एक्टर राजेश शर्मा ने बताई तबीयत बिगड़ने की वजह:फिल्म के सेट पर कीड़े ने नहीं काटा था, इंफेक्शन-हाई ब्लड शुगर से सीरियस हुए थे

एक्टर राजेश शर्मा ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह को लेकर चल रही अफवाहों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर उन्हें किसी कीड़े ने नहीं काटा था। उनकी तबीयत दाएं पैर के इंफेक्शन और हाई ब्लड शुगर की वजह से बिगड़ी। राजेश शर्मा ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मेडिकल इमरजेंसी के लिए न तो प्रभास जिम्मेदार हैं और न ही फिल्म की टीम। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ था। तबीयत कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज पूरा हो चुका है और अब रिकवरी चल रही है। राजेश के मुताबिक, वह एक हफ्ते में फिर से काम शुरू कर सकते हैं। एक्टर ने बताया कि उनके दाएं पैर की स्किन पर काफी समय से परेशानी थी। इसी वजह से पैर में इंफेक्शन हो गया। इस दौरान उनका डायबिटीज लेवल भी बहुत बढ़ गया, जिससे हालत सीरियस हो गई थी। पैर की स्किन पर लंबे समय से परेशानी थी राजेश शर्मा ने कहा, “यह झूठी खबर है। प्रभास की फिल्म के सेट पर कुछ नहीं हुआ। प्रभास और यूनिट किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं हैं। वे अच्छे लोग हैं। हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद से कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद हालत गंभीर हो गई। मेरी डायबिटीज बहुत बढ़ गई थी और शुरुआत में मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।” इंफेक्शन की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दाएं पैर की त्वचा पर लंबे समय से परेशानी थी। वहीं से इंफेक्शन हो गया।” राजेश शर्मा ने कहा, “मेरा इलाज पूरा हो गया है। रिकवरी चल रही है। उम्मीद है कि मैं एक हफ्ते में काम शुरू कर दूंगा।” कीड़े के काटने की खबर कैसे फैली राजेश शर्मा की तबीयत को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब उनकी दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान रामोजी फिल्म सिटी में राजेश को किसी कीड़े ने काट लिया था। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि सुदीपा ने चिंता की वजह से पोस्ट की थी, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “वह अच्छी दोस्त हैं। चिंता की वजह से उन्होंने पोस्ट की। लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।” सुदीपा के अब डिलीट हो चुके इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “एक्टर राजेश शर्मा को कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी में मशहूर एक्टर प्रभास के साथ फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े ने काट लिया। यह कीड़ा कोई बग या जहरीली मकड़ी हो सकती है। पैक-अप के बाद राजेश घने पेड़-पौधों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें कीड़े के काटने का अहसास हुआ। उस समय यह गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत इलाज नहीं कराया।” पोस्ट में आगे दावा किया गया था, “हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता की फ्लाइट ली। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आया, बेचैनी बढ़ती गई और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका था, लेकिन उन्हें तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और दाएं पैर में बढ़ता हुआ इंफेक्शन था।” राजेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें निगरानी में रखा गया था। उनके परिवार ने भी तबीयत को लेकर अपडेट जारी किया था। परिवार के मुताबिक, राजेश को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी के साथ दाएं पैर में तेजी से फैलता इंफेक्शन था। कहा गया था कि इंफेक्शन पैर की उंगलियों से घुटने की ओर बढ़ गया था और प्रभावित हिस्से पर बड़े छाले हो गए थे। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई थी साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, राजेश शर्मा की हेल्थ को लेकर ‘फौजी’ की टीम ने कहा था कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम ने कहा था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ की थी वहीं, राजेश शर्मा की सेहत को लेकर यह खबर सामने आई कि उन्हें कीड़े ने काट लिया है। तब इस पर एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
Pakistan Terrorist Vs India; Hafiz Talha Saeed Jihadist Speech Explained

‘भूल गए दिल्ली किसकी थी। हिंद में 500 साल मुसलमान हुक्मरान रहे।’ . ये बयान है आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद का। उसने पाकिस्तान के शेखपुरा में सरेआम भारत के खिलाफ जिहाद जारी रखने की बात कही। इसी भाषण में उसने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को ‘ईमान और तकवा’ वाला जनरल बताया। आखिर कौन है तल्हा सईद, आसिम मुनीर की इतनी तारीफ क्यों कर रहा और इस वक्त ऐसे बड़बोलेपन के पीछे की पूरी कहानी, आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: तल्हा सईद ने ऐसा क्या बोला, जो सुर्खियों में है? जवाबः सोशल मीडिया पर तल्हा सईद का 2 मिनट 5 सेकेंड का एक वीडियो वायरल है। उसमें कही 3 बातें चर्चा में हैं… दिल्ली में 500 साल मुसलमानों का राजः तल्हा ने कहा, ‘जिस हिंद में मुसलमान 500 साल हुक्मरान रहे। आज वहां किस बुनियाद पर दिल्ली में बैठकर पाकिस्तान के दुश्मन बात करते हैं? क्या वो तारीख भूल गए कि दिल्ली किसका था? ये सारे हिंद के इलाके किसके थे?’ जिहाद करते रहेंगेः तल्हा ने कहा, ‘जब तक हम जिंदा हैं, जब तक दम और खम है। हम ये जिहाद करते रहेंगे। हम ये कुर्बानियां पेश करते रहेंगे।’ आसिम मुनीर की तारीफः तल्हा ने कहा, ‘मैं अल्लाह का शुक्र भी अदा करता हूं कि पाकिस्तान को ऐसा आर्मी चीफ दिया। ऐसा फील्ड मार्शल दिया, जो कुरान के हाफिज हैं और जिहाद को फिर से सजाया। वो जब भी मीटिंग करते हैं, लफ्जो की आग ‘ईमान, तकवा, जिहाद फी सबीलिल्लाह’ (ईमान, धर्मपरायणता और अल्लाह के रास्ते में जिहाद) की याद दिलाते हैं।’ तल्हा सईद पाकिस्तान में सभाएं करके लोगों को लश्कर-ए-तैयबा के मकसद से जोड़ता है। तल्हा की ये तस्वीर भड़काऊ भाषण के वायरल वीडियो से ली गई है। इससे पहले सिंधु जल संधि पर रोक लगाने की वजह से पीएम मोदी को धमकी देते हुए तल्हा ने कहा था, ‘अगर तू पानी बंद करेगा, तो हम तेरी सांस बंद कर देंगे।’ सवाल-2: तल्हा सईद है कौन? जवाबः 26/11 मुंबई आंतकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है तल्हा सईद। फिलहाल लाहौर में रहता है। हाफिज के बाद उसे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की कमान मिल सकती है। फिलहाल वो नंबर-2 माना जाता है। 12 साल की उम्र में लश्कर से जुड़ाः तल्हा की पैदाइश 25 अक्टूबर, 1975 की है। 1987 में लश्कर-ए-तैयबा की शुरुआत के साथ आतंकी अब्दुर रहमान मक्की की देखरेख में तल्हा की ट्रेनिंग शुरू हो गई। 2000 के दशक में हाफिज सईद खुद को समाजसेवा और राजनीतिक नरैटिव बनाने लगे, तब लश्कर में तल्हा की जिम्मेदारी बढ़ी। मुंबई आतंकी हमले में भी नामः 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद, हाफिज सईद ने पाकिस्तान की आवाम के सामने दिखाया कि हमले की साजिश उसकी नहीं थी। तब तल्हा ने ही मीडिया में लश्कर का पूरा प्रोपेगैंडा कैंपेन चलाया था। वह सोशल मीडिया का भी एक्सपर्ट है। तल्हा सईद अप्रैल 2026 में पाक पीएम शहबाज शरीफ के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह से मिला था। भारत-अमेरिका में आतंकी घोषितः भारतीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, PoK से भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें करना, आतंकियों की भर्ती, फंड जमा करना, हमलों की प्लानिंग, भारत और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियां, यह सब तल्हा संभालता है। भारत सरकार ने 2022 में उसे आतंकी घोषित किया था। अमेरिका ने भी उसे टेररिस्ट घोषित किया है। हालांकि चीन के वीटो की वजह से UN में ग्लोबल टेररिस्ट घोषित नहीं हो सका। पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में भी सक्रियः 2019 में हाफिज सईद के कैद में जाने के बाद तल्हा लाइमलाइट में आया। इसी साल बम ब्लास्ट उसकी जान बची। 2024 में पाकिस्तान चुनाव के दौरान हाफिज सईद ने ‘पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग’ (PMML) बनाई थी। तब तल्हा लाहौर की NA-127 सीट से उतरा लेकिन पाकिस्तान मुस्लिग लीग- नावज (PML-N) के कैंडिडेट से हार गया। चुनाव में तल्हा को सिर्फ 2024 वोट मिले थे। चुनाव जीतने वाले लतीख खोसा को 1 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पढ़े-लिखे लड़ाकों की भर्ती शुरू की: रिपोर्ट्स के मुताबिक, तल्हा ने लश्कर में पढ़े-लिखे और कम उम्र के लड़ाकों की भर्ती का हुक्म दिया है। वो पाकिस्तान के मस्जिदों, मदरसों, सभाओं और सोशल मीडिया के जरिए जिहादी प्रोपेगैंडा फैलाता है। ऑनलाइन क्लासेस लेता है और आतंक के साथ-साथ राजनीति के लिए भी लड़के तैयार करता है। जून 2026 में तल्हा PoK के प्रधानमंत्री सरदार अतीक अहमद खान से भी मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान कश्मीर के मुद्दे पर ही बात हुई थी। सवाल-3: आसिम मुनीर की इतनी तारीफ क्यों कर रहा है तल्हा सईद? जवाबः इसकी 3 बड़ी वजहें हैं… मुनीर की ‘मौलाना जनरल’ वाली इमेज आसिम मुनीर की तालीम किसी मौलाना की तरह हुई है। 7वीं तक मदरसे में पढ़े और कुरान याद की। आर्मी जॉइन करने के बाद भी कुरान दोहराई। भाषणों में वे बार-बार कुरान की आयतों का जिक्र करते हैं। पहलगाम हमले से पहले 16 अप्रैल 2025 को दिए भाषण में उन्होंने मजहबी तौर पर भारत-पाकिस्तान की तुलना की थी, ‘हम हिंदुओं से हर मायने में अलग हैं, चाहे वह मजहब हो या मकसद हो।’ पाकिस्तान में भारत के राजदूत रहे अजय बिसारिया के मुताबिक, ‘मुनीर की लीडरशिप में पाक आर्मी सिर्फ सीमाओं की नहीं, मजहबी सोच की भी हिफाजत कर रही है। वे धार्मिक राष्ट्रवाद को दोहराते हैं। उन्हें मौलानाओं का सपोर्ट है।’ भारत विरोधी और कश्मीर पर कट्टर रुख जब 2019 का पुलवामा आतंकी हमला हुआ, आसिम मुनीर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI के चीफ थे। अप्रैल 2025 के भाषण में भी मुनीर ने कहा था, ‘कश्मीर हमारी जुगुलर वेन यानी गले की नस था, है और रहेगा।’ इसके 6 दिन बाद ही पहलगाम हमला हुआ। मुनीर कश्मीर की आजादी, जंग और भारत को मुंह तोड़ जवाब देने की बात कहते हैं। भारत के साथ सुलह करने के सवाल पर मुनीर कहते हैं, ‘जब भारत पाकिस्तान के कॉन्सेप्ट को ही नहीं मानता, तो हम उनके साथ सुलह कैसे कर सकते हैं।’ 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमलों में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इल्यास कश्मिरी ने सितंबर 2025 में बताया था कि आसिम मुनीर ने पाक आर्मी के जनरलों से कहा था
Madhya Pradesh, J&K, Uttarakhand Stipend Protest

Hindi News Career Medical Interns Strike: Madhya Pradesh, J&K, Uttarakhand Stipend Protest 14 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में आज भी प्रदर्शन जारी है। इससे पहले 7 सितंबर को बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर हमीदिया अस्पताल से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले। पुलिस ने अस्पताल के बाहर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शन करने वाले छात्र बैरिकेड पार करके आगे बढ़ने लगे। उन्होंने सड़क पर धरना दिया। इससे VIP रोड और आसपास के इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति नियंत्रित करने और डॉक्टरों को CM हाउस की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाटर कैनन मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम समेत कई सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न और जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। डॉक्टर मौजूदा 14,337 रुपए स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने कही आंदोलन जारी रखने की बात स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में डॉक्टर्स के प्रतिनिधियों से बैठक हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री के लौटने पर स्टाइपेंड पर फिर चर्चा की बात कही। इंटर्न डॉक्टर्स ने कहा- स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इंदौर में डॉक्टरों के समर्थन में रैली का आयोजन इंदौर के एमवाय अस्पताल परिसर में इंटर्न डॉक्टरों ने विरोध जताने के लिए रैली निकाली। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में डॉक्टरों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। रैली में इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हुए। जम्मू कश्मीर में 48 घंटे की भूख हड़ताल पर इंटर्न जम्मू-कश्मीर में MBBS और BDS इंटर्न 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जम्मू-कश्मीर के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और दो डेंटल कॉलेजों के मेडिकल इंटर्न ने बढ़े हुए स्टाइपेंड की मांग को लेकर 7 सितंबर से 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की है। प्रदर्शनकारी इंटर्न का कहना है कि उनका आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक स्टाइपेंड को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया जाता। उनका दावा है कि इस मुद्दे पर वे सरकार को काफी समय दे चुके हैं। इस संबंध में छात्रों द्वारा 2023 में भी सिफारिश की गई थी। फिलहाल मेडिकल इंटर्न की नजर सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने पर है। इंटर्न का कहना है कि केवल बातचीत अब पर्याप्त नहीं हैं। उत्तराखंड में करीब 600 इंटर्न भूख हड़ताल पर उत्तराखंड में मेडिकल इंटर्न अपना स्टाइपेंड 17,000 से बढ़ाकर 30,000 किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में करीब 600 MBBS इंटर्न आंदोलन में शामिल हैं। इंटर्न ने OPD और वार्ड ड्यूटी का बहिष्कार किया है। हालांकि इमरजेंसी ड्यूटी वाले इंटर्न मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व वॉइस ऑफ इंटर्नस – उत्तराखंड के बैनर तले हो रहा है। पीजी रेजिडेंट डॉक्टर काली पट्टी बांधकर कर रहे विरोध इंटर्न डॉक्टरों का दावा है कि कई दूसरे राज्यों में MBBS इंटर्न को उत्तराखंड से अधिक स्टाइपेंड मिलता है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि स्टाइपेंड संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेजों से रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस हड़ताल में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी, वीसीएसजी मेडिकल कॉलेज/इंस्टीट्यूट, श्रीनगर, गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून और सोबन सिंह जीना मेडिकल साइंसेज संस्थान, अल्मोड़ा के स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के करीब 600 पीजी रेजिडेंट डॉक्टर भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर भारत का कानून भारत में MBBS मेडिकल इंटर्न को स्टाइपेंड देना सिर्फ कॉलेज की मर्जी पर डिपेंड नहीं करता है। NMC के कंप्लसरी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप रेग्यूलेशन्स 2021 में स्टाइपेंड का प्रावधान है। इसके अलावा सभी मेडिकल इंटर्न को स्टाइपेंड देने का नियम भी तय है। इसके तहत CRMI रेग्यूलेशन्स 2021 के शेड्यूल-IV, क्लॉज 3(a) के अनुसार सभी इंटर्न को संबंधित संस्थान, यूनिवर्सिटी या राज्य की सक्षम प्राधिकरण द्वारा तय स्टाइपेंड दिया जाना जरूरी है। ———————————————————————— ये खबर भी पढ़ें RRB NTPC ने 5165 पदों पर निकाली भर्ती:12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट्स को मौका, एज लिमिट 33 साल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने NTPC में 5165 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
तिग्मांशु धूलिया ने ‘धुरंधर’ की कहानी पर सवाल उठाए:बोले- अंडरकवर स्पाई पाकिस्तान जाता है और तबाही मचा देता है, ये कोई कहानी हुई

निर्देशक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने मौजूदा हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट कल्चर और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के कारण फिल्मों में मौलिक कहानियां कम होती जा रही हैं। धूलिया ने यह टिप्पणी हाल ही में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) की ओर से आयोजित राजेंद्र माथुर मेमोरियल लेक्चर के दौरान की। कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित हुआ था। धूलिया ने कमर्शियल मेनस्ट्रीम सिनेमा का उदाहरण देते हुए ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’ और ‘धुरंधर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हर फिल्म एक फिक्शनल बायोपिक है।” ‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी से फिल्म की कहानी पूछी जाए तो शायद वह उसे ठीक से बता नहीं पाएगा। उन्होंने कहा, “मैंने वह फिल्म देखी है। मुझे फिल्म का पहला पार्ट काफी पसंद आया। बहुत अच्छी तरह प्रेजेंट किया गया है, काफी एंगेजिंग है और म्यूजिक भी अच्छा है, लेकिन आप उसकी कहानी पूछिएगा तो आप कहानी बता नहीं पाएंगे।” धूलिया ने फिल्म की कहानी को अपने अंदाज में समझाते हुए कहा, “एक आदमी है, अंडरकवर स्पाई है, पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचा देता है। ये कोई कहानी हुई?” उन्होंने आगे कहा कि फिल्मों में कहानी कहने वाले लोग कम हो गए हैं और जो लोग अलग तरह की कहानी कहना चाहते हैं, उन्हें बनाने का मौका नहीं मिलता। उनके मुताबिक मेकर्स को डर रहता है कि ऐसी फिल्में चलेंगी नहीं। धूलिया बोले- फिल्मों में एक जैसा टेंपलेट दिखाई दे रहा है धूलिया ने कहा कि एक ही जैसा टेंपलेट हर जगह दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे एक्सट्रीम कैपिटलिज्म से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह शहरों, फैशन, गाड़ियों और दुकानों में एकरूपता बढ़ रही है, उसी तरह फिल्मों में भी इंडिविजुअलिटी कम होती जा रही है। उन्होंने पुराने हिंदी सिनेमा का जिक्र करते हुए कहा कि विमल रॉय, शक्ति सामंत, मनमोहन देसाई, प्रकाश मेहरा और सुभाष घई जैसे फिल्मकारों से लेकर 2017 तक हिंदी सिनेमा में स्थिति ठीक थी। इसके बाद अचानक बदलाव आया और हम कहानी कहना ही भूल चुके हैं। तिग्मांशु धूलिया के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी अपकमिंग फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को ZEE5 पर रिलीज होने वाली है। फिल्म में प्रतीक गांधी और अरशद वारसी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म बुंदेलखंड के डकैत संसार से प्रेरित कहानी पर आधारित है। ऋतिक ने ‘धुरंधर’ की पॉलिटिक्स से असहमति जताई थी बता दें कि पिछले साल एक्टर ऋतिक रोशन फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ी एक पोस्ट करने पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए थे। फिल्म रिलीज के बाद ऋतिक ने इसकी तारीफ में एक पोस्ट की, लेकिन साथ ही कहा कि वो फिल्म में दिखाई गई पॉलिटिक्स से सहमत नहीं हैं। बयान पर उनकी खिंचाई हुई, जिसके बाद अब एक्टर ने फिर धुरंधर की तारीफ में एक और पोस्ट शेयर की थी। ऋतिक ने पहले ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म को लेकर लिखा था, मुझे सिनेमा से बहुत प्यार है। मुझे वे लोग पसंद हैं जो कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं, कहानी उन्हें घुमाती है, हिलाती है, और फिर जो कहना होता है वह सब परदे पर उतार देते हैं। धुरंधर ऐसी ही एक फिल्म है। इसकी कहानी मुझे बहुत पसंद आई। यही सिनेमा है। आगे उन्होंने लिखा था, हो सकता है कि मैं इसकी राजनीति से सहमत न होऊं और इस बात पर भी चर्चा हो सकती है कि एक नागरिक होने के नाते फिल्ममेकर की क्या जिम्मेदारियां होती हैं। फिर भी, इसे देखकर मैं बहुत कुछ सीखता हूं, जैसा कि मैंने हमेशा सिनेमा के स्टूडेंट के तौर पर सीखा है। वहीं, इसके बाद अगले दिन ऋतिक रोशन ने धुरंधर की तारीफ में ऑफिशियल X अकाउंट से लिखा था, अब भी धुरंधर मेरे दिमाग से नहीं निकल रही है। आदित्य धर आप कमाल के फिल्ममेकर हैं। रणवीर सिंह, एकदम शांत से लेकर बेहद तीखे किरदार तक, क्या सफर रहा है। और इसमें आपकी लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस शानदार है। अक्षय खन्ना हमेशा से मेरे फेवरेट रहे हैं, और यह फिल्म साबित करती है कि क्यों। आर माधवन, क्या जबरदस्त शालीनता, दम और गरिमा दिखाई है आपने। और राकेश बेदी आपने जो किया, वह कमाल से भी ऊपर था। क्या एक्टिंग थी, शानदार। मेकअप और प्रोस्थेटिक्स टीम को भी बहुत बड़ी वाहवाही। अब तो पार्ट 2 का इंतजार नहीं हो रहा। राम्या ने ‘धुरंधर 2’ की आलोचना की बता दें कि कन्नड़ एक्ट्रेस राम्या ने फिल्म ‘धुरंधर’ के दूसरे पार्ट की आलोचना की थी। फिल्म को देखने के बाद राम्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने दर्शकों को सलाह दी है कि वे सिनेमाघरों में जाकर अपना समय और पैसा बर्बाद न करें, बल्कि इसके ओटीटी (OTT) पर आने का इंतजार करें। राम्या ने यह भी लिखा कि लोग कह रहे हैं कि रणवीर ने फिल्म को अपने कंधों पर उठाया है, लेकिन मुझे तो सिर्फ उनके बाल दिखाई दिए। राम्या ने फिल्म में दिखाई गई हिंसा की भी आलोचना की थी। उन्होंने फिल्म को हथियारों का विजुअल हैंडबुक बताया, जिसमें सिरिंज और स्पैनर जैसी साधारण चीजों को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने फिल्म के लॉजिक पर सवाल उठाते हुए कहा था, “दोनों पैर कटने और शरीर पर केरोसिन डालने के बाद भी किरदार ऐसे डायलॉग बोल रहा है जैसे वह किसी ‘टेड टॉक’ में हो। इसके लिए ऑस्कर नहीं बल्कि नोबेल प्राइज मिलना चाहिए। मेडिकल साइंस की जय हो।”
तिग्मांशु धूलिया ने ‘धुरंधर’ की कहानी पर सवाल उठाए:बोले- अंडरकवर स्पाई पाकिस्तान जाता है और तबाही मचा देता है, ये कोई कहानी हुई

निर्देशक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने मौजूदा हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट कल्चर और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के कारण फिल्मों में मौलिक कहानियां कम होती जा रही हैं। धूलिया ने यह टिप्पणी हाल ही में हुएद एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) की ओर से आयोजित राजेंद्र माथुर मेमोरियल लेक्चर के दौरान की। कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित हुआ था। धूलिया ने कमर्शियल मेनस्ट्रीम सिनेमा का उदाहरण देते हुए ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’ और ‘धुरंधर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हर फिल्म एक फिक्शनल बायोपिक है।” ‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी से फिल्म की कहानी पूछी जाए तो शायद वह उसे ठीक से बता नहीं पाएगा। उन्होंने कहा, “मैंने वह फिल्म देखी है। मुझे फिल्म का पहला पार्ट काफी पसंद आया। बहुत अच्छी तरह प्रेजेंट किया गया है, काफी एंगेजिंग है और म्यूजिक भी अच्छा है। लेकिन आप उसकी कहानी पूछिएगा तो आप कहानी बता नहीं पाएंगे।” धूलिया ने फिल्म की कहानी को अपने अंदाज में समझाते हुए कहा, “एक आदमी है, अंडरकवर स्पाई है, पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचा देता है। ये कोई कहानी हुई?” उन्होंने आगे कहा कि फिल्मों में कहानी कहने वाले लोग कम हो गए हैं और जो लोग अलग तरह की कहानी कहना चाहते हैं, उन्हें बनाने का मौका नहीं मिलता। उनके मुताबिक मेकर्स को डर रहता है कि ऐसी फिल्में चलेंगी नहीं। धूलिया बोले- फिल्मों में एक जैसा टेंपलेट दिखाई दे रहा है धूलिया ने कहा कि “एक ही जैसा टेंपलेट” हर जगह दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे एक्सट्रीम कैपिटलिज्म से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह शहरों, फैशन, गाड़ियों और दुकानों में एकरूपता बढ़ रही है, उसी तरह फिल्मों में भी इंडिविजुअलिटी कम होती जा रही है। उन्होंने पुराने हिंदी सिनेमा का जिक्र करते हुए कहा कि विमल रॉय, शक्ति सामंत, मनमोहन देसाई, प्रकाश मेहरा और सुभाष घई जैसे फिल्मकारों से लेकर 2017 तक हिंदी सिनेमा में स्थिति ठीक थी। इसके बाद अचानक बदलाव आया और “हम कहानी कहना ही भूल चुके हैं।” तिग्मांशु धूलिया के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी अपकमिंग फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को ZEE5 पर रिलीज होने वाली है। फिल्म में प्रतीक गांधी और अरशद वारसी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म बुंदेलखंड के डकैत संसार से प्रेरित कहानी पर आधारित है। ऋतिक ने ‘धुरंधर’ की पॉलिटिक्स से असहमति जताई थी बता दें कि पिछले साल एक्टर ऋतिक रोशन फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ी एक पोस्ट करने पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए थे। फिल्म रिलीज के बाद ऋतिक ने इसकी तारीफ में एक पोस्ट की, लेकिन साथ ही कहा कि वो फिल्म में दिखाई गई पॉलिटिक्स से सहमत नहीं हैं। बयान पर उनकी खिंचाई हुई, जिसके बाद अब एक्टर ने फिर धुरंधर की तारीफ में एक और पोस्ट शेयर की थी। ऋतिक ने पहले ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म को लेकर लिखा था, मुझे सिनेमा से बहुत प्यार है। मुझे वे लोग पसंद हैं जो कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं, कहानी उन्हें घुमाती है, हिलाती है, और फिर जो कहना होता है वह सब परदे पर उतार देते हैं। धुरंधर ऐसी ही एक फिल्म है। इसकी कहानी मुझे बहुत पसंद आई। यही सिनेमा है। आगे उन्होंने लिखा था, हो सकता है कि मैं इसकी राजनीति से सहमत न होऊं और इस बात पर भी चर्चा हो सकती है कि एक नागरिक होने के नाते फिल्ममेकर की क्या जिम्मेदारियां होती हैं। फिर भी, इसे देखकर मैं बहुत कुछ सीखता हूं, जैसा कि मैंने हमेशा सिनेमा के स्टूडेंट के तौर पर सीखा है। वहीं, इसके बाद अगले दिन ऋतिक रोशन ने धुरंधर की तारीफ में ऑफिशियल X अकाउंट से लिखा था, अब भी धुरंधर मेरे दिमाग से नहीं निकल रही है। आदित्य धर आप कमाल के फिल्ममेकर हैं। रणवीर सिंह, एकदम शांत से लेकर बेहद तीखे किरदार तक, क्या सफर रहा है। और इसमें आपकी लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस शानदार है। अक्षय खन्ना हमेशा से मेरे फेवरेट रहे हैं, और यह फिल्म साबित करती है कि क्यों। आर माधवन, क्या जबरदस्त शालीनता, दम और गरिमा दिखाई है आपने। और राकेश बेदी आपने जो किया, वह कमाल से भी ऊपर था। क्या एक्टिंग थी, शानदार। मेकअप और प्रोस्थेटिक्स टीम को भी बहुत बड़ी वाहवाही। अब तो पार्ट 2 का इंतजार नहीं हो रहा। राम्या ने ‘धुरंधर 2’ की आलोचना की बता दें कि पूर्व लोकसभा सांसद और कन्नड़ एक्ट्रेस राम्या ने फिल्म ‘धुरंधर’ के दूसरे पार्ट की आलोचना की थी। फिल्म को देखने के बाद राम्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने दर्शकों को सलाह दी है कि वे सिनेमाघरों में जाकर अपना समय और पैसा बर्बाद न करें, बल्कि इसके ओटीटी (OTT) पर आने का इंतजार करें। राम्या ने यह भी लिखा कि लोग कह रहे हैं कि रणवीर ने फिल्म को अपने कंधों पर उठाया है, लेकिन मुझे तो सिर्फ उनके बाल दिखाई दिए। राम्या ने फिल्म में दिखाई गई हिंसा की भी आलोचना की थी। उन्होंने फिल्म को ‘हथियारों का विजुअल हैंडबुक’ बताया, जिसमें सिरिंज और स्पैनर जैसी साधारण चीजों को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने फिल्म के लॉजिक पर सवाल उठाते हुए कहा था, “दोनों पैर कटने और शरीर पर केरोसिन डालने के बाद भी किरदार ऐसे डायलॉग बोल रहा है जैसे वह किसी ‘टेड टॉक’ में हो। इसके लिए ऑस्कर नहीं बल्कि नोबेल प्राइज मिलना चाहिए। मेडिकल साइंस की जय हो।”
BRICS Summit New Delhi | PM Modi Putin Bilateral Meeting Visit

नई दिल्ली/मॉस्को4 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 31 अगस्त को बिश्केक में SCO समिट के दौरान मुलाकात की थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। 11 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS नेताओं की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक होगी। रूस के राष्ट्रपति ऑफिस क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारत को रूस अपना रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के रिश्ते उसके लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच ज्यादातर भुगतान अब दोनों देशों की अपनी-अपनी करेंसी में हो रहा है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, परिवहन, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है। व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी मोदी और पुतिन की बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी बात होगी। दोनों देश आपसी कारोबार बढ़ाने और अपनी कंपनियों के लिए नए मौके तलाशने पर चर्चा कर सकते हैं। भारतीय कंपनियां रूस के बाजार में कारोबार बढ़ाने में रुचि दिखा रही हैं। वहीं रूस भी भारत में अपनी कंपनियों और उत्पादों की पहुंच बढ़ाना चाहता है। दोनों देशों के बीच परिवहन और इससे जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं पर भी बात हो सकती है। यूक्रेन युद्ध और खाड़ी संकट भी बातचीत का मुद्दा बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध और मौजूदा हालात पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों नेता युद्ध की स्थिति और उसके असर पर बात कर सकते हैं। फारस की खाड़ी में जारी तनाव भी बातचीत का हिस्सा बन सकता है। रूस का कहना है कि खाड़ी में चल रही घटनाओं का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में दोनों नेता इसके आर्थिक और रणनीतिक असर पर भी चर्चा कर सकते हैं। BRICS क्या है? BRICS 11 प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक समूह है। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसका मकसद इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें शुरुआत में 4 देश थे, जिसे BRIC कहा जाता था। यह नाम 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने दिया था। भारत 2026 में BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Mumbai Gaity Galaxy Theatre Closed

10 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई के बांद्रा स्थित आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी थिएटर को पुलिस ने सोमवार को बंद करा दिया। थिएटर में हनुमान अंश लगी थी, लेकिन शो के पहले ही केबल वायर जलने से दर्शकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी थिएटर में लगे मिर्जापुर के पोस्टर भी फाड़े गए। पुलिस के पहुंचने के बाद दस्तावेजों की जांच में लाइसेंस से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई। 1972 में फिल्म सीता और गीता से शुरू हुए इस थिएटर की फिल्म लवर्स, फिल्म स्टार्स और बड़ी फिल्मों से कई यादें जुड़ी हैं। यहां कभी जंजीर के 5 रुपए के टिकट 100 में बिके, तो कभी शाहरुख, दीपिका जैसे स्टार्स फैंस का रिएक्शन देखने पहुंचे। कभी करीना को भीड़ से बचाने के लिए इसके प्रोजेक्टर रूम में भी बंद किया गया था। हनुमान अंश देखने पहुंचे फैंस ने किया हंगामा, तो हुई कार्रवाई सोमवार को हनुमान अंश दिखाई जा रही थी। कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता ये फिल्म देखने पहुंचे थे, लेकिन केबल जलने से शो शुरू नहीं हो सका। वहां पहुंचे लोगों ने फिल्म शुरू न होने पर विरोध में जमकर हंगामा किया। वहां मौजूद स्टाफ से बहस बढ़ने के बाद उन्होंने कथित तौर पर मिर्जापुर: द मूवी के पोस्टर फाड़ दिए। पठान रिलीज के समय गैटी गैलेक्सी पहुंचे शाहरुख की तस्वीर। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि थिएटर का लाइसेंस 2021-22 में ही खत्म हो चुका है। तब से लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया गया है। इसके बाद नियमों का पालन नहीं होने के कारण थिएटर मैनेजमेंट को परिसर बंद करने और शो रोकने का निर्देश दिया गया। बांद्रा पुलिस ने थिएटर के मालिक, मैनेजर और सिनेमा चलाने वाली कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत केस दर्ज किया है। थिएटर के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए थिएटर की दीवारों के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए हैं। इनमें शो बंद होने की जानकारी दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मिड-डे से कहा, “थिएटर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसलिए हमने मैनेजमेंट को इसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया।” एक अन्य अधिकारी ने बताया, “हर थिएटर को चलाने के लिए एंटरटेनमेंट लाइसेंस जरूरी है। यह लाइसेंस फोर्ट में क्रॉफर्ड मार्केट के पास स्थित मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर से जारी होता है। गैटी-गैलेक्सी का लाइसेंस 2021-22 से रिन्यू नहीं हुआ था।” थिएटर मालिक मनोज देसाई बोले- लाइसेंस से जुड़ी खबरें फर्जी थिएटर के मालिक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में लाइसेंस रिन्यू न करवाने के दावों का खंडन किया है। उन्होंने टेक्निकल सुधार के चलते थिएटर बंद होने की बात कही है। उनके अनुसार, थिएटर के अंदर कुछ केबल जल गई थीं। इन्हें बदलने के लिए दक्षिण मुंबई के लोहार चॉल से नई केबल मंगाई गई है। मैनेजमेंट का कहना है कि समस्या ठीक होते ही शोज दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे। 1972 में शुरू हुआ था गैटी-गैलेक्सी मुंबई के सबसे पहचान वाले सिनेमाघरों में शामिल गैटी-गैलेक्सी की शुरुआत 1972 में हुई थी। शुरुआत में यहां तीन स्क्रीन थीं, गैटी, गैलेक्सी और जेमिनी। बाद में चार और स्क्रीन,ग्लैमर, जेम, गॉसिप और ग्रेस जोड़ी गईं। इन सातों स्क्रीन को मिलाकर यह कॉम्प्लेक्स G7 के नाम से मशहूर हुआ। मुंबई के सिंगल स्क्रीन और मास ऑडियंस वाले सिनेमाघरों में गैटी-गैलेक्सी की खास पहचान रही है। 7 स्क्रीन से रोज 17-18 लाख रुपए तक के नुकसान का अनुमान ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने थिएटर के संभावित नुकसान का आकलन किया। उन्होंने बताया कि गैटी-गैलेक्सी में करीब 7 स्क्रीन हैं। एक स्क्रीन से एक शो में औसतन 1 से 1.5 लाख रुपए की कमाई हो सकती है। इसमें थिएटर का हिस्सा करीब 50 हजार रुपए होता है। वानखेड़े के मुताबिक, एक दिन में हर स्क्रीन पर करीब 2.5 लाख रुपए का नुकसान हो सकता है। 7 स्क्रीन के हिसाब से यह नुकसान रोज करीब 17 से 18 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि अगर थिएटर 7 दिन बंद रहता है, तो नुकसान 1 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। उनके मुताबिक, यह बंदी हफ्ते के ऐसे समय में हुई है, जब टॉक्सिक और मिर्जापुर: द मूवी जैसी मास-ओरिएंटेड फिल्में चल रही हैं। गिरीश वानखेड़े ने कहा कि गैटी ऐसे थिएटरों में शामिल है, जहां ओवर-द-टॉप पॉटबॉयलर और मास फिल्मों को अच्छी भीड़ मिलती है। इसलिए थिएटर मालिक एक अहम कारोबारी दौर का नुकसान उठा रहे हैं। पहली फिल्म थी ‘सीता और गीता’ गैटी-गैलेक्सी में पहली फिल्म रमेश सिप्पी की ‘सीता और गीता’ रिलीज हुई थी। 24 नवंबर 1972 को इसकी शुरुआत हुई थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटर ही फिल्मों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा पैमाना हुआ करते थे और गैटी-गैलेक्सी ने जल्द ही मुंबई में अपनी अलग पहचान बना ली। यहां ब्लैक में बिके थे शोले के टिकट प्रकाश मेहरा ने फ्लॉप कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन को लेकर फिल्म जंजीर बनाई थी। हर किसी का कहना था कि ये फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। आखिरकार फिल्म 11 मई 1973 को रिलीज हुई। फिल्म मुंबई में कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। अमिताभ ये जानकर इस कदर नाराज हुए कि उन्हें तेज बुखार आ गया। उन्होंने एक्टिंग छोड़कर इलाहाबाद (अब प्रयागराज) लौटने का फैसला कर लिया। इसके 4 दिन बाद डायरेक्टर प्रकाश मेहरा किसी काम से निकले। उनकी कार जैसे ही मुंबई के आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी के बाहर से निकली, तो उन्होंने देखा कि लोगों की भीड़ के बीच टिकट की मारा-मारी हो रही है। पास गए तो पता चला कि यहां उनकी फिल्म जंजीर लगी है। सारे शोज हाउसफुल हैं और लोग 5 रुपए की टिकट ब्लैक में 100 रुपए में खरीद रहे हैं। उन्होंने तुरंत अमिताभ बच्चन को कॉल कर इसकी जानकारी दी। ये सुनकर उनकी तबीयत और बिगड़ गई थी। अभिषेक बच्चन और करीना कपूर को किया गया था प्रोजेक्टर रूम में बंद अभिषेक बच्चन और करीना कपूर की पहली फिल्म रिफ्यूजी का प्रीमियर गैटी गैलेक्सी में रखा गया था। दोनों प्रीमियर में पहुंचे। फिल्म देखने के लिए इतनी भीड़ उमड़ी कि करीना और अभिषेक को बचाने के लिए प्रोजेक्टर रूम में बंद किया गया था। कई सेलेब्स फिल्म देखने पहुंचते हैं गैटी गैलेक्सी शाहरुख खान- चेन्नई एक्सप्रेस और
मुंबई का आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी थिएटर बंद:हनुमान अंश की स्क्रीनिंग से पहले केबल जले, हंगामे के बाद पुलिस का एक्शन, दावा- मैनेजमेंट के खिलाफ FIR

मुंबई के बांद्रा स्थित आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी थिएटर को पुलिस ने सोमवार को बंद करा दिया। थिएटर में हनुमान अंश लगी थी, लेकिन शो के पहले ही केबल वायर जलने से दर्शकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी थिएटर में लगे मिर्जापुर के पोस्टर भी फाड़े गए। पुलिस के पहुंचने के बाद दस्तावेजों की जांच में लाइसेंस से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई। सोमवार को हनुमान अंश दिखाई जा रही थी। कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता ये फिल्म देखने पहुंचे थे, लेकिन केबल जलने से शो शुरू नहीं हो सका। वहां पहुंचे लोगों ने फिल्म शुरू न होने पर विरोध में जमकर हंगामा किया। वहां मौजूद स्टाफ से बहस बढ़ने के बाद उन्होंने कथित तौर पर मिर्जापुर: द मूवी के पोस्टर फाड़ दिए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि थिएटर का लाइसेंस 2021-22 में ही खत्म हो चुका है। तब से लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया गया है। इसके बाद नियमों का पालन नहीं होने के कारण थिएटर मैनेजमेंट को परिसर बंद करने और शो रोकने का निर्देश दिया गया। बांद्रा पुलिस ने थिएटर के मालिक, मैनेजर और सिनेमा चलाने वाली कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत केस दर्ज किया है। थिएटर के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए थिएटर की दीवारों के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए हैं। इनमें शो बंद होने की जानकारी दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मिड-डे से कहा, “थिएटर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसलिए हमने मैनेजमेंट को इसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया।” एक अन्य अधिकारी ने बताया, “हर थिएटर को चलाने के लिए एंटरटेनमेंट लाइसेंस जरूरी है। यह लाइसेंस फोर्ट में क्रॉफर्ड मार्केट के पास स्थित मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर से जारी होता है। गैटी-गैलेक्सी का लाइसेंस 2021-22 से रिन्यू नहीं हुआ था।” थिएटर मालिक मनोज देसाई बोले- लाइसेंस से जुड़ी खबरें फर्जी थिएटर के मालिक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में लाइसेंस रिन्यू न करवाने के दावों का खंडन किया है। उन्होंने टेक्निकल सुधार के चलते थिएटर बंद होने की बात कही है। उनके अनुसार, थिएटर के अंदर कुछ केबल जल गई थीं। इन्हें बदलने के लिए दक्षिण मुंबई के लोहार चॉल से नई केबल मंगाई गई है। मैनेजमेंट का कहना है कि समस्या ठीक होते ही शोज दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे। 1972 में शुरू हुआ था गैटी-गैलेक्सी मुंबई के सबसे पहचान वाले सिनेमाघरों में शामिल गैटी-गैलेक्सी की शुरुआत 1972 में हुई थी। शुरुआत में यहां तीन स्क्रीन थीं, गैटी, गैलेक्सी और जेमिनी। बाद में चार और स्क्रीन,ग्लैमर, जेम, गॉसिप और ग्रेस जोड़ी गईं। इन सातों स्क्रीन को मिलाकर यह कॉम्प्लेक्स G7 के नाम से मशहूर हुआ। मुंबई के सिंगल स्क्रीन और मास ऑडियंस वाले सिनेमाघरों में गैटी-गैलेक्सी की खास पहचान रही है। 7 स्क्रीन से रोज 17-18 लाख रुपए तक के नुकसान का अनुमान ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने थिएटर के संभावित नुकसान का आकलन किया। उन्होंने बताया कि गैटी-गैलेक्सी में करीब 7 स्क्रीन हैं। एक स्क्रीन से एक शो में औसतन 1 से 1.5 लाख रुपए की कमाई हो सकती है। इसमें थिएटर का हिस्सा करीब 50 हजार रुपए होता है। वानखेड़े के मुताबिक, एक दिन में हर स्क्रीन पर करीब 2.5 लाख रुपए का नुकसान हो सकता है। 7 स्क्रीन के हिसाब से यह नुकसान रोज करीब 17 से 18 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि अगर थिएटर 7 दिन बंद रहता है, तो नुकसान 1 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। उनके मुताबिक, यह बंदी हफ्ते के ऐसे समय में हुई है, जब टॉक्सिक और मिर्जापुर: द मूवी जैसी मास-ओरिएंटेड फिल्में चल रही हैं। गिरीश वानखेड़े ने कहा कि गैटी ऐसे थिएटरों में शामिल है, जहां ओवर-द-टॉप पॉटबॉयलर और मास फिल्मों को अच्छी भीड़ मिलती है। इसलिए थिएटर मालिक एक अहम कारोबारी दौर का नुकसान उठा रहे हैं। पहली फिल्म थी ‘सीता और गीता’ गैटी-गैलेक्सी में पहली फिल्म रमेश सिप्पी की ‘सीता और गीता’ रिलीज हुई थी। 24 नवंबर 1972 को इसकी शुरुआत हुई थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटर ही फिल्मों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा पैमाना हुआ करते थे और गैटी-गैलेक्सी ने जल्द ही मुंबई में अपनी अलग पहचान बना ली।
मिर्जापुर ने 4 दिन में कमाए ₹154 करोड़:अल्फा, कॉकटेल-2 पीछे, साल की 8वीं सबसे बड़ी फिल्म बनी; सोमवार की कमाई में सलमान, रणबीर की फिल्में पछाड़ीं

गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने पहले सोमवार को देश में ₹16 करोड़ की नेट कमाई की। इसके साथ फिल्म का 4 दिन में भारत में नेट कलेक्शन ₹109.75 करोड़ और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹154.05 करोड़ हो गया है। महज 4 दिनों में ही ये फिल्म इस साल की 8वीं हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बन चुकी है। इसने अल्फा और कॉकटेल 2 जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया। फिल्म ने पहले सोमवार की कमाई में सलमान खान की ‘सुल्तान’, ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 1 शिवा’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को पीछे छोड़ दिया है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ चार दिन में 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई है। मिर्जापुर ने बनाया रिकॉर्ड फिल्म महज 4 दिनों में 2026 की 8वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। इसने अल्फा और कॉकटेल-2 जैसी फिल्मों से ज्यादा कमाई कर ली है। मौजूदा कमाई देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि ये जल्द ही अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल और आवारापन 2 से भी ज्यादा कमाई कर सकती है। सोमवार को 10,570 शोज में 38.8% ऑक्यूपेंसी सोमवार को ‘मिर्जापुर’ के 10,570 शोज में 38.8% सीटों पर दर्शक नजर आए। वहीं, भक्ति ड्रामा ‘हनुमान अंश’ के 7,343 शोज में 36.0% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। ‘हनुमान अंश’ ने सोमवार को अपने 32वें दिन ₹10 करोड़ कमाए। पहले सोमवार को ₹16 करोड़ की नेट कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने अपने पहले सोमवार यानी रिलीज के चौथे दिन देश में ₹16 करोड़ की नेट कमाई की। ओपनिंग डे की तुलना में यह 37.86% की गिरावट है। हालांकि वीकडे के लिहाज से कमाई बेहतरीन हुई है। आमतौर पर पहले दिन की तुलना में पहले कामकाजी सोमवार को कमाई 40% तक गिरती है। पहले सोमवार की कमाई में कई फिल्मों को पीछे छोड़ा देश में अब तक पहले सोमवार को सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 39वें नंबर पर है। हालांकि, इसने रणबीर कपूर की ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की ₹15.65 करोड़ की कमाई को पीछे छोड़ा है। फिल्म ने सलमान खान की ‘सुल्तान’ की ₹15.54 करोड़, ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 1 शिवा’ की ₹15.10 करोड़ और विवेक अग्निहोत्री की ‘द कश्मीर फाइल्स’ की ₹15.05 करोड़ की पहले सोमवार की कमाई को भी पछाड़ दिया है। विदेशी बाजार से 4 दिन में ₹22.50 करोड़ इस गैंगस्टर-एक्शन-ड्रामा को विदेशों में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म ने चौथे दिन ओवरसीज मार्केट में ₹2.50 करोड़ की ग्रॉस कमाई की। विदेशी बाजार से 4 दिन में कुल ₹22.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन हुआ है। भारत और विदेशों की कमाई मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹154.05 करोड़ तक पहुंच गया है। गाने के चलते विवादों में है फिल्म राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। विवाद के बीच गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी फिल्म बनी मिर्जापुर मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। ‘मिर्जापुर’ सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। ‘मिर्जापुर’ का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।
हरियाणवी कनिका मान की बिगबॉस में धमाकेदार एंट्री:सलमान खान ने देशी छोरी कहकर इंट्रोड्यूस कराया, बोले- अब असली ‘ड्रैगन मोड’ देखने को मिलेगा

हरियाणा के पानीपत से निकलकर मनोरंजन की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस कनिका मान अब रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ के घर में पहुंच गई हैं। ग्रैंड प्रीमियर में सलमान खान ने उनका स्वागत किया। कनिका ने ‘शरारत’ गाने पर धमाकेदार परफॉर्मेंस के साथ शो की पहली कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री ली। इस परफॉर्मेंस के बाद सलमान खान ने उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कनिका को हरियाणा की छोरी के तौर पर दर्शकों से मिलवाया। इसके बाद मजाकिया अंदाज में कहा कि कनिका अब ‘बिग बॉस की मेहमान’ बन गई हैं, अब असली ‘ड्रैगन मोड’ देखने को मिलेगा। सलमान ने यह भी बताया कि उनकी मां भी कनिका की बहुत बड़ी फैन हैं। एक पुराने किरदार को लेकर की गई टिप्पणी का जिक्र भी किया। कनिका मान का जन्म पानीपत में हुआ है। उन्होंने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। शुरुआत में मनोरंजन की दुनिया में जाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था। परिवार की तरफ से भी पढ़ाई और करियर को लेकर चिंताएं थीं। हालांकि बाद में परिवार ने उनका साथ दिया और कनिका ने मॉडलिंग को अपना करियर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। बिगबॉस के घर में कनिका मान के एंट्री के PHOTO… सलमान खान और कनिका मान के बीच ऐसे हुई बातचीत… हरियाणा में जन्म से लेकर मॉडलिंग और बिगबॉस तक का सफर अब बिग बॉस के घर में नई परीक्षा कनिका मान के करियर का नया पड़ाव अब ‘बिग बॉस 20’ है। 6 सितंबर 2026 को शो के ग्रैंड प्रीमियर में उन्होंने सलमान खान के सामने परफॉर्म किया और इसके बाद बिग बॉस के घर में एंट्री की। बिग बॉस में एंट्री के साथ ही कनिका को घर में एक खास भूमिका भी मिली और उन्हें ‘पपेट मास्टर’ के तौर पर पेश किया गया। अब उनके सामने चुनौती सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन करने की नहीं, बल्कि घर के रिश्तों, विवादों और रणनीति के बीच खुद को मजबूत बनाए रखने की भी है। ———————— यै खबर भी पढ़ें… मासूम शर्मा की बाबाओं-डेरों पर फिर विवादित टिप्पणी:जींद में बोले-जित भी ये फंस ज्यां, जूत मारने हैं; नए सॉन्ग ‘फिल्मी बाबे’ में जल्लाद बताया हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा पांखडवाद के खिलाफ अब खुलकर मैदान में आ गए है। जींद के पदाना धाम श्याम मंदिर में हुए भजन कीर्तन में सिंगर ने जहां पाखंडवाद पर खुलकर कटाक्ष किए, वहीं अपना ‘तत्वदर्शी’ सॉन्ग सुनाते हुए विवादित टिप्पणी भी कर दी। (पूरी खबर पढ़ें)






