MPSC Protest LIVE | Students Demand Transparency Collector Office Pune

Hindi News Career MPSC Protest LIVE | Students Demand Transparency Collector Office Pune 3 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस कड़ी में सबसे बड़ा प्रदर्शन आज यानि 7 सितंबर को किया गया। इस प्रदर्शन के तहत उम्मीदवारों का कहना है कि महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी है। छात्रों ने परीक्षा पैटर्न में गड़बड़ियों और कुछ पदों में कटौती को भी अपना मुद्दा बनाया। प्रदर्शन की शुरुआत ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (MPSC) ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पोस्ट के लिए भर्ती प्रक्रिया पेपर लीक के बाद रद्द कर दी थी। ये परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी और जुलाई में इसका रिजल्ट जारी होने के बाद इंटरव्यू हुए थे। ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का कैसे लीक हुआ पेपर क्राइम ब्रांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव राजेंद्र पाटिल भी शामिल है। आरोप है कि गौरव का ऋतुजा पाटिल नाम की एक लड़की से अफेयर था और उसने ही गौरव को पेपर शेयर किया था। हालांकि, बाद में गौरव और ऋतुजा का ब्रेकअप हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद गौरव ने गुस्से में ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा कराने वाले आयोग यानी MPSC को पेपर लीक की जानकारी दी। आयोग ने गौरव की दी हुई जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस से संपर्क किया और मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। कोचिंग इंस्टीट्यूट से 5 लाख में खरीदा क्वेश्चन पेपर रिपोर्ट के मुताबिक, ऋतुजा को स्क्रीनिंग के पहले ही क्वेश्चन पेपर मिल गया था। आरोप है कि उसके पिता ने पेपर हासिल करने के लिए बिचौलिए प्रवीण पाटील को 5 लाख रुपए एडवांस देकर पेपर लिया था। प्रवीण पाटील नंदुरबार शहर में कोचिंग चलाता है और ऋतुजा उसी इंस्टीट्यूट में पढ़ रही थी। पेपर मिलने के बाद उसने अपने बॉयफ्रेंड गौरव से पेपर शेयर किया था और वो सिलेक्ट भी हो गई थी। जांच में ये भी सामने आया है कि लड़की ने एग्जाम के बाद कोचिंग में फोन भी किया था और बताया था कि 90 सवाल मिल रहे थे लेकिन शक न हो इसलिए उसने 78 ही सवालों के सही जवाब दिए। 5 सितंबर से उग्र हुए आंदोलन जांच में कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की खबरों ने उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ा दी। छात्रों का कहना था कि मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है। 5 सितंबर 2026 को आंदोलन ने जोर पकड़ना शुरू किया। अमरावती में MPSC उम्मीदवार सड़कों पर उतरे। हजारों छात्रों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के तहत छात्रों ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। MPSC परीक्षा की कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े टीचर सक्रिय हुए। NCP(SP) विधायक रोहित पवार के पास शिक्षकों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायतें रखीं। छात्रों ने मुख्यमंत्री के सामने रखी अपनी शिकायतें MPSC अध्यक्ष पर सवाल उठाए गए और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हुई। आंदोलन को केवल एक परीक्षा तक सीमित न रखकर भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग से जोड़ा गया। 6 सितंबर 2026 को MPSC छात्रों और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपनी शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री की ओर से भर्ती परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा और पारदर्शिता के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन छात्र केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। उच्च स्तरीय समिति बनाने का फैसला उन्होंने साफ कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई और बड़े पैमाने पर सुधार नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा। 6 सितंबर के बाद सरकार ने भर्ती परीक्षा प्रणाली की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने का फैसला किया। इस समिति के कामों में भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स से सुझाव लेना शामिल है। छात्रों के सुझाव के लिए विशेष सेल बनी पुणे कलेक्टर ऑफिस में 7 से 10 सितंबर तक सुझाव लेने के लिए विशेष सेल बनाया गया। 12 सितंबर को समिति के पुणे विश्वविद्यालय में छात्रों से बातचीत करने की भी योजना बताई गई। सुप्रिया सुले ने किया समर्थन ओंकारेश्वर चौक से मार्च निकाला गया। इस मार्च में हजारों उम्मीदवारों ने भाग लिया। उम्मीदवारों के हाथों में परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ तख्तियां दिखीं। छात्रों ने नारे भी लगाए। MPSC अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सांसद सुप्रिया सुले मोर्चे में शामिल हुईं और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। ये खबर भी पढ़ें RRB NTPC ने 5165 पदों पर निकाली भर्ती:12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट्स को मौका, एज लिमिट 33 साल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने NTPC में 5165 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मिर्जापुर: द फिल्म के गाने शूरवीर पर विवाद खत्म:राजस्थानी सिंगर का आरोप था- बिना इजाजत इस्तेमाल किया गाना लिया, राज्य की छवि बिगाड़ी, कैसे सुलझा मामला

राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। अब गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। ट्रूपर रिकॉर्ड्स के इस बयान के बाद विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि गाने के कलाकार रैपरिया बालम और लेबल के बीच अनुमति और अधिकारों को लेकर क्या सहमति थी। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” फिल्म ने 3 दिनों में कमाए 93 करोड़ फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 25.74 करोड़ का कलेक्श किया और साल की चौथी बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस क्लैश टॉक्सिक और हनुमान अंश है। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। ‘मिर्जापुर’ सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। ‘मिर्जापुर’ का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।
मिर्जापुर: द फिल्म के गाने शूरवीर पर विवाद खत्म:राजस्थानी सिंगर का आरोप था- बिना इजाजत इस्तेमाल किया गाना लिया, राज्य की छवि बिगाड़ी, कैसे सुलझा मामला

राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। अब गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। ट्रूपर रिकॉर्ड्स के इस बयान के बाद विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि गाने के कलाकार रैपरिया बालम और लेबल के बीच अनुमति और अधिकारों को लेकर क्या सहमति थी। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” फिल्म ने 3 दिनों में कमाए 93 करोड़ फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 25.74 करोड़ का कलेक्श किया और साल की चौथी बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस क्लैश टॉक्सिक और हनुमान अंश है। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। ‘मिर्जापुर’ सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। ‘मिर्जापुर’ का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।
400 साल पुराने मंदिर से निकली 'द वन' की कहानी:अरुणाभ बोले- कहानी लिखते समय जीभ कटी, फिर नॉन-वेज छोड़ने का फैसला किया

टीवीएफ की चर्चित वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा अब बड़े पर्दे पर ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जुड़ी है। इसका आइडिया बिहार के करीब 400 साल पुराने वन देवी मंदिर की कहानी से आया। अरुणाभ कुमार ने एकता कपूर के साथ इसे प्रोड्यूस किया है और आनंदेश्वर द्विवेदी के साथ कहानी लिखी है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल और सुनील ग्रोवर नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में अरुणाभ और दीपक ने फिल्म के आइडिया, 35-40 रातों तक चली शूटिंग, कलाकारों की मेहनत और कहानी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। अरुणाभ ने बताया कि कहानी लिखते समय एक बार उनकी जीभ कट गई, जिसके बाद उन्होंने फिल्म पर काम करते हुए नॉन-वेज खाना छोड़ दिया। सवाल: सबसे पहले फिल्म के आइडिया के बारे में बताइए। क्या यह किसी लोककथा या सच्ची घटना से प्रेरित है? जवाब/अरुणाभ कुमार: इस कहानी के मूल स्रोत दो हैं। पहला श्रेय मैं एकता कपूर को देना चाहूंगा। हम अक्सर साथ में मंदिर जाते हैं। एक जनवरी को नए साल के मौके पर हम सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। महाशिवरात्रि पर मुक्तेश्वर मंदिर भी गए हैं। इन यात्राओं के दौरान मंदिरों से जुड़ी कहानियों पर हमारी बातचीत होने लगी। एकता ने मुझे महालक्ष्मी मंदिर और मुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी कुछ अद्भुत कहानियां सुनाईं। इसके बाद मैंने उन्हें बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके पीछे बहुत दिलचस्प कहानियां हैं। तब हमें एहसास हुआ कि भारतीय संस्कृति में लगभग हर मंदिर के पीछे कोई न कोई अद्भुत कहानी है। सवाल : इस कहानी से आपका व्यक्तिगत जुड़ाव कैसे हुआ और फिल्म बनाने का फैसला कैसे हुआ? जवाब/अरुणाभ कुमार: दूसरा स्रोत मेरी मां हैं। वह मुझे दुर्गा पूजा के दौरान देवी और शक्ति के अलग-अलग मंदिरों में ले जाया करती थीं। हम वहां पूजा करते थे, साड़ी चढ़ाते थे और कई दिनों तक मंदिर जाते थे। इसी दौरान वह मुझे पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर लेकर गई थीं। यह करीब 400 साल पुराना मंदिर है। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा नाम के व्यक्ति ने इसे स्थापित किया था। उस समय वहां के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। उनसे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के दस रूपों की प्रार्थना की और उन्हीं में से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। मैं इस कहानी से बहुत प्रभावित हुआ। मैंने यह कहानी दीपक और फिर एकता को सुनाई। उन्हें भी यह कहानी बहुत पसंद आई। एकता ने कहा कि इतनी बड़ी और अद्भुत कहानी को बड़े पर्दे पर लाना चाहिए। उन्हें लगा कि यह कहानी बड़े कैनवास की मांग करती है। यहीं से फिल्म की शुरुआत हुई। सवाल: दीपक जी, जब आपने पहली बार यह कहानी सुनी तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: मैं बहुत उत्साहित था। हिंदी सिनेमा में इस तरह की लोककथा बड़े पर्दे पर पहले नहीं दिखाई गई है। मुझे यह बात बहुत नई लगी। हालांकि कहानी लोककथा है, लेकिन इसकी कहानी आज के समाज से जुड़ी है। जब हम किसी ऐसे मंदिर में जाते हैं तो हमारे मन में कई सवाल आते हैं- क्या यह सच है? ऐसा क्यों हुआ? ऐसी मान्यताएं कैसे बनीं? यही जिज्ञासा मुझे इस कहानी की तरफ खींच लाई। सवाल: जब आप सेट पर पहुंचे तो आपके दिमाग में फिल्म की पहली तस्वीर क्या थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने कहानी के उस हिस्से से शुरुआत की थी, जहां कहानी मुंबई से शुरू होती है। मेरी पहली कोशिश यही थी कि शुरुआत में यह कहानी बिल्कुल सामान्य इंसान की कहानी लगे। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़े, उसकी असली दुनिया धीरे-धीरे खुलती जाए और उसमें अलग-अलग आयाम जुड़ते जाएं। जब मैं मुंबई में शूट कर रहा था तो मेरे दिमाग में फिल्म की तस्वीर अलग थी। जब गांव और जंगल वाले हिस्से में पहुंचा तो वह तस्वीर पूरी तरह बदल गई। हर लोकेशन और हर दिन अपने साथ एक नई चुनौती लेकर आया। हमारी कोशिश थी कि कहानी को उसकी जरूरत के मुताबिक पूरी तरह जस्टिस दिया जाए। सवाल: इस फिल्म से जुड़ा कोई ऐसा अनुभव रहा, जब आप लोग कहानी में पूरी तरह डूब गए? जवाब/अरुणाभ कुमार: हां, एक बहुत मजेदार किस्सा है। मैंने पहली बार गोवा में दीपक को यह कहानी सुनाई थी। कहानी लिखने के दौरान एक बार मैंने नॉन-वेज खाया और उसी समय मेरी जीभ कट गई। इसके बाद मैंने मन में तय कर लिया कि जब तक इस कहानी पर काम करूंगा, नॉन-वेज नहीं खाऊंगा। धीरे-धीरे बात इतनी आगे बढ़ गई कि मैं वेजिटेरियन ही बन गया। सुनने में यह बात आपको अजीब लग सकती है, लेकिन जब आप किसी कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं तो ऐसी चीजें होने लगती हैं। कई बार ऐसा होता है कि लव स्टोरी लिखते समय आपको अपना पुराना प्यार याद आने लगता है। माता-पिता पर कहानी लिखते हैं तो अपने पेरेंट्स की याद आती है। इसी तरह हम भी इस कहानी में धीरे-धीरे पूरी तरह घुसते चले गए। सवाल: दीपक जी, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आपके साथ ऐसा क्या हुआ जो हमेशा याद रहेगा? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने करीब 35-40 रातों तक लगातार शूटिंग की। पूरी टीम ऐसी हो गई थी कि शूट खत्म होने के बाद भी रात में नींद आना मुश्किल हो गया था। इस कहानी में रात अपने आप में एक कैरेक्टर है। हमने रात में लगातार एक्शन और एक्टिंग सीन्स शूट किए। सुबह 6 बजे तक शूटिंग के बाद भी कलाकार पूरी ऊर्जा के साथ काम करते थे। सबसे अच्छी बात यह थी कि पूरी टीम कहानी में इतनी डूब गई थी कि किसी को महसूस ही नहीं होता था कि हम इतनी रातों से लगातार जाग रहे हैं। सवाल: कलाकारों ने फिल्म के लिए कितनी मेहनत की? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: : सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। सिद्धार्थ और तमन्ना अपने सीन्स को लेकर काफी सीरियस थे। वे बार-बार पूछते थे कि इसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है। कल्चरल ऑथेंटिसिटी को लेकर भी वे बहुत सजग
400 साल पुराने मंदिर से निकली 'द वन' की कहानी:अरुणाभ बोले- कहानी लिखते समय जीभ कटी, फिर नॉन-वेज छोड़ने का फैसला किया

टीवीएफ की चर्चित वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा अब बड़े पर्दे पर ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जुड़ी है। इसका आइडिया बिहार के करीब 400 साल पुराने वन देवी मंदिर की कहानी से आया। अरुणाभ कुमार ने एकता कपूर के साथ इसे प्रोड्यूस किया है और आनंदेश्वर द्विवेदी के साथ कहानी लिखी है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल और सुनील ग्रोवर नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में अरुणाभ और दीपक ने फिल्म के आइडिया, 35-40 रातों तक चली शूटिंग, कलाकारों की मेहनत और कहानी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। अरुणाभ ने बताया कि कहानी लिखते समय एक बार उनकी जीभ कट गई, जिसके बाद उन्होंने फिल्म पर काम करते हुए नॉन-वेज खाना छोड़ दिया। सवाल: सबसे पहले फिल्म के आइडिया के बारे में बताइए। क्या यह किसी लोककथा या सच्ची घटना से प्रेरित है? जवाब/अरुणाभ कुमार: इस कहानी के मूल स्रोत दो हैं। पहला श्रेय मैं एकता कपूर को देना चाहूंगा। हम अक्सर साथ में मंदिर जाते हैं। एक जनवरी को नए साल के मौके पर हम सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। महाशिवरात्रि पर मुक्तेश्वर मंदिर भी गए हैं। इन यात्राओं के दौरान मंदिरों से जुड़ी कहानियों पर हमारी बातचीत होने लगी। एकता ने मुझे महालक्ष्मी मंदिर और मुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी कुछ अद्भुत कहानियां सुनाईं। इसके बाद मैंने उन्हें बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके पीछे बहुत दिलचस्प कहानियां हैं। तब हमें एहसास हुआ कि भारतीय संस्कृति में लगभग हर मंदिर के पीछे कोई न कोई अद्भुत कहानी है। सवाल : इस कहानी से आपका व्यक्तिगत जुड़ाव कैसे हुआ और फिल्म बनाने का फैसला कैसे हुआ? जवाब/अरुणाभ कुमार: दूसरा स्रोत मेरी मां हैं। वह मुझे दुर्गा पूजा के दौरान देवी और शक्ति के अलग-अलग मंदिरों में ले जाया करती थीं। हम वहां पूजा करते थे, साड़ी चढ़ाते थे और कई दिनों तक मंदिर जाते थे। इसी दौरान वह मुझे पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर लेकर गई थीं। यह करीब 400 साल पुराना मंदिर है। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा नाम के व्यक्ति ने इसे स्थापित किया था। उस समय वहां के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। उनसे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के दस रूपों की प्रार्थना की और उन्हीं में से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। मैं इस कहानी से बहुत प्रभावित हुआ। मैंने यह कहानी दीपक और फिर एकता को सुनाई। उन्हें भी यह कहानी बहुत पसंद आई। एकता ने कहा कि इतनी बड़ी और अद्भुत कहानी को बड़े पर्दे पर लाना चाहिए। उन्हें लगा कि यह कहानी बड़े कैनवास की मांग करती है। यहीं से फिल्म की शुरुआत हुई। सवाल: दीपक जी, जब आपने पहली बार यह कहानी सुनी तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: मैं बहुत उत्साहित था। हिंदी सिनेमा में इस तरह की लोककथा बड़े पर्दे पर पहले नहीं दिखाई गई है। मुझे यह बात बहुत नई लगी। हालांकि कहानी लोककथा है, लेकिन इसकी कहानी आज के समाज से जुड़ी है। जब हम किसी ऐसे मंदिर में जाते हैं तो हमारे मन में कई सवाल आते हैं- क्या यह सच है? ऐसा क्यों हुआ? ऐसी मान्यताएं कैसे बनीं? यही जिज्ञासा मुझे इस कहानी की तरफ खींच लाई। सवाल: जब आप सेट पर पहुंचे तो आपके दिमाग में फिल्म की पहली तस्वीर क्या थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने कहानी के उस हिस्से से शुरुआत की थी, जहां कहानी मुंबई से शुरू होती है। मेरी पहली कोशिश यही थी कि शुरुआत में यह कहानी बिल्कुल सामान्य इंसान की कहानी लगे। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़े, उसकी असली दुनिया धीरे-धीरे खुलती जाए और उसमें अलग-अलग आयाम जुड़ते जाएं। जब मैं मुंबई में शूट कर रहा था तो मेरे दिमाग में फिल्म की तस्वीर अलग थी। जब गांव और जंगल वाले हिस्से में पहुंचा तो वह तस्वीर पूरी तरह बदल गई। हर लोकेशन और हर दिन अपने साथ एक नई चुनौती लेकर आया। हमारी कोशिश थी कि कहानी को उसकी जरूरत के मुताबिक पूरी तरह जस्टिस दिया जाए। सवाल: इस फिल्म से जुड़ा कोई ऐसा अनुभव रहा, जब आप लोग कहानी में पूरी तरह डूब गए? जवाब/अरुणाभ कुमार: हां, एक बहुत मजेदार किस्सा है। मैंने पहली बार गोवा में दीपक को यह कहानी सुनाई थी। कहानी लिखने के दौरान एक बार मैंने नॉन-वेज खाया और उसी समय मेरी जीभ कट गई। इसके बाद मैंने मन में तय कर लिया कि जब तक इस कहानी पर काम करूंगा, नॉन-वेज नहीं खाऊंगा। धीरे-धीरे बात इतनी आगे बढ़ गई कि मैं वेजिटेरियन ही बन गया। सुनने में यह बात आपको अजीब लग सकती है, लेकिन जब आप किसी कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं तो ऐसी चीजें होने लगती हैं। कई बार ऐसा होता है कि लव स्टोरी लिखते समय आपको अपना पुराना प्यार याद आने लगता है। माता-पिता पर कहानी लिखते हैं तो अपने पेरेंट्स की याद आती है। इसी तरह हम भी इस कहानी में धीरे-धीरे पूरी तरह घुसते चले गए। सवाल: दीपक जी, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आपके साथ ऐसा क्या हुआ जो हमेशा याद रहेगा? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने करीब 35-40 रातों तक लगातार शूटिंग की। पूरी टीम ऐसी हो गई थी कि शूट खत्म होने के बाद भी रात में नींद आना मुश्किल हो गया था। इस कहानी में रात अपने आप में एक कैरेक्टर है। हमने रात में लगातार एक्शन और एक्टिंग सीन्स शूट किए। सुबह 6 बजे तक शूटिंग के बाद भी कलाकार पूरी ऊर्जा के साथ काम करते थे। सबसे अच्छी बात यह थी कि पूरी टीम कहानी में इतनी डूब गई थी कि किसी को महसूस ही नहीं होता था कि हम इतनी रातों से लगातार जाग रहे हैं। सवाल: कलाकारों ने फिल्म के लिए कितनी मेहनत की? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: : सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। सिद्धार्थ और तमन्ना अपने सीन्स को लेकर काफी सीरियस थे। वे बार-बार पूछते थे कि इसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है। कल्चरल ऑथेंटिसिटी को लेकर भी वे बहुत सजग
संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शक्स ने धक्का दिया

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने मजाकिया अंदाज में ऐसा करने से मना कर दिया। संजय दत्त और प्रताप सरनाईक मंच पर खड़े थे तभी मंत्री ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” रैली में संजय दत्त को शख्स ने दिया धक्का, एक्टर ने हाथ पकड़कर खींचा मंच पर कुछ समय रहने के बाद संजय दत्त अपनी टीम के साथ रवाना होने लगे। वह उतर रहे थे, तभी एक शख्स तेजी से उन्हें धक्का देते हुए पास से गुजरा। संजय दत्त ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और उस शख्स का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। जैसे ही शख्स ने देखा कि वह संजय दत्त हैं, उसने तुरंत माफी मांग ली। मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया ‘एरोगेंट’ संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने ‘एरोगेंट’ कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: ‘धुरंधर’ के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म ‘धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।
Trump Targets Iran on Social Media

वॉशिंगटन डीसी15 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को ईरान के खिलाफ सोशल मीडिया पर करीब 1 घंटे में एक के बाद एक 7 पोस्ट किए। इन पोस्ट में उन्होंने ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था, गिरते तेल निर्यात और कमजोर होती करेंसी को निशाना बनाया। ट्रम्प ने ईरान के नक्शे पर अपनी तस्वीर लगाकर भी पोस्ट किया। सबसे ज्यादा ध्यान खार्ग द्वीप से जुड़ी AI तस्वीर ने खींचा, जिसमें तेल ठिकानों पर बमबारी होती दिखाई गई और लिखा था- बाय-बाय खार्ग। ट्रम्प की सातों पोस्ट को सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए… 1. ईरान के नक्शे को ट्रम्प के चेहरे की शक्ल दी तस्वीर को दो हिस्सों में बांटा गया है: पहले: ऊपर ईरान का सामान्य नक्शा दिखाया गया है। बाद में: नीचे उसी नक्शे की सीमा को जानबूझकर बदलकर एक अलग आकृति बनाई गई है। नीचे वाले नक्शे में ईरान का आकार ट्रम्प के साइड प्रोफाइल जैसा बनाया गया है। 2. होर्मुज से तेल का प्रवाह फिर बढ़ा ट्रम्प ने एक ग्राफिक शेयर कर दावा किया कि होर्मुज से अब करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल रोज गुजर रहा है, जबकि पहले यह आंकड़ा करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन था। 3. ईरान का तेल निर्यात बर्बाद हुआ ट्रम्प ने ईरान के तेल निर्यात का ग्राफिक शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि 2025 की शुरुआत में करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन का निर्यात 2026 में गिरकर लगभग शून्य तक पहुंच गया है। ग्राफिक में बीच में कुछ सुधार दिखाया गया है, लेकिन तीसरी तिमाही में निर्यात फिर बेहद कम स्तर पर आता नजर आ रहा है। 4. महंगाई पर निशाना- ‘ईरान में बहुत ज्यादा महंगाई’ इसके बाद ट्रम्प ने ईरान की महंगाई को लेकर ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान हैज हाइपरइन्फ्लेशन। हाइपरइन्फ्लेशन का मतलब ऐसी स्थिति से है, जब किसी देश में चीजों के दाम बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं और उसकी करेंसी की कीमत तेजी से गिरती है। ग्राफिक में ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को दिखाने की कोशिश की गई। ट्रम्प ने इसके जरिए यह बताने की कोशिश की कि ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव सिर्फ तेल कारोबार तक सीमित नहीं है। 5. रियाल की गिरती कीमत दिखाई- ‘करेंसी बर्बाद हो गई’ ट्रम्प ने ईरानी करेंसी रियाल को लेकर एक और ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान करेंसी इज डेस्ट्रोएड। ग्राफिक के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत करीब 9 लाख ईरानी रियाल थी। दिखाए गए ताजा आंकड़ों में यह बढ़कर 22.7 लाख रियाल से ज्यादा हो गई। 4. ईरान के नक्शे पर दिखे ट्रम्प- तेहरान को दिया सीधा संदेश ट्रम्प ने ईरान के नक्शे वाला एक ग्राफिक भी शेयर किया। इसमें ईरान के नक्शे पर उनकी अपनी तस्वीर लगाई गई थी। इस पोस्ट के जरिए ट्रम्प ने ईरान पर अपने दबाव और वहां अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अपना संदेश और आक्रामक अंदाज में रखा। 6. खार्ग पर बमबारी की AI तस्वीर- ‘बाय-बाय खार्ग’ ट्रम्प की सबसे आक्रामक पोस्ट खार्ग द्वीप को लेकर थी। उन्होंने एक AI तस्वीर शेयर की, जिसमें लड़ाकू विमान ईरान के तेल ठिकाने की तरफ बढ़ता और आसपास धमाके होते दिखाई दे रहे थे। तस्वीर पर लिखा था- बाय-बाय खार्ग खार्ग ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है। देश के कच्चे तेल के बड़े हिस्से का निर्यात ऐतिहासिक रूप से इसी द्वीप के जरिए होता रहा है। ऐसे में खार्ग के तेल ढांचे को नुकसान होने पर ईरान की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। 7. ईरान को फॉलिंग नेशन बताया ट्रम्प ने अपनी पोस्ट की आखिरी कड़ी में ईरान का नक्शा शेयर किया और लिखा कि ईरान एक नाकाम देश बनता जा रहा है। ट्रम्प का कहना है कि ईरान की अर्थव्यवस्था और देश की व्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो रही है और सरकार हालात संभालने में नाकाम हो रही है। इस तरह करीब एक घंटे में की गई 7 पोस्ट में ट्रम्प ने ईरान की तेल अर्थव्यवस्था, महंगाई, करेंसी और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही होर्मुज को लेकर भी दबाव बनाए रखा। ————————— यह खबर भी पढ़ें… 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला:19 की मौत, 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी स्ट्राइक अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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वॉशिंगटन डीसी4 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सोशल मीडिया पर करीब 1 घंटे में एक के बाद एक 7 पोस्ट किए। इन पोस्ट में उन्होंने ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था, गिरते तेल निर्यात और कमजोर होती करेंसी को निशाना बनाया। ट्रम्प ने रविवार रात ईरान के नक्शे पर अपनी तस्वीर लगाकर भी पोस्ट किया। सबसे ज्यादा ध्यान खार्ग द्वीप से जुड़ी AI तस्वीर ने खींचा, जिसमें तेल ठिकानों पर बमबारी होती दिखाई गई और लिखा था- बाय-बाय खार्ग। ट्रम्प की सातों पोस्ट को सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए… 1. ईरान के नक्शे को ट्रम्प के चेहरे की शक्ल दी तस्वीर को दो हिस्सों में बांटा गया है: पहले: ऊपर ईरान का सामान्य नक्शा दिखाया गया है। बाद में: नीचे उसी नक्शे की सीमा को जानबूझकर बदलकर एक अलग आकृति बनाई गई है। नीचे वाले नक्शे में ईरान का आकार ट्रम्प के साइड प्रोफाइल जैसा बनाया गया है। 2. होर्मुज से तेल की सप्लाई फिर बढ़ी ट्रम्प ने एक ग्राफिक शेयर कर दावा किया कि होर्मुज से अब करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल रोज गुजर रहा है, जबकि पहले यह आंकड़ा करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन था। 3. ईरान का तेल निर्यात बर्बाद हुआ ट्रम्प ने ईरान के तेल निर्यात का ग्राफिक शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि 2025 की शुरुआत में करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन का निर्यात 2026 में गिरकर लगभग शून्य तक पहुंच गया है। ग्राफिक में बीच में कुछ सुधार दिखाया गया है, लेकिन तीसरी तिमाही में निर्यात फिर बेहद कम स्तर पर आता नजर आ रहा है। 4. महंगाई पर निशाना- ‘ईरान में बहुत ज्यादा महंगाई’ इसके बाद ट्रम्प ने ईरान की महंगाई को लेकर ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान हैज हाइपरइन्फ्लेशन। हाइपरइन्फ्लेशन का मतलब ऐसी स्थिति से है, जब किसी देश में चीजों के दाम बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं और उसकी करेंसी की कीमत तेजी से गिरती है। ग्राफिक में ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को दिखाने की कोशिश की गई। ट्रम्प ने इसके जरिए यह बताने की कोशिश की कि ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव सिर्फ तेल कारोबार तक सीमित नहीं है। 5. रियाल की गिरती कीमत दिखाई- ‘करेंसी बर्बाद हो गई’ ट्रम्प ने ईरानी करेंसी रियाल को लेकर एक और ग्राफिक शेयर किया। इस पर लिखा था- ईरान करेंसी इज डेस्ट्रोएड। ग्राफिक के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत करीब 9 लाख ईरानी रियाल थी। दिखाए गए ताजा आंकड़ों में यह बढ़कर 22.7 लाख रियाल से ज्यादा हो गई। 4. ईरान के नक्शे पर दिखे ट्रम्प- तेहरान को दिया सीधा संदेश ट्रम्प ने ईरान के नक्शे वाला एक ग्राफिक भी शेयर किया। इसमें ईरान के नक्शे पर उनकी अपनी तस्वीर लगाई गई थी। इस पोस्ट के जरिए ट्रम्प ने ईरान पर अपने दबाव और वहां अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अपना संदेश और आक्रामक अंदाज में रखा। 6. खार्ग पर बमबारी की AI तस्वीर- ‘बाय-बाय खार्ग’ ट्रम्प की सबसे आक्रामक पोस्ट खार्ग द्वीप को लेकर थी। उन्होंने एक AI तस्वीर शेयर की, जिसमें लड़ाकू विमान ईरान के तेल ठिकाने की तरफ बढ़ता और आसपास धमाके होते दिखाई दे रहे थे। तस्वीर पर लिखा था- बाय-बाय खार्ग खार्ग ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है। देश के कच्चे तेल के बड़े हिस्से का निर्यात ऐतिहासिक रूप से इसी द्वीप के जरिए होता रहा है। ऐसे में खार्ग के तेल ढांचे को नुकसान होने पर ईरान की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। 7. ईरान को फॉलिंग नेशन बताया ट्रम्प ने अपनी पोस्ट की आखिरी कड़ी में ईरान का नक्शा शेयर किया और लिखा कि ईरान एक नाकाम देश बनता जा रहा है। ट्रम्प का कहना है कि ईरान की अर्थव्यवस्था और देश की व्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो रही है और सरकार हालात संभालने में नाकाम हो रही है। इस तरह करीब एक घंटे में की गई 7 पोस्ट में ट्रम्प ने ईरान की तेल अर्थव्यवस्था, महंगाई, करेंसी और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही होर्मुज को लेकर भी दबाव बनाए रखा। ————————— यह खबर भी पढ़ें… 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला:19 की मौत, 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी स्ट्राइक अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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16 मिनट पहले कॉपी लिंक बिग बॉस 20, 6 सितंबर से शुरू हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी शो में कई ऐसे कंटेस्टेंट्स आए हैं, जिसकी जिंदगी किसी न किसी तरह विवादों में रही है। सवाल फिर उठता है कि बिग बॉस के घर में कंटेस्टेंट्स चुने जाते हैं या विवाद? पिछले कई सीजन्स को देखें तो एक पैटर्न साफ नजर आता है। मेकर्स ऐसे चेहरों का लाते हैं, जिनमें कुछ बेहद लोकप्रिय हों, कुछ सोशल मीडिया पर पहले से चर्चा में हों और कुछ ऐसे हों जिनकी पर्सनैलिटी, रिश्ते या पुराना विवाद घर के अंदर टकराव की जमीन तैयार कर सके। या कुछ ऐसे जिन्हें करियर रिवाइव करने या पहचान बनाने की जरुरत हो। बिग बॉस 20 में भी यही फॉर्मूला दिखाई दे रहा है। 15 कंटेस्टेंट्स ने घर में एंट्री ली, जिनमें माही विज, ईशा रिखी, आम्रपाली दुबे, मैरी कॉम, कनिका मान, गुल्लू, स्काउट, अर्शिफा खान और मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी जैसे नाम शामिल हैं। बिग बॉस 20 की शुरुआत के साथ जानिए क्या है विवादित कंटेस्टेंट्स चुनने पर मेकर्स की स्ट्रेटेजी- बिग बॉस 20 के सबसे विवादित कंटेस्टेंट्स ईशा रिखी- बादशाह से अलगाव ईशा रिखी ने फरवरी में सिंगर और रैपर बादशाह से सीक्रेट शादी की थी। कुछ हफ्तों बाद ईशा और उनके परिवार ने शादी की तस्वीरें पोस्ट कर शादी की कन्फर्मेशन दी, जबकि बादशाह ने इसका कन्फर्मेशन नहीं किया था। जल्द ही ईशा क्रिप्टिक पोस्ट भी शेयर करने लगीं, जिससे अनबन की खबरें रहीं। विवादों के चलते इसी हफ्ते बादशाह ने ईशा रिखी से तलाक की अनाउंसमेंट की है। उनका कहना है कि तलाक आपसी सहमति से हुआ है। तलाक अनाउंस करने के महज चंद दिनों बाद ही ईशा शो में पहुंच गई हैं। माही विज- जय भानुशाली से अलगाव माही और जय भानुशाली टीवी इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल थे, हालांकि 2026 में दोनों ने तलाक ले लिया है। माही कई बार व्लॉग के जरिए शादी और पर्सनल विवाद पर सफाई दे चुकी हैं। दोनों इस साल काफी चर्चा और विवादों में रहे हैं। आम्रपाली- निरहुआ से रिश्ते की अफवाह आम्रपाली का नाम लंबे समय से निरहुआ (दिनेश लाल यादव) के साथ रिश्ते की अफवाहों से जोड़ा जाता रहा है। इसके अलावा उनके हिजाब वाले वीडियो को लेकर उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह भी चली थी, जिसे फिल्म से जुड़ा बताया गया। मैरी कॉम- निजी जिंदगी का विवाद ओलंपिक मेडलिस्ट और छह बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से सुर्खियों में है। मैरी कॉम और उनके पति करुंग ओनलर कोम ने दिसंबर 2023 में आपसी सहमति से तलाक लिया था। शुरुआत में दोनों ने तलाक की वजह नहीं बताई, हालांकि जनवरी 2026 में PTI को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि उन्हें अपने पति की तरफ से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओनलर ने उनके नाम पर लोन लिए, उनकी संपत्तियों को अपने नाम ट्रांसफर किया और उनकी कमाई से जुड़े पैसों का गलत इस्तेमाल किया। अर्शिफा खान- दानिश जेहन डेथ पर विवाद दिसंबर 2018 में 21 वर्षीय दानिश जेहन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह MTV ऐस ऑफ स्पेस का हिस्सा थे। उनकी मौत के बाद अर्शिफा ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट शेयर किया और खुद को उनका करीबी दोस्त बताया। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि वह उनकी गर्लफ्रेंड थीं। हालांकि अर्शिफा की मां ने इस दावे को खारिज कर दिया। विवाद तब और बढ़ गया, जब दानिश के भाई गुफरान ने अर्शिफा पर उनके भाई की मौत को लेकर पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया। अर्शिफा ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए गुफरान पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। अर्शिफा विवादित और बोल्ड बयानों से भी चर्चा में रहती हैं, जिससे बिग बॉस 20 को भी फायदा मिल सकता है। गुल्लू- स्प्लिट्सविला विवाद रोडीज डबल क्रॉस और स्प्लिट्सविला 16 जीतने के बाद गुल्लू पहले से जाना-पहचाना चेहरा हैं। स्प्लिट्सविला में प्रीत सिंह के साथ उनके पुराने लगाव ने काफी चर्चा बटोरी थी। वह इन शोज में झगड़ों से भी सुर्खियों में रहे हैं। बिग बॉस 20 की टीआरपी के लिए बड़ा बदलाव पिछले सभी सीजन में देखा गया है कि शो में वोट आउट होने के डर से कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे की गुड बुक्स में रहते हैं और झगड़े मोल नहीं लेते। लेकिन इस साल इस रीत को बदलने के लिए फॉर्मेट में बड़ा बदलाव किया गया है। इस साल शो की थीम तथास्तु रखी गई है, यानी हर कंटेस्टेंट को 2 लाइफ मिलेंगी। शो के प्रीमियर के साथ ही सभी कंटेस्टेंट्स से कहा गया है कि अगर एलिमिनेट होने का खतरा कम है, तो वो फ्रंट फुट पर खेलें यानी जमकर पर्सनैलिटी दिखाएं और झगड़े करें। रिया अहीर को शो से जोड़ना पब्लिसिटी स्टंट कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में वैन रोककर चर्चा में आईं रिया अहीर को भी शो में लाने की खबरें थीं। इससे शो के प्रमोशन में फायदा मिला। रिया को शो से जोड़ने के लिए वोटिंग भी करवाई गई। प्रीमियर में रिया मंच तक तो पहुंचीं, लेकिन जनता का फैसला सुनाते हुए कहा कि कम वोट्स के चलते वो शो में नहीं जाएंगी। पिछले सीजन यानी बिग बॉस 19 में क्या हुआ था? बिग बॉस 19 में भी विवाद शो की सबसे बड़ी USP में से एक रहे। मेकर्स ने अलग-अलग तरह की पर्सनैलिटी को एक साथ रखा और देखते ही देखते घर में रिश्ते, झगड़े, आरोप और सोशल मीडिया बहसें शुरू हो गईं। तान्या मित्तल इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहीं। शो में वह खुद को ‘Ma’am’ या ‘बॉस’ कहकर बुलाने की बात करती थीं और अपनी लाइफस्टाइल व कथित 150 बॉडीगार्ड्स को लेकर किए गए दावों की वजह से लगातार चर्चा में रहीं। मीडिया ने उन्हें सीजन के सबसे ज्यादा बात किए जाने वाले चेहरों में गिना। दूसरी तरफ फरहाना भट्ट अपनी बेबाक और कई बार तीखी टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहीं। टीवी के पॉपुलर एक्टर गौरव खन्ना के साथ उनके टकराव ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। बिग बॉस 18 में भी यही फॉर्मूला चला बिग बॉस 18 में रजत दलाल सबसे
'पंचायत' के दामाद पहुंचे बिग बॉस के घर:सलमान खान के पास रोए; बोले- सैफ-करीना की शादी में होटल के किचन में सफाई भी की

‘पंचायत’ वेब सीरीज में दामाद का रोल निभाने वाले राजस्थान के आसिफ खान बिग बॉस में नजर आएंगे। बिग बॉस के मंच पर वे सलमान खान के पास रोने लग गए। इस दौरान उन्होंने कहा- अम्मी आज सलमान खान के साथ खड़ा हूं। आसिफ ने कहा- पढ़ाई में मन नहीं था, स्कूल में नाटक करता था। तब टीचर की तारीफ मिलती थी। इस बीच 2008 में पिता का निधन हो गया। प्राइवेट से सरकारी स्कूल में आ गया। घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए साथ-साथ काम किया। चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा से जयपुर आने का मौका मिला तो थिएटर किया। अभिनय की बारीकियां सीखीं। मुंबई आकर सपने पूरे हुए और पंचायत वेब सीरीज से लोगों का बहुत प्यार मिला। आसिफ ने अपने संघर्ष के दिनों में सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में होटल के किचन में बर्तन भी धोए। करीब एक साल पहले बीमारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर जिंदगी को लेकर एक भावुक संदेश साझा किया था। उन्होंने लिखा था- 6 घंटे तक एक चीज को देखनेस के बाद उन्हें एहसास हुआ कि जिंदगी बहुत छोटी है। एक दिन को सामान्य मानकर नहीं चलना चाहिए, क्योंकि सब कुछ पलभर में बदल सकता है। उन्होंने लोगों से अपनी जिंदगी में मौजूद चीजों के लिए आभार व्यक्त करने और यह याद रखने की बात कही थी। आसिफ ने अपने जीवन और करियर के बारे में कई बातें साझा की, पढ़िए- सलमान खान के सामने 16 साल पुराना संघर्ष बताया 35 साल के आसिफ ने बिग बॉस के मंच पर 16 साल पुराना किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब सलमान खान की फिल्म ‘रेडी’ बन रही थी। उस समय फिल्म के एक गाने में वह भी भीड़ के बीच बैक डांसर के तौर पर शामिल हुआ। उस समय शायद सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन वह उसी सलमान खान के सामने खड़े होंगे और उनके साथ मंच पर डांस करेंगे। बिग बॉस के मंच पर सलमान खान ने उसी गाने पर आसिफ के साथ डांस किया। यह पल आसिफ के लिए बेहद भावुक कर देने वाला था। पढ़ाई से बचने के लिए नाटक करते थे आसिफ के पिता एक सीमेंट कंपनी में काम करते थे। मां गृहिणी थी। आसिफ ने बताया कि वे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था। जैसे-तैसे वह परीक्षा पास करते थे। पढ़ाई से बचने के लिए एनुअल फंक्शन में नाटक में हिस्सा लेते थे। इस छोटे से फैसले ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। पहली बार उन्हें दोस्तों के साथ-साथ उन टीचरों से भी तारीफ मिली, जो पढ़ाई के लिए कभी उनकी प्रशंसा नहीं करते थे। इसी के कारण अलग-अलग नाटक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे। धीरे-धीरे चित्तौड़गढ़ और आस-पास के इलाकों में उनकी पहचान एक अच्छे कलाकार के रूप में बनने लगी। पिता के निधन के बाद जीवन में आया संघर्ष आसिफ ने बताया कि पिता का निधन हुआ तब वह सातवीं क्लास में पढ़ते थे। परिवार पर आर्थिक संकट आ गया था। बड़े भाई पढ़ाई में अच्छे थे, इसलिए परिवार ने तय किया कि भाई अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे और वह घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करेंगे। निजी स्कूल की फीस भरना मुश्किल हो गया था। तब सरकारी स्कूल में एडमिशन लिया था। परिवार की मदद के लिए काम करना भी शुरू कर दिया था। सुबह से दोपहर तक काम करने के बाद वह स्कूल जाते थे। स्कूल के बाद भी काम करते थे। करीब डेढ़-दो साल तक यह सिलसिला चलता रहा। इस दौरान उन्होंने कई नौकरियां कीं। कुछ समय अपने मामा के साथ स्टील फर्नीचर का काम भी किया। जयपुर से मुंबई गए, पंचायत में दामादजी का रोल मिल आसिफ ने जयपुर में कई साल तक थिएटर किया और यहीं से अभिनय की बारीकियां सीखीं। रंगमंच ने उन्हें मंच पर आत्मविश्वास दिया और अभिनय को पेशे के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा दिखाई। इसके बाद वे मुंबई गए, जहां शुरुआत में आर्थिक परेशानी और छोटे-मोटे कामों से गुजरना पड़ा। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें अभिनय के मौके मिलने लगे और उन्होंने फिल्मों, वेब सीरीज में काम करना शुरू किया। आसिफ खान को सबसे ज्यादा चर्चा लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ से मिली। सीरीज में उनके किरदार ने दर्शकों का ध्यान खींचा और उनके अभिनय को खास पहचान मिली। इसके बाद वह मनोरंजन जगत में एक पहचाना हुआ चेहरा बन गए।









