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ऊपर से नमक नहीं खाते फिर भी हाई रहता है बीपी? आपके किचन की इन 5 चीजों में छिपा है ‘असली विलेन’, आज ही करें तौबा

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Last Updated:April 06, 2026, 13:16 IST Hidden Sodium in Foods: भारत में हर चार में से एक वयस्क को हाई बीपी है. जब भी किसी को हाई ब्लड प्रेशर होता है तो डॉक्टर सलाह देते हैं कि नमक खाना कम कर दीजिए. डॉक्टरों की सलाह पर लोग नमक खाना बहुत कम कर देते हैं. यहां तक कि सब्जी, दाल या उपर से नमक लेना बंद कर देते हैं. इसके बावजूद कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर नहीं घटता है. क्या आप जानते हैं इसका कारण है. दरअसल, इसका कारण है नमक जो आपके भोजन में छिपा होता है.आइए इसके बारे में जानते हैं. किन-किन चीजों में छुपा होता है नमक. Hidden Sodium in Foods: नमक का स्वाद लोगों को ऐसा लगा है कि इसके बिना भोजन बेस्वाद हो जाता है. लेकिन नमक का ज्यादा सेवन ब्लड प्रेशर मरीजों के लिए मीठा जहर है. यही कारण है कि बीपी के मरीजों को डॉक्टर कम से कम नमक खाने की सलाह देते हैं. इसके बाद मरीज नमक बिल्कुल कम कर देते है. लेकिन फिर भी ब्लड प्रेशर कम नहीं होता है. क्या आप जानते हैं कि नमक से दूर रहने के बावजूद आपके शरीर में भारी मात्रा में सोडियम कहां से पहुंच रहा है. यह खतरा वास्तव में आपके भोजन में ही छिपा है. इसके बारे में आपको पता भी नहीं रहता है लेकिन खाने की ये चीजें आपके शरीर में सोडियम भर देता है. यही सोडियम ब्लड प्रेशर को आउट ऑफ कंट्रोल कर देता है. सोडियम से क्यों बढ़ जाता है बीपीपहले यह जानिए कि सोडियम से बीपी क्यों बढ़ जाता है. सोडिएम अत्यंत महत्वपूर्ण माइक्रोन्यूट्रेंट्स हैं. यह इलेक्ट्रोलाइट्स का हिस्सा है जो शरीर में नसों को एक्टिव रखने के लिए जरूरी है. सोडियम, मैग्नीशियम और जिंक मिलकर इलेक्ट्रोलाइट्स बनाता है. इसके अलावा सोडियम शरीर में तरल पदार्थों को बैलेंस रखता है. सोडिएम के कारण शरीर में पानी की संतुलित मात्रा बनी रहती है. अगर सोडियम की मात्रा कम हो जाए शरीर में पानी नहीं रुकेगा जिससे हजारों तरह की गतिविधियां बंद होने लगेगी. इसलिए सोडियम बहुत जरूरी है लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाए तो शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है. यह पानी पहले खून की नलियों में पहुंचता है जिससे खून का वॉल्यूम बढ़ जाता है. जब खून की मात्रा नलियों में बढ़ जाएगी तो इसका प्रेशर भी ज्यादा होगा. यह अतिरिक्त प्रेशर खून की नलियों की दीवाल को नुकसान पहुंचाने लगता है. इस तरह यह ब्लड प्रेशर तो बढ़ाता ही है साथ नसों के फटने यानी हेमरेज की आशंका को भी बढ़ा देता है. किन-किन चीजों में छुपा होता सोडियमदरअसल, आप सब्जी या दाल में नमक तो कम देते हैं लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में आप कई ऐसी चीजें खाते हैं जिनमें आपको लगता है कि इनमें नमक नहीं है या बहुत कम है लेकिन उसमें बहुत ज्यादा सोडियम मिलाया जाता है. आमतौर पर ये पैकेटबंद चीजों में होता है. मसलन आप पॉपकॉर्न खाते हैं और आपको लगता है कि इसमें तो बिल्कुल नमक नहीं होगा लेकिन आप गलत हैं क्योंकि पॉपकॉर्न में कंपनियां सोडियम मिलाती है. इतना ही नहीं कुछ मीठे बिल्किट में भी सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. अगर आप बाजार से मटर जैसी फ्रोजन सब्जियां खरीदते हैं और आपको लगेगा इसमें थोड़ा भी नमक नहीं है लेकिन इसमें बहुत अधिक नमक होता है क्योंकि किसी भी चीज को प्रिजर्व करने के लिए सोडियम मिलाया जाता है. पैकेटबंद चिप्स, कुरकुरे, बिस्किट, चॉकलेट, केक, पिज्जा, बर्गर, सॉस, नूडल्स, बेकरी आयटम, सूप, प्रोसेस्ड फूड,ब्रेड, कुकीज, फास्ट फूड आदि में बहुत अधिक सोडियम मिला रहता है. फिर बीपी कंट्रोल कैसे करेंनमक कम करना बीपी कंट्रोल करने का सबसे बेहतर तरीका होता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एक दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए. यह 5 ग्राम आप पूरे दिन में जितनी चीजें खाते हैं सबको मिलाकर होना चाहिए. यानी आपके फूड में जितना नमक होता है सिर्फ वही नहीं बल्कि अन्य चीजें जैसे बाहर के पैकेटबंद चीजें बिस्किट, केक आदि से जो नमक आता है, उन सबको जोड़कर 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए. 5 ग्राम का मतलब एक चम्मच नमक. हालांकि भारत में करीब-करीब लोग 7 से 9 ग्राम तक नमक रोज खाते हैं. यही कारण है कि भारत में बीपी के मरीज बढ़ रहे हैं. ऐसे में नमक कम करना ही एक मात्र विकल्प है. इसके लिए थोड़ा-थोड़ा कर नमक को कम करें. शुरुआत में एक-दो सप्ताह मामूली मात्रा में नमक को घटाए और इसे धीरे-धीरे और कम करें. इसके साथ ही बाहर की चीजें जिनमें नमक की मात्रा ज्यादा रहती है, उनके बदले साबुत अनाज, फल, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स आदि का सेवन करें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp,आपके सवालों का हम देंगे जवाब. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 13:16 IST

किचन हैक्स: फर्म की फैक्ट्री को 10 मिनट में छोड़ें, सोडा सोडा, सिरका और ऐसे करें डीप क्लीनिंग; कोना-कोना चमक उठेगा

किचन हैक्स: फर्म की फैक्ट्री को 10 मिनट में छोड़ें, सोडा सोडा, सिरका और ऐसे करें डीप क्लीनिंग; कोना-कोना चमक उठेगा

4 अप्रैल 2026 को 17:11 IST पर अपडेट किया गया किचन हैक्स: गर्मियों में फ्रिज से रेस्तरां में आने को लोग आम समझ लेते हैं। लेकिन फ़िरोज़ की स्वच्छता सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। फ़िरोज़ से निकलने की आसान ट्रिक। इन घरेलू सामानों से करें डीप क्लीनिंग, पढ़ें पूरी खबर। (टैग्सटूट्रांसलेट)रेफ्रिजरेटर को प्राकृतिक रूप से साफ करें(टी)फ्रिज की गंध को दूर करें(टी)बेकिंग सोडा फ्रिज की सफाई(टी)प्राकृतिक फ्रिज डिओडोराइजर(टी)फ्रिज को गहराई से साफ करने के टिप्स

आपकी जान को खतरा! घर के किचन में घूमने वाली छिपकलियां फैला रहीं यह बीमारी, समय रहते करें यह काम

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Last Updated:April 02, 2026, 17:00 IST Health News: गर्मी का समय आते ही दीवारों पर छिपकलियां मंडराने लगती हैं. कई बार छिपकली खाने के बर्तन, खुले खाने आदि में घूम जाती है, जिस कारण वह बर्तन या खाना दूषित हो जाता है. चिकित्सक ने इसको लेकर खास जानकारी दी है और बताया है कि किन-किन बातों का ध्यान देना जरूरी है. आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में गर्मियों ने दस्तक दे दी है. गर्मियों के आते ही घरों में जगह-जगह छिपकली भी दिखने लगती है. सर्दियों के मौसम में जहां छिपकली छुप जाती है, वहीं गर्मी आते ही वह बाहर निकलने लगती है. इस दौरान घर की किचन में भी छिपकली जाने का डर रहता है. कई बार छिपकली खाने के बर्तन, खुले खाने आदि में घूम जाती है, जिस कारण वह बर्तन या खाना दूषित हो जाता है. चिकित्सक ने बताया कि छिपकली से कई तरह के संक्रमण होने का डर सताता है. उन्होंने कहा कि छिपकली से मुख्य रूप से साल्मोनेला नामक बीमारी फैलने का डर रहता है. इससे मरीज को फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियां हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि छिपकली के काटने से घाव में संक्रमण (Infection) का खतरा भी रहता है. किचन में रखा खाना हमेशा ढ़ककर रखेंआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि छिपकली से साल्मोनेला नाम की बीमारी होने का डर रहता है. उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए हमेशा किचन में रखे बर्तन और खाने को अच्छी से तरह से पैक करके ही रखना चाहिए. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि छिपकली से होने वाले साल्मोनेला संक्रमण से बचने के लिए सबसे जरूरी है. घर में साफ-सफार्ड रखें, छिपकलियों को खाने-पीने की चीजों से दूर रखें, छिपकली के मल-मूत्र के संपर्क में आने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं. उन्होंने बताया कि कीटाणुनाशक से सतहों को साफ करें और घर में छिपकली के छिपने की जगहों को बंद रखने की कोशिश करें. साल्मोनेला का समय रहते इलाज है जरूरीआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि साल्मोनेला का समय रहते इलाज कराना जरूरी है. उन्होंने बताया कि साल्मोनेला एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है, जो मख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है. साल्मोनेला के कारण मरीज को दस्त, बुखार, पेट दर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते है. यदि यह लक्षण दो तीन दिनों से अधिक रहते हैं, तो तत्काल समय रहते इसका उपचार कराना जरूरी है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि कई बार मरीज कि इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. डॉ. मित्तल ने कहा कि कभी भी किसी को अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए. कोई भी समस्या होने पर अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : April 02, 2026, 17:00 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

ट्यूमर-कैंसर से लड़ने में कारगर किचन की दो इंच की यह चीज, चेहरे की समस्या की भी दुश्मन! जानें आयुर्वेदिक फायदे

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Last Updated:March 29, 2026, 16:39 IST Health Tips: जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उनके लिए उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. आइए एक्सपर्ट से पीपली के फायदों के बारे में जानते हैं. देहरादून: हमारे किचन में मौजूद रखी चीजें हमारे लिए कई तरह से उपयोगी होती हैं. सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाले गर्म मसाले कई बीमारियों के इलाज के तोड़ होते हैं. ऐसा ही है पीपली, जिसे आयुर्वेद के लिए वरदान माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार, इसमें पाइपरलोंगुमाइन नाम का एक केमिकल कंपाउंड है, जो कैंसर की कोशिकाओं को खत्म में मदद करता है. यह अलग तरह के ट्यूमर की कोशिकाओं को भी नष्ट करता है, जिसमें से एक ब्रेन ट्यूमर भी है. पीपली कफ और सूजन को खत्म करती है. यह कील-मुंहासे, खुजली और कई त्वचा समस्याओं को दूर करती है. इन बीमारियों में कारगरआयुर्वेदिक चिकित्सक सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि पीपली को आयुर्वेद में बहुत लाभकारी बताया गया है, क्योंकि इससे कई फायदे हैं. यह ऐसा मसाला है, जो कफ दोष के इलाज में काम आता है. जिन लोगों को सर्दी, खांसी, जुकाम और सिर दर्द की समस्या होती है, उन्हें आधा चम्मच पीपली पाउडर को गुनगुने पानी से ले लेना चाहिए, इससे आराम मिलता है. उन्होंने बताया कि चेस्ट इनफेक्शन, टीबी और श्वसन तंत्र की समस्याओं में भी यह राहत देता है. लंग्स इनफेक्शन वाले भी इसका उपयोग कर सकते हैं. इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर कर सकते हैं यूजडॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. इसमें पाइपरीन नामक तत्व मौजूद होता है, जो शरीर में औषधियों के अवशोषण को बढ़ा देता है. इससे इसके चिकित्सकीय गुणों का प्रभाव ज्यादा होता है. हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन में कारगरइसके अलावा इसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और हिपैटोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि यह ट्यूमर, कैंसर कोशिकाओं को धीरे-शोर खत्म करता है. पीपली हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह रक्त संचार को बढ़ाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है. इसके साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर कर ताकत देता है. खून साफ रहने से स्किन साफ रहती है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : March 29, 2026, 16:39 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

दो ट्रेलर में चुनावी लड़ाई में अभिनेताओं की जीत, किचेन के नाम की घोषणा, युवाओं से किया बड़ा वादा

दो ट्रेलर में चुनावी लड़ाई में अभिनेताओं की जीत, किचेन के नाम की घोषणा, युवाओं से किया बड़ा वादा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अभिनेताओं और टीवीके प्रमुख विजय ने चेन्नई में डेनमार्क की सूची जारी की है। इस बीच खुद विजय 2 प्राइमरी से चुनावी लड़ाई वाले हैं, जिसमें त्रिची ईस्ट और पेरम्बूर (चेन्नई) शामिल हैं। विजय ने यह भी कहा कि वह हर जगह खुद को बढ़ावा नहीं देगी। इसी वजह से उन्होंने ऐसे प्यारे को चुना है जिन पर उन्हें पूरा भरोसा है और जो पार्टी के काम को सही तरीके से आगे बढ़ाते हैं। विजय ने यह भी साफ किया कि चुनाव में उनका नाम सी जोसेफ विजय (सी जोसेफ विजय) के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। विजय ने चुनाव से पहले अपनी तैयारी दिखा दी है और अपनी टीम के साथ मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में चुनाव होने वाले हैं। इसके नतीजे 4 मई को जारी होंगे। बताएं कि तमिल की कुल 234 सीटें हैं। तमिलनाडु में कुल करीब 5.6 करोड़ मतदाता हैं। इनमें लगभग 2.7 करोड़ पुरुष मतदाता और 2.8 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 7617 स्टैड जेंडर वोटर भी हैं, जो इस चुनाव में अपनी भागीदारी निभाएंगे। तमिल की राजनीति लंबे समय से दो बड़े समर्थकों के बीच ही घूमती रही है। इनमें एआईएडीएमके और डीएमके शामिल हैं। इन दोनों का राज्य की राजनीति में लंबे समय से इंटरव्यू चल रहा है और ज्यादातर चुनावी नतीजों के बीच मुकाबला देखने को मिलता है। #घड़ी | चेन्नई, तमिलनाडु: अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय ने आज 2026 विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की। विजय 2 निर्वाचन क्षेत्रों- त्रिची पूर्व और पेरम्बूर (चेन्नई) से चुनाव लड़ रहे हैं। (स्रोत: टीवीके) pic.twitter.com/20Ga9CvY5Z – एएनआई (@ANI) 29 मार्च 2026 विजय का राजनीतिक इतिहास विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चन्द्रशेखर है। वह तमिल फिल्म उद्योग के बहुत बड़े सुपरस्टार हैं और लोग उन्हें प्यार से थलापति विजय कहते हैं। उन्होंने कई हिट फिल्में दी हैं और उनकी पसंद सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोग उन्हें एक मजबूत और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में भी देखते हैं। विजय ने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) बनाई थी, जिसकी शुरुआत साल 2024 में हुई थी। विजय ने राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय होने का फैसला लिया है. उनकी सबसे बड़ी फैन फॉलोइंग है, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान युद्ध: ‘बहकावे में न लक्ष्य…’, मध्य पूर्व संकट को लेकर पीएम मोदी ने कहा, पेट्रोल-डीजल को लेकर क्या कहा? (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)टीएन चुनाव 2026(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)विजय चुनाव 2026(टी)टीवीके उम्मीदवार सूची(टी)तमिलनाडु चुनाव समाचार(टी)पेराम्बुर त्रिची पूर्व सीट(टी)जोसेफ विजय राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)टीएन इलेक्शन 2026(टी)तमिलनाडु असेंबली इलेक्शन(टी)तमिलनाडु इलेक्शन 2026(टी)विजय इलेक्शन 2026(टी)टीवीके कैसीनो लिस्ट(टी)तमिलनाडु इलेक्शन न्यूज(टी)पेरंबूर त्रिची ईस्ट सीट(टी)जोसेफ विजय पॉलिटिक्स

बाल नहीं बढ़ रहे हैं? किचन में मौजूद इस नेचुरल रस का करें उपयोग, बाल होंगे घने और मजबूत

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Last Updated:March 24, 2026, 14:10 IST Hairfall Kaise Roke: आज के समय में बालों का झड़ना, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होना आम समस्या बन चुकी है. ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स की जगह अगर आप एक प्राकृतिक और किफायती उपाय ढूंढ रहे हैं, तो रसोई में मौजूद प्याज आपके बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. आइए जानते है कुछ जरूरी टिप्स… आज के समय में बाल झड़ने और समय से पहले सफेद होने की समस्या आम होती जा रही है. बदलती लाइफस्टाइल, तनाव, प्रदूषण और गलत खान-पान इसके मुख्य कारण माने जाते हैं. ऐसे में लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार उनसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते. वहीं, रसोई में मौजूद एक साधारण चीज ”प्याज” बालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार प्याज का रस बालों की जड़ों को मजबूत करने में मदद करता है और बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाता है. प्याज में सल्फर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो बालों की जड़ों को पोषण देने का काम करती है. यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है, जिससे बालों की वृद्धि तेज होती है. इसके नियमित इस्तेमाल से डैंड्रफ की समस्या भी कम हो सकती है. साथ ही प्याज में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण स्कैल्प को संक्रमण से बचाने में सहायक होते हैं. प्याज का रस तैयार करना भी बेहद आसान है. इसके लिए एक या दो मध्यम आकार के प्याज लें और उन्हें छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद मिक्सर में पीसकर पेस्ट बना लें और कपड़े या छलनी की मदद से रस निकाल लें. इस रस को कॉटन की सहायता से बालों की जड़ों में लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें. लगभग 30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर हल्के शैम्पू से बाल धो लें. Add News18 as Preferred Source on Google बेहतर परिणाम के लिए प्याज के रस में नारियल तेल या एलोवेरा जेल मिलाकर भी लगाया जा सकता है. इससे बालों को अतिरिक्त पोषण मिलता है और बाल मुलायम भी होते हैं. सप्ताह में दो बार इसका इस्तेमाल करने से कुछ ही हफ्तों में फर्क दिखने लगता है. हालांकि, जिन लोगों की स्कैल्प संवेदनशील है, उन्हें पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए. अगर जलन या खुजली महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें. इसके अलावा आंखों में रस जाने से बचाएं. आंखों में जाने पर नुकसान हो सकता है. महंगे उपचारों की बजाय प्याज का रस एक प्राकृतिक और किफायती उपाय है, जो बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है. नियमित उपयोग और सही देखभाल से बालों की सेहत में सुधार देखा जा सकता है. First Published : March 24, 2026, 14:10 IST

किचन में रखी इस चीज में भरे करोड़ों बैक्टीरिया, आप रोज करते हैं इस्तेमाल, 90% लोगों को कुछ पता ही नहीं !

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Last Updated:March 22, 2026, 19:57 IST Kitchen Sponges Danger: रसोई में इस्तेमाल होने वाला स्पंज आपको बीमार कर सकता है, क्योंकि इसमें लाखों बैक्टीरिया हो सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार स्पंज में मौजूद नमी और खाने के कण इसे कीटाणुओं के पनपने के लिए एक अनुकूल जगह बनाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. स्पंज को नियमित रूप से डिसइन्फेक्ट करना बेहद जरूरी होता है. किचन के स्पंज में लाखों की संख्या में बैक्टीरिया इकट्ठा हो सकते हैं. Is Your Sponge Making You Sick: किचन और बर्तनों की साफ-सफाई में स्पंज सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. यह छोटा सा स्पंज बड़े काम की चीज है. अधिकतर लोग बर्तन या किचन साफ करने के लिए स्पंज को धोकर रख देते हैं और कई महीनों तक इसे इस्तेमाल करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यही छोटा सा स्पंज हमारे स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा भी बन सकता है. हाल ही में न्यूट्रिशन कोच रयान फर्नांडो ने सोशल मीडिया पर किचन स्पंज को साइलेंट किलर करार दिया है. उनका दावा है कि बर्तनों को चमकाने वाला यह उपकरण असल में लाखों खतरनाक बैक्टीरिया का ठिकाना हो सकता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. इससे हमारी सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं. रयान फर्नांडो के अनुसार किचन स्पंज की बनावट ऐसी होती है कि वह तरल पदार्थों और सूक्ष्म कणों को आसानी से सोख लेता है. जब हम कच्चा चिकन या कच्ची सब्जियों के संपर्क में आए बर्तनों को साफ करते हैं, तो उन पर मौजूद पैथोजन्स स्पंज के छिद्रों में फंस जाते हैं. अगर इसे ठीक से डिसइन्फेक्ट न किया जाए, तो वही स्पंज अगले बर्तन को साफ करने के बजाय उसे और भी ज्यादा संक्रमित कर देता है, जिससे किचन की अन्य सतहों पर भी बीमारियां फैलने का डर रहता है. ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीता सिंह टंडन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि स्पंज में बैक्टीरिया का पनपना एक गंभीर समस्या है. स्पंज अधिकांश समय गीला रहता है और इसमें भोजन के छोटे-छोटे कण फंसे रह जाते हैं, इसलिए यह कीटाणुओं के विकास के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है. नमी और रसोई की गर्माहट मिलकर बैक्टीरिया की संख्या को कुछ ही घंटों में लाखों तक पहुंचा सकती है, जो फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं. ऐसे में लोगों को स्पंज को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉ. टंडन का कहना है कि समस्या केवल स्पंज का गंदा होना नहीं है, बल्कि हमारी आदतें भी हैं. हम दिन भर में कई बार स्पंज का उपयोग तो करते हैं, लेकिन उसे उतनी बार गहराई से साफ नहीं करते. लंबे समय तक एक ही पुराने स्पंज का इस्तेमाल करना उसे गंदगी फैलाने का एक जरिया बना देता है. उचित रख-रखाव के अभाव में यह बर्तनों के माध्यम से हमारे हाथों और आखिरकार हमारे खाने तक पहुंचकर इंफेक्शन का चक्र पूरा करता है. किचन को सुरक्षित रखने के लिए केवल बर्तनों को धोना काफी नहीं है, बल्कि सफाई के उपकरणों को भी साफ रखना अनिवार्य है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि स्पंज को इस्तेमाल के बाद गर्म पानी या एंटीबैक्टीरियल सॉल्यूशन से धोएं और उसे पूरी तरह सूखने दें. इसके अलावा हर एक से दो सप्ताह में पुराना स्पंज बदलकर नया इस्तेमाल करना स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे बेहतर है. सफाई का यह छोटा सा बदलाव आपके परिवार को कई गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रख सकता है. अगर आप भी महीनों से एक ही स्पंज इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जल्द से जल्द उसे फेंककर नया स्पंज लें और उसकी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 19:57 IST

किचन में छुपा है सेहत का खजाना! रिसर्च में खुलासा, जानें काली मिर्च, अश्वगंधा और गिलोय के चौंकाने वाले फायदे

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Last Updated:March 20, 2026, 19:45 IST Health Tips: डॉ. अभय बताते है कि आयुर्वेद केवल इलाज ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है. किचन में मौजूद ये साधारण चीजें अगर सही तरीके से इस्तेमाल की जाएं, तो यह शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. वर्तमान समय में जहां ज्यादातर लोग छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए एलोपैथिक दवाओं का उपयोग करते है. वहीं एक बड़ा वर्ग आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाकर स्वस्थ रहने का प्रयास कर रहा है. गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभय की रिसर्च में यह सामने आया है कि किचन में मौजूद कई साधारण चीजें गंभीर बीमारियों से बचाव और इलाज में कारगर साबित हो सकती है. डॉ. अभय के अनुसार, काली मिर्च गले से जुड़ी समस्याओं में अत्यधिक फायदेमंद है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की खराश, खांसी और संक्रमण को कम करने में मदद करते है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन गले को साफ और मजबूत बनाए रखता है. अश्वगंधा से पैरालाइज मरीजों को राहतरिसर्च में यह भी पाया गया है कि अश्वगंधा का सेवन पैरालाइज (लकवा) के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है. यह जड़ी-बूटी नसों को मजबूत करने और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है. आयुर्वेद में इसे एक शक्तिवर्धक औषधि के रूप में जाना जाता है. गिलोय को आयुर्वेद में ‘अमृता’ कहा जाता है. जिसका अर्थ है अमरता देने वाली. डॉ. अभय बताते है कि गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में अत्यधिक असरदार है. बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है. दालचीनी भी कई बीमारियों में कारगर साबित होती है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने और संक्रमण से लड़ने में मदद करती है. रोजाना सीमित मात्रा में इसका उपयोग शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है. डॉ. अभय की रिसर्च के मुताबिक आयुर्वेदिक चीजों का सही और संतुलित उपयोग कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है. हालांकि, विशेषज्ञ सलाह के बिना किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है. डॉ. अभय बताते है कि आयुर्वेद केवल इलाज ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है. किचन में मौजूद ये साधारण चीजें अगर सही तरीके से इस्तेमाल की जाएं, तो यह शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. Location : Gorakhpur,Gorakhpur,Uttar Pradesh First Published : March 20, 2026, 19:45 IST

ओलिंपिक में क्रिकेट शामिल होने का फायदा चीनी महिलाओं को:चीन को 62% मेडल महिला एथलीट दिलाती हैं, इसलिए महिला क्रिकेट टीम को ज्यादा समर्थन; उन्हें पुरुषों से बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं-विदेशी दौरों के मौके भी

ओलिंपिक में क्रिकेट शामिल होने का फायदा चीनी महिलाओं को:चीन को 62% मेडल महिला एथलीट दिलाती हैं, इसलिए महिला क्रिकेट टीम को ज्यादा समर्थन; उन्हें पुरुषों से बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं-विदेशी दौरों के मौके भी

भारत सहित कई देशों में पारंपरिक रूप से पुरुष क्रिकेट का प्रभाव अधिक रहा है। इसके उलट चीन में एक नई व्यवस्था देखने को मिलती है। चीन में क्रिकेट को मुख्य रूप से महिलाओं का खेल माना जाता है और सारा ध्यान महिला टीम के विकास पर केंद्रित है। हाल ही में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘क्रिकेट रिसर्च नेटवर्क’ के सम्मेलन में चीन की इसी अनूठी खेल नीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में चीन की शीआन जियाओतोंग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर मैक्स हे ने एक शोध प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि चीन में खेलों का पूरा ढांचा ओलिंपिक मेडल की संख्या बढ़ाने पर आधारित है। 1988 के सोल ओलिंपिक में चीन को केवल पांच गोल्ड मिले थे। इसके बाद, चीनी खेल प्रशासन ने रणनीति में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने तय किया कि खेल महाशक्ति बनने और मेडल टेबल में शीर्ष पर रहने के लिए ‘महिला खेलों’ में निवेश करना सबसे प्रभावी तरीका है। इसके परिणाम भी सामने आए हैं। पिछले चार ओलिंपिक (लंदन, रियो, टोक्यो, पेरिस) में चीन ने कुल 143 गोल्ड जीते हैं। इनमें से 62.2% मेडल महिला एथलीटों ने ही दिलाए हैं। यही ‘ओलिंपिक रणनीति’ चीन में क्रिकेट पर भी लागू होती है। वहां के मीडिया में आधिकारिक तौर पर महिला क्रिकेट टीम को ही मुख्य टीम का दर्जा प्राप्त है। उनके पास टर्फ विकेट पर अभ्यास करने की सुविधा, अनुभवी कोच और विदेशी दौरों के अधिक मौके हैं। चीन पुरुष टीम के कोच मोहम्मद रमजान (पाक के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर) के अनुभव भी इसी बात की पुष्टि करते हैं। उनके अनुसार, पुरुष टीम को लंबे समय से इंटरनेशनल टी20 खेलने का मौका नहीं मिला है, जबकि महिला टीम नियमित रूप से टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है। उन्हें अधिक मैच खेलने मिलते हैं। चीन की पुरुष टीम 2024 से कोई टी20 नहीं खेली है, जबकि महिला टीम 2025 में जापान दौरा कर चुकी है। एलए ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी हो रही है। हालांकि चीन की टीम फिलहाल वहां क्वालिफाई करने की स्थिति में नहीं है, लेकिन भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए चीन अपनी महिला क्रिकेट टीम को लगातार बढ़ावा दे रहा है। महिला टीम आईसीसी रैंकिंग में 45वें पर, पुरुष 91 पर चीन की पुरुष टीम के पास संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय अवसरों का अभाव है। सुविधाओं के इस अंतर का सीधा असर रैंकिंग पर भी दिखता है। वर्तमान आईसीसी टी20 रैंकिंग में चीन की महिला टीम 45वें स्थान पर है, जबकि पुरुष टीम 91वें स्थान पर संघर्ष कर रही है।

दूध उबालने के टिप्स: पॉट से बाहर की ओर फैला हुआ दूध, इन 5 किचन ट्रिक्स से नहीं होगी गैस सेनेटरी

दूध उबालने के टिप्स

दूध उबालने के टिप्स | छवि: एआई दूध उबालने के टिप्स: भारतीय घर में रसोई में दूध भगोने में तला जाता है, लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि इसे एक बार फिर से प्लास्टिक के ऊपर छोड़ दिया जाता है। इससे गैस उद्योग होने के साथ-साथ पूरे किचन भी विकसित हो जाते हैं। इस कारण से दूध के नीचे की रेखाएं टूट जाती हैं। कई बार लोग कुछ पल के लिए भी ध्यान हटाते हैं और इसी दौरान दूध की सब्जी बाहर निकल जाती है। हालाँकि यह बहुत ही आम समस्या है, लेकिन इसके पीछे साइंटिफ़िक रिजन भी छिपा हुआ है। असली दूध में प्रोटीन, फैट और पानी मौजूद होते हैं। जब दूध गरम होता है तो ऊपर की सतह पर प्रोटीन और फ़ीचर समूह एक-एक परत बना लेते हैं। जैसे ही नीचे का हिस्सा ज्यादा गर्म होता है, वहां से भाप बनना शुरू हो जाती है। लेकिन ऊपर की ओर बनी परत वाले उद्यमों को आसानी से बाहर के गंतव्यों से बाहर नहीं निकाला जा सकता। स्टीम इनसाइड ही जमा स्थित है और अचानक दबाव बनने पर दूध तेजी से ऊपर की ओर बढ़ता है। इसी वजह से दूध की दुकान से बाहर गिर जाता है। कुछ आसान किचन टिप्स जिन्हें अपनाकर आप इस परेशानी से आसानी से बच सकते हैं। लकड़ी का इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाया जा सकता है दूध का मिश्रण देना समय पोटीन के ऊपर एक लकड़ी का मिश्रण या स्पैचुला राख अत्यंत आसान और तरल पदार्थ माना जाता है। जब मिल्क अप रीप्शन का अनुमान है तो माइशान झाग को बनाने में मदद मिलती है और मिल्क के उफानकर को आउट करने की संभावना कम हो जाती है। आँकड़े पर आधारित सबसे अच्छा तरीका कई लोग जल्दी में दूध को तेजी से चाहने लगते हैं। तेज परीक्षण पर दूध में अचानक तेजी से गर्मी होती है और जल्दी उफान आ जाता है। यदि दूध को मध्यम या मध्यम ऊंचाई पर रखा जाए तो तापमान धीरे-धीरे-उच्च स्तर पर पहुंच जाता है और दूध के बाहरी स्तर की संभावना कम हो जाती है। बड़ा पोथी का उपयोग किया जाता है दूध के टुकड़े का समय अगर पॉश्चर हो छोटा हो और इसमें दूध ज्यादा भरा हो तो उफने का डर बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा लिटल बिगा पॉट का उपयोग करना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे दूध को ऊपर की ओर समुद्र तट के लिए जाना जाता है और वह बाहर नहीं गिरता है। पोर के किनारे पर घी या मक्खन लगाने की ट्रिक एक घरेलू आसान ट्रिक यह भी है कि दूध के मसाले से पहले पॉश के ऊपरी किनारे पर थोड़ा सा घी या मक्खन लगा दिया जाए। जब दूध का झाग किनारे तक जाता है तो यह बच्ची उसे नीचे बैठाकर मदद करती है और दूध बाहर से निकाल कर ले जाती है। बीच-बीच में दूध पीना रहना दूध का शौकीन समय उसे समुद्र तट से- समुद्र तट में पसंद करना भी एक अच्छा तरीका है। इससे ऊपर बनने वाली परत टूटती रहती है और मसाले आसानी से बाहर निकल जाते हैं। इसका कारण यह है कि दूधिया प्लास्टिक उफानकर बाहर नहीं आता है। यह भी पढ़ें: एडिथ हुंडिया को ईशान किशन जल्द ही दुल्हनिया! दादा ने दोस्ती कर ली (टैग्सटूट्रांसलेट) दूध उबलने के टिप्स (टी) दूध को ओवरफ्लो होने से कैसे रोकें (टी) दूध उबालने के लिए किचन टिप्स (टी) उबलते समय दूध क्यों ओवरफ्लो हो जाता है (टी) दूध के किचन हैक्स (टी) भारतीय किचन टिप्स (टी) दूध को पकाने के टिप्स (टी) दूध को गिरने से रोकें