Tuesday, 22 Sep 2026 | 07:34 AM

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ब्रिटेन के किले पर पाकिस्तान का झंडा फहराने पर विवाद:दक्षिणपंथी रिफॉर्म पार्टी ने विरोध किया, कहा- ऐतिहासिक इमारत पर विदेशी झंडा क्यों

ब्रिटेन के किले पर पाकिस्तान का झंडा फहराने पर विवाद:दक्षिणपंथी रिफॉर्म पार्टी ने विरोध किया, कहा- ऐतिहासिक इमारत पर विदेशी झंडा क्यों

ब्रिटेन के वेल्स में कार्डिफ कैसल (किले) पर पाकिस्तान का झंडा फहराने को लेकर विवाद हो गया है। दक्षिणपंथी रिफॉर्म पार्टी ने इसका विरोध किया है। रिफॉर्म के सीनियर नेता रॉबर्ट जेनरिक ने सोशल मीडिया पर कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराए जाने का वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक इमारतों पर विदेशी झंडे फहराया जाना बंद होना चाहिए।उन्होंने लिखा, कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा फहराया गया है। हम अपनी संस्कृति पर कब्जे की इस कोशिश को क्यों होने दे रहे हैं? अब यह हर जगह दिखाई देता है। कार्डिफ काउंसिल ने बताया कि पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अगस्त को कैसल पर पाकिस्तान का झंडा फहराया गया था। इससे पहले 9 अगस्त को भी एक कार्यक्रम में झंडा फहराया गया था और वह रातभर लगा रहा। कंजरवेटिव नेता बोलीं- यह सम्मान है, कब्जा नहीं वेल्श कंजरवेटिव सांसद नताशा असगर ने रिफॉर्म के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी, भारतीय और पोलिश समुदायों के झंडा फहराने के कार्यक्रमों में वह खुद शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग शामिल होते हैं। यह किसी समुदाय का कब्जा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाने का तरीका है। असगर ने कहा, “मैं रिफॉर्म की ओर से नस्लीय विवाद भड़काने की कोशिशों से तंग आ चुकी हूं।” उन्होंने रिफॉर्म नेताओं को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने की सलाह दी, ताकि वे देख सकें कि अलग-अलग समुदायों के बीच मेल-जोल कैसे होता है। काउंसिल ने कहा- भारत का झंडा भी फहराया था कार्डिफ काउंसिल के लेबर नेता क्रिस वीवर ने कहा कि पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने का मकसद कार्डिफ में रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय के योगदान को सम्मान देना था। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय झंडा भी फहराया गया था। वीवर ने कहा कि काउंसिल लंबे समय से महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मौकों पर अलग-अलग देशों के झंडे फहराती रही है। कार्डिफ कैसल पर वेल्स और ब्रिटेन के झंडे भी लगे रहते हैं। उन्होंने कहा, “यह पूरा विवाद गलत जानकारी की वजह से खड़ा हुआ है और अब इसे बंद होना चाहिए।” विवाद में 2024 की पुरानी तस्वीर भी रिफॉर्म वेल्स के नेता डैन थॉमस ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “अब लेबर कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा फहरा रही है।” लेकिन यह तस्वीर नई नहीं थी। इसे 14 अगस्त 2024 को एक BBC पत्रकार ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पोस्ट किया था। सोमवार को कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा नहीं दिखा। BBC Wales ने रिफॉर्म से पूछा कि थॉमस ने दो साल पुरानी तस्वीर का इस्तेमाल क्यों किया और पोस्ट में ऐसे क्यों लिखा जैसे झंडा अभी फहराया गया हो। रिफॉर्म वेल्स ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। स्थानीय नेता बोले- वेल्स की पहचान को खतरा नहीं वेल्स की एक स्थानीय पार्टी की वेस्टमिंस्टर नेता लिज सेविल रॉबर्ट्स ने भी रिफॉर्म पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश का झंडा फहराने से वेल्स की पहचान को कोई खतरा नहीं है। उनके मुताबिक, रॉबर्ट जेनरिक अपनी पार्टी की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं। रिफॉर्म वेल्स इससे पहले कार्डिफ बे में वेल्स की संसद Senedd के बाहर यूक्रेन का झंडा फहराने का भी विरोध कर चुकी है। पाकिस्तानी समुदाय के योगदान को सम्मान देने की बात कार्डिफ काउंसिल ने कहा कि कार्डिफ कैसल शहर की प्रमुख ऐतिहासिक और सार्वजनिक इमारतों में से एक है। ऐसे मौकों पर यहां झंडा फहराने से शहर अलग-अलग स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों को सम्मान देता है। काउंसिल के मुताबिक, पाकिस्तान का झंडा फहराना कार्डिफ के बहुसांस्कृतिक समाज और यहां रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय के योगदान को पहचानने का हिस्सा था। खबर अपडेट हो रही है…

ट्रम्प बोले कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर विमान अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

ट्रम्प बोले कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर विमान अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडाई विमान कंपनी बॉम्बार्डियर को अमेरिका में विमान बेचने से रोकने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अगर बॉम्बार्डियर को अमेरिकी बाजार में कारोबार करना है तो उसे विमान अमेरिका में ही बनाने होंगे। उन्होंने कनाडा पर अमेरिका के बाजार का गलत फायदा उठाने का आरोप लगाया। ट्रम्प ने सोमवार को ट्रूथ सोशल पर लिखा, अमेरिका में बॉम्बार्डियर की बिक्री अब नहीं होगी। उन्हें अमेरिका को पिगी बैंक समझना बंद करना होगा। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि बॉम्बार्डियर के विमानों की बिक्री रोकने के लिए अमेरिका कौन-सा कदम उठाएगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

ट्रम्प बोले कनाडाई प्लेन अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

ट्रम्प बोले कनाडाई प्लेन अमेरिका में नहीं बिकेंगे:कहा- हमारे बाजार चाहिए तो यहीं बनाओ, US को पिगी बैंक मत समझो

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडाई विमान कंपनी बॉम्बार्डियर को अमेरिका में विमान बेचने से रोकने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि अगर बॉम्बार्डियर को अमेरिकी बाजार में कारोबार करना है तो उसे विमान अमेरिका में ही बनाने होंगे। उन्होंने कनाडा पर अमेरिका के बाजार का गलत फायदा उठाने का आरोप लगाया। ट्रम्प ने सोमवार को ट्रूथ सोशल पर लिखा, अमेरिका में बॉम्बार्डियर विमान की बिक्री अब नहीं होगी। उन्हें अमेरिका को पिगी बैंक समझना बंद करना होगा। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि बॉम्बार्डियर के विमानों की बिक्री रोकने के लिए अमेरिका कौन-सा कदम उठाएगा। अमेरिका बॉम्बार्डियर के लिए सबसे बड़ा बाजार है अमेरिका बॉम्बार्डियर कंपनी के लिए बेहद अहम बाजार है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में बॉम्बार्डियर की कुल आय 9.55 अरब डॉलर रही। इस कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है लेकिन रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि कमाई का 50 प्रतिशत अमेरिका में किए गए कारोबार से आया। कंपनी ने कहा- हमारे कारण लोगों को नौकरी मिलीं ट्रम्प की धमकी के बाद बॉम्बार्डियर कंपनी ने कहा कि उसका अमेरिका में बड़ा कारोबार है और इससे वहां हजारों लोगों को नौकरी मिलती है। कंपनी ने बताया कि उसकी सप्लाई चेन में अमेरिका के 47 राज्यों की करीब 2,800 कंपनियां शामिल हैं। बॉम्बार्डियर ने यह भी कहा कि उसके विमानों में अमेरिका में बने इंजन, एवियोनिक्स और कई दूसरे अहम उपकरण इस्तेमाल होते हैं। कंपनी इस साल इंडियाना के फोर्ट वेन में अपनी नई फैसिलिटी भी शुरू करने वाली है। जनवरी में भी ट्रम्प ने दी थी धमकी कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर को लेकर ट्रम्प पहले भी सख्त रुख अपना चुके हैं। जनवरी में उन्होंने कंपनी के विमानों का अमेरिका में सर्टिफिकेशन रद्द करने और कनाडाई विमानों पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। उस समय ट्रम्प कनाडा से इसलिए नाराज थे क्योंकि उनका आरोप था कि कनाडा ने अमेरिकी कंपनी गल्फस्ट्रीम के नए विमानों को सर्टिफिकेशन देने से इनकार किया था। उस समय ट्रम्प की धमकी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बॉम्बार्डियर के विमान अभी भी अमेरिका में सर्टिफाइड हैं। अमेरिका-कनाडा के बीच बढ़ रहा ट्रेड वॉर बॉम्बार्डियर पर ट्रम्प की नई धमकी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। पिछले महीने ट्रम्प ने करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50% टैरिफ लगाया था। इसमें हॉकी स्टिक से लेकर सीमेंट तक के सामान शामिल थे। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिका से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया है। मंगलवार से अमेरिकी स्टील, एल्युमिनियम और डेयरी उत्पादों पर 15%, 25% और 50% तक शुल्क लगाया जाना है। ———————–

फ्रांस में कर्मचारियों की हड़ताल से एफिल टॉवर बंद रहा:आरोप- हिंदू संगठन के दौरे पर महिला कर्मचारियों को हटाया

फ्रांस में कर्मचारियों की हड़ताल से एफिल टॉवर बंद रहा:आरोप- हिंदू संगठन के दौरे पर महिला कर्मचारियों को हटाया

फ्रांस का मशहूर एफिल टॉवर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सोमवार को बंद रहा। हड़ताल हिंदू संगठन BAPS के प्रतिनिधिमंडल के दौरे को लेकर हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि शनिवार को BAPS के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी की जगह से हटा दिया गया। स्टाफ यूनियन की प्रतिनिधि डायने डावोआन ने रॉयटर्स से कहा कि प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर महिलाओं से अपनी जगह छोड़ने को कहा गया, ताकि वहां पुरुष कर्मचारियों को लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस घटना से महिला कर्मचारी काफी आहत और अपमानित महसूस कर रही हैं। गुस्सा बढ़ने के बाद सोमवार को कर्मचारियों ने बैठक की और प्रबंधन से बात की। मैंनेजमेंट बोला- ऐसा अनुरोध नहीं मानना चाहिए था एफिल टॉवर चलाने वाली कंपनी SETE ने AFP को बताया कि BAPS ने ऐसा इंतजाम करने को कहा था, जिसमें महिलाओं से बातचीत कम से कम हो। SETE ने माना कि उसे यह अनुरोध नहीं मानना चाहिए था। कंपनी ने कहा कि यह उसकी नीतियों और महिला-पुरुष बराबरी के खिलाफ था। SETE के अध्यक्ष एरियल वील ने इसे बिल्कुल गलत बताया। उन्होंने कहा कि एफिल टॉवर महिला-पुरुष बराबरी और फ्रांस के नियमों का सम्मान करता है। BAPS ने घटना पर माफी मांगी BAPS ने कहा कि करीब 100 लोगों का दौरा एफिल टॉवर की टीम के साथ मिलकर तय किया गया था। समय ऐसा रखा गया था कि दूसरे पर्यटकों को कम परेशानी हो। संगठन ने कहा कि उसकी जानकारी में किसी को टॉवर में जाने से नहीं रोका गया। फिर भी, इस घटना से किसी को दुख या परेशानी हुई हो तो उसने माफी मांगी। BAPS खुद को हिंदू आध्यात्मिक और स्वयंसेवी संगठन बताता है। लंदन, लॉस एंजिल्स और सिडनी समेत कई शहरों में इसके मंदिर हैं। रविवार को पेरिस में BAPS के फ्रांस में पहले बड़े मंदिर का उद्घाटन हुआ। पेरिस के मेयर बोले- घटना की जांच होगी पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों के गुस्से को जायज बताया। फ्रांस की समानता मंत्री ऑरोर बर्जे ने कहा, “फ्रांस में महिलाओं से खुद को छिपाने के लिए नहीं कहा जाता। कोई धर्म देश के कानून से ऊपर नहीं है।” दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने कहा कि फ्रांस महिलाओं की मौजूदगी को सीमित करने की बात कभी नहीं मानेगा। पूर्व प्रधानमंत्री गैब्रियल अताल ने कहा कि कोई संस्कृति, आस्था या धर्म महिलाओं को यह नहीं बता सकता कि उन्हें कहां रहना चाहिए। —————————- ये खबर भी पढ़ें…. ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रेअर अर्थ मिनरल की खदानों वाले इलाकों में विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों से अमेरिकी कंपनी के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। बलूच विद्रोहियों ने चागई जिले में रेको दिक खदान तक जाने वाली सड़कों को जाम कर दिया है। आर्मी चीफ मुनीर ने वाइट हाउस में किया था ‘स्टोन शो’ आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में वाइट हाउस में ‘स्टोन शो’ किया था। उन्होंने लकड़ी का एक बॉक्स ट्रम्प को दिखाया था, जिसमें रंग-बिरंगे पत्थर (मिनरल स्पेसिमेन) रखे थे। इन्हें देखकर ट्रम्प बेहद खुश हुए थे। पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका भेजी गई पहली खेप में एंटीमनी, कॉपर कॉन्सन्ट्रेट, नियोडिमियम और प्रेजोडिमियम जैसे खनिज शामिल थे। इस प्रोजेक्ट के तहत 2025-26 में मिनरल्स का निर्यात, 2027-28 में पाकिस्तान में मिनरल प्रोसेसिंग और 2029 में बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की योजना थी। इलेक्ट्रॉनिक्स से IT तक में रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल रेयर अर्थ मटेरियल 17 रासायनिक तत्वों का समूह है। इनका इस्तेमाल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मिलिट्री उपकरणों तक में होता है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा और कई आधुनिक तकनीकों में इनकी अहम भूमिका है। इनका इस्तेमाल IT, केमिकल और ऑयल रिफाइनिंग जैसी इंडस्ट्रीज में भी होता है। आधुनिक तकनीक और हाई-टेक उपकरणों में इनकी मांग लगातार बनी हुई है। कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी काम छोड़ सकती है रेको दिक में कनाडा की कंपनी बैरिक गोल्ड भी खनन का काम कर रही है। हालांकि, बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों के कारण कंपनी के लिए यहां काम जारी रखना मुश्किल हो गया है। ऐसे में उसके भी काम बंद करने और निवेश से पीछे हटने की आशंका है। बलूचिस्तान के खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा बलूचिस्तान को पाकिस्तान का खनिज भंडार कहा जाता है। यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का दबदबा है। चीन ने CPEC के तहत ग्वादर और आसपास के इलाकों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीनी फिशिंग बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ी है। स्थानीय बलूच मछुआरों का आरोप है कि बड़ी और ज्यादा ताकतवर चीनी बोट्स उनकी छोटी नावों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं। ज्यादातर स्थानीय मछुआरे अब भी पाल वाली छोटी नावों से मछली पकड़ते हैं। इससे उनके रोजगार पर असर पड़ रहा है। बलूचिस्तान के रेअर अर्थ मिनरल पर अमेरिका की नजर है। मुनीर ट्रम्प के सामने इन खनिजों के सैंपल तक दिखा चुके हैं। PAK के हाथ से बलूचिस्तान का 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… PoK में सेना की घेराबंदी, राशन तक की चेकिंग:स्कूल-हॉस्पिटल बंद, लोग बोले- सरकार ने बात की, फिर इंडिया का एजेंट बता दिया हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम तो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।’ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर, यानी POK से ये आवाजें ऐसे वक्त में आ रही है, जब वहां इंटरनेट बंद है। स्कूल नहीं खुल रहे, अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा, कामकाज ठप है। लोग राशन और दवाइयों तक के लिए परेशान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल बाढ़- 7 सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश जारी:अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 5 हजार अब भी लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 13 दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम अलग-अलग 7 हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं। अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि 4894 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 4,307 नेपाली नागरिक और 587 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पहाड़ी इलाकों, टूटे रास्तों और भारी मलबे के कारण बचाव अभियान में कई मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 1,356 लोगों की मौत हुई है। वहीं तिब्बत में 43 लोगों की मौत हुई है और 519 लापता हैं। नेपाल रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीरें… नेपाल बाढ़ से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

पंजाबी महिला का पाकिस्तानी मुस्लिम पति फंसा:पहली पत्नी कोर्ट पहुंची; बोली- सरबजीत कौर ने घर कब्जाया, बच्चों समेत बाहर निकाला

पंजाबी महिला का पाकिस्तानी मुस्लिम पति फंसा:पहली पत्नी कोर्ट पहुंची; बोली- सरबजीत कौर ने घर कब्जाया, बच्चों समेत बाहर निकाला

भारत से पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत कौर से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आया है। नासिर हुसैन की पहली पत्नी साइमा नासर लाहौर हाईकोर्ट पहुंच गई है। साइमा ने पति नासिर हुसैन और उससे निकाह करने वाली सरबजीत कौर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साइमा का आरोप है कि नासिर ने उनकी जानकारी और अनुमति के बिना सरबजीत से दूसरी शादी की। इसके बाद उन्हें चार नाबालिग बच्चों के साथ घर से निकाल दिया गया। साइमा ने अदालत से बच्चों के मासिक भत्ते और रहने के लिए घर की मांग की है। साइमा ने सरबजीत पर आरोप लगाया कि वह दादी बनने की उम्र में मोबाइल के जरिए गैर-मर्दों के सामने अश्लीलता करती है। घर में मेरे पति के साथ अश्लील हालत में रहती है। उससे मेरे बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। याचिका में साइमा की 4 अहम बातें… 1. सरबजीत ने घर पर कब्जा किया साइमा नासर का आरोप है कि भारत से यात्रा वीजा पर पाकिस्तान आई सरबजीत कौर ने उनके घर पर जबरन कब्जा कर लिया। साइमा के मुताबिक, उन्हें और उनके चार छोटे बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया गया। हमारे कपड़े भी फेंक दिए गए और परिवार के खाने का सहारा भी छीन लिया गया। 2. बिना अनुमति दूसरी शादी की साइमा के एडवोकेट अली चंगेजी संधू के अनुसार, पाकिस्तान के कानून के तहत दूसरी शादी को लेकर पहली पत्नी की लिखित अनुमति और संबंधित कानूनी प्रक्रिया का प्रावधान है। साइमा का कहना है कि नासिर हुसैन ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना सरबजीत कौर से निकाह किया। अदालत ने नासिर हुसैन को नोटिस जारी किया है। 3. पति ने 10 महीने से संपर्क नहीं किया साइमा के मुताबिक, करीब 10 महीने से नासिर ने उनसे और बच्चों से संपर्क नहीं किया है। उनका आरोप है कि इस दौरान न तो बच्चों के पालन-पोषण के लिए कोई राशि दी गई और न ही उनका हक-मेहर अदा किया गया। साइमा का कहना है कि चार नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है। वह अदालत के जरिए बच्चों के लिए गुजारा भत्ता और रहने की व्यवस्था चाहती हैं। 4. बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हूं साइमा ने कहा- नासिर हुसैन और सरबजीत नामक महिला दिन-रात एक साथ रहकर मोबाइल वीडियो पर अश्लील वीडियो देखते है। दोनों आपत्तिजनक हालत में रहते हैं। ऐसी महिला के साथ रहना बिल्कुल संभव नहीं है क्योंकि इसका बच्चों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। आगे चलकर उनके शादी-ब्याह और रिश्तों में भी रुकावट आएगी। इसलिए वे एक घर में साथ नहीं रह सकते और उन्हें सिर्फ उनका जायज हक दिया जाए। सरबजीत कौर मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा के 2 फ्लैट बिक्री पर:लंदन में इजराइली दूतावास से 50 मीटर की दूरी पर हैं; कीमत ₹459 करोड़

रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा के 2 फ्लैट बिक्री पर:लंदन में इजराइली दूतावास से 50 मीटर की दूरी पर हैं; कीमत ₹459 करोड़

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से जुड़े माने जा रहे लंदन के दो अपार्टमेंट बिक्री के लिए रखे गए हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों फ्लैट ब्रिटिश राजधानी में इजराइली दूतावास के पास हैं। ये लग्जरी पेंटहाउस 3ए पैलेस ग्रीन में हैं। इन्हें 2014 और 2016 में कुल £36 मिलियन यानी करीब ₹459.54 करोड़ में खरीदा गया था। दोनों प्रॉपर्टी में स्टाफ के रहने की जगह और निजी रूफ टेरेस हैं। पहला पेंटहाउस 5 बेडरूम वाला डुप्लेक्स है। यह छठी और सातवीं मंजिल पर 3,944 वर्गफीट में फैला है और इसे £12 मिलियन से कम यानी करीब ₹153.17 करोड़ में बेचा जा रहा है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।