ई-रिक्शा को बीच सड़क रोकने वाला मोबाइल एप बैन:चीनी कंपनी के एप का गलत इस्तेमाल हो रहा था, ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट होता था

दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों को इन दिनों एक अजीब समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर चलते-चलते अचानक ई-रिक्शा बंद हो जाते हैं और दोबारा स्टार्ट नहीं होते। जांच में सामने आया है कि कोई मैकेनिकल खराबी या बैटरी डिस्चार्ज होना इसकी वजह नहीं है, बल्कि ‘BAT-BMS’ नाम का एक स्मार्टफोन एप है। शरारती तत्व और सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट बनाने वाले लोग इस एप की मदद से दूर बैठे ही ई-रिक्शा को बंद कर रहे हैं। हालांकि आज यानी 3 जुलाई को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ‘BAT-BMS’ समेत दो मोबाइल एप्लिकेशन्स को एप स्टोर्स से हटवा दिया है। CII साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। सवाल 1: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा BAT-BMS एप असल में क्या है? जवाब: ‘BAT-BMS’ रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। इसे चीनी कंपनी ‘शेन्ज़ेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने डेवलप किया है। इस एप का मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम बैटरी की निगरानी करना है। यह एप बैटरी के चार्ज लेवल, वोल्टेज, टेम्परेचर और सेल हेल्थ जैसी जरूरी जानकारियां डिस्प्ले करता है। इसे आप अपनी बैटरी का एक तरह का डिजिटल डैशबोर्ड मान सकते हैं। सवाल 2: यह एप कैसे काम करता है और लोग इससे चलते हुए ई-रिक्शा कैसे रोक पा रहे हैं? जवाब: यह कोई बहुत हाई-टेक हैकिंग नहीं है, बल्कि सुरक्षा की एक साधारण चूक का फायदा उठाना है। इस एप में एक ‘रिमोट कट-ऑफ’ फीचर होता है, जिसकी मदद से बैटरी के डिस्चार्ज (पावर सप्लाई) को चालू या बंद किया जा सकता है। जब कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के 10 से 15 मीटर के दायरे (ब्लूटूथ की रेंज) में आकर इस एप के जरिए वाहन की बैटरी से कनेक्ट होता है, तो वह डिस्चार्ज फंक्शन को बंद कर देता है। इससे मोटर को मिलने वाली पावर तुरंत कट जाती है और ई-रिक्शा रुक जाता है। सवाल 3: क्या देश के सभी ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहन इस एप के जरिए रोके जा सकते हैं? जवाब: नहीं। सोशल मीडिया पर फैल रहे डर के विपरीत सभी ई-रिक्शा इसके जोखिम में नहीं हैं। यह एप केवल उन्हीं वाहनों पर असर डाल सकता है जो कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं। सवाल 3: कौन से ई-रिक्शा इस एप के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित हैं? जवाब: भारत में अभी भी बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पुरानी लेड-एसिड बैटरियों पर चलते हैं। इन बैटरियों में कोई ब्लूटूथ या डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम नहीं होता, इसलिए ये इस एप से पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, जिन लिथियम बैटरियों के ब्लूटूथ सिस्टम में मैन्युफैक्चरर या डीलर द्वारा मजबूत पासवर्ड सेट किया गया है, उन्हें भी इस एप के जरिए एक्सेस नहीं किया जा सकता। सवाल 4: चीनी कंपनी ने इस एप को किस उद्देश्य से बनाया था? क्या ये ई-रिक्शा के लिए था? जवाब: नहीं, कंपनी ने इस एप को ई-रिक्शा को कंट्रोल करने के लिए नहीं बनाया था। इसका मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा उपकरणों और नावों या जहाजों की बैटरी में लगी लिथियम बैटरियों की सेहत पर नजर रखना था। इस एप का डिस्चार्ज ऑन/ऑफ फीचर सुरक्षा और रखरखाव के लिहाज से दिया गया था, ताकि जरूरत पड़ने पर बैटरी ओनर पावर कट कर सके। लेकिन भारत में इसका इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरियों को रिमोटली बंद करने के लिए किया जाने लगा। सवाल 5: इससे ई-रिक्शा चालकों और सड़क सुरक्षा पर क्या असर पड़ रहा है? जवाब: वायरल वीडियो में लोग इसे खराब ड्राइविंग का ‘बदला’ लेने या केवल मनोरंजन के लिए ई-रिक्शा बंद करते दिख रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। ट्रैफिक के बीच अचानक ई-रिक्शा के बंद होने से पीछे से आ रहे वाहनों से टक्कर होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालकों का समय बर्बाद होता है और उनकी कमाई पर असर पड़ता है। सवाल 6: सुरक्षा की इस बड़ी चूक के लिए असल में जिम्मेदार कौन है? जवाब: इसके लिए मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर बैटरी असेंबल करने वाले, डीलर्स और कुछ लो-कॉस्ट वाले लिथियम बैटरी मेकर्स जिम्मेदार हैं। भारत में सस्ते ई-रिक्शा पार्ट्स के बाजार में कई ऐसी लिथियम बैटरियां बेची जा रही हैं, जिनके ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को बिना किसी पासवर्ड या डिफॉल्ट पासवर्ड के खुला छोड़ दिया जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी ने अपने घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया हो और कोई भी अंदर आ जाए। सवाल 7: इस सुरक्षा खामी को ठीक करने का क्या उपाय है? जवाब: इसका समाधान बहुत सीधा और आसान है। वाहनों के डीलर्स और निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ग्राहकों को वाहन बेचने से पहले बैटरी के मैनेजमेंट सिस्टम में एक मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट करें। यदि पासवर्ड सेट रहेगा, तो ब्लूटूथ रेंज में होने के बावजूद कोई बाहरी व्यक्ति एप से कनेक्ट नहीं हो पाएगा। इसके अलावा, जिन ड्राइवरों के पास पहले से ऐसी बैटरियां हैं, वे डीलर के पास जाकर अपनी बैटरी के बीएमएस सेटिंग्स में पासवर्ड लॉक लगवा सकते हैं। सवाल 8: क्या इस मामले में प्रशासन या सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई की जा रही है? जवाब: हां, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने घोषणा की है कि ई-रिक्शा को रिमोटली (दूर से) बंद करने की चिंताओं के बाद दो संदिग्ध एप्लिकेशन्स को एप स्टोर्स से हटा दिया गया है। इनमें विवादों में रहा ‘BAT-BMS’ एप भी शामिल है। इससे पहले शिकायतें बढ़ने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने ‘BAT-BMS’ के साथ-साथ इसी तरह काम करने वाले एक अन्य एप्लीकेशन ‘इपोच ली-आयन’ (Epoch Li-ion) के खिलाफ जांच शुरू की थी। सवाल 9: परिवहन विभाग इस समस्या को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठा सकता है? जवाब: दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह और विभाग के सीनियर अधिकारी इस तकनीकी खामी और सुरक्षा के खतरे की गंभीरता से समीक्षा कर रहे हैं। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि कम्यूटर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए इन असुरक्षित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम एप्स पर किस तरह के प्रतिबंध या नियम लागू किए जा सकते हैं, ताकि अनधिकृत उपयोग को
ई-रिक्शा को बीच सड़क रोकने वाला चीनी एप बैन:गलत इस्तेमाल के बाद सरकार ने हटाने का निर्देश दिया, पर अभी प्लेस्टोर में मौजूद

दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों को इन दिनों एक अजीब समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर चलते-चलते ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाते हैं और दोबारा स्टार्ट नहीं होते। जांच में सामने आया है कि इसकी वजह कोई मैकेनिकल खराबी या बैटरी डिस्चार्ज होना नहीं, बल्कि ‘BAT-BMS’ नाम का चीनी स्मार्टफोन एप है। शरारती तत्व और सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट बनाने वाले लोग इस एप की मदद से दूर बैठे ही ई-रिक्शा को बंद कर रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ‘BAT-BMS’ समेत दो मोबाइल एप्लिकेशन्स को एप स्टोर्स से हटाने का निर्देश दिए हैं। CII साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की पुष्टि की है। सवाल 1: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा BAT-BMS एप असल में क्या है? जवाब: ‘BAT-BMS’ रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। इसे चीनी कंपनी ‘शेन्ज़ेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने डेवलप किया है। इस एप का मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम बैटरी की निगरानी करना है। यह एप बैटरी के चार्ज लेवल, वोल्टेज, टेम्परेचर और सेल हेल्थ जैसी जरूरी जानकारियां डिस्प्ले करता है। इसे आप अपनी बैटरी का एक तरह का डिजिटल डैशबोर्ड मान सकते हैं। सवाल 2: यह एप कैसे काम करता है और लोग इससे चलते हुए ई-रिक्शा कैसे रोक पा रहे हैं? जवाब: यह कोई बहुत हाई-टेक हैकिंग नहीं है, बल्कि सुरक्षा की एक साधारण चूक का फायदा उठाना है। इस एप में एक ‘रिमोट कट-ऑफ’ फीचर होता है, जिसकी मदद से बैटरी के डिस्चार्ज (पावर सप्लाई) को चालू या बंद किया जा सकता है। जब कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के 10 से 15 मीटर के दायरे (ब्लूटूथ की रेंज) में आकर इस एप के जरिए वाहन की बैटरी से कनेक्ट होता है, तो वह डिस्चार्ज फंक्शन को बंद कर देता है। इससे मोटर को मिलने वाली पावर तुरंत कट जाती है और ई-रिक्शा रुक जाता है। सवाल 3: क्या देश के सभी ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहन इस एप के जरिए रोके जा सकते हैं? जवाब: नहीं। सोशल मीडिया पर फैल रहे डर के विपरीत सभी ई-रिक्शा इसके जोखिम में नहीं हैं। यह एप केवल उन्हीं वाहनों पर असर डाल सकता है जो कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं। सवाल 3: कौन से ई-रिक्शा इस एप के प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित हैं? जवाब: भारत में अभी भी बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पुरानी लेड-एसिड बैटरियों पर चलते हैं। इन बैटरियों में कोई ब्लूटूथ या डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम नहीं होता, इसलिए ये इस एप से पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, जिन लिथियम बैटरियों के ब्लूटूथ सिस्टम में मैन्युफैक्चरर या डीलर द्वारा मजबूत पासवर्ड सेट किया गया है, उन्हें भी इस एप के जरिए एक्सेस नहीं किया जा सकता। सवाल 4: चीनी कंपनी ने इस एप को किस उद्देश्य से बनाया था? क्या ये ई-रिक्शा के लिए था? जवाब: नहीं, कंपनी ने इस एप को ई-रिक्शा को कंट्रोल करने के लिए नहीं बनाया था। इसका मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा उपकरणों और नावों या जहाजों की बैटरी में लगी लिथियम बैटरियों की सेहत पर नजर रखना था। इस एप का डिस्चार्ज ऑन/ऑफ फीचर सुरक्षा और रखरखाव के लिहाज से दिया गया था, ताकि जरूरत पड़ने पर बैटरी ओनर पावर कट कर सके। लेकिन भारत में इसका इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरियों को रिमोटली बंद करने के लिए किया जाने लगा। सवाल 5: इससे ई-रिक्शा चालकों और सड़क सुरक्षा पर क्या असर पड़ रहा है? जवाब: वायरल वीडियो में लोग इसे खराब ड्राइविंग का ‘बदला’ लेने या केवल मनोरंजन के लिए ई-रिक्शा बंद करते दिख रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। ट्रैफिक के बीच अचानक ई-रिक्शा के बंद होने से पीछे से आ रहे वाहनों से टक्कर होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालकों का समय बर्बाद होता है और उनकी कमाई पर असर पड़ता है। सवाल 6: सुरक्षा की इस बड़ी चूक के लिए असल में जिम्मेदार कौन है? जवाब: इसके लिए मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर बैटरी असेंबल करने वाले, डीलर्स और कुछ लो-कॉस्ट वाले लिथियम बैटरी मेकर्स जिम्मेदार हैं। भारत में सस्ते ई-रिक्शा पार्ट्स के बाजार में कई ऐसी लिथियम बैटरियां बेची जा रही हैं, जिनके ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को बिना किसी पासवर्ड या डिफॉल्ट पासवर्ड के खुला छोड़ दिया जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी ने अपने घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया हो और कोई भी अंदर आ जाए। सवाल 7: इस सुरक्षा खामी को ठीक करने का क्या उपाय है? जवाब: इसका समाधान बहुत सीधा और आसान है। वाहनों के डीलर्स और निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ग्राहकों को वाहन बेचने से पहले बैटरी के मैनेजमेंट सिस्टम में एक मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट करें। यदि पासवर्ड सेट रहेगा, तो ब्लूटूथ रेंज में होने के बावजूद कोई बाहरी व्यक्ति एप से कनेक्ट नहीं हो पाएगा। इसके अलावा, जिन ड्राइवरों के पास पहले से ऐसी बैटरियां हैं, वे डीलर के पास जाकर अपनी बैटरी के बीएमएस सेटिंग्स में पासवर्ड लॉक लगवा सकते हैं। सवाल 8: क्या इस मामले में प्रशासन या सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई की जा रही है? जवाब: हां, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने घोषणा की है कि ई-रिक्शा को रिमोटली (दूर से) बंद करने की चिंताओं के बाद दो संदिग्ध एप्लिकेशन्स को एप स्टोर्स से हटा दिया गया है। इनमें विवादों में रहा ‘BAT-BMS’ एप भी शामिल है। इससे पहले शिकायतें बढ़ने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने ‘BAT-BMS’ के साथ-साथ इसी तरह काम करने वाले एक अन्य एप्लीकेशन ‘इपोच ली-आयन’ (Epoch Li-ion) के खिलाफ जांच शुरू की थी। सवाल 9: परिवहन विभाग इस समस्या को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठा सकता है? जवाब: दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह और विभाग के सीनियर अधिकारी इस तकनीकी खामी और सुरक्षा के खतरे की गंभीरता से समीक्षा कर रहे हैं। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि कम्यूटर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए इन असुरक्षित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम एप्स पर किस तरह के प्रतिबंध या नियम लागू किए जा सकते हैं, ताकि अनधिकृत उपयोग को रोका जा सके।
ओटीटी के दौर में बड़े परदे पर लौट रहे दर्शक:मल्टीप्लेक्स कारोबार छह महीने में 21% बढ़ा, दर्शक 12% तक बढ़े

देश में फिल्मों के लिए बड़े पर्दे का आकर्षण फिर बढ़ रहा है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-जून 2026 के दौरान देश के मल्टीप्लेक्स बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में पिछले साल की तुलना में 21% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं उद्योग से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल बॉक्स ऑफिस कारोबार में भी करीब 16-17% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों (फुटफॉल) में 10-12% का इजाफा हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह फिल्मों का मजबूत लाइनअप रहा। हिंदी में ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस को नई जान दी, वहीं तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इससे साफ संकेत मिला कि दर्शक अब भाषा नहीं, अच्छी कहानी और सिनेमाई अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं। सीक्वल और फ्रेंचाइजी बने नया फॉर्मूला 2026 की सबसे बड़ी सीख यह रही कि दर्शक परिचित किरदारों और स्थापित फ्रेंचाइजी को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं। ‘धुरंधर 2’, ‘बॉर्डर 2’, ‘दृश्यम 3’, ‘वाझा 2’ और अन्य सीक्वल फिल्मों ने शानदार कारोबार किया। हालांकि, केवल बड़े बजट की फिल्में ही नहीं, बल्कि 100-200 करोड़ रुपए कमाने वाली मिड-बजट फिल्मों की संख्या भी बढ़ी, जो उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कमल ज्ञानचंदानी का कहना है कि ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी, मौलिक कहानियां, क्षेत्रीय सिनेमा और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के संतुलित मिश्रण ने दर्शकों का भरोसा लौटाया है। वहीं सिनेपोलिस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर देवांग संपत का मानना है कि यदि साल की दूसरी छमाही में भी मजबूत रिलीज कैलेंडर बना रहा तो थिएटर उद्योग में कमाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है। 2026 में भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन जनवरी – 1,327 फरवरी – 427 मार्च – 1,690 अप्रैल – 787 मई – 1,138 (*करोड़ रु. में) स्रोत- ऑरमैक्स मीडिया ट्रेड विश्लेषकों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में 30 हिंदी फिल्मों की रिलीज से 2,352 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कारोबार हुआ। ये बीते साल से करीब 15% की बढ़ोतरी है।
विंबलडन के तीसरे दौर में आर्थर फेरी पहुंचे:अकेले ब्रिटिश खिलाड़ी बचे; डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और एलीना रायबाकिना की जीत, बुल्टार-वाटसन डबल्स से बाहर

ब्रिटिश खिलाड़ी वर्ल्ड नंबर 114 आर्थर फेरी मेंस सिंगल्स के तीसरे दौर में पहुंचने वाले इकलौते ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं, विमेंस सिंगल्स में डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और पूर्व चैंपियन एलीना रायबाकिना ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जबकि डबल्स में केटी बुल्टार और हीथर वाटसन समेत सभी 6 ब्रिटिश जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। वहीं, टूर्नामेंट के अन्य बड़े मुकाबलों में बुल्गारिया के अनुभवी खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव ने चेक रिपब्लिक के जाकुब मेन्सिक को चार सेटों के कड़े मुकाबले में हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया, जहां उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी से होगा। आर्थर फेरी ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद 23 साल के आर्थर फेरी का जन्म पेरिस में फ्रांसीसी माता-पिता के घर हुआ था,लेकिन जब वे बहुत छोटे थे, तभी उनका परिवार विंबलडन में आकर बस गया था। फेरी ने बचपन में करीब 10 साल की उम्र तक फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इसके बाद वे ब्रिटेन के टेनिस सिस्टम (LTA) में शामिल हो गए। कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइंस और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले फेरी अब पूरी तरह ब्रिटिश बन चुके हैं। फेरी ने अपनी इस कामयाबी पर कहा,’मैं इसी विंबलडन टूर्नामेंट को देखते हुए बड़ा हुआ हूं। बचपन में खिलाड़ियों की नकल करता था और आज यहां मैच जीत रहा हूं, यह अहसास अद्भुत है। अब मैं खुद को दिल से पूरी तरह ब्रिटिश महसूस करता हूं।’ फेरी की मां ओलिविया खुद फ्रांस की पूर्व फेड कप खिलाड़ी रही हैं और पिता लोइक फ्रांस के फुटबॉल क्लब लोरिएंट के मालिक हैं। इगा स्वियातेक ने प्लिस्कोवा को 69 मिनट में हराया विमेंस सिंगल्स के दूसरे दौर में पोलैंड की स्टार खिलाड़ी और वर्ल्ड नंबर तीन इगा स्वियातेक ने पूर्व फाइनलिस्ट कैरोलिना प्लिस्कोवा को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हरा दिया। उन्होंने सिर्फ 69 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया। मैच के बाद स्वियातेक ने कहा, ‘आज मैं काफी स्थिर महसूस कर रही थी। पहला दौर बहुत इमोशनल था, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे यह ऑफिस का कोई आम दिन हो, जहां मुझे सही फैसले लेने थे। मैं अपने इस प्रदर्शन और फोकस से बेहद खुश हूं।’ एलीना रायबाकिना ने कैटी मैकनेली को सिर्फ 71 मिनट में हराया कजाकिस्तान की 2022 विंबलडन चैंपियन एलीना रायबाकिना ने भी सेंटर कोर्ट पर अपना जलवा बिखेरा। वर्ल्ड नंबर दो रायबाकिना ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। रयबाकिना को अपने पहले दौर के मैच में फ्रांस की लोइस बोइसन के खिलाफ तीसरे सेट तक जूझना पड़ा था, लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने कोई गलती नहीं की। अब तीसरे दौर में उनका सामना बेल्जियम की एलिस मर्टेंस से होगा। ग्रिगोर दिमित्रोव ने जाकुब मेन्सिक को हराकर अगले दौर में जगह बनाई 35 साल के ग्रिगोर दिमित्रोव ने 15वीं वरीयता प्राप्त जाकुब मेन्सिक को 7-6, 4-6, 7-5, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली। मैच के दौरान बारिश की वजह से कोर्ट की छत बंद करनी पड़ी। इस दौरान दिमित्रोव को पिछले साल की याद आ गई, जब वह सेंटर कोर्ट पर जैनिक सिनर के खिलाफ मुकाबले में चोटिल होकर बाहर हो गए थे। जीत के बाद दिमित्रोव ने कहा,’मैंने चार-पांच बार ऊपर छत की ओर देखा। मुझे लगा कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है, लेकिन अब वह सब पीछे छूट चुका है। विंबलडन में मुझे जो प्यार मिलता है, वही इसे मेरे लिए खास बनाता है। ब्रिटिश डबल्स जोड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन जहां सिंगल्स में आर्थर फेरी ने ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा, वहीं डबल्स कोर्ट से घरेलू फैंस के लिए मायूसी हाथ लगी। केटी बुल्टार और हीथर वाटसन की जोड़ी ने दूसरे सेट के टाई-ब्रेकर में 4 मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिरकार वे पोलैंड की कतारजाइना पीटर और चेक रिपब्लिक की अन्ना सिस्कोवा से 6-4, 6-7, 6-3 से हार गईं। इसके अलावा ओलिविया निकोल्स, जोडी बरेज और हैरियट डार्ट समेत सभी छह ब्रिटिश महिला डबल्स जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। हालांकि मेन्स डबल्स में हेनरी पैटन और नील स्कुप्सकी जैसे शीर्ष खिलाड़ियों ने दूसरे दौर में जगह बना ली है।
डिफेंडिंग चैंपियन स्वियातेक और रायबाकिना विंबलडन के तीसरे दौर में:आर्थर फेरी अकेले ब्रिटिश खिलाड़ी बचे, दिमित्रोव भी जीते

डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और वर्ल्ड नंबर-2 एलीना रायबाकिना ने लंदन में खेली जा रही विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के तीसरे दौर में जगह बना ली है। लेडीज सिंगल्स कैटेगरी में पोलैंड की स्टार इगा ने कैरोलिना प्लिस्कोवा को 69 मिनट में सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराया। जबकि, कजाकिस्तान की रायबाकिना ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। मेंस सिंगल्स कैटेगरी में आर्थर फेरी ने फिनलैंड के ओटो विर्तानेन को 5-7, 7-6, 6-3, 6-3 से हराया। वे राउंड-3 में ब्रिटिश के इकलौते खिलाड़ी हैं। शेष शुरुआती राउंड से ही बाहर हो गए हैं। इस कैटेगरी के अन्य मुकाबलों में बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव ने चेक रिपब्लिक के जाकुब मेन्सिक को 4 सेटों के कड़े मुकाबले में मात दी। जहां उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी से होगा। स्वियातेक ने कहा- मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं मैच के बाद स्वियातेक ने कहा, ‘आज मैं काफी स्थिर महसूस कर रही थी। पहला दौर बहुत इमोशनल था, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे यह ऑफिस का कोई आम दिन हो, जहां मुझे सही फैसले लेने थे। मैं अपने इस प्रदर्शन और फोकस से बेहद खुश हूं।’ रायबाकिना का मैच मर्टेंस से होगा कजाकिस्तान की 2022 विंबलडन चैंपियन एलीना रायबाकिना ने सेंटर कोर्ट पर अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में शिकस्त दी। उन्हें पहले राउंड के मैच में फ्रांस की लोइस बोइसन के खिलाफ 3 सेट संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन उन्होंने दूसरे दौर में कोई गलती नहीं की। अब तीसरे दौर में उनका सामना बेल्जियम की एलिस मर्टेंस से होगा। आर्थर फेरी ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद 23 साल के आर्थर इस चैंपियनशिप में ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद हैं। उनका जन्म पेरिस में फ्रांसीसी माता-पिता के घर हुआ था, लेकिन जब वे बहुत छोटे थे, तभी उनका परिवार विंबलडन में आकर बस गया था। फेरी ने बचपन में करीब 10 साल की उम्र तक फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इसके बाद वे ब्रिटेन के टेनिस सिस्टम (LTA) में शामिल हो गए। कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइंस और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले फेरी अब पूरी तरह ब्रिटिश बन चुके हैं। फेरी ने अपनी इस कामयाबी पर कहा- ‘मैं इसी विंबलडन टूर्नामेंट को देखते हुए बड़ा हुआ हूं। बचपन में खिलाड़ियों की नकल करता था और आज यहां मैच जीत रहा हूं, यह अहसास अद्भुत है। अब मैं खुद को दिल से पूरी तरह ब्रिटिश महसूस करता हूं।’ फेरी की मां ओलिविया खुद फ्रांस की पूर्व फेड कप खिलाड़ी रही हैं और पिता लोइक फ्रांस के फुटबॉल क्लब लोरिएंट के मालिक हैं। ग्रिगोर दिमित्रोव ने जाकुब मेन्सिक को हराकर अगले दौर में जगह बनाई 35 साल के ग्रिगोर दिमित्रोव ने 15वीं वरीयता प्राप्त जाकुब मेन्सिक को 7-6, 4-6, 7-5, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली। मैच के दौरान बारिश की वजह से कोर्ट की छत बंद करनी पड़ी। इस दौरान दिमित्रोव को पिछले साल की याद आ गई, जब वह सेंटर कोर्ट पर जैनिक सिनर के खिलाफ मुकाबले में चोटिल होकर बाहर हो गए थे। जीत के बाद दिमित्रोव ने कहा,’मैंने चार-पांच बार ऊपर छत की ओर देखा। मुझे लगा कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है, लेकिन अब वह सब पीछे छूट चुका है। विंबलडन में मुझे जो प्यार मिलता है, वही इसे मेरे लिए खास बनाता है। ब्रिटिश डबल्स जोड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन जहां सिंगल्स में आर्थर फेरी ने ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा, वहीं डबल्स कोर्ट से घरेलू फैंस के लिए मायूसी हाथ लगी। केटी बुल्टार और हीथर वाटसन की जोड़ी ने दूसरे सेट के टाई-ब्रेकर में 4 मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिरकार वे पोलैंड की कतारजाइना पीटर और चेक रिपब्लिक की अन्ना सिस्कोवा से 6-4, 6-7, 6-3 से हार गईं। इसके अलावा ओलिविया निकोल्स, जोडी बरेज और हैरियट डार्ट समेत सभी छह ब्रिटिश महिला डबल्स जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। हालांकि मेन्स डबल्स में हेनरी पैटन और नील स्कुप्सकी जैसे शीर्ष खिलाड़ियों ने दूसरे दौर में जगह बना ली है। ———————————————
मूवी रिव्यू – 'नागबंधम':सनातन के रहस्य, ट्रेजर हंट और बाहुबली-कांतारा 2 वाला एहसास… लेकिन क्या कमजोर स्क्रीनप्ले पड़ेगा भारी? जानिए कैसी है मूवी

पिछले कुछ सालों में भारतीय पौराणिक कथाओं और सनातन पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म नागबंधम भी इसी कड़ी में एक ऐसा ट्रेजर हंट एडवेंचर है, जो सनातन की विरासत, इतिहास और इंसानी लालच को एक साथ जोड़ने की कोशिश करता है। फिल्म का विचार और विजुअल स्केल इम्प्रेस करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और ज्यादा लंबी अवधि इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाते हैं। फिल्म की कहानी कहानी साल 1962 में हिमालय से शुरू होती है, जहां आर्कियोलॉजिस्ट जुल्फिकार अली (ऋषभ साहनी) और टेस्ला (जेसन शाह) रहस्यमयी नागबंधम की तलाश में एक गुफा तक पहुंचते हैं। वहां पेड़ में कैद एक बैरागी जुल्फिकार को उसकी सबसे बड़ी सच्चाई बताता है कि वह अपने पिछले जन्म में अहमद शाह अब्दाली था। बैरागी उसे पुष्पकमल और नागबंधम हासिल कर पूरी दुनिया पर राज करने का लालच देता है। दूसरी तरफ जुल्फिकार, रुद्र (विराट कर्ण) और उसके परिवार पर हमला कर देता है, क्योंकि उसे विश्वास है कि पुष्पकमल का रहस्य उसी के पास है। इस हमले में रुद्र अपना पूरा परिवार खो देता है। वहीं पार्वती (नभा नटेश), जिस पर रुद्र सबसे ज्यादा भरोसा करता है, उससे जुड़ा एक बड़ा रहस्य कहानी को नया मोड़ देता है। रुद्र बदले और सच की तलाश में निकलता है। इसी दौरान कहानी 1756 में पहुंचती है, जहां दिखाया जाता है कि कैसे अहमद शाह अब्दाली ने हिंदू मंदिरों पर हमला कर दिव्य पुष्पकमल को हासिल करने की कोशिश की थी। अब क्या रुद्र नागबंधम और पुष्पकमल की रक्षा कर पाएगा और क्या वह जुल्फिकार से बदला ले सकेगा, इसी पर फिल्म का क्लाइमैक्स टिका है। फिल्म में एक्टिंग रुद्र के किरदार में विराट कर्ण ने पूरी मेहनत की है। एक्शन सीन्स में वह प्रभाव छोड़ते हैं, लेकिन इमोशनल और सीरियस सीन्स में कई जगह उनकी परफॉर्मेंस जरूरत से ज्यादा लाउड और ओवरड्रामेटिक महसूस होती है। बतौर लीड एक्टर उनमें संभावनाएं हैं, लेकिन अभी उन्हें एक्टिंग पर और काम करने की जरूरत है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत नभा नटेश हैं। डबल रोल में उन्होंने अच्छी एक्टिंग की है और उनका किरदार कहानी में सबसे बड़ा सरप्राइज लेकर आता है। जुल्फिकार और अहमद शाह अब्दाली के रोल में ऋषभ साहनी का लुक प्रभावशाली है और वह डर पैदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई जगह उनकी परफॉर्मेंस भी जरूरत से ज्यादा लाउड नजर आती है। वहीं जगपति बाबू, मुरली शर्मा, महेश मांजरेकर और ऐश्वर्या मेनन अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय करते हैं। फिल्म में डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष कहानी, स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन की जिम्मेदारी अभिषेक नामा ने संभाली है। फिल्म का बेस काफी मजबूत है। शुरुआत शानदार है और सेट डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी तथा वीएफएक्स बड़े पर्दे का एहसास कराते हैं। शुरुआती आधे घंटे तक फिल्म बांधे रखती है। लेकिन इसके बाद ढीले स्क्रीनप्ले की वजह से कहानी बार-बार भटकती है और गति खो देती है। इंटरवल पर एक बड़ा सरप्राइज आता है, जो बाहुबली और कांतारा जैसी फिल्मों की याद दिलाता है। इसके बाद कुछ समय तक फिल्म फिर से पटरी पर लौटती है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी एक बार फिर बिखर जाती है। फिल्म की जरूरत से ज्यादा लंबी अवधि, लगातार लाउड बैकग्राउंड म्यूजिक, कई जगह ओवर द टॉप एक्टिंग और कमजोर एडिटिंग दर्शकों के धैर्य की परीक्षा लेते हैं। अगर एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई होती और स्क्रीनप्ले पर ज्यादा काम किया जाता, तो यही कहानी कहीं ज्यादा असरदार बन सकती थी। फिल्म में म्यूजिक फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर जरूरत से ज्यादा तेज महसूस होता है। कई सीन्स में यह भावनाओं को उभारने के बजाय उन पर हावी हो जाता है। गाने भी ऐसे नहीं हैं, जो फिल्म खत्म होने के बाद याद रह जाएं। फिल्म को फाइनल वर्डिक्ट नागबंधम का आइडिया नया नहीं है, लेकिन इसे भारतीय इतिहास, सनातन की विरासत और पौराणिक रहस्यों के साथ जोड़ने की कोशिश दिलचस्प है। शानदार विजुअल्स, भव्य सेट और कुछ अच्छे सरप्राइज इस फिल्म को देखने लायक बनाते हैं। हालांकि कमजोर स्क्रीनप्ले, लंबी अवधि और लाउड ट्रीटमेंट इसकी रफ्तार को बार-बार रोकते हैं। अगर आपको पौराणिक रहस्य, ट्रेजर हंट और बड़े विजुअल स्केल वाली फिल्में पसंद हैं, तो नागबंधम एक बार देखी जा सकती है।
सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 78,150 पर खुला:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी; IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 3 जुलाई को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 650 अंक की तेजी के साथ 78,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में 200 अंक की बढ़त है। ये 24,350 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में तेजी अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही थी विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 14,588 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स में 579 अंक की तेजी रही थी शेयर बाजार में आज यानी 2 जुलाई को बढ़त रही। सेंसेक्स 579 अंक की तेजी के साथ 77,502 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 170 अंक की बढ़त रही। ये 24,176 पर बंद हुआ है। आज IT, ऑटो और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही।
सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 78,150 पर खुला:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी; IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 3 जुलाई को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 650 अंक की तेजी के साथ 78,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में 200 अंक की बढ़त है। ये 24,350 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में तेजी अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही थी विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 14,588 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स में 579 अंक की तेजी रही थी शेयर बाजार में आज यानी 2 जुलाई को बढ़त रही। सेंसेक्स 579 अंक की तेजी के साथ 77,502 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 170 अंक की बढ़त रही। ये 24,176 पर बंद हुआ है। आज IT, ऑटो और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही।
इंग्लैंड विमेंस T20 वर्ल्डकप के फाइनल में:साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया; ब्रंट और नाइट के बीच 133 रन की साझेदारी

इंग्लैंड ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार रात को सेमीफाइनल मैच में साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया। अब रविवार को लॉर्ड्स के मैदान पर खिताब के लिए इंग्लैंड का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। ओवल मैदान पर इंग्लैंड ने 23 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे और बेहद मुश्किल में थी। यहां से नेट साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट की जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए महज 90 गेंदों पर 133 रनों की रिकॉर्ड पार्टनरशिप की। इस साझेदारी के दम पर इंग्लिश टीम ने 5 विकेट पर 169 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीकी 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 129 रन ही बना सकी। इंग्लैंड पावरप्ले में 16 रन ही बना सका टॉस हारकर बैटिंग कर रही इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। टीम पावरप्ले में महज 16 रन ही बना सकी। इतना ही नहीं, एक विकेट भी गंवा दिया। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में पावरप्ले में इंग्लैंड का सबसे छोटा स्कोर है। साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल और मरिजाने कैप ने सटीक गेंदबाजी की। कैप ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से 4 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 1 विकेट लिया। इस्माइल ने 31 रन देकर 2 विकेट चटकाए। नेट साइवर-ब्रंट ने काफ इंजरी से उबरकर खेली 75 रनों की पारी काफ इंजरी के कारण पिछले तीन मैच न खेल पाने वाली नेट साइवर-ब्रंट ने इस मैच में सोफिया डंकली की जगह ली। उन्होंने आते ही साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले। साइवर-ब्रंट ने अपनी 47 गेंदों की पारी में 11 चौके और 1 छक्का लगाते हुए 75 रन बनाए। रनिंग बिटवीन द विकेट्स के दौरान उनकी चोट का कोई असर नहीं दिखा। दूसरी छोर से हीथर नाइट ने उनका पूरा साथ दिया। नाइट ने अयाबोंगा खाका की गेंद पर सिक्स लगाकर अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की। नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रनों की पारी खेली। हालांकि म्लाबा ने दोनों को तीन गेंदों के अंदर आउट कर दिया, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्कोर खड़ा कर चुका था। साउथ अफ्रीका को जीत के लिए टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा चेज (170 रन) करना था। टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं साउथ अफ्रीका की शबनीम इस्माइल ने मैच की पहली ही गेंद पर इंग्लैंड की ओपनर एमी जोन्स को आउट कर इतिहास रच दिया। वह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस्माइल ने अपने दूसरे ओवर में एलिस कैपसी को भी एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट कर इंग्लैंड को तीसरा विकेट दिया। साउथ अफ्रीका की टीम फिर चूकी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका को कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट से बड़ी पारी की उम्मीद थी। वह अच्छी लय में दिख रही थीं, लेकिन छठे ओवर में सोफी एक्लेस्टोन ने मिड-ऑन पर उनका शानदार कैच लपककर टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद एक्लेस्टोन ने शॉर्ट फाइन लेग पर सुने लूस का भी मुश्किल कैच पकड़ा और इंग्लैंड की बेहतरीन फील्डिंग का प्रदर्शन किया। ब्रिट्स का अर्धशतक नहीं आया काम तामिन ब्रिट्स ने 44 गेंदों में अर्धशतक लगाकर साउथ अफ्रीका की उम्मीदें बनाए रखीं, लेकिन चार्ली डीन की स्पिन के सामने मध्यक्रम टिक नहीं सका। ब्रिट्स और मारिजाने काप, दोनों एक्स्ट्रा कवर पर नेट साइवर-ब्रंट को कैच दे बैठीं। इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम वापसी नहीं कर सकी और 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी।
इंग्लैंड विमेंस T20 वर्ल्डकप के फाइनल में:साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया; ब्रंट और नाइट के बीच 133 रन की साझेदारी

इंग्लैंड ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार रात को सेमीफाइनल मैच में साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराया। अब रविवार को लॉर्ड्स के मैदान पर खिताब के लिए इंग्लैंड का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। ओवल मैदान पर इंग्लैंड ने 23 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे और मुश्किल में थी। यहां से नेट साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट की जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 90 गेंदों पर 133 रनों की पार्टनरशिप की। इस साझेदारी के दम पर टीम ने 5 विकेट पर 169 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 129 रन ही बना सकी। कप्तान ब्रंट प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। इंग्लैंड पावरप्ले में 16 रन ही बना सका टॉस हारकर बैटिंग कर रही इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। टीम पावरप्ले में महज 16 रन ही बना सकी। इतना ही नहीं, एक विकेट भी गंवा दिया। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में पावरप्ले में इंग्लैंड का सबसे छोटा स्कोर है। साउथ अफ्रीका की तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल और मरिजाने कैप ने सटीक गेंदबाजी की। कैप ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से 4 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 1 विकेट लिया। इस्माइल ने 31 रन देकर 2 विकेट चटकाए। चोट से वापसी कर रही साइवर-ब्रंट ने फिफ्टी लगाई काफ इंजरी के कारण पिछले तीन मैच न खेल पाने वाली नेट साइवर-ब्रंट ने इस मैच में सोफिया डंकली की जगह ली। उन्होंने आते ही साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले। साइवर-ब्रंट ने अपनी 47 गेंदों की पारी में 11 चौके और 1 छक्का लगाते हुए 75 रन बनाए। रनिंग में उनकी चोट का कोई असर नहीं दिखा। दूसरी छोर से हीथर नाइट ने उनका पूरा साथ दिया। नाइट ने अयाबोंगा खाका की गेंद पर सिक्स लगाकर अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की। नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रनों की पारी खेली। हालांकि म्लाबा ने दोनों को तीन गेंदों के अंदर आउट कर दिया, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्कोर खड़ा कर चुका था। साउथ अफ्रीका को जीत के लिए टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा चेज (170 रन) करना था। टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं साउथ अफ्रीका की शबनीम इस्माइल ने मैच की पहली ही गेंद पर इंग्लैंड की ओपनर एमी जोन्स को आउट कर इतिहास रच दिया। वह विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 50 विकेट लेने वाली दुनिया की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस्माइल ने अपने दूसरे ओवर में एलिस कैपसी को भी LBW आउट कर इंग्लैंड को तीसरा विकेट दिया। साउथ अफ्रीका की टीम फिर चूकी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका को कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट से बड़ी पारी की उम्मीद थी। वह अच्छी लय में दिख रही थीं, लेकिन छठे ओवर में सोफी एक्लेस्टोन ने मिड-ऑन पर उनका शानदार कैच लपककर टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद एक्लेस्टोन ने शॉर्ट फाइन लेग पर सुने लूस का भी मुश्किल कैच पकड़ा। ब्रिट्स का अर्धशतक नहीं आया काम तामिन ब्रिट्स ने 44 गेंदों में अर्धशतक लगाकर साउथ अफ्रीका की उम्मीदें बनाए रखीं, लेकिन चार्ली डीन की स्पिन के सामने मध्यक्रम टिक नहीं सका। ब्रिट्स और मारिजाने काप, दोनों एक्स्ट्रा कवर पर नेट साइवर-ब्रंट को कैच दे बैठीं। इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम वापसी नहीं कर सकी और 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी।







