Monday, 02 Nov 2026 | 12:08 PM

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मूवी रिव्यू – 'दायरा':पृथ्वीराज का गुस्सा, करीना का सवाल और चार लाशों का राज… कहानी में मसाला खूब, लेकिन यहां कमजोर है मूवी

मूवी रिव्यू – 'दायरा':पृथ्वीराज का गुस्सा, करीना का सवाल और चार लाशों का राज… कहानी में मसाला खूब, लेकिन यहां कमजोर है मूवी

रेटिंग: 2.5/5 अवधि: 2 घंटे 23 मिनट शैली: क्राइम थ्रिलर / इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा निर्देशक: मेघना गुलजार मुख्य कलाकार: करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन, क्षिती जोग, कनवलजीत सिंह, जितेंद्र जोशी रिलीज डेट: 18 सितंबर 2026 कुछ फिल्में आपको कुर्सी पर इसलिए बैठाए रखती हैं क्योंकि आपको जानना होता है कि आगे क्या होगा। ‘दायरा’ शुरुआत में बिल्कुल यही काम करती है। एक लड़की की निर्मम हत्या, पुलिस का तेजी से आरोपियों तक पहुंचना, फिर उनका एनकाउंटर और उसके बाद उठता बड़ा सवाल क्या यह सच में न्याय था या कानून को किनारे रखकर किया गया फैसला? मेघना गुलजार की यह फिल्म 2019 के हैदराबाद रेप-मर्डर केस और उसके बाद हुए पुलिस एनकाउंटर से प्रेरित है। फिल्म ने वास्तविक घटना को हूबहू दोहराने के बजाय काल्पनिक नामों और परिस्थितियों के साथ अपनी कहानी गढ़ी है और यहीं से फिल्म दिलचस्प हो जाती है, क्योंकि यह आपको किसी एक पक्ष की तरफ आराम से बैठने नहीं देती। लेकिन दिक्कत यह है कि जिस फिल्म की शुरुआत इतनी मजबूत हो, उससे अंत भी उतना ही दमदार चाहिए। ‘दायरा’ में शुरुआत और पहला हिस्सा जितना पकड़ता है, दूसरा हिस्सा उतना ही धीरे-धीरे हाथ से निकलता जाता है। फिल्म की कहानी कहानी शुरू होती है रागिनी (प्रगति मिश्रा) से, जो एक रात हाईवे के पास मुसीबत में फंस जाती है। इसके बाद वह गायब हो जाती है और अगले दिन उसका जला हुआ शव मिलता है। रागिनी की मां पार्वती (क्षिती जोग) और भाई कबीर (भावेश बब्बानी) पुलिस से मदद मांगते हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर सिस्टम जिस तरह से मामले को लेता है, वही आगे की पूरी कहानी की नींव रख देता है। मामला मीडिया में उछलता है और जांच की जिम्मेदारी डीसीपी रमन कुमार (पृथ्वीराज सुकुमारन) को मिलती है। रमन अपनी टीम के साथ चार आरोपियों को पकड़ लेता है, लेकिन अदालत तक मामला पहुंचने से पहले ही चारों एक पुलिस एनकाउंटर में मारे जाते हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने भागने और हमला करने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए। बस, यहीं से असली फिल्म शुरू होती है। एक तरफ जनता रमन को हीरो मान रही है। दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है क्या यह एनकाउंटर सच में हुआ था या सब कुछ पहले से तय था? मामले की जांच के लिए डीसीपी अजूनी कोहली (करीना कपूर खान) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई जाती है। अजूनी का काम सिर्फ एनकाउंटर की जांच करना नहीं है, बल्कि उस पूरी कड़ी को जोड़ना है जो रागिनी के गायब होने से शुरू हुई थी। और फिर फिल्म रमन बनाम अजूनी नहीं, बल्कि तेज न्याय बनाम सही न्याय की बहस बन जाती है। फिल्म में एक्टिंग पृथ्वीराज सुकुमारन रमन कुमार के किरदार में पृथ्वीराज फिल्म की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक हैं। उनके किरदार में पुलिस अधिकारी का रौब है, लेकिन उसके पीछे एक ऐसा आदमी भी है जो अपने फैसलों को सही मानता है। पृथ्वीराज का अभिनय ज्यादा शोर नहीं करता। खासकर उनकी आंखों और संवाद बोलने के अंदाज में काफी वजन है। वह रमन को पूरी तरह विलेन बनने से रोकते हैं और यही फिल्म के लिए जरूरी भी था। करीना कपूर खान करीना की अजूनी चमक-दमक वाली पुलिस अफसर नहीं है। वह ज्यादा शांत, व्यवस्थित और दिमाग से काम करने वाली अधिकारी है। करीना यहां ओवर-द-टॉप अभिनय नहीं करतीं और यही उनके पक्ष में जाता है। वह सवाल पूछती हैं, लोगों को पढ़ती हैं और छोटी-छोटी विसंगतियों को पकड़ती हैं। हालांकि, किरदार में जितनी संभावनाएं थीं, फिल्म उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाती। क्षिती जोग रागिनी की मां पार्वती के रूप में क्षिती जोग कई जगह पूरी फिल्म पर भारी पड़ती हैं। उनका दुख चीखने-चिल्लाने से ज्यादा उनकी खामोशी में दिखाई देता है। फिल्म के सबसे मानवीय और भावुक हिस्से उन्हीं से जुड़े हैं। बाकी कलाकार भी अपने-अपने हिस्से को संभालते हैं और फिल्म को विश्वसनीय बनाने में मदद करते हैं। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार को पता है कि क्राइम स्टोरी को सिर्फ अपराध की कहानी बनाकर नहीं छोड़ना है। ‘तलवार’ की तरह यहां भी वह दर्शक को जांच की प्रक्रिया के भीतर ले जाने की कोशिश करती हैं। फिल्म का पहला हिस्सा काफी प्रभावी है। घटनाओं को धीरे-धीरे खोलने का तरीका अच्छा है और दर्शक लगातार सोचता रहता है कि आखिर सच क्या है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म का टेम्पो थोड़ा गिरता है। कुछ जगहों पर कहानी जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है और वही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। फिल्म की स्टोरीलाइन विचार बेहद मजबूत है। फिल्म का असली सवाल यह नहीं है कि रमन सही है या अजूनी। सवाल यह है कि अगर सिस्टम धीमा है तो क्या पुलिस को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार मिल जाता है? और अगर किसी अपराधी को अदालत तक पहुंचने से पहले मार दिया जाए, तो क्या वह न्याय कहलाएगा? फिल्म इन सवालों को उठाती जरूर है, लेकिन कई जगह उन पर और गहराई से उतरने की जरूरत महसूस होती है। फिल्म का स्क्रीनप्ले स्क्रीनप्ले की शुरुआत काफी चुस्त है। घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ती हैं और रहस्य धीरे-धीरे खुलता है, लेकिन दूसरे हिस्से में कुछ चीजें खिंचती हुई लगती हैं। कई जगह कहानी की गति कम हो जाती है और दर्शक को लगता है कि फिल्म उसी बात को थोड़ा अलग तरीके से फिर समझा रही है। सबसे बड़ी समस्या क्लाइमैक्स है। इतने सवाल खड़े करने के बाद फिल्म जिस तरह खत्म होती है, वह दर्शक को संतुष्ट करने के बजाय थोड़ा अधूरा छोड़ देती है। ऐसा लगता है जैसे फिल्म ने पटाखे दिखाए बहुत, लेकिन फुलझड़ी जलाकर घर चली गई। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैमरा वर्क फिल्म के मूड को अच्छी तरह सपोर्ट करता है। बंद फ्रेम और क्लोज-अप्स किरदारों के तनाव को बढ़ाते हैं। एडिटिंग पहले हिस्से में काफी प्रभावी है, हालांकि इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी और चुस्त हो सकती थी। फिल्म की कमियां सबसे बड़ी कमी है इसका कमजोर दूसरा हिस्सा। दूसरी बड़ी परेशानी है कि फिल्म जिस शानदार सवाल से शुरुआत करती है, उसका जवाब देने की कोशिश में कुछ जगह बहुत ज्यादा समझाने लगती है। और फिर आता है क्लाइमैक्स। इतनी गंभीर

अमेरिका में महिला पर बेटे से संबंध बनाने का आरोप:46 साल की मां ने पुलिस पूछताछ में कबूला- 4 साल से ऐसा कर रही थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में 46 साल की महिला पर अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने पूछताछ में संबंध होने की बात कबूली। उसने बताया कि बेटे के 18 साल का होने के बाद यानी करीब 4 साल से ऐसा चल रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने बताया कि ऐसा करीब 100 बार हुआ। उसके पति को इसकी जानकारी नहीं थी। मामले में महिला और उसके बेटे पर अनाचार का केस दर्ज किया गया है। घरेलू विवाद के बाद सामने आया मामला मामला फ्लोरिडा के लेकलैंड में एक घरेलू विवाद के बाद सामने आया। क्रिस्टिना क्लेमेन्स ने पुलिस को फोन कर अपने बेटे शेन क्लेमेन्स पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस के पहुंचने के बाद शेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने अधिकारियों को बताया कि वह 18 साल की उम्र से अपनी मां के साथ यौन संबंध बना रहा था। जांचकर्ताओं ने उससे दोबारा इस दावे की पुष्टि की। शेरिफ ग्रेडी जुड के मुताबिक, शेन ने अपनी बात दोहराई। पति को दोनों के बीच संबंधों का शक था जांच के दौरान क्रिस्टिना के पति से भी पूछताछ की गई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उन्हें कथित संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्हें मां-बेटे के एक साथ मास्टर बेडरूम में समय बिताने पर शक होता था। उन्होंने बताया कि दोनों कभी-कभी कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लेते थे। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि वह और क्रिस्टिना शादीशुदा हैं और साथ रह रहे हैं। बेटा मारपीट के आरोप में हिरासत में शेन पर अपनी मां के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारपीट का अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। वह फिलहाल हिरासत में है और उसके लिए जमानत तय नहीं की गई है। क्रिस्टिना पर अनाचार के अलावा घरेलू मारपीट और खुले तौर पर व्यभिचार का आरोप भी लगाया गया। उन्हें 4 सितंबर को कुल 6,250 डॉलर के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे के कथित संबंध को गैरकानूनी बताया है। मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया। उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक 46 वर्षीय महिला पर अपने ही बेटे से संबंध बनाने का आरोप है। पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसने अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ यौन संबंध बनाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने बताया कि ऐसा करीब 100 बार हुआ। उसके पति को इसकी जानकारी नहीं थी। मामले में महिला और उसके बेटे पर अनाचार का केस दर्ज किया गया है। घरेलू विवाद के बाद सामने आया मामला मामला फ्लोरिडा के लेकलैंड में एक घरेलू विवाद के बाद सामने आया। क्रिस्टिना क्लेमेन्स ने पुलिस को फोन कर अपने बेटे शेन क्लेमेन्स पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस के पहुंचने के बाद शेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने अधिकारियों को बताया कि वह 18 साल की उम्र से अपनी मां के साथ यौन संबंध बना रहा था। जांचकर्ताओं ने उससे दोबारा इस दावे की पुष्टि की। शेरिफ ग्रेडी जुड के मुताबिक, शेन ने अपनी बात दोहराई। पति को दोनों के बीच संबंधों का शक था जांच के दौरान क्रिस्टिना के पति से भी पूछताछ की गई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उन्हें कथित संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्हें मां-बेटे के एक साथ मास्टर बेडरूम में समय बिताने पर शक होता था। उन्होंने बताया कि दोनों कभी-कभी कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लेते थे। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि वह और क्रिस्टिना शादीशुदा हैं और साथ रह रहे हैं। बेटे पर मारपीट का भी आरोप शेन पर अपनी मां के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारपीट का अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। वह फिलहाल हिरासत में है और उसके लिए जमानत तय नहीं की गई है। क्रिस्टिना पर अनाचार के अलावा घरेलू मारपीट और खुले तौर पर व्यभिचार का आरोप भी लगाया गया। उन्हें 4 सितंबर को कुल 6,250 डॉलर के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे के कथित संबंध को गैरकानूनी बताया है। मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

Trump NATO Europe Defense Policy

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वॉशिंगटन डीसी22 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका यूरोप में तैनात अपने 40 हजार सैनिक कम कर सकता है। फिलहाल यूरोप में करीब 80 हजार अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। पेंटागन ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। समीक्षा पर अंतिम सिफारिश नवंबर की शुरुआत तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही राष्ट्रपति ट्रम्प कोई फैसला लेंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से NATO देशों से अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि यूरोप को अपनी रक्षा के लिए अमेरिका पर कम निर्भर होना चाहिए। पेंटागन ने जून में यूरोप में अमेरिकी सैनिकों, सैन्य ठिकानों और हथियारों की तैनाती की समीक्षा शुरू की थी। अगर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती कम की जाती है तो यूरोप का सुरक्षा खर्च बढ़ सकता है। जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देशों पर ज्यादा असर पड़ेगा अगर अमेरिका सैनिक कम करता है तो इसका जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की सबसे बड़ी तैनाती जर्मनी में है, जहां करीब 36,400 सैनिक मौजूद हैं। इसके बाद इटली में लगभग 12,700 और स्पेन में करीब 3,800 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इन देशों में अमेरिका के महत्वपूर्ण एयरबेस, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य मुख्यालय हैं, जिनसे यूरोप, मध्य-पूर्व और अफ्रीका में कई सैन्य अभियान चलाए जाते हैं। यूरोप में अमेरिका के इतने सैनिक क्यों हैं? यूरोप में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का संचालन यूएस यूरोपियन कमांड (USEUCOM) करता है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने यूरोप में बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात किया था। आज भी अमेरिकी सैनिक यूरोप में तैनात हैं। ये सैनिक यूरोप में कई अहम भूमिकाएं निभाते हैं। NATO देशों की सुरक्षा में मदद करते हैं रूस के खिलाफ सैन्य संतुलन बनाए रखते हैं यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य और लॉजिस्टिक सहायता में भूमिका निभाते हैं ईरान को लेकर अमेरिका और यूरोप में मतभेद ईरान को लेकर अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के बीच मतभेद हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के दौरान कई यूरोपीय देशों ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में सीधे शामिल होने से परहेज किया। ब्रिटेन को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की जानकारी दी गई थी, लेकिन उसने अभियान में हिस्सा नहीं लिया। इटली ने एक अमेरिकी एयरबेस के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी, जबकि स्पेन ने ईरान पर हमलों से जुड़े विमानों को अपने हवाई क्षेत्र और ठिकानों के उपयोग की अनुमति नहीं दी थी। ट्रम्प ने यूरोपीय सहयोगियों से होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए भी सैन्य मदद मांगी थी लेकिन यूरोपीय देशों मे सीधी सैन्य भागीदारी से दूरी बनाई रखी। अमेरिका का मानना है कि अगर यूरोपीय देश अपनी रक्षा पर ज्यादा पैसा खर्च करेंगे, तो अमेरिका अपने सैनिकों और संसाधनों को दूसरी जरूरी जगहों पर लगा सकेगा। —————————— ये खबर भी पढ़ें… सऊदी को F-35 फाइटर जेट देगा अमेरिका: ट्रम्प की ₹2.3 लाख करोड़ की डील को मंजूरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब को 48 F-35 फाइटर जेट बेचने की मंजूरी दे दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Trump NATO Europe Defense Policy

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वॉशिंगटन डीसी31 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका यूरोप में तैनात अपने 25 हजार से 40 हजार सैनिक कम कर सकता है। फिलहाल यूरोप में करीब 80 हजार अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। पेंटागन ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से NATO देशों से अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि यूरोप को अपनी रक्षा के लिए अमेरिका पर कम निर्भर होना चाहिए। पेंटागन ने जून में यूरोप में अमेरिकी सैनिकों, सैन्य ठिकानों और हथियारों की तैनाती की समीक्षा शुरू की थी। अगर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती कम की जाती है तो यूरोप का सुरक्षा खर्च बढ़ सकता है। जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देशों पर ज्यादा असर पड़ेगा अमेरिका के इस कदम से जर्मनी, इटली और स्पेन जैसे देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। कुछ अमेरिकी सैनिकों को यूरोप से पूरी तरह हटाने के बजाय NATO की पूर्वी सीमा के करीब तैनात करने का विकल्प भी मौजूद है। यूरोप में अमेरिका के इतने सैनिक क्यों हैं? दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने यूरोप में बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाई थी। आज भी अमेरिकी सैनिक कई अहम भूमिकाएं निभाते हैं। NATO देशों की सुरक्षा में मदद करते हैं रूस के खिलाफ सैन्य संतुलन बनाए रखते हैं यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य और लॉजिस्टिक सहायता में भूमिका निभाते हैं मध्य-पूर्व और अफ्रीका में अभियानों के लिए यूरोपीय सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करते हैं यही वजह है कि यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम होने को सिर्फ एक सैन्य फैसला नहीं, बल्कि बड़े रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। ईरान संघर्ष के बाद मतभेद भी बढ़े इस समीक्षा के पीछे सिर्फ रूस का खतरा नहीं, बल्कि अमेरिका और उसके कुछ यूरोपीय सहयोगियों के बीच बढ़ते मतभेद भी अहम माने जा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान कुछ सहयोगी देशों ने अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अपने एयरस्पेस या सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर सीमाएं लगाई थीं। ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि अगर यूरोप अपनी सुरक्षा में ज्यादा जिम्मेदारी लेता है तो अमेरिका अपने संसाधनों को दूसरी प्राथमिकताओं पर लगा सकता है। जर्मनी, इटली और स्पेन पर सबसे ज्यादा असर यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की सबसे बड़ी मौजूदगी जर्मनी में है। इसके अलावा इटली और स्पेन में भी अमेरिका के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने हैं। इसलिए सैनिकों की संख्या घटाने की स्थिति में इन देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। हालांकि अमेरिका सिर्फ सैनिकों की संख्या घटाने के बजाय उनकी तैनाती की जगह भी बदल सकता है। कुछ सैनिकों को रूस के करीब स्थित NATO देशों की ओर भेजने का विकल्प भी समीक्षा में शामिल है। यूरोपीय देशों को साइबर और ड्रोन हमलों का भी खतरा अमेरिका की सैन्य मौजूदगी घटाने की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब रूस और NATO के बीच तनाव बना हुआ है। रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा यूरोपीय देश साइबर हमलों, ड्रोन गतिविधियों और दूसरी हाइब्रिड गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताते रहे हैं। रूस इन आरोपों को खारिज करता रहा है। यूरोप की चिंता इसलिए भी है क्योंकि अमेरिकी सेना सिर्फ सैनिक उपलब्ध नहीं कराती। लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता, खुफिया निगरानी, एयर डिफेंस, हवा में ईंधन भरने वाले विमान और दूसरी सैन्य क्षमताओं में भी अमेरिका की बड़ी भूमिका है। अमेरिका पीछे हटा तो यूरोप को क्या करना होगा? अगर अमेरिकी सैनिकों की संख्या बड़े स्तर पर घटती है तो यूरोपीय देशों को अपनी सैन्य क्षमता बढ़ानी पड़ेगी। उन्हें सिर्फ ज्यादा सैनिक ही नहीं, बल्कि हथियार, एयर डिफेंस, खुफिया निगरानी और लॉजिस्टिक्स जैसी क्षमताओं में भी निवेश बढ़ाना होगा। अंतिम सिफारिश मिलने के बाद ट्रम्प लेंगें फैसला पेंटागन अभी छह महीने की समीक्षा कर रहा है, जिसमें यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या और तैनाती से जुड़े कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। समीक्षा की शुरुआती रिपोर्ट जनरल एलेक्सस ग्रिंकेविच रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को सौंपेंगे, जबकि अंतिम सिफारिश नवंबर की शुरुआत तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही राष्ट्रपति ट्रम्प कोई फैसला लेंगे। —————————— ये खबर भी पढ़ें… सऊदी को F-35 फाइटर जेट देगा अमेरिका: ट्रम्प की ₹2.3 लाख करोड़ की डील को मंजूरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब को 48 F-35 फाइटर जेट बेचने की मंजूरी दे दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

रणवीर ने लिया 1000 बेटियों की पढ़ाई का संकल्प:लालबागचा राजा पहुंचे थे; बोले- आशा है, इससे बप्पा प्रसन्न होंगे

रणवीर ने लिया 1000 बेटियों की पढ़ाई का संकल्प:लालबागचा राजा पहुंचे थे; बोले- आशा है, इससे बप्पा प्रसन्न होंगे

एक्टर रणवीर सिंह ने मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 1000 बेटियों की शिक्षा में मदद करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बप्पा का आशीर्वाद लेकर आगे के सफर के लिए उनका आशीर्वाद मांगा। रणवीर ने बप्पा को धन्यवाद दिया न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में रणवीर ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है यहां आकर। जो पिछला साल गुजरा है, मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खुशियों से भरा रहा, बप्पा की कृपा से। तो यहां आए हैं उनके दर्शन करने, उनको धन्यवाद कहने और उनका आशीर्वाद लेने, आगे के सफर के लिए, जीवन के सफर के लिए।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर, मैं सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर हजार बेटियों की पढ़ाई में मदद करने का संकल्प लेता हूं। आशा है कि इसके चलते बप्पा प्रसन्न होंगे और उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर रहेगा। बस, धन्यवाद। जय गणेश। जय गणेश।” ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किया गया है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत लोग अलग-अलग तरह की सेवा का संकल्प ले सकते हैं। आलिया और रणबीर भी अभियान से जुड़े हैं रणवीर के अलावा आलिया भट्ट और रणबीर कपूर भी इस अभियान से जुड़े हैं। दोनों ने 20 स्कूलों के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया है। इससे पहले रणवीर सिंह अंबानी परिवार के घर ‘एंटीलिया’ में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में शाहरुख और रणवीर एक साथ गणपति की आरती करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे दोनों एक्टर्स वीडियो में रणवीर सिंह सफेद रंग के कुर्ते-पायजामे में नजर आए। वहीं शाहरुख खान भी फेस्टिवल के हिसाब से सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहना। नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में दोनों अभिनेताओं के पास खड़ी होकर प्रार्थना करती दिख रही हैं।

रणवीर ने लिया 1000 बेटियों की पढ़ाई का संकल्प:लालबागचा राजा पहुंचे थे; बोले- आशा है, इससे बप्पा प्रसन्न होंगे

रणवीर ने लिया 1000 बेटियों की पढ़ाई का संकल्प:लालबागचा राजा पहुंचे थे; बोले- आशा है, इससे बप्पा प्रसन्न होंगे

एक्टर रणवीर सिंह ने मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 1000 बेटियों की शिक्षा में मदद करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बप्पा का आशीर्वाद लेकर आगे के सफर के लिए उनका आशीर्वाद मांगा। रणवीर सिंह बीती रात सफेद कुर्ते-पजामे में लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे। न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बप्पा के सामने लिए अपने संकल्प के बारे में बताया। रणवीर ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है यहां आकर। जो पिछला साल गुजरा है, मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खुशियों से भरा रहा, बप्पा की कृपा से। तो यहां आए हैं उनके दर्शन करने, उनको धन्यवाद कहने और उनका आशीर्वाद लेने, आगे के सफर के लिए, जीवन के सफर के लिए।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर, मैं सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर हजार बेटियों की पढ़ाई में मदद करने का संकल्प लेता हूं। आशा है कि इसके चलते बप्पा प्रसन्न होंगे और उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर रहेगा। बस, धन्यवाद। जय गणेश। जय गणेश।” ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किया गया है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत लोग अलग-अलग तरह की सेवा का संकल्प ले सकते हैं। आलिया और रणबीर भी अभियान से जुड़े हैं रणवीर के अलावा आलिया भट्ट और रणबीर कपूर भी इस अभियान से जुड़े हैं। दोनों ने 20 स्कूलों के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया है। वर्कफ्रंट की बात करें तो रणवीर सिंह इन दिनों जय मेहता की फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। फिल्म की शूटिंग फिलहाल मुंबई में चल रही है। इसमें उनके साथ साउथ एक्ट्रेस कल्याणी प्रियदर्शन नजर आएंगी।

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया। उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान एंड्रयू क्रिस बजडैक के तौर पर की है। उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर की कोशिश का आरोप लगाया गया है। हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प प्रशासन के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों पर निशाना साधते हुए ‘मिस्टर सिंह’ लिखा एक विवादित पोस्ट किया था। हालांकि पुलिस ने अभी तक दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध नहीं बताया है। हमले का मकसद भी स्पष्ट नहीं है। बाथरूम में पीछा कर पहुंचा हमलावर NPR के मुताबिक, ड्राइवर ने अपनी पहचान सिर्फ सिंह सरनेम से बताई है। रविवार सुबह वह इंटरस्टेट-80 केबिटर क्रीक रेस्ट एरिया में बाथरूम गए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनका पीछा करते हुए अंदर पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया। सिंह के मुताबिक, हमलावर ने लगातार वार किए। वह किसी तरह बाथरूम से बाहर निकले और मदद के लिए फोन किया। वहां मौजूद एक हिस्पैनिक परिवार ने उनकी आवाज सुनी और मदद के लिए पहुंचा। परिवार ने खून रोकने की कोशिश की और पुलिस को हमलावर के ट्रक की जानकारी दी। इसके बाद व्योमिंग हाईवे पेट्रोल ने रॉलिन्स के पास संदिग्ध ट्रक को रोककर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह जगह घटनास्थल से करीब 113 किमी दूर है। खबर अपडेट हो रही है…

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर चाकू से 17 बार हमला किया गया। हमले में उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। ड्राइवर ने अपनी पहचान सिर्फ सरनेम सिंह के रूप में बताई है। NPR के मुताबिक, हमला रविवार सुबह इंटरस्टेट-80 पर स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया के एक बाथरूम में हुआ। सिंह ने बताया कि वह पेंसिल्वेनिया जा रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनका पीछा करते हुए बाथरूम में पहुंचा और अचानक चाकू से हमला कर दिया। सिंह के मुताबिक, हमलावर ने उन पर लगातार चाकू से वार किए। वह किसी तरह बाथरूम से बाहर निकलने में कामयाब हुए, लेकिन बाहर गिर गए। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए फोन किया। खबर अपडेट हो रही है…

बच्चे को सलमान के बॉडीगार्ड से लगा धक्का:एक्टर ने देखा तो बच्चे से मिलाया हाथ; बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे सलमान

बच्चे को सलमान के बॉडीगार्ड से लगा धक्का:एक्टर ने देखा तो बच्चे से मिलाया हाथ; बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे सलमान

सलमान खान गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार के मुंबई स्थित आवास और पंडाल में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे। गणपति उत्सव में शामिल होने के बाद जब वे बाहर निकलने लगे तो फैंस और पैपराजी की बड़ी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान भीड़ में खड़े एक बच्चे को गलती से बॉडीगार्ड ने धक्का मार दिया। सलमान ने बच्चे को देखा तो उसके पास जाकर प्यार से हाथ मिलाया। भारी भीड़ के बीच सलमान लोगों से रास्ता साफ करने का इशारा करते नजर आए, ताकि वे वहां से निकल सकें। भीड़ में बच्चों का भी रखा ध्यान सलमान खान काले टी-शर्ट और पैंट में आशीष शेलार के घर पहुंचे थे। बड़ी संख्या में फैंस और मीडिया के लोग उनके आसपास जमा हो गए। सुरक्षा टीम को उन्हें बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाना पड़ा। कार में बैठने से पहले सलमान ने भीड़ में मौजूद कई बच्चों को देखा। सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित कर लोगों को अभिनेता से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे। सलमान ने सुरक्षा कर्मियों से भीड़ संभालते समय सावधानी बरतने को कहा। सलमान ने बच्चों से कुछ देर बातचीत की। परिवार के साथ गणपति उत्सव में शामिल हुए थे सलमान खान मुंबई में गणेश चतुर्थी समारोह में लगातार शामिल हो रहे हैं। वे अपने परिवार के साथ भी गणपति उत्सव और पारंपरिक आरती में शामिल हुए। अभिनेता बांद्रा में अपने भाई सोहेल खान के घर भी पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ गणपति विसर्जन में हिस्सा लिया। सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए थे। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। विसर्जन के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सलमान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे थे। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।