Wednesday, 16 Sep 2026 | 03:32 AM

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सलमान खान ने एंटीलिया में लिया बप्पा का आशीर्वाद:तिलक लगवाकर फूल अर्पण किए, सिद्धार्थ-कियारा ने भी दर्शन किए; राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस में डूबे मेहमान

सलमान खान ने एंटीलिया में लिया बप्पा का आशीर्वाद:तिलक लगवाकर फूल अर्पण किए, सिद्धार्थ-कियारा ने भी दर्शन किए; राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस में डूबे मेहमान

सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। एंटीलिया में हुए गणपति सेलिब्रेशन की शुरुआत में राधिका मर्चेंट ने भक्तिमय प्रस्तुति दी। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए। राधिका मर्चेंट ने गणपति सेलिब्रेशन में क्लासिकल भक्तिमय भरतनाट्यम परफॉर्मेंस दी, जिसे पॉपुलर कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट ने कोरियोग्राफ किया है। वैभवी ने सोशल मीडिया से राधिका का वीडियो पोस्ट किया। देखिए राधिका मर्चेंट की डांस परफॉर्मेंस की झलक- एंटीलिया के गणपति सेलिब्रेशन की ये इनसाइड झलकियां भी देखिए- विक्की-कटरीना, सिद्धार्थ-कियारा ने भी लिया आशीर्वाद विक्की कौशल और कटरीना कैफ ने भी एंटीलिया में बप्पा का आशीर्वाद लिया और फूल अर्पित किए। नए पेरेंट्स बने सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी भी हाथ जोड़े बप्पा के दर्शन करते नजर आए। गणपति पूजा में साथ दिखा अंबानी परिवार इस सेलिब्रेशन से पहले अंबानी परिवार में पूजा आयोजित की गई, जिसमें महज परिवार के सदस्य और चंद करीबी शामिल हुए थे। एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत गणपति बप्पा के स्वागत के लिए एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाईदार एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।

ट्रम्प की डाक वोटिंग सख्त करने की कोशिश पर रोक:सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज खिलाफ; वोटरों की जानकारी USPS को देने का था आदेश

ट्रम्प की डाक वोटिंग सख्त करने की कोशिश पर रोक:सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज खिलाफ; वोटरों की जानकारी USPS को देने का था आदेश

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डाक से वोटिंग के नियम सख्त करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिश पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज ट्रम्प के नियमों के खिलाफ रहे। मामला नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से जुड़ा है। ट्रम्प ने मार्च में आदेश जारी किया था। वे चाहते थे कि डाक से वोट भेजने वाले लोगों की लिस्ट राज्यों को अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को दी जाए। ट्रम्प का कहना था कि डाक से वोटिंग में गड़बड़ी रोकने के लिए नए नियम जरूरी हैं। विरोध करने वालों ने कहा कि इन नियमों से सही वोट भी रुक सकते हैं और राष्ट्रपति राज्यों के चुनावी सिस्टम में जरूरत से ज्यादा दखल दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रम्प के नियम लागू करने की अनुमति नहीं दी। ट्रम्प के नियम के तहत USPS रोक सकता था बैलेट अगर कोई बैलेट नए नियमों के मुताबिक नहीं होता या वोट देने वाले का नाम तय लिस्ट में नहीं मिलता, तो USPS उस बैलेट को रोक सकता था। डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार वाले राज्यों और वोटिंग अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इन नियमों का विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे चुनाव के दौरान लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

US Supreme Court Rejects Trump Mail Voting Rules

US Supreme Court Rejects Trump Mail Voting Rules

वॉशिंगटन29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डाक से वोटिंग के नियम सख्त करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिश पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला 7-2 रहा। दो जजों ने इसका विरोध किया। मामला नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से जुड़ा है। ट्रम्प ने मार्च में आदेश जारी किया था। वे चाहते थे कि डाक से वोट भेजने वाले लोगों की लिस्ट राज्यों को अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को दी जाए। ट्रम्प का कहना था कि डाक से वोटिंग में गड़बड़ी रोकने के लिए नए नियम जरूरी हैं। विरोध करने वालों ने कहा कि इन नियमों से सही वोट भी रुक सकते हैं और राष्ट्रपति राज्यों के चुनावी सिस्टम में जरूरत से ज्यादा दखल दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रम्प के नियम लागू करने की अनुमति नहीं दी। ट्रम्प के नियम के तहत USPS रोक सकता था बैलेट अगर कोई बैलेट नए नियमों के मुताबिक नहीं होता या वोट देने वाले का नाम तय लिस्ट में नहीं मिलता, तो USPS उस बैलेट को रोक सकता था। डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार वाले राज्यों और वोटिंग अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इन नियमों का विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे चुनाव के दौरान लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। कोर्ट ने समय पर उठाया सवाल डाक से वोटिंग के मामले पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल समय का था। नवंबर के चुनाव में अब कुछ समय बचा है और कई राज्यों में बैलेट भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जस्टिस ब्रेट कावानॉ ने कहा कि ट्रंप की योजना भविष्य में लागू की जा सकती है, लेकिन नवंबर के चुनाव से ठीक पहले इसे लागू करना मुश्किल है। चुनाव अधिकारियों के पास नई व्यवस्था तैयार करने और उसे लागू करने के लिए जरूरी समय नहीं है। डाक से वोटिंग पर ट्रम्प ने पहले भी उठाए सवाल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद ट्रम्प ने डाक से वोटिंग पर सवाल उठाए थे। वह बिना सबूत यह दावा करते रहे कि चुनाव में गड़बड़ी हुई थी और उनसे जीत छीन ली गई। हालांकि, ट्रंप खुद भी डाक से वोट डाल चुके हैं। इस साल फ्लोरिडा के रिपब्लिकन प्राइमरी में उन्होंने मेल से वोट किया था। USPS ने भी ट्रंप के फैसले पर जताई थी चिंता ट्रंप की नई व्यवस्था को लेकर USPS के एक व्हिसलब्लोअर ने भी चिंता जताई थी। उसने कहा था कि नई तकनीकी व्यवस्था जल्दबाजी में तैयार की गई है। अगर इसमें कोई गड़बड़ी हुई तो लाखों लोगों के बैलेट समय पर नहीं पहुंच पाएंगे। नई व्यवस्था में बैलेट के लिफाफे पर मौजूद बारकोड और मतदाता की जानकारी को एक ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ना था। चुनाव से कुछ हफ्ते पहले इतना बड़ा बदलाव अधिकारियों के लिए भी चुनौती था। ट्रम्प के 5 और फैसलों पर SC की रोक टैरिफ – फरवरी 2026 सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ को अवैध ठहराया और कहा कि राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इलिनॉय में नेशनल गार्ड – दिसंबर 2025 सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार को इलिनॉय में नेशनल गार्ड तैनात करने की तत्काल अनुमति नहीं दी। बर्थराइट सिटीजनशिप – जून 2026 ट्रम्प ने अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ बच्चों की जन्मसिद्ध नागरिकता खत्म करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा कानून राष्ट्रपति को ऐसा बदलाव करने की इजाजत नहीं देता। बर्थ टूरिज्म – सितंबर 2026 सुप्रीम कोर्ट से बर्थराइट सिटीजनशिप पर झटका लगने के बाद ट्रम्प ने बर्थ टूरिज्म रोकने और कुछ मामलों में बच्चों की नागरिकता सीमित करने के लिए नया आदेश जारी किया, लेकिरन कोर्ट ने इस पर भी रोक लगा दी। फेड गवर्नर को हटाने का मामला – जून 2026 ट्रम्प ने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को पद से हटाने की कोशिश की थी। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि फेड गवर्नर को राष्ट्रपति बिना उचित कानूनी कारण और तय प्रक्रिया के नहीं हटा सकते। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-मिडटर्म चुनाव जीता तो हर वोटर को ₹5 लाख: इस पर ₹128 लाख करोड़ खर्च करने होंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी बहुमत बरकरार रखती है, तो हर बालिग अमेरिकी को 5000 डॉलर (करीब 4.76 लाख रुपए) दिए जाएंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Malaysia PM Anwar Ibrahim Viral Bollywood Playlist At BRICS Summit

Malaysia PM Anwar Ibrahim Viral Bollywood Playlist At BRICS Summit

2 मिनट पहले कॉपी लिंक मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने PM मोदी के साथ वीडियो पर दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म का गाना लगाया। 18वें BRICS समिट के बाद मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की बॉलीवुड प्लेलिस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने भारत दौरे की अलग-अलग तस्वीरों और वीडियो के साथ बॉलीवुड के मशहूर गाने लगाए हैं। हर तस्वीर के लिए चुना गया गाना उसके मौके से जुड़ा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे नेताओं के साथ अपनी रील पर अनवर इब्राहिम ने शाहरुख खान और काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का गाना ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ लगाया। मोदी के साथ एक दूसरी तस्वीर पर शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर की फिल्म ‘दिल तो पागल है’ का टाइटल सॉन्ग इस्तेमाल किया। पुतिन के साथ ‘चले चलो’ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोटो पर अनवर इब्राहिम ने आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ का ‘चले चलो’ गाना लगाया। इस गाने के जरिए भी साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। अपनी तस्वीरों पर ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ BRICS समिट को संबोधित करते हुए अपनी तस्वीरों के साथ अनवर ने सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा की फिल्म ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ का गाना लगाया। भारत से विदाई के वीडियो में उन्होंने फिल्म ‘लक्ष्य’ का ‘कंधों से मिलते हैं कंधे’ गाना इस्तेमाल किया। दोनों गाने साथ आने और एकजुटता का संदेश देते हैं। राहुल और प्रियंका गांधी के साथ ‘ऐसा देश है मेरा’ भारत दौरे के दौरान अनवर इब्राहिम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की। उनके साथ भोजन की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने फिल्म ‘वीर-जारा’ का ‘ऐसा देश है मेरा’ गाना लगाया। यह गाना भारत की सांस्कृतिक विविधता को दिखाता है। ईरानी राष्ट्रपति के साथ ‘साथी हाथ बढ़ाना’ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ मुलाकात की तस्वीर पर अनवर ने 1957 की फिल्म ‘नया दौर’ का ‘साथी हाथ बढ़ाना’ गाना लगाया। यह गाना साथ मिलकर आगे बढ़ने का संदेश देता है। BRICS डिनर में किशोर-मनोज के गाने गाए अनवर इब्राहिम ने 12 सितंबर को BRICS समिट के डिनर में किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत…’ गाया था। साथ ही उन्होंने मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा… भी गुनगुनाया। अनवर ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया X के अकाउंट पर शेयर किया।उन्होंने लिखा- गुरु, थोड़ा सा गाने की इजाजत है? वीडियो करीब डेढ़ मिनट का है। ख्वाब हो या तुम कोई हकीकत… गाने के दौरान झूमते हुए भी नजर आए। अनवर किशोर कुमार के फैन हैं, पहले भी यह गाना गुनगुना चुके मलेशिया के पीएम पहले भी किशोर कुमार के फैन होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने 2024 में भारत में एक इंटरव्यू के दौरान भी यही गीत गुनगुनाया था। इसके अलावा, फरवरी 2026 में पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक वीडियो मोंटाज साझा किया था। इसमें ‘कभी खुशी कभी गम’ का लोकप्रिय गाना ‘बोले चूड़ियां’ इस्तेमाल किया गया था। पीएम मोदी इस साल 8 फरवरी को मलेशिया दौरे पर पहुंचे थे। तब अनवर इब्राहिम उनका स्वागत करने खुद एयरपोर्ट पहुंचे थे। मलेशिया में 27 लाख लोग भारतीय मूल के, बॉलीवुड और तमिल मूवी लोकप्रिय विदेश मंत्रालय के अनुसार मलेशिया में करीब 27.5 लाख भारतीय मूल के लोग हैं, जो देश की आबादी का लगभग 9% हैं। इनमें करीब 20 लाख लोग तमिल बोलते हैं। यहां बॉलीवुड और तमिल मूवी काफी देखी जाती हैं। शाहरुख खान की ‘दिलवाले’ ने मलेशिया में करीब 29 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं ‘जवान’ ने करीब 22 करोड़ और ‘पठान’ ने करीब 9 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। तमिल फिल्मों का भी यहां बड़ा बाजार है। 2025 में रिलीज हुई रजनीकांत की ‘कुली’ ने मलेशिया में करीब ₹26-27 करोड़, जबकि अजित कुमार की ‘ गुड बैड अग्ली’ ने करीब ₹22 करोड़ का कारोबार किया था। 2026 की सूर्या स्टारर ‘ करुप्पु’ भी करीब ₹22 करोड़ के कलेक्शन के साथ मलेशिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल है। वहीं, विजय की ‘गोट’ ने करीब ₹32 करोड़ और शिवकार्तिकेयन की ‘अमरन’ ने करीब ₹26 करोड़ का कारोबार किया था। डिप्टी पीएम भी रह चुके हैं अनवर अनवर इब्राहिम मलेशिया के 10वें प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2022 को पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वे 1993 में मलेशिया के 7वें डिप्टी पीएम बने थे। 1998 में, अनवर को तत्कालीन प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने सभी सरकारी पदों से हटा दिया गया था। उन्हें अप्रैल 1999 में भ्रष्टाचार और समलैंगिकता के आरोपों में जेल भेज दिया गया था और 2004 में उनकी सजा पलटने के बाद रिहा कर दिया गया था। इसके बाद अनवर 2008 से 2015 तक विपक्ष के नेता रहे। 2022 के आम चुनावों में जीत के बाद प्रधानमंत्री बने। ————— ये खबरें भी पढ़ें… BRICS समिट- दिल्ली में मोदी की डिनर पार्टी:पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता; मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए डिनर पार्टी को होस्ट किया। मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता और मिलेट्स का पुलाव रखा गया है। मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Dhaka University Controversy | Jinnah Photo Removed, Ghulam Azam Image Put

Dhaka University Controversy | Jinnah Photo Removed, Ghulam Azam Image Put

10 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरों को लेकर विवाद हो गया है। यूनिवर्सिटी के सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (DUCSU) के नए आर्काइव में जिन्ना की तीन तस्वीरें लगाई गई थीं। इसका छात्रों ने विरोध किया और जिन्ना की एक तस्वीर फाड़ दी। इसके जवाब में छात्र संगठन के नेता ने उसी जगह जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख गुलाम आजम की तस्वीर लगा दी। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। मामला बढ़ने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने DUCSU के कुछ हालिया फैसलों को नियमों के खिलाफ बताया और कार्रवाई की चेतावनी दी। छात्र संघ बोला- सम्मान नहीं, इतिहास दिखाना मकसद DUCSU के नए सिरे से तैयार किए गए आर्काइव का उद्घाटन रविवार को हुआ था। यहां 1905 से 1971 तक ढाका यूनिवर्सिटी के इतिहास से जुड़ी सामग्री रखी गई है। आर्काइव में जिन्ना से जुड़ी तीन तस्वीरें शामिल थीं। इनमें एक 1948 की तस्वीर थी। इसमें जिन्ना ढाका के तत्कालीन रेसकोर्स ग्राउंड में उर्दू को पाकिस्तान की एकमात्र राज्य भाषा बनाने की बात कह रहे थे। दूसरी तस्वीर 1940 में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन की थी। तीसरी 1970 के चुनाव से जुड़ी ‘डॉन’ अखबार की कटिंग थी। DUCSU सचिव फातिमा तसनीम जुमा ने कहा कि ये तस्वीरें जिन्ना के सम्मान में नहीं लगाई गई थीं। उनका कहना था कि आर्काइव का मकसद यूनिवर्सिटी का इतिहास दिखाना है। इसलिए उस दौर की महत्वपूर्ण घटनाओं और उनसे जुड़े लोगों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। DUCSU के जीएस एसएम फरहाद ने भी कहा कि जिन्ना की उर्दू वाली तस्वीर उनके समर्थन में नहीं थी। इसे इसलिए रखा गया था ताकि लोगों को पता चले कि भाषा के मुद्दे पर जिन्ना का क्या रुख था और उसका विरोध क्यों हुआ। छात्र बोले- मुजीबुर रहमान की फोटो क्यों नहीं तस्वीरें सामने आने के बाद कुछ छात्र संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि ढाका यूनिवर्सिटी का इतिहास भाषा आंदोलन और 1971 की आजादी की लड़ाई से जुड़ा है। ऐसे में जिन्ना की तस्वीरों को आर्काइव में जगह देना सही नहीं है। छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि आर्काइव में जिन्ना की तीन तस्वीरें हैं, लेकिन बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की कोई अकेली और प्रमुख तस्वीर नहीं है। सोमवार को यह विरोध और बढ़ गया। खबर अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Dhaka University Controversy | Jinnah Photo Removed, Ghulam Azam Image Put

Dhaka University Controversy | Jinnah Photo Removed, Ghulam Azam Image Put

ढाका42 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश की ढाका यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरें लगाने को लेकर विवाद हो गया है। यूनिवर्सिटी के सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (DUCSU) के नए आर्काइव में जिन्ना की तीन तस्वीरें लगाई गई थीं। छात्रों ने इसका विरोध किया और एक तस्वीर फाड़ दी। इसके जवाब में छात्र फेडरेशन के एक नेता ने उसी जगह जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख गुलाम आजम की तस्वीर लगा दी। इसके बाद मामला और बढ़ गया। छात्र संघ बोला- इतिहास दिखाना मकसद DUCSU के नए सिरे से तैयार किए गए आर्काइव का उद्घाटन रविवार को हुआ था। यहां 1905 से 1971 तक ढाका यूनिवर्सिटी के इतिहास से जुड़ी सामग्री रखी गई है। आर्काइव में जिन्ना से जुड़ी तीन तस्वीरें थीं। इनमें 1948 की एक तस्वीर भी शामिल थी। इसमें जिन्ना ढाका के तत्कालीन रेसकोर्स ग्राउंड में उर्दू को पाकिस्तान की एकमात्र राज्य भाषा बनाने की बात कह रहे थे। दूसरी तस्वीर 1940 में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन की थी। तीसरी 1970 के चुनाव से जुड़ी ‘डॉन’ अखबार की कटिंग थी। DUCSU सचिव फातिमा तसनीम जुमा ने कहा कि तस्वीरें जिन्ना के सम्मान में नहीं लगाई गई थीं। उनका कहना था कि आर्काइव में उस दौर की प्रमुख घटनाओं और उनसे जुड़े लोगों को दिखाया गया है। DUCSU के जीएस एसएम फरहाद ने कहा कि जिन्ना की उर्दू वाली तस्वीर भी उनके समर्थन में नहीं थी। इसे इसलिए रखा गया था ताकि लोगों को उनके भाषा संबंधी रुख और उसके विरोध के बारे में पता चले। छात्रों ने पूछा- मुजीबुर रहमान की तस्वीर क्यों नहीं? तस्वीरें सामने आने के बाद कुछ छात्र संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि ढाका यूनिवर्सिटी का इतिहास भाषा आंदोलन और 1971 की आजादी की लड़ाई से जुड़ा है। ऐसे में जिन्ना की तस्वीरों को आर्काइव में जगह देना सही नहीं है। छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि आर्काइव में जिन्ना की तीन तस्वीरें हैं, लेकिन बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की कोई अकेली और प्रमुख तस्वीर नहीं है। सोमवार को यह विरोध और बढ़ गया। छात्र ने जिन्ना की फोटो फाड़ी सोमवार दोपहर करीब 2 बजे ढाका यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के छात्र मोहम्मद अबू तैयब आर्काइव पहुंचे। वह पिछले DUCSU चुनाव में उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी थे। तैयब ने वहां लगी जिन्ना की एक तस्वीर फ्रेम से निकालकर फाड़ दी। उन्होंने सवाल उठाया कि भाषा आंदोलन और 1971 की आजादी की लड़ाई से जुड़े विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर क्यों लगाई गई है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या DUCSU के घोषणापत्र में जिन्ना को हीरो बनाने की बात कही गई थी। इसके बाद छात्र फेडरेशन की DU इकाई ने जिन्ना से जुड़ी ‘डॉन’ अखबार की एक कटिंग भी तैयब को दी। तैयब ने उस कटिंग को भी फाड़ दिया। छात्र फेडरेशन के नेता अरको बरुआ ने तैयब की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर DUCSU सचिव अपनी मर्जी से जिन्ना की तस्वीर लगा सकती हैं, तो छात्र भी उसका विरोध कर सकते हैं। जवाब में गुलाम आजम की तस्वीर लगाई इसके कुछ देर बाद बरुआ ने विरोध के तौर पर उसी आर्काइव में गुलाम आजम की तस्वीर लगा दी। गुलाम आजम जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख थे। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तान समर्थक लड़ाकों का नेतृत्व करने का उन पर आरोप था। 2013 में उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी ठहराया गया और 90 साल की सजा सुनाई गई। 23 अक्टूबर 2014 को जेल में उनकी मौत हो गई। बरुआ ने गुलाम आजम की तस्वीर के साथ 1 जनवरी 1981 की एक घटना का कैप्शन भी लगाया। इसमें बताया गया था कि बैतुल मुकर्रम के बाहर एक भीड़ ने गुलाम आजम की पिटाई की थी। बरुआ ने कहा कि उन्होंने यह तस्वीर जानबूझकर लगाई है। उनका तर्क था कि अगर DUCSU सचिव अपनी पसंद से जिन्ना की तस्वीर लगा सकती हैं, तो विरोध में वे भी अपनी पसंद की तस्वीर लगा सकते हैं। गुलाम आजम को 90 साल की सजा सुनाई गई थी। विवाद के पीछे बदली छात्र राजनीति इस विवाद को समझने के लिए ढाका यूनिवर्सिटी की हाल की छात्र राजनीति भी अहम है। सितंबर 2025 में हुए DUCSU चुनाव में जमात-ए-इस्लामी की छात्र इकाई इस्लामी छात्र शिबिर ने बड़ी जीत दर्ज की थी। शिबिर समर्थित उम्मीदवार VP, GS और AGS जैसे प्रमुख पदों पर जीते थे। यह अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद DUCSU का पहला चुनाव था। हसीना की अवामी लीग की छात्र इकाई छात्र लीग ने इस चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था। इसके बाद DUCSU में शिबिर समर्थित नेताओं के आने से यूनिवर्सिटी के इतिहास और कैंपस की राजनीतिक पहचान को लेकर बहस तेज हुई। यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, मौजूदा DUCSU कमेटी में ज्यादातर सदस्य शिबिर से जुड़े हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने DUCSU को चेताया जिन्ना की तस्वीरों के विवाद के बीच ढाका यूनिवर्सिटी प्रशासन ने DUCSU के कुछ हालिया फैसलों पर भी आपत्ति जताई। यूनिवर्सिटी के पब्लिक रिलेशंस ऑफिस ने कहा कि DUCSU ने कुछ मामलों में यूनिवर्सिटी के कानून और नियमों का पालन नहीं किया है। वाइस चांसलर डॉ. एबीएम ओबैदुल इस्लाम ने कहा, “DUCSU ने यूनिवर्सिटी के कानून के खिलाफ काम किया।” यूनिवर्सिटी ने चेतावनी दी कि DUCSU प्रशासन को दरकिनार कर कोई समानांतर व्यवस्था बनाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Amit Shah Launches Seva Sankalp Abhiyan

Amit Shah Launches Seva Sankalp Abhiyan

Hindi News Career Amit Shah Launches Seva Sankalp Abhiyan | Dheeraj Bommadevara Archery Gold 5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का समापन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन नई दिल्ली में 12 से 14 सितंबर 2026 तक किया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी और अध्यक्षता की। सम्मेलन के समापन पर आधिकारिक ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ जारी किया गया। इस घोषणापत्र में डिजिटल कनेक्टिविटी, ग्लोबल साउथ और महिलाओं के नेतृत्व वाले नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। ब्रिक्स सदस्य देशों ने पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक विशेषज्ञ समूह का समर्थन किया। ब्रिक्स देशों ने एकतरफा व्यापार शुल्कों की सर्वसम्मति से निंदा की और WTO सुधारों की मांग की। इस सम्मेलन में BRICS देशों ने आर्थिक सहयोग, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और वैश्विक व्यापार को सरल बनाने जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया। सम्मेलन में AI को भी खास मुद्दा बनाया गया और सुरक्षित, समावेशी व नैतिक AI सहयोग पर जोर दिया गया। BRICS की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर सदस्य देशों के नेताओं ने दो स्मारक डाक टिकट भी जारी किए। पीएम मोदी ने सम्मेलन के दौरान 3 दिनों में 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं। ब्रिक्स सम्मेलन : यह दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक सहयोग, शांति और विकास को बढ़ावा देना है। 2001 में सबसे पहले अर्थशास्त्री Jim O’Neill ने पहली बार BRIC शब्द का इस्तेमाल किया। 2006 में BRIC देशों के विदेश मंत्रियों की औपचारिक बैठक शुरू हुई। 2009 में पहला BRIC शिखर सम्मेलन रूस में हुआ। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की अध्यक्षता की। 2. भारत वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम की मेजबानी करेगा 15 से 18 सितंबर 2026 तक भारत पहली बार वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF) 2026 की मेजबानी करेगा। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव व गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटैल इस वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसमें 65 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक प्रतिनिधि और हितधारक हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग को बढ़ावा देना, सर्कुलर फाइनेंस को गति देना और नई तकनीकों व नवाचारों को प्रोत्साहित करना है। सम्मेलन में भारत की ओर से चक्रीय अर्थव्यवथा को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी दुनिया के सामने रखा जाएगा। यह आयोजन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिनलैंड इनोवेशन फंड सित्रा, फिनलैंड सरकार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, गुजरात सरकार और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से किया जा रहा है। सर्कुलर इकोनॉमी : सर्कुलर इकोनॉमी संसाधनों को इस्तेमाल करने के बाद फेंकने की बजाय उन्हें कम करना, फिर से इस्तेमाल करना, रिपेयर करना या रिसाइकिल और फिर से प्रोडक्शन साइकिल में शामिल करना है। इसका उ्देश्य कचरे को कम करना, प्राकृतिक संसाधनों की बचत, प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम करना आदि है। 3. अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान की राष्ट्रव्यापी घोषणा की 14 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान की राष्ट्रव्यापी घोषणा की। सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक की जाएगी। इसकी शुरुआत उज्जैन, मप्र में भव्य दीपोत्सव के साथ की जाएगी। इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा, और जन-कल्याण की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। दिल्ली में सेवा पखवाड़े के तहत पौधों से रंगोली बनाने जैसी हरित पहल भी शुरू की गई है। गृहमंत्री अमित शाह ने सेवा संकल्प अभियान की घोषणा की। स्पोर्ट्स (SPROTS) 4. तीरंदाजी विश्व कप 2026 में धीरज बोम्मादेवरा ने जीता स्वर्ण आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के धीरज बोम्मादेवरा ने गोल्ड मेडल जीता। धीरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को हराया। पांच सेट तक चले मुकाबले में दोनों का स्कोर 5-5 से बराबर रहा। इसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने परफेक्ट 10 का निशाना लगाया, जबकि जुन्या 9 अंक ही हासिल कर सके। धीरज आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने वाले भारत के दूसरे तीरंदाज बन गए हैं। उनसे पहले डोला बनर्जी ने 2007 में दुबई में विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व इवेंट का खिताब जीता था। विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद धीरज ने क्वार्टर-फाइनल में तुर्की के बर्किम ट्यूमर को सीधे सेटों में 7-1 से हराया। सेमीफाइनल में उन्होंने रियो ओलिंपिक के रजत पदक विजेता फ्रांस के ज्यां-चार्ल्स वेलाडोंट को 7-1 से शिकस्त दी। धीरज पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचे और खिताब जीतने में सफल रहे। इससे पहले 2023 में वह सेमीफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल मैच हार गए थे। 2024 में भी वह पदक नहीं जीत सके थे। धीरज अब एशियाई खेलों में भारतीय रिकर्व टीम की अगुआई करेंगे। 5. आर्चरी प्रीमियम लीग का आयोजन हैदराबाद में किया जाएगा आर्चरी प्रीमियम लीग (APL) 2026 का दूसरा सीजन 8 से 18 अक्टूबर 2026 तक हैदराबाद, तेलंगाना में आयोजित किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय दल का नेतृत्व टोक्यो 2020 ओलंपिक चैंपियन (तुर्की), पेरिस 2024 कांस्य पदक विजेता (संयुक्त राज्य अमेरिका), ब्राजील के विश्व नंबर 1 मार्कस डी’अल्मेडा और ग्रेट ब्रिटेन की विश्व नंबर 2 एला गिब्सन कर रहे हैं। इसमें भारत के 36 शीर्ष तीरंदाज और 10 देशों के 12 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भाग लेंगे। इसमें प्रमुख भारतीय खिलाड़ी दीपिका कुमारी, अतनु दास, धीरज बोम्मदेवरा, ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस प्रवीण देवताले हैं। इस सीजन में लीग की सबसे खास विशेषताओं में से एक 15 सेकंड का शॉट क्लॉक, बरकरार रहेगा। यह टूर्नामेंट 11 दिनों तक जारी रहेगा। इसका आयोजन हैदराबाद के नेकलेस रोड स्थित पीपुल्स प्लाजा में किया जा रहा है। आज का इतिहास : 1861 में भारत के महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। उनके जन्मदिन को भारत में हर साल इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। 1959 में दूरदर्शन

अंबानी परिवार की गणेश पूजा में पहुंचे सलमान खान:विक्की-कटरीना, आलिया रणबीर समेत कई सेलेब्स शामिल हुए, देखिए तस्वीरें

अंबानी परिवार की गणेश पूजा में पहुंचे सलमान खान:विक्की-कटरीना, आलिया रणबीर समेत कई सेलेब्स शामिल हुए, देखिए तस्वीरें

अंबानी परिवार ने अपने घर एंटीलिया में गणेश चतुर्थी 2026 का जश्न मनाया। परिवार ने गणपति बप्पा का स्वागत किया, जिन्हें प्यार से ‘एंटीलिया चा राजा’ कहा जाता है। इस मौके पर बॉलीवुड की कई हस्तियां मुकेश अंबानी के घर पहुंचीं। सलमान खान, कटरीना कैफ-विक्की कौशल, कियारा आडवाणी-सिद्धार्थ मल्होत्रा और कई सितारे सेलिब्रेशन में शामिल हुए। देखिए अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचे सेलेब्स के लुक- एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत मूर्ति के स्वागत के दौरान एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घर के अंदर और बाहर हो रहे जश्न की झलक दिखी। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाई वाला एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।

ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया:कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की

ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया:कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च दूसरे देशों से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि संकट खत्म होने के बाद उन देशों को अमेरिका को पैसा देना चाहिए, जिन्होंने उसकी मदद नहीं की। ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई अभी भी जारी है। उनके मुताबिक, अमेरिका कई पीढ़ियों से अपने हितों की जगह दूसरे देशों के लिए ज्यादा काम करता रहा है। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि हॉर्मुज से तेल की आवाजाही से जिन देशों को फायदा हो रहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा का खर्च भी उठाना चाहिए। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया:कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की

ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया:कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च दूसरे देशों से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन देशों को अमेरिका को पैसा देना चाहिए, जिन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की मदद नहीं की। ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई अभी भी जारी है। उनके मुताबिक, अमेरिका कई पीढ़ियों से अपने हितों की जगह दूसरे देशों के लिए ज्यादा काम करता रहा है। ट्रम्प ने कहा, दुनिया के जिन देशों ने हमारी बिल्कुल मदद नहीं की, उन्हें इस SCAM संकट के खत्म होने पर अमेरिका को भुगतान करना चाहिए और वे ऐसा करेंगे। ट्रम्प ने अमेरिका में महंगाई के लिए बाइडेन को जिम्मेदार बताया ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर अमेरिका में बढ़ती कीमतों और तेल के दाम के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई के लिए उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि बाइडेन के कार्यकाल में तेल की कीमत अभी से ज्यादा थी। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया। ट्रम्प बोले- ईरान जल्द समझौता करना चाहता है ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है और जल्द समझौता करने की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका ईरान से बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला वही करेंगे। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि हॉर्मुज से तेल की आवाजाही से जिन देशों को फायदा हो रहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा का खर्च भी उठाना चाहिए। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…