‘भूल गए दिल्ली किसकी थी। हिंद में 500 साल मुसलमान हुक्मरान रहे।’
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ये बयान है आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद का। उसने पाकिस्तान के शेखपुरा में सरेआम भारत के खिलाफ जिहाद जारी रखने की बात कही। इसी भाषण में उसने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को ‘ईमान और तकवा’ वाला जनरल बताया।
आखिर कौन है तल्हा सईद, आसिम मुनीर की इतनी तारीफ क्यों कर रहा और इस वक्त ऐसे बड़बोलेपन के पीछे की पूरी कहानी, आज के एक्सप्लेनर में…
सवाल-1: तल्हा सईद ने ऐसा क्या बोला, जो सुर्खियों में है?
जवाबः सोशल मीडिया पर तल्हा सईद का 2 मिनट 5 सेकेंड का एक वीडियो वायरल है। उसमें कही 3 बातें चर्चा में हैं…
- दिल्ली में 500 साल मुसलमानों का राजः तल्हा ने कहा, ‘जिस हिंद में मुसलमान 500 साल हुक्मरान रहे। आज वहां किस बुनियाद पर दिल्ली में बैठकर पाकिस्तान के दुश्मन बात करते हैं? क्या वो तारीख भूल गए कि दिल्ली किसका था? ये सारे हिंद के इलाके किसके थे?’
- जिहाद करते रहेंगेः तल्हा ने कहा, ‘जब तक हम जिंदा हैं, जब तक दम और खम है। हम ये जिहाद करते रहेंगे। हम ये कुर्बानियां पेश करते रहेंगे।’
- आसिम मुनीर की तारीफः तल्हा ने कहा, ‘मैं अल्लाह का शुक्र भी अदा करता हूं कि पाकिस्तान को ऐसा आर्मी चीफ दिया। ऐसा फील्ड मार्शल दिया, जो कुरान के हाफिज हैं और जिहाद को फिर से सजाया। वो जब भी मीटिंग करते हैं, लफ्जो की आग ‘ईमान, तकवा, जिहाद फी सबीलिल्लाह’ (ईमान, धर्मपरायणता और अल्लाह के रास्ते में जिहाद) की याद दिलाते हैं।’
तल्हा सईद पाकिस्तान में सभाएं करके लोगों को लश्कर-ए-तैयबा के मकसद से जोड़ता है। तल्हा की ये तस्वीर भड़काऊ भाषण के वायरल वीडियो से ली गई है।
इससे पहले सिंधु जल संधि पर रोक लगाने की वजह से पीएम मोदी को धमकी देते हुए तल्हा ने कहा था, ‘अगर तू पानी बंद करेगा, तो हम तेरी सांस बंद कर देंगे।’
सवाल-2: तल्हा सईद है कौन?
जवाबः 26/11 मुंबई आंतकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है तल्हा सईद। फिलहाल लाहौर में रहता है। हाफिज के बाद उसे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की कमान मिल सकती है। फिलहाल वो नंबर-2 माना जाता है।
12 साल की उम्र में लश्कर से जुड़ाः तल्हा की पैदाइश 25 अक्टूबर, 1975 की है। 1987 में लश्कर-ए-तैयबा की शुरुआत के साथ आतंकी अब्दुर रहमान मक्की की देखरेख में तल्हा की ट्रेनिंग शुरू हो गई। 2000 के दशक में हाफिज सईद खुद को समाजसेवा और राजनीतिक नरैटिव बनाने लगे, तब लश्कर में तल्हा की जिम्मेदारी बढ़ी।
मुंबई आतंकी हमले में भी नामः 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद, हाफिज सईद ने पाकिस्तान की आवाम के सामने दिखाया कि हमले की साजिश उसकी नहीं थी। तब तल्हा ने ही मीडिया में लश्कर का पूरा प्रोपेगैंडा कैंपेन चलाया था। वह सोशल मीडिया का भी एक्सपर्ट है।

तल्हा सईद अप्रैल 2026 में पाक पीएम शहबाज शरीफ के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह से मिला था।
भारत-अमेरिका में आतंकी घोषितः भारतीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, PoK से भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें करना, आतंकियों की भर्ती, फंड जमा करना, हमलों की प्लानिंग, भारत और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियां, यह सब तल्हा संभालता है। भारत सरकार ने 2022 में उसे आतंकी घोषित किया था। अमेरिका ने भी उसे टेररिस्ट घोषित किया है। हालांकि चीन के वीटो की वजह से UN में ग्लोबल टेररिस्ट घोषित नहीं हो सका।
पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में भी सक्रियः 2019 में हाफिज सईद के कैद में जाने के बाद तल्हा लाइमलाइट में आया। इसी साल बम ब्लास्ट उसकी जान बची। 2024 में पाकिस्तान चुनाव के दौरान हाफिज सईद ने ‘पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग’ (PMML) बनाई थी। तब तल्हा लाहौर की NA-127 सीट से उतरा लेकिन पाकिस्तान मुस्लिग लीग- नावज (PML-N) के कैंडिडेट से हार गया।

चुनाव में तल्हा को सिर्फ 2024 वोट मिले थे। चुनाव जीतने वाले लतीख खोसा को 1 लाख से ज्यादा वोट मिले थे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पढ़े-लिखे लड़ाकों की भर्ती शुरू की: रिपोर्ट्स के मुताबिक, तल्हा ने लश्कर में पढ़े-लिखे और कम उम्र के लड़ाकों की भर्ती का हुक्म दिया है। वो पाकिस्तान के मस्जिदों, मदरसों, सभाओं और सोशल मीडिया के जरिए जिहादी प्रोपेगैंडा फैलाता है। ऑनलाइन क्लासेस लेता है और आतंक के साथ-साथ राजनीति के लिए भी लड़के तैयार करता है।

जून 2026 में तल्हा PoK के प्रधानमंत्री सरदार अतीक अहमद खान से भी मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान कश्मीर के मुद्दे पर ही बात हुई थी।
सवाल-3: आसिम मुनीर की इतनी तारीफ क्यों कर रहा है तल्हा सईद?
जवाबः इसकी 3 बड़ी वजहें हैं…
मुनीर की ‘मौलाना जनरल’ वाली इमेज
- आसिम मुनीर की तालीम किसी मौलाना की तरह हुई है। 7वीं तक मदरसे में पढ़े और कुरान याद की। आर्मी जॉइन करने के बाद भी कुरान दोहराई। भाषणों में वे बार-बार कुरान की आयतों का जिक्र करते हैं।
- पहलगाम हमले से पहले 16 अप्रैल 2025 को दिए भाषण में उन्होंने मजहबी तौर पर भारत-पाकिस्तान की तुलना की थी, ‘हम हिंदुओं से हर मायने में अलग हैं, चाहे वह मजहब हो या मकसद हो।’
- पाकिस्तान में भारत के राजदूत रहे अजय बिसारिया के मुताबिक, ‘मुनीर की लीडरशिप में पाक आर्मी सिर्फ सीमाओं की नहीं, मजहबी सोच की भी हिफाजत कर रही है। वे धार्मिक राष्ट्रवाद को दोहराते हैं। उन्हें मौलानाओं का सपोर्ट है।’
भारत विरोधी और कश्मीर पर कट्टर रुख
- जब 2019 का पुलवामा आतंकी हमला हुआ, आसिम मुनीर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI के चीफ थे। अप्रैल 2025 के भाषण में भी मुनीर ने कहा था, ‘कश्मीर हमारी जुगुलर वेन यानी गले की नस था, है और रहेगा।’ इसके 6 दिन बाद ही पहलगाम हमला हुआ।
- मुनीर कश्मीर की आजादी, जंग और भारत को मुंह तोड़ जवाब देने की बात कहते हैं। भारत के साथ सुलह करने के सवाल पर मुनीर कहते हैं, ‘जब भारत पाकिस्तान के कॉन्सेप्ट को ही नहीं मानता, तो हम उनके साथ सुलह कैसे कर सकते हैं।’
- 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमलों में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इल्यास कश्मिरी ने सितंबर 2025 में बताया था कि आसिम मुनीर ने पाक आर्मी के जनरलों से कहा था कि वे मारे गए लोगों के जनाजे में जाएं।
- ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में सीनियर फेलो और पाकिस्तान मामलों के जानकार सुशांत सरीन बताते हैं, ‘मौलाना मुनीर यूनिफॉर्म में हैं, लेकिन है जिहादी। वो हाफिज सईद जैसे आतंकी गुटों को ढील देते रहते हैं। यह भविष्य की तैयारी है।’

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक आर्मी के जनरल आतंकियों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। भारत ने ऑपरेशन में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों की मदद
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमलों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के जिन ठिकानों पर हमला हुआ था, अब वो फिर से शुरू हो गए हैं। इन ठिकानों की मरम्मत के लिए पाकिस्तान सरकार ने 50 करोड़ का फंड दिया था। आसिम मुनीर ने सिफारिश कर इसे 100 करोड़ कर दिया। इसके लिए पाक आर्मी वेलफेयर और आर्मी हाउसिंग स्कीम से फंड को डायवर्ट किया।
- हमलों में मारे लोगों के परिवारों को अलग से पैसे दिए। 15 परिवारों को 10 करोड़ रुपए देने का ऐलान हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के जिस आतंकी ठिकाने पर भारत ने हमला किया था, वह इमारत सुधारी जा रही है।
सवाल-4: तल्हा सईद के बयान की टाइमिंग क्यों अहम है?
जवाबः इस समय 4 मोर्चों पर पाकिस्तान सुलग रहा है…
- बलूचिस्तान: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत खुद को आजाद मानता है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) यहां पाक आर्मी पर लगातार हमले करती है। हालात ये हैं कि यहां रेयर अर्थ मिनरल्स प्रोजेक्ट पर काम करने आई अमेरिकी कंपनियों को फैक्ट्री बंद करके जाना पड़ा।
- खैबर पख्तूनख्वा: यहां पिछले 4 साल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हमले 5 गुना बढ़ गए हैं।
- PoK: यहां के लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन पाकिस्तानी फौज और पुलिस इन्हें रोकने के लिए हथियार चला रही है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जून-जुलाई के बीच 67 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
- आर्थिक हालात: पाकिस्तान पर करीब 81 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए का कर्ज है। इसमें से 23 लाख करोड़ विदेशों से लिया है। 2025-26 में विदेशी निवेश 31% घट गया है। 59 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हैं। 29% आबादी गरीबी रेखा के नीचे रहती है।
तल्हा सईद के बयान के पीछे सुशांत सरीन दो आशंकाएं जताते हैं। पहली- घरेलू मुद्दे को डायवर्ट करने के लिए भारत पर हमला हो सकता है। दूसरा- पाकिस्तान सिंधु जल समझौते का मुद्दा फिर से उठा सकता है। इसके लिए तल्हा सईद जैसे मोहरों का इस्तेमाल हो सकता है, जो अपने भाषणों से नैरटिव बनाते हैं।
सवाल-5: पाक आतंकियों के ऐसे बयानों पर भारत का मौजूदा रुख क्या है?
जवाबः तल्हा सईद के बयान पर भारत ने कोई बयान जारी नहीं किया। हालांकि इससे पहले भी भारत पाकिस्तानी आतंकियों के ऐसे भाषणों पर सीधी टिप्पणियां नहीं करता।
भारत कई मौकों पर कह चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है और पाकिस्तान समर्थित किसी भी आतंकी हमले को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ माना जाएगा। सुशांत सरीन के मुताबिक, ‘ऐसे मामले में भारत के पास इंतजार करने का ही विकल्प है। अगर पाकिस्तान कोई करतब दिखाता है, तो उसे जवाब दिया जाएगा।’
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