Samay Raina Controversy | BJP MLA Ram Kadam Statement on Bihar & Kashmir

18 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के वीडियो वायरल होने के बाद विरोध शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने रैना पर विवादित बयान देकर मुफ्त में पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया है। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड से शुरू हुआ विवाद समय रैना ने शुक्रवार को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सीजन-2 का नया एपिसोड रिलीज किया था। इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इनमें रैना और स्टैंडअप कॉमेडियन शेरॉन वर्मा के बीच उनके मूल स्थानों को लेकर बातचीत भी शामिल थी। शेरॉन वर्मा बिहार से हैं, जबकि समय रैना कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। इसी बातचीत से विवाद शुरू हुआ। बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर आपत्ति वायरल क्लिप के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रैना की टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। खासकर कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ लोगों ने कहा कि किसी समुदाय या क्षेत्र को कॉमेडी का विषय बनाकर उसका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। विवाद ने स्टैंडअप कॉमेडी में मजाक और सामाजिक संवेदनशीलता की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। राम कदम बोले- विवाद से पब्लिसिटी हासिल करना मकसद बीजेपी विधायक राम कदम ने समय रैना की कथित टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देते हैं ताकि उन्हें चर्चा और प्रसिद्धि मिल सके। राम कदम के मुताबिक, सनातन हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों को मजाक या उपहास का विषय नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जानबूझकर आपत्तिजनक बात कहकर बाद में माफी मांग ले, तो इससे उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उनके अनुसार, तब तक विवादित बयान के जरिए संबंधित व्यक्ति को देशभर में पब्लिसिटी मिल चुकी होती है। शो में अर्चना पूरन सिंह ने भी दिया करारा जवाब इसी एपिसोड में समय रैना ने अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह पर भी मजाक किया। एक कंटेस्टेंट ने बताया कि वह शायरी के अलावा डांस, व्लॉगिंग और रैपिंग भी करता है। व्लॉगिंग का जिक्र आते ही रैना ने अर्चना पूरन सिंह के फैमिली व्लॉग्स पर तंज कसते हुए कहा कि व्लॉगिंग के लिए टैलेंट की जरूरत नहीं होती। इस पर अर्चना ने तुरंत पलटकर जवाब दिया- ‘गालियां देना टैलेंट है।’ उनके जवाब पर शो में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं। पहले भी विवादों में रह चुका है शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ और समय रैना इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। शो की भाषा और कंटेंट को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने के बाद भी उनकी आलोचना हुई थी। कॉमेडियन सुनील पाल ने भी इस सम्मान पर सवाल उठाया था। ताजा विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फिर बहस तेज हो गई है कि कॉमेडी के नाम पर किसी क्षेत्र, समुदाय या धार्मिक समूह को लेकर की गई टिप्पणी की क्या सीमा होनी चाहिए। _______________________________ यह खबर भी पढ़ें.. समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ केस रद्द:दिव्यांगों पर कमेंट पर FIR हुई थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग टूर्नामेंट कराने की तारीफ की दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच के खिलाफ दर्ज केस शुक्रवार को रद्द कर दिए। इन पर इंजियाज गॉट लेटेंट शो में दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट और उनका मजाक उड़ाने FIR दर्ज की गई थी।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Samay Raina Controversy | BJP MLA Ram Kadam Statement on Bihar & Kashmir

2 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के वीडियो वायरल होने के बाद विरोध शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने रैना पर विवादित बयान देकर मुफ्त में पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया है। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के नए एपिसोड से शुरू हुआ विवाद समय रैना ने शुक्रवार को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सीजन-2 का नया एपिसोड रिलीज किया था। इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इनमें रैना और स्टैंडअप कॉमेडियन शेरॉन वर्मा के बीच उनके मूल स्थानों को लेकर बातचीत भी शामिल थी। शेरॉन वर्मा बिहार से हैं, जबकि समय रैना कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। इसी बातचीत से विवाद शुरू हुआ। बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर आपत्ति वायरल क्लिप के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रैना की टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। खासकर कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ लोगों ने कहा कि किसी समुदाय या क्षेत्र को कॉमेडी का विषय बनाकर उसका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। विवाद ने स्टैंडअप कॉमेडी में मजाक और सामाजिक संवेदनशीलता की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। राम कदम बोले- विवाद से पब्लिसिटी हासिल करना मकसद बीजेपी विधायक राम कदम ने समय रैना की कथित टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देते हैं ताकि उन्हें चर्चा और प्रसिद्धि मिल सके। राम कदम के मुताबिक, सनातन हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों को मजाक या उपहास का विषय नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जानबूझकर आपत्तिजनक बात कहकर बाद में माफी मांग ले, तो इससे उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उनके अनुसार, तब तक विवादित बयान के जरिए संबंधित व्यक्ति को देशभर में पब्लिसिटी मिल चुकी होती है। शो में अर्चना पूरन सिंह ने भी दिया करारा जवाब इसी एपिसोड में समय रैना ने अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह पर भी मजाक किया। एक कंटेस्टेंट ने बताया कि वह शायरी के अलावा डांस, व्लॉगिंग और रैपिंग भी करता है। व्लॉगिंग का जिक्र आते ही रैना ने अर्चना पूरन सिंह के फैमिली व्लॉग्स पर तंज कसते हुए कहा कि व्लॉगिंग के लिए टैलेंट की जरूरत नहीं होती। इस पर अर्चना ने तुरंत पलटकर जवाब दिया- ‘गालियां देना टैलेंट है।’ उनके जवाब पर शो में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं। पहले भी विवादों में रह चुका है शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ और समय रैना इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। शो की भाषा और कंटेंट को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने के बाद भी उनकी आलोचना हुई थी। कॉमेडियन सुनील पाल ने भी इस सम्मान पर सवाल उठाया था। ताजा विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फिर बहस तेज हो गई है कि कॉमेडी के नाम पर किसी क्षेत्र, समुदाय या धार्मिक समूह को लेकर की गई टिप्पणी की क्या सीमा होनी चाहिए। _______________________________ यह खबर भी पढ़ें.. समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ केस रद्द:दिव्यांगों पर कमेंट पर FIR हुई थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग टूर्नामेंट कराने की तारीफ की दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच के खिलाफ दर्ज केस शुक्रवार को रद्द कर दिए। इन पर इंजियाज गॉट लेटेंट शो में दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट और उनका मजाक उड़ाने FIR दर्ज की गई थी।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Salman Khan Rakshabandhan Video | Arpita Ties Rakhi In Mumbai Home

12 मिनट पहले कॉपी लिंक रक्षाबंधन पर सलमान खान और उनकी बहन अर्पिता खान शर्मा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें अर्पिता सलमान की आरती उतारकर उनकी कलाई पर राखी बांधती नजर आ रही हैं। पीछे दीवार पर जीसस क्राइस्ट और लियोनार्डो दा विंची की मशहूर पेंटिंग ‘द लास्ट सपर’ का म्यूरल दिख रहा है। इस दृश्य को सोशल मीडिया यूजर्स भारत की विविधता, सह-अस्तित्व और धार्मिक सौहार्द से जोड़ रहे हैं। अर्पिता ने की सलमान की आरती, बांधी राखी क्षाबंधन का यह सेलिब्रेशन सलमान की बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री के घर हुआ। अर्पिता खान शर्मा ने सोशल मीडिया पर इसकी झलक शेयर की। वीडियो में वह सफेद प्रिंटेड कुर्ते और दुपट्टे में, जबकि सलमान टी-शर्ट, जींस और ब्लैक काउबॉय स्टाइल हैट में नजर आ रहे हैं। अर्पिता पहले सलमान की आरती उतारती हैं, फिर उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं। पीछे दिखा जीसस और ‘द लास्ट सपर’ का म्यूरल राखी बांधने के दौरान पीछे दीवार पर जीसस क्राइस्ट की तस्वीर और लियोनार्डो दा विंची की मशहूर पेंटिंग ‘द लास्ट सपर’ दिखाई देती है। यही दृश्य सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का कारण बना। कई लोगों ने इसे भारत में अलग-अलग धर्मों के साथ रहने और एक-दूसरे की परंपराओं के सम्मान का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा? वीडियो सामने आने के बाद एक्स पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने इसे इंटरनेट का सबसे धर्मनिरपेक्ष वीडियो बताया। दूसरे यूजर ने लिखा कि एक मुस्लिम भाई को हिंदू पति से शादी करने वाली मुस्लिम बहन राखी बांध रही है और पीछे जीसस की तस्वीर है। एक अन्य यूजर ने अर्पिता और सलमान की तस्वीर को भारत में धर्मनिरपेक्षता की खास झलक बताया। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की अपनी राय हैं। राखी पर सलमान की कलाई भी दिखी रक्षाबंधन सेलिब्रेशन के बाद सलमान को घर के बाहर भी देखा गया। उनकी कलाई पर कई रंग-बिरंगी राखियां और माथे पर तिलक था। पैपराजी के कहने पर सलमान ने कुछ देर अपनी राखियां दिखाईं और फिर कार से रवाना हो गए। ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे सलमान सलमान खान जल्द फिल्म ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे। फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। इसका निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह भी उनके साथ नजर आएंगी। फिल्म की रिलीज डेट अभी घोषित नहीं हुई है। इसके अलावा सलमान ‘बिग बॉस’ के नए सीजन को होस्ट करेंगे, जिसका प्रीमियर 6 सितंबर को होना है। ________________________ यह खबर भी पढ़ें.. सलमान खान ने दिखाई राखियों से सजी कलाई:रक्षाबंधन पर शेयर की खास झलक; फैंस बोले- भाईजान का अंदाज दिल जीत गया रक्षाबंधन पर सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी राखियों से सजी कलाई की झलक शेयर की। एक्टर की कलाई पर कई राखियां बंधी नजर आ रही हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद यह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
‘दिमागी नक्सल’ पर BJP की मीम वॉर:मुन्ना भैया, रॉकी भाई से लेकर KGF तक के सीन इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को बीजेपी ने सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा बना दिया है। पार्टी की अलग-अलग राज्य इकाइयां फिल्मों और वेब सीरीज के चर्चित सीन से ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम बना रही हैं। इनमें मिर्जापुर के मुन्ना भैया और कलीन भैया से लेकर KGF और सिंघम के सीन शामिल हैं। हालांकि, कैंपेन का सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने शुरू की मीम वॉर 26 अगस्त को बीजेपी छत्तीसगढ़ ने ‘अवेंजर्स असेंबल’ पोस्ट कर दूसरे राज्यों की पार्टी इकाइयों को भी अभियान से जुड़ने का संदेश दिया था। इसके बाद बीजेपी के कई राज्य स्तरीय सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक के बाद एक मीम पोस्ट किए। इन पोस्ट में फिल्मों और वेब सीरीज के लोकप्रिय किरदारों और सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़ा गया। BJP इन मीम्स के जरिए युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। मुन्ना भैया के सीन से लेकर ‘सिंघम’ तक सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर के मुन्ना भैया वाले मीम की हुई। इसमें मुन्ना भैया एक छात्र को थप्पड़ मारते नजर आते हैं और बीजेपी ने छात्र को ‘दिमागी नक्सल’ के तौर पर दिखाया। बीजेपी छत्तीसगढ़ ने संदेश दिया कि ‘दिमागी नक्सल’ बनने के बजाय देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। इसके बाद बीजेपी ने सिंघम के एक सीन का इस्तेमाल किया। इसमें अभिनेता अजय देवगन के किरदार को एक गुंडे की पिटाई करते दिखाया गया और इसे ‘छत्तीसगढ़ स्टाइल’ में दिमागी नक्सल के इलाज से जोड़ा गया। दिल्ली बीजेपी ने मिर्जापुर के कलीन भैया वाले सीन से कैंपेन को आगे बढ़ाया। वहीं, गोवा BJP ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक सीन को राजनीतिक मीम में बदल दिया। KGF के मीम पर सबसे ज्यादा विवाद बीजेपी कर्नाटक के शेयर किए KGF के एक सीन पर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। इसमें रॉकी और उसके साथी पहाड़ी से विरोधियों पर गोलियां चलाते नजर आते हैं। बीजेपी ने इस सीन को एडिट कर अलग-अलग राज्य इकाइयों को हमलावरों और ‘दिमागी नक्सल’ को उनके विरोधियों के तौर पर पेश किया। पोस्ट में लिखा गया कि ‘दिमागी नक्सल’ के खिलाफ पूरी ताकत से अभियान जारी रहेगा। इस पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी पर हिंसक राजनीतिक भाषा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि Gen Z या युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है तो फिल्मों के हिंसक सीन के जरिए जवाब देना क्या सही है। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उठाए सवाल कैंपेन को लेकर विपक्ष और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी की आलोचना की। एक यूजर ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, गोलियों या हिंसा के संकेतों से नहीं। पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने भी अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश में हिंसक राजनीतिक बयानबाजी को सामान्य बनाने में भूमिका निभाई है। हर राज्य इकाई दूसरी की पोस्ट को आगे बढ़ा रही पिछले कुछ दिनों में बीजेपी के सोशल मीडिया कैंपेन में एक पैटर्न देखने को मिला है। एक राज्य इकाई ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम पोस्ट करती है, दूसरी उसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देती है और तीसरी नया मीम जोड़ देती है। BJP IT सेल से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक, इसका मकसद अलग-अलग राज्यों के सोशल मीडिया नेटवर्क को एक साथ सक्रिय करना है। इससे एक राज्य की पोस्ट दूसरे राज्यों के यूजर्स तक भी पहुंच सकती है और पार्टी का राजनीतिक नैरेटिव ज्यादा लोगों तक ले जाया जा सकता है। Instagram पर भी अभियान बढ़ाने की तैयारी BJP का यह कैंपेन X तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की सोशल मीडिया टीम का अगला फोकस Instagram है, जहां Gen Z की बड़ी मौजूदगी है। पार्टी की रणनीति लोकप्रिय फिल्मों और पॉप कल्चर के वायरल सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़कर ज्यादा युवाओं तक पहुंच बनाने की है। बीजेपी के एक नेता ने इस अभियान को अभी सिर्फ ‘ट्रेलर’ बताया है।
‘दिमागी नक्सल’ पर BJP की मीम वॉर:मुन्ना भैया, रॉकी भाई से लेकर KGF तक के सीन इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को बीजेपी ने सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा बना दिया है। पार्टी की अलग-अलग राज्य इकाइयां फिल्मों और वेब सीरीज के चर्चित सीन से ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम बना रही हैं। इनमें मिर्जापुर के मुन्ना भैया और कलीन भैया से लेकर KGF और सिंघम के सीन शामिल हैं। हालांकि, कैंपेन का सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने शुरू की मीम वॉर 26 अगस्त को बीजेपी छत्तीसगढ़ ने ‘अवेंजर्स असेंबल’ पोस्ट कर दूसरे राज्यों की पार्टी इकाइयों को भी अभियान से जुड़ने का संदेश दिया था। इसके बाद बीजेपी के कई राज्य स्तरीय सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक के बाद एक मीम पोस्ट किए। इन पोस्ट में फिल्मों और वेब सीरीज के लोकप्रिय किरदारों और सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़ा गया। BJP इन मीम्स के जरिए युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। मुन्ना भैया के सीन से लेकर ‘सिंघम’ तक सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर के मुन्ना भैया वाले मीम की हुई। इसमें मुन्ना भैया एक छात्र को थप्पड़ मारते नजर आते हैं और बीजेपी ने छात्र को ‘दिमागी नक्सल’ के तौर पर दिखाया। बीजेपी छत्तीसगढ़ ने संदेश दिया कि ‘दिमागी नक्सल’ बनने के बजाय देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। इसके बाद बीजेपी ने सिंघम के एक सीन का इस्तेमाल किया। इसमें अभिनेता अजय देवगन के किरदार को एक गुंडे की पिटाई करते दिखाया गया और इसे ‘छत्तीसगढ़ स्टाइल’ में दिमागी नक्सल के इलाज से जोड़ा गया। दिल्ली बीजेपी ने मिर्जापुर के कलीन भैया वाले सीन से कैंपेन को आगे बढ़ाया। वहीं, गोवा BJP ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक सीन को राजनीतिक मीम में बदल दिया। KGF के मीम पर सबसे ज्यादा विवाद बीजेपी कर्नाटक के शेयर किए KGF के एक सीन पर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। इसमें रॉकी और उसके साथी पहाड़ी से विरोधियों पर गोलियां चलाते नजर आते हैं। बीजेपी ने इस सीन को एडिट कर अलग-अलग राज्य इकाइयों को हमलावरों और ‘दिमागी नक्सल’ को उनके विरोधियों के तौर पर पेश किया। पोस्ट में लिखा गया कि ‘दिमागी नक्सल’ के खिलाफ पूरी ताकत से अभियान जारी रहेगा। इस पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी पर हिंसक राजनीतिक भाषा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि Gen Z या युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है तो फिल्मों के हिंसक सीन के जरिए जवाब देना क्या सही है। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उठाए सवाल कैंपेन को लेकर विपक्ष और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी की आलोचना की। एक यूजर ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, गोलियों या हिंसा के संकेतों से नहीं। पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने भी अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश में हिंसक राजनीतिक बयानबाजी को सामान्य बनाने में भूमिका निभाई है। हर राज्य इकाई दूसरी की पोस्ट को आगे बढ़ा रही पिछले कुछ दिनों में बीजेपी के सोशल मीडिया कैंपेन में एक पैटर्न देखने को मिला है। एक राज्य इकाई ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम पोस्ट करती है, दूसरी उसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देती है और तीसरी नया मीम जोड़ देती है। BJP IT सेल से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक, इसका मकसद अलग-अलग राज्यों के सोशल मीडिया नेटवर्क को एक साथ सक्रिय करना है। इससे एक राज्य की पोस्ट दूसरे राज्यों के यूजर्स तक भी पहुंच सकती है और पार्टी का राजनीतिक नैरेटिव ज्यादा लोगों तक ले जाया जा सकता है। Instagram पर भी अभियान बढ़ाने की तैयारी BJP का यह कैंपेन X तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की सोशल मीडिया टीम का अगला फोकस Instagram है, जहां Gen Z की बड़ी मौजूदगी है। पार्टी की रणनीति लोकप्रिय फिल्मों और पॉप कल्चर के वायरल सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़कर ज्यादा युवाओं तक पहुंच बनाने की है। बीजेपी के एक नेता ने इस अभियान को अभी सिर्फ ‘ट्रेलर’ बताया है।
नेपाल बाढ़ में बैंक का लॉकर बहा, ₹57 लाख लूटे:सेफ तोड़कर कैश निकालने के आरोप में 29 हिरासत में

नेपाल में भीषण बाढ़ के दौरान भोटेकोशी इलाके से एक बैंक का लॉकर बहकर कई किलोमीटर दूर पहुंच गया। बाद में धादिंग में मिले इस लॉकर को तोड़कर उसमें रखी नकदी निकालने के आरोप में पुलिस ने 29 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक लॉकर बाढ़ में बहने के बाद बेलखुखोला के पास मिला था। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय लोगों ने लॉकर तोड़कर उसके अंदर रखा कैश निकाल लिया है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती तलाशी में पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों के पास से 92.68 लाख नेपाली रुपए यानी करीब 57 लाख रुपए बरामद किए। कैश निकालने के आरोपी 19 से 49 साल के बीच पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोग गलछी-4 के मस्तार के रहने वाले हैं। कुछ गलछी-6 के आदमघाट और सिद्धलेक-7 के आदमतार के रहने वाले हैं। वहीं कुछ लोग मूल रूप से चितवन और परसा के हैं और फिलहाल धादिंग में रह रहे हैं। सभी की उम्र 19 से 49 साल के बीच है। पुलिस अब बरामद रकम के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामले में और लोग शामिल हैं या नहीं। महिला के शव से बालियां चुराने वाले 2 गिरफ्तार इसी दौरान नेपाल में बाढ़ से जुड़ी एक और चोरी का मामला सामने आया। नारायणी नदी में बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए एक महिला के शव से सोने की बालियां निकालने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की। वीडियो में दो लोग बाढ़ में बहकर आए महिला के शव से कथित तौर पर सोने की बालियां निकालते दिखाई दे रहे हैं। नेपाल की बाढ़ में में 626 मौतें, 2426 लापता नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ में 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग लापता हैं। शुक्रवार रात तक 1,924 लोगों के लापता होने की जानकारी थी। वहीं, 517 विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान जारी है। खबर अपडेट हो रही है…
नेपाल बाढ़ में बैंक का लॉकर बहा, ₹57 लाख लूटे:सेफ तोड़कर कैश निकालने के आरोप में 29 हिरासत में

नेपाल में भीषण बाढ़ के दौरान भोटेकोशी इलाके से एक बैंक का लॉकर बहकर कई किलोमीटर दूर पहुंच गया। बाद में धादिंग में मिले इस लॉकर को तोड़कर उसमें रखी नकदी निकालने के आरोप में पुलिस ने 29 लोगों को हिरासत में लिया है। धादिंग पुलिस के मुताबिक, सेफ 10 सितंबर को रसुवा के भोटेकोशी इलाके में आई बाढ़ में बह गया था। यह बाद में धादिंग के गलछी ग्रामीण नगरपालिका-4 में बेलखुखोला के पास त्रिशूली नदी किनारे मिला। लॉकर तोड़कर निकाली कैश पुलिस को 12 सितंबर को सूचना मिली कि कुछ स्थानीय लोगों ने सेफ तोड़कर उसके अंदर रखी रकम निकाल ली है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती तलाशी में पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों के पास से 92,68,505 नेपाली रुपए यानी करीब 57 लाख रुपए बरामद किए। हिरासत में लिए गए लोगों की उम्र 19 से 49 साल के बीच है। इनमें ज्यादातर गलछी-4 के मस्तार के रहने वाले हैं। कुछ लोग गलछी-6 के आदमघाट और सिद्धलेक-7 के आदमतार के रहने वाले हैं। कुछ मूल रूप से चितवन और परसा के हैं और फिलहाल धादिंग में रह रहे हैं। पुलिस खंगाल रही कैश का स्रोत पुलिस अब बरामद रकम के स्रोत का पता लगा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लॉकर तोड़ने और कैश निकालने की घटना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। महिला के शव से बालियां चुराने वाले 2 गिरफ्तार इसी दौरान नेपाल में बाढ़ से जुड़ी एक और चोरी का मामला सामने आया। नारायणी नदी में बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए एक महिला के शव से सोने की बालियां निकालने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की। वीडियो में दो लोग बाढ़ में बहकर आए महिला के शव से कथित तौर पर सोने की बालियां निकालते दिखाई दे रहे हैं। बाढ़ में 626 मौतें, 2,426 लापता नेपाल की आपदा प्राधिकरण के शनिवार के अपडेट के मुताबिक, बाढ़ में 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग लापता हैं। शुक्रवार रात तक लापता लोगों की संख्या 1,924 थी। वहीं, 517 विदेशी नागरिकों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है। बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान जारी है। खबर अपडेट हो रही है…
पंजाब के 3 लोग नेपाल की बाढ़ में लापता:इनमें जीजा-साले भी शामिल; परिवार से आखिरी बार वीडियो कॉल पर बात हुई थी

नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ में तरनतारन जिले के तीन लोग लापता हो गए हैं। इनमें गांव रत्तोके के रहने वाले शमशेर सिंह संधू और उनके दो रिश्तेदार शामिल हैं। शमशेर सिंह संधू नेपाल में एंड्रिट्ज कंपनी के त्रिशूल अपर पावर हाउस प्रोजेक्ट में क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम करते हैं। उनके साथ ही उनका साला भुपिंदर सिंह और एक अन्य साले का बेटा रशपाल सिंह नेपाल में रह रहे थे। परिवार के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के दौरान तीनों का संपर्क अचानक से टूट गया। परिवार के सदस्य गुरजंट सिंह के मुताबिक, शमशेर सिंह से 25 अगस्त को वॉट्सऐप कॉल के जरिए आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया। लगातार फोन और संपर्क की कोशिश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पंचायत ने डीसी से लगाई मदद की गुहार मामले को लेकर गांव की पंचायत भी सक्रिय हो गई है। गांव की सरपंच शोभा कुमारी ने पंचायत की ओर से तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर मदद की मांग की है। पंचायत ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया जाए। पंचायत की मांग है कि नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों के जरिए लापता लोगों की स्थिति का पता लगाया जाए और अगर वे किसी सुरक्षित स्थान पर हैं, तो उनके परिवार तक जल्द से जल्द जानकारी पहुंचाई जाए। मैप में देखिए कहां टूटा ग्लेशियर नेपाल में आई बाढ़ के बारे में जानिए… नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है। हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है। ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। तीन पॉइंट में जानिए नेपाल के हालात ************ ये खबर भी पढ़ें: पगड़ी पहने पंजाबी युवकों को होटल में नहीं मिली एंट्री: ऑस्ट्रिया में करवाया था बुक, बोले- पैसे भी रिफंड नहीं किए; प्रबंधन ने बताया ड्रेस कोड पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी।(पढ़ें पूरी खबर)
MP Group 3 Recruitment 2026

Hindi News Career MP Group 3 Recruitment 2026 | Apply Online For 1700 Vacancies At ESB 10 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने 1700 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। 29 अगस्त–17 सितंबर तक आवेदन में सुधार का मौका दिया जाएगा। रिटन एग्जाम का आयोजन 1 अक्टूबर को होगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार डिप्लोमा/बीई/बी टेक, ITI की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 34 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : सामान्य: 500 रुपए एमपी के एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, पीडब्ल्यूबीडी : 250 रुपए सैलरी : 32,800 – 1,03,600 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस: रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम एग्जाम पैटर्न : ऐसे करें आवेदन : MPESB की ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं। होम पेज पर Group-3 भर्ती 2026 के आवेदन लिंक पर क्लिक करें। नया पेज खुलने के बाद अपने पर्सनल डिटेल्स के साथ रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। सभी डिटेल्स की जांच करने के बाद फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ——————————————————————————— ये खबर भी पढ़ें गुजरात यूनिवर्सिटी के प्रदर्शन में नकली नोटों की बारिश:NSUI का विरोध, पूर्व VC पर 9.84 लाख बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर का आरोप नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और कांग्रेस नेता ने गुजरात यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति के खिलाफ 40 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
एक्टर चंद्रचूड़ की हवेली कब्जाई, चाची समेत 7 पर FIR:भाई बोले- फर्जी वसीयत बनवाकर प्रॉपर्टी हड़पी, अब पुलिस डील करेगी

अलीगढ़ में एक्टर चंद्रचूड़ सिंह की हवेली कब्जाने में उनकी चाची समेत 7 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु सिंह ने इस मामले में रोरावर थाने में FIR दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने करोड़ों की जमीन और पुरानी हवेली के फर्जी वसीयत तैयार कराने के बाद प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया। अभिमन्यु सिंह ने पुलिस को बताया- हमारी जमीनें जलालपुर के आसपास कई गांवों में हैं। पुश्तैनी हवेली भी है, जिस पर चाची गायत्री देवी सिंह ने लोगों के साथ मिलकर कब्जा कर लिया है। इस मामले में सिविल कोर्ट में मुकदमा पहसे से था, जिस पर अब क्रिमिनल एक्शन लिया है। अब आगे पुलिस ही डील करेगी। जलालपुर एस्टेट परिवार से आते हैं अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह चंद्रचूड़ सिंह ‘माचिस, जोश, क्या कहना’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनका परिवार अलीगढ़ के पुराने जमींदार परिवारों में गिना जाता है। उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह भारतीय सेना में अधिकारी रहे। वह 1985 में सदर विधानसभा सीट से विधायक बने थे। परिवार की जमीनें जलालपुर और आसपास के कई गांवों में फैली हैं। जमीनों पर छोटे-बड़े विवाद पहले भी होते रहे, लेकिन यह पहली बार मामला खुलकर सामने आया है। चाचा के निधन के बाद बढ़ा विवाद चंद्रचूड़ के चाचा गंगा सिंह लंबे समय से स्वीडन में रहते थे। भाई की मौत के बाद गंगा सिंह जलालपुर हवेली में आकर रहने लगे। अक्टूबर-2025 में गंगा सिंह का निधन हो गया। उसके बाद से ही पुश्तैनी संपत्ति, हवेली और ट्रस्ट से जुड़ी जमीनों पर कब्जे और दावेदारी को लेकर परिवार में तनातनी बढ़ गई। अब पढ़िए चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु ने बताया… दादा की मौत से एक दिन पहले बनी फर्जी वसीयत हमारे दादाजी अलीगढ़ के बहुत बड़े जमींदार थे। साल- 1997 में उनका निधन हुआ था। उनके निधन से ठीक एक दिन पहले एक फर्जी वसीयत तैयार कर ली गई थी। इस बड़े षड्यंत्र में परिवार के कुछ सदस्यों के साथ बाहरी लोग भी शामिल हैं। इस फर्जी वसीयत के जरिए सारी की सारी बेशकीमती जमीनें एक ही परिवार और दो लोगों के नाम ट्रांसफर कर दी गईं। तहसील कर्मियों से मिलीभगत वसीयत का कोई प्रोबेट भी नहीं कराया गया था। चाचा गंगा सिंह की पत्नी और बेटे ने फर्जी तरीके से हवेली और जमीन पर कब्जा किया। उन लोगों ने बेहद शातिर तरीके से तहसील कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व दस्तावेजों में हेर-फेर की। नाम बदलकर सालों तक इन जमीनों को अवैध रूप से बेचा है। हम मुंबई में थे, हमारे पीछे खेल होता रहा मेरा परिवार लंबे समय से मुंबई में रह रहा था। अलीगढ़ से दूर रहने के कारण इस बात की भनक तक नहीं लगी कि पैतृक संपत्तियों को कब्जा कर बेचा जा रहा है। अब धोखाधड़ी की जानकारी पर लीगल टीम को काम पर लगा दिया है। पैतृक संपत्ति में 1870 में बनी ऐतिहासिक हवेली द जलालपुर एस्टेट भी शामिल है। यह एक हेरिटेज प्रॉपर्टी है। सभी दस्तावेज निकाले गए हैं और उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है। कोर्ट में पहुंचा था मामला, अब क्रिमिनल एक्शन होगा चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु ने बताया- अलीगढ़ की अदालत में सिविल सूट दर्ज किया था। दो महीने से लगातार सबूत जुटा रहा था। अब इस मामले में क्रिमिनल केस दर्ज कराया है। इस जमीनी विवाद और धोखाधड़ी में न सिर्फ परिवार के लोग शामिल हैं, बल्कि कुछ स्थानीय राजनेता भी गलत तरीके से इसमें घुसने की कोशिश कर रहे हैं। इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। जलालपुर चौकी में बयान दर्ज कराए चंद्रचूड़ सिंह अपने भाई के साथ शनिवार को थाना रोरावर की जलालपुर चौकी पहुंचे। यहां पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया। अभिनेता ने अपनी पैतृक संपत्ति को फर्जी वसीयत के जरिए हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है। मुकदमे में चाची, कजिन भाई, बहन, एक विदेशी नागरिक, दो गवाह और वकील समेत सात लोगों को नामजद किया है। चंद्रचूड़ सिंह ने बताया- संपत्ति को लेकर चाचा के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा है। बेशकीमती पैतृक संपत्ति पर अधिकार जताने के लिए फर्जी वसीयत तैयार कराई गई और उसके आधार पर संपत्ति हड़पने की कोशिश की गई है। हमने सभी सबूत पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। ………………………… यह खबर भी पढ़ें सिंगर अंकित की पत्नी फूट-फूटकर रोईं, बोलीं- आत्मदाह कर लूंगी: पति के हत्यारों का एनकाउंटर हो, अब परिवार को कौन संभालेगा? शहर के बीचों-बीच चार बदमाशों ने खुलेआम मेरे पति की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों के चेहरे खुले थे। वो बेखौफ होकर आए, वारदात को अंजाम दिया और फिर आसानी से फरार हो गए। यह खबर भी पढ़ें







