अमेरिका की सैन डिएगो मस्जिद में गोलीबारी, 5 की मौत:इनमें एक गार्ड और 2 संदिग्ध; धार्मिक नफरत से जुड़े हमले की आशंका

अमेरिका के सैन डिएगो स्थित मस्जिद में सोमवार को गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध किशोर थे। एक की उम्र 17 साल और दूसरे की 19 साल थी। दोनों के शव मस्जिद के पास एक वाहन में मिले। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उन्होंने खुद को गोली मारी। इस मामले की जांच हेट क्राइम के एंगल से की जा रही है। हालांकि, हमले के पीछे की वजह पर फिलहाल ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। यह हमला इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में हुआ। यह सैन डिएगो काउंटी की सबसे बड़ी मस्जिद है। परिसर में एक स्कूल भी है, जहां बच्चों को अरबी भाषा, इस्लामिक स्टडीज और कुरान की शिक्षा दी जाती है। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें… गैर-मुस्लिमों का दौरा चल रहा था मस्जिद के इमाम ताहा हस्साने ने बताया कि सोमवार को कुछ गैर-मुस्लिम लोग इस्लाम को समझने के लिए मस्जिद के दौरे पर आए थे। यह सेंटर अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद और मेलजोल बढ़ाने के लिए काम करता है। उन्होंने बताया कि स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र सुरक्षित हैं। फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन लोगों से मस्जिद से दूर रहने को कहा गया है। एहतियात के तौर पर सेंटर को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया। मस्जिद की वेबसाइट के मुताबिक, यहां सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए धार्मिक गतिविधियां नहीं होतीं, बल्कि सामाजिक कामों में भी दूसरे समुदायों के साथ मिलकर काम किया जाता है। यहां रोज पांच वक्त की नमाज होती है। गवर्नर बोले- कैलिफोर्निया मुस्लिम समुदाय के साथ है कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने मुस्लिम समुदाय से कहा कि कैलिफोर्निया आपके साथ खड़ा है। जहां परिवार और बच्चे जुटते हैं, जहां लोग शांति से इबादत करते हैं, वहां ऐसा हमला बेहद भयावह है। कैलिफोर्निया में नफरत की कोई जगह नहीं है।” उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल और गवर्नर ऑफिस ऑफ इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें मौके पर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रही हैं।
अमेरिका की सैन डिएगो मस्जिद में गोलीबारी, 5 की मौत:इनमें एक गार्ड और 2 संदिग्ध; धार्मिक नफरत से जुड़े हमले की आशंका

अमेरिका के सैन डिएगो स्थित मस्जिद में सोमवार को गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध किशोर थे। एक की उम्र 17 साल और दूसरे की 19 साल थी। दोनों के शव मस्जिद के पास एक वाहन में मिले। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उन्होंने खुद को गोली मारी। इस मामले की जांच हेट क्राइम के एंगल से की जा रही है। हालांकि, हमले के पीछे की वजह पर फिलहाल ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। यह हमला इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में हुआ। यह सैन डिएगो काउंटी की सबसे बड़ी मस्जिद है। परिसर में एक स्कूल भी है, जहां बच्चों को अरबी भाषा, इस्लामिक स्टडीज और कुरान की शिक्षा दी जाती है। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें… गैर-मुस्लिमों का दौरा चल रहा था मस्जिद के इमाम ताहा हस्साने ने बताया कि सोमवार को कुछ गैर-मुस्लिम लोग इस्लाम को समझने के लिए मस्जिद के दौरे पर आए थे। यह सेंटर अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद और मेलजोल बढ़ाने के लिए काम करता है। उन्होंने बताया कि स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र सुरक्षित हैं। फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन लोगों से मस्जिद से दूर रहने को कहा गया है। एहतियात के तौर पर सेंटर को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया। मस्जिद की वेबसाइट के मुताबिक, यहां सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए धार्मिक गतिविधियां नहीं होतीं, बल्कि सामाजिक कामों में भी दूसरे समुदायों के साथ मिलकर काम किया जाता है। यहां रोज पांच वक्त की नमाज होती है। गवर्नर बोले- कैलिफोर्निया मुस्लिम समुदाय के साथ है कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने मुस्लिम समुदाय से कहा कि कैलिफोर्निया आपके साथ खड़ा है। जहां परिवार और बच्चे जुटते हैं, जहां लोग शांति से इबादत करते हैं, वहां ऐसा हमला बेहद भयावह है। कैलिफोर्निया में नफरत की कोई जगह नहीं है।” उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल और गवर्नर ऑफिस ऑफ इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें मौके पर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रही हैं। अमेरिका में गोलीबारी की पिछली बड़ी घटनाएं… 19 अप्रैल 2026- अमेरिका के लुइसियाना राज्य के श्रेवेपोर्ट शहर में एक शख्स ने 8 बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। इनमें से 7 उसके ही बच्चे थे। 16 फरवरी 2026- अमेरिका के रोड आइलैंड में दोपहर हाई स्कूल हॉकी मैच के दौरान गोलीबारी हो गई। पुलिस के मुताबिक इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें हमलावर भी शामिल है। तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। 8 जनवरी 2026- अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में इसी साल 8 जनवरी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट ने कार सवार महिला को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। महिला की पहचान रेनी गुड (37) के तौर पर हुईै। वह तीन बच्चों की मां थीं। 27 नवंबर 2025: अमेरिका में पिछले साल 27 नवंबर को व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स के 2 जवानों को गोली मार दी गई। इस मामले में एक अफगान शरणार्थी को हिरासत में लिया गया। FBI अधिकारियों के मुताबिक, हमले में शामिल संदिग्ध की पहचान 29 साल के रहमानुल्लाह लाकनवाल के तौर पर हुई है। अमेरिका में फल और सब्जी खरीदने जैसा है बंदूक खरीदना अमेरिका में गन कल्चर का इतिहास करीब 230 साल पुराना है। 1791 में संविधान के दूसरे संशोधन के तहत अमेरिका नागरिकों को हथियार रखने और खरीदने का अधिकार दिया गया। अमेरिका में इस कल्चर की शुरुआत तब हुई थी, जब वहां अंग्रेजों का शासन था। उस समय वहां स्थायी सिक्योरिटी फोर्स नहीं थी, इसीलिए लोगों को अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखने का अधिकार दिया गया, लेकिन अमेरिका का ये कानून आज भी जारी है।
दावा- इमरान खान का तख्तापलट अमेरिकी साजिश थी:पाकिस्तानी सेना ने साथ दिया; अमेरिका ने कहा था- इमरान हटे तो सब माफ हो जाएगा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिरने को लेकर नया दावा सामने आया है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ड्रॉप साइट न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान की कुर्सी सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव से नहीं गई थी। इसके पीछे अमेरिकी साजिश और पाक सेना की भूमिका थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने 24 फरवरी 2022 को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। ठीक उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था। अमेरिका इस यात्रा से नाराज था। वह चाहता था कि पाकिस्तान यूक्रेन युद्ध पर रूस की खुलकर आलोचना करे, लेकिन इमरान सरकार ने तटस्थ रुख अपनाया। इसके बाद 7 मार्च 2022 को वॉशिंगटन में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद मजीद खान और अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू के बीच बातचीत हुई। लू ने मजीद से कहा कि अगर इमरान अविश्वास प्रस्ताव में हट जाते हैं तो अमेरिका ‘सब माफ’ कर देगा। इसके 33 दिन बाद यानी 9 अप्रैल 2022 को इमरान सरकार गिर गई। वॉशिंगटन में लंच टेबल पर दिया गया था इमरान को हटाने का दबाव वॉशिंगटन के एक होटल में लू ने मजीद को लंच टेबल पर इमरान को हटाने का दबाव दिया था। लू ने यूक्रेन युद्ध पर पाक रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पाक रूस की आलोचना नहीं कर रहा है और अमेरिका-यूरोप को यह स्वीकार नहीं है। लू ने कहा, इमरान की रूस यात्रा से अमेरिका नाराज है। बात अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंची। लू ने संकेत दिया कि इमरान सत्ता में रहे तो पाक अकेला पड़ जाएगा। मजीद ने पत्र में लिखा कि यह संदेश वाइट हाउस की मंजूरी के बिना संभव नहीं था। इमरान के हटने के बाद पाकिस्तान की राजनीति कैसे बदली अप्रैल 2022: इमरान के हटने के अगले दिन शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने। नवंबर 2022: सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा रिटायर हुए। उनकी जगह आसिम मुनीर नए आर्मी चीफ बने। इमरान ने आरोप लगाया था कि यह नियुक्ति नवाज शरीफ से सलाह के बाद हुई। 9 मई 2023: भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट परिसर से इमरान गिरफ्तार हुए। इसके बाद पाकिस्तान में हिंसा भड़क गई। अक्टूबर 2023: नवाज शरीफ पाकिस्तान लौटे। उनके खिलाफ कई मामलों में राहत मिली। 2024 चुनाव: दिसंबर 2023 में PTI का चुनाव चिन्ह बैट छीन लिया गया। उम्मीदवारों को निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा। PTI समर्थित उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं। इसके बावजूद PML-N और PPP ने गठबंधन सरकार बना ली। 2025 में मुनीर की ताकत और बढ़ी: रिपोर्ट के मुताबिक, संवैधानिक बदलावों के बाद आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज बनाया गया। इससे सेना, रक्षा ढांचे और पाकिस्तान की परमाणु कमान पर उनकी पकड़ मजबूत हुई। इमरान के बाद अमेरिका-पाक रिश्तों में नजदीकी इमरान के सत्ता से जाने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में गर्माहट आई। दोनों देशों के रिश्ते रणनीतिक और कारोबारी समझौतों तक पहुंच गए। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया, जिसका इमरान सरकार ने विरोध किया था। पाकिस्तान में क्रिप्टो काउंसिल बनी। ट्रम्प परिवार की कंपनी LF के साथ 36 अरब डॉलर की रेमिटेंस पाइपलाइन से जुड़ा समझौता हुआ। 500 मिलियन डॉलर के दुर्लभ खनिज समझौते भी हुए। गाजा फोर्स के लिए सैनिक भेजने की पेशकश भी की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ की खुलकर तारीफ की। इमरान ने पहले ही विदेशी साजिश का आरोप लगाया था इमरान खान ने सरकार गिरने के समय भी विदेशी साजिश का आरोप लगाया था। मार्च 2022 में एक रैली में उन्होंने एक कागज लहराते हुए दावा किया था कि उनकी सरकार गिराने की साजिश रची गई है। बाद में यही मामला साइफर केस बना। अब इस रिपोर्ट के बाद इमरान की पार्टी PTI ने कहा है कि साइफर वास्तविक था। पार्टी महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा, “अब साबित हो गया कि साइफर सच था।” इमरान खान पर अब तक 188 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में हैं। अल-कादिर ट्रस्ट केस में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई है। साइफर केस में जनवरी 2024 में इमरान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने यह सजा रद्द कर दी थी।
दावा- इमरान खान का तख्तापलट अमेरिकी साजिश थी:पाकिस्तानी सेना ने साथ दिया; अमेरिका ने कहा था- इमरान हटे तो सब माफ हो जाएगा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिरने को लेकर नया दावा सामने आया है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ड्रॉप साइट न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान की कुर्सी सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव से नहीं गई थी। इसके पीछे अमेरिकी साजिश और पाक सेना की भूमिका थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने 24 फरवरी 2022 को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। ठीक उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था। अमेरिका इस यात्रा से नाराज था। वह चाहता था कि पाकिस्तान यूक्रेन युद्ध पर रूस की खुलकर आलोचना करे, लेकिन इमरान सरकार ने तटस्थ रुख अपनाया। इसके बाद 7 मार्च 2022 को वॉशिंगटन में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद मजीद खान और अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू के बीच बातचीत हुई। लू ने मजीद से कहा कि अगर इमरान अविश्वास प्रस्ताव में हट जाते हैं तो अमेरिका ‘सब माफ’ कर देगा। इसके 33 दिन बाद यानी 9 अप्रैल 2022 को इमरान सरकार गिर गई। वॉशिंगटन में लंच टेबल पर दिया गया था इमरान को हटाने का दबाव वॉशिंगटन के एक होटल में लू ने मजीद को लंच टेबल पर इमरान को हटाने का दबाव दिया था। लू ने यूक्रेन युद्ध पर पाक रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पाक रूस की आलोचना नहीं कर रहा है और अमेरिका-यूरोप को यह स्वीकार नहीं है। लू ने कहा, इमरान की रूस यात्रा से अमेरिका नाराज है। बात अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंची। लू ने संकेत दिया कि इमरान सत्ता में रहे तो पाक अकेला पड़ जाएगा। मजीद ने पत्र में लिखा कि यह संदेश वाइट हाउस की मंजूरी के बिना संभव नहीं था। इमरान के हटने के बाद पाकिस्तान की राजनीति कैसे बदली अप्रैल 2022: इमरान के हटने के अगले दिन शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने। नवंबर 2022: सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा रिटायर हुए। उनकी जगह आसिम मुनीर नए आर्मी चीफ बने। इमरान ने आरोप लगाया था कि यह नियुक्ति नवाज शरीफ से सलाह के बाद हुई। 9 मई 2023: भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट परिसर से इमरान गिरफ्तार हुए। इसके बाद पाकिस्तान में हिंसा भड़क गई। अक्टूबर 2023: नवाज शरीफ पाकिस्तान लौटे। उनके खिलाफ कई मामलों में राहत मिली। 2024 चुनाव: दिसंबर 2023 में PTI का चुनाव चिन्ह बैट छीन लिया गया। उम्मीदवारों को निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा। PTI समर्थित उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं। इसके बावजूद PML-N और PPP ने गठबंधन सरकार बना ली। 2025 में मुनीर की ताकत और बढ़ी: रिपोर्ट के मुताबिक, संवैधानिक बदलावों के बाद आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज बनाया गया। इससे सेना, रक्षा ढांचे और पाकिस्तान की परमाणु कमान पर उनकी पकड़ मजबूत हुई। इमरान के बाद अमेरिका-पाक रिश्तों में नजदीकी इमरान के सत्ता से जाने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में गर्माहट आई। दोनों देशों के रिश्ते रणनीतिक और कारोबारी समझौतों तक पहुंच गए। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया, जिसका इमरान सरकार ने विरोध किया था। पाकिस्तान में क्रिप्टो काउंसिल बनी। ट्रम्प परिवार की कंपनी LF के साथ 36 अरब डॉलर की रेमिटेंस पाइपलाइन से जुड़ा समझौता हुआ। 500 मिलियन डॉलर के दुर्लभ खनिज समझौते भी हुए। गाजा फोर्स के लिए सैनिक भेजने की पेशकश भी की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ की खुलकर तारीफ की। इमरान ने पहले ही विदेशी साजिश का आरोप लगाया था इमरान खान ने सरकार गिरने के समय भी विदेशी साजिश का आरोप लगाया था। मार्च 2022 में एक रैली में उन्होंने एक कागज लहराते हुए दावा किया था कि उनकी सरकार गिराने की साजिश रची गई है। बाद में यही मामला साइफर केस बना। अब इस रिपोर्ट के बाद इमरान की पार्टी PTI ने कहा है कि साइफर वास्तविक था। पार्टी महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा, “अब साबित हो गया कि साइफर सच था।” इमरान खान पर अब तक 188 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में हैं। अल-कादिर ट्रस्ट केस में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई है। साइफर केस में जनवरी 2024 में इमरान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने यह सजा रद्द कर दी थी। ———- ये खबर भी पढ़ें… कन्फर्म हुआ- इमरान की एक आंख की 85% रोशनी खत्म:कोर्ट के ऑर्डर पर हुई जांच, पूर्व PAK PM बोले- प्राइवेट इलाज की इजाजत नहीं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की एक आंख की करीब 85% रोशनी चली गई है। यह खुलासा पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई जांच में हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…
भास्कर अपडेट्स:कश्मीर के बारामूला में गोदाम में आग लगी; फायर ब्रिगेड, पुलिस और सेना बुझाने में जुटे

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कनली बाग इलाके में स्थित BK ट्रेडर्स के गोदाम में सोमवार रात को आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, पुलिस, सेना के जवान और स्थानीय युवक मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। फिलहाल आग लगने के कारण और नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
भास्कर अपडेट्स:ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस के 3 कोच पटरी से उतरे; ट्रेन खाली थी, कोई हताहत नहीं

उत्तराखंड के ऋषिकेश में योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को उज्जैनी एक्सप्रेस के 3 कोच पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त ट्रेन खाली थी, इसलिए किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन स्टेशन से कुछ दूरी पर डिरेल हुई। घटना के बाद रेलवे और संबंधित टीमें मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… कश्मीर के बारामूला में गोदाम में आग लगी; फायर ब्रिगेड, पुलिस और सेना बुझाने में जुटे जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कनली बाग इलाके में स्थित BK ट्रेडर्स के गोदाम में सोमवार रात को आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, पुलिस, सेना के जवान और स्थानीय युवक मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। फिलहाल आग लगने के कारण और नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। RG कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर ED केस चलाएगी, बंगाल सरकार ने अभियोजन की मंजूरी दी पश्चिम बंगाल सरकार ने RG कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अभियोजन की मंजूरी दे दी है। अब एजेंसी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगी। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 9 अगस्त 2024 को RG कर मेडिकल कॉलेज में हुई ट्रेनी डॉक्टर ‘अभया’ के रेप और हत्या मामले से जुड़े घटनाक्रम में कानूनी प्रक्रिया के तहत यह मंजूरी दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने लंबे समय तक इस मामले की जांच को जबरन और अनैतिक तरीके से रोके रखा। सुवेंदु ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। देश के 18 शहरों में वॉटर मेट्रो चलाने की तैयारी, यूपी के 3 शहर शामिल केंद्र सरकार शहरी यातायात के लिए वॉटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए राष्ट्रीय जल मेट्रो नीति 2026 का मसौदा तैयार किया गया है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि देश के 18 शहरों में यह सेवा शुरू करने की योजना है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज के अलावा पटना, श्रीनगर और गुवाहाटी को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ को रखा गया है। यह सेवा कोच्चि वॉटर मेट्रो की तर्ज पर चलेगी। नीति के मसौदे के मुताबिक, वॉटर मेट्रो को उन शहरों में प्राथमिकता दी जाएगी, जहां 10 लाख से ज्यादा आबादी हो और बारहमासी जलमार्ग उपलब्ध हों। इसका मकसद सड़क यातायात का दबाव कम करना और शहरी परिवहन के लिए नया विकल्प देना है।
श्रीकृष्ण को प्रिय इस पेड़ के फूल और फल हैं बड़े काम के, पेट से गले तक कई समस्याओं में देता है राहत

Last Updated:May 18, 2026, 23:40 IST कदम वृक्ष को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वृक्ष माना जाता है, जो अपनी सुंदरता, सुगंधित फूलों और आध्यात्मिक महत्व के लिए विशेष पहचान रखता है. यह पेड़ न केवल प्रकृति की शोभा बढ़ाता है, बल्कि इसके कई हिस्से सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माने जाते हैं. ख़बरें फटाफट प्रकृति में कई ऐसे पेड़-पौधे मौजूद हैं, जिन्हें सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. ऐसा ही एक पेड़ है कदम, जिसे भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वृक्ष माना जाता है. पुराने समय से ही इस पेड़ का जिक्र धार्मिक कथाओं, लोकगीतों और आयुर्वेद में मिलता रहा है. कदम का पेड़ अपनी खूबसूरत बनावट, घने पत्तों और गोल पीले फूलों की वजह से आसानी से पहचाना जाता है. इसके फूलों की हल्की मीठी खुशबू आसपास के माहौल को भी सुगंधित बना देती है. यही वजह है कि इसे सुंदरता और प्राकृतिक शांति का प्रतीक भी माना जाता है. कदम का वृक्ष सिर्फ देखने में आकर्षक नहीं होता, बल्कि इसके कई हिस्से सेहत के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं. इसके फूल, फल, पत्तियां और छाल अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल की जाती हैं. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसके फूलों और फलों से पारंपरिक व्यंजन और चटनी बनाते हैं. इसका स्वाद हल्का अलग जरूर होता है, लेकिन इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई फायदे पहुंचा सकते हैं. माना जाता है कि कदम में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार जानें फायदे आयुर्वेद में कदम का उपयोग कई घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. इसके फूलों का काढ़ा गले की खराश और खांसी में राहत देने वाला माना जाता है. वहीं इसकी छाल का इस्तेमाल मसूड़ों की समस्या और मुंह की बदबू कम करने के लिए भी किया जाता है. कई लोग इसकी छाल को पानी में उबालकर उससे कुल्ला करते हैं. माना जाता है कि इससे मुंह साफ रहता है और मसूड़ों को आराम मिल सकता है. इसके अलावा कदम के कुछ गुण पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में भी मददगार माने जाते हैं. अपच, पेट भारी लगना और दस्त जैसी समस्याओं में भी इसका पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है. प्राकृतिक ठंडक देने वाला भी माना जाता हैकदम का पेड़ मानसिक शांति और प्राकृतिक ठंडक देने वाला भी माना जाता है. इसकी घनी छांव गर्मियों में राहत देती है और गांवों में लोग अक्सर इसके नीचे बैठकर समय बिताना पसंद करते हैं. यही कारण है कि इसे सिर्फ औषधीय नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण पेड़ माना जाता है. इसकी खुशबूदार फूलों की वजह से आसपास का वातावरण भी काफी ताजा महसूस होता है. बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी लोगों को स्थानीय पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कदम वृक्ष के गुणों की जानकारी साझा की है. विभाग के अनुसार, यह पेड़ सौंदर्य, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक महत्व का अनोखा संगम माना जाता है. आज के समय में जब लोग फिर से प्राकृतिक चीजों और आयुर्वेद की तरफ लौट रहे हैं, तब कदम जैसे पारंपरिक पेड़ों की अहमियत और भी बढ़ जाती है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
रसोई में रखे ये 5 मसाले मिनटों में दिलाएंगे पेट में जलन, एसिडिटी से छुटकारा, जानें सेवन का तरीका

Last Updated:May 18, 2026, 23:39 IST कई बार उल्टा-सीधा, अधिक तेल और मसालेदार चीजें खाने से काफी लोगों को पेट, सीने में जलन, अपच, गैस आदि की समस्याएं हो जाती हैं. ये बहुत ही अनकंफर्टेबल महसूस कराते हैं. ऐसे में समझ नहीं आता एसिडिटी, अपच, पेट में जलन से तुरंत छुटकारा कैसे पाएं. विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है. इससे सीने और पेट में जलन महसूस हो सकती है. आप घर में ही मौजूद इन 5 हर्ब्स और मसालों का सेवन करें, देखें आपको कैसे आराम मिलता है. पेट में जलन और एसिडिटी दूर करने वाले मसाले. आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. अनियमित खानपान, देर रात तक जागना और लंबे समय तक बैठे रहकर काम करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गई है. इसके कारण एसिडिटी, पेट में जलन, गैस, अपच और खट्टी डकार जैसी दिक्कतें आम हो चुकी हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है. इससे सीने और पेट में जलन महसूस हो सकती है. राहत की बात यह है कि भारतीय रसोई में मौजूद कुछ मसाले पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. सौंफ दिला सकती है पाचन में आराम सौंफ को पाचन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. इसमें एनेथोल नामक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जो पेट की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है. यह गैस और पेट फूलने की समस्या को कम करने में सहायक माना जाता है. भोजन के बाद सौंफ चबाने या सौंफ का पानी पीने से पेट हल्का महसूस हो सकता है और जलन में राहत मिल सकती है. जीरा पाचन प्रक्रिया को बनाता है बेहतर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा जीरा लंबे समय से आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसमें मौजूद क्यूमिनाल्डिहाइड पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है. सही पाचन होने पर पेट पर दबाव कम पड़ता है और एसिडिटी की समस्या घट सकती है. जीरा पानी गैस और भारीपन से राहत पाने का लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. अदरक कम कर सकता है एसिडिटी की परेशानी अदरक में जिंजरोल और शोआगोल जैसे तत्व पाए जाते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं. यह पेट को जल्दी खाली करने में मदद करता है, जिससे खाना लंबे समय तक पेट में नहीं ठहरता. धीमा पाचन अक्सर एसिडिटी और जलन का कारण बनता है. हल्के गर्म पानी, हर्बल चाय या खाने में सीमित मात्रा में अदरक शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. इलायची से मिल सकता है पेट को सुकून आयुर्वेद में इलायची को पाचन के लिए उपयोगी माना गया है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व पेट की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. खाने के बाद इलायची चबाने से पाचन बेहतर हो सकता है और मुंह की बदबू से भी राहत मिलती है. चाय या दूध में इलायची मिलाकर सेवन करने से स्वाद के साथ पेट को भी आराम मिल सकता है. तुलसी के पत्ते भी हैं फायदेमंद तुलसी को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. इसमें यूजेनॉल जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो पेट को शांत रखने और सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं. नियमित रूप से तुलसी के पत्तों का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
घंटों बैठे-बैठे काम करते हैं? पैरों को सुन्न होने से बचाएंगी ये आसान डेस्क एक्सरसाइज

Last Updated:May 18, 2026, 23:26 IST आजकल ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, घंटों कुर्सी पर बैठे रहना लोगों की मजबूरी बन गया है. लेकिन लगातार बैठे रहने से पैरों में जकड़न, भारीपन और दर्द जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. ऐसे में कुछ आसान Desk Exercises आपके पैरों को एक्टिव रखने और शरीर को हल्का महसूस कराने में मदद कर सकती हैं. ख़बरें फटाफट आजकल ज्यादातर लोगों का दिन कुर्सी पर बैठकर ही निकल जाता है. सुबह लैपटॉप खोलते हैं और फिर पता ही नहीं चलता कि कब कई घंटे बीत गए. लंबे समय तक बैठे रहने से सबसे ज्यादा असर पैरों पर पड़ता है. कई लोगों को पैरों में भारीपन, झनझनाहट, अकड़न या हल्का दर्द महसूस होने लगता है. कुछ लोगों के पैर तो इतने stiff हो जाते हैं कि उठते समय अजीब सा खिंचाव महसूस होता है. अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको जिम जाने या अलग से घंटों निकालने की जरूरत नहीं है. ऑफिस डेस्क पर बैठे-बैठे भी कुछ आसान एक्सरसाइज करके पैरों को एक्टिव रखा जा सकता है. अगर काफी देर से एक ही पोजिशन में बैठे हैं तो सबसे पहले अपने टखनों को मूव करिए. कुर्सी पर आराम से बैठें और एक पैर को थोड़ा ऊपर उठाकर धीरे-धीरे गोल घुमाएं. पहले दाईं दिशा में और फिर उल्टी दिशा में. इसके बाद दूसरे पैर से भी यही करें. सुनने में ये बहुत छोटी एक्सरसाइज लग सकती है, लेकिन इससे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और stiffness कम महसूस होती है. जिन लोगों के पैर जल्दी सुन्न हो जाते हैं, उनके लिए ये काफी मददगार हो सकती है. Leg Extension से पैरों को दीजिए हल्का स्ट्रेचकई बार लंबे समय तक बैठे रहने से घुटनों और जांघों में जकड़न होने लगती है. ऐसे में लेग एक्सटेंशन काफी आराम दे सकता है. कुर्सी पर बैठकर एक पैर को सामने की तरफ सीधा करें और कुछ सेकंड तक रोककर रखें. फिर धीरे से नीचे ले आएं. अब यही दूसरे पैर से करें. इससे पैरों की muscles एक्टिव रहती हैं और लंबे समय तक बैठने का असर थोड़ा कम हो सकता है. अगर दिन में 8-9 घंटे बैठकर काम करते हैं तो इसे बीच-बीच में जरूर करें. Heel Raise और Toe Raise भी हैं फायदेमंदकई लोगों को लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों में अजीब सा भारीपन महसूस होता है. इसके लिए Heel Raise और Toe Raise काफी आसान और असरदार एक्सरसाइज मानी जाती हैं. इसमें आपको सिर्फ एड़ियों और पंजों को ऊपर-नीचे करना होता है. पहले पंजे जमीन पर रखें और एड़ियों को ऊपर उठाएं, फिर एड़ियां नीचे रखकर पंजों को ऊपर करें. यह मूवमेंट पैरों की muscles को एक्टिव रखता है और ब्लड फ्लो बेहतर करने में मदद कर सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे करते समय आपको काम रोकने की भी जरूरत नहीं पड़ती. Knee Lift से पैरों को रखें एक्टिवअगर बैठे-बैठे शरीर बिल्कुल सुस्त लगने लगे तो नी लिफ्ट ट्राय कर सकते हैं. इसमें कुर्सी पर सीधे बैठकर एक घुटने को ऊपर उठाना होता है और फिर धीरे से नीचे लाना होता है. इसके बाद दूसरे पैर से यही दोहराएं. इससे पैरों के साथ-साथ हिप्स भी थोड़ा एक्टिव महसूस करते हैं. लगातार बैठे रहने से शरीर का निचला हिस्सा कम मूव करता है, इसलिए ऐसी छोटी एक्सरसाइज दिनभर शरीर को हल्का और एक्टिव बनाए रखने में मदद करती हैं. सिर्फ 2 मिनट चलना भी जरूरी हैकई लोग सोचते हैं कि सिर्फ एक्सरसाइज कर लेना काफी है, लेकिन लंबे समय तक लगातार बैठे रहना भी ठीक नहीं माना जाता. कोशिश करें कि हर एक घंटे बाद कुर्सी से उठें और थोड़ा टहल लें. ऑफिस में हैं तो पानी लेने चले जाएं या थोड़ा वॉक कर लें. इससे शरीर को मूवमेंट मिलता है और पैरों में जमी हुई जकड़न कम हो सकती है. छोटी-छोटी आदतें ही लंबे समय में शरीर को ज्यादा आरामदायक महसूस कराती हैं. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने एक बयान में बताया कि दोनों पक्षों के बीच इस बड़ी राशि के भुगतान को लेकर सहमति बन गई है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने इस साल फरवरी में ही साफ कर दिया था कि वह अमेरिकी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। दुबई के सप्लायर से खरीदा था ओमान-इराक के नाम पर ईरानी गैस OFAC के मुताबिक, पूरा मामला नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात से जुड़ा हुआ है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने दुबई के एक ट्रेडर से LPG की खेप खरीदी थी। उस सप्लायर ने दावा किया था कि यह गैस ओमान और इराक से आ रही है। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह एलपीजी वास्तव में ईरान से मंगवाई गई थी। ईरान के ऊर्जा व्यापार को सीमित करने वाले अमेरिकी नियमों (ITSR) के तहत इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मुंद्रा पोर्ट पर आई थी खेप, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि अडाणी एंटरप्राइजेज ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत में इस एलपीजी का आयात किया था। इसके भुगतान के लिए अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए डॉलर में 32 ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 192 मिलियन डॉलर थी। OFAC ने कहा कि कंपनी को ऐसे कई संकेत मिले थे (रेड फ्लैग्स) जिनसे उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए था कि यह एलपीजी ईरान से ही आ रही है। कंपनी ने खुद से इन संभावित उल्लंघनों की जानकारी नहीं दी थी, इसलिए उन्हें इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई। इस वजह से कंपनी पर शुरुआती सिविल पेनल्टी 384.2 मिलियन डॉलर की बन रही थी, लेकिन आपसी बातचीत और सहयोग के बाद फाइनल सेटलमेंट 275 मिलियन डॉलर पर तय हुआ। अडाणी के अन्य अमेरिकी मामलों में भी राहत के संकेत यह सेटलमेंट ऐसे समय में आया है जब गौतम अडाणी को अमेरिका में चल रहे कुछ अन्य कानूनी मामलों में भी बड़ी राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले सप्ताह के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की कथित योजना से जुड़े एक सिविल मुकदमे को अलग से सेटल कर लिया है, हालांकि इसे अभी कोर्ट की मंजूरी मिलना बाकी है। इसके साथ ही, दो सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अडाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक फ्रॉड के आरोपों को हटाने के बेहद करीब है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब गौतम अडाणी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके अलावा कुछ ही दिन पहले अडाणी की एक अन्य कंपनी ने बिना दोष स्वीकार किए भ्रष्टाचार से जुड़े एक सिविल कोर्ट मामले को सुलझाने के लिए 18 मिलियन डॉलर के भुगतान पर सहमति जताई थी।







