Thursday, 30 Jul 2026 | 02:33 PM

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अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट के आयात पर बैन लगाया:चीन ने आलोचना की, कहा- हमारी कंपनियों को दबाने की कोशिश

अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट के आयात पर बैन लगाया:चीन ने आलोचना की, कहा- हमारी कंपनियों को दबाने की कोशिश

अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने विदेशी निर्मित ह्यूमनॉइड रोबोट और पावर इनवर्टर के नए आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि वैश्विक बाजार में इन उत्पादों पर चीन का दबदबा है। FCC ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध ऐसे समय में आया है जब सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच मुलाकात प्रस्तावित है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। क्या है प्रतिबंध का दायरा? FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इनवर्टर का उपयोग डायरेक्ट करंट (DC) को अल्टरनेटिंग करंट (AC) में बदलने के लिए किया जाता है, जो रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और घरेलू उपकरणों में काम आते हैं। FCC चेयरपर्सन ब्रेंडन कार ने मंगलवार को कहा कि यह कदम अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। यह प्रतिबंध केवल इन उत्पादों के नए वर्जन पर लागू होगा। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि ह्यूमनॉइड और क्वाड्रुपेड रोबोट के वैश्विक बाजार में चीन की बड़ी हिस्सेदारी है। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC ने बताया कि यह रोक नए मॉडल के इम्पोर्ट पर लागू होगी। पहले से इस्तेमाल हो रहे मॉडल इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।

Fatehpur School Protest | Students Demand Clean Water and Electricity

Fatehpur School Protest | Students Demand Clean Water and Electricity

Hindi News Career Fatehpur School Protest | Students Demand Clean Water And Electricity 8 मिनट पहले कॉपी लिंक पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जिस तरह का प्रोटेस्ट हुआ था। उसे खत्म हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं और फतेहपुर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे अपनी कुछ बेसिक मांग पूरी करने के लिए प्रोटेस्ट करते नजर आ रहे हैं। यह मामला फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज का है। इसमें बच्चों को स्कूल के खिलाफ नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। प्रोटेस्ट में मौजूद एक लड़का वीडियो में यह कहते हुए दिख रहा है कि स्कूल के टॉयलेट साफ नहीं है। जो बच्चे स्कूल के अंदर हैं और मैनेजमेंट का विरोध करने के लिए बाहर आना चाहते हैं। उन्हें भी नहीं आने दिया जा रहा है। बच्चों के हाथों में जो बैनर है, उस पर साफ लिखा हुआ है – ‘कॉलेज की व्यवस्था सुधारो, बच्चों का भविष्य सवारों।’ स्टूडेंट का दावा होता है कि ‘सर्वोदय इंटर कॉलेज’ के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें फेल करने की धमकी भी दी जाती है। स्टूडेंट्स वीडियो में नारा लगा रहे हैं कि ‘हमारी मांगे पूरी करो!’ वीडियो के कैप्शन में ट्विटर पर सचिन ने बताया कि ‘जंतर मंतर पर Gen–Z थे, ये अल्फा हैं। Video उत्तर प्रदेश में जिला फतेहपुर के इंटर कॉलेज का है। बिजली/पानी की अच्छी व्यवस्था नहीं है। प्रिंसिपल अभद्र व्यवहार करते हैं। इन सबके खिलाफ वहां के छात्र–छात्राओं ने प्रोटेस्ट किया।’ स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट की शुरुआत सुबह 7 बजे स्कूल गेट खुलने के बाद हुआ। वे स्कूल के पुराने कंस्ट्रक्शन सहित दूषित पानी, प्रिंसिपल का छात्रों के साथ खराब रवैये के विरोध में आवाज उठा रहे थे। स्टूडेंट्स ने अपने विरोध प्रदर्शन में बताया कि स्कूल में टॉयलेट गंदे हैं, बिजली नहीं रहती और पंखे खराब हैं। इसके अलावा कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेलों की सुविधा नहीं है। स्टूडेंट्स के अनुसार स्कूल के पंखों की हालत इतनी खराब है जिसकी वजह से कई बच्चों को करंट लग चुका है। स्कूल प्रशासन एडमिशन के नाम पर मनमानी करते हुए बच्चों से फीस लेते हैं। इसी तरह मार्कशीट और अन्य डॉक्यूमेंट्स मांगने पर भी पैसों की डिमांड की जाती है। स्टूडेंट्स से नारे लगाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि वे इस आंदोलन को जब तक जारी रखेंगे, तब तक कि उनकी मांगे मान नहीं ली जातीं। स्टूडेंट्स अपनी मांगों पर अड़े रहे इस प्रोटेस्ट में कक्षा 6ठी से 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल हुए। प्रिंसिपल लाल बहादुर सिंह और स्टेशन हाउस ऑफिसर मनीष सिह ने शुरुआत में स्टूडेंट्स को रोकना चाहा लेकिन वे नहीं माने और अपनी मांगों पर अड़े रहे। यह विरोध प्रदर्शन दोपहर तक चला और डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल राकेश कुमार के कैंपस में पहुंचने तक जारी रहा। कुमार ने स्टूडेंट्स से चर्चा की और 24 घंटे के अंदर उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उसके प्रोटेस्ट के बाद एक दिन के लिए स्कूल बंद कर दिया गया। बच्चों के विरोध की वीडियोज के बाद DIOS ने एक वीडियो जारी करके बताया कि बच्चों की सभी मांगे मान ली गई हैं। अब हर क्लास रूम में कल तक 4–4 पंखे लगेंगे, वायरिंग को दुरुस्त किया जाएगा। डेस्क बेंच एक महीने में मिल जाएगी और एक RO वाटर कूलर लगाया जाएगा। स्कूल के प्रिंसिपल लाल बहादुर सिंह ने कहा कि स्टूडेंट्स की सभी मांगों को एक साथ पूरा करने के लिए हमारे पास फंड की कमी है। After Zen Z, now even Gen-Alpha is protesting against the BJP Govt in Uttar Pradesh.Gen-Alpha’s first big win.✌️In UP’s Fatehpur, students protesting for basic school stuff got written promises for:- Four fans in every classroom by tomorrow- Electrical wiring fixed- Desks… pic.twitter.com/6FzdYqmgVo— Rajni (@RajniRajni2210) July 28, 2026 स्टूडेंट्स की सारी मांगें मान ली गईं राकेश कुमार ने स्टूडेंट्स से कहा कि स्कूल में पीने के साफ पानी की तुरंत व्यवस्था होगी। टॉयलेट साफ रखे जाएंगे, एक कंप्यूटर लैबोरेटरी, लाइब्रेरी और खेलों की सुविधा भी तत्काल प्रभाव से की जाएगी। अगर स्टूडेंट्स से गैर कानूनी तौर पर फीस ली जा रही है तो इसकी जांच की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जेन अल्फा क्या है जेन-अल्फा 2010-2024 के बीच जन्मी पीढ़ी को कहा जाता है। जबकि जेनजी 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई जनरेशन को कहते हैं। ये खबर भी पढ़ें JPSC की 9 परीक्षाएं रद्द:ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने का आरोप, CID जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अडाणी एंटरप्राइजेज को ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 50% बढ़ा, यह ₹32,924 करोड़ पर पहुंचा

अडाणी एंटरप्राइजेज को ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 50% बढ़ा,  यह ₹32,924 करोड़ पर पहुंचा

अडाणी एंटरप्राइजेज ने 29 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी को ₹1,160 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹885 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 50% बढ़ा है और यह ₹32,924 करोड़ पर पहुंच गया है। यह पिछले साल की समान तिमाही में ₹21,961 करोड़ रहा था। 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की स्थापना हुई थी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अडाणी ग्रुप की कंपनियों का एक हिस्सा है। 1988 में गौतम अडाणी ने एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी, मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडाणी और CEO विनय प्रकाश हैं। कंपनी एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। अडाणी एंटरप्राइजेज देश का सबसे बड़ बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह कंपनी एनर्जी एंड यूटिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स, कंज्यूमर गुड्स और प्राइमरी इंडस्ट्री के क्षेत्र में काम करती है।

थाईलैंड में 3 इंडियन टूरिस्ट का अपहरण:5 भारतीय गिरफ्तार; पाकिस्तानी के कहने पर किडनैपिंग की, ₹1.20 करोड़ की फिरौती मांगी थी

थाईलैंड में 3 इंडियन टूरिस्ट का अपहरण:5 भारतीय गिरफ्तार; पाकिस्तानी के कहने पर किडनैपिंग की, ₹1.20 करोड़ की फिरौती मांगी थी

थाईलैंड में तीन इंडियन टूरिस्ट के अपहरण का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मंगलवार को 5 भारतीय आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी नागरिक ने किडनैपिंग के निर्देश दिए थे। आरोपियों ने पीड़ितों को सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर थाईलैंड बुलाया था। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर उनके परिवारों से करीब 1.20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। दुबई से संचालित हो रहा था गिरोह पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवतार सिंह (38), जगजीत सिंह (38), रंभालक कुमार (24), सुखबीर सिंह (37) और कुलरा सिंह (27) के रूप में हुई है। वे इस पाकिस्तानी नागरिक से एक चैट एप्लीकेशन के जरिए पिछले एक महीने से संपर्क में थे। मास्टरमाइंड फिरौती की रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेना चाहता था। पट्टाया के घर में दी गई यातनाएं पीड़ितों की पहचान मोहित (23), आशीष (24) और हिमांशु (20) के रूप में हुई है। आरोपियों ने उन्हें सात दिन के सस्ते टूर पैकेज का झांसा देकर पट्टाया बुलाया था। वहां पहुंचने पर उन्हें एक घर में बंधक बना लिया गया। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें कई दिनों तक भूखा रखा गया, उनके हाथ-पैर बांधकर पीटा गया और उल्टा लटकाकर यातनाएं दी गईं। वीडियो कॉल पर दिखाई गई बर्बरता आरोपियों ने पीड़ितों के शरीर पर लाल स्प्रे पेंट लगाया था, ताकि वीडियो कॉल के दौरान ऐसा लगे कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और खून बह रहा है। इस तरह वे पीड़ितों के परिवारों पर दबाव बनाकर प्रति व्यक्ति 40 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे। पीड़ितों के परिजनों ने जब भारतीय दूतावास से संपर्क किया, तो दूतावास ने 21 जुलाई को चोनबुरी इमिग्रेशन और पट्टाया पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस ने ऐसे किया रेस्क्यू पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर पट्टाया के एक टाउनहाउस में छापा मारा। वहां तीनों पीड़ित अलग-अलग कमरों में बंधे हुए मिले। उनके मुंह पर टेप लगा था और शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस को मौके से टेप, लकड़ी का डंडा और लाल स्प्रे पेंट बरामद हुआ है। पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदात रेस्क्यू किए गए पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उनके आने से पहले भी एक भारतीय को उसी घर में बंधक बनाया गया था। उसे तब छोड़ा गया जब उसके परिजनों ने करीब 30 लाख रुपये की फिरौती चुका दी थी। पुलिस अब मामले के मुख्य सूत्रधार और अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों की तलाश कर रही है। आरोपियों को इस काम के बदले नकदी, कीमती सामान और थाईलैंड से बाहर जाने के लिए एयरलाइन टिकट का वादा किया गया था।

जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे:शादी में अनबन के बीच बादशाह की सास की क्रिप्टिक पोस्ट, पत्नी ने भी लिखा था- डर से चुप थी

जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे:शादी में अनबन के बीच बादशाह की सास की क्रिप्टिक पोस्ट, पत्नी ने भी लिखा था- डर से चुप थी

पॉपुलर सिंगर और रैपर बादशाह की शादी में अनबन चल रही है। उनकी शादी 5 महीने पहले ही पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी से हुई थी। मंगलवार को ईशा ने एक पोस्ट शेयर कर तलाक का हिंट दिया और कहा कि वो अब तक बादशाह के पावर के डर से चुप थीं। इसी बीच अब ईशा की मां और बादशाह की सास ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अगर तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, तो भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल कर देंगे। ईशा रिखी की मां ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘कर्म लौटकर आते हैं। तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे।’ अगली पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘कर्म कभी माफ नहीं करता। रुलाया है, तो रोना भी निश्चित है। कर्म से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं है। कर्म का लेखा कभी झूठा नहीं होता। कर्म समय आने पर न्याय जरूर करता है। बिना पक्षपात के ईश्वर तुम्हें शायद माफ भी कर दे, लेकिन तुम्हारे कर्म तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।’ बादशाह की पत्नी ईशा ने कहा- डर से चुप थी पूनम रिखी की ये पोस्ट तब सामने आई हैं, जब बादशाह की पत्नी ईशा ने मंगलवार को सोशल मीडिया से तलाक का हिंट देते हुए लिखा- कुछ लड़ाइयां ऐसी भी होती हैं, जिनके जख्म बाहर दिखाई नहीं देते। मैं बहुत लंबे समय तक चुप रही, क्योंकि मैं डरी हुई थी। मुझे लगता था कि मेरे पति के पास इतना इन्फ्लूएंस, पावर और रीसोर्स हैं कि उनके सामने मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी। मैंने खुद को यही समझा लिया था कि चुप रहना ही मेरे लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। आगे ईशा ने लिखा है, ‘चुप्पी कभी स्वीकार नहीं की जाती, वह सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश थी। आज मैं डर नहीं, बल्कि हिम्मत को चुन रही हूं। शायद मैं अभी पूरी कहानी बताने के लिए तैयार नहीं हूं, लेकिन अब मैं यह दिखावा करना बंद करने के लिए तैयार हूं कि सब कुछ ठीक था।’ बादशाह के साथ शादी की तस्वीरें पोस्ट कीं, लिखा- तूफान एक सबक है इस क्रिप्टिक पोस्ट से कुछ दिन पहले ही ईशा ने बादशाह के साथ कुछ तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर लिखा था, कुछ तूफान, सबक लेकर आता है और हर दुआ उम्मीद। ईशा की इस पोस्ट पर करीबी दोस्त जैस्मिन भसीन ने कमेंट कर उन्हें मजबूत बने रहने की सलाह दी थी। बता दें कि ईशा रिखी की पोस्ट सामने आने के बाद कई करीबी और दोस्त उनके समर्थन में पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक करीबी ने लिखा है, “तुम जिस दौर से गुजर हो और अब भी गुजर रही हो, उसकी मैं गवाह हूं। मैं और तुम्हारे करीब रहने वाले बाकी लोग जानते हैं कि तुमने हर मुश्किल का सामना ईमानदारी, सच्चाई और पूरे आत्मसम्मान के साथ किया है। मजबूत बनी रहो, ईशा रिखी। हम तुम्हारे साथ हैं, और सच के साथ भी।” वहीं एक ने लिखा, स्ट्रॉन्ग रहो, डर कर नहीं। एक करीबी ने लिखा, तुम बहुत स्ट्रॉन्ग और सुंदर हो। सोशल मीडिया के जरिए कन्फर्म की शादी सिंगर और रैपर बादशाह ने मार्च 2026 में ईशा से गुपचुप शादी की थी। इंटिमेट वेडिंग में कपल के करीबी ही शामिल हुए थे। बादशाह ने शादी को राज रखा, हालांकि ईशा रिखी ने सोशल मीडिया में रोमांटिक तस्वीर पोस्ट कर इस पर कन्फर्मेशन दी। वहीं ईशा ने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए बादशाह को पति देव कहा था। इससे पहले ईशा की मां ने उनकी और बादशाह की शादी की तस्वीरें पोस्ट कर दोनों को सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी थीं। कौन हैं ईशा रिखी? तलाक के बाद बादशाह ने की ईशा से शादी बादशाह ने साल 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। 2017 में बादशाह बेटी के पिता बने, लेकिन 3 साल बाद ही उनका तलाक हो गया। तलाक के 6 साल बाद बादशाह ने ईशा से दूसरी शादी की है। बादशाह ने फिलहाल कभी शादी पर बात नहीं की है।

Adani Ports Q1 Results | Revenue Up 19% Profit Rises 10%

Adani Ports Q1 Results | Revenue Up 19% Profit Rises 10%

Hindi News Business Adani Ports Q1 Results | Revenue Up 19% Profit Rises 10% | Business News मुंबई31 मिनट पहले कॉपी लिंक अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मजबूत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दम पर कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 3,311 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भी 19% की बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 10,821 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 9,126 करोड़ रुपए था। कंपनी के EBIDTA में 19% की बढ़ोतरी तिमाही के दौरान अडाणी पोर्ट्स का EBIDTA यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट 19% बढ़कर 6,541 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 5,495 करोड़ रुपए था। EBITDA मार्जिन में भी मामूली सुधार देखा गया है और यह 60.2% से सुधरकर 60.4% पर पहुंच गया है। घरेलू पोर्ट्स कारोबार बना ग्रोथ का मुख्य जरिया अडाणी पोर्ट्स ने बताया कि उसका डोमेस्टिक पोर्ट्स बिजनेस कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना रहा। बेहतर कार्गो मिक्स, ज्यादा रियलाइजेशन और वॉल्यूम ग्रोथ के चलते घरेलू पोर्ट्स बिजनेस के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 12% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस पहली तिमाही के दौरान कंपनी के डोमेस्टिक पोर्ट्स ने कुल 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो हैंडल किया। इस वर्टिकल का EBITDA मार्जिन 74% रहा, जो इंडस्ट्री में बेस्ट-इन-क्लास माना जाता है। पोर्ट कैपेसिटी 1,000 MMT करने का टारगेट कंपनी इस वक्त अपने इतिहास का सबसे बड़ा पोर्ट कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोग्राम चला रही है। 30 जून 2026 तक कंपनी की घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT थी। अडाणी पोर्ट्स ने इसे दिसंबर 2030 तक बढ़ाकर 1,000 MMT करने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में ऑल-इंडिया कार्गो मार्केट में अडाणी पोर्ट्स की हिस्सेदारी 27.6% है, जबकि कंटेनर कार्गो मार्केट में कंपनी का शेयर 44.8% पर पहुंच गया है। 2.25% गिरा अडाणी पोर्ट्स का शेयर बेहतरीन तिमाही नतीजों और मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बावजूद 29 जुलाई को अडाणी पोर्ट्स के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। दोपहर के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 2.25% की गिरावट के साथ 1,734.70 रुपए पर ट्रेड कर रहा था। खास बात यह रही कि शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक- सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी रहने के बावजूद अडाणी पोर्ट्स का शेयर लाल निशान में कारोबार करता दिखा। कॉन्सोलिडेटेड ​​​​​​मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। देश का सबसे बड़ा पोर्ट्स ऑपरेटर है अडाणी पोर्ट्स अडाणी पोर्ट्स भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट्स ऑपरेटर और एंड-टु-एंड लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर है। इसके 15 पोर्ट्स और टर्मिनल देश की पोर्ट्स कैपेसिटी का करीब 25% का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसकी कैपेसिटी 627 MMTPA से ज्यादा है। गौतम अडाणी ने 1998 में स्थापित की थी कंपनी अडाणी पोर्ट्स के फाउंडर और चेयरमैन गौतम अडाणी हैं। उन्होंने 1998 में इस कंपनी को स्थापित किया था। गौतम अडाणी के बेटे करण अडाणी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता हैं। कंपनी में 1900 से ज्यादा एम्प्लॉइज काम करते हैं। अडाणी लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, अडाणी पोर्ट्स की सब्सिडियरी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप:रूस ने एफआईआर दर्ज की, इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला; बैन हो सकता है एप

टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप:रूस ने एफआईआर दर्ज की, इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाला; बैन हो सकता है एप

रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी ‘फेडरल सिक्योरिटी सर्विस’ (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने’ के आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया है कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है। इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में नाम शामिल FSS ने कानूनी कार्रवाई करते हुए पावेल दुरोव को अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा घोषित किया है। उनका नाम इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया गया है। पावेल दुरोव का जन्म रूस में ही हुआ था, लेकिन वे लंबे समय से देश से बाहर रह रहे हैं। उन्होंने 2021 में फ्रांस की नागरिकता हासिल की थी और इस समय वे दुबई से अपनी कंपनी और एप का संचालन कर रहे हैं। टेलीग्राम पर पहले से पाबंदियां, फिर भी लोकप्रिय रूस में टेलीग्राम सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्स में से एक है। रूसी सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एप पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद आम लोगों से लेकर सरकारी और मिलिट्री से जुड़े लोग भी इस एप का उपयोग करते हैं। नॉलेज बॉक्स क्या है फेडरल सिक्योरिटी सर्विस? FSS रूस की मुख्य आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसी है। यह पूर्ववर्ती सोवियत संघ की एजेंसी KGB की उत्तराधिकारी मानी जाती है। इसका मुख्य काम देश के भीतर आतंकवाद रोकना, सीमाओं की सुरक्षा करना और साइबर सुरक्षा की निगरानी करना है। कौन हैं पावेल दुरोव? 1984 में रूस में जन्मे दुरोव को ‘रूस का मार्क जुकरबर्ग’ कहा जाता है। उन्होंने टेलीग्राम से पहले रूस का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म VK बनाया था। डेटा प्राइवेसी और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर रूसी सरकार से हुए विवाद के बाद उन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था।

चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

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सोने-चांदी की कीमतों में 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,270 रुपए महंगी होकर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 178 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 11 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.19 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।

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सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,270 रुपए महंगी होकर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 178 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 11 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.19 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।