Monday, 19 Oct 2026 | 12:35 AM

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RSS Chief Mohan Bhagwat London Visit

RSS Chief Mohan Bhagwat London Visit

लंदनकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक 100 से ज्यादा ब्रिटिश हिंदू संगठनों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का ब्रिटेन पहुंचने पर स्वागत किया। वे तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में गुरुवार को लंदन पहुंचे हैं। भागवत का दौरा संगठन की स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियानों का हिस्सा है। इस दौरे के तहत वे अमेरिका और कनाडा भी जा चुके हैं। ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री डैन जार्विस ने गुरुवार को संसद में लिखित सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भागवत की यात्रा देश के इमिग्रेशन नियमों की शर्तें पूरी करती है। दरअसल, ब्रिटिश-भारतीय सांसद नादिया व्हिटोम ने पिछले हफ्ते संसद में सवाल पूछा था कि कि क्या इस दौरे की पूरी समीक्षा नियमों के तहत की गई है मोहन भागवत ने 31 अगस्त को कनाडा में एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। मंत्री ने कहा- सभी लोगों को इमिग्रेशन नियम पूरे करने होंगे मंत्री डैन जार्विस ने जवाब दिया कि गृह मंत्रालय व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। हालांकि, मंत्रालय खतरों की पूरी श्रेणी से निपटने और हिंसा व व्यक्तियों तथा समुदायों के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने वाले विचार फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “ब्रिटेन में प्रवेश की मांग करने वाले सभी लोगों को इमिग्रेशन नियमों की शर्तें पूरी करनी होंगी।” 2018 में भी अमेरिका गए थे भागवत मोहन भागवत इससे पहले सितंबर 2018 में अमेरिका गए थे। उन्होंने शिकागो में 7 से 9 सितंबर 2018 तक आयोजित दूसरे वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में 60 देशों से करीब 2,500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। भागवत ने कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया था। 2018 के इस दौरे की उपलब्ध रिपोर्टों में भागवत की किसी अमेरिकी राजनयिक से मुलाकात या उन्हें किसी औपचारिक राजनयिक सम्मान दिए जाने का जिक्र नहीं मिलता। उनका दौरा मुख्य रूप से वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित था। —————————– ये खबर भी पढ़ें… न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता:हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े, गलत सोच इंसान को जानवरों के करीब ले जाती है RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त करीब 42 मिनट स्पीच दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

बिग बॉस 20 का घर बना ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’:गार्डन में शार्क से लेकर बेडरूम में बिच्छू तक, हर कोना सुनाएगा नई कहानी

बिग बॉस 20 का घर बना ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’:गार्डन में शार्क से लेकर बेडरूम में बिच्छू तक, हर कोना सुनाएगा नई कहानी

‘बिग बॉस 20’ का घर इस बार सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक अलग ही दुनिया नजर आ रहा है। शो की थीम ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग अंदाज में डिजाइन किया गया है। गार्डन में जानवरों और पक्षियों की आकृतियां, दीवारों पर कई आंखें, तालाब में शार्क, पेड़ पर सांप और एक अलग जिम एरिया नजर आता है। ड्राइंग रूम से लेकर किचन, डाइनिंग एरिया और बेडरूम तक हर जगह कोई न कोई कहानी छिपी है। इस बार घर को डिजाइन किया है वर्षा जैन ने। इसे तैयार करने में करीब डेढ़ महीने तक रोजाना 100 से ज्यादा लोग दिन-रात काम करते रहे। गार्डन में कदम रखते ही दिखेगा ‘अलग संसार’ बिग बॉस के घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले गार्डन एरिया नजर आता है। यहां दीवारों पर अलग-अलग जानवरों और पक्षियों की बड़ी-बड़ी आकृतियां बनाई गई हैं। एक तरफ गोरिल्ला नजर आता है तो दूसरी ओर ईगल की आकृति खास ध्यान खींचती है। बिग बॉस के हाथ पर बना ईगल भी इस डिजाइन का हिस्सा है। इसका शो की कहानी से क्या कनेक्शन है, यह आने वाले एपिसोड में सामने आएगा। गार्डन के एक हिस्से में पेड़ पर खतरनाक सांप की आकृति बनाई गई है। वहीं एक विचित्र प्राणी को कैंप लगाए हुए दिखाया गया है। यानी घर के बाहर का हिस्सा भी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि शो की थीम का हिस्सा है। स्विमिंग पूल में इस बार दिखेगी शार्क गार्डन का स्विमिंग पूल भी इस बार पहले जैसा सामान्य नहीं है। पानी के बीच शार्क की आकृति इसे बिल्कुल अलग लुक देती है। साफ पानी के बीच नजर आती शार्क घर के ‘इल्यूजन’ वाले कॉन्सेप्ट को और मजबूत करती है। गार्डन में कंटेस्टेंट्स के लिए छोटा जिम गार्डन एरिया में ही कंटेस्टेंट्स के लिए जिम बनाया गया है। यहां वे एक्सरसाइज और फिटनेस पर ध्यान दे सकेंगे। यानी घर के अंदर होने वाले तनाव और गेम के बीच फिटनेस के लिए भी अलग जगह रखी गई है। ड्राइंग रूम में हर चीज बताएगी अपनी कहानी गार्डन से आगे बढ़ते ही घर का ड्राइंग और लिविंग एरिया आता है। घर का हर हिस्सा अलग नजर आता है, लेकिन सभी हिस्से एक ही थीम से जुड़े हुए हैं। बेडरूम, किचन, लिविंग एरिया और टेरेस के रंग और कॉन्सेप्ट अलग रखे गए हैं, लेकिन ओवरऑल थीम एक ही है। यही वजह है कि एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते ही दर्शकों को अलग दुनिया का एहसास होगा। दीवारों पर बनी आंखें देंगी ‘हर चीज देखे जाने’ का एहसास घर की कुछ दीवारों पर बड़ी संख्या में आंखों की आकृतियां बनाई गई हैं। इनका मतलब भी सीधा है- घर के अंदर कुछ भी छिपा नहीं है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह डिजाइन बिग बॉस के उस मूल कॉन्सेप्ट को भी दर्शाता है, जिसमें कंटेस्टेंट्स लगातार कैमरों की निगरानी में रहते हैं। किचन में खाना कम, गॉसिप और झगड़े ज्यादा! अब पहुंचते हैं बिग बॉस के सबसे चर्चित हिस्सों में से एक- किचन एरिया में। यहां खाना बनाने के साथ-साथ गॉसिप, बहस और लड़ाई-झगड़े भी खूब होते हैं। इस बार किचन का लुक भी थीम के मुताबिक रखा गया है। फिलहाल यहां नजर आने वाली कुछ चीजें असली नहीं, बल्कि सेट का हिस्सा हैं। किचन से आगे बढ़ते ही डाइनिंग एरिया आता है। डाइनिंग टेबल पर खाने से ज्यादा होंगी बातें बिग बॉस के घर की डाइनिंग टेबल सिर्फ खाना खाने की जगह नहीं होती। यहां कंटेस्टेंट्स बैठकर एक-दूसरे से बातें करते हैं, रणनीतियां बनाते हैं और कई बार छोटी-सी बात बड़े विवाद में बदल जाती है। यही वजह है कि इस घर में डाइनिंग एरिया भी कहानी का अहम हिस्सा नजर आता है। बेडरूम में मधुमक्खी, बिच्छू और रंग-बिरंगी तितलियां घर का बेडरूम इस बार सबसे ज्यादा रहस्यमयी हिस्सों में से एक है। यहां दीवारों और आसपास के डिजाइन में मधुमक्खी, बिच्छू, छिपकली और रंग-बिरंगी तितलियों की आकृतियां नजर आती हैं। डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि रात में सोने वाला कंटेस्टेंट भी इस अजीबोगरीब दुनिया के बीच खुद को महसूस करे। बिच्छू और सांप जैसी आकृतियां जहां खतरे का संकेत देती हैं, वहीं तितलियां सपनों और कल्पना की दुनिया का एहसास कराती हैं। समुद्र में डूबती कश्ती भी डिजाइन का हिस्सा बेडरूम के एक हिस्से में पेड़ के पीछे समुद्र और डूबती हुई कश्ती का दृश्य दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे समुद्र में कोई नाव डूब रही हो और उसमें मौजूद लोग मुश्किल में हों। यह पूरा सेटअप ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ की थीम को आगे बढ़ाता है, जहां वास्तविक और काल्पनिक दुनिया के बीच की सीमा धुंधली नजर आती है। ऑक्टोपस चेस खेलेगा, जानवर भी देंगे संकेत घर में कई ऐसी चीजें रखी गई हैं, जो सामान्य दुनिया में संभव नहीं लगतीं। उदाहरण के तौर पर एक ऑक्टोपस को चेस खेलते हुए दिखाया गया है। इस तरह की ‘लार्जर दैन लाइफ’ आकृतियां दर्शकों को लगातार यह एहसास कराती हैं कि वे एक सामान्य घर नहीं, बल्कि एक काल्पनिक दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं। ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ है पूरे डिजाइन की थीम इस बार पूरे घर का कॉन्सेप्ट ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ पर आधारित है। गेम शो की थीम को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग बनाया गया है। यानी एक तरफ घर खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ उसमें छिपे सांप, बिच्छू, आंखें और दूसरी आकृतियां एक रहस्यमयी और चुनौतीपूर्ण दुनिया का एहसास कराती हैं। डेढ़ महीने में तैयार हुआ इतना बड़ा सेट इतने बड़े सेट को तैयार करना आसान नहीं था। डिजाइनर वर्षा जैन को फिजिकल कंस्ट्रक्शन में करीब डेढ़ महीने का समय लगा। हालांकि, उससे पहले डिजाइन को अंतिम रूप देने में काफी समय लगा। बारिश के मौसम में भी करीब 100 से ज्यादा मजदूर रोजाना दिन-रात काम करते रहे, ताकि तय समय में इतना बड़ा सेट तैयार किया जा सके। इस बार घर सिर्फ घर नहीं, कहानी का हिस्सा है बिग बॉस 20 के घर को देखकर साफ नजर आता है कि इस बार डिजाइन को सिर्फ खूबसूरत बनाने पर ध्यान

बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ की जयपुर में शूटिंग:हरियाणा पुलिस टीम की हॉस्पिटल में एंट्री; प्रकाश झा ने फिल्माए सीन

बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ की जयपुर में शूटिंग:हरियाणा पुलिस टीम की हॉस्पिटल में एंट्री; प्रकाश झा ने फिल्माए सीन

बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ के चौथे सीजन ‘आश्रम 4’ की शूटिंग जयपुर में शुरू हो गई है। मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल में कई सीन फिल्माए गए। प्रोड्यूसर-डायरेक्टर प्रकाश झा कलाकारों को उनके किरदार की बारीकियां समझाते नजर आए। कहानी के मुताबिक- हरियाणा पुलिस की टीम हॉस्पिटल में जांच के लिए पहुंचती है। पिंक सिटी के जवाहर सर्किल और एनआरआई क्षेत्र में भी शूटिंग की जाएगी। जल्द ही सीरीज के मेन लीड एक्टर बॉबी देओल भी जयपुर आएंगे और शूटिंग से जुड़ेंगे। ‘आश्रम 4’ में बॉबी के साथ चंदन रॉय सान्याल, अदिति पोहनकर, अक्षय ओबेरॉय, सचिन श्रॉफ, दर्शन कुमार, त्रिधा चौधरी और अनुप्रिया गोयनका भी हैं। आज हॉस्पिटल में त्रिधा चौधरी और अदिति पोहनकर पर सीन फिल्माए गए। हॉस्पिटल में शूटिंग के दौरान की देखें PHOTOS मुहूर्त के साथ शुरू हुई थी ‘आश्रम 4’ की शूटिंग ‘आश्रम’ के पिछले सीजन की शूटिंग जयपुर में की जा चुकी है। इस बार भी जयपुर को सीरीज के महत्वपूर्ण शूटिंग लोकेशन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शूटिंग के दौरान कलाकारों और क्रू की मौजूदगी से शहर में फिल्म और वेब सीरीज को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। हाल में मेकर्स ने जयपुर में हुई मुहूर्त सेरेमनी की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर ‘आश्रम 4’ की शूटिंग शुरू होने का एलान किया था। तस्वीर में टेबल पर रखा क्लैपरबोर्ड नजर आया, जिस पर ‘एक बदनाम आश्रम’ लिखा था। पोस्ट के साथ मेकर्स ने नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देते हुए ‘जपनाम’ के साथ शूटिंग शुरू होने की जानकारी साझा की थी। सीरीज के चौथे सीजन को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह है। पिछले सीजन्स में बाबा निराला के साम्राज्य, उसके प्रभाव और उससे जुड़े अपराधों की कहानी ने दर्शकों को बांधे रखा था। बाबा निराला के किरदार में फिर दिखेंगे बॉबी देओल प्रकाश झा के निर्देशन में बनी ‘आश्रम’ में बॉबी देओल ने काशीपुर वाले बाबा निराला का किरदार निभाया है। बाबा निराला खुद को भगवान का दूत बताकर लोगों की आस्था का फायदा उठाता है और धीरे-धीरे राजनीति, अपराध और अंधविश्वास के सहारे अपना प्रभावशाली साम्राज्य खड़ा करता है। सीरीज में उसके बढ़ते प्रभाव के साथ उसके साम्राज्य से जुड़े कई काले राज और अपराध सामने आते हैं। चौथे सीजन में कहानी आगे किस मोड़ पर जाएगी, इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। प्रकाश झा ने हॉस्पिटल में शुरू की नई स्वास्थ्य सुविधाएं ‘आश्रम 4’ की शूटिंग के दौरान प्रकाश झा ने मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर में टोटल नी रिप्लेसमेंट यूनिट और नियोनेटल इंसेंटिव केयर यूनिट का भी उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान प्रकाश झा ने अस्पताल प्रबंधन की इस पहल की सराहना की। झा ने कहा कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना समाज के लिए महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। प्रियंका हॉस्पिटल के चेयरमैन और सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जी.एल. शर्मा ने प्रकाश झा का आभार जताया।

Government School Infrastructure Crisis; Delhi Karnataka Cases

Government School Infrastructure Crisis; Delhi Karnataka Cases

Hindi News Career Government School Infrastructure Crisis; Delhi Karnataka Cases | UDISE Report Card 13 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में सरकारी स्कूलों की खस्ताहालत आए दिन सामने आ रही है। बुधवार को कर्नाटक के बागलकोट में एक सरकारी स्कूल की छत का कंक्रीट गिरने से 6 बच्चे घायल हो गए हैं। एक बच्चे के सिर में ज्यादा चोट आई है। ये हादसा तब हुआ जब स्कूल चल रहा था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी छात्रों को मामूली चोटें आईं और उनका अस्पताल में उचित इलाज चल रहा है। क्लास में बैठे थे बच्चे, अचानक कंक्रीट झड़ने लगा ये घटना उस समय हुई, जब छात्र रोज की तरह अपनी क्लास में पढ़ाई कर रहे थे। तभी अचानक क्लास की छत का एक हिस्सा टूट गया और कंक्रीट का मलबा नीचे बैठने की जगह पर गिरने लगा। इससे क्लास में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। पेरेंट्स पहले भी कर चुके हैं शिकायत इस घटना के बाद स्कूल में छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं बच्चों के पेरेंट्स का कहना है कि हम पहले भी स्कूल की जर्जर हालत को लेकर शिकायत कर चुके हैं। स्कूल की स्थाई मरम्मत की जानी चाहिए। CEO ने तुरंत मरम्मत के आदेश दिए स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के उप निदेशक (DDPI) इस घटना के बास स्कूल पहुंचे और उन्होंने घटना का संज्ञान लिया है। साथ ही CEO ने बताया कि पंचायत राज इंजीनियरिंग विभाग (PRED) को इमारत के टूटे हिस्से की तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए हैं। दिल्ली के स्कूल में पंखा गिरने से बच्ची का सिर फटा इसके साथ ही एक घटना दिल्ली के सागरपुर स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय से भी आई है। जहां बुधवार को क्लास में छात्राएं पढ़ रही थीं, उस दौरान अचानक पंखा गिरने से एक 12 साल की छात्रा के सिर पर गंभीर चोट लगी और उसके सर में 9 टांके आए हैं। इसी घटना में कक्षा 8वीं की एक और छात्रा भी घायल हुई। जांच के लिए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई साउथ वेस्ट जिले की उप शिक्षा निदेशक ने घटना की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई है। ये कमेटी तीन कार्य-दिवसों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस स्कूल की प्रिंसिपल करीब एक महीने पहले रिटायर हो चुकी थीं, और यह मामला जिला शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाया गया है। UDISE के मुताबिक 7.73 भवनों को मरम्मत की जरूरत ———————- ये खबर भी पढ़ें.. हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Virender Sehwag Praises Hanuman Ansh Movie

Virender Sehwag Praises Hanuman Ansh Movie

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखने के बाद पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने अपने बच्चे के साथ फिल्म देखने का अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया। सहवाग के रिएक्शन से फिल्म के निर्देशक और लेखक डॉ. विशाल चतुर्वेदी इमोशनल हो गए। साथ ही चतुर्वेदी ने कहा कि वो चाहते हैं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी यह फिल्म देखें। चतुर्वेदी ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि वह हमेशा से क्रिकेट के बड़े फैन रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिस दिन वीरेंद्र सहवाग ने संन्यास लिया, उसके बाद उन्होंने क्रिकेट देखना बंद कर दिया। निर्देशक के मुताबिक, फिल्म की टीम ने सहवाग से इसे देखने की अपील नहीं की थी। इसके बावजूद सहवाग ने अपने बच्चे के साथ खुद फिल्म देखने का फैसला किया और बाद में सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया शेयर की। निर्देशक ने कहा- जिंदगी का एक चक्र पूरा हुआ चतुर्वेदी ने कहा कि सहवाग के फिल्म देखने और उसकी तारीफ करने से उन्हें ऐसा लगा, जैसे उनकी जिंदगी का एक चक्र पूरा हो गया हो। उन्होंने कहा कि सहवाग का यह कदम उनके लिए दिल को छू लेने वाला था। अब चतुर्वेदी की इच्छा है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी ‘हनुमान अंश’ देखें। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा कुछ हो सकता है तो मैं चाहता हूं कि विराट और अनुष्का भी फिल्म देखें।” एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा नीम करौली बाबा को अपना गुरु बता चुकी हैं। 2022 में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा बेटी के साथ कैंची धाम गए थे। फिल्म का एक सीन सहवाग के दिल को छू गया पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए ‘हनुमान अंश’ फिल्म की बेहद भावुक और जोरदार तारीफ की है। सहवाग फिल्म के एक सीन से विशेष रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने बताया, “फिल्म का एक सीन मेरे दिल को छू गया, जहां महाराज जी के गले में सांप है और एक भक्त कहता है कि ‘आप तो शिव हैं एकदम भोले’। इस पर महाराज जी जवाब देते हैं- ‘भोले तो तुम हो। आंखें वही देखती हैं जो मन में होता है, और मन वही दिखाता है जो हृदय में होता है।’ सहवाग ने फैंस से कहा कि महाराज जी को पूरी तरह समझना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन इस फिल्म के जरिए उनकी एक सुंदर झलक पाना जरूर संभव है। इसलिए जो भी उन्हें जानता है या उनके बारे में सुनना चाहता है, उसे यह फिल्म सिनेमाघरों में जाकर जरूर देखनी चाहिए। बॉलीवुड सेलेब्स ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की तारीफ की है। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने फिल्म को लेकर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा: “हनुमान अंश कोई फिल्म नहीं है, यह एक सत्संग है। उन लोगों की खूबसूरती से बुनी गई छोटी-छोटी कहानियां जिन्होंने नीम करौली बाबा का साक्षात अनुभव किया था। अपनी थेरेपी छोड़िए और इसे देखने जाइए।” कंगना रनोट की पोस्ट। वहीं, फिल्म डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने इसे पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक केस स्टडी बताया है। उन्होंने कहा,”बिना किसी बड़े स्टार कास्ट वाली यह छोटे बजट की फिल्म फिल्म उद्योग के लिए एक अहम केस स्टडी है। यह साबित करती है कि सच्ची निष्ठा और दमदार कहानी हमेशा बॉक्स ऑफिस पर बड़े बजट की फिल्मों को मात दे सकती है।” इसके साथ ही उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी और इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाने के लिए दर्शकों का आभार जताया। फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बुधवार को भारत में ₹7.75 करोड़ नेट का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹72.97 करोड़ हो गया है। वहीं, अब तक फिल्म की भारत में कुल नेट कमाई ₹61.88 करोड़ पहुंच गई। फिल्म 11 सितंबर, 2026 को दुनियाभर में रिलीज हो रही है। फिल्म के बड़े चेहरों के बारे में जानिए डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। विशाल चतुर्वेदी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। शोभिनव सत्या। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले का अहम रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शो में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे कई शो कर चुके हैं। चंदन के. आनंद। सिंगर-सुनील लोधी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के चर्चित वायरल गाने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ को सिंगर सुनील लोधी ने गाया है। 25 वर्षीय सुनील नेत्रहीन (दिव्यांग) हैं और वे मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव ‘अगरा’ के रहने वाले हैं। वर्षों तक सुनील ने अपने गांव, स्थानीय मेलों और यहां तक कि ट्रेनों में भी भजन व बुंदेली लोकगीत गाए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गाने का मौका मिला। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

5 मिनट पहले कॉपी लिंक पुतिन ने गुरुवार को व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में भाषण दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्र में रूसी जहाजों को लेकर तनाव बढ़ गया है। रूस के नागरिक और कारोबारी जहाजों पर हमलों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है। उन्होंने इसे आतंकवाद करार दिया और कहा कि इससे रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की संभावना और मुश्किल हो रही है। पुतिन ने हाल में रूसी नागरिक जहाजों को जब्त किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने नॉर्वे की ओर से रूसी रिसर्च जहाज प्रोफेसर मोलचानोव को हिरासत में लिए जाने पर भी नाराजगी जताई। नॉर्वे ने यूक्रेन के कहने पर जहाज जब्त किया था नॉर्वे ने यूक्रेन की सरकारी कंपनी नाफ्टोगाज की मांग पर इस जहाज को हिरासत में लिया। उस वक्त ‘प्रोफेसर मोलचानोव’ स्वालबार्ड के बारेंट्सबर्ग इलाके में खड़ा था। यह रूस का सरकारी रिसर्च जहाज है। इस पर वैज्ञानिकों और रिसर्च से जुड़े कर्मचारियों के अलावा उनके परिवार और पर्यटक भी सफर करते हैं। यह स्वालबार्ड की रूसी बस्तियों के लिए जरूरी सामान भी पहुंचाता है। नॉर्वे ने यह जहाज किसी समुद्री प्रतिबंध के उल्लंघन के आरोप में नहीं, बल्कि एक पुराने मुआवजे के मामले में जब्त किया। 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद वहां नाफ्टोगाज की संपत्तियों पर नियंत्रण कर लिया था। इसके बाद नाफ्टोगाज ने रूस से मुआवजा मांगा। 2023 में हेग की एक अंतरराष्ट्रीय अदालत ने रूस को नाफ्टोगाज को करीब 4.22 अरब डॉलर देने का आदेश दिया। रूस ने अब तक यह रकम नहीं दी है। रूस का जहाज प्रोफेसर मोलचानोव मुरमान्स्क से स्वालबार्ड के बीच आता-जाता है। पुतिन बोले- यूक्रेन ने 100 रूसी जहाजों पर हमले किए पुतिन ने कहा कि उनकी नाराजगी सिर्फ नॉर्वे द्वारा जहाज जब्त किए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यूक्रेन अब समुद्र में रूसी नागरिक जहाजों को सीधे निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 दिनों के भीतर लगभग 100 रूसी व्यापारिक जहाजों पर हमले किए गए, जिनमें कई रूसी व विदेशी नाविकों की जान गई है। पुतिन ने चेतावनी दी कि रूस दुनिया के किसी भी कोने में इसका करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

6 मिनट पहले कॉपी लिंक पुतिन ने गुरुवार को व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में भाषण दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्र में रूसी जहाजों को लेकर तनाव बढ़ गया है। रूस के नागरिक और कारोबारी जहाजों पर हमलों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है। उन्होंने इसे आतंकवाद करार दिया और कहा कि इससे रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की संभावना और मुश्किल हो रही है। उन्होंने हाल में रूसी नागरिक जहाजों को जब्त किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। साथ ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने रूसी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने वाले विदेशी विमानों को लेकर कहा था कि अब वहां ‘सुरक्षित दिन’ खत्म हो गए हैं। पुतिन ने कहा कि रूसी जहाजों को निशाना बनाना “राजकीय आतंकवाद” है। उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ऐसी घटनाओं पर चुप रहते हैं, वे “अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के सहयोगी” बन जाते हैं। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर ने ब्लैक सी में भारतीयों समेत सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेन बोला- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने जयशंकर के कीव दौरे को अहम बताया। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों के बीच भारतीय विदेश मंत्री की यह यात्रा खास मायने रखती है। सिबिहा ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और इससे जुड़ी वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस रुख का भी स्वागत किया, जिसमें भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की बात कहता रहा है। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। दोनों नेताओं के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यूक्रेन के बाद वे पोलैंड जाएंगे, जहां उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार:विदेश मंत्री जयशंकर कीव में बोले- जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करेंगे,

भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार:विदेश मंत्री जयशंकर कीव में बोले- जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करेंगे,

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर और एंड्री सिबिहा के बीच ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों को लेकर भी चर्चा हुई। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेनी विदेश मंत्री बोले- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कीव पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने इसे भारतीय विदेश मंत्री की यूक्रेन की पहली खास द्विपक्षीय यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों पर हमले कर रहा है। ऐसे हालात में जयशंकर का कीव दौरा अहम है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य करने और दुनिया की खाद्य सुरक्षा पर चर्चा की। यूक्रेनी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीति और बातचीत वाले रुख का स्वागत किया। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

चीन- PhD छोड़, रिसर्च पेपर की गड़बड़ियां खोजने लगा शख्स:40 वैज्ञानिकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिनपिंग सरकार ने फंडिंग-पुरस्कार छीने

चीन- PhD छोड़, रिसर्च पेपर की गड़बड़ियां खोजने लगा शख्स:40 वैज्ञानिकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिनपिंग सरकार ने फंडिंग-पुरस्कार छीने

चीन में एक पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई के रिसर्च पेपर में गड़बड़ियां पकड़ने के बाद 40 से ज्यादा रिसर्चर्स पर कार्रवाई हुई है। चीन की प्रमुख रिसर्च फंडिंग संस्था नेशनल नेचुरल साइंस फाउंडेशन ऑफ चाइना (NSFC) ने 31 मामलों में कार्रवाई की है। इसे संस्था की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कार्रवाई की जद में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसर भी हैं। इनमें 4 ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिनके पेपर पर पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। गेंग को ‘स्टूडेंट गेंग’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 2025 में बायोसाइंस की PhD छोड़ दी थी। इसके बाद वह रिसर्च पेपर में डेटा, तस्वीरों और ग्राफ की गड़बड़ियां खोजकर सोशल मीडिया पर सामने लाने लगे। उनके सवालों के बाद संबंधित संस्थानों ने जांच शुरू की और अब मामला NSFC की कार्रवाई तक पहुंच गया है। PhD ड्रॉपआउट ने क्या पकड़ा? 1. आंकड़ों में अजीब पैटर्न एक पेपर में एक कॉलम के लगभग सभी आंकड़ों का आखिरी अंक 5 था। दूसरे कॉलम में भी आंकड़े एक तय पैटर्न में थे। एक कॉलम के आंकड़े दूसरे से लगभग हर जगह 0.3 के अंतर पर थे। गेंग ने इसे डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली बात बताया। 2. 196 चूहों के वजन में सटीकता एक रिसर्च में 196 लैब चूहों का वजन दो दशमलव तक दर्ज किया गया था। गेंग ने सवाल उठाया कि चलते-फिरते चूहों का वजन इतनी सटीकता से कैसे दर्ज किया गया। इससे डेटा के साथ छेड़छाड़ की आशंका पैदा हुई। 3. एक ही तस्वीर, अलग-अलग प्रयोग कुछ पेपर में एक जैसी तस्वीरों को अलग-अलग प्रयोगों के नतीजे के तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठे। कुछ डेटा सेट भी असामान्य रूप से एक-दूसरे से मिलते थे। नेचर ने भी बताया था कि गेंग ने कई पेपर के आंकड़ों में असामान्यताएं पकड़ी थीं। चार बड़े वैज्ञानिक भी कार्रवाई की जद में गेंग ने अप्रैल में चीन के चार प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से जुड़े वैज्ञानिकों के रिसर्च पर सवाल उठाए थे। इनमें टोंगजी यूनिवर्सिटी के वांग पिंग, नानकाई यूनिवर्सिटी के चेन चुआन, शंघाई यूनिवर्सिटी के सु जियाचन और सन यात-सेन यूनिवर्सिटी के कुआंग डोंगमिंग शामिल हैं। इन चारों को चीन का प्रतिष्ठित नेशनल साइंस फंड फॉर डिस्टिंग्विश्ड यंग स्कॉलर्स मिल चुका था। यह चीन में युवा वैज्ञानिकों को दिया जाने वाला प्रमुख सम्मान है। इनमें से तीन अपने संस्थानों में डीन या एसोसिएट डीन जैसे प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। इन वैज्ञानिकों के खिलाफ उनके विश्वविद्यालयों ने भी कार्रवाई की। कुछ को प्रशासनिक पदों से हटाया गया। इसके बाद NSFC ने भी इन मामलों में कार्रवाई की। संस्था ने संबंधित रिसर्च फंडिंग और सम्मान वापस ले लिए। उन्हें पहले मिली 1 करोड़ युआन से ज्यादा यानी करीब 15 लाख डॉलर की रिसर्च ग्रांट लौटाने का आदेश दिया गया। साथ ही तीन से सात साल तक NSFC की फंडिंग के लिए दोबारा आवेदन करने पर रोक लगा दी गई। अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स के पेपर भी जांच के घेरे में गेंग के सवालों में नेचर, नेचर कैंसर और सेल बायोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपर भी शामिल थे। मई में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने रिपोर्ट किया था कि चीनी सोशल मीडिया पर इन जर्नल्स में प्रकाशित कुछ रिसर्च पेपर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके बाद स्प्रिंगर नेचर ने कहा था कि उसे पांच पेपर को लेकर चिंताएं मिली हैं और उनकी जांच की जा रही है। जुलाई में नेचर और नेचर कैंसर ने चीन के वैज्ञानिकों के दो रिसर्च पेपर वापस ले लिए।