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G7 समिट के बीच कई खालिस्तान समर्थक अरेस्ट:फ्रांस में PM मोदी के काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे, SFJ से जुड़े

G7 समिट के बीच कई खालिस्तान समर्थक अरेस्ट:फ्रांस में PM मोदी के काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे, SFJ से जुड़े

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े कई खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। फ्रांस पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बैठक के बाद ये खालिस्तानी समर्थक विरोध-प्रदर्शन करने वाले थे। और पीएम मोदी के काफिले को भी घेरने वाले थे। इसके बाद फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला… भारत-फ्रांस के बीच खुफिया सहयोग की भूमिका जानकारी के अनुसार, पुलिस के इस एक्शन में भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही खत्म किय गया। भारत-फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक संबंध का उदाहरण हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को भारत-फ्रांस के मजबूत सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान कार्रवाई गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और SFJ से जुड़े मामलों को लेकर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। G-7 समिट में मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले G-7 समिट के लिए मंगलवार दोपहर एवियन पहुंचने पर मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया। G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हो गया था।

SpaceX Buys AI Platform Cursor

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नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने AI कोडिंग प्लेटफॉर्म ‘कर्सर’ की पैरेंट कंपनी एनिसफियर को 60 अरब डॉलर यानी करीब 5.67 लाख करोड़ रुपए में खरीदने के लिए एक मर्जर एग्रीमेंट किया है। इस डील के बाद कर्सर के 25 वर्षीय भारतीय मूल के को-फाउंडर अमन संगर की अनुमानित नेटवर्थ बढ़कर 5.5 अरब डॉलर यानी करीब 51.98 हजार करोड़ रुपए हो गई है। न्यूयॉर्क में जन्मे अमन संगर ने 14 साल की उम्र में कोडिंग शुरू कर दी थी। इसके बाद उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की। 2022 में 21 साल की उम्र में अमन ने अपने तीन क्लासमेट्स- माइकल ट्रुएल, सुआलेह आसिफ और अरविद लुन्नेमार्क के साथ मिलकर कॉलेज छोड़ दिया। इन चारों ने इसी साल ‘कर्सर’ की शुरुआत की थी। मैकेनिकल से AI कोडिंग तक का सफर शुरुआत में इन चारों फाउंडर्स ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंडस्ट्री के लिए एक AI कोपायलट बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना फोकस बदला और AI- असिस्टेड कोडिंग प्लेटफॉर्म बनाने पर काम शुरू किया। लिंक्डइन पर अमन संगर ने अपने मिशन को बेहद आसान शब्दों में समझाया है- “सॉफ्टवेयर बनाने के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करना।” कर्सर कंपनी में अमन संगर की भूमिका एनिसफियर कंपनी में अमन संगर चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में काम कर रहे हैं। वहीं उनके साथी माइकल ट्रुएल CEO की भूमिका में हैं और सुआलेह आसिफ प्रोडक्ट हेड के तौर पर काम देख रहे हैं। अमन संगर ने कर्सर की तेज ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहां वे प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी, डिस्ट्रीब्यूशन और कम्युनिटी बिल्डिंग का काम संभालते हैं। क्या है कर्सर प्लेटफॉर्म? कर्सर एक AI बेस्ड कोडिंग टूल है। इसे इस तरह बनाया गया है, ताकि सॉफ्टवेयर डेवलपर्स बहुत आसानी और तेजी से अपना कोड लिख सकें, उसमें सुधार कर सकें और उसे समझ सकें। पुराने कोडिंग टूल्स की तरह यह सिर्फ आगे का शब्द सुझाने (ऑटो-कम्प्लीट) का काम नहीं करता, बल्कि एक समझदार जोड़ीदार की तरह मदद करता है। यह आपके पूरे प्रोजेक्ट के कोड को एक साथ समझ सकता है और बड़ी से बड़ी कोडिंग समस्याओं को पल भर में हल कर देता है। अपनी इसी खूबी की वजह से यह डेवलपर्स और बड़ी कंपनियों के बीच काफी पसंद किया जा रहा है और AI की दुनिया में तेजी से उभर रहा है। रिकॉर्ड कमाई: सालाना रेवेन्यू 4 अरब डॉलर पहुंचा कर्सर प्लेटफॉर्म ने नवंबर 2025 में 1 अरब डॉलर यानी करीब 9.45 हजार करोड़ रुपए के सालाना रेवेन्यू का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद भी कंपनी की ग्रोथ नहीं रुकी और फोर्ब्स के अनुसार, इस महीने की शुरुआत तक कर्सर का सालाना रेवेन्यू 4 अरब डॉलर यानी 37.81 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया। मौजूदा समय में एनवीडिया, एडोबी, उबर, शॉपिफाई और पेपैल जैसी लगभग 50,000 कंपनियों के लाखों सॉफ्टवेयर डेवलपर्स कोड जनरेट और एडिट करने के लिए कर्सर का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्पेसएक्स डील की खास बातें स्पेसएक्स ने मंगलवार को ऑल-स्टॉक ट्रांजैक्शन (शेयरों के जरिए) के तहत एनिसफियर के टेकओवर के लिए मर्जर एग्रीमेंट साइन किया है। यह घोषणा स्पेसएक्स के नैस्डैक पर रिकॉर्ड-ब्रेकिंग IPO आने के ठीक चार दिन बाद हुई है। स्पेसएक्स ने कहा है कि उसे 2026 की तीसरी तिमाही तक इस मर्जर प्रक्रिया के पूरा होने की उम्मीद है। अमन संगर ने X पर पोस्ट किया- “कुछ बहुत ही मजबूत मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए उत्साहित हूं!” अमन संगर का बैकग्राउंड और भारतीय कनेक्शन कर्सर की शुरुआत से पहले अमन संगर ने ब्रिजवाटर एसोसिएट्स और गूगल में इंटर्नशिप की थी, साथ ही वे अपनी खुद की AI कंसल्टेंसी भी चलाते थे। उनके पिता अरविंद संगर IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र और हेज फंड प्रोफेशनल हैं, जबकि उनकी मां शिल्पा संगर एक ऑर्थोडॉन्टिस्ट और एंटरप्रेन्योर हैं। अमन की यह सफलता वैश्विक AI को आकार दे रहे भारतीय मूल के उन फाउंडर्स की बढ़ती लहर का हिस्सा है, जो IIT या बेंगलुरु से नहीं, बल्कि MIT और सिलिकॉन वैली से उभर रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ishaan Khatter Clarifies Religion | Fan Asks About Faith; Replies With Meme

Ishaan Khatter Clarifies Religion | Fan Asks About Faith; Replies With Meme

4 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर ईशान खट्टर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन रखा था। इस दौरान एक फैन ने ईशान से उनके धर्म को लेकर सवाल किया। फैन ने लिखा कि वह उनके धर्म को लेकर कन्फ्यूज है। इस पर ईशान ने पहले एक मीम के जरिए जवाब दिया और बाद में अपनी सोच साफ की। अभिनेता ने कहा कि वह किसी लेबल में नहीं, बल्कि मानवता, दया और प्रकृति में विश्वास रखते हैं। एक्टर ईशान खट्टर। मीम के जरिए दिया मजाकिया जवाब ईशान ने अपने जवाब में अलग-अलग धर्मों का मिश्रण करते हुए लिखा, ‘जय जीसस, श्री अल्लाह, होली स्पिरिट दी फतेह।’ यह एक लोकप्रिय इंटरनेट मीम है। इसके तुरंत बाद उन्होंने गंभीरता से अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, ‘मेरी आस्था प्रकृति, दया, मानवता और रचना में है।’ इस जवाब के साथ उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वह हॉट-एयर बैलून वाले एक खूबसूरत बैकग्राउंड में नजर आ रहे हैं। ईशान कि मां मुस्लिम और पिता हिंदू ईशान का परिवार अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आता है। उनकी मां नीलिमा अजीम एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जबकि उनके पिता राजेश खट्टर एक पंजाबी हिंदू हैं। अभिनेता के परिवार में विविधता रही है, जिसका असर उनकी सोच में भी झलकता है। ईशान बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर के सौतेले भाई हैं। नीलिमा अजीम के पहले पति पंकज कपूर थे, जिनसे शाहिद कपूर का जन्म हुआ था। शाहिद कपूर और ईशान खट्टर अपनी मां नीलिमा अजीम के साथ। ‘होमबाउंड’ में दिखे थे ईशान ईशान ने कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने 2005 की फिल्म ‘वाह! लाइफ हो तो ऐसी!’ में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम किया था। साल 2017 में उन्होंने माजिद मजीदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। इसके बाद वे ‘धड़क’, ‘खाली पीली’, ‘फोन भूत’ और ‘पिप्पा’ जैसी फिल्मों में नजर आए। हाल ही में नीरज घेवान की फिल्म ‘होमबाउंड’ में उनके अभिनय को काफी सराहा गया, जो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में चर्चा में रही थी। —————————————- ये खबर भी पढ़ें लंदन में फैमिली के साथ टाइम बिता रहीं अनुष्का शर्मा:पति विराट बेटे अकाय को कंधे पर उठाए नजर आए; रिलेक्स्ड अंदाज में दिखीं एक्ट्रेस अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और उनके पति विराट कोहली इस समय लंदन में फैमिली टाइम बिता रहे हैं। हाल ही में अनुष्का, विराट और उनके बेटे अकाय की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इन तस्वीरों में विराट अपने बेटे अकाय को कंधे पर उठाए नजर आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Ishaan Khatter Clarifies Religion | Fan Asks About Faith; Replies With Meme

Ishaan Khatter Clarifies Religion | Fan Asks About Faith; Replies With Meme

20 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर ईशान खट्टर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन रखा था। इस दौरान एक फैन ने ईशान से उनके धर्म को लेकर सवाल किया। फैन ने लिखा कि वह उनके धर्म को लेकर कन्फ्यूज है। इस पर ईशान ने पहले एक मीम के जरिए जवाब दिया और बाद में अपनी सोच साफ की। अभिनेता ने कहा कि वह किसी लेबल में नहीं, बल्कि मानवता, दया और प्रकृति में विश्वास रखते हैं। एक्टर ईशान खट्टर। मीम के जरिए दिया मजाकिया जवाब ईशान ने अपने जवाब में अलग-अलग धर्मों का मिश्रण करते हुए लिखा, ‘जय जीसस, श्री अल्लाह, होली स्पिरिट दी फतेह।’ यह एक लोकप्रिय इंटरनेट मीम है। इसके तुरंत बाद उन्होंने गंभीरता से अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, ‘मेरी आस्था प्रकृति, दया, मानवता और रचना में है।’ इस जवाब के साथ उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वह हॉट-एयर बैलून वाले एक खूबसूरत बैकग्राउंड में नजर आ रहे हैं। ईशान कि मां मुस्लिम और पिता हिंदू ईशान का परिवार अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आता है। उनकी मां नीलिमा अजीम एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जबकि उनके पिता राजेश खट्टर एक पंजाबी हिंदू हैं। अभिनेता के परिवार में विविधता रही है, जिसका असर उनकी सोच में भी झलकता है। ईशान बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर के सौतेले भाई हैं। नीलिमा अजीम के पहले पति पंकज कपूर थे, जिनसे शाहिद कपूर का जन्म हुआ था। शाहिद कपूर और ईशान खट्टर अपनी मां नीलिमा अजीम के साथ। ‘होमबाउंड’ में दिखे थे ईशान ईशान ने कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने 2005 की फिल्म ‘वाह! लाइफ हो तो ऐसी!’ में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम किया था। साल 2017 में उन्होंने माजिद मजीदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। इसके बाद वे ‘धड़क’, ‘खाली पीली’, ‘फोन भूत’ और ‘पिप्पा’ जैसी फिल्मों में नजर आए। हाल ही में नीरज घेवान की फिल्म ‘होमबाउंड’ में उनके अभिनय को काफी सराहा गया, जो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में चर्चा में रही थी। —————————————- ये खबर भी पढ़ें लंदन में फैमिली के साथ टाइम बिता रहीं अनुष्का शर्मा:पति विराट बेटे अकाय को कंधे पर उठाए नजर आए; रिलेक्स्ड अंदाज में दिखीं एक्ट्रेस अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और उनके पति विराट कोहली इस समय लंदन में फैमिली टाइम बिता रहे हैं। हाल ही में अनुष्का, विराट और उनके बेटे अकाय की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इन तस्वीरों में विराट अपने बेटे अकाय को कंधे पर उठाए नजर आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

रोस्टेड मोमोज रेसिपी: स्टीम करके नहीं, घर में ऐसे बनाएं तवे वाले रोस्टेड मोमोज, पकी हुई मोमोज

तस्वीर का विवरण

मोमोज के लेख के लिए: 2 कप मैदा, 1/2 नमक, आवश्यकतानुसार पानी। रोस्ट करने के लिए: 1 बड़ा मक्खन मक्खन या तेल, थोड़ा सा पानी छवि: एआई स्टफिंग के लिए: 1 कप पत्ता कप गाजर, 1/2 गाजर लहसुन, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1 छोटा सोया मसाला, 1/2 बड़ा काली मिर्च पाउडर, स्वाद नमक, तेल छवि: फ्रीपिक रोस्टेड मोमोज़ बनाने की विधि: सबसे पहले एक बड़ा पत्थर में मैदा और नमक डाला गया। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए कड़ा आटा गूंथ लें। अब इसे ठीक करके 20 मिनट तक रुकें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद एक पैन में तेल गर्म करें और इसमें शामिल कागज और लहसुन के टुकड़े टुकड़े भून लें। अब शामिल करें पेज और एक मिनट तक की सुविधा। फिर से 2 से 3 मिनट तक की दूरी पर जिप्सम प्लास्टरबोर्ड, गाजर और मिट्टी का प्लास्टर। छवि: एआई नमक, काली मिर्च और सोया प्लास्टर मिलाप लें। स्टफिंग तैयार है. अब एसोसिएट्स की छोटी-छोटी लो रिश्तेदार रिश्तेदार बेल लें। बीच में तैयार स्टफिंग स्थान और मोमोज का आकार देते हुए छात्र को अच्छी तरह से बंद कर दिया गया। छवि: एआई तवा गर्म करें और थोड़ा सा मक्खन या तेल डालें। तवे पर मोमोज़ रिकॉर्ड और प्रकाश सुनहरा होने तक। इसके बाद तवे में 3 पानी डाला और अपार्टमेंट लगा दिया। 5 मिनट तक भव्य मांमोज अंदर से भी पाक। छवि: एआई पानी डूब जाए तो समुद्र तटीय मोमोज फिल्म 2 मिनट तक रोस्ट करें। इससे वे बाहर से कृस्पी और अंदर से साइंटिफिक बन जाएंगे। गरमा-गरम रोस्टेड मोमोज को लाल क्रेटेशियस चिप्स, मेयोनीज या हरी चिप्स के साथ बनाएं। छवि: एआई ऊपर से हल्का मक्खन और चाट मसाला मसाले का स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है। ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍तीन ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍ ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍ ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍ ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍ ‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍ ‍चानवा रोस्ट समय एक साथ रखें, इससे मोमोज जलेंगे नहीं। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)रोस्टेड मोमोज रेसिपी(टी)रोस्टेड मोमोज रेसिपी(टी)मोमोज रेसिपी(टी)घर पर मोमोज कैसे बनाएं(टी)घर पर बने मोमोज

डबल-इंजन ड्राइव: क्यों जितिन प्रसाद आश्वस्त हैं कि बीजेपी यूपी चुनाव में जीत हासिल करेगी | News18 इंडिया अमृत रत्न सम्मान | भारत समाचार

England vs New Zealand Live Score: Follow the latest updates from Day 1 of the 2nd Test. (AP Photo)

आखरी अपडेट:17 जून, 2026, 17:15 IST मंत्री ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में एकजुट मोर्चा बनाने के विपक्ष के नए प्रयासों को पूरी तरह से खारिज कर दिया प्रसाद ने जोर देकर कहा कि भाजपा की दुर्जेय संगठनात्मक मशीनरी पहले से ही राज्य के हर मतदान केंद्र पर सभी सिलेंडरों पर काम कर रही है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी संभावनाओं के बारे में पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पार्टी भारी जनादेश हासिल करने के लिए तैयार है। बुधवार को न्यूज 18 इंडिया अमृत रत्न सम्मान कॉन्क्लेव में, मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अभियान का मुख्य आधार “डबल-इंजन” शासन मॉडल की दृश्यमान उपलब्धियां होंगी, जिसमें नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने के साथ कानून और व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अडिग रुख को शामिल किया जाएगा। प्रसाद ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में एकजुट मोर्चा बनाने के विपक्ष के नए प्रयासों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता ऐतिहासिक रूप से अस्थिरता, प्रणालीगत नीतिगत पक्षाघात और जाति-आधारित गठबंधन से जुड़े समझौता कानून प्रवर्तन से पीड़ित रहे हैं। मंत्री के अनुसार, मतदाता पूरी तरह से खंडित पहचान की राजनीति से आगे निकल चुके हैं और शासन मॉडल में किसी भी प्रतिगामी वापसी को दृढ़ता से खारिज कर देंगे जो अराजकता को सहन करते हैं या सांप्रदायिक समझौतों के लिए विकास की गति को रोकते हैं। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश के मतदाता पहले ही अवसरवादी, जाति-संचालित गठबंधनों की अराजक अस्थिरता का स्वाद चख चुके हैं। वे प्रशासनिक पंगुता की वापसी के लिए पारदर्शी शासन और व्यक्तिगत सुरक्षा का सौदा नहीं करेंगे।” परिचालन तत्परता की ओर मुड़ते हुए, प्रसाद ने जोर देकर कहा कि भाजपा की दुर्जेय संगठनात्मक मशीनरी पहले से ही राज्य के हर मतदान केंद्र पर सभी सिलेंडरों पर काम कर रही है। प्रतिद्वंद्वी गुटों के विपरीत, जो मौसमी गठबंधनों और ग्यारहवें घंटे की सीट-बंटवारे की व्यवस्था पर भरोसा करते हैं, सत्तारूढ़ पार्टी के जमीनी स्तर के कैडर निरंतर सार्वजनिक जुड़ाव बनाए रखते हैं, राज्य कल्याण पहलों को सीधे जमीनी स्तर की सद्भावना में अनुवाद करते हैं। मंत्री ने दोहराया कि भाजपा का अभियान समावेशी विकास और पारदर्शी प्रशासन के उसके सत्यापित ट्रैक रिकॉर्ड से सख्ती से जुड़ा रहेगा। विपक्ष के जाति-केंद्रित अंकगणित में शामिल होने से इनकार करके, प्रसाद ने संकेत दिया कि प्रदर्शन और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए उनकी पार्टी की सीधी अपील क्षेत्रीय विखंडन को खत्म कर देगी, जिससे राज्य विधानसभा में अजेय बहुमत का रास्ता साफ हो जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया डबल-इंजन ड्राइव: क्यों जितिन प्रसाद आश्वस्त हैं कि बीजेपी यूपी चुनाव में जीत हासिल करेगी | न्यूज18 इंडिया अमृत रत्न सम्मान अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)उत्तर प्रदेश(टी)चुनाव(टी)बीजेपी(टी)योगी आदित्यनाथ(टी)डबल इंजन(टी)नरेंद्र मोदी(टी)यूपी

Sukumar will not rush into making Ram Charan’s film RC17

Sukumar will not rush into making Ram Charan's film RC17

मुंबई10 मिनट पहले कॉपी लिंक खबरों के अनुसार, रामचरण कलाई की चोट से जूझ रहे हैं और फिलहाल अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे हैं।- फाइल फोटो सुपरस्टार राम चरण इन दिनों फिल्म ‘पेड्‌डी’ की सफलता का जश्न मना रहे हैं। 4 जून को रिलीज हुई यह फिल्म विश्व स्तर पर 300 करोड़ रुपए से ज्यादा कारोबार कर चुकी है। अब वे फिल्म ‘RC17’ में दिखाई देंगे। जिसका निर्देशन अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा फ्रैंचाइज के निर्देशक’ सुकुमार करेंगे। फिल्म की पटकथा पर अभी भी काम कर रहे हैं। इसलिए, उन्हें फिल्म बनाने के लिए समय चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘RC17’ को सेट पर ले जाने के लिए सुकुमार को अभी थोड़ा समय चाहिए। वह पटकथा के हर पहलू को बारीकी से निखार रहे हैं। इस प्रक्रिया में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि वह परियोजना के अगले चरण की घोषणा करने से पहले कहानी को पूरी तरह से तैयार करना चाहते हैं।’ राम चरण को मिल जाएगा अतिरिक्त समय RC17 की देरी से राम को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदा हो सकता है। खबरों के अनुसार, अभिनेता कलाई की चोट से जूझ रहे हैं और फिलहाल अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे हैं। यह अतिरिक्त समय उन्हें किसी अन्य बड़ी फिल्म पर काम शुरू करने से पहले पूरी तरह से स्वस्थ होने में मदद कर सकता है। ‘RC17’ का ऐलान मार्च 2024 में किया गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘घुटन और खंडित’: कैसे जितिन प्रसाद को विपक्ष के सुलझने की आशंका | News18 इंडिया अमृत रत्न सम्मान | भारत समाचार

England vs New Zealand Live Score: Follow the latest updates from Day 1 of the 2nd Test. (AP Photo)

आखरी अपडेट:17 जून, 2026, 16:49 IST मंत्री के अनुसार, कई विपक्षी सांसद निजी तौर पर अपनी पार्टी के आलाकमानों द्वारा अपनाए गए पूरी तरह से अवरोधक दृष्टिकोण से निराश हैं। जितिन प्रसाद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री हैं। फ़ाइल चित्र/पीटीआई विपक्षी गुट पर तीखा हमला करते हुए, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आंतरिक असंतोष और संरचनात्मक विखंडन तेजी से प्रतिद्वंद्वी दलों की एकता को खत्म कर रहे हैं। बुधवार को न्यूज18 इंडिया अमृत रत्न सम्मान कॉन्क्लेव में बोलते हुए, मंत्री ने दावा किया कि विपक्षी सांसदों के बीच विद्रोह की लहर पनप रही है, जो अपने शीर्ष नेतृत्व की दिशाहीन रणनीति और वंशवादी राजनीति पर निर्भरता से घुटन महसूस कर रहे हैं। प्रसाद के अनुसार, कई विपक्षी सांसद निजी तौर पर संसद में अपनी पार्टी के आलाकमानों द्वारा अपनाए गए पूरी तरह से अवरोधक दृष्टिकोण से निराश हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इन निर्वाचित प्रतिनिधियों को स्थानीय विकासात्मक परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अपने संबंधित मतदाताओं से भारी दबाव का सामना करना पड़ता है। नतीजतन, रचनात्मक नीति निर्धारण के बजाय निरंतर राजनीतिक टकराव के चक्र में मजबूर होने के कारण कई लोग वास्तविक प्रगति के लिए एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विकास-केंद्रित एजेंडे की ओर देखने लगे हैं। उन्होंने कहा, “विपक्षी सांसद तेजी से एक वैचारिक शून्यता में फंसे हुए महसूस कर रहे हैं, जहां व्यक्तिगत वंशवादी हित नियमित रूप से आम नागरिक की विकास संबंधी जरूरतों पर हावी हो जाते हैं।” मंत्री ने इस आंतरिक कलह को एक अलग घटना के रूप में नहीं बल्कि विपक्ष के संयुक्त मोर्चे की संस्थागत विफलता के रूप में बताया। प्रसाद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि महत्वपूर्ण राज्य विधानसभा चुनावों से पहले ये आंतरिक दरारें अनिवार्य रूप से चौड़ी हो गई हैं, सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिरता और पारदर्शी शासन मॉडल उन सांसदों को आकर्षित करना जारी रखेगा जो अपने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रति जवाबदेह हैं। कॉन्क्लेव का संबोधन सत्तारूढ़ भाजपा की पूर्ण नीतिगत एकजुटता की छवि पेश करने की रणनीति को रेखांकित करता है, जबकि विपक्ष को एक खंडित, अस्थिर गठबंधन के रूप में चित्रित करता है जो अपरिहार्य टूटने की ओर बढ़ रहा है। मंत्री ने संकेत दिया कि विघटनकारी राजनीति के प्रति जनता का धैर्य पूरी तरह खत्म हो गया है, जिससे विपक्ष का शीर्ष नेतृत्व मतदाताओं और अपने स्वयं के सामान्य सदस्यों दोनों से अलग-थलग पड़ गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘घुटन और खंडित’: कैसे जितिन प्रसाद को विपक्ष के सुलझने की आशंका | न्यूज18 इंडिया अमृत रत्न सम्मान अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

Vozinha was named Man of the Match for his 7 saves against Spain.

Vozinha was named Man of the Match for his 7 saves against Spain.

Hindi News Sports Vozinha Was Named Man Of The Match For His 7 Saves Against Spain. अटलांटा14 मिनट पहले कॉपी लिंक स्पेन के खिलाफ जब वोजिन्हा को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया, तो वे भावुक हो गए और बताया कि इस खास दिन पर उनकी मां स्टेडियम में मौजूद नहीं थीं।- फाइल फोटो फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले ही मुकाबले में अफ्रीका के द्वीपीय देश केप वर्डे ने ऐसा उलटफेर किया, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। स्पेन जैसी दिग्गज टीम को 0-0 पर रोक मैच ड्रॉ कर दिया। इस कामयाबी के पीछे केप वर्डे के 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा रहे। उन्होंने सात सेव कर केप वर्डे को उसके वर्ल्ड कप इतिहास का पहला अंक दिलाया और अपने डेब्यू मैच में क्लीन शीट रखने वाले सबसे उम्रदराज गोलकीपर बन गए। मैच खत्म होने के बाद दुनिया उनकी तारीफ कर रही थी, लेकिन इस एक रात की सफलता के पीछे करीब दो दशक का संघर्ष, इंतजार और अधूरा सपना छिपा था। पढ़िए वोजिन्हा के कई किस्से… बचपन में हारकर घर भागते तो दोस्त ‘दादी’ कहकर चिढ़ाते थे, उसी निकनेम से दुनिया में पहचान बनाई वोजिन्हा का असली नाम जोसिमार जोस इवोरा डायस है। उनके पिता ने यह नाम ब्राजील के फुटबॉलर जोसिमार से प्रेरित होकर रखा था। लेकिन दुनिया उन्हें ‘वोजिन्हा’ नाम से जानती है। बचपन में वे इलाके के बड़े लड़कों के साथ फुटबॉल खेलते थे। इस दौरान साथियों द्वारा पिटाई लगने या हार मिलने पर गुस्से में खेल छोड़कर घर भाग जाते थे। तब साथी मजाक उड़ाते हुए कहते, ‘देखो, यह अपनी दादी के पास शिकायत करने जा रहा है।’ स्थानीय पुर्तगाली भाषा में ‘वोजिन्हा’ का मतलब ‘दादी’ होता है। यही नाम उनकी पहचान बन गया। – स्पेन के खिलाफ जब वोजिन्हा को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया, तो वे भावुक हो गए और बताया कि इस खास दिन पर उनकी मां स्टेडियम में मौजूद नहीं थीं। पैसों की कमी से मां का वीसा नहीं बना और वे वर्ल्ड कप देखने अमेरिका नहीं आ सकीं। वोजिन्हा ने रोते हुए अपने दादा-दादी को भी याद किया, जो अब जीवित नहीं हैं। – वोजिन्हा ब्राजीलियाई संस्कृति में पले-बढ़े हैं। बचपन से घरवाले ब्राजीलियन टीवी और म्यूजिक प्रोग्राम देखा करते। वे याद करते हैं कि दादा‑दादी और पिता अक्सर ब्राजील के टीवी शो और फिल्में देखते थे। – 2012 में डेब्यू करने वाले वोजिन्हा ने 2025 में टीम छोड़ने का मन बना लिया था। पिछले साल उन्हें टीम से बाहर कर ब्रूनो वरेला को मौका दिया गया और टीम एफकॉन के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई। इससे वे काफी निराश हुए। वोजिन्हा ने माना कि तब संन्यास लेने के बारे में गंभीरता से सोच रहे थे। हालांकि दोस्तों ने उन्हें वर्ल्ड कप का सपना याद दिलाया और जल्दबाजी में फैसला न लेने को कहा। एक साल बाद वोजिन्हा वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ प्रसिद्ध हो गए। – स्पेन के खिलाफ मुकाबले से पहले वोजिन्हा दुनिया के लिए अनजान थे। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 50 हजार फॉलोअर्स थे। लेकिन इस मैच के बाद कुछ ही घंटों में उनके फॉलोअर्स 70 लाख से अधिक हो गए। – उन्होंने 18 की उम्र तक नहीं सोचा था कि वर्ल्ड कप में खेलेंगे और पूरी दुनिया उनका नाम जानेगी। बता दें कि इस मैच के साथ वोजिन्हा 40 की उम्र में वर्ल्ड कप डेब्यू करने वाले इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे मिस्र के गोलकीपर एस्साम अल-हदारी (45 साल) हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘वे सांसद हैं, बच्चे नहीं’: विपक्षी दलों में बगावत पर किरण रिजिजू | भारत समाचार

England vs New Zealand Live Score: Follow the latest updates from Day 1 of the 2nd Test. (AP Photo)

आखरी अपडेट:17 जून, 2026, 16:33 IST रिजिजू ने कहा कि संसद सदस्य अपने फैसले के आधार पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। नई दिल्ली में न्यूज़18 इंडिया अमृत भारत सम्मान 2026 कार्यक्रम में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को विपक्षी दलों के भीतर हालिया राजनीतिक पुनर्गठन को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के घटनाक्रम लोकतांत्रिक प्रणाली का स्वाभाविक हिस्सा हैं और इन्हें रोका नहीं जा सकता है। नई दिल्ली में न्यूज18 इंडिया अमृत भारत सम्मान 2026 कार्यक्रम में बोलते हुए, रिजिजू ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी राजनीतिक पसंद बनाने के लिए स्वतंत्र हैं और उन्हें किसी विशेष पार्टी या समूह के साथ जुड़े रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। रिजिजू ने कहा, “राजनीतिक परिस्थितियां हैं। भारत में संसदीय लोकतंत्र है। लोकतंत्र में कुछ भी तय नहीं है। कोई जीतेगा, कोई इधर-उधर जाएगा।” लोकतंत्र और सत्तावादी व्यवस्था के बीच अंतर पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, “भारत में कोई सैन्य शासन या तानाशाही नहीं है। लोकतंत्र में कोई किसी को बांध नहीं सकता।” रिजिजू ने कहा कि संसद सदस्य अपने फैसले के आधार पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा, “वे सांसद हैं, बच्चे नहीं। वे अपनी मेहनत और समझ से काम करते हैं। कोई सवाल कर सकता है कि उन्होंने यह विशेष निर्णय क्यों लिया, लेकिन कोई उन्हें रोक नहीं सकता।” आंतरिक असंतोष का सामना कर रहे विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए रिजिजू ने कहा, “यह अच्छा है कि वे हमारे पक्ष में आ रहे हैं।” उनकी टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के भारतीय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपीआई) में चले जाने और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने के बाद आई है। शिवसेना (यूबीटी) के भीतर संभावित विभाजन की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा, “अगर उनके सांसद उन्हें छोड़ रहे हैं, तो हम क्या कर सकते हैं? वे भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं। अगर दो पार्टियां एक-दूसरे से बात कर रही हैं, तो मैं उस प्रक्रिया में कैसे हस्तक्षेप कर सकता हूं?” जैसे ही एनडीए संसद में दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ रहा है, ऐसी अटकलें हैं कि सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। ये दोनों बिल इस साल की शुरुआत में बजट सत्र के दौरान लोकसभा में गिर गए थे। हालांकि, रिजिजू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में अब तक किसी भी मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में -सौरभ वर्मावरिष्ठ उपसंपादक सौरभ वर्मा मुख्य उप-संपादक के रूप में News18.com के लिए सामान्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दैनिक समाचारों को कवर करते हैं। वह राजनीति पर गहरी नजर रखते हैं। आप उन्हें ट्विटर –twitter.com/saurbhkverma19 पर फ़ॉलो कर सकते हैं न्यूज़ इंडिया ‘वे सांसद हैं, बच्चे नहीं’: विपक्षी दलों में बगावत पर किरण रिजिजू अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विपक्षी पुनर्गठन पर किरेन रिजिजू(टी)भारतीय संसदीय लोकतंत्र(टी)राजनीतिक दलबदल भारत(टी)विपक्षी दलों की अशांति(टी)न्यूज18 अमृत भारत सम्मान(टी)सांसदों की राजनीतिक पसंद(टी)आंतरिक असहमति विपक्ष(टी)भारतीय राजनीति 2026