किचन टाइल क्लीनिंग टिप्स: किचन की चिपचिपी टाइल्स दिखती हैं शर्मसार? राँगा छोड़ना; इस 5 साल की नासिका से मिनटों में लुप्त हो जाएगी पुरानी यादें

26 अप्रैल 2026 को 13:34 IST पर अपडेट किया गया किचन टाइल क्लीनिंग टिप्स: किचन में खाना पकाने के समय रिफ्रेश वाला धुआं और तेल के छींटें धीरे-धीरे-धीरे-धीरे टाइल्स पर एक बेहद जिद्दी और चिपचिपी परत जम जाती है। लोग अक्सर इसे साफ करने के लिए बाजार के बाजारों और बाजारों के मिकल्स का सहारा लेते हैं लेकिन वह भी वैसा नहीं मिलता जैसा हम उम्मीद करते हैं। आइए जानते हैं एक ऐसा तरीका जो आपकी रसोई की सूरत बदल देगा। अनुसरण करना : रसोई में खाना पकाने के समय की दीवारों पर तेल और सजावट का एक मोटा परत जाम होता है। इसे केवल देखना ही बुरा लगता है बल्कि इसे साफ करना भी बहुत मुश्किल होता है। छवि: एआई एक कटोरी में दो मिट्टी सोडा और आधा कप सफेद सिरका मिला हुआ है। इन दोनों का मेल जिद्दी से जिद्दी ग्रीस और तेल को काटने में सबसे ज्यादा असरदार होता है। छवि: फ्रीपिक इस मिश्रण में लिटिल सा टॉइलर वॉशिंग वाला सोप भी शामिल है। यह नासा फार्म 5 रुपए खर्च में तैयार हो जाता है और बाजार में केमिकल वाले उत्पाद से बेहतर काम करता है। छवि: फ्रीपिक तैयार पेस्ट को स्पैनल की मदद से सिनाट टिल्स पर अच्छी तरह से वितरित किया गया। इसे चबाने के बजाय 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें ताकि यह पेस्ट पूरी तरह से ठीक हो सके। छवि: फ्रीपिक तय समय के बाद एक हाथी या पुराने टूथब्रश से टाइल्स को हाथ से चिपकाया गया। आपने देखा कि बिना किसी मेहनत के पुरानी जमी हुई काली लिनियां आपकी छूटने की इच्छा रखती हैं। छवि: एआई आखिरी स्टेप में टाइल्स को गुनगुने पानी में बड़े कपड़ों से साफ कर लें। गर्म पानी टाइल्स पर बचे हुए तेल के अंश को खत्म कर दिया जाता है और आपकी रसोई टाइल्स की तरह चमक उठती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 26 अप्रैल 2026 13:34 IST पर
तड़का प्याज़ चटनी रेसिपी: गरमा गरम गरम मसाला ही किचन में नहीं बनता है मन? 10 मिनट में तैयार हो जाएं प्याज़ वाले की चटपटी दुकान

पेज की यह झटपट बनने वाली रेसिपी है, क्योंकि इसमें बहुत कम सामग्री तैयार होती है। दाल-चावल, रोटी या पराठे के साथ इफेक्ट मैच खा सकते हैं। साथ ही, गर्मियों में शानदार और स्वादिष्ट है। छवि: फ्रीपिक आवश्यक सामग्री: 2 प्याज, 2-3 हरी मिर्च, 4-5 लहसुन की कलियां, 1 छोटा चम्मच दालचीनी का दाना, 5-6 कैरी पत्ते, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच लहसुन का रस, नमक का स्वाद और 1 बड़ा चम्मच तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले प्याज को इलेक्ट्रिक कैट लें। साथ में हरी मिर्च और लहसुन भी काटें। एक पैन में तेल गरम करें। इसमें असामयिक के दानें शामिल हैं। छवि: फ्रीपिक जब ये चटकने लगें तो करी पत्ते और लहसुन के टुकड़े टुकड़े भून लें। अब इसमें कटे हुए प्याज और हरी मिर्च डालें। 2-3 मिनट तक प्रभाव सा पोर्टफोलियो। ध्यान रहे कि आपको प्याज ज्यादा पकाना नहीं है। छवि: फ्रीपिक अब इसमें नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें और अच्छे से लगाएं। गैस बंद करें और फाइनल में नेमुलेशन का रस स्टोमिनल अच्छी तरह से मिला लें। छवि: फ्रीपिक रेडीमेड मैकेनिज्म को आप रोटी, पराठा, दाल-चावल या यहां तक कि उसकी कीमत के साथ भी खा सकते हैं। इसका तीखा और चटपटा स्वाद हर किसी को पसंद आएगा। छवि: एआई अगर आपको ज्यादा तीखा पसंद है तो हरी मिर्च बढ़ा सकते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा जीरा पाउडर भी डाल सकते हैं। इसे 1-2 दिन तक स्टोर किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक गर्मी में जब कुछ जल्दी और स्वादिष्ट बनाएं प्याज, तो ये तड़का नुस्खा आपका काम जरूर आएगा। छवि: फ्रीपिक
इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: बदलते मौसम में अगर बार-बार पड़ रहे हैं बीमार? किचन की ये नाश्ता बड़ाओइम्युनिटी

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: मौसमी मौसम के साथ अगर आपको बार-बार झुर्रियाँ, गले में खराश या थकान महसूस होती है, तो यह आपकी ख़राब इम्युनिटी का संकेत हो सकता है। लाइफ़स्टाइल ख़राब और सस्ते दामों पर सेक्स की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में सामने आए कुछ सामान्य नीजी से तैयार किए गए एक ड्रिंक ड्रिंक से आप अपनी सेहत को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। इस इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक को बनाने के लिए आपको अदरक, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, शहद और नींबू की जरूरत पड़ेगी। इनमें सभी परमाणुओं में कोलेजन और एंटी-साइंटेंट गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर के अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। हालाँकि, अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है या आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, तो इसका सेवन पहले डॉक्टर की सलाह से जरूर लें। इस ड्रिंक को तैयार करने के लिए एक गिलास पानी लें। इसमें शामिल किया गया आधा कद्दू कद्दू। इसके बाद चुटकीभर हल्दी, 2 से 3 काली मिर्च और दालचीनी का छोटा टुकड़ा। इन सभी को 5 से 7 मिनट तक ग्रेट से प्रेमियों, ताकि बाकी पोषक तत्व पानी में डूब जाएं। इसके बाद गैस बंद हो गई और पानी थोड़ा ठंडा हो गया। जब यह गुनगुना रह जाए, तब इसमें थीम का रस और एक मैगज़ीन का मूल आधार होता है। ध्यान रखें कि शहद को बहुत गर्म पानी में न रखें। इस ड्रिंक का सबसे बड़ा फायदा पाने के लिए इसे सुबह खाली पेट या रात में सोने से पहले पिया जा सकता है। नियमित रूप से इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकती है। दिन में एक बार मास का सेवन समसामयिक माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक(टी)इम्युनिटी के लिए घरेलू उपाय(टी)अदरक हल्दी ड्रिंक के फायदे(टी)प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्ट(टी)स्वस्थ जीवनशैली टिप्स(टी)आयुर्वेदिक ड्रिंक रेसिपी(टी)घरेलू स्वास्थ्य टिप्स(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ
Liver Detox: किचन में रखी इन 5 चीजों से करें लिवर की सफाई, नहीं जमने देंगे फैट, फैटी लिवर से बचने का आसान तरीका

Last Updated:April 16, 2026, 22:55 IST Liver Detox Kaise Kare: खराब खानपान के कारण लिवर को डिटॉक्स करने की जरूरत होती है. वरना इससे फैटी लिवर जैसी प्रोग्रेसिव डिजीज होने का खतरा रहता है, जो जानलेवा भी बन सकती है. अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको किसी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है. किचन में रखी चीजों से ही आप लिवर की सफाई कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, बाहर का खाना और अनियमित दिनचर्या का सबसे ज्यादा असर हमारे लिवर पर पड़ता है. लिवर शरीर का बहुत जरूरी अंग है, जो खून को साफ करता है, पाचन में मदद करता है और शरीर से गंदगी बाहर निकालता है. वैसे तो ये अंग खुद की सफाई करने में सक्षम होता है, लेकिन यदि आपका लाइफस्टाइल बहुत खराब है, तो आपको इसे डिटॉक्स करने की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में अगर हम इसका ध्यान नहीं रखते, तो यह धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है. इससे फैटी लिवर का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जो कि सिरोसिस यानी लिवर सड़ने की स्थिति तक पहुंच सकता है. इस स्टेज पर लिवर ट्रांसप्लांट ही एक मात्र इलाज रह जाता है, जो न होने पर जान जाने का खतरा रहता है. ऐसे में नेचुरल तरीके से लिवर को कैसे साफ और हेल्दी रख सकते हैं, चलिए यहां जानते हैं. डाइट का लिवर पर असरमेडिकल रिसर्च के अनुसार, लिवर को स्वस्थ रखने में हमारी रोज की डाइट बहुत अहम भूमिका निभाती है. कुछ नेचुरल चीजें ऐसी होती हैं, जो लिवर को साफ करने और मजबूत बनाने में मदद करती हैं. अगर इन्हें रोजाना के खाने में शामिल किया जाए, तो लिवर लंबे समय तक सही तरीके से काम करता है. हरी सब्जियां हैं फायदेमंदपालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां लिवर के लिए बहुत अच्छी मानी जाती हैं. इनमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. इनमें मौजूद क्लोरोफिल खून को साफ करता है और लिवर का काम आसान बनाता है. लहसुन से बढ़ती है लिवर की ताकतलहसुन में मौजूद सल्फर तत्व लिवर के एंजाइम्स को एक्टिव करता है. इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलने लगते हैं. साथ ही इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो लिवर को इंफेक्शन से बचाते हैं. नींबू का नियमित सेवन करेंनींबू में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो लिवर को साफ रखने में मदद करते हैं. यह शरीर में फैट को पचाने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे लिवर में जमा चर्बी कम होती है. रोज सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना एक अच्छा उपाय माना जाता है. हल्दी का करें इस्तेमालहल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व पाया जाता है, जो सूजन कम करता है और लिवर की कोशिकाओं को ठीक करने में मदद करता है. यह लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से भी बचाती है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है. ग्रीन टी भी है फायदेमंदग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन्स नाम के एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करते हैं. रोजाना ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और फैटी लिवर का खतरा कम हो जाता है. ध्यान रखें ये बातेंइन घरेलू उपायों को अपनाने के साथ-साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी है. सही खानपान और अच्छी आदतों से आप अपने लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 16, 2026, 22:55 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
किचन में रखी ये चीज टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदी, जानलेवा बीमारी का खतरा, तुरंत सुधारें ये गलती

Last Updated:April 15, 2026, 23:39 IST Kitchen Sponges Cause Deadly Disease: रोजाना जिस स्पंज से आप खाने के बर्तनों को साफ करते हैं, वो आपके शरीर में जानलेवा बीमारी को पहुंचाने का जरिया बन सकता है. ऐसे में जरूरी है कि सेहत के लिए इसकी सफाई और एक्सपायरी डेट से जुड़ी बातों को यहां जानें. ख़बरें फटाफट रसोई की साफ-सफाई एक हेल्दी लाइफ के लिए बेहद जरूरी है. आमतौर पर हम किचन प्लेटफॉर्म, गैस चूल्हा, बर्तन, सब्जियां और चिमनी जैसी चीजों को साफ रखने पर ध्यान देते हैं, लेकिन कुछ छोटी चीजें अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं. इसमें सबसे पहले नंबर पर आता है- किचन स्पंज और ब्रश. इसका इस्तेमाल रसोई के बर्तनों को चमकाने के लिए रोज किया जाता है, लेकिन अक्सर इसकी सफाई के तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता है. जबकि इसमें जमा गंदगी आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसके पीछे का कारण और बचाव के तरीके को चलिए आगे इस लेख में जानते हैं. स्पंज और ब्रश बन सकते हैं बैक्टीरिया का घरकिचन में इस्तेमाल होने वाले स्पंज और स्क्रबर में सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं. कई बार इनमें टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदगी हो सकती है. इसका कारण है कि हम इन्हें लंबे समय तक बदलते नहीं हैं और ये अक्सर गीले रहते हैं. गीलेपन के कारण इनमें ई.कोलाई और अन्य हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जो पेट और त्वचा से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. रिसर्च क्या कहती है एक अध्ययन में पाया गया कि किचन स्पंज में कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. इनमें ई.कोलाई और स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया भी शामिल हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं. ये बैक्टीरिया स्पंज के जरिए बर्तनों और किचन की अन्य सतहों पर फैल जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. गीला रखना क्यों है नुकसानदायकभारत में कई लोग स्पंज को डिशवॉश लिक्विड में भिगोकर रखते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके. लेकिन यह आदत नुकसानदायक हो सकती है. गीले स्पंज और ब्रश में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और बर्तनों या सतहों पर फैल जाते हैं. साथ ही, एक ही स्पंज का इस्तेमाल बर्तनों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए करना भी संक्रमण को बढ़ावा देता है. कितनी बार बदलें स्पंज और ब्रशकिचन स्पंज और ब्रश को समय-समय पर बदलना बहुत जरूरी है. स्पंज को हर 1–2 हफ्ते में बदल देना चाहिए. वहीं, ब्रश को 1–2 महीने के भीतर बदल लेना बेहतर होता है. साफ रखने के आसान तरीकेहर इस्तेमाल के बाद स्पंज और ब्रश को अच्छी तरह धोएं. गर्म पानी और साबुन से रोजाना साफ करें. इन्हें धूप में सुखाएं ताकि नमी खत्म हो जाए. हमेशा सूखी जगह पर रखें. स्पंज को एक मिनट के लिए माइक्रोवेव में रख सकते हैं या डिशवॉशर में साफ कर सकते हैं. बर्तनों और किचन प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग स्पंज रखें. स्पंज का कम उपयोग करना, समय-समय पर बदलना और इस्तेमाल से पहले व बाद में हाथ धोना संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 15, 2026, 23:39 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
घर पर रेशमी बाल: किचन में मौजूद हैं मेथी के दानों को खास ये पेस्ट, बालों जैसे बाल भी हो जाएंगे शाइनी, अपनाएं 5 देसी नुस्खे

घर पर रेशमी बाल: टाइट लाइफस्टाइल, प्रदूषण और केमिकल उत्पादों के कारण बालों का रूखा और बेजान होना आम समस्या बन गई है। ऐसे बाल न सिर्फ देखने में बुरे निकले हैं बल्कि जल्दी खराब होने और उलझने भी लगे हैं। हालाँकि, अच्छी बात यह है कि अब आपको पिरामिड शोरूम की ज़रूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपाय जिन्हें अपनाकर आप घर पर ही अपने बालों को शानदार, चमकदार और दमदार बना सकते हैं। आइये आपको बताते हैं पांच देसी नुस्खे। बालों को रखने के लिए नारियल का तेल बेहद प्रभावशाली माना जाता है। सप्ताह में दो से तीन बार गुनगुने तेल से मसाज करने से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रिश्तों को गहराई से पोषण मिलता है। इससे ड्राईनेस कम होती है और बालों में नैचुरल शाइन आ जाती है। प्रोटीन से भरपूर अंडा और मॉश्चर लेज़र वाले दही समूह बल को डीप कंडीशन करते हैं। इस मास्क को बाल बनाने से लेकर हेयर स्टाइलिस्ट और शाइनी बने हुए हैं। नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले बालों में असली साफा लुक दिखाई देता है। एलोवेरा बाले को कंपनी ने सील कर दिया है, जबकि हायर उन्हें सॉफ्ट बनाती है। इन दोनों का मिश्रण बालों का रूलापन दूर करने में मदद करता है और बालों को क्लासिक लुक देता है। दूध एक असैनिक की तरह काम करता है। बालों पर इसे लगाने से तुरंत मुलायमपन का एहसास होता है और बाल सबसे ज्यादा नजर आते हैं। बालों को ड्राय करने का यह उपाय बहुत बढ़िया है। मेथी दाना बले की फ़ेरीनेस कम करने और उन्हें मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके पेस्ट बालों में लगाने से बालों की चमक बहुत ज्यादा होती है और टूटना भी कम होता है। अगर इन घरेलू उपायों को नियमित रूप से जोड़ा जाए तो कुछ ही समय में बालों में झाग साफ नजर आता है। सही देखभाल से रूखे और बेजान बाल भी स्कीमी और ज़ामिरी बन सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर रेशमी बाल(टी)प्राकृतिक बालों की देखभाल(टी)सूखे बालों के लिए घरेलू उपचार(टी)चिकने चमकदार बालों के टिप्स(टी)नारियल तेल बालों के फायदे(टी)अंडे का हेयर मास्क(टी)बालों के लिए एलोवेरा(टी)मेथी हेयर मास्क(टी)घर का बना हेयर कंडीशनर(टी)घुंघराले बालों का समाधान
किचन से लौंग-लहसुन आउट, सौंफ-इलायची इन! बुजुर्गों को लू से बचाएंगे आयुर्वेद के ये नुस्खे, जानिए – News18 हिंदी

X किचन से लौंग-लहसुन आउट, सौंफ-इलायची इन! बुजुर्गों को लू से बचाएंगे ये नुस्खे Ayurvedic Summer Health Tips For Elderly: भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच बुजुर्गों की सेहत को लेकर आयुर्वेद विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे के अनुसार बढ़ती उम्र में पाचन और सहनशक्ति कमजोर होने के कारण बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और बीपी की समस्या तेजी से बढ़ती है. गर्मी से बचाव के लिए खान-पान में बड़े बदलाव की आवश्यकता है. विशेषज्ञों ने रसोई से गर्म तासीर वाले मसालों (लौंग, लहसुन, जायफल) को हटाकर जीरा, सौंफ और छोटी इलायची के प्रयोग पर जोर दिया है. साथ ही, बिना तेल या कम तेल में बनी सुपाच्य सब्जियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है. बुजुर्गों को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे फलों के साथ सुबह चने और जौ का सत्तू देना संजीवनी समान है. दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से परहेज, सूती कपड़ों का चयन और नियमित अंतराल पर नींबू पानी या छाछ का सेवन उन्हें लू के गंभीर दुष्प्रभावों से बचा सकता है.
कहीं आपकी किचन का नॉन स्टिक तवा जहर तो नहीं उगल रहा? इन 3 संकेतों से करें पहचान, तुरंत निकालकर फेंक दें

Last Updated:April 12, 2026, 14:42 IST Non-Stick Cookware Risks: नॉन-स्टिक तवा किचन में सुविधाजनक जरूर होता है, लेकिन खराब होने पर यह सेहत के लिए खतरनाक बन सकता है. तवा की कोटिंग निकलना, खाना चिपकना और बदबू आना इसके खराब होने के संकेत हैं. ऐसे में समय पर तवे को बदलना जरूरी है, ताकि जहरीले केमिकल्स से होने वाले नुकसान से बचा जा सके. नॉन-स्टिक तवा खराब हो जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. Non-Stick Pan Health Risks: एक जमाने में मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे स्टील और एलुमिनियम के बर्तनों का ट्रेंड बढ़ने लगा. अब तमाम लोग नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल कर रहे हैं. आजकल लगभग हर घर की रसोई में नॉन-स्टिक तवा, कड़ाही और पैन का इस्तेमाल किया जा रहा है. कम तेल में खाना बनाना, जल्दी साफ हो जाना और समय की बचत, ये सभी वजहें इसे बेहद लोकप्रिय बनाती हैं. खासकर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग नॉन-स्टिक बर्तनों को ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन सुविधा के साथ-साथ इसकी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है. अगर इन बर्तनों का सही तरीके से उपयोग न किया जाए या ये खराब हो जाएं, तो यही नॉन-स्टिक तवा धीरे-धीरे आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि नॉन-स्टिक बर्तनों की सतह पर एक खास कोटिंग होती है, जो खाना चिपकने से रोकती है और कम तेल में कुकिंग को आसान बनाती है. समय के साथ या गलत उपयोग के कारण यह कोटिंग घिसने लगती है या टूट जाती है. जब ऐसा होता है, तो इसके छोटे-छोटे कण खाने में मिल सकते हैं, जो शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं. बहुत ज्यादा तापमान पर यह कोटिंग जहरीले धुएं भी छोड़ सकती है, जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए खराब नॉन-स्टिक बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ये 3 संकेत दिखें, तो नॉन स्टिक तवा न करें यूज कोटिंग का छिलना या खुरचना : अगर आपके तवे की सतह पर खरोंचें दिखाई देने लगी हैं या उसकी कोटिंग जगह-जगह से उतर रही है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि वह अब सुरक्षित नहीं है. यह स्थिति अक्सर मेटल के चम्मच, ज्यादा रगड़ने या लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण होती है. ऐसी हालत में कोटिंग के कण खाने में मिल सकते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं. इसलिए जैसे ही ऐसी खरोंचें दिखें, तुरंत उस तवे को बदल देना चाहिए. खाना बार-बार चिपकना : नॉन-स्टिक तवे की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि उसमें खाना आसानी से बनता है और चिपकता नहीं. अगर आप नोटिस करें कि अब रोटी, डोसा या सब्जी तवे पर चिपकने लगी है, तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी नॉन-स्टिक कोटिंग खराब हो चुकी है. इस स्थिति में न केवल खाना खराब बनता है, बल्कि उसे निकालने के लिए ज्यादा तेल और जोर लगाना पड़ता है, जिससे बर्तन और जल्दी खराब हो सकता है. तवे का रंग बदलना या बदबू आना : अगर आपके नॉन-स्टिक तवे का रंग फीका पड़ गया है, उस पर दाग-धब्बे दिखने लगे हैं या गर्म करने पर अजीब सी गंध आने लगती है, तो यह भी एक चेतावनी संकेत है. यह दर्शाता है कि तवे की सतह में केमिकल बदलाव हो रहे हैं. ऐसे बर्तन से निकलने वाले धुएं और गंध स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर अगर लंबे समय तक इसका इस्तेमाल किया जाए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 14:42 IST
Glowing Skin: प्रियंका चोपड़ा की मां ने बताया ग्लोइंग स्किन का राज, किचन में राखी ये 5 चीजें लगा लें; 7 दिन में चमकता हुआ चेहरा

चमकती त्वचा के घरेलू उपाय: हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन क्लीन, ग्लोइंग और डॉक्यूमेंट्री डॉक्यूमेंट्री। लेकिन महाराष्ट्र क्रीम और उत्पाद हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसे में घरेलू गुण सबसे अधिक लाभकारी साबित होते हैं। खासकर जब ये स्टाइलिश बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा की मां डॉ. मधु चोपड़ा से स्टूडियो हो तो उसकी लोकप्रियता और बढ़ती है। हाँ, डॉ. मधु चोपड़ा ने एक आसान DIY फेस पैक शेयर किया है जिसे वे खुद इस्तेमाल करती हैं और प्रियंका भी इस पर पूरा भरोसा करती हैं। बेसन और हल्दी से बना यह उबटन त्वचा को गहराई से साफ करता है, निखार लाता है और कई मसालें दूर करने में मदद करता है। यह बेसन-हल्दी फेसबुक पैक क्यों खास है? डॉ. मधु चोपड़ा का कहना है कि उन्होंने आज तक चेहरे पर साबुन या साबुन का इस्तेमाल नहीं किया। वे पुराने से इस घरेलू उबटन पर भरोसा करते हैं। बेसन त्वचा की गंदगी और अतिरिक्त तेल निकाला जाता है। हल्दी में एंटी-एजेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पिंपल्स और इंफेक्शन को अलग करते हैं। यह पैक त्वचा को सिर्फ साफ नहीं करता, बल्कि आकर्षक, चमकदार और स्वस्थ भी बनाता है। यही कारण है कि यह टैक्सी आज भी घर-घर में आदर्श है। • 1 बेसन•थोड़ी सी घर की बनी मलाई• 1 मोतियाबिंद• एक चुटकी हल्दी• थोड़ा ठंडा दूध बेसन में एक बाउल रखा गया। इसमें मलाई और दही की दुकानें शामिल हैं। फिर हल्दी स्थिर महान से फेंटें। जरूरत है छोटे दूध के एस्ट्रोलॉजी पेस्टीस्ट तैयार करने की। पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह का पहनावा। 15 से 20 मिनट तक का इंतज़ार। फिर प्यास गुनगुने पानी से धो लें। प्रयुक्त के बाद स्किन मुख्य ताजा और ग्लोइंग स्टॉक। डॉ. मधु चोपड़ा विशेष सलाह देते हैं कि इसकी आंखों के नीचे कोई उत्पाद नहीं है, क्योंकि वहां की त्वचा बहुत प्यारी है। सेंस निरपेक्ष दुकानदारों के लिए दूसरा पद अगर बेसन सूट न करे तो आटे का आटा इस्तेमाल करें। हल्दी से एलर्जी हो सकती है तो नींबू का रस दाल हो सकता है। प्रोडक्ट्स से परेशानी हो तो टमाटर या आलू का रस। ये सब स्किन को साफ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। तो अब आपको सरकारी उत्पादों की जरूरत नहीं, सही और नियमित देखभाल ही असली राज है। डॉ. मधु चोपड़ा का यह घरेलू फेस पैक इसका प्रमाण है। अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग तरीकों से चेहरा निखारना चाहते हैं तो इस आसान नुस्खे को जरूर आजमाएं। नियमित रूप से इस्तेमाल से फ़ेक खुद महसूस करेंगे। (टैग्सटूट्रांसलेट) मधु चोपड़ा फेस पैक (टी) बेसन हल्दी उबटन (टी) घरेलू चमकदार त्वचा उपचार (टी) प्राकृतिक रसोई त्वचा देखभाल (टी) प्रियंका चोपड़ा माँ
किचन में रखी इस दाल में छुपा है हेल्थ सीक्रेट! दिल से पाचन तक करेगी कमाल, ऐसे करें इस्तेमाल

Last Updated:April 06, 2026, 14:02 IST भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली उड़द की दाल सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी है. इसमें मौजूद प्रोटीन, आयरन, फाइबर और कई जरूरी खनिज शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह पाचन सुधारने से लेकर दिल को स्वस्थ रखने और त्वचा-बालों को निखारने तक कई तरह से फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल (ब्लैक ग्राम) के पत्ते और दाल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और अन्य खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन सुधारने, हड्डियों को मजबूत बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं. यह पेट के लिए भी काफी पौष्टिक मानी जाती है. डॉक्टर विनीत शर्मा ने बताया कि उड़द की दाल का सेवन, विशेषकर इसके पत्ते (पौधे का भाग) और दाल, फाइबर और खनिजों से भरपूर होने के कारण पाचन में सुधार, कब्ज से राहत और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में बेहद फायदेमंद है. यह वात दोष को भी कम करती है. हालांकि, पचने में भारी (गुरु) होने के कारण इसे अदरक या लहसुन के साथ पकाना बेहतर माना जाता है. उड़द की दाल में पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करती है. इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है. यह दाल रक्त परिसंचरण में सुधार करती है और धमनियों में प्लाक जमने से रोककर दिल को मजबूत बनाए रखने में सहायक होती है. Add News18 as Preferred Source on Google उड़द की दाल आयरन, प्रोटीन, मैग्नीशियम और पोटैशियम का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर एनीमिया की समस्या को कम करने में मदद करती है और ऊर्जा स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाती है. यह थकान कम करने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और पाचन तंत्र को सुधारने में भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह आयरन, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है. यह रूखी त्वचा को नमी प्रदान करती है, मुंहासों को कम करने में मदद करती है और स्कैल्प को पोषण देकर बालों को घना व मजबूत बनाती है, जिससे झड़ने की समस्या भी कम होती है. उड़द की दाल का पेस्ट त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे, दाग-धब्बे और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं. यह प्राकृतिक रूप से त्वचा को साफ कर डेड स्किन हटाता है, जिससे चेहरा चमकदार और मुलायम बनता है. इसे रातभर भिगोकर पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है. उड़द की दाल और इसके पौधे के विभिन्न हिस्से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और आंतों की सफाई में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इसमें भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाता है. First Published : April 06, 2026, 14:02 IST









