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लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी पर बायोपिक बनेगी। रश्मिका मंदाना फिल्म में उनका किरदार निभाएंगी। फिल्म का आधिकारिक लॉन्च 16 सितंबर 2026 को उनकी 110वीं जयंती पर चेन्नई के द म्यूजिक एकेडमी में किया गया। गौतम तिन्ननुरी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जो पहले ‘जर्सी’ और ‘किंगडम’ जैसी हिट फिल्में बना चुके हैं। रश्मिका से पहले साई पल्लवी का नाम इस बायोपिक के लिए सामने आया था। रश्मिका पहली बार ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शख्सियत का किरदार निभाएंगी, जिसकी पहचान मुख्य रूप से कर्नाटक शास्त्रीय संगीत से जुड़ी है। महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी थे फैन एस.एस.सुब्बूलक्ष्मी कर्नाटक की महान गायिका थीं, जिनके गाए हुए भजन विष्णु सहास्त्रनामम को यूट्यूब पर 10 करोड़ बार सुना जा चुका है। वहीं भजन गोविंदम को 17 मिलियन और श्री वेंकटेश्वरा सुप्रभातम को 47 मिलियन बार सुना गया है। पद्मश्री से लेकर भारत रत्न तक, ऐसा कोई नामी अवॉर्ड नहीं जो इनके नाम ना हो। आवाज में वो आकर्षण था कि महात्मा गांधी और पं. जवाहरलाल नेहरू भी इनके प्रशंसकों में से एक रहे। महात्मा गांधी खास फरमाइश पर इनसे रघुपति राघव राजा राम सुनते थे। नीली साड़ी इन पर इतनी जंचती थी कि इनके नाम पर ही उस रंग का नाम एमएस ब्लू रख दिया गया। जानिए कैसे देश की सबसे बड़ी गायिका बनीं एम.एस.सुब्बूलक्ष्मी? एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी उर्फ कुंजम्मा का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै (तमिलनाडु) में हुआ था। उनकी मां शानमुकावादिर अम्माल देवदासी समाज का हिस्सा थीं जो वीणा बजाती थीं और पिता सुब्रमण्यम अय्यर एक सिंगर। मां ने उनकी ट्रेनिंग मशहूर पं. नारायण राव व्यास से करवाई और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने पहली रिकॉर्डिंग की। सुब्बुलक्ष्मी मां की स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान उनका साथ देते हुए भजन गाया करती थीं। उनकी पहली परफॉर्मेंस 1929 में मद्रास म्यूजिक एकेडमी के मंच पर हुई, तब वो महज 13 साल की थीं। द वायर को दिए इंटरव्यू में सुब्बुलक्ष्मी ने बताया था कि एक दिन वो घर के बाहर बैठीं मिट्टी का घर बना ही रही थीं कि कोई उन्हें उठाकर सीधे मां के पास मंच पर ले गया। मां करीब 50-100 लोगों के सामने परफॉर्म कर रही थीं और वो चाहती थीं कि सुब्बुलक्ष्मी भी चंद गाने सुनाएं। उन्होंने मिट्टी से सने हाथ पोछे और गाना शुरू किया, तो म्यूजिक एकेडमी तालियों से गूंज उठी। इसके बाद उन्हें लगातार गाने के मौके दिए जाने लगे। उस जमाने के मशहूर पत्रकार टी. सदाशिवम ने 1936 में हुई एक सुब्बुलक्ष्मी की इस परफॉर्मेंस के बाद तमिल वीकली मैगजीन आनंदा विकातम में फ्रंटपेज आर्टिकल लिखा, जिसके बाद उनके कॉन्सर्ट में भारी भीड़ पहुंचने लगी। काम के सिलसिले में हुई मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और परिवार के खिलाफ जाकर शादी की। सदाशिवम जानते थे कि सुब्बुलक्ष्मी का हुनर सिर्फ मंच तक सीमित रहने के लिए नहीं है। फिल्ममेकर के. सुब्रह्मण्यम से सिफारिश कर सदाशिवम ने सुब्बुलक्ष्मी को फिल्म सेवासदन में लीड रोल दिलवाया। 1938 की ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और सुब्बुलक्ष्मी साउथ का बड़ा नाम बनकर उभरीं। सुब्बुलक्ष्मी के गानों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पति सदाशिवम ने खुद पैसे लगाकर फिल्में बनाने का फैसला किया। सुब्बुलक्ष्मी के सुझाव पर सदाशिवम ने मीराबाई पर पहली फिल्म मीरा (1945) बनाई। फिल्म में सुब्बुलक्ष्मी को ही मीराबाई का लीड रोल दिया गया। मीरा का रोल निभाने के लिए सुब्बुलक्ष्मी खुद उन सभी जगहों पर जाकर रहीं, जहां मीरा ने कृष्ण भक्ति में समय बिताया था। 1944 में फिल्म की शूटिंग न्यूटोन स्टूडियो, मद्रास में शुरू हुई, जिसके बाद टीम ने जयपुर, वृंदावन, चित्तौड़ और द्वारका का चयन किया। फिल्म के कॉन्सेप्ट से प्रभावित होकर उदयपुर के महाराजा ने हाथी-घोड़ों के साथ फिल्म बनाने के लिए अपना पैलेस इस्तेमाल करने की इजाजत से लेकर हर तरह से मदद की। महाराजा के मंत्री की मदद से उन्हें शाही हाथी-घोड़े मिले और साथ ही महल में कहीं भी कभी भी शूटिंग करने की इजाजत भी। शूटिंग के लिए महल की शाही डांसर्स भी दी गईं। फिल्म में नजर आए कई एक्स्ट्रा कलाकार भी शाही लोग थे। 136 मिनट की फिल्म में थे सुब्बुलक्ष्मी के 20 गाने 3 नवंबर 1945 को दिवाली पर फिल्म मीरा रिलीज की गई। 136 मिनट की इस फिल्म में 20 गाने थे, जो सुब्बुलक्ष्मी ने ही गाए थे। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बड़ी हिट रही कि दो साल बाद कुछ सीन को रीशूट कर 1947 में हिंदी में मीराबाई नाम से फिर रिलीज किया गया था। प्रीमियर में पहुंचे थे माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू 21 नवंबर 1947 को मीराबाई फिल्म रिलीज हुई, जिससे सुब्बुलक्ष्मी तमिल स्टार से नेशनल स्टार बन गईं। फिल्म में सरोजिनी नायडू ने सुब्बुलक्ष्मी का परिचय करवाते हुए उन्हें नाइटेंगल ऑफ इंडिया (भारत की बुलबुल) नाम दिया था। फिल्म के प्रीमियर में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी पहुंचे थे। इनके अलावा लॉर्ड माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, विजयालक्ष्मी पंडित और इंदिरा गांधी जैसी देश की अन्य बड़ी हस्तियां भी थीं। फिल्म देखने के बाद जवाहरलाल नेहरू और माउंटबेटन सुब्बुलक्ष्मी के फैन बन गए थे। फिल्म मीरा तमिल सिनेमा में म्यूजिकल कल्ट साबित हुई। ये फिल्म आज भी भारत की 100 सबसे महान फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। मीरा हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने फिल्मों से हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ लिया। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था- आपके सामने मैं मामूली प्रधानमंत्री हूं द प्रिंट के अनुसार, 1953 में दिल्ली में हुए कर्नाटक समारोह में सुब्बुलक्ष्मी को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सामने गाने का मौका मिला। जवाहरलाल नेहरू इस बार खुद को उनकी तारीफ करने से नहीं रोक सके। उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी के पास जाकर कहा- आपकी आवाज में दिलों के तार हिला देने की ताकत है, मैं आपके सामने क्या हूं, सिर्फ एक मामूली प्रधानमंत्री। गांधी जी भी फैन थे, सामने बैठाकर करते थे गाने की गुजारिश स्वतंत्रता संग्राम में साथ काम करते हुए महात्मा गांधी और सुब्बुलक्ष्मी की दोस्ती हो गई। गांधी जी को उनकी आवाज इतनी पसंद थी कि उन्होंने कई बार सुब्बुलक्ष्मी से सामने बैठकर रघुपति राघव राजा राम सुनाने की गुजारिश की। 2 अक्टूबर 1947 को महात्मा गांधी ने दिल्ली में सुब्बुलक्ष्मी के लिए एक कार्यक्रम

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी पर बायोपिक बनेगी। रश्मिका मंदाना फिल्म में उनका किरदार निभाएंगी। फिल्म का आधिकारिक लॉन्च 16 सितंबर 2026 को उनकी 110वीं जयंती पर चेन्नई के द म्यूजिक एकेडमी में किया गया। गौतम तिन्ननुरी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जो पहले ‘जर्सी’ और ‘किंगडम’ जैसी हिट फिल्में बना चुके हैं। रश्मिका से पहले साई पल्लवी का नाम इस बायोपिक के लिए सामने आया था। रश्मिका पहली बार ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शख्सियत का किरदार निभाएंगी, जिसकी पहचान मुख्य रूप से कर्नाटक शास्त्रीय संगीत से जुड़ी है। महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी थे फैन एस.एस.सुब्बूलक्ष्मी कर्नाटक की महान गायिका थीं, जिनके गाए हुए भजन विष्णु सहास्त्रनामम को यूट्यूब पर 10 करोड़ बार सुना जा चुका है। वहीं भजन गोविंदम को 17 मिलियन और श्री वेंकटेश्वरा सुप्रभातम को 47 मिलियन बार सुना गया है। पद्मश्री से लेकर भारत रत्न तक, ऐसा कोई नामी अवॉर्ड नहीं जो इनके नाम ना हो। आवाज में वो आकर्षण था कि महात्मा गांधी और पं. जवाहरलाल नेहरू भी इनके प्रशंसकों में से एक रहे। महात्मा गांधी खास फरमाइश पर इनसे रघुपति राघव राजा राम सुनते थे। नीली साड़ी इन पर इतनी जंचती थी कि इनके नाम पर ही उस रंग का नाम एमएस ब्लू रख दिया गया। जानिए कैसे देश की सबसे बड़ी गायिका बनीं एम.एस.सुब्बूलक्ष्मी? एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी उर्फ कुंजम्मा का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै (तमिलनाडु) में हुआ था। उनकी मां शानमुकावादिर अम्माल देवदासी समाज का हिस्सा थीं जो वीणा बजाती थीं और पिता सुब्रमण्यम अय्यर एक सिंगर। मां ने उनकी ट्रेनिंग मशहूर पं. नारायण राव व्यास से करवाई और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने पहली रिकॉर्डिंग की। सुब्बुलक्ष्मी मां की स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान उनका साथ देते हुए भजन गाया करती थीं। उनकी पहली परफॉर्मेंस 1929 में मद्रास म्यूजिक एकेडमी के मंच पर हुई, तब वो महज 13 साल की थीं। द वायर को दिए इंटरव्यू में सुब्बुलक्ष्मी ने बताया था कि एक दिन वो घर के बाहर बैठीं मिट्टी का घर बना ही रही थीं कि कोई उन्हें उठाकर सीधे मां के पास मंच पर ले गया। मां करीब 50-100 लोगों के सामने परफॉर्म कर रही थीं और वो चाहती थीं कि सुब्बुलक्ष्मी भी चंद गाने सुनाएं। उन्होंने मिट्टी से सने हाथ पोछे और गाना शुरू किया, तो म्यूजिक एकेडमी तालियों से गूंज उठी। इसके बाद उन्हें लगातार गाने के मौके दिए जाने लगे। उस जमाने के मशहूर पत्रकार टी. सदाशिवम ने 1936 में हुई एक सुब्बुलक्ष्मी की इस परफॉर्मेंस के बाद तमिल वीकली मैगजीन आनंदा विकातम में फ्रंटपेज आर्टिकल लिखा, जिसके बाद उनके कॉन्सर्ट में भारी भीड़ पहुंचने लगी। काम के सिलसिले में हुई मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और परिवार के खिलाफ जाकर शादी की। सदाशिवम जानते थे कि सुब्बुलक्ष्मी का हुनर सिर्फ मंच तक सीमित रहने के लिए नहीं है। फिल्ममेकर के. सुब्रह्मण्यम से सिफारिश कर सदाशिवम ने सुब्बुलक्ष्मी को फिल्म सेवासदन में लीड रोल दिलवाया। 1938 की ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और सुब्बुलक्ष्मी साउथ का बड़ा नाम बनकर उभरीं। सुब्बुलक्ष्मी के गानों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पति सदाशिवम ने खुद पैसे लगाकर फिल्में बनाने का फैसला किया। सुब्बुलक्ष्मी के सुझाव पर सदाशिवम ने मीराबाई पर पहली फिल्म मीरा (1945) बनाई। फिल्म में सुब्बुलक्ष्मी को ही मीराबाई का लीड रोल दिया गया। मीरा का रोल निभाने के लिए सुब्बुलक्ष्मी खुद उन सभी जगहों पर जाकर रहीं, जहां मीरा ने कृष्ण भक्ति में समय बिताया था। 1944 में फिल्म की शूटिंग न्यूटोन स्टूडियो, मद्रास में शुरू हुई, जिसके बाद टीम ने जयपुर, वृंदावन, चित्तौड़ और द्वारका का चयन किया। फिल्म के कॉन्सेप्ट से प्रभावित होकर उदयपुर के महाराजा ने हाथी-घोड़ों के साथ फिल्म बनाने के लिए अपना पैलेस इस्तेमाल करने की इजाजत से लेकर हर तरह से मदद की। महाराजा के मंत्री की मदद से उन्हें शाही हाथी-घोड़े मिले और साथ ही महल में कहीं भी कभी भी शूटिंग करने की इजाजत भी। शूटिंग के लिए महल की शाही डांसर्स भी दी गईं। फिल्म में नजर आए कई एक्स्ट्रा कलाकार भी शाही लोग थे। 136 मिनट की फिल्म में थे सुब्बुलक्ष्मी के 20 गाने 3 नवंबर 1945 को दिवाली पर फिल्म मीरा रिलीज की गई। 136 मिनट की इस फिल्म में 20 गाने थे, जो सुब्बुलक्ष्मी ने ही गाए थे। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बड़ी हिट रही कि दो साल बाद कुछ सीन को रीशूट कर 1947 में हिंदी में मीराबाई नाम से फिर रिलीज किया गया था। प्रीमियर में पहुंचे थे माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू 21 नवंबर 1947 को मीराबाई फिल्म रिलीज हुई, जिससे सुब्बुलक्ष्मी तमिल स्टार से नेशनल स्टार बन गईं। फिल्म में सरोजिनी नायडू ने सुब्बुलक्ष्मी का परिचय करवाते हुए उन्हें नाइटेंगल ऑफ इंडिया (भारत की बुलबुल) नाम दिया था। फिल्म के प्रीमियर में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी पहुंचे थे। इनके अलावा लॉर्ड माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, विजयालक्ष्मी पंडित और इंदिरा गांधी जैसी देश की अन्य बड़ी हस्तियां भी थीं। फिल्म देखने के बाद जवाहरलाल नेहरू और माउंटबेटन सुब्बुलक्ष्मी के फैन बन गए थे। फिल्म मीरा तमिल सिनेमा में म्यूजिकल कल्ट साबित हुई। ये फिल्म आज भी भारत की 100 सबसे महान फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। मीरा हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने फिल्मों से हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ लिया। जवाहरलाल नेहरू ने कहा था- आपके सामने मैं मामूली प्रधानमंत्री हूं द प्रिंट के अनुसार, 1953 में दिल्ली में हुए कर्नाटक समारोह में सुब्बुलक्ष्मी को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सामने गाने का मौका मिला। जवाहरलाल नेहरू इस बार खुद को उनकी तारीफ करने से नहीं रोक सके। उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी के पास जाकर कहा- आपकी आवाज में दिलों के तार हिला देने की ताकत है, मैं आपके सामने क्या हूं, सिर्फ एक मामूली प्रधानमंत्री। गांधी जी भी फैन थे, सामने बैठाकर करते थे गाने की गुजारिश स्वतंत्रता संग्राम में साथ काम करते हुए महात्मा गांधी और सुब्बुलक्ष्मी की दोस्ती हो गई। गांधी जी को उनकी आवाज इतनी पसंद थी कि उन्होंने कई बार सुब्बुलक्ष्मी से सामने बैठकर रघुपति राघव राजा राम सुनाने की गुजारिश की। 2 अक्टूबर 1947 को महात्मा गांधी ने दिल्ली में सुब्बुलक्ष्मी के लिए एक कार्यक्रम

Big Boss Tamil Controversy | Vijay Sethupathi Statement CM Vijay Tange

Big Boss Tamil Controversy | Vijay Sethupathi Statement CM Vijay Tange

13 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ एक्टर विजय सेतुपति के रियलिटी शो बिग बॉस तमिल 10 में दिए एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। शो में होस्टिंग के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पॉलिटिकल लीडरशिप और वादों पर बात की थी। इसे दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने तमिलनाडु के सीएम और टीवीके प्रमुख विजय जोसेफ से जोड़कर देखा। टीवीके समर्थकों के विरोध के बाद शो के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सफाई दी कि इस बात का बाहरी राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। विजय सेतुपति ने बिग बॉस तमिल 10 में लीडरशिप पर बयान दिया है। लीडरशिप पर विजय सेतुपति का तंज हाल ही में प्रसारित हुए एपिसोड में होस्ट विजय सेतुपति ने कंटेस्टेंट शाथिगा से बात की। उन्होंने शो के नए डेमोक्रेसी रूम फॉर्मेट और लीडर की जिम्मेदारियों पर चर्चा की। विजय ने कहा कि बिना सोचे-समझे वादे करना और फिर दिक्कत आने पर विपक्ष पर आरोप लगाकर पीछे हट जाना लीडरशिप नहीं, बल्कि लोगों के साथ धोखा है। सेतुपति ने किसी भी नेता या पार्टी का नाम नहीं लिया था। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके पार्टी प्रमुख विजय पर तंज मान लिया। विजय के समर्थकों ने आरोप लगाया कि टीवी शो के मंच का इस्तेमाल राजनीतिक कमेंट्री के लिए किया जा रहा है। मेकर्स ने सोशल मीडिया पर जारी की सफाई बवाल बढ़ने पर चैनल और शो के मेकर्स ने एक्स (X) पर ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक एंटरटेनमेंट शो है। शो में होने वाली बातचीत और स्थितियां गेम के फॉर्मेट का हिस्सा हैं और उन्हें उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। मेकर्स ने कहा कि शो में कही गई किसी भी बात का मकसद बाहरी व्यक्ति, संगठन, संस्था या राजनीतिक विचारधारा पर टिप्पणी करना या उसका समर्थन करना नहीं है। सेतुपति की ‘महाराजा’ का बनेगा हॉलीवुड रीमेक दूसरी ओर, तमिल सिनेमा के इतिहास में पहली बार किसी फिल्म का ऑफिशियल हॉलीवुड रीमेक बनने जा रहा है। विजय सेतुपति की 2024 में आई क्राइम-थ्रिलर फिल्म ‘महाराजा’ को अब हॉलीवुड में नए सिरे से बनाया जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में फिल्म के प्रोड्यूसर सुधन सुंदरम ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चीन के बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद एक हॉलीवुड एजेंसी ने रीमेक राइट्स के लिए संपर्क किया था। फिल्म ने चीन में लगभग 91.65 करोड़ रुपए की कमाई की थी। हॉलीवुड प्रोजेक्ट की शूटिंग अगले साल शुरू होने की उम्मीद है। इस रीमेक के लिए ऑस्कर विजेता एक्टर मैथ्यू मैकोनाहे से बात चलने की चर्चाएं हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ‘महाराजा’ में विजय सेतुपति ने नाई का किरदार निभाया है। नाई और गायब डस्टबिन की कहानी है ‘महाराजा’ निथिलन स्वामीनाथन के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘महाराजा’ एक नाई की कहानी है, जो अपने घर से चोरी हुए डस्टबिन की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंचता है। साधारण सी लगने वाली यह शिकायत आगे चलकर एक गहरे और सस्पेंस भरे बदले की कहानी में बदल जाती है। फिल्म में विजय सेतुपति के साथ अनुराग कश्यप ने मुख्य विलेन का रोल निभाया था। वहीं, सेतुपति की बेटी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस संचना नामीदास को इस फिल्म के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें तृषा को थलापति विजय के साथ न दिखने की सलाह:एक्ट्रेस अंबिका बोलीं- अगर इससे वो शर्मिंदगी का सामना करते हैं, तो सावधानी बरतनी चाहिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय तथा अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन की हालिया साथ मौजूदगी फिर चर्चा में है। दोनों ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार की ले मैन्स कप रेस में नजर आए। विजय ने इस इवेंट को फ्लैग ऑफ किया। रेस से एक वीडियो सामने आया, जिसमें तृषा, विजय के साथ बालकनी में नजर आईं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Jharkhand Home Guard Recruitment 2026

Jharkhand Home Guard Recruitment 2026

Hindi News Career Jharkhand Home Guard Recruitment 2026 | Gadwa Job Vacancy Apply Online 13 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड में होमगार्ड (गृह रक्षक) के 772 से अधिक पदों पर भर्ती चल रही है। यह भर्ती झारखंड गृह रक्षा वाहिनी ने गढ़वा जिले के ग्रामीण और शहरी होमगार्ड के लिए निकाली है। आवेदन शुरू होने के बाद उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट recruitment.jharkhand.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकेंगे। इस भर्ती में महिला उम्मीदवारों के लिए 50% पद आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा, महिला कोटा के अंतर्गत 5% पद विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 7वीं या 10वीं पास। ग्रामीण होमगार्ड के लिए उम्मीदवार को देवघर जिले के उसी प्रखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए, जहां से वह आवेदन कर रहा है। एज लिमिट : न्यूनतम : 19 साल अधिकतम : 40 साल उम्मीदवारों की आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर की जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : फिजिकल एग्जामिनेशन सामान्य, ओबीसी और बीसी वर्ग के पुरुषों की न्यूनतम लंबाई : 162 सेमी एससी/एसटी : 157 सेमी सभी वर्ग की महिला उम्मीदवार : न्यूनतम लंबाई 148 सेमी हिंदी राइटिंग प्रोफिशिएंसी टेस्ट कुल अंक : 100 न्यूनतम अंक : 30 टेक्निकल प्रोफिशिएंसी टेस्ट शहरी तकनीकी पदों के लिए अलग से तकनीकी ज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। फीस : सभी कैटेगरी के लिए : 100 रुपए सैलरी : सरकारी नियमों के अनुसार जरूरी डॉक्यूमेंट्स : आधार कार्ड सिग्नेचर जाति प्रमाण पत्र रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर वोटर आईडी पासपोर्ट साइज फोटो 7वीं कक्षा का प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र 10वीं कक्षा का प्रमाण पत्र आदि। ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट recruitment.jharkhand.gov.in​​​ पर जाएं। “New Registration” पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। लॉग इन करके जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। सभी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ——————————————————————- ये खबर भी पढ़ें यूपी में ऑफिसर के 1251 पदों पर निकली भर्ती:फीस 25 रुपए, सैलरी 90 हजार से ज्यादा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ ने पशुधन प्रसार अधिकारी के पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती पशुपालन निदेशालय, उत्तर प्रदेश के तहत की जाएगी। इसमें 1,248 पद सामान्य भर्ती और 3 पद विशेष चयन के लिए हैं। पूरी खबर यहां पढ़े दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UAE ने 4 हजार बांग्लादेशियों के वीजा रद्द किए:छुट्टी पर घर लौटे लोग अब नहीं जा पा रहे; बांग्लादेश ने दोबारा जांच की मांग की

UAE ने 4 हजार बांग्लादेशियों के वीजा रद्द किए:छुट्टी पर घर लौटे लोग अब नहीं जा पा रहे; बांग्लादेश ने दोबारा जांच की मांग की

संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) ने 4 हजार से ज्यादा बांग्लादेशियों के वीजा रद्द कर दिए हैं। इनमें कई ऐसे लोग हैं, जो छुट्टी लेकर बांग्लादेश लौटे थे और अब अपनी नौकरी, कारोबार और परिवार के पास UAE वापस नहीं जा पा रहे हैं। इन लोगों को वीजा रद्द करने की कोई साफ वजह नहीं बताई गई है। कई लोगों को ईमेल या मोबाइल मैसेज से इसकी जानकारी मिली। कुछ मामलों में UAE में रहने वाले उनके प्रायोजकों को भी बताया गया। बांग्लादेश सरकार ने मामला राजनयिक स्तर पर UAE के सामने उठाया है और वीजा रद्द करने के मामलों की दोबारा जांच की मांग की है। प्रभावित लोगों ने सरकार को 22 सितंबर तक समाधान निकालने का समय दिया है। 27 साल से UAE में थे, छुट्टी से लौटे तो वीजा रद्द मिला प्रभावित लोगों में अबुल कलाम आजाद भी शामिल हैं। वे पिछले 27 साल से UAE में रह रहे थे। वे 7 अप्रैल को छुट्टी पर बांग्लादेश लौटे थे। करीब साढ़े तीन महीने बाद 24 जुलाई को उन्हें ईमेल मिला, जिसमें बताया गया कि उनका वीजा रद्द कर दिया गया है। ईमेल में इसकी कोई वजह नहीं बताई गई थी। आजाद ने द डेली स्टार को बताया कि उन्हें वीजा रद्द करने का कारण नहीं बताया गया। वे उन करीब 350 प्रभावित बांग्लादेशियों में शामिल थे, जो 7 सितंबर को ढाका के नेशनल प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इन लोगों ने सरकार से मामले का समाधान निकालने की मांग की। अन्य प्रभावित लोगों ने भी बताया कि जुलाई से उन्हें ईमेल या मोबाइल मैसेज के जरिए वीजा रद्द होने की जानकारी मिलने लगी। कुछ लोगों के UAE में मौजूद प्रायोजकों को भी इसकी सूचना दी गई। किसी पर केस नहीं, फिर भी वापस नहीं जा पा रहे एक प्रभावित व्यक्ति ने द डेली स्टार को बताया कि UAE में उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या कानूनी विवाद नहीं है। इसके बावजूद उसका वीजा रद्द कर दिया गया। उसने बताया कि UAE में उसके दो कारोबार हैं और उसकी पत्नी दुबई में रहती हैं। अब वह वापस जाने की अनुमति के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। उसका कहना है कि अगर वह दुबई नहीं लौट पाया तो उसे भारी आर्थिक नुकसान होगा। यानी इसका असर सिर्फ नौकरी करने वालों पर नहीं पड़ा है। UAE में कारोबार करने वाले और वहां परिवार के साथ रहने वाले लोग भी प्रभावित हैं। UAE में 12 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी बांग्लादेश ने 1976 में UAE में श्रमिक भेजना शुरू किया था। पिछले करीब 50 वर्षों में UAE बांग्लादेशी प्रवासियों के लिए खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख देशों में शामिल हो गया है। फिलहाल UAE में 12 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी रह रहे हैं। इनमें नौकरी करने वालों के साथ कारोबारी और दूसरे क्षेत्रों में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं। सरकार को जुलाई में ही 4 हजार वीजा रद्द होने की जानकारी थी बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण और विदेश रोजगार राज्य मंत्री नुरुल हक नूर ने 7 सितंबर को फेसबुक पोस्ट में बताया था कि उनके मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को करीब 4 हजार बांग्लादेशियों के वीजा रद्द होने की जानकारी है। उन्होंने कहा था कि प्रभावित लोगों में कई ऐसे हैं, जिनके UAE में कारोबार और दुकानें हैं। सरकार मामले को राजनयिक तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से प्रभावित लोगों की संख्या 4,800 तक होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, UAE सरकार ने सार्वजनिक रूप से 4,800 का आंकड़ा जारी नहीं किया है। लोगों की 5 मांगें आखिर वीजा क्यों रद्द किए गए? इसकी कोई एक आधिकारिक वजह अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। सेंटर फॉर नॉन-रेजिडेंट बांग्लादेशी के अध्यक्ष एमएस शेखिल चौधरी के मुताबिक, मौजूदा मध्य पूर्व संघर्ष के बीच UAE ने प्रवासियों की जांच और निगरानी बढ़ाई है। उनका कहना है कि वीजा समय पर रिन्यू न कराने, दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं और सोशल मीडिया गतिविधियों जैसी चीजों की ज्यादा बारीकी से जांच की जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि प्रभावित लोगों के वीजा इन्हीं वजहों से रद्द किए गए हैं। उनके मुताबिक, मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति का असर जांच प्रक्रिया पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में बांग्लादेश सरकार को UAE के साथ बातचीत बढ़ाने की जरूरत है। अब आगे क्या होगा? बांग्लादेश सरकार ने UAE के सामने मामला उठाकर वीजा रद्द किए जाने की समीक्षा की मांग की है। वहीं, प्रभावित लोगों ने सरकार को 22 सितंबर तक समाधान निकालने का समय दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि UAE इन वीजा को रद्द करने की वजह क्या बताता है और क्या प्रभावित लोगों को दोबारा UAE जाकर अपनी नौकरी और कारोबार शुरू करने की अनुमति मिलती है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी नेवी शिप अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया: दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकराया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Rajasthan SI Recruitment 2026 | Physical Test Result Declared

Rajasthan SI Recruitment 2026 | Physical Test Result Declared

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2025 के तहत फिजिकल टेस्ट में सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। आयोग ने इसमें 4019 अभ्यर्थियों को अस्थाई रूप से साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है। साक्षा . 3 से 13 अगस्त तक हुआ था फिजिकल टेस्ट आयोग द्वारा लिखित परीक्षा का परिणाम दिनांक 19 जून 2026 को जारी किया गया था। इसके बाद महानिदेशक पुलिस राजस्थान जयपुर द्वारा 3 अगस्त 2026 से 13 अगस्त 2026 तक अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया गया था। शारीरिक दक्षता परीक्षा के बाद संबंधित सेवा नियमानुसार अनुसूचित क्षेत्र के 62 तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र के 3957 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए अस्थाई रूप से सफल घोषित किया गया है। अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं। फिजिकल टेस्ट के परिणाम के बाद सेवा नियमों के अनुसार: अनुसूचित क्षेत्र: 62 अभ्यर्थी गैर-अनुसूचित क्षेत्र: 3957 अभ्यर्थी कुल: 4019 अभ्यर्थी 25 सितंबर तक जमा करना होगा विस्तृत आवेदन-फॉर्म अस्थाई रूप से सफल अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट से विस्तृत आवेदन-पत्र डाउनलोड कर दो प्रतियों में भरना होगा। इसके साथ सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्र अटैच कर 25 सितंबर 2026 तक आयोग को भेजना अनिवार्य होगा। आयोग की ओर से अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शर्तों और संबंधित सेवा नियमों के अनुसार की जाएगी। जो अभ्यर्थी निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी नहीं करेंगे, उनकी उम्मीदवारी आयोग द्वारा रद्द की जा सकती है। पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। …….. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती री-एग्जाम की तैयारी पूरी,2.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा:11 जिलों के 666 सेंटर बनाए; 17 सितंबर को जारी होंगे एडमिट कार्ड राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 20 सितंबर 2026 को सब-इंस्पेक्टर/ प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन होगा। सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के री-एग्जाम में 2.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। (पूरी खबर पढें)

RSS OTT Content Censorship Panel

RSS OTT Content Censorship Panel

16 मिनट पहले कॉपी लिंक OTT प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले कंटेंट के सेंसरशिप के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एक पैनल बनाया है। यह पैनल तय करेगा कि OTT पर दिखाया जाने वाला कंटेंट अश्लील, संस्कृति के खिलाफ, एंटी नेशनल या बच्चों पर गलत प्रभाव डालने वाला नहीं है। RSS का मानना है कि OTT पर कुछ ऐसा कंटेंट दिखाया जा रहा है, जिसका बच्चों और युवाओं पर गलत असर पड़ सकता है। संघ इसे भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से भी जोड़कर देखता है। इसी वजह से OTT कंटेंट पर ज्यादा सख्त नियम बनाने की जरूरत पर चर्चा हो रही है। RSS प्रमुख मोहन भागवत पहले भी OTT और डिजिटल कंटेंट को लेकर चिंता जता चुके हैं। क्या OTT के लिए सेंसर बोर्ड बनेगा? फिलहाल ऐसा कोई सेंसर बोर्ड नहीं बना है। RSS ने सिर्फ एक पैनल बनाया है, जो इस मुद्दे पर सुझाव देगा। पैनल की सिफारिशों के बाद ही यह तय होगा कि आगे क्या व्यवस्था हो सकती है। संघ से जुड़े लोगों ने OTT के लिए फिल्मों के सेंसर बोर्ड जैसी व्यवस्था बनाने को कहा है। अगर ऐसा होता है तो OTT पर रिलीज होने वाले कंटेंट की पहले से जांच और सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की जा सकती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने इस पर कहा है, OTT पर सेंसरशिप जरूर होना चाहिए। मैं मोहन भागवत साहब से बिल्कुल सहमत हूं। सिर्फ सिनेमा ही क्यों, फिल्में चाहें ओटीटी पर कंज्यूम हो या कहीं ओर, सेंसर बहुत जरूरी है। भारत बड़ा देश है, कब, कहां, कैसे किसी के सेंटिमेंट्स हर्ट हों हमें नहीं पता। पहले भी कई विवाद हुए हैं। भूतनाथ डायरेक्टर विवेक शर्मा कहते हैं, सबको लगा था कि जिन लोगों को थिएटर में क्रिएटिव फ्रीडम नहीं मिल रही है OTT पर उन्हें मदद मिलेगी, लेकिन उल्टा हुआ। लोगों ने क्रिएटिव फ्रीडम का मतलब अश्लीलता बना दिया। फिल्मों से कैसे अलग है OTT? सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों को CBFC यानी सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। इसके बिना फिल्म को थिएटर में रिलीज नहीं किया जा सकता। वहीं OTT पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज को CBFC से सर्टिफिकेट नहीं लेना पड़ता। कई OTT प्लेटफॉर्म्स किए जा चुके हैं बैन लंबे समय से OTT पर आने वाले कंटेंट की कई शिकायतें मिली हैं। जिसके बाद OTT से जुड़े सख्त नियम भी बनाए जा रहे हैं। पिछले दो सालों में 50 OTT प्लेटफॉर्म को हटाया जा चुका है। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने इस साल की शुरुआत में 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) को ब्लॉक किया है। जिनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया जा रहा था। यह कंटेंट आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, आईपीसी की धारा 292 और महिलाओं को गलत तरीक से दिखाने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया। पिछले साल जुलाई में Ullu-ALT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म बैन किए गए थे। मार्च 2024 में सरकार ने अश्लील कंटेंट को लेकर 18 OTT प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था। साथ ही 19 वेबसाइट्स, 10 एप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स भी ब्लॉक कर दिए थे। देश में कब और कैसे हुई OTT की शुरुआत? देश में OTT की शुरुआत 2008 में हुई थी। पहला डिपेंडेंट ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘बिगफ्लिक्स’ था। इसे रिलायंस एंटरटेनमेंट ने साल 2008 में रिलीज किया था। इसके बाद 2010 में डिजिवाइव ने ‘नेक्सजीटीवी’ नाम से इंडिया का पहला ओटीटी मोबाइल ऐप लॉन्च किया। आईपीएल की लाइव स्ट्रीमिंग ने बढ़ाई लोकप्रियता 2013 और 2014 में नेक्सजीटीवी, आईपीएल मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग करने वाला पहला ऐप बना। इसके बाद 2015 में आईपीएल की लाइव स्ट्रीमिंग ने ही हॉटस्टार (जो अब डिज्नी+हॉटस्टार है) को देश का सबसे लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म बनाया। 2013 में टीवी शोज भी ओटीटी पर आए 2013 में डिट्‌टो टीवी और सोनी लिव जैसे ऐप भी लॉन्च हुए जिन्होंने स्टार, सोनी, वायकॉम और जी जैसे चैनल्स पर प्रसारित किए जाने वाले शोज भी ओटीटी पर स्ट्रीम करने शुरू कर दिए। इसके बाद दर्शकों ने बड़े पैमाने पर इन ओटीटी ऐप्स को डाउनलोड करके मनमर्जी से किसी भी वक्त अपने फेवरेट शोज देखना शुरू कर दिए। कोरोना काल में बढ़ी लोकप्रियता 2020 में कोराेना काल के शुरुआती तीन महीने में भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को 2019 के अंतिम तीन महीनों के मुकाबले 13% ज्यादा व्यूज मिले। पहले लॉकडाउन के दौरान जी-5 के सब्सक्राइबर सबसे ज्यादा 80% बढ़े, वहीं अमेजन प्राइम को 67% नए यूजर्स ने सब्सक्राइब किया। इन्वेस्ट इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना काल में अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स और डिज्नी प्लस हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेफॉर्म्स पर यूजर्स का टाइम स्पेंड 82.63% बढ़ा। इसी दौरान यू-ट्यूब जैसे फ्री एक्सेस प्लेटफॉर्म पर देश के लोगों ने 20.5% ज्यादा समय खर्च किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी जहाज टकराए:तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने गलत दिशा में मोड़ा रास्ता, दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब

अरब सागर में भारतीय-पाकिस्तानी जहाज टकराए:तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने गलत दिशा में मोड़ा रास्ता, दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब

अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों की टक्कर हुई। भारत के मुताबिक, तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने अचानक गलत दिशा में मोड़ लिया, जिससे वह भारतीय नौसेना की यूनिट से टकरा गया। हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध जताया। भारत ने पाकिस्तानी नौसेना के इस व्यवहार को गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य बताया। 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने कहा कि पाकिस्तानी नौसेना के जहाज का व्यवहार अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के आर्टिकल 10 का सीधा उल्लंघन है। इस समझौते के तहत दोनों देशों को सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की पहले से जानकारी देनी होती है। भारत और पाकिस्तान पहले भी समुद्र में हुई घटनाओं के मामलों में इस समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला दे चुके हैं। भारत बोला- समुद्र में सैन्य यूनिट्स पूरी सावधानी बरतें भारत ने पाकिस्तान से ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही, पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा गया कि वे अपने संबंधित अधिकारियों को सभी सैन्य यूनिट्स को समुद्र में पूरी सावधानी बरतने की सलाह दें। भारत ने दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया। खबर अपडेट हो रही है…

Rajasthan Factory Inspector Exam 2026

Rajasthan Factory Inspector Exam 2026

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 19 सितंबर को निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा-2025 का आयोजन सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक और निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा-2025 का आयोजन दोपहर 3 से शाम 5.30 बजे तक किया जाएगा। . इन ऑनलाइन परीक्षाओं के रिहर्सल के लिए मॉक टेस्ट आयोग की वेबसाइट के कैंडिडेट इनफॉर्मेशन ऑप्शन में जाकर कंप्यूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी मॉक टेस्ट का अभ्यास कर सकते हैं। कैंडिडेट्स को आवंटित परीक्षा जिला की जानकारी पहले ही उपलब्ध करा दी गई है। आज परीक्षा के प्रवेश पत्र भी आयोग की वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन एप में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी प्रवेश-पत्रों को डाउनलोड किया जा सकता है। एक घंटे पहले तक ही मिलेगी एंट्री परीक्षा केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को एग्जाम सेंटर पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के लगभग 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए उपस्थित हों। ताकि सुरक्षा जांच, पहचान का काम समय पर पूरा हो सके। फोटो युक्त पहचान जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा सेंटर पर नया कलर आधार कार्ड लेकर आना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र जैसे मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, जिसमें कलर और नई स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होंगे। साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नई कलर फोटो ही चिपकाएं। स्पष्ट मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र के अभाव में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अपील- बहकावे में नहीं आएं अभ्यर्थी आयोग की ओर से अपील की गई है कि आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग के कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचना दें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने और अनुचित कृत्यों में शामिल होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दंडित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। …….. पढें ये खबर भी…. SI भर्ती री-एग्जाम की तैयारी पूरी,2.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा:11 जिलों के 666 सेंटर बनाए; 17 सितंबर को जारी होंगे एडमिट कार्ड राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 20 सितंबर 2026 को सब-इंस्पेक्टर/ प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन होगा। सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के री-एग्जाम में 2.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। (पूरी खबर पढें)

बस हादसे की कवरेज करने पहुंचा अमेरिकी न्यूज हेलिकॉप्टर क्रैश:पायलट और पत्रकार समेत 3 की मौत, हादसे के बाद चैनल ने लाइव कवरेज रोकी

बस हादसे की कवरेज करने पहुंचा अमेरिकी न्यूज हेलिकॉप्टर क्रैश:पायलट और पत्रकार समेत 3 की मौत, हादसे के बाद चैनल ने लाइव कवरेज रोकी

अमेरिका के लॉस एंजिल्स में मंगलवार शाम NBC न्यूज का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। हेलिकॉप्टर एक बस और SUV की टक्कर की कवरेज कर रहा था। हादसे की खबर मिलते ही NBC लॉस एंजिल्स ने लाइव कवरेज रोक दी। हेलिकॉप्टर में पायलट जॉर्ज मार्सिनिव और फोटो जर्नलिस्ट एलियाना मोरेनो सवार थे। दोनों की मौत हो गई। जमीन पर मौजूद एक शख्स की भी हादसे में मौत हो गई। फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, हादसे के बाद 2 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत की जानकारी नहीं दी गई। स्टोरेज फैसिलिटी की पार्किंग में गिरा हेलिकॉप्टर हेलिकॉप्टर लॉस एंजिल्स के सैन फर्नांडो वैली के चैट्सवर्थ इलाके में एक सेल्फ-स्टोरेज फैसिलिटी के पास पार्किंग में गिरा। इसके बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई और पास खड़ी गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं। NBC एंकर कोलीन विलियम्स ने लाइव शो के दौरान बताया कि स्टेशन का हेलिकॉप्टर शाम करीब 7 बजे क्रैश हुआ। उन्होंने कहा कि चैनल का हेलिकॉप्टर में सवार लोगों से संपर्क टूट गया था। जिस बस हादसे की कवरेज कर रहा था, उसमें भी 2 की मौत हेलिकॉप्टर क्रैश से करीब 2 घंटे पहले नॉर्डहॉफ स्ट्रीट पर लॉस एंजिल्स मेट्रो बस और एक यात्री वाहन की टक्कर हुई थी। फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस हादसे में 2 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। NBC के मुताबिक, कई न्यूज हेलिकॉप्टर इस हादसे की कवरेज कर रहे थे। ये हेलिकॉप्टर भी उन्हें में शामिल था। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) हेलिकॉप्टर क्रैश की जांच करेंगे। लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने हादसे को शहर के लिए “दिल तोड़ने वाली रात” बताया। उन्होंने दोनों हादसों में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने भी मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। खबर अपडेट हो रही है…