चांदी ₹1270 महंगी होकर ₹2.19 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोने का दाम ₹178 बढ़कर ₹1.42 लाख, कैरेट के हिसाब से देखें कीमत

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 29 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 1,270 रुपए महंगी होकर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 178 रुपए बढ़कर 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 11 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.19 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। सोने-चांदी में ETF के जरिए कर सकते हैं निवेश एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने और चांदी के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETF या सिल्वर ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना या चांदी नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने-चांदी के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें 500 रुपए से भी कम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही ETF को बेचा जाता है।
सावन स्पेशल ब्लाउज: सावन के दिनों में स्टाइलिश लुक के लिए बेस्ट ब्लाउज डिजाइन और ड्रेपिंग मेडिसिन

29 जुलाई 2026 को 12:30 IST पर अपडेट किया गया सावन स्पेशल ब्लाउज: सावन का दौरा ही चारों तरफ की हरियाली और एक अलग ही इलाइची को देखने के लिए है। इस सीजन में तीज, त्योहार और पूजा-पाठ की भी शुरुआत हो जाती है, जिसके लिए हर खास तैयारी की जाती है। अगर आप भी सावन के इन दिनों में ट्रेडिशनल और खूबसूरत खूबसूरत लुक चाहते हैं, तो स्टाइल और ब्लाउज का सही कॉम्बिनेशन आपके लुक में चार चांद लगा सकता है। सावन के मौसम में आकर्षक और स्टाइलिश लुक के लिए कुछ बेहतरीन ब्लाउज डिजाइन और ड्रेपिंग मेडिसिन। अनुसरण करना : 1. फ्लोरल प्रिंट वाले ब्लाउज और स्लीवलेस ब्लाउज- सावन में आरामदायक कमरे काफी आरामदायक रहते हैं। हरे या पीले रंग की फ्लोरल प्रिंट वर्कशॉप के साथ मास्कलेस ब्लाउज बहुत ही आकर्षक और खूबसूरत लुक देती है। छवि: एआई 2. रफल्स रेलगाड़ी और बोट नेक ब्लाउज- किसी खास सुविधा के लिए रफल्स रेलवे एक बेहतरीन पद पर हैं। इसके साथ सिंपल बोट नेक ब्लाउज़ डिज़ाइन से बहुत ही क्लासी और क्लासी लुक मिलता है। छवि: एआई 3. कढ़ाई ब्लाउज और कढ़ाई ब्लाउज- त्योहारों के मौसम पर मैरीलैंड सा प्लास्टर हमेशा से ही खास माने जाते हैं। रिलैक्सेशन के साथ गोटा-पट्टी या ब्लाउज़ फ़्लोरिडा वाला एल्बो लेंथ ब्लाउज बेहद शानदार लगता है। छवि: एआई 4. जॉर्जेट ब्लाउज और कट-आउट ब्लाउज- म्यांमा के अंतिम सीज़न में जॉर्जेट की सासा बहुत सारी सहूलियतें और आसानी से संभाली जाती हैं। इनके साथ बैक कट-आउटआउट वाला स्टाइलिश ब्लाउज लुक में जान डाल देता है। छवि: एआई 5. ऑर्गेन्जा सर्जरी और सॉसेज नेक ब्लाउज- सावन में स्टाइलिश लुक के लिए ऑर्गेंजा स्टाइल का चयन किया जा सकता है। इसके साथ कोस्टॉक नेक या फुल कफ ब्लाउज ब्लाउज मॉडल से बहुत ही रॉयल और ट्रेंडी लुक है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 29 जुलाई 2026 12:30 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)सावन ब्लाउज़ डिज़ाइन्स(टी)साड़ी ड्रेपिंग आइडियाज़(टी)मानसून साड़ी लुक्स(टी)नवीनतम ब्लाउज़ डिज़ाइन्स(टी)स्टाइलिश साड़ी स्टाइल्स(टी)सावन फैशन टिप्स(टी)पारंपरिक साड़ी लुक्स
राखी सावंत ने कंगना को 'गटर माउथ' कहा:बोलीं-जनता में जाओ पता चलेगा; सांसद ने कहा था-आज की लड़कियां कई आदमियों से यौन संबंध बनाना आजादी मानती

बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत ने हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट को ‘गटर माउथ’ कहा। सोशल मीडिया में जारी वीडियो में राखी ने कंगना के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें सांसद ने नई जनरेशन की महिलाओं को ‘गटर छाप’ कहा था। इस बयान पर कंगना सोशल मीडिया में भी खूब ट्रोल हो रही हैं। एक्ट्रेस राखी सावंत ने वीडियो में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना पर हुए हमले का भी जिक्र किया। सावंत ने कहा- जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली है, इसलिए कुछ भी कह रहे हो। बिना सुरक्षा के आम लोगों के बीच जाएंगी तो जनता का गुस्सा समझ आएगा। अब जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। देश की लड़कियों और महिलाओं के बारे में इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। वीडियो में राखी ने कंगना के फिल्मी करियर और निजी जीवन पर भी व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। हालांकि, राखी के इस वीडियो पर कंगना रनोट की ओर से फिलहाल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पढ़िए क्या है पूरा मामला… दरअसल, विवाद की शुरुआत कंगना रनोट की इंस्टाग्राम स्टोरी से हुई। जिसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर में शामिल युवतियों पर सवाल उठाए और नई पीढ़ी की कुछ भारतीय महिलाओं पर निशाना साधा। कंगना ने लिखा कि कुछ महिलाएं स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की नकल तो करना चाहती हैं, लेकिन उस स्वतंत्रता के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभातीं। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्र महिलाएं अपने फैसलों की जिम्मेदारी उठाती हैं, जबकि कुछ लोग केवल आजादी का दिखावा करते हैं। कंगना ने और क्या कहा था? कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा- असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’ऐसी महिलाएं- नशा और शराब को आजादी मानती हैं। कई पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने को आधुनिकता समझती हैं। ऐसी सोच रखने वाली कुछ महिलाएं “अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं। स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की। सौरव दास ने कहा था- कंगना को BJP भी सिरियस नहीं लेती कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर उनकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना ने भी रिएक्ट करते हुए जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा था। पहले भी विवादों में रह चुकीं कंगना हिमाचल के मंडी के सांसद कंगना पहले भी कई बार विवादों में घिर चुकी है। इससे पहले कंगना राहुल को टपोरी कहने, भारत को 2014 में आजादी, किसान आदोलन के दौरान भी महिलाओं पर विवादित बयान की वजह से खूब घिर चुकी है।
उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने उन पर कई अफेयर होने के संगीन आरोप लगाए हैं। राजा ने दावा किया है कि उनका कसौटी जिंदगी की एक्टर सेजान खान के साथ भी अफेयर था और एक्टर ने उनके सामने ये कबूल भी किया था। राजा चौधरी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘सिर्फ सेजान खान ही नहीं श्वेता के कई और लोगों के साथ भी अफेयर थे। मुझे लगता है कि उसका हर एक इंसान के साथ ही अफेयर था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो मैंने उस समय देखा, उससे ये साबित भी हुआ। वो उसके (सेजान खान) के साथ काम कर रही थी, उसके घर में रह रही थी। हमारे एक कॉमन दोस्त के सामने उसने कन्फेस भी किया है कि वो उसके साथ यहां आती थी। यहां तक कि उसने (सेजान ने) मेरे सामने कबूल किया है कि हां हमारा अफेयर है, तेरे में हिम्मत है तो आ जा मेरे घर कोलीवाड़ा। मैंने उससे कहा कि क्या अब ये लड़ाई-झगड़े करने बैठूंगा तेरे साथ। अपना ही सिक्के में खोट है। लेकिन श्वेता ने कभी कबूल नहीं किया।’ बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। राजा चौधरी ने मारपीट के दावे को नकारा बातचीत में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर हाथ उठाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि गुस्से में उन्होंने गालियां दी हैं, सामान तोड़ा है, लेकिन कभी एक्ट्रेस पर हाथ नहीं उठाया। 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर श्वेता ने की थी शादी श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।
उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने उन पर कई अफेयर होने के संगीन आरोप लगाए हैं। राजा ने दावा किया है कि उनका कसौटी जिंदगी की एक्टर सेजान खान के साथ भी अफेयर था और एक्टर ने उनके सामने ये कबूल भी किया था। राजा चौधरी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘सिर्फ सेजान खान ही नहीं श्वेता के कई और लोगों के साथ भी अफेयर थे। मुझे लगता है कि उसका हर एक इंसान के साथ ही अफेयर था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो मैंने उस समय देखा, उससे ये साबित भी हुआ। वो उसके (सेजान खान) के साथ काम कर रही थी, उसके घर में रह रही थी। हमारे एक कॉमन दोस्त के सामने उसने कन्फेस भी किया है कि वो उसके साथ यहां आती थी। यहां तक कि उसने (सेजान ने) मेरे सामने कबूल किया है कि हां हमारा अफेयर है, तेरे में हिम्मत है तो आ जा मेरे घर कोलीवाड़ा। मैंने उससे कहा कि क्या अब ये लड़ाई-झगड़े करने बैठूंगा तेरे साथ। अपना ही सिक्के में खोट है। लेकिन श्वेता ने कभी कबूल नहीं किया।’ बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। राजा चौधरी ने मारपीट के दावे को नकारा बातचीत में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर हाथ उठाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि गुस्से में उन्होंने गालियां दी हैं, सामान तोड़ा है, लेकिन कभी एक्ट्रेस पर हाथ नहीं उठाया। 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर श्वेता ने की थी शादी श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।
Rahul Gandhi Meets Irfan at Jantar Mantar

Hindi News Career Rahul Gandhi Meets Irfan At Jantar Mantar | Samvidhan Prastavana Viral 16 मिनट पहले कॉपी लिंक लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 27 जुलाई 2026 को मोहम्मद इरफान से मुलाकात की। इरफान हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा में आए थे। मिलिए उस मोहम्मद इरफ़ान से, जो जंतर-मंतर के उस वायरल वीडियो से पूरे देश में पहचाना जा रहा है, जिसमें वह संविधान की प्रस्तावना को जिस आत्मविश्वास, लय और भाव के साथ सुनाता है, वह आसपास खड़े हर व्यक्ति को कुछ पल के लिए ठहरकर सुनने पर मजबूर कर देता है।एक टूटे-फूटे घर में रहने वाला… pic.twitter.com/nXdW2Fc9zy— Firoz Naik Mirza (@MrFirozKhan) July 26, 2026 मुलाकात के वीडियो और फोटो शेयर करते हुए गांधी ने लिखा कि मैं इरफान से मिला, दिल्ली के एक इलाके का रहने वाला ऐसा युवा जिसकी सोच उसके हालात से तय नहीं होती। संविधान के बारे में उनकी समझ, देश के प्रति उनका नजरिया और सीखने की उनकी उत्सुकता यह दिखाती है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा हैं। इरफान को पढ़ना-लिखना बिल्कुल नहीं आता। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हुए इंटरव्यू में इरफान ने आम लोगों, मजदूरों और गरीब तबके से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय इतनी बेबाकी से रखी जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। राहुल गांधी ने इरफान से मिलने के बाद कहा कि इरफान और उसी की तरह के अन्य लोग देश की उम्मीद हैं। ये उन्हीं लोगों में से एक हैं जो अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति सचेत रहते हैं। नीट को लेकर जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन के बीच इरफान का वीडियो उस वक्त वायरल हुआ जब कैमरे के सामने उसने भारतीय संविधान की प्रस्तावना प्रस्तुत की। देश के प्रति उसका जूनुन और जोश देखकर लोग बहुत प्रभावित हुए। कौन हैं मोहम्मद इरफान : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में रहने वाले 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान एक आम दिहाड़ी मजदूर और फेरीवाले हैं। इरफान अपने पिता के साथ सड़क के किनारे बर्फ की सिल्ली बेचने का काम करते हैं। यही उनकी रोजी – रोटी है जिससे वे रोज 500 रुपए कमाते हैं। गूगल वाइस सर्च नोट से सिखा इरफान ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने जो कुछ इतिहास, राजनीति और साहित्य के बारे में जाना, वो गूगल पर वाइस सर्च नोट्स से सिखा है। इरफान किसी भी जानकारी पर तुरंत अपनी राय नहीं बनाते हैं, बल्कि अलग-अलग सोर्सेस पर जानकारी को वेरिफाई करते हैं, इसके बाद किसी निर्णय पर पहुंचते हैं। जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अपने वायरल वीडियो से तहलका मचाने वाले इरफान से मिलने उसके घर पहुंचे @RahulGandhi pic.twitter.com/TYM7pCLB20— Akram P (@APCongress1885) July 27, 2026 मोहम्मद इरफान ने बताया कि छात्र आंदोलन में जाने का मन वे काफी पहले ही बना चुके थे। इरफान ने जब अपने पिता से वहां जाने की इजाजत चाही तो उन्होंने मना कर दिया। इरफान कहते हैं – उन्हें मेरी चिंता थी। लेकिन मैं बिना बताए ही यहां आ गया। मैं खुद को यहां से दूर नहीं कर सका। यहां छात्र लोग जिस उम्मीद और इच्छा के लिए इकट्ठा हुए हैं, मैं यहां नहीं आता तो खुद को कभी माफ नहीं कर पाता। ————– ये खबर भी पढ़ें… DU की प्रोटेस्ट से दूर रहने वाली एडवाइजरी पर बवाल:थरूर बोले- इमरजेंसी में भी ऐसा नहीं हुआ; यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स ने कहा- तुरंत वापस लें DU अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर जारी एडवाइजरी पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एडवाइजरी का मुद्दा उठा। जीरो आवर के दौरान कई प्रोफेसरों ने इस एडवाइजरी का विरोध किया। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि पीओके में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब पीओके में चुनाव के विरोध में निकाले गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के मार्च पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी पीओके विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे पीओके में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ख्वाजा आसिफ का बयान यहां सुनिए… 5 हजार लोगों के मार्च पर चली गोलियां मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर दी। 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। किस बात पर भड़का है आंदोलन? प्रदर्शन की अगुआई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांग है कि POK विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म की जाएं। संगठन का कहना है कि इन सीटों की वजह से इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां स्थानीय सरकार के गठन को प्रभावित करती हैं। उनका तर्क है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए। पूरे POK में सुरक्षा बढ़ाई गई हिंसा के बाद पूरे POK में धारा-144 लागू कर दी गई है। इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और 10 अतिरिक्त सुरक्षा कंपनियों के साथ आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तथा पैरामिलिट्री बल तैनात किए गए हैं। सेना और पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है। हालात पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ दो दौर की बैठक भी की। चुनाव पर भी उठ रहे सवाल POK विधानसभा की 53 सीटों में से 45 पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि 12 शरणार्थी सीटों पर मतदान 2 अगस्त को होना है। इन सीटों के करीब 6 लाख मतदाता पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में रहते हैं। विपक्ष का आरोप है कि इन्हीं सीटों के जरिए सत्ता पक्ष चुनावी नतीजों को प्रभावित करता है। इमरान खान की पार्टी PTI ने चुनाव का बहिष्कार करते हुए धांधली के आरोप लगाए हैं। भारत ने चुनाव को बताया ‘दिखावटी कवायद’ भारत ने POK में हो रहे चुनाव को खारिज करते हुए इसे “दिखावटी कवायद” बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें POK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है।
PAK रक्षा मंत्री बोले- Pok के प्रदर्शनकारी भारत जैसे दुश्मन:इनसे कोई बातचीत नहीं करेंगे; फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि PoK में सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी आसिफ का यह बयान उस समय आया है, जब PoK में चुनाव के विरोध में निकाले गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के मार्च पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी PoK विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बाद पाकिस्तान ने पूरे PoK में अतिरिक्त सेना, पैरा मिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी तैनात कर दी है। पूरे क्षेत्र में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ख्वाजा आसिफ का बयान यहां सुनिए… 5 हजार लोगों के मार्च पर चली गोलियां मंगलवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले करीब 5 हजार लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग कर दी। 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। किस बात पर भड़का है आंदोलन? प्रदर्शन की अगुआई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांग है कि POK विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटें खत्म की जाएं। संगठन का कहना है कि इन सीटों की वजह से इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां स्थानीय सरकार के गठन को प्रभावित करती हैं। उनका तर्क है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए। POK की 12 शरणार्थी सीटों का विवाद क्या है? POK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें 45 सीटों पर सीधे POK के लोग मतदान करते हैं, जबकि 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो 1947 और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे। इन सीटों के मतदाता POK में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य हिस्सों में रहते हैं। इस बार इन 12 सीटों पर करीब 6 लाख मतदाता वोट डालने वाले हैं। JAAC का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां POK की सरकार के गठन में दखल देती हैं। कई बार इन सीटों के नतीजे विधानसभा में बहुमत का समीकरण बदल देते हैं। यही वजह है कि JAAC की मांग है कि विधानसभा चुनने का अधिकार सिर्फ POK में रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए और 12 शरणार्थी सीटों की व्यवस्था खत्म की जाए। विपक्षी दलों का भी आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसी कारण पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत कई दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं। भारत ने चुनाव को बताया ‘दिखावटी कवायद’ भारत ने POK में हो रहे चुनाव को खारिज करते हुए इसे “दिखावटी कवायद” बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया के जरिए अपने अवैध कब्जे और मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें POK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है।
ITR भरने के आखिरी 3 दिन:31 जुलाई तक फाइल नहीं करने पर ₹5000 तक लेट फीस लगेगी, इन 10 बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, FO या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई के बाद 5,000 रुपए तक लेट फीस देनी होगी 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी होगी। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की एनुअल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे।
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वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग के लिए अब सिर्फ 3 दिन का टाइम ही बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको लेट फीस देनी होगी। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, FO या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई के बाद 5,000 रुपए तक लेट फीस देनी होगी 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी होगी। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की एनुअल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे।







