जबलपुर में क्रूज डूबने से पहले के 2 VIDEO:म्यूजिक-मस्ती में डूबे थे लोग, लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी; अंदर आ रही थीं ऊंची लहरें

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम क्रूज डूबने से ठीक पहले के दो वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में क्रूज के अंदर का नजारा दिख रहा है, जिसमें टूरिस्ट म्यूजिक और मस्ती में डूबे नजर आ रहे हैं। इसमें दिख रहा है कि क्रूज में मौजूद ज्यादातर लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी है। दूसरे वीडियो में मौसम का खतरनाक रूप दिखाई दे रहा है। तेज हवा, आंधी और ऊंची उठती लहरें क्रूज के अंदर तक घुस रही थीं। साफ तौर पर हालात बिगड़ते नजर आ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को किनारे लाने की कोशिश नहीं की गई। हादसे में बचकर लौटे लोगों ने खुलासा किया है कि मौसम खराब होने के बावजूद कैप्टन ने क्रूज को किनारे लगाने का फैसला नहीं लिया। हवा और लहरें लगातार तेज होती जा रही थीं, लेकिन क्रूज आगे बढ़ता रहा। कुछ ही सेकंड्स में क्रूज अनियंत्रित हुआ और देखते ही देखते बरगी डैम के गहरे पानी में समा गया। देखिए, 4 तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… MP के जबलपुर में क्रूज डूबा, 9 शव मिले मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के मुताबिक, तीन बच्चों सहित 4 लोग लापता हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 43 से 47 पर्यटक थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। पढ़ें पूरी खबर…
Anti rabies vaccine| ARV dose| dog bite| कुत्ता काटने के कितने घंटे के अंदर वैक्सीन लगवानी चाहिए? कितनी डोज हैं जरूरी, ये 5 सवाल में जानें गाइडलाइंस

Anti Rabies Vaccine: कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाई जाती है लेकिन कई बार लोग या तो वैक्सीन की सभी खुराक लेना भूल जाते हैं या डोज सही समय पर नहीं ले पाते और गैप हो जाता है. जिससे कई मामलों में इसके भयंकर परिणाम देखने को मिलते हैं. मरीज को रेबीज हो जाता है और 100 फीसदी जानलेवा इस रोग के चलते मरीज की मौत बेहद कष्टदायक होती है. हालांकि अगर लोगों को सही जानकारी हो तो यह भूल होने की संभावना कम होती है और इस बेहद खतरनाक बीमारी से भी बचा जा सकता है. नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम (NRCP) की गाइडलाइंस कहती हैं कि कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) जितनी जल्दी लगवा सकते हैं उतना बेहतर होता है. इसमें देरी करने से रेबीज का खतरा बढ़ता जाता है. वैक्सीन की शुरुआत कुत्ते के काटने के दिन से ही शुरू करनी चाहिए. रेबीज 100% घातक है लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है. गाइडलाइंस कहती हैं कि कुत्ता काटने के बाद पहले घाव की साबुन और बहते पानी से तुरंत सफाई (Wound Washing) करें. 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोने के बाद कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगा सकते हैं और फिर उसके बाद अगला काम वैक्सीनेशन सेंटर तक जाने का करें, ताकि जल्दी से जल्दी वैक्सीन मिल सके. सबसे खास बाता है कि चाहे गर्भवती महिलाएं हों, बच्चे हों या किसी बीमारी से जूझ रहे कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग हों, सभी को पूरी डोज लेना जरूरी है. आइए यहां जानते हैं वैक्सीन से जुड़े प्रमुख सवालों के जवाब.. कुत्ता काटने के कितने घंटे के अंदर वैक्सीन लगवानी चाहिए? कुत्ता काट जाए तो तुरंत वैक्सीन लगवाना जरूरी है. जितनी जल्दी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई जाती है, बचाव का रास्ता उतना ही मजबूत होता है. अगर किसी वजह से लेट होता भी है तो रेबीज से बचने के लिए जरूरी है कि 24 घंटे के अंदर वैक्सीन लगवा ली जाए. वैक्सीन की कितनी डोज जरूरी हैं?अगर कुत्ते ने काटा है तो एंटी रेबीज की 4-5 डोज लगाते हैं. वहीं अगर हल्की खरोंच है या कुत्ते के नाखून के निशान हैं तो डॉक्टर इस डोज को 3 भी कर सकते हैं. हालांकि वैक्सीन की कितनी डोज लेनी हैं इसका फैसला खुद नहीं करना है. कुत्ते के काटने पर वैक्सीन लगवाने जरूर जाना है. ये वैक्सीन कहां लगाई जाती है?नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन बाजू में लगाई जाती है. यह वैक्सीन दो तरह से लगती है इंट्राडर्मल (ID) और इंट्रामस्कुलर (IM). हालांकि भारत में पसंदीदा और ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सस्ता और प्रभावी तरीका इंट्राडर्मल है. यह वैक्सीन कब-कब लगती है? इंट्राडर्मल वैक्सीन की आमतौर पर 4 डोज दी जाती हैं और 8 इंजेक्शन दिए जाते हैं. ये वैक्सीन 0 दिन, तीसरे दिन, 7वें दिन और 28वें दिन पर लगती है. जबकि इंट्रामस्कुलर (IM) इन दिनों के अलावा एक डोज 14वें दिन भी दी जाती है और इसकी कुल 5 डोज दी जाती हैं. क्या वैक्सीन लेने के बाद रेबीज नहीं होता?केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार डॉक्टर भी कहते हैं कि अगर कुत्ते ने कितना भी भयंकर रूप से काटा हो, लेकिन मरीज से तय समय पर और पूरे शेड्यूल के अनुसार रेबीज की वैक्सीन ली हैं तो उसे रेबीज नहीं होता है और उसका 100 फीसदी बचाव होता है. क्या वैक्सीन की खुराक छोड़ देने या गैप कर देने का नुकसान होता है?वैक्सीन का पूरा कोर्स करना जरूरी है. बिना गैप किए वैक्सीन लेनी जरूरी है ताकि रेबीज के खतरे को दूर किया जा सके. सभी टीके नहीं लिए जाते तो रेबीज का खतरा हो सकता है. कुत्ता काट ले तो यहां लें सलाहयह रेबीज हेल्पलाइन 0120-6025400 नंबर है. अगर कुत्ते ने काटा है तो इस नंबर पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है. याद रखें कि छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है. घाव धोने और वैक्सीन शुरू करने में बिल्कुल देरी न करें.
कांतारा मिमिकरी विवाद:कर्नाटक हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह का माफीनामा कबूल किया, 4 हफ्तों के अंदर चामुंडेश्वरी मंदिर जाकर माफी मांगनी होगी

फिल्म कांतारा में दिखाए गए देवता को भूत कहने पर कानूनी पचड़े में फंसे रणवीर सिंह को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने एक्टर का माफीनामा कबूल कर लिया है, हालांकि शर्त रखी है कि एक्टर 4 हफ्तों के अंदर चामुदेश्वरी मंदिर जाकर माफी मांगें। 25 अप्रैल को रणवीर सिंह ने एफिडेविट में माफीनामा शामिल किया था। तब कोर्ट ने इस पर विचार करने के लिए समय मांगा था, जबकि शिकायत कर्ता का कहना है कि एफिडेविड को सही माफीनामा नहीं समझा जा सकता। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने मौखिक तौर पर रणवीर का माफीनामा कबूल कर केस को रद्द करने की बात कही है। वहीं दूसरी तरफ एक्टर के सामने शर्त रखी कि वो मैसूर के मंदिर जाकर माफी मांगें। विवाद होने पर भी एक्टर ने मांगी थी माफी दिसंबर 2025 में विवाद होने के ठीक बाद रणवीर सिंह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से माफी मांगी थी। उन्होंने लिखा था, मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं। क्या है पूरा विवाद? रणवीर सिंह बीते साल IFFI (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया) का हिस्सा बने थे। मंच पर एक्टर ने फिल्म कांतारा में दिखाई गईं चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया था। रणवीर सिंह ने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी से कहा, ‘ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी, खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।’ फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वो मंच से उतरने के बाद भी ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखे हैं, हालांकि ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर उन्हें रोकते नजर आए हैं। वीडियो सामने आने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद हाईकोर्ट के वकील प्रशांत मेथल ने बैंगलोर के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने शिकायत में लिखा है कि रणवीर सिंह ने पूजनीय गुलिगा दैव का मजाक बनाया और उन्हें अपमानजनक और मजाकिया ढंग से पेश किया, जिससे हिंदुओं और खासकर तुलु समुदाय से जुड़े लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इससे पहले 2 दिसंबर 2025 को हिंदू जनजागृति समिति ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने कानूनी कार्यवाही के साथ माफी की भी मांग की थी।
कांतारा मिमिकरी विवाद:कर्नाटक हाईकोर्ट ने रणवीर सिंह का माफीनामा कबूल किया, 4 हफ्तों के अंदर चामुंडेश्वरी मंदिर जाकर माफी मांगनी होगी

फिल्म कांतारा में दिखाए गए देवता को भूत कहने पर कानूनी पचड़े में फंसे रणवीर सिंह को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने एक्टर का माफीनामा कबूल कर लिया है, हालांकि शर्त रखी है कि एक्टर 4 हफ्तों के अंदर चामुदेश्वरी मंदिर जाकर माफी मांगें। 25 अप्रैल को रणवीर सिंह ने एफिडेविट में माफीनामा शामिल किया था। तब कोर्ट ने इस पर विचार करने के लिए समय मांगा था, जबकि शिकायत कर्ता का कहना है कि एफिडेविड को सही माफीनामा नहीं समझा जा सकता। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने मौखिक तौर पर रणवीर का माफीनामा कबूल कर केस को रद्द करने की बात कही है। वहीं दूसरी तरफ एक्टर के सामने शर्त रखी कि वो मैसूर के मंदिर जाकर माफी मांगें। विवाद होने पर भी एक्टर ने मांगी थी माफी दिसंबर 2025 में विवाद होने के ठीक बाद रणवीर सिंह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से माफी मांगी थी। उन्होंने लिखा था, मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं। क्या है पूरा विवाद? रणवीर सिंह बीते साल IFFI (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया) का हिस्सा बने थे। मंच पर एक्टर ने फिल्म कांतारा में दिखाई गईं चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया था। रणवीर सिंह ने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी से कहा, ‘ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी, खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।’ फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वो मंच से उतरने के बाद भी ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखे हैं, हालांकि ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर उन्हें रोकते नजर आए हैं। वीडियो सामने आने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना हुई, जिसके बाद हाईकोर्ट के वकील प्रशांत मेथल ने बैंगलोर के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने शिकायत में लिखा है कि रणवीर सिंह ने पूजनीय गुलिगा दैव का मजाक बनाया और उन्हें अपमानजनक और मजाकिया ढंग से पेश किया, जिससे हिंदुओं और खासकर तुलु समुदाय से जुड़े लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इससे पहले 2 दिसंबर 2025 को हिंदू जनजागृति समिति ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने कानूनी कार्यवाही के साथ माफी की भी मांग की थी।
कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल (केआरएच) के गेट नंबर-2 पर ड्यूटी कर रही महिला गार्ड से एक युवक ने मारपीट कर दी। युवक ने महिला के गालों पर कई थप्पड़ मारे और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह महिला को बचाया। घटना शनिवार शाम की है। महिला गार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि डॉक्टर के राउंड के दौरान उसने टीका लगवाने आई महिला के पति को कुछ देर के लिए अंदर जाने से रोक दिया था। इस पर युवक भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। महिला गार्ड रजिया कुरैशी, जो एजाय कंपनी की ओर से तैनात हैं। शनिवार को वह कमला राजा हॉस्पिटल के गेट नंबर दो पर ड्यूटी कर रही थीं। अस्पताल में आंतरी निवासी जूली किरार कमला राजा हॉस्पिटल में बच्चे को टीका लगवाने आइ थीं। जूली तो अंदर चली गई, इसके बाद उसका पति आकाश किरार भी पीछे से आया। इसी समय वहां डॉक्टर जोशी मैडम का राउंड था, जिस कारण रजिया ने गेट बंद कर अटेंडेंट को अंदर जाने से रोकना शुरू कर दिया। 10 से 15 मिनट के लिए वह अटेंडेंट को रोक रही थीं। इसी समय आकाश किरार ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन रजिया ने उसे रुकने के लिए कहा। इस पर आकाश बौखला गया और गालियां देने लगा। जब महिला गार्ड रजिया कुरैशी ने गालियां देने का विरोध किया तो आकाश ने उस पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गार्ड का मेडिकल कराकर मामला दर्ज कर लिया। आरोपी की तलाश की जा रही है।
दिल्ली दरबार के अंदर: राघव चड्ढा के अलग होने के बाद, AAP को राजधानी में सबसे कठिन परीक्षा का सामना करना पड़ा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 10:12 IST अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती विधायकों को पाला बदलने से रोकना होगा क्योंकि छोटी सी हार भी आप की विधायी स्थिति को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। दिल्ली आप के लिए सिर्फ एक अन्य राज्य इकाई नहीं है; यह पार्टी का राजनीतिक आधार और पहचान है। (पीटीआई) दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की तात्कालिक चुनौती अब विस्तार या पुनरुद्धार नहीं बल्कि अस्तित्व बचाने की है। इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ नाटकीय विभाजन के बाद, पार्टी नेता अब संकट को राजधानी की विधायी इकाई तक फैलने से रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता दिल्ली में AAP के विधायकों के बीच और दलबदल का खतरा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों को डर है कि संसदीय विद्रोह के बाद “पांच से सात” आप विधायक पाला बदल सकते हैं। यह विशेष रूप से गंभीर है, यह देखते हुए कि AAP की ताकत पहले ही कितनी कम हो चुकी है। 2015 में 67 और 2020 में 62 विधायकों के शिखर से, पार्टी अब दिल्ली विधानसभा में केवल 22 विधायकों पर सिमट गई है। यदि मुट्ठी भर विधायक भी चले जाते हैं, तो आप की उपस्थिति सदन में लगभग अप्रासंगिक हो सकती है, उस पार्टी के लिए जो एक समय दिल्ली की राजनीति में हावी थी। दिल्ली दरबार दिल्ली आप के लिए सिर्फ एक अन्य राज्य इकाई नहीं है; यह पार्टी का राजनीतिक आधार और पहचान है। लेकिन वह आधार कमजोर हो रहा है. पार्टी ने 2025 के विधानसभा चुनावों में सत्ता खो दी और अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध में बैठी है। इसकी विधायी ताकत में भी तेजी से गिरावट आई है। यह भी पढ़ें | कांग्रेस की पंजाब पहेली: राघव चड्ढा का जाना, AAP की मुश्किलें जश्न का कारण क्यों नहीं यह वर्तमान क्षण को महत्वपूर्ण बनाता है। दिल्ली पर नियंत्रण के बिना, AAP प्रशासनिक दृश्यता और अपनी सबसे मजबूत राजनीतिक कथा, जो कि शासन है, दोनों खो देती है। बीजेपी फैक्टर इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के मुताबिक, दलबदल का एक रणनीतिक आयाम भी है. भाजपा आगामी चुनावी लड़ाइयों में, विशेषकर पंजाब में, चड्ढा जैसे नेताओं को तैनात कर सकती है, जिन्हें एक पहचानने योग्य चेहरे के रूप में देखा जाता है। आप के भीतर व्यापक चिंता यह है कि दिल्ली आगे के राजनीतिक पुनर्गठन के लिए एक परीक्षण स्थल बन सकती है, जिससे शेष विधायकों पर दबाव बनेगा। हाल के घटनाक्रम उस जोखिम को रेखांकित करते हैं। ताजा रिपोर्टों से पता चलता है कि आप के भीतर लगातार मंथन चल रहा है, विभाजन के नतीजों के बीच कई नेता बाहर निकल रहे हैं या उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। न्यूज18 ने खबर दी थी कि आप के करीब 50 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और कई अगले कुछ हफ्तों में बाहर निकल सकते हैं. मौजूदा परेशानी कोई अकेली घटना नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में, AAP ने संस्थापक नेताओं से लेकर वरिष्ठ रणनीतिकारों तक, हाई-प्रोफाइल लोगों के जाने का सिलसिला देखा है। ये निकास अक्सर केंद्रीकृत निर्णय लेने और असहमति के लिए सिकुड़ती जगह की ओर इशारा करते हैं, आंतरिक असहमति अक्सर सार्वजनिक टकराव में फैल जाती है। यह भी पढ़ें | द मैजिक ऑफ़ 7: कैसे राघव चड्ढा ने ‘दो-तिहाई स्विच’ के साथ AAP की राज्यसभा शील्ड को तोड़ दिया नेतृत्व और राष्ट्रीय प्रोफ़ाइल से उनकी निकटता को देखते हुए, चड्ढा का बाहर जाना अब तक की सबसे गंभीर टूटन है, खासकर 2027 के पंजाब चुनावों से पहले। आगे का रास्ता अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए दिल्ली में तात्कालिक रोडमैप स्पष्ट लेकिन कठिन है। सबसे बड़ी चुनौती आगे दल-बदल को रोकना होगा. विधायकों को पाला बदलने से रोकना फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता है क्योंकि छोटी-मोटी हार भी पार्टी की विधायी स्थिति को असंगत रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। दूसरा, संगठनात्मक सामंजस्य का पुनर्निर्माण करना है, यह देखते हुए कि विद्रोह ने आंतरिक दोष रेखाओं को उजागर कर दिया है जिन्हें तत्काल मरम्मत की आवश्यकता होगी। दिल्ली में सत्ता के बिना, आप को एक शासन-केंद्रित पार्टी से एक प्रभावी विपक्ष में बदलना होगा, जिसका राजधानी में अनुभव सीमित है। इसके अलावा, यह देखते हुए कि AAP की पहचान शासन और भ्रष्टाचार विरोधी राजनीति से जुड़ी हुई है, प्रशासनिक नियंत्रण के बिना उस कथा को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी। यह भी पढ़ें | आप का महान पलायन: राघव चड्ढा पार्टी छोड़ने वाले केजरीवाल के वफादारों की लंबी सूची में शामिल हो गए आने वाले सप्ताह यह तय कर सकते हैं कि AAP स्थिर होगी या और फिसलेगी। यदि यह दलबदल को रोकने और अपने कम हुए आधार को मजबूत करने में सफल हो जाती है, तो पार्टी अभी भी दिल्ली की राजनीति में एक प्रासंगिक ताकत बनी रह सकती है। लेकिन अगर मौजूदा मंथन उसके विधायकों तक फैलता है, तो चड्ढा के बाहर निकलने से उत्पन्न संकट एक गहरी संरचनात्मक गिरावट का संकेत दे सकता है। फिलहाल दिल्ली में AAP की सबसे बड़ी लड़ाई चुनावी नहीं बल्कि अंदरूनी है. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 10:12 IST न्यूज़ इंडिया दिल्ली दरबार के अंदर: राघव चड्ढा के विभाजन के बाद, AAP को राजधानी में सबसे कठिन परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आम आदमी पार्टी संकट(टी)आप का दलबदल(टी)राघव चड्ढा का विभाजन(टी)दिल्ली विधानसभा की राजनीति(टी)आप बनाम बीजेपी(टी)अरविंद केजरीवाल नेतृत्व(टी)आप का आंतरिक विद्रोह(टी)दिल्ली राजनीतिक पुनर्गठन
पंचायती राज दिवस पर जल संरक्षण का संकल्प लिया:ग्रामीणों को बताया- छत का पानी जमीन के अंदर उतारकर कुओं को जीवित कर सकते

सिवनी जिले की धनोरा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम घोघरीमाल और आसपास की पंचायतों में शुक्रवार को पंचायती राज दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने सिर्फ उत्सव ही नहीं मनाया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए गांव को पानी की कमी से उबारने के लिए जल संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र सिंह राजपूत ने इलाके में कम होते पानी के स्तर पर चिंता जाहिर की। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह किया कि अगर अभी हम नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियां पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसेंगी। उन्होंने लोगों को ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ (बारिश का पानी सहेजने) के आसान तरीके समझाए और बताया कि कैसे घर की छत का पानी जमीन के अंदर उतारकर हम अपने कुओं और हैंडपंपों को फिर से जिंदा कर सकते हैं। गांव की सफाई और तालाबों का होगा कायाकल्प जल बचाने के इस अभियान को ग्रामीणों ने हाथों-हाथ लिया और हर घर में पानी बचाने की सिस्टम लगाने की शपथ ली। पंचायत की बैठक में यह भी तय किया गया कि गांव के पुराने तालाबों को और गहरा किया जाएगा, कुओं की मरम्मत होगी और नालों की साफ-सफाई कराई जाएगी ताकि बरसात का एक-एक कतरा जमीन में समा सके। पंचायत सचिव शमशेर खान ने बताया कि इन कामों को मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं के जरिए पूरा किया जाएगा। एकजुट हुए गांव के प्रतिनिधि कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह भलावी और सीईओ ओंकार सिंह ठाकुर सहित कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। अतिथियों ने ग्रामीणों से अपील की कि गांव के विकास के लिए केवल सरकार के भरोसे न बैठें, बल्कि खुद भी आगे आएं। इस दौरान सरपंच जानकी मरकाम और उपसरपंच रामकली उइके के साथ आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का अंत पर्यावरण बचाने और पानी की बर्बादी रोकने की सामूहिक कसम के साथ हुआ।
मंदिर चोरी का खुलासा:ताला तोड़कर घुसे थे अंदर, चांदी का मुकुट-छत्र ले गए थे 2 आरोपी

उमरिया जिले के ददरी गांव स्थित बजरंग बली मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मंदिर से चोरी हुए चांदी के मुकुट तथा छत्र सहित पूरा सामान बरामद कर लिया है। यह चोरी हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के बाद हुई थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने मंदिर में ताला लगा दिया था। अगले दिन सुबह जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ पाया। मंदिर से चांदी का मुकुट और छत्र गायब थे। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ, मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कटनी निवासी अभिषेक दुबे और उमरिया निवासी राहुल सोनी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि अभिषेक दुबे इस चोरी का मास्टरमाइंड है। वह मंदिरों को निशाना बनाता था, जबकि उसका साथी राहुल सोनी चोरी किए गए चांदी के सामान को गलाकर बाजार में बेचने का काम करता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया है। कोतवाली पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने जिले या आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
क्या आप जानते हैं? रोज गर्म पानी पीने से आपका शरीर अंदर से कैसे बदल सकता?

Last Updated:April 18, 2026, 16:27 IST रोज गर्म पानी पीने की आदत सुनने में साधारण लग सकती है, लेकिन इसका असर शरीर पर कई तरह से पड़ सकता है. यह पाचन सुधारने, शरीर को हाइड्रेट रखने और अंदरूनी सिस्टम को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकता है. ख़बरें फटाफट सुबह की शुरुआत अगर एक गिलास गर्म पानी से की जाए, तो यह छोटी सी आदत शरीर पर बड़ा असर डाल सकती है. बहुत से लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन गर्म पानी पीना सबसे आसान और असरदार घरेलू उपायों में गिना जाता है. आयुर्वेद में भी गुनगुने पानी को पाचन सुधारने और शरीर को संतुलित रखने में सहायक माना गया है. वहीं हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पर्याप्त पानी पीना शरीर के हर सिस्टम के लिए जरूरी है, और गुनगुना पानी कुछ लोगों के लिए ज्यादा आरामदायक विकल्प हो सकता है. नियमित रूप से गर्म पानी पीने से पाचन बेहतर हो सकता है, शरीर में जमा अपशिष्ट बाहर निकलने में मदद मिलती है और कई छोटी परेशानियों से राहत मिल सकती है. पाचन और मेटाबॉलिज्म को मिल सकता है फायदारोज गर्म पानी पीने का सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है. यह पेट को आराम देता है और भोजन को बेहतर तरीके से पचाने में मदद करता है. जिन लोगों को कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, उनके लिए यह आदत फायदेमंद हो सकती है. सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से आंतों की गतिविधि बेहतर हो सकती है, जिससे पेट साफ रहने में मदद मिलती है. कुछ रिसर्च यह भी बताती हैं कि पानी पीना अस्थायी रूप से मेटाबॉलिज्म को एक्टिव कर सकता है, जिससे कैलोरी बर्न प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. हालांकि, यह असर सीमित होता है और इसे वजन घटाने का अकेला उपाय नहीं माना जाना चाहिए. डिटॉक्स और ब्लड सर्कुलेशन में मददगर्म पानी पीने से शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट मिल सकता है. पर्याप्त पानी पीने से किडनी बेहतर तरीके से काम करती है और शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने में मदद मिलती है. गर्म पानी पीने पर शरीर में हल्का पसीना आ सकता है, जो तापमान नियंत्रण की सामान्य प्रक्रिया है. इसके अलावा, सही हाइड्रेशन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है, जिससे अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही तरीके से पहुंचते हैं. त्वचा और गले को भी मिल सकती है राहतजब शरीर पर्याप्त हाइड्रेटेड रहता है, तो त्वचा ज्यादा हेल्दी और फ्रेश दिख सकती है. पानी की कमी होने पर त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है. गर्म पानी पीना कई लोगों को सर्दी-जुकाम या गले में खराश के दौरान आराम देता है. गुनगुना पानी गले को शांत करने और म्यूकस को ढीला करने में मदद कर सकता है, जिससे बंद नाक और कफ जैसी परेशानी में थोड़ी राहत महसूस हो सकती है. इन बातों का रखें ध्यानगर्म पानी पीते समय पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे मुंह, गले और फूड पाइप को नुकसान पहुंच सकता है. हमेशा इतना गुनगुना पानी पिएं, जो आसानी से पिया जा सके. दिनभर जरूरत से ज्यादा गर्म पानी पीना भी जरूरी नहीं है. सामान्य रूप से महिलाओं के लिए लगभग 2.7 लीटर और पुरुषों के लिए लगभग 3.7 लीटर कुल दैनिक फ्लूइड (भोजन सहित) की जरूरत बताई जाती है, हालांकि यह मौसम, एक्टिविटी और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है. अगर किसी को किडनी, हार्ट या अन्य गंभीर समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही बदलाव करें. (Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, News18Hindi इसकी पुष्टी नहीं करता है.) About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 18, 2026, 16:27 IST
ईशान किशन को एक्टर अनुपम खेर ने कहा थैंक यू:सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर बोले- ईशान के अंदर कभी हार न मानने की शक्ति

बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार अनुपम खेर ने भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन को थैंक यू बोला है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की है, जिसमें माइंड रीडर सुहानी शाह और ईशान किशन दिख रहे हैं। सुहानी ईशान से उस शख्स का नाम पूछती है, जिनके विचारों ने उन्हें बुरे वक्त में सबसे ज्यादा मोटिवेट किया। ईशान किसी का नाम नहीं लेते, लेकिन सुहानी बोर्ड पर अनुपम खेर का नाम लिख देती हैं। यह देखकर क्रिकेटर हैरान हो जाते हैं और कहते हैं, “ऐसा कैसे हो सकता है?” अब इस वीडियो को अनुपम खेलने खुद अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। ईशान के अंदर कभी हार न मानने की शक्ति अनुपम खेर ने कैप्शन में लिखा, ‘कभी-कभी जिंदगी आपको बहुत ही खूबसूरत तरीके से सरप्राइज देती है। मैं ईशान से कभी नहीं मिला। हमारी कभी बातचीत नहीं हुई। फिर भी कहीं न कहीं, चुपचाप, अपने जीवन के अनुभवों, अपने फैसलों और अपने विश्वास के ज़रिए मैं उन तक पहुंच सका। यह बात मुझे बहुत भावुक कर देती है।’ पिछले मैच में ईशान में बनाए 91 रन इशान किशन इन दिनों आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। उनकी टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है। उनकी टीम ने 5 में से 2 मैच जीती है। पिछले मैच में SRH ने शानदार प्रदर्शन किया था। ईशान किशन ने 44 बॉल पर 91 रन बनाए थे, जिसमें 6 छक्के, 8 चौके शामिल थे। ईशान किशन ने सिर्फ 30 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। 10वें ओवर में रवि बिश्नोई की चौथी गेंद पर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर उन्होंने अर्धशतक पूरा किया था। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन फ़िलहाल पैट कमिंस की जगह सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।









