अमेरिका में यात्री को फ्लाइट में टेप से बांधा:मारपीट और हंगामा कर रहा था, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी

अमेरिका में अमेरिकन एयरलाइंस की एक फ्लाइट में 67 साल के यात्री ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। उसने पहले फ्लाइट अटेंडेंट और दूसरे यात्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद पास बैठे यात्री पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने आई एक महिला को भी धक्का दिया। हालात बिगड़ने पर तीन यात्रियों ने उसे काबू कर डक्ट टेप और जिप टाई से सीट पर बांध दिया। घटना के कारण फ्लाइट को बाल्टीमोर डायवर्ट करना पड़ा। यह घटना 3 सितंबर की रात अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 618 में हुई। विमान टेक्सास के डलास-फोर्ट वर्थ से न्यू जर्सी के नेवार्क जा रहा था। जीसस और नरक की बातें करते हुए चिल्लाने लगा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के करीब दो घंटे बाद यात्री अचानक आक्रामक हो गया। वह जीसस और नरक में जाने की बातें करते हुए चिल्ला रहा था। उसने एक अश्वेत फ्लाइट अटेंडेंट के खिलाफ नस्लीय गाली दी और समलैंगिक लोगों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद वह पास बैठे यात्री से भिड़ गया। गवाहों के मुताबिक, उसने पहले उस यात्री के लैपटॉप पर वार किया और फिर उसका गला पकड़ लिया। एक महिला यात्री ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उसने उसकी तरफ भी हमला करने की कोशिश की। 3 यात्रियों ने मिलकर काबू किया आरोपी के हिंसक होने के बाद तीन पुरुष यात्री उसकी तरफ मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मिलकर उसे रोकने की कोशिश की। इनमें रिटायर्ड अफसर जुआन मेजिया भी शामिल थे। मेजिया के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में विमान का माहौल पूरी तरह बदल गया। पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन यात्री अचानक चिल्लाने और मारपीट करने लगा। आरोपी को रोकने की कोशिश के दौरान उसने मेजिया के हाथ पर काट लिया। इसके बाद फ्लाइट क्रू ने यात्रियों को डक्ट टेप और जिप टाई दीं। यात्रियों ने उसे सीट से बांध दिया और उसके हाथ जिप टाई से सुरक्षित कर दिए। बाल्टीमोर में उतरते ही गिरफ्तार फ्लाइट को बाल्टीमोर-वॉशिंगटन इंटरनेशनल थर्गूड मार्शल एयरपोर्ट डायवर्ट किया गया। विमान के उतरने के बाद मैरीलैंड ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, उसकी पहचान 67 वर्षीय आर्थर लेन लुंडीन के रूप में हुई है। वह एरिजोना के टक्सन का रहने वाला है। उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री असॉल्ट और डिसऑर्डरली कंडक्ट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि लुंडीन के हाथ में एक खुला घाव भी था। उसे मौके पर पैरामेडिक्स ने देखा और इलाज के बाद यात्रा के लिए सुरक्षित बताया। कोर्ट ने रिहा किया, 19 अक्टूबर को सुनवाई स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के अलावा FBI भी मामले की जांच कर रही है। एजेंसी यह देख रही है कि घटना में संघीय कानून के तहत भी कोई मामला बनता है या नहीं। FAA भी घटना की जांच कर रही है। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, लुंडीन शुरुआती सुनवाई में पेश हुआ और उसे अपने मुचलके पर रिहा कर दिया गया। उसकी अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को तय की गई है। रियल एस्टेट कंपनी ने नौकरी से हटाया लुंडीन एरिजोना की रियल एस्टेट कंपनी लॉन्ग रियलिटी में काम करता था। घटना के बाद कंपनी ने उसे हटा दिया और वेबसाइट से उसका प्रोफाइल भी डिलीट कर दिया। अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। लुंडीन के विमान से उतरने के बाद फ्लाइट ने नेवार्क के लिए अपनी यात्रा पूरी की
अमेरिका में यात्री को फ्लाइट में टेप से बांधा:मारपीट और हंगामा कर रहा था, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी

अमेरिका में अमेरिकन एयरलाइंस की एक फ्लाइट में 67 साल के यात्री ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। उसने पहले फ्लाइट अटेंडेंट और दूसरे यात्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद पास बैठे यात्री पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने आई एक महिला को भी धक्का दिया। हालात बिगड़ने पर तीन यात्रियों ने उसे काबू कर डक्ट टेप और जिप टाई से सीट पर बांध दिया। घटना के कारण फ्लाइट को बाल्टीमोर डायवर्ट करना पड़ा। यह घटना 3 सितंबर की रात अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 618 में हुई। विमान टेक्सास के डलास-फोर्ट वर्थ से न्यू जर्सी के नेवार्क जा रहा था। जीसस और नरक की बातें करते हुए चिल्लाने लगा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के करीब दो घंटे बाद यात्री अचानक आक्रामक हो गया। वह जीसस और नरक में जाने की बातें करते हुए चिल्ला रहा था। उसने एक अश्वेत फ्लाइट अटेंडेंट के खिलाफ नस्लीय गाली दी और समलैंगिक लोगों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद वह पास बैठे यात्री से भिड़ गया। गवाहों के मुताबिक, उसने पहले उस यात्री के लैपटॉप पर वार किया और फिर उसका गला पकड़ लिया। एक महिला यात्री ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उसने उसकी तरफ भी हमला करने की कोशिश की। 3 यात्रियों ने मिलकर काबू किया आरोपी के हिंसक होने के बाद तीन पुरुष यात्री उसकी तरफ मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मिलकर उसे रोकने की कोशिश की। इनमें रिटायर्ड अफसर जुआन मेजिया भी शामिल थे। मेजिया के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में विमान का माहौल पूरी तरह बदल गया। पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन यात्री अचानक चिल्लाने और मारपीट करने लगा। आरोपी को रोकने की कोशिश के दौरान उसने मेजिया के हाथ पर काट लिया। इसके बाद फ्लाइट क्रू ने यात्रियों को डक्ट टेप और जिप टाई दीं। यात्रियों ने उसे सीट से बांध दिया और उसके हाथ जिप टाई से सुरक्षित कर दिए। बाल्टीमोर में उतरते ही गिरफ्तार फ्लाइट को बाल्टीमोर-वॉशिंगटन इंटरनेशनल थर्गूड मार्शल एयरपोर्ट डायवर्ट किया गया। विमान के उतरने के बाद मैरीलैंड ट्रांसपोर्टेशन अथॉरिटी पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, उसकी पहचान 67 वर्षीय आर्थर लेन लुंडीन के रूप में हुई है। वह एरिजोना के टक्सन का रहने वाला है। उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री असॉल्ट और डिसऑर्डरली कंडक्ट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि लुंडीन के हाथ में एक खुला घाव भी था। उसे मौके पर पैरामेडिक्स ने देखा और इलाज के बाद यात्रा के लिए सुरक्षित बताया। कोर्ट ने रिहा किया, 19 अक्टूबर को सुनवाई स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के अलावा FBI भी मामले की जांच कर रही है। एजेंसी यह देख रही है कि घटना में संघीय कानून के तहत भी कोई मामला बनता है या नहीं। FAA भी घटना की जांच कर रही है। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, लुंडीन शुरुआती सुनवाई में पेश हुआ और उसे अपने मुचलके पर रिहा कर दिया गया। उसकी अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को तय की गई है। रियल एस्टेट कंपनी ने नौकरी से हटाया लुंडीन एरिजोना की रियल एस्टेट कंपनी लॉन्ग रियलिटी में काम करता था। घटना के बाद कंपनी ने उसे हटा दिया और वेबसाइट से उसका प्रोफाइल भी डिलीट कर दिया। अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। लुंडीन के विमान से उतरने के बाद फ्लाइट ने नेवार्क के लिए अपनी यात्रा पूरी की ———————– यह खबर भी पढ़ें… मेक्सिको में आतिशबाजी के दौरान धमाका, 10 की मौत:64 घायल; चर्च में सेलिब्रेशन चल रहा था, सैकड़ों लोग जमा थे मेक्सिको में धार्मिक उत्सव के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां आतिशबाजी के सामान में जोरदार धमाका होने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
China-Nepal Border Landslide Tragedy | Rescue Operation & Missing People

14 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि नेपाल सीमा पर भूस्खलन से तबाह हुए ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग से 12 और शव बरामद किए गए हैं। यहां सैकड़ों लापता लोगों की तलाश जारी है। नेपाल की तरफ 26 अगस्त को एक हिमनद टूटने के बाद सुनामी जैसी तेज लहर में पानी, कीचड़ और मलबा बहकर आया था। इस आपदा में सीमा के दोनों तरफ 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। चीन की तरफ शनिवार तक 43 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और 519 लोग लापता थे। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लापता लोगों में 49 भारतीय नागरिक हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से रविवार को अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए पहली बार दौरा आयोजित किया गया। रॉयटर्स और अन्य समाचार एजेंसियों ने संकरी नदी घाटी में बने इस लैंड पोर्ट का दौरा किया। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
China-Nepal Border Landslide Tragedy | Rescue Operation & Missing People

4 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाके में पहली बार इंटरनेशनल मीडिया को जाने की इजाजत दी गई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रॉयटर्स समेत कई विदेशी मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग का दौरा कराया। यह इलाका 26 अगस्त को पानी, कीचड़ और मलबे की तेज लहर की चपेट में आया था। चीन और नेपाल को मिलाकर इस आपदा में 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 5,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। तिब्बत-नेपाल हादसे से जुड़े 5 फोटोज तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और मलबे से हुई तबाही की जानकारी देते चीनी अधिकारी। तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आपदा की जानकारी देते चीनी वैज्ञानिक सु पेंगचेंग, साथ में चीन-नेपाल सीमा का नक्शा। तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर चीनी झंडे के पास मलबे में लोगों की तलाश करते बचावकर्मी। तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मलबे की तलाश करते बचावकर्मी। चीन-नेपाल सीमा पर बाढ़ में बह गई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर मलबा हटाते बचावकर्मी। चीन ने पहली बार विदेशी मीडिया को दिखाई तबाही दौरे के दौरान पत्रकारों ने प्रभावित इलाके में चल रहे बचाव अभियान को देखा। नारंगी रंग की वर्दी पहने बचावकर्मी खुदाई मशीनों, फावड़ों और जमीन के नीचे तलाश करने वाले रडार की मदद से लोगों और शवों को खोज रहे हैं। आपदा से पहले यहां चीन की पांच मंजिला कस्टम्स बिल्डिंग थी, लेकिन अब उसका कोई निशान नहीं बचा है। करीब 20 मीटर ऊंचा बॉर्डर गेट भी मलबे में दब गया है। वहां सिर्फ पास के पानी के टावर का एक हिस्सा दिखाई दे रहा है। जहां पहले बॉर्डर गेट था, वहां चीन का झंडा लगाया गया है। आसपास का पूरा इलाका भूरे-काले मलबे से ढका हुआ है। बचावकर्मी चेतावनी वाले बोर्ड के पीछे लगातार खुदाई कर रहे हैं। तिब्बत-नेपाल सीमा पर बनाए गए ग्यिरोंग पोर्ट पर 26 अगस्त को आई बाढ़ के मलबे में कई लोग दब गए। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 6 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन का दावा- नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से शुरू हुई तबाही 26 अगस्त को नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, मिट्टी और मलबे की तेज लहर चीन की सीमा तक पहुंची। इसने ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को पूरी तरह तबाह कर दिया। हादसे के वीडियो में पानी, मिट्टी और मलबे की काली लहर तेजी से बॉर्डर क्रॉसिंग की ओर बढ़ती दिखाई देती है। लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने का ज्यादा समय नहीं मिला। चीन का कहना है कि हादसे की शुरुआत नेपाल की तरफ ग्लेशियर टूटने से हुई थी। इसके बाद चीन ने प्रभावित इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। 6 मिनट पहले कॉपी लिंक शवों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट-टैटू का रिकॉर्ड मलबे से मिले शवों की पहचान के लिए बचाव दल फिंगरप्रिंट और टैटू जैसे पहचान वाले निशानों का रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। मौके से अब तक 993 निजी सामान भी मिले हैं, जिनसे लापता लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है। हालांकि, लापता विदेशी नागरिकों के परिवार और उनके देशों के राजनयिक चीन से ज्यादा जानकारी साझा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने नागरिकों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही। रॉयटर्स से बातचीत में चार देशों के प्रतिनिधियों ने कहा कि चीन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि बरामद शवों की DNA जांच कैसे होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि बॉर्डर की CCTV और चेहरे पहचानने वाली फुटेज से शवों की पहचान की जाएगी या नहीं और क्या यह जानकारी परिवारों को दी जाएगी। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ को लेकर दी गई जानकारी पारदर्शी और समय पर है। मंत्रालय ने दूसरे देशों और एजेंसियों के साथ काम करने की तैयारी भी जताई है। 7 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल-तिब्बत के बीच कारोबार और कैलाश यात्रा का अहम रास्ता ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग चीन के तिब्बत और नेपाल के बीच कारोबार और आवाजाही का अहम रास्ता है। 2015 के भूकंप में पूर्व की तरफ मौजूद दूसरे रास्ते को नुकसान पहुंचने के बाद ग्यिरोंग नेपाल और तिब्बत के बीच कारोबार और लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता बन गया था। इस रास्ते से चीन से नेपाल की ओर इलेक्ट्रिक वाहनों समेत कई तरह का सामान भेजा जाता था। नेपाल के रास्ते तिब्बत में माउंट कैलाश जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी यह अहम रास्ता है। चीन अब इस बॉर्डर क्रॉसिंग को दोबारा बनाने पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इसे फिर से बनाया गया तो डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। तबाही से पहले ग्योरोंग पोर्ट दिखने में ऐसा था। 7 मिनट पहले कॉपी लिंक पहले भी ग्लेशियर की बाढ़ से बंद हुआ था बॉर्डर ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग इससे पहले भी पिछले साल जुलाई से जनवरी तक बंद रहा था। उस समय ग्लेशियर से आई बाढ़ के कारण रास्ता बंद करना पड़ा था। इस घटना के बाद ग्लेशियर और उनसे बनने वाली झीलों की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई है। जुलाई 2025 में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट में भूस्खलन के बाद का दृश्य। यह आपदा ग्लेशियर की झील का पानी बाहर निकलने से आई बाढ़ के कारण हुई थी। चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक, तिब्बत और आसपास के इलाकों में 3,000 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें से 187 को ज्यादा जोखिम वाली झीलों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इनकी निगरानी जमीन पर और दूर से सेंसर की मदद से की जाती है। चीन के आपातकालीन बचाव मुख्यालय के उप प्रमुख नोरबू त्सेरिंग ने कहा कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए निगरानी और समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया। 7 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन में 43 की मौत, 519 लोग अब भी लापता चीनी अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तक चीन की तरफ 43 लोगों की मौत की पुष्टि
रानी पद्मावती का जौहर कायरता नहीं बहादुरी:स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, धर्म परिवर्तन पर भी तंज कसा

धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहा था। स्वरा बयान पर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर को ‘कायरता’ कहने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। यह बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री- आप संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।’ क्या था स्वरा भास्कर का पूरा बयान, क्यों हुआ विवाद? 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा ‘क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?’ एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, “यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही ‘छी’ कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।” स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाई स्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है।” ‘क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?’ स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहस स्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा- ‘अगर विकल्प विजेताओं की गुलाम बनने और उनके हरम में रखी जाने वाली सेक्स स्लेव बनने के बीच हो, तो कई महिलाएं पहला विकल्प चुनेंगी। कुछ महिलाएं दूसरा विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि, आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। आपकी इस पसंद से कोई सहमत हो या असहमत, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन यह एक चॉइस थी।’ इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, “प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है?” क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार ‘रानी पद्मावती’ किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।
रानी पद्मावती का जौहर कायरता नहीं बहादुरी:स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, धर्म परिवर्तन पर भी तंज कसा

धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहा था। स्वरा बयान पर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर को ‘कायरता’ कहने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। यह बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री- आप संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।’ क्या था स्वरा भास्कर का पूरा बयान, क्यों हुआ विवाद? 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा ‘क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?’ एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, “यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही ‘छी’ कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।” स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाई स्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है।” ‘क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?’ स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहस स्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा- ‘अगर विकल्प विजेताओं की गुलाम बनने और उनके हरम में रखी जाने वाली सेक्स स्लेव बनने के बीच हो, तो कई महिलाएं पहला विकल्प चुनेंगी। कुछ महिलाएं दूसरा विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि, आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। आपकी इस पसंद से कोई सहमत हो या असहमत, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन यह एक चॉइस थी।’ इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, “प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है?” क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार ‘रानी पद्मावती’ किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।
Arunachal Military Talks & Bisleri-SBI Plastic Recycling

Hindi News Career Arunachal Military Talks & Bisleri SBI Plastic Recycling | Current Affairs 8 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के (LG) अपॉइंट हुए 6 सितंबर डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के नए उपराज्यपाल (LG) अपॉइंट हुए। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार के प्रशासनिक प्रमुख की नियुक्ति की। डॉ. दिनेश शर्मा की अपॉइंटमेंट आर्टिकल 239 के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की है। किसी भी केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन के लिए प्रशासक या उपराज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति करती हैं। हैं। दिनेश 2014 में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए थे और गुजरात भाजपा के प्रभारी भी रहे। 2017 में दिनेश योगी आदित्यनाथ सरकार में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री भी रहे। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में स्थित भारत का एक बेहद संवेदनशील और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण द्वीप समूह है। अंडमान और निकोबार द्वीप की राजधानी पोर्ट ब्लेयर है। नए उपराज्यपाल सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के साथ मिलकर काम करेंगे। डॉ. दिनेश शर्मा में 1990 के दशक में ABVP से जुड़कर अपने राजनीति करियर की शुरुआत की थी। 2. भारत और चीन के सैन्य के बीच बैठक हुई 6 सितंबर को भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच कॉप्स कमांडर लेवल की बैठक आयोजित की गई। ये बैठक लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल’ (LAC) पर अरुणाचल प्रदेश के ‘वाचा’ में की गई। वाचा-दमाई अरुणाचल प्रदेश का बॉर्डर मीटिंग पॉइंट है। भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, III कॉर्प (Spear Corps) के कमांडर लीड रहे। पूर्वी क्षेत्र में कॉप्स कमांडर लेवल की ये पहली बैठक है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर शांति और स्थिरता तय करना है। ये वार्ता दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने और तनाव को कम करने में मदद करेगी। दोनों देशों ने पिछले कुछ समय में आर्मी कम्युनिकेशन मजबूत करने के लिए हॉटलाइन और नए बॉर्डर मीटिंग पॉइंट विकसित करने पर भी काम किया है। ये पूर्वी सेक्टर में दोनों देशों के कॉर्प कमांडर लेवल की पहली बैठक है। 3. बिसलेरी इंटरनेशनल और SBI ने प्लास्टिक मैनेजमेंट के लिए MoU किया 5 सितंबर को बिसलेरी इंटरनेशनल और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्लास्टिक कचरे के मैनेजमेंट के लिए एक MoU साइन किया। इस MoU को ‘बॉटल्स फॉर चेंज’ पहल के तहत किया गया है। SBI और बिसलेरी ने इसके लिए लेटर ऑफ एसोसिएशन (LoA) पर साइन किए। SBI की ब्रांच और ऑफिस में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ये MoU किया है। इस MoU के तहत SBI अपने कर्मचारियों और हाउसकीपिंग स्टाफ को प्लास्टिक की सही छंटाई और मैनेजमेंट के बारे में जागरूक किया जाएगा। SBI के ऑफिस में इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक को इकट्ठा कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। SBI और बिसलेरी ने ये MoU पर्यावरण संरक्षण के लिए किया है और इसके तहत SBI देश भर में अपने ऑफिस, एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग और बड़ी ब्रांच में उपयोग की गई प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकिल करने के लिए स्पेशल स्टोरेज सेंटर बनाए जाएंगे। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. हरमनप्रीत कौर सबसे ज्यादा T20 मैचों की कप्तानी का रिकॉर्ड बनाया 6 सितंबर को भारत की क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर 150 इंटरनेशनल T20 मैचों की कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनी। हरमन 2012 में पहली बार T20 की कप्तान बनीं थी और वे अक्टूबर 2016 से अब तक रेगुलर T20 की कप्तान हैं। हरमन ने हाल ही में दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ महिला T20 एशिया कप खेलकर ये रिकॉर्ड बनाया है। हरमन 200 से ज्यादा T20 मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर (महिला और पुरुष दोनों में) हैं। साल 2018 में हरमन महिला टी20 इंटरनेशनल मैच में सेंचुरी लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी के के नाम है। वहीं, पुरुषों के इंटरनेशनल T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड नामीबिया के गेरहार्ड इरास्मस के नाम है, जिन्होंने 91 मैचों में कप्तानी की है। निधन (DEATH) 5. झारखंड के केंद्रीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन 6 सितंबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। वे 54 साल के थे। सुदिव्य गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। वे वर्तमान में पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेल और युवा कार्य विभागों का प्रभार भी संभाल रहे थे। सुदिव्य पहली बार 2019 में गिरिडीह से विधायक चुने गए थे और 2024 में दोबारा निर्वाचित हुए। सुदिव्य ने 2019-24 तक विधायक के तौर पर ‘सर जेसी बोस विश्वविद्यालय’ की स्थापना में बड़ी भूमिका निभाई थी। सुदिव्य ने 1989 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। मिसलीनियस 6. NIMAS ने 20 नई दुर्गम चोटियां खोजीं 5 सितंबर को भारत के राष्ट्रीय पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान, NIMAS ने 20 नई दुर्गम चोटियां खोजी। NIMAS रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला भारत का एक प्रमुख संस्थान है, ये अरुणाचल प्रदेश के दिरांग में स्थित है। NIMAS की जांबाज टीम ने अरुणाचल प्रदेश से लेकर लद्दाख तक फैले विशाल हिमालय पर्वतमाला की कुल 20 अज्ञात और बेहद दुर्गम चोटियों पर पहली बार सफलतापूर्वक चढ़ाई की। NIMAS की टीम ने ये रिकॉर्ड मात्र 23 दिनों के भीतर बनाया है, जो भारत के पर्वतारोहण इतिहास में अब तक का सबसे तेज अभियान है। NIMAS के इस साहसिक मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत के सुदूर सीमावर्ती पर्वतीय क्षेत्रों का सटीक भौगोलिक मानचित्रण करना और वहां पर्यटन को बढ़ावा देना है। इन नई चोटियों पर फतह करने से सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सेना की रणनीतिक पहुंच और भौगोलिक समझ भी बेहतर होगी। इस अभियान दल में अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानीय पर्वतारोही शामिल हुए, जिनमें लोबसांग तेनजिन बापू, दोरजी खांडू जैसे नाम शामिल हैं। NIMAS के इस अभियान दल के लीडर कर्नल रणवीर सिंह जामवाल थे। आज का इतिहास 1889 में शरत चन्द्र बोस स्वतन्त्रता सेनानी थे। 1906 में मुंबई के व्यापारियों ने बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना हुई। —————————— ये खबर भी पढ़ें.. 5 सितंबर के करेंट अफेयर्स:ISRO का EOS-05 सैटेलाइट पाकिस्तान, चीन पर नजर रखेगा, 4 साल की एलेना
जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। पार्टी की प्रमुख मांगें और नीतियां: इमिग्रेशन पर रोक: पार्टी जर्मनी में आने वाले प्रवासियों की संख्या कम करने और नियम कड़े करने की समर्थक है। शरणार्थियों पर सख्ती: पार्टी शरणार्थियों के लिए नियम कड़े करने और उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग कक्षाओं की मांग करती है। रूस से बेहतर रिश्ते: AfD रूस के साथ संबंध सुधारना चाहती है। यूक्रेन की मदद कम करना: पार्टी यूक्रेन को जर्मनी की सैन्य मदद कम करने की मांग करती है। यूरो से बाहर निकलना: AfD जर्मनी को यूरो मुद्रा से बाहर निकालने की बात करती रही है। पारंपरिक मूल्यों पर जोर: पार्टी स्कूलों और सांस्कृतिक संस्थानों में पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देना चाहती है। रेनबो झंडे पर रोक: AfD स्कूलों में रेनबो झंडे लगाने पर रोक की समर्थक है। जर्मन पहचान पर जोर: पार्टी स्कूलों में रोज जर्मन झंडा फहराने और कार्यक्रमों में राष्ट्रगान गाने की मांग करती है। विंड फार्म पर रोक: पार्टी नए विंड फार्म बनाने का विरोध करती है। सरकारी मीडिया में बदलाव: AfD सरकारी प्रसारण व्यवस्था में भी बदलाव चाहती है। इन मुद्दों पर AfD को समर्थन क्यों मिल रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। सक्सोनी-आनहाल्ट में 44% वोट मिलना इसी बढ़ते समर्थन का बड़ा संकेत है। खबर अपडेट हो रही है…
जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? जर्मनी में नाजी शासन के इतिहास की वजह से मुख्यधारा की पार्टियां लंबे समय से बहुत ज्यादा दक्षिणपंथी मानी जाने वाली पार्टियों से दूरी रखती हैं। AfD पर भी दक्षिणपंथी चरमपंथ के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए उसका किसी राज्य में सत्ता के करीब पहुंचना जर्मन राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। और बात सिर्फ इस एक राज्य की नहीं है। AfD राष्ट्रीय स्तर पर भी सबसे लोकप्रिय पार्टी बन चुकी है। हालिया INSA सर्वे में उसे करीब 28% समर्थन मिला है, जबकि मर्ज की CDU/CSU करीब 20% पर है। AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। जर्मनी में AfD का समर्थन क्यों बढ़ रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। AfD ने इस चुनाव में 35 साल के उलरिश जिगमुंड को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने नतीजे को ऐतिहासिक बताया। जिगमुंड ने कहा कि लोगों ने साफ कर दिया है कि वे राजनीतिक बदलाव चाहते हैं और इसके लिए AfD को मौका देना चाहते हैं। उन्होंने इसे 2029 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले अहम कदम बताया। खबर अपडेट हो रही है…
Ukraine War News | Adult Content Tax to Fund Drone Procurement

कीव1 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन सरकार देश में चल रहे एडल्ट कंटेंट के कारोबार को कानूनी दायरे में लाने और उस पर टैक्स लगाने पर विचार कर रही है। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, इससे सरकार को हर साल करीब 2.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 236 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। यूक्रेन के एक सांसद के मुताबिक, इतनी रकम से करीब 30 हजार ड्रोन खरीदे जा सकते हैं। टैक्स के साथ भ्रष्टाचार रोकने का भी दावा यूक्रेन में पोर्नोग्राफी को पूरी तरह कानूनी दर्जा नहीं मिला है। इसे कानूनी दर्जा देने का मकसद सिर्फ सरकार की कमाई बढ़ाना नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के रास्ते भी बंद करना है। प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि पुलिस को एडल्ट कंटेंट से जुड़े मामलों के बजाय गंभीर अपराधों पर ज्यादा ध्यान देने का मौका मिलेगा। फिलहाल इस कारोबार का बड़ा हिस्सा कानूनी कार्रवाई के डर से छिपकर चल रहा है। यूक्रेन की संसद ने जुलाई में इस बिल को पहली रीडिंग में मंजूरी दे दी थी। अब इसे दूसरी रीडिंग के लिए पेश किया जाना है। पहली रीडिंग में बिल के पक्ष में 231 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 8 ने विरोध किया। 3 सांसद मतदान से दूर रहे। सांसद यारोस्लाव झेलेजनियाक वित्त, टैक्स और बजट से जुड़े मामलों की समिति के चीफ हैं और इस बिल के सह लेखक हैं। कारोबार बड़ा, लेकिन कानून आड़े आ रहा यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट का ऑनलाइन कारोबार तेजी से बढ़ा है। खासकर ओनली फैन्स जैसे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यूक्रेनी क्रिएटर्स काम कर रहे हैं। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, 2023 में करीब 8 हजार यूक्रेनियों ने ओनली फैन्स से 13.1 करोड़ डॉलर (1237 करोड़ भारतीय रुपए) से ज्यादा कमाए थे। यह सिर्फ ओनली फैन्स की कमाई है, पूरे एडल्ट-कंटेंट कारोबार का आंकड़ा नहीं है। दिक्कत ये है कि यूक्रेन के मौजूदा कानून में पोर्न कंटेंट बनाना और बांटना गैरकानूनी है। ऐसे में क्रिएटर्स के लिए अपनी कमाई पर टैक्स देना भी आसान नहीं है। अगर वे अपनी कमाई सरकार को बताते हैं, तो उनकी पहचान सामने आ सकती है और पोर्न बनाने के मामले में उन पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









