Thursday, 03 Sep 2026 | 09:36 PM

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Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

5 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस-यूक्रेन युद्ध में अब ब्लैक सी सबसे बड़ा संघर्ष क्षेत्र बनता जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया है। इनमें अनाज ढोने वाले जहाज, तेल टैंकर और अन्य मालवाहक पोत शामिल हैं। लगातार हमलों के कारण वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है और गेहूं व मक्का जैसी जरूरी फसलों की कीमतों में तेजी आने लगी है। दुनिया के कुल गेहूं निर्यात में रूस और यूक्रेन की हिस्सेदारी करीब 30% है। इन दोनों देशों का अधिकांश अनाज ब्लैक सी के रास्ते दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। लेकिन बंदरगाहों और जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है। जहाज मालिक इस मार्ग पर आने से बच रहे हैं और माल ढुलाई की लागत भी तेजी से बढ़ गई है। अनाज निर्यात पर असर यूक्रेन पिछले महीने अपनी क्षमता का केवल सीमित हिस्सा ही निर्यात कर पाया। वहीं रूस का अनाज निर्यात भी पिछले वर्ष की तुलना में तेजी से घटा है। दोनों देशों के गोदामों में अनाज मौजूद है, लेकिन उसे खरीदार देशों तक पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिख रहा है, जहां गेहूं की कीमतें पिछले एक साल में लगभग 30% बढ़ चुकी हैं। सड़क और रेल मार्ग बने विकल्प समुद्री मार्ग बाधित होने के बाद यूक्रेन सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए अनाज निर्यात करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इन मार्गों की क्षमता ब्लैक सी के बंदरगाहों जितनी नहीं है। डेन्यूब नदी के जरिए भी सीमित मात्रा में अनाज भेजा जा रहा है, लेकिन जलस्तर और परिवहन क्षमता की वजह से यह विकल्प पर्याप्त नहीं माना जा रहा। मक्का की सप्लाई पर संकट ब्लैक सी में बढ़ते तनाव का असर केवल गेहूं पर ही नहीं, बल्कि मक्का पर भी पड़ सकता है। वर्ष 2025-26 में यूक्रेन ने 2.3 करोड़ टन मक्का निर्यात किया था, जो दुनिया के कुल मक्का निर्यात का लगभग 12% था। मौजूदा हालात जारी रहे तो मक्का की वैश्विक सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। रूस के अनाज निर्यात में 71% गिरावट ब्लैक सी में बढ़ते हमलों का असर रूस के अनाज कारोबार पर भी पड़ा है। अगस्त में रूस का कुल अनाज निर्यात पिछले साल के 59 लाख टन से घटकर 17 लाख टन रह गया, यानी करीब 71% की गिरावट दर्ज की गई। गेहूं निर्यात 50 लाख टन से घटकर 13 लाख टन रह गया। रूसी गेहूं खरीदने वाले देशों की संख्या 43 से घटकर 16 रह गई है, जबकि अनाज भेजने वाले बंदरगाह 47 से घटकर केवल 10 रह गए हैं। रूस के सबसे बड़े बंदरगाह नोवोरोसिस्क से शिपमेंट भी 24.9 लाख टन से घटकर 10.4 लाख टन रह गया। क्यों अहम है ब्लैक सी ब्लैक सी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से होने वाले अधिकांश गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का निर्यात इसी रास्ते से होता है। दोनों देश मिलकर वैश्विक गेहूं निर्यात का करीब 30% हिस्सा रखते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे खाद्य बाजार को प्रभावित करता है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जब ब्लैक सी के रास्ते अनाज निर्यात बाधित हुआ था, तब दुनिया भर में खाद्य कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई थी। बाद में संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से ब्लैक सी ग्रेन डील लागू की गई, जिससे लाखों टन अनाज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सका। अब एक बार फिर ब्लैक सी में जहाजों और बंदरगाहों पर हमले बढ़ने से वैश्विक खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समुद्री मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहा, तो गेहूं, मक्का और खाद्य तेल की कीमतों में नई बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

कीव15 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। इनमें अनाज ले जाने वाले जहाज, तेल टैंकर और दूसरे मालवाहक पोत शामिल हैं।लगातार हमलों से ब्लैक सी का समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। जहाज मालिक इस रूट पर जाने से बच रहे हैं और माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है। इसका असर दुनिया की खाद्य सप्लाई पर पड़ने का खतरा है। गेहूं और मक्का की कीमतों में तेजी आ सकती है। रूस और यूक्रेन मिलकर दुनिया के करीब 30% गेहूं निर्यात का हिस्सा रखते हैं। दोनों देशों का ज्यादातर अनाज ब्लैक सी के रास्ते दूसरे देशों तक पहुंचता है। रूस का अनाज निर्यात 71% घटा अगस्त में रूस का कुल अनाज निर्यात पिछले साल के 59 लाख टन से घटकर 17 लाख टन रह गया। यानी करीब 71% की गिरावट आई। रूस का गेहूं निर्यात भी 50 लाख टन से घटकर 13 लाख टन रह गया। रूसी गेहूं खरीदने वाले देशों की संख्या 43 से घटकर 16 रह गई है। वहीं, रूस से अनाज भेजने वाले बंदरगाहों की संख्या 47 से घटकर 10 रह गई। देश के सबसे बड़े बंदरगाह नोवोरोसिस्क से शिपमेंट 24.9 लाख टन से घटकर 10.4 लाख टन रह गया। पिछले साल के मुकाबले गेहूं 30% महंगा हुआ बंदरगाहों और जहाजों पर हमले बढ़ने से अनाज का समुद्री कारोबार प्रभावित हुआ है। दोनों देशों के गोदामों में अनाज मौजूद है, लेकिन उसे खरीदार देशों तक पहुंचाने में मुश्किल आ रही है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिख रहा है। गेहूं की कीमतें पिछले एक साल में करीब 30% बढ़ चुकी हैं। यूक्रेन ने सड़क-रेल से निर्यात बढ़ाया, लेकिन सप्लाई कम ब्लैक सी का समुद्री रास्ता प्रभावित होने के बाद यूक्रेन सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए अनाज दूसरे देशों तक भेज रहा है। हालांकि इन रास्तों की क्षमता ब्लैक सी के बंदरगाहों की तुलना में काफी कम है। डेन्यूब नदी के रास्ते भी सीमित मात्रा में अनाज भेजा जा रहा है। लेकिन जलस्तर और परिवहन क्षमता की वजह से यह विकल्प समुद्री रास्ते की पूरी भरपाई नहीं कर पा रहा है। मक्का की ग्लोबल सप्लाई पर भी असर का खतरा ब्लैक सी में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ गेहूं पर नहीं, मक्का की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। 2025-26 में यूक्रेन ने 2.3 करोड़ टन मक्का निर्यात किया था। यह दुनिया के कुल मक्का निर्यात का करीब 12% था। अगर मौजूदा हालात लंबे समय तक जारी रहे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में मक्का की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। ब्लैक सी क्यों है इतना अहम? ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। दोनों देश मिलकर वैश्विक गेहूं निर्यात का करीब 30% हिस्सा रखते हैं। इसलिए ब्लैक सी में सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय खाद्य बाजार पर पड़ सकता है। 2022 में भी बढ़ी थीं खाद्य कीमतें 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ब्लैक सी से अनाज निर्यात बाधित हुआ था। उस समय दुनिया भर में खाद्य कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। बाद में संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से ब्लैक सी ग्रेन डील लागू हुई। इससे लाखों टन अनाज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सका। अब ब्लैक सी में फिर जहाजों और बंदरगाहों पर हमले बढ़ने से वैश्विक खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अगर समुद्री रास्ता लंबे समय तक प्रभावित रहा तो गेहूं, मक्का और खाद्य तेल की कीमतों में नई तेजी आ सकती है। इसका असर उन देशों पर ज्यादा पड़ सकता है जो रूस और यूक्रेन से होने वाले अनाज निर्यात पर निर्भर हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील पर बातचीत नहीं:तेहरान की मदद करने वालों पर बैन लगाएंगे; मोदी-पजशकियान मुलाकात पर सवाल पूछा था अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील हुई है। उनसे पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की मुलाकात को लेकर सवाल किया गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

4 घंटे मलबे में दबी रहीं 97 साल की महिला:रेस्क्यू के बाद बार-बार पूछा- पानी ने मुझे क्यों मारा; नेपाल बाढ़ में 1243 की मौत

4 घंटे मलबे में दबी रहीं 97 साल की महिला:रेस्क्यू के बाद बार-बार पूछा- पानी ने मुझे क्यों मारा; नेपाल बाढ़ में 1243 की मौत

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में 97 साल की गुना माया बोहरा करीब 4 घंटे तक मलबे में दबी रहीं। नुवाकोट के देविघाट में नदी किनारे बने बुजुर्ग देखभाल केंद्र की ग्राउंड फ्लोर पर वह अपने कमरे में थीं। बाढ़ का पानी ग्राउंड फ्लोर तक पहुंचा और गुना माया को बहाकर एक किनारे तक ले गया, जहां पानी का बहाव कम था। उनके रिश्तेदार भी JCB लेकर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू में सेना और पुलिस की मदद की। गुना माया को काठमांडू के बीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू के बाद वह बहुत कम बोलती हैं और बार-बार एक ही सवाल पूछती हैं- “पानी ने मुझे क्यों मारा?” नेपाल में इस बाढ़ से अब तक 1,243 लोगों की मौत हो चुकी है। भोटेकोशी नदी के रास्ते और अंडरग्राउंड पावरहाउस की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश अब भी जारी है। नेपाल त्रासदी से जुड़ी 5 तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी:2 की मौत, हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी:2 की मौत, हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी का संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में मिनियापोलिस पुलिस के तीन अधिकारी घायल हुए हैं। पुलिस सार्जेंट गैरेट पार्टेन ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इनमें से दो अधिकारियों को गोली लगी है। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर के अनुसार, तीनों पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है। पुलिस को शाम करीब 4:30 बजे इमारत में गोली चलने की सूचना मिली। पार्टेन के मुताबिक, सूचना मिलने के करीब तीन मिनट बाद पुलिसकर्मी हाई-राइज बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें कुछ लोग घायल अवस्था में मिले। पुलिसकर्मियों ने इसके बाद और गोलियां चलने की आवाज सुनी और आवाज का पीछा करते हुए इमारत की ऊपरी मंजिल की ओर बढ़े। वहां धुएं या धुंध जैसी स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम हो गई थी। पार्टेन ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि एक पीड़ित की घटनास्थल पर ही गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी करने वाले संदिग्ध की मौत किस तरह हुई। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में कुल सात मरीज लाए गए हैं। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई गोलीबारी की कहानी अपार्टमेंट बिल्डिंग के बाहर मौजूद जूलियस बेली ने बताया कि उसने गोलियों की आवाज सुनी और इमारत में रहने वाले एक व्यक्ति को पिस्तौल हाथ में लिए देखा। उसने एक महिला को चिल्लाते हुए सुना और तुरंत वहां से भाग गया। बेली के मुताबिक, उसने करीब आठ गोलियां चलने की आवाज सुनी। उसने बताया कि वह उस व्यक्ति को पहचानता था और उसके बारे में जानता था कि वह अक्सर अपने हथियार का प्रदर्शन करता था। बेली ने कहा कि जून में इमारत में रहने के बाद से वह उस व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहा था। बेली ने कहा, “मैं बता सकता था कि वह परेशानी खड़ी करने वाला था।” इमारत में रहने वाले क्रिस मिलर ने बताया कि उसने लगातार कई गोलियां चलने की आवाज सुनी और सुरक्षा के लिए तुरंत बाहर भाग गया। मिलर ने कहा कि उसे अंदाजा था कि गोलीबारी किसने की होगी। उसने यह भी बताया कि इसी सप्ताह की शुरुआत में उसने इमारत के गलियारे में एक व्यक्ति को हैंडगन के साथ देखा था और इसकी जानकारी बिल्डिंग मैनेजमेंट को दी थी। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाई सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास स्थित एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने आसपास के घनी आबादी वाले लोरिंग पार्क इलाके के लोगों को वहां जाने से बचने की चेतावनी दी। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पर कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “आज दोपहर डाउनटाउन मिनियापोलिस में हमारे पड़ोसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे कानून प्रवर्तन अधिकारियों के प्रति आभारी हूं। मिनेसोटा हमारे प्रथम प्रतिक्रियाकर्ताओं के लिए प्रार्थना कर रहा है।” FBI भी जांच में शामिल FBI के निदेशक काश पटेल ने कहा कि संघीय एजेंसी गोलीबारी की घटना पर कार्रवाई कर रही है और स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराएगी। पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि FBI स्थानीय प्रशासन को हर संभव सहायता देगी।

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट में गोलीबारी, 2 की मौत:संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट में गोलीबारी, 2 की मौत:संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट में गोलीबारी हुई। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में 3 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 को गोली लगी है। तीनों अधिकारियों की हालत स्थिर है। पुलिस को स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बिल्डिंग में गोली चलने की सूचना मिली थी। इसके करीब 3 मिनट बाद पुलिसकर्मी बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें पीड़ित मिले। पुलिस ने गोलियों की आवाज का पीछा करते हुए ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर कार्रवाई की। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा मिनियापोलिस पुलिस के सार्जेंट गैरेट पार्टेन के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। संदिग्ध की मौत कैसे हुई, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में 7 मरीज लाए गए थे। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। पार्टेन ने घटना को बेहद दुखद बताया और मृतकों, घायलों, पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पुलिस को ऊपर की मंजिल से गोलियों की आवाज सुनाई दी पुलिस के मुताबिक, अधिकारी बिल्डिंग में दाखिल होने के बाद गोलियों की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल की ओर गए। वहां धुंध या धुएं जैसी स्थिति के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने पास के घनी आबादी वाले लॉरिंग पार्क इलाके के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। चश्मदीद ने 8 गोलियों की आवाज सुनी अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले जूलियस बेली ने बताया कि वह बिल्डिंग के बाहर बैठे थे। तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और एक ऐसे व्यक्ति को पिस्टल के साथ देखा, जिसे वह बिल्डिंग के निवासी के तौर पर पहचानते थे। बेली के मुताबिक, उन्होंने एक महिला को चिल्लाते सुना और तुरंत वहां से भाग गए। उन्होंने करीब 8 गोलियों की आवाज गिनी। बेली ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भी हथियार दिखाता था। वह जून में इस बिल्डिंग में रहने आए थे और तब से उस व्यक्ति से बचने की कोशिश कर रहे थे। गवर्नर बोले- पुलिस की मदद के लिए राज्य के अधिकारी मौके पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने डाउनटाउन मिनियापोलिस में लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे पुलिस और अन्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स का आभार जताया। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भी कहा कि एजेंसी घटना पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। ——————————-

हर्षिता गौर का दिल टूटा, दो साल बाद संभलीं:बोलीं- उस रिश्ते ने खुद से प्यार करना सिखाया, पेरेंट्स अब शादी के लिए दबाव नहीं डालते

हर्षिता गौर का दिल टूटा, दो साल बाद संभलीं:बोलीं- उस रिश्ते ने खुद से प्यार करना सिखाया, पेरेंट्स अब शादी के लिए दबाव नहीं डालते

हर्षिता गौर ने एक्टिंग की शुरुआत टीवी से की और ‘मिर्जापुर’ से उन्हें अलग पहचान मिली। इंटरव्यू में उन्होंने पहली कमाई, माता-पिता के सपोर्ट और आने वाले प्रोजेक्ट्स समेत कई बातें साझा कीं। उनकी मां डॉक्टर होने के साथ 9 साल तक थिएटर भी कर चुकी हैं। बचपन में हर्षिता ने एक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन माता-पिता को उम्मीद थी कि यह सपना कुछ समय बाद खत्म हो जाएगा। उन्होंने मुंबई में अपने 12 साल पुराने घर को खरीदने की कोशिश का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने सपनों के राजकुमार, दिल टूटने और खुद को प्यार करना सीखने पर भी बात की। बचपन में एक्टिंग करने का ख्याल कैसे आया? मैं करीब 7-8 साल की रही होंगी, जब मैंने मां से कहा था कि मुझे टीवी पर आना है। बचपन में ज्यादा फिल्में नहीं देखती थी, लेकिन 4 साल की उम्र से कथक सीख रही थी और स्टेज पर परफॉर्म करती थी। जब लोग मेरी तारीफ करते थे और मिलने आते थे, तो शायद वहीं से एक्टर बनने का ख्याल आया। आपकी मां भी थिएटर करती थीं? हां, मेरी मां डॉक्टर हैं, लेकिन उन्होंने पंजाब में करीब 9 साल तक थिएटर भी किया था। बचपन में मुझे पता नहीं था कि वह थिएटर एक्टर रही हैं। जब मैं थोड़ी बड़ी हुई, तब उन्होंने बताया। मुझे लगता है कि एक्टिंग का कीड़ा शायद उन्हीं से आया है। जब आपने माता-पिता को बताया कि एक्टर बनना है, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया थी? शुरुआत में उन्हें लगा कि मैं कुछ समय बाद भूल जाऊंगी। लेकिन यह सपना कभी खत्म नहीं हुआ। 10वीं के बाद मेडिकल या नॉन-मेडिकल चुनना था, तब मैंने पापा से कहा कि मुझसे डॉक्टर नहीं बना जाएगा, मुझे एक्टर बनना है। उन्होंने फिर भी कहा कि नॉन-मेडिकल या इंजीनियरिंग कर लो। फिर इंजीनियरिंग करने का फैसला कैसे हुआ? मुझे एक्टिंग ही करनी थी। उस समय NSD और FTII में ग्रेजुएशन के कोर्स नहीं थे, इसलिए ग्रेजुएशन करनी ही थी। मैंने सोचा कि जब करनी ही है तो कुछ भी कर लेते हैं, इसलिए इंजीनियरिंग कर ली। मैं मजाक में कहती हूं कि मैं इंजीनियरिंग से एक्टिंग में नहीं आई, बल्कि इंजीनियरिंग एक्टिंग के रास्ते में आई थी। आपके पापा ने एक्टिंग के लिए मुंबई आने से नहीं रोका? मेरे पापा ने कभी मुझे कोशिश करने से नहीं रोका। वह खुद गांव से आकर डॉक्टर बने थे, इसलिए शायद समझते थे कि अपने रास्ते पर कोशिश करना जरूरी है। कॉलेज के दौरान मैं दिल्ली में छोटे-मोटे शूट करती थी। एक बार सिर्फ ऑडिशन देने के लिए चार दिन की छुट्टी में मुंबई आई थी। पापा ने कहा था कि पहले जाकर खुद को टेस्ट करो, क्या पता वहां तुम्हें रिजेक्ट कर दें। आपकी पहली कमाई कितनी थी और उससे क्या किया था? मेरी पहली कमाई ₹1000 थी। एक ऐड के लिए करीब 12 घंटे शूट किया था और मुझे ₹1000 मिले थे। मुझे नहीं लगता कि मैंने उससे कुछ खास किया था। बस घर जाकर बताया था कि ये तो शुरुआत है। टीवी शो के बाद कमाई कितनी बढ़ी? शुरुआत में ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे, क्योंकि आप नए होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे शो चलता गया और हिट हुआ, कमाई धीरे-धीरे बढ़ती गई। मैंने तीन साल शो किया और बाद में मेरी फीस भी बढ़ी। हालांकि, टीवी में लोग जितना कमाते हैं, उसके मुकाबले मैंने बहुत ज्यादा नहीं कमाया। मुंबई आए आपको काफी साल हो गए, क्या आप अभी भी उसी घर में रहती हैं? हां, जब से मुंबई आई हूं, तब से इसी घर में रह रही हूं। करीब 12 साल हो गए हैं। लोगों को यह बड़ी बात लगती है कि मुंबई जैसे शहर में कोई इतने साल एक ही घर में रह रहा है। क्या कभी अपना घर खरीदने का सोचा? बिल्कुल सोचा है। मैंने इसी घर को खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन मेरे लैंडलॉर्ड अंकल-आंटी इसे बेचना नहीं चाहते थे। मुंबई में घर खरीदना आसान नहीं है। अगर आपके पास कम से कम 70-80 प्रतिशत डाउन पेमेंट नहीं है, तो लोन लेकर घर खरीदना महंगा पड़ सकता है। रेंट में कम से कम फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहती है। माता-पिता अब शादी को लेकर सवाल करते हैं? अब तो उन्होंने बोलना ही छोड़ दिया है। शुरुआत में उन्होंने काफी कोशिश की थी, क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा सेटल हो जाए। लेकिन अब उन्हें लगता है कि किसी को फोर्स करके शादी नहीं कराई जा सकती। इसलिए उनकी दुआएं और प्रार्थनाएं चलती रहती हैं कि मुझे अच्छा पार्टनर मिल जाए। आपके सपनों का राजकुमार कैसा होना चाहिए? मेरे लिए सबसे जरूरी है कि वह इमोशनली अवेयर हो। उसे अपने पैटर्न, गलतियां और स्ट्रेंथ समझ में आती हो। कम्युनिकेशन अच्छा होना चाहिए, ताकि वह अपनी फीलिंग्स खुलकर बता सके। उसके आसपास रहने वाला हर इंसान खुद को रिस्पेक्टेड महसूस करे, यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। क्या आपको अब तक अपना सपनों का राजकुमार मिला? रिश्ते रहे हैं, लेकिन उस समय हम दोनों शायद साथ में सही नहीं थे। हर इंसान अपनी जर्नी पर होता है और उसी हिसाब से सीखता है। मेरे पुराने रिश्तों में रहे लोग व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छे हैं और आज भी मेरे दोस्त हैं। कभी आपका दिल भी टूटा? हां, बिल्कुल। मैंने भी शायद किसी का दिल दुखाया है, लेकिन मेरा भी टूटा है। इससे बाहर आने में मुझे करीब डेढ़ से दो साल लग गए। जब मैं उससे बाहर निकली, तो लगा कि शायद वह रिश्ता मेरी जिंदगी में इसलिए आया था, ताकि मैं खुद से प्यार करना सीख सकूं। उस रिश्ते से सबसे बड़ी सीख क्या मिली? उस रिश्ते ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मेरी भी गलतियां रही होंगी और सामने वाले इंसान में कोई बुराई नहीं थी। लेकिन उस अनुभव के बाद मैं अलग इंसान बनी। आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अच्छा हुआ वह दौर मेरी जिंदगी में आया, क्योंकि उससे मैंने खुद को समझना और प्यार करना सीखा। अभी आपके कौन-कौन से प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं? मिर्जापुर’ फिल्म के अलावा दो और प्रोजेक्ट हैं। एक हॉरर प्रोजेक्ट है, जिसे निखिल आडवाणी की कंपनी ने बनाया है। इसमें परमब्रता चक्रवर्ती,

रुबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वालों पर लगाएंगे नए प्रतिबंध

रुबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वालों पर लगाएंगे नए प्रतिबंध

पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।

रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे

रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे

पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बात कही। अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन दरअसल, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 अहम क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है। तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है। SCO में मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंध, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। मोदी ने कहा था कि भारत ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों को इसमें शामिल करने पर भी जोर दिया गया था। पश्चिम एशिया के तनाव पर बातचीत BRICS और SCO में सहयोग जारी रखेगा भारत मोदी ने कहा था कि भारत BRICS और SCO जैसे मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने पेजेश्कियन को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।

Shakti Kapoor Shivangi Kolhapure Love Story

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17 मिनट पहले कॉपी लिंक शक्ति कपूर का जन्म 3 सितंबर 1952 को दिल्ली में हुआ था। उनका रियल नाम सुनील सिकंदरलाल कपूर है। कई सुपरहिट फिल्मों में विलेन और कॉमेडियन का रोल प्ले करने वाले शक्ति कपूर आज 74 साल के हो गए। तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि शिवांगी को देखकर उन्हें वह पहली नजर में ही बेहद खूबसूरत लगी थीं। उन्होंने शिवांगी से हल्की-सी लाइन भी मारी और मन ही मन तय कर लिया था कि शादी करेंगे तो इसी मराठिन से करेंगे। फिर दोनों की मुलाकात के बाद दोनों में दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। शिवांगी कोल्हापुरे ने मुख्य तौर पर बतौर अभिनेत्री केवल 1 फिल्म (किस्मत) में काम किया। वहीं, उन्होंने युवावस्था में कई फिल्मों में अपनी आवाज दी, जिसमें यादों की बारात (1973), बारूद (1976) जैसी फिल्में शामिल हैं। परिवार रिश्ते के खिलाफ था जब दोनों की मुलाकात हुई थी, तब शक्ति कपूर करीब 30 वर्ष के थे और शिवांगी महज 18 साल की थीं। इसके अलावा, शक्ति कपूर फिल्मों में अक्सर विलेन के रोल निभाते थे। इसी वजह से शिवांगी के माता-पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। जब दोनों ने शादी की बात की, तो शिवांगी के परिवार ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। परिवार को मनाने के सारे रास्ते बंद होने के बाद शिवांगी ने घर से भागकर शक्ति कपूर के साथ शादी करने का फैसला किया। 1982 में की कोर्ट मैरिज साल 1982 में दोनों ने भागकर कोर्ट मैरिज कर ली। शुरुआत में शक्ति कपूर का परिवार भी थोड़ा हिचकिचा रहा था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि शिवांगी मशहूर गायिका लता मंगेशकर के परिवार से ताल्लुक रखती हैं, तो वे मान गए। शादी के बाद शिवांगी के माता-पिता कई सालों तक उनसे नाराज रहे। हालांकि, बड़े बेटे सिद्धांत कपूर और बाद में बेटी श्रद्धा कपूर के जन्म के बाद दोनों परिवारों के बीच की कड़वाहट खत्म हो गई। शिवांगी के माता-पिता ने भी इस रिश्ते को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया। अखबार में लिखा गया- 3 महीने में तलाक हो जाएगा कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि उनकी शादी के बाद अखबार में आया था कि 3 महीने में उनका तलाक हो जाएगा। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं, शक्ति के ससुर ने उनसे आकर बोला कि तुम्हारे जैसा जमाई मैंने कहीं नहीं देखा, मुझे तुम पर बहुत गर्व है। शक्ति और शिवांगी की दो संतानें बेटा सिद्धांत कपूर (जन्म 6 जुलाई 1984) और बेटी श्रद्धा कपूर (जन्म 3 मार्च 1987) हुईं। शक्ति कपूर की पत्नी शिवांगी कोल्हापुरे (अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे की बड़ी बहन) दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की रिश्तेदार (भतीजी) हैं। बता दें कि शिवांगी कोल्हापुरे के पिता पंडित पंधारीनाथ कोल्हापुरे की मां, लता मंगेशकर के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की सौतेली बहन थीं। इस नाते शिवांगी के पिता पंधारीनाथ जी, लता मंगेशकर और आशा भोसले के चचेरे भाई लगते थे। एक नजर शक्ति कपूर के करियर पर शक्ति कपूर ने 1977 में फिल्म ‘खेल खिलाड़ी का’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। शुरुआती दौर में उन्हें कई छोटी भूमिकाएं मिलीं, लेकिन ‘कुर्बानी’ और ‘रॉकी’ में विलेन के किरदारों ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद ‘हिम्मतवाला’ और ‘हीरो’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने नेगेटिव रोल निभाया। शक्ति कपूर ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से पढ़ाई की है। 1990 के दशक में शक्ति कपूर ने अपनी एक्टिंग का दायरा बढ़ाया और कॉमेडी में भी खास पहचान बनाई। ‘राजा बाबू’ में नंदू का किरदार उनके सबसे यादगार रोल्स में शामिल है। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड मिला। ‘अंदाज अपना अपना’ में क्राइम मास्टर गोगो, ‘चालबाज’, ‘इंसाफ’, ‘बाप नंबरी बेटा दस नंबरी’ और ‘बोल राधा बोल’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार भी खूब चर्चित रहे। बाद में उन्होंने ‘हंगामा’, ‘हलचल’, ‘चुप चुप के’ और ‘मालामाल वीकली’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… एक्ट्रेस साधना ने 1 रुपए से शुरू की थीं फिल्में:‘साधना कट’ से देशभर में छाईं, आखिरी दिनों में आर्थिक तंगी से जूझीं हिंदी सिनेमा के 60 और 70 के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री आईं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और स्टाइल से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। नाम था साधना शिवदासानी। कभी उनकी फिल्में हिट होती थीं और उनका हेयरस्टाइल पूरे देश में ट्रेंड करता था, लेकिन जिंदगी के आखिरी दौर में उन्हें बीमारी, आर्थिक तंगी और अकेलेपन का सामना करना पड़ा। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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1 घंटे पहले कॉपी लिंक शक्ति कपूर का जन्म 3 सितंबर 1952 को दिल्ली में हुआ था। उनका रियल नाम सुनील सिकंदरलाल कपूर है। कई सुपरहिट फिल्मों में विलेन और कॉमेडियन का रोल प्ले करने वाले शक्ति कपूर आज 74 साल के हो गए। तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि शिवांगी को देखकर उन्हें वह पहली नजर में ही बेहद खूबसूरत लगी थीं। उन्होंने शिवांगी से हल्की-सी लाइन भी मारी और मन ही मन तय कर लिया था कि शादी करेंगे तो इसी मराठिन से करेंगे। फिर दोनों की मुलाकात के बाद दोनों में दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। शिवांगी कोल्हापुरे ने मुख्य तौर पर बतौर अभिनेत्री केवल 1 फिल्म (किस्मत) में काम किया। वहीं, उन्होंने युवावस्था में कई फिल्मों में अपनी आवाज दी, जिसमें यादों की बारात (1973), बारूद (1976) जैसी फिल्में शामिल हैं। परिवार रिश्ते के खिलाफ था जब दोनों की मुलाकात हुई थी, तब शक्ति कपूर करीब 30 वर्ष के थे और शिवांगी महज 18 साल की थीं। इसके अलावा, शक्ति कपूर फिल्मों में अक्सर विलेन के रोल निभाते थे। इसी वजह से शिवांगी के माता-पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। जब दोनों ने शादी की बात की, तो शिवांगी के परिवार ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। परिवार को मनाने के सारे रास्ते बंद होने के बाद शिवांगी ने घर से भागकर शक्ति कपूर के साथ शादी करने का फैसला किया। 1982 में की कोर्ट मैरिज साल 1982 में दोनों ने भागकर कोर्ट मैरिज कर ली। शुरुआत में शक्ति कपूर का परिवार भी थोड़ा हिचकिचा रहा था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि शिवांगी मशहूर गायिका लता मंगेशकर के परिवार से ताल्लुक रखती हैं, तो वे मान गए। शादी के बाद शिवांगी के माता-पिता कई सालों तक उनसे नाराज रहे। हालांकि, बड़े बेटे सिद्धांत कपूर और बाद में बेटी श्रद्धा कपूर के जन्म के बाद दोनों परिवारों के बीच की कड़वाहट खत्म हो गई। शिवांगी के माता-पिता ने भी इस रिश्ते को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया। अखबार में लिखा गया- 3 महीने में तलाक हो जाएगा कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि उनकी शादी के बाद अखबार में आया था कि 3 महीने में उनका तलाक हो जाएगा। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं, शक्ति के ससुर ने उनसे आकर बोला कि तुम्हारे जैसा जमाई मैंने कहीं नहीं देखा, मुझे तुम पर बहुत गर्व है। शक्ति और शिवांगी की दो संतानें बेटा सिद्धांत कपूर (जन्म 6 जुलाई 1984) और बेटी श्रद्धा कपूर (जन्म 3 मार्च 1987) हुईं। शक्ति कपूर की पत्नी शिवांगी कोल्हापुरे (अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे की बड़ी बहन) दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की रिश्तेदार (भतीजी) हैं। बता दें कि शिवांगी कोल्हापुरे के पिता पंडित पंधारीनाथ कोल्हापुरे की मां, लता मंगेशकर के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की सौतेली बहन थीं। इस नाते शिवांगी के पिता पंधारीनाथ जी, लता मंगेशकर और आशा भोसले के चचेरे भाई लगते थे। एक नजर शक्ति कपूर के करियर पर शक्ति कपूर ने 1977 में फिल्म ‘खेल खिलाड़ी का’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। शुरुआती दौर में उन्हें कई छोटी भूमिकाएं मिलीं, लेकिन ‘कुर्बानी’ और ‘रॉकी’ में विलेन के किरदारों ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद ‘हिम्मतवाला’ और ‘हीरो’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने नेगेटिव रोल निभाया। शक्ति कपूर ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से पढ़ाई की है। 1990 के दशक में शक्ति कपूर ने अपनी एक्टिंग का दायरा बढ़ाया और कॉमेडी में भी खास पहचान बनाई। ‘राजा बाबू’ में नंदू का किरदार उनके सबसे यादगार रोल्स में शामिल है। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड मिला। ‘अंदाज अपना अपना’ में क्राइम मास्टर गोगो, ‘चालबाज’, ‘इंसाफ’, ‘बाप नंबरी बेटा दस नंबरी’ और ‘बोल राधा बोल’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार भी खूब चर्चित रहे। बाद में उन्होंने ‘हंगामा’, ‘हलचल’, ‘चुप चुप के’ और ‘मालामाल वीकली’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… एक्ट्रेस साधना ने 1 रुपए से शुरू की थीं फिल्में:‘साधना कट’ से देशभर में छाईं, आखिरी दिनों में आर्थिक तंगी से जूझीं हिंदी सिनेमा के 60 और 70 के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री आईं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और स्टाइल से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। नाम था साधना शिवदासानी। कभी उनकी फिल्में हिट होती थीं और उनका हेयरस्टाइल पूरे देश में ट्रेंड करता था, लेकिन जिंदगी के आखिरी दौर में उन्हें बीमारी, आर्थिक तंगी और अकेलेपन का सामना करना पड़ा। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔