Sunday, 08 Nov 2026 | 12:30 AM

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शबाना आजमी बोलीं- मैं मुस्लिम हूं, लेकिन नमाज नहीं पढ़ती:एक्ट्रेस ने कहा- ईद, गरारा, उर्दू पसंद है, धर्म को निजी मामला बताया

शबाना आजमी बोलीं- मैं मुस्लिम हूं, लेकिन नमाज नहीं पढ़ती:एक्ट्रेस ने कहा- ईद, गरारा, उर्दू पसंद है, धर्म को निजी मामला बताया

वेटरन एक्ट्रेस शबाना आजमी ने कहा कि वो मुस्लिम हैं, उन्हें ईद, गरारा (ड्रेस), उर्दू भाषा और खाना पसंद है, लेकिन वो नमाज नहीं पढ़ती हैं। शबाना ने यह भी कहा कि उनके लिए धर्म एक निजी मामला है और अगर किसी को पूजा करने से सुकून मिलता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। दरअसल, शबाना ने हाल ही में IIMUN (इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस) के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कहा, “मेरे पिता नास्तिक थे। मेरी मां कुछ हद तक इसका पालन करती थीं, लेकिन गंभीरता से नहीं। मेरा मतलब है कि वह ऐसी चीजें करती थीं, जैसे जब हम यात्रा कर रहे होते थे, तो वह एक इमाम-ए-जमीन बांधती थीं और कुछ चीजें पढ़ती थीं। कुछ चीजें उनकी अपनी थीं। जैसे हम लोग ‘माशाअल्लाह’ और ‘इंशाअल्लाह’ बोलते हैं।” उन्होंने बताया कि माशाअल्लाह (अल्लाह की मर्जी से ऐसा हुआ) और इंशाअल्लाह (अल्लाह की इच्छा से) कहने को लेकर उनके पति जावेद अख्तर पूछते हैं कि वह ऐसा क्यों कहती रहती हैं। जावेद अख्तर उनसे कहते हैं, “अगर कोई हर समय ‘प्रभु जी की मर्जी’ कहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?” इस पर शबाना ने कहा कि उन्हें ये शब्द उनकी भाषा का हिस्सा लगते हैं। ‘धर्म से सुकून मिलता है, तो किसी को परेशानी क्यों हो?’ शबाना ने बताया कि उन्हें धर्म के बारे में जानने की कभी खास उत्सुकता नहीं रही। उन्होंने जावेद अख्तर को कट्टर नास्तिक बताते हुए कहा कि अगर किसी को धर्म का पालन करके सुकून मिलता है, तो उसे ऐसा करने देना चाहिए। किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि जावेद अख्तर का मानना है कि अगर धार्मिक लोग उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, तो उन्हें भी नास्तिक होने के नाते अपनी बात रखने और आहत महसूस करने का अधिकार है। शबाना के मुताबिक, यह दोनों तरफ से जुड़ा मामला है। ‘धर्म निजी मामला है, सरकार को दखल नहीं देना चाहिए’ शबाना ने कहा कि उनके लिए भगवान और धर्म से जुड़ा सवाल निजी है। अगर किसी को पूजा करने से सुकून मिलता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। साथ ही, उनका मानना है कि सरकार को किसी के निजी धार्मिक विश्वास में दखल नहीं देना चाहिए। बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कहा था कि वह एक कल्चरल मुस्लिम हैं, प्रैक्टिसिंग मुस्लिम नहीं, तो इस पर उन्होंने कहा, “हां, मैं मुसलमान हूं। मुझे ईद, गरारा, उर्दू भाषा और खाना, ये सब पसंद है। लेकिन हम नमाज नहीं पढ़ते हैं और धर्म से इस तरह का कोई वास्ता नहीं है।” शबाना बोलीं- यूनिफॉर्म नहीं, कॉमन सिविल कोड होना चाहिए शबाना आजमी ने यह भी कहा कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड के बजाय कॉमन सिविल कोड होना चाहिए। यह कानून महिलाओं के साथ समानता और न्याय पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक समूह का तय किया कानून सभी पर थोपने के बजाय अलग-अलग धर्मों के न्यायपूर्ण कानूनों पर चर्चा होनी चाहिए। एक्ट्रेस ने कहा कि कॉमन सिविल कोड का एक मसौदा तैयार किया जाए, जिसमें सभी धर्मों के न्यायसंगत कानून शामिल हों। इसे चर्चा के लिए खुला रखा जाए और फिर सभी की राय से कानून बनाया जाए। ‘पर्सनल लॉ में महिलाओं से भेदभाव’ शबाना ने कहा कि अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ में शादी, गुजारा भत्ता और विरासत जैसे मामलों में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। महिलाओं के साथ अन्याय करने वाले कानूनों को धार्मिक परंपरा के नाम पर बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना थी। इसलिए उन्हें अपने पर्सनल लॉ के मामले में आजादी दी गई। उम्मीद थी कि समय के साथ समुदाय में भरोसा बढ़ेगा और लोग अपने धर्मों के भीतर सुधार की मांग करेंगे। हालांकि, उनके मुताबिक, ऐसा पूरी तरह नहीं हो पाया। ‘बटवारा 1947’ में नजर आई थीं शबाना आजमी हाल ही में निर्देशक राजकुमार संतोषी की पीरियड-ड्रामा फिल्म ‘बटवारा 1947’ में नजर आई थीं। यह फिल्म 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी थी। यह असगर वजाहत के 1989 के नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ई नई’ पर आधारित थी। यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसी दिन उनकी एक और फिल्म ‘आवारापन 2’ रिलीज हुई। इस फिल्म में शबाना आजमी का किरदार काफी अलग और चर्चा में रहा, क्योंकि वह इसमें एक विलेन की भूमिका में नजर आईं।

CM धामी बोले- दलेर मेहंदी-मीका भाई मेरे अच्छे दोस्त:मंत्री पर जनता का दबाव होगा, वो सफाई दे चुके हैं- नहीं पता था उनकी तबीयत खराब है

CM धामी बोले- दलेर मेहंदी-मीका भाई मेरे अच्छे दोस्त:मंत्री पर जनता का दबाव होगा, वो सफाई दे चुके हैं- नहीं पता था उनकी तबीयत खराब है

उत्तराखंड में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद पर गुरुवार को CM पुष्कर सिंह धामी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं कि उस समय मंत्री पर जनता का दवाब रहा होगा। मंत्री जी खुद आकर कह चुके हैं कि मुझे नहीं पता था कि उनका स्वास्थ्य खराब है। उत्तराखंड कलाकारों की धरती है, यहां सबका सम्मान होता है। मुझे लगता है कि इस विषय को यही समाप्त कर देना जाना चाहिए। मैं मीका भाई और दलेर मेहंदी से बात करूंगा। दोनों मेरे अच्छे मित्र हैं। दरअसल, 18 अक्टूबर की रात उत्तराखंड के टिहरी-गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के शो के दौरान विवाद हुआ था। कार्यक्रम में पहुंचे उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें पटकार लगाते हुए कहा था कि आप ठीक से बोल तो पा नहीं रहे हैं, गाना क्या गाएंगे? आपको यहां लोगों को एंटरटेन करने के लिए बुलाया था। शो की कुछ तस्वीरें देखिए…. अब जानिए सिंगर मीका सिंह ने क्या कहा बॉलीवुड और सिंगर मीका सिंह ने अपने बड़े भाई और मशहूर गायक दलेर मेहंदी पर लगे आरोपों का कड़े शब्दों में खंडन किया था। मीका सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करके आलोचकों को खुली चुनौती दी थी। 30 साल के करियर का दिया हवाला: मीका ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि उन्होंने कल अपने बड़े भाई की न्यूज देखी जिसमें लोगों ने यह अफवाह फैला दी है कि दलेर मेहंदी शराब पीकर गाना गा रहे थे। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि दलेर मेहंदी पिछले 30 साल से सुपरस्टार हैं, क्या जिंदगी में कभी किसी ने उनके हाथ में शराब का गिलास देखा है? मीका ने कहा कि चाहे कोई बर्थडे पार्टी हो या कोई अन्य कार्यक्रम, उन्होंने कभी शराब नहीं पी। बीमारी और बड़े ऑपरेशन का खुलासा: मीका ने सच्चाई बताते हुए कहा कि असल में दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में दलेर मेहंदी का एक बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ था। कलाकारों की मजबूरी का जिक्र: मीका ने समझाया कि कलाकारों को कई बार अपनी कमिटमेंट पूरी करने के लिए बीमार होने पर भी (जैसे 104 डिग्री बुखार होने पर भी) शो करने जाना पड़ता है। दलेर मेहंदी ने भी अपनी कमिटमेंट पूरी करने के लिए शो के लिए हाँ कर दी थी, भले ही उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। मंच पर मंत्री की टिप्पणी का जवाब: मीका ने बताया कि शो के दौरान मंच पर कोई मंत्री आए और उन्होंने झिड़कते हुए कहा कि ‘आप पैसे लेकर आए हैं और आपसे गाना नहीं गाया जा रहा है’। मीका ने इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि आप यह बोल सकते हैं कि उनसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था या गाया नहीं जा रहा था, लेकिन यह कहना बिल्कुल गलत है कि वह शराब पीकर गा रहे थे। मीका की मीडिया और बॉलीवुड को खुली चुनौती: वीडियो के अंत में मीका ने मीडिया, दोस्तों और बॉलीवुड के अपने सभी साथियों को ओपन चैलेंज दिया। उन्होंने कहा कि अगर एक भी इंसान यह बोल दे कि उसने दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए देखा है, तो वह (मीका सिंह) गाना ही छोड़ देंगे। मंत्री ने कहा था- ड्रंक होकर बेवकूफ बना रहे हो मंत्री ने दलेर मेहंदी से कहा था, ड्रंक होकर आप लोगों का बेवकूफ बना रहे हो। उन्होंने गायक के बड़े नाम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें सम्मान के साथ पेश आना चाहिए। इस दौरान दलेर मेहंदी मंत्री को समझाने की कोशिश करते रहे, जबकि कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खूब हूटिंग की। नोकझोंक के बाद दलेर मेहंदी ने गाना जारी रखने का ऐलान किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद गायक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमने दलेर मेहंदी को बुलाया है, उनकी टीम को नहीं। आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। शो से पहले आपके नखरे इतने थे की हमें ये चाहिए वो चाहिए। गाना एक भी नही गा रहे हैं। एक लाइन बोलके बैठ जा रहे हैं, बेवकूफ बना रहे हैं आप। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। मंत्री के भड़के के बाद ‘राम राम’ गाना शुरू किया मंत्री की नाराजगी के बाद दलेर मेहंदी ने दोबारा गाना शुरू किया। उन्होंने ‘राम राम’ गाना गाया, लेकिन इस दौरान भी उनकी टीम उनका साथ देती रही। इसके बाद उन्होंने कुछ और गाने गाए। प्रस्तुति के आखिर में दलेर मेहंदी ने मंच से सुबोध उनियाल को बुलाया। उनियाल मंच पर चढ़े और फिर उन्होंने यहां पर भी दलेर को खूब सुनाया। उन्होंने दोबारा कहा- इतना पैसा देकर हमने आपको बुलाया है। ड्रंक होकर आप लोगों का बेवकूफ बना रहे हो। यहां पर मिक्सर के द्वारा आप आवाज निकाल रहे हो। गलत बात है ये, आपको मंच का सम्मान करना चाहिए था हमने आपको इसलिए बुलाया ताकी आप लोगों को एंटरटेंन करें लेकिन आपसे बोला तक नहीं जा रहा। दलेर मेहंदी इस दौरान मंत्री को काफी समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन सुबोध उनियाल ने कहा, “बड़े नाम को हमेशा आपको सम्मान करना चाहिए। आपको इसलिए ही बुलाया कि आप बड़ा नाम है।

फायरिंग के बाद टाइगर श्रॉफ की बढ़ी सुरक्षा:सलमान-शाहरुख के पास Y+ कैटेगरी का कवर, जानिए सेलेब्स के पास कौन-सी सिक्योरिटी है

फायरिंग के बाद टाइगर श्रॉफ की बढ़ी सुरक्षा:सलमान-शाहरुख के पास Y+ कैटेगरी का कवर, जानिए सेलेब्स के पास कौन-सी सिक्योरिटी है

मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए। इसके बाद टाइगर के घर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। वहीं, टाइगर को पुलिस सुरक्षा दी गई है। मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन ब्रांच ने टाइगर की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड तैनात किए हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस स्टेशन की ओर से एक पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त जवानों को भी उनकी सुरक्षा में लगाया गया है। टाइगर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। किन बॉलीवुड सितारों को मिली है सुरक्षा? भारत में सुरक्षा देने का फैसला किसी व्यक्ति की लोकप्रियता के बजाय उसके सामने मौजूद खतरे के आकलन के आधार पर किया जाता है। केंद्रीय स्तर पर गृह मंत्रालय और राज्य स्तर पर संबंधित सरकारें खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा तय करती हैं। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा बढ़ाई, घटाई या वापस भी ली जा सकती है। बॉलीवुड के कई सितारों को अलग-अलग श्रेणियों में सुरक्षा मिली है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था समय के साथ बदल सकती है। सलमान खान — Y+ सुरक्षा सलमान खान को नवंबर 2022 में धमकियां मिलने के बाद Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। उनकी सुरक्षा में मुंबई पुलिस के जवान और सशस्त्र कमांडो शामिल होते हैं। अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर फायरिंग के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद सलमान के घर के बाहर अतिरिक्त पुलिस निगरानी और बैरिकेडिंग की खबरें आईं। शाहरुख खान — Y+ सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर 2023 में शाहरुख खान की सुरक्षा बढ़ाकर Y+ कैटेगरी की कर दी थी। इससे पहले उन्हें दो पुलिस कांस्टेबल सुरक्षा देते थे। फिल्म ‘पठान’ और ‘जवान’ की सफलता के बाद शाहरुख को जान से मारने की धमकियां मिली थीं। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। Y+ सुरक्षा के तहत शाहरुख के साथ 11 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें 6 कमांडो शामिल हैं, जो तीन शिफ्ट में उनकी सुरक्षा करते हैं। वहीं, 5 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके मुंबई स्थित घर ‘मन्नत’ की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। इस सुरक्षा व्यवस्था का खर्च शाहरुख खान खुद उठाते हैं। यह पेड सिक्योरिटी व्यवस्था है। इसके तहत सुरक्षा पर होने वाला खर्च अभिनेता महाराष्ट्र सरकार को चुकाते हैं। कंगना रनोट — Y+ सुरक्षा केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 में कंगना रनोट को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। वह इस तरह का सुरक्षा कवर पाने वाली पहली बॉलीवुड अभिनेत्री बनी थीं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडो को सौंपी गई थी। उस समय सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच विवाद चल रहा था। मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से करने के बाद भी कंगना को आलोचना और धमकियों का सामना करना पड़ा था। उन्हें मुंबई नहीं आने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद कंगना के पिता ने सुरक्षा की मांग की थी। खतरे का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें Y+ सुरक्षा देने का फैसला किया था। अमिताभ बच्चन — X कैटेगरी की सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार ने नवंबर 2022 में अमिताभ बच्चन की सुरक्षा की समीक्षा के बाद इसे बढ़ाकर X कैटेगरी का कर दिया था। इससे पहले उन्हें सामान्य पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। इस व्यवस्था के तहत मुंबई पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। अक्षय कुमार — X कैटेगरी की सुरक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षय कुमार को X कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद उनके जुहू स्थित घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाने का काम शुरू होने की खबर आई। उनके घर के बाहर पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ाई गई। महाराष्ट्र सरकार ने खतरे के आकलन के बाद अक्षय कुमार को X कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद जांच में यह सामने आया कि अक्षय कुमार के घर की भी रेकी की गई थी। इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अक्षय कुमार के जुहू स्थित घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाने का काम शुरू हुआ है। हालांकि, इंडिया टुडे की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल या बुलेटप्रूफ ग्लास लगाए जाने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। अनुपम खेर — X कैटेगरी की सुरक्षा अनुपम खेर को फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज होने के बाद धमकियां मिलने और सुरक्षा संबंधी आकलन के आधार पर X कैटेगरी की सुरक्षा दिए जाने की खबरें आई थीं। उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि के लिए ताजा आधिकारिक जानकारी जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार ने 2022 में खतरे का आकलन करने के बाद अनुपम खेर को X कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। उस समय फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज के बाद उन्हें धमकियां मिलने की खबरें सामने आई थीं। गौरतलब है कि वीआईपी सुरक्षा की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। अनुपम खेर को फिलहाल X कैटेगरी की सुरक्षा मिल रही है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। विवेक अग्निहोत्री — Y कैटेगरी की सुरक्षा फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को मार्च 2022 में केंद्र सरकार की ओर से Y कैटेगरी की सुरक्षा दिए जाने की रिपोर्ट आई थी। यह फैसला फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज होने के बाद उनके सामने आए सुरक्षा संबंधी खतरे के आकलन के बीच लिया गया था। केंद्र सरकार ने मार्च 2022 में फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। यह फैसला फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज के बाद लिया गया था। फिल्म 11 मार्च 2022 को रिलीज हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म रिलीज होने के बाद विवेक अग्निहोत्री को धमकियां मिल रही थीं। इसके बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने उनकी सुरक्षा को लेकर खतरे का आकलन किया। रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सुरक्षा देने का फैसला

Tiger Shroff Firing Incident | Manoj Bajpayee & Divya Datta React

Tiger Shroff Firing Incident | Manoj Bajpayee & Divya Datta React

2 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद मनोज बाजपेयी और दिव्या दत्ता ने घटना पर चिंता जताई है। ANI से बातचीत में मनोज बाजपेयी ने कहा कि वह इस घटना को गैंगवार नहीं मानते, लेकिन कहीं से भी गोलियां चलना डराने वाला है। मनोज ने कहा, “मुझे यह गैंगवार नहीं लगता, लेकिन गोली कहीं से भी चल जा रही हैं। यह बड़ा डरावना है। टाइगर के साथ जो हुआ, वह दुखद है और सबसे अच्छी बात यह है कि वह सुरक्षित हैं और उनके ड्राइवर की हालत भी धीरे-धीरे सुधर रही है।” उन्होंने कहा कि खबरों से पता चला है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया है। मनोज ने उम्मीद जताई कि जांच जल्द पूरी होगी और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सोचे। दिव्या दत्ता ने कहा कि ऐसी घटनाओं से लोगों में डर पैदा होता है। हर व्यक्ति को सुरक्षित महसूस करने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और टाइगर सुरक्षित हैं। दिव्या दत्ता मनोज बाजपेयी के साथ फिल्म ‘गजब रात’ में नजर आएंगी, जो 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। 18 अक्टूबर की शाम को मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों द्वारा फायरिंग की गई थी। इस हमले में टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित रहे, हालांकि उनकी कार के शीशे टूटने और बारूद की वजह से उनके हाथों और छाती पर मामूली चोटें आईं। घटना में उनका ड्राइवर फिरदौस और पास में खड़ा एक राहगीर घायल हो गए थे। टाइगर पर फायरिंग की घटना से कई सेलेब्स ने चिंता जताई बता दें कि टाइगर पर फायरिंग की घटना पर कई सेलेब्स ने रिएक्शन दिया। सुनील शेट्टी ने टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर चिंता जताते हुए कहा था, “पूरी दुनिया टाइगर और जैकी दादा से प्यार करती है। अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए था।” सुनील ने कहा कि जैकी श्रॉफ उनके बचपन के दोस्त हैं। उन्हें राहत है कि टाइगर ठीक हैं। जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी ने फिल्म बॉर्डर, हलचल और आन: मेन एट वर्क जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया। दीपक पराशर ने पूछा- एक्टर्स काम करने आते हैं या निशाना बनने? टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर दिग्गज एक्टर दीपक पराशर ने कहा था कि इस घटना से उन्हें बहुत बुरा लगा। टाइगर एक अच्छे इंसान हैं और उनके पिता जैकी श्रॉफ उनके काफी करीबी हैं। उन्होंने जैकी को मैसेज भेजकर भी अपनी चिंता जाहिर की। दीपक ने सवाल उठाया कि आखिर एक्टर्स यहां काम करने आते हैं या निशाना बनने के लिए? उन्होंने कहा कि अगर किसी गैंग को कोई परेशानी है, तो उसे सामने बैठकर बातचीत से मामला सुलझाना चाहिए। दीपक पराशर ने फिल्म निकाह और इंसाफ का तराजू जैसी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने बताया कि फायरिंग में ड्राइवर को गोली लगी थी। इस घटना में टाइगर की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। दीपक ने कहा कि इसका असर सिर्फ टाइगर पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्मों से जुड़े कई लोगों की जिंदगी भी प्रभावित होती है। स्पॉट बॉय, कैमरा और साउंड टीम के सदस्य भी इन प्रोडक्शन से जुड़े होते हैं। ऐसी घटनाओं से उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है। शरद बोले- देश में ऐसी अराजकता नहीं होनी चाहिए टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर एक्टर शरद केलकर ने कहा था कि यह गलत है और देश में ऐसी अराजकता नहीं होनी चाहिए। यह मामला सिर्फ बॉलीवुड या किसी मशहूर व्यक्ति तक सीमित नहीं है। शरद ने बताया कि घटना के बाद उनकी जैकी श्रॉफ से बात हुई थी और उन्होंने मैसेज भी किया था। शरद केलकर ने फिल्म तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर और सीरीज द फैमिली मैन जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी। शरद ने उम्मीद जताई कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। राजेश रोशन ने घटना को बेहद दुखद बताया टाइगर पर फायरिंग की घटना को लेकर म्यूजिक डायरेक्टर राजेश रोशन ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। वहीं, बिग बॉस फेम अर्शी खान ने कहा कि मामले की सही तरीके से जांच होनी चाहिए। जिसने भी यह किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। अर्शी ने कहा कि टाइगर एक मशहूर शख्सियत हैं और लोग उनसे बहुत प्यार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनको कुछ हो गया तो छोड़ेंगे थोड़ी। …………………… यह खबर भी पढ़ें… टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद अमाल मलिक ने पूछा- उन्हें क्यों निशाना बनाया, शत्रुघ्न सिन्हा और राहुल ढोलकिया ने उठाए सवाल टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद घटना को लेकर म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने सवाल उठाया था कि आखिर टाइगर को निशाना क्यों बनाया गया। वहीं, रवि किशन, शत्रुघ्न सिन्हा और राहुल ढोलकिया समेत कई सितारों ने घटना पर नाराजगी जताई थी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tiger Shroff Firing Incident | Manoj Bajpayee & Divya Datta React

Tiger Shroff Firing Incident | Manoj Bajpayee & Divya Datta React

22 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद मनोज बाजपेयी और दिव्या दत्ता ने घटना पर चिंता जताई है। ANI से बातचीत में मनोज बाजपेयी ने कहा कि वह इस घटना को गैंगवार नहीं मानते, लेकिन कहीं से भी गोलियां चलना डराने वाला है। मनोज ने कहा, “मुझे यह गैंगवार नहीं लगता, लेकिन गोली कहीं से भी चल जा रही हैं। यह बड़ा डरावना है। टाइगर के साथ जो हुआ, वह दुखद है और सबसे अच्छी बात यह है कि वह सुरक्षित हैं और उनके ड्राइवर की हालत भी धीरे-धीरे सुधर रही है।” उन्होंने कहा कि खबरों से पता चला है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया है। मनोज ने उम्मीद जताई कि जांच जल्द पूरी होगी और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सोचे। दिव्या दत्ता ने कहा कि ऐसी घटनाओं से लोगों में डर पैदा होता है। हर व्यक्ति को सुरक्षित महसूस करने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और टाइगर सुरक्षित हैं। दिव्या दत्ता मनोज बाजपेयी के साथ फिल्म ‘गजब रात’ में नजर आएंगी, जो 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। 18 अक्टूबर की शाम को मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों द्वारा फायरिंग की गई थी। इस हमले में टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित रहे, हालांकि उनकी कार के शीशे टूटने और बारूद की वजह से उनके हाथों और छाती पर मामूली चोटें आईं। घटना में उनका ड्राइवर फिरदौस और पास में खड़ा एक राहगीर घायल हो गए थे। टाइगर पर फायरिंग की घटना से कई सेलेब्स ने चिंता जताई बता दें कि टाइगर पर फायरिंग की घटना पर कई सेलेब्स ने रिएक्शन दिया। सुनील शेट्टी ने टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर चिंता जताते हुए कहा था, “पूरी दुनिया टाइगर और जैकी दादा से प्यार करती है। अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए था।” सुनील ने कहा कि जैकी श्रॉफ उनके बचपन के दोस्त हैं। उन्हें राहत है कि टाइगर ठीक हैं। जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी ने फिल्म बॉर्डर, हलचल और आन: मेन एट वर्क जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया। दीपक पराशर ने पूछा- एक्टर्स काम करने आते हैं या निशाना बनने? टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर दिग्गज एक्टर दीपक पराशर ने कहा था कि इस घटना से उन्हें बहुत बुरा लगा। टाइगर एक अच्छे इंसान हैं और उनके पिता जैकी श्रॉफ उनके काफी करीबी हैं। उन्होंने जैकी को मैसेज भेजकर भी अपनी चिंता जाहिर की। दीपक ने सवाल उठाया कि आखिर एक्टर्स यहां काम करने आते हैं या निशाना बनने के लिए? उन्होंने कहा कि अगर किसी गैंग को कोई परेशानी है, तो उसे सामने बैठकर बातचीत से मामला सुलझाना चाहिए। दीपक पराशर ने फिल्म निकाह और इंसाफ का तराजू जैसी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने बताया कि फायरिंग में ड्राइवर को गोली लगी थी। इस घटना में टाइगर की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। दीपक ने कहा कि इसका असर सिर्फ टाइगर पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्मों से जुड़े कई लोगों की जिंदगी भी प्रभावित होती है। स्पॉट बॉय, कैमरा और साउंड टीम के सदस्य भी इन प्रोडक्शन से जुड़े होते हैं। ऐसी घटनाओं से उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है। शरद बोले- देश में ऐसी अराजकता नहीं होनी चाहिए टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर एक्टर शरद केलकर ने कहा था कि यह गलत है और देश में ऐसी अराजकता नहीं होनी चाहिए। यह मामला सिर्फ बॉलीवुड या किसी मशहूर व्यक्ति तक सीमित नहीं है। शरद ने बताया कि घटना के बाद उनकी जैकी श्रॉफ से बात हुई थी और उन्होंने मैसेज भी किया था। शरद केलकर ने फिल्म तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर और सीरीज द फैमिली मैन जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी। शरद ने उम्मीद जताई कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। राजेश रोशन ने घटना को बेहद दुखद बताया टाइगर पर फायरिंग की घटना को लेकर म्यूजिक डायरेक्टर राजेश रोशन ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। वहीं, बिग बॉस फेम अर्शी खान ने कहा कि मामले की सही तरीके से जांच होनी चाहिए। जिसने भी यह किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। अर्शी ने कहा कि टाइगर एक मशहूर शख्सियत हैं और लोग उनसे बहुत प्यार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनको कुछ हो गया तो छोड़ेंगे थोड़ी। …………………… यह खबर भी पढ़ें… टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद अमाल मलिक ने पूछा- उन्हें क्यों निशाना बनाया, शत्रुघ्न सिन्हा और राहुल ढोलकिया ने उठाए सवाल टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद घटना को लेकर म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने सवाल उठाया था कि आखिर टाइगर को निशाना क्यों बनाया गया। वहीं, रवि किशन, शत्रुघ्न सिन्हा और राहुल ढोलकिया समेत कई सितारों ने घटना पर नाराजगी जताई थी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई थी

रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई थी

रणबीर कपूर ने सच्चाई और अच्छाई के अंत वाले बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि अनजाने में उनकी जुबान फिसल गई थी। यह बयान उन्होंने 20 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में दशहरा कार्यक्रम में दिया था। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। 21 अक्टूबर को चेन्नई में अपनी फिल्म ‘रामायण’ के ग्रैंड म्यूजिकल इवेंट और फुल-एल्बम लॉन्च पर रणबीर ने सफाई दी। रणबीर ने गलती से ये बात कही थी दरअसल, मंगलवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम में रणबीर ने दशहरे का महत्व बताया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, “दशहरा हमें एक बहुत खूबसूरत बात याद दिलाता है कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में अंत सच्चाई और अच्छाई का ही होगा।” गौरतलब है कि फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभाने वाले हैं। लेकिन दशहरा कार्यक्रम में दिए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। एक यूजर ने कमेंट किया, ‘और भाई भगवान राम का किरदार निभा रहा है।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘अब रामायण देखने में डर लग रहा है।’ वहीं, एक यूजर ने रणबीर कपूर के वीडियो पर कमेंट करते हुए ‘डिप्रेशन’ वाला मीम शेयर किया। इवेंट में मांगी माफी चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के कार्यक्रम में रणबीर ने इस विवाद पर बात की। उन्होंने कहा, “मैं कल दशहरा कार्यक्रम में हुई घटना के लिए माफी मांगना चाहता हूं। उस समय मेरी जुबान फिसल गई थी।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कहना चाहता था कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में जीत सच्चाई और अच्छाई की होगी।” एआर रहमान के साथ काम का किया जिक्र रणबीर ने अपनी बात समझाने के लिए संगीतकार एआर रहमान के साथ फिल्म ‘रॉकस्टार’ में किए काम का भी जिक्र किया। उन्होंने फिल्म के एक गाने की पंक्ति का हवाला देते हुए कहा, “जो भी मैं कहना चाहूं, बर्बाद करे अल्फाज मेरे।” रणबीर ने कहा, “इसलिए मैं सच में माफी मांगता हूं।” फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे गाने ‘रावण तांडव’ की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। 1 मिनट 55 सेकंड के गाने में यश, रावण के किरदार में भगवान शिव की भक्ति करते दिख रहे थे। यूजर्स का कहना है कि एआर रहमान का म्यूजिक और कुमार विश्वास के लिखे बोल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कुछ लोगों ने इसकी तुलना ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से की। वहीं, कई यूजर्स ने गाने में जोश और भक्ति की कमी बताई। वहीं कुछ लोगों ने मेकर्स को सलाह दी कि अभी समय है और ‘रामायण’ के दूसरे भाग के लिए संगीतकार की जोड़ी अजय-अतुल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। रामायण के युद्ध वाले सीन्स पर सवाल उठे थे गौरतलब है कि रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया था। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया था। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे थे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया था। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा था, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा था, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा था कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं। 4000 करोड़ के बजट में बन रही दो पार्ट की फिल्म वाल्मीकि रामायण पर आधारित इस फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। नमित मल्होत्रा और यश के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म का पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगा।

रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई

रणबीर कपूर ने अपने बयान पर माफी मांगी:कहा था- सच्चाई और अच्छाई का अंत होगा; ट्रोलिंग के बाद बोले- जुबान फिसल गई थी

रणबीर कपूर ने सच्चाई और अच्छाई के अंत वाले बयान पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अनजाने में उनकी जुबान फिसल गई थी। यह बयान उन्होंने 20 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल में दशहरा कार्यक्रम में दिया था। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। 21 अक्टूबर को चेन्नई में अपनी फिल्म ‘रामायण’ के ग्रैंड म्यूजिकल इवेंट और फुल-एल्बम लॉन्च पर रणबीर ने सफाई दी। रणबीर ने गलती से ये बात कही थी दरअसल, मंगलवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम में रणबीर ने दशहरे का महत्व बताया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, “दशहरा हमें एक बहुत खूबसूरत बात याद दिलाता है कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में अंत सच्चाई और अच्छाई का ही होगा।” गौरतलब है कि फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभाने वाले हैं, लेकिन दशहरा कार्यक्रम में दिए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। एक यूजर ने कमेंट किया, ‘और भाई भगवान राम का किरदार निभा रहा है।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘अब रामायण देखने में डर लग रहा है।’ वहीं, एक यूजर ने रणबीर कपूर के वीडियो पर कमेंट करते हुए ‘डिप्रेशन’ वाला मीम शेयर किया। इवेंट में मांगी माफी चेन्नई में आयोजित ‘रामायण’ के कार्यक्रम में रणबीर ने कहा, “मैं कल दशहरा कार्यक्रम में हुई घटना के लिए माफी मांगना चाहता हूं। उस समय मेरी जुबान फिसल गई थी।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कहना चाहता था कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में जीत सच्चाई और अच्छाई की होगी।” एआर रहमान के साथ काम का किया जिक्र रणबीर ने अपनी बात समझाने के लिए संगीतकार एआर रहमान के साथ फिल्म ‘रॉकस्टार’ में किए काम का भी जिक्र किया। उन्होंने फिल्म के एक गाने की पंक्ति का हवाला देते हुए कहा, “जो भी मैं कहना चाहूं, बर्बाद करे अल्फाज मेरे।” रणबीर ने कहा, “इसलिए मैं सच में माफी मांगता हूं।” ‘रामायण’ की एडवांस बुकिंग से ₹5.44 करोड़ की कमाई फिल्म ‘रामायण’ की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। पहले 24 घंटे में फिल्म के 92 हजार टिकट बिके और बुकिंग से ₹5.44 करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। मुंबई में कुछ रिक्लाइनर सीटों के टिकट की कीमत ₹2,770 तक पहुंच गई है। फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे गाने की आलोचना हुई फिल्म ‘रामायण’ के दूसरे गाने ‘रावण तांडव’ की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। 1 मिनट 55 सेकंड के गाने में यश, रावण के किरदार में भगवान शिव की भक्ति करते दिख रहे थे। यूजर्स का कहना है कि एआर रहमान का म्यूजिक और कुमार विश्वास के लिखे बोल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कुछ लोगों ने इसकी तुलना ‘आदिपुरुष’ के ‘शिव तांडव’ से की। वहीं, कई यूजर्स ने गाने में जोश और भक्ति की कमी बताई। वहीं कुछ लोगों ने मेकर्स को सलाह दी कि अभी समय है और ‘रामायण’ के दूसरे भाग के लिए संगीतकार की जोड़ी अजय-अतुल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। रामायण के युद्ध वाले सीन्स पर सवाल उठे थे गौरतलब है कि रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया था। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया था। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे थे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया था। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा था, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा था, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा था कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं।

Tiger Shroff Firing Case | Sonipat Police Arrests Accused Investigation

Tiger Shroff Firing Case | Sonipat Police Arrests Accused Investigation

टाइगर श्रॉफ केस में पकड़े गए हरियाणा के सोनीपत के कुणाल और सुमित (लाल घेर में)। कुणाल की गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबिता भी अरेस्ट हुई है। बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, हरियाणा कनेक्शन गहराता जा रहा है। इस केस में अब तक राज्य के 7 युवकों के नाम सामने आ चुके हैं। इनमें से शूटर रेहान अंसारी और फूल सिंह समेत 6 आरोपी अकेले सोनीपत जिले के ह . पुलिस की कार्रवाई में लगातार नई गिरफ्तारियां हो रही हैं। बुधवार देर रात मुंबई पुलिस और सोनीपत STF ने देवडू गांव से समीर और नितिन को दबोच लिया। इससे ठीक एक दिन पहले रोहणा के कुणाल, खरखौदा के सुमित और गोहाना के अंकित को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब कुणाल के साथ उसकी गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबीता को भी पकड़ा गया। UP की रहने वाली ये दोनों लड़कियां बहालगढ़ की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और करीब दो महीने पहले ही कुणाल के संपर्क में आई थीं। गिरफ्तार किए गए इन सभी पर एक्टर की रेकी करने, भागने के रास्ते खंगालने, हथियार पहुंचाने और वारदात के बाद शूटर्स की मदद करने का आरोप है। वहीं, गोहाना के शूटर फूल सिंह को लेकर भी बड़ा अपडेट आया है, जिसे पहले नाबालिग समझा जा रहा था, मुंबई पुलिस के मुताबिक उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी पहेली यह है कि हरियाणा के रेहान-फूल सिंह और बिहार के ऋतिक की मुलाकात महज 20 दिन पहले ही हुई थी। इतनी कम अवधि में तीनों का एक साथ आना और इतने बड़े नेटवर्क को इस साजिश में जोड़ लेना, पुलिस की पूरी इन्वेस्टिगेशन का फोकस अब इसी पर है। सोनीपत में सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल करवा देवडू गांव के समीर और नितिन को सोनीपत एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने अरेस्ट किया है पुलिस ने ऐसे जोड़े हथियार सप्लाई करने वालों के कनेक्शन… कुणाल पर दर्ज हैं दो आपराधिक मामले: रोहणा गांव निवासी कुणाल पर पहले से दो आपराधिक केस दर्ज हैं। पहला मामला 4 जून 2024 को खरखौदा थाने में मारपीट, रास्ता रोकने और धमकी देने का दर्ज हुआ था। दूसरा मामला पानीपत के मॉडल टाउन थाने में मनी चेंजर के कार्यालय पर अंधाधुंध फायरिंग और रंगदारी से जुड़ा है। यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर रणदीप मान के इशारे पर किया गया था, जिसमें कुणाल जेल गया था और हाल ही में 15 मई को बाहर आया था। अनिल पंडित ने सौंपी थी हथियार लाने की जिम्मेदारी: पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सुमित के पिता ईंट-भट्टे पर मजदूरी करते हैं। जेल से छूटने के बाद सुमित विदेश में बैठे अनिल पंडित के संपर्क में आया। अनिल पंडित ने ही कुणाल और सुमित को पंजाब के अमृतसर से हथियार लाकर मुंबई भेजने का जिम्मा सौंपा था। इसके बाद दोनों पंजाब के अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आए थे। कुणाल ने प्रेमिका राधा और उसकी सहेली को साजिश में शामिल किया: इस मामले में पुलिस ने कुणाल की प्रेमिका राधा और उसकी सहेली बबीता को भी अरेस्ट किया है। कुणाल और राधा करीब दो महीने पहले एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। राधा, बहालगढ़ (सोनीपत) में बबीता के साथ किराये के कमरे में रहती थी। कुणाल ने इसी बात का फायदा उठाया और दोनों को 15 से 20 हजार रुपये का लालच देकर गिरोह में शामिल कर लिया। इसके बाद इन्हीं दोनों के जरिए वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल और कारतूस मुंबई तक पहुंचाए गए। रोडरेज में घायल कुणाल अस्पताल से गिरफ्तार: कुणाल सोमवार को रोडरेज की एक घटना में घायल हो गया था, जहां कुछ युवकों ने मारपीट कर उसके सिर पर चोट मार दी थी। उसे पहले स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे PGI रोहतक रेफर कर दिया। मंगलवार अलसुबह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया। कुणाल के माता-पिता फैक्ट्री में काम करते हैं। उसकी दादी माया देवी ने बताया कि पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद ही परिजनों को पता चला कि कुणाल इतने बड़े आपराधिक मामले में शामिल है। सुमित की मां आशा ने बताया कि 14 या 15 अक्टूबर को पड़ोस का नीतिन खाटूश्याम जाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गया था सुमित की मां बोलीं- बेटे ने खाटू श्याम जाने की बात कही थी खरखौदा में किराये के मकान में रहने वाला सुमित मूल रूप से रोहतक जिले के रिठाल गांव का निवासी है। वह सोनीपत के खरखौदा में एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम करता है। उसकी मां आशा ने बताया कि 14 या 15 अक्टूबर को पड़ोस का नितिन खाटूश्याम धाम जाने की बात कहकर उनके बेटे को अपने साथ ले गया था। इसके बाद मंगलवार को पुलिस सुमित को अपने साथ ले गई। मां आशा का कहना है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले कुणाल पर अपने बेटे को इस मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। अंकित के पिता राजेश भी मजदूरी करते हैं। उसका परिवार गांव की संकरी गली में बने छोटे से मकान में रहता है। अब जानिए बरोदा के अंकित को क्या मिली थी जिम्मेदारी फायरिंग से पहले एक्टर की रेकी और रूट सर्वे किया: मुंबई पुलिस ने सोनीपत STF की मदद से गोहाना के बरोदा गांव निवासी अंकित को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अंकित ने फायरिंग से पहले एक्टर की रेकी करने के साथ-साथ भागने के रूट का सर्वे भी किया था। इसके अलावा, वारदात के दौरान बाइक चलाने और हमले के बाद शूटरों के भागने की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी भी उसी को सौंपी गई थी। रेहान और फूल सिंह से पूछताछ में सामने आया नाम: सोनीपत के देवडू गांव निवासी रेहान अंसारी और गोहाना निवासी फूल सिंह से पूछताछ के दौरान अंकित का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक, रेहान, फूल सिंह और अंकित फायरिंग की वारदात से पहले एक साथ ही थे। नेपाल जाकर तलाशा था छिपने का ठिकाना: पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अंकित मुंबई जाने

Air Chief Marshal AP Singh Retirement & Ladakh First Medical College News

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Hindi News Career Air Chief Marshal AP Singh Retirement & Ladakh First Medical College News 5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. वायु सेना प्रमुख एपी सिंह की ‘किरण’ विमान में अंतिम उड़ान 20 अक्टूबर को वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ‘HJT-16 किरण मार्क-1 ट्रेनर विमान विमान में अपनी आखिरी उड़ान पूरी की। तेलंगाना के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी से चीफ मार्शल सिंह अपने पहले ट्रेनर विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) के साथ विमान संख्या ‘U 707’ में सवार हुए। देश में यह पहली बार किसी चीफ एयर मार्शल ने अपने करियर के शुरुआत में उड़ाने वाले प्लेन को आखिरी बार उड़ाकर रिटायरमेंट लिया है। एकेडमी में लैंडिंग के बाद सिंह को पारंपरिक ‘वाटर केन सैल्यूट’ देकर सम्मानित किया गया। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने शुरुआती करियर यानी 28 जनवरी 1984 को किरण विमान से ही फ्लाइंग ट्रेनिंग शुरू की थी। चीफ एयर मार्शल एपी सिंह भारतीय वायुसेना के 28वें प्रमुख हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2024 को ये पद संभाला था एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को रिटायर हो रहे हैं। किरण विमान- HJT-16 किरण विमान का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने किया था। किरण विमान लंबे समय तक वायु सेना की ‘सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम’ का हिस्सा रहा है। वर्तमान में किरण विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए ‘HTT-40’ और ‘HTT’ ट्रेनर लाए जा रहे हैं। किरण विमान से भारतीय वायु सेना के हजारों लड़ाकू पायलटों को बुनियादी जेट ट्रेनिंग दी जाती है। 2. जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने देश का सबसे बड़ा IPO ओपन किया 21 अक्टूबर को जियो (JIO) प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने देश का सबसे बड़ा IPO ओपन किया। एक शेयर की कीमत यानी प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 है। इसमें कम से कम ₹13,428 का निवेश करना होगा। ग्रे मार्केट प्रीमियम के हिसाब से लिस्टिंग पर 22% रिटर्न मिल सकता है। ये IPO 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज कंपनी 27 करोड़ शेयर जारी कर रही है। कंपनी इसके जरिए 30,188 करोड़ रुपए जुटाएगी। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹10.30 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। हालांकि, कर्मचारियों और शेयरहोल्डर्स के लिए ₹3,000 करोड़ के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। एम्प्लॉइज के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं और कर्मचारियों को हर शेयर पर ₹54 की छूट भी मिलेगी। एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए ₹2,500 करोड़ तक का कोटा है। रिटेल इंवेस्टर मिनिमम एक लॉट यानी 12 शेयर के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 3. लद्दाख में पहला मेडिकल कॉलेज शुरू होगा 21 अक्टूबर को भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने लेह में लद्दाख के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को एकेडमिक ईयर 2027-28 से शुरू करने की मंजूरी दी। इस मंजूरी से एकेडमिक जरूरतों के लिए 103 स्वीकृत नियमित पदों पर भर्ती प्रोसेस शुरू होगी। स्टूडेंट्स को लेह के 200 बेड वाले सोनम नॉर्बू मेमोरियल (SNM) अस्पताल में क्लिनिकल ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव है। कॉलेज की शुरुआत में दो नवनिर्मित भवनों का उपयोग एकेडमिक ब्लॉक और स्टूडेंट्स के हॉस्टल के तौर ओर किया जाएगा। इस मेडिकल कॉलेज का उद्देशय लद्दाख में मेडिकल एजुकेशन की सुविधा उपलब्ध कराना और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना। बता दें कि लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से भर्ती संबंधी नियमों में एक बार की छूट देने का अनुरोध किया था। इसके बाद बुनियादी ढांचे का लगभग 80% काम पूरा होने की शर्त में छूट दी गई, जिससे भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सके। 4. भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की बैठक हुई 20 अक्टूबर को भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने पूर्वी लद्दाख के चुशुल में एक समिट आयोजित की। चुशुल सेक्टर, पूर्वी लद्दाख का रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पैंगोंग और स्पांगगुर झीलों के पास है। इस बैठक का आयोजन भारतीय सेना की ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ (Fire and Fury Corps) ने किया था। इस समिट में बॉर्डर मैनेजमेंट और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा हुई और इसमें बॉर्डर को मजबूत करने और देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए दोनों बलों के बीच बातचीत हुई। इस बैठक में सर्दियों के मौसम में ऊंचाई वाले इलाकों में गश्त तथा सीमा से जुड़ी चुनौतियों पर भी बात हुई। इस समिट में दोनों बलों ने आपसी तालमेल, समन्वय और सहयोग पर बात की। इस बातचीत ने सीमा से जुड़ी चुनौतियों पर बात हुई। ITBP की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। यह भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करने वाला विशेष सशस्त्र पुलिस बल है। भारतीय वायु सेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। मिसलीनियस 3. UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर लिस्ट में भारत की 3 धरोहर को लिस्ट किया 21 अक्टूबर को यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर ने भारत की 3 नई जगहों को लिस्ट में शामिल किया गया है। इन तीन जगहों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का ‘बाराटांग का कार्स्ट-मड-ज्वालामुखी कॉम्प्लेक्स’ अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी और छत्तीसगढ़ में स्थित ‘सिरपुर सांस्कृतिक शामिल हैं। यूनेस्को की सम्भावित लिस्ट में शामिल होना किसी स्थल को अंतिम विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिलने का पहला चरण होता है। पेरिस स्थित यूनेस्को ने भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए इसकी जानकारी दी। किसी भी जगह को ‘वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट’ (World Heritage List) में नॉमिनेशन के पहले ‘संभावित लिस्ट’ में शामिल किया जाना एक जरूरी शर्त होती है। बाराटांग का कार्स्ट-मड-ज्वालामुखी कॉम्प्लेक्स यह स्थल अपनी अनोखी चूना-पत्थर की गुफाओं और भारत के एकमात्र मिट्टी के एक्टिव ज्वालामुखियों (Mud Volcanoes) के लिए प्रसिद्ध है। अंडमान सबडक्शन ज्वालामुखी ये दक्षिण एशिया का एकमात्र एक्टिव ज्वालामुखी है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 354 मीटर है। सिरपुर सांस्कृतिक महासमुंद जिले में महानदी के तट पर स्थित सिरपुर सांस्कृतिक और पुरातात्विक परिदृश्य प्राचीन काल में ‘श्रीपुर’ के नाम से प्रसिद्ध था। ये स्थल हिंदू, बौद्ध, जैन और शैव संस्कृति का अद्भुत संगम है। भारत में अब तक 45 यूनेस्को विश्व धरोहर जुलाई 2026 में सारनाथ के प्राचीन बौद्ध स्थल को शामिल किए जाने

Kader Khan Birth Anniversary | Struggle, Iconic Dialogues & Acting Career

Kader Khan Birth Anniversary | Struggle, Iconic Dialogues & Acting Career

22 मिनट पहले कॉपी लिंक “हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है…” ये डायलॉग अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया, लेकिन हिंदी सिनेमा के ऐसे कई यादगार संवादों के पीछे कादर खान की कलम थी। पर्दे पर अपनी अदाकारी और संवादों से कभी हंसाने, कभी रुलाने, तो कभी खलनायक बनकर डराने वाले कादर खान की निजी जिंदगी संघर्षों से भरी थी। काबुल में जन्मे कादर खान का परिवार अनहोनी के डर से भारत आ गया। बॉम्बे के कमाठीपुरा की तंग गलियों में गरीबी का आलम ये था कि बचपन में उन्हें मस्जिद के बाहर बैठकर भीख मांगनी पड़ी। लेकिन जिस उम्र में बच्चे खेलते हैं, उस उम्र में कादर खान अपने हुनर को आवाज दे रहे थे। कब्रिस्तान में खड़े होकर फिल्मी डायलॉग बोलते कादर पर एक थिएटरकर्मी की नजर पड़ी और यहीं से उनके रंगमंच तक पहुंचने का रास्ता खुला। आगे चलकर यही हुनर उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित संवाद लेखकों और अभिनेताओं में ले आया। आज कादर खान की बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए, संघर्षों से शोहरत तक पहुंचे उस कलाकार की जिंदगी के चुनिंदा किस्से, जिसने पर्दे पर लाखों चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, लेकिन खुद की जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया- किस्सा- 1 3 भाइयों की मौत हुई, मां की जिद पर अफगानिस्तान से भारत आया परिवार 22 अक्टूबर 1937, कादर खान का जन्म काबुल, अफगानिस्तान में हुआ। पिता मौलवी थे। कादर खान के 3 बड़े भाई थे। सबसे बड़ा भाई 8 साल का हुआ, तो उसकी मौत हो गई। दूसरे, तीसरे के साथ भी ठीक यही हुआ। ऐसे में जब कादर की उम्र बढ़ने लगी, तो मां डर गईं। उन्होंने पति से साफ कहा- ये जगह मेरे बच्चों के लिए ठीक नहीं, कहीं दूर चलते हैं। उनकी फिक्र समझकर पिता ने एक फौजी गाड़ी में जरूरत का सामान रखा और परिवार के साथ बॉम्बे आ गए। तंगहाली के दिन थे, ऐसे में परिवार ने बॉम्बे की कमाठीपुरा बस्ती में पनाह ली। ये बॉम्बे का सबसे बदनाम इलाका माना जाता था। हर रोज चोरी-चकारी, हत्या होना आम बात थी। प्रोस्टिट्यूशन के लिए भी ये इलाका बदनाम था। किस्सा- 2 तंगहाली के बीच पिता छोड़कर गए, मस्जिदों में भीख मांगते थे कादर खान बदलती तारीखों के साथ जमापूंजी खत्म होने लगी। पिता और मां के भी गुरबत में झगड़े बढ़ने लगे और जब कादर 2 साल के हुए, तो पिता उन्हें छोड़कर चले गए और बॉम्बे में ही रहकर एक मस्जिद के इमाम बन गए। पिता के जाने की खबर जब बलूचिस्तान में ननिहाल पहुंची, तो नाना-मामूजान एक फरमान के साथ बॉम्बे आ गए। साफ कहा गया, अकेली जवान औरत एक बच्चे के साथ इस बदनाम मोहल्ले में अकेली नहीं रहेगी। यहां रहना है, तो दूसरा निकाह करना होगा। आनन-फानन में जबरदस्ती मां का दूसरा निकाह करवाया गया। सौतेले पिता के पास भी कोई कमाई का जरिया नहीं था। भूख से परेशान मां ने आसपास के लोगों से मांगकर गुजारा किया। कादर ने होश संभाला, तो मां ने बताया कि उनके पिता डोंगरी के टेनटेनपुरा की मस्जिद के इमाम हैं। जब भी घर में खाना नहीं होता, तो कादर कई किलोमीटर पैदल चलकर पिता के पास जाते और उनसे 2 रुपए मांगते। पिता से जवाब मिलता- मेरे पास भी पैसे नहीं हैं। ऐसे में कादर मस्जिद के बाहर ही भीख मांगते। दिन भर में जो भी भीख या खाना मिलता, उससे गुजारा होता। कुछ दिन खाना मिलता, तो कुछ दिन भूखे पेट ही रात गुजरती। कुछ महीने बाद सौतेले पिता भी उन्हें छोड़कर चले गए। किस्सा- 3 मजदूरी करने निकले, तो मां ने कहा- मैं मुसीबत से लड़ूंगी, तू पढ़ तंगहाली में मां ने उनका दाखिला स्कूल में करवाया, लेकिन तब घर की हालत और बिगड़ने लगी। एक दिन पड़ोस में रहनेवाले लड़कों ने कहा- ‘क्या रखा है पढ़ाई में, कारखाने चल, साथ में मजदूरी कर, 2-5 रुपए मिलेंगे।’ कादर ने उस दिन घर आकर बस्ता फेंका और कारखाने के लिए निकलने लगे, तभी मां के हाथ ने कंधा रोक दिया। पलटे तो मां ने तुरंत कहा- ‘मैं जानती हूं, तू कहां जा रहा है। तू इनके साथ 4-5 रुपए कमाने जा रहा है। बेटा, इस 4-5 रुपए से घर में खुशियां- रोटी नहीं आएंगी। तुझे वाकई हमदर्दी है, तो तू खुशियां ला सकता है। तू पढ़, तू कुछ मत कर, मैं हूं, मैं मुसीबतों से जंग करूंगी।’ मां की समझाइश पर कादर खान ने पढ़ाई में खूब मन लगाया। बचपन के ये किस्से कादर खान ने लहरें रेट्रो को दिए इंटरव्यू में सुनाए थे। किस्सा- 4 कब्रिस्तान में जाकर डायलॉग बोलते थे, तभी मिला पहले प्ले का ऑफर कादर खान को बचपन से ही लोगों की नकल उतारने में बड़ा मजा आता था। लेकिन वो ये काम अकेले में करते थे। मां जब भी उन्हें नमाज पढ़ने मस्जिद भेजती, तो वो बस्ती की भीड़ से बचते हुए कब्रिस्तान जाते और कब्रों के बीच खड़े होकर जोर-जोर से लोगों की आवाजों की नकल उतारते और फिल्मी डायलॉग बोलते। 8 साल की उम्र में एक दिन वो तेज-तेज फिल्म का डायलॉग बोल रहे थे, तभी कब्रिस्तान की दीवार की आड़ में खड़े अशरफ खान ने उनकी आवाज सुन ली, जो थिएटर से जुड़े थे और प्ले करते थे। आवाज की भारीपन उन्हें नजदीक ले गई। उन्हें कादर का हुनर भांपने में देर न लगी और उन्होंने झट से पूछ लिया- नाटक में काम करोगे। कादर ने भी तुरंत हामी भर दी और ऐसे उनका परिचय मंच से हुआ। चंद रुपए भी मिलने लगे, घर की माली हालत भी सुधरने लगी, लेकिन कादर ने पढ़ाई को भी पूरी तवज्जो दी और म्युनिसिपल स्कूल से मैट्रिक पास कर उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग के जरिए पढ़ाई जारी रखी। साथ ही वो प्ले का भी हिस्सा बनते रहे। पढ़ाई पूरी करते हुए वो बायकला के एम.एच.साबू सिद्दीक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पढ़ाने लगे। कॉलेज में वो अनोखे और आसान अंदाज में पढ़ाने के लिए जाने जाते थे। दूसरी तरफ प्ले में अभिनय करने के साथ वो प्ले लिखने और डायरेक्शन का काम करने से भी चर्चा में आ रहे थे। किस्सा- 5 प्ले करते हुए फिल्ममेकर ने डायलॉग लिखने का दिया मौका, 3 घंटे में लिखी फिल्म