Friday, 28 Aug 2026 | 04:04 AM

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ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:यह अमेरिका और कनाडा का बॉर्डर; दोनों देशों की पांच बड़ी झीलों में शामिल

ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:यह अमेरिका और कनाडा का बॉर्डर; दोनों देशों की पांच बड़ी झीलों में शामिल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। यह बदलाव अमेरिका के सरकारी नक्शों और भौगोलिक नामों में लागू होगा। हालांकि, ट्रम्प कनाडा को इस नए नाम का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। ट्रम्प ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% शुल्क लगाने का ऐलान किया था। ट्रम्प ने कनाडा को व्यापार के मामले में ‘सबसे मुश्किल’ देश बताते हुए कहा कि उसके रवैये को स्वीकार नहीं किया जा सकता। नाम बदलने का फैसला ट्रम्प के लिए नया नहीं है। पिछले साल उन्होंने मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ करने का आदेश दिया था। अब लेक ओंटारियो का नाम बदलने का फैसला भी कनाडा के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया है। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित पांच बड़ी झीलों में से एक है। इसका एक हिस्सा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य से और दूसरा हिस्सा कनाडा के ओंटारियो प्रांत से जुड़ा है। झील के एक तरफ न्यूयॉर्क है, जबकि दूसरी तरफ कनाडा का सबसे बड़ा शहर टोरंटो स्थित है। दोनों देशों की सीमा भी इस झील के बीच से गुजरती है। लेक ओंटारियो का नाम यूरोपीय लोगों के अमेरिका पहुंचने से भी पहले से चला आ रहा है। यह नाम ह्यूरॉन समुदाय की भाषा के एक शब्द से निकला है, जिसका अर्थ ‘चमकते पानी की झील’ बताया जाता है। बाद में कनाडा के ओंटारियो प्रांत का नाम भी इसी झील के नाम पर रखा गया। हालांकि, नाम बदलने को लेकर एक अहम बात है। दुनिया की अंतरराष्ट्रीय झीलों और जलक्षेत्रों के नाम तय करने वाली कोई एक वैश्विक संस्था नहीं है। अमेरिका अपने सरकारी दस्तावेजों और नक्शों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कह सकता है, लेकिन कनाडा अपनी तरफ से पुराने नाम ‘लेक ओंटारियो’ का इस्तेमाल जारी रख सकता है।