Sunday, 04 Oct 2026 | 04:04 AM

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हेल्थ टिप्स: रोज के दांतों में मिलाएं ये 5 चीजें, डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं

हेल्थ टिप्स: रोज के दांतों में मिलाएं ये 5 चीजें, डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं

स्वास्थ्य युक्तियाँ: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और शानदार लाइफ स्टाइल के कारण लोग कम उम्र में ही कई चुनौतियों का शिकार हो रहे हैं। कभी कामचोरी, कभी हाई ब्लड सप्लाई, तो कभी पेट से जुड़ी दिक्कतें हमारे यहां बनी रहती हैं। बार-बार हम मजबूरी से भागने के लिए किराने की दुकानों या औषधियों का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत का सबसे बड़ा राज आपकी रसोई में है, खासकर आपकी रोज़ की रोटी में छिपा हुआ है? हम रोज़ के दस्तावेज़ों के आटे की रोटी खाते हैं। अवशेष स्वस्थ्य हैं, लेकिन केवल सभी आवश्यक तीर्थयात्रियों को हमारे शरीर का डेटा नहीं मिलता। यदि आप अपने रोजमर्रा के साधारण रेस्तरां में कुछ खास और प्लास्टिक उत्पाद बनाना शुरू करते हैं, तो यह एक ‘सुपरफूड’ बन जाएगा। आइए जानते हैं ऐसी ही 5 सावधानियों के बारे में, जिन्हें मिलाकर आप डॉक्टर के खर्चों से हमेशा बच सकते हैं। चने का आटा आटे के आटे में चने का आटा मिलाना सबसे पुरानी और प्रभावशाली दुकान है। चने का आटा प्रोटीन, चारे और आयरन से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे यह रक्तचाप के स्तर को अमृत के समान कर देता है। साथ ही, यह लंबे समय तक चला है, जिससे वजन नियंत्रित करने में आपको मदद मिलती है। आप 4 किलो चने का आटा में 1 किलो चने का आटा। रागी का आटा रागी को कैल्शियम का पावर हाउस कहा जाता है। वयस्क आयु के बच्चों और महिलाओं के लिए रागी अत्यंत आवश्यक है। रागी में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और थायमिन पाया जाता है, जो लोहे को मजबूत बनाता है। अगर आपको बार-बार जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द रहता है, तो रागी वाला आटा आपकी इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है। यह खून की कमी को भी दूर करता है। ओट्स का पाउडर हार्ट को टिकट की दुकान और ख़राब रेलवे को कम करने के लिए ओट्स का कोई मुकाबला नहीं है। ओट्स में ‘बीटा-ग्लूकन’ नाम का सॉल्यूबल अवशेष होता है, जो नेटवर्क में फ्रोजन कोल को बाहर निकालता है। इसके नियमित सेवन से दिल की दवा का खतरा काफी कम हो जाता है और डीज़ल भी कायम रहता है। सोयाबीन का आटा अगर आप थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तो आपके शरीर को प्रोटीन की जरूरत है। इसके लिए एसोसिएट में सोयाबीन मिक्स सबसे अच्छा पदस्थापित करना है। सोयाबीन में हाई-क्वालिटी प्रोटीन, ओमेगा-3 केटेमिन एसिड और वैलेन्ट्स होते हैं। यह मसल्स को मजबूत बनाता है और शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है, जिससे आपके आस-पास भी फैट नहीं बढ़ता है। अलसी के बीज का पाउडर अलसी के छोटे-छोटे बीज दर्शन का खजाना हैं। उदाहरण के लिए, पिंजरा टुकड़े लें और आटे में मिलाएँ। अलसी में ओमेगा-3 बैक्टीरिया एसिड और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह त्वचा में चमक पैदा करता है, बालों का चमकता सितारा है और शरीर में होने वाली बुरी सूजन को कम करता है। ये भी पढ़ें – निर्जला एकादशी 2026: निर्जला एकादशी के दिन नहीं रख पा रहे हैं व्रत तो बस इन दिनों का कर लें पालन, मिलेगा पूर्ण फल

द कोरिया के टूरिज्म का ग्लोबल इंजन बने ‘बर्थडे कैफे’:जीरो निवेश और मुनाफे के इस फॉर्मूले से उमड़ रहे हैं विदेशी पर्यटक

द कोरिया के टूरिज्म का ग्लोबल इंजन बने ‘बर्थडे कैफे’:जीरो निवेश और मुनाफे के इस फॉर्मूले से उमड़ रहे हैं विदेशी पर्यटक

दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल का होंगडे इलाका कैफे के घने जंगलों के लिए मशहूर है। लेकिन इन दिनों यहां की हवाओं में सिर्फ कॉफी की महक नहीं, बल्कि अरबों डॉलर की के-पॉप इंडस्ट्री की आर्थिक ताकत भी तैर रही है। यहां हर कुछ कदमों पर कैफे के बाहर किसी न किसी खूबसूरत स्टार के बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर्स दिख जाएंगे। मोबाइल थामे युवाओं की भारी भीड़ इन दुकानों के चक्कर काट रही है। यह दक्षिण कोरिया का तेजी से बढ़ता ‘बर्थडे कैफे’ कल्चर है, जो अब एक बेहद सफल और संगठित बिजनेस मॉडल का रूप ले चुका है। बर्थडे कैफे का पूरा ढांचा ‘फैन-क्रिएटेड और फैन-फंडेड’ इकोनॉमी पर टिका है। स्टार्स के जन्मदिन से महीनों पहले, फैन क्लब खुद आपस में पैसे जुटाते हैं और इवेंट प्लानर की भूमिका में आ जाते हैं। वे कैफे मालिकों से संपर्क कर कुछ दिनों के लिए पूरा कैफे किराए पर लेते हैं या उनके साथ पार्टनरशिप करते हैं। इसके बाद कैफे को पूरी तरह उस स्टार की तस्वीरों, गुब्बारों और थीम आधारित मर्चेंडाइज से सजा दिया जाता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कैफे मालिकों के लिए यह ‘जीरो-इन्वेस्टमेंट और हाई-प्रॉफिट’ यानी शून्य निवेश और तगड़े मुनाफे का सौदा है। सजावट और मर्चेंडाइज का पूरा खर्च फैंस उठाते हैं, जबकि कैफे मालिक सिर्फ कॉफी और डेजर्ट बेचते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में इन इवेंट्स के दौरान कैफे की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ‘कैफे ईयू’की मालकिन यू जी-ह्ये बताती हैं कि पीक सीजन में यहां पैर रखने की जगह नहीं होती। ग्राहक आकर्षित करने के लिए एक अनोखा मार्केटिंग टूल ‘कप स्लीव्स’ और “फोटो कार्ड्स’ अपनाया जाता है। जब कोई फैन ड्रिंक खरीदता है, तो उसे स्टार की तस्वीर वाला कस्टमाइज्ड कप होल्डर और स्टिकर्स मुफ्त मिलते हैं। इस बिजनेस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब इसका दायरा के-पॉप से बाहर निकलकर कोरियन एक्टर्स, फुटबॉल-बेसबॉल खिलाड़ियों तक फैल चुका है। यहां तक कि धार्मिक संस्थाएं भी इसे अपना रही हैं। सोल के योनह्वासा मंदिर के पास बुद्ध पूर्णिमा पर ‘हैप्पी बुद्धा डे’ थीम वाला बर्थडे कैफे खोला गया, जहां युवाओं को ‘लोटस लाते’ के साथ बुद्ध के फोटो कार्ड दिए गए। ग्लोबल फैंस आकर 8 से 10 अलग-अलग कैफे जा रहे, होटल, परिवहन को भी बूस्ट यह ट्रेंड दक्षिण कोरिया के टूरिज्म का ग्रोथ इंजन बन गया है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के देशों से लाखों के-पॉप प्रशंसक पसंदीदा आइडल का ‘बर्थडे वाइब’ महसूस करने सोल आते हैं। ये विदेशी पर्यटक सोल आकर बकायदा कैफे टूर प्लान करते हैं, जिसमें वे एक दिन में 8 से 10 अलग-अलग कैफे की यात्रा करते हैं। इससे कैफे इंडस्ट्री, स्थानीय होटलों, परिवहन और रिटेल मार्केट को भी बूस्ट मिल रहा है। इस नेटवर्क को संभालने के लिए अब बकायदा डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्स बन चुके हैं, जहां फैंस इवेंट की लिस्टिंग, मर्चेंडाइज की डिटेल और मैप देख सकते हैं।

वैभव सूर्यवंशी के भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली:119 गेंद पर 168 रन बनाए, इसमें 19 चौके और 6 छक्के शामिल

वैभव सूर्यवंशी के भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली:119 गेंद पर 168 रन बनाए, इसमें 19 चौके और 6 छक्के शामिल

15 साल के वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने फिर तूफानी पारी खेली। उन्होंने एक लोकल टूर्नामेंट में 119 गेंद पर 168 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। 10 साल के आशीर्वाद ने बुधवार को इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपनी पारी की जानकारी दी। उनकी पारी के दम पर ऋषभ-11 ने समस्तीपुर में खेले गए लोकल मैच में वैशाली-11 को हराया। इससे पहले आशीर्वाद ने बिरौली के खिलाफ मैच में 87 गेंदों पर 103 रन बनाए थे। उस पारी में 20 चौके और एक छक्का शामिल था। पिता संजीव कह चुके हैं कि वे आशीर्वाद को भी अगले दो साल में वैभव की तरह बेहतरीन क्रिकेटर बनाना चाहते हैं। आशीर्वाद सूर्यवंशी बिहार में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। 3 भाइयों में सबसे छोटे हैं आशीर्वाद वैभव सूर्यवंशी के 2 भाई हैं। उनके बड़े भाई का नाम उज्ज्वल सूर्यवंशी है, जबकि सबसे छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी हैं। पिता संजीव सूर्यवंशी और मां आरती सूर्यवंशी ने दोनों बेटों के क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई है। वैभव की तरह बैटिंग करते हैं आशीर्वाद आशीर्वाद दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि वैभव लेफ्टी बैटिंग करते हैं। हालांकि, दोनों का बैटिंग अप्रोच एक जैसा है। आशीर्वाद अपने बड़े भाई की तरह अटैकिंग बैटिंग करते हैं। वे शानदार टाइमिंग, बेहतरीन शॉट सिलेक्शन और पावर हिटिंग के लिए भी जाने जाते हैं। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए आशीर्वाद के बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट का चर्चित नाम हैं। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए चुना गया है। इतना ही नहीं, एशियन गेम्स की टीम में भी उनका नाम है। 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया में जगह बनाकर वे भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। वैभव ने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। IPL में जीती ऑरेंज कैप वैभव इस समय श्रीलंका-A दौरे पर भारतीय टीम के साथ हैं। उन्होंने अब तक दो मैचों में 58 रन बनाए हैं। इससे पहले IPL 2026 में उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वैभव को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने इसी सीजन 36 गेंदों पर शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया था। —————————–

वैभव सूर्यवंशी के भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली:119 गेंद पर 168 रन बनाए, इसमें 19 चौके और 6 छक्के शामिल

वैभव सूर्यवंशी के भाई आशीर्वाद ने फिर तूफानी पारी खेली:119 गेंद पर 168 रन बनाए, इसमें 19 चौके और 6 छक्के शामिल

15 साल के वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने फिर तूफानी पारी खेली। उन्होंने एक लोकल टूर्नामेंट में 119 गेंद पर 168 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। 10 साल के आशीर्वाद ने बुधवार को इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपनी पारी की जानकारी दी। उनकी पारी के दम पर ऋषभ-11 ने समस्तीपुर में खेले गए लोकल मैच में वैशाली-11 को हराया। इससे पहले आशीर्वाद ने बिरौली के खिलाफ मैच में 87 गेंदों पर 103 रन बनाए थे। उस पारी में 20 चौके और एक छक्का शामिल था। पिता संजीव कह चुके हैं कि वे आशीर्वाद को भी अगले दो साल में वैभव की तरह बेहतरीन क्रिकेटर बनाना चाहते हैं। आशीर्वाद सूर्यवंशी बिहार में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। 3 भाइयों में सबसे छोटे हैं आशीर्वाद वैभव सूर्यवंशी के 2 भाई हैं। उनके बड़े भाई का नाम उज्ज्वल सूर्यवंशी है, जबकि सबसे छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी हैं। पिता संजीव सूर्यवंशी और मां आरती सूर्यवंशी ने दोनों बेटों के क्रिकेट करियर में अहम भूमिका निभाई है। वैभव की तरह बैटिंग करते हैं आशीर्वाद आशीर्वाद दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि वैभव लेफ्टी बैटिंग करते हैं। हालांकि, दोनों का बैटिंग अप्रोच एक जैसा है। आशीर्वाद अपने बड़े भाई की तरह अटैकिंग बैटिंग करते हैं। वे शानदार टाइमिंग, बेहतरीन शॉट सिलेक्शन और पावर हिटिंग के लिए भी जाने जाते हैं। वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए आशीर्वाद के बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट का चर्चित नाम हैं। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए चुना गया है। इतना ही नहीं, एशियन गेम्स की टीम में भी उनका नाम है। 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया में जगह बनाकर वे भारत के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए। वैभव ने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। IPL में जीती ऑरेंज कैप वैभव इस समय श्रीलंका-A दौरे पर भारतीय टीम के साथ हैं। उन्होंने अब तक दो मैचों में 58 रन बनाए हैं। इससे पहले IPL 2026 में उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वैभव को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने इसी सीजन 36 गेंदों पर शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया था। —————————–

गर्मी में एसी-कपड़ों की रिकॉर्ड बिक्री; मानसून ने बढ़ाई चिंता:भू-राजनैतिक तनाव के बावजूद 2027 की धमाकेदार शुरुआत, एसी 18% व कपड़ों की बिक्री 14% बढ़ी

गर्मी में एसी-कपड़ों की रिकॉर्ड बिक्री; मानसून ने बढ़ाई चिंता:भू-राजनैतिक तनाव के बावजूद 2027 की धमाकेदार शुरुआत, एसी 18% व कपड़ों की बिक्री 14% बढ़ी

वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत मजबूत रही है। भू राजनैतिक तनाव के बावजूद अप्रैल से जून तक कपड़ों की बिक्री 12-14%, एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की मांग 17-18% बढ़ी। प्रीमियम ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज हुई। हालांकि ईरान युद्ध से उपजे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने रोजमर्रा के सामानों के सेगमेंट एफएमसीजी कंपनियों को दाम बढ़ाने के लिए मजबूर किया। साबुन, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट और खाद्य तेलों में 4 से 11% तक के दाम बढ़े। पैकेज्ड फूड में 3-15%, डिटर्जेंट में 5-12% और पर्सनल केयर में 5-10% की मूल्यवृद्धि हुई। आनंद राठी रिसर्च के अनुसार यह मूल्यवृद्धि किसी एक सेगमेंट तक सीमित नहीं, यह व्यापक है। हालांकि इनपुट लागत के मोर्चे पर कुछ राहत भी है। क्रूड ऑयल की कीमत 3 महीने में 29% गिरी है, कॉफी 22% (6 महीने में) सस्ती हुई है। लेकिन पॉलिप्रोपिलीन 54% और पैकेजिंग 60% महंगी हुई है, जो पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स लागत को बढ़ाए रखेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कमजोर मानसून’ की 60% और सामान्य से कम बारिश की 24% आशंका है। जून में ही 46% कम बारिश हुई है। इसका नकारात्मक असर खरीफ की पैदावार और खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है, जो ग्रामीण खपत और एफएमसीजी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। रिटेल सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन, 7% ग्रोथ दर्ज आईसीआईसीआई डायरेक्ट के विश्लेषकों के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की पहले ढाई महीनों में रिटेल सेक्टर ने दमदार प्रदर्शन किया। कपड़ों की बिक्री 12-14% बढ़ी, जबकि अप्रैल 2026 में फूड व ग्रॉसरी 9%, रेस्टोरेंट चेन 8%, फुटवेयर 7% और समग्र रिटेल सेल्स 7% की दर से बढ़ी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सुस्ती रह सकती है। लेकिन फेस्टिव सीजन के दौरान डिस्क्रेशनरी खर्च में मजबूत वापसी की उम्मीद है। एफएमसीजी: महंगाई की मार, 5-10% बढ़े दाम इनपुट कमोडिटी 6 माह में बदलाव क्रूड ऑयल − 29%* कॉफी − 22% पाम ऑयल 15% पॉलिप्रोपिलीन 54% पैकेजिंग 60% पेंट्स 18% (क्रूड के दाम 3 माह के उतार-चढ़ाव से स्रोत- ब्लूमबर्ग, आनंद राठी रिसर्च) एसी की बिक्री का रिकॉर्ड; एलजी, वोल्टास ने बेचे 10-10 लाख यूनिट इस गर्मी में 10-12% कीमत बढ़ने के बावजूद एसी की बिक्री ने नया इतिहास रचा। एलजी इंडिया ने कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही 10 लाख एसी बेच दिए और पूरे साल 20 लाख यूनिट पार करने का लक्ष्य रखा है। वोल्टास ने वित्त वर्ष 2027 के पहले तीन महीनों में ही 10 लाख एसी बिक्री का मील का पत्थर छू लिया। एलजी के डायरेक्टर संजय चितकारा का कहना है कि एसी अब जरूरत की चीज बन गई है, लेकिन पेनिट्रेशन अभी सिर्फ 11% है।’ यानी बाजार की 89% संभावना अभी बाकी है। वोल्टॉस के एमडी मुकुंदन मेनन ने कहा कि यह मील का पत्थर ब्रांड पर उपभोक्ताओं के भरोसे और टीम की क्षमता का प्रमाण है।

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजराइल पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों की टारगेटिंग किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले हैं। इजराइली सेना मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से 20 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चे मारे गए हैं और 44 हजार से अधिक घायल हुए हैं। इस दौरान कुल मौतों में लगभग 30% बच्चे शामिल रहे आयोग के अध्यक्ष और भारत के पूर्व हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि जांच में बच्चों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के पुख्ता सबूत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की मौतें हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और स्नाइपर फायरिंग में हुईं। कई मामलों में उनके सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया गया। आयोग के अध्यक्ष एस. मुरलीधर का पूरा बयान यहां सुनिए… सीजफायर के बाद भी बच्चों की मौत जारी रही अक्टूबर 2025 में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बाद भी फिलिस्तीनी बच्चों की मौत और घायल होने की घटनाएं जारी रहीं। आयोग ने यह नहीं बताया कि युद्धविराम के बाद कितने बच्चे मारे गए। UNICEF ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि सीजफायर लागू होने के बाद भी औसतन हर दिन एक फिलिस्तीनी बच्चे की जान गई। UNICEF के प्रवक्ता जेम्स एल्डर के मुताबिक बच्चे अपने घरों, स्कूलों, खेल के मैदानों और यहां तक कि समुद्र किनारे भी मारे गए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 18 साल से कम उम्र के सभी लोगों को बच्चा माना है। रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को ‘आतंकवादी या भविष्य का आतंकवादी’ मानकर निशाना बनाया गया। आयोग के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 58 हजार बच्चों ने अपने एक या दोनों माता-पिता को खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुपोषण के कारण 151 बच्चों की मौत हुई और एक हजार से ज्यादा बच्चों के अंग काटने पड़े। इजराइल ने रिपोर्ट को खारिज किया रिपोर्ट सामने आने के बाद इजराइल ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। जिनेवा में इजराइल के UN मिशन ने रिपोर्ट को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि जांच आयोग शुरू से ही इजराइल के खिलाफ पक्षपाती रहा है। मिशन का कहना है कि आयोग का मकसद तथ्यों की जांच नहीं, बल्कि हर हाल में इजराइल को कटघरे में खड़ा करना है। इजराइली विदेश मंत्रालय ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट में हमास के हमलों में मारे गए और अगवा किए गए इजराइली बच्चों का जिक्र नहीं किया गया। इजराइल का आरोप है कि हमास ने युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन UN रिपोर्ट ने इस मुद्दे को भी नजरअंदाज कर दिया। पांच साल से कम उम्र के 5 हजार बच्चों की मौत गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक युद्ध में 21 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चों की जान गई। इनमें 5,031 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 5 साल से भी कम थी। मरने वालों में 1,029 बच्चे एक साल से कम उम्र के थे, जबकि करीब 420 नवजात ऐसे थे, जिन्होंने दुनिया में आने के कुछ ही समय बाद जान गंवा दी। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान आयोग ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजराइल को 13 बार सवाल और जानकारी के अनुरोध भेजे, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला।

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजराइल पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक 20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। 44 हजार से अधिक घायल हुए हैं। इस दौरान कुल मौतों में लगभग 30% बच्चे शामिल रहे। आयोग के अध्यक्ष और भारत के पूर्व हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि जांच में बच्चों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के पुख्ता सबूत मिले हैं। इजराइली सेना मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की मौतें हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और स्नाइपर फायरिंग में हुईं। कई मामलों में उनके सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया गया। आयोग के अध्यक्ष एस. मुरलीधर का पूरा बयान यहां सुनिए… सीजफायर के बाद भी बच्चों की मौत जारी रही अक्टूबर 2025 में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बाद भी फिलिस्तीनी बच्चों की मौत और घायल होने की घटनाएं जारी रहीं। हालांकि आयोग ने यह नहीं बताया कि युद्धविराम के बाद कितने बच्चे मारे गए। UNICEF ने पिछले हफ्ते दावा किया था कि सीजफायर लागू होने के बाद भी औसतन हर दिन एक फिलिस्तीनी बच्चे की जान गई। UNICEF के प्रवक्ता जेम्स एल्डर के मुताबिक बच्चे अपने घरों, स्कूलों, खेल के मैदानों और यहां तक कि समुद्र किनारे भी मारे गए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 18 साल से कम उम्र के सभी लोगों को बच्चा माना है। रिपोर्ट के मुताबिक इन बच्चों को ‘आतंकवादी या भविष्य का आतंकवादी’ मानकर निशाना बनाया गया। आयोग के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच करीब 58 हजार बच्चों ने अपने एक या दोनों माता-पिता को खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुपोषण के कारण 151 बच्चों की मौत हुई और एक हजार से ज्यादा बच्चों के अंग काटने पड़े। इजराइल ने रिपोर्ट को खारिज किया रिपोर्ट सामने आने के बाद इजराइल ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया। जिनेवा में इजराइल के UN मिशन ने रिपोर्ट को बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि जांच आयोग शुरू से ही इजराइल के खिलाफ पक्षपाती रहा है। मिशन का कहना है कि आयोग का मकसद तथ्यों की जांच नहीं, बल्कि हर हाल में इजराइल को कटघरे में खड़ा करना है। इजराइली विदेश मंत्रालय ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए। मंत्रालय ने कहा कि रिपोर्ट में हमास के हमलों में मारे गए और अगवा किए गए इजराइली बच्चों का जिक्र नहीं किया गया। इजराइल का आरोप है कि हमास ने युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन UN रिपोर्ट ने इस मुद्दे को भी नजरअंदाज कर दिया। पांच साल से कम उम्र के 5 हजार बच्चों की मौत गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक युद्ध में 21 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चों की जान गई। इनमें 5,031 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 5 साल से भी कम थी। मरने वालों में 1,029 बच्चे एक साल से कम उम्र के थे, जबकि करीब 420 नवजात ऐसे थे, जिन्होंने दुनिया में आने के कुछ ही समय बाद जान गंवा दी। आयोग ने बताया कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान आयोग ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजराइल को 13 बार सवाल और जानकारी के अनुरोध भेजे, लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… संयुक्त राष्ट्र में इजराइली राजदूत ने UN अफसर को फटकारा:यौन हिंसा से जुड़ी रिपोर्ट में इजराइल का नाम आने से नाराज थे संयुक्त राष्ट्र (UN) में 19 जून को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

शूटर जसपाल राणा का त्रयोदशी संस्कार आज:राजनाथ सिंह, बेटे-बहु के साथ होंगे शामिल, 12 जून को दिल्ली में हुआ था निधन

शूटर जसपाल राणा का त्रयोदशी संस्कार आज:राजनाथ सिंह, बेटे-बहु के साथ होंगे शामिल, 12 जून को दिल्ली में हुआ था निधन

देहरादून में आज भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा की तेहरवीं और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जा रही है। मसूरी रोड स्थित राणा शूटिंग रेंज में सुबह 11:30 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में खेल, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां पहुंच रही हैं। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री खजान दास कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं, जबकि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के भी शामिल होने की संभावना है। 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को कई पदक दिलाने वाले राणा ने कोच के रूप में भी देश को अनेक चैंपियन दिए श्रद्धांजलि सभा से जुड़े हर अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

स्टारबक्स को ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल पड़ा भारी:एआई की भूल से ताज़ा हुए जख्म; स्टारबक्स ने स्टोर बंद कर स्टाफ को दी ट्रेनिंग

स्टारबक्स को ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल पड़ा भारी:एआई की भूल से ताज़ा हुए जख्म; स्टारबक्स ने स्टोर बंद कर स्टाफ को दी ट्रेनिंग

दक्षिण कोरिया में कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों को देश की संस्कृति और इतिहास की समझ सिखाना पड़ रहा है। कारण- अपनी संस्कृति और इतिहास को लेकर लोगों की जागरूकता। कॉफी आउटलेट चेन स्टारबक्स को पिछले महीने मार्केटिंग अभियान में ‘टैंक डे’ शब्द का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया। लोगों के ​विरोध की वजह से कंपनी को द. कोरिया में अपने 2,000 स्टोर्स को सोमवार को दोपहर बाद बंद कर 24 हजार शेफ समेत अन्य कर्मचारियों को संस्कृति, इतिहास की क्लास कराना पड़ी। द. कोरिया में स्टारबक्स के सभी स्टोर्स एक साथ बंद होने का यह पहला मामला भी है। क्या है ‘टैंक डे’ विवाद पिछले महीने स्टारबक्स कोरिया ने टंबलर (कॉफी मग का खास प्रकार) की नई सीरीज लॉन्च की। उसका नाम रखा- ‘टैंक डे’। इसकी शुरुआत पिछले महीने हुई, जो 1980 में 18 मई को द. कोरिया के ग्वांगजू में सैन्य तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र समर्थकों के प्रदर्शन हो रहे थे। तब क्रूर सैन्य शासन ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए सड़कों पर ‘टैंक’ उतार दिए थे। इस नरसंहार में सैकड़ों लोग मारे गए थे। तब से कोरियाई लोगों के लिए ‘टैंक’ शब्द सामूहिक हत्या की स्मृति के गहरे दर्द से जुड़ा है। ऐसे में ‘टैंक डे’ शब्द का विज्ञापन में इस्तेमाल लोगों को पीड़ितों का क्रूर उपहास और गहरा अपमान लगा। विरोध की आग पूरे देश में फैल गई, तो स्टारबक्स कोरिया की पैरेंट कंपनी ‘शिनसेगाए ग्रुप’ ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू की। विज्ञापन हटाया, माफी मांगी और कंपनी के सीईओ ​को पद से हटा दिया। कंपनी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि विज्ञापन अभियान के लिए नाम और स्लोगन तय करने के लिए कर्मचारियों ने एआई का इस्तेमाल किया और इस शब्द के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संदर्भों की पड़ताल नहीं की। पहले भी विवाद – समाज को समझने में असफलता द. कोरिया में स्टारबक्स के प्रीपेड ग्राहकों के 2,100 करोड़ रु. जमा थे। विज्ञापन विवाद के बाद अधिकांश ने पैसे वापस मांगे। पहले हफ्ते में कार्ड से भुगतान वाले 26% ग्राहक कम हुए। पूरे महीने में यह नुकसान 10% रहा। कोरिया में करीब तीन साल पहले स्पोर्ट्स ब्रांड नाइकी तब विवादों में आ गई थी, जब विज्ञापन में गलत नक्शा दिखाने का आरोप गला था। नाइकी ने विज्ञापन वापस लेने के साथ ही माफी मांगी। कुछ माह पहले बीएचसी चिकन ने विज्ञापन में ‘ग्वांगजू’ शब्द का गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया था। स्पष्ट है कि समाज काे न समझने का खमियाजा भुगतना पड़ता है।

स्पोर्ट्स अपडेट:वैभव के डेब्यू को लेकर यूरोप में क्रेज, टिकटों की भारी डिमांड

स्पोर्ट्स अपडेट:वैभव के डेब्यू को लेकर यूरोप में क्रेज, टिकटों की भारी डिमांड

15 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड के खिलाफ संभावित इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर यूरोप में जबरदस्त उत्साह है। पूर्व भारतीय और आयरिश क्रिकेटर एमवी नरसिम्हा राव (बॉबजी) ने बताया कि बेलफास्ट के 7,000 क्षमता वाले स्टॉर्मोंट ग्राउंड के लिए टिकटों की भारी मांग है और यूरोप के कई देशों से फैंस मैच देखने पहुंच सकते हैं। राव का मानना है कि बेलफास्ट की धीमी पिचें वैभव को रास आएंगी, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में स्विंग और बदलते मौसम के कारण उनकी असली परीक्षा होगी। उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी की तुलना सर गारफील्ड सोबर्स से करते हुए कहा कि उनकी तकनीक और शॉट खेलने की क्षमता शानदार है। राव ने युवा बल्लेबाज को सलाह दी कि वे सुपरस्टारडम के बीच सचिन तेंदुलकर की तरह विनम्र रहें, फिटनेस और अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वैभव के पास असाधारण प्रतिभा है, लेकिन उसे लंबे समय तक बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। आयरलैंड क्रिकेट में 35 साल से योगदान दे रहे राव को 28 जून को दूसरे टी-20 से पहले प्रतिष्ठित ‘रॉय टॉरेंस बेल’ बजाने का सम्मान भी मिलेगा।