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Nora Fatehi Defamation Case | Dunes Aviation Files Suit in Gandhinagar

Nora Fatehi Defamation Case | Dunes Aviation Files Suit in Gandhinagar

14 मिनट पहले कॉपी लिंक एक एविएशन कंपनी ने बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही के खिलाफ ₹3 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कंपनी ने उनके ‘अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना’ कमेंट्स से साख को नुकसान पहुंचने का दावा किया है। ड्यून्स एविएशन ने यह केस गांधीनगर कोर्ट में दायर किया है। कंपनी के मुताबिक, नोरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर चार्टर्ड प्लेन का वीडियो शेयर कर उसे ‘छोटा’, ‘टॉय’ और ‘लेगो एयरप्लेन’ कहा था। कंपनी ने नोरा से सार्वजनिक सफाई मांगने के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विमान से जुड़े सभी बयान और कंटेंट हटाने की मांग भी की है। सीनियर सिविल जज आर. अग्रवाल की अदालत इस मामले की सुनवाई 25 सितंबर को करेगी। मुंबई-जयपुर उड़ान का वीडियो शेयर किया था ड्यून्स एविएशन की ओर से दायर मुकदमे के अनुसार, नोरा ने पिछले साल दिसंबर में मुंबई-जयपुर उड़ान के दौरान सेसना साइटेशन CJ2 विमान के अंदर वीडियो रिकॉर्ड किए थे। इन वीडियो में उन्होंने विमान को ‘छोटा’, ‘टॉय’ और ‘लेगो हवाई जहाज’ बताया था। कंपनी ने कमेंट्स को लापरवाही भरा बताया कंपनी का आरोप है कि 4.6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स वाली नोरा के लापरवाही भरे बयानों से बुकिंग रद्द हुईं। इससे कंपनी के कमर्शियल कामकाज पर भी बुरा असर पड़ा। बुकिंग में 15-20% गिरावट का दावा कंपनी ने दावा किया कि उसकी बुकिंग में 15-20% की गिरावट आई और कैंसिलेशन बढ़े। कंपनी के अनुसार, जिस विमान से नोरा ने यात्रा की थी, वह स्टैंडर्ड और सही साइज का था। ड्यून्स एविएशन ने कहा कि विमान पूरी तरह से DGCA-सर्टिफाइड और उड़ान भरने के लायक था। यह विमान एक वैध NSOP के तहत कानूनी रूप से संचालित किया जा रहा था। ₹3 करोड़ हर्जाने के साथ सार्वजनिक सफाई की मांग मुकदमे में कंपनी ने कोर्ट से ₹3 करोड़ का हर्जाना दिलाने की मांग की है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विमान के बारे में बयान या जिक्र वाले सभी कंटेंट तुरंत हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है। कंपनी ने यह भी मांग की है कि नोरा फतेही की ओर से इस मामले में सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए। मामले में नोरा की ओर से कोई सफाई सामने आई है या नहीं, यह अभी पता नहीं है। नोरा फतेही से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- 2026- ‘सरके चुनर’ गाने पर विवाद: गाने के बोलों को अश्लील बताते हुए विरोध हुआ। नोरा ने कहा कि हिंदी वर्जन के आपत्तिजनक बोलों की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने मेकर्स पर गाना गलत तरह पेश करने के आरोप लगाए। विवाद पर नोरा को महिला आयोग ने समन किया था। 2022- सुकेश चंद्रशेखर केस: 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने नोरा से पूछताछ की। उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। हाल ही में सुकेश ने बताया है कि नोरा उनके साथ रिश्ता कायम रखने के लिए बार-बार कॉल करती थीं। 2022- जैकलीन फर्नांडिस से मानहानि विवाद: सुकेश केस में अपना नाम घसीटे जाने का आरोप लगाते हुए नोरा ने जैकलीन के खिलाफ मानहानि का केस किया। 2022- FIFA वर्ल्ड कप में तिरंगा विवाद: कतर में परफॉर्मेंस के दौरान तिरंगा उल्टा पकड़े जाने पर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। 2020- टेरेंस लुईस वीडियो विवाद: डांस रिहर्सल का वीडियो वायरल होने के बाद टेरेंस पर नोरा को गलत तरीके से छूने के आरोप लगे। बाद में वीडियो के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Nora Fatehi Defamation Case | Dunes Aviation Files Suit in Gandhinagar

Nora Fatehi Defamation Case | Dunes Aviation Files Suit in Gandhinagar

32 मिनट पहले कॉपी लिंक एक एविएशन कंपनी ने बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही के खिलाफ ₹3 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कंपनी ने उनके ‘अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना’ कमेंट्स से साख को नुकसान पहुंचने का दावा किया है। ड्यून्स एविएशन ने यह केस गांधीनगर कोर्ट में दायर किया है। कंपनी के मुताबिक, नोरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर चार्टर्ड प्लेन का वीडियो शेयर कर उसे ‘छोटा’, ‘टॉय’ और ‘लेगो एयरप्लेन’ कहा था। कंपनी ने नोरा से सार्वजनिक सफाई मांगने के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विमान से जुड़े सभी बयान और कंटेंट हटाने की मांग भी की है। सीनियर सिविल जज आर. अग्रवाल की अदालत इस मामले की सुनवाई 25 सितंबर को करेगी। मुंबई-जयपुर उड़ान का वीडियो शेयर किया था ड्यून्स एविएशन की ओर से दायर मुकदमे के अनुसार, नोरा ने पिछले साल दिसंबर में मुंबई-जयपुर उड़ान के दौरान सेसना साइटेशन CJ2 विमान के अंदर वीडियो रिकॉर्ड किए थे। इन वीडियो में उन्होंने विमान को ‘छोटा’, ‘टॉय’ और ‘लेगो हवाई जहाज’ बताया था। कंपनी ने कमेंट्स को लापरवाही भरा बताया कंपनी का आरोप है कि 4.6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स वाली नोरा के लापरवाही भरे बयानों से बुकिंग रद्द हुईं। इससे कंपनी के कमर्शियल कामकाज पर भी बुरा असर पड़ा। बुकिंग में 15-20% गिरावट का दावा कंपनी ने दावा किया कि उसकी बुकिंग में 15-20% की गिरावट आई और कैंसिलेशन बढ़े। कंपनी के अनुसार, जिस विमान से नोरा ने यात्रा की थी, वह स्टैंडर्ड और सही साइज का था। ड्यून्स एविएशन ने कहा कि विमान पूरी तरह से DGCA-सर्टिफाइड और उड़ान भरने के लायक था। यह विमान एक वैध NSOP के तहत कानूनी रूप से संचालित किया जा रहा था। ₹3 करोड़ हर्जाने के साथ सार्वजनिक सफाई की मांग मुकदमे में कंपनी ने कोर्ट से ₹3 करोड़ का हर्जाना दिलाने की मांग की है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विमान के बारे में बयान या जिक्र वाले सभी कंटेंट तुरंत हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है। कंपनी ने यह भी मांग की है कि नोरा फतेही की ओर से इस मामले में सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए। मामले में नोरा की ओर से कोई सफाई सामने आई है या नहीं, यह अभी पता नहीं है। नोरा फतेही से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- 2026- ‘सरके चुनर’ गाने पर विवाद: गाने के बोलों को अश्लील बताते हुए विरोध हुआ। नोरा ने कहा कि हिंदी वर्जन के आपत्तिजनक बोलों की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने मेकर्स पर गाना गलत तरह पेश करने के आरोप लगाए। विवाद पर नोरा को महिला आयोग ने समन किया था। 2022- सुकेश चंद्रशेखर केस: 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने नोरा से पूछताछ की। उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। हाल ही में सुकेश ने बताया है कि नोरा उनके साथ रिश्ता कायम रखने के लिए बार-बार कॉल करती थीं। 2022- जैकलीन फर्नांडिस से मानहानि विवाद: सुकेश केस में अपना नाम घसीटे जाने का आरोप लगाते हुए नोरा ने जैकलीन के खिलाफ मानहानि का केस किया। 2022- FIFA वर्ल्ड कप में तिरंगा विवाद: कतर में परफॉर्मेंस के दौरान तिरंगा उल्टा पकड़े जाने पर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। 2020- टेरेंस लुईस वीडियो विवाद: डांस रिहर्सल का वीडियो वायरल होने के बाद टेरेंस पर नोरा को गलत तरीके से छूने के आरोप लगे। बाद में वीडियो के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ट्रम्प बोले कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर विमान अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

ट्रम्प बोले कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर विमान अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडाई विमान कंपनी बॉम्बार्डियर को अमेरिका में विमान बेचने से रोकने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अगर बॉम्बार्डियर को अमेरिकी बाजार में कारोबार करना है तो उसे विमान अमेरिका में ही बनाने होंगे। उन्होंने कनाडा पर अमेरिका के बाजार का गलत फायदा उठाने का आरोप लगाया। ट्रम्प ने सोमवार को ट्रूथ सोशल पर लिखा, अमेरिका में बॉम्बार्डियर की बिक्री अब नहीं होगी। उन्हें अमेरिका को पिगी बैंक समझना बंद करना होगा। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि बॉम्बार्डियर के विमानों की बिक्री रोकने के लिए अमेरिका कौन-सा कदम उठाएगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

ट्रम्प बोले कनाडाई प्लेन अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

ट्रम्प बोले कनाडाई प्लेन अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडाई विमान कंपनी बॉम्बार्डियर को अमेरिका में विमान बेचने से रोकने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अगर बॉम्बार्डियर को अमेरिकी बाजार में कारोबार करना है तो उसे विमान अमेरिका में ही बनाने होंगे। उन्होंने कनाडा पर अमेरिका के बाजार का गलत फायदा उठाने का आरोप लगाया। ट्रम्प ने सोमवार को ट्रूथ सोशल पर लिखा, अमेरिका में बॉम्बार्डियर विमान की बिक्री अब नहीं होगी। उन्हें अमेरिका को पिगी बैंक समझना बंद करना होगा। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि बॉम्बार्डियर के विमानों की बिक्री रोकने के लिए अमेरिका कौन-सा कदम उठाएगा। अमेरिका बॉम्बार्डियर के लिए सबसे बड़ा बाजार है अमेरिका बॉम्बार्डियर कंपनी के लिए बेहद अहम बाजार है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में बॉम्बार्डियर की कुल आय 9.55 अरब डॉलर रही। इस कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है लेकिन रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि कमाई का 50 प्रतिशत अमेरिका में किए गए कारोबार से आया। कंपनी ने कहा- हमारे कारण लोगों को नौकरी मिलीं ट्रम्प की धमकी के बाद बॉम्बार्डियर कंपनी ने कहा कि उसका अमेरिका में बड़ा कारोबार है और इससे वहां हजारों लोगों को नौकरी मिलती है। कंपनी ने बताया कि उसकी सप्लाई चेन में अमेरिका के 47 राज्यों की करीब 2,800 कंपनियां शामिल हैं। बॉम्बार्डियर ने यह भी कहा कि उसके विमानों में अमेरिका में बने इंजन, एवियोनिक्स और कई दूसरे अहम उपकरण इस्तेमाल होते हैं। कंपनी इस साल इंडियाना के फोर्ट वेन में अपनी नई फैसिलिटी भी शुरू करने वाली है। जनवरी में भी ट्रम्प ने दी थी धमकी कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर को लेकर ट्रम्प पहले भी सख्त रुख अपना चुके हैं। जनवरी में उन्होंने कंपनी के विमानों का अमेरिका में सर्टिफिकेशन रद्द करने और कनाडाई विमानों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। उस समय ट्रम्प कनाडा से इसलिए नाराज थे क्योंकि उनका आरोप था कि कनाडा ने अमेरिकी कंपनी गल्फस्ट्रीम के नए विमानों को सर्टिफिकेशन देने से इनकार किया था। उस समय ट्रम्प की धमकी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बॉम्बार्डियर के विमान अभी भी अमेरिका में सर्टिफाइड हैं। अमेरिका-कनाडा के बीच बढ़ रहा ट्रेड वॉर बॉम्बार्डियर पर ट्रम्प की नई धमकी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। पिछले महीने ट्रम्प ने करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50% टैरिफ लगाया था। इसमें हॉकी स्टिक से लेकर सीमेंट तक के सामान शामिल थे। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिका से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया है। मंगलवार से अमेरिकी स्टील, एल्युमिनियम और डेयरी उत्पादों पर 15%, 25% और 50% तक शुल्क लगाया जाना है। ———————–

फ्रांस में कर्मचारियों की हड़ताल से एफिल टॉवर बंद रहा:आरोप- हिंदू संगठन के दौरे पर महिला कर्मचारियों को हटाया

फ्रांस में कर्मचारियों की हड़ताल से एफिल टॉवर बंद रहा:आरोप- हिंदू संगठन के दौरे पर महिला कर्मचारियों को हटाया

फ्रांस का मशहूर एफिल टॉवर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सोमवार को बंद रहा। हड़ताल हिंदू संगठन BAPS के प्रतिनिधिमंडल के दौरे को लेकर हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि शनिवार को BAPS के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी की जगह से हटा दिया गया। स्टाफ यूनियन की प्रतिनिधि डायने डावोआन ने रॉयटर्स से कहा कि प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर महिलाओं से अपनी जगह छोड़ने को कहा गया, ताकि वहां पुरुष कर्मचारियों को लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस घटना से महिला कर्मचारी काफी आहत और अपमानित महसूस कर रही हैं। गुस्सा बढ़ने के बाद सोमवार को कर्मचारियों ने बैठक की और प्रबंधन से बात की। मैंनेजमेंट बोला- ऐसा अनुरोध नहीं मानना चाहिए था एफिल टॉवर चलाने वाली कंपनी SETE ने AFP को बताया कि BAPS ने ऐसा इंतजाम करने को कहा था, जिसमें महिलाओं से बातचीत कम से कम हो। SETE ने माना कि उसे यह अनुरोध नहीं मानना चाहिए था। कंपनी ने कहा कि यह उसकी नीतियों और महिला-पुरुष बराबरी के खिलाफ था। SETE के अध्यक्ष एरियल वील ने इसे बिल्कुल गलत बताया। उन्होंने कहा कि एफिल टॉवर महिला-पुरुष बराबरी और फ्रांस के नियमों का सम्मान करता है। BAPS ने घटना पर माफी मांगी BAPS ने कहा कि करीब 100 लोगों का दौरा एफिल टॉवर की टीम के साथ मिलकर तय किया गया था। समय ऐसा रखा गया था कि दूसरे पर्यटकों को कम परेशानी हो। संगठन ने कहा कि उसकी जानकारी में किसी को टॉवर में जाने से नहीं रोका गया। फिर भी, इस घटना से किसी को दुख या परेशानी हुई हो तो उसने माफी मांगी। BAPS खुद को हिंदू आध्यात्मिक और स्वयंसेवी संगठन बताता है। लंदन, लॉस एंजिल्स और सिडनी समेत कई शहरों में इसके मंदिर हैं। रविवार को पेरिस में BAPS के फ्रांस में पहले बड़े मंदिर का उद्घाटन हुआ। पेरिस के मेयर बोले- घटना की जांच होगी पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों के गुस्से को जायज बताया। फ्रांस की समानता मंत्री ऑरोर बर्जे ने कहा, “फ्रांस में महिलाओं से खुद को छिपाने के लिए नहीं कहा जाता। कोई धर्म देश के कानून से ऊपर नहीं है।” दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने कहा कि फ्रांस महिलाओं की मौजूदगी को सीमित करने की बात कभी नहीं मानेगा। पूर्व प्रधानमंत्री गैब्रियल अताल ने कहा कि कोई संस्कृति, आस्था या धर्म महिलाओं को यह नहीं बता सकता कि उन्हें कहां रहना चाहिए। —————————- ये खबर भी पढ़ें…. ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Nepal Gen-Z Protest Status | Balen Shah Government Fails Demands

Nepal Gen-Z Protest Status | Balen Shah Government Fails Demands

राज शर्मा | काठमांडू16 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल में भ्रष्टाचार खत्म करने और सुशासन की मांग को लेकर 8-9 सितंबर 2025 को हुए Gen-Z आंदोलन को एक साल पूरा हो गया है। आंदोलन के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी। इसके बाद बालेन के नेतृत्व वाली सरकार को भी 6 महीने हो चुके हैं। इसके बावजूद आंदोलन के दौरान उठाए गए कई मुद्दे अब तक अधूरे हैं। Gen-Z युवाओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे भी वापस नहीं लिए गए हैं। संविधान और शासन व्यवस्था में बदलाव, निर्वाचन प्रणाली में सुधार, Gen-Z युवा परिषद का गठन, आंदोलन के दौरान दमन करने वालों पर कार्रवाई, शहीद परिवारों को राहत, रोजगार और भ्रष्टाचार खत्म करने जैसे मुद्दों पर सरकार की गंभीरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सितंबर 2025 में हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू में संसद भवन में आग लगा दी थी। शरीर में अब भी छर्रे, इलाज का खर्च खुद उठा रहे आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों को अब तक पर्याप्त इलाज नहीं मिल सका है। Gen-Z आंदोलन में सक्रिय अर्जुन चुंदाली के मुताबिक, कुछ घायल अपने खर्च पर भारत जाकर इलाज करा रहे हैं। कई लोगों के शरीर में अब भी गोलियों के छर्रे हैं। Gen-Z आंदोलन में दो दिनों के दौरान 77 लोगों की मौत हुई थी और 2,429 लोग घायल हुए थे। आंदोलन से करीब 84 अरब 45 करोड़ रुपए के बराबर आर्थिक नुकसान का अनुमान है। पहले दिन संसद भवन के सामने 20 से ज्यादा छात्रों की मौत हुई थी। नेपाल पुलिस ने आंदोलनकारी युवाओं पर फायरिंग की थी, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। गृहमंत्री बोले- मांगें पूरी करने में जुटे हैं आंदोलन के अगुआ रहे सुदन गुरुंग अब नेपाल के गृहमंत्री हैं। उन्होंने कहा, “हमने जो कसम खाई है, उसे पूरा करना है। कई काम बाकी हैं, लेकिन हम जुटे हुए हैं।” Gen-Z आंदोलन शहीद परिवार के अध्यक्ष नारायण श्रेष्ठ ने कहा कि आंदोलन के दौरान युवाओं पर अत्याचार करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद और घायल परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की पूरी जिम्मेदारी राज्य को लेनी चाहिए। भास्कर एक्सपर्ट: नए लोगों को जनमत दिलाने तक सीमित रहा आंदोलन राजनीतिक विश्लेषक प्रो. डॉ. बासुदेव खनाल के मुताबिक, Gen-Z आंदोलन पुराने राजनीतिक दलों के प्रति आक्रोश पैदा करने और नए लोगों के पक्ष में जनमत बनाने तक सीमित रह गया। उनका कहना है कि Gen-Z युवा कानून के शासन के लिए लड़े थे, लेकिन आज भी देश कानून और नीति के बजाय आदेश और अध्यादेश से चलाया जा रहा है। इससे यह संदेश मिलता है कि असंगठित आंदोलन से नुकसान तो ज्यादा हो सकता है, लेकिन ठोस परिणाम हासिल करना मुश्किल है। कई मोर्चों पर सरकार की रफ्तार धीमी बहुदलीय शासन व्यवस्था की वापसी के बाद पदाधिकारियों की संपत्ति जांच के लिए बना आयोग भी अब तक काम शुरू नहीं कर सका है। सरकारी नियुक्तियों में नेताओं के करीबियों को तरजीह देने के आरोप भी लग रहे हैं। सरकारी तंत्र में डर का माहौल है। बड़े पदों से लगातार इस्तीफे हो रहे हैं, जिसे लेकर भी चिंता बढ़ रही है। आर्थिक मोर्चे पर भी हालात बेहतर नहीं हैं। बैंकों में निवेश के लिए पैसा मौजूद है, लेकिन निवेशक पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। विदेशी निवेश भी घटा है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता नेपाल में आई बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Oxford University Returns Naga Ancestors Remains

Oxford University Returns Naga Ancestors Remains

Hindi News Career Oxford University Returns Naga Ancestors Remains | Paris Hindu Temple 12 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. लक्जमबर्ग के डिप्टी पीएम जेवियर बेट्टेल भारत यात्रा पर आए 7 सितंबर को लक्जमबर्ग के डिप्टी पीएम जेवियर बेट्टेल भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जेवियर से मुलाकात की। इस यात्रा में दोनों ने ट्रेड, इंवेस्टमेंट और फाइनेंशियल रिलेशनशिप पर बात की। विदेश मंत्रालय (MEA) के वरिष्ठ राजनयिकों ने उनका स्वागत किया। जेवियर बेट्टेल अपनी इस यात्रा के दौरान भारत के विदेश मंत्री और अन्य शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। लक्जमबर्ग यूरोपीय संघ (EU) का एक बेहद प्रभावशाली सदस्य और दुनिया का एक प्रमुख वित्तीय व बैंकिंग सेवा केंद्र है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा फिनटेक, ग्रीन फाइनेंस और इंवेस्टमेंट को बढ़ावा देना है। इस यात्रा के दौरान दोनों देश स्पेस रिसर्च, सैटेलाइट लॉन्च और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर भी बात करेंगे। भारत और लक्जमबर्ग जलवायु कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े वैश्विक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। जेवियर बेट्टेल पूर्व में लक्जमबर्ग के पीएम भी रह चुके हैं। 2. पीएम ने पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन किया 6 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली यानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेरिस में BAPS स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन किया। ये मंदिर पेरिस की ईस्ट सिटी में बुसी-सेंट-जॉर्ज में बनाया गया है। इस मंदिर में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था है। पीएम ने इसे भारत-फ्रांस सांस्कृतिक संबंधों के लिए एक मील का पत्थर बताया है। ये फ्रांस का पहला पारंपरिक डिजाइन वाला पत्थर से निर्मित हिंदू मंदिर है। ये मंदिर फ्रांस की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध करेगा और भारत-फ्रांस के बीच लोगों का लोगों से संबंध मजबूत करेगा। भारत और फ्रांस के बीच AI, डिफेंस, स्पेस और क्लाइमेट जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग के लिए काम करते हैं। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. सात्विकसाईराज और चिराग ने चाइना मास्टर्स जीता 6 सितंबर को भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। इस भारतीय जोड़ी ने चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को एक घंटे 10 मिनट चले मैच में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। वर्ल्ड नंबर-5 भारतीय जोड़ी के लिए ये बड़ी जीत है। अब दोनों 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स में खेलेंगे। सात्विक-चिराग की जोड़ी का ये पहला चाइना मास्टर्स है। इससे पहले दोनों 2023 और 2025 में रनरअप रहे थे। ये 2026 सीजन का सात्विक-चिराग का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 जीता था। सात्विक-चिराग की जोड़ी 2024 में सेमीफाइनल में पहुंची थी। मिसलीनियस 4. यूके से 39 नागा पूर्वजों के अवशेष भारत वापस आएंगे 6 सितंबर को ब्रिटेन की प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने 39 नागा पूर्वजों के अवशेषों को भारत (नागालैंड) वापस भेजने की मंजूरी दी। ये मूर्तियां यूनाइटेड किंगडम (UK) यूनिवर्सिटी के पिट रिवर्स म्यूजियम में रखी हुई हैं। ये अवशेष औपनिवेशिक शासन यानी, कोलोनियल रूल के दौरान अंग्रेज नागालैंड से उन्हें ब्रिटेन ले गए थे। नागा समुदाय, नागालैंड सरकार और विभिन्न मानवाधिकार और सांस्कृतिक ऑर्गेनाइजेशन इन अवशेषों को वापस लाने के लिए लंबे समय से काम चल रहे थे। ऑक्सफोर्ड का पिट रिवर्स संग्रहालय दुनिया भर की जनजातीय और नृवंशविज्ञान (Ethnographic) वस्तुओं के संग्रह के लिए जाना जाता है। अवशेषों के वापस आने पर नागालैंड में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार या संरक्षण किया जाएगा। नागा समुदाय ने कुल 40 अवशेषों की वापसी की मांग की गई थी, लेकिन ऑक्सफोर्ड काउंसिल ने एक अवशेष को वापस करने से इनकार किया, क्योंकि उसके नागा मूल का पर्याप्त प्रमाण नहीं मिला। ये अवशेष नवंबर 2026 में हैंडओवर किये जाएंगे। 5. एशियाई विकास बैंक और मप्र सरकार ने MoU किया 7 सितंबर को एशियाई विकास बैंक (ADB) और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समझौता (MoU) हुआ। ये भारत में अपनी तरह का पहला ट्रांजैक्शन एडवाइजरी पैक्ट है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य रेनुअल एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाना है। ये पैसा राज्य में ग्रीन और क्लीन एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जाएगी। इस MoU से मध्य प्रदेश में सोलर एनर्जी के बड़े प्रोजेक्ट्स को मदद मिलेगी। एशियाई विकास बैंक इसके लिए फाइनेंशियल और इंवेस्टमेंट से जुड़ी एड्वाइज देगा। ये MoU भारत के कार्बन उत्सर्जन को कम करने के पर्यावरण लक्ष्यों के अनुकूल है। मध्य प्रदेश को देश का स्वच्छ ऊर्जा हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा मील का पत्थर है आज का इतिहास 1926 में प्रसिद्ध गीतकार और संगीतकार भूपेन हजारिका का जन्म हुआ। 2022 में ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी एलीजाबेथ II का निधन हुआ। —————- ये खबर भी पढ़ें.. 7 सितंबर के करेंट अफेयर्स:भारत-चीन के बीच ‘वाचा’ में पहली सैन्य बैठक हुई, SBI और बिसलरी मिलकर प्लास्टिक रीसाइकल करेंगे आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। इलेक्ट्रॉनिक्स से IT तक में रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल रेयर अर्थ मटेरियल 17 रासायनिक तत्वों का समूह है। इनका इस्तेमाल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मिलिट्री उपकरणों तक में होता है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा और कई आधुनिक तकनीकों में इनकी अहम भूमिका है। इनका इस्तेमाल IT, केमिकल और ऑयल रिफाइनिंग जैसी इंडस्ट्रीज में भी होता है। आधुनिक तकनीक और हाई-टेक उपकरणों में इनकी मांग लगातार बनी हुई है। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 4894 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 4,307 नेपाली नागरिक और 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों, टूटे रास्तों और भारी मलबे के कारण बचाव अभियान में कई मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 1,356 लोगों की मौत हुई है। वहीं तिब्बत में 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लापता हैं। नेपाल रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीरें… नेपाल बाढ़ से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…