Saturday, 03 Oct 2026 | 02:53 PM

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जेंडर का फर्क मिट रहा, पर बदल रहीं सिर्फ महिलाएं:36% अमेरिकी उपभोक्ता परंपरागत जेंडर कैटेगरी से बाहर जाकर कपड़े खरीद चुके

जेंडर का फर्क मिट रहा, पर बदल रहीं सिर्फ महिलाएं:36% अमेरिकी उपभोक्ता परंपरागत जेंडर कैटेगरी से बाहर जाकर कपड़े खरीद चुके

ऑफिस में सूट-वेस्ट पहनी महिलाएं आम हो गई हैं। लेकिन क्या आपने किसी पुरुष को झुमकियां पहनकर मीटिंग में आते देखा है? शायद नहीं। यही फर्क हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की असिस्टेंट प्रोफेसर मारेन हॉफ की नई रिसर्च का केंद्र बना। हॉफ जब ऑफिस में महिलाओं को सूट-वेस्ट में देखने लगीं तो उन्होंने खुद भी कुछ खरीद लिए। लेकिन एक मार्केटिंग स्कॉलर के रूप में उनके जेहन में सवाल उठा- यह बदलाव किस दिशा में हो रहा है? इसका जवाब उन्होंने ‘जर्नल ऑफ कंज्यूमर रिसर्च’ में दिया है-महिलाओं की तुलना में पुरुष बेहद कम बदल रहे हैं। मारेन की रिसर्च टीम ने 1880 से 2022 के बीच अमेरिका के एक लाख बच्चों के नामों का विश्लेषण किया। पाया कि हर साल औसतन 310 पुरुष नाम जेंडर-फ्लूइड बने। यानी लड़कियों ने पुरुषों के नाम अपनाए, जबकि जो पुरुषों ने महिला नाम अपनाए, वे सिर्फ 207 थे। ब्लेक इसका अच्छा उदाहरण है। 1883 में यह सिर्फ लड़कों का नाम था। 1960 के दशक में लड़कियों ने इसे अपनाना शुरू किया। 1981 तक यह दोनों का हो गया। टीम ने फैशन रिटेलर फारफेच के 2 लाख से ज्यादा प्रोडक्ट इमेज एक इमेज-रिकॉग्निशन मॉडल से जांचे। नतीजा साफ था- महिलाओं के 7% कपड़े एआई ने पुरुषों के समझ लिए, जबकि पुरुषों के सिर्फ 5.3% कपड़े ही महिलाओं का समझा। यानी महिलाओं के फैशन में मर्दाना छाप ज्यादा है, पर इसका उल्टा कम हो रहा है। इसकी वजह सीधी है- मर्दानगी को समाज में ताकत का प्रतीक माना जाता है। महिलाओं के लिए पुरुष-स्टाइल कम जोखिम भरा है, बल्कि यह उन्हें प्रोफेशनल और सशक्त दिखाता है। पुरुषों के लिए स्त्रियोचित स्टाइल अब भी सामाजिक रूप से जोखिम भरा माना जाता है। हॉफ कहती हैं, ‘यह ट्रेंड समावेश के नाम पर है, लेकिन असल में यह पुरानी पावर डायनेमिक्स को बनाए रखता है।’ दिलचस्प है कि 36% अमेरिकी उपभोक्ता परंपरागत जेंडर कैटेगरी से बाहर जाकर कपड़े खरीद चुके हैं। नॉर्डस्ट्रॉम, मार्क जैकब्स और गुची जैसे ब्रांड जेंडर-फ्लूइड कलेक्शन ला चुके हैं। लेकिन मारेन की रिसर्च कहती है कि जब तक यह बदलाव एकतरफा है, तब तक समानता दूर है। असली बदलाव तब आएगा जब पुरुष भी बिना झिझक झुमकियां पहन सकें। यूनिसेक्स जेंडर-फ्लूइड का बस एक हिस्सा, फैशन इंडस्ट्री में इसकी चार कैटेगरी फैशन की दुनिया में चार अलग-अलग अवधारणाएं हैं, जिन्हें अक्सर एक समझ लिया जाता है: जेंडर-फ्लूइड – धीरे-धीरे और स्थायी रूप से लिंग की सीमाएं तोड़ता है, मसलन पुरुषों के लिए पर्ल नेकलेस। जेंडर-बेंडिंग – अपोजिट जेंडर के कपड़े पहनना, पर यह अस्थायी होता है। यूनिसेक्स – न मर्दाना, न स्त्रैण- जैसे ओवरसाइज्ड हूडी। एंड्रोजनी – एक ही लुक में दोनों का मिश्रण, जैसे आधा सूट, आधी ड्रेस।

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ अली खान ने जनवरी 2025 में घर में घुसकर हुए डरावने, जानलेवा हमले पर बात की है। एक्टर ने बताया है कि जब वो बच्चों के कमरे में पहुंचे तो वो हमलावर जेह और नैनी को पहले ही चोट पहुंचा चुका था। जैसे ही सैफ ने उसे रोकने की कोशिश की, उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मार दिया और उनका सफेद कुर्ता खून से लाल हो गया। सैफ ने ये भी बताया है कि हमले के बाद वो फर्श पर गिर पड़े और उन्हें लगा कि वो अब जिंदा नहीं बच सकेंगे। तभी बेटे तैमूर ने उनसे पूछा था कि क्या वो मरने वाले हैं। हमले पर बात करते हुए सैफ ने ये भी कहा कि वो उस शख्स को माफ करने के लिए तैयार हैं। सैफ अली खान ने मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में हमले पर बात करते हुए कहा, ‘वह बहुत ही भयावह घटना थी। एक चोर बाथरूम की खिड़की से घर में घुस आया। हम सो रहे थे, तभी नैनी ने आकर कहा, “जेह बाबा के कमरे में कोई आदमी है, जिसके हाथ में छुरी है और वह पैसे मांग रहा है।” ‘मैं तुरंत बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई।’ ‘इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई। फिर मेरी नेपाली मेड गीता वहां आई, उसने उसे जोर से धक्का देकर कमरे के दूसरी तरफ फेंक दिया।’ आगे सैफ ने कहा, ‘कुछ देर बाद मैंने नोटिस किया कि मैं सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए था, जो खून से पूरी तरह भीग चुका था। एक समय ऐसा आया जब मैं फर्श पर पड़ा था और मुझे लगा कि शायद मैं मर जाऊंगा। मैं सोच रहा था कि मैंने अपनी जिंदगी अच्छी तरह जी ली है। मैं बस अपने बच्चे का हाथ पकड़कर दुनिया को अलविदा कहना चाहता था। फिर मेरी आंख खुली और मैंने सोचा ऐसा नहीं होगा। फिर मैं हॉस्पिटल गया। मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, ‘क्या आप मरने वाले हैं?’ मैंने कहा, ‘नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा’, उसने कहा, हां मैं चलूंगा।’ सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइस होने के बेहद करीब था।’ मैं उसे माफ करना चाहता हूं- सैफ अली खान आखिर में सैफ ने कहा, मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई थी और वह लड़ाई करने नहीं आया था। मैं उसे माफ करने के लिए तैयार हूं, लेकिन जिस हिस्से में उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भुला पाना मेरे लिए अब भी मुश्किल है। मुझे लगता है कि समाज में अमीरी-गरीबी और असमानता जैसी चीजों ने भी ऐसी परिस्थितियां पैदा की हैं।” जनवरी 2025 में हुआ था हमला सैफ अली खान पर बीते साल 15 जनवरी को उनके घर सतगुरु शरण अपार्टमेंट में घुसकर हमला हुआ था। इसके बाद सैफ खुद ऑटो कर बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। लीलावती हॉस्पिटल की मेडकिल रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर सैफ अली खान को पांच जगहों पर चाकू घोंपा गया था। उनको पीठ, कलाई, गर्दन, कंधे और कोहनी पर चोटें लगी थीं। इलाज के बाद एक्टर को 21 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने 2 दिन बाद बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी अब भी पुलिस की हिरासत में है।

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ ने हमले पर की बात:कहा- उसने पूरी ताकत से चाकू मारा, सफेद कुर्ता खून से सन गया, तैमूर ने पूछा था- क्या आप मर जाओगे

सैफ अली खान ने जनवरी 2025 में घर में घुसकर हुए डरावने, जानलेवा हमले पर बात की है। एक्टर ने बताया है कि जब वो बच्चों के कमरे में पहुंचे तो वो हमलावर जेह और नैनी को पहले ही चोट पहुंचा चुका था। जैसे ही सैफ ने उसे रोकने की कोशिश की, उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मार दिया और उनका सफेद कुर्ता खून से लाल हो गया। सैफ ने ये भी बताया है कि हमले के बाद वो फर्श पर गिर पड़े और उन्हें लगा कि वो अब जिंदा नहीं बच सकेंगे। तभी बेटे तैमूर ने उनसे पूछा था कि क्या वो मरने वाले हैं। हमले पर बात करते हुए सैफ ने ये भी कहा कि वो उस शख्स को माफ करने के लिए तैयार हैं। सैफ अली खान ने मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में हमले पर बात करते हुए कहा, ‘वह बहुत ही भयावह घटना थी। एक चोर बाथरूम की खिड़की से घर में घुस आया। हम सो रहे थे, तभी नैनी ने आकर कहा, “जेह बाबा के कमरे में कोई आदमी है, जिसके हाथ में छुरी है और वह पैसे मांग रहा है।” ‘मैं तुरंत बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई।’ ‘इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई। फिर मेरी नेपाली मेड गीता वहां आई, उसने उसे जोर से धक्का देकर कमरे के दूसरी तरफ फेंक दिया।’ आगे सैफ ने कहा, ‘कुछ देर बाद मैंने नोटिस किया कि मैं सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए था, जो खून से पूरी तरह भीग चुका था। एक समय ऐसा आया जब मैं फर्श पर पड़ा था और मुझे लगा कि शायद मैं मर जाऊंगा। मैं सोच रहा था कि मैंने अपनी जिंदगी अच्छी तरह जी ली है। मैं बस अपने बच्चे का हाथ पकड़कर दुनिया को अलविदा कहना चाहता था। फिर मेरी आंख खुली और मैंने सोचा ऐसा नहीं होगा। फिर मैं हॉस्पिटल गया। मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, ‘क्या आप मरने वाले हैं?’ मैंने कहा, ‘नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा’, उसने कहा, हां मैं चलूंगा।’ सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइस होने के बेहद करीब था।’ मैं उसे माफ करना चाहता हूं- सैफ अली खान आखिर में सैफ ने कहा, मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई थी और वह लड़ाई करने नहीं आया था। मैं उसे माफ करने के लिए तैयार हूं, लेकिन जिस हिस्से में उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भुला पाना मेरे लिए अब भी मुश्किल है। मुझे लगता है कि समाज में अमीरी-गरीबी और असमानता जैसी चीजों ने भी ऐसी परिस्थितियां पैदा की हैं।” जनवरी 2025 में हुआ था हमला सैफ अली खान पर बीते साल 15 जनवरी को उनके घर सतगुरु शरण अपार्टमेंट में घुसकर हमला हुआ था। इसके बाद सैफ खुद ऑटो कर बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। लीलावती हॉस्पिटल की मेडकिल रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर सैफ अली खान को पांच जगहों पर चाकू घोंपा गया था। उनको पीठ, कलाई, गर्दन, कंधे और कोहनी पर चोटें लगी थीं। इलाज के बाद एक्टर को 21 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने 2 दिन बाद बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी अब भी पुलिस की हिरासत में है।

इंग्लैंड के घरेलू खिलाड़ी बने पाक पेसर मोहम्मद आमिर:टी20 ब्लास्ट में नॉटिंघमशायर के लिए खेलेंगे; आईपीएल खेलने की भी उम्मीद,पाकिस्तान से खेला था लास्ट वर्ल्डकप

इंग्लैंड के घरेलू खिलाड़ी बने पाक पेसर मोहम्मद आमिर:टी20 ब्लास्ट में नॉटिंघमशायर के लिए खेलेंगे; आईपीएल खेलने की भी उम्मीद,पाकिस्तान से खेला था लास्ट वर्ल्डकप

क्रिकेट में खिलाड़ियों की पहचान अक्सर उनके प्रदर्शन से बनती है। लेकिन कई बार मैदान के बाहर लिया गया एक फैसला भी उनके करियर की दिशा बदल देता है। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। 34 वर्षीय आमिर को ब्रिटेन का पासपोर्ट मिल गया है। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की काउंटी टीम नॉटिंघमशायर से टी20 ब्लास्ट के बाकी मुकाबलों के लिए करार किया है। वह स्थानीय खिलाड़ी के रूप में टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। दरअसल, आमिर ने एक ब्रिटिश नागरिक महिला से शादी की थी और इसी आधार पर उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिली। इसका सीधा फायदा नॉटिंघमशायर को मिला है। अब टीम उन्हें विदेशी खिलाड़ियों के कोटे में शामिल किए बिना मैदान पर उतार सकती है। यानी टीम के विदेशी खिलाड़ियों की संख्या भी प्रभावित नहीं होगी और आमिर का अनुभव भी टीम के काम आएगा। इस बीच, आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिलने से उनके आईपीएल खेलने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। दरअसल, आईपीएल में खेलने के लिए खिलाड़ी का किसी मान्यता प्राप्त क्रिकेट बोर्ड के साथ पंजीकृत होना जरूरी है। लेकिन 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद पाक खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया गया था। इसलिए पिछले 18 साल में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेल पाया है। हालांकि, 2008 के पहले आईपीएल सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ी खेले थे। इनमें सोहेल तनवीर सबसे सफल रहे थे, जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए 22 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती और टीम को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब सवाल यह है कि क्या आमिर के लिए भी आईपीएल का रास्ता खुल सकता है? फिलहाल इसका जवाब साफ नहीं है, क्योंकि सिर्फ ब्रिटिश पासपोर्ट मिलने से आईपीएल खेलना संभव नहीं है। आमिर अभी भी पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आधिकारिक संन्यास नहीं लिया है। हालांकि, वे पाक के लिए आखिरी बार 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में खेले थे। इसलिए भविष्य में क्रिकेटिंग पात्रता और पंजीकरण की स्थिति बदलने पर वह आईपीएल की नीलामी का हिस्सा बन सकते हैं। अजहर महमूद नागरिकता बदलकर खेल चुके हैं आईपीएल पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर अजहर महमूद अपनी नागरिकता बदलकर आईपीएल का हिस्सा बन चुके हैं। महमूद ने 1996 से 2007 तक पाकिस्तान के लिए 21 टेस्ट और 143 वनडे मैच खेले। लेकिन बाद में ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के क्रिकेट ढांचे के तहत अपनी पात्रता बदली। इसके बाद उन्होंने साल 2012 से 2015 के बीच किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से आईपीएल खेला।

महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, एग्जाम कल होना था:पेपर ठाणे से बरामद हुआ, अब परीक्षा रद्द हो सकती है; पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा

महाराष्ट्र में TET पेपर लीक, एग्जाम कल होना था:पेपर ठाणे से बरामद हुआ, अब परीक्षा रद्द हो सकती है; पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा

महाराष्ट्र में रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का क्वेश्चन पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लीक हुआ क्वेश्चन पेपर बरामद कर लिया और कई लोगों को हिरासत में लिया है। पेपर लीक के बाद कल होने वाली TET परीक्षा रद्द किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग जल्द ही इस पूरे घटनाक्रम पर प्रेस नोट जारी करेगा। इसके साथ ही परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी की जाएगी। ऐसे में विभाग परीक्षा की नई तारीख का भी जल्द ऐलान कर सकता है। इससे पहले NEET और यूपी पुलिस भर्ती का भी पेपर लीक हुआ पिछले 5 साल में देश में 9 बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इनमें राजस्थान रीट (REET), यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और हाल ही में मई 2026 में हुए नीट यूजी (NEET-UG) जैसे बड़े एग्जाम्स शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट बोला- शिक्षकों को TET पास करना ही होगा सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई को स्पष्ट किया कि स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों के लिए टीचर इलिजिबिलटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य है। कोर्ट ने TET पास करने की समयसीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके बाद कोई और समय नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा, बिना TET योग्यता वाले शिक्षक सेवा में बने रहे तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा पर पड़ेगा। फैसले का असर देश के 20 लाख से ज्यादा शिक्षकों पर होगा। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य:SC ने कहा- बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं, पात्रता परीक्षा जरूरी; 1 साल का अतिरिक्त समय मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है। पूरी खबर पढ़ें…

पहली बार ऑस्कर में भी कास्टिंग के लिए अवॉर्ड:महीनों की रिसर्च और हजारों ऑडिशन; ऐसे चुने जाते हैं फिल्मों के यादगार किरदार

पहली बार ऑस्कर में भी कास्टिंग के लिए अवॉर्ड:महीनों की रिसर्च और हजारों ऑडिशन; ऐसे चुने जाते हैं फिल्मों के यादगार किरदार

किसी फिल्म या वेब सीरीज की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि किस किरदार के लिए किस कलाकार को चुना गया। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सिनेमा में कास्टिंग की सोच पूरी तरह बदल गई है। एक दौर ऐसा भी था, जब कलाकार एक ही तरह के किरदारों में सिमट जाते थे। कभी जगदीश राज खुराना ने 144 फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन अब हर किरदार के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा तलाशा जाता है। हाल ही में ओटीटी पर स्ट्रीम हुई ‘मेड इन इंडिया ए टाइटन स्टोरी’ में नसीरुद्दीन शाह का जेआरडी टाटा बनना हो, ‘छावा’ में अक्षय खन्ना का औरंगजेब, ‘स्कैम 1992’ में प्रतीक गांधी का हर्षद मेहता या ‘सैम बहादुर’ में विक्की कौशल… इन किरदारों ने साबित किया कि सटीक कास्टिंग कहानी को नई ऊंचाई दे सकती है। आइए, इन्हीं फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर्स से जानते हैं कि सही कलाकार चुनने की यह प्रक्रिया कैसे पूरी होती है…। देश के तीन चर्चित कास्टिंग डायरेक्टर्स बता रहे कैसे बदली कास्टिंग की प्रक्रिया टेस जोसेफ, प्रोजेक्ट्स – सितारे जमीन पर, द नेमसेक, द वाइट टाइगर, द मंकी मैन कास्टिंग महीनों चलती है। जैसे ‘सितारे जमीन पर’ की कास्टिंग करीब नौ महीने चली थी। टीम ने न्यूरोडाइवर्जेंट समुदाय को समझने के लिए पहले ऑस्ट्रेलिया की संस्था ‘बस स्टॉप फिल्म्स’ के साथ वर्कशॉप की। इसके बाद 800-1000 ऑडिशन टेप देखे गए। कई बार ‘टू एक्टर्स, टू मिनट्स, वन सीन’ सेशन कराया जाता है, जिसमें दो कलाकारों को एक सीन देकर देखा जाता है कि वे एक-दूसरे को कितना सुनते हैं, कैसे रिएक्ट करते हैं और साथ मिलकर अभिनय कितना सहज बना पाते हैं। यश नागरकोटी प्रोजेक्ट्स – मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी, डब्बा कार्टल किसी बायोग्राफी में कास्टिंग फोटो देखकर नहीं होती। पहले किताबें और उपलब्ध स्रोतों से शख्स को समझते हैं, फिर ऐसा कलाकार चुना जाता है, जो किरदार में सबसे स्वाभाविक लगे। ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ में नसीरुद्दीन शाह का व्यक्तित्व पहले से ही जेआरडी टाटा के काफी करीब था, इसलिए भारी मेकअप की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं जिम सरभ ने जेरक्सेस देसाई का किरदार निभाने के लिए विग पहनने के बजाय पूरे शूट के दौरान रोज अपने बाल शेव किए, ताकि स्क्रीन पर वास्तविक लगे। वैभव विशांत, प्रोजेक्ट्स: छावा, मामला लीगल है, इक्कीस, राख, मैदान, काला-पानी करीब 15 साल पहले तक फिल्मों में कास्टिंग का अलग विभाग नहीं होता था। कलाकार चुनने की जिम्मेदारी निर्देशक और उनकी टीम ही संभालती थी। लेकिन फिल्मों का दायरा बढ़ा, नए चेहरों की जरूरत बढ़ी और कास्टिंग एक अलग प्रोफेशन बन गया। अब कास्टिंग टीमें छोटे शहरों और स्थानीय कलाकारों तक पहुंचती हैं। मामला लीगल है जैसी सीरीज में भी अलग-अलग राज्यों के थिएटर कलाकारों को मौका मिला। आज सही कलाकार ढूंढ़ने के लिए उस दुनिया तक जाना पड़ता है, जहां वह किरदार वास्तव में मौजूद है। अब ऑस्कर में भी सही कास्टिंग के लिए अवॉर्ड ऑस्कर अवॉर्ड्स में भी अब कास्टिंग के लिए अलग श्रेणी शुरू की गई है। इसका पहला सम्मान 2026 के ऑस्कर समारोह में दिया गया। हॉलीवुड फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर एनोदर’ के लिए कास्टिंग करने पर कैसेंड्रा कुलुकुंडिस को कास्टिंग की श्रेणी में पहला ऑस्कर अवॉर्ड मिला। एंटरटेनमेंट ‘टाइटन’ में जेआरडी बने नसीर… ‘छावा’ और ‘सैम बहादुर’ जैसी फिल्मों की बड़ी ताकत रहे किरदार

EPFO-3.0 से अब UPI-ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा:75% तक रकम निकालने की सुविधा मिलेगी; आधार OTP से वेरिफिकेशन होगा; खास ATM कार्ड मिलेंगे

EPFO-3.0 से अब UPI-ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा:75% तक रकम निकालने की सुविधा मिलेगी; आधार OTP से वेरिफिकेशन होगा; खास ATM कार्ड मिलेंगे

एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) अपने मेंबर्स के लिए बड़ा डिजिटल अपग्रेड ‘EPFO 3.0’ लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत पीएफ अकाउंट होल्डर्स अब UPI और ATM के जरिए भी अपना पैसा निकाल सकेंगे। इस नए सिस्टम को जून के अंत तक शुरू किए जाने की उम्मीद है। EPFO ने अभी तक UPI या ATM ट्रांजैक्शन के लिए अलग से कोई विड्रॉल लिमिट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन मौजूदा नियमों के अनुसार ही यह सिस्टम काम करेगा। 75% तक पीएफ की रकम निकाल सकेंगे अकाउंट होल्डर्स मौजूदा नियमों के आधार पर योग्य अकाउंट होल्डर्स अपनी विड्रॉल की जरूरत और एलिजिबिलिटी के हिसाब से पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा UPI या UPI-सक्षम ATM के जरिए निकाल सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए सिस्टम से अवेलेबल ईपीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा सीधे लिंक किए गए बैंक अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर किया जा सकेगा। आधार OTP और NPCI की मदद से काम करेगा नया सिस्टम यह नया विड्रॉल सिस्टम नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा का टेस्टिंग काम पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही रोलआउट किया जाएगा। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने भी संकेत दिया है कि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस सिस्टम में मेंबर्स को सपोर्टेड UPI एप्स के जरिए विड्रॉल शुरू करने से पहले आधार-बेस्ड OTP वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद पैसा तुरंत लिंक किए गए बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा। इससे पुराना सिस्टम बदल जाएगा, जिसमें क्लेम सबमिट करने के बाद सेटलमेंट के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था। पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी मिलेंगे EPFO द्वारा पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी पेश किए जाने की उम्मीद है। इससे अकाउंट होल्डर्स एक सामान्य डेबिट कार्ड की तरह सीधे ATM से अपनी एलिजिबल राशि निकाल सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेंबर्स को अपने EPF बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा खाते में बनाए रखना जरूरी हो सकता है, ताकि रिटायरमेंट की बचत पूरी तरह खत्म न हो। इन मेंबर्स को मिलेगी यह सुविधा इस नई डिजिटल विड्रॉल सुविधा का लाभ उठाने के लिए मेंबर्स के पास कुछ जरूरी चीजें होनी चाहिए… ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़कर ₹5 लाख हुई EPFO 3.0 के तहत UPI और ATM विड्रॉल के अलावा भी कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं। क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है। इससे अब ज्यादा से ज्यादा क्लेम बिना किसी मैनुअल दखल के ऑटोमैटिक प्रोसेस हो सकेंगे। इसके साथ ही मेंबर्स ID वेरिफिकेशन के लिए उमंग (UMANG) एप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी। हालांकि, जब तक EPFO विस्तृत ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी नहीं करता, तब तक पात्रता मानदंड और टैक्स नियमों सहित मौजूदा ईपीएफ विड्रॉल के नियम ही लागू रहेंगे। क्या है ऑटो-सेटलमेंट लिमिट? EPFO ने क्लेम सेटलमेंट को तेज करने के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को अब ₹5 लाख रुपए कर दिया है। पहले यह सीमा केवल ₹1 लाख रुपए थी। इसका मतलब है कि अगर आपका क्लेम ₹5 लाख रुपए तक का है, तो सॉफ्टवेयर बिना किसी अधिकारी के मैनुअल अप्रूवल के इसे ऑटोमैटिक और बेहद कम समय में पास कर देगा। ये खबर भी पढ़ें… EPFO पोर्टल 26-28 जून तक बंद रहेगा: सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण क्लेम प्रोसेस नहीं होंगे, जल्द UPI-ATM से पैसा निकालने की सुविधा EPFO का ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग पोर्टल 26 से 28 जून तक बंद रहेगा। इसकी वजह सिस्टम माइग्रेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन है। इस दौरान पीएफ विड्रॉल, ई पासवबुक सर्विस और अन्य डिजिटल सर्विस बंद रहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…

EPFO-3.0 से अब UPI-ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा:75% तक रकम निकालने की सुविधा मिलेगी; आधार OTP से वेरिफिकेशन होगा; खास ATM कार्ड मिलेंगे

EPFO-3.0 से अब UPI-ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा:75% तक रकम निकालने की सुविधा मिलेगी; आधार OTP से वेरिफिकेशन होगा; खास ATM कार्ड मिलेंगे

एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) अपने मेंबर्स के लिए बड़ा डिजिटल अपग्रेड ‘EPFO 3.0’ लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत पीएफ अकाउंट होल्डर्स अब UPI और ATM के जरिए भी अपना पैसा निकाल सकेंगे। इस नए सिस्टम को जून के अंत तक शुरू किए जाने की उम्मीद है। EPFO ने अभी तक UPI या ATM ट्रांजैक्शन के लिए अलग से कोई विड्रॉल लिमिट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन मौजूदा नियमों के अनुसार ही यह सिस्टम काम करेगा। 75% तक पीएफ की रकम निकाल सकेंगे अकाउंट होल्डर्स मौजूदा नियमों के आधार पर योग्य अकाउंट होल्डर्स अपनी विड्रॉल की जरूरत और एलिजिबिलिटी के हिसाब से पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा UPI या UPI-सक्षम ATM के जरिए निकाल सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए सिस्टम से अवेलेबल ईपीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा सीधे लिंक किए गए बैंक अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर किया जा सकेगा। आधार OTP और NPCI की मदद से काम करेगा नया सिस्टम यह नया विड्रॉल सिस्टम नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा का टेस्टिंग काम पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही रोलआउट किया जाएगा। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने भी संकेत दिया है कि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। इस सिस्टम में मेंबर्स को सपोर्टेड UPI एप्स के जरिए विड्रॉल शुरू करने से पहले आधार-बेस्ड OTP वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बाद पैसा तुरंत लिंक किए गए बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा। इससे पुराना सिस्टम बदल जाएगा, जिसमें क्लेम सबमिट करने के बाद सेटलमेंट के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था। पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी मिलेंगे EPFO द्वारा पीएफ-लिंक्ड ATM कार्ड भी पेश किए जाने की उम्मीद है। इससे अकाउंट होल्डर्स एक सामान्य डेबिट कार्ड की तरह सीधे ATM से अपनी एलिजिबल राशि निकाल सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेंबर्स को अपने EPF बैलेंस का कम से कम 25% हिस्सा खाते में बनाए रखना जरूरी हो सकता है, ताकि रिटायरमेंट की बचत पूरी तरह खत्म न हो। इन मेंबर्स को मिलेगी यह सुविधा इस नई डिजिटल विड्रॉल सुविधा का लाभ उठाने के लिए मेंबर्स के पास कुछ जरूरी चीजें होनी चाहिए… ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़कर ₹5 लाख हुई EPFO 3.0 के तहत UPI और ATM विड्रॉल के अलावा भी कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं। क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है। इससे अब ज्यादा से ज्यादा क्लेम बिना किसी मैनुअल दखल के ऑटोमैटिक प्रोसेस हो सकेंगे। इसके साथ ही मेंबर्स ID वेरिफिकेशन के लिए उमंग (UMANG) एप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी। हालांकि, जब तक EPFO विस्तृत ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी नहीं करता, तब तक पात्रता मानदंड और टैक्स नियमों सहित मौजूदा ईपीएफ विड्रॉल के नियम ही लागू रहेंगे। क्या है ऑटो-सेटलमेंट लिमिट? EPFO ने क्लेम सेटलमेंट को तेज करने के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को अब ₹5 लाख रुपए कर दिया है। पहले यह सीमा केवल ₹1 लाख रुपए थी। इसका मतलब है कि अगर आपका क्लेम ₹5 लाख रुपए तक का है, तो सॉफ्टवेयर बिना किसी अधिकारी के मैनुअल अप्रूवल के इसे ऑटोमैटिक और बेहद कम समय में पास कर देगा। ये खबर भी पढ़ें… EPFO पोर्टल 26-28 जून तक बंद रहेगा: सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण क्लेम प्रोसेस नहीं होंगे, जल्द UPI-ATM से पैसा निकालने की सुविधा EPFO का ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग पोर्टल 26 से 28 जून तक बंद रहेगा। इसकी वजह सिस्टम माइग्रेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन है। इस दौरान पीएफ विड्रॉल, ई पासवबुक सर्विस और अन्य डिजिटल सर्विस बंद रहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…

रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरे सुनील शेट्टी:कहा- आप होते कौन हैं किसी को बैन करने वाले, ये अधिकार किसी को नहीं; जानिए क्या है मामला

रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरे सुनील शेट्टी:कहा- आप होते कौन हैं किसी को बैन करने वाले, ये अधिकार किसी को नहीं; जानिए क्या है मामला

डॉन 3 विवाद में सुनील शेट्टी ने रणवीर सिंह का बचाव किया है। फिल्म छोड़ने की शिकायत के बाद उन्हें FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एम्प्लॉय्ज) द्वारा बैन किया गया था। यानी विवाद खत्म होने तक फेडरेशन से जुड़ा कोई शख्स उनके साथ काम नहीं कर सकता था। इस पर सुनील शेट्टी का कहना है कि किसी के पास किसी एक्टर को बैन करने का अधिकार नहीं है। उनका कहना है कि रणवीर ने फिल्म इंडस्ट्री के रेवेन्यू में बड़ा योगदान दिया है। उन्हें ऐसे ही कोई बैन नहीं कर सकता। हाल ही में टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने डॉन 3 विवाद पर कहा है, ‘कोई भी किसी एक्टर को बैन नहीं कर सकता। कोई आर्ट को बैन नहीं कर सकता है। किसी के पास ये अधिकार नहीं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले को एक सेकेंड में खारिज कर देगा। देखिए, दिक्कत ये है कि दोनों (फरहान और रणवीर) ही सेंसिबल हैं। फरहान भी एक बहुत सेंसिबल एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर हैं। और रणवीर भी। उसने अच्छा टाइम देखा है। मुझे लगता है कि अगर दोनों साथ बैठेंगे, तो मामला सुलझ जाएगा।’ मैं इसमें दखल नहीं दूंगा- सुनील शेट्टी जब उनसे पूछा गया कि क्या वो ये मामला सुलझा सकते हैं, तो जवाब में उन्होंने कहा, ‘नहीं मैं इस मामले में दखल नहीं दूंगा, क्योंकि कई लोग पहले ही बात कर चुके हैं। लेकिन फरहान और रणवीर को जानते हुए मैं यही कहना चाहूंगा कि अगर दोनों साथ बैठें तो जादू कर सकते हैं। रणवीर शिखर पर है और डॉन एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसका हिस्सा रहना बहुत अच्छा होगा। ये फ्रैंचाइजी अमिताभ बच्चन से शुरू हुई, फिर शाहरुख जुड़े, इससे बेहतर और क्या हो सकता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘अगर कोई कह रहा है कि मैं इसे बैन कर दूंगा, उसे बैन कर दूंगा, आप किसी को ऐसे ही बैन नहीं कर सकते। आप होते कौन हैं किसी को बैन करने वाले। समझने की कोशिश करें कि इस बच्चे ने आपको करोड़ों का रेवेन्यू दिया है। आप उसे बैन क्यों करना चाहते हैं। बिकने वाली चीज को अगर आप बैन करोगे, तो आप क्या मांग रहे हो। बैन तो बस बोलने की बातें होती हैं।’ जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने 3 साल पहले डॉन फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म डॉन 3 की घोषणा रणवीर सिंह के साथ की थी। फिल्म में उनके साथ कियारा आडवाणी को कास्ट किया गया था, हालांकि मेटरनिटी लीव के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी। ये फिल्म कास्टिंग के चलते टलती गई और फिर रणवीर सिंह ने फिल्म धुरंधर पर काम शुरू कर दिया। धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने क्रिएटिव डिफरेंस का हवाला देते हुए फिल्म छोड़ने का फैसला किया, जिस पर फरहान अख्तर ने आपत्ति जताई। विवाद के बीच रणवीर सिंह ने साइनिंग अमाउंट लौटाने की बात कही, लेकिन प्रोडक्शन ने दावा किया कि फिल्म में अब तक 45 करोड़ खर्च हो चुके हैं। विवाद के बीच फरहान अख्तर ने पहले प्रोड्यूसर गिल्ड और बाद में FWICE में शिकायत भेज हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।

2 बार की चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:स्पेन ने 1-0 से हराया, ग्रुप-एच में टॉप किया; बेल्जियम और फ्रांस भी जीते

2 बार की चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:स्पेन ने 1-0 से हराया, ग्रुप-एच में टॉप किया; बेल्जियम और फ्रांस भी जीते

2 बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लीग स्टेज से बाहर हो गई है। उसे शनिवार को यूरोपियन चैंपियन स्पेन ने 1-0 से हराया। इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप-एच के टॉप पर रहते हुए नॉकआउट राउंड में प्रवेश किया। स्पेन के लिए मैच का एकमात्र गोल एलेक्स बाएना ने 42वें मिनट में किया। उनका शॉट उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा रोक नहीं पाए। यह टूर्नामेंट में मुस्लेरा की तीसरी बड़ी गलती रही। 40 साल गोलकीपर ने हाफटाइम पर खुद को बदलने का अनुरोध किया, जिसके बाद दूसरे हाफ में सर्जियो रोचेट ने गोलपोस्ट संभाला। इस जीत के साथ स्पेन ने 7 अंकों के साथ ग्रुप-एच में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब उसका सामना राउंड ऑफ-32 में ग्रुप जे की उपविजेता टीम ऑस्ट्रिया या अल्जीरिया से होगा। केप वर्डे तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और नॉकआउट में पहुंच गया। उसने एक अन्य मैच में सऊदी अरब के साथ गोल रहित ड्रा खेला। उरुग्वे इस एडिशन में एक भी मैच नहीं जीत सकी। मैच की हाइलाइट्स बिएल्सा ने ली हार की जिम्मेदारी उरुग्वे के मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा ने टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, ‘इस समय कोई भी बहाने नहीं सुनना चाहता। इस निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी मेरी है। मेरे पास बेहतरीन खिलाड़ियों का समूह था, लेकिन मैं उनसे बेहतर परिणाम नहीं दिला सका।’ फ्रांस ने नॉर्वे को हराकर ग्रुप-आई में टॉप किया ग्रुप-आई से 2 बार की चैंपियन फ्रांस, नॉर्वे और सेनेगल ने राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली। दिन के सबसे चर्चित मुकाबले में फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 हराकर ग्रुप में टॉप पोजिशन हासिल की। नॉर्वे हार के बावजूद नंबर-2 पर रहकर नॉकआउट में पहुंचा। इस मुकाबले को एर्लिंग हालैंड और किलियन एमबाप्पे की टक्कर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन फ्रांस की जीत के हीरो उस्मान डेम्बेले रहे। उन्होंने 7वें, 20वें और 32वें मिनट में गोल दागे। एक गोल डिजायर दुए इंजरी टाइम के चौथे मिनट में किया। एक अन्य मुकाबले में सेनेगल ने ईराक को 5-0 के बड़े अंतर से हराया। इस जीत का फायदा उसे गोल डिफरेंस में मिला। सेनेगल ने ज्यादा गोल डिफरेंस और अंकों के आधार पर तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के टॉप-5 में जगह बनाई और नॉकआउट का टिकट हासिल किया। ———————————————-