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भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी:रुपए-येन में लेनदेन होगा, PM मोदी-ताकाइची बैठक में हो सकता है ऐलान

भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।

ईशा सिंह 'जूही मुई' में ऑटिस्टिक किरदार निभा रहीं:प्रियंका चोपड़ा के 'बर्फी' वाले किरदार से तुलना पर बोलीं- वो मेरा ड्रीम रोल था

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एक्ट्रेस ईशा सिंह कलर्स टीवी के नए शो ‘जूही मुई’ में नजर आ रही हैं। इस शो में वह पहली बार एक ऑटिस्टिक लड़की का किरदार निभा रही हैं। ऑटिस्टिक उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो ऑटिज्म से ग्रसित होता है। ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है, बल्कि मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। इसके कारण व्यक्ति का दुनिया को देखने, समझने और दूसरों से बातचीत करने का तरीका आम लोगों से अलग होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ईशा सिंह ने अपने किरदार, उसकी तैयारी, ऑटिज्म को लेकर जागरूकता और शो से जुड़ी कई बातें शेयर कीं… सवाल: शो ‘जूही मुई’ में आपका जो किरदार है, उसकी तैयारी किस तरह की? जवाब: इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। काफी समय बाद इतने ऑडिशन दिए। पहले घर से वीडियो भेजा, फिर ऑफिस में ऑडिशन, उसके बाद मॉक शूट और कई राउंड हुए। इस रोल के लिए मैंने वर्कशॉप कीं, ऑटिस्टिक लोगों से मिली, उनके इंटरव्यू देखे और काफी रिसर्च की। मेरी कोशिश यही है कि जिन लोगों को मैं रिप्रेजेंट कर रही हूं, उनकी भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: ऑटिज्म जैसे विषय पर टीवी शो करना कितना जरूरी है? जवाब: मेरी पूरी कोशिश है कि इस शो के जरिए लोग ऑटिज्म को समझें। आज भी टीवी की पहुंच देश के हर कोने तक है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास ओटीटी की रीच नहीं है। अगर हम अपने शो के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैला सकें तो इससे अच्छी बात क्या होगी। लोग अक्सर बिना समझे किसी बच्चे को ‘पागल’ कह देते हैं, जबकि वे कई बार हमसे ज्यादा सेंसिटिव और समझदार होते हैं। उन्हें बदलने की नहीं, समझने की जरूरत है। अगर मैं 0.2 प्रतिशत लोगों की सोच भी बदल पाऊं तो मुझे लगेगा कि मैंने कुछ अच्छा किया। सवाल: ईशा और जूही में आपको सबसे बड़ी समानता क्या लगती है? जवाब: हम दोनों बहुत इमोशनल हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मैं अपने इमोशंस जाहिर कर देती हूं, लेकिन जूही ऐसा नहीं कर पाती। वहीं, जूही छोटी-छोटी चीजें बहुत गहराई से नोटिस करती है। उससे मैंने ज्यादा सेंसिटिव और दयालु होना सीखा है। सवाल: क्या यह किरदार आपके करियर का माइलस्टोन साबित होगा? जवाब: बिल्कुल। यह किरदार मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। मुझे नहीं पता शो कितना बड़ा हिट होगा, लेकिन जूही हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। यह कोई टिपिकल हीरोइन नहीं है। अगर लोग उसके इमोशंस को समझेंगे तो उससे प्यार करने लगेंगे। सवाल: आपके ज्यादातर शोज किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर रहे हैं? जवाब: मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं। मेरा पहला शो ‘इश्क का रंग सफेद’ विधवा पुनर्विवाह पर था, वहीं ‘इश्क सुभान अल्लाह’ ट्रिपल तलाक पर और अब ऑटिज्म जैसे विषय पर काम कर रही हूं। अगर मेरे काम के जरिए समाज तक कोई अच्छा मैसेज पहुंच रहा है तो इससे बड़ी बात मेरे लिए नहीं हो सकती। सवाल: इतने चैलेंजिंग किरदार को निभाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: यह मेंटली काफी थका देता है। 12 घंटे शूटिंग के बाद आप किरदार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन शूट खत्म होने के बाद मैं सबके साथ हंसती हूं, बातें करती हूं और फिर अगले दिन दोबारा जूही बन जाती हूं। सवाल: आपके किरदार की तुलना प्रियंका चोपड़ा के ‘बर्फी’ वाले किरदार से होगी। इसे कैसे देखती हैं? जवाब: प्रियंका चोपड़ा मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस हैं। तुलना हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उनका किरदार मेरे ड्रीम रोल्स में से एक रहा है। जूही और उनका किरदार अलग हैं, लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे भी ऐसा रोल निभाने का मौका मिला। सवाल: इस किरदार के लिए आपने किस तरह की रिसर्च की? जवाब: मैं अलग-अलग स्पेक्ट्रम के ऑटिस्टिक लोगों से मिली। उन्हें ऑब्जर्व किया और उन्हीं से बहुत-सी बातें सीखीं। सवाल: इस शो को लेकर सबसे खास प्रतिक्रिया किसकी मिली? जवाब: कई माताओं और एनजीओ के मैसेज आए। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई शो उनके बच्चों को समझने की कोशिश कर रहा है। एक मां ने लिखा कि लोग उनके ऑटिस्टिक बच्चे को बीमारी समझते हैं। अगर हमारा शो यह सोच बदल सके तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए नहीं होगी। सवाल: शो की तुलना एक K ड्रामा शो से की जा रही है। इस पर क्या कहेंगी? जवाब: मैंने सबसे पहले वह शो भी नहीं देखा था। मैंने जो रिसर्च की थी, वह काफी इंडियनाइज्ड थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि भारत में ऑटिज्म पर जागरूकता फैलाने वाले कितने शो हैं? आज भी बहुत से लोगों को पता नहीं है कि ऑटिज्म क्या होता है। अगर हमारा शो लोगों तक यह मैसेज पहुंचा सके और उनकी सोच में थोड़ा भी बदलाव ला सके, तो इससे अच्छी बात क्या होगी। इसलिए पहले शो को देखिए। सिर्फ तुलना या आलोचना करने के बजाय उसके मैसेज को भी समझिए। सवाल: सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और जजमेंट को कैसे संभालती हैं? जवाब: आज के समय में किसी को जज करना बहुत आसान हो गया है। मेरे बारे में भी अच्छी और बुरी दोनों तरह की बातें होती हैं, लेकिन मैं सिर्फ पॉजिटिव चीजों पर ध्यान देती हूं और अपना काम करती रहती हूं। सवाल: शो को लेकर परिवार का क्या रिएक्शन रहा? जवाब: मेरी मां ने तो मेरे बिना ही पहला एपिसोड देख लिया। मेरे भाई ने कहा कि यह अब तक का मेरा सबसे बेहतरीन काम है। यह सुनकर मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई।

भारत Vs इंग्लैंड पहला टी-20 आज:चेस्टर ली स्ट्रीट में बारिश के 80% चांस, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

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भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला आज चेस्टर ली स्ट्रीट में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 9:30 बजे होगा। मुकाबले पर बारिश का साया भी है और करीब 80% बारिश की संभावना जताई गई है। आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवाने के बाद श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम जीत के साथ नए अभियान की शुरुआत करना चाहेगी। सीरीज से पहले सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर हो रही है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने उनके डेब्यू के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। टीम संयोजन पूरी तरह निजी मामला है और हम अपनी रणनीति विरोधी टीम के सामने नहीं रख सकते। सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। जब भी उन्हें मौका मिलेगा, मुझे पूरा भरोसा है कि वे शानदार प्रदर्शन करेंगे। भारत ने 30 में से 18 मैच जीते भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 30 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारतीय टीम ने 18 और इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं। हालांकि, इंग्लैंड की सरजमीं पर मेजबान टीम का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। वहां खेले गए 9 मैचों में भारत को 4 जीत, जबकि इंग्लैंड को 5 जीत मिली हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 9 टी-20 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारतीय टीम ने 5 सीरीज जीती हैं, जबकि इंग्लैंड ने 3 सीरीज अपने नाम की हैं। एक सीरीज ड्रॉ रही। भारत ने पिछली पांचों सीरीज लगातार जीती। ईशान इस साल टीम के टॉप स्कोरर भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस साल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने 2026 में अब तक कुल 15 मुकाबले में 545 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 199.63 का है। अर्शदीप सिंह के लिए भी यह साल विकेटों के लिहाज से शानदार रहा है। अर्शदीप ने साल 2026 में अब तक 14 मैच खेले हैं और कुल 21 विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.98 का रहा है। जैकब बेथेल एक शतक लगा चुके हैं मेजबान इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने इस साल अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। बेथेल ने 2026 में अब तक 11 मैच खेले हैं और 143.19 के स्ट्राइक रेट से 305 रन बनाए हैं। उनके नाम इस साल एक शतकीय पारी भी दर्ज है। इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने साल 2026 में 11 मुकाबले खेले हैं और 18 विकेट चटकाए हैं। भारतीय टीम यहां पहली बार खेलेगी इंग्लैंड के चेस्टर ली स्ट्रीट के रिवरसाइड स्टेडियम की पिच संतुलित मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। नई गेंद से स्विंग और सीम मूवमेंट देखने को मिल सकता है, जिसका फायदा गेंदबाज उठा सकते हैं। यहां अब तक 5 टी-20 मैच खेले गए हैं। पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 3 और चेज करने वाली टीम ने 2 मैच जीते हैं। भारतीय टीम यहां पहली बार खेलेगी। पॉसिबल प्लेइंग इलेवन भारत: संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, सुर्यांश शेडगे, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव/वरुण चक्रवर्ती। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम करन, लियम डॉसन, सोनी बेकर/ल्यूक वुड, साकिब महमूद, आदिल रशीद। कहां देखें मुकाबला? भारत में मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव ऐप पर देखा जा सकता है। वहीं, मैच के लाइव अपडेट्स दैनिक भास्कर ऐप पर उपलब्ध रहेंगे।

ऑस्ट्रेलिया 8वीं बार फाइनल में पहुंची:विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया; बेथ मूनी की नाबाद फिफ्टी

ऑस्ट्रेलिया 8वीं बार फाइनल में पहुंची:विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया; बेथ मूनी की नाबाद फिफ्टी

ऑस्ट्रेलिया ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया आठवीं बार विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई है। लंदन के द ओवल स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 125 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 13 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा। दूसरा सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और मेजबान इंग्लैंड के बीच 2 जुलाई को इसी मैदान पर खेला जाएगा। फाइनल लॉर्ड्स में 5 जुलाई को होगा। वेस्टइंडीज ने धीमी शुरुआत की ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। वेस्टइंडीज के दोनों ओपनर्स हेली मैथ्यूज और कियाना जोसेफ ने धीमी शुरुआत की। पावरप्ले में विकेट ना गंवाने के बावजूद टीम सिर्फ 35 रन ही बना सकी। 9वें ओवर में 47 रन के टीम स्कोर पर हेली के रुप में पहला झटका लगा। वे 28 गेंद पर 30 रन बनाकर जॉर्जिया वारेहम की गेंद पर बोल्ड हुई। टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। 16वें ओवर में वेस्टइंडीज का स्कोर 83 रन पर 6 विकेट हो गया। आखिरी ओवरों में डेंड्रा डॉटिन ने 16 गेंद पर 26 रन बनाते हुए स्कोर 125 रन तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स, एश्ले गार्डनर और वारेहम ने 2-2 विकेट लिए। एनाबेल सदरलैंड को 1 विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया की तेज शुरुआत ऑस्ट्रेलिया को जॉर्जिया वॉल और बेथ मूनी ने तेज शुरुआत दिलाई। तीसरे ओवर में 29 रन के स्कोर वॉल का विकेट गिरा। वे 11 गेंद पर 16 रन बनाकर चिनेल हेनरी की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुईं। पांचवे ओवर में फीबी लिचफील्ड का भी विकेट गिर गया। वे सिर्फ 4 रन बनाकर हेली की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुईं। दूसरे छोर से मूनी रन बनाती रहीं। पेरी चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हुईं नंबर-4 पर बैटिंग करने उतरीं एलिस पेरी सिर्फ 2 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हुईं। पारी के 7वें ओवर के बाद उन्हें कुछ दिक्कत महसूस हुई, जिसके बाद वे ग्राउंड से बाहर चली गईं। उन्होंने सिर्फ 7 गेंद का सामना किया। उनकी जगह एश्ले गार्डनर बैटिंग के लिए उतरीं। मूनी और गार्डनर ने मैच खत्म किया मूनी और गार्डनर ने तीसरे विकेट के लिए 36 गेंद पर 63 रन जोड़ते हुए मैच खत्म किया। ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 13 ओवर में स्कोर चेज कर दिया। मूनी 36 गेंद पर नाबाद 61 रन बनाकर मैच की टॉप स्कोरर रहीं। गार्डनर ने 20 गेंद पर नाबाद 35 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए हेली और हेनरी ने 1-1 विकेट लिए।

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार:सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता कानून बरकरार:सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का आदेश रद्द किया, कहा- देश में जन्मा हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा संवैधानिक फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर बच्चा जन्म से अमेरिकी नागरिक होगा, चाहे उसके माता-पिता देश में अवैध रूप से रह रहे हों या फिर अस्थायी वीजा पर आए हों। अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें ऐसे बच्चों को जन्म से नागरिकता देने से इनकार किया गया था। यह फैसला 5-4 के बहुमत से आया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखा। अमेरिका में पिछले 158 साल से यह व्यवस्था लागू है कि वहां जन्म लेने वाला हर बच्चा अपने जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक बन जाता है। यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन में दिया गया है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही ट्रम्प ने आदेश जारी किया था ट्रम्प ने अपने शपथ ग्रहण वाले दिन यानी 20 जनवरी 2025 को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर बर्थ राइट सिटीजनशिप पर रोक लगा दी थी। इसके कुछ ही दिन बाद कई संघीय (फेडरल) जिला अदालतों ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। यानी ट्रम्प का आदेश लागू ही नहीं हो सका। हालांकि उस समय बर्थराइट सिटिजनशिप पर रोक नहीं लगी थी, बल्कि ट्रम्प के आदेश पर रोक लगी थी। इसके बाद फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने अब अंतिम फैसला देते हुए कहा कि 14वां संशोधन जन्मजात नागरिकता की गारंटी देता है। इसलिए ट्रम्प का आदेश असंवैधानिक है और उसे रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) सामान्य कानून बनाकर जन्म से नागरिकता के अधिकार का दायरा नहीं बदल सकती। अगर इस व्यवस्था में बदलाव करना है, तो इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा। यह फैसला ट्रम्प के लिए इसलिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इसे खत्म करने का वादा किया था। अमेरिका में 157 साल पहले मिला था जन्मजात नागरिकता का अधिकार 1865 में अमेरिकी गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में अमेरिकी संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। ट्रम्प और उनके समर्थकों का दावा है कि इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट के इस फैसले से भारतीयों को राहत क्यों मिली? H-1B वीजा धारकों के लिए गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के नियम नहीं बदलेंगे अमेरिका के इमिग्रेशन कानून या वीजा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो H-1B वीजा या किसी अन्य वैध अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अमेरिका में गर्भधारण करने या बच्चे को जन्म देने से रोकता हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी ऐसे परिवारों के अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा। क्या बच्चे की नागरिकता मिलने से माता-पिता को भी नागरिकता मिल जाएगी? जवाब है- नहीं। अगर किसी बच्चे का जन्म अमेरिका में होता है तो उसे जन्म से अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, लेकिन इसका फायदा उसके माता-पिता को नहीं मिलता। H-1B या किसी अन्य अस्थायी वीजा पर रह रहे लोगों को अपने इमिग्रेशन स्टेटस को पहले की तरह अलग से बनाए रखना होगा। मौजूदा अमेरिकी कानून के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक बच्चा अपने माता-पिता के लिए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की सिफारिश तभी कर सकता है, जब उसकी उम्र 21 वर्ष हो जाए। भारतीय मूल के बच्चों के लिए दोहरी नागरिकता का क्या नियम है? भारत पूरी तरह दोहरी नागरिकता (ड्यूल सिटिजनशिप) की अनुमति नहीं देता। अगर भारतीय माता-पिता के यहां अमेरिका में बच्चा पैदा होता है, तो उसे जन्म के साथ अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। हालांकि, वह एक साथ पूरी भारतीय नागरिकता नहीं रख सकता। ऐसे बच्चों के लिए माता-पिता ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड बनवा सकते हैं। ओसीआई कार्ड मिलने पर उन्हें भारत आने के लिए आजीवन वीजा की जरूरत नहीं होती। साथ ही भारत में रहने से जुड़े कई अधिकार भी मिलते हैं।

नो-बेक चीजकेक से लेकर मैंगो स्टिकी राइस तक… आम का सीजन खत्म होने से पहले घर पर सजाएं 5 शानदार रेसिपी

आम का मौसम खत्म होने से पहले, घर पर आम की ये पांच अनूठी रेसिपीज़ आज़माएँ

30 जून 2026 को 19:20 IST पर अपडेट किया गया समर का राजा आम अब जल्द ही विदा होने वाला है। पर सबसे आसान और स्वादिष्ट मैंगो रेसिपी घरज ट्रेस करें। क्लासिक मैंगो शेक, नो-बेक चीज़केक, मैंगो स्टिकी राइस, कुल्फी और अमरस पूरी तरह से ये व्यंजन डेज़र्ट तक हर मूड को पूरा स्कोर करते हैं। अनुसरण करना : समर का राजा आम अब धीरे-धीरे विदा होने वाला है। बाजार में आम अच्छे-धीमे-धीमे कम हो रहे हैं, इसलिए आखिरी मावे का पैसा और घर पर आसान और स्वादिष्ट आम के व्यंजन परिवार को खुश करें। छवि: फ्रीपिक लौकी आम की माथापच्ची हो या कच्ची आम का कट्टापन, ये फल खोज से लेकर डेजर्ट तक सब कुछ में जादू कर सकते हैं। यहां हम आपको कुछ आसान रेसिपीज बता रहे हैं, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। छवि: फ्रीपिक क्लासिक मैंगो शेक: गर्म में ठंडा मैंगो शेक से बेहतर कुछ नहीं। आमों को ठंडा दूध, थोड़ी चीनी या शहद और कुछ बर्फ के टुकड़े के साथ मिश्रित करें। डेमोक्रेट और मनोरंजन भी बना सकते हैं। छवि: Pexels एलीजेंट डेजर्ट चाहिए तो नो-बेक मैंगो चीज़केक सर्वोत्तम प्लेसमेंट है। बिना पके हुए बनने वाली मैंगो चीज़केक में बिस्किट का बेस, क्रीम चीज़ की फिलिंग और ऊपर से मज़ेदार आम की प्यूरी की टॉपिंग होती है। छवि: Pexels मैंगो स्टिकी चावल: थाई स्टाइल का यह डेजर्ट बहुत पसंदीदा है। स्टिकी राइस के साथ-साथ लॉट आम के अप्लाई और फ्लोटिंग नारियल का दूध तैयार किया जाता है। छवि: Pexels मैंगो कुल्फी: ट्रेडिशनल कुल्फी को नया ऑटोमोबाइल डेस्टिनेशन। इसके लिए गाधे मिल्क में यूनिट आम ​​का पल्प ऑल ट्रेडिशनल कुल्फी को एक नया और सीज़नल यूनिट तैयार करना है। इस मिश्रण को सांचों में जमें और मजा लें। छवि: Pexels अमरस वीडियो पूरी तरह से: भारतीय संग्रहालय का टाइमलेस फ़ेवरेट है। आमरस, लौकी आम के गूदे में हल्की सी इलायची और केसर का मिश्रण बनाया जाता है। सर्वमान्य कलाकार वाले खाने के लिए इसे गर्म और फूली हुई पूरियों के साथ ठंडा-ठंडा परोसें। छवि: Pexels द्वारा प्रकाशित: सागर सिंह प्रकाशित 30 जून 2026, 19:20 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)नो-बेक मैंगो चीज़केक(टी)मैंगो चीज़केक(टी)मैंगो स्टिकी राइस(टी)मैंगो कुल्फी(टी)पूरी के साथ आमरस(टी)आम का मौसम समाप्त होता है(टी)घर पर अनूठे आम के व्यंजन

देसी स्टाइल रोस्टेड टमाटर चटनी: भुने हुए टमाटर की प्याज और लहसुन वाली चटनी होती है सबसे लाजवाब, जानें आसान रेसिपी

देसी स्टाइल भुने टमाटर की चटनी

30 जून 2026 को 19:02 IST पर अपडेट किया गया देसी स्टाइल रोस्टेड टमाटर चटनी: क्या आप भी गर्मियों में अपने खाने का स्वाद दोगुना करना चाहते हैं? तो इसके लिए आप अपने घर पर ही लाजवाब भुने हुए टमाटरों की चटनी बना सकते हैं, जिसमें तंदूरी स्मोकी फ्लेवर और डाइटपन का स्वाद आता है। झटपट बनने वाली यह चटपटी रेसिपी रेस्तरां को और भी खसखस ​​बनाती है। आइये आपको बताते हैं इस मशीन को बनाने की विधि। अनुसरण करना : सामग्री लाल टमाटर: 4-5 लहसुन की कलियाँ: 10-12 पेज: 1 (बारीक कटा हुआ) हरी मिर्च: 2-3 हल्दी का तेल लाल मिर्च पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच टेम्पलेट का रस स्वाद नमक हरा धनिया: कटा हुआ छवि: एआई सबसे पहले टमाटरों को अच्छी तरह ढोकर बीच से आधा काट लें। अब गैस पर एक नकली व्यंजन और उस पर कटे हुए टमाटर और लहसुन की कलियाँ रख दीजिये। छवि: एआई प्रस्ताव पर निष्कर्ष तब तक जब तक टमाटर की त्वचा पूरी तरह से काली न पड़ जाए और वे अंदर से नंगा न हो जाएं। जब टमाटर- लहसुन ठंडा हो जाए, तो टमाटर के जले हुए चिप्स को निकाल लें। छवि: एआई अब एक बड़े मसाले में इन भुने हुए टमाटरों और लहसुन को डाल लें। आप एक कांटा या पोटाटो मैशर का उपयोग करके अच्छी तरह से मैश कर लें। छवि: एआई मैश किए हुए मिक्सचर में चॉकलेट कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च और सारा सारा हरा धनिया धनिया। इसके बाद इसमें लाल मिर्च पाउडर, साधारण नमक, काला नमक और हल्दी का तेल मिलाया जाता है। छवि: एआई आखिरी में नींबू का रस लेबल और सभी जरूरतों को अच्छी तरह से मिला लें। आपकी स्मोकी और लाजवाब देसी स्टाइल्स टमाटर की नकली रेसिपी के लिए बिल्कुल तैयार है। छवि: ऐ द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 30 जून 2026, 19:02 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)भुने टमाटर की चटनी रेसिपी(टी)देसी स्टाइल टमाटर की चटनी(टी)भुने टमाटर की चटनी(टी)मसालेदार टमाटर की चटनी(टी)भारतीय साइड डिश(टी)आसान चटनी रेसिपी(टी)स्मोकी टमाटर डिप

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

पेट्रोकेमिकल्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम-ड्यूटी 15 जुलाई तक बढ़ी:सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया

सरकार ने 30 जून को लगभग 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम ड्यूटी को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह राहत 15 जुलाई तक लागू रहेगी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता देने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह फुल कस्टम ड्यूटी छूट पहली बार 2 अप्रैल को एक अस्थायी राहत उपाय के रूप में शुरू की गई थी। पहले इसे 30 जून को समाप्त होना था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 15 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया। प्लास्टिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स को मिलेगा फायदा ड्यूटी माफी का यह फैसला उन उद्योगों को सीधा फायदा पहुंचाएगा जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स पर निर्भर हैं। इनमें प्लास्टिक्स, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स पर लागत का दबाव कम होगा। वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावट इन 9 प्रमुख प्रोडक्ट्स समेत 40 आइटम्स पर मिलेगी छूट कस्टम ड्यूटी छूट के दायरे में आने वाले प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स में मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यूनि, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन-ब्यूटाडीन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन्स शामिल हैं। क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और फर्टिलाइजर्स के इम्पोर्ट पर चिंता वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग रूटों में आई रुकावटों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस संकट की वजह से भारत के फर्टिलाइजर्स, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर्स दोनों का एक बहुत बड़ा इम्पोर्टर देश है। क्या होते हैं पेट्रोकेमिकल्स और डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स? ये खबर भी पढ़ें… सुकन्या में 8.2% और PPF पर 7.1% ब्याज मिलता रहेगा: स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं, लगातार 10वीं तिमाही ब्याज दर स्थिर सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त-वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), पोस्ट ऑफिस FD, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी की थी। पूरी खबर पढ़ें…