बिपाशा बसु की प्रोटीन ड्रिंक में दिखे कीड़े:तुकाराम मुंढे से मांगी मदद, कहा- आप हमारी इकलौती उम्मीद हैं

एक्ट्रेस बिपाशा बसु को प्रोटीन पाउडर के नए खुले जार में छोटे-छोटे कीड़े मिले हैं। उन्होंने इसका वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। बिपाशा ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे को टैग किया और मामले में दखल देने की अपील की। बिपाशा ने लिखा ड्रिंक के वीडियो के साथ लिखा है, ‘तुकाराम मुंढे आप ही हमारी एकमात्र उम्मीद हैं। ताकि हम जो भी चीजें खरीदें, उनमें खराब या मिलावटी सामान न मिले।’ वीडियो में बिपाशा ने अपनी उंगली पर एक छोटा सा कीड़ा दिखाया। उन्होंने कहा, ‘इस आइसोप्योर में छोटे-छोटे कीड़े भरे हुए हैं। बहुत ही छोटे कीड़े। यह नया डिब्बा है, जिसे हमने अभी खोला है।’ इसके बाद उन्होंने उंगली पर कीड़ा दिखाते हुए कहा, ‘ये रहे कीड़े, इसमें ऐसे ही कीड़े भरे हुए हैं।’ महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर लोगों का ध्यान बढ़ रहा है। तुकाराम मुंढे राज्यभर में फूड बिजनेस के खिलाफ कई तरह की जांच और कार्रवाई कर रहे हैं। श्वेता तिवारी ने डिलीवरी में कॉकरोच आने पर मांगी थी तुकाराम मुंढे से मदद श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंढे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ प्रीति जिंटा और ट्विंकल खन्ना ने भी बात रखी हाल ही में मुंबई में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा को काली टी-शर्ट पहने देखा गया। इस टी-शर्ट पर ‘टीम तुकाराम मुंढे’ लिखा था। उनके इस कपड़े को अधिकारी के फूड सेफ्टी अभियान के समर्थन के तौर पर देखा गया। मुंढे की इंस्पेक्शन पर हो रही चर्चा को लेकर ट्विंकल खन्ना ने भी अपनी बात रखी थी। एक पोस्ट में एक्ट्रेस से लेखिका बनीं ट्विंकल ने लिखा, ‘क्या किसी सरकारी अधिकारी को बस अपना काम करते हुए देखना इतनी अनोखी बात है कि यह खबर बन गई है?’ सलमान खान ने भी दोस्त की तुकाराम मुंढे के नाम से फिरकी ली सलमान खान ने अपनी दोस्त सृष्टि साहनी के मुंबई के बांद्रा में खुले नए कैफे ‘द टक शॉप एट सेवियोज’ का वीडियो शेयर किया। साथ ही सलमान ने दोस्त को कैफे की हाइजीन बनाए रखने की मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। सलमान ने लिखा, “सृष्टि मेरी कॉफी रिफिल करना प्लीज। कीमत मत बढ़ाना, क्वालिटी मेंटेन करना। हाइजीन मेंटेन रखना, वरना मैं HIM को भेज दूंगा और काम हो जाएगा, बहन।” सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन “HIM” का इशारा महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ओर माना जा रहा है। यह बात ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई तेज है।
इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किमी-लंबी सुरंग उड़ाई:विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंप आया; PM नेतन्याहू बोले- हैप्पी न्यू ईयर

इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सुरंग को ब्लास्ट कर तबाह कर दिया। यह विस्फोट इतना तेज था कि इलाके में 4.1 तीव्रता का भूकंप आ गया। लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, धमाक से आसपास के इलाकों में जमीन हिलने लगी। कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “मिशन पूरा हुआ। हैप्पी न्यू ईयर!” इजराइली सेना के मुताबिक, सुरंग नेटवर्क में ईरान में बने दर्जनों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन रखे थे। यहां मशीनगन, दर्जनों एंटी-टैंक मिसाइल और सैकड़ों बारूदी सुरंगें व विस्फोटक भी मिले। सेना ने बताया कि इस परिसर में हिजबुल्लाह की ‘बद्र’ यूनिट का कमांड सेंटर भी था। 2 दशक में तैयार किया गया था टनल नेटवर्क नेतन्याहू और इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस टनल नेटवर्क आतंकी ढांचा बताया। उनके मुताबिक, इसे ईरान की फंडिंग और योजना से करीब दो दशक में तैयार किया गया था। इजराइल का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद अली अल-ताहेर पहाड़ी पर जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह उसका ऑपरेशनल कंट्रोल हो गया है। इजराइल ने पिछले हफ्ते अली अल-ताहेर पहाड़ी पर कब्जा करने का दावा किया था। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, वहां हिजबुल्लाह के कुछ लड़ाके इलाके से निकल गए, जबकि कुछ को हवाई हमलों और तोपखाने की कार्रवाई में मार गिराया गया। लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हो रहे ईरान और अमेरिका के बीच जून में समझ बनने और उसके बाद लेबनान-इजराइल समझौते के बाद कुछ समय के लिए हिंसा कम हुई थी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हुए हैं। AFP के मुताबिक, बातचीत के दौरान अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था कि अली अल-ताहेर पहाड़ी का नियंत्रण लेबनानी सेना को दिया जाए, लेकिन हिजबुल्लाह ने इसे स्वीकार नहीं किया। लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के एक हिस्से में बनाए गए तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में भी मौजूद है। खबर अपडेट हो रही है…
‘सुशांत सिंह मामले में मेरे बयान आज भी दर्ज नहीं':सुरजीत सिंह बोले- मानवाधिकार आयोग को दोबारा जांच के लिए पत्र लिखा; रिया को सॉरी बाबू कहते सुना

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन यह मामला आज भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। करणी सेना मुंबई के अध्यक्ष सुरजीत सिंह राठौड़ जयपुर आए। निकाय चुनाव में मतदान के लिए जयपुर पहुंचे राठौड़ ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े अपने दावों, कूपर अस्पताल की मॉर्च्युरी में उनके पार्थिव शरीर को देखने के दौरान सामने आई बातों, दिशा सालियान से जुड़े कथित कनेक्शन और मामले की जांच को लेकर अपनी मांगों पर बात की। राठौड़ का दावा है कि सुशांत के पार्थिव शरीर को देखने के दौरान मैंने शरीर पर कुछ ऐसी चीजें देखीं, जिन्हें लेकर मेरे मन में सवाल पैदा हुए। उनका कहना है कि मैंने उस समय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी, लेकिन मेरा बयान दर्ज नहीं किया गया। मैं अब महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग से दोबारा जांच की मांग करूंगा। राठौड़ ने कहा- सुशांत के पार्थिव शरीर को देखकर उस समय रिया के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- ‘सॉरी बाबू।’ सवाल: आखिर छह साल बाद सुशांत सिंह राजपूत केस को आप क्यों उठा रहे हैं? सुरजीत सिंह राठौड़: मेरे लिए यह सिर्फ एक मामला नहीं है। जब किसी परिवार को लगता है कि उसे न्याय नहीं मिला है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। मैं 15 जून 2020 को कूपर अस्पताल पहुंचा था। वहां मैंने जो कुछ देखा, उसके बाद मेरे मन में कई सवाल पैदा हुए। मैंने उस समय भी अपनी बात रखी और आज भी उसी बात पर कायम हूं। मेरा कहना है कि अगर किसी व्यक्ति ने कोई गंभीर बात सामने रखी है तो कम से कम उसका बयान तो दर्ज होना चाहिए। मेरा बयान ही दर्ज नहीं किया गया। आज भी मैं चाहता हूं कि मेरी बात सुनी जाए और तथ्यों की दोबारा जांच हो। 15 जून 2020 को मैं कूपर अस्पताल पहुंचा था। वहां धोनी एंटरटेनमेंट के निर्माता संदीप सिंह भी आए थे। इसी दौरान रिया चक्रवर्ती वहां आईं और उन्होंने सुशांत के अंतिम दर्शन की इच्छा जताई। मॉर्च्युरी के स्टाफ से अनुमति लेने के बाद मैं और रिया अंदर गए। सुशांत का पार्थिव शरीर डीप फ्रीजर से बाहर निकाला गया। मैंने उनके चेहरे से कपड़ा हटाया। उस समय रिया के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- ‘सॉरी बाबू।’ मैं उस समय हैरान हुआ कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। मेरे मन में सवाल आया कि आखिर वह किस बात के लिए माफी मांग रही थीं? हालांकि यह उनकी व्यक्तिगत भावना हो सकती है और इसका अर्थ मैं निश्चित तौर पर नहीं बता सकता। उस वक्त मेरे मन में यह बात जरूर आई थी। जब हम मॉर्च्युरी से बाहर आए तो रिया की मां, पिता और भाई अंदर जाना चाहते थे, लेकिन मॉर्च्युरी स्टाफ ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इसके बाद वे वहां से चले गए। बाद में एक चैनल के माध्यम से रिया की ओर से यह कहा गया कि उन्होंने मॉर्च्युरी के अंदर सुशांत को नहीं देखा था। मेरा कहना है कि मैं उनके साथ अंदर गया था, इसलिए इस बात को लेकर मेरे मन में सवाल है। सवाल: महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग को लेकर भी आपने सवाल उठाए हैं। अब आपने दोबारा पत्र क्यों लिखा? सुरजीत सिंह राठौड़: मैंने वर्तमान महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को पत्र और ई-मेल भेजकर दोबारा अपनी बात रखी है। मेरी मांग है कि मेरे बयान को दर्ज किया जाए और यह देखा जाए कि उस समय कूपर अस्पताल और रिया चक्रवर्ती को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि अगर मैं उस घटना का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा कर रहा था तो मेरा बयान क्यों नहीं लिया गया? कम से कम मुझे बुलाकर पूछा तो जाता कि आपने क्या देखा था। सवाल: आप सुशांत और दिशा सालियान की मौत के बीच कनेक्शन की बात भी करते हैं। आपका आधार क्या है? सुरजीत सिंह राठौड़: मेरा मानना है कि दोनों घटनाओं की कड़ियों को भी जांच के दायरे में देखा जाना चाहिए। सुशांत और दिशा दोनों दोस्त थे। सुशांत को दिशा से जुड़ी कुछ बातें पता थीं और वे इसको लेकर नाराज थे। इसमें आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली और डीनो मोरिया से दिशा परेशान थी। इस पर सुशांत भी इन सभी से नाराज थे। मेरा दावा है कि सुशांत ने कुछ लोगों के सामने इस मामले को उठाने की बात कही थी। मुझे लगता है कि इन दोनों मामलों के बीच जो भी तथ्यात्मक कड़ियां हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैं चाहता हूं कि जांच एजेंसी सभी तथ्यों को सामने रखे और जो सच है, वह देश के सामने आए। मैंने पहले भी कुछ लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी को ही निकालना चाहिए। अगर कोई साजिश थी तो उसका पता लगाया जाना चाहिए और अगर नहीं थी तो यह भी स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए कि सुशांत की मौत से जुड़े हर सवाल का जवाब क्या है। सवाल: आपकी सुशांत से व्यक्तिगत मुलाकात कितनी थी? सुरजीत सिंह राठौड़: मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरी सुशांत से कोई गहरी व्यक्तिगत दोस्ती नहीं थी। मुंबई में फिल्म प्रीमियर और दूसरे कार्यक्रमों में एक-दो बार मुलाकात हुई थी। एक प्रोजेक्ट को लेकर फोन पर भी बातचीत हुई थी। जब फिल्म पद्मावत को लेकर राजस्थान में आंदोलन चल रहा था। उस समय सुशांत ने राजपूत समाज को लेकर कुछ बयान दिए थे। बाद में उन्होंने अपने नाम से सरनेम भी हटाया था। तब मैंने उन्हें फोन करके कहा था कि आप अपना काम कीजिए। इस मामले में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा था कि वे फिल्म इंडस्ट्री में हैं और कई बार इंडस्ट्री में रहकर कुछ बातें समझनी पड़ती हैं। सवाल: अब आप सुशांत सिंह राजपूत पर फिल्म बनाने की तैयारी भी कर रहे हैं। इसकी वजह क्या है? सुरजीत सिंह राठौड़: हां, हम सुशांत पर फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। अभी इसकी स्टोरी पर काम चल रहा है। इस फिल्म का मेरा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है। मैं चाहता हूं कि इस पूरे मामले में जो सवाल उठे, जो घटनाएं
फैसलाबाद एयरपोर्ट पर रोके गए 104 सिख श्रद्धालु:अमृतसर-दिल्ली जाने को PAK से भारत आ रहे थे; वीजा वैलिड, महंगी टिकटें खरीदी थीं

पाकिस्तान से भारत स्थित सिख गुरुधामों के दर्शन के लिए आ रहे 104 श्रद्धालुओं को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर करीब 12 घंटे से रोककर रखा गया है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि भारत के इस्लामाबाद स्थित दूतावास की ओर से उन्हें वीजा जारी किए गए थे। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(FIA) ने उन्हें एयरपोर्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इमीग्रेशन अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से पाकिस्तान सरकार, गृह विभाग और विदेश विभाग की एनओसी पेश करने को कहा। श्रद्धालुओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर से भारत जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद उन्होंने हवाई यात्रा का फैसला किया। इसके लिए महंगी टिकटें खरीदीं और समय पर फैसलाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद उन्हें रोक दिया गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर एनओसी जरूरी थी, तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और टिकटें क्यों बेची गईं। वाघा बॉर्डर से रास्ता नहीं मिला, इसलिए हवाई सफर चुना श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पहले वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते भारत आने वाले थे, लेकिन उन्हें जमीनी रूट से जाने की अनुमति नहीं मिली। इस फैसले के बाद उन्होंने हवाई मार्ग से भारत पहुंचने की तैयारी की और महंगी टिकटें खरीदीं। इससे पहले भी पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को वाघा-अटारी के रास्ते भारत आने की अनुमति नहीं दिए जाने का मामला सामने आया था। इस फैसले पर पूर्व राज्यसभा सांसद और पद्म भूषण से सम्मानित तरलोचन सिंह ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को पत्र लिखकर भूमि मार्ग खोलने की अपील की थी। रातभर एयरपोर्ट पर इंतजार श्रद्धालुओं के मुताबिक, उन्हें रात करीब 10 बजे से सुबह 7 बजे तक एयरपोर्ट पर परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के बाद जत्थे के सदस्य एयरपोर्ट पर ही बैठकर पाठ और गुरु साहिब का जाप करते रहे। श्रद्धालुओं ने कहा कि टिकट खरीदने और यात्रा की तैयारी करने के बाद एयरपोर्ट पर रोक दिया जाना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला है। उनका दावा है कि टिकट रद्द होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। सिख युवक ने वीजा दिखाकर उठाए सवाल एयरपोर्ट पर मौजूद एक सिख युवक ने अपना वीजा दिखाते हुए इमीग्रेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उसका कहना था कि उनके पास भारत का वीजा मौजूद है और उन्हें अतिरिक्त NOC की जरूरत के बारे में पहले कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उसने कहा कि अगर कोई सरकारी अनुमति जरूरी थी तो यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। युवक ने राजनीतिक विवाद से धार्मिक यात्रा को अलग रखने की अपील भी की। हेमकुंड साहिब और गोल्डन टेंपल जाना था 104 श्रद्धालु भारत में श्री हेमकुंड साहिब, अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल), दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पंजाब के अन्य प्रमुख गुरुधामों के दर्शन करने वाले थे। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक दर्शन था। श्रद्धालुओं का कहना है कि इसी उद्देश्य से उन्होंने भारत का वीजा लिया और यात्रा की पूरी तैयारी की। जत्थे के नेताओं ने भारत के सिख नेताओं से हस्तक्षेप मांगा उन्होंने भारत में सिख नेताओं से पाकिस्तान सरकार के सामने मामला उठाने और श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति दिलाने की अपील की। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका से हस्तक्षेप की मांग की। NOC पर पाकिस्तान के आधिकारिक जवाब का इंतजार मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत का वीजा होने के बावजूद पाकिस्तानी इमीग्रेशन ने इन श्रद्धालुओं से किस नियम के तहत NOC मांगी। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी अतिरिक्त अनुमति की जानकारी पहले नहीं दी गई। पाकिस्तान की ओर से इस विशेष मामले में NOC मांगने की विस्तृत वजह स्पष्ट नहीं की गई है। धामी बोले- सिख श्रद्धालुओं को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं को रोके जाने की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत सरकार से वीजा प्राप्त कर चुके इन सिख श्रद्धालुओं को वाघा सीमा के रास्ते भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। यदि किसी कारण से ऐसा नहीं हुआ, तो उन्हें हवाई मार्ग से भारत आने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। श्रद्धालुओं को रोकना उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
मराठी बोलने से इनकार पर संजय दत्त की माफी:मंत्री को कॉल कर बोले- अच्छी मराठी आती है, मजाक था, महाराष्ट्र ने बहुत कुछ दिया, जानिए विवाद

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।
मराठी बोलने से इनकार पर संजय दत्त की माफी:मंत्री को कॉल कर बोले- अच्छी मराठी आती है, मजाक था, महाराष्ट्र ने बहुत कुछ दिया, जानिए विवाद

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।
Xi Jinping India Visit BRICS 2026

Hindi News Career Xi Jinping India Visit BRICS 2026 | India US Joint Military Exercise 5 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आएंगे 11 सितंबर को चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आएंगे। नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन होना है। इसमें चीन-रूस समेत 11 देश शामिल होंगे। रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी इसमें शामिल होने भारत आ रहे हैं। यदि दोनों प्रमुखों के बीच ये बैठक होती है तो जून 2020 में हुई गलवान हिंसा के बाद दोनों नेताओं की भारत में पहली द्विपक्षीय बातचीत होगी। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने 4 सैनिकों की मौत की बात मानी थी। BRICS 2026 जनवरी को भारत ने ऑफिशियली 18वें ब्रिक्स (BRICS) 2026 की अध्यक्षता संभाली थी। भारत इस साल चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले साल 2012, 2016 और 2021 में भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता की है। 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे हुए हैं। 2009 में ब्रिक्स की पहली समिट रूस में हुई थी। ब्रिक्स के दौरान पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है। 2. पीएम मोदी ने प्रिंस रहीम आगा खान V से मुलाकात की 10 सितंबर को पीएम मोदी ने नई दिल्ली में जाने-माने समाजसेवी और इस्लामी समाज के 50वें इमाम प्रिंस रहीम आगा खान V से मुलाकात की। पीएम ने हेल्थ सर्विस, एग्रीकल्चर, रूरल डेवलपमेंट और युवाओं व महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्रों में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ भारत की साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस्माइली मुस्लिम समुदाय के 50वें वंशानुगत इमाम और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के चेयरमैन, प्रिंस रहीम आगा खान V भारत की अपनी पहली यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। प्रिंस रहीम आगा खान की ये यात्रा सामाजिक विकास और विरासत संरक्षण को बढ़ाने के लिए है। इमाम प्रिंस रहीम ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा के हिस्से के रूप में, वे अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद की यात्रा भी करेंगे। इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम के रूप में पदभार संभालने के बाद प्रिंस रहीम आगा खान V की यह भारत की पहली यात्रा है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. पैरा आर्चर शीतल देवी ने गोल्ड जीता 9 सितंबर को भारत की स्टार पैरा आर्चर शीतल देवी ने वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में गोल्ड जीता। शीतल ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में कजाकिस्तान की आइजादा सेइदान को हराया। ये ये सीरीज अहमदाबाद में आयोजित की गई थी और शीतल देवी का ये वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में पहला व्यक्तिगत गोल्ड है। शीतल वर्तमान में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 पैरा कंपाउंड आर्चर हैं। प्रतियोगिता की क्वालिफिकेशन में शीतल 698 अंक के सीजन-बेस्ट स्कोर के साथ टॉप रैंकिंग हासिल की। भारत ने सीरीज के फाइनल में 2 गोल्ड और 4 ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते हैं। टेस्टिंग (TESTING) 4. ISRO ने CE 20 क्रायोजेनिक इंजन का किया सफल परीक्षण 10 सितंबर को SRO ने CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया। CE-20 इंजन का उपयोग LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) रॉकेट के ऊपरी हिस्से में किया जाता है। LVM3 का उपयोग भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान समेत विभिन्न महत्वपूर्ण मिशनों के लिए किया जा रहा है। CE-20 इंजन क्रायोजेनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें ईंधन के तौर पर लिक्विड हाइड्रोजन (LH2) और लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) का उपयोग किया जाता है। CE-20 को ISRO के लिक्विड प्रो पॉल्यूशन सिस्टम सेंटर (LPSC) ने डेवलप किया है। LVM3 भारत का भारी-भरकम लॉन्चिंग मशीन है। ISRO की स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी और इसका मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है। ये टेस्टिंग भारत की भारी उपग्रह प्रक्षेपण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। 5. भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास होगा 10 सितंबर को भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित होने का ऐलान हुआ। ये इस ‘युद्ध अभ्यास’ का 22वां संस्करण होगा। पहली बार दो अलग-अलग थिएटर राजस्थान के रेगिस्तान और उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में युद्ध अभ्यास किया जाएगा। इस ‘युद्ध अभ्यास’ की शुरुआत 2004 में हुई थी। 2026 का अभ्यास अपनी तरह का विशेष संस्करण होगा। इस अभ्यास का पहला चरण महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, बीकानेर, राजस्थान में किया जाएगा। इसके बाद औली, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में प्रशिक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त सैन्य क्षमता को मजबूत करना है। अभ्यास में ड्रोन और काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तथा निगरानी क्षमताओं पर भी जोर रहेगा। यह अभ्यास भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाएगा। आज का इतिहास 1906 में महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की। 1948 में मुस्लिम लीग के अध्यक्ष और प्रमुख नेता मोहम्मद अली जिन्ना का निधन हुआ। ——————— ये खबर भी पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
नेपाल में पुनर्निर्माण के लिए ₹4.52 लाख करोड़ लगेंगे:यह देश की GDP से भी ज्यादा; बाढ़ से 16 लाख लोग प्रभावित, 1377 की मौत

नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ ने इतनी बड़ी तबाही मचाई है कि अब टूटे घर, सड़कें, पुल और दूसरी सुविधाएं फिर से बनाने में 4.52 लाख करोड़ भारतीय रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह रकम नेपाल की GDP 4.32 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। बाढ़ से करीब 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 1377 लोगों की मौत हो चुकी है और 5130 लोग लापता हैं। कुल अनुमानित खर्च का करीब 75% यानी ₹2.96 लाख करोड़ सड़क, पुल, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाएं फिर से बनाने में लगेगा। बाढ़ में 7,570 घर, 48 सरकारी इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Jas Manak Engagement Video | Punjabi Singer Jas Manak Komal Tanwar Viral

अपनी मंगेतर पर नोट उड़ाते हुए पंजाबी सिंगर जस मानक पंजाबी सिंगर जस मानक और उनकी मंगेतर फैशन डिजाइनर कोमल तंवर की इंगेजमेंट का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में जस मानक अपनी मंगेतर पर नोट उड़ाते हुए दिख रहे हैं। जस मानक के इस स्टाइल की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। . जस मानक और कोमल तंवर करीब 7 साल से दोस्त हैं। उनकी दोस्ती के बारे में किसी को पता नहीं था, लेकिन जून में पहली बार दोनों की फोटोज सामने आईं और जुलाई में इंगेजमेंट हुई। इंगेजमेंट के प्रोग्राम को भी प्राइवेट रखा गया। अब इंगेजमेंट की फोटो जस मानक ने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी, लेकिन उस फंक्शन के वीडियो अब सामने आ रहे हैं। अब उनके फेंस ने 10 सितंबर को वीडियो पोस्ट की हैं। जानिए VIDEO में क्या दिख रहा… कोमल डांस कर रही, नोट उड़ाते दिखे जस मानक इंगेजमेंट पार्टी के वीडियो में कोमल तंवर नारंगी-भूरे रंग का लहंगा पहनकर डांस करती नजर आ रही हैं। उनके पीछे जस मानक हाथ में ड्रिंक लिए खड़े दिखाई देते हैं। इसके बाद वे नोटों की गड्डी खोलकर कोमल तंवर पर नोट उड़ाते हैं। अपने ही ‘लहंगा’ सॉन्ग पर डांस पार्टी में जस मानक का ही ‘लहंगा’ सॉन्ग बज रहा था। इसी गाने पर जस मानक नोट उड़ाने के बाद कोमल के साथ डांस करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में पार्टी में गिने-चुने मेहमान ही नजर आ रहे हैं। इंगेजमेंट पार्टी में डांस करती हुई कोमल तंवर जस मानक ने कब और कैसे रिलेशन ओपन किया, जानिए… 2019 से दोनों संपर्क में: पंजाबी सिंगर जस मानक व फैशन डिजाइनर कोमल तंवर 2019 से एक-दूसरे को जानते हैं और तब से ही इनकी दोस्ती भी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टिक-टॉक के जरिए दोनों एक-दूसरे के संपर्क में आए। हालांकि 2019 से जून 2026 तक दोनों की दोस्ती की बातें कभी सामने नहीं आईं। जून में की इंस्टाग्राम पर पहली फोटो पोस्ट: जस मानक ने 27 जून को इंस्टाग्राम पर कोमल तंवर के साथ फोटो पोस्ट की और लिखा कि “तू ही मुकद्दर है मेरा, तू ही नसीब है मेरा”। इंस्टाग्राम पर फोटो पोस्ट होने के बाद यह बात सार्वजनिक हुई कि दोनों दोस्त हैं और जल्द ही एक होने वाले हैं। 26 जुलाई को इंगेजमेंट की फोटो आई सामने: 26 जुलाई को कोमल तंवर ने जस मानक के साथ फोटोज इंस्टाग्राम पर पोस्ट कीं और उस पर लिखा कि “मैं और मेरे रब्ब दी जोड़ी”। इसके साथ ही दोनों ने अपनी इंगेजमेंट की घोषणा की। 26 जुलाई को उन्होंने सिर्फ फोटो ही पोस्ट की थीं। इंगेजमेंट में कम लोग ही इनवाइट: इंगेजमेंट फंक्शन में काफी कम लोगों को बुलाया गया था और पार्टी भी प्राइवेट थी जिसमें सीमित लोगों को ही बुलाया गया था। पार्टी में उनके कुछ दोस्तों ने वीडियो शूट की और अब वो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई।
Amritsar Woman UK Marriage Grooming Controversy

ससुराल वालों ने कोमलप्रीत के ड्रिंक करते हुए कि ये फोटो जारी की है। अमृतसर से इंग्लैंड जाकर मुस्लिम व्यक्ति के साथ शादी करने वाली कोमलप्रीत को लेकर ससुराल ने कई खुलासे किए। सास ने बताया कि कोमलप्रीत के साथ बेटे नवप्रीत सिंह की शादी 2023 में की थी। कोमलप्रीत के परिवार ने कहा था कि बेटी अमृतधारी है और कीर्तन करती है। अ . उन्होंने कहा कि बेटे को शादी के बाद उसने अंडा तक खाने से हटा दिया। बेटे ने शादी से पहले केश नहीं रखे थे। इसने उसके केश भी रखवा दिए लेकिन बाद में धोखा कर दिया। सास ने बताया कि बेटा उसके पास इंग्लैंड गया तो उसे उसका व्यवहार ठीक नहीं लगा। बेटे ने कोमलप्रीत का फोन देखना चाहा तो उसने उसकी कॉलर पकड़ ली। इसके बाद बेटे को अपने साथ नहीं रखा। इसने बेटे को अगवा करने की भी कोशिश की। उसने नंगा कर घर भेजा। उन्होंने बताया कि उन्हें भी कोमलप्रीत ने फोन पर अम्मीजान कहना शुरू कर दिया था। 2 बार तो कोमलप्रीत को वीजा रिफ्यूज होने के बाद 40 लाख रुपए लगाकर इंग्लैंड भेजा था। कोमलप्रीत ने ग्रूमिंग की भी स्क्रिप्ट घड़ी है। बहू का परिवार चाहता है कि जत्थेबंदियां बेटी को मुस्लिम के पास से ले आएंगी, लेकिन कोमलप्रीत ने सोच समझकर शादी की है। ससुराल वालों ने कोमलप्रीत के ड्रिंक करते के फोटो शेयर किए हैं। ससुराल वालों ने दावा किया कोमलप्रीत ड्रिंक करती है।- फाइल फोटो सास-ससुर ने सुनाई बहू की पूरी कहानी… डेढ़ साल तक साथ रही, भनक नहीं लगने दी: सास बीर कौर और ससुर बलविंदर सिंह ने निजी चैनल से बातचीत करते हुए बताया कि बहू के इंग्लैंड जाने के बाद उसने करीब डेढ़ साल तक बेटे को अपने पास नहीं बुलाया। कई बार कहने पर उसने पति को फरवरी 2026 में इंग्लैंड बुलाया, लेकिन वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने लगा। मोबाइल फोन को लेकर भी दोनों में कहासुनी हुई। बहू ने बेटे के साथ हाथापाई की। इसके बाद बेटे ने उसके मायके वालों से संपर्क किया, लेकिन वहां से भी उसे ही गलत ठहराया गया। अमृतधारी थी और कीर्तन करती थी: उन्होंने कहा कि बहू ने इंग्लैंड जाने के बाद अपने ककार उतार दिए। शादी के समय बहू अमृतधारी थी और कीर्तन करती थी। उन्होंने कभी इस बात पर आपत्ति नहीं की कि बहू किसके साथ रहना चाहती है। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि विदेश भेजने में खर्च किए गए 35-40 लाख रुपए और बेटे के साथ हुए धोखे का समाधान होना चाहिए। बहू को बेटी की तरह रखा: सास ने बताया कि शादी के समय उन्होंने बहू को बेटी की तरह रखा। यहां तक कि उसके विदेश जाने के लिए घर में मांस और अंडा तक बंद कर दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि शादी के बाद बेटा-बहू विदेश में साथ रहेंगे और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक होगी। बहू के मायके वालों ने बाद में उनसे संपर्क रखना लगभग बंद कर दिया। विवाद के बाद कई बार पंचायत और पुलिस स्तर पर समझौते की कोशिश हुई, लेकिन परिवार के अनुसार बहू तलाक लेने पर अड़ी रही। बेटे को नंगा कर घर भेजा: उन्होंने बताया कि बेटे नवप्रीत को जब कोमलप्रीत के बारे में सब पता चला तो उसने उसके 1 लाख रुपए भी ले लिए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर कहीं बाहर ले गई। वहां पर उसके कपड़े उतरवा लिए। बेटे को नंगा कर कार से उतार लिया। इसके बाद बेटे ने रिश्तेदारों को फोन कर कपड़े मंगवाए और घर गया। बेटे ने कोमलप्रीत के वीडियो इसलिए बनाए ताकि उसके साथ हुई घटना का सच सामने आ सके। सास बीर कौर और ससुर बलविंदर सिंह ने बताया कि कोमलप्रीत को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था। कार में घुमाया, फिर गलत व्यवहार करने लगी वहीं, नवदीप के भाई ने बताया कि इंग्लैंड जाने के बाद छोटे भाई ने उसे फोन पर बताया कि कोमलप्रीत का व्यवहार ठीक नहीं लग रहा है। उसने एक दिन उसे कार में घुमाया और उसके बाद अजीब व्यवहार कर रही है। उसके चाय के कप रखने, बाथरूम में नहाने तक पर गलतियां निकाल रही है। कोमलप्रीत की हरकतों के बारे में जब नवदीप ने अपने ससुर घुग्गी को बताया तो उसने उसे गालियां निकालीं, जिससे कोमलप्रीत पर शक बढ़ता गया। परिवार की प्रशासन से पैसा वापस दिलाने की मांग परिवार ने प्रशासन से विदेश भेजने में खर्च हुए 40 लाख रुपए वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने बेटे की शादी और विदेश भेजने के लिए अपनी इनकम से ज्यादा खर्च किया। उन्हें न तो युवती की ओर से कोई आर्थिक मदद मिली और न ही अब तक उनका खर्च वापस हुआ। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने की मांग की है। कोमलप्रीत की नवदीप के साथ 2023 में शादी हुई थी। कोमलप्रीत कैसे बनी आइरा, 4 पॉइंट… मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आई: कोमलप्रीत कौर लंदन में करीब 6 महीने पहले ड्राइविंग सीखने के दौरान वह पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम ड्राइविंग टीचर के संपर्क में आई, जिसने उसका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन करवा दिया। आरोपी पहले कर चुका दो शादियां: परिवार का आरोप है कि आरोपी पहले से दो शादियां कर चुका है। उसने कोमलप्रीत का नाम बदलकर आइरा रख दिया और उसे परिवार से दूर कर दिया। पिछले एक महीने से वह माता-पिता के फोन भी नहीं उठा रही थी। पहले धार्मिक थी कोमलप्रीत: पिता के मुताबिक, उनकी बेटी पहले नियमित रूप से पाठ और सेवा करती थी। परिवार को आशंका है कि उसके साथ गलत हो सकता है और वह किसी खतरे में हो सकती है। बेटी को सुरक्षित वापस लाने की मांग: परिवार ने केंद्र सरकार, ब्रिटेन की सिख संस्थाओं और गुरुद्वारा कमेटियों से मदद की अपील की है। उनकी मांग है कि कोमलप्रीत को सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाया जाए। ———– ये खबर भी पढ़ें… सिख से मुस्लिम बनी पंजाबी युवती पहले से शादीशुदा निकली:पति ने इंग्लैंड में 7 दिन झाड़ियों में छिपकर रखी नजर, युवक संग









