हरियाणवी डांसर पर हमला:बाइक सवार युवकों ने गाड़ी पर डंडे बरसाए, रोते हुए बोलीं- बेशर्मी की हद होती है

हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी पर उत्तर प्रदेश के नोएडा में हमला हुआ। उनका दावा है कि दो युवकों ने डंडा मारकर गाड़ी का फ्रंट शीशा तोड़ दिया। पहले भी उन्हें फोन पर धमकियां मिल चुकी हैं। डांसर का कहना है कि वह इस मामले में नोएडा पुलिस को शिकायत देंगी। डिंपल चौधरी का एक रोते हुए वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कह रही हैं, “बेशर्मी की भी एक हद होती है। मैं मेरी बहन के घर जा रही थी। मेरी गाड़ी का ये हाल कर दिया।” मैनेजर बोले- बहन के घर जा रही थीं डिंपल चौधरी के मैनेजर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- डिंपल सोमवार को अपनी बहन के घर सिकंदराबाद जा रही थीं। रास्ता सुनसान था। रास्ते में अचानक उनकी गाड़ी के सामने बिना नंबर प्लेट की एक बाइक पर सवार होकर दो युवक आ गए। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने डंडे से उनकी गाड़ी के फ्रंट शीशे पर हमला कर दिया, जिससे शीशा टूट गया। मैनेजर ने आगे कहा कि इस हमले के बाद से डिंपल चौधरी की तबीयत काफी खराब है। इस मामले में नोएडा पुलिस को शिकायत दी जाएगा। हम इस घटना को लेकर कानूनी गाड़ी्रवाई कराएंगे। 18 जून को कॉल कर धमकी दी थी 18 जून को भी डिंपल चौधरी को एक धमकी भरा फोन आया था। उन्होंने बताया था कि कॉल करने वाले ने खुद को चंबल का डॉन बताया था। धमकी देने वाले ने कहा था, “घर से उठाऊंगा। घर से एके-47 निकलेगी।” उन्होंने इस कॉल से जुड़ी 2 ऑडियो-वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थीं। पहली रिकॉर्डिंग कॉलर: मैडम, मैंने आपकी रील देखी थी। डांसर: रील तो पूरी दुनिया देखती है, इसका मतलब यह थोड़ी ना है कि मुझे कॉल करेगा। कॉलर: मुझे आपसे प्यार हो गया है। डांसर: मैं बहुत एक गंदी गालियां दे दूंगी। आप बदतमीजी करते हो। ऐसे शब्द क्यों यूज करते हो, जिससे मैं गाली या गलत बोलने के लिए मजबूर हो जाऊं। तुझे बुढ़ापे में प्यार हो गया है क्या? मेरा नंबर कहां से मिला। कॉलर: AK- 47 तेरे घर से निकाल दूंगा। डांसर: दोबारा से बोलना क्या बोल रहे थे? कॉलर – रिकॉर्डिंग करनी है तो कर ले, कोई दिक्कत ना है, ठीक है। डांसर: क्या मतलब है AK- 47 घर से निकल जाएगी। दूसरी रिकॉर्डिंग डांसर: आप मुझे क्यों परेशान कर रहे हो? कॉलर: तेरे को घर से जबरदस्ती उठा लाऊंगा। डांसर: ऐसे कैसे घर से जबरदस्ती उठा सकते हो। कॉलर: मैं तोप हूं और चंबल का डाकू हूं? डांसर: आप चंबल के हो तो मुझे जबरदस्ती कैसे उठा सकते हो? कॉलर: उठाने के बाद बता दूंगा कैसे उठा सकता हूं… गाली देते हुए- रिकॉर्डिंग की तो ***दूं हूं मैं। डांसर: मैंने तो आपको कहा नहीं। ना ही मैं आपकी रिकॉर्डिंग कर रही हूं। आईफोन में कोई रिकॉर्डिंग भी नहीं होती। कॉलर: आईफोन मेरे पास भी है, यह सोच रहे हो कि तुम्हारे पास ही आईफोन है। डांसर: मैंने आपको कभी नहीं देखा, ना ही कभी मैं आपसे मिली और फिर मेरे से आपको कैसे प्यार हो गया। कॉलर: आप रिकॉर्डिंग करके पुलिस वालों को सुनाना चाहते हो क्या? बता देना यह चंबल का डॉन है। डांसर: मैं अपने भाई की कसम खाकर कह रही हूं मैंने कोई रिकॉर्डिंग नहीं की है?
संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR की मांग:लव एंड वॉर के सेट पर करंट लगने से वर्कर की मौत, एसोसिएशन बोला- 1 करोड़ मुआवजा दें

संजय लीला भंसाली की अपकमिंग फिल्म लव एंड वॉर सेट पर हुए हादसे के बाद विवादों में घिर चुकी है। फिल्म की शूटिंग मुंबई फिल्मसिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में चल रही थी, जहां करंट लगने से 42 साल के कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव का निधन हो गया। हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शन ने 40 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की थी, हालांकि अब AICWA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन) ने संजय लीला भंसाली के खिलाफ शिकायत दर्ज कर एक्शन लेने की मांग करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर लिखकर संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की मांग की। इसकी जानकारी देते हुए एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पोस्ट पर है, ‘इस घटना ने फिल्म शूटिंग सेटों पर सुरक्षा उपायों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट जैसे बड़े सितारों वाली इस मेगा बजट फिल्म के सेट पर भी अनिवार्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते एक कर्मचारी की दुखद मौत हो गई। यदि जरूरी सुरक्षा इंतजामों को सख्ती से लागू किया गया होता और उनका सही तरीके से पालन कराया गया होता, तो संभव है कि इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।’ संजय लीला भंसाली के सेट पर अब तक हुए 3 बड़े हादसे एसोसिएशन द्वारा दावा किया गया है कि ये इस तरह की घटना का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले देवदास की शूटिंग के समय कर्मचारी दीनदयाल यादव की मौत हुई, जबकि एक बुरी तरह घायल हुआ। इसके अलावा पद्मावत फिल्म की शूटिंग में 34 साल के मुकेश डाकिया का भी निधन हो चुका है। ये भी एसोसिएशन की मांग- सेट में हुआ शॉर्ट सर्किट, मौके पर हुई मौत 17 जून को संजय लीला भंसाली फिल्म सिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में शूटिंग कर रहे थे। सेट पर आलिया भट्ट के अलावा कई क्रू मेंबर्स भी मौजूद थे। इसी समय सेट में शॉर्ट सर्किट हुआ और करंट लगने से 42 साल के चंद्रधारी सिंह यादव वहीं गिर पड़े। वो पेशे से कारपेंटर थे। सेट पर मौजूद मेडिकल टीम की काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सेट से लीक हो चुके हैं स्टारकास्ट के लुक, देखिए तस्वीरें-
मस्क की नेटवर्थ एक-हफ्ते में रिकॉर्ड ₹33.13 लाख करोड़ घटी:यह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज की कुल संपत्ति का 4 गुना

दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के कुछ दिनों बाद ही इलॉन मस्क की नेटवर्थ में अब तक की रिकॉर्ड गिरावट आई है। उनकी रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई 16% की गिरावट की वजह से मस्क की नेटवर्थ सिर्फ एक हफ्ते में करीब 350 बिलियन डॉलर यानी 33.13 लाख करोड़ रुपए कम हो गई है। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स के शेयरों में आई गिरावट के बाद इलॉन मस्क की संपत्ति 1.45 ट्रिलियन डॉलर से घटकर अब 1.1 ट्रिलियन डॉलर यानी 104.15 लाख करोड़ पर आ गई है। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इसका कुल साइज दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज की टोटल नेटवर्थ लगभग 285 बिलियन डॉलर यानी 26.98 लाख करोड़ रुपए से लगभग 4 गुना ज्यादा है। इसी महीने बने थे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर इलॉन मस्क इसी महीने अपनी रॉकेट, सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी स्पेसएक्स की अमेरिकी बाजार में लिस्टिंग के बाद दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बने थे। IPO के शुरुआती तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों के लगातार निवेश के चलते स्पेसएक्स के शेयर 67% तक उछल गए थे, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन 1.8 ट्रिलियन डॉलर (170 लाख करोड़ रुपए) के पार पहुंच गई थी। 3 दिन में ₹87.84 लाख करोड़ मार्केट वैल्यू घटी शुरुआती तेजी के बाद स्पेसएक्स के स्टॉक में लगातार तीन सेशन में गिरावट देखी गई। इस बिकवाली से कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 928 बिलियन डॉलर यानी करीब 87.84 लाख करोड़ रुपए घट गई। कंपनी की कुल वैल्यूएशन भी अपने हाई लेवल 2.9 ट्रिलियन डॉलर से गिरकर अब सिर्फ 2 ट्रिलियन डॉलर यानी 189 लाख करोड़ रुपए के आस-पास आ गई है। मस्क के नाम पहले भी दर्ज है सबसे बड़ी गिरावट का रिकॉर्ड इलॉन मस्क के लिए व्यक्तिगत संपत्ति का यह पहला बड़ा नुकसान नहीं है। इससे पहले साल 2022 में टेस्ला के शेयरों में आई गिरावट के दौरान उन्होंने लगभग 165 बिलियन डॉलर यानी 15.62 लाख करोड़ रुपए गंवाए थे। तब भी उनके नाम किसी व्यक्ति द्वारा गंवाई गई सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्ति का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा स्पेसएक्स में उनकी 38% हिस्सेदारी, टेस्ला में 11% हिस्सेदारी और अन्य स्टार्टअप्स में उनके मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है। ₹1.89 लाख करोड़ के नए बॉन्ड लाने की घोषणा से शेयर गिरे पब्लिक कंपनी बनने के बाद सोमवार को स्पेसएक्स को अपने सबसे खराब कारोबारी दिन का सामना करना पड़ा, जब इसके शेयर 16.4% टूट गए। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अपने AI एक्सपेंशन प्लान के लिए कम से कम 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.89 लाख करोड़ रुपए) जुटाने के उद्देश्य से पहली इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग की घोषणा की। एआई सेक्टर में भारी निवेश को लेकर बाजार में बढ़ी चिंता स्पेसएक्स के इस फंड जुटाने के प्रयास ने ग्लोबल मार्केट में इस चिंता को और बढ़ा दिया है कि क्या बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां एआई सेक्टर में मुकाबला करने के लिए आवश्यक भारी-भरकम निवेश को जारी रख पाएंगी। स्पेसएक्स ने कहा कि उसके पास 100 बिलियन डॉलर (9.46 लाख करोड़) से ज्यादा की नकदी है। इस बिकवाली के बावजूद कंपनी के शेयर कल 156 डॉलर पर बंद हुए, जो इसके IPO प्राइस 135 डॉलर से अब भी ऊपर है। ग्लोबल मार्केट में ठंडा पड़ रहा है AI स्टॉक्स का क्रेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेसएक्स की लिस्टिंग को लेकर जो उत्साह था, वह अब वैश्विक बाजारों में ठंडा पड़ता दिख रहा है। न्यूयॉर्क का नैस्डैक इंडेक्स मंगलवार को 2.21% गिरकर बंद हुआ, जिसमें अल्फाबेट का शेयर 1% गिरा था। यह उतार-चढ़ाव मंगलवार को एशियाई बाजारों में भी देखने मिला, जहां साउथ कोरिया के बेंचमार्क कोस्पी इंडेक्स में एआई चिपमेकर्स की भारी बिकवाली के कारण ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा और इंडेक्स 10% तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्केई 3.6% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.82% गिरकर बंद हुआ था। वहीं भारत का सेंसेक्स भी 893 अंक गिरकर 76,200 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 278 अंक गिरकर 23,824 पर बंद हुआ था। क्या होती है इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग?
मस्क की नेटवर्थ एक-हफ्ते में रिकॉर्ड ₹33.13 लाख करोड़ घटी:यह दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति की कुल संपत्ति से ज्यादा; स्पेसएक्स का शेयर 16% गिरा

दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के कुछ दिनों बाद ही इलॉन मस्क की नेटवर्थ में अब तक की रिकॉर्ड गिरावट आई है। उनकी रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई 16% की गिरावट की वजह से मस्क की नेटवर्थ सिर्फ एक हफ्ते में करीब 350 बिलियन डॉलर यानी 33.13 लाख करोड़ रुपए कम हो गई है। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स के शेयरों में आई गिरावट के बाद इलॉन मस्क की संपत्ति 1.45 ट्रिलियन डॉलर से घटकर अब 1.1 ट्रिलियन डॉलर यानी 104.15 लाख करोड़ पर आ गई है। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि इसका कुल साइज दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज की टोटल नेटवर्थ लगभग 285 बिलियन डॉलर यानी 26.98 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। इसी महीने बने थे दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर इलॉन मस्क इसी महीने अपनी रॉकेट, सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी स्पेसएक्स की अमेरिकी बाजार में लिस्टिंग के बाद दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बने थे। IPO के शुरुआती तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों के लगातार निवेश के चलते स्पेसएक्स के शेयर 67% तक उछल गए थे, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन 1.8 ट्रिलियन डॉलर (170 लाख करोड़ रुपए) के पार पहुंच गई थी। 3 दिन में ₹87.84 लाख करोड़ मार्केट वैल्यू घटी शुरुआती तेजी के बाद स्पेसएक्स के स्टॉक में लगातार तीन सेशन में गिरावट देखी गई। इस बिकवाली से कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 928 बिलियन डॉलर यानी करीब 87.84 लाख करोड़ रुपए घट गई। कंपनी की कुल वैल्यूएशन भी अपने हाई लेवल 2.9 ट्रिलियन डॉलर से गिरकर अब सिर्फ 2 ट्रिलियन डॉलर यानी 189 लाख करोड़ रुपए के आस-पास आ गई है। मस्क के नाम पहले भी दर्ज है सबसे बड़ी गिरावट का रिकॉर्ड इलॉन मस्क के लिए व्यक्तिगत संपत्ति का यह पहला बड़ा नुकसान नहीं है। इससे पहले साल 2022 में टेस्ला के शेयरों में आई गिरावट के दौरान उन्होंने लगभग 165 बिलियन डॉलर यानी 15.62 लाख करोड़ रुपए गंवाए थे। तब भी उनके नाम किसी व्यक्ति द्वारा गंवाई गई सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्ति का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा स्पेसएक्स में उनकी 38% हिस्सेदारी, टेस्ला में 11% हिस्सेदारी और अन्य स्टार्टअप्स में उनके मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है। ₹1.89 लाख करोड़ के नए बॉन्ड लाने की घोषणा से शेयर गिरे पब्लिक कंपनी बनने के बाद सोमवार को स्पेसएक्स को अपने सबसे खराब कारोबारी दिन का सामना करना पड़ा, जब इसके शेयर 16.4% टूट गए। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अपने AI एक्सपेंशन प्लान के लिए कम से कम 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.89 लाख करोड़ रुपए) जुटाने के उद्देश्य से पहली इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग की घोषणा की। एआई सेक्टर में भारी निवेश को लेकर बाजार में बढ़ी चिंता स्पेसएक्स के इस फंड जुटाने के प्रयास ने ग्लोबल मार्केट में इस चिंता को और बढ़ा दिया है कि क्या बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां एआई सेक्टर में मुकाबला करने के लिए आवश्यक भारी-भरकम निवेश को जारी रख पाएंगी। स्पेसएक्स ने कहा कि उसके पास 100 बिलियन डॉलर (9.46 लाख करोड़) से ज्यादा की नकदी है। इस बिकवाली के बावजूद कंपनी के शेयर कल 156 डॉलर पर बंद हुए, जो इसके IPO प्राइस 135 डॉलर से अब भी ऊपर है। ग्लोबल मार्केट में ठंडा पड़ रहा है AI स्टॉक्स का क्रेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेसएक्स की लिस्टिंग को लेकर जो उत्साह था, वह अब वैश्विक बाजारों में ठंडा पड़ता दिख रहा है। न्यूयॉर्क का नैस्डैक इंडेक्स मंगलवार को 2.21% गिरकर बंद हुआ, जिसमें अल्फाबेट का शेयर 1% गिरा था। यह उतार-चढ़ाव मंगलवार को एशियाई बाजारों में भी देखने मिला, जहां साउथ कोरिया के बेंचमार्क कोस्पी इंडेक्स में एआई चिपमेकर्स की भारी बिकवाली के कारण ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा और इंडेक्स 10% तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्केई 3.6% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.82% गिरकर बंद हुआ था। वहीं भारत का सेंसेक्स भी 893 अंक गिरकर 76,200 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 278 अंक गिरकर 23,824 पर बंद हुआ था। क्या होती है इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड ऑफरिंग? ये खबर भी पढ़ें… टेलीग्राम 7 दिन बाद चालू, प्ले स्टोर पर वापस आया: NEET परीक्षा में गड़बड़ी के बाद लगा था बैन, मैसेज एडिट पर 30 जून तक रोक रहेगी इंस्टेंट मैसेजिंग एप टेलीग्राम 7 दिन बाद भारत में फिर से चालू हो गया है। नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के नकली और लीक पेपर सर्कुलेट होने के विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एप और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें…
पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी

सिंगर अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। सम्मान लेने से पहले सिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया और फिर अवॉर्ड लेने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ कदम बढ़ाए। सम्मान मिलने के बाद अब सिंगर ने एक भावुक पोस्ट शेयर कर बताया है कि वो पिछले 2 साल से मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ तस्वीर शेयर करते हुए अल्का याग्निक ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘पिछले 2 सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुई और न ही अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ शेयर किया। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। ऐसे समय में आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘आज जब मैं देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए बाहर निकली, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान मेरे लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला है। भले ही इस पर मेरा नाम लिखा हो, लेकिन यह सम्मान उतना ही उन सभी लोगों का है जिन्होंने मेरी आवाज को अपनाया, मेरे गीतों को पीढ़ियों तक जिंदा रखा और मेरे अच्छे-बुरे हर दौर में मेरा साथ दिया।’ ‘यह पल मेरे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ मेरे काम की पहचान नहीं, बल्कि प्यार, उम्मीद और हौसले से मिलने वाली ताकत की याद भी है। मैं धीरे-धीरे फिर से अपने जीवन की राह पर लौट रही हूं और आज यहां आना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि आप सभी के लिए भी है, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं।’ अल्का याग्निक को है रेयर न्यूरो डिसीज, सुनने में होती है दिक्कत सिंगर अल्का याग्निक पिछले 2 सालों से म्यूजिक से दूर हैं। उन्हें रेयर न्यूरो डिसीज है, जिसके चलते उन्हें सुनाई देना लगभग बंद हो गया है। इलाज के बीच उन्हें लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी गई है। अल्का याग्निक ने 2 साल पहले इसकी जानकारी देते हुए म्यूजिक से ब्रेक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘कुछ हफ्ते पहले जब मैं एक फ्लाइट से बाहर निकली, तो अचानक मुझे सुनाई देना बंद हो गया। उस घटना के बाद कई हफ्तों तक हिम्मत जुटाने के बाद अब मैं अपनी चुप्पी तोड़ना चाहती हूं, क्योंकि बहुत से लोग पूछ रहे थे कि मैं इन दिनों नजर क्यों नहीं आ रही हूं। डॉक्टरों ने बताया है कि मुझे एक रेयर बीमारी हुई है, जिसे सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। यह एक वायरल संक्रमण के कारण हुआ है। यह अचानक आई बड़ी समस्या थी, जिसके लिए मैं बिल्कुल तैयार नहीं थी।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मैं अभी इस स्थिति को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही हूं। आप सबसे बस यही अनुरोध है कि मुझे अपनी दुआओं में याद रखें। अपने फैंस और युवा साथियों से मैं यह भी कहना चाहती हूं कि बहुत तेज आवाज वाले संगीत और हेडफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सावधान रहें।’ ‘एक दिन मैं अपने पेशे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनसे होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से बात करना चाहूंगी। फिलहाल, आप सभी के प्यार और समर्थन के सहारे मैं अपनी जिंदगी को फिर से सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हूं और उम्मीद करती हूं कि जल्द ही आप सबके बीच वापस लौटूंगी।’ इन सेलेब्स को मिला पद्म भूषण सम्मान अल्का याग्निक के अलावा साउथ स्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ममूटी 50 साल से फिल्मों में एक्टिव हैं। कई भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे चैरिटी का काम भी करते हैं। वेटरन एक्टर सतीष कौशिक को भी मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। चार दशकों के करियर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर सतीश शाह ने कई फिल्मों और यादगार टीवी शो में काम किया। एक्टर, फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर माधवन रंगनाथन को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। हाल ही में एक्टर फिल्म धुरंधर से चर्चा में हैं।
पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी

सिंगर अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। सम्मान लेने से पहले सिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया और फिर अवॉर्ड लेने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ कदम बढ़ाए। सम्मान मिलने के बाद अब सिंगर ने एक भावुक पोस्ट शेयर कर बताया है कि वो पिछले 2 साल से मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ तस्वीर शेयर करते हुए अल्का याग्निक ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘पिछले 2 सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुई और न ही अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ शेयर किया। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। ऐसे समय में आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘आज जब मैं देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए बाहर निकली, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान मेरे लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला है। भले ही इस पर मेरा नाम लिखा हो, लेकिन यह सम्मान उतना ही उन सभी लोगों का है जिन्होंने मेरी आवाज को अपनाया, मेरे गीतों को पीढ़ियों तक जिंदा रखा और मेरे अच्छे-बुरे हर दौर में मेरा साथ दिया।’ ‘यह पल मेरे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ मेरे काम की पहचान नहीं, बल्कि प्यार, उम्मीद और हौसले से मिलने वाली ताकत की याद भी है। मैं धीरे-धीरे फिर से अपने जीवन की राह पर लौट रही हूं और आज यहां आना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि आप सभी के लिए भी है, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं।’ अल्का याग्निक को है रेयर न्यूरो डिसीज, सुनने में होती है दिक्कत सिंगर अल्का याग्निक पिछले 2 सालों से म्यूजिक से दूर हैं। उन्हें रेयर न्यूरो डिसीज है, जिसके चलते उन्हें सुनाई देना लगभग बंद हो गया है। इलाज के बीच उन्हें लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी गई है। अल्का याग्निक ने 2 साल पहले इसकी जानकारी देते हुए म्यूजिक से ब्रेक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘कुछ हफ्ते पहले जब मैं एक फ्लाइट से बाहर निकली, तो अचानक मुझे सुनाई देना बंद हो गया। उस घटना के बाद कई हफ्तों तक हिम्मत जुटाने के बाद अब मैं अपनी चुप्पी तोड़ना चाहती हूं, क्योंकि बहुत से लोग पूछ रहे थे कि मैं इन दिनों नजर क्यों नहीं आ रही हूं। डॉक्टरों ने बताया है कि मुझे एक रेयर बीमारी हुई है, जिसे सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। यह एक वायरल संक्रमण के कारण हुआ है। यह अचानक आई बड़ी समस्या थी, जिसके लिए मैं बिल्कुल तैयार नहीं थी।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मैं अभी इस स्थिति को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही हूं। आप सबसे बस यही अनुरोध है कि मुझे अपनी दुआओं में याद रखें। अपने फैंस और युवा साथियों से मैं यह भी कहना चाहती हूं कि बहुत तेज आवाज वाले संगीत और हेडफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सावधान रहें।’ ‘एक दिन मैं अपने पेशे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनसे होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से बात करना चाहूंगी। फिलहाल, आप सभी के प्यार और समर्थन के सहारे मैं अपनी जिंदगी को फिर से सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हूं और उम्मीद करती हूं कि जल्द ही आप सबके बीच वापस लौटूंगी।’ इन सेलेब्स को मिला पद्म भूषण सम्मान अल्का याग्निक के अलावा साउथ स्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ममूटी 50 साल से फिल्मों में एक्टिव हैं। कई भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे चैरिटी का काम भी करते हैं। वेटरन एक्टर सतीष कौशिक को भी मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। चार दशकों के करियर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर सतीश शाह ने कई फिल्मों और यादगार टीवी शो में काम किया। एक्टर, फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर माधवन रंगनाथन को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। हाल ही में एक्टर फिल्म धुरंधर से चर्चा में हैं।
‘ट्विन फ्लावर’ लड़ाई: ममता, रीताब्रत गुटों ने तृणमूल के नाम, पार्टी चिह्न को लेकर चुनाव आयोग का रुख किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 जून, 2026, 10:28 IST ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने के एक दिन बाद, नेता प्रतिपक्ष रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बागी विधायकों ने आधिकारिक टीएमसी के रूप में मान्यता की मांग करते हुए चुनाव आयोग का रुख किया। ममता बनाम रीताब्रता: टीएमसी सिंबल की लड़ाई चुनाव आयोग तक पहुंची ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा प्रतिस्पर्धी राष्ट्रीय कार्य समिति की सूची के साथ भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) से संपर्क करने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर नियंत्रण की लड़ाई तेज हो गई। इस कदम ने औपचारिक रूप से पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक नियंत्रण पर विवाद शुरू कर दिया है, दोनों खेमे ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे हैं। विद्रोही आधिकारिक टीएमसी के रूप में मान्यता चाहते हैं ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने और नई राष्ट्रीय कार्य समिति नियुक्त करने के एक दिन बाद, बागी विधायकों ने आधिकारिक अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के रूप में मान्यता के लिए चुनाव अधिकारियों से संपर्क किया। सोमवार को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एक होटल में विद्रोही गुट ने विशेष सत्र आयोजित किया. पार्टी के 80 में से 65 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए समूह ने ध्वनि मत से ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किया. विधायकों ने हावड़ा सेंट्रल के विधायक अरूप रॉय को नया पार्टी प्रमुख चुना। रॉय 2011 से 2026 तक तृणमूल कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे। विद्रोहियों ने तर्क दिया कि पार्टी संविधान के अनुच्छेद 20 के तहत एक संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है क्योंकि फरवरी 2022 में गठित राष्ट्रीय कार्य समिति का तीन साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है। मंगलवार शाम को, बागी विधायकों ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का दौरा किया और एक पत्र सौंपकर आधिकारिक पार्टी के रूप में मान्यता और “जोरा घास फूल” या जुड़वां-फूल चुनाव चिन्ह पर अधिकार मांगा। ममता खेमे ने सौंपी प्रतिद्वंद्वी सूची जवाब में, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को एक अलग सूची सौंपी, जिसमें कहा गया कि उनका गुट वैध तृणमूल कांग्रेस बना हुआ है। सूची में अध्यक्ष के रूप में ममता बनर्जी, राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी, संयुक्त सचिव के रूप में डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन, कोषाध्यक्ष के रूप में सुभाशीष चक्रवर्ती और विधानसभा में नेता के रूप में सोवोंडेब चटर्जी शामिल हैं। ताजा चुनौती बनर्जी के लिए कठिन समय में आई है, जो पहले से ही एनडीए से जुड़े लोकसभा सांसदों के एक अलग समूह और तीन राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से निपट रहे हैं। विद्रोहियों ने यह भी संकेत दिया है कि वे पार्टी चिन्ह और संगठन की संपत्ति पर नियंत्रण चाह सकते हैं। प्रतीक और वित्त पर लड़ाई विवाद संगठनात्मक नियंत्रण से परे बढ़ गया है। विद्रोहियों के अनुसार, उन्हें राज्य भर में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक विधायकों और कई निर्वाचित पार्षदों का समर्थन प्राप्त है। एक वरिष्ठ बागी विधायक ने कहा, “हम असली तृणमूल कांग्रेस हैं। हमारे पास हमारी पसंद के अनुसार विपक्ष का नेता है, विधानसभा में दो-तिहाई से अधिक की पसंद है। जाहिर है, चुनाव चिह्न पर हमारा दावा है।” गुट ने पार्टी के वित्त के ऑडिट की भी मांग की है। विद्रोहियों की शिकायत के बाद कथित तौर पर टीएमसी के 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। हालाँकि, ममता बनर्जी के समर्थक चुनाव चिन्ह और पार्टी फंड तक पहुंच दोनों को बरकरार रखने को लेकर आश्वस्त हैं। कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा ने चुनाव चिन्ह पर विद्रोहियों के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा, “आप घोड़े के आगे गाड़ी कैसे रख सकते हैं? उनके पास चुनाव चिन्ह नहीं है। उन्हें पहले कोशिश करने दें और प्रतीक हासिल करने दें और फिर राष्ट्रीय कार्य समिति या अपनी इच्छानुसार कोई अन्य समिति बनाएं।” उन्होंने यह भी तर्क दिया कि पार्टी संविधान के तहत, ममता बनर्जी जीवन भर अध्यक्ष बनी रहेंगी। बैंक खातों को फ्रीज करने पर मोइत्रा ने प्रक्रिया पर सवाल उठाया और कहा कि उचित अदालत की अनुमति नहीं ली गई थी। निष्कासन और कानूनी चुनौतियाँ टीएमसी ने कई बागी नेताओं को निष्कासित कर दिया है, जिनमें अरूप रॉय, विधायक जावेद खान, फिरहाद हकीम, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा और सबीना यसमिन के साथ-साथ पूर्व मंत्री अरूप विश्वास और स्नेहाशीष चक्रवर्ती भी शामिल हैं। कार्रवाई के बावजूद विद्रोही अपनी संख्या बल को लेकर आश्वस्त हैं. इस बीच, वफादारों ने संकेत दिया है कि वे चुनाव आयोग के समक्ष विद्रोहियों को चुनौती देंगे और यदि आवश्यक हुआ तो अदालतों का रुख करेंगे। रीताब्रत को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता देने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ चट्टोपाध्याय ने पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामला दायर कर दिया है। महाराष्ट्र से सबक सामने आ रहा यह विवाद महाराष्ट्र में पहले हुई राजनीतिक लड़ाइयों को दर्शाता है, जिसमें शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल थी। दोनों मामलों में, प्रतिद्वंद्वी गुटों ने पार्टी नियंत्रण, वैधता और चुनाव चिह्नों को लेकर चुनाव आयोग, विधानसभा अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लड़ाई लड़ी। चुनाव आयोग और स्पीकर ने एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुटों के पक्ष में फैसला सुनाते समय विधायी ताकत पर बहुत अधिक भरोसा किया। हालाँकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक अध्यक्ष अयोग्यता की कार्यवाही पर निर्णय लेते समय केवल संख्या बल पर भरोसा नहीं कर सकता है और कहा कि एक राजनीतिक दल और एक विधायक दल अलग-अलग संस्थाएँ हैं। शिवसेना और राकांपा के मामलों में महीनों तक कानूनी लड़ाई जारी रहने और कुछ मामलों में तो विधायकों के कार्यकाल से भी आगे बढ़ने के कारण विभाजित तृणमूल कांग्रेस के लिए आगे की राह लंबी और जटिल होती दिख रही है। चुनाव कानून मुख्य रूप से पार्टी के प्रतीकों से संबंधित है, जबकि संपत्ति पर विवादों को आम तौर पर सिविल अदालतों के माध्यम से हल किया जाना चाहिए, एक ऐसी प्रक्रिया जिसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती देने में वर्षों लग सकते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव
वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में बलोच एक्टिविस्ट महरंग बलोच को उम्रकैद, हत्या और आतंकवाद मामले में दोषी करार

पाकिस्तान की एक अदालत ने बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच और उनके दो सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। क्वेटा की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने तीनों को हत्या और आतंकवाद से जुड़े मामले में दोषी ठहराया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, महरंग बलोच, सिबगतुल्लाह और बलाच कादिर ने एक भीड़ को उकसाया था, जिसने अर्धसैनिक बल के जवान शब्बीर अहमद की हत्या कर दी थी। 33 वर्षीय महरंग बलोच बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) की प्रमुख हैं और बलूचिस्तान में कथित जबरन गुमशुदगी के मामलों को लेकर लंबे समय से अभियान चलाती रही हैं। उन्हें पिछले साल मार्च में कई अन्य कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। फैसले के बाद पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने इसकी समीक्षा की मांग की है। आयोग का कहना है कि मानवाधिकारों की वकालत करने वालों के साथ चरमपंथियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। वहीं बलोच यकजेहती कमेटी ने फैसले को बलोच समुदाय के खिलाफ बताया है। स्वीडिश कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी मुकदमे की आलोचना करते हुए इसे न्याय का मजाक करार दिया है। फैसले के बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सिंगापुर की दो कंपनियों पर मजदूरों का वेतन रोकने का आरोप, 400 भारतीय-बांग्लादेशी बोले- महीनों से नहीं मिला पैसा सिंगापुर में काम कर रहे करीब 400 प्रवासी मजदूरों, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों और बांग्लादेशियों की है, ने दो कंपनियों पर वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है। शिकायतों के बाद सिंगापुर का श्रम मंत्रालय जांच में जुट गया है, जबकि प्रवासी श्रमिकों की मदद करने वाले संगठन प्रभावित मजदूरों को भोजन और कानूनी सहायता दे रहे हैं। श्रम मंत्रालय ने सोमवार को KPA इंजीनियरिंग और SK इंडस्ट्रीज के खिलाफ जांच शुरू की थी। शुरुआत में करीब 100 मजदूरों ने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या बढ़कर करीब 400 पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों के भुगतान नहीं करने के कारण भोजन सप्लाई करने वालों ने भी कुछ दिन पहले मजदूरों को खाना देना बंद कर दिया था। इसके बाद माइग्रेंट वर्कर्स सेंटर ने 300 से ज्यादा मजदूरों को भोजन और दूसरी मदद उपलब्ध कराई। सरकार ने कहा है कि प्रभावित मजदूर नई नौकरी भी तलाश सकते हैं। वहीं श्रमिक संगठनों का कहना है कि कई मजदूर नौकरी और वर्क परमिट खोने के डर से समय पर शिकायत नहीं करते। मामले की जांच जारी है। अधिकारियों के साथ-साथ कई गैर-सरकारी संगठन भी मजदूरों की शिकायतों और कंपनियों की स्थिति की जांच कर रहे हैं।
वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में बलोच एक्टिविस्ट महरंग बलोच को उम्रकैद, हत्या और आतंकवाद मामले में दोषी करार

पाकिस्तान की एक अदालत ने बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच और उनके दो सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। क्वेटा की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने तीनों को हत्या और आतंकवाद से जुड़े मामले में दोषी ठहराया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, महरंग बलोच, सिबगतुल्लाह और बलाच कादिर ने एक भीड़ को उकसाया था, जिसने अर्धसैनिक बल के जवान शब्बीर अहमद की हत्या कर दी थी। 33 वर्षीय महरंग बलोच बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) की प्रमुख हैं और बलूचिस्तान में कथित जबरन गुमशुदगी के मामलों को लेकर लंबे समय से अभियान चलाती रही हैं। उन्हें पिछले साल मार्च में कई अन्य कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। फैसले के बाद पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने इसकी समीक्षा की मांग की है। आयोग का कहना है कि मानवाधिकारों की वकालत करने वालों के साथ चरमपंथियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। वहीं बलोच यकजेहती कमेटी ने फैसले को बलोच समुदाय के खिलाफ बताया है। स्वीडिश कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी मुकदमे की आलोचना करते हुए इसे न्याय का मजाक करार दिया है। फैसले के बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सिंगापुर की दो कंपनियों पर मजदूरों का वेतन रोकने का आरोप, 400 भारतीय-बांग्लादेशी बोले- महीनों से नहीं मिला पैसा सिंगापुर में काम कर रहे करीब 400 प्रवासी मजदूरों, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों और बांग्लादेशियों की है, ने दो कंपनियों पर वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है। शिकायतों के बाद सिंगापुर का श्रम मंत्रालय जांच में जुट गया है, जबकि प्रवासी श्रमिकों की मदद करने वाले संगठन प्रभावित मजदूरों को भोजन और कानूनी सहायता दे रहे हैं। श्रम मंत्रालय ने सोमवार को KPA इंजीनियरिंग और SK इंडस्ट्रीज के खिलाफ जांच शुरू की थी। शुरुआत में करीब 100 मजदूरों ने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या बढ़कर करीब 400 पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों के भुगतान नहीं करने के कारण भोजन सप्लाई करने वालों ने भी कुछ दिन पहले मजदूरों को खाना देना बंद कर दिया था। इसके बाद माइग्रेंट वर्कर्स सेंटर ने 300 से ज्यादा मजदूरों को भोजन और दूसरी मदद उपलब्ध कराई। सरकार ने कहा है कि प्रभावित मजदूर नई नौकरी भी तलाश सकते हैं। वहीं श्रमिक संगठनों का कहना है कि कई मजदूर नौकरी और वर्क परमिट खोने के डर से समय पर शिकायत नहीं करते। मामले की जांच जारी है। अधिकारियों के साथ-साथ कई गैर-सरकारी संगठन भी मजदूरों की शिकायतों और कंपनियों की स्थिति की जांच कर रहे हैं। उत्तर कोरिया को अगले पांच वर्षों तक हर साल 2 युद्धपोत बनाने चाहिए: किम उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा है कि देश को अगले पांच वर्षों तक हर साल दो बड़े युद्धपोत बनाने चाहिए। उन्होंने मंगलवार को नए विध्वंसक युद्धपोत ‘चोए ह्योन’ के कमीशनिंग समारोह में कहा कि देश की नौसेना का आधुनिकीकरण तेज गति से आगे बढ़ेगा और इसकी परमाणु क्षमता भी मजबूत होगी। राज्य समाचार एजेंसी KCNA के मुताबिक किम ने नामपो बंदरगाह पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम 5,000 टन क्षमता वाले बहुउद्देशीय विध्वंसक युद्धपोत चोए ह्योन की तैनाती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। किम ने कहा कि अगले पांच वर्षों में हर साल इसी क्षमता के दो युद्धपोत बनाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर कोरिया जल्द ही कांग कोन नामक एक और 5,000 टन क्षमता वाला विध्वंसक युद्धपोत तैनात करेगा। इसके अलावा 10,000 टन क्षमता वाले रणनीतिक युद्धपोतों को भी नौसेना में शामिल करने की योजना है। कांग कोन युद्धपोत पिछले वर्ष लॉन्चिंग समारोह के दौरान आंशिक रूप से पलट गया था, जिसके बाद उसकी मरम्मत की गई। किम जोंग उन ने कहा कि अब तक उत्तर कोरिया की नौसेना उसकी सैन्य शक्ति का सबसे कमजोर हिस्सा थी, लेकिन नए कार्यक्रमों के बाद इसकी क्षमता “कल्पना से परे” स्तर तक पहुंच जाएगी।
अक्षय कुमार ने भोजपुरी से की हॉलीवुड की तुलना:कहा- ये उनकी समझ से परे, परेश रावल ने हेरा-फेरी 3 विवाद खत्म होने पर दिया हिंट

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय इन दिनों अपकमिंग फिल्म वेलकम टू द जंगल के चलते सुर्खियों में हैं। मंगलवार को फिल्म का सॉन्ग रिलीज इवेंट रखा गया था, जिसमें अक्षय ने भोजपुरी की तुलना हॉलीवुड से की और इसे हॉलीवुड से बेहतर बताया है। अक्षय ने कहा है, ‘भोजपुरी, हॉलीवुड से बेहतर है। ये लाइन मैंने ही दी है। क्योंकि वो लोग ये गाना सुन ही नहीं सकते। उन्हें कुछ समझ ही नहीं आएगा। उन्होंने कभी गाने ही नहीं देखे। हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारे इतने कल्चर हैं। हमारे इतने कल्चर में गाने बनते हैं।’ इस दौरान अक्षय कुमार ने फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट पर भी रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा, ‘एक फिल्म आई थी 3 इडियट्स, बहुत बड़ी हिट थी। ये 32 इडियट्स हैं तो कुछ भी हो सकता है।’ सॉन्ग लॉन्च इवेंट में अक्षय कुमार से पूछा गया था कि उनके लिए फेम जरूरी है या पैसा। इस पर उन्होंने मजेदार जवाब देते हुए कहा, ‘देखिए अगर कोई इंसान कहे कि उसे पैसा पसंद नहीं है, तो या तो वो कोई संत होगा या कोई ऐसा होगा, जिसके पास बहुत पैसा होगा, जिससे वो कह रहा है कि पैसे अच्छे नहीं लगते। मैंने बहुत सारे केस देखे हैं अपने दोस्तों में भी कि कितने लोगों ने पैसे कमाए और फिर उनके हाथ से पैसे चले गए। लेकिन फिर मेहनत कर पैसे ले आए, कई लोगों ने बिजनेस गंवाया और कैसे भी करके बिजनेस वापस ले आए। लेकिन मैंने ये नहीं देखा कि किसी ने हेल्थ गंवाई और सेहत वापस लाई। तो मैं कहूंगा कि पैसे से बड़ी सेहत है।’ परेश रावल ने दिया हेरा-फेरी विवाद खत्म होने पर हिंट इवेंट के दौरान परेश रावल ने भी फिल्म हेरा फेरी से जुड़ा विवाद खत्म होने पर हिंट दिया है। एक रिपोर्टर के सवाल पर परेश रावल ने कहा है, ‘जब तक जिंदा हैं हेरा-फेरी चलती रहती है। जब तक जिंदा हैं तब तक हेरा फेरी है।’ परेश रावल का ये बयान तब आया है, जब बीते साल उन्होंने फिल्म हेरा फेरी 3 छोड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद अक्षय की टीम की तरफ से उन्हें लीगल नोटिस भी भेजा गया था। लंबे विवाद के बाद परेश रावल दोबारा फिल्म से जुड़ गए हैं। इवेंट के दौरान जब परेश रावल ने हेरा फेरी पर बयान दिया, तो अक्षय कुमार मुस्कुराते हुए उनका रिएक्शन देख रहे थे। सॉन्ग लॉन्च इवेंट में स्टारकास्ट रही मौजूद मंगलवार को हुए सॉन्ग लॉन्च इवेंट में फिल्म के डायरेक्टर अहमद खान और अक्षय कुमार, परेश रावल, सुनील शेट्टी, राजपाल यादव समेत पूरी स्टारकास्ट शामिल हुई। फिल्म वेलकम टू द जंगल के बारे में-






