Tuesday, 22 Sep 2026 | 05:38 AM

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मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो गया है। इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने आरोप लगाया है कि फिल्म में यह गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट को लीगल नोटिस भेजा है। रैपरिया बालम का कहना है कि वह ‘शूरवीर’ गाने के कॉपीराइट मालिक हैं। यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है। उनका दावा है कि फिल्म में इसे मुन्ना भैया के हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स वाले किरदार के साथ इस्तेमाल किया गया है। रैपरिया बालम ने गाना हटाने, माफी मांगने और महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनाने की मांग की है। लीगल नोटिस में ये तीनों मांगें शामिल हैं। लीगल नोटिस में तीन मांगें गाना कंपोज करने और इसे आवाज देने वाले रैपरिया बालम ने लीगल नोटिस भेजकर तीन मांग की हैं। पहली मांग- मेकर्स को फिल्म से ये गाना हटाना होगा। दूसरी मांग- मेकर्स को हिंसक सीन में महाराणा प्रताप पर बना गाना रखने पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी। तीसरी मांग- गांव में महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनवाना होगा। जानिए क्या है पूरा विवाद? फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को रिलीज हुई, जिसके एक हिंसक सीन में शूरवीर गाना दिखाया गया। फिल्म रिलीज के बाद राजस्थान के मशहूर सिंगर रैपरिया बालम ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि ये गाना बिना उनकी इजाजत के फिल्म में इस्तेमाल हुआ है। ये गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर बनाया गया है, लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स ने इसका इस्तेमाल विलेन का महिमामंडन करने के लिए किया। गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ने मिर्जापुर टीम को दिया कॉपीराइट सिंगर रैपरिया बालम का दावा है कि गाने के कॉपी राइट्स उनके पास हैं, हालांकि ये गाना रिलीज करने वाले ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे का खंडन किया। इतना ही नहीं कंपनी ने विवाद के बीच मिर्जापुर के मेकर्स को इस गाने के राइट्स भी दे दिए हैं। कॉपीराइट को लेकर रैपरिया बालम का दावा रैपरिया बालम के भाई ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताया है, ‘गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर है, लेकिन कॉपीराइट हमारे पास है। अगर इसे फिल्म में इस्तेमाल करना है, तो हमसे अनुमति लेनी होगी। वे इसे लाइसेंस नहीं कर सकते। यह गैरकानूनी है। रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स पहले साथ काम करते थे। दस्तावेजों में रैपरिया बालम पार्टनर नहीं थे, लेकिन वह उनके साथ काम कर रहे थे। समझौते के मुताबिक, कुछ साल बाद वह रिकॉर्ड्स में कानूनी तौर पर 50% पार्टनर बनने वाले थे।’ उन्होंने बताया कि पार्टनरशिप होने से पहले यह गाना रिलीज हो गया था। उनके मुताबिक, रैपरिया बालम को उस चैनल के लिए बनाए गए किसी भी गाने का भुगतान नहीं मिला। बाद में जब पार्टनरशिप को लेकर बात शुरू हुई, तो ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने मामला टालना शुरू कर दिया। इन गानों को लेकर कभी NOC भी साइन नहीं हुआ। रैपरिया बालम के भाई ने कहा कि बाद में उन्होंने अपना चैनल शुरू किया और गानों के कॉपीराइट अपने असली नाम अशोक मंडा से हासिल किए। उन्होंने कहा, “‘शूरवीर’ से जुड़े सभी कॉपीराइट दस्तावेज रैपरिया बालम के असली नाम अशोक मंडा पर हैं। उन्होंने इस गाने का कॉपीराइट अपने नाम कराया था। बाद में हमने ‘शूरवीर’ सीरीज में 9-10 और गाने बनाए। इन सभी के कॉपीराइट सर्टिफिकेट हमारे पास हैं। लेखक की ओर से NOC भी हमारे पास है।” जिन सीन पर गाना रखा, उससे आपत्ति रैपरिया बालम का कहना है कि मामला केवल कॉपीराइट का नहीं है। उनके मुताबिक, ‘शूरवीर’ सीरीज का मकसद बच्चों को भारतीय इतिहास और ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियां संगीत के जरिए समझाना था। ऐसे में शूरवीर की कहानी को किसी फिल्म के हिंसक और गोली चलाने वाले सीन में इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है। उनके भाई ने कहा, “ये गाने कमर्शियल नहीं हैं। हमारा मकसद था कि अगली पीढ़ी हमारे इतिहास से जुड़े। हम चाहते थे कि बच्चे रैप म्यूजिक के जरिए इतिहास सीखें और अपने नेताओं की कहानियां जानें।” उन्होंने कहा कि हर कलाकार का सपना होता है कि उसका गाना किसी अच्छी फिल्म में आए और यह उनका भी सपना था। लेकिन इस सीरीज के साथ उनकी कुछ विचारधाराएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, “मिर्जापुर में मुन्ना भैया गाली दे रहे हैं और ड्रग्स ले रहे हैं। उसके किरदार को दिखाने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक में यह गाना लगाया गया है। यह हमारी राजस्थानी संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान है। अगर कोई बच्चा यह देखेगा, तो वह मुन्ना भैया जैसे किरदार को महाराणा प्रताप से जोड़ सकता है। इससे गलत धारणा बनेगी।” उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि लाइसेंस लेने से पहले उन्हें सही दस्तावेज जांचने चाहिए थे। उनके मुताबिक, एक्सेल एंटरटेनमेंट की गलती यह है कि उसने महाराणा प्रताप को समर्पित गाने को एक गुंडे के किरदार को दिखाने के लिए चुना। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क रैपरिया बालम और उनके परिवार ने ‘मिर्जापुर’ के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क करने की कोशिश की। परिवार के मुताबिक, फरहान अख्तर ने जवाब नहीं दिया। रितेश सिधवानी की टीम ने कहा कि वह उनसे संपर्क करेगी। परिवार का कहना है कि वह टीम से नहीं, बल्कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से सीधे बात करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम समझना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम चाहते हैं कि गाना ‘मिर्जापुर’ से हटा दिया जाए। यह इस फिल्म के लिए नहीं बना है। इसे गलत तरीके से दिखाने से हमारी भावनाओं और विचारधारा को ठेस पहुंच रही है।” परिवार ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस गाने को फिल्म में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। उसने ट्रूपर रिकॉर्ड्स से भी बात करने से इनकार किया है।

मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो गया है। इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने आरोप लगाया है कि फिल्म में यह गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट को लीगल नोटिस भेजा है। रैपरिया बालम का कहना है कि वह ‘शूरवीर’ गाने के कॉपीराइट मालिक हैं। यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है। उनका दावा है कि फिल्म में इसे मुन्ना भैया के हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स वाले किरदार के साथ इस्तेमाल किया गया है। रैपरिया बालम ने गाना हटाने, माफी मांगने और महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनाने की मांग की है। लीगल नोटिस में ये तीनों मांगें शामिल हैं। लीगल नोटिस में तीन मांगें गाना कंपोज करने और इसे आवाज देने वाले रैपरिया बालम ने लीगल नोटिस भेजकर तीन मांग की हैं। पहली मांग- मेकर्स को फिल्म से ये गाना हटाना होगा। दूसरी मांग- मेकर्स को हिंसक सीन में महाराणा प्रताप पर बना गाना रखने पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी। तीसरी मांग- गांव में महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनवाना होगा। जानिए क्या है पूरा विवाद? फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को रिलीज हुई, जिसके एक हिंसक सीन में शूरवीर गाना दिखाया गया। फिल्म रिलीज के बाद राजस्थान के मशहूर सिंगर रैपरिया बालम ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि ये गाना बिना उनकी इजाजत के फिल्म में इस्तेमाल हुआ है। ये गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर बनाया गया है, लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स ने इसका इस्तेमाल विलेन का महिमामंडन करने के लिए किया। गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ने मिर्जापुर टीम को दिया कॉपीराइट सिंगर रैपरिया बालम का दावा है कि गाने के कॉपी राइट्स उनके पास हैं, हालांकि ये गाना रिलीज करने वाले ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे का खंडन किया। इतना ही नहीं कंपनी ने विवाद के बीच मिर्जापुर के मेकर्स को इस गाने के राइट्स भी दे दिए हैं। कॉपीराइट को लेकर रैपरिया बालम का दावा रैपरिया बालम के भाई ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताया है, ‘गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर है, लेकिन कॉपीराइट हमारे पास है। अगर इसे फिल्म में इस्तेमाल करना है, तो हमसे अनुमति लेनी होगी। वे इसे लाइसेंस नहीं कर सकते। यह गैरकानूनी है। रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स पहले साथ काम करते थे। दस्तावेजों में रैपरिया बालम पार्टनर नहीं थे, लेकिन वह उनके साथ काम कर रहे थे। समझौते के मुताबिक, कुछ साल बाद वह रिकॉर्ड्स में कानूनी तौर पर 50% पार्टनर बनने वाले थे।’ उन्होंने बताया कि पार्टनरशिप होने से पहले यह गाना रिलीज हो गया था। उनके मुताबिक, रैपरिया बालम को उस चैनल के लिए बनाए गए किसी भी गाने का भुगतान नहीं मिला। बाद में जब पार्टनरशिप को लेकर बात शुरू हुई, तो ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने मामला टालना शुरू कर दिया। इन गानों को लेकर कभी NOC भी साइन नहीं हुआ। रैपरिया बालम के भाई ने कहा कि बाद में उन्होंने अपना चैनल शुरू किया और गानों के कॉपीराइट अपने असली नाम अशोक मंडा से हासिल किए। उन्होंने कहा, “‘शूरवीर’ से जुड़े सभी कॉपीराइट दस्तावेज रैपरिया बालम के असली नाम अशोक मंडा पर हैं। उन्होंने इस गाने का कॉपीराइट अपने नाम कराया था। बाद में हमने ‘शूरवीर’ सीरीज में 9-10 और गाने बनाए। इन सभी के कॉपीराइट सर्टिफिकेट हमारे पास हैं। लेखक की ओर से NOC भी हमारे पास है।” जिन सीन पर गाना रखा, उससे आपत्ति रैपरिया बालम का कहना है कि मामला केवल कॉपीराइट का नहीं है। उनके मुताबिक, ‘शूरवीर’ सीरीज का मकसद बच्चों को भारतीय इतिहास और ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियां संगीत के जरिए समझाना था। ऐसे में शूरवीर की कहानी को किसी फिल्म के हिंसक और गोली चलाने वाले सीन में इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है। उनके भाई ने कहा, “ये गाने कमर्शियल नहीं हैं। हमारा मकसद था कि अगली पीढ़ी हमारे इतिहास से जुड़े। हम चाहते थे कि बच्चे रैप म्यूजिक के जरिए इतिहास सीखें और अपने नेताओं की कहानियां जानें।” उन्होंने कहा कि हर कलाकार का सपना होता है कि उसका गाना किसी अच्छी फिल्म में आए और यह उनका भी सपना था। लेकिन इस सीरीज के साथ उनकी कुछ विचारधाराएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, “मिर्जापुर में मुन्ना भैया गाली दे रहे हैं और ड्रग्स ले रहे हैं। उसके किरदार को दिखाने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक में यह गाना लगाया गया है। यह हमारी राजस्थानी संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान है। अगर कोई बच्चा यह देखेगा, तो वह मुन्ना भैया जैसे किरदार को महाराणा प्रताप से जोड़ सकता है। इससे गलत धारणा बनेगी।” उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि लाइसेंस लेने से पहले उन्हें सही दस्तावेज जांचने चाहिए थे। उनके मुताबिक, एक्सेल एंटरटेनमेंट की गलती यह है कि उसने महाराणा प्रताप को समर्पित गाने को एक गुंडे के किरदार को दिखाने के लिए चुना। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क रैपरिया बालम और उनके परिवार ने ‘मिर्जापुर’ के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क करने की कोशिश की। परिवार के मुताबिक, फरहान अख्तर ने जवाब नहीं दिया। रितेश सिधवानी की टीम ने कहा कि वह उनसे संपर्क करेगी। परिवार का कहना है कि वह टीम से नहीं, बल्कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से सीधे बात करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम समझना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम चाहते हैं कि गाना ‘मिर्जापुर’ से हटा दिया जाए। यह इस फिल्म के लिए नहीं बना है। इसे गलत तरीके से दिखाने से हमारी भावनाओं और विचारधारा को ठेस पहुंच रही है।” परिवार ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस गाने को फिल्म में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। उसने ट्रूपर रिकॉर्ड्स से भी बात करने से इनकार किया है।

रूस से 75 सुखोई-57 फाइटर जेट का सौदा संभव:कीमत ₹1 लाख करोड़ तक; भारत ऐसी टेक्नोलॉजी चाहता है, जो आगे भी काम आए

रूस से 75 सुखोई-57 फाइटर जेट का सौदा संभव:कीमत ₹1 लाख करोड़ तक; भारत ऐसी टेक्नोलॉजी चाहता है, जो आगे भी काम आए

भारत और रूस के बीच 75 सुखोई-57 फाइटर जेट खरीदने पर समझौता हो सकता है। दोनों देशों के बीच इस सौदे की शर्तों पर बातचीत आगे बढ़ चुकी है। सौदा हुआ तो इसकी कीमत करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक हो सकती है। इसमें विमान के साथ हथियार, पुर्जे, ट्रेनिंग, सिम्युलेटर और रखरखाव भी शामिल होगा। भारत चाहता है कि विमान खरीदने के साथ उसे ऐसी टेक्नोलॉजी भी मिले, जो आगे लड़ाकू विमान बनाने के काम आए। रूस भारत में सुखोई-57 बनाने की पेशकश पहले ही कर चुका है। भारत इस प्रोजेक्ट में अपनी कंपनियों की भागीदारी और जरूरी तकनीक तक पहुंच चाहता है। BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली में मिलेंगे। इस बैठक में सुखोई-57 के अलावा रक्षा, परमाणु ऊर्जा और दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी बात होगी। वायुसेना को अभी सुखोई-57 पर पूरा भरोसा नहीं भारतीय वायुसेना को सुखोई-57 की क्षमता पर अभी पूरा भरोसा नहीं है। भारत पहले रूस के साथ पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाने के प्रोजेक्ट में शामिल था, लेकिन बाद में इससे बाहर हो गया। उस समय विमान के रडार से बचने और जरूरी टेक्नोलॉजी मिलने को लेकर सवाल उठे थे। अब वायुसेना यह देख रही है कि सुखोई-57 रडार से कितना बच सकता है, दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से कैसे निपटता है और अलग-अलग हथियारों के साथ कितना अच्छा काम करता है। सुखोई-57 से दूसरे लड़ाकू विमानों को भी फायदा सुखोई-57 की सबसे बड़ी खासियत उसका स्टील्थ डिजाइन है। इसका इस्तेमाल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के करीब पहुंचने में किया जा सकता है। यह विमान अकेले हमला करने के बजाय दुश्मन के रडार, एयर डिफेंस और लड़ाकू विमानों की जानकारी पीछे मौजूद भारतीय विमानों तक पहुंचा सकता है। इसे राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, अवाक्स, ग्राउंड रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से जोड़ा जाए तो यह पूरी वायुसेना की ताकत बढ़ा सकता है। सुखोई-30 को लंबी दूरी की मिसाइल देने की तैयारी भारत सुखोई-30 एमकेआई की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए आर-37एम जैसी लंबी दूरी की मिसाइल चाहता है। यह मिसाइल करीब 300 किमी दूर तक लक्ष्य पर हमला कर सकती है और दुश्मन के अवाक्स जैसे बड़े विमानों को भी निशाना बना सकती है। परमाणु ऊर्जा पर भी होगी बात बैठक में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी पर भी चर्चा होगी। रूस तमिलनाडु के कुडनकुलम में छह परमाणु रिएक्टरों के निर्माण में भारत का साझेदार है। दोनों देश एक और परमाणु परियोजना पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। भारत परमाणु पनडुब्बियों के लिए ज्यादा ताकतवर रिएक्टर से जुड़ी रूसी तकनीकी मदद भी चाहता है। इस पर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। एस-400 की बाकी सप्लाई पर भी बात बैठक में एस-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी सप्लाई पर भी चर्चा हो सकती है। भारत ने रूस से 5 एस-400 सिस्टम खरीदने के लिए 5.43 अरब डॉलर का सौदा किया था। इनमें से 4 सिस्टम भारत को मिल चुके हैं। रूस बाकी सिस्टम की सप्लाई पूरी करने का भरोसा दे सकता है। यूक्रेन युद्ध पर भारत के प्रयासों का स्वागत करेगा रूस रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि रूस यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत की कोशिशों का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि मॉस्को युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के तरीकों पर भारत के साथ संपर्क में है। ब्रिक्स देशों का साझा सैटेलाइट नेटवर्क भी एजेंडे में ब्रिक्स सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के सैटेलाइट डेटा को जोड़ने पर भी चर्चा हो सकती है। इसके तहत अलग-अलग देशों के भू-अवलोकन उपग्रहों से मिलने वाला डेटा साझा कर एक बड़ा नेटवर्क बनाने की योजना है। इससे किसी एक देश का सैटेलाइट डेटा जरूरत पड़ने पर दूसरे सदस्य देश के काम आ सकेगा। ब्रिक्स में इस तरह के सहयोग का ढांचा पहले से मौजूद है और अब नए सदस्य देशों को भी इसमें जोड़ने की तैयारी है।

रूस से 75 सुखोई-57 फाइटर जेट का सौदा संभव:कीमत ₹1 लाख करोड़ तक; भारत ऐसी टेक्नोलॉजी चाहता है, जो आगे भी काम आए

रूस से 75 सुखोई-57 फाइटर जेट का सौदा संभव:कीमत ₹1 लाख करोड़ तक; भारत ऐसी टेक्नोलॉजी चाहता है, जो आगे भी काम आए

भारत और रूस के बीच 75 सुखोई-57 फाइटर जेट खरीदने पर समझौता हो सकता है। दोनों देशों के बीच इस सौदे की शर्तों पर बातचीत आगे बढ़ चुकी है। सौदा हुआ तो इसकी कीमत करीब 1 लाख करोड़ रुपए तक हो सकती है। इसमें विमान के साथ हथियार, पुर्जे, ट्रेनिंग, सिम्युलेटर और रखरखाव भी शामिल होगा। भारत चाहता है कि विमान खरीदने के साथ उसे ऐसी टेक्नोलॉजी भी मिले, जो आगे लड़ाकू विमान बनाने के काम आए। रूस भारत में सुखोई-57 बनाने की पेशकश पहले ही कर चुका है। भारत इस प्रोजेक्ट में अपनी कंपनियों की भागीदारी और जरूरी तकनीक तक पहुंच चाहता है। BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली में मिलेंगे। इस बैठक में सुखोई-57 के अलावा रक्षा, परमाणु ऊर्जा और दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी बात होगी। वायुसेना को अभी सुखोई-57 पर पूरा भरोसा नहीं भारतीय वायुसेना को सुखोई-57 की क्षमता पर अभी पूरा भरोसा नहीं है। भारत पहले रूस के साथ पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाने के प्रोजेक्ट में शामिल था, लेकिन बाद में इससे बाहर हो गया। उस समय विमान के रडार से बचने और जरूरी टेक्नोलॉजी मिलने को लेकर सवाल उठे थे। अब वायुसेना यह देख रही है कि सुखोई-57 रडार से कितना बच सकता है, दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से कैसे निपटता है और अलग-अलग हथियारों के साथ कितना अच्छा काम करता है। सुखोई-57 से दूसरे लड़ाकू विमानों को भी फायदा सुखोई-57 की सबसे बड़ी खासियत उसका स्टील्थ डिजाइन है। इसका इस्तेमाल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के करीब पहुंचने में किया जा सकता है। यह विमान अकेले हमला करने के बजाय दुश्मन के रडार, एयर डिफेंस और लड़ाकू विमानों की जानकारी पीछे मौजूद भारतीय विमानों तक पहुंचा सकता है। इसे राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, अवाक्स, ग्राउंड रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से जोड़ा जाए तो यह पूरी वायुसेना की ताकत बढ़ा सकता है। सुखोई-30 को लंबी दूरी की मिसाइल देने की तैयारी भारत सुखोई-30 MKI की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए आर-37एम जैसी लंबी दूरी की मिसाइल चाहता है। यह मिसाइल करीब 300 किमी दूर तक लक्ष्य पर हमला कर सकती है और दुश्मन के अवाक्स जैसे बड़े विमानों को भी निशाना बना सकती है। फिलहाल भारत 63 हजार करोड़ रुपए में 84 सुखोई-30MKI को ‘सुपर सुखोई’ बना रहा है। परमाणु ऊर्जा पर भी होगी बात बैठक में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी पर भी चर्चा होगी। रूस तमिलनाडु के कुडनकुलम में छह परमाणु रिएक्टरों के निर्माण में भारत का साझेदार है। दोनों देश एक और परमाणु परियोजना पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। भारत परमाणु पनडुब्बियों के लिए ज्यादा ताकतवर रिएक्टर से जुड़ी रूसी तकनीकी मदद भी चाहता है। इस पर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। एस-400 की बाकी सप्लाई पर भी बात बैठक में एस-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी सप्लाई पर भी चर्चा हो सकती है। भारत ने रूस से 5 एस-400 सिस्टम खरीदने के लिए 5.43 अरब डॉलर का सौदा किया था। इनमें से 4 सिस्टम भारत को मिल चुके हैं। रूस बाकी सिस्टम की सप्लाई पूरी करने का भरोसा दे सकता है। यूक्रेन युद्ध पर भारत के प्रयासों का स्वागत करेगा रूस रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि रूस यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत की कोशिशों का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि मॉस्को युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के तरीकों पर भारत के साथ संपर्क में है। ——————————————-

बेटी दुआ के बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया फोटोशूट:मां का बेबी बंप निहारती नजर आईं, पिता के साथ मस्ती की; जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी

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दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। दूसरी बच्चे का ऐलान इस साल की शुरुआत में करने के बाद कपल ने मंगलवार को फैमिली फोटोशूट की कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। दीपिका-रणवीर के फोटोशूट में उनकी बेटी दुआ भी नजर आ रही हैं। तस्वीरों में दीपिका और रणवीर के साथ दुआ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। तस्वीरों के साथ रणवीर सिंह ने कैप्शन में लिखा है, “बेबी दुआ और हमारे दिल बड़े हो रहे हैं! आपकी दुआओं के लिए धन्यवाद।” देखिए रणवीर सिंह- दीपिका की खूबसूरत फैमिली फोटोज- सोशल मीडिया यूजर्स ने दुआ की नई तस्वीर की तुलना दीपिका और रणवीर की पुरानी तस्वीरों से की। ज्यादातर लोगों का कहना था कि दुआ बिल्कुल रणवीर जैसी दिखती हैं। जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी दीपिका पादुकोण का तस्वीरों में बड़ा बेबी बंप नजर आया है। इससे पहले पिछली प्रेग्नेंसी में भी मेटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें पोस्ट करने के महज एक हफ्ते बाद ही दीपिका ने बेटी को जन्म दिया था। इस बार भी यही हो सकता है। दीपिका ने अप्रैल में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद अब वह 9वें महीने के करीब हो सकती हैं। 19 अप्रैल को की थी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 19 अप्रैल को दूसरी बार पेरेंट्स बनने की गुड न्यूज दी थी। तब भी कपल ने बेटी दुआ की प्रेग्नेंसी किट पकड़े हुए तस्वीर शेयर की थी। सितंबर 2024 में हुआ था दुआ का जन्म दीपिका पादुकोण ने साल 2024 की शुरुआत में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद 8 सितंबर 2024 को उनके घर बेटी का जन्म हुआ था। नवंबर 2024 में कपल ने बेटी का नाम दुआ रखा। शुरुआत में दीपिका-रणवीर ने बेटी की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की थीं। दीवाली के मौके पर दीपिका रणवीर ने फैमिलो फोटोज शेयर कर दुआ का चेहरा रिवील किया था। देखिए दीपिका की पिछली प्रेग्नेंसी की तस्वीरें-

बेटी दुआ के बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया फोटोशूट:मां का बेबी बंप निहारती नजर आईं, पिता के साथ मस्ती की; जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी

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दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। दूसरी बच्चे का ऐलान इस साल की शुरुआत में करने के बाद कपल ने मंगलवार को फैमिली फोटोशूट की कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। दीपिका-रणवीर के फोटोशूट में उनकी बेटी दुआ भी नजर आ रही हैं। तस्वीरों में दीपिका और रणवीर के साथ दुआ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। तस्वीरों के साथ रणवीर सिंह ने कैप्शन में लिखा है, “बेबी दुआ और हमारे दिल बड़े हो रहे हैं! आपकी दुआओं के लिए धन्यवाद।” देखिए रणवीर सिंह- दीपिका की खूबसूरत फैमिली फोटोज- सोशल मीडिया यूजर्स ने दुआ की नई तस्वीर की तुलना दीपिका और रणवीर की पुरानी तस्वीरों से की। ज्यादातर लोगों का कहना था कि दुआ बिल्कुल रणवीर जैसी दिखती हैं। जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी दीपिका पादुकोण का तस्वीरों में बड़ा बेबी बंप नजर आया है। इससे पहले पिछली प्रेग्नेंसी में भी मेटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें पोस्ट करने के महज एक हफ्ते बाद ही दीपिका ने बेटी को जन्म दिया था। इस बार भी यही हो सकता है। दीपिका ने अप्रैल में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद अब वह 9वें महीने के करीब हो सकती हैं। 19 अप्रैल को की थी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 19 अप्रैल को दूसरी बार पेरेंट्स बनने की गुड न्यूज दी थी। तब भी कपल ने बेटी दुआ की प्रेग्नेंसी किट पकड़े हुए तस्वीर शेयर की थी। सितंबर 2024 में हुआ था दुआ का जन्म दीपिका पादुकोण ने साल 2024 की शुरुआत में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद 8 सितंबर 2024 को उनके घर बेटी का जन्म हुआ था। नवंबर 2024 में कपल ने बेटी का नाम दुआ रखा। शुरुआत में दीपिका-रणवीर ने बेटी की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की थीं। दीवाली के मौके पर दीपिका रणवीर ने फैमिलो फोटोज शेयर कर दुआ का चेहरा रिवील किया था। देखिए दीपिका की पिछली प्रेग्नेंसी की तस्वीरें-

अमेरिका का कनाडा के डेयरी प्रोडक्ट और शराब पर बैन:मोटरसाइकिलों पर भी रोक, 29 सितंबर से लागू होगा; व्यापार में भेदभाव का आरोप लगाया

अमेरिका का कनाडा के डेयरी प्रोडक्ट और शराब पर बैन:मोटरसाइकिलों पर भी रोक, 29 सितंबर से लागू होगा; व्यापार में भेदभाव का आरोप लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले डेयरी प्रोडक्ट, शराब और मोटरसाइकिलों पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह बैन 29 सितंबर से लागू होगा। ट्रम्प ने यह फैसला कनाडा की ओर से अमेरिकी सामान पर 50% तक जवाबी टैरिफ लगाने के बाद लिया है। ट्रम्प के आदेश के तहत कनाडा से आने वाली शराब, वाइन और अल्कोहल-फ्री बीयर पर रोक लगेगी। इसके अलावा दूध से बने कुछ प्रोडक्ट भी अमेरिका में नहीं आ सकेंगे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बैन को सीमित रखा गया है, ताकि अमेरिकी लोगों के लिए सामान की कीमतें अचानक न बढ़ें। कनाडा ने अमेरिका के सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया ट्रम्प के नए बैन से कुछ घंटे पहले कनाडा ने कई अमेरिकी सामान पर 50% तक जवाबी टैरिफ लागू किया था। कनाडा ने ये टैरिफ अमेरिका के लगाए टैरिफ के जवाब में लगाए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रम्प की व्यापार नीति का विरोध किया है। कनाडा का कहना है कि अमेरिका जितने डॉलर के सामान पर टैरिफ लगाएगा, वह भी लगभग उतने ही मूल्य के अमेरिकी सामान पर जवाबी शुल्क लगाएगा। ट्रम्प बोले- बराबरी नहीं तो अमेरिकी बाजार में जगह नहीं ट्रम्प ने अमेरिकी सरकार की खरीद में भी कनाडाई सामान को हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कनाडा अमेरिकी किसानों और कंपनियों को अपने बाजार में बराबर और उचित मौका नहीं देता, तब तक कनाडा के सामान को अमेरिकी सरकारी खरीद में जगह नहीं मिलेगी। कनाडा की सरकार ने अमेरिकी कंपनियों पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है। हालांकि, उसने सरकारी एजेंसियों से ठेकों में कनाडाई सामान और सेवाओं को प्राथमिकता देने को कहा है। ट्रम्प ने कुछ टैरिफ बढ़ाए, कुछ हटाए ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले कुछ सामान पर टैरिफ के नियम भी बदले हैं। कनाडा के कई एल्युमिनियम प्रोडक्ट पर अब 50% टैरिफ लगेगा। वहीं, बेडशीट, मछली पकड़ने वाली छड़ और टॉयलेट पेपर में इस्तेमाल होने वाले टिश्यू पर लगाए गए कुछ शुल्क हटा दिए गए हैं। अमेरिका-कनाडा में 18 महीने से चल रहा ट्रेड-वॉर अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार विवाद करीब 18 महीने से जारी है। जुलाई में ट्रम्प ने कनाडा पर अमेरिकी उद्योगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था। इसके बाद ट्रम्प ने एक पुराने कानून का इस्तेमाल करते हुए चुनिंदा कनाडाई सामान पर 50% तक टैरिफ लगाने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच कई महीनों तक बातचीत चली, लेकिन 21 अगस्त में यह बातचीत टूट गई। इसके बाद दोनों के बीच टैरिफ वॉर बढ़ गया। खबर अपडेट हो रही है…

पंजाबी सिंगर एमी विर्क की गाड़ी पर फायरिंग:कनाडा में शो के बाद 7 गोलियां चलाई गईं, रोल्स रॉयस में होने से बचे

पंजाबी सिंगर एमी विर्क की गाड़ी पर फायरिंग:कनाडा में शो के बाद 7 गोलियां चलाई गईं, रोल्स रॉयस में होने से बचे

पंजाबी सिंगर और एक्टर एमी विर्क पर कनाडा में शो के बाद फायरिंग का मामला सामने आया है। शनिवार देर रात शो खत्म कर लौट रहे एमी विर्क की रोल्स रॉयस कलिनन पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गाड़ी में एमी विर्क समेत चार लोग सवार थे। करीब 7 से 10 गोलियां चलाई गईं, जिनमें से 7 के निशान गाड़ी पर मिले। हमले में सभी सुरक्षित हैं। शुरुआत में एक कार पर गोलियां चलने की सूचना थी लेकिन आयोजकों ने अब क्लीयर किया है कि इस कार में पंजाबी सिंगर एमवी विर्क भी थे। हालांकि, दुनिया की महंगी कारों में से एक रोल्स रॉयस कुलिनन में होने के चलते गोलियां आरपार नहीं हो पाईं। कार में 7 बुलेट लगे हैं। ज्यादा नुकसान पिछले शीशे पर हुआ। शो खत्म कर निकले, तभी गाड़ी पर बरसीं गोलियां घटना शनिवार रात करीब 11 बजे मैक्कलम रोड और साउथ फ्रेजर वे के पास हुई। एमी विर्क एबॉट्सफोर्ड के रोजर फोर्न में शो खत्म कर रोल्स रॉयस से निकले थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। गोलियों का सबसे ज्यादा असर पिछले शीशे पर हुआ, लेकिन गाड़ी की मजबूत बॉडी के कारण वे आर-पार नहीं हो सकीं। गाड़ी में एमी के साथ ऐसा शख्स भी था, जिस पर पहले 3 हमले हो चुके एमी विर्क के अलावा गाड़ी में सरे का एक व्यक्ति भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक निजता का हवाला देते हुए यह नहीं बताया गया है कि हमलावरों का असली निशाना कौन था। हालांकि, इस व्यक्ति पर पहले तीन बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। इसी वजह से पुलिस कई एंगल से मामले की जांच कर रही है। वारदात के बाद 5 किमी दूर SUV जलाई फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस को घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर सनी साइड प्लेस के पास एक संदिग्ध SUV जली हुई मिली। आशंका है कि इसी वाहन का इस्तेमाल हमले में किया गया था। गाड़ी को आग लगाने से जांच में सबूत जुटाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पुलिस जांच में जुटी, पंजाबी इंडस्ट्री में चिंता पुलिस ने फायरिंग और संदिग्ध SUV जलाए जाने की पुष्टि की है। मामले की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। एमी विर्क के गाड़ी में मौजूद होने की पुष्टि पंजाबी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और उनके परिजनों ने भी की है। कनाडा में पंजाबी कलाकारों के कार्यक्रमों और उनकी सुरक्षा को लेकर इस घटना ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकरों पर हमला:ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर 20 मिसाइलें दागीं, 18 को एयर डिफेंस ने मार गिराया

अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकरों पर हमला:ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर 20 मिसाइलें दागीं, 18 को एयर डिफेंस ने मार गिराया

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार (8 सितंबर) को ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस ने इनमें से 18 मिसाइलों को मार गिराया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान ने पिछले दो दिनों में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया। अमेरिका ने ओमान में 4 टैंकरों को निशाना बनाया CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में 4 तेल टैंकरों को निशाना बनाया। एक अन्य टैंकर पर ईरान के खार्ग द्वीप के पास हमला किया गया। खार्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। अमेरिका ने दावा किया कि जिन पांच टैंकरों पर हमला किया गया, वे अरबों डॉलर के एक छाया नेटवर्क का हिस्सा थे। CENTCOM के अनुसार यह नेटवर्क ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए फंड जुटाता है। अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले से पहले टैंकरों के चालक दल को जहाज खाली करने का निर्देश दिया गया था। ईरान का जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उसने अल-अज्राक एयर बेस पर भारी मिसाइल हमले किए। इस बेस के पास मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस भी है, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी रहती है। जॉर्डन की सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान की ओर से उसकी सीमा की तरफ 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 18 को हवा में ही नष्ट कर दिया। दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। जॉर्डन की सेना ने यह भी कहा कि मिसाइल हमले में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अमेरिका ने कहा- युद्धपोत पर हमला नाकाम हुआ CENTCOM के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। अमेरिकी सेना ने कहा कि युद्धपोत ने मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक चकमा दे दिया। CENTCOM के अनुसार इस घटना में किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं हुआ और अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपनी गश्त जारी रखे हुए है। अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान के इन हमलों के जवाब में ही पांच तेल टैंकरों पर कार्रवाई की गई। रूबियो की चेतावनी- अमेरिकी जहाज पर हमला किया तो टैंकर खोएगा ईरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान को खुले तौर पर चेतावनी दी है कि अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमले की कोशिश का जवाब दिया जाएगा। कोलंबिया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रूबियो ने कहा, “ईरान लगातार अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। जब भी वे ऐसा करेंगे या ऐसा करने की कोशिश करेंगे, उन्हें टैंकर गंवाने पड़ेंगे।” उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से इस तरह की कार्रवाई आगे भी देखने को मिल सकती है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी जहाजों को भी धमकाया अमेरिकी हमले के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद अमेरिकी संपर्क वाले तेल टैंकरों के चालक दल को चेतावनी दी। IRGC ने कहा कि इन जहाजों के चालक दल को तुरंत अपने जहाज छोड़ देने चाहिए। ईरान ने धमकी दी कि चाहे जहाज बंदरगाह में खड़े हों या समुद्र में एंकर डालकर हों, उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। खार्ग द्वीप ईरान के तेल कारोबार के लिए बेहद अहम अमेरिकी कार्रवाई में जिस इलाके को निशाना बनाया गया, उसमें खार्ग द्वीप खास तौर पर महत्वपूर्ण है। यह ईरान का प्रमुख कच्चा तेल निर्यात टर्मिनल है। ईरान के करीब 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के जरिए होता है। मुख्य भूमि से पाइपलाइनों के जरिए कच्चा तेल खार्ग द्वीप तक पहुंचाया जाता है और फिर यहां से इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भेजा जाता है। इस वजह से खार्ग द्वीप के आसपास किसी भी सैन्य कार्रवाई से ईरान के तेल निर्यात और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। खबर अपडेट की जा रही है…

अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार आज 59 साल के हो गए हैं। अक्षय ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। अक्षय कुमार और हुमा कुरैशी ने 2017 में आई फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में साथ काम किया था। फिल्म के प्रमोशन के दौरान दोनों ‘द कपिल शर्मा शो’ में पहुंचे थे। इसी दौरान हुमा ने अक्षय की एक शरारत का खुलासा किया था। हुमा ने बताया था कि अक्षय ने एक बार उनका फोन चुरा लिया था। इसके बाद उन्होंने फोन का इस्तेमाल करते हुए बॉलीवुड के 2-3 अभिनेताओं को ‘मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं, आई लव यू’ जैसे मैसेज भेज दिए थे। रितेश के फोन से विद्या को भेजा था ‘आई लव यू’ अक्षय की ऐसी ही एक और शरारत का किस्सा रितेश देशमुख ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में सुनाया था। यह घटना फिल्म ‘हे बेबी’ की शूटिंग के दौरान की है। रितेश के मुताबिक, अक्षय ने उनका फोन अपने पास रख लिया था। इसके बाद उन्होंने रितेश के फोन से विद्या बालन को ‘आई लव यू’ मैसेज भेज दिया। रितेश को जब इस मैसेज के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए। मजेदार बात यह थी कि विद्या बालन ने भी उस मैसेज का जवाब दिया और किस वाला स्माइली भेजा। बाद में रितेश को पता चला कि यह पूरा मामला अक्षय कुमार की शरारत थी। उस वक्त विद्या का फोन भी अक्षय के पास था और उन्होंने ही रितेश के फोन से मैसेज भेजकर यह प्रैंक किया था। एक नजर अक्षय कुमार के करियर पर अक्षय कुमार ने 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 1992 में आई फिल्म ‘खिलाड़ी’ ने उन्हें एक्शन स्टार के तौर पर पहचान दिलाई और यहीं से उन्हें ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद अक्षय ने ‘मोहरा’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘हेरा फेरी’, ‘धड़कन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘भूल भुलैया’, ‘सिंह इज किंग’, ‘हाउसफुल’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में काम किया। एक्शन और कॉमेडी के साथ उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में भी काम किया। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘पैडमैन’, ‘केसरी’, ‘मिशन मंगल’ और ‘ओएमजी 2’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले। अक्षय कुमार को 2009 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें ‘रुस्तम’ के लिए 2017 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर भी मिला। 2026 में उनकी दो फिल्में ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज हो चुकी हैं। वहीं 11 सितंबर को उनकी फिल्म ‘हैवान’ सिनेमाघरों में आने वाली है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान लीड रोल में हैं और इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… पंकज त्रिपाठी 7 दिन जेल में रहे थे:कभी होटल में काम करते थे, मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…