.0) की मांग को लेकर छात्रों का ‘स्टूडेंट जस्टिस सत्याग्रह’ आंदोलन गर्दनीबाग धरना स्थल पर हो रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…





