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किचन से लौंग-लहसुन आउट, सौंफ-इलायची इन! बुजुर्गों को लू से बचाएंगे आयुर्वेद के ये नुस्खे, जानिए – News18 हिंदी

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X किचन से लौंग-लहसुन आउट, सौंफ-इलायची इन! बुजुर्गों को लू से बचाएंगे ये नुस्खे   Ayurvedic Summer Health Tips For Elderly: भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच बुजुर्गों की सेहत को लेकर आयुर्वेद विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे के अनुसार बढ़ती उम्र में पाचन और सहनशक्ति कमजोर होने के कारण बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और बीपी की समस्या तेजी से बढ़ती है. गर्मी से बचाव के लिए खान-पान में बड़े बदलाव की आवश्यकता है. विशेषज्ञों ने रसोई से गर्म तासीर वाले मसालों (लौंग, लहसुन, जायफल) को हटाकर जीरा, सौंफ और छोटी इलायची के प्रयोग पर जोर दिया है. साथ ही, बिना तेल या कम तेल में बनी सुपाच्य सब्जियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है. बुजुर्गों को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे फलों के साथ सुबह चने और जौ का सत्तू देना संजीवनी समान है. दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से परहेज, सूती कपड़ों का चयन और नियमित अंतराल पर नींबू पानी या छाछ का सेवन उन्हें लू के गंभीर दुष्प्रभावों से बचा सकता है.

कहीं आपकी किचन का नॉन स्टिक तवा जहर तो नहीं उगल रहा? इन 3 संकेतों से करें पहचान, तुरंत निकालकर फेंक दें

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Last Updated:April 12, 2026, 14:42 IST Non-Stick Cookware Risks: नॉन-स्टिक तवा किचन में सुविधाजनक जरूर होता है, लेकिन खराब होने पर यह सेहत के लिए खतरनाक बन सकता है. तवा की कोटिंग निकलना, खाना चिपकना और बदबू आना इसके खराब होने के संकेत हैं. ऐसे में समय पर तवे को बदलना जरूरी है, ताकि जहरीले केमिकल्स से होने वाले नुकसान से बचा जा सके. नॉन-स्टिक तवा खराब हो जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए. Non-Stick Pan Health Risks: एक जमाने में मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे स्टील और एलुमिनियम के बर्तनों का ट्रेंड बढ़ने लगा. अब तमाम लोग नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल कर रहे हैं. आजकल लगभग हर घर की रसोई में नॉन-स्टिक तवा, कड़ाही और पैन का इस्तेमाल किया जा रहा है. कम तेल में खाना बनाना, जल्दी साफ हो जाना और समय की बचत, ये सभी वजहें इसे बेहद लोकप्रिय बनाती हैं. खासकर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग नॉन-स्टिक बर्तनों को ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन सुविधा के साथ-साथ इसकी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है. अगर इन बर्तनों का सही तरीके से उपयोग न किया जाए या ये खराब हो जाएं, तो यही नॉन-स्टिक तवा धीरे-धीरे आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि नॉन-स्टिक बर्तनों की सतह पर एक खास कोटिंग होती है, जो खाना चिपकने से रोकती है और कम तेल में कुकिंग को आसान बनाती है. समय के साथ या गलत उपयोग के कारण यह कोटिंग घिसने लगती है या टूट जाती है. जब ऐसा होता है, तो इसके छोटे-छोटे कण खाने में मिल सकते हैं, जो शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं. बहुत ज्यादा तापमान पर यह कोटिंग जहरीले धुएं भी छोड़ सकती है, जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए खराब नॉन-स्टिक बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ये 3 संकेत दिखें, तो नॉन स्टिक तवा न करें यूज कोटिंग का छिलना या खुरचना : अगर आपके तवे की सतह पर खरोंचें दिखाई देने लगी हैं या उसकी कोटिंग जगह-जगह से उतर रही है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि वह अब सुरक्षित नहीं है. यह स्थिति अक्सर मेटल के चम्मच, ज्यादा रगड़ने या लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण होती है. ऐसी हालत में कोटिंग के कण खाने में मिल सकते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं. इसलिए जैसे ही ऐसी खरोंचें दिखें, तुरंत उस तवे को बदल देना चाहिए. खाना बार-बार चिपकना : नॉन-स्टिक तवे की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि उसमें खाना आसानी से बनता है और चिपकता नहीं. अगर आप नोटिस करें कि अब रोटी, डोसा या सब्जी तवे पर चिपकने लगी है, तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी नॉन-स्टिक कोटिंग खराब हो चुकी है. इस स्थिति में न केवल खाना खराब बनता है, बल्कि उसे निकालने के लिए ज्यादा तेल और जोर लगाना पड़ता है, जिससे बर्तन और जल्दी खराब हो सकता है. तवे का रंग बदलना या बदबू आना : अगर आपके नॉन-स्टिक तवे का रंग फीका पड़ गया है, उस पर दाग-धब्बे दिखने लगे हैं या गर्म करने पर अजीब सी गंध आने लगती है, तो यह भी एक चेतावनी संकेत है. यह दर्शाता है कि तवे की सतह में केमिकल बदलाव हो रहे हैं. ऐसे बर्तन से निकलने वाले धुएं और गंध स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर अगर लंबे समय तक इसका इस्तेमाल किया जाए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 14:42 IST

Glowing Skin: प्रियंका चोपड़ा की मां ने बताया ग्लोइंग स्किन का राज, किचन में राखी ये 5 चीजें लगा लें; 7 दिन में चमकता हुआ चेहरा

Glowing Skin: प्रियंका चोपड़ा की मां ने बताया ग्लोइंग स्किन का राज, किचन में राखी ये 5 चीजें लगा लें; 7 दिन में चमकता हुआ चेहरा

चमकती त्वचा के घरेलू उपाय: हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन क्लीन, ग्लोइंग और डॉक्यूमेंट्री डॉक्यूमेंट्री। लेकिन महाराष्ट्र क्रीम और उत्पाद हर किसी के बस की बात नहीं है। ऐसे में घरेलू गुण सबसे अधिक लाभकारी साबित होते हैं। खासकर जब ये स्टाइलिश बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा की मां डॉ. मधु चोपड़ा से स्टूडियो हो तो उसकी लोकप्रियता और बढ़ती है। हाँ, डॉ. मधु चोपड़ा ने एक आसान DIY फेस पैक शेयर किया है जिसे वे खुद इस्तेमाल करती हैं और प्रियंका भी इस पर पूरा भरोसा करती हैं। बेसन और हल्दी से बना यह उबटन त्वचा को गहराई से साफ करता है, निखार लाता है और कई मसालें दूर करने में मदद करता है। यह बेसन-हल्दी फेसबुक पैक क्यों खास है? डॉ. मधु चोपड़ा का कहना है कि उन्होंने आज तक चेहरे पर साबुन या साबुन का इस्तेमाल नहीं किया। वे पुराने से इस घरेलू उबटन पर भरोसा करते हैं। बेसन त्वचा की गंदगी और अतिरिक्त तेल निकाला जाता है। हल्दी में एंटी-एजेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पिंपल्स और इंफेक्शन को अलग करते हैं। यह पैक त्वचा को सिर्फ साफ नहीं करता, बल्कि आकर्षक, चमकदार और स्वस्थ भी बनाता है। यही कारण है कि यह टैक्सी आज भी घर-घर में आदर्श है। • 1 बेसन•थोड़ी सी घर की बनी मलाई• 1 मोतियाबिंद• एक चुटकी हल्दी• थोड़ा ठंडा दूध बेसन में एक बाउल रखा गया। इसमें मलाई और दही की दुकानें शामिल हैं। फिर हल्दी स्थिर महान से फेंटें। जरूरत है छोटे दूध के एस्ट्रोलॉजी पेस्टीस्ट तैयार करने की। पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह का पहनावा। 15 से 20 मिनट तक का इंतज़ार। फिर प्यास गुनगुने पानी से धो लें। प्रयुक्त के बाद स्किन मुख्य ताजा और ग्लोइंग स्टॉक। डॉ. मधु चोपड़ा विशेष सलाह देते हैं कि इसकी आंखों के नीचे कोई उत्पाद नहीं है, क्योंकि वहां की त्वचा बहुत प्यारी है। सेंस निरपेक्ष दुकानदारों के लिए दूसरा पद अगर बेसन सूट न करे तो आटे का आटा इस्तेमाल करें। हल्दी से एलर्जी हो सकती है तो नींबू का रस दाल हो सकता है। प्रोडक्ट्स से परेशानी हो तो टमाटर या आलू का रस। ये सब स्किन को साफ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। तो अब आपको सरकारी उत्पादों की जरूरत नहीं, सही और नियमित देखभाल ही असली राज है। डॉ. मधु चोपड़ा का यह घरेलू फेस पैक इसका प्रमाण है। अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग तरीकों से चेहरा निखारना चाहते हैं तो इस आसान नुस्खे को जरूर आजमाएं। नियमित रूप से इस्तेमाल से फ़ेक खुद महसूस करेंगे। (टैग्सटूट्रांसलेट) मधु चोपड़ा फेस पैक (टी) बेसन हल्दी उबटन (टी) घरेलू चमकदार त्वचा उपचार (टी) प्राकृतिक रसोई त्वचा देखभाल (टी) प्रियंका चोपड़ा माँ

किचन में रखी इस दाल में छुपा है हेल्थ सीक्रेट! दिल से पाचन तक करेगी कमाल, ऐसे करें इस्तेमाल

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Last Updated:April 06, 2026, 14:02 IST भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली उड़द की दाल सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का खजाना भी है. इसमें मौजूद प्रोटीन, आयरन, फाइबर और कई जरूरी खनिज शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह पाचन सुधारने से लेकर दिल को स्वस्थ रखने और त्वचा-बालों को निखारने तक कई तरह से फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल (ब्लैक ग्राम) के पत्ते और दाल दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और अन्य खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन सुधारने, हड्डियों को मजबूत बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं. यह पेट के लिए भी काफी पौष्टिक मानी जाती है. डॉक्टर विनीत शर्मा ने बताया कि उड़द की दाल का सेवन, विशेषकर इसके पत्ते (पौधे का भाग) और दाल, फाइबर और खनिजों से भरपूर होने के कारण पाचन में सुधार, कब्ज से राहत और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में बेहद फायदेमंद है. यह वात दोष को भी कम करती है. हालांकि, पचने में भारी (गुरु) होने के कारण इसे अदरक या लहसुन के साथ पकाना बेहतर माना जाता है. उड़द की दाल में पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करती है. इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है. यह दाल रक्त परिसंचरण में सुधार करती है और धमनियों में प्लाक जमने से रोककर दिल को मजबूत बनाए रखने में सहायक होती है. Add News18 as Preferred Source on Google उड़द की दाल आयरन, प्रोटीन, मैग्नीशियम और पोटैशियम का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर एनीमिया की समस्या को कम करने में मदद करती है और ऊर्जा स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाती है. यह थकान कम करने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और पाचन तंत्र को सुधारने में भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. उड़द की दाल त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह आयरन, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है. यह रूखी त्वचा को नमी प्रदान करती है, मुंहासों को कम करने में मदद करती है और स्कैल्प को पोषण देकर बालों को घना व मजबूत बनाती है, जिससे झड़ने की समस्या भी कम होती है. उड़द की दाल का पेस्ट त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे, दाग-धब्बे और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं. यह प्राकृतिक रूप से त्वचा को साफ कर डेड स्किन हटाता है, जिससे चेहरा चमकदार और मुलायम बनता है. इसे रातभर भिगोकर पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है. उड़द की दाल और इसके पौधे के विभिन्न हिस्से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और आंतों की सफाई में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इसमें भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है और मल त्याग को आसान बनाता है. First Published : April 06, 2026, 14:02 IST

ऊपर से नमक नहीं खाते फिर भी हाई रहता है बीपी? आपके किचन की इन 5 चीजों में छिपा है ‘असली विलेन’, आज ही करें तौबा

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Last Updated:April 06, 2026, 13:16 IST Hidden Sodium in Foods: भारत में हर चार में से एक वयस्क को हाई बीपी है. जब भी किसी को हाई ब्लड प्रेशर होता है तो डॉक्टर सलाह देते हैं कि नमक खाना कम कर दीजिए. डॉक्टरों की सलाह पर लोग नमक खाना बहुत कम कर देते हैं. यहां तक कि सब्जी, दाल या उपर से नमक लेना बंद कर देते हैं. इसके बावजूद कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर नहीं घटता है. क्या आप जानते हैं इसका कारण है. दरअसल, इसका कारण है नमक जो आपके भोजन में छिपा होता है.आइए इसके बारे में जानते हैं. किन-किन चीजों में छुपा होता है नमक. Hidden Sodium in Foods: नमक का स्वाद लोगों को ऐसा लगा है कि इसके बिना भोजन बेस्वाद हो जाता है. लेकिन नमक का ज्यादा सेवन ब्लड प्रेशर मरीजों के लिए मीठा जहर है. यही कारण है कि बीपी के मरीजों को डॉक्टर कम से कम नमक खाने की सलाह देते हैं. इसके बाद मरीज नमक बिल्कुल कम कर देते है. लेकिन फिर भी ब्लड प्रेशर कम नहीं होता है. क्या आप जानते हैं कि नमक से दूर रहने के बावजूद आपके शरीर में भारी मात्रा में सोडियम कहां से पहुंच रहा है. यह खतरा वास्तव में आपके भोजन में ही छिपा है. इसके बारे में आपको पता भी नहीं रहता है लेकिन खाने की ये चीजें आपके शरीर में सोडियम भर देता है. यही सोडियम ब्लड प्रेशर को आउट ऑफ कंट्रोल कर देता है. सोडियम से क्यों बढ़ जाता है बीपीपहले यह जानिए कि सोडियम से बीपी क्यों बढ़ जाता है. सोडिएम अत्यंत महत्वपूर्ण माइक्रोन्यूट्रेंट्स हैं. यह इलेक्ट्रोलाइट्स का हिस्सा है जो शरीर में नसों को एक्टिव रखने के लिए जरूरी है. सोडियम, मैग्नीशियम और जिंक मिलकर इलेक्ट्रोलाइट्स बनाता है. इसके अलावा सोडियम शरीर में तरल पदार्थों को बैलेंस रखता है. सोडिएम के कारण शरीर में पानी की संतुलित मात्रा बनी रहती है. अगर सोडियम की मात्रा कम हो जाए शरीर में पानी नहीं रुकेगा जिससे हजारों तरह की गतिविधियां बंद होने लगेगी. इसलिए सोडियम बहुत जरूरी है लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाए तो शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है. यह पानी पहले खून की नलियों में पहुंचता है जिससे खून का वॉल्यूम बढ़ जाता है. जब खून की मात्रा नलियों में बढ़ जाएगी तो इसका प्रेशर भी ज्यादा होगा. यह अतिरिक्त प्रेशर खून की नलियों की दीवाल को नुकसान पहुंचाने लगता है. इस तरह यह ब्लड प्रेशर तो बढ़ाता ही है साथ नसों के फटने यानी हेमरेज की आशंका को भी बढ़ा देता है. किन-किन चीजों में छुपा होता सोडियमदरअसल, आप सब्जी या दाल में नमक तो कम देते हैं लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में आप कई ऐसी चीजें खाते हैं जिनमें आपको लगता है कि इनमें नमक नहीं है या बहुत कम है लेकिन उसमें बहुत ज्यादा सोडियम मिलाया जाता है. आमतौर पर ये पैकेटबंद चीजों में होता है. मसलन आप पॉपकॉर्न खाते हैं और आपको लगता है कि इसमें तो बिल्कुल नमक नहीं होगा लेकिन आप गलत हैं क्योंकि पॉपकॉर्न में कंपनियां सोडियम मिलाती है. इतना ही नहीं कुछ मीठे बिल्किट में भी सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. अगर आप बाजार से मटर जैसी फ्रोजन सब्जियां खरीदते हैं और आपको लगेगा इसमें थोड़ा भी नमक नहीं है लेकिन इसमें बहुत अधिक नमक होता है क्योंकि किसी भी चीज को प्रिजर्व करने के लिए सोडियम मिलाया जाता है. पैकेटबंद चिप्स, कुरकुरे, बिस्किट, चॉकलेट, केक, पिज्जा, बर्गर, सॉस, नूडल्स, बेकरी आयटम, सूप, प्रोसेस्ड फूड,ब्रेड, कुकीज, फास्ट फूड आदि में बहुत अधिक सोडियम मिला रहता है. फिर बीपी कंट्रोल कैसे करेंनमक कम करना बीपी कंट्रोल करने का सबसे बेहतर तरीका होता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एक दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए. यह 5 ग्राम आप पूरे दिन में जितनी चीजें खाते हैं सबको मिलाकर होना चाहिए. यानी आपके फूड में जितना नमक होता है सिर्फ वही नहीं बल्कि अन्य चीजें जैसे बाहर के पैकेटबंद चीजें बिस्किट, केक आदि से जो नमक आता है, उन सबको जोड़कर 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए. 5 ग्राम का मतलब एक चम्मच नमक. हालांकि भारत में करीब-करीब लोग 7 से 9 ग्राम तक नमक रोज खाते हैं. यही कारण है कि भारत में बीपी के मरीज बढ़ रहे हैं. ऐसे में नमक कम करना ही एक मात्र विकल्प है. इसके लिए थोड़ा-थोड़ा कर नमक को कम करें. शुरुआत में एक-दो सप्ताह मामूली मात्रा में नमक को घटाए और इसे धीरे-धीरे और कम करें. इसके साथ ही बाहर की चीजें जिनमें नमक की मात्रा ज्यादा रहती है, उनके बदले साबुत अनाज, फल, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स आदि का सेवन करें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp,आपके सवालों का हम देंगे जवाब. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 13:16 IST

किचन हैक्स: फर्म की फैक्ट्री को 10 मिनट में छोड़ें, सोडा सोडा, सिरका और ऐसे करें डीप क्लीनिंग; कोना-कोना चमक उठेगा

किचन हैक्स: फर्म की फैक्ट्री को 10 मिनट में छोड़ें, सोडा सोडा, सिरका और ऐसे करें डीप क्लीनिंग; कोना-कोना चमक उठेगा

4 अप्रैल 2026 को 17:11 IST पर अपडेट किया गया किचन हैक्स: गर्मियों में फ्रिज से रेस्तरां में आने को लोग आम समझ लेते हैं। लेकिन फ़िरोज़ की स्वच्छता सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। फ़िरोज़ से निकलने की आसान ट्रिक। इन घरेलू सामानों से करें डीप क्लीनिंग, पढ़ें पूरी खबर। (टैग्सटूट्रांसलेट)रेफ्रिजरेटर को प्राकृतिक रूप से साफ करें(टी)फ्रिज की गंध को दूर करें(टी)बेकिंग सोडा फ्रिज की सफाई(टी)प्राकृतिक फ्रिज डिओडोराइजर(टी)फ्रिज को गहराई से साफ करने के टिप्स

आपकी जान को खतरा! घर के किचन में घूमने वाली छिपकलियां फैला रहीं यह बीमारी, समय रहते करें यह काम

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Last Updated:April 02, 2026, 17:00 IST Health News: गर्मी का समय आते ही दीवारों पर छिपकलियां मंडराने लगती हैं. कई बार छिपकली खाने के बर्तन, खुले खाने आदि में घूम जाती है, जिस कारण वह बर्तन या खाना दूषित हो जाता है. चिकित्सक ने इसको लेकर खास जानकारी दी है और बताया है कि किन-किन बातों का ध्यान देना जरूरी है. आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में गर्मियों ने दस्तक दे दी है. गर्मियों के आते ही घरों में जगह-जगह छिपकली भी दिखने लगती है. सर्दियों के मौसम में जहां छिपकली छुप जाती है, वहीं गर्मी आते ही वह बाहर निकलने लगती है. इस दौरान घर की किचन में भी छिपकली जाने का डर रहता है. कई बार छिपकली खाने के बर्तन, खुले खाने आदि में घूम जाती है, जिस कारण वह बर्तन या खाना दूषित हो जाता है. चिकित्सक ने बताया कि छिपकली से कई तरह के संक्रमण होने का डर सताता है. उन्होंने कहा कि छिपकली से मुख्य रूप से साल्मोनेला नामक बीमारी फैलने का डर रहता है. इससे मरीज को फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियां हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि छिपकली के काटने से घाव में संक्रमण (Infection) का खतरा भी रहता है. किचन में रखा खाना हमेशा ढ़ककर रखेंआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि छिपकली से साल्मोनेला नाम की बीमारी होने का डर रहता है. उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए हमेशा किचन में रखे बर्तन और खाने को अच्छी से तरह से पैक करके ही रखना चाहिए. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि छिपकली से होने वाले साल्मोनेला संक्रमण से बचने के लिए सबसे जरूरी है. घर में साफ-सफार्ड रखें, छिपकलियों को खाने-पीने की चीजों से दूर रखें, छिपकली के मल-मूत्र के संपर्क में आने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं. उन्होंने बताया कि कीटाणुनाशक से सतहों को साफ करें और घर में छिपकली के छिपने की जगहों को बंद रखने की कोशिश करें. साल्मोनेला का समय रहते इलाज है जरूरीआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि साल्मोनेला का समय रहते इलाज कराना जरूरी है. उन्होंने बताया कि साल्मोनेला एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है, जो मख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है. साल्मोनेला के कारण मरीज को दस्त, बुखार, पेट दर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते है. यदि यह लक्षण दो तीन दिनों से अधिक रहते हैं, तो तत्काल समय रहते इसका उपचार कराना जरूरी है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि कई बार मरीज कि इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. डॉ. मित्तल ने कहा कि कभी भी किसी को अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए. कोई भी समस्या होने पर अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : April 02, 2026, 17:00 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

ट्यूमर-कैंसर से लड़ने में कारगर किचन की दो इंच की यह चीज, चेहरे की समस्या की भी दुश्मन! जानें आयुर्वेदिक फायदे

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Last Updated:March 29, 2026, 16:39 IST Health Tips: जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उनके लिए उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. आइए एक्सपर्ट से पीपली के फायदों के बारे में जानते हैं. देहरादून: हमारे किचन में मौजूद रखी चीजें हमारे लिए कई तरह से उपयोगी होती हैं. सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाले गर्म मसाले कई बीमारियों के इलाज के तोड़ होते हैं. ऐसा ही है पीपली, जिसे आयुर्वेद के लिए वरदान माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार, इसमें पाइपरलोंगुमाइन नाम का एक केमिकल कंपाउंड है, जो कैंसर की कोशिकाओं को खत्म में मदद करता है. यह अलग तरह के ट्यूमर की कोशिकाओं को भी नष्ट करता है, जिसमें से एक ब्रेन ट्यूमर भी है. पीपली कफ और सूजन को खत्म करती है. यह कील-मुंहासे, खुजली और कई त्वचा समस्याओं को दूर करती है. इन बीमारियों में कारगरआयुर्वेदिक चिकित्सक सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि पीपली को आयुर्वेद में बहुत लाभकारी बताया गया है, क्योंकि इससे कई फायदे हैं. यह ऐसा मसाला है, जो कफ दोष के इलाज में काम आता है. जिन लोगों को सर्दी, खांसी, जुकाम और सिर दर्द की समस्या होती है, उन्हें आधा चम्मच पीपली पाउडर को गुनगुने पानी से ले लेना चाहिए, इससे आराम मिलता है. उन्होंने बताया कि चेस्ट इनफेक्शन, टीबी और श्वसन तंत्र की समस्याओं में भी यह राहत देता है. लंग्स इनफेक्शन वाले भी इसका उपयोग कर सकते हैं. इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर कर सकते हैं यूजडॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. इसमें पाइपरीन नामक तत्व मौजूद होता है, जो शरीर में औषधियों के अवशोषण को बढ़ा देता है. इससे इसके चिकित्सकीय गुणों का प्रभाव ज्यादा होता है. हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन में कारगरइसके अलावा इसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और हिपैटोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि यह ट्यूमर, कैंसर कोशिकाओं को धीरे-शोर खत्म करता है. पीपली हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह रक्त संचार को बढ़ाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है. इसके साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर कर ताकत देता है. खून साफ रहने से स्किन साफ रहती है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : March 29, 2026, 16:39 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

दो ट्रेलर में चुनावी लड़ाई में अभिनेताओं की जीत, किचेन के नाम की घोषणा, युवाओं से किया बड़ा वादा

दो ट्रेलर में चुनावी लड़ाई में अभिनेताओं की जीत, किचेन के नाम की घोषणा, युवाओं से किया बड़ा वादा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अभिनेताओं और टीवीके प्रमुख विजय ने चेन्नई में डेनमार्क की सूची जारी की है। इस बीच खुद विजय 2 प्राइमरी से चुनावी लड़ाई वाले हैं, जिसमें त्रिची ईस्ट और पेरम्बूर (चेन्नई) शामिल हैं। विजय ने यह भी कहा कि वह हर जगह खुद को बढ़ावा नहीं देगी। इसी वजह से उन्होंने ऐसे प्यारे को चुना है जिन पर उन्हें पूरा भरोसा है और जो पार्टी के काम को सही तरीके से आगे बढ़ाते हैं। विजय ने यह भी साफ किया कि चुनाव में उनका नाम सी जोसेफ विजय (सी जोसेफ विजय) के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। विजय ने चुनाव से पहले अपनी तैयारी दिखा दी है और अपनी टीम के साथ मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में चुनाव होने वाले हैं। इसके नतीजे 4 मई को जारी होंगे। बताएं कि तमिल की कुल 234 सीटें हैं। तमिलनाडु में कुल करीब 5.6 करोड़ मतदाता हैं। इनमें लगभग 2.7 करोड़ पुरुष मतदाता और 2.8 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 7617 स्टैड जेंडर वोटर भी हैं, जो इस चुनाव में अपनी भागीदारी निभाएंगे। तमिल की राजनीति लंबे समय से दो बड़े समर्थकों के बीच ही घूमती रही है। इनमें एआईएडीएमके और डीएमके शामिल हैं। इन दोनों का राज्य की राजनीति में लंबे समय से इंटरव्यू चल रहा है और ज्यादातर चुनावी नतीजों के बीच मुकाबला देखने को मिलता है। #घड़ी | चेन्नई, तमिलनाडु: अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय ने आज 2026 विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की। विजय 2 निर्वाचन क्षेत्रों- त्रिची पूर्व और पेरम्बूर (चेन्नई) से चुनाव लड़ रहे हैं। (स्रोत: टीवीके) pic.twitter.com/20Ga9CvY5Z – एएनआई (@ANI) 29 मार्च 2026 विजय का राजनीतिक इतिहास विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चन्द्रशेखर है। वह तमिल फिल्म उद्योग के बहुत बड़े सुपरस्टार हैं और लोग उन्हें प्यार से थलापति विजय कहते हैं। उन्होंने कई हिट फिल्में दी हैं और उनकी पसंद सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोग उन्हें एक मजबूत और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में भी देखते हैं। विजय ने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) बनाई थी, जिसकी शुरुआत साल 2024 में हुई थी। विजय ने राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय होने का फैसला लिया है. उनकी सबसे बड़ी फैन फॉलोइंग है, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान युद्ध: ‘बहकावे में न लक्ष्य…’, मध्य पूर्व संकट को लेकर पीएम मोदी ने कहा, पेट्रोल-डीजल को लेकर क्या कहा? (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)टीएन चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)विजय चुनाव 2026(टी)टीवीके उम्मीदवार सूची(टी)तमिलनाडु चुनाव समाचार(टी)पेराम्बुर त्रिची पूर्व सीट(टी)जोसेफ विजय राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)टीएन इलेक्शन 2026(टी)तमिलनाडु असेंबली इलेक्शन(टी)तमिलनाडु इलेक्शन 2026(टी)विजय इलेक्शन 2026(टी)टीवीके कैसीनो लिस्ट(टी)तमिलनाडु इलेक्शन न्यूज(टी)पेरंबूर त्रिची ईस्ट सीट(टी)जोसेफ विजय पॉलिटिक्स

बाल नहीं बढ़ रहे हैं? किचन में मौजूद इस नेचुरल रस का करें उपयोग, बाल होंगे घने और मजबूत

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Last Updated:March 24, 2026, 14:10 IST Hairfall Kaise Roke: आज के समय में बालों का झड़ना, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होना आम समस्या बन चुकी है. ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स की जगह अगर आप एक प्राकृतिक और किफायती उपाय ढूंढ रहे हैं, तो रसोई में मौजूद प्याज आपके बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. आइए जानते है कुछ जरूरी टिप्स… आज के समय में बाल झड़ने और समय से पहले सफेद होने की समस्या आम होती जा रही है. बदलती लाइफस्टाइल, तनाव, प्रदूषण और गलत खान-पान इसके मुख्य कारण माने जाते हैं. ऐसे में लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार उनसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते. वहीं, रसोई में मौजूद एक साधारण चीज ”प्याज” बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार प्याज का रस बालों की जड़ों को मजबूत करने में मदद करता है और बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाता है. प्याज में सल्फर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो बालों की जड़ों को पोषण देने का काम करती है. यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है, जिससे बालों की वृद्धि तेज होती है. इसके नियमित इस्तेमाल से डैंड्रफ की समस्या भी कम हो सकती है. साथ ही प्याज में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण स्कैल्प को संक्रमण से बचाने में सहायक होते हैं. प्याज का रस तैयार करना भी बेहद आसान है. इसके लिए एक या दो मध्यम आकार के प्याज लें और उन्हें छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद मिक्सर में पीसकर पेस्ट बना लें और कपड़े या छलनी की मदद से रस निकाल लें. इस रस को कॉटन की सहायता से बालों की जड़ों में लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें. लगभग 30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर हल्के शैम्पू से बाल धो लें. Add News18 as Preferred Source on Google बेहतर परिणाम के लिए प्याज के रस में नारियल तेल या एलोवेरा जेल मिलाकर भी लगाया जा सकता है. इससे बालों को अतिरिक्त पोषण मिलता है और बाल मुलायम भी होते हैं. सप्ताह में दो बार इसका इस्तेमाल करने से कुछ ही हफ्तों में फर्क दिखने लगता है. हालांकि, जिन लोगों की स्कैल्प संवेदनशील है, उन्हें पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए. अगर जलन या खुजली महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें. इसके अलावा आंखों में रस जाने से बचाएं. आंखों में जाने पर नुकसान हो सकता है. महंगे उपचारों की बजाय प्याज का रस एक प्राकृतिक और किफायती उपाय है, जो बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है. नियमित उपयोग और सही देखभाल से बालों की सेहत में सुधार देखा जा सकता है. First Published : March 24, 2026, 14:10 IST