Thursday, 30 Jul 2026 | 01:33 PM

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Adani Enterprises Q1 Loss & Russia Telegram Founder Pavel Durov Wanted

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नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर टेलीग्राम के फाउंडर से जुड़ी रही। रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए हैं। रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। वहीं अमेरिकी एजेंसी को 2644 करोड़ रुपए का सेटलमेंट पेमेंट देने की वजह से अडाणी एंटरप्राइजेज को जून तिमाही में ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई मोटर के पहली तिमाही के नतीजे आएंगे। मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का IPO ओपन होगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर को वॉन्टेड लिस्ट में डाला: पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप, केस दर्ज; एप बैन हो सकता है रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए हैं। रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अडाणी एंटरप्राइजेज को पहली तिमाही में ₹1,160 करोड़ का घाटा: वजह- अमेरिकी एजेंसी को ₹2,644 करोड़ का सेटलमेंट पेमेंट किया; रेवेन्यू 50% बढ़ा अमेरिकी एजेंसी को 2644 करोड़ रुपए का सेटलमेंट पेमेंट देने की वजह से अडाणी एंटरप्राइजेज को जून तिमाही में ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹885 करोड़ का मुनाफा हुआ था। अडाणी एंटरप्राइजेज ने 29 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को भले ही 1160 करोड़ रुपए का घाटा हुआ हो लेकिन पिछले साल की तुलना में उसका तिमाही रेवेन्यू 50% बढ़ गया है। पिछले साल की तिमाही में कंपनी ने 21,961 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 10% बढ़कर ₹3,650 करोड़ हुआ: पहली तिमाही में रेवेन्यू 19% बढ़ा; कंपनी को घरेलू पोर्ट्स कारोबार से फायदा मिला अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मजबूत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दम पर कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 3,311 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भी 19% की बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 10,821 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 9,126 करोड़ रुपए था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. ITR भरने के आखिरी 3 दिन: 31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. वॉट्सएप वेब में ऑडियो-वीडियो कॉलिंग फीचर आया: एप डाउनलोड किए बिना लैपटॉप-कंप्यूटर से कॉल कर सकेंगे; स्क्रीन शेयरिंग का सपोर्ट भी मिलेगा इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सएप ने वेब-बेस्ड कॉलिंग फीचर लॉन्च कर दिया है। अब यूजर्स को लैपटॉप या कंप्यूटर पर ऑडियो और वीडियो कॉल करने के लिए अलग से डेस्कटॉप एप्लीकेशन डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे वेब ब्राउजर से ऑडियो-वीडियो कॉल कर सकेंगे और रिसीव भी कर पाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह नया फीचर उन यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा, जो कॉलेज में कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं या ऐसे वर्किंग प्लेस में लैपटॉप पर काम करते हैं, जहां एप डाउनलोड करने की इजाजत नहीं होती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

हॉलीवुड तक पहुंचा हरियाणवी सॉन्ग 'बरसात':स्पाइडर मैन की नई मूवी का हिस्सा बना, एक्टर पीटर की लव स्टोरी दिखाई; बैरण सिंगर्स ने गाया

हॉलीवुड तक पहुंचा हरियाणवी सॉन्ग 'बरसात':स्पाइडर मैन की नई मूवी का हिस्सा बना, एक्टर पीटर की लव स्टोरी दिखाई; बैरण सिंगर्स ने गाया

हरियाणवी सॉन्ग बैरण से बिलबोर्ड तक पहुंच बनाने वाले सुमित-अनुज का नया सॉन्ग ‘बरसात’ अब हॉलीवुड तक पहुंच गया है। रिलीज होने के 20 दिनों के भीतर ही इसे हॉलीवुड फ्रेंचाइजी स्पाइडर मैन के लिए सिलेक्ट कर लिया गया। इस सीरिज की नई फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ के लिए बरसात को इंडिया कैंपेन के लिए चुना गया है। 28 जुलाई को इस सॉन्ग की प्रमोशनल वीडियो भी रिलीज की गई। सॉन्ग में अभिनेता पीटर पार्कर की इमोशनल लव स्टोरी भी दिखाई गई। सिंगर्स का दावा है कि किसी हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म में चुने जाने वाला ये पहला हरियाणवी सॉन्ग है। दो दिन पहले रिलीज हुए इस सॉन्ग को 35 लाख से भी अधिक बार देखा जा चुका है। फिल्म में कैसे चुना गया ‘बरसात’ सॉन्ग फिल्म से कैसे जुड़ा सॉन्ग ‘बरसात’ 9 जुलाई को सोनी म्यूजिक इंडिया के साथ रिलीज हुआ था। रिलीज के साथ ही सॉन्ग तेजी से लोकप्रिय हुआ। इसके इमोशनल लिरिक्स और म्यूजिक को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में इसी सॉन्ग का स्पेशल मेल प्रमोशनल वर्जन तैयार किया गया, जिसे स्पाइडर-मैन के इंडियन प्रमोशन कैंपेन के लिए चुना गया। इसके बाद फिल्म के प्रमोशन के लिए बरसात का वीडियो 28 जुलाई को रिलीज किया गया। इसमें पीटर पार्कर और एमजे के रिश्ते की इमोशनल स्टोरी दिखाई गई है। इस प्रमोशनल सॉन्ग को बंजारे ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया। हॉलीवुड फिल्म में पहला हरियाणवी सॉन्ग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरसात को पहला हरियाणवी सॉन्ग माना जा रहा है, जो हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म के इंडियन प्रमोशन कैंपेन में शामिल किया गया है। इसे सिर्फ बंजारे की सफलता नहीं, बल्कि हरियाणवी म्यूजिक और लैंग्वेज की ग्लोबल पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। रीजनल आर्टिस्ट्स के लिए खुलेगा नया रास्ता सिंगर सुमित और अजय ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि ये सॉन्ग सिर्फ एक लव एंगल नहीं है। जब इसे फिल्म के प्रमोशन के रूप में चुना गया तो सबसे पहले अपने गांव, परिवार और हरियाणा की याद आई। उन्होंने कहा- एक ऐसा म्यूजिक बनाना है, जो लोगों के दिलों तक पहुंचे। हमारा सॉन्ग हरियाणवी लैंग्वेज को दुनिया के सबसे बड़े फिल्म प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने का जरिया बना है तो इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं। सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिकल ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक की। सुमित भी गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की ठान ली। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिस कम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में ‘सूट्स विद मी’ पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना ‘डिफरेंट टॉक’, आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठा गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। ————— यह खबर भी पढ़ें… बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से ऑफर हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। (पूरी खबर पढ़ें)

Adani Enterprises Q1 Loss & Russia Telegram Founder Pavel Durov Wanted

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नई दिल्ली58 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर टेलीग्राम के फाउंडर से जुड़ी रही। रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए हैं। रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। वहीं अमेरिकी एजेंसी को 2644 करोड़ रुपए का सेटलमेंट पेमेंट देने की वजह से अडाणी एंटरप्राइजेज को जून तिमाही में ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई मोटर के पहली तिमाही के नतीजे आएंगे। मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का IPO ओपन होगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रूस ने टेलीग्राम के फाउंडर को वॉन्टेड लिस्ट में डाला: पावेल दुरोव पर आतंकवाद फैलाने का आरोप, केस दर्ज; एप बैन हो सकता है रूस की मुख्य सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप तय किए हैं। रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है। FSS ने आरोप लगाया कि टेलीग्राम का एडमिनिस्ट्रेशन उन चैनल्स, चैट्स और बोट्स को हटाने में नाकाम रहा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियां और चरमपंथी संगठन रूस में तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. अडाणी एंटरप्राइजेज को पहली तिमाही में ₹1,160 करोड़ का घाटा: वजह- अमेरिकी एजेंसी को ₹2,644 करोड़ का सेटलमेंट पेमेंट किया; रेवेन्यू 50% बढ़ा अमेरिकी एजेंसी को 2644 करोड़ रुपए का सेटलमेंट पेमेंट देने की वजह से अडाणी एंटरप्राइजेज को जून तिमाही में ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹885 करोड़ का मुनाफा हुआ था। अडाणी एंटरप्राइजेज ने 29 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को भले ही 1160 करोड़ रुपए का घाटा हुआ हो लेकिन पिछले साल की तुलना में उसका तिमाही रेवेन्यू 50% बढ़ गया है। पिछले साल की तिमाही में कंपनी ने 21,961 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 10% बढ़कर ₹3,650 करोड़ हुआ: पहली तिमाही में रेवेन्यू 19% बढ़ा; कंपनी को घरेलू पोर्ट्स कारोबार से फायदा मिला अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मजबूत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दम पर कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 3,311 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भी 19% की बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 10,821 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 9,126 करोड़ रुपए था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. ITR भरने के आखिरी 3 दिन: 31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. वॉट्सएप वेब में ऑडियो-वीडियो कॉलिंग फीचर आया: एप डाउनलोड किए बिना लैपटॉप-कंप्यूटर से कॉल कर सकेंगे; स्क्रीन शेयरिंग का सपोर्ट भी मिलेगा इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सएप ने वेब-बेस्ड कॉलिंग फीचर लॉन्च कर दिया है। अब यूजर्स को लैपटॉप या कंप्यूटर पर ऑडियो और वीडियो कॉल करने के लिए अलग से डेस्कटॉप एप्लीकेशन डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे वेब ब्राउजर से ऑडियो-वीडियो कॉल कर सकेंगे और रिसीव भी कर पाएंगे। कंपनी का कहना है कि यह नया फीचर उन यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा, जो कॉलेज में कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं या ऐसे वर्किंग प्लेस में लैपटॉप पर काम करते हैं, जहां एप डाउनलोड करने की इजाजत नहीं होती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Rishab Shetty Melbourne Award | IndiGo CFO Appointment News

Rishab Shetty Melbourne Award | IndiGo CFO Appointment News

15 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा बिल पास हुआ 29 जुलाई को लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल 2026 ध्वनि मत से पास हुआ। इसके तहत पेपर लीक से जुड़े कानून सख्त कर दिए हैं। अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों में सजा बढ़ जाएगी। नए बिल के मुताबिक अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ये बिल पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रेवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) विधेयक 2026 का संशोधन है। नए संशोधन के मुताबिक, पेपर लीक मामलों की जांच अधिकतम 2 महीने में पूरी करना अनिवार्य होगा। नए संशोधन के मुताबिक फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की सुनवाई होगी, ताकि चार्जशीट दाखिल होने के लगभग 3 महीने के भीतर फैसला हो सके। इस कानून का उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का विश्वास बहाल करना है। हाल ही में NEET-UG 2026 से जुड़े कथित पेपर लीक मामलों के बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर सरकार कानून को और अधिक प्रभावी तथा कठोर बनाने के लिए यह संशोधन लाया गया है। अपॉइटमेंट (APPOINTMENT) 2. किरण थाडिमर्री IndiGo के नए CFO अपॉइंट हुए 28 जुलाई को IndiGo (इंटरग्लोब एविएशन) ने किरण थाडिमर्री को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। किरण वर्तमान में इंडिगो के डिप्टी फाइनेंशियल एड्वाइजर थे। किरण इससे पहले ई-कॉमर्स कंपनी उड़ान और जनरल इलेक्ट्रिक में CFO के तौर पर काम कर चुके हैं। किरण एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, और उनके पास फाइनेंस के क्षेत्र में 24 से ज्यादा सालों का अनुभव है। किरण, गौरव नेगी की जगह लेंगे नेगी। नेगी 2022 में इस पद पर अपॉइंट हुए थे। अब वे एडवाइजर होंगे। IndiGo (इंडिगो) IndiGo यानी InterGlobe Aviation भारत की सबसे बड़ी और सबसे व्यस्त एयरलाइन है। इसको 2006 में स्थापित किया गया था। IndiGo एक लो-कॉस्ट कैरियर ( LCC) है, यानी कम किराए में हवाई यात्रा की सुविधा प्रदान करती है। IndiGo का मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है। इसके संस्थापक राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल हैं। IndiGo ने 90 से ज्यादा घरेलू और 40 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है। IndiGo के CEO विलियम वॉल्श हैं। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. गुलवीर सिंह, हरजिंदर कौर ने सिल्वर जीता 28 जुलाई को भारतीय खिलाड़ियों ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 5वें दिन 2 सिल्वर मेडल जीते। गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10 हजार मीटर की रेस में दूसरा नंबर हासिल किया। वे इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय हैं। इसके साथ ही महिला वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलो वजन उठाकर सिल्वर जीता। भारत ने अब तक 2 गोल्ड समेत कुल 12 मेडल जीते हैं। भारत एक दिन पहले टैली में 8वें नंबर पर था। ऑस्ट्रेलिया 35 गोल्ड लेकर कुल 80 मेडल जीतकर टॉप पर बना हुआ है। गुलवीर सिंह 27 साल के गुलवीर सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव के रहने वाले हैं और भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। गुलबीर ने सेना में भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ना शुरू किया था। 2018 में ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल होने के बाद उन्होंने एथलेटिक्स को गंभीरता से अपनाया। 4. ISSF वर्ल्ड कप में भारत ने दो ब्रॉन्ज जीते 29 जुलाई को इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) वर्ल्ड कप में सोनम मस्कर और हिमांशु ढिल्लों की जोड़ी ने 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। दोनों ने मेडल राउंड में 220.6-220.6 का स्कोर किया और 441.2 अंक हासिल किए। इसके साथ ही टूर्नामेंट में भारत के मेडल की संख्या चार हो गई। इससे पहले ईशा सिंह ने गोल्ड, संयम विज ने सिल्वर और मनु भाकर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। ये चैंपियनशिप चीन के हांगझोउ में चल रही है। जिफेई वांग और लिहाओ शेंग की जोड़ी ने 505 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीता। वहीं, चीन की दूसरी टीम ने 504.6 अंक बनाकर सिल्वर अपने नाम किया। सोनम मस्कर सोनम ने 2018 में मुंबई के टोलानी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ाई के दौरान शौक के तौर पर 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग शुरू की। सोनम ने 2023 में साउथ कोरिया के चांगवॉन में आयोजित ISSF जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। सोनम ने 2024 में मिस्र के काहिरा में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर मेडल जीता। हिमांशु ढिल्लों हिमांशु ने 2025 में इंटरनेशनल जूनियर लेवल से करियर शुरू किया। 2025 में हिमांशु ने ISSF जूनियर वर्ल्ड कप (सुहल, जर्मनी) में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। फरवरी 2026 में हिमांशु ने नई दिल्ली में आयोजित एशियाई राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। हिमांशु और सोनम ने मेडल राउंड में 220.6-220.6 का स्कोर किया और 441.2 अंक हासिल किए। इस्तीफा (Resignation) 5. भारतीय क्रिकेट टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने इस्तीफा दिया 28 जुलाई को भारतीय क्रिकेट टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने इस्तीफा दे दिया है। रयान ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही BCCI को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी। हालांकि टेन डोशेट IPL फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कोचिंग स्टाफ से जुड़ेंगे। इंग्लैंड सीरीज में भारतीय टीम टी-20 और वनडे सीरीज हार गई थी। इससे पहले टीम को आयरलैंड ने पहली बार 2-0 से हराया था। टेन डोशेट नीदरलैंड के पूर्व कप्तान हैं और 2024 में T20 वर्ल्ड कप के बाद शामिल हुए थे। रयान टीम में बल्लेबाजी और फील्डिंग, दोनों डिपार्टमेंट में जिम्मेदारी निभा रहे थे। टेन डोशेट के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 T20 वर्ल्ड कप जीता था। टेन डोशेट के साथ ही फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भी कार्यकाल खत्म हो गया है। गौतम गंभीर (बाएं) ने हेड कोच बनने के बाद रयान टेन डोशेट (दाएं) को असिस्टेंट कोच चुना था। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 6. जे क्लेटन अमेरिका के नए नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर बने 28 जुलाई को अमेरिकी सीनेट ने जे क्लेटन डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (DNI)बनने की जानकारी दी। क्लेटन के पक्ष

Annu Kapoor Struggle Success Story; Antakshari – Mr. India

Annu Kapoor Struggle Success Story; Antakshari - Mr. India

18 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी/वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक अन्नू कपूर ने भूख से लड़ने के लिए नींद को अपना सहारा बना लिया था। भोपाल से मुंबई तक अन्नू कपूर का सफर संघर्षों से भरा रहा। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार चलाने के लिए उन्होंने चाय बेची, चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। गरीबी ने उनका आईएएस बनने का सपना छीन लिया, लेकिन अभिनय ने नई पहचान दिलाई। जेब में सिर्फ 419 रुपए 25 पैसे लेकर मुंबई पहुंचे अन्नू कपूर को चेहरे की वजह से रिजेक्ट किया गया, लेकिन अपनी प्रतिभा के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर साबित किया कि असली हीरो चेहरा नहीं, हुनर होता है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं अन्नू कपूर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें… गरीबी ने छीन लिया आईएएस बनने का सपना 20 फरवरी 1956 को भोपाल के एक साधारण परिवार में जन्मे अन्नू कपूर का बचपन आर्थिक परेशानियों में बीता। उनके पिता मदनलाल कपूर पारसी थिएटर चलाते थे, जबकि मां कमल शबनम क्लासिकल गायिका और शिक्षिका थीं। घर में कला का माहौल था, लेकिन आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। अन्नू कपूर पढ़ाई में अच्छे थे और उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का था, लेकिन परिवार की हालत ने उन्हें यह सपना छोड़ने पर मजबूर कर दिया। अन्नू कपूर के दादा ब्रिटिश आर्मी में डॉक्टर थे, जबकि परदादा लाला गंगाराम कपूर एक क्रांतिकारी थे, जिन्हें भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान फांसी दे दी गई थी। परिवार चलाने के लिए किया हर छोटा-बड़ा काम जब घर की जिम्मेदारी आई तो उन्होंने कोई काम छोटा नहीं समझा। एक इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने कहा था, “मैंने अपनी जिंदगी चलाने के लिए चाय बेची, फ्राइड फूड का स्टॉल लगाया। कठिनाइयां मेरे जीवन में नई नहीं थीं। समस्याओं को तो मैंने बचपन से जिया है। चाय बेचने के अलावा उन्होंने चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। उस समय उनके लिए सबसे जरूरी था कि किसी तरह परिवार का खर्च चलता रहे। लेकिन मुश्किलों के बीच अभिनय का सपना कभी खत्म नहीं हुआ। थिएटर बना जिंदगी बदलने का रास्ता बचपन से घर में थिएटर का माहौल था। पिता मंच पर अभिनय करते थे, इसलिए अन्नू कपूर का झुकाव रंगमंच की ओर बढ़ा। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) में दाखिला लिया। यहीं से उनकी अभिनय यात्रा को दिशा मिली। हालांकि यहां भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा। एक बार मशहूर थिएटर निर्देशक बैरी जॉन एक नाटक के लिए कलाकार चुन रहे थे। ऑडिशन में अन्नू कपूर सबसे ज्यादा अंक लेकर पहले स्थान पर रहे, लेकिन चेहरे को किरदार के लिए उपयुक्त नहीं मानने के कारण उन्हें रोल नहीं मिला। इस घटना ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया। बाद में अन्नू कपूर ने इस घटना को याद करते हुए कहा था, “मैं सबसे ज्यादा अंक लेकर आया था, लेकिन मुझे कहा गया कि तुम्हारे पास उस किरदार वाला चेहरा नहीं है। उस दिन मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हुआ था।” यही वह पल था, जब उन्होंने तय किया कि अब उन्हें चेहरे से नहीं, अभिनय से पहचान बनानी है। 70 साल के बूढ़े का किरदार बना टर्निंग पॉइंट एनएसडी के दिनों में अन्नू कपूर ने नाटक ‘एक रुका हुआ फैसला’ में 70 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया। तब उनकी उम्र करीब 25 साल थी, लेकिन अभिनय इतना प्रभावशाली था कि दर्शक उनकी असली उम्र का अंदाजा नहीं लगा पाए। संयोग से नाटक देखने निर्देशक श्याम बेनेगल भी पहुंचे थे। श्याम बेनेगल अन्नू कपूर की अदाकारी से प्रभावित हुए और उन्होंने उन्हें फिल्म ‘मंडी’ (1983) के लिए चुन लिया। यहीं से संघर्षरत थिएटर कलाकार के फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। एनएसडी में अभिनय की बारीकियां सीखने के बाद अन्नू कपूर के सामने सवाल था- अब आगे क्या? थिएटर पहचान दे रहा था, लेकिन रोजी-रोटी नहीं। ऐसे में उन्होंने मुंबई का रुख किया, जहां लाखों लोग सपनों के साथ आते हैं और हजारों सपने टूट जाते हैं। जेब में सिर्फ 419 रुपए 25 पैसे लेकर पहुंचे मुंबई मुंबई आने का फैसला आसान नहीं था। जेब में महज 419 रुपए 25 पैसे थे। रहने का ठिकाना पक्का नहीं था और फिल्मों में काम मिलने की गारंटी भी नहीं थी। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने बताया था कि मुंबई आने के समय उनके पास सिर्फ 419.25 रुपए थे। उन्हें भरोसा था कि ईमानदारी से अभिनय करेंगे तो एक दिन पहचान जरूर मिलेगी। चेहरे की वजह से बार-बार हुए रिजेक्ट मुंबई पहुंचते ही उन्हें एहसास हुआ कि यहां सिर्फ अभिनय नहीं, चेहरा भी मायने रखता है। उस दौर में हिंदी फिल्मों में लंबे, गोरे और पारंपरिक हीरो जैसे दिखने वाले कलाकारों को प्राथमिकता मिलती थी। अन्नू कपूर इन मानकों पर फिट नहीं बैठते थे। रिजेक्शन लगातार मिल रहे थे, लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि अगर हीरो नहीं बन सकते, तो ऐसा अभिनेता बनेंगे जिसे लोग कभी भूल न सकें। श्याम बेनेगल ने बदली किस्मत एनएसडी के दौरान नाटक में उनका अभिनय देखकर निर्देशक श्याम बेनेगल पहले ही प्रभावित हो चुके थे। उन्होंने अन्नू कपूर को 1983 में फिल्म ‘मंडी’ में मौका दिया। रोल छोटा था, लेकिन इंडस्ट्री के बड़े निर्देशकों की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। धीरे-धीरे उन्होंने ‘उत्सव’, ‘चमेली की शादी’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘तेजाब’, ‘राम लखन’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाए। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी भले कुछ मिनटों की होती, लेकिन दर्शक उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाते थे। मिस्टर इंडिया में अन्नू कपूर ने मिस्टर गायतोंडे का किरदार निभाया था, जो फिल्म में अखबार के एडिटर थे । हर किरदार में अलग पहचान बनाई अन्नू कपूर ने खुद को किसी एक तरह के रोल तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कॉमिक, गंभीर, खलनायक और भावनात्मक सभी तरह के किरदार निभाए। उनकी खासियत रही कि वह अपने किरदार को अभिनय नहीं, जीते थे। फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कहा जाता है कि “कोई रोल छोटा नहीं होता।” अन्नू कपूर ने इसे अपने करियर से सच साबित किया। टीवी ने बना दिया घर-घर का चेहरा फिल्मों में काम मिल रहा था,

E20 Petrol Impact on BS3 Vehicles

E20 Petrol Impact on BS3 Vehicles

नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने बुधवार को पहली बार माना कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा- BS-3 मानक वाली कुछ पुरानी गाड़ियों में ई-20 के कारण कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने पड़ सकते हैं। ये गाड़ियां मुख्य रूप से 2005 से 2016 के बीच बने हैं। ये पार्ट्स नियमित सर्विसिंग के दौरान आसानी से बदले जा सकते हैं। गडकरी ने कहा कि स्टडीज में ई-20 से गाड़ियों की कुल परफॉर्मेंस या टिकाऊपन पर कोई बड़ा असर नहीं पाया गया है। उन्होंने यह कहा कि इन गाड़ियों के इंजन में किसी तरह का बदलाव कराने की जरूरत नहीं है। यह पहली बार है, जब गडकरी ने इस तरह की बात कही है। गडकरी बोले- माइलेज सिर्फ ईंधन पर निर्भर नहीं करता उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम, सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) व ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दोपहिया-चारपहिया वाहनों पर ई-20 ईंधन की स्टडी की थी। गडकरी ने यह भी कहा कि वाहन का माइलेज सिर्फ ईंधन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की स्थिति, रखरखाव और अन्य कारकों से भी प्रभावित होता है। इसका इस्तेमाल दुनिया में एक सदी से ज्यादा समय से हो रहा है। वो सबकुछ, जो आपके लिए जानना जरूरी है… कौन-कौन से पार्ट्स बदलने पड़ सकते हैं? पाइप्स, ओ-रिंग, रबर सील, फ्यूल होज, गैस्केट, फ्यूल पंप के रबर कंपोनेंट, इंजेक्टर सील। ये पार्ट्स इंजन में होते हैं? नहीं। अधिकांश रबर पार्ट फ्यूल सिस्टम में होते हैं। किन गाड़ियों के पार्ट्स बदलने पड़ सकते हैं? यूरो-4 से नीचे के जितने भी व्हीकल्स हैं, उनमें जरूरत पड़ सकती है। संसद में पेश जवाब के मुताबिक, 1 अप्रैल 2005 से लागू बीएस-3 मानक के तहत 2016 से पहले बने दोपहिया और चारपहिया वाहन इसके दायरे में हैं। एक बार पार्ट्स बदलने का खर्च? यह गाड़ी और मॉडल पर निर्भर है। मर्सिडीज में महंगा, तो मारुति सस्ता पड़ सकता है। दोपहिया में 500 से 1500 रुपए और फोरव्हीलर में 2 हजार से 8 हजार तक खर्च आ सकता है। पार्ट्स कितने अंतराल में बदलना पड़ेंगे? कोई तय समय या किलोमीटर नहीं है। जब आप रूटीन सर्विसिंग करवाएंगे, उसी दौरान घिसावट, रिसाव या खराबी मिलने पर बदले जाएंगे। पार्ट्स बदलने की जरूरत क्यों? एथेनॉल पुराने रबर को समय के साथ सख्त, मुलायम या फुला सकता है। पहले रबर एथेनॉल के लंबे संपर्क के हिसाब से नहीं बनाए गए थे। नुकसान रबर को ही या मेटल पर भी? असर रबर पार्ट्स तक सीमित है। यूरो-4 और नीचे की गाड़ी के मेटल पार्ट्स पर भी असर संभव। ई-20 पेट्रोल डलवाने के कितने समय बाद गाड़ी दिक्कत देनी शुरू करेगी? गाड़ी चलती रहेगी, तो कोई खराबी नहीं आएगी। बस, उसका मेंटेनेंस बढ़ाना होगा। कार-बाइक दोनों पर समान असर पड़ेगा? दोनों में असर की संभावना है, लेकिन यह वाहन के डिजाइन और फ्यूल सिस्टम पर निर्भर करेगा। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… गडकरी बोले- 2004 से पेट्रोल में एथेनॉल मिल रहा:गाड़ियों को नुकसान का कोई सबूत नहीं देश में ई-20 पेट्रोल, एथेनॉल, माइलेज और गाड़ियों पर इसके असर को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में इन सभी सवालों के जवाब दिए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

St Stephens College Delhi Dress Code Controversy

St Stephens College Delhi Dress Code Controversy

Hindi News Career St Stephens College Delhi Dress Code Controversy | Students Oppose Shorts Ban 6 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए एकेडमिक सेशन के लिए नया ड्रेस कोड तय किया है। इसके तहत स्टूडेंट्स को क्लासरूम और कैंपस के कई दूसरे हिस्सों में शॉर्ट्स पहनने के लिए मना किया गया है। कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर सुसेन एलिया ने 26 जुलाई को यह नोटिस कैंपस रेगुलेशंस एंड गाइडलाइंस के नाम से जारी किया है। इसमें सभी जूनियर मेंबर्स को कैंपस में इन नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। छात्रों ने कहा – यह मोरल पुलिसिंग कॉलेज द्वारा जारी किए गए नोटिस के अनुसार क्लासरूम, ट्यूटोरियल, लैब, लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल, असेंबली हॉल और चैपल में शॉर्ट्स पहनने पर रोक लगाई गई है। 28–29 जुलाई को नए सत्र की शुरुआत पर कई छात्र जानबूझकर शॉर्ट्स पहनकर कॉलेज पहुंचे और इस नियम का विरोध किया। प्रदर्शन करने वाले छात्रों का कहना है कि यह “मोरल पुलिसिंग” है और छात्रों की पर्सनल चॉइस में दखल देना है। कुछ प्रोफेसर का कहना है कि पहले कुछ क्षेत्रों में अनौपचारिक रूप से शॉर्ट्स पहनने की मनाही थी लेकिन पहली बार इसे लिखित निर्देश के रूप में जारी किया गया है। इस फैसले का ज्यादा असर खिलाड़ियों पर छात्रों के विरोध के बाद कॉलेज में ड्रेस कोड और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस छिड़ गई है कॉलेज के इस नियम का असर सबसे ज्यादा स्पोर्ट्स टीमों के खिलाड़ियों पर पड़ता है, जो सुबह की प्रैक्टिस के लिए ऑफिशियल स्पोर्ट्स किट में आते हैं। आमतौर पर ये स्टूडेंट्स शॉर्ट्स पहनकर ही प्रैक्टिस के लिए आते हैं। इसके चलते इन्हें डाइनिंग हॉल में एंट्री नहीं दी जाती है। इस नियम का उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य कैंपस में अनुशासन, सम्मानजनक माहौल और संस्थान की परंपराओं को बनाए रखना है। नोटिस में छात्रों से सहयोग की अपील करते हुए कहा गया है कि सभी मिलकर कॉलेज का वातावरण गरिमामय बनाए रखें। कुछ लोगों ने कहा कि कॉलेज को अनुशासन और संस्थान की गरिमा बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड तय करने का अधिकार है। वहीं अन्य लोगों ने इसे छात्रों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गैर जरूरी प्रतिबंध बताया। ये खबर भी पढ़ें… JPSC की 9 परीक्षाएं रद्द:ब्लैक लिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने का आरोप, CID जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सनी देओल बोले-लोग धर्म-राजनीति को जोड़ते हैं,मैं इनसे हमेशा दूर:मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटें, 'गदर' भी सिर्फ एक लव स्टोरी थी

सनी देओल बोले-लोग धर्म-राजनीति को जोड़ते हैं,मैं इनसे हमेशा दूर:मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटें, 'गदर' भी सिर्फ एक लव स्टोरी थी

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल ने कहा- फिल्म में मैं किसी धर्म का चेहरा नहीं, बल्कि इंसानियत का चेहरा दिखाना चाहते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि हालात इंसान को तोड़ देते हैं, लेकिन अंत में जीत हमेशा इंसानियत की ही होती है। अंत में न कोई धर्म बचता है, न कोई मजहब… सबसे बड़ी चीज इंसानियत है और उससे भी बड़ी हमारी मां होती है। आज समाज में जिस तरह हर बात को धर्म और राजनीति से जोड़कर देखा जाता है, वे खुद को इससे हमेशा दूर रखते आए हैं। सनी ने कहा- मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटती हों। लोग कई बार फिल्मों को अलग नजरिए से देखने लगते हैं, जबकि उनका उद्देश्य बिल्कुल अलग होता है। ‘गदर’ भी मेरे लिए कभी हिंदू-मुस्लिम फिल्म नहीं थी, वह एक परिवार और एक प्रेम कहानी थी। दरअसल, बॉलीवुड एक्टर सनी देओल, अपने बेटे करण देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ बुधवार को अपनी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए जयपुर पहुंचे। इस दौरान तीनों दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे और फिल्म, अपने लंबे फिल्मी सफर, भारत-पाक विभाजन, इंसानियत, समाज और सिनेमा की जिम्मेदारी पर खुलकर बातचीत की। यह पार्टिशन फिल्म जरूर है, लेकिन फैसला नहीं सुनाती सनी देओल ने कहा- फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी जरूर है, लेकिन यह तय नहीं करती कि कौन सही था और कौन गलत। यह कहानी रिश्तों के टूटने और फिर जुड़ने की है। भटका हुआ इंसान सही रास्ते पर लौटता है। युवा इस फिल्म को देखेंगे तो उन्हें जिंदगी की कई ऐसी बातें समझ आएंगी, जो शायद आज उन्हें दिखाई नहीं देतीं। सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। हमने हमेशा कोशिश की है कि फिल्मों के जरिए समाज को कुछ लौटाया जाए। ‘बंटवारा 1947’ भी ऐसी ही फिल्म है। दर्शक जब थिएटर से बाहर निकलेंगे तो उनके दिल में सबसे पहले मां के लिए सम्मान और इंसानियत का भाव होगा। सनी देओल ने बताया- पंजाब के गांवों में बचपन बिताने के दौरान उन्होंने विभाजन की अनेक सच्ची कहानियां सुनीं। लोग मारने वालों की बातें करते हैं, लेकिन जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे धर्म के लोगों को बचाया, उनकी कहानियां कम सुनाई जाती हैं। हमारी फिल्म उन्हीं इंसानों को सलाम करती है। मां की सेवा सबसे बड़ा कर्म है सनी देओल ने भावुक होते हुए कहा- फिल्म का सबसे बड़ा संदेश मां और मानवता है। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह फिल्म किसी को निराश नहीं करेगी। इसमें मनोरंजन है, एक्शन है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा एक मजबूत संदेश है। मां की सेवा से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं। फिल्म का एक संवाद है, ‘कोई मजहब बुरा नहीं होता, अच्छा-बुरा इंसान होता है।’ यही इस फिल्म का सार है। राजस्थान से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है राजस्थान से अपने लगाव का जिक्र करते हुए सनी देओल ने कहा- रिश्ता बचपन से इस प्रदेश से जुड़ा है। पापा (धर्मेंद्र) के साथ बचपन से यहां आता रहा हूं। यहां कई फिल्मों की शूटिंग की है। मौका मिलता है तो राजस्थान की सड़कों और गांवों में खुद गाड़ी चलाकर घूमने निकल जाता हूं। यहां एक अलग ही शांति और खुलापन महसूस होता है। राजस्थान मेरे सबसे पसंदीदा राज्यों में से एक है। ‘सिकंदर मिर्जा मेरा सबसे ताकतवर किरदार है’ निर्देशक राजकुमार संतोषी ने कहा- ‘बंटवारा 1947’ का नायक सिकंदर मिर्जा उनके अब तक लिखे गए सबसे सशक्त किरदारों में से एक है। सुपरमैन वह नहीं जो आसमान में उड़ता है। असली सुपरमैन वह है, जो नफरत और सांप्रदायिकता के सामने खड़ा होने की हिम्मत रखता है। सिकंदर मिर्जा ऐसा ही इंसान है। यह किरदार अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के अधिकार और सम्मान के लिए लड़ता है। दूसरे का दर्द महसूस करना ही असली इंसानियत है। सिकंदर मिर्जा वही करता है। वह नफरत के माहौल में भी अपने जमीर को मरने नहीं देता। ‘दामिनी’ के गुस्से से लेकर ‘बंटवारा’ की संवेदना तक संतोषी ने बताया- मेरी फिल्मों में समाज के प्रति गुस्सा हमेशा निजी अनुभवों से आया है। उन्होंने याद किया कि उनकी मां और दादी सालों तक अदालतों के चक्कर लगाती रहीं। वहीं से ‘दामिनी’ जैसी फिल्मों की संवेदनाएं पैदा हुईं। बंटवारा 1947 फिल्म में भी दर्द है, लेकिन यहां संघर्ष केवल बाहरी नहीं, भीतर का भी है। आदमी परिस्थितियों से भी लड़ता है और अपने जमीर को बचाने की लड़ाई भी लड़ता है। राजकुमार संतोषी ने सनी देओल की अभिनय शैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सनी अभिनय नहीं करते, किरदार को जी लेते हैं। ‘घातक’, ‘दामिनी’, ‘घायल’ के संवाद आज भी इसलिए याद हैं क्योंकि उन्होंने उन्हें पूरी सच्चाई और विश्वास के साथ बोला। ‘बंटवारा 1947’ में भी सनी देओल ने सिकंदर मिर्जा के किरदार को पूरी ईमानदारी से जिया है। मैंने उन्हें कहा था कि यह आपकी सामान्य एक्शन फिल्म नहीं है। यह परिवार, मां-बेटे, पति-पत्नी और इंसानियत के रिश्तों की फिल्म है। उन्होंने बिना एक पल सोचे इसे स्वीकार कर लिया। पिता के सामने अभिनय नहीं, भावनाएं खुद निकल आईं फिल्म में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा रहे करण देओल ने कहा कि यह उनके लिए अभिनय से कहीं बढ़कर अनुभव था। स्क्रीन पर मेरे सामने मेरे असली पिता थे। भावनात्मक दृश्यों में अभिनय करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। कई सीन में हम दोनों सचमुच भावुक हो गए। राज सर और आमिर सर ने मुझ पर भरोसा किया, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।

अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट के आयात पर बैन लगाया:चीन ने आलोचना की, कहा- हमारी कंपनियों को दबाने की कोशिश

अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट के आयात पर बैन लगाया:चीन ने आलोचना की, कहा- हमारी कंपनियों को दबाने की कोशिश

अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने विदेशी निर्मित ह्यूमनॉइड रोबोट और पावर इनवर्टर के नए आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि वैश्विक बाजार में इन उत्पादों पर चीन का दबदबा है। FCC ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध ऐसे समय में आया है जब सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच मुलाकात प्रस्तावित है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। क्या है प्रतिबंध का दायरा? FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इनवर्टर का उपयोग डायरेक्ट करंट (DC) को अल्टरनेटिंग करंट (AC) में बदलने के लिए किया जाता है, जो रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और घरेलू उपकरणों में काम आते हैं। FCC चेयरपर्सन ब्रेंडन कार ने मंगलवार को कहा कि यह कदम अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। यह प्रतिबंध केवल इन उत्पादों के नए वर्जन पर लागू होगा। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। यह कदम चीन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा, क्योंकि ह्यूमनॉइड और क्वाड्रुपेड रोबोट के वैश्विक बाजार में चीन की बड़ी हिस्सेदारी है। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC ने बताया कि यह रोक नए मॉडल के इम्पोर्ट पर लागू होगी। पहले से इस्तेमाल हो रहे मॉडल इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। चीन का बाजार पर दबदबा वैश्विक स्तर पर ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार में चीन की हिस्सेदारी करीब 85 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में करीब 15,000 ह्यूमनॉइड रोबोट शिप किए गए थे, जिनमें से चीन की दो बड़ी कंपनियों यूनिट्री (Unitree) और एजीआईबॉट (AGIBOT) ने 5,000 से अधिक रोबोट शिप किए। इसकी तुलना में टेस्ला और फिगर एआई जैसी अमेरिकी कंपनियों ने कुछ सौ या उससे कम रोबोट ही शिप किए। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।