इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद

एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले अक्षय कुमार, अदनान सामी, दिलजीत दोसांझ जैसे कई सेलेब्स की नागरिकता विवादों में रही है। कुछ ने विदेशों के बाद भारतीय नागरिकता ली, तो कुछ ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी। इनके अलावा आलिया भट्ट, कटरीना कैफ जैसे कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जो सालों से भारत में काम कर रहे हैं, लेकिन उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है। इमरान खान के हालिया विवाद के बीच जानिए सिटिजनशिप से जुड़े सेलेब्स के विवादों की कहानी- पहले इमरान खान को भारत से निकाले जाने की सही वजह समझिए- नागरिकता से जुड़े सेलेब्स के ये 3 बड़े विवाद भी पढ़िए- 1. दिलजीत दोसांझ ने भारतीय नागरिकता छोड़ी, अब अमेरिकन सिटिजन हैं अमर सिंह चमकीला, गुड न्यूज और बॉर्डर 2 जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े दिलजीत के पास 2018 तक भारतीय नागरिकता थी, हालांकि 2022 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता ले ली। तब से अब तक वह अमेरिकी पासपोर्ट होल्डर हैं। भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है, इसलिए वे अब भारत आने के लिए ई-वीजा का उपयोग करते हैं और उनके पास ओसीआई (OCI) कार्ड भी नहीं है। 2. अक्षय कुमार के पास थी कनाडाई नागरिकता, विवादों के बीच इंडियन सिजिटनशिप हासिल की अक्षय कुमार की नागरिकता का विवाद 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ा मुद्दा बना। दरअसल, अमृतसर में जन्में अक्षय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में कनाडा की नागरिकता हासिल की थी। उन्हें भारत में अच्छा काम नहीं मिल रहा था, ऐसे में वो कनाडा के नागरिक बनकर वहीं काम करने लगे। बाद में भारत में उनका फिल्मी करियर फिर चल निकला, लेकिन उन्होंने कनाडाई नागरिकता ही रखी और डॉक्यूमेंटेशन नहीं करवाया। वह लगातार कनाडा के पासपोर्ट से ही ट्रेवल करते थे। विवाद पर अक्षय का जवाब रहा कि उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कनाडाई पासपोर्ट रखने की बात नहीं छिपाई। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय होने पर बार-बार सफाई देना उन्हें दुख पहुंचाता है। विवादों के बीच अक्षय कुमार ने भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए आवेदन किया। 15 अगस्त 2023 को उन्हें भारतीय नागरिकता मिलने की पुष्टि हुई। उन्होंने कनाडाई नागरिकता छोड़ दी। 3. अदनान सामी लंदन में जन्में, पाकिस्तानी नागरिकता ली, फिर भारतीय नागरिकता बने अदनान सामी का जन्म लंदन में हुआ था और वे पाकिस्तानी नागरिक रहे। बाद में उन्होंने भारतीय नागरिकता हासिल की। दरअसल, 2001 में अदनान सामी पाकिस्तान से भारत आए थे। भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्ते होने के चलते उनका पाकिस्तानी नागरिकता के साथ भारत में रहकर काम करना विवादों में रहा। 2015 में जब उनके पाकिस्तानी पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो गई, तो उन्होंने भारत में रहने और भारतीय नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। 1 जनवरी 2016 को उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई। इसके बाद वे आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिक बन गए। भारत में दोहरी नागरिकता का क्या नियम है? भारत में नागरिकता को लेकर एक अहम कानूनी व्यवस्था है। भारतीय संविधान और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारत और किसी दूसरे देश की नागरिकता एक साथ रखने की सामान्य अनुमति नहीं है, जबकि दूसरे कुछ देशों में दोहरी नागरिकता रखी जा सकती है। यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करता है, तो नागरिकता अधिनियम की धारा 9 के तहत उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। इन सेलेब्स के पास अब भी नहीं है भारतीय नागरिकता कैटरीना कैफ- ब्रिटिश नागरिक हांगकांग में जन्मीं कैटरीना की मां ब्रिटिश हैं। वह ब्रिटिश नागरिकता रखती हैं। आलिया भट्ट- ब्रिटिश नागरिक मुंबई में जन्मीं आलिया के पास ब्रिटिश नागरिकता है। उनकी मां सोनी राजदान का जन्म ब्रिटेन में हुआ था। जैकलीन फर्नांडिस- श्रीलंकाई नागरिक जैकलीन का जन्म बहरीन में हुआ था। उन्होंने 2006 में मिस यूनिवर्स श्रीलंका का खिताब जीता और बाद में बॉलीवुड में करियर बनाया। नोरा फतेही- कनाडाई नागरिक नोरा का जन्म कनाडा में हुआ और उनकी पारिवारिक जड़ें मोरक्को से जुड़ी हैं। उन्होंने हिंदी फिल्मों, डांस नंबर्स और रियलिटी शोज से लोकप्रियता हासिल की। सनी लियोनी- कनाडाई और अमेरिकी नागरिकता सनी लियोनी का जन्म कनाडा में हुआ था। उन्होंने भारतीय मनोरंजन जगत में फिल्मों, रियलिटी टीवी और अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए पहचान बनाई। उनकी नागरिकता को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में कनाडाई और अमेरिकी नागरिकता का उल्लेख मिलता है। कल्कि कोचलिन- फ्रांस की नागरिकता कल्कि कोचलिन का जन्म पुडुचेरी में हुआ था। वह फ्रांस की नागरिक हैं और भारतीय फिल्मों में लंबे समय से काम कर रही हैं। उन्हें ‘देव डी’ से पहचान मिली। वह ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ और ‘ये जवानी है दीवानी’ में भी नजर आईं। इलियाना डिक्रूज- पुर्तगाल की नागरिकता इलियाना डिक्रूज ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्मों से की थी। बाद में उन्होंने बॉलीवुड में भी पहचान बनाई। उनकी हिंदी फिल्मों में ‘बर्फी!’, ‘मैं तेरा हीरो’, ‘रुस्तम’ और ‘रेड’ शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास पुर्तगाल की नागरिकता है।
इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद

एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले अक्षय कुमार, अदनान सामी, दिलजीत दोसांझ जैसे कई सेलेब्स की नागरिकता विवादों में रही है। कुछ ने विदेशों के बाद भारतीय नागरिकता ली, तो कुछ ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी। इनके अलावा आलिया भट्ट, कटरीना कैफ जैसे कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जो सालों से भारत में काम कर रहे हैं, लेकिन उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है। इमरान खान के हालिया विवाद के बीच जानिए सिटिजनशिप से जुड़े सेलेब्स के विवादों की कहानी- पहले इमरान खान को भारत से निकाले जाने की सही वजह समझिए- नागरिकता से जुड़े सेलेब्स के ये 3 बड़े विवाद भी पढ़िए- 1. दिलजीत दोसांझ ने भारतीय नागरिकता छोड़ी, अब अमेरिकन सिटिजन हैं अमर सिंह चमकीला, गुड न्यूज और बॉर्डर 2 जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े दिलजीत के पास 2018 तक भारतीय नागरिकता थी, हालांकि 2022 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता ले ली। तब से अब तक वह अमेरिकी पासपोर्ट होल्डर हैं। भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है, इसलिए वे अब भारत आने के लिए ई-वीजा का उपयोग करते हैं और उनके पास ओसीआई (OCI) कार्ड भी नहीं है। 2. अक्षय कुमार के पास थी कनाडाई नागरिकता, विवादों के बीच इंडियन सिजिटनशिप हासिल की अक्षय कुमार की नागरिकता का विवाद 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ा मुद्दा बना। दरअसल, अमृतसर में जन्में अक्षय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में कनाडा की नागरिकता हासिल की थी। उन्हें भारत में अच्छा काम नहीं मिल रहा था, ऐसे में वो कनाडा के नागरिक बनकर वहीं काम करने लगे। बाद में भारत में उनका फिल्मी करियर फिर चल निकला, लेकिन उन्होंने कनाडाई नागरिकता ही रखी और डॉक्यूमेंटेशन नहीं करवाया। वह लगातार कनाडा के पासपोर्ट से ही ट्रेवल करते थे। विवाद पर अक्षय का जवाब रहा कि उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कनाडाई पासपोर्ट रखने की बात नहीं छिपाई। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय होने पर बार-बार सफाई देना उन्हें दुख पहुंचाता है। विवादों के बीच अक्षय कुमार ने भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए आवेदन किया। 15 अगस्त 2023 को उन्हें भारतीय नागरिकता मिलने की पुष्टि हुई। उन्होंने कनाडाई नागरिकता छोड़ दी। 3. अदनान सामी लंदन में जन्में, पाकिस्तानी नागरिकता ली, फिर भारतीय नागरिकता बने अदनान सामी का जन्म लंदन में हुआ था और वे पाकिस्तानी नागरिक रहे। बाद में उन्होंने भारतीय नागरिकता हासिल की। दरअसल, 2001 में अदनान सामी पाकिस्तान से भारत आए थे। भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्ते होने के चलते उनका पाकिस्तानी नागरिकता के साथ भारत में रहकर काम करना विवादों में रहा। 2015 में जब उनके पाकिस्तानी पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो गई, तो उन्होंने भारत में रहने और भारतीय नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। 1 जनवरी 2016 को उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई। इसके बाद वे आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिक बन गए। भारत में दोहरी नागरिकता का क्या नियम है? भारत में नागरिकता को लेकर एक अहम कानूनी व्यवस्था है। भारतीय संविधान और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारत और किसी दूसरे देश की नागरिकता एक साथ रखने की सामान्य अनुमति नहीं है, जबकि दूसरे कुछ देशों में दोहरी नागरिकता रखी जा सकती है। यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करता है, तो नागरिकता अधिनियम की धारा 9 के तहत उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। इन सेलेब्स के पास अब भी नहीं है भारतीय नागरिकता कैटरीना कैफ- ब्रिटिश नागरिक हांगकांग में जन्मीं कैटरीना की मां ब्रिटिश हैं। वह ब्रिटिश नागरिकता रखती हैं। आलिया भट्ट- ब्रिटिश नागरिक मुंबई में जन्मीं आलिया के पास ब्रिटिश नागरिकता है। उनकी मां सोनी राजदान का जन्म ब्रिटेन में हुआ था। जैकलीन फर्नांडिस- श्रीलंकाई नागरिक जैकलीन का जन्म बहरीन में हुआ था। उन्होंने 2006 में मिस यूनिवर्स श्रीलंका का खिताब जीता और बाद में बॉलीवुड में करियर बनाया। नोरा फतेही- कनाडाई नागरिक नोरा का जन्म कनाडा में हुआ और उनकी पारिवारिक जड़ें मोरक्को से जुड़ी हैं। उन्होंने हिंदी फिल्मों, डांस नंबर्स और रियलिटी शोज से लोकप्रियता हासिल की। सनी लियोनी- कनाडाई और अमेरिकी नागरिकता सनी लियोनी का जन्म कनाडा में हुआ था। उन्होंने भारतीय मनोरंजन जगत में फिल्मों, रियलिटी टीवी और अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए पहचान बनाई। उनकी नागरिकता को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में कनाडाई और अमेरिकी नागरिकता का उल्लेख मिलता है। कल्कि कोचलिन- फ्रांस की नागरिकता कल्कि कोचलिन का जन्म पुडुचेरी में हुआ था। वह फ्रांस की नागरिक हैं और भारतीय फिल्मों में लंबे समय से काम कर रही हैं। उन्हें ‘देव डी’ से पहचान मिली। वह ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ और ‘ये जवानी है दीवानी’ में भी नजर आईं। इलियाना डिक्रूज- पुर्तगाल की नागरिकता इलियाना डिक्रूज ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्मों से की थी। बाद में उन्होंने बॉलीवुड में भी पहचान बनाई। उनकी हिंदी फिल्मों में ‘बर्फी!’, ‘मैं तेरा हीरो’, ‘रुस्तम’ और ‘रेड’ शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास पुर्तगाल की नागरिकता है। भारतीय नागरिकता नहीं, तो भारत में कैसे काम करते हैं सेलेब्स? 3 पॉइंट्स में जानिए- 1. OCI कार्ड से मिलती है भारत में रहने की सुविधा आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ और इमरान खान जैसे भारतीय मूल के कुछ कलाकारों के पास विदेशी नागरिकता है। पात्र विदेशी नागरिक OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड के जरिए भारत में रहने और कई तरह की आर्थिक, शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने की सुविधाएं पा सकते हैं। हालांकि, OCI भारतीय नागरिकता नहीं है और इसके साथ राजनीतिक अधिकार नहीं मिलते। 2. फिल्मों में काम करने के लिए क्या जरूरी है? विदेशी नागरिकों के लिए भारत में काम करने की अनुमति उनकी नागरिकता, इमिग्रेशन स्टेटस और लागू नियमों पर निर्भर करती है। OCI कार्डधारकों को भारत में आर्थिक, शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों के लिए सामान्य विदेशी नागरिकों से अलग सुविधाएं मिलती हैं। वहीं, अन्य विदेशी कलाकारों को अपने काम और भारत में रहने की स्थिति के अनुसार लागू वीजा और अनुमति संबंधी नियमों का पालन करना होता है। 3. विदेशी नागरिकता का मतलब भारत में सभी अधिकार मिलना नहीं विदेशी पासपोर्ट रखने वाले
सलमान खान बोले- मेरे बच्चे जरूर होंगे:शादी के फैसले पर भी बात की, संजय दत्त बोले- हमें भी गोद में छोटा सलमान चाहिए

शो ‘कॉफी विद करण’ में सलमान खान ने कहा कि भविष्य में उनके बच्चे जरूर होंगे। बुधवार को जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हुए शो के पहले एपिसोड में सलमान ने शादी, अकेलेपन और निजी जिंदगी पर बात की। सलमान खान करण जौहर के चैट शो ‘कॉफी विद करण 9’ के पहले एपिसोड में नजर आए। शो में करिश्मा कपूर भी पहुंची थीं। बातचीत के दौरान सलमान ने शादी, जीवनसाथी, पिता बनने की इच्छा और अपनी जिंदगी पर फिल्म बनाए जाने से जुड़े सवालों के जवाब दिए। करण जौहर ने सलमान से पिता बनने की इच्छा के बारे में पूछा। इस पर एक्टर ने कहा कि किसी न किसी समय उनके बच्चे जरूर होंगे। उन्होंने करण के बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनके लिए खुश हैं और उन्हें पिता बनने का अनुभव मिला है। शादी को लेकर सलमान ने करण से कहा कि किसी ने आपको उससे नहीं रोका करण। मुझे भी किसी ने नहीं रोका, यह बस इतना है कि आपने खुद को रोका और मैंने खुद को रोका, तो आप यह शिकायत नहीं कर सकते कि मैं यह चाहता था और पूरी दुनिया मेरे खिलाफ हो गई और यही कारण है कि मैं किसी साथी के साथ नहीं रह सका। मैं किसी को दोष नहीं दे सकता, यह मेरा फैसला है और मैं उस फैसले से खुश हूं। लेकिन हां, बच्चे आएंगे। ‘मैं वर्जिन हूं’ वाले बयान पर दी सफाई करण ने सलमान से उनके करीब 13 साल पुराने ‘मैं वर्जिन हूं’ वाले बयान के बारे में भी पूछा। सलमान ने कहा कि वह अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात नहीं करना चाहते थे। उनके मुताबिक, किसी रिश्ते के बारे में सार्वजनिक रूप से बात करते समय यह पता नहीं होता कि सामने वाला व्यक्ति भविष्य में भी आपकी जिंदगी का हिस्सा रहेगा या नहीं। सलमान ने अपने पिता सलीम खान की सीख भी याद की। उन्होंने बताया कि उनके पिता कहते थे कि निजी जिंदगी बेडरूम की तरह है और पूरी दुनिया लिविंग रूम की तरह। यानी सार्वजनिक जीवन में सबके सामने बात की जा सकती है, लेकिन निजी जिंदगी की बातें निजी ही रहनी चाहिए। संजय दत्त ने भी बच्चों को लेकर की बात शो में संजय दत्त का एक वीडियो भी दिखाया गया। इसमें उन्होंने कहा, “उन्हें (सलमान) बच्चों से बहुत प्यार है। हम चाहते हैं कि वे अपनी जिंदगी में सेटल हो जाएं। हम तो यह भी चाहते हैं कि उनके बच्चे हों, ताकि हमारी गोद में एक छोटा सलमान आ सके। हमें एक बच्चा दो! वैसे भी, शादी करके क्यों फंसना? हम सभी शादीशुदा लोग तो पहले से ही फंसे हुए हैं। मुझे तुम पर हमेशा गर्व रहेगा और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं।” सलमान की बायोपिक नहीं बनेगी रैपिड फायर राउंड के दौरान करिश्मा कपूर ने सलमान से पूछा कि अगर उनकी जिंदगी पर बायोपिक बने, तो वह किस डायरेक्टर को चुनेंगे। इस पर सलमान ने सूरज बड़जात्या, कबीर खान, संजय लीला भंसाली और डेविड धवन के नाम लिए। सलमान ने कहा कि अगर उनकी जिंदगी पर कॉमेडी फिल्म बने, तो डेविड धवन सही रहेंगे। पारंपरिक और दर्दभरी प्रेम कहानी के लिए उन्होंने संजय लीला भंसाली का नाम लिया। कई खूबसूरत प्रेम कहानियों के लिए सूरज बड़जात्या और एक्शन से भरपूर प्रेम कहानी के लिए कबीर खान को बेस्ट बताया। हालांकि, इसके बाद सलमान ने साफ किया कि उनकी जिंदगी पर बायोपिक कभी नहीं बनेगी। उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी मेरी कब्र तक जाएगी।” कमरे में किसी की मौजूदगी महसूस होती थी: सलमान शो में सलमान खान ने बताया कि उन्हें अपने कमरे में हमेशा किसी की मौजूदगी का एहसास होता था। उन्होंने कहा कि कई बार उनकी अलमारी अपने आप खुल जाती थी और अचानक म्यूजिक बजने लगता था। हालांकि, सलमान के मुताबिक, उन्हें कभी इससे डर नहीं लगा, क्योंकि उस मौजूदगी ने उन्हें कभी नुकसान नहीं पहुंचाया। करण जौहर ने ‘कुछ कुछ होता है’ की कहानी सुनाने के लिए सलमान के घर जाने का किस्सा याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय पूरा परिवार एक साथ रहता था। सलमान का कमरा काफी छोटा था, जिसमें एक क्लोजेट, अलमारी और बिस्तर था। करण की बात बीच में काटते हुए सलमान ने कहा, “तुम्हें पता है, मैं कभी उस कमरे में अकेले नहीं था? उस कमरे में हमेशा मेरे साथ कोई रहता था, जिसे मैंने कभी देखा नहीं। सिर्फ सुना और अपने पीछे महसूस किया है।” सलमान ने आगे बताया कि जब भी वह कमरे से बाहर आते, तो लाइटें अपने आप जलने-बुझने लगती थीं, अलमारियां खुल जाती थीं और म्यूजिक बजने लगता था। उन्होंने बाथरूम में रहते हुए भी अलमारी के पास किसी की मौजूदगी महसूस करने का जिक्र किया। करण ने पूछा कि क्या उन्हें वहां भूत-प्रेत होने का एहसास हुआ था? इस पर सलमान ने कहा कि उन्हें भूत-प्रेत नहीं, बल्कि किसी की मौजूदगी महसूस होती थी। उन्होंने दोहराया कि उन्हें इससे कभी डर नहीं लगा, क्योंकि उस मौजूदगी ने उन्हें कभी नुकसान नहीं पहुंचाया।
NEET Paper Leak | Nandan Nilekani Task Force Exam Reform Suggestion

Hindi News Career NEET Paper Leak | Nandan Nilekani Task Force Exam Reform Suggestion 8 मिनट पहले कॉपी लिंक NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा में सुधार के लिए बनाई गई हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के प्रमुख और इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि ने मंगलवार यानी 13 अक्टूबर को पेपर लीक को रोकने का एक सुझाव दिया, जिसमें कहा गया है कि यदि केश्चन पेपर का एक बैंक बनाया जाए और एग्जाम वाले दिन ही लास्ट मोमेंट पर केश्चन पेपर तैयार किया जाए। 25 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के बड़े विरोध-प्रदर्शन के बाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद, पीएम नरेंद्र मोदी ने 6 सदस्यों वाली एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाई गई है। जब पेपर बनता है, तो बिकने के लिए तैयार हो जाता है नीलेकणी के मुताबिक, ‘जब आप एक पेपर बनाते हैं, तो वह बिकने के लिए तैयार हो जाता है, यानी पेपर लीक की समस्या सिर्फ सुरक्षा की नहीं, सिस्टम की है। इसलिए इसका तरीका ये है कि क्वेश्चन पेपर का एक बहुत बड़ा बैंक हो और उस दिन के लिए क्वेश्चन पेपर आखिरी समय में बनाया जाए। नीलेकणी ने AI एग्जाम पेपर सेट कर सकता है क्या तो इसका जवाब भी हां में दिया। इससे क्वेश्चन पेपर बाहर नहीं जाएगा और इसके लिए कोई पैसे का लालच भी नहीं होगा। नीलेकणी ने नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में बातचीत के दौरान ये बात कही। नीलेकणी की अगुवाई वाली टास्क फोर्स का सुझाव पुरानी कमेटियों की 101 सिफारिशों से बिल्कुल अलग है। हालांकि नीलेकणी ने रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि पीएम उनके फैसले को लागू करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। NEET-UG पेपर लीक कमेटी के प्रमुख के 7 सुझाव नीलेकणी ने कहा- अगर पेपर लीक की समस्या को सिस्टम के नजरिए से देखा जाए और इसकी जड़ तक जाया जाए, तो यह एक ऐसी समस्या है जिसे हल किया जा सकता है। क्या इन सिफारिशों को लागू करना आसान होगा नीलेकणी ने कहा कि पेपर को एक दिन पहले ही तैयार किया जाए। हालांकि इसमें एक अलग तरह का खतरा शामिल हो जाएगा। जब पेपर फिजिकल होता है तो उसकी खरीद फरोख्त के चांस बढ़ जाते हैं लेकिन जब पेपर डिजिटल होगा तो तो लीक का खतरा प्रिंटिंग प्रेस से हटकर सर्वर और नेटवर्क पर आ जाएगा। साथ ही हैकिंग, डेटा चोरी और इंटरनल थ्रेट जैसे नए जोखिम खड़े हो जाएंगे। इसके साथ ही केश्चन पेपर की क्वालिटी पर भी असर होगा। क्योंकि लाखों केश्चन पेपर का बैंक बनाना आसान नहीं होगा। इसमें हर केश्चन क्वालिटी, केश्चन डिफिकल्टी और निष्पक्षता सुनिश्चित करना एक बड़ा काम है। साथ ही NTA का स्ट्रक्चर मजबूत करना भी एक बड़ी समस्या है, बिना स्थायी स्टाफ, बिना फुल-टाइम डायरेक्टर के इसे लागू करना मुश्किल होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी NTA NEET पेपर लीक मे यही कहा है, ‘पूरी व्यवस्था में स्थायित्व सबसे जरूरी पक्ष है।’ बता दें कि 13 सितंबर तक टास्क फोर्स ने स्टूडेंट्स, पेरेंट्स ,टीचर्स, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और कुछ ऑर्गेनाइजेशन से सुझाव मांगे थे जिसकी पहली रिपोर्ट 28 अक्टूबर को आने वाली है। 2024 में बनी 101 सिफारिशों का क्या हुआ? 2024 के NEET पेपर लीक के बाद ISRO के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई थी। 7 सदस्यीय राधाकृष्णन समिति ने एग्जाम में सुधार, डेटा सिक्योरिटी और NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के स्ट्रक्चर पर काम हो। इसके लिए 101 सिफारिशें प्रस्तावित की गई थीं। इन सिफारिशों में क्वेश्चन पेपर मैनेजमेंट, कैंडिडेट्स रजिस्ट्रेशन, पेमेंट मोड, कंप्युटर बेस्ड एग्जाम शामिल है। ——————— ये खबर भी पढ़ें.. IIT कानपुर से पढ़े, अमेरिका में टैक्सी चलाने को मजबूर:20 सालों का अनुभव, अब बेरोजगार गौतम तलाश रहे भारत लौटने का ऑप्शन 61 साल के IIT कानपुर के एक्स स्टूडेंट गौतम देव अमेरिका के डलास शहर में रहते हैं और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पूरी खबर पढ़ें. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मसूरी में बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की तबीयत बिगड़ी:शूटिंग के दौरान पीठ में खिंचाव; सीक्रेट गेस्ट हाउस में इलाज जारी

मसूरी में बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की तबीयत बिगड़ गई। उनकी पीठ में खिंचाव आने और ठंड के कारण दर्द होने की बात सामने आई है। इसके बाद उन्हें देहरादून के राजपुर स्थित एक सीक्रेट गेस्ट हाउस में रुकना पड़ा, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। अक्षय कुमार की टीम के अनुसार, मसूरी के लाइब्रेरी चौक पर शूटिंग के दौरान अचानक उन्हें दर्द उठा, जिसके बाद शूटिंग रोकनी पड़ी। वह मंगलवार को दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए कार से उत्तराखंड पहुंचे थे। उन्हें यहां दो दिन तक शूटिंग करनी थी। फिल्म ‘समुक’ की शूटिंग के लिए पहुंचे उत्तराखंड अक्षय कुमार इन दिनों साइंस-फिक्शन सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म ‘समुक’ की शूटिंग कर रहे हैं। फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह हैं, जबकि निर्देशन कनिष्क वर्मा कर रहे हैं। फिल्म का ब्रिटेन शेड्यूल हाल ही में पूरा हुआ है। इसे 2027 में रिलीज करने की योजना है। इससे पहले भी अक्षय कुमार मसूरी में शूटिंग कर चुके हैं। उन्होंने यहां तमिल फिल्म ‘रत्सासन’ के हिंदी रीमेक की शूटिंग की थी। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….
L Murugan Resigns As Minister

Hindi News Career L Murugan Resigns As Minister | Shubman Gill Shefali Sharma ICC Winner 7 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव प्रमोद कुमार सस्पेंड 14 अक्टूबर को बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने महासचिव प्रमोद कुमार को सस्पेंड कर दिया। प्रमोद कुमार पर कथित वित्तीय गड़बड़ी, जांच में सहयोग नहीं करने और अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप हैं। उनके खिलाफ जांच पूरी होने तक निलंबन जारी रहेगा। प्रमोद कुमार ने 13 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर BFI अध्यक्ष अजय सिंह और कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक पर आरोप लगाए थे। उन्हें इस पद से जुड़ी शक्तियों का इस्तेमाल करने और आधिकारिक जिम्मेदारियां निभाने से भी रोक दिया गया है। उन्हें जांच समिति की कार्यवाही में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप करने और जांच से जुड़े गवाहों, अधिकारियों या अन्य व्यक्तियों को प्रभावित करने की कोशिश करने से भी मना किया गया है। प्रमोद कुमार सस्पेंशन के दौरान बीएफआई के नाम पर कोई पत्राचार, नोटिस, निर्देश या आदेश जारी नहीं कर सकेंगे। 2. एल मुरुगन ने केंद्रीय राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दिया 13 अक्टूबर को केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंत्री परिषद से किसी राज्य मंत्री का यह तीसरा इस्तीफा है। इससे पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने पीएम मोदी को 5 पेज की चिट्ठी लिखकर राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ने की बात कही है। मुरुगन सितंबर 2021 से राज्यसभा के सदस्य हैं। वे अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से उच्च सदन के लिए फिर से चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। 3. DRDO ने किया क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन का सफल परीक्षण 14 अक्टूबर को लाइव नेटवर्क में क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण भारत की साइबर सुरक्षा और सुरक्षित सैन्य संचार प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह परीक्षण प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट (PXE), चांदीपुर, ओडिशा में किया गया। यह तकनीक क्वांटम मैकेनिक्स के सिद्धांतों पर काम करती है, जिससे डेटा को सेफ्टी की द्वारा एनक्रिप्ट किया जाता है। इससे पहले 16 जून 2025 में DRDO और IIT दिल्ली ने क्वांटम एंटैंगलमेंट पर आधारित फ्री-स्पेस क्वांटम सुरक्षित संचार का एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर प्रदर्शन किया था। 23 फरवरी 2022 को DRDO और IIT दिल्ली के वैज्ञानिकों ने उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और विंध्याचल के बीच 100 किलोमीटर से अधिक दूरी पर ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से QKD का प्रदर्शन किया था। क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन यह एक ऐसी तकनीक है, जिसकी मदद से दो संचार पक्षों के बीच संदेशों को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्रिप्टोग्राफिक कुंजियों (Key) का वितरण किया जाता है। QKD तकनीक का मुख्य उद्देश्य सैन्य और रणनीतिक डेटा को हैकिंग से पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। 4. पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मदरसा सेवा आयोग का विलय 14 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार ने मदरसा सेवा आयोग को समाप्त करने का निर्णय लिया। राज्य मंत्रिमंडल ने 5 अक्टूबर को इस निर्णय को मंजूरी दी थी। वेस्ट बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन में विलय किया गया है। स्कूलों और मदरसों की शिक्षक भर्ती को एक व्यापक ढांचे के अंतर्गत लाने का प्रयास होगा। सरकार के अनुसार, भर्ती व्यवस्था में बदलाव के बावजूद मदरसा शिक्षा की खास पहचान बरकरार रखी जाएगी। मदरसा सर्विस कमीशन मदरसा सर्विस कमीशन पश्चिम बंगाल में मान्यता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों की भर्ती से संबंधित एक अलग आयोग था। इसकी स्थापना 22 अक्टूबर 2008 को की गई थी। अब मान्यता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों की भर्ती स्कूल सर्विस कमीशन के माध्यम से होगी स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. शुभमन गिल और शेफाली शर्मा ICC प्लेयर ऑफ द मंथ बनें 13 अक्टूबर को इन दोनों खिलाड़ियों को सितंबर का ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया गिल ने पांचवीं बार यह अवॉर्ड जीता है। उन्होंने अभिषेक शर्मा और जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा को पीछे छोड़ा। 27 साल के गिल सबसे ज्यादा बार यह अवॉर्ड जीतने वाले क्रिकेटर बने हैं। विमेंस कैटेगरी में भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया। उन्होंने अपनी साथी खिलाड़ी श्री चरणी और श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को पछाड़कर यह अवॉर्ड जीता। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 वनडे में 334 रन बनाए। उन्होंने पहले वनडे में 110 रन की पारी खेली। इसके बाद दूसरे वनडे में 133 गेंदों पर 223 रन बनाए। यह वनडे इतिहास की सबसे तेज डबल सेंचुरी है। शेफाली वर्मा को दूसरी बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ का अवॉर्ड मिला है। इससे पहले उन्हें पिछले साल नवंबर में इस पुरस्कार के लिए चुना गया था। शेफाली ने सितंबर में 360 रन बनाने के साथ 6 विकेट भी लिए। वह महिला एशिया कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन बनाए, जबकि फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 48 रन की पारी खेली। शुभमन गिल मेंस कैटेगरी में सबसे ज्यादा बार यह पुरस्कार जीतने वाले क्रिकेटर हैं। 6. युवराज सिंह दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच बनें 13 अक्टूबर को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह को दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2027 के लिए असिस्टेंट कोच और बैटिंग कोच नियुक्त किया है। यह युवराज सिंह की पहली औपचारिक कोचिंग जिम्मेदारी है। वह टीम के मुख्य कोच सौरव गांगुली के साथ काम करेंगे। युवराज 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेले थे। उस समय फ्रेंचाइजी ने उन्हें 16 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह उस समय IPL इतिहास की सबसे बड़ी खिलाड़ी बोली थी। युवराज के करियर में 2011 वनडे वर्ल्ड कप के बाद मुश्किल दौर आया। वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें कैंसर का पता चला और इलाज के लिए क्रिकेट से दूर होना पड़ा। भारत के लिए युवराज ने 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11 हजार से ज्यादा रन हैं। बल्लेबाजी के साथ बाएं हाथ की
Salman Khan Shares Matching Cowboy Hat Photos With Salim Khan

1 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान ने बुधवार देर रात अपने पिता सलीम खान के साथ तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में दोनों मैचिंग काउबॉय हैट पहने नजर आए। सलमान ने पिता को ‘असली मॉन्स्टर’ कहा। सलमान ने सलीम खान के साथ तस्वीरों की सीरीज इंस्टाग्राम पर पोस्ट की। पहली 3 तस्वीरों में सलमान कुर्सी पर बैठे सलीम को पीछे से गले लगाते दिखे। दोनों ने मैचिंग काउबॉय हैट पहनी थी। सलमान इस ट्विनिंग मोमेंट में काफी खुश नजर आए। आखिरी तस्वीर में सलमान पिता के पास बैठे और उनका हाथ पकड़े दिखे। तस्वीरें शेयर करते हुए सलमान ने लिखा, “हाउडी पार्टनर! ही-हॉ! 91 की उम्र में एक… पिता तो पिता होता है। वह असली मॉन्स्टर हैं। हम सब के बाप में है दम वंदे मातरम्।” उन्होंने आगे लिखा, “एक और दिन नहीं होता , एक और दिन कम होता है। आप लोग समझ रहे हैं? भगवान दयालु रहे हैं।” सलमान अब भी पिता से करियर की सलाह लेते हैं वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने बताया कि वह अब भी अपने पिता से करियर की सलाह लेते हैं। उन्होंने कहा, “आज भी अगर मैं किसी बात को लेकर उलझन में होता हूं, तो हमेशा उनके पास जाता हूं। वह जो कहते हैं, मैं वही करता हूं।” सलमान ने आगे कहा, “आमतौर पर लोग आपके पास सलाह लेने आते हैं और फिर वही करते हैं जो उन्हें करना होता है। मेरे मामले में ऐसा नहीं है।” सलीम खान अस्पताल में भर्ती हुए थे सलीम खान को 17 फरवरी 2026 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें मामूली ब्रेन हैमरेज हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में निगरानी में रखा था और एहतियात के तौर पर वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया था। करीब एक महीने अस्पताल में रहने के बाद उन्हें छुट्टी मिली थी। 21 मार्च 2026 को ईद के मौके पर सलीम खान पहली बार अस्पताल से लौटने के बाद सार्वजनिक रूप से नजर आए थे। वह सलमान खान और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ मुंबई स्थित अपने घर गैलेक्सी अपार्टमेंट्स की बालकनी पर पहुंचे थे। इस दौरान वह व्हीलचेयर पर बैठे दिखाई दिए थे और उन्होंने फैंस का अभिवादन किया था। पोती के पहले जन्मदिन पर भी पहुंचे थे सलीम खान हाल ही में 5 अक्टूबर को सलीम खान अपनी पोती सिपारा के पहले जन्मदिन के मौके पर भी नजर आए थे। सिपारा, अरबाज खान और शूरा खान की बेटी हैं। सलीम खान अपनी पत्नी सलमा खान के साथ पहुंचे थे। सलीम खान को बेटे सोहेल खान ने कार तक चलने में मदद की थी। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म ‘बारात’ से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग उनकी वास्तविक ताकत नहीं है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और संवाद लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुषिला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलेन ने अर्पिता को गोद लिया। फैमिली के साथ सलीम खान की पुरानी तस्वीर। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… ‘मेरे खिलाफ बहुत नेगेटिविटी चल रही थी’: ‘दस का दम’ नहीं करना चाहते थे सलमान, पिता सलीम खान की सलाह से बदला फैसला सलमान खान ने हाल ही में बताया था कि नेगेटिविटी के दौर में वह ‘दस का दम’ होस्ट नहीं करना चाहते थे। उस समय उनके खिलाफ कोर्ट केस, रिलेशनशिप और फिल्मों को लेकर कई खबरें चल रही थीं। ऐसे में उन्होंने पिता सलीम खान से शो को लेकर सलाह ली थी। सलीम खान ने उन्हें अपनी पर्सनैलिटी और परवरिश पर भरोसा रखने की सलाह दी थी। इसके बाद सलमान ने शो करने का फैसला किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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39 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान ने बुधवार देर रात अपने पिता सलीम खान के साथ तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में दोनों मैचिंग काउबॉय हैट पहने नजर आए। सलमान ने सलीम खान के साथ तस्वीरों की सीरीज इंस्टाग्राम पर पोस्ट की। पहली 3 तस्वीरों में सलमान कुर्सी पर बैठे सलीम को पीछे से गले लगाते दिखे। सलमान इस ट्विनिंग मोमेंट में काफी खुश नजर आए। आखिरी तस्वीर में सलमान पिता के पास बैठे और उनका हाथ पकड़े दिखे। तस्वीरें शेयर करते हुए सलमान ने लिखा, “हाउडी पार्टनर! ही-हॉ! 91 की उम्र में एक… बाप तो बाप होता है। वह असली मॉन्स्टर हैं। हम सब के बाप में है दम वंदे मातरम्।” उन्होंने आगे लिखा, “एक और दिन नहीं होता , एक और दिन कम होता है। आप लोग समझ रहे हैं? भगवान दयालु रहे हैं।” सलमान अब भी पिता से करियर की सलाह लेते हैं वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने बताया था कि वह अब भी अपने पिता से करियर की सलाह लेते हैं। उन्होंने कहा, “आज भी अगर मैं किसी बात को लेकर उलझन में होता हूं, तो हमेशा उनके पास जाता हूं। वह जो कहते हैं, मैं वही करता हूं।” सलमान ने आगे कहा था, “आमतौर पर लोग आपके पास सलाह लेने आते हैं और फिर वही करते हैं जो उन्हें करना होता है। मेरे मामले में ऐसा नहीं है।” सलीम खान अस्पताल में भर्ती हुए थे सलीम खान को 17 फरवरी 2026 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में निगरानी में रखा था और एहतियात के तौर पर वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया था। करीब एक महीने अस्पताल में रहने के बाद उन्हें छुट्टी मिली थी। 21 मार्च 2026 को ईद के मौके पर सलीम खान पहली बार अस्पताल से लौटने के बाद सार्वजनिक रूप से नजर आए थे। वह सलमान और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ मुंबई स्थित अपने घर गैलेक्सी अपार्टमेंट्स की बालकनी पर पहुंचे थे। ईद के दौरान सलीम खान व्हीलचेयर पर बैठे दिखाई दिए थे और उन्होंने फैंस का अभिवादन किया था। पोती के पहले जन्मदिन पर पहुंचे थे सलीम खान हाल ही में 5 अक्टूबर को सलीम खान अपनी पोती सिपारा के पहले जन्मदिन के मौके पर भी नजर आए थे। सिपारा, अरबाज खान और शूरा खान की बेटी हैं। सलीम खान अपनी पत्नी सलमा खान के साथ पहुंचे थे। सलीम खान को बेटे सोहेल खान ने कार तक चलने में मदद की थी। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म ‘बारात’ से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग उनकी वास्तविक ताकत नहीं है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और संवाद लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुषिला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलेन ने अर्पिता को गोद लिया। फैमिली के साथ सलीम खान की पुरानी तस्वीर। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… ‘मेरे खिलाफ बहुत नेगेटिविटी चल रही थी’: ‘दस का दम’ नहीं करना चाहते थे सलमान, पिता सलीम खान की सलाह से बदला फैसला सलमान खान ने हाल ही में बताया था कि नेगेटिविटी के दौर में वह ‘दस का दम’ होस्ट नहीं करना चाहते थे। उस समय उनके खिलाफ कोर्ट केस, रिलेशनशिप और फिल्मों को लेकर कई खबरें चल रही थीं। ऐसे में उन्होंने पिता सलीम खान से शो को लेकर सलाह ली थी। सलीम खान ने उन्हें अपनी पर्सनैलिटी और परवरिश पर भरोसा रखने की सलाह दी थी। इसके बाद सलमान ने शो करने का फैसला किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
परमीश वर्मा ने गर्लफ्रेंड को स्टेज पर बुलाकर गले लगाया:पंजाबी सिंगर बोले- ये स्पेशल गेस्ट; महीना पहले पत्नी से तलाक की बात कही थी

पंजाबी सिंगर एवं एक्टर परमीश वर्मा और पंजाबी मॉडल व एक्ट्रेस हरमन बराड़ पिछले कुछ महीनों से अपने रिश्ते को लेकर चर्चा में हैं। अब परमीश ने लाइव कॉन्सर्ट के दौरान हरमन को पहली बार स्टेज पर बुलाकर सबके सामने गले लगाया। उन्होंने हरमन को शो की स्पेशल गेस्ट कहकर संबोधित किया। इसका वीडियो सोशल मीडियो पर सामने आया है। करीब एक महीने पहले ही परमीश ने अपनी पत्नी गीत ग्रेवाल से अलग होने की घोषणा की थी। इसके बाद से हरमन के साथ उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। परमीश और गीत ने 21 अक्टूबर 2021 को कनाडा में शादी की थी। ऋषिकेश में था शो, स्टेज पर गर्लफ्रेंड को बुलाया परमीश वर्मा 13 अक्टूबर को ऋषिकेश में ‘पाइरेक्सिया 6.0’ के प्रो नाइट कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अचानक हरमन बराड़ को स्टेज पर बुलाया। उन्होंने दर्शकों से कहा कि उनके शो की स्पेशल गेस्ट आई हैं। इसके बाद वह हरमन को स्टेज पर लेकर आए और उन्हें गले लगाया। हरमन कुछ सेकेंड तक स्टेज पर रहीं और उन्होंने भी फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। परमीश के इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद फैंस खुशी से झूम उठे। परमीश ने इस दौरान कहा कि पिछली बार हरमन आई थीं तो शो बंद हो गया था। उन्हें डर था कि इस बार भी ऐसा न हो जाए। इसके बाद उन्होंने ‘गड्डियां मोडिफाई’ गाने पर प्रस्तुति दी। ऋषिकेश में था शो, स्टेज पर गर्लफ्रेंड को बुलाया परमीश वर्मा 13 अक्टूबर को ऋषिकेश में ‘पाइरेक्सिया 6.0’ के प्रो नाइट कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अचानक हरमन बराड़ को स्टेज पर बुलाया। उन्होंने दर्शकों से कहा कि उनके शो की स्पेशल गेस्ट आई हैं। इसके बाद वह हरमन को स्टेज पर लेकर आए और उन्हें गले लगाया। हरमन कुछ सेकेंड तक स्टेज पर रहीं और उन्होंने भी फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। परमीश के इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद फैंस खुशी से झूम उठे। परमीश ने इस दौरान कहा कि पिछली बार हरमन आई थीं तो शो बंद हो गया था। उन्हें डर था कि इस बार भी ऐसा न हो जाए। इसके बाद उन्होंने ‘गड्डियां मोडिफाई’ गाने पर प्रस्तुति दी। दोनों की लव लाइफ की 5 अहम बातें…
Shriya Saran Bollywood Struggle Statement

15 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक माता-पिता चाहते थे कि श्रिया सरन पढ़ाई पूरी करने के बाद एक्टिंग में आएं, लेकिन एक म्यूजिक वीडियो ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। तेलुगु फिल्म ‘इष्टम’ से करियर शुरू करने वाली श्रिया ने साउथ की फिल्मों में पहचान बनाई, लेकिन बॉलीवुड में संघर्ष करना पड़ा। ‘तुझे मेरी कसम’, ‘शुक्रिया’ और ‘मिशन इस्तांबुल’ से उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने करियर में गलत फैसले लेने की बात भी स्वीकार की। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। रजनीकांत की ‘शिवाजी’, अजय देवगन की ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी और एसएस राजामौली की ‘आरआरआर’ ने उन्हें नई पहचान दी। आज की सक्सेस स्टोरी में श्रिया सरन के करियर से जुड़ी खास बातें। डांस टीचर की सलाह ने बदली जिंदगी, बिना प्लानिंग के फिल्मों में आईं श्रिया सरन का फिल्मी सफर पारंपरिक तरीके से शुरू नहीं हुआ। उनके परिवार का फिल्मों से कोई संबंध नहीं था और न ही उन्होंने बचपन से अभिनेत्री बनने का सपना देखा था। उनका जन्म 11 सितंबर 1982 को हुआ। हरिद्वार में शुरुआती जीवन बिताने के बाद वह दिल्ली आईं। वहां उन्होंने लेडी श्रीराम कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई के साथ कथक की ट्रेनिंग भी ली। कॉलेज के दिनों में म्यूजिक वीडियो में काम करने का मौका मिलने से श्रिया की जिंदगी बदल गई। उनकी डांस टीचर ने प्रोडक्शन कंपनी को उनका नाम सुझाया था। श्रिया ने इसे करियर बनाने की योजना के बजाय नया अनुभव माना और ऑडिशन देने पहुंच गईं। इसके बाद वह ‘थिरकती क्यों हवा’ म्यूजिक वीडियो में नजर आईं, जिसने फिल्मों के दरवाजे खोले। उन्हें तेलुगु फिल्म ‘इष्टम’ का ऑफर मिला और 17 साल की उम्र में वह अभिनय की दुनिया में आ गईं। माता-पिता की शर्त थी, पहले पूरी करो पढ़ाई श्रिया के माता-पिता उनके एक्टिंग के फैसले से बहुत उत्साहित नहीं थे। उनके पिता इंजीनियर थे और मां स्कूल में केमिस्ट्री की टीचर थीं। परिवार चाहता था कि बेटी पहले पढ़ाई पूरी करे, फिर करियर का फैसला ले। श्रिया के सामने शर्त थी कि वह फिल्मों में काम करें, लेकिन पढ़ाई बीच में न छोड़ें। उन्हें दोनों जिम्मेदारियां साथ निभानी थीं। तेलुगु फिल्म ‘इष्टम’ की शूटिंग के लिए उन्हें हैदराबाद जाना पड़ा। सेट पर काम सीखने के साथ कॉलेज की पढ़ाई भी जारी रखनी थी। भाषा की चुनौती भी थी, क्योंकि उन्हें तेलुगु नहीं आती थी। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में श्रिया ने शूटिंग के शुरुआती दिनों का किस्सा सुनाया था। एक बार तेलुगु डायलॉग बोलते हुए वह अटक गईं। निर्देशक ने कहा कि डायलॉग नहीं बोल पाईं तो उन्हें दिल्ली लौटना पड़ेगा। श्रिया ने तुरंत डायलॉग बोल दिया, क्योंकि वह कॉलेज लौटने के बजाय फिल्म की शूटिंग जारी रखना चाहती थीं। साउथ में पहचान मिली, हिंदी फिल्मों में नहीं चला जादू ‘इष्टम’ के बाद श्रिया को तेलुगु फिल्मों में काम मिलने लगा। 2002 में आई ‘संतोषम’ उनके करियर की शुरुआती सफल फिल्मों में शामिल रही। इसके बाद उन्होंने तमिल-तेलुगु सिनेमा में लगातार काम किया। हिंदी फिल्मों में उनका सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने ‘तुझे मेरी कसम’, ‘शुक्रिया: टिल डेथ डू अस अपार्ट’ और ‘मिशन इस्तांबुल’ में काम किया, लेकिन उन्हें मनचाही पहचान नहीं मिली। श्रिया ने इस नाकामी के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय अपनी गलतियों की जिम्मेदारी ली। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने माना था कि हिंदी फिल्मों के चुनाव में उनसे कुछ गलतियां हुई होंगी। उन्होंने कहा था कि असफलता का हमेशा कोई एक स्पष्ट कारण नहीं होता। ‘आवारापन’ से तारीफ मिली, फिर भी बॉलीवुड में मजबूत जगह नहीं बनी श्रिया की हिंदी फिल्मों में ‘आवारापन’ का जिक्र जरूरी है। इमरान हाशमी के साथ आई इस फिल्म में उन्होंने ऐसी लड़की का किरदार निभाया, जिसकी जिंदगी में प्यार के साथ दर्द और संघर्ष भी है। रिलीज के समय फिल्म को बड़ी व्यावसायिक सफलता नहीं मिली, जिससे उनकी पहचान पर असर पड़ा। नामांकन मिलने के बावजूद उन्हें कुछ अवॉर्ड समारोहों में नहीं बुलाया गया। बाद के वर्षों में फिल्म को दर्शकों के बीच पहचान मिली। इमरान हाशमी के साथ श्रिया की जोड़ी और फिल्म का संगीत भी पसंद किया गया। एक फिल्म से मिली तारीफ हिंदी सिनेमा में उन्हें लगातार बड़े मौके नहीं दिला सकी। उस दौर में अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों की पहुंच भी सीमित थी। श्रिया ने बाद के इंटरव्यू में बताया था कि वह दक्षिण भारतीय फिल्मों में बड़े सितारों के साथ काम कर रही थीं, लेकिन उनका काम हिंदी दर्शकों तक आसानी से नहीं पहुंचता था। उस समय ओटीटी प्लेटफॉर्म और पैन-इंडिया रिलीज का चलन आज जितना व्यापक नहीं था। उन्होंने बताया था कि दिल्ली में कॉलेज के कुछ प्रोफेसरों को विश्वास नहीं होता था कि वह दक्षिण भारतीय फिल्मों में अभिनेत्री के तौर पर काम कर रही हैं। कम उपस्थिति के कारण परीक्षा देने में परेशानी हुई, तो उनके पिता को समझाना पड़ा कि उनकी बेटी फिल्मों में काम कर रही है। फिल्म ‘शिवाजी: द बॉस’ पहले 15 जून 2007 को तमिल में रिलीज हुई थी। इसके बाद इसे हिंदी में डब करके 8 जनवरी 2010 को रिलीज किया गया। रजनीकांत की ‘शिवाजी’ से बदली करियर की तस्वीर श्रिया के करियर का बड़ा मोड़ 2007 में आया, जब वह रजनीकांत के साथ तमिल फिल्म ‘शिवाजी: द बॉस’ में नजर आईं। एस. शंकर के निर्देशन में बनी फिल्म में उन्होंने मुख्य महिला किरदार निभाया। फिल्म रिलीज होने के बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ी। रजनीकांत के साथ काम करने का मौका महत्वपूर्ण साबित हुआ और उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। श्रिया ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म साइन करते समय उन्हें पता था कि इसका निर्देशन शंकर कर रहे हैं, लेकिन यह नहीं मालूम था कि इसमें कौन अभिनेता है। बाद में रजनीकांत के साथ काम करना उनके करियर का अहम अनुभव बना। यह फिल्म श्रिया के लिए अपनी पहचान व्यापक बनाने का मौका भी थी। इसके बाद उन्होंने तमिल और तेलुगु सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों में काम किया। अलग-अलग भाषाओं में काम, हर बार नया अनुभव श्रिया का करियर कुछ बड़ी हिट फिल्मों तक सीमित नहीं है। उन्होंने हिंदी, तमिल और तेलुगु सहित कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। उनके लिए अलग-अलग भाषाओं में काम करना चुनौती और









