Friday, 09 Oct 2026 | 04:42 PM

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होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति भारत आईं:PM मोदी से मिलीं, तेल सप्लाई पर बड़ा समझौता संभव

होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति भारत आईं:PM मोदी से मिलीं, तेल सप्लाई पर बड़ा समझौता संभव

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग तेजी से बढ़ा है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तेल सप्लाई को लेकर बड़ा समझौता हो सकता है। इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भी डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत करने में रोड्रिगेज की लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका रही है और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत दोनों देशों के सहयोग को और आगे बढ़ाएगी। अमेरिका ने 4 जनवरी को तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से रोड्रिगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। होर्मुज संकट की वजह से भारत वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है। वेनेजुएला तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना एनर्जी ट्रैक करने वाली एजेंसी केप्लर के डेटा के मुताबिक, मई 2026 में वेनेजुएला ने तेल सप्लाई के मामले में सऊदी अरब और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। अभी केवल रूस और UAE ने ही उससे ज्यादा तेल सप्लाई किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल सप्लाई अप्रैल के मुकाबले करीब 50 फीसदी बढ़ गई है। अमेरिका ने जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद वहां के तेल निर्यात पर कुछ ढील दी थी। उसी के बाद अप्रैल से भारत में फिर से वेनेजुएला का तेल आना शुरू हुआ। करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार के साथ वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश माना जाता है। यह भंडार सऊदी अरब और अमेरिका से भी ज्यादा है। अब अमेरिका और वेनेजुएला दोनों कोशिश करेंगे कि भारत के साथ ऐसा समझौता हो, जिससे वेनेजुएला से तेल निर्यात में आई यह तेजी आगे भी जारी रह सके। पहले भी भारत के बड़े सप्लायर्स में शामिल रहा है वेनेजुएला वेनेजुएला भारत के बड़े तेल सप्लायर्स में शामिल रहा है। 2012 में यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना था और कई साल तक टॉप-5 में रहा। 2019 तक वेनेजुएला हर साल करीब 1.6 करोड़ टन कच्चा तेल भारत भेज रहा था। उसी दौरान दोनों देशों का व्यापार बढ़कर 6.4 अरब डॉलर पहुंच गया था, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा तेल कारोबार का था। हालांकि, अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला के तेल खरीदारों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत ने करीब एक साल तक वहां से तेल खरीद बंद कर दी थी। 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार घटकर 67.9 करोड़ डॉलर रह गया। भारत की रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद है वेनेजुएलाई तेल वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी और ज्यादा सल्फर वाला होता है। इसे प्रोसेस करना आसान नहीं माना जाता। हालांकि, भारत की आधुनिक रिफाइनरियां इस तरह के तेल को डीजल और जेट फ्यूल जैसे उत्पादों में बदल सकती हैं। यह तेल तुलनात्मक रूप से सस्ता भी पड़ता है। इसी वजह से भारतीय रिफाइनरियां इसे आर्थिक रूप से फायदे का सौदा मानती हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। उन्होंने बताया कि भारत की सरकारी तेल कंपनियों का वहां निवेश भी है। भारत सरकार के मुताबिक, भारतीय सरकारी कंपनियों की वेनेजुएला के तेल सेक्टर में अच्छी हिस्सेदारी है और वे आगे भी वहां निवेश बढ़ाने के मौके तलाश रही हैं। रोड्रिगेज तेल मंत्री रहते भी भारत आ चुकी हैं रिपोर्ट्स के मुताबिक डेल्सी रोड्रिगेज छठी बार भारत आई हैं। इससे पहले फरवरी 2025 में भी भारत आई थीं। तब वे वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री थीं। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एनर्जी वीक’ में हिस्सा लिया था। इस दौरान भारत और वेनेजुएला के बीच तेल सप्लाई बढ़ाने, रिफाइनिंग सहयोग और ऊर्जा निवेश पर बातचीत हुई थी। उस समय अमेरिकी प्रतिबंधों में आंशिक ढील के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से वेनेजुएलाई तेल खरीद बढ़ाने में रुचि दिखाई थी।

होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति भारत आईं:PM मोदी से मिलीं, तेल सप्लाई पर बड़ा समझौता संभव

होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति भारत आईं:PM मोदी से मिलीं, तेल सप्लाई पर बड़ा समझौता संभव

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग तेजी से बढ़ा है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तेल सप्लाई को लेकर बड़ा समझौता हो सकता है। इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भी डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत करने में रोड्रिगेज की लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका रही है और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत दोनों देशों के सहयोग को और आगे बढ़ाएगी। अमेरिका ने 4 जनवरी को तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से रोड्रिगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। होर्मुज संकट की वजह से भारत वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है। वेनेजुएला तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना एनर्जी ट्रैक करने वाली एजेंसी केप्लर के डेटा के मुताबिक, मई 2026 में वेनेजुएला ने तेल सप्लाई के मामले में सऊदी अरब और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। अभी केवल रूस और UAE ने ही उससे ज्यादा तेल सप्लाई किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल सप्लाई अप्रैल के मुकाबले करीब 50 फीसदी बढ़ गई है। अमेरिका ने जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद वहां के तेल निर्यात पर कुछ ढील दी थी। उसी के बाद अप्रैल से भारत में फिर से वेनेजुएला का तेल आना शुरू हुआ। करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार के साथ वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश माना जाता है। यह भंडार सऊदी अरब और अमेरिका से भी ज्यादा है। अब अमेरिका और वेनेजुएला दोनों कोशिश करेंगे कि भारत के साथ ऐसा समझौता हो, जिससे वेनेजुएला से तेल निर्यात में आई यह तेजी आगे भी जारी रह सके। पहले भी भारत के बड़े सप्लायर्स में शामिल रहा है वेनेजुएला वेनेजुएला भारत के बड़े तेल सप्लायर्स में शामिल रहा है। 2012 में यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना था और कई साल तक टॉप-5 में रहा। 2019 तक वेनेजुएला हर साल करीब 1.6 करोड़ टन कच्चा तेल भारत भेज रहा था। उसी दौरान दोनों देशों का व्यापार बढ़कर 6.4 अरब डॉलर पहुंच गया था, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा तेल कारोबार का था। हालांकि, अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला के तेल खरीदारों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत ने करीब एक साल तक वहां से तेल खरीद बंद कर दी थी। 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार घटकर 67.9 करोड़ डॉलर रह गया। भारत की रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद है वेनेजुएलाई तेल वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी और ज्यादा सल्फर वाला होता है। इसे प्रोसेस करना आसान नहीं माना जाता। हालांकि, भारत की आधुनिक रिफाइनरियां इस तरह के तेल को डीजल और जेट फ्यूल जैसे उत्पादों में बदल सकती हैं। यह तेल तुलनात्मक रूप से सस्ता भी पड़ता है। इसी वजह से भारतीय रिफाइनरियां इसे आर्थिक रूप से फायदे का सौदा मानती हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला भारत के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। उन्होंने बताया कि भारत की सरकारी तेल कंपनियों का वहां निवेश भी है। भारत सरकार के मुताबिक, भारतीय सरकारी कंपनियों की वेनेजुएला के तेल सेक्टर में अच्छी हिस्सेदारी है और वे आगे भी वहां निवेश बढ़ाने के मौके तलाश रही हैं। रोड्रिगेज तेल मंत्री रहते भी भारत आ चुकी हैं रिपोर्ट्स के मुताबिक डेल्सी रोड्रिगेज छठी बार भारत आई हैं। इससे पहले फरवरी 2025 में भी भारत आई थीं। तब वे वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री थीं। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एनर्जी वीक’ में हिस्सा लिया था। इस दौरान भारत और वेनेजुएला के बीच तेल सप्लाई बढ़ाने, रिफाइनिंग सहयोग और ऊर्जा निवेश पर बातचीत हुई थी। उस समय अमेरिकी प्रतिबंधों में आंशिक ढील के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से वेनेजुएलाई तेल खरीद बढ़ाने में रुचि दिखाई थी।

शरद पवार की पोती की शादी लखानी परिवार में, बीजेपी-आरएसएस संबंधों पर बनी सुर्खियां | राजनीति समाचार

Sanju Samson (left) and Suryakumar Yadav (PTI Photo)

आखरी अपडेट:04 जून, 2026, 11:59 IST महाराष्ट्र के प्रमुख परिवारों के बीच गठबंधन को कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस द्वारा सुगम बनाया गया था, जो दोनों नागपुर से आते हैं। शरद पवार की पोती रेवती सुले और बीजेपी नेता अरुण लखानी के बेटे सारंग शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। (एक्स) जैसा कि राजनीतिक हलकों में शरद पवार की पोती रेवती सुले और भाजपा नेता अरुण लखानी के बेटे सारंग की आगामी शादी पर चर्चा जारी है, नया ध्यान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के साथ लखानी परिवार के लंबे समय से जुड़ाव की ओर गया है। दोनों परिवारों के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बार-बार तंज कसने के बीच भी इस घटनाक्रम को महत्व मिला है, खासकर तब जब आगामी चुनावों के लिए एमएलसी की भाजपा सूची में लखानी का नाम शामिल है। लखानी वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली से चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के दो प्रमुख परिवारों के बीच गठबंधन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस द्वारा किया गया था, जो दोनों नागपुर से हैं और लखानी और पवार परिवारों के साथ लंबे समय से संबंध साझा करने के लिए जाने जाते हैं। कौन हैं अरुण लखानी? महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के मलकापुर से एमटेक स्नातक, अरुण लखानी आरएसएस परंपरा में गहराई से जुड़े परिवार से आते हैं। उनके पिता, जिन्होंने 1934 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से एमटेक की डिग्री हासिल की थी, सक्रिय रूप से संघ से जुड़े थे, जबकि उनके बड़े भाई वर्तमान में मलकापुर के संघचालक के रूप में कार्यरत हैं। लखानी 1999 से भाजपा से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के संयुक्त कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, यह पद उन्होंने दिसंबर 2023 में ग्रहण किया था। राजनीति से परे, उन्होंने खेल प्रशासन में प्रमुख भूमिका निभाई है। वह 2014 से महाराष्ट्र बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष, 2016 से भारतीय बैडमिंटन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और 2022 से राष्ट्रीय निकाय के कोषाध्यक्ष हैं। उन्हें 2026 में महाराष्ट्र ओलंपिक एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। लखानी सामाजिक और शैक्षिक पहलों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने 2016 से 2026 तक आरएसएस से जुड़े लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। ट्रस्ट विदर्भ के आदिवासी क्षेत्रों में लगभग 1,000 एकल-शिक्षक स्कूल चलाता है और विभिन्न शैक्षिक आउटरीच कार्यक्रम चलाता है। इससे पहले, उन्होंने नरकेसरी प्रकाशन का नेतृत्व किया, जो नागपुर से मराठी दैनिक तरुण भारत प्रकाशित करता है। उन्होंने 1998 से 2003 तक साईं मंदिर, नागपुर के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। आगामी शादी ने काफी राजनीतिक दिलचस्पी पैदा कर दी है, पर्यवेक्षकों ने कहा कि यह महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक और संघ परिवार और भाजपा के साथ गहरे संगठनात्मक और वैचारिक संबंधों वाले परिवार को एक साथ लाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : नागपुर, भारत, भारत समाचार राजनीति शरद पवार की पोती की शादी लखानी परिवार में होने वाली है, बीजेपी-आरएसएस संबंधों पर चर्चा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शरद पवार की पोती की शादी(टी)रेवती सुले की शादी(टी)अरुण लखानी के बेटे सारंग(टी)लखानी परिवार आरएसएस लिंक(टी)बीजेपी महाराष्ट्र की राजनीति(टी)नितिन गडकरी की भूमिका(टी)देवेंद्र फड़नवीस नागपुर(टी)महाराष्ट्र के राजनीतिक परिवार

शिल्पा शिंदे ने फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस करना कबूला:हिना खान समेत कई सेलेब्स भड़के, NGO ने की गिरफ्तारी की मांग, शिल्पा बोलीं- सुसाइड करने वाली थी

शिल्पा शिंदे ने फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस करना कबूला:हिना खान समेत कई सेलेब्स भड़के, NGO ने की गिरफ्तारी की मांग, शिल्पा बोलीं- सुसाइड करने वाली थी

बिग बॉस 11 की विनर और भाभी जी घर पर हैं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे अपने हालिया पॉडकास्ट से विवादों में घिर गई हैं। पॉडकास्ट में एक्ट्रेस ने कबूला कि उन्होंने अपने प्रोड्यूसर्स के खिलाफ फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकायत दर्ज करवाई थी। पॉडकास्ट आते ही शिल्पा शिंदे के खिलाफ एक NGO ने एक्शन लिए जाने की मांग की है। इसके अलावा हिना खान, पूजा बेदी समेत कई सेलेब्स एक्ट्रेस की आलोचना कर रहे हैं। विवादों के बीच शिल्पा शिंदे ने सफाई में कहा है कि वो उस वक्त सुसाइड करने वाली थीं, लेकिन अब उन्हें किसी भी तरह के विवाद से कोई फर्क नहीं पड़ता। शिल्पा ने वीडियो में आपत्तिजनक इशारे भी किए। शिल्पा शिंदे ने कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाछिया के पॉडकास्ट में कहा है कि उन्होंने टीवी शो भाभी जी घर पर हैं के प्रोड्यूसर संजय कोहली के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट की फर्जी शिकायत दर्ज करवाई थी। इससे उनकी बकाया पेमेंट चुका दी गई। NGO ने की गिरफ्तारी की मांग पुरुषों के हित में काम करने वाले एक NGO ने शिल्पा शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की है। NCM इंडिया काउंसिल फॉर मैन अफेयर के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा गया है, मुंबई पुलिस, प्लीज शिल्पा शिंदे को अपने प्रोड्यूसर के खिलाफ झूठी शिकायत करने पर गिरफ्तार करें। ये बेहद शर्मनाक है- हिना खान बिग बॉस 11 की को-कंटेस्टेंट हिना खान ने शिल्पा की कड़ी आलोचना कर आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘किसी की छवि खराब करने या किसी विवाद में जीतने के लिए अपने महिला होने का फायदा उठाना बिल्कुल शर्मनाक है। और हर किसी को इसका विरोध करने और न्याय की मांग करने का पूरा अधिकार है। मैं यह देखकर बेहद हैरान हूं। लेकिन मैं यहां उस “असली पीड़ित” की बात करना चाहता हूं। एक सम्मानित व्यक्ति, जिसकी पत्नी, बेटी और परिवार में कई महिलाएं हैं। एक मेहनती निर्माता, जिसने कई लोकप्रिय शो बनाए हैं। उसे एक कठिन दौर से गुजरना पड़ा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जैसा कि खुद एक्ट्रेस ने स्वीकार किया, उसके आरोप बेबुनियाद थे। उन आरोपों का इस्तेमाल फायदा उठाने, जीत हासिल करने, अंक बटोरने और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए अपना दावा मनवाने के लिए किया गया। फिर भी, उसी निर्माता ने उसी व्यक्ति को दोबारा अपने शो में मौका दिया। एक और लॉन्चपैड, एक और मौका, एक और सहारा, जिससे उसके झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप को सही ठहराने की कोशिश की जा सके। लेकिन अगर वह एक्ट्रेस फिर से ऐसा करती है तो?’ ‘आखिर उसे उसी व्यक्ति ने दोबारा काम दिया है, जिस पर उसने पहले झूठा आरोप लगाया था। मैं यह सब देखकर बेहद शॉक्ड हूं। अब तो लगता है कि मजाक हम सबके साथ हो रहा है।’ इसके लिए कड़ी सजा दी जानी चाहिए- पूजा बेदी एक्ट्रेस पूजा बेदी ने वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में शिल्पा शिंदे की निंदा करते हुए कहा, ‘कोई भी महिला जो पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का इस्तेमाल बदला लेने, निजी फायदे, दबाव बनाने, प्रचार पाने या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए करती है, वह उन कानूनों के असली उद्देश्य के साथ विश्वासघात करती है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘झूठे आरोप न सिर्फ निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं, बल्कि इससे वास्तविक पीड़ितों की बात पर भी लोगों का भरोसा कम हो जाता है। कानून का इस तरह दुरुपयोग बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए कड़ी सजा होनी चाहिए।’ विवाद बढ़ने पर शिल्पा शिंदे ने दी सफाई पॉडकास्ट के बाद आलोचना होने और विवाद बढ़ने के बाद शिल्पा शिंदे ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा है, ‘ये जो पीआर चल रहा है, जो कमेंट्स आ रहे हैं, मुझे उन लोगों को बस इतना कहना है कि जो बोगे वही पाओगे। जो लोग बिना पूरी बात जाने समझे, मेरी चिंता कर रहे हैं कि अरे आपकी तो अब तक शादी ही नहीं हुई, वो लोग अपनी खुद की चिंता करें। एक सच बोलने वाले इंसान को आप झूठ बोल रहे हो। मुझे पता था कि ये होना ही है, क्योंकि दुनिया कभी किसी अच्छी चीज की तारीफ नहीं करती।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे ये बोलने की जरुरत नहीं थी। 10 साल के बाद भी मैं ये शो कर रही हूं। मैं पहले भी बोल सकती थी। तो जो लोग कह रहे हैं कि मैं ये शो के लिए बोल रही हूं, घंटा। मुझे आप लोगों की नजरों में उठना भी नहीं है। मैं अपनी नजरों में उठी हुई हूं। किसी ने मुझे ये कहने के लिए नहीं कहा था, मैं उस झूठ के साथ नहीं जी सकती थी। वो आज या कल मुझे बोलना ही था। जो मेरे साथ हुआ, वो आप लोगों को नहीं पता है। भगवान न करे, आपके या आपके परिवार के साथ ऐसा हो। वो जो टाइम था, वो मुझे पता है कि मैंने सिर्फ पैसों के लिए नहीं किया। मैं शो छोड़ चुकी थी, उससे निकल चुकी थी।’ ‘बिग बॉस के बाद मुझे एक शख्स मिला, जिसने मुझसे कहा कि मेरे फादर ने सुसाइड कमिट किया, क्योंकि मेरे काम की जगह मेरे बारे में ऐसी बातें कही गईं, जो सच नहीं थीं। मैं सुसाइड करने वाला था, मैंने सुसाइड नोट भी लिखा था, लेकिन मैंने बिग बॉस से आपका वीडियो देखा, आप इंस्पायरिंग हो मेरे लिए। अगर मैं जिंदा हूं तो आपकी वजह से।’ मैं सुसाइड करने वाली थी- शिल्पा शिंदे आखिर में शिल्पा ने कहा, ‘मैंने क्या सहा ये सिर्फ मुझे और उस इंसान को पता है, जिसके खिलाफ मैंने शिकायत की। सॉरी शब्द बहुत छोटा है, लेकिन उस वक्त की सिचुएशन के लिए उन्हें भी पता था कि यही सही था। मैं उस वक्त सुसाइड करने वाली थी। लेकिन लोग तब भी हंसते, गालियां देते। मैं लोगों की नजरों में उठना ही नहीं चाहती। मेरा पहले भी किसी ने सपोर्ट नहीं किया और मुझे अभी भी उम्मीद नहीं है। मैं ये सब लेने के लिए तैयार हूं।’ ‘जो लोग भौंक रहे हैं, उन्हें भौंकने दो, लेकिन मेरी सलाह है कि जो ये आप टाइम दे रहे हैं, वो किसी जरुरतमंद को दोगे, तो भला होगा। मेरा तो कुछ

शिल्पा शिंदे ने फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस करना कबूला:हिना खान समेत कई सेलेब्स भड़के, NGO ने की गिरफ्तारी की मांग, शिल्पा बोलीं- सुसाइड करने वाली थी

शिल्पा शिंदे ने फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस करना कबूला:हिना खान समेत कई सेलेब्स भड़के, NGO ने की गिरफ्तारी की मांग, शिल्पा बोलीं- सुसाइड करने वाली थी

बिग बॉस 11 की विनर और भाभी जी घर पर हैं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे अपने हालिया पॉडकास्ट से विवादों में घिर गई हैं। पॉडकास्ट में एक्ट्रेस ने कबूला कि उन्होंने अपने प्रोड्यूसर्स के खिलाफ फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकायत दर्ज करवाई थी। पॉडकास्ट आते ही शिल्पा शिंदे के खिलाफ एक NGO ने एक्शन लिए जाने की मांग की है। इसके अलावा हिना खान, पूजा बेदी समेत कई सेलेब्स एक्ट्रेस की आलोचना कर रहे हैं। विवादों के बीच शिल्पा शिंदे ने सफाई में कहा है कि वो उस वक्त सुसाइड करने वाली थीं, लेकिन अब उन्हें किसी भी तरह के विवाद से कोई फर्क नहीं पड़ता। शिल्पा ने वीडियो में आपत्तिजनक इशारे भी किए। शिल्पा शिंदे ने कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाछिया के पॉडकास्ट में कहा है कि उन्होंने टीवी शो भाभी जी घर पर हैं के प्रोड्यूसर संजय कोहली के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट की फर्जी शिकायत दर्ज करवाई थी। इससे उनकी बकाया पेमेंट चुका दी गई। NGO ने की गिरफ्तारी की मांग पुरुषों के हित में काम करने वाले एक NGO ने शिल्पा शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की है। NCM इंडिया काउंसिल फॉर मैन अफेयर के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा गया है, मुंबई पुलिस, प्लीज शिल्पा शिंदे को अपने प्रोड्यूसर के खिलाफ झूठी शिकायत करने पर गिरफ्तार करें। ये बेहद शर्मनाक है- हिना खान बिग बॉस 11 की को-कंटेस्टेंट हिना खान ने शिल्पा की कड़ी आलोचना कर आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘किसी की छवि खराब करने या किसी विवाद में जीतने के लिए अपने महिला होने का फायदा उठाना बिल्कुल शर्मनाक है। और हर किसी को इसका विरोध करने और न्याय की मांग करने का पूरा अधिकार है। मैं यह देखकर बेहद हैरान हूं। लेकिन मैं यहां उस “असली पीड़ित” की बात करना चाहता हूं। एक सम्मानित व्यक्ति, जिसकी पत्नी, बेटी और परिवार में कई महिलाएं हैं। एक मेहनती निर्माता, जिसने कई लोकप्रिय शो बनाए हैं। उसे एक कठिन दौर से गुजरना पड़ा।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जैसा कि खुद एक्ट्रेस ने स्वीकार किया, उसके आरोप बेबुनियाद थे। उन आरोपों का इस्तेमाल फायदा उठाने, जीत हासिल करने, अंक बटोरने और बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए अपना दावा मनवाने के लिए किया गया। फिर भी, उसी निर्माता ने उसी व्यक्ति को दोबारा अपने शो में मौका दिया। एक और लॉन्चपैड, एक और मौका, एक और सहारा, जिससे उसके झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप को सही ठहराने की कोशिश की जा सके। लेकिन अगर वह एक्ट्रेस फिर से ऐसा करती है तो?’ ‘आखिर उसे उसी व्यक्ति ने दोबारा काम दिया है, जिस पर उसने पहले झूठा आरोप लगाया था। मैं यह सब देखकर बेहद शॉक्ड हूं। अब तो लगता है कि मजाक हम सबके साथ हो रहा है।’ इसके लिए कड़ी सजा दी जानी चाहिए- पूजा बेदी एक्ट्रेस पूजा बेदी ने वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में शिल्पा शिंदे की निंदा करते हुए कहा, ‘कोई भी महिला जो पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का इस्तेमाल बदला लेने, निजी फायदे, दबाव बनाने, प्रचार पाने या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए करती है, वह उन कानूनों के असली उद्देश्य के साथ विश्वासघात करती है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘झूठे आरोप न सिर्फ निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं, बल्कि इससे वास्तविक पीड़ितों की बात पर भी लोगों का भरोसा कम हो जाता है। कानून का इस तरह दुरुपयोग बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए कड़ी सजा होनी चाहिए।’ विवाद बढ़ने पर शिल्पा शिंदे ने दी सफाई पॉडकास्ट के बाद आलोचना होने और विवाद बढ़ने के बाद शिल्पा शिंदे ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा है, ‘ये जो पीआर चल रहा है, जो कमेंट्स आ रहे हैं, मुझे उन लोगों को बस इतना कहना है कि जो बोगे वही पाओगे। जो लोग बिना पूरी बात जाने समझे, मेरी चिंता कर रहे हैं कि अरे आपकी तो अब तक शादी ही नहीं हुई, वो लोग अपनी खुद की चिंता करें। एक सच बोलने वाले इंसान को आप झूठ बोल रहे हो। मुझे पता था कि ये होना ही है, क्योंकि दुनिया कभी किसी अच्छी चीज की तारीफ नहीं करती।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे ये बोलने की जरुरत नहीं थी। 10 साल के बाद भी मैं ये शो कर रही हूं। मैं पहले भी बोल सकती थी। तो जो लोग कह रहे हैं कि मैं ये शो के लिए बोल रही हूं, घंटा। मुझे आप लोगों की नजरों में उठना भी नहीं है। मैं अपनी नजरों में उठी हुई हूं। किसी ने मुझे ये कहने के लिए नहीं कहा था, मैं उस झूठ के साथ नहीं जी सकती थी। वो आज या कल मुझे बोलना ही था। जो मेरे साथ हुआ, वो आप लोगों को नहीं पता है। भगवान न करे, आपके या आपके परिवार के साथ ऐसा हो। वो जो टाइम था, वो मुझे पता है कि मैंने सिर्फ पैसों के लिए नहीं किया। मैं शो छोड़ चुकी थी, उससे निकल चुकी थी।’ ‘बिग बॉस के बाद मुझे एक शख्स मिला, जिसने मुझसे कहा कि मेरे फादर ने सुसाइड कमिट किया, क्योंकि मेरे काम की जगह मेरे बारे में ऐसी बातें कही गईं, जो सच नहीं थीं। मैं सुसाइड करने वाला था, मैंने सुसाइड नोट भी लिखा था, लेकिन मैंने बिग बॉस से आपका वीडियो देखा, आप इंस्पायरिंग हो मेरे लिए। अगर मैं जिंदा हूं तो आपकी वजह से।’ मैं सुसाइड करने वाली थी- शिल्पा शिंदे आखिर में शिल्पा ने कहा, ‘मैंने क्या सहा ये सिर्फ मुझे और उस इंसान को पता है, जिसके खिलाफ मैंने शिकायत की। सॉरी शब्द बहुत छोटा है, लेकिन उस वक्त की सिचुएशन के लिए उन्हें भी पता था कि यही सही था। मैं उस वक्त सुसाइड करने वाली थी। लेकिन लोग तब भी हंसते, गालियां देते। मैं लोगों की नजरों में उठना ही नहीं चाहती। मेरा पहले भी किसी ने सपोर्ट नहीं किया और मुझे अभी भी उम्मीद नहीं है। मैं ये सब लेने के लिए तैयार हूं।’ ‘जो लोग भौंक रहे हैं, उन्हें भौंकने दो, लेकिन मेरी सलाह है कि जो ये आप टाइम दे रहे हैं, वो किसी जरुरतमंद को दोगे, तो भला होगा। मेरा तो कुछ

पंजाब-चंडीगढ़ में चढ़ेगा टेस्ट क्रिकेट का फीवर:6 जून को मुल्लांपुर में भारत-अफगानिस्तान का मैच, शुभमन गिल होंगे कप्तान; गंभीर पहुंचे नाडा साहिब

पंजाब-चंडीगढ़ में चढ़ेगा टेस्ट क्रिकेट का फीवर:6 जून को मुल्लांपुर में भारत-अफगानिस्तान का मैच, शुभमन गिल होंगे कप्तान; गंभीर पहुंचे नाडा साहिब

आईपीएल के मैच भले ही खत्म हो गए हैं, लेकिन क्रिकेट का रोमांच अभी बाकी है। 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा। दोनों टीमें चंडीगढ़ पहुंच चुकी हैं और प्रैक्टिस जारी है। यह ऐतिहासिक मुकाबला पंजाब और देश के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने नाडा साहिब पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। बता दें कि, यह मैच 2 वजहों से खास है। पहला मुल्लांपुर में बने स्टेडियम में पहली बार कोई टेस्ट मैच खेला जाएगा। ऐसे में पीसीए इसकी मेजबानी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। दूसरा शहर के युवा खिलाड़ी शुभमन गिल टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे। वहीं, गुरनूर सिंह के लिए भी यह मुकाबला खास रहेगा। शुभमन ने हाल ही में आईपीएल में भी शानदार प्रदर्शन किया था। पिच क्यूरेटर से कोच की लंबी चर्चा भारत और अफगानिस्तान के बीच इससे पहले 2018 में एकमात्र टेस्ट मैच खेला गया था, जिसमें भारत जीती थी। उस समय टीम की कमान अजिंक्य रहाणे के हाथों में थी। हेड कोच गौतम गंभीर भी चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिच क्यूरेटर के साथ लंबी चर्चा की है। इसकी एक बड़ी वजह अफगानिस्तान का मजबूत स्पिन आक्रमण है। अफगान टीम के पास कई बेहतरीन स्पिनर मौजूद हैं। वहीं भारतीय टीम इस विभाग में थोड़ी कमजोर नजर आ रही है। रविचंद्रन अश्विन संन्यास ले चुके हैं, जबकि रविंद्र जडेजा टीम का हिस्सा नहीं हैं। अक्षर पटेल को भी टीम में जगह नहीं मिली है। हालांकि कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर टीम में शामिल हैं। हर्ष दुबे को पहली बार भारतीय टीम में मौका मिला है। मैच से जुड़ी यह 3 बातें भी ध्यान में रखिए:- 6 से 10 जून तक खेला जाएगा मैच: पीसीए सचिव गुरमीत सिंह मीत हेयर ने बताया कि 6 से 10 जून तक भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार मुल्लांपुर स्टेडियम को टेस्ट मैच की मेजबानी का मौका मिला है। यह भारत का 31वां और पंजाब का तीसरा टेस्ट वेन्यू होगा। 250 रुपए से शुरू टिकट: गुरमीत सिंह मीत हेयर ने खास तौर पर अभिभावकों से अपील की है कि वे गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव दिलाने के लिए स्टेडियम लेकर आएं। इससे बच्चों को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान पर खेलते देखने का मौका मिलेगा। मैच के लिए टिकट की कीमत 250 रुपए से शुरू रखी गई है। एक टिकट पर दर्शक पांचों दिन मैच देख सकेंगे। वे चाहें तो पूरा दिन या किसी विशेष सत्र के दौरान भी स्टेडियम पहुंच सकते हैं। कप्तान होंगे शुभमन गिल, टीम में गुरनूर बराड़ भी: भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी पंजाब के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल करेंगे, जबकि पंजाब के ही गुरनूर बराड़ भी टीम का हिस्सा हैं। क्रिकेट प्रशंसकों से भारतीय टीम और पंजाब के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचने की अपील की गई है। देखिए मैच से जुड़ी PHOTOS:- स्पिन बॉलिंग कोच ने संभाली जिम्मेदारी भारत के स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले भी टीम से जुड़ चुके हैं और उन्होंने प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। इससे पहले वह आईपीएल में पंजाब किंग्स के स्पिन बॉलिंग कोचिंग सेटअप का हिस्सा रहे हैं। वहीं गुरजपनीत सिंह, आकिब नबी, प्रिंस यादव, सारांश जैन, जीशान अंसारी और शिवांग कुमार नेट बॉलर के रूप में टीम इंडिया के साथ जुड़े हुए हैं।

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस, 13 जून को पहला वनडे खेलेगी टीम इंडिया

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस, 13 जून को पहला वनडे खेलेगी टीम इंडिया

भारत के सीनियर बैटर विराट कोहली हैमस्ट्रिंग, यानी पैर की नस में खिंचाव की वजह से अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। न्यूज एजेंसी PTI ने BCCI के एक सूत्र के हवाले से कोहली के सीरीज से बाहर होने की पुष्टि की है। हालांकि, BCCI ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी ने लिखा- ‘कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हैं।’ विराट को दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटर्स में गिना जाता है। 37 साल के कोहली ने RCB को लगातार दूसरा IPL खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने फाइनल मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 75 रन की नाबाद पारी खेली थी। 13 जून को खेला जाएगा पहला वनडे मैच अफगानिस्तान का भारत दौरा 6 जून से शुरू हो रहा है। टीम मुल्लांपुर स्टेडियम पर 6 जून से सिंगल टेस्ट मैच खेलेगी। उसके बाद 13 जून से 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी नजरें कोहली के अलावा, पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सस्पेंस है। उन्हें हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने की शर्त पर टीम में शामिल किया गया था। रोहित को चोट के कारण IPL के कुछ मैचों से बाहर रहना पड़ा था। रोहित की फिटनेस पर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। सीरीज की व्यूअरशिप पर असर पड़ेगा कोहली और रोहित की गैरमौजूदगी से अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज की व्यूअरशिप पर असर पड़ेगा। क्योंकि, ये दोनों स्टार केवल वनडे क्रिकेट ही खेलते हैं। दोनों ने टी-20 और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया है। ————————————- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दावा- सूर्यकुमार यादव से टी-20 कप्तानी छिनेगी; 3 महीने पहले वर्ल्डकप जिताया था सूर्यकुमार यादव को भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी से हटाया जा सकता है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उनकी टीम में जगह भी खतरे में है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले BCCI, टीम मैनेजमेंट और चयन समिति नया कप्तान बनाने पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण नाम वापस लिया, रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस

कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से हटे:हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण नाम वापस लिया, रोहित की फिटनेस पर भी सस्पेंस

भारत के सीनियर बैटर विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। न्यूज एजेंसी PTI ने BCCI के एक सूत्र के हवाले से कोहली के सीरीज से बाहर होने की पुष्टि की है। हालांकि, BCCI ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। एजेंसी ने लिखा- ‘कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हैं।’ विराट को दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटर्स में गिना जाता है। 37 साल के कोहली ने RCB को लगातार दूसरा खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने फाइनल मैच में नाबाद 75 रन की पारी खेली थी। 14 जून को खेला जाएगा पहला वनडे मैच अफगानिस्तान का भारत दौरा 6 जून से शुरू हो रहा है। टीम मुल्लांपुर स्टेडियम पर 6 जून से सिंगल टेस्ट मैच खेलेगी। उसके बाद 14 जून से 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी नजरें कोहली के अलावा, पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सस्पेंस है। उन्हें हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने की शर्त पर टीम में शामिल किया गया था। रोहित को चोट के कारण IPL के कुछ मैचों से बाहर रहना पड़ा था। रोहित की फिटनेस पर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)

ममता का असली संकट 60 बागी विधायक नहीं हैं. ये हैं वो 17 लोग जो बंगाल की राजनीति को नया आकार दे सकते हैं | राजनीति समाचार

Sanju Samson (left) and Suryakumar Yadav (PTI Photo)

आखरी अपडेट:04 जून, 2026, 10:57 IST ऋतब्रत बनर्जी विद्रोह का चेहरा हो सकते हैं, लेकिन उनका समर्थन करने वाले मुस्लिम विधायक ममता बनर्जी के लिए संकट को और अधिक नुकसानदेह बना सकते हैं। एक दशक से अधिक समय तक, बंगाल के मुस्लिम मतदाताओं पर ममता बनर्जी का प्रभुत्व लगभग अटल और अजेय दिखाई दिया। तृणमूल कांग्रेस के दलबदलू नेता और पहली बार विधायक बने ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि पार्टी के 80 में से 60 विधायक अलग होकर राज्य विधानसभा में एक अलग विधायी समूह बनाने के लिए तैयार हैं, शीर्षक संख्या 60 है। हालांकि, ममता बनर्जी के लिए, अधिक परिणामी संख्या 17 हो सकती है। ऋतब्रत बनर्जी के ‘असली तृणमूल’ अभियान का समर्थन करने वाले 60 तृणमूल विधायकों में से लगभग 17 से 18 मुस्लिम विधायक हैं जो मुर्शिदाबाद, मालदा, दक्षिण 24 परगना और बंगाल के अन्य अल्पसंख्यक बहुल इलाकों के निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी भी अन्य पार्टी में, यह एक आँकड़ा होगा। तृणमूल कांग्रेस में यह पर्याप्त और चेतावनी का संकेत है. भले ही ममता बनर्जी मौजूदा तृणमूल ढांचे को भंग कर देती हैं और पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने का फैसला करती हैं, लेकिन विद्रोही नेताओं की जगह लेना मुस्लिम गढ़ों में विश्वास बहाल करने की तुलना में कहीं अधिक आसान साबित हो सकता है, जो कभी उनका सबसे विश्वसनीय राजनीतिक किला हुआ करते थे। राजनीतिक संगठनों का पुनर्गठन किया जा सकता है। एक बार दरारें दिखाई देने लगें तो वोट बैंकों का पुनर्निर्माण करना बहुत कठिन हो जाता है। यह स्थिति कांग्रेस के लिए राज्य में राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने का अवसर भी पैदा कर सकती है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के सूत्रों ने कहा कि कुछ मुस्लिम विधायकों ने कई स्तरों पर कांग्रेस के साथ बातचीत शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “कुछ कांग्रेस विधायक वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं के पास पहुंचे और कुछ ने सीधे पीसीसी सदस्यों से भी संपर्क किया।” के साथ बात कर रहे हैं न्यूज18कांग्रेस संसदीय दल के पूर्व नेता और बंगाल के पूर्व पीसीसी प्रमुख अधीर चौधरी ने तृणमूल विधायक दल के नए स्वरूप को ‘भाजपा प्रायोजित तृणमूल’ बताया. तृणमूल के मुस्लिम विधायकों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, “मुस्लिम विधायक कांग्रेस के साथ रास्ते खोलना शुरू कर सकते हैं क्योंकि अगर वे लंबे समय तक ऐसी स्थिति में रहेंगे तो राज्य भर में अपने क्षेत्रों में वापस नहीं लौट पाएंगे।” एक वरिष्ठ तृणमूल नेता, जो अभी भी ममता बनर्जी के साथ हैं, ने कहा, “मुस्लिम नेताओं और कई अन्य लोगों ने दोहराया है कि वे तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा हैं और अभी भी ममता बनर्जी को अपना नेता मानते हैं। यह एक अभूतपूर्व स्थिति है और किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि चीजें इस तरह सामने आएंगी। हम अब दीदी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।” विधानसभा में बागी विधायकों की बैठक के बाद, तृणमूल विधायक और विद्रोही समूह के सदस्य अख्रुज्जमां खान ने कहा, “हम तृणमूल के साथ हैं और ममता बनर्जी हमारी नेता हैं। जब उन्होंने बुलाया, तो हम गए। लेकिन विधायक दल के स्थापित नियमों की अनदेखी की गई, जिससे हम उपहास का पात्र बन गए। हमने विधायक दल की गरिमा की रक्षा के लिए काम किया। हमारी ममता बनर्जी से अपील है कि वह हमें औपचारिक मान्यता दें और हमारी प्रमुख सलाहकार बनें।” हार्टलैंड में एक विद्रोह एक दशक से अधिक समय तक, बंगाल के मुस्लिम मतदाताओं पर ममता बनर्जी का प्रभुत्व लगभग अटल और अजेय दिखाई दिया। यह रिश्ता केवल चुनावी अंकगणित पर नहीं बना था। यह मुस्लिम विधायकों, जिला नेताओं, स्थानीय प्रभावशाली लोगों, मौलवियों और संगठनात्मक वफादारों के एक विशाल नेटवर्क पर निर्भर था जो तृणमूल को अपने प्राकृतिक राजनीतिक घर के रूप में देखते थे। यही कारण है कि वर्तमान विद्रोह इतना महत्वपूर्ण है। चुनौती यह नहीं है कि मुस्लिम मतदाताओं ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है. इसका अभी तक बहुत कम सबूत है। चुनौती यह है कि मुस्लिम विधायकों का एक बड़ा वर्ग रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले समानांतर राजनीतिक गठन का खुले तौर पर समर्थन करने को तैयार दिखता है। समूह में जावेद अहमद खान भी शामिल हैं, जो समुदाय से ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में से एक और पूर्व मंत्री हैं। प्रतीकवाद उतना ही मायने रखता है जितना संख्याएँ। ऐतिहासिक रूप से, जब भी पार्टी को आंतरिक संकट का सामना करना पड़ा, तृणमूल के मुस्लिम नेतृत्व ने एक स्थिर शक्ति के रूप में काम किया। इस बार, उनमें से कई युद्ध रेखा के दूसरी ओर दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के सूत्रों से संकेत मिलता है कि कुछ नेताओं ने चुपचाप कांग्रेस और आईएसएफ के साथ भी रास्ते खोल लिए हैं और मौजूदा सत्ता संघर्ष जारी रहने के बावजूद भविष्य के राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं। क्या ये चर्चाएँ औपचारिक गठबंधन या दल-बदल की ओर ले जाती हैं, यह गौण है। तथ्य यह है कि इस तरह की बातचीत बिल्कुल भी हो रही है, यह तृणमूल के पारंपरिक समर्थन ढांचे के कुछ वर्गों के भीतर बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है। ममता बनर्जी के लिए खतरा व्यक्तिगत विधायकों को खोने में नहीं है। यह उस संदेश में निहित है जो उन प्रस्थानों ने बंगाल के अल्पसंख्यक क्षेत्र में भेजा है। राजनीति अक्सर धारणा पर चलती है. और यह धारणा कि मुस्लिम नेता अपना दांव लगाना शुरू कर रहे हैं, विद्रोह से भी अधिक हानिकारक साबित हो सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मधुपर्णा दास सीएनएन न्यूज 18 में एसोसिएट एडिटर (पॉलिसी) मधुपर्णा दास लगभग 14 वर्षों से पत्रकारिता में हैं। वह बड़े पैमाने पर राजनीति, नीति, अपराध और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों को कवर करती रही हैं। उसके पास सह…और पढ़ें समाचार राजनीति ममता का असली संकट 60 बागी विधायक नहीं हैं. ये हैं वो 17 लोग जो बंगाल की राजनीति को नया आकार दे सकते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ 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मुकेश अंबानी से आगे निकले टिकटॉक के सह-संस्थापक:यिमिंग एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने, अंबानी तीसरे नंबर पर खिसके

मुकेश अंबानी से आगे निकले टिकटॉक के सह-संस्थापक:यिमिंग एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने, अंबानी तीसरे नंबर पर खिसके

टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइडांस के को-फाउंडर झांग यिमिंग मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, झांग की संपत्ति अब 8.9 लाख करोड़ रुपए (93 बिलियन डॉलर) हो गई है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी की संपत्ति 8.31 लाख करोड़ रुपए (86 बिलियन डॉलर) रह गई है। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अडाणी ग्रुप के मालिक गौतम अडाणी हैं। एशिया के टॉप 5 सबसे अमीर व्यक्ति एआई चैटबॉट डौबाओ के सफलता से बढ़ी झांग की दौलत झांग की दौलत बाइडांस की वैल्युएशन बढ़ने और एआई चैटबॉट डौबाओ की सफलता से बढ़ी है। यह भारत और दुनियाभर में मशहूर ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के जेमिनाई जैसा ही एडवांस्ड एआई असिस्टेंट है। चीन में इस चैटबॉट के 30 करोड़ यूजर्स हैं। 7 सालों में 7 गुना बढ़ी संपत्ति झांग 2019 में 1.24 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक थे। बीते 7 साल में उनकी संपत्ति सात गुना ये ज्यादा बढ़ चुकी है। अमेरिका में टिकटॉक का बिजनेस बिकने से कंपनी का संकट दूर हो गया। ब्लूमबर्ग ने इसकी वैल्यू में 25% कटौती घटाकर 10% कर दी है। इससे ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे निवेशकों के विश्लेषण के बाद झांग की संपत्ति 2.30 लाख करोड़ रुपए बढ़ी है। कंपनी एआई सेक्टर में इस साल 6.7 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। बहरहाल, गौतम अदाणी 11.19 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इलॉन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क की कुल संपत्ति 69 लाख करोड़ रुपए (726 बिलियन डॉलर) है। वहीं इस मामले में दूसरे नंबर पर गूगल के फाउंडर लैरी पेज और तीसरे पर लैरी एलिशन हैं।