Thursday, 03 Sep 2026 | 06:06 PM

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Virender Sehwag Praises Hanuman Ansh Movie

Virender Sehwag Praises Hanuman Ansh Movie

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखने के बाद पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने अपने बच्चे के साथ फिल्म देखने का अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया। सहवाग के रिएक्शन से फिल्म के निर्देशक और लेखक डॉ. विशाल चतुर्वेदी इमोशनल हो गए। साथ ही चतुर्वेदी ने कहा कि वो चाहते हैं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी यह फिल्म देखें। चतुर्वेदी ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि वह हमेशा से क्रिकेट के बड़े फैन रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिस दिन वीरेंद्र सहवाग ने संन्यास लिया, उसके बाद उन्होंने क्रिकेट देखना बंद कर दिया। निर्देशक के मुताबिक, फिल्म की टीम ने सहवाग से इसे देखने की अपील नहीं की थी। इसके बावजूद सहवाग ने अपने बच्चे के साथ खुद फिल्म देखने का फैसला किया और बाद में सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया शेयर की। निर्देशक ने कहा- जिंदगी का एक चक्र पूरा हुआ चतुर्वेदी ने कहा कि सहवाग के फिल्म देखने और उसकी तारीफ करने से उन्हें ऐसा लगा, जैसे उनकी जिंदगी का एक चक्र पूरा हो गया हो। उन्होंने कहा कि सहवाग का यह कदम उनके लिए दिल को छू लेने वाला था। अब चतुर्वेदी की इच्छा है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी ‘हनुमान अंश’ देखें। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा कुछ हो सकता है तो मैं चाहता हूं कि विराट और अनुष्का भी फिल्म देखें।” एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा नीम करौली बाबा को अपना गुरु बता चुकी हैं। 2022 में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा बेटी के साथ कैंची धाम गए थे। फिल्म का एक सीन सहवाग के दिल को छू गया पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए ‘हनुमान अंश’ फिल्म की बेहद भावुक और जोरदार तारीफ की है। सहवाग फिल्म के एक सीन से विशेष रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने बताया, “फिल्म का एक सीन मेरे दिल को छू गया, जहां महाराज जी के गले में सांप है और एक भक्त कहता है कि ‘आप तो शिव हैं एकदम भोले’। इस पर महाराज जी जवाब देते हैं- ‘भोले तो तुम हो। आंखें वही देखती हैं जो मन में होता है, और मन वही दिखाता है जो हृदय में होता है।’ सहवाग ने फैंस से कहा कि महाराज जी को पूरी तरह समझना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन इस फिल्म के जरिए उनकी एक सुंदर झलक पाना जरूर संभव है। इसलिए जो भी उन्हें जानता है या उनके बारे में सुनना चाहता है, उसे यह फिल्म सिनेमाघरों में जाकर जरूर देखनी चाहिए। बॉलीवुड सेलेब्स ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की तारीफ की है। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने फिल्म को लेकर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा: “हनुमान अंश कोई फिल्म नहीं है, यह एक सत्संग है। उन लोगों की खूबसूरती से बुनी गई छोटी-छोटी कहानियां जिन्होंने नीम करौली बाबा का साक्षात अनुभव किया था। अपनी थेरेपी छोड़िए और इसे देखने जाइए।” कंगना रनोट की पोस्ट। वहीं, फिल्म डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने इसे पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक केस स्टडी बताया है। उन्होंने कहा,”बिना किसी बड़े स्टार कास्ट वाली यह छोटे बजट की फिल्म फिल्म उद्योग के लिए एक अहम केस स्टडी है। यह साबित करती है कि सच्ची निष्ठा और दमदार कहानी हमेशा बॉक्स ऑफिस पर बड़े बजट की फिल्मों को मात दे सकती है।” इसके साथ ही उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी और इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाने के लिए दर्शकों का आभार जताया। फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बुधवार को भारत में ₹7.75 करोड़ नेट का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹72.97 करोड़ हो गया है। वहीं, अब तक फिल्म की भारत में कुल नेट कमाई ₹61.88 करोड़ पहुंच गई। फिल्म 11 सितंबर, 2026 को दुनियाभर में रिलीज हो रही है। फिल्म के बड़े चेहरों के बारे में जानिए डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। विशाल चतुर्वेदी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। शोभिनव सत्या। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले का अहम रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शो में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे कई शो कर चुके हैं। चंदन के. आनंद। सिंगर-सुनील लोधी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के चर्चित वायरल गाने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ को सिंगर सुनील लोधी ने गाया है। 25 वर्षीय सुनील नेत्रहीन (दिव्यांग) हैं और वे मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव ‘अगरा’ के रहने वाले हैं। वर्षों तक सुनील ने अपने गांव, स्थानीय मेलों और यहां तक कि ट्रेनों में भी भजन व बुंदेली लोकगीत गाए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गाने का मौका मिला। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

6 मिनट पहले कॉपी लिंक पुतिन ने गुरुवार को व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में भाषण दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्र में रूसी जहाजों को लेकर तनाव बढ़ गया है। रूस के नागरिक और कारोबारी जहाजों पर हमलों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है। उन्होंने इसे आतंकवाद करार दिया और कहा कि इससे रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की संभावना और मुश्किल हो रही है। उन्होंने हाल में रूसी नागरिक जहाजों को जब्त किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। साथ ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने रूसी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने वाले विदेशी विमानों को लेकर कहा था कि अब वहां ‘सुरक्षित दिन’ खत्म हो गए हैं। पुतिन ने कहा कि रूसी जहाजों को निशाना बनाना “राजकीय आतंकवाद” है। उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग ऐसी घटनाओं पर चुप रहते हैं, वे “अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के सहयोगी” बन जाते हैं। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

Russia-Ukraine War | Zelenskyy & Putin Clash Over Black Sea Ship Attacks

5 मिनट पहले कॉपी लिंक पुतिन ने गुरुवार को व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में भाषण दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्र में रूसी जहाजों को लेकर तनाव बढ़ गया है। रूस के नागरिक और कारोबारी जहाजों पर हमलों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है। उन्होंने इसे आतंकवाद करार दिया और कहा कि इससे रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की संभावना और मुश्किल हो रही है। पुतिन ने हाल में रूसी नागरिक जहाजों को जब्त किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने नॉर्वे की ओर से रूसी रिसर्च जहाज प्रोफेसर मोलचानोव को हिरासत में लिए जाने पर भी नाराजगी जताई। नॉर्वे ने यूक्रेन के कहने पर जहाज जब्त किया था नॉर्वे ने यूक्रेन की सरकारी कंपनी नाफ्टोगाज की मांग पर इस जहाज को हिरासत में लिया। उस वक्त ‘प्रोफेसर मोलचानोव’ स्वालबार्ड के बारेंट्सबर्ग इलाके में खड़ा था। यह रूस का सरकारी रिसर्च जहाज है। इस पर वैज्ञानिकों और रिसर्च से जुड़े कर्मचारियों के अलावा उनके परिवार और पर्यटक भी सफर करते हैं। यह स्वालबार्ड की रूसी बस्तियों के लिए जरूरी सामान भी पहुंचाता है। नॉर्वे ने यह जहाज किसी समुद्री प्रतिबंध के उल्लंघन के आरोप में नहीं, बल्कि एक पुराने मुआवजे के मामले में जब्त किया। 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद वहां नाफ्टोगाज की संपत्तियों पर नियंत्रण कर लिया था। इसके बाद नाफ्टोगाज ने रूस से मुआवजा मांगा। 2023 में हेग की एक अंतरराष्ट्रीय अदालत ने रूस को नाफ्टोगाज को करीब 4.22 अरब डॉलर देने का आदेश दिया। रूस ने अब तक यह रकम नहीं दी है। रूस का जहाज प्रोफेसर मोलचानोव मुरमान्स्क से स्वालबार्ड के बीच आता-जाता है। पुतिन बोले- यूक्रेन ने 100 रूसी जहाजों पर हमले किए पुतिन ने कहा कि उनकी नाराजगी सिर्फ नॉर्वे द्वारा जहाज जब्त किए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यूक्रेन अब समुद्र में रूसी नागरिक जहाजों को सीधे निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 दिनों के भीतर लगभग 100 रूसी व्यापारिक जहाजों पर हमले किए गए, जिनमें कई रूसी व विदेशी नाविकों की जान गई है। पुतिन ने चेतावनी दी कि रूस दुनिया के किसी भी कोने में इसका करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार:विदेश मंत्री जयशंकर कीव में बोले- जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करेंगे,

भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार:विदेश मंत्री जयशंकर कीव में बोले- जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करेंगे,

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर और एंड्री सिबिहा के बीच ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों को लेकर भी चर्चा हुई। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेनी विदेश मंत्री बोले- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कीव पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने इसे भारतीय विदेश मंत्री की यूक्रेन की पहली खास द्विपक्षीय यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों पर हमले कर रहा है। ऐसे हालात में जयशंकर का कीव दौरा अहम है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य करने और दुनिया की खाद्य सुरक्षा पर चर्चा की। यूक्रेनी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीति और बातचीत वाले रुख का स्वागत किया। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर ने ब्लैक सी में भारतीयों समेत सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेन बोला- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने जयशंकर के कीव दौरे को अहम बताया। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों के बीच भारतीय विदेश मंत्री की यह यात्रा खास मायने रखती है। सिबिहा ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और इससे जुड़ी वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस रुख का भी स्वागत किया, जिसमें भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की बात कहता रहा है। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। दोनों नेताओं के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यूक्रेन के बाद वे पोलैंड जाएंगे, जहां उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

चीन- PhD छोड़, रिसर्च पेपर की गड़बड़ियां खोजने लगा शख्स:40 वैज्ञानिकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिनपिंग सरकार ने फंडिंग-पुरस्कार छीने

चीन- PhD छोड़, रिसर्च पेपर की गड़बड़ियां खोजने लगा शख्स:40 वैज्ञानिकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिनपिंग सरकार ने फंडिंग-पुरस्कार छीने

चीन में एक पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई के रिसर्च पेपर में गड़बड़ियां पकड़ने के बाद 40 से ज्यादा रिसर्चर्स पर कार्रवाई हुई है। चीन की प्रमुख रिसर्च फंडिंग संस्था नेशनल नेचुरल साइंस फाउंडेशन ऑफ चाइना (NSFC) ने 31 मामलों में कार्रवाई की है। इसे संस्था की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कार्रवाई की जद में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसर भी हैं। इनमें 4 ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिनके पेपर पर पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। गेंग को ‘स्टूडेंट गेंग’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 2025 में बायोसाइंस की PhD छोड़ दी थी। इसके बाद वह रिसर्च पेपर में डेटा, तस्वीरों और ग्राफ की गड़बड़ियां खोजकर सोशल मीडिया पर सामने लाने लगे। उनके सवालों के बाद संबंधित संस्थानों ने जांच शुरू की और अब मामला NSFC की कार्रवाई तक पहुंच गया है। PhD ड्रॉपआउट ने क्या पकड़ा? 1. आंकड़ों में अजीब पैटर्न एक पेपर में एक कॉलम के लगभग सभी आंकड़ों का आखिरी अंक 5 था। दूसरे कॉलम में भी आंकड़े एक तय पैटर्न में थे। एक कॉलम के आंकड़े दूसरे से लगभग हर जगह 0.3 के अंतर पर थे। गेंग ने इसे डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली बात बताया। 2. 196 चूहों के वजन में सटीकता एक रिसर्च में 196 लैब चूहों का वजन दो दशमलव तक दर्ज किया गया था। गेंग ने सवाल उठाया कि चलते-फिरते चूहों का वजन इतनी सटीकता से कैसे दर्ज किया गया। इससे डेटा के साथ छेड़छाड़ की आशंका पैदा हुई। 3. एक ही तस्वीर, अलग-अलग प्रयोग कुछ पेपर में एक जैसी तस्वीरों को अलग-अलग प्रयोगों के नतीजे के तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठे। कुछ डेटा सेट भी असामान्य रूप से एक-दूसरे से मिलते थे। नेचर ने भी बताया था कि गेंग ने कई पेपर के आंकड़ों में असामान्यताएं पकड़ी थीं। चार बड़े वैज्ञानिक भी कार्रवाई की जद में गेंग ने अप्रैल में चीन के चार प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से जुड़े वैज्ञानिकों के रिसर्च पर सवाल उठाए थे। इनमें टोंगजी यूनिवर्सिटी के वांग पिंग, नानकाई यूनिवर्सिटी के चेन चुआन, शंघाई यूनिवर्सिटी के सु जियाचन और सन यात-सेन यूनिवर्सिटी के कुआंग डोंगमिंग शामिल हैं। इन चारों को चीन का प्रतिष्ठित नेशनल साइंस फंड फॉर डिस्टिंग्विश्ड यंग स्कॉलर्स मिल चुका था। यह चीन में युवा वैज्ञानिकों को दिया जाने वाला प्रमुख सम्मान है। इनमें से तीन अपने संस्थानों में डीन या एसोसिएट डीन जैसे प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। इन वैज्ञानिकों के खिलाफ उनके विश्वविद्यालयों ने भी कार्रवाई की। कुछ को प्रशासनिक पदों से हटाया गया। इसके बाद NSFC ने भी इन मामलों में कार्रवाई की। संस्था ने संबंधित रिसर्च फंडिंग और सम्मान वापस ले लिए। उन्हें पहले मिली 1 करोड़ युआन से ज्यादा यानी करीब 15 लाख डॉलर की रिसर्च ग्रांट लौटाने का आदेश दिया गया। साथ ही तीन से सात साल तक NSFC की फंडिंग के लिए दोबारा आवेदन करने पर रोक लगा दी गई। अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स के पेपर भी जांच के घेरे में गेंग के सवालों में नेचर, नेचर कैंसर और सेल बायोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपर भी शामिल थे। मई में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने रिपोर्ट किया था कि चीनी सोशल मीडिया पर इन जर्नल्स में प्रकाशित कुछ रिसर्च पेपर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके बाद स्प्रिंगर नेचर ने कहा था कि उसे पांच पेपर को लेकर चिंताएं मिली हैं और उनकी जांच की जा रही है। जुलाई में नेचर और नेचर कैंसर ने चीन के वैज्ञानिकों के दो रिसर्च पेपर वापस ले लिए।

Runa Khan Wins Ramon Magsaysay Award 2026

Runa Khan Wins Ramon Magsaysay Award 2026

Hindi News Career Runa Khan Wins Ramon Magsaysay Award 2026 | Floating Hospital Founder 9 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश की सामाजिक उद्यमी और मानवतावादी रूना खान का नाम 2026 के रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है। यह घोषणा 31 अगस्त 2026 को मनीला में की गई। यह अवार्ड उन्हें 15 नवंबर को मनीला, फिलीपींस में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। रूना खान को पहले भी अशोका फैलोशिप, रोलेक्स अवार्ड और श्वाब फाउंडेशन जैसे सम्मान मिल चुके हैं। दूसरी जगह ले जाए जाने वाले स्कूल बनवाए उन्होंने उन लोगों तक अस्पताल पहुंचाया जिनके गांव तक सड़क नहीं पहुंचती थी। नदी के कटाव से प्रभावित बच्चों के लिए ऐसे स्कूल बनाए जिन्हें जरूरत पड़ने पर दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। रूना ने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित और गरीब लोगों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का काम किया। रूना खान बांग्लादेश की सामाजिक, मानवतावादी और लेखिका हैं। वह Friendship नाम की सामाजिक संस्था की संस्थापक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। यह संस्था स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु, रोजगार, आपदा प्रबंधन, नागरिक अधिकार और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे कई क्षेत्रों में काम कर रही है। नाव को बनाया अस्पताल रूना खान की सबसे खास पहल तैरता हुआ अस्पताल है। उन्होंने एक पुराने जहाज को अस्पताल में बदलकर उसे नदी के रास्ते दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाना शुरू किया। इस अस्पताल में डॉक्टरों की टीम, ऑपरेशन थिएटर, लैब और जरूरी दवाओं की सुविधा उपलब्ध रहती है। इससे उन लोगों को इलाज मिल सका, जिनके लिए सामान्य अस्पताल तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। शुरुआत में बच्चों के लिए किताबें लिखीं उन्होंने अपने सामाजिक कार्यों की शुरुआत एक टीचर के तौर पर की थी। 1979 में चटगांव में किंडरगार्टन बच्चों को पढ़ाते हुए उन्होंने महसूस किया कि शिक्षा में बच्चों को केवल चीजें याद कराने पर ज्यादा जोर दिया जाता है, जबकि उन्हें समझने और सवाल पूछने के अवसर कम मिलते हैं। इस अनुभव ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के लिए प्रेरित किया। बाद में उन्होंने बच्चों के लिए कहानी की किताबें और शैक्षणिक सामग्री लिखीं। रूना ने महिलाओं और कारीगरों के लिए भी काम किया। समाज के वंचित लोगों की मददगार रूना रूना खान का जन्म 17 नवंबर 1958 को बांग्लादेश में हुआ था। उन्होंने ढाका और कोलकाता से हायर एजुकेशन हासिल की। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने टीचिंग के साथ टूरिज्म और ट्रेडिशनल हैंडीक्राफ्ट से जुड़े काम किए। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पूरा ध्यान समाज के वंचित लोगों की मदद करने पर केंद्रित कर दिया। रूना की संस्था Friendship को जानिए Friendship की शुरुआत 2002 में एक अस्पताल जहाज से हुई थी, जो जमुना नदी के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाता था। आज Friendship स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा राहत, आर्थिक विकास और जलवायु अनुकूलन सहित कई क्षेत्रों में काम करती है। यह करीब 75 लाख लोगों को सालाना सेवाएं देती है। रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड क्या है रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड “एशिया का नोबेल पुरस्कार” कहा जाता है। इसकी शुरुआत 1958 में फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रैमन मैग्सेसे की याद में हुई थी। यह एशिया में असाधारण सेवा और नेतृत्व के लिए दिया जाता है। ये खबर भी पढ़ें 6 साल के आदित्य का आंदोलन खत्म:पेरेंट्स को जेल ले जाने से नाराज, कहा – जैसे मांझी ने पहाड़ का घमंड तोड़ा, वैसे ही मैं सरकार का घमंड तोड़ूंगा पटना में BPSC TRE-4 उम्मीदवारों के प्रदर्शन के दौरान 6 साल के बच्चे का वीडियो पहले ही दिन से खूब वायरल हुआ। इस बच्चे का नाम आदित्य कुमार है। वह पहली कक्षा का छात्र है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अमेरिकी महिलाओं का वोटिंग पैटर्न:महिलाएं कहती हैं कि राजनीति में रुचि नहीं, पर ट्रम्प की जीत में बड़ा योगदान

अमेरिकी महिलाओं का वोटिंग पैटर्न:महिलाएं कहती हैं कि राजनीति में रुचि नहीं, पर ट्रम्प की जीत में बड़ा योगदान

अमेरिका में अगर महिलाओं से राजनीति के बारे में पूछें, तो उनमें से कई यही कहेंगी कि वे राजनीति में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं रखतीं। फिर भी, 1970 के दशक से शुरू होकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उनके वोट की ताकत एक अलग ही कहानी बयां करती है। 2024 के चुनाव में लगभग दो-तिहाई महिलाओं ने डोनाल्ड ट्रम्प के पक्ष में मतदान किया। ये अमेरिका के कुल वोटरों का 37% हिस्सा हैं और इनमें से 68% खुद को ईसाई मानती हैं। वहीं, श्वेत इवेंजेलिकल (एक धार्मिक समूह) महिलाओं में से 80% से अधिक ने ट्रम्प को वोट दिया। इसके उलट, खुद को किसी भी धर्म से न जोड़ने वाली लगभग 80% श्वेत महिलाओं ने 2024 में कमला हैरिस को वोट दिया। अमेरिका में महिलाओं की राजनीति को किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं किया जा सकता। बल्कि, उनके मतदान के तरीके एक तरह के सांस्कृतिक नजरिए को दर्शाते हैं। महिलाओं की राजनीतिक पसंद केवल नेताओं के भाषणों से तय नहीं होती। वे जो किताबें पढ़ती हैं, घर में जो सामान रखती हैं और रोजमर्रा के जो कंटेंट देखती हैं, उसका भी उनकी सोच और वोट पर गहरा असर पड़ता है। आम धारणा यह है कि गर्भपात का विरोध ईसाई महिलाओं को रिपब्लिकन पार्टी को वोट देने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन कई सर्वे से पता चलता है कि गर्भपात का नंबर महंगाई, आप्रवासन, अपराध जैसे मुद्दों से काफी नीचे है। महिलाओं के वोट पाने की रणनीति अलग है… लंबे समय से, फूलों से सजी बाइबल स्टडी बुक्स, लोकप्रिय उपन्यास महिलाओं को सिखाते रहे हैं कि उन्हें क्या मानना ​​चाहिए, कैसे जीना चाहिए और कैसे मतदान करना चाहिए। मीडिया और लाइफस्टाइल ब्रांड ‘द कंजर्वेटर’ की फाउंडर जेमी लीघ फ्रैंकलिन ने दक्षिणपंथी रणनीति का वर्णन किया – महिलाओं को सांस्कृतिक रूप से रूढ़िवादी नजरिए में शामिल करो, फिर ‘अमेरिका समर्थक, पश्चिमी सभ्यता समर्थक, परिवार समर्थक’ वोट हासिल करो। राजनीति की बात करने की कोई जरूरत ही नहीं है।

Amitabh Bachchan Reveals Family Connection with Saif Ali Khan & Shweta

Amitabh Bachchan Reveals Family Connection with Saif Ali Khan & Shweta

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने हाल ही में सैफ अली खान से अपने पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। दरअसल, सैफ शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अपनी फिल्म ‘हैवान’ के को-स्टार अक्षय कुमार के साथ पहुंचे थे। शो के प्रोमो में अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी। इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। श्वेता बच्चन, अमिताभ बच्चन, नव्या नवेली, निखिल नंदा और जया बच्चन की एक इवेंट की तस्वीर। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। अमिताभ बच्चन और करीना साथ कर चुके हैं काम अमिताभ बच्चन और करीना कपूर ने ‘कभी खुशी कभी गम’ (2001), ‘देव’ (2004) और ‘सत्याग्रह’ (2013) जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। अमिताभ ने सैफ अली खान के साथ ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’ (2007) और ‘आरक्षण’ (2011) में भी स्क्रीन शेयर की है। सैफ अली खान के वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘हैवान’ में नजर आएंगे। जिसमें सैफ के अलावा अक्षय कुमार, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा, पहल चौधरी और मनोज जोशी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म सिंघम अगेन (2024) में नजर आई थीं। वहीं वो जल्द मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म दायरा में दिखाई देंगी। दायरा में करीना एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। दायरा 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। …………….. यह खबर भी पढ़ें… करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी थी:बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी अफसोस; जानिए कपूर फैमिली में कौन कितना पढ़ा-लिखा एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने 11वीं क्लास के बाद पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। हनुमान दास के यूट्यूब चैनल में बातचीत में करीना ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, जिसका अफसोस उन्हें सफलता मिलने के बाद भी रहा। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात मेरे साथ बनी रही। मुझे मौका मिला था, लेकिन फिल्मों में आ गई और क्लास 11 के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।” पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Amitabh Bachchan Reveals Family Connection with Saif Ali Khan & Shweta

Amitabh Bachchan Reveals Family Connection with Saif Ali Khan & Shweta

10 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने हाल ही में सैफ अली खान से अपने पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। दरअसल, सैफ शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ के को-स्टार अक्षय कुमार के साथ पहुंचे थे। शो के प्रोमो में अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। सैफ का जवाब सुनकर अमिताभ बच्चन हंसने लगे। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। श्वेता बच्चन, अमिताभ बच्चन, नव्या नवेली, निखिल नंदा और जया बच्चन की एक इवेंट की तस्वीर। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। अमिताभ बच्चन और करीना साथ कर चुके हैं काम अमिताभ बच्चन और करीना कपूर ने ‘कभी खुशी कभी गम’ (2001), ‘देव’ (2004) और ‘सत्याग्रह’ (2013) जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। वहीं, अमिताभ ने सैफ अली खान के साथ ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’ (2007) और ‘आरक्षण’ (2011) में भी स्क्रीन शेयर की है। सैफ अली खान के वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘हैवान’ में नजर आएंगे। जिसमें सैफ के अलावा अक्षय कुमार, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा, और मनोज जोशी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म सिंघम अगेन (2024) में नजर आई थीं। वहीं वो जल्द मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म दायरा में दिखाई देंगी। दायरा में करीना एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। दायरा 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। …………….. यह खबर भी पढ़ें… करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी थी:बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी अफसोस; जानिए कपूर फैमिली में कौन कितना पढ़ा-लिखा एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने 11वीं क्लास के बाद पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। हनुमान दास के यूट्यूब चैनल में बातचीत में करीना ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, जिसका अफसोस उन्हें सफलता मिलने के बाद भी रहा। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात मेरे साथ बनी रही। मुझे मौका मिला था, लेकिन फिल्मों में आ गई और क्लास 11 के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।” पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔