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Uttarakhand Winter Tourism | CM Dhami Invites Virat Kohli & Anushka Sharma

Uttarakhand Winter Tourism | CM Dhami Invites Virat Kohli & Anushka Sharma

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की फाइल फोटो। उत्तराखंड में अब पर्यटन को सिर्फ गर्मियों और चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं रखने की तैयारी है। राज्य सरकार सर्दियों में भी ज्यादा पर्यटकों को पहाड़ों तक लाने के लिए विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर . विराट-अनुष्का जैसे लोकप्रिय चेहरे अगर सर्दियों में उत्तराखंड आते हैं तो पहाड़ों की बर्फ, शीतकालीन चारधाम और यहां की दूसरी घूमने की जगहों को देशभर में पहचान मिल सकती है। खासकर युवाओं में इसका असर देखने को मिल सकता है। सरकार की कोशिश है कि लोग सर्दियों में भी उत्तराखंड को घूमने के लिए चुनें और पर्यटन का फायदा ज्यादा महीनों तक स्थानीय लोगों को मिले। सर्दियों में सिर्फ दर्शन नहीं, बर्फ और एडवेंचर का भी मजा सरकार सर्दियों के पर्यटन को सिर्फ चारधाम यात्रा से नहीं जोड़ रही है। उत्तराखंड में बर्फबारी के दौरान स्कीइंग, स्नो ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग, कैंपिंग, जंगल सफारी, गांवों में होमस्टे और पहाड़ों की सैर जैसे विकल्प भी पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। औली में बर्फ के बीच स्कीइंग सबसे बड़ा आकर्षण है। चोपता-तुंगनाथ-चंद्रशिला में बर्फीली पहाड़ियों के बीच ट्रेकिंग का अलग अनुभव मिलता है। पिथौरागढ़ का मुनस्यारी और खलिया टॉप, उत्तरकाशी का दयारा बुग्याल, चकराता और चौकोरी जैसे इलाके भी सर्दियों में बर्फ और शांत पहाड़ी माहौल के लिए पर्यटकों को खींच सकते हैं। इसके अलावा साफ आसमान वाली सर्द रातों में पहाड़ों पर तारों को देखने, स्थानीय खाना खाने, गांवों में रहने और पहाड़ी जीवन को करीब से जानने का अनुभव भी पर्यटकों को दिया जा सकता है। यानी सरकार की कोशिश है कि सर्दियों में उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के पास धार्मिक यात्रा के अलावा भी घूमने और समय बिताने के कई विकल्प हों। 365 दिन पर्यटन बढ़ाने पर जोर उत्तराखंड में पर्यटन का बड़ा हिस्सा चारधाम यात्रा और गर्मियों के मौसम पर निर्भर रहता है। सरकार अब इस तस्वीर को बदलना चाहती है। लक्ष्य है कि सालभर पर्यटक उत्तराखंड आएं, ताकि होटल, होमस्टे, टैक्सी, गाइड, दुकान और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को पूरे साल काम मिलता रहे। इसी सोच के तहत एडवेंचर और साइकिलिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यटन विभाग अल्टीमेट उत्तराखंड एमटीबी चैलेंज को नए रूप में आयोजित करने जा रहा है। 14 से 20 अक्टूबर तक 700 किमी की साइकिल यात्रा 14 से 20 अक्टूबर तक उत्तराखंड में करीब 700 किलोमीटर का साइकिल अभियान होगा। पर्यटन विभाग के अनुसार यह यात्रा नैनीताल-मुक्तेश्वर से शुरू होकर बागेश्वर, कर्णप्रयाग, गुप्तकाशी और टिहरी होते हुए मसूरी में खत्म होगी। इस बार साइकिल सवारों को सिर्फ सामान्य सड़क पर नहीं चलाया जाएगा। रास्ते में कुछ ऑफ-रोड यानी कच्चे और पहाड़ी रास्ते भी शामिल किए जाएंगे। अभियान में 60 से ज्यादा विदेशी और पेशेवर साइकिल सवारों के शामिल होने की उम्मीद है। पर्यटन विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से उत्तराखंड को दुनिया में एडवेंचर और पहाड़ों पर घूमने के लिए बेहतर जगह के तौर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। साइकिल यात्रा कुमाऊं और गढ़वाल के कई जिलों से होकर गुजरेगी। देहरादून में बीता बचपन, परिवार की जड़ें भी उत्तराखंड में अनुष्का शर्मा का जन्म अयोध्या में हुआ था, लेकिन उनका उत्तराखंड से पुराना पारिवारिक रिश्ता है। उनके परिवार की जड़ें उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र से जुड़ी हैं। अनुष्का का बचपन और शुरुआती साल देहरादून से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में देहरादून को अपना होमटाउन बताया था। देहरादून में उनका पुश्तैनी घर भी रहा है, जहां उनकी दादी और परिवार के दूसरे सदस्य रहते थे। अनुष्का के उत्तराखंड कनेक्शन की वजह से विराट के साथ उनकी यात्राओं में भी इस राज्य से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव नजर आता है। आखिरी बार 2023 में आए थे दोनों… 2023 में ऋषिकेश के आश्रम पहुंचे थे विराट-अनुष्का: जनवरी 2023 में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा उत्तराखंड पहुंचे थे। दोनों ऋषिकेश स्थित स्वामी दयानंद सरस्वती आश्रम गए और यहां पूजा-अर्चना के साथ ध्यान किया। यह दौरा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से ठीक पहले हुआ था। 2022 में बेटी वामिका के साथ कैंची धाम आए: नवंबर 2022 में विराट-अनुष्का अपनी बेटी वामिका के साथ नैनीताल जिले के कैंची धाम पहुंचे थे। दोनों ने नीम करौली बाबा के मंदिर में दर्शन किए और आरती में शामिल हुए। इसके बाद दोनों काकड़ीघाट भी गए थे। उनकी इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे थे। 2016 में शादी से पहले नरेंद्रनगर-हरिद्वार की सैर: दिसंबर 2016 में शादी से पहले विराट और अनुष्का उत्तराखंड आए थे। दोनों नरेंद्रनगर स्थित आनंदा इन द हिमालयाज में ठहरे और छुट्टियां बिताईं। इस दौरान हरिद्वार के अनंत धाम आश्रम भी पहुंचे और पूजा-अर्चना की। ———————— ये खबर भी पढ़ें…. देहरादून में कार सवार महिला ने गाड़ियों को रौंदा:सब्जी की दुकान में घुसी, दुकानदार घायल; मौके पर भारी हंगामा देहरादून के कैंट थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक बेकाबू कार ने सड़क किनारे खड़े कई दोपहिया वाहनों और सब्जी के ठेलों को टक्कर मार दी। हादसे में एक दुकानदार घायल हो गया, जबकि कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। (पढ़ें पूरी खबर)

Air Vice Marshal Shakti Sharma & S Jaishankar Ukraine Poland Visit

Air Vice Marshal Shakti Sharma & S Jaishankar Ukraine Poland Visit

Hindi News Career Air Vice Marshal Shakti Sharma & S Jaishankar Ukraine Poland Visit 18 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. विदेश मंत्री एस जयशंकर यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा पर जाएंगे 3 सितंबर को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा के दौरान जयशंकर यूक्रेन की विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा से मुलाकात करेंगे। साथ ही जयशंकर पोलैंड में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से भी मुलाकात करेंगे। एस जयशंकर की ये यात्रा भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और रीजनल मुद्दों पर बात करना है। इससे पहले 26 अगस्त को जयशंकर और सिबीहा के बीच बातचीत हुई थी। जहां ब्लैक सी और यूक्रेनी बंदरगाहों और खाद्य निर्यात पर हमलों का मुद्दा भी उठाया गया था। पोलैंड EU और NATO का सदस्य है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण यूरोपीय सुरक्षा व्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। विदेश मंत्री का ये दौरा ऐसे समय पर है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है। 2. पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO 2 सितंबर को पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को जीतेंद्र मिश्रा के नाम का ऐलान किया। मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) भी मिला। जीतेंद्र मिश्रा के अलावा राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नए सचिव बनाए गए हैं। साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट में 3 नए सदस्य भी बनाए गए हैं। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और RSS समर्थक शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी होंगी। ये बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामला सामने आने के 3 महीने के बाद हुआ। इस मामले में 8 आरोपी जेल में हैं। 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। वह 58 दिनों तक पद रहे। 3. शक्ति शर्मा पहली नॉन-मेडिकल ऑफिसर बनीं 1 सितंबर को एयर वाइस मार्शल (AVM) शक्ति शर्मा ने असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (एजुकेशन) का पद संभाला। शक्ति नॉन-मेडिकल ब्रांच से एयर वाइस मार्शल यानी टू-स्टार रैंक हासिल करने वाली भारत की पहली महिला ऑफिसर बनीं। वे इंडियन डिफेंस फोर्सज की नॉन मेडिकल ब्रांच से टू स्टार रैंक पाने वाली पहली महिला ऑफिसर बन गई हैं। एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने एयर हेडक्वाटर में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पद संभाला। शक्ति ने 18 जून 1994 को भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था और उनके पास 30 से ज्यादा सालों तक का अनुभव है। शक्ति के पास ट्रेनिंग इस्टैब्लिशमेंट, फील्ड स्टेशन, कमांड हेडक्वाटर्र और एयर हेडक्वाटर्स में काम किया है। AVM शक्ति भारतीय वायुसेना की एजुकेशन ब्रांच की ऑफिसर हैं। निधन (DEATH) 4. पहले स्पेस जर्नलिस्ट का निधन 1 सितंबर को पहले अंतरिक्ष जर्नलिस्ट तोयोहिरो अकियामा का 84 साल की उम्र में निधन हो गया। अकियामा पेशे से पत्रकार थे और जापानी टेलीविजन चैनल TBS से जुड़े थे। 1990 में वे सोवियत संघ के ऑर्बिटल स्पेस स्टेशन ‘मीर’ (Mir) पर गए थे। अकियामा ने अंतरिक्ष यात्रा सोवियत संघ के सोयुज TM-11 मिशन के तहत की थी। अकियामा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले जापानी नागरिक और पहले प्रोफेशनल जर्नलिस्ट थे और अंतरिक्ष से रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते थे। अकियामा ने मीर स्टेशन से पृथ्वी पर लाइव रिपोर्टिंग की थी, जिससे अंतरिक्ष यात्रा को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिली। अकियामा की स्पेस यात्रा सोवियत संघ के अंतरिक्ष कार्यक्रम और जापान के मीडिया इतिहास, दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। मीर स्पेस स्टेशन सोवियत संघ के द्वारा पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया दुनिया का पहला मॉड्यूलर अनुसंधान अंतरिक्ष स्टेशन था। अकियामा पेशे से पत्रकार थे और जापानी टेलीविजन चैनल TBS से जुड़े थे। मिसलीनियस 5. भारत-अफगानिस्तान जॉइंट वर्किंग बैठक हुई 2 सितंबर को भारत-अफगानिस्तान के बीच जॉइंट वर्किंग ग्रुप ऑन ट्रेड से जुड़ी बैठक हुई। ये बैठक दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए हुई है। इस बैठक में व्यापार को आसान बनाने और कस्टम्स सपोर्ट, अफगानी व्यापारियों के लिए वीजा की सुविधा पर बात हुई। इस बैठक में बैंकिंग और फाइनेंशियल सपोर्ट, दवा और एग्रीकल्चर ट्रेड, एनर्जी सपोर्ट, टैरिफ में छूट, कार्गो कनेक्टिविटी और बंदरगाह से जुड़े मुद्दे शामिल किये। साथ ही कस्टम्स और डेटा-शेयरिंग में बेहतर सपोर्ट दवा और कृषि के क्षेत्र में रेगुलेटरी सहयोग, बेहतर व्यापार कनेक्टिविटी पर चर्चा की। दोनों देशों ने व्यापार, वाणिज्य और निवेश के रिश्तों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और चर्चा किए गए मुद्दों पर लगातार बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई। इस बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें वाणिज्य, उद्योग, कस्टम्स, रेगुलेटरी अथॉरिटी और डिप्लोमैटिक मिशन के प्रतिनिधि शामिल थे। आज का इतिहास 1833 में अमेरिका में पहला न्यूज पेपर ‘न्यूयार्क सन’ बेंजामिन एच डे के शुरू किया। 1971 में कतर देश को 55 वर्षों के ब्रिटिश शासन के बाद स्वतंत्रता प्राप्त हुई। ————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

कीव15 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। इनमें अनाज ले जाने वाले जहाज, तेल टैंकर और दूसरे मालवाहक पोत शामिल हैं।लगातार हमलों से ब्लैक सी का समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। जहाज मालिक इस रूट पर जाने से बच रहे हैं और माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है। इसका असर दुनिया की खाद्य सप्लाई पर पड़ने का खतरा है। गेहूं और मक्का की कीमतों में तेजी आ सकती है। रूस और यूक्रेन मिलकर दुनिया के करीब 30% गेहूं निर्यात का हिस्सा रखते हैं। दोनों देशों का ज्यादातर अनाज ब्लैक सी के रास्ते दूसरे देशों तक पहुंचता है। रूस का अनाज निर्यात 71% घटा अगस्त में रूस का कुल अनाज निर्यात पिछले साल के 59 लाख टन से घटकर 17 लाख टन रह गया। यानी करीब 71% की गिरावट आई। रूस का गेहूं निर्यात भी 50 लाख टन से घटकर 13 लाख टन रह गया। रूसी गेहूं खरीदने वाले देशों की संख्या 43 से घटकर 16 रह गई है। वहीं, रूस से अनाज भेजने वाले बंदरगाहों की संख्या 47 से घटकर 10 रह गई। देश के सबसे बड़े बंदरगाह नोवोरोसिस्क से शिपमेंट 24.9 लाख टन से घटकर 10.4 लाख टन रह गया। पिछले साल के मुकाबले गेहूं 30% महंगा हुआ बंदरगाहों और जहाजों पर हमले बढ़ने से अनाज का समुद्री कारोबार प्रभावित हुआ है। दोनों देशों के गोदामों में अनाज मौजूद है, लेकिन उसे खरीदार देशों तक पहुंचाने में मुश्किल आ रही है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिख रहा है। गेहूं की कीमतें पिछले एक साल में करीब 30% बढ़ चुकी हैं। यूक्रेन ने सड़क-रेल से निर्यात बढ़ाया, लेकिन सप्लाई कम ब्लैक सी का समुद्री रास्ता प्रभावित होने के बाद यूक्रेन सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए अनाज दूसरे देशों तक भेज रहा है। हालांकि इन रास्तों की क्षमता ब्लैक सी के बंदरगाहों की तुलना में काफी कम है। डेन्यूब नदी के रास्ते भी सीमित मात्रा में अनाज भेजा जा रहा है। लेकिन जलस्तर और परिवहन क्षमता की वजह से यह विकल्प समुद्री रास्ते की पूरी भरपाई नहीं कर पा रहा है। मक्का की ग्लोबल सप्लाई पर भी असर का खतरा ब्लैक सी में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ गेहूं पर नहीं, मक्का की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। 2025-26 में यूक्रेन ने 2.3 करोड़ टन मक्का निर्यात किया था। यह दुनिया के कुल मक्का निर्यात का करीब 12% था। अगर मौजूदा हालात लंबे समय तक जारी रहे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में मक्का की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। ब्लैक सी क्यों है इतना अहम? ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। दोनों देश मिलकर वैश्विक गेहूं निर्यात का करीब 30% हिस्सा रखते हैं। इसलिए ब्लैक सी में सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय खाद्य बाजार पर पड़ सकता है। 2022 में भी बढ़ी थीं खाद्य कीमतें 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ब्लैक सी से अनाज निर्यात बाधित हुआ था। उस समय दुनिया भर में खाद्य कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। बाद में संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से ब्लैक सी ग्रेन डील लागू हुई। इससे लाखों टन अनाज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सका। अब ब्लैक सी में फिर जहाजों और बंदरगाहों पर हमले बढ़ने से वैश्विक खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अगर समुद्री रास्ता लंबे समय तक प्रभावित रहा तो गेहूं, मक्का और खाद्य तेल की कीमतों में नई तेजी आ सकती है। इसका असर उन देशों पर ज्यादा पड़ सकता है जो रूस और यूक्रेन से होने वाले अनाज निर्यात पर निर्भर हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील पर बातचीत नहीं:तेहरान की मदद करने वालों पर बैन लगाएंगे; मोदी-पजशकियान मुलाकात पर सवाल पूछा था अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील हुई है। उनसे पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की मुलाकात को लेकर सवाल किया गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

Russia-Ukraine War Impact | Black Sea Grain Export Crisis & Price Surge

5 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस-यूक्रेन युद्ध में अब ब्लैक सी सबसे बड़ा संघर्ष क्षेत्र बनता जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया है। इनमें अनाज ढोने वाले जहाज, तेल टैंकर और अन्य मालवाहक पोत शामिल हैं। लगातार हमलों के कारण वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है और गेहूं व मक्का जैसी जरूरी फसलों की कीमतों में तेजी आने लगी है। दुनिया के कुल गेहूं निर्यात में रूस और यूक्रेन की हिस्सेदारी करीब 30% है। इन दोनों देशों का अधिकांश अनाज ब्लैक सी के रास्ते दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। लेकिन बंदरगाहों और जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है। जहाज मालिक इस मार्ग पर आने से बच रहे हैं और माल ढुलाई की लागत भी तेजी से बढ़ गई है। अनाज निर्यात पर असर यूक्रेन पिछले महीने अपनी क्षमता का केवल सीमित हिस्सा ही निर्यात कर पाया। वहीं रूस का अनाज निर्यात भी पिछले वर्ष की तुलना में तेजी से घटा है। दोनों देशों के गोदामों में अनाज मौजूद है, लेकिन उसे खरीदार देशों तक पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिख रहा है, जहां गेहूं की कीमतें पिछले एक साल में लगभग 30% बढ़ चुकी हैं। सड़क और रेल मार्ग बने विकल्प समुद्री मार्ग बाधित होने के बाद यूक्रेन सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए अनाज निर्यात करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इन मार्गों की क्षमता ब्लैक सी के बंदरगाहों जितनी नहीं है। डेन्यूब नदी के जरिए भी सीमित मात्रा में अनाज भेजा जा रहा है, लेकिन जलस्तर और परिवहन क्षमता की वजह से यह विकल्प पर्याप्त नहीं माना जा रहा। मक्का की सप्लाई पर संकट ब्लैक सी में बढ़ते तनाव का असर केवल गेहूं पर ही नहीं, बल्कि मक्का पर भी पड़ सकता है। वर्ष 2025-26 में यूक्रेन ने 2.3 करोड़ टन मक्का निर्यात किया था, जो दुनिया के कुल मक्का निर्यात का लगभग 12% था। मौजूदा हालात जारी रहे तो मक्का की वैश्विक सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। रूस के अनाज निर्यात में 71% गिरावट ब्लैक सी में बढ़ते हमलों का असर रूस के अनाज कारोबार पर भी पड़ा है। अगस्त में रूस का कुल अनाज निर्यात पिछले साल के 59 लाख टन से घटकर 17 लाख टन रह गया, यानी करीब 71% की गिरावट दर्ज की गई। गेहूं निर्यात 50 लाख टन से घटकर 13 लाख टन रह गया। रूसी गेहूं खरीदने वाले देशों की संख्या 43 से घटकर 16 रह गई है, जबकि अनाज भेजने वाले बंदरगाह 47 से घटकर केवल 10 रह गए हैं। रूस के सबसे बड़े बंदरगाह नोवोरोसिस्क से शिपमेंट भी 24.9 लाख टन से घटकर 10.4 लाख टन रह गया। क्यों अहम है ब्लैक सी ब्लैक सी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से होने वाले अधिकांश गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का निर्यात इसी रास्ते से होता है। दोनों देश मिलकर वैश्विक गेहूं निर्यात का करीब 30% हिस्सा रखते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे खाद्य बाजार को प्रभावित करता है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जब ब्लैक सी के रास्ते अनाज निर्यात बाधित हुआ था, तब दुनिया भर में खाद्य कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई थी। बाद में संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से ब्लैक सी ग्रेन डील लागू की गई, जिससे लाखों टन अनाज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सका। अब एक बार फिर ब्लैक सी में जहाजों और बंदरगाहों पर हमले बढ़ने से वैश्विक खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समुद्री मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहा, तो गेहूं, मक्का और खाद्य तेल की कीमतों में नई बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

4 घंटे मलबे में दबी रहीं 97 साल की महिला:रेस्क्यू के बाद बार-बार पूछा- पानी ने मुझे क्यों मारा; नेपाल बाढ़ में 1243 की मौत

4 घंटे मलबे में दबी रहीं 97 साल की महिला:रेस्क्यू के बाद बार-बार पूछा- पानी ने मुझे क्यों मारा; नेपाल बाढ़ में 1243 की मौत

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में 97 साल की गुना माया बोहरा करीब 4 घंटे तक मलबे में दबी रहीं। नुवाकोट के देविघाट में नदी किनारे बने बुजुर्ग देखभाल केंद्र की ग्राउंड फ्लोर पर वह अपने कमरे में थीं। बाढ़ का पानी ग्राउंड फ्लोर तक पहुंचा और गुना माया को बहाकर एक किनारे तक ले गया, जहां पानी का बहाव कम था। उनके रिश्तेदार भी JCB लेकर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू में सेना और पुलिस की मदद की। गुना माया को काठमांडू के बीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू के बाद वह बहुत कम बोलती हैं और बार-बार एक ही सवाल पूछती हैं- “पानी ने मुझे क्यों मारा?” नेपाल में इस बाढ़ से अब तक 1,243 लोगों की मौत हो चुकी है। भोटेकोशी नदी के रास्ते और अंडरग्राउंड पावरहाउस की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश अब भी जारी है। नेपाल त्रासदी से जुड़ी 5 तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट में गोलीबारी, 2 की मौत:संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट में गोलीबारी, 2 की मौत:संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट में गोलीबारी हुई। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में 3 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 को गोली लगी है। तीनों अधिकारियों की हालत स्थिर है। पुलिस को स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बिल्डिंग में गोली चलने की सूचना मिली थी। इसके करीब 3 मिनट बाद पुलिसकर्मी बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें पीड़ित मिले। पुलिस ने गोलियों की आवाज का पीछा करते हुए ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर कार्रवाई की। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा मिनियापोलिस पुलिस के सार्जेंट गैरेट पार्टेन के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। संदिग्ध की मौत कैसे हुई, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में 7 मरीज लाए गए थे। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। पार्टेन ने घटना को बेहद दुखद बताया और मृतकों, घायलों, पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पुलिस को ऊपर की मंजिल से गोलियों की आवाज सुनाई दी पुलिस के मुताबिक, अधिकारी बिल्डिंग में दाखिल होने के बाद गोलियों की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल की ओर गए। वहां धुंध या धुएं जैसी स्थिति के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने पास के घनी आबादी वाले लॉरिंग पार्क इलाके के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। चश्मदीद ने 8 गोलियों की आवाज सुनी अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले जूलियस बेली ने बताया कि वह बिल्डिंग के बाहर बैठे थे। तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और एक ऐसे व्यक्ति को पिस्टल के साथ देखा, जिसे वह बिल्डिंग के निवासी के तौर पर पहचानते थे। बेली के मुताबिक, उन्होंने एक महिला को चिल्लाते सुना और तुरंत वहां से भाग गए। उन्होंने करीब 8 गोलियों की आवाज गिनी। बेली ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भी हथियार दिखाता था। वह जून में इस बिल्डिंग में रहने आए थे और तब से उस व्यक्ति से बचने की कोशिश कर रहे थे। गवर्नर बोले- पुलिस की मदद के लिए राज्य के अधिकारी मौके पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने डाउनटाउन मिनियापोलिस में लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे पुलिस और अन्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स का आभार जताया। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भी कहा कि एजेंसी घटना पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। ——————————-

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी:2 की मौत, हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी:2 की मौत, हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी का संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में मिनियापोलिस पुलिस के तीन अधिकारी घायल हुए हैं। पुलिस सार्जेंट गैरेट पार्टेन ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इनमें से दो अधिकारियों को गोली लगी है। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर के अनुसार, तीनों पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है। पुलिस को शाम करीब 4:30 बजे इमारत में गोली चलने की सूचना मिली। पार्टेन के मुताबिक, सूचना मिलने के करीब तीन मिनट बाद पुलिसकर्मी हाई-राइज बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें कुछ लोग घायल अवस्था में मिले। पुलिसकर्मियों ने इसके बाद और गोलियां चलने की आवाज सुनी और आवाज का पीछा करते हुए इमारत की ऊपरी मंजिल की ओर बढ़े। वहां धुएं या धुंध जैसी स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम हो गई थी। पार्टेन ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि एक पीड़ित की घटनास्थल पर ही गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी करने वाले संदिग्ध की मौत किस तरह हुई। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में कुल सात मरीज लाए गए हैं। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई गोलीबारी की कहानी अपार्टमेंट बिल्डिंग के बाहर मौजूद जूलियस बेली ने बताया कि उसने गोलियों की आवाज सुनी और इमारत में रहने वाले एक व्यक्ति को पिस्तौल हाथ में लिए देखा। उसने एक महिला को चिल्लाते हुए सुना और तुरंत वहां से भाग गया। बेली के मुताबिक, उसने करीब आठ गोलियां चलने की आवाज सुनी। उसने बताया कि वह उस व्यक्ति को पहचानता था और उसके बारे में जानता था कि वह अक्सर अपने हथियार का प्रदर्शन करता था। बेली ने कहा कि जून में इमारत में रहने के बाद से वह उस व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहा था। बेली ने कहा, “मैं बता सकता था कि वह परेशानी खड़ी करने वाला था।” इमारत में रहने वाले क्रिस मिलर ने बताया कि उसने लगातार कई गोलियां चलने की आवाज सुनी और सुरक्षा के लिए तुरंत बाहर भाग गया। मिलर ने कहा कि उसे अंदाजा था कि गोलीबारी किसने की होगी। उसने यह भी बताया कि इसी सप्ताह की शुरुआत में उसने इमारत के गलियारे में एक व्यक्ति को हैंडगन के साथ देखा था और इसकी जानकारी बिल्डिंग मैनेजमेंट को दी थी। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाई सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास स्थित एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने आसपास के घनी आबादी वाले लोरिंग पार्क इलाके के लोगों को वहां जाने से बचने की चेतावनी दी। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पर कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “आज दोपहर डाउनटाउन मिनियापोलिस में हमारे पड़ोसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे कानून प्रवर्तन अधिकारियों के प्रति आभारी हूं। मिनेसोटा हमारे प्रथम प्रतिक्रियाकर्ताओं के लिए प्रार्थना कर रहा है।” FBI भी जांच में शामिल FBI के निदेशक काश पटेल ने कहा कि संघीय एजेंसी गोलीबारी की घटना पर कार्रवाई कर रही है और स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराएगी। पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि FBI स्थानीय प्रशासन को हर संभव सहायता देगी।

हर्षिता गौर का दिल टूटा, दो साल बाद संभलीं:बोलीं- उस रिश्ते ने खुद से प्यार करना सिखाया, पेरेंट्स अब शादी के लिए दबाव नहीं डालते

हर्षिता गौर का दिल टूटा, दो साल बाद संभलीं:बोलीं- उस रिश्ते ने खुद से प्यार करना सिखाया, पेरेंट्स अब शादी के लिए दबाव नहीं डालते

हर्षिता गौर ने एक्टिंग की शुरुआत टीवी से की और ‘मिर्जापुर’ से उन्हें अलग पहचान मिली। इंटरव्यू में उन्होंने पहली कमाई, माता-पिता के सपोर्ट और आने वाले प्रोजेक्ट्स समेत कई बातें साझा कीं। उनकी मां डॉक्टर होने के साथ 9 साल तक थिएटर भी कर चुकी हैं। बचपन में हर्षिता ने एक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन माता-पिता को उम्मीद थी कि यह सपना कुछ समय बाद खत्म हो जाएगा। उन्होंने मुंबई में अपने 12 साल पुराने घर को खरीदने की कोशिश का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने सपनों के राजकुमार, दिल टूटने और खुद को प्यार करना सीखने पर भी बात की। बचपन में एक्टिंग करने का ख्याल कैसे आया? मैं करीब 7-8 साल की रही होंगी, जब मैंने मां से कहा था कि मुझे टीवी पर आना है। बचपन में ज्यादा फिल्में नहीं देखती थी, लेकिन 4 साल की उम्र से कथक सीख रही थी और स्टेज पर परफॉर्म करती थी। जब लोग मेरी तारीफ करते थे और मिलने आते थे, तो शायद वहीं से एक्टर बनने का ख्याल आया। आपकी मां भी थिएटर करती थीं? हां, मेरी मां डॉक्टर हैं, लेकिन उन्होंने पंजाब में करीब 9 साल तक थिएटर भी किया था। बचपन में मुझे पता नहीं था कि वह थिएटर एक्टर रही हैं। जब मैं थोड़ी बड़ी हुई, तब उन्होंने बताया। मुझे लगता है कि एक्टिंग का कीड़ा शायद उन्हीं से आया है। जब आपने माता-पिता को बताया कि एक्टर बनना है, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया थी? शुरुआत में उन्हें लगा कि मैं कुछ समय बाद भूल जाऊंगी। लेकिन यह सपना कभी खत्म नहीं हुआ। 10वीं के बाद मेडिकल या नॉन-मेडिकल चुनना था, तब मैंने पापा से कहा कि मुझसे डॉक्टर नहीं बना जाएगा, मुझे एक्टर बनना है। उन्होंने फिर भी कहा कि नॉन-मेडिकल या इंजीनियरिंग कर लो। फिर इंजीनियरिंग करने का फैसला कैसे हुआ? मुझे एक्टिंग ही करनी थी। उस समय NSD और FTII में ग्रेजुएशन के कोर्स नहीं थे, इसलिए ग्रेजुएशन करनी ही थी। मैंने सोचा कि जब करनी ही है तो कुछ भी कर लेते हैं, इसलिए इंजीनियरिंग कर ली। मैं मजाक में कहती हूं कि मैं इंजीनियरिंग से एक्टिंग में नहीं आई, बल्कि इंजीनियरिंग एक्टिंग के रास्ते में आई थी। आपके पापा ने एक्टिंग के लिए मुंबई आने से नहीं रोका? मेरे पापा ने कभी मुझे कोशिश करने से नहीं रोका। वह खुद गांव से आकर डॉक्टर बने थे, इसलिए शायद समझते थे कि अपने रास्ते पर कोशिश करना जरूरी है। कॉलेज के दौरान मैं दिल्ली में छोटे-मोटे शूट करती थी। एक बार सिर्फ ऑडिशन देने के लिए चार दिन की छुट्टी में मुंबई आई थी। पापा ने कहा था कि पहले जाकर खुद को टेस्ट करो, क्या पता वहां तुम्हें रिजेक्ट कर दें। आपकी पहली कमाई कितनी थी और उससे क्या किया था? मेरी पहली कमाई ₹1000 थी। एक ऐड के लिए करीब 12 घंटे शूट किया था और मुझे ₹1000 मिले थे। मुझे नहीं लगता कि मैंने उससे कुछ खास किया था। बस घर जाकर बताया था कि ये तो शुरुआत है। टीवी शो के बाद कमाई कितनी बढ़ी? शुरुआत में ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे, क्योंकि आप नए होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे शो चलता गया और हिट हुआ, कमाई धीरे-धीरे बढ़ती गई। मैंने तीन साल शो किया और बाद में मेरी फीस भी बढ़ी। हालांकि, टीवी में लोग जितना कमाते हैं, उसके मुकाबले मैंने बहुत ज्यादा नहीं कमाया। मुंबई आए आपको काफी साल हो गए, क्या आप अभी भी उसी घर में रहती हैं? हां, जब से मुंबई आई हूं, तब से इसी घर में रह रही हूं। करीब 12 साल हो गए हैं। लोगों को यह बड़ी बात लगती है कि मुंबई जैसे शहर में कोई इतने साल एक ही घर में रह रहा है। क्या कभी अपना घर खरीदने का सोचा? बिल्कुल सोचा है। मैंने इसी घर को खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन मेरे लैंडलॉर्ड अंकल-आंटी इसे बेचना नहीं चाहते थे। मुंबई में घर खरीदना आसान नहीं है। अगर आपके पास कम से कम 70-80 प्रतिशत डाउन पेमेंट नहीं है, तो लोन लेकर घर खरीदना महंगा पड़ सकता है। रेंट में कम से कम फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहती है। माता-पिता अब शादी को लेकर सवाल करते हैं? अब तो उन्होंने बोलना ही छोड़ दिया है। शुरुआत में उन्होंने काफी कोशिश की थी, क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा सेटल हो जाए। लेकिन अब उन्हें लगता है कि किसी को फोर्स करके शादी नहीं कराई जा सकती। इसलिए उनकी दुआएं और प्रार्थनाएं चलती रहती हैं कि मुझे अच्छा पार्टनर मिल जाए। आपके सपनों का राजकुमार कैसा होना चाहिए? मेरे लिए सबसे जरूरी है कि वह इमोशनली अवेयर हो। उसे अपने पैटर्न, गलतियां और स्ट्रेंथ समझ में आती हो। कम्युनिकेशन अच्छा होना चाहिए, ताकि वह अपनी फीलिंग्स खुलकर बता सके। उसके आसपास रहने वाला हर इंसान खुद को रिस्पेक्टेड महसूस करे, यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। क्या आपको अब तक अपना सपनों का राजकुमार मिला? रिश्ते रहे हैं, लेकिन उस समय हम दोनों शायद साथ में सही नहीं थे। हर इंसान अपनी जर्नी पर होता है और उसी हिसाब से सीखता है। मेरे पुराने रिश्तों में रहे लोग व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छे हैं और आज भी मेरे दोस्त हैं। कभी आपका दिल भी टूटा? हां, बिल्कुल। मैंने भी शायद किसी का दिल दुखाया है, लेकिन मेरा भी टूटा है। इससे बाहर आने में मुझे करीब डेढ़ से दो साल लग गए। जब मैं उससे बाहर निकली, तो लगा कि शायद वह रिश्ता मेरी जिंदगी में इसलिए आया था, ताकि मैं खुद से प्यार करना सीख सकूं। उस रिश्ते से सबसे बड़ी सीख क्या मिली? उस रिश्ते ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मेरी भी गलतियां रही होंगी और सामने वाले इंसान में कोई बुराई नहीं थी। लेकिन उस अनुभव के बाद मैं अलग इंसान बनी। आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अच्छा हुआ वह दौर मेरी जिंदगी में आया, क्योंकि उससे मैंने खुद को समझना और प्यार करना सीखा। अभी आपके कौन-कौन से प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं? मिर्जापुर’ फिल्म के अलावा दो और प्रोजेक्ट हैं। एक हॉरर प्रोजेक्ट है, जिसे निखिल आडवाणी की कंपनी ने बनाया है। इसमें परमब्रता चक्रवर्ती,

रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे

रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे

पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बात कही। अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन दरअसल, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 अहम क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है। तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है। SCO में मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंध, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। मोदी ने कहा था कि भारत ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों को इसमें शामिल करने पर भी जोर दिया गया था। पश्चिम एशिया के तनाव पर बातचीत BRICS और SCO में सहयोग जारी रखेगा भारत मोदी ने कहा था कि भारत BRICS और SCO जैसे मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने पेजेश्कियन को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।

रुबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वालों पर लगाएंगे नए प्रतिबंध

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पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।