Tuesday, 22 Sep 2026 | 12:35 PM

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अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के अपकमिंग एपिसोड में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर नजर आएंगे। एपिसोड में अक्षय ने होस्ट अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्होंने कभी परीक्षा में चीटिंग की है। जिसके बाद अमिताभ ने जवाब दिया कि उन्होंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है। दरअसल, शो के सामने आए प्रोमो में अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन से मजेदार सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान परीक्षा में पास होने की बात छिड़ती है। अमिताभ ने अक्षय से पूछा कि इतनी बदमाशी करने के बावजूद वह इम्तिहान कैसे पास करते थे। इस पर अक्षय ने स्वीकार किया कि वह चीटिंग करके पास होते थे। इसके बाद अक्षय ने अमिताभ से भी पूछ लिया कि क्या उन्होंने कभी चीटिंग की है। अमिताभ ने जवाब दिया, “सच बात तो यह है कि मैंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है।” बिग बी का यह जवाब सुनकर अक्षय ने हाथ जोड़ लिए और दर्शकों से कहा कि यह गलत बात है, इसलिए ऐसे जवाब पर ताली न बजाएं। B.Sc के पेपर में अमिताभ बच्चन फेल हो गए थे इससे पहले साल 2023 में KBC पर ही अमिताभ बच्चन ने बताया था कि B.Sc के पेपर में वो फेल हो गए थे। बिग बी ने कहा था कि ग्रेजुएशन में उन्होंने गलत सब्जेक्ट का चुनाव कर लिया था, जिस कारण उन्हें ये दिक्कत हुई। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने B.Sc में एडमिशन लिया था। बाद में ये सब्जेक्ट लेने पर उन्हें बहुत पछतावा हुआ। ये उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। 3 साल तक इस सब्जेक्ट को उन्होंने एक बोझ की तरह झेला। खासतौर पर फिजिक्स उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आती थी। जिस कारण उनके मन में डर सा बैठ गया था। जब पेपर होने को 2 महीने बचे थे, तब उन्होंने किसी तरह सब कुछ बस रट लिया था। हालांकि, उनका ये रटा काम नहीं आया और फिजिक्स में फेल हो गए। इस कारण उन्हें दोबारा से एग्जाम देना पड़ा, पर इस बार वो सारे सब्जेक्ट में पास हो गए थे। अमिताभ ने पूछा, करीना उन्हें रिश्ते में क्या कहेंगी? इस एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने सैफ अली खान से उनके पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। सैफ अली खान और अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ की बात करें तो यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा और मनोज जोशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें… दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था: रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की भी तारीफ की थी दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में 2 बार हुई मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

US ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय को राहत:फैमिली कैटेगरी की तारीखें बढ़ीं; 1 अक्टूबर से नए वीजा नंबर मिलेंगे

US ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय को राहत:फैमिली कैटेगरी की तारीखें बढ़ीं; 1 अक्टूबर से नए वीजा नंबर मिलेंगे

अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार-आधारित कई श्रेणियों में ग्रीन कार्ड मिलने की तारीखें काफी आगे बढ़ी हैं। हालांकि, EB-1 श्रेणी में खास बदलाव नहीं हुआ है। EB-1 श्रेणी में असाधारण प्रतिभा वाले लोग, बेहतरीन प्रोफेसर-रिसर्चर और एमएनसी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत के लिए सितंबर में इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 है। सितंबर का वीजा बुलेटिन मौजूदा वित्त वर्ष का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। नए वार्षिक वीजा नंबर 1 अक्टूबर से उपलब्ध होंगे। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।

US ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय को राहत:फैमिली कैटेगरी की तारीखें बढ़ीं; 1 अक्टूबर से नए वीजा नंबर मिलेंगे

US ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय को राहत:फैमिली कैटेगरी की तारीखें बढ़ीं; 1 अक्टूबर से नए वीजा नंबर मिलेंगे

अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार-आधारित कई श्रेणियों में ग्रीन कार्ड मिलने की तारीखें काफी आगे बढ़ी हैं। हालांकि, EB-1 श्रेणी में खास बदलाव नहीं हुआ है। EB-1 श्रेणी में असाधारण प्रतिभा वाले लोग, बेहतरीन प्रोफेसर-रिसर्चर और एमएनसी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत के लिए सितंबर में इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 है। सितंबर का वीजा बुलेटिन मौजूदा वित्त वर्ष का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। नए वार्षिक वीजा नंबर 1 अक्टूबर से उपलब्ध होंगे। F-1 में 13 महीने की बढ़त सितंबर वीजा बुलेटिन में भारत और चीन के लिए F-1 श्रेणी की फाइनल एक्शन डेट 15 दिसंबर 2018 से बढ़कर 22 जनवरी 2020 हो गई है। यह श्रेणी अमेरिकी नागरिकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए है। F-2B में करीब 20 महीने की राहत ग्रीन कार्ड धारकों के अविवाहित वयस्क बेटे-बेटियों के लिए F-2B की तारीख 1 जनवरी 2018 से बढ़कर 22 अगस्त 2019 हो गई है। यानी एक महीने में करीब 20 महीने की बढ़त मिली है। F-3 में करीब 29 महीने की बढ़त अमेरिकी नागरिकों के विवाहित बेटे-बेटियों के लिए F-3 की फाइनल एक्शन डेट 15 मई 2012 से बढ़कर 22 अक्टूबर 2014 हो गई है। इसमें करीब 29 महीने की बढ़त हुई है। F-2A में एक महीने की बढ़त ग्रीन कार्ड धारकों के पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों के लिए F-2A की तारीख 22 जुलाई 2026 से बढ़कर 22 अगस्त 2026 हो गई है। वित्त वर्ष 2026 में परिवार आधारित इमिग्रेशन की कुल सीमा 2.26 लाख और रोजगार आधारित इमिग्रेशन की सीमा 1,86,317 है। प्रति देश 7% यानी 28,862 वीजा की सीमा है। कुल मिलाकर इस महीने परिवार आधारित ग्रीन कार्ड की कई श्रेणियों में अच्छी प्रगति हुई है, जबकि EB-1 में कोई बदलाव नहीं हुआ। अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश इससे पहले अमेरिकी सीनेट में एक ऐसा विधेयक पेश किया गया थआ, जिसमें पिछले 7 साल से लगातार अमेरिका में रह रहे लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देने वाला आधिकारिक दस्तावेज है। इसे आधिकारिक तौर पर परमानेंट रेजिडेंट कार्ड कहा जाता है। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए यह प्रस्ताव क्यों अहम है? यह प्रस्ताव भारतीयों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है। फिलहाल रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर हर देश के लिए एक तय सीमा (पर-कंट्री कैप) लागू है। इसी वजह से हजारों भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने में कई-कई साल लग जाते हैं। अगर यह विधेयक कानून बन जाता है, तो पिछले 7 साल से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का एक नया विकल्प मिल जाएगा।

बिग बॉस 20 का घर बना ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’:गार्डन में शार्क से लेकर बेडरूम में बिच्छू तक, हर कोना सुनाएगा नई कहानी

बिग बॉस 20 का घर बना ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’:गार्डन में शार्क से लेकर बेडरूम में बिच्छू तक, हर कोना सुनाएगा नई कहानी

‘बिग बॉस 20’ का घर इस बार सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक अलग ही दुनिया नजर आ रहा है। शो की थीम ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग अंदाज में डिजाइन किया गया है। गार्डन में जानवरों और पक्षियों की आकृतियां, दीवारों पर कई आंखें, तालाब में शार्क, पेड़ पर सांप और एक अलग जिम एरिया नजर आता है। ड्राइंग रूम से लेकर किचन, डाइनिंग एरिया और बेडरूम तक हर जगह कोई न कोई कहानी छिपी है। इस बार घर को डिजाइन किया है वर्षा जैन ने। इसे तैयार करने में करीब डेढ़ महीने तक रोजाना 100 से ज्यादा लोग दिन-रात काम करते रहे। गार्डन में कदम रखते ही दिखेगा ‘अलग संसार’ बिग बॉस के घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले गार्डन एरिया नजर आता है। यहां दीवारों पर अलग-अलग जानवरों और पक्षियों की बड़ी-बड़ी आकृतियां बनाई गई हैं। एक तरफ गोरिल्ला नजर आता है तो दूसरी ओर ईगल की आकृति खास ध्यान खींचती है। बिग बॉस के हाथ पर बना ईगल भी इस डिजाइन का हिस्सा है। इसका शो की कहानी से क्या कनेक्शन है, यह आने वाले एपिसोड में सामने आएगा। गार्डन के एक हिस्से में पेड़ पर खतरनाक सांप की आकृति बनाई गई है। वहीं एक विचित्र प्राणी को कैंप लगाए हुए दिखाया गया है। यानी घर के बाहर का हिस्सा भी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि शो की थीम का हिस्सा है। स्विमिंग पूल में इस बार दिखेगी शार्क गार्डन का स्विमिंग पूल भी इस बार पहले जैसा सामान्य नहीं है। पानी के बीच शार्क की आकृति इसे बिल्कुल अलग लुक देती है। साफ पानी के बीच नजर आती शार्क घर के ‘इल्यूजन’ वाले कॉन्सेप्ट को और मजबूत करती है। गार्डन में कंटेस्टेंट्स के लिए छोटा जिम गार्डन एरिया में ही कंटेस्टेंट्स के लिए जिम बनाया गया है। यहां वे एक्सरसाइज और फिटनेस पर ध्यान दे सकेंगे। यानी घर के अंदर होने वाले तनाव और गेम के बीच फिटनेस के लिए भी अलग जगह रखी गई है। ड्राइंग रूम में हर चीज बताएगी अपनी कहानी गार्डन से आगे बढ़ते ही घर का ड्राइंग और लिविंग एरिया आता है। घर का हर हिस्सा अलग नजर आता है, लेकिन सभी हिस्से एक ही थीम से जुड़े हुए हैं। बेडरूम, किचन, लिविंग एरिया और टेरेस के रंग और कॉन्सेप्ट अलग रखे गए हैं, लेकिन ओवरऑल थीम एक ही है। यही वजह है कि एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते ही दर्शकों को अलग दुनिया का एहसास होगा। दीवारों पर बनी आंखें देंगी ‘हर चीज देखे जाने’ का एहसास घर की कुछ दीवारों पर बड़ी संख्या में आंखों की आकृतियां बनाई गई हैं। इनका मतलब भी सीधा है- घर के अंदर कुछ भी छिपा नहीं है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह डिजाइन बिग बॉस के उस मूल कॉन्सेप्ट को भी दर्शाता है, जिसमें कंटेस्टेंट्स लगातार कैमरों की निगरानी में रहते हैं। किचन में खाना कम, गॉसिप और झगड़े ज्यादा! अब पहुंचते हैं बिग बॉस के सबसे चर्चित हिस्सों में से एक- किचन एरिया में। यहां खाना बनाने के साथ-साथ गॉसिप, बहस और लड़ाई-झगड़े भी खूब होते हैं। इस बार किचन का लुक भी थीम के मुताबिक रखा गया है। फिलहाल यहां नजर आने वाली कुछ चीजें असली नहीं, बल्कि सेट का हिस्सा हैं। किचन से आगे बढ़ते ही डाइनिंग एरिया आता है। डाइनिंग टेबल पर खाने से ज्यादा होंगी बातें बिग बॉस के घर की डाइनिंग टेबल सिर्फ खाना खाने की जगह नहीं होती। यहां कंटेस्टेंट्स बैठकर एक-दूसरे से बातें करते हैं, रणनीतियां बनाते हैं और कई बार छोटी-सी बात बड़े विवाद में बदल जाती है। यही वजह है कि इस घर में डाइनिंग एरिया भी कहानी का अहम हिस्सा नजर आता है। बेडरूम में मधुमक्खी, बिच्छू और रंग-बिरंगी तितलियां घर का बेडरूम इस बार सबसे ज्यादा रहस्यमयी हिस्सों में से एक है। यहां दीवारों और आसपास के डिजाइन में मधुमक्खी, बिच्छू, छिपकली और रंग-बिरंगी तितलियों की आकृतियां नजर आती हैं। डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि रात में सोने वाला कंटेस्टेंट भी इस अजीबोगरीब दुनिया के बीच खुद को महसूस करे। बिच्छू और सांप जैसी आकृतियां जहां खतरे का संकेत देती हैं, वहीं तितलियां सपनों और कल्पना की दुनिया का एहसास कराती हैं। समुद्र में डूबती कश्ती भी डिजाइन का हिस्सा बेडरूम के एक हिस्से में पेड़ के पीछे समुद्र और डूबती हुई कश्ती का दृश्य दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे समुद्र में कोई नाव डूब रही हो और उसमें मौजूद लोग मुश्किल में हों। यह पूरा सेटअप ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ की थीम को आगे बढ़ाता है, जहां वास्तविक और काल्पनिक दुनिया के बीच की सीमा धुंधली नजर आती है। ऑक्टोपस चेस खेलेगा, जानवर भी देंगे संकेत घर में कई ऐसी चीजें रखी गई हैं, जो सामान्य दुनिया में संभव नहीं लगतीं। उदाहरण के तौर पर एक ऑक्टोपस को चेस खेलते हुए दिखाया गया है। इस तरह की ‘लार्जर दैन लाइफ’ आकृतियां दर्शकों को लगातार यह एहसास कराती हैं कि वे एक सामान्य घर नहीं, बल्कि एक काल्पनिक दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं। ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ है पूरे डिजाइन की थीम इस बार पूरे घर का कॉन्सेप्ट ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ पर आधारित है। गेम शो की थीम को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग बनाया गया है। यानी एक तरफ घर खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ उसमें छिपे सांप, बिच्छू, आंखें और दूसरी आकृतियां एक रहस्यमयी और चुनौतीपूर्ण दुनिया का एहसास कराती हैं। डेढ़ महीने में तैयार हुआ इतना बड़ा सेट इतने बड़े सेट को तैयार करना आसान नहीं था। डिजाइनर वर्षा जैन को फिजिकल कंस्ट्रक्शन में करीब डेढ़ महीने का समय लगा। हालांकि, उससे पहले डिजाइन को अंतिम रूप देने में काफी समय लगा। बारिश के मौसम में भी करीब 100 से ज्यादा मजदूर रोजाना दिन-रात काम करते रहे, ताकि तय समय में इतना बड़ा सेट तैयार किया जा सके। इस बार घर सिर्फ घर नहीं, कहानी का हिस्सा है बिग बॉस 20 के घर को देखकर साफ नजर आता है कि इस बार डिजाइन को सिर्फ खूबसूरत बनाने पर ध्यान

बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ की जयपुर में शूटिंग:हरियाणा पुलिस टीम की हॉस्पिटल में एंट्री; प्रकाश झा ने फिल्माए सीन

बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ की जयपुर में शूटिंग:हरियाणा पुलिस टीम की हॉस्पिटल में एंट्री; प्रकाश झा ने फिल्माए सीन

बॉबी देओल स्टारर वेब सीरीज ‘आश्रम’ के चौथे सीजन ‘आश्रम 4’ की शूटिंग जयपुर में शुरू हो गई है। मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल में कई सीन फिल्माए गए। प्रोड्यूसर-डायरेक्टर प्रकाश झा कलाकारों को उनके किरदार की बारीकियां समझाते नजर आए। कहानी के मुताबिक- हरियाणा पुलिस की टीम हॉस्पिटल में जांच के लिए पहुंचती है। पिंक सिटी के जवाहर सर्किल और एनआरआई क्षेत्र में भी शूटिंग की जाएगी। जल्द ही सीरीज के मेन लीड एक्टर बॉबी देओल भी जयपुर आएंगे और शूटिंग से जुड़ेंगे। ‘आश्रम 4’ में बॉबी के साथ चंदन रॉय सान्याल, अदिति पोहनकर, अक्षय ओबेरॉय, सचिन श्रॉफ, दर्शन कुमार, त्रिधा चौधरी और अनुप्रिया गोयनका भी हैं। आज हॉस्पिटल में त्रिधा चौधरी और अदिति पोहनकर पर सीन फिल्माए गए। हॉस्पिटल में शूटिंग के दौरान की देखें PHOTOS मुहूर्त के साथ शुरू हुई थी ‘आश्रम 4’ की शूटिंग ‘आश्रम’ के पिछले सीजन की शूटिंग जयपुर में की जा चुकी है। इस बार भी जयपुर को सीरीज के महत्वपूर्ण शूटिंग लोकेशन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शूटिंग के दौरान कलाकारों और क्रू की मौजूदगी से शहर में फिल्म और वेब सीरीज को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। हाल में मेकर्स ने जयपुर में हुई मुहूर्त सेरेमनी की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर ‘आश्रम 4’ की शूटिंग शुरू होने का एलान किया था। तस्वीर में टेबल पर रखा क्लैपरबोर्ड नजर आया, जिस पर ‘एक बदनाम आश्रम’ लिखा था। पोस्ट के साथ मेकर्स ने नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देते हुए ‘जपनाम’ के साथ शूटिंग शुरू होने की जानकारी साझा की थी। सीरीज के चौथे सीजन को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह है। पिछले सीजन्स में बाबा निराला के साम्राज्य, उसके प्रभाव और उससे जुड़े अपराधों की कहानी ने दर्शकों को बांधे रखा था। बाबा निराला के किरदार में फिर दिखेंगे बॉबी देओल प्रकाश झा के निर्देशन में बनी ‘आश्रम’ में बॉबी देओल ने काशीपुर वाले बाबा निराला का किरदार निभाया है। बाबा निराला खुद को भगवान का दूत बताकर लोगों की आस्था का फायदा उठाता है और धीरे-धीरे राजनीति, अपराध और अंधविश्वास के सहारे अपना प्रभावशाली साम्राज्य खड़ा करता है। सीरीज में उसके बढ़ते प्रभाव के साथ उसके साम्राज्य से जुड़े कई काले राज और अपराध सामने आते हैं। चौथे सीजन में कहानी आगे किस मोड़ पर जाएगी, इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। प्रकाश झा ने हॉस्पिटल में शुरू की नई स्वास्थ्य सुविधाएं ‘आश्रम 4’ की शूटिंग के दौरान प्रकाश झा ने मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर में टोटल नी रिप्लेसमेंट यूनिट और नियोनेटल इंसेंटिव केयर यूनिट का भी उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान प्रकाश झा ने अस्पताल प्रबंधन की इस पहल की सराहना की। झा ने कहा कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना समाज के लिए महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। प्रियंका हॉस्पिटल के चेयरमैन और सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जी.एल. शर्मा ने प्रकाश झा का आभार जताया।

भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार:विदेश मंत्री जयशंकर कीव में बोले- जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करेंगे,

भारत यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार:विदेश मंत्री जयशंकर कीव में बोले- जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करेंगे,

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर और एंड्री सिबिहा के बीच ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों को लेकर भी चर्चा हुई। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेनी विदेश मंत्री बोले- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कीव पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने इसे भारतीय विदेश मंत्री की यूक्रेन की पहली खास द्विपक्षीय यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों पर हमले कर रहा है। ऐसे हालात में जयशंकर का कीव दौरा अहम है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य करने और दुनिया की खाद्य सुरक्षा पर चर्चा की। यूक्रेनी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीति और बातचीत वाले रुख का स्वागत किया। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर ने ब्लैक सी में भारतीयों समेत सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेन बोला- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने जयशंकर के कीव दौरे को अहम बताया। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों के बीच भारतीय विदेश मंत्री की यह यात्रा खास मायने रखती है। सिबिहा ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और इससे जुड़ी वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस रुख का भी स्वागत किया, जिसमें भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की बात कहता रहा है। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। दोनों नेताओं के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यूक्रेन के बाद वे पोलैंड जाएंगे, जहां उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

चीन- PhD छोड़, रिसर्च पेपर की गड़बड़ियां खोजने लगा शख्स:40 वैज्ञानिकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिनपिंग सरकार ने फंडिंग-पुरस्कार छीने

चीन- PhD छोड़, रिसर्च पेपर की गड़बड़ियां खोजने लगा शख्स:40 वैज्ञानिकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिनपिंग सरकार ने फंडिंग-पुरस्कार छीने

चीन में एक पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई के रिसर्च पेपर में गड़बड़ियां पकड़ने के बाद 40 से ज्यादा रिसर्चर्स पर कार्रवाई हुई है। चीन की प्रमुख रिसर्च फंडिंग संस्था नेशनल नेचुरल साइंस फाउंडेशन ऑफ चाइना (NSFC) ने 31 मामलों में कार्रवाई की है। इसे संस्था की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कार्रवाई की जद में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसर भी हैं। इनमें 4 ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिनके पेपर पर पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। गेंग को ‘स्टूडेंट गेंग’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 2025 में बायोसाइंस की PhD छोड़ दी थी। इसके बाद वह रिसर्च पेपर में डेटा, तस्वीरों और ग्राफ की गड़बड़ियां खोजकर सोशल मीडिया पर सामने लाने लगे। उनके सवालों के बाद संबंधित संस्थानों ने जांच शुरू की और अब मामला NSFC की कार्रवाई तक पहुंच गया है। PhD ड्रॉपआउट ने क्या पकड़ा? 1. आंकड़ों में अजीब पैटर्न एक पेपर में एक कॉलम के लगभग सभी आंकड़ों का आखिरी अंक 5 था। दूसरे कॉलम में भी आंकड़े एक तय पैटर्न में थे। एक कॉलम के आंकड़े दूसरे से लगभग हर जगह 0.3 के अंतर पर थे। गेंग ने इसे डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली बात बताया। 2. 196 चूहों के वजन में सटीकता एक रिसर्च में 196 लैब चूहों का वजन दो दशमलव तक दर्ज किया गया था। गेंग ने सवाल उठाया कि चलते-फिरते चूहों का वजन इतनी सटीकता से कैसे दर्ज किया गया। इससे डेटा के साथ छेड़छाड़ की आशंका पैदा हुई। 3. एक ही तस्वीर, अलग-अलग प्रयोग कुछ पेपर में एक जैसी तस्वीरों को अलग-अलग प्रयोगों के नतीजे के तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठे। कुछ डेटा सेट भी असामान्य रूप से एक-दूसरे से मिलते थे। नेचर ने भी बताया था कि गेंग ने कई पेपर के आंकड़ों में असामान्यताएं पकड़ी थीं। चार बड़े वैज्ञानिक भी कार्रवाई की जद में गेंग ने अप्रैल में चीन के चार प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से जुड़े वैज्ञानिकों के रिसर्च पर सवाल उठाए थे। इनमें टोंगजी यूनिवर्सिटी के वांग पिंग, नानकाई यूनिवर्सिटी के चेन चुआन, शंघाई यूनिवर्सिटी के सु जियाचन और सन यात-सेन यूनिवर्सिटी के कुआंग डोंगमिंग शामिल हैं। इन चारों को चीन का प्रतिष्ठित नेशनल साइंस फंड फॉर डिस्टिंग्विश्ड यंग स्कॉलर्स मिल चुका था। यह चीन में युवा वैज्ञानिकों को दिया जाने वाला प्रमुख सम्मान है। इनमें से तीन अपने संस्थानों में डीन या एसोसिएट डीन जैसे प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। इन वैज्ञानिकों के खिलाफ उनके विश्वविद्यालयों ने भी कार्रवाई की। कुछ को प्रशासनिक पदों से हटाया गया। इसके बाद NSFC ने भी इन मामलों में कार्रवाई की। संस्था ने संबंधित रिसर्च फंडिंग और सम्मान वापस ले लिए। उन्हें पहले मिली 1 करोड़ युआन से ज्यादा यानी करीब 15 लाख डॉलर की रिसर्च ग्रांट लौटाने का आदेश दिया गया। साथ ही तीन से सात साल तक NSFC की फंडिंग के लिए दोबारा आवेदन करने पर रोक लगा दी गई। अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स के पेपर भी जांच के घेरे में गेंग के सवालों में नेचर, नेचर कैंसर और सेल बायोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपर भी शामिल थे। मई में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने रिपोर्ट किया था कि चीनी सोशल मीडिया पर इन जर्नल्स में प्रकाशित कुछ रिसर्च पेपर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके बाद स्प्रिंगर नेचर ने कहा था कि उसे पांच पेपर को लेकर चिंताएं मिली हैं और उनकी जांच की जा रही है। जुलाई में नेचर और नेचर कैंसर ने चीन के वैज्ञानिकों के दो रिसर्च पेपर वापस ले लिए।

अमेरिकी महिलाओं का वोटिंग पैटर्न:महिलाएं कहती हैं कि राजनीति में रुचि नहीं, पर ट्रम्प की जीत में बड़ा योगदान

अमेरिकी महिलाओं का वोटिंग पैटर्न:महिलाएं कहती हैं कि राजनीति में रुचि नहीं, पर ट्रम्प की जीत में बड़ा योगदान

अमेरिका में अगर महिलाओं से राजनीति के बारे में पूछें, तो उनमें से कई यही कहेंगी कि वे राजनीति में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं रखतीं। फिर भी, 1970 के दशक से शुरू होकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उनके वोट की ताकत एक अलग ही कहानी बयां करती है। 2024 के चुनाव में लगभग दो-तिहाई महिलाओं ने डोनाल्ड ट्रम्प के पक्ष में मतदान किया। ये अमेरिका के कुल वोटरों का 37% हिस्सा हैं और इनमें से 68% खुद को ईसाई मानती हैं। वहीं, श्वेत इवेंजेलिकल (एक धार्मिक समूह) महिलाओं में से 80% से अधिक ने ट्रम्प को वोट दिया। इसके उलट, खुद को किसी भी धर्म से न जोड़ने वाली लगभग 80% श्वेत महिलाओं ने 2024 में कमला हैरिस को वोट दिया। अमेरिका में महिलाओं की राजनीति को किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं किया जा सकता। बल्कि, उनके मतदान के तरीके एक तरह के सांस्कृतिक नजरिए को दर्शाते हैं। महिलाओं की राजनीतिक पसंद केवल नेताओं के भाषणों से तय नहीं होती। वे जो किताबें पढ़ती हैं, घर में जो सामान रखती हैं और रोजमर्रा के जो कंटेंट देखती हैं, उसका भी उनकी सोच और वोट पर गहरा असर पड़ता है। आम धारणा यह है कि गर्भपात का विरोध ईसाई महिलाओं को रिपब्लिकन पार्टी को वोट देने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन कई सर्वे से पता चलता है कि गर्भपात का नंबर महंगाई, आप्रवासन, अपराध जैसे मुद्दों से काफी नीचे है। महिलाओं के वोट पाने की रणनीति अलग है… लंबे समय से, फूलों से सजी बाइबल स्टडी बुक्स, लोकप्रिय उपन्यास महिलाओं को सिखाते रहे हैं कि उन्हें क्या मानना ​​चाहिए, कैसे जीना चाहिए और कैसे मतदान करना चाहिए। मीडिया और लाइफस्टाइल ब्रांड ‘द कंजर्वेटर’ की फाउंडर जेमी लीघ फ्रैंकलिन ने दक्षिणपंथी रणनीति का वर्णन किया – महिलाओं को सांस्कृतिक रूप से रूढ़िवादी नजरिए में शामिल करो, फिर ‘अमेरिका समर्थक, पश्चिमी सभ्यता समर्थक, परिवार समर्थक’ वोट हासिल करो। राजनीति की बात करने की कोई जरूरत ही नहीं है।

अमेरिका में $1 के सिक्के पर ट्रम्प की तस्वीर:250वीं वर्षगांठ पर जारी हुआ, बिक्री शुरू होने के कुछ घंटे बाद आउट ऑफ स्टॉक

अमेरिका में $1 के सिक्के पर ट्रम्प की तस्वीर:250वीं वर्षगांठ पर जारी हुआ, बिक्री शुरू होने के कुछ घंटे बाद आउट ऑफ स्टॉक

अमेरिका ने अपनी 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला $1 का खास सिक्का जारी किया है। अमेरिकी मिंट ने बुधवार दोपहर 12 बजे इसकी बिक्री शुरू की। बिक्री शुरू होने के कुछ ही घंटे बाद सिक्का आउट ऑफ स्टॉक हो गया। अमेरिकी मिंट की वेबसाइट पर दोपहर करीब 3 बजे 25 सिक्कों का रोल स्टॉक में नहीं था, जबकि 100 सिक्कों का बैग भी उपलब्ध नहीं था। सिक्के के आगे वाले हिस्से पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पोर्ट्रेट है। इसके साथ ‘IN GOD WE TRUST’ और ‘LIBERTY’ लिखा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के प्रतीक के तौर पर ‘250’ लिखा गया है। 25 सिक्कों के रोल की कीमत 61 डॉलर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, 25 सिक्कों के एक रोल की कीमत 61 डॉलर और 100 सिक्कों के एक बैग की कीमत 154.50 डॉलर है। बिक्री शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद वेबसाइट पर ग्राहकों को वेटिंग एरिया में भेजा गया। उन्हें करीब 1 घंटे का इंतजार बताया गया। गुरुवार दोपहर 2 बजे तक एक परिवार अधिकतम 2 खरीदारी कर सकता था। अमेरिकी मिंट ने बताया कि 2.5 लाख सिक्कों को खास ‘4 जुलाई’ प्रिवी मार्क के साथ रैंडम तरीके से रोल और बैग में शामिल किया गया है। इन सिक्कों पर यह निशान 4 जुलाई को बनाया गया था। अमेरिका में 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। 1926 के बाद पहली बार जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, इससे पहले किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर 1926 में सिक्के पर दिखाई गई थी। उस समय राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी आधे डॉलर के सिक्के पर लगाई गई थी। अमेरिकी कानून के तहत किसी जीवित राष्ट्रपति या जीवित पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर लगाना प्रतिबंधित है। हालांकि, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए कांग्रेस नेसर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट पास किया। इसके तहत ट्रेजरी को इस अवसर पर खास $1 के सिक्के जारी करने की अनुमति मिली। कानून में यह भी कहा गया है कि सिक्के के पीछे वाले हिस्से पर किसी जीवित व्यक्ति का पोर्ट्रेट नहीं हो सकता। ट्रम्प की तस्वीर सिक्के के आगे वाले हिस्से पर है, इसलिए इसे कानून के मुताबिक माना गया है।