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तोरई की चटनी रेसिपी: गर्मी में कई तरह से स्वादिष्ट होती है तोरई की चटपटी, रोटी-चावल सबके साथ बेस्ट; कुछ ही मिनटों में होगी तैयारी

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तोरई की निर्माण सामग्री के लिए: 2 तोरी, 2 हरी मिर्च, 5-6 लहसुन की कलियां, 1 छोटा मसाला अदरक, 1 छोटा मसाला जीरा, 1 बड़ा मसाला तेल, 1 छोटा मसाला का रस, नमक का स्वाद, हरा धनियां छवि: एआई सबसे पहले तोराई को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद परदे पर छोटे-छोटे नमूने काट लें। हरी मिर्च और अदरक को भी तैयार करने की विधि। छवि: एआई माकन बनाने की विधि: एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें जीरा डाल दें। जब जीरा चटकने लगे तो लहसुन, अदरक और हरी मिर्च के टुकड़े भून लें। अब कटी हुई तोरी चली गई और 5-7 मिनट तक चली गई। छवि: एआई तोराई प्राकृतिक हो जाए तो गैस बंद कर दें और मिक्स को ठंडा होने दें। इसके बाद इस मिश्रण को प्लास्टिक में डाल दिया जाता है। साथ में नमक, नींबू का रस और हरा धनिया टुकड़ा लें। छवि: फ्रीपिक अगर आपको तीखा स्वाद ज्यादा पसंद है तो इसमें एक सूखी लाल मिर्च भी डाल सकते हैं. अब तैयार है आपकी स्वादिष्ट और स्वादिष्ट तोरई की रेसिपी। छवि: एआई इस विकल्प को आप गरमा-गरम रोटी, पराठे, दाल-चावल या पकौड़े के साथ सर्व कर सकते हैं। गर्मी के मौसम में यह खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ शरीर पर असर और ताज़ा एहसास दिलाने में भी मदद करता है। छवि: फ्रीपिक

वैभव सूर्यवंशी ने 'A' सेलिब्रेशन के पीछे की बताई वजह:कहा- ये पर्सनल है, किसी को बताना नहीं चाहता था; राजस्थान रॉयल्स ने शेयर किया VIDEO

वैभव सूर्यवंशी ने 'A' सेलिब्रेशन के पीछे की बताई वजह:कहा- ये पर्सनल है, किसी को बताना नहीं चाहता था; राजस्थान रॉयल्स ने शेयर किया VIDEO

बिहार के वैभव सूर्यवंशी इस समय IPL में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी का दिल जीत रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए खेलते हुए उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ धमाकेदार पारी खेली। उन्होंने महज 38 गेंदों पर 93 रन की तूफानी पारी खेली। इससे पहले 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। फिफ्टी पूरी करने के बाद वैभव ने हाथों से ‘A’ बनाकर सेलिब्रेशन किया, जिसे देखकर फैंस और कमेंटेटर्स हैरान रह गए। मैच के बाद वैभव ने खुद इस ‘A’ सेलिब्रेशन का मतलब बताया। उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार और करीबी लोगों से जुड़ा एक खास इमोशनल इशारा है। वैभव के मुताबिक, यह ‘A’ सेलिब्रेशन उनकी मां को समर्पित है। पहले कहा- A सेलिब्रेशन का कुछ खास मतलब नहीं है मैच के बाद सेरेमनी के दौरान मुरली कार्तिक ने वैभव सूर्यवंशी से उनके A सेलिब्रेशन का मतलब पूछा- तो वैभव ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा उन्हें खुद भी नहीं पता कि इसका क्या मतलब है। जब बड़ी स्क्रीन पर उनका सेलिब्रेशन दिखाया गया, तो वैभव ने कहा, “मैंने बस ऐसे ही कर दिया। पिछले मैच में भी मैंने जो सेलिब्रेशन किया था, उसका भी कोई खास मतलब नहीं था। मैं हर मैच में कुछ नया करने की कोशिश करता हूं।” मां के लिए किया था सेलिब्रेशन हालांकि, इसके बाद राजस्थान रॉयलस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए एक वीडियो में वैभव ने अपने सेलिब्रेशन का असली मतलब बताया। टीम मैनेजर के सवाल पर उन्होंने कहा, “ये चीजें पर्सनल होती हैं और मैं इसे आगे भी करना चाहता था, इसलिए किसी को बताना नहीं चाहता था।” इसके बाद वैभव ने खुलासा किया कि उन्होंने यह ‘A’ सेलिब्रेशन अपनी मां के लिए किया था, क्योंकि उनकी मां का नाम ‘A’ अक्षर से शुरू होता है। IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी की अबतक के परफॉर्मेंस जानिए.. 1. वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए वैभव IPL के एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 426 रन बनाए हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर नंबर-1 पर हैं। वॉर्नर ने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 2. सूर्यवंशी एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज वैभव एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीजन अब तक 53 सिक्स लगाए हैं। वैभव ने आंद्रे रसल (52 सिक्स) को पीछे छोड़ा। इस सूची में पहले नंबर पर क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 3. सूर्यवंशी ने तीसरी बार इनिंग में 10+ सिक्स लगाए वैभव IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा 10 या इससे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ 10 या इससे ज्यादा सिक्स लगाए। वैभव ने तीसरी बार एक पारी में 10 से ज्यादा छक्के लगाए। इस लिस्ट में क्रिस गेल नंबर एक पर है, जिन्होंने 4 बार यह कारनामा किया है। इसके अलावा फिन सूर्यवंशी दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने IPL के एक ही सीजन में दो बार 10 या उससे ज्यादा सिक्स लगाए हैं। 4. सूर्यवंशी सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले बल्लेबाज वैभव IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने इस सीजन 236.3 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। यह IPL के एक सीजन में कम से कम 500 रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले आंद्रे रसेल के नाम यह रिकॉर्ड था, जिन्होंने 2019 में 204.8 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। 5. वैभव सूर्यवंशी ने टी-20 में सबसे तेज 100 छक्के जड़े राजस्थान रॉयल्स के लिए ओपनिंग करते हुए वैभव ने अब तक 11 मैचों में 440 रन बना लिए हैं। वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ मुकाबले में टी-20 में सबसे तेज 100 छक्के पूरा करने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पहले ही ओवर में यह उपलब्धि हासिल की। वैभव ने 514 गेंदों में 100 छक्के पूरे कर वेस्टइंडीज के किरोन पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ा। पोलार्ड ने 843 गेंदें खेली थीं।

Benefits Of Arandi: अरंडी का तेल के फायदे

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Last Updated:May 20, 2026, 16:41 IST गांवों और खेतों के आसपास आसानी से दिखाई देने वाला अरंडी का पौधा आयुर्वेद में बेहद उपयोगी माना जाता है. इसके तेल, पत्तों और बीजों का इस्तेमाल वर्षों से घरेलू उपचारों में किया जा रहा है. शरीर दर्द, सूजन, कब्ज, त्वचा और बालों की देखभाल में अरंडी के फायदे लोगों के बीच आज भी काफी लोकप्रिय हैं. गांवों और खेतों के आसपास अक्सर दिखाई देने वाला अरंडी का पौधा देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन इसके गुण बेहद खास माने जाते हैं. आयुर्वेद में अरंडी को एक उपयोगी औषधीय पौधे के रूप में जाना जाता है. इसके पत्ते, बीज और तेल का इस्तेमाल वर्षों से घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग कई छोटी-बड़ी समस्याओं में अरंडी का उपयोग करते हैं। यही वजह है कि यह पौधा लोगों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लंबे समय से अरंडी के तेल का इस्तेमाल शरीर के दर्द में करते आ रहे हैं. माना जाता है कि यह तेल शरीर की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद कर सकता है. कई लोग घुटनों, कमर और जोड़ों के दर्द में अरंडी के तेल की मालिश करते हैं. बुजुर्गों के बीच यह घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय है. कुछ लोग इसे हल्का गर्म करके मालिश करते हैं, जिससे शरीर को राहत महसूस होती है. अरंडी के तेल में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. यही कारण है कि कई लोग मोच या हल्की सूजन होने पर भी इसका उपयोग करते हैं. हालांकि किसी गंभीर बीमारी या लगातार दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. अरंडी के पत्ते भी काफी उपयोगी माने जाते हैं. गांवों में पुराने समय से लोग इसके पत्तों को गर्म करके दर्द वाले हिस्से पर बांधते रहे हैं. माना जाता है कि इससे दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है. कई महिलाएं पारंपरिक घरेलू उपायों में भी अरंडी के पत्तों का इस्तेमाल करती हैं. कुछ लोग सिरदर्द या शरीर दर्द में भी इसके पत्तों का उपयोग घरेलू उपचार के रूप में करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पुराने समय से अरंडी के तेल का उपयोग कब्ज की समस्या में घरेलू उपाय के रूप में किया जाता रहा है. गांवों में लोग पेट साफ करने के लिए थोड़ी मात्रा में अरंडी के तेल का सेवन करते थे. माना जाता है कि इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो आंतों की सफाई करने और पेट को साफ रखने में मदद कर सकते हैं. खासकर जब किसी को लंबे समय तक कब्ज की शिकायत रहती थी, तब बुजुर्ग लोग अरंडी के तेल का इस्तेमाल करने की सलाह देते थे. सुषमा चतुर्वेदी का कहना है कि अरंडी के बीज सीधे खाने योग्य नहीं होते. इनमें कुछ जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जो नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए इसका उपयोग हमेशा सावधानी और सही जानकारी के साथ करना चाहिए. बिना विशेषज्ञ सलाह के इसका सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है. आयुर्वेद में भी अरंडी का उपयोग सही मात्रा और सही तरीके से करने की सलाह दी जाती है. किसी भी बीमारी में घरेलू उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की राय लेना जरूरी माना जाता है. सुषमा चतुर्वेदी बताती है कि अरंडी का पौधा प्रकृति का एक अनमोल उपहार माना जाता है. यह स्वास्थ्य, घरेलू उपयोग और खेती तीनों क्षेत्रों में लोगों के काम आता है. गांवों में वर्षों से इसका इस्तेमाल होता आ रहा है और आज भी इसकी उपयोगिता बनी हुई है. आधुनिक समय में भी अरंडी के तेल और इसके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि यह साधारण दिखने वाला पौधा लोगों के लिए बेहद खास माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग अरंडी के तेल का इस्तेमाल त्वचा को मुलायम रखने के लिए भी करते हैं. सर्दियों में फटी एड़ियों और सूखी त्वचा पर भी इसका उपयोग किया जाता है. माना जाता है कि यह त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी तेल या घरेलू उपाय का उपयोग करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.  अरंडी का तेल बालों के लिए भी काफी उपयोगी माना जाता है. कई लोग इसे बालों में लगाने से बाल मजबूत और चमकदार बने रहने की बात कहते हैं. बाजार में मिलने वाले कई हेयर ऑयल और ब्यूटी प्रोडक्ट में भी अरंडी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है. यह बाल झड़ने की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है. कुछ लोग इसे नारियल तेल या दूसरे तेलों में मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं. यही कारण है कि सौंदर्य उत्पादों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

केरल कैबिनेट पोर्टफोलियो: सतीसन के पास वित्त, चेन्निथला को सौंपा गया घर | सूची जांचें | भारत समाचार

BAN Vs PAK Live Score: Follow latest updates from Day 5 of the contest. (AFP Photo)

आखरी अपडेट:20 मई, 2026, 16:07 IST केरल लोक भवन द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सतीसन कुल 35 विभागों की देखरेख करेंगे। केरल के सीएम वीडी सतीसन केरल सरकार ने मंगलवार को नवगठित कैबिनेट में विभागों के आवंटन की घोषणा की, जिसमें मुख्यमंत्री वीडी सतीसन के पास वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह सहित कई प्रमुख विभाग रहेंगे। केरल लोक भवन द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सतीसन कुल 35 विभागों की देखरेख करेंगे, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को महत्वपूर्ण गृह और सतर्कता विभागों का प्रभार दिया गया है। वह नई कैबिनेट में तीन अतिरिक्त विभाग भी संभालेंगे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया केरल कैबिनेट पोर्टफोलियो: सतीसन के पास वित्त, चेन्निथला को सौंपा गया घर | सूची जांचें अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल कैबिनेट पोर्टफोलियो(टी)केरल सरकार(टी)वीडी सतीसन(टी)रमेश चेन्निथला(टी)कैबिनेट फेरबदल केरल(टी)पोर्टफोलियो आवंटन(टी)केरल के मुख्यमंत्री(टी)गृह और सतर्कता

जन्मदिन पर जूनियर NTR की फिल्म ड्रैगन का टीजर रिलीज:खतरनाक किलर के लुक में में दिखे एक्टर; घर के बाहर जमा हुए हजारों फैंस

जन्मदिन पर जूनियर NTR की फिल्म ड्रैगन का टीजर रिलीज:खतरनाक किलर के लुक में में दिखे एक्टर; घर के बाहर जमा हुए हजारों फैंस

साउथ सिनेमा एक्टर जूनियर NTR आज यानी 20 मई को अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उनकी आने वाली फिल्म ‘ड्रैगन’ का पहला ग्लिम्स (टीजर) रिलीज कर दिया गया है। फिल्म में एनटीआर एक खतरनाक हत्यारे (असेसिन) के रोल में नजर आ रहे हैं। वहीं, हैदराबाद में एक्टर के घर के बाहर तड़के सुबह से ही हजारों फैंस की भीड़ जमा हो गई। एनटीआर ने अपने घर के बाहर आकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। अफीम वॉर पर आधारित है फिल्म ‘ड्रैगन’ रिलीज हुए ग्लिम्स वीडियो के मुताबिक, फिल्म की कहानी ग्लोबल अफीम वॉर (ग्लोबल ओपियम वॉर) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। टीजर की शुरुआत एक बैकग्राउंड वॉइस ओवर से होती है। इसमें बताया जाता है कि ब्रिटिश मूल रूप से भारत में अफीम की खेती के लिए आए थे, जिससे हेरोइन बनती है। अंग्रेजों ने भारत में रहकर उन दो मुख्य जगहों पर कंट्रोल किया जहां प्रतिबंधित ड्रग्स की सबसे ज्यादा खेती होती थी। इसमें अफगानिस्तान और थाईलैंड, लाओस और बर्मा का क्षेत्र शामिल है। अंग्रेजों के जाने के बाद दो मुख्य ग्रुप ‘अफगान ट्रेडिंग कंपनी’ और ‘गोल्डन ट्रायंगल’ के बीच अफीम के बिजनेस पर कब्जे को लेकर जंग शुरू हो जाती है। खतरनाक लुक में दिखे NTR इस फिल्म में जूनियर NTR ‘अफगान ट्रेडिंग कंपनी’ के सबसे बड़े शूटर और हत्यारे लूगर का किरदार निभा रहे हैं, जिसे ‘ड्रैगन’ भी कहा जाता है। ग्लिम्स में उनका लुक काफी आक्रामक और दमदार दिख रहा है। वीडियो में उनका एक डायलॉग भी है। इसमें वे कहते हैं, “जब मैं सोने के लिए अपनी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे उन लोगों के चेहरे नहीं दिखते जिन्हें मैंने मारा है। मुझे सिर्फ बचे हुए दुश्मनों के चेहरे दिखते हैं। गलती से भी मेरे सपनों में मत आना!” अनिल कपूर निभा रहे नारकोटिक्स चीफ का रोल फिल्म में बॉलीवुड के सीनियर एक्टर अनिल कपूर भी मुख्य भूमिका में हैं। वे फिल्म में नारकोटिक्स ब्यूरो के चीफ रघुवीर राठौड़ का किरदार निभा रहे हैं। वहीं बीजू मेनन अफगानिस्तान लॉजिस्टिक्स के हेड जलील रहमान के रोल में दिखेंगे। इनके अलावा फिल्म में रुक्मिणी वसंत, आशुतोष राणा, खुशबू सुंदर, राजीव कनकाला और सिद्धांत गुप्ता जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। यह फिल्म पहले इसी साल 25 जून को रिलीज होने वाली थी, लेकिन मेकर्स ने अब इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी है। अब यह फिल्म अगले साल 11 जून, 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। घर के बाहर जमा हुए हजारों फैंस जूनियर एनटीआर ने इस साल अपना जन्मदिन हैदराबाद में अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ मनाया। सुबह से ही उनके हैदराबाद वाले घर के बाहर फैंस की भारी भीड़ जुट गई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच एनटीआर कैजुअल टी-शर्ट और पैंट पहने फैंस के सामने आए। उन्होंने हाथ हिलाकर सबका शुक्रिया अदा किया।

चिचिंडे की भुर्जी रेसिपी: पनीर नहीं, घर में सिर्फ 15 मिनट में बनाएं चिचिंडे की भुर्जी, स्वाद ऐसा शेफ़ भी पूछेंगे रेसिपी

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सामग्री: 2 चिंदे, 1 प्याज, 1 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा अदरक-लहसुन पेस्ट, 1/2 छोटा मसाला हल्दी पाउडर, 1 छोटा धनिया पाउडर, 1/2 छोटा मसाला लाल मिर्च पाउडर, नमक, 2 बड़ा मसाला तेल, हरा धनिया पाउडर छवि: फ्रीपिक सबसे पहले चिंचड़े को अच्छे से धो लें और छीन-झपटकर छोटे-छोटे इंच में काट लें। अगर बीज ज्यादा मोटे हों तो उन्हें हटा दें। छवि: एआई भुर्जी बनाने की विधि: एक कड़ाही में तेल गरम करें। अब हो रहा है राक्षस लाँगेज़ सोलोनॅन्डा तक भुन लें। इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें और कुछ सेकंड तक का सफर तय करें। अब टमाटर नामांकित राक्षस तक। छवि: एआई फिर हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक के मसाले को अच्छे से भून लें। इसके बाद कटे हुए चिंडे के टुकड़े और मसाले के अच्छे प्रकार मिले। 8-10 मिनट तक कच्चे ही को अधार्मिक। छवि: फ्रीपिक बीच-बीच में रुकें ताकि सब्जी जले नहीं। जब चिचिंदा पूरी तरह से नर हो जाए और पुराने जमाने से मिल जाए, तब गैस बंद कर दे। ऊपर से हरा धनिया गार्निश करें। छवि: एआई गरमा-गरम चिचिंडे की भुर्जी को रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ सर्व करें। इसका देसी स्वाद घर के सभी लोगों को बहुत पसंद आता है। अगर आप यात्रा करते हैं तो इसमें थोड़ा सा बेसन स्टोइकल भी स्वाद और बढ़ा सकते हैं। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)चिचिंडे की भुर्जी रेसिपी(टी)चिचिंडे की भुर्जी(टी)चिचिंडे की भुर्जी रेसिपी(टी)चिचिंडा रेसिपी(टी)तुरई की भुर्जी(टी)तोरई की भुर्जी(टी)स्नेक लौकी भुर्जी रेसिपी

प्रभावी गठबंधन या पेपर टाइगर? भाजपा विरोधी भारतीय गुट की विभाजित वास्तविकता | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:20 मई, 2026, 15:20 IST इंडिया गुट की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उसके पास अभी भी एक बुनियादी सवाल का कोई निश्चित उत्तर नहीं है: क्या यह महज एक भाजपा-विरोधी मंच है, या एक वास्तविक दीर्घकालिक राजनीतिक गठबंधन है? एआई ने ममता बनर्जी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और एमके स्टालिन की छवि तैयार की, जो सभी भारतीय गुट का हिस्सा हैं। यदि भारतीय गुट संसद में एकजुट दिखता है, तो इसका कारण यह है कि दिल्ली ही वह स्थान है, जहां उसके अंतर्विरोधों को अभी भी अस्थायी रूप से प्रबंधित किया जा सकता है। इसके बाहर, गठबंधन अक्सर एक सामंजस्यपूर्ण गठबंधन कम और अगले राज्य चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक बार फिर से लड़ाई शुरू करने के लिए युद्धविराम अधिक दिखता है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सपा) के प्रमुख शरद पवार ने “विदेशों में भारत के सम्मान को बरकरार रखने” के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए एक बार फिर विपक्षी गठबंधन के दिल में अजीब वास्तविकता को उजागर किया है: जबकि भारतीय दल राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट होते हैं, उनमें से कई परस्पर विरोधी महत्वाकांक्षाओं, असंगत राजनीति और सतह के नीचे गहरे अविश्वास के साथ क्षेत्रीय स्तर पर भयंकर प्रतिस्पर्धी बने हुए हैं। संसद के अंदर मजबूत, बाहर नाजुक एक विधायी समूह के रूप में, भारत ने अक्सर एकजुट होकर कार्य किया है। विपक्षी दलों ने मणिपुर हिंसा और बेरोजगारी से लेकर चुनावी बांड, संघवाद और संस्थागत स्वायत्तता जैसे मुद्दों पर संयुक्त रूप से सरकार को घेरा है। समन्वित वॉकआउट, फ्लोर रणनीति और संयुक्त विरोध प्रदर्शन ने गठबंधन को एक संयुक्त भाजपा विरोधी मोर्चे के रूप में दृश्यता प्रदान की है। यह भी पढ़ें | एक गठबंधन, अनेक लड़ाइयाँ: कैसे 2026 के चुनाव परिणामों ने इंडिया ब्लॉक की गलतियाँ उजागर कर दी हैं लेकिन जब चुनावी राजनीति सामने आती है तो वह एकता बार-बार टूट जाती है। सबसे स्पष्ट उदाहरण उन राज्यों में उभर रहे हैं जहां भारत के सहयोगी अपने क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने की कोशिश करते हुए प्रभावी ढंग से एक-दूसरे के खिलाफ समानांतर राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल में, भारतीय गुट मुश्किल से ही ज़मीन पर मौजूद है। ममता बनर्जी की अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस कांग्रेस और वामपंथियों को राज्य में साझेदार के रूप में नहीं, बल्कि अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखती है। टीएमसी और कांग्रेस ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए मुख्य रूप से सीट-बंटवारे पर गहरी संरचनात्मक असहमति, अलग-अलग राष्ट्रीय बनाम राज्य-स्तरीय रणनीतियों और समकालीन राजनीतिक विकास के कारण घर्षण के कारण गठबंधन नहीं बनाया। दोनों इंडिया ब्लॉक के सदस्य दल होने के बावजूद, स्थानीय महत्वाकांक्षाओं और आपसी अविश्वास के कारण उन्हें पूरी तरह से स्वतंत्र अभियान चलाना पड़ा। परिणाम भयावह था. टीएमसी चुनाव हार गई और बीजेपी पहली बार राज्य में सत्ता में आई। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, औपचारिक रूप से भारतीय ढांचे के अंदर रहने के बावजूद टीएमसी ने बड़े पैमाने पर अकेले चुनाव लड़ा। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने खुले तौर पर कांग्रेस पर क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ सहयोग करने में विफल रहने का आरोप लगाया है, जिससे विपक्षी वोटों में बिखराव हुआ और भाजपा को बढ़त हासिल करने में मदद मिली। नतीजतन, टीएमसी नेतृत्व ने तर्क दिया कि वे अपने स्वयं के स्पष्ट राज्य-स्तरीय प्रभुत्व की कीमत पर राष्ट्रीय गठबंधन को मजबूत करने का जोखिम नहीं उठा सकते। उतार प्रदेश। मंगलवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन जारी रहेगा, लेकिन विपक्ष का चेहरा कौन होगा, इस पर उन्होंने चुप्पी साध ली। उत्तर प्रदेश में, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भाजपा के खिलाफ चुनावी सहयोग किया है, लेकिन सीटों के बंटवारे और नेतृत्व को लेकर तनाव लगातार सतह पर आता रहा है। यादव ने सावधानीपूर्वक यह सुनिश्चित किया है कि कांग्रेस के पुनरुद्धार की गुंजाइश को सीमित करते हुए सपा यूपी में प्रमुख विपक्षी ध्रुव बनी रहे। इस बीच, कांग्रेस उत्तर प्रदेश को स्थायी रूप से कनिष्ठ सहयोगी बने रहने के लिए राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानती है। विरोधाभास संरचनात्मक है: कांग्रेस हिंदी पट्टी के राज्यों में दीर्घकालिक पुनरुद्धार चाहती है, जबकि क्षेत्रीय सहयोगी चाहते हैं कि कांग्रेस सीमित क्षेत्रों तक ही सीमित रहे। महाराष्ट्र महाराष्ट्र शायद भारत के अंदर की अराजकता को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है। महा विकास अघाड़ी प्रयोग ने कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) को एक साथ ला दिया, लेकिन गठबंधन के नीचे नेतृत्व, कैडर संघर्ष और राजनीतिक स्थिति को लेकर लगातार मतभेद हैं। पीएम मोदी पर शरद पवार की टिप्पणी गुट के भीतर भिन्न संदेश का नवीनतम उदाहरण है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब पवार ने पीएम मोदी का समर्थन किया है. मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद, पवार ने इस कदम का आक्रामक विरोध नहीं किया, जैसा कि कई विपक्षी दलों ने किया था। इसके बजाय, उन्होंने अत्यधिक राजनीतिकरण के प्रति आगाह किया और कहा कि देश में कई लोगों ने इस फैसले का समर्थन किया है। महामारी के दौरान, पवार ने बार-बार राजनीतिक सहमति और केंद्र के साथ सार्वजनिक रूप से समर्थित समन्वय का आह्वान किया। कई बिंदुओं पर, उन्होंने पीएम मोदी के आउटरीच प्रयासों की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय संकटों में टकराव के बजाय सहयोग की आवश्यकता होती है। सबसे बड़े क्षणों में से एक तब आया जब विपक्ष के तंज से हटते हुए, पवार ने कहा कि व्यक्तिगत मील के पत्थर को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर रखा जाना चाहिए। पवार ने खुलासा किया कि उन्होंने पीएम मोदी को उनके 75वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी थीं और इस बात पर जोर दिया था कि ऐसे मौकों को कड़वाहट से कम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने हास्य के लहजे में कहा कि उन्होंने खुद कभी 75 साल की उम्र में काम करना बंद नहीं किया है, इसलिए उन्हें पीएम मोदी को काम बंद करने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है। कई क्षणों में, कांग्रेस नेताओं ने निजी तौर पर इस बात पर असुविधा व्यक्त

नारियल पानी बनाम बेल का शरबत, गर्मियों में किसे चुनें

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गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने के लिए नारियल पानी और बेल का शरबत दोनों ही बेहतरीन प्राकृतिक पेय हैं. लेकिन कौन ज्यादा फायदेमंद है, यह आपके शरीर की जरूरत पर निर्भर करता है. आइए दोनों के फायदे समझें. नारियल पानी के फायदेनारियल पानी एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है. इसमें पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) को जल्दी दूर करते हैं. यह तुरंत ऊर्जा देता है और शरीर को हाइड्रेट रखता है.गर्मी में पसीने से निकलने वाले मिनरल्स की कमी पूरी करता है.किडनी और हार्ट के लिए फायदेमंद होता है.ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है.हल्का और आसानी से पचने वाला पेय है. जब शरीर में पानी की कमी हो या ज्यादा थकान महसूस हो, तब नारियल पानी ज्यादा बेहतर विकल्प है. बेल का शरबत के फायदेबेल का शरबत आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होता है और खासकर पेट के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा करता है और लू से बचाता है.पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है.कब्ज, गैस और अपच से राहत देता है.इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है.लंबे समय तक ऊर्जा देता है और कमजोरी कम करता है. जिन लोगों को पेट की समस्या, कब्ज या पाचन खराब रहता है, उनके लिए बेल का शरबत ज्यादा फायदेमंद है. कौन है बेहतर?दोनों ही पेय अपने-अपने तरीके से फायदेमंद हैं: डिहाइड्रेशन और तुरंत ऊर्जा के लिए: नारियल पानी बेहतरपाचन सुधार और शरीर को ठंडक देने के लिए: बेल का शरबत बेहतरबीमार या कमजोर शरीर के लिए: नारियल पानी हल्का होने के कारण ज्यादा उपयुक्तपेट की समस्याओं के लिए: बेल का शरबत अधिक असरदार निष्कर्षअगर तुलना की जाए तो कोई एक पूरी तरह “ज्यादा फायदेमंद” नहीं है, बल्कि यह आपकी जरूरत पर निर्भर करता है. रोजाना हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी अच्छा है, जबकि पाचन और ठंडक के लिए बेल का शरबत बेहतरीन है. गर्मियों में दोनों का संतुलित सेवन आपके शरीर को स्वस्थ और तरोताजा रख सकता है.

पश्चिम बंगाल के फाल्टा में पुनर्निर्माण के लिए मतदाता आयोग ने भर्ती सामग्री सुरक्षा व्यवस्था की स्थापना की

पश्चिम बंगाल के फाल्टा में पुनर्निर्माण के लिए मतदाता आयोग ने भर्ती सामग्री सुरक्षा व्यवस्था की स्थापना की

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को पुनर्मतदान के लिए मतदाता आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था लगभग सुनिश्चित कर दी है। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. पिछले महीने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बड़े पैमाने पर पटाखों के अवशेषों के बाद इस इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया था। राज्य के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर सशस्त्र केंद्रीय पुलिस बल (सीईओ) के आठ युवा कर्मचारी जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल को मतदान के दौरान प्रत्येक बूथ पर केवल चार लोगों ने ही मतदान किया था। इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “आयोग इस बार किसी भी प्रकार के कर्मचारियों को भर्ती नहीं करना चाहता। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 285 मतदान केंद्र हैं और सेंट्रल डेमोक्रेटिक के लिए लगभग 35 उग्रवादी संगठन की मांग है। उन्होंने कहा कि पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा बलों की सुरक्षा के लिए पूर्व की वास्तुकला की तुलना लगभग शून्य होगी। इसके अतिरिक्त, किसी भी विकार की स्थिति से तुरंत 30 तत्काल प्रतिक्रिया दल (क्विक रिस्पांस टीम) के लिए भर्ती भी की जाती है। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, “उम्मीद है कि मामूली अशांति की स्थिति में भी हस्तक्षेप किया जा सकता है।” उन्होंने बताया कि आयोग ने पर्यवेक्षण व्यवस्था की भी कड़ी दी है। प्रत्येक मतदान केंद्र के अंदर दो वेब कैमरे और बाहर एक कैमरा लगाया जाएगा, जबकि मतदान प्रक्रिया और आसपास के क्षेत्रों की लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी। टीएमसी उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया गया है उन्होंने कहा, “जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के पर्यवेक्षक से की जाएगी।” अधिकारी ने बताया कि पुनर्भुगतान के दिन डूबे हुए पर्यवेक्षकों पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पुनर्मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए तीन चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।” इस बीच राज्य पुलिस ने पुनर्मतदान से पहले कार्रवाई शुरू कर दी है. बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें फाल्टा पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सईदुल खान भी शामिल हैं।” मंगलवार को यूक्रेन के कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने घोषणा की कि वह एक साथ रहने वाले हैं: मतदान में कोई उम्मीदवार नहीं रहेगा। युवा कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला खान का व्यक्तिगत फैसला है, पार्टी का नहीं. भारतीय जनता पार्टी ने जहां जागीर खान के खिलाफ देबांगशु पांडा को उम्मीदवार बनाया है। ये भी पढ़ें- बंगाल में ममता बनर्जी को बड़ा झटका, फाल्टा में टीएमसी उम्मीदवार जहां गीर खान ने चुनाव लड़ा कई बूथों पर गड़बड़ी के मिले सबूत इससे पहले, 29 अप्रैल को मतदान के दौरान कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल वाले पेट्रोल पंपों पर मतदान हुआ था। असलहे के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने स्वयं इलेक्ट्रोरेक्टर क्षेत्र के दौरे की जांच की थी। बताया गया है कि कम से कम 60 लोगों को आवेदकों के साक्ष्य मिले थे। अपराधियों से जुड़े अपराधियों के अलावा, कई मतदान आवेदनों पर लगाए गए वेब विज्ञापनों में अपराधियों के फुटेज के बारे में भी पता चला था। इसके बाद सरकारी अधिकारियों, मतदान केंद्रों और यहां तक ​​कि चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग ने पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था। ये भी पढ़ें- फाल्टा स्केल: टीएमसी की ‘पुष्पा’ ने छोड़ा मैदान, ईवीएम में फिर भी रहेगा जहांगीर खान का नाम, जानिए क्यों? (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव ब्रेकिंग न्यूज(टी)बंगाल चुनाव ताजा खबर(टी)बेमगल चुनाव बड़ी खबर(टी)टीएमसी ब्रेकिंग न्यूज(टी)बीजेपी बड़ी खबर(टी)चुनाव(टी)चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव ब्रेकिंग न्यूज़

‘प्रधानमंत्री इटली में टॉफियां बांट रहे हैं’: मोदी-मेलोनी के वायरल मेलोडी मोमेंट पर राहुल गांधी का तंज | भारत समाचार

BAN Vs PAK Live Score: Follow latest updates from Day 5 of the contest. (AFP Photo)

आखरी अपडेट:20 मई, 2026, 15:02 IST प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की। जियोर्जिया मेलोनी के साथ वायरल ‘मेलोडी’ मोमेंट को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर उनकी आलोचना तेज कर दी है और इस बार उन्होंने इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से जुड़े वायरल “मेलोडी” क्षण पर हमला बोला है। रायबरेली में बोलते हुए, राहुल गांधी ने प्रधान मंत्री पर विदेशी यात्राओं के दौरान प्रसन्न दिखने के दौरान भारत में आर्थिक समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। गांधी ने कहा, “आर्थिक तूफान सिर पर मंडरा रहा है और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफियां बांट रहे हैं।” राहुल गांधी ने आर्थिक संकट की चेतावनी दी कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान, युवा, महिलाएं, श्रमिक और छोटे व्यापारी पीड़ित हैं जबकि प्रधानमंत्री विदेशों में सार्वजनिक प्रदर्शन करते रहे। गांधी ने कहा, “किसान, युवा, महिलाएं, श्रमिक और छोटे व्यापारी सभी पीड़ित हैं, पीएम मुस्कुरा रहे हैं, रील बना रहे हैं और भाजपा सदस्य ताली बजा रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं है, यह नाटक है।” राहुल गांधी ने बड़े आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई को लेकर भी आगाह किया. उन्होंने कहा, ”आर्थिक उथल-पुथल आ रही है.” उन्होंने दावा किया कि आने वाले महीनों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। गांधी ने कहा, “आप देखेंगे कि कुछ ही महीनों में महंगाई कहां पहुंच जाती है। आप देखेंगे कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें कहां जाती हैं।” विदेश दौरों पर पीएम से सवाल राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर नागरिकों को विरोधाभासी संदेश देने का आरोप लगाया. उन्होंने टिप्पणी की, “प्रधानमंत्री लोगों से विदेश यात्रा नहीं करने को कहते हैं और फिर खुद हजारों करोड़ रुपये के विमान से विदेश यात्रा करते हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार मध्य पूर्व संकट से जुड़ी आर्थिक स्थिति और वैश्विक अस्थिरता के कारण लोगों को सोना न खरीदने और यात्रा कम करने की सलाह दे रही है। कांग्रेस सांसद ने आगे आरोप लगाया कि देश को आवश्यक आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “गैस की आपूर्ति खत्म हो जाएगी, उर्वरक भी… केरोसिन भी खत्म हो जाएगा।” ‘प्रधानमंत्री गद्दार हैं’ अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस नेतृत्व पर सीधा हमला बोला. गांधी ने कहा, “जब ये आरएसएस कार्यकर्ता आपके सामने आते हैं और नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बारे में बोलते हैं, तो आपको उनके सामने बताना चाहिए कि आपका प्रधान मंत्री गद्दार है, आपका गृह मंत्री गद्दार है… आपका संगठन गद्दार है। आपने भारत को बेचने का काम किया है।” उन्होंने सरकार पर संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने और संस्थानों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। गांधी ने कहा, ”आर्थिक संकट आपके दरवाजे पर है क्योंकि वह संवैधानिक रूप से समाप्त हो गए हैं।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “उन्होंने इको सिस्टम बेच दिया है”। राहुल गांधी ने इसके अलावा कोविड-19 महामारी और नोटबंदी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों का भी जिक्र किया। गांधी ने कहा, “नरेंद्र मोदी आपको बताएंगे, वह रोएंगे, जैसे वह कोविड और नोटबंदी के दौरान रोए थे, वह रोएंगे और कहेंगे कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।” बीजेपी ने किया पलटवार प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर बार-बार नरेंद्र मोदी का अपमान करने का आरोप लगाया. पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ होने की बात करती है, लेकिन यही उनकी असली पहचान है। उन्होंने बार-बार पीएम मोदी का अपमान किया है और यहां तक ​​कि उनकी मां को भी निशाना बनाया है। क्योंकि प्रधानमंत्री ओबीसी पृष्ठभूमि से आते हैं, इसलिए उन्होंने हमेशा उनका अपमान किया है।” शरद पवार ने किया पीएम मोदी का बचाव इस बीच, विदेश दौरे पर आलोचना के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी का बचाव किया। पवार ने कहा कि राजनीतिक मतभेद भारत की वैश्विक छवि की रक्षा में आड़े नहीं आने चाहिए। पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी भारत के बाहर देश की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। हमारे अलग-अलग राजनीतिक विचार हो सकते हैं, लेकिन जब देश के सम्मान की बात आती है, तो राजनीतिक मतभेद नहीं लाना चाहिए।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : रायबरेली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘पीएम इटली में टॉफियां बांट रहे हैं’: मोदी-मेलोनी के वायरल मेलोडी मोमेंट पर राहुल गांधी का तंज अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी की नरेंद्र मोदी की आलोचना(टी)राहुल गांधी आर्थिक संकट की चेतावनी(टी)नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा(टी)मेलोडी मोमेंट जियोर्जिया मेलोनी(टी)भारत में महंगाई की चिंता(टी)राहुल गांधी को बीजेपी की प्रतिक्रिया(टी)शरद पवार ने मोदी का बचाव किया(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी की राजनीति