Tuesday, 13 Oct 2026 | 05:06 PM

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स्मैश्ड ककड़ी सलाद: बेहद गर्मी में तन-मन को ठंडा रखने के लिए ‘स्मैश्ड कुकुंबर किस’ रेसिपी, जानिए रेसिपी

स्मैश्ड ककड़ी सलाद: बेहद गर्मी में तन-मन को ठंडा रखने के लिए 'स्मैश्ड कुकुंबर किस' रेसिपी, जानिए रेसिपी

मसला हुआ ककड़ी सलाद रेसिपी: भारतीय संस्करण में समुद्र तट पर शरीर को वर्गीकृत रखना सबसे बड़ी चुनौती है। अमूमन हर घर में दो के भोजन के साथ सादा कटा हुआ खेडा या फिर भोजन कचुम्बर की तरह बनाया जाता है। हालाँकि, रोज़ एक ही तरह का कुछ-कुछ लोग माँगते हैं। ऐसे में भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए एक बेहद ताज़ा और स्वास्थ्यवर्धक सलाह हम आपको बताने जा रहे हैं। जिसे ‘स्मैश्ड कुकुंबर योगर्ट की’ नाम दिया गया है। यह व्यंजन आपके पाचन तंत्र को क्रमिक रूप से बनाए रखने में सहायक है, साथ ही इसका अलग-अलग स्वाद पारंपरिक व्यंजनों से भी काफी अलग है। प्राकृतिक ताजगी, गढ़ी क्रीमी दही और तीखा चिली-गार्लिक तेल का तड़का इसे एक प्रीमियम व्यंजन के रूप में देता है। बेलन की ‘स्मैश’ ट्रिक का खास फॉर्मूलेशन इस कीक में प्लास्टिक को काटने के बजाय उसे ‘स्मैश’ यानी कुचलना है। जब प्लास्टर को बेलन या किसी भारी वस्तु से दबाया जाता है, तो उसकी निचली सतह पर अतिक्रमण हो जाता है। कुकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के कटे हुए चिकन के टुकड़े, कसुंडी (मस्टर्ड मसाला) और दही के स्वाद को गहराई से सोख लेते हैं, जो सामान्य रूप से कटे हुए चिकन के टुकड़े में संभव नहीं होता। स्मैश्ड कुम्बर योगर्ट केक के लिए क्या-क्या करना चाहिए? 4 1 कप गाढ़ी दही 2 बड़े होटल कसुंडी या मस्टर्ड सॉस के लिएटेम्पलेट का रस, 2 बड़े जैतून का तेल लिटिल कटा हुआ स्प्रिंग अनियन (हरा प्याज)1 छोटा टुकड़ा 2 बड़े मसाले के तेल के लिए2 छोटे अमेरिकी कटा लहसुन1 छोटा छोटा चिली फ्लेक्सआधा छोटा काला नमक1 छोटा चम्मच जीरा और ब्लूटूथ कटा हरा धनिया स्टेप बाई स्टेप ऐसे जानें (स्टेप-बाय-स्टेप विधि) चरण 1: सबसे पहले खेडों को धोकर साफ़ कर लें। अब एक बेलन की मदद से चित्रा दबाते हुए क्रश करें। ध्यान रखें कि पेस्ट बनाना नहीं है, सिर्फ छोटे और चंकी पेस्ट को तोड़ना है। इसके बाद इसमें समग्र रूप से नवीनतम अवशेष और एक्स्ट्रा पानी को लेबल करके अलग-अलग कर दिया गया। चरण 2: एक अलग पोटैशियम में कासुंडी, नींबू का रस, जैतून का तेल और कटा हुआ स्प्रिंग अनियन ऑलिव एक सार बोतल तैयार करें। इस मिश्रण को अलग-अलग तरह के खेडों में अच्छी तरह से मिलाये गये।चरण 3: अब एक छोटा पैन में तेल गर्म करें। इसमें सोलोमन कटान हुआ, जो कि प्लाई तक फैला हुआ था और सबसे अंत में चिली फ़्लैज़ में आया था। इस गर्मागर्म लहसुन-मिर्च के तेल को ठंडा गाहे-बगाहे दही में पलट दें। साथ ही काला नमक, इसके अलावा जीरा और धनिया पत्ता साम्य अच्छी तरह से फेंट लें। स्टेप 4: सबसे पहले सर्विंग प्लेट पर तैयार दही के मिश्रण को बेचने के लिए। अब इसके ऊपर मस्टर्ड रोलर वाले डक्ट को सजा दी जाएगी। बस आपका स्वादिष्ट और ठंडा खीर तैयार है। पोटेशियम में कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है और पानी की मात्रा लगभग 95% होती है, जो कि डाईहाइड्रेशन से बचती है। वहीं दूसरी ओर, दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स समुद्र तट पर स्वास्थ्य (आंत स्वास्थ्य) को बनाए रखते हैं। अगर आप दाल-चावल, पराठा या किसी भी भारी भोजन के साथ एक स्तर, नाश्ते और ताज़ा साइड डिश शामिल करना चाहते हैं, तो यह शेफ़-स्पेशल रेसिपी एक बेहतरीन ऑपरेशन साबित हो सकती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)स्मैश्ड ककड़ी सलाद रेसिपी(टी)नई रेसिपी(टी)ग्रीष्म स्वस्थ सलाद हिंदी(टी)त्वरित खीरे दही सलाद(टी)खीरे का रायता ट्विस्ट

इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी के साथ क्या होगा प्रचार? नीतीश यादव ने दिया ऐसा बयान वायरल हो गया

इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी के साथ क्या होगा प्रचार? नीतीश यादव ने दिया ऐसा बयान वायरल हो गया

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि भविष्य में होने वाले चुनावों में सहयोगियों के साथ गठबंधन जारी रहेगा और पार्टी के गठबंधन में सीट का बंटवारा नहीं, बल्कि ‘चुनाव में जीत’ होगी। ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ कार्यक्रम में जब विपक्ष ने पूछा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वह आगामी लोकसभा चुनाव में एक साथ प्रचार करेंगे तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में गठबंधन का व्यापक अनुभव है और उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि उनके सहयोगियों को भी इस व्यवस्था से फायदा हो। यादव ने कहा, ‘हमारे कई गठबंधन हैं. हमारे नजदीकी गठबंधन का अनुभव है। समाजवादी पार्टी ने हमेशा अपने सहयोगियों के लिए लाभ सुनिश्चित किया है। हमने कभी किसी को धोखा नहीं दिया है. आज जो गठबंधन है वह आगे भी रिलीज रहेगा।’ उन्होंने कहा कि भविष्य में एलायंस की चर्चा सीट के लिए डील बाजी के इंटरफेस-गिरथ नहीं, बल्कि सफलता सुनिश्चित करने के लिए-गिरफ्तार घूमेगी। उन्होंने कहा, ‘गठबंधन में सीट का सवाल नहीं होगा. लोकसभा चुनाव के दौरान भी मैंने कहा था कि मित्र सीट का नहीं, मित्र सीट का है। यही फार्मूला फिर काम करेगा. ‘सवाल सीट का नहीं होगा, सवाल जीतने का होगा।’ सपा प्रमुखों से जब यह पूछा गया कि ‘इंडिया’ गठबंधन कई राज्यों में समान गठबंधन व्यवस्था बनाए रखने में असफल हो रहा है, तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मानना ​​है कि गठबंधन कैसे बनाया जाए। यह पूछे जाने पर कि इस बार के उम्मीदवार का चेहरा कौन होगा, यादव ने कहा कि इस बार की दुकान, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की प्यास, अग्निवीर युवा, किसान, श्रमिक और 69 हजार शिक्षामित्र भी मुद्दे हैं, जिनमें स्थायी नौकरी नहीं मिली। उन्होंने कहा, ‘जहां भाजपा खत्म हुई है, पीडीए – पिछड़ा (पी), दलित और अल्पसंख्यक (पिछड़ा, पिछड़ा और अल्पसंख्यकों के लिए यादव को एक आदर्श नाम दिया गया है) वहीं से शुरू होता है।’ ‘विपक्ष के लिए चेहरे की क्या जरूरत है’ पर उन्होंने कहा, ‘विपक्ष के लिए चेहरे की क्या जरूरत है। ‘बच्चा तो अपने में एक बड़ा चेहरा है।’ नीट पेपर लीक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर हम 22 लाख नीट प्रभावित छात्रों में से पांच समूहों को ध्यान में रखते हैं, तो यह 1.1 करोड़ लोग होंगे जो लाइक के कारण प्रभावित हुए थे। ये 1.1 करोड़ लोग हमारे हैं. प्रभावित लोगों में चार लाख सीटें उत्तर प्रदेश से हैं।’ जब उनसे उनकी बीजेपी की लड़ाई की रणनीति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘आपकी रणनीति का खुलासा नहीं होगा क्योंकि हम उन लोगों से लड़ रहे हैं जो बहुत शक्तिशाली लोग हैं।’ अमेरिका-ईरान युद्ध पर यादव ने कहा, ‘अगर भारत ईरान के साथ खड़ा होता तो यह युद्ध नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘जिस तरह हमारे प्रधानमंत्री बिना किसी कार्यक्रम के पाकिस्तान में उतरे थे, उसी तरह अगर ईरान में उतरते तो यह युद्ध नहीं होता।’ मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ हूं।’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथन के संबंध में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि सड़कों पर नमाज की मात्रा नहीं दी जाएगी, यादव ने कहा, ‘सड़क पर क्या करना है या नहीं करना है, यह कानून है।’ राजनीतिक स्कोरिंग नहीं होनी चाहिए. भाजपा सबसे बड़ी ‘अधर्मी पार्टी’ (अनैतिक) है।’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक ​​सड़कों का सवाल है, उन्हें अलग किया जाना चाहिए.. वे (भाजपा के नेता) इस मुद्दे को उठा रहे हैं ताकि हमारी चर्चा अन्य विचारों पर दूसरी दिशा में जाए।’ उन्होंने कहा, ‘सदकों पर नमाज कौन पढ़ रहा है?’ अगर जगह की कमी है.. तो दिक्कत क्या है.. वे चाहते हैं कि हम कहीं और फंसे.. हमने बीजेपी से सीख ली है कि हम उनकी बातों में नहीं आएं. हम पहले नीट और अन्य यादों के बारे में पूछेंगे।’ यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने राज्य में कोई भी विकास कार्य नहीं किया है और केवल अपने संबंधित गंभीर मामलों को वापस लेने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, ‘राज्य में किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को इतने गंभीर मामलों का सामना नहीं करना पड़ा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं और लड़कियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य की राजधानी लखनऊ भी उनके लिए असुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि वकील सोमवार को अपनी वकालत को बढ़ावा देने के लिए निकले थे और रामचरितमानस की एक प्रति ले जाकर एक वकील की सलाह कर दी गई। यादव ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ सनातन परंपरा की सच्ची भावना का प्रतिनिधित्व करती है, जिसे सभी स्वीकार करते हैं और साथ लेकर चलते हैं, लेकिन भाजपा भेदभाव कर रही है। उन्होंने पार्टी के सहयोगियों और नेताओं से अपने और व्यवहार में संयम बनाए रखा और तीस पुराने विद्वानों, मुहावरों या कहावतों के ज़िक्र करने से बचने को भी कहा जो किसी भी भाषा के व्यक्ति या समुदाय से जुड़ सकते हैं। उन्होंने पार्टी विपक्ष से आग्रह किया कि वे धैर्य रखें और अनुशासित रहें, भले ही अन्य नाराज हों। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने पिछले 10 वर्षों में सोना जमा किया है, जिसमें किराने की दुकानें हैं और वे शोरूम के पक्ष में छोटे-छोटे आभूषणों को बंद करना चाहते हैं ताकि कमीशन कमाना आसान हो सके। यादव ने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने व्यापार में साझीदारी और आय को जनता पर हावी कर विदेशी निर्मित वस्तुओं का इस्तेमाल किया।

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस कोर्ट पर दुनिया की दिग्गजों को धूल चटाने वाली और महिला अधिकारों की वैश्विक प्रतीक बिली जीन किंग ने सोमवार को इतिहास रच दिया। इस बार उन्होंने हाथ में टेनिस रैकेट लेकर नहीं, बल्कि दीक्षांत समारोह के मंच पर अपनी डिग्री थामकर हवा में हाथ लहराया। 82 वर्ष की उम्र में किंग ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिलिस से इतिहास विषय में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी कर ली है। उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी में 1961 में पहली बार एडमिशन लिया था। डिग्री लेने के बाद भावुक अमे​रिकी खिलाड़ी किंग ने कहा, ‘आपकी उम्र चाहे जो हो, आपकी क्षमताएं चाहे जो हों- पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती। अगर आप कुछ चाहते हैं, तो उसके लिए जरूर आगे बढ़ें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यह डिग्री मेरे लिए मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा मायने रखती है। मुझे बेहद खुशी है कि मैंने इसे पूरा किया। मेरी अब यही उम्मीद है कि मुझे देखकर कम से कम कोई एक व्यक्ति वापस स्कूल या कॉलेज जाने का फैसला करे।’ किंग ने अपने पुराने दिनों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया, ‘1961 में महिलाओं के लिए खेल के आधार पर कोई वित्तीय सहायता या स्कॉलरशिप उपलब्ध नहीं थी। जबकि मेरे पुरुष मित्र आर्थर ऐश और स्टैन स्मिथ को यूनिवर्सिटी टीमों में खेलने के लिए पूरी स्कॉलरशिप मिली हुई थी।’ इसी भेदभाव ने किंग को जीवन भर समानता के लिए लड़ने की प्रेरणा दी। बिली जीन किंग ने 1961 में कॉलेज में दाखिला लिया था। दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने और 39 ग्रैंड स्लैम जीतने के सफर के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने 1973 के ऐतिहासिक ‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ मैच में बॉबी रिग्स को हराकर महिला टेनिस को नई पहचान दी थी। बिली जीन किंग के ग्रेजुएशन गाउन पर लिखा था ‘G.O.A.T.’ दीक्षांत समारोह के दौरान बिली जीन किंग का ब्लैक ग्रेजुएशन गाउन खास था। उनके एक करीबी दोस्त ने उनके लिए एक गोल्ड ग्रेजुएशन स्टोल तैयार किया था। इसके एक तरफ उनके नाम के शुरुआती अक्षरों के साथ ‘G.O.A.T.’ (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) लिखा था, जबकि दूसरी तरफ एक रंग-बिरंगा टेनिस रैकेट कढ़ाई से उकेरा गया था। किंग ने 2 साल पहले संकल्प लिया था कि वह अपनी अधूरी पढ़ाई उसी कॉलेज से पूरी करेंगी, जहां फिजिकल एजुकेशन बिल्डिंग के बाहर उनकी कांस्य की आदमकद मूर्ति लगी हुई है। वह अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्य हैं, जिन्होंने कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस कोर्ट पर दुनिया की दिग्गजों को धूल चटाने वाली और महिला अधिकारों की वैश्विक प्रतीक बिली जीन किंग ने सोमवार को इतिहास रच दिया। इस बार उन्होंने हाथ में टेनिस रैकेट लेकर नहीं, बल्कि दीक्षांत समारोह के मंच पर अपनी डिग्री थामकर हवा में हाथ लहराया। 82 वर्ष की उम्र में किंग ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिलिस से इतिहास विषय में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी कर ली है। उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी में 1961 में पहली बार एडमिशन लिया था। डिग्री लेने के बाद भावुक अमे​रिकी खिलाड़ी किंग ने कहा, ‘आपकी उम्र चाहे जो हो, आपकी क्षमताएं चाहे जो हों- पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती। अगर आप कुछ चाहते हैं, तो उसके लिए जरूर आगे बढ़ें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यह डिग्री मेरे लिए मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा मायने रखती है। मुझे बेहद खुशी है कि मैंने इसे पूरा किया। मेरी अब यही उम्मीद है कि मुझे देखकर कम से कम कोई एक व्यक्ति वापस स्कूल या कॉलेज जाने का फैसला करे।’ किंग ने अपने पुराने दिनों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया, ‘1961 में महिलाओं के लिए खेल के आधार पर कोई वित्तीय सहायता या स्कॉलरशिप उपलब्ध नहीं थी। जबकि मेरे पुरुष मित्र आर्थर ऐश और स्टैन स्मिथ को यूनिवर्सिटी टीमों में खेलने के लिए पूरी स्कॉलरशिप मिली हुई थी।’ इसी भेदभाव ने किंग को जीवन भर समानता के लिए लड़ने की प्रेरणा दी। बिली जीन किंग ने 1961 में कॉलेज में दाखिला लिया था। दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने और 39 ग्रैंड स्लैम जीतने के सफर के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने 1973 के ऐतिहासिक ‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ मैच में बॉबी रिग्स को हराकर महिला टेनिस को नई पहचान दी थी। बिली जीन किंग के ग्रेजुएशन गाउन पर लिखा था ‘G.O.A.T.’ दीक्षांत समारोह के दौरान बिली जीन किंग का ब्लैक ग्रेजुएशन गाउन खास था। उनके एक करीबी दोस्त ने उनके लिए एक गोल्ड ग्रेजुएशन स्टोल तैयार किया था। इसके एक तरफ उनके नाम के शुरुआती अक्षरों के साथ ‘G.O.A.T.’ (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) लिखा था, जबकि दूसरी तरफ एक रंग-बिरंगा टेनिस रैकेट कढ़ाई से उकेरा गया था। किंग ने 2 साल पहले संकल्प लिया था कि वह अपनी अधूरी पढ़ाई उसी कॉलेज से पूरी करेंगी, जहां फिजिकल एजुकेशन बिल्डिंग के बाहर उनकी कांस्य की आदमकद मूर्ति लगी हुई है। वह अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्य हैं, जिन्होंने कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।

पाकिस्तान को हराकर WTC रैंकिंग में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

पाकिस्तान को हराकर WTC रैंकिंग में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की ताजा रैंकिंग में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। पाकिस्तान पर लगातार दूसरी जीत के बाद बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत अंक के साथ छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, भारत 48.15 प्रतिशत अंक के साथ छठे नंबर पर खिसक गया है। WTC के पहले दो सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए यह रैंकिंग चेतावनी मानी जा रही है। एशियाई टीमों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम अब सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है। भारत ने इस साल अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है, जिसका असर ICC की ताजा अंक तालिका में दिख रहा है। भारत ने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2025 में गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। 22 से 25 नवंबर तक खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराया था। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर सीरीज जीती बांग्लादेश ने अपने घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को 2-0 से हराया। मीरपुर में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से हराया था। इसके बाद बुधवार को सिलहट में खत्म हुए दूसरे टेस्ट में भी बांग्लादेश ने 78 रन से जीत दर्ज की। दूसरे टेस्ट में 437 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में 358 रनों पर सिमट गई। इस हार के बाद पाकिस्तान 2025-2027 WTC साइकिल में एक जीत और तीन हार के साथ आठवें स्थान पर बना हुआ है। टीम का पॉइंट्स पर्सेंटेज भी काफी खराब हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड टॉप-2 पर कायम ताजा रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 8 टेस्ट में 7 जीत और 87.50 पर्सेंटेज पॉइंट्स के साथ टॉप पर बना हुआ है। न्यूजीलैंड 3 टेस्ट में दो जीत और एक ड्रा के साथ 77.78 पर्सेंटेज पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर है। साउथ अफ्रीका तीसरे और श्रीलंका चौथे नंबर पर मौजूद हैं। भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की वजह खराब प्रदर्शन भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह खराब प्रदर्शन रहा है। टीम इंडिया को घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार मिली थी। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी में टीम पांच मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रा करा सकी थी, जहां उसे दो मैचों में हार मिली थी। इन हारों से भारत का जीत प्रतिशत काफी नीचे आ गया। 6 जून को अफगानिस्तान से मुकाबला, WTC का हिस्सा नहीं भारतीय टीम को आने वाले दिनों में कई टेस्ट मैच खेलने हैं। भारत 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगा। हालांकि, यह मुकाबला मौजूदा WTC साइकिल का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसके नतीजों का रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा। WTC साइकिल के तहत भारत को इस साल के अंत में श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरे पर दो-दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद 2027 में भारतीय टीम घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

पाकिस्तान को हराकर WTC में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

पाकिस्तान को हराकर WTC में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की पॉइंट टेबल में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। पाकिस्तान पर लगातार दूसरी जीत के बाद बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत अंक के साथ छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, भारत 48.15 प्रतिशत अंक के साथ छठे नंबर पर खिसक गया है। WTC के पहले दो सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए यह रैंकिंग चेतावनी मानी जा रही है। एशियाई टीमों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम अब सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है। भारत ने इस साल अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है, जिसका असर ICC की ताजा अंक तालिका में दिख रहा है। भारत ने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2025 में गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। 22 से 25 नवंबर तक खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराया था। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर सीरीज जीती बांग्लादेश ने अपने घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को 2-0 से हराया। मीरपुर में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से हराया था। इसके बाद बुधवार को सिलहट में खत्म हुए दूसरे टेस्ट में भी बांग्लादेश ने 78 रन से जीत दर्ज की। दूसरे टेस्ट में 437 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में 358 रनों पर सिमट गई। इस हार के बाद पाकिस्तान 2025-2027 WTC साइकिल में एक जीत और तीन हार के साथ आठवें स्थान पर बना हुआ है। टीम का पॉइंट्स पर्सेंटेज भी काफी खराब हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड टॉप-2 पर कायम ताजा रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 8 टेस्ट में 7 जीत और 87.50 पर्सेंटेज पॉइंट्स के साथ टॉप पर बना हुआ है। न्यूजीलैंड 3 टेस्ट में दो जीत और एक ड्रा के साथ 77.78 पर्सेंटेज पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर है। साउथ अफ्रीका तीसरे और श्रीलंका चौथे नंबर पर मौजूद हैं। भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की वजह खराब प्रदर्शन भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह खराब प्रदर्शन रहा है। टीम इंडिया को घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार मिली थी। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी में टीम पांच मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रा करा सकी थी, जहां उसे दो मैचों में हार मिली थी। इन हारों से भारत का जीत प्रतिशत काफी नीचे आ गया। 6 जून को अफगानिस्तान से मुकाबला, WTC का हिस्सा नहीं भारतीय टीम को आने वाले दिनों में कई टेस्ट मैच खेलने हैं। भारत 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगा। हालांकि, यह मुकाबला मौजूदा WTC साइकिल का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसके नतीजों का रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा। WTC साइकिल के तहत भारत को इस साल के अंत में श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरे पर दो-दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद 2027 में भारतीय टीम घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

देश के शेयर बाजार में इन दिनों मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामत ने इस रफ्तार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एमटीएफ ब्रोकर्स के लिए आसान कमाई का जरिया नजर आता है, लेकिन अगर एक भी बुरा दिन आया और रिस्क मैनेजमेंट चूका, तो सारी कमाई एक ही झटके में खत्म हो सकती है। यही नहीं, इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है। कामत ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक बढ़ रही है, जबकि बाजार न ऊपर जा रहा, न नीचे। यह असंतुलन खतरनाक है। उन्होंने इसकी तुलना दक्षिण कोरिया से करते हुए कहा कि वहां का शेयर बाजार एक साल में करीब 150% चढ़ा है, इसलिए लोग उस तेजी का फायदा उठाने के लिए उधार ले रहे हैं। भारत की स्थिति अलग है। यहां बाजार स्थिर है, पर एमटीएफ बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। कामत ने एमटीएफ का सबसे बड़ा जोखिम समझाते हुए कहा कि अगर किसी शेयर में भारी गिरावट आती है और वह मार्जिन से ज्यादा (जैसे 20% से अधिक) टूटता है, तो नुकसान की भरपाई ब्रोकर को करनी पड़ती है। ग्राहक से घाटा वसूलना अक्सर मुश्किल होता है। मामला गंभीर तब हो जाता है जब ग्राहक किसी शेयर को गिरवी रखकर उसी में निवेश बढ़ाता है। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकेगा, न ब्रोकर। कामत ने बताया कि पूरी ब्रोकरेज इंडस्ट्री की एमटीएफ बुक का करीब 50% हिस्सा उन शेयरों में है, जो एफएंडओ (वायदा) सेगमेंट में नहीं हैं। यानी जहां हेजिंग का विकल्प नहीं है। कामत ने चेताया कि कुछ ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक उसकी नेटवर्थ (कुल संपत्ति) का 500% तक पहुंच सकता है। अगर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो ऐसे ब्रोकर्स उन एमटीएफ पोजिशन में फंस सकते हैं, जिनसे बाहर निकलना संभव ही नहीं होगा। कामत ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में जल्द कोलैटरल मार्जिन को एमटीएफ खरीदारी के लिए अनुमति देनी पड़ सकती है, जो अब तक प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर जोखिम और बढ़ेगा। एमटीएफ क्या है, इससे खतरा किस मामले है? एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ऐसी सुविधा है, जिसमें निवेशक ब्रोकर से उधार लेकर शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुछ रकम खुद लगाता है, बाकी ब्रोकर देता है। फायदा होने पर निवेशक को ज्यादा मुनाफा मिलता है, लेकिन नुकसान की स्थिति में ब्रोकर को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। अगर शेयर में भारी गिरावट आए और सर्किट लग जाए, तो न निवेशक बाहर निकल सकता है और न ब्रोकर। यही वो ‘एक बुरा दिन’ है, जिसकी चेतावनी कामत ने दी है।

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

देश के शेयर बाजार में इन दिनों मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामत ने इस रफ्तार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एमटीएफ ब्रोकर्स के लिए आसान कमाई का जरिया नजर आता है, लेकिन अगर एक भी बुरा दिन आया और रिस्क मैनेजमेंट चूका, तो सारी कमाई एक ही झटके में खत्म हो सकती है। यही नहीं, इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है। कामत ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक बढ़ रही है, जबकि बाजार न ऊपर जा रहा, न नीचे। यह असंतुलन खतरनाक है। उन्होंने इसकी तुलना दक्षिण कोरिया से करते हुए कहा कि वहां का शेयर बाजार एक साल में करीब 150% चढ़ा है, इसलिए लोग उस तेजी का फायदा उठाने के लिए उधार ले रहे हैं। भारत की स्थिति अलग है। यहां बाजार स्थिर है, पर एमटीएफ बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। कामत ने एमटीएफ का सबसे बड़ा जोखिम समझाते हुए कहा कि अगर किसी शेयर में भारी गिरावट आती है और वह मार्जिन से ज्यादा (जैसे 20% से अधिक) टूटता है, तो नुकसान की भरपाई ब्रोकर को करनी पड़ती है। ग्राहक से घाटा वसूलना अक्सर मुश्किल होता है। मामला गंभीर तब हो जाता है जब ग्राहक किसी शेयर को गिरवी रखकर उसी में निवेश बढ़ाता है। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकेगा, न ब्रोकर। कामत ने बताया कि पूरी ब्रोकरेज इंडस्ट्री की एमटीएफ बुक का करीब 50% हिस्सा उन शेयरों में है, जो एफएंडओ (वायदा) सेगमेंट में नहीं हैं। यानी जहां हेजिंग का विकल्प नहीं है। कामत ने चेताया कि कुछ ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक उसकी नेटवर्थ (कुल संपत्ति) का 500% तक पहुंच सकता है। अगर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो ऐसे ब्रोकर्स उन एमटीएफ पोजिशन में फंस सकते हैं, जिनसे बाहर निकलना संभव ही नहीं होगा। कामत ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में जल्द कोलैटरल मार्जिन को एमटीएफ खरीदारी के लिए अनुमति देनी पड़ सकती है, जो अब तक प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर जोखिम और बढ़ेगा। एमटीएफ क्या है, इससे खतरा किस मामले है? एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ऐसी सुविधा है, जिसमें निवेशक ब्रोकर से उधार लेकर शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुछ रकम खुद लगाता है, बाकी ब्रोकर देता है। फायदा होने पर निवेशक को ज्यादा मुनाफा मिलता है, लेकिन नुकसान की स्थिति में ब्रोकर को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। अगर शेयर में भारी गिरावट आए और सर्किट लग जाए, तो न निवेशक बाहर निकल सकता है और न ब्रोकर। यही वो ‘एक बुरा दिन’ है, जिसकी चेतावनी कामत ने दी है।

चुकंदर इडली फ्राई रेसिपी: गर्मियों में शरीर को ठंडक और पोषण देती है यह चुकंदर इडली फ्राई, नोट करें आसान रेसिपी

चुकंदर इडली फ्राई रेसिपी

20 मई 2026 को 13:29 IST पर अपडेट किया गया चुकंदर इडली फ्राई रेसिपी: इस मौसम में भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा, ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखना सबसे बड़ा काम है। ऐसे में सुबह के समय या शाम के समय ‘चुकंदर इडली फ्री’ लाइट लगाई जाती है। यह सिर्फ आपके स्वाद को नहीं बदलेगा, बल्कि शरीर की गुणवत्ता का पोषण भी करेगा। अनुसरण करना : सामग्री नोट करें – 2 कप चावल और 1 कप उड़द दाल, चुकंदर, नमक, राई, जीरा और कैरी पत्ता, हीरा प्याज और हरी मिर्च, हल्दी, गर्म मसाला आदि। छवि: सोशल मीडिया चावल और दाल को 6-7 घंटे तक धीमी गति से पीस लें और रात भर फर्मेंट होने दें। चुकंदर को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और उसे इडली के गोंद में अच्छी तरह मिला दें। छवि: सोशल मीडिया इडली के सांचों को 15-20 मिनिट तक गरम कीजिये. इडली को ठंडा होने पर इडली को पिज़्ज़ा में काट लें। छवि: सोशल मीडिया एक पैन में तेल गर्म करें और इसमें राई, जीरा, करी पत्ता और हरी मिर्च का अनुपात शामिल है। अब कटे हुए पैवेलियन मैट्रिक्स सोलर होने तक ग्रेड। सभी मूलभूत सम्मिलित। छवि: सोशल मीडिया अंत में कटी हुई पिंक इडली डालें और 2-3 मिनट तक कुरकुरा होने तक फ्री करें। हरा धनिए की सजा। छवि: सोशल मीडिया चुकंदर हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। इडली का फूल होता है और गर्मियों में पेट को ठंडक मिलती है और ये एनर्जी बूस्टर भी है। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 20 मई 2026 13:29 IST

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके फल-सब्जियां, यहां जानिए पहचान और बचाव के उपाय

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Last Updated:May 20, 2026, 13:27 IST फरीदाबाद में फल-सब्जियों में बढ़ रही मिलावट लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है. डॉ. रितिका शर्मा के मुताबिक ज्यादा चमकदार फल, गहरा हरा पालक और पानी में रंग छोड़ने वाली सब्जियां केमिकल से तैयार हो सकती हैं. ऐसे खाद्य पदार्थ पेट दर्द, एलर्जी और लूज मोशन जैसी समस्याएं बढ़ा सकते हैं. फरीदाबाद: बाजार में जब भी लोग फल और सब्जियां खरीदने जाते हैं तो सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि असली और नकली की पहचान कैसे करें. कई बार चमकदार और ताजे दिखने वाले फल-सब्जियां अंदर से केमिकल वाले निकलते हैं जो स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इन दिनों बाजार में आम, तरबूज, खरबूज और हरी सब्जियों में सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिल रही है. लोग बिना पहचान किए इन्हें खरीद लेते हैं लेकिन थोड़ी सी सावधानी आपको बीमार होने से बचा सकती है. कैसे पहचाने केमिकल वाले फल और सब्जियां लोकल 18 से बातचीत में फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉक्टर रितिका शर्मा बताती हैं कि आजकल फलों और सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल इतने ज्यादा हो गए हैं पहचान करना आसान नहीं रहता. फिर भी कुछ तरीके हैं जिनसे मिलावटी चीजों को पहचाना जा सकता है. अगर किसी फल या सब्जी पर लगाया गया रंग नकली है तो उसे पानी से धोने पर रंग निकलने लगता है. कई बार पानी में भी उसका रंग दिखाई देने लगता है. इसके अलावा गीले कपड़े या कॉटन से फल-सब्जियों को रगड़ने पर रंग कपड़े पर आ जाता है. अगर किसी फल पर जरूरत से ज्यादा चमक दिखे सतह चिकनी और ग्रीसी लगे या रंग बहुत अलग दिखाई दे तो समझ जाना चाहिए कि उसमें कहीं न कहीं मिलावट है. केमिकल वाले फल-सब्जियों से नुकसान डॉ. रितिका बताती हैं केमिकल से पकाए गए फल खाने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है. इससे पेट दर्द, बुखार, खांसी-जुकाम, गले में जलन और लूज मोशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई लोगों को एलर्जी भी होने लगती है. आजकल इस्तेमाल होने वाले केमिकल काफी स्ट्रॉन्ग होते हैं इसलिए लंबे समय तक इनका सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियों में सबसे ज्यादा रंग का इस्तेमाल डॉक्टर रितिका बताती हरी पत्तेदार सब्जियों में सबसे ज्यादा रंग का इस्तेमाल किया जाता है. जैसे पालक का असली रंग थोड़ा दबा हुआ हरा होता है लेकिन बाजार में कई बार बहुत ज्यादा चमकीला और गहरा हरा पालक दिखता है जो नेचुरल नहीं होता. इसी तरह अगर कोई फल जरूरत से ज्याद चमकदार दिखाई दे तो उसमें ऊपर से कोई लेयर चढ़ाई गई हो सकती है. डॉ. रितिका बताती हैं आम, तरबूज, खरबूज, टमाटर और हरी सब्जियों में सबसे ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है. आम को जल्दी पकाने और मीठा करने के लिए केमिकल लगाए जाते हैं. तरबूज और खरबूज को ज्यादा मीठा दिखाने की कोशिश की जाती हैं. जो लोग लंबे समय से नेचुरल फल खाते आए हैं वे स्वाद से ही पहचान लेते हैं कि फल में कुछ गड़बड़ है. फल-सब्जियों को खाने से पहले अच्छे से धोएं डॉक्टर रितिका बताती हैं मैं लोगों को सलाह देती हूं फल और सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह धोना चाहिए. कुछ देर पानी में भिगोकर रखने और छिलका उतारने से काफी हद तक केमिकल का असर कम किया जा सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana