Monday, 21 Sep 2026 | 11:52 PM

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यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच लड़ाई तेज:सऊदी पर ड्रोन और मिसाइल से हमला हमल, 82 हजार से ज्यादा लोग बेघर

यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच लड़ाई तेज:सऊदी पर ड्रोन और मिसाइल से हमला हमल, 82 हजार से ज्यादा लोग बेघर

यमन में ईरान समर्थित हूतियों और सरकार के बीच लड़ाई तेज हो गई है। रविवार को यमनी सरकारी बलों ने लाल सागर के पास हूती ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में हूतियों ने पड़ोसी सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यमनी सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने की बात कही है। पिछले हफ्ते हूतियों ने लाल सागर के किनारे मौजूद मोखा बंदरगाह शहर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के एक द्वीप पर कब्जा कर लिया था। यह जलडमरूमध्य एक अहम समुद्री रास्ता है। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से अब तक यमन में 82 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। लड़ाई बढ़ने से वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों पर भी दबाव बढ़ रहा है। यमन की सेना के 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए सरकार के साथ लड़ रहे नेशनल रेजिस्टेंस बल ने बताया कि पिछले 4 हफ्तों में पश्चिमी तट पर उसके 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए। यह इस बल की ओर से जारी की गई पहली व्यापक मौतों की संख्या है। बल ने यह भी दावा किया कि होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके मारे गए। हूती प्रवक्ता ने इन आंकड़ों पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। खबर अपडेट हो रही है…

‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज:भगवान राम-सीता के विवाह की झलक दिखी; श्रेया घोषाल-अरिजीत सिंह ने आवाज दी

‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज:भगवान राम-सीता के विवाह की झलक दिखी; श्रेया घोषाल-अरिजीत सिंह ने आवाज दी

अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज हो गया है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। गाने को श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। इसके म्यूजिक को ए.आर. रहमान ने कंपोज, प्रोड्यूस और अरेंज किया है। गाने के लिरिक्स डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। इस फिल्म के म्यूजिक पर ए.आर. रहमान के साथ हॉलीवुड के म्यूजिक कंपोजर हंस जिमर भी काम कर रहे हैं। भगवान राम और सीता के विवाह पर केंद्रित है गाना ‘जय जय राम’ के विजुअल्स में सिया-राम के दिव्य संबंध को दिखाया गया है। गाने में भगवान राम और सीता के भव्य विवाह को भी दर्शाया गया है। गाने में भक्ति और आध्यात्मिक भाव को प्रमुखता दी गई है। गाने में ‘जय जय राम’ का बार-बार दोहराव किया गया है, जो इसे मंत्र की तरह प्रस्तुत करता है। लिरिक्स में भगवान राम के प्रति भक्त की आस्था, भरोसे और उनकी शरण में जाने की भावना व्यक्त की गई है। गाने की एक पंक्ति ‘जगत के अंधियारे, हमको घेरे सारे’ जीवन के अंधकार के बीच रोशनी की तलाश को दर्शाती है। गाने में ‘अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम’ जैसे पारंपरिक श्लोक का भी इस्तेमाल किया गया है। इससे रामायण की ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि को आधुनिक संगीत से जोड़ा गया है। बता दें कि नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ के पहले पार्ट का ट्रेलर 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया था। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया था। देखें ट्रेलर की झलक- रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोल फिल्म ‘रामायण’ में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है।

नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली

नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली

एक्ट्रेस नीलम कोठारी ने हाल ही में गोविंदा के साथ अपने रिश्ते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं थीं, तब वह बहुत छोटी थीं और उन्हें गोविंदा की शादी की जानकारी नहीं थी। नीलम ने यह बात टाइम्स नाउ के इंटरव्यू में कही। गौरतलब है कि नीलम कोठारी और गोविंदा ने 1980 के दशक और 1990 के शुरुआती वर्षों में कई फिल्मों में साथ काम किया था। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर अफवाहें वर्षों तक चलती रहीं। इंटरव्यू में नीलम से कहा गया कि गोविंदा ऑफ-स्क्रीन उनसे प्यार करते थे। इस पर नीलम ने कहा, “मुझे नहीं पता। सबसे पहले तो मैं उस समय बहुत छोटी थी। अब मुझे पता चला है कि शायद उस वक्त उनकी शादी हो चुकी थी।” वहीं, नीलम के पास बैठे पति समीर सोनी ने गोविंदा को लेकर कहा, “वह बहुत अच्छे इंसान हैं। जब भी मैं उनसे मिला हूं, वह बहुत गर्मजोशी से मिले हैं।” समीर ने यह भी कहा, “जो बात 20 साल पहले हुई भी हो सकती है और नहीं भी, उसके बारे में मुझे पता ही नहीं, तो मैं उसे लेकर कैसे बैठ सकता हूं? वह अब भी दावा करते हैं कि वह तुमसे बहुत प्यार करते थे।” रिश्ता उनके लिए विकल्प नहीं था नीलम कोठारी ने बताया कि उस दौर में उनके लिए रिश्ता बनाना कभी विकल्प नहीं था। उनका पूरा ध्यान हिंदी सीखने और फिल्मों में काम करने पर था। नीलम ने यह भी बताया कि कम उम्र की वजह से उनके परिवार का कोई सदस्य शूटिंग पर उनके साथ जाता था। नीलम के मुताबिक, सेट पर सभी लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे। उनके को-स्टार्स भी उनके साथ बच्चे जैसा व्यवहार करते थे। समीर सोनी ने कहा कि जैकी श्रॉफ और संजय दत्त खास तौर पर नीलम को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव रहते थे। नीलम और गोविंदा की जोड़ी नीलम कोठारी और गोविंदा की जोड़ी ने 80 और 90 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया था। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आती थी। इस जोड़ी की पर्दे पर शुरुआत फिल्म ‘लव 86’ से हुई थी। 14 फरवरी 1986 को रिलीज हुई यह मूवी गोविंदा की डेब्यू फिल्म भी थी। इसके 2 हफ्ते बाद 28 फरवरी 1986 को दोनों की दूसरी फिल्म ‘इल्जाम’ रिलीज हुई। इस फिल्म के गानों और गोविंदा के बेहतरीन डांस (खासकर गाने ‘स्ट्रीट डांसर’ ) ने उन्हें रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई। दोनों ‘खुदगर्ज’ (1987) में साथ नजर आए। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर सफल रही। इसके बाद नीलम और गोविंदा ने ‘सिंदूर’, ‘हत्या’, ‘दो कैदी’ और ‘फर्ज की जंग’ जैसी कई अन्य फिल्मों में भी साथ काम किया। इसी दौरान दोनों के रिश्ते की अफवाहें सामने आई थीं। 15 साल की उम्र में फिल्मों में डेब्यू किया नीलम कोठारी का जन्म हांगकांग में हुआ था। उनके पिता शिशिर कोठारी गुजराती जैन थे, जबकि मां परवीन कोठारी पारसी थीं। बचपन से ही नीलम को संगीत और डांस में रुचि थी। उन्होंने कीबोर्ड बजाना और जैज बैले भी सीखा। उनकी पढ़ाई हांगकांग के आइलैंड स्कूल में हुई। बाद में उनका परिवार बैंकॉक शिफ्ट हो गया। मुंबई में छुट्टियां बिताने के दौरान उनकी मुलाकात फिल्म डायरेक्टर रमेश बहल से हुई। उन्होंने नीलम को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया, जिसके बाद नीलम ने एक्टिंग में हाथ आजमाने का फैसला किया। इसके बाद, जब वो महज 15 साल की थीं, तब बतौर लीड उनकी पहली फिल्म ‘जवानी’ (1984) रिलीज हुई थी। वहीं, कई लोकप्रिय फिल्मों में काम करने के बाद नीलम ने साल 2001 में अभिनय से दूरी बना ली थी। बाद में उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग में कदम रखा। कई साल बाद नीलम 2020 में रियलिटी शो ‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ में नजर आईं। इसमें उनकी दोस्त महीप कपूर, भावना पांडे और सीमा सजदेह भी थीं। वह इसके स्पिन-ऑफ ‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ में भी नजर आईं। इसमें मुंबई और दिल्ली की कास्ट को साथ लाया गया था।

नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली

नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली

एक्ट्रेस नीलम कोठारी ने हाल ही में गोविंदा के साथ अपने रिश्ते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं थीं, तब वह बहुत छोटी थीं और उन्हें गोविंदा की शादी की जानकारी नहीं थी। नीलम ने यह बात टाइम्स नाउ के इंटरव्यू में कही। गौरतलब है कि नीलम कोठारी और गोविंदा ने 1980 के दशक और 1990 के शुरुआती वर्षों में कई फिल्मों में साथ काम किया था। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर अफवाहें वर्षों तक चलती रहीं। इंटरव्यू में नीलम से कहा गया कि गोविंदा ऑफ-स्क्रीन उनसे प्यार करते थे। इस पर नीलम ने कहा, “मुझे नहीं पता। सबसे पहले तो मैं उस समय बहुत छोटी थी। अब मुझे पता चला है कि शायद उस वक्त उनकी शादी हो चुकी थी।” वहीं, नीलम के पास बैठे पति समीर सोनी ने गोविंदा को लेकर कहा, “वह बहुत अच्छे इंसान हैं। जब भी मैं उनसे मिला हूं, वह बहुत गर्मजोशी से मिले हैं।” समीर ने यह भी कहा, “जो बात 20 साल पहले हुई भी हो सकती है और नहीं भी, उसके बारे में मुझे पता ही नहीं, तो मैं उसे लेकर कैसे बैठ सकता हूं? वह अब भी दावा करते हैं कि वह तुमसे बहुत प्यार करते थे।” रिश्ता उनके लिए विकल्प नहीं था नीलम कोठारी ने बताया कि उस दौर में उनके लिए रिश्ता बनाना कभी विकल्प नहीं था। उनका पूरा ध्यान हिंदी सीखने और फिल्मों में काम करने पर था। नीलम ने यह भी बताया कि कम उम्र की वजह से उनके परिवार का कोई सदस्य शूटिंग पर उनके साथ जाता था। नीलम के मुताबिक, सेट पर सभी लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे। उनके को-स्टार्स भी उनके साथ बच्चे जैसा व्यवहार करते थे। समीर सोनी ने कहा कि जैकी श्रॉफ और संजय दत्त खास तौर पर नीलम को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव रहते थे। नीलम और गोविंदा की जोड़ी नीलम कोठारी और गोविंदा की जोड़ी ने 80 और 90 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया था। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आती थी। इस जोड़ी की पर्दे पर शुरुआत फिल्म ‘लव 86’ से हुई थी। 14 फरवरी 1986 को रिलीज हुई यह मूवी गोविंदा की डेब्यू फिल्म भी थी। इसके 2 हफ्ते बाद 28 फरवरी 1986 को दोनों की दूसरी फिल्म ‘इल्जाम’ रिलीज हुई। इस फिल्म के गानों और गोविंदा के बेहतरीन डांस (खासकर गाने ‘स्ट्रीट डांसर’ ) ने उन्हें रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई। दोनों ‘खुदगर्ज’ (1987) में साथ नजर आए। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर सफल रही। इसके बाद नीलम और गोविंदा ने ‘सिंदूर’, ‘हत्या’, ‘दो कैदी’ और ‘फर्ज की जंग’ जैसी कई अन्य फिल्मों में भी साथ काम किया। इसी दौरान दोनों के रिश्ते की अफवाहें सामने आई थीं। 15 साल की उम्र में फिल्मों में डेब्यू किया नीलम कोठारी का जन्म हांगकांग में हुआ था। उनके पिता शिशिर कोठारी गुजराती जैन थे, जबकि मां परवीन कोठारी पारसी थीं। बचपन से ही नीलम को संगीत और डांस में रुचि थी। उन्होंने कीबोर्ड बजाना और जैज बैले भी सीखा। उनकी पढ़ाई हांगकांग के आइलैंड स्कूल में हुई। बाद में उनका परिवार बैंकॉक शिफ्ट हो गया। मुंबई में छुट्टियां बिताने के दौरान उनकी मुलाकात फिल्म डायरेक्टर रमेश बहल से हुई। उन्होंने नीलम को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया, जिसके बाद नीलम ने एक्टिंग में हाथ आजमाने का फैसला किया। इसके बाद, जब वो महज 15 साल की थीं, तब बतौर लीड उनकी पहली फिल्म ‘जवानी’ (1984) रिलीज हुई थी। वहीं, कई लोकप्रिय फिल्मों में काम करने के बाद नीलम ने साल 2001 में अभिनय से दूरी बना ली थी। बाद में उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग में कदम रखा। कई साल बाद नीलम 2020 में रियलिटी शो ‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ में नजर आईं। इसमें उनकी दोस्त महीप कपूर, भावना पांडे और सीमा सजदेह भी थीं। वह इसके स्पिन-ऑफ ‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ में भी नजर आईं। इसमें मुंबई और दिल्ली की कास्ट को साथ लाया गया था।

बांग्लादेश बोला- भारत से रिश्ते रीसेट करना चाहते हैं:हसीना के दौर के संबंधों को असहज बताया, विदेश राज्य मंत्री ने कहा- सीधी बातचीत जरूरी

बांग्लादेश बोला- भारत से रिश्ते रीसेट करना चाहते हैं:हसीना के दौर के संबंधों को असहज बताया, विदेश राज्य मंत्री ने कहा- सीधी बातचीत जरूरी

बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते को रीसेट करना चाहता है। यानी दोनों देशों के बीच संबंधों को नए सिरे से शुरू करना चाहता है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच नया रिश्ता आपसी हितों के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों को असहज बताया। कबीर ने कहा कि ढाका नई दिल्ली के साथ नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहता है और इसके लिए दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत होनी चाहिए। यह बातचीत किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए नहीं, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर होनी चाहिए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

ओमान के पास जहाज पर हमला, 14 भारतीय सवार थे:13 का रेस्क्यू हुआ, एक लापता; भारत ने हमले की निंदा की

ओमान के पास जहाज पर हमला, 14 भारतीय सवार थे:13 का रेस्क्यू हुआ, एक लापता; भारत ने हमले की निंदा की

ओमान के तट के पास रविवार को कमर्शियल जहाज एमटी एल गाइया पर हमला हुआ। जहाज पर 14 भारतीय सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि 13 भारतीय क्रू सदस्यों को बचा लिया गया है। एक भारतीय अब भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि लापता भारतीय की तलाश के लिए बचाव अभियान चल रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है। दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाज भी हमले की चपेट में भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रविवार सुबह ईरान के केश्म द्वीप के पास एक ईरानी कार्गो जहाज पर भी हमला होने की खबर सामने आई। यह इलाका होर्मुज स्ट्रेट में आता है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में एक शख्स की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी और लोगों को बाहर निकालने का ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस हमले से कुछ घंटे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया पर कहा था कि ईरान के लोगों को दबाव डालकर झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘ईरान सरेंडर नहीं करेगा।’ खबर लगातार अपडेट हो रही है…

ब्रिटेन के बंटवारे पर साथ आएंगे स्कॉटलैंड, वेल्स-नॉर्दर्न आयरलैंड:तीनों जगहों के नेताओं की कल मीटिंग, अलग होने के पक्ष में

ब्रिटेन के बंटवारे पर साथ आएंगे स्कॉटलैंड, वेल्स-नॉर्दर्न आयरलैंड:तीनों जगहों के नेताओं की कल मीटिंग, अलग होने के पक्ष में

UK के एकजुट रहने पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर सोमवार को वेल्स की राजधानी कार्डिफ में मिलेंगे। स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड की सरकार के प्रमुख को फर्स्ट मिनिस्टर कहा जाता है। इनके साथ अलग देश आयरलैंड की पार्टी सिन फेन की अध्यक्ष मैरी लू मैकडोनाल्ड भी रहेंगी। बैठक में नेता हर क्षेत्र को अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार देने की बात पर साझा बयान जारी कर सकते हैं। इसमें जरूरत पड़ने पर आजादी या दूसरे बड़े बदलावों पर जनमत संग्रह कराने की बात भी शामिल है। इस बैठक से UK पर दबाव बढ़ सकता है। UK से अलग होने के पक्ष में तीनों जगहों की पार्टियां ब्रिटेन की केंद्र सरकार देश को एकजुट रखने के पक्ष में है। लेकिन स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड में ज्यादा अधिकार और बड़े बदलाव की मांग बढ़ रही है। इन तीनों जगहों पर ऐसी पार्टियां प्रभावशाली हैं जो ब्रिटेन की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव चाहती हैं। स्कॉटलैंड में SNP आजादी का समर्थन करती है। वेल्स में प्लाइड कम्री भी आजादी की मांग करती है। वहीं नॉर्दर्न आयरलैंड में सिन फेन आयरलैंड के साथ जुड़ने का समर्थन करती है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी और वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर रुन एपी इओर्थवर्ट के साथ नॉर्दर्न आयरलैंड का नेतृत्व भी साझा घोषणा का समर्थन कर सकता है। बैठक में आजादी और संवैधानिक बदलाव के अलावा अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, यूरोप और दूसरे देशों से रिश्ते मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। स्कॉटलैंड में फिर जनमत संग्रह की चर्चा स्कॉटलैंड की आजादी इस पूरी बहस का सबसे बड़ा मुद्दा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने हाल ही में कहा था कि अगर स्कॉटलैंड और नॉर्दर्न आयरलैंड में आजादी के पक्ष में लोगों के बीच सहमति बनती है, तो एक और जनमत संग्रह पर विचार किया जा सकता है। SNP ने बर्नहम के इस बयान को तुरंत मुद्दा बना लिया। इसके बाद में बर्नहम को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर स्विनी को चिट्ठी लिखकर कहा कि अगले आम चुनाव से पहले आजादी पर जनमत संग्रह नहीं कराया जाएगा। नॉर्दर्न आयरलैंड को लेकर भी उन्होंने कहा कि अभी ब्रिटेन से अलग होने को लेकर ऐसा माहौल नहीं है। बर्नहम ने 2024 के चुनावी घोषणापत्र का हवाला देते हुए कहा कि लेबर पार्टी स्कॉटलैंड की आजादी या एक और जनमत संग्रह का समर्थन नहीं करती। स्विनी – UK पर एकजुट रहने का दबाव बढ़ा स्विनी ने बर्नहम के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली बार स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड में ऐसे फर्स्ट मिनिस्टर हैं जो आजादी के पक्ष में हैं। उनके मुताबिक, इससे साफ है कि ब्रिटेन को एकजुट रखने वाली मौजूदा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, वेल्स में भी ज्यादा अधिकार की मांग तेज हो गई है। मई में हुए चुनाव में वहां ब्रिटेन की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली पार्टियों को मजबूती मिली है। 96 सीट पर हुए चुनाव में अलग देश की समर्थक प्लाइड कम्री को 43 जबकि लेबर पार्टी को सिर्फ 9 सीटें मिलीं। इस चुनाव के बाद प्लाइड कम्री के रुन एपी इओर्थवर्ट वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर बने। नॉर्दर्न आयरलैंड के पास आयरलैंड से जुड़ने का रास्ता नॉर्दर्न आयरलैंड का मामला स्कॉटलैंड और वेल्स से अलग है। 1998 के गुड फ्राइडे समझौते के तहत अगर यह संभावना दिखे कि नॉर्दर्न आयरलैंड के ज्यादातर लोग ब्रिटेन से अलग होकर आयरलैंड के साथ जुड़ना चाहते हैं, तो वहां जनमत संग्रह कराया जा सकता है। यहां की नेता सिन फेन का कहना है कि कार्डिफ की बैठक में भी इसी अधिकार की बात उठाई जाएगी कि हर देश और क्षेत्र को लोकतांत्रिक तरीके से अपना भविष्य तय करने का मौका मिलना चाहिए। ट्रम्प के बयान से आयरलैंड के एकीकरण की चर्चा बढ़ी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी हाल में आयरलैंड के एकीकरण पर बयान दिया है। शनिवार को डबलिन दौरे के दौरान ट्रम्प ने कहा कि वह आयरलैंड को एक देश के रूप में देखना पसंद करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपतियों का इस मुद्दे पर आमतौर पर सावधानी भरा रुख रहा है। ऐसे में ट्रम्प का बयान इस बहस को और चर्चा में ले आया है। मामला सिर्फ आजादी का नहीं, पैसा और यूरोप भी अहम कार्डिफ की बैठक सिर्फ ब्रिटेन से अलग होने की मांग तक सीमित नहीं है। तीनों जगहों की कई प्रमुख पार्टियां यूरोपीय यूनियन के साथ करीबी रिश्तों की समर्थक हैं। UK 2020 में आधिकारिक तौर पर यूरोपीय यूनियन से आजाद हो गया था। इसके लिए 2016 में वोटिंग हुई थी। अगर स्कॉटलैंड या वेल्स भविष्य में आजाद होते हैं, तो वे EU की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं अगर नॉर्दर्न आयरलैंड आयरलैंड में शामिल होता है, तो वह EU का हिस्सा बन जाएगा, क्योंकि आयरलैंड पहले से EU का सदस्य है। अब जानिए कि ये तीनों इलाके ब्रिटेन से कैसे जुड़े और अब अलग होने की मांग क्यों हो रही है… स्कॉटलैंड करीब 300 साल पहले स्कॉटलैंड और इंग्लैंड दो अलग-अलग देश थे। दोनों के अपने राजा, संसद और कानून थे। साल 1603 में इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम की मौत हो गई। उनका कोई वारिस नहीं था। तब स्कॉटलैंड के राजा जेम्स VI इंग्लैंड के भी राजा बन गए। यानी अब एक ही व्यक्ति दो देशों का राजा था, लेकिन दोनों देश फिर भी अलग-अलग थे। इसके करीब 100 साल बाद बड़ा फैसला हुआ। 1707 में स्कॉटलैंड और इंग्लैंड की संसद ने समझौता किया। दोनों देश मिलकर ग्रेट ब्रिटेन बन गए। इसके बाद दोनों की अलग-अलग संसद नहीं रही और एक साझा संसद बनी। अलग देश बनने की मांग कब तेज हुई 20वीं सदी में स्कॉटलैंड की आजादी की मांग को राजनीतिक ताकत मिलने लगी। 1934 में स्कॉटिश नेशनल पार्टी (NSP) बनी, जिसका मकसद स्कॉटलैंड को अलग देश बनाना था। इसके बाद यह मुद्दा धीरे-धीरे मजबूत होता गया। 1999 में स्कॉटलैंड को अपनी संसद और सरकार वापस मिली। इससे स्कॉटलैंड को शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे कई मामलों में खुद फैसले लेने का अधिकार मिला, लेकिन रक्षा और विदेश नीति जैसे बड़े मुद्दे अब भी ब्रिटेन की केंद्र सरकार के पास रहे।

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर से करीब 5 लाख रुपए की सोने और हीरे की ज्वेलरी चोरी हुई है। वह चर्चगेट में रहते हैं। मरीन ड्राइव पुलिस ने चोरी के आरोप में घर में काम करने वाली 40 साल की नौकरानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में है। चोरी की घटना पर अमीषा पटेल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, मैंने कल अपने पेरेंट्स से कॉल पर एक घंटे बात की है। पुलिस ने चोरी करने वाली नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है। वो अब जेल में है। उसने चोरी का जुर्म कबूल कर लिया है। सबसे ज्यादा खुशी मुझे इस बात की है कि मेरा परिवार सुरक्षित है और किसी को भी चोट नहीं पहुंचाई गई है। अश्मित बोले- जनवरी में हुई थी चोरी, पेरेंट्स ने नौकरानी से खुद पूछताछ की थी अश्मित अपने माता-पिता के साथ उसी घर में रहते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे यहां करीब एक साल से काम कर रही हाउस हेल्प ने जनवरी में चोरी की थी, लेकिन हमने शिकायत हाल ही में दर्ज करवाई है। मेरे पेरेंट्स ने उससे चोरी के बारे में पूछा और उसे सोचने, जूलरी लौटाने का समय भी दिया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। आगे अश्मित ने कहा, जूलरी की कीमत करीब 5 लाख रुपए है। वो एक साल से हमारे घर में काम कर रही थी, लेकिन जून के आखिर में उसने नौकरी छोड़ दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, फिलहाल जांच जारी है। कैसे हुई नौकरानी की गिरफ्तारी? 40 साल की सीमा घाटे नाम की महिला पिछले एक साल से अमीषा पटेल के घर में काम कर रही थी। वह पालघर की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2026 में उनके घर से एक कंगन चोरी हुआ था। चोरी के बाद अमीषा की मां आशा को सीमा पर शक था। उन्होंने अगले पांच से छह महीनों तक सीमा से चोरी कबूल करने और ज्वेलरी लौटाने को कहा।वो लगातार चोरी से इनकार करती रही और फिर नौकरी छोड़ दी। कुछ समय पहले ही अमीषा की मां ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में अज्ञात महिला के नाम से शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के निर्देश पर क्राइम डिटेक्शन टीम ने जांच शुरू की। टीम ने संदिग्ध महिला को विरार से ट्रेस किया। इसके बाद सीमा घाटे को हिरासत में लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी मिली। पुलिस गायब ज्वेलरी बरामद करने की कोशिश कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। अमीषा पटेल का बॉलीवुड करियर बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने साल 2000 में ऋतिक रोशन के साथ फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। यह रोमांटिक थ्रिलर फिल्म बड़ी हिट रही और अमीषा रातों-रात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्होंने कई हिट और सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इनमें ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘हमराज’, ‘हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड’, ‘भूल भुलैया’ और ‘रेस 2’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अमीषा पटेल ने साल 2023 में फिल्म ‘गदर 2’ से बड़े पर्दे पर वापसी की।

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी:डायमंड-सोने की जूलरी चुराने वाली नौकरानी गिरफ्तार, एक्ट्रेस बोलीं- शुक्र है किसी को चोट नहीं पहुंचाई, सब सुरक्षित हैं

अमीषा पटेल के माता-पिता के घर से करीब 5 लाख रुपए की सोने और हीरे की ज्वेलरी चोरी हुई है। वह चर्चगेट में रहते हैं। मरीन ड्राइव पुलिस ने चोरी के आरोप में घर में काम करने वाली 40 साल की नौकरानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में है। चोरी की घटना पर अमीषा पटेल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, मैंने कल अपने पेरेंट्स से कॉल पर एक घंटे बात की है। पुलिस ने चोरी करने वाली नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है। वो अब जेल में है। उसने चोरी का जुर्म कबूल कर लिया है। सबसे ज्यादा खुशी मुझे इस बात की है कि मेरा परिवार सुरक्षित है और किसी को भी चोट नहीं पहुंचाई गई है। अश्मित बोले- जनवरी में हुई थी चोरी, पेरेंट्स ने नौकरानी से खुद पूछताछ की थी अश्मित अपने माता-पिता के साथ उसी घर में रहते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे यहां करीब एक साल से काम कर रही हाउस हेल्प ने जनवरी में चोरी की थी, लेकिन हमने शिकायत हाल ही में दर्ज करवाई है। मेरे पेरेंट्स ने उससे चोरी के बारे में पूछा और उसे सोचने, जूलरी लौटाने का समय भी दिया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। आगे अश्मित ने कहा, जूलरी की कीमत करीब 5 लाख रुपए है। वो एक साल से हमारे घर में काम कर रही थी, लेकिन जून के आखिर में उसने नौकरी छोड़ दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, फिलहाल जांच जारी है। कैसे हुई नौकरानी की गिरफ्तारी? 40 साल की सीमा घाटे नाम की महिला पिछले एक साल से अमीषा पटेल के घर में काम कर रही थी। वह पालघर की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2026 में उनके घर से एक कंगन चोरी हुआ था। चोरी के बाद अमीषा की मां आशा को सीमा पर शक था। उन्होंने अगले पांच से छह महीनों तक सीमा से चोरी कबूल करने और ज्वेलरी लौटाने को कहा।वो लगातार चोरी से इनकार करती रही और फिर नौकरी छोड़ दी। कुछ समय पहले ही अमीषा की मां ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में अज्ञात महिला के नाम से शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के निर्देश पर क्राइम डिटेक्शन टीम ने जांच शुरू की। टीम ने संदिग्ध महिला को विरार से ट्रेस किया। इसके बाद सीमा घाटे को हिरासत में लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 15 सितंबर तक पुलिस कस्टडी मिली। पुलिस गायब ज्वेलरी बरामद करने की कोशिश कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। अमीषा पटेल का बॉलीवुड करियर बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने साल 2000 में ऋतिक रोशन के साथ फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। यह रोमांटिक थ्रिलर फिल्म बड़ी हिट रही और अमीषा रातों-रात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्होंने कई हिट और सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इनमें ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘हमराज’, ‘हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड’, ‘भूल भुलैया’ और ‘रेस 2’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अमीषा पटेल ने साल 2023 में फिल्म ‘गदर 2’ से बड़े पर्दे पर वापसी की।

संडे प्रोफाइल : विनोद खोसला:टेक में जोखिम भरे निवेश के लिए जाने जाते हैं खोसला

संडे प्रोफाइल : विनोद खोसला:टेक में जोखिम भरे निवेश के लिए जाने जाते हैं खोसला

भारतीय मूल के अमेरिकी इन्वेस्टर विनोद खोसला फोर्ब्स की 2026 अमीर इमिग्रेंट्स सूची में सबसे अमीर भारतीय आप्रवासी के रूप में नामित हुए हैं। वे जोखिम भरी टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश के लिए जाने जाते हैं। विनोद खोसला मानते हैं कि हर बड़ी समस्या में एक बड़ा अवसर छिपा होता है। उनकी यह सोच निवेश के फैसलों में भी दिखती है। 2011 में स्केटिंग के दौरान घुटने में चोट लगने पर डॉक्टरों ने इलाज को लेकर अलग-अलग राय दी। हेल्थ केयर सिस्टम से निराश खोसला ने एक लेख में लिखा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अल्गोरिदम डॉक्टरों से बेहतर काम कर सकते हैं। इस पर लंबे समय तक बहस हुई। इसके बाद उनकी फर्म ने रोबोटिक्स और मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनियों में कई निवेश किए। खोसला आज भी अपनी बात पर कायम हैं। सिलिकॉन वैली की प्रमुख हस्तियों में शामिल 71 वर्षीय खोसला ने तीन अन्य लोगों के साथ 1982 में कंप्यूटिंग कंपनी सन माइक्रोसिस्टम्स की स्थापना की थी। 2010 में उन्होंने इसे ओरेकल को बेच दिया। इसके बाद उनकी वेंचर कैपिटल कंपनी खोसला वेंचर्स ने ग्रीन टेक, हेल्थ केयर और एआई स्टार्टअप्स में बड़े दांव लगाए। 2019 में खोसला वेंचर्स ने ओपनएआई में 50 मिलियन डॉलर यानी करीब 477 करोड़ रुपए का निवेश किया था। उस समय कंपनी आज जैसी बड़ी नहीं थी। खोसला ने बाद में कहा कि ओपनएआई के असफल होने की 90% संभावना भी होती तो दुनिया बदलने की 10% संभावना के लिए यह दांव लगाने लायक था। आज ओपनएआई दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है। 2023 में जब सीईओ सैम आल्टमैन को कंपनी से बाहर किया गया तो खोसला उनके समर्थन में खड़े हुए थे। नई दिल्ली में जन्मे खोसला के पिता सेना में थे। वे चाहते थे कि बेटा भी सेना में जाए। लेकिन विनोद की दिलचस्पी तकनीक में थी। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की और इसके बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए तथा कार्नेगी मेलोन यूनिवर्सिटी से साइंस में मास्टर्स किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अमेरिका में बस गए। खोसला का भरोसा शुरू से एआई में रहा है। वे बताते हैं कि 2014 में एआई रेडियोलॉजी से उनका पहला एआई निवेश शुरू हुआ। उनके मुताबिक ओपनएआई में निवेश बहुत बड़ा दांव था, जबकि वे आमतौर पर बड़े दांव नहीं लगाते। उनका मानना है कि ऊंचे जोखिम वाली नई टेक्नोलॉजी में निवेश जरूरी है। वे कहते हैं कि एआई से खतरे हो सकते हैं, लेकिन इसके फायदों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खोसला के मुताबिक अभी अमेरिकी एआई मॉडल्स का दबदबा है, लेकिन देश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपने मॉडल विकसित कर सकते हैं। चीन अपना मॉडल बनाएगा तो भारत भी अपना मॉडल बना सकता है। उन्हें भरोसा है कि एआई के फायदे धीरे-धीरे बढ़ेंगे। वे भारत के पेमेंट सिस्टम का उदाहरण देते हैं। उनके अनुसार तकनीक की मदद से डॉक्टर और एआई ट्यूटर जैसी सेवाएं कम लागत में अधिक लोगों तक पहुंचाई जा सकती हैं।