Saturday, 31 Oct 2026 | 03:15 PM

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Iran War Oil Crisis | Global Fuel Price Hike Hits Bangladesh & Philippines

Iran War Oil Crisis | Global Fuel Price Hike Hits Bangladesh & Philippines

16 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान युद्ध का असर अब पश्चिम एशिया से बाहर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसका असर हर देश में अलग तरह से दिख रहा है। कहीं पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें हैं, कहीं खाना पकाने की गैस नहीं मिल रही। फिलीपींस में मछुआरे महंगे डीजल के कारण समुद्र में नहीं जा पा रहे हैं। बांग्लादेश में गैस और बिजली की कमी से कपड़ा फैक्ट्रियों का काम प्रभावित हुआ है। श्रीलंका में सरकार इस उलझन में है कि ईंधन की कीमत बढ़ाए या सब्सिडी देकर लोगों को राहत दे। वहीं, सीरिया और ग्वाटेमाला में महंगे ईंधन के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए। पुर्तगाल में ड्राइवरों ने धीमी रफ्तार से गाड़ियां चलाकर और लगातार हॉर्न बजाकर विरोध किया। यानी तेल का संकट अब सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं है। इसका असर परिवहन, खेती, मछली पालन, बिजली और उद्योग तक पहुंच रहा है। इंडोनेशिया: पेट्रोल के लिए कतार, गैस की भी कमी इंडोनेशिया के सुलावेसी प्रांत में खाना पकाने वाली गैस की कमी और बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ जगहों पर पेट्रोल की राशनिंग भी शुरू की गई है। पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। कई लोग खाली टैंक वाली बाइक को धक्का देकर पंप तक ले जाते नजर आ रहे हैं। ईंधन की राशनिंग के खिलाफ टैक्सी ड्राइवरों ने प्रदर्शन किया। जावा के योग्याकार्ता में छात्रों ने भी बढ़ती ईंधन कीमतों के खिलाफ विरोध किया। इंडोनेशिया के लिए मुश्किल यह है कि सरकार पहले से ही ईंधन पर सब्सिडी देती है। कच्चे तेल की कीमत अनुमान से ज्यादा बढ़ने पर इस सब्सिडी का खर्च भी बढ़ रहा है। इंडोनेशिया में सोमवार को एक दुकानदार एलपीजी के घरेलू सिलेंडरों को अलग कर रहा है। जकार्ता, पूर्वी जावा और मध्य जावा में 12 किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों की कीमत बढ़ा दी गई है। फिलीपींस: डीजल इतना महंगा कि मछुआरों ने नावें रोक दीं मनीला बे के मछुआरे कई हफ्तों की बारिश के बाद समुद्र में लौटने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन महंगे डीजल ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी। बड़ी संख्या में मछुआरे नाव लेकर समुद्र में नहीं गए, क्योंकि उनके पास ईंधन खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। मछुआरा संगठन के नेता फर्नांडो हिकाप ने कहा कि कई लोग दोबारा मछली पकड़ने के लिए तैयार थे, लेकिन नाव में डालने के लिए ईंधन खरीदना उनके लिए मुश्किल हो गया है। इसका असर सिर्फ मछुआरों की कमाई पर नहीं है। अगर नावें समुद्र में नहीं जाएंगी तो मछली की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। फिलीपींस की राजधानी मनीला में तेल की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। बांग्लादेश: गैस की कमी से कपड़ा उद्योग प्रभावित बांग्लादेश की मुश्किल सीधे उद्योग तक पहुंच गई है। देश अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा पेट्रोलियम आयात करता है और बड़ी मात्रा में तेल मिडिल ईस्ट से आता है। ईंधन और गैस की कमी के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसका असर देश के कपड़ा उद्योग पर भी पड़ा है। कुछ फैक्ट्रियों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। गाजीपुर के एक कपड़ा कारखाने के अधिकारी ने बताया कि दिन में चार-पांच बार बिजली कट रही है। इसके कारण फैक्ट्रियों में कई घंटे काम रुक जाता है। बांग्लादेश के लिए यह इसलिए अहम है क्योंकि कपड़ा उद्योग देश के बड़े रोजगार और निर्यात क्षेत्रों में शामिल है। बिजली और गैस की कमी लंबे समय तक बनी रही तो उत्पादन पर इसका असर पड़ सकता है। श्रीलंका: सरकार के सामने दो रास्ते, दोनों में नुकसान श्रीलंका में हर महीने ईंधन की कीमत तय की जाती है। लेकिन पेट्रोल पंपों को सप्लाई करने वाली कंपनियों ने ईंधन देना सीमित करना शुरू कर दिया है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा कीमत पर उन्हें नुकसान हो रहा है। अब सरकार के सामने दो रास्ते हैं। वह ईंधन की कीमत बढ़ाए या कंपनियों को नुकसान से बचाने के लिए ज्यादा सब्सिडी दे। कीमत बढ़ाने का मतलब लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल महंगा होना है। इसका असर परिवहन और दूसरी चीजों की कीमत पर पड़ सकता है। वहीं, सब्सिडी बढ़ाने का मतलब सरकारी खर्च बढ़ना है। श्रीलंका पहले से भारी कर्ज के दौर से गुजर रहा है। इसलिए सरकार के लिए लंबे समय तक अतिरिक्त सब्सिडी का बोझ उठाना आसान नहीं है। श्रीलंका में ईंधन के लिए लगी लंबी कतार में लोग अपनी स्कूटरों को धक्का देकर आगे बढ़ा रहे हैं। इटली: फ्यूल बोनस देने की तैयारी, 11 हजार मिलेंगे इटली में 18 सितंबर से डीजल और महंगा हो सकता है। मेलोनी सरकार ने 17.08 सेंट यानी करीब 19 रुपए प्रति लीटर की टैक्स राहत खत्म कर रही है। इटली में डीजल की कीमत पहले ही 3 साल से ज्यादा समय के सबसे ऊंचे स्तर पर है। टैक्स राहत हटने के बाद कीमत 2.4 यूरो प्रति लीटर से ऊपर जाने का अनुमान है। ऐसे में 50 लीटर की टंकी भरवाने पर करीब 10 यूरो ज्यादा (1110 रुपए) देने होंगे। इटली सरकार अब सभी लोगों को टैक्स में राहत देने के बजाय जरूरतमंद लोगों को सीधे मदद देने पर विचार कर रही है। इसके तहत 100 यूरो यानी करीब ₹11,100 का फ्यूल बोनस देने का प्रस्ताव है। यह पैसा कर्मचारियों को उनकी सैलरी के साथ दिया जा सकता है। इसमें नौकरीपेशा लोगों के अलावा खुद का काम करने वाले लोगों को भी शामिल करने की बात है। इटली में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीर वाला पोस्टर पकड़े हुए है। सीरिया: कीमत में 40% तक इजाफा, प्रदर्शन शुरू सीरिया में सरकार ने पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 40% तक बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके कुछ ही घंटे बाद कई शहरों में प्रदर्शन शुरू हो गए। लोगों ने सड़कें रोकीं और टायर जलाए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कीमतों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए। सरकार का कहना है कि युद्ध के कारण ईंधन महंगा हुआ है और कीमत बढ़ाना मजबूरी है। सीरिया के मारात अल-नुमान में रविवार को ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरोध में लोगों ने हाईवे जाम

Vijay-Trisha Silverstone Video Controversy | Ambika Statement

Vijay-Trisha Silverstone Video Controversy | Ambika Statement

16 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय तथा अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन की हालिया साथ मौजूदगी फिर चर्चा में है। दोनों ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार की ले मैन्स कप रेस में नजर आए। विजय ने इस इवेंट को फ्लैग ऑफ किया। रेस से एक वीडियो सामने आया, जिसमें तृषा, विजय के साथ बालकनी में नजर आईं। इसी बीच दिग्गज अभिनेत्री अंबिका ने तृषा को विजय के साथ सार्वजनिक जगहों पर दिखने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। अंबिका ने साउथ की न्यूड वेबसाइट रेडपिक्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “तृषा को शायद लगता होगा कि वो और विजय सिर्फ दोस्त हैं, तो उन्हें आलोचना से फर्क नहीं पड़ता। लेकिन विजय एक बड़े पद पर हैं और साथ नजर आने से उसे शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है या इसका बुरा असर पड़ता है, तो मैं अगर तृषा की जगह होती तो ऐसा नहीं करती। मैं पीछे हट जाती और विजय के लिए मुश्किल खड़ी नहीं करती।” अंबिका ने यह भी कहा कि सिर्फ इसलिए दोस्ती खत्म नहीं की जा सकती, क्योंकि दोनों में से एक व्यक्ति बड़े पद पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, “जब दो लोग दोस्त होते हैं और उनमें से एक जिंदगी में ऊंचे मुकाम पर पहुंच जाता है, तो हम उस दोस्ती को नकार नहीं सकते। हमें उसे कोई दूसरा रंग नहीं देना चाहिए।” अंबिका साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी खास जगह पर दोस्त के साथ उनकी मौजूदगी से बेवजह आलोचना हो सकती है, तो वह वहां जाना पसंद नहीं करेंगी। रेस में साथ पहुंचने से फिर चर्चा में आया अफेयर रूमर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर थलापति विजय ने शनिवार को सिल्वरस्टोन में मिशेलिन ले मैन्स कप रेस की हरी झंडी दिखाकर ओपनिंग की। साउथ स्टार अजीत कुमार इस रेस में शामिल थे, जिन्होंने 38वां स्थान हासिल किया है। हालांकि इस रेस के दौरान थलापति विजय के साथ रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने ध्यान खींच लिया है। सोशल मीडिया पर रेस से जुड़े कई वीडियो सामने आ रहे हैं। कुछ में विजय, तृषा के साथ रेस एंजॉय करते दिखे, कुछ में एक्टर अजीत से रेस से पहले मुलाकात करते तो कभी रेस को हरी झंडी दिखाते। देखिए रेसिंग से विजय की तस्वीरें- विजय-तृषा के अफेयर की चर्चा के बीच पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी वापस ली थलापति विजय और तृषा कृष्णन लंबे समय से अफेयर रूमर्स के बीच चर्चा में हैं। इसी बीच विजय की पत्नी ने फरवरी 2023 में विजय से तलाक की मांग करते हुए केस दर्ज करवाया था। PTI के मुताबिक, संगीता ने याचिका में कहा था कि उनके पति का एक एक्ट्रेस के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हैं। उन्हें इस बारे में अप्रैल 2021 में पता चला। हालांकि, उन्होंने एक्ट्रेस का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी बताया था कि विजय ने उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना दी। उपेक्षित किया और छोड़ दिया। जरूरत पड़ने पर वह उस अभिनेत्री को भी मामले में दूसरा पक्षकार बनाएंगी। संगीता का कहना था कि उनका रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है। विजय भावनात्मक रूप से उनसे दूर हो गए हैं। उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करते थे। ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी थीं कि उन्हें एक ही घर में अलग रहना पड़ रहा था। इसलिए स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत तलाक दिया जाए। तमिलनाडू चुनाव के समय चुनाव लड़ रहे विजय के निजी मामले को जमकर उछाला गया था। इसी समय उनकी और तृषा की मौजूदगी ने भी जमकर सुर्खियां बटोरीं। विजय ने तृषा के जन्मदिन के दिन तमिलनाडू चुनाव जीता, जिसके ठीक बाद तृषा उनके नीलांकरई स्थित घर पहुंचीं। इसी दिन तृषा ने विजय के साथ देर रात बर्थडे सेलिब्रेट करते हुए तस्वीर भी पोस्ट की। आगे 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। तृषा 15 अगस्त को भी विजय के परिवार के साथ उनके कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। दोनों कई मौकों पर साथ नजर आए, जिससे उनका रिश्ता ऑफिशियल माना जा रहा था, हालांकि तभी विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद ये पहली बार है जब विजय-तृषा फिर साथ नजर आए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

'सुशांत सिंह राजपूत के कातिल अब पकड़े जाएंगे':एक्टर के MLA भाई बोले-उद्धव सरकार ने सबूत मिटाए; दिशा सालियान केस में CBI ने की है FIR

'सुशांत सिंह राजपूत के कातिल अब पकड़े जाएंगे':एक्टर के MLA भाई बोले-उद्धव सरकार ने सबूत मिटाए; दिशा सालियान केस में CBI ने की है FIR

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने सोमवार को FIR दर्ज की है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिशा के पिता की याचिका पर CBI जांच के निर्देश दिए थे। FIR दर्ज होने के बाद एक्टर सुशांत सिंह के चचेरे भाई और बीजेपी विधायक नीरज बब्लू ने दावा किया है कि अगर दिशा के हत्यारे पकड़े जाते हैं, तो सुशांत की हत्या का राज भी खुल जाएगा। उद्धव सरकार पर मामलों को दबाने का आरोप नीरज बबलू ने आरोप लगाया कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी, जो उनके खिलाफ थी। उन्होंने जानबूझकर दोनों हत्याओं के मामलों को दबाने का काम किया। जब बिहार में सीबीआई जांच की मांग उठी, तब तक वहां सभी सबूत मिटा दिए गए थे और तथ्य छिपा लिए गए थे। पूर्व मंत्री ने बताया कि उस समय दिशा सालियान के पिता सदमे में थे, लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बदलने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। ‘सामने आएंगे बड़े नाम, करोड़ों फैंस को न्याय की आस’ नीरज बबलू ने विश्वास जताते हुए कहा कि अब दिशा सालियान के हत्यारे निश्चित रूप से पकड़े जाएंगे और सीधे जेल जाएंगे। दिशा के कातिलों के पकड़े जाते ही सुशांत मामले में भी चीजें बिल्कुल साफ हो जाएंगी। यह स्पष्ट हो जाएगा कि सुशांत की हत्या के पीछे किन ‘बड़े लोगों’ का हाथ था और इसके पीछे का असल मकसद क्या था। 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत की मौत 14 जून 2020 में बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके बांद्रा स्थित फ्लैट में मिला था। खबर सामने आते ही पूरे देश में सनसनी मच गई थी। लोगों ने दावा किया कि सुशांत की मौत महज खुदकुशी नहीं हैं, बल्कि उनका मर्डर किया गया है, जिसके बाद हर किसी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार था। 25 जून को सुशांत की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई थी, जिसे पांच डॉक्टरों की टीम द्वारा तैयार किया गया था। इस रिपोर्ट में साफ लिखा था कि एक्टर की मौत फांसी लगने के बाद दम घुटने से हुई है। विसरा रिपोर्ट में भी उनकी मौत को आत्महत्या करार दिया गया। लेकिन परिवार ने गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। मुंबई पुलिस ने केस की जांच शुरू की, लेकिन मीडिया और पॉलिटिकल प्रेशर की वजह से केस CBI को सौंप दिया गया। 6 अगस्त 2020 को CBI ने FIR दर्ज की। 4 साल 6 महीने बाद मार्च 2025 में CBI ने फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की। इसमें जांच एजेंसी ने कहा है कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि सुशांत का परिवार ये मानने को तैयार नहीं कि ये सामान्य सुसाइड केस है। अब जानिए एक्टर सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के बारे में दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा केस की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी। अक्टूबर 2020 में पुलिस ने मौत को सुसाइड बताया था। वहीं दिसंबर 2023 में केस दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। इसमें भी आत्महत्या की बात कही गई थी।

कनाडा में स्टडी वीजा के नियम बदले:अब ₹17 लाख बैंक बैलेंस रखना होगा; 31 अगस्त तक अप्लाई करने वाले पंजाबियों को फायदा हुआ

कनाडा में स्टडी वीजा के नियम बदले:अब ₹17 लाख बैंक बैलेंस रखना होगा; 31 अगस्त तक अप्लाई करने वाले पंजाबियों को फायदा हुआ

स्टडी वीजा पर कनाडा जाने वाले पंजाबियों को अब ज्यादा पैसे खर्चने पड़ेंगे। अब पढ़ने जाने वाले स्टूडेंट्स को अपने रहने-खाने सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए बैंक बैलेंस 17 लाख रखना होगा। इमीग्रेशन रिफ्यूजी सिटिजनशिप डिपार्टमेंट ने नए नियम लागू कर दिए है, जिसे अफिशियल वेबसाइट पर 1 दिन पहले अपडेट किया गया है। कनाडा सरकार का कहना है कि देश में बढ़ रही महंगाई के चलते ये निर्णय लिया गया है। पहले कनाडा स्टडी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स को 15 लाख के करीब सालाना बैंक बैलेंस मेंटेन रखना जरूरी था। IRCC के अनुसार 31 अगस्त तक अप्लाई कर चुके स्टूडेंट्स पर नए नियम लागू नहीं होंगे। 1 सितंबर 2026 से अप्लाई कर रहे स्टूडेंट्स पर नए नियमों के तहत अब कनाडाई यूनिवर्सिटी या कॉलेज में दाखिला लेने से पहले अपनी वित्तीय मजबूती साबित करने करने के लिए पहले से लगभग 2 लाख रुपए ज्यादा बैंक बैलेंस दिखाना होगा। कॉलेज फीस और ट्रेवल खर्च के अतिरिक्त दिखाना हो बैलेंस कनाडा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (canada.ca) पर जारी ताजा नोटिफिकेशन के अनुसार, अब सिंगल एप्लीकेंट (अकेले जाने वाले छात्र) को लिविंग एक्सपेंस यानी रहने-खाने के खर्च के तौर पर कम से कम 23,448 कनाडाई डॉलर (CAD) का फंड दिखाना अनिवार्य होगा। भारतीय रुपए में यह रकम करीब 17 लाख रुपए बैठती है। इस रकम में कॉलेज की ट्यूशन फीस और भारत से कनाडा आने-जाने का ट्रैवल खर्च शामिल नहीं है। ट्यूशन फीस और यात्रा खर्च का हिसाब इस निर्धारित राशि से अलग रहेगा। परिवार के 4 मेंबर के साथ दिखाने होंगे 30 लाख इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के आधिकारिक डेटा चार्ट के मुताबिक, यदि छात्र के साथ उनके परिवार के सदस्य भी कनाडा जाते हैं, तो उसी हिसाब से फंड की सीमा बढ़ जाएगी। दो लोगों के परिवार के लिए यह सीमा 29,185 CAD (20.10 लाख), तीन सदस्यों के लिए 35,880 CAD (24.74 लाख) और चार सदस्यों के परिवार के लिए 43,562 CAD (30.04 लाख) तय की गई है। इसके बाद परिवार के प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के जुड़ने पर 6,315 कनाडाई डॉलर (4.35 लाख) का अतिरिक्त फंड बैंक खाते में दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि, ये नियम क्यूबेक प्रांत को छोड़कर पूरे कनाडा में लागू होंगे, क्योंकि क्यूबेक अपने लिविंग एक्सपेंस के नियम अलग से तय करता है। महंगाई के चलते कनाडा सरकार ने बढ़ाया बजट IRCC की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इस फैसले का मुख्य मकसद कनाडा में रह रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वित्तीय संकट और महंगाई से बचाना है। बीते कुछ वर्षों में कनाडा के प्रमुख शहरों में रेंट (मकान का किराया), ग्रोसरी और बेसिक यूटिलिटीज के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। पुराना फंड पैरामीटर मौजूदा महंगाई दरों के हिसाब से काफी कम पड़ रहा था, जिसके चलते कई विदेशी छात्रों को वहां जाकर पार्ट-टाइम जॉब्स पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था या रहने-खाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वीजा अप्लाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान अब 1 सितंबर 2026 के बाद वीजा फाइल जमा करने वाले सभी छात्रों को तीन अलग-अलग मदों में अपना फंड प्रूफ देना होगा। पहला, पहले साल की पूरी ट्यूशन फीस; दूसरा तय लिविंग एक्सपेंस दिखाना होगा जो सिंगल छात्र के लिए 23,448 डालर है। तीसरा, भारत से कनाडा आने-जाने का टिकट खर्च। विशेषज्ञों की सलाह है कि कनाडाई वीजा के रिजेक्शन से बचने के लिए छात्र अपने स्पॉन्सर या बैंक स्टेटमेंट में आधिकारिक वेबसाइट द्वारा तय राशि से थोड़ा अधिक ही बैलेंस मेंटेन रखें, ताकि एप्लीकेशन में कोई अड़चन न आए। कनाडा में 10 लाख पंजाबी रह रहे कनाडा में पंजाबी मूल के लोगों की कुल संख्या लगभग 9.4 लाख से 10 लाख के बीच है, जो वहां की कुल आबादी का करीब 2.6% है।

सऊदी ने मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराया:यह इस्लाम का सबसे पवित्र शहर; हूती बोले- मक्का को कोई खतरा नहीं

सऊदी ने मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराया:यह इस्लाम का सबसे पवित्र शहर; हूती बोले- मक्का को कोई खतरा नहीं

सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार को मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बुधवार को बताया कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही मार गिराया गया। सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए रेड लाइन है। उन्होंने कहा कि गठबंधन हूतियों के खिलाफ जरूरी कदम उठाएगा। वहीं हूति विद्रोहियों ने मक्का या दूसरे पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। हूतियों की समाचार एजेंसी SABA के मुताबिक, संगठन से मक्का या अन्य पवित्र स्थलों को कोई खतरा नहीं है। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। यहां मुस्लिमों के प्रमुख पवित्र स्थल हैं और हर साल दुनिया भर से लाखों लोग हज के लिए पहुंचते हैं। हज इस्लाम के पांच प्रमुख धार्मिक कर्तव्यों में शामिल है। अल-मलिकी ने इस घटना को मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया। इससे पहले जुलाई 2017 में गठबंधन ने हूतियों पर मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप लगाया था। सऊदी अरब के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट मंगलवार को सऊदी अरब के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए। इनमें मक्का और अन्य शहर शामिल थे। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब पिछले एक सप्ताह में ईरान समर्थित लड़ाकों के हमलों के बाद सऊदी अरब क्षेत्रीय संघर्ष से और ज्यादा प्रभावित हुआ है। हूतियों के हमलों से सऊदी अरब के उन तेल निर्यात मार्गों पर भी जोखिम बढ़ा है, जिन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से हटाकर वैकल्पिक रास्तों से इस्तेमाल किया जा रहा है। हूतियों ने सऊदी एयरबेस पर हमले का दावा किया हूतियों ने पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब के खिलाफ कई हमलों का दावा किया है। सोमवार को संगठन ने एक एयरबेस को निशाना बनाने की बात कही थी। हूतियों के मुताबिक, यह कार्रवाई यमन पर हुए हवाई हमलों के जवाब में की गई। सऊदी पक्ष ने मक्का के पास ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले नष्ट करने की बात कही है। वहीं, हूती पक्ष ने पवित्र शहर को किसी खतरे से इनकार किया है।

सऊदी ने मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराया:यह इस्लाम का सबसे पवित्र शहर; हूती बोले- मक्का को कोई खतरा नहीं

सऊदी ने मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराया:यह इस्लाम का सबसे पवित्र शहर; हूती बोले- मक्का को कोई खतरा नहीं

सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार को मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बुधवार को बताया कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही मार गिराया गया। सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए रेड लाइन है। उन्होंने कहा कि गठबंधन हूतियों के खिलाफ जरूरी निवारक कदम उठाएगा। वहीं हूति विद्रोहियों ने मक्का या दूसरे पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। हूतियों की समाचार एजेंसी SABA के मुताबिक, संगठन से मक्का या अन्य पवित्र स्थलों को कोई खतरा नहीं है। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है। यहां मुस्लिमों के प्रमुख पवित्र स्थल हैं और हर साल दुनिया भर से लाखों लोग हज के लिए पहुंचते हैं। हज इस्लाम के पांच प्रमुख धार्मिक कर्तव्यों में शामिल है। अल-मलिकी ने इस घटना को मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया। उनके मुताबिक, इससे पहले जुलाई 2017 में गठबंधन ने हूतियों पर मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का आरोप लगाया था। सऊदी अरब के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट मंगलवार को सऊदी अरब के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए। इनमें मक्का और अन्य शहर शामिल थे। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब पिछले एक सप्ताह में ईरान समर्थित लड़ाकों के हमलों के बाद सऊदी अरब क्षेत्रीय संघर्ष से और ज्यादा प्रभावित हुआ है। हूतियों के हमलों से सऊदी अरब के उन तेल निर्यात मार्गों पर भी जोखिम बढ़ा है, जिन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से हटाकर वैकल्पिक रास्तों से इस्तेमाल किया जा रहा है। हूतियों ने सऊदी एयरबेस पर हमले का दावा किया हूतियों ने पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब के खिलाफ कई हमलों का दावा किया है। सोमवार को संगठन ने एक एयरबेस को निशाना बनाने की बात कही थी। हूतियों के मुताबिक, यह कार्रवाई यमन पर हुए हवाई हमलों के जवाब में की गई। सऊदी पक्ष ने मक्का के पास ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले नष्ट करने की बात कही है। वहीं, हूती पक्ष ने पवित्र शहर को किसी खतरे से इनकार किया है।

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। अब खान परिवार के विसर्जन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सलमान खान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे हैं। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। अब खान परिवार के विसर्जन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सलमान खान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे हैं। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।

Raigarh Steel Slag Road Guinness Record & Dal Lake Papier Mache Model

Raigarh Steel Slag Road Guinness Record & Dal Lake Papier Mache Model

Hindi News Career Raigarh Steel Slag Road Guinness Record & Dal Lake Papier Mache Model 5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. डल झील के संरक्षण के लिए ग्रास माशे तकनीक का मॉडल प्रस्तुत 14 सितंबर 2026 को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में डल झील के संरक्षण के लिए ग्रास माशे तकनीक का मॉडल प्रस्तुत किया गया। श्रीनगर की कारीगर सिमरन (कुलसुम इरशाद) डल झील से सफाई के दौरान निकाली जाने वाली जलीय घास और खरपतवार को बेकार फेंकने के बजाय उससे सजावटी सामान बना रही हैं। इस तकनीक को उन्होंने ‘Grass Mache’ नाम दिया है। कश्मीर की पारंपरिक पेपर मैशी कला को पर्यावरण-अनुकूल रूप देने के लिए इस पहल की शुरुआत की गई है। सिमरन को पारंपरिक पेपर मैशी में करीब 5 साल का अनुभव है। उन्होंने ग्रास माशे तकनीक विकसित करने में लगभग 2 साल प्रयोग किए हैं। सिमरन स्थानीय महिलाओं को यह कला निःशुल्क सिखा रही हैं। उनके इन उत्पादों से इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सिमरन अन्य महिलाओं को भी Grass Mache की तकनीक सिखाती हैं। 2. ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ‘पेंशन सखियों’ योजना का विस्तार 14 सितंबर 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पेंशन सखी योजना का विस्तार किया गया। 15 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास विभाग (DoRD) और PFRDA ने इसके लिए MoU किया है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को पेंशन सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत डोरस्टेप सेवा दी जाती है जिसमें वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को उनके घर तक पेंशन राशि पहुंचाना शामिल है। लोगों को पेंशन योजनाओं की जानकारी देना और नामांकन में मदद करना इस योजना का मुख्य कार्य है। ‘पेंशन सखी’ का उद्देश्य मुख्य रूप से PFRDA के पेंशन इकोसिस्टम, खासकर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसी रिटायरमेंट योजनाओं की पहुंच बढ़ाना है। मिसलेनियस (MISCELLANEOUS) 3. रायगढ़ में बनी दुनिया की सबसे लंबी ‘स्टील स्लैग रोड’ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बनी दुनिया की सबसे लंबी ‘स्टील स्लैग रोड’ का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ है। यह तकनीक CSIR – केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) द्वारा विकसित की गई है। इसमें स्टील संयंत्रों से निकलने वाले कचरे (स्टील स्लैग) का उपयोग सड़क निर्माण के गिट्टी के रूप में किया जाता है। स्टील स्लैग सड़कें पारंपरिक बिटुमिनस सड़कों की तुलना में 30% अधिक टिकाऊ और मजबूत होती हैं। पारंपरिक सड़कों के निर्माण की तुलना में इसकी लागत लगभग 30% तक कम आती है। यह सड़कें प्राकृतिक पत्थरों के खनन को कम करके पर्यावरण संरक्षण में मदद करती है। भारत की पहली स्टील स्लैग सड़क सुरत (गुजरात) में 2022 में बनाई गई थी। सीमेंट या कंक्रीट की सड़क का जीवनकाल 30 वर्ष से अधिक होता है, जबकि स्टील स्लैग से निर्मित सड़क का जीवनकाल लगभग 15 वर्ष होता है। स्टील स्लैग रोड स्टील उत्पादन के दौरान भट्ठी में अशुद्धियों को अलग करने पर एक ठोस उप-उत्पाद बनता है, जिसे स्टील स्लैग कहते हैं। इसे प्रोसेस करके सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी सड़कें बनाने में सामान्य गिट्टी के कुछ हिस्से की जगह स्टील बनाने की प्रक्रिया से निकलने वाले स्टील स्लैग का इस्तेमाल किया जाता है। स्टील स्लैग परियोजना की शुरुआत ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ पहल के तहत की गई है। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास का समापन 14 सितंबर को भारत और मलेशिया ने लुमुट में चौथा द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण 2026’ का समापन हुआ। यह ‘समुद्र लक्ष्मण’ अभ्यास का 4वां संस्करण था। अभ्यास के मुख्य चरण में हार्वर फेज (पोर्ट गतिविधियां) और सी फेज (समुद्री युद्धाभ्यास) शामिल थे। रॉयल मलेशियन नेवी (RMN) के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों ने इसमें हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य भारत की ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया से रक्षा संबंधों को मजबूत करना है। यह ‘समुद्र लक्ष्मण’ अभ्यास का 4वां संस्करण था। निधन (DEATH) 5. मशहूर फैशन डिजाइनर बॉब मैकी का निधन 14 सितंबर को मशहूर फैशन डिजाइनर बॉब मैकी का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। चेर , मैडोना और अन्य हस्तियों के लिए डिज़ाइन किए गए परिधानों के लिए मशहूर मैकी का उनकी मृत्यु कैलिफोर्निया के पाम स्प्रिंग्स में न्यूमोनिया की वजह से हुई। उनका करिअर पांच दशक से ज्यादा लंबा रहा। उन्हें विशेष रूप से गायिका, अभिनेत्री और टीवी एक्ट्रेस चेर के 1986 के ऑस्कर समारोह के यादगार लुक के लिए जाना जाता है। उन्हें 1973, 1976 और 1982 में एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज द्वारा सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन श्रेणी में 3 बार नॉमिनेट किया गया। उन्होंने कॉस्ट्यूम डिजाइन और कला निर्देशन के क्षेत्र में 9 एमी पुरस्कार भी जीते। 2019 में उन्हें ‘द चेर शो’ के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन कैटेगरी में टोनी पुरस्कार भी मिला। मैकी ने कार्लोल बर्नेट, डायना रोज, टीना टर्नर, एजटन जॉन, मेडोना, लिजा मिनेली और डॉली पार्टन जैसे सेलिब्रिटीज के लिए ड्रेस डिजाइन की। आज का इतिहास 1929 में प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्माता प्रेम नाथ का जन्म हुआ। 1932 में प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक और गणितज्ञ नारायण दत्त तिवारी का जन्म हुआ था। 1908 में अमेरिका में जनरल मोटर्स की स्थापना हुई। विश्व ओजोन दिवस हर साल 16 सितंबर को मनाया जाता है। 1821 में मैक्सिको की स्वतंत्रता को आधिकारिक मान्यता मिली। 1975 में पापुआ न्यू गिनी स्वतंत्र हुआ। —————– ये खबर भी पढ़ें… 12 सितंबर के करेंट अफेयर्स : BRICS 2026 आज से नई दिल्ली में शुरू, भारत और फ्रांस मिलकर स्पेस टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अमेरिका में विदेशी छात्रों का नौकरी करना मुश्किल:पढ़ाई के बाद जॉब के लिए 1 करोड़ रुपए देने होंगे; व्हाइट हाउस की प्रस्ताव को मंजूरी

अमेरिका में विदेशी छात्रों का नौकरी करना मुश्किल:पढ़ाई के बाद जॉब के लिए 1 करोड़ रुपए देने होंगे; व्हाइट हाउस की प्रस्ताव को मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करना महंगा करने की तैयारी कर रही है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के लिए छात्रों को करीब 96 लाख रुपए (1 लाख डॉलर) फीस देनी पड़ सकती है। यह फीस ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) के लिए प्रस्तावित है। OPT के तहत विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में नौकरी करने की अनुमति मिलती है। इस प्रस्ताव को व्हाइट हाउस की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है। लागू करने से पहले लोगों और संस्थानों से इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। OPT क्या है और उसका ट्रेनिंग पीरियड OPT यानी ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों को डिग्री पूरी करने के बाद काम करने की अनुमति देता है। इसके तहत ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को आम तौर पर 12 महीने तक नौकरी करने की छूट मिलती है। STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स से जुड़े विषयों के छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने का एक्सटेंशन मिलता है। यानी पात्र STEM छात्रों को कुल 36 महीने तक OPT के तहत काम करने का मौका मिल सकता है। OPT के बाद कुछ छात्र अमेरिका में लंबे समय तक नौकरी करने के लिए अन्य वर्क वीजा विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं। OPT के लिए फिलहाल 40 हजार रुपए फीस फिलहाल OPT के लिए फीस करीब 40 हजार रुपए है। प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की फीस लागू होने पर छात्रों को मौजूदा फीस से कई गुना ज्यादा रकम चुकानी होगी। अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए यह खर्च ट्यूशन फीस और रहने-खाने के खर्च के अलावा होगा। इससे पढ़ाई के बाद अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। 2 लाख से भारतीय छात्र OPT के तहत नौकरी कर रहे अमेरिका में 2 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र OPT के तहत नौकरी कर रहे हैं। विदेशी छात्रों में भारतीय छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है। प्रस्तावित फीस लागू होने पर अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है। पढ़ाई का खर्च करीब 50 लाख, जॉब के लिए अलग 1 करोड़ अमेरिका में ग्रेजुएशन की फीस करीब 50 लाख रुपए तक हो सकती है। इसके अलावा छात्रों को रहने, खाने और दूसरी जरूरतों पर भी खर्च करना पड़ता है। कई छात्र पढ़ाई के दौरान पार्ट-टाइम काम करके अपने रहने-खाने का खर्च निकालते हैं। ऐसे में पढ़ाई पूरी होने के बाद OPT के लिए करीब 96 लाख रुपए की फीस का प्रस्ताव छात्रों की कुल लागत को काफी बढ़ा सकता है। अमेरिका में करीब 10 लाख विदेशी छात्र पढ़ रहे अमेरिका में इस समय करीब 10 लाख विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से जो छात्र पढ़ाई के बाद अमेरिका में नौकरी करना चाहते हैं, उनके लिए OPT महत्वपूर्ण रास्ता है। फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी होने पर अमेरिका के बजाय दूसरे देशों में पढ़ाई और नौकरी के विकल्प तलाशने वाले छात्रों की संख्या बढ़ सकती है। जर्मनी और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों में विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद काम करने के विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित फीस है। इसे लागू करने से पहले संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी और लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने छात्रों को ईमेल भेजा प्रस्ताव के बीच कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने छात्रों को ईमेल भेजकर मौजूदा अनिश्चितता को लेकर भरोसा दिलाया है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि वह स्थिति को समझती है और इससे जुड़े घटनाक्रम पर नजर रख रही है। OPT में बदलाव का प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ट्रम्प प्रशासन विदेशी छात्रों और अमेरिका में पढ़ाई के बाद उनके रुकने से जुड़े नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा रहा है।