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जिस शकरकंद के छिल्के को आप फेंक देते हैं, उसमें छिपा है कैंसर का काल, वैज्ञानिकों ने भी माना लोहा

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Last Updated:May 18, 2026, 18:24 IST Sweet potato benefits: शकरकंद के कई फायदे के बारे में हम जानते हैं लेकिन जब भी हम शकरकंद खाते हैं तो उसके साथ कभी उसका छिल्का नहीं खाते. यह अक्सर डस्ट बिन में ही जाता है. अब एक नए रिसर्च में जो बात सामने आई है उसके हिसाब से आप इस छिल्के को नहीं फेकेंगे. रिसर्च के मुताबिक शकरकंद के छिल्के में कैंसर के जोखिम को कम करने की क्षमता है. शकरकंद के छिलके से कैंसर पर लगाम लग सकता है. Sweet potato peels Prevent cancer: शकरकंद रूट वेजिटेबल है जिसके कई फायदे हैं. इन फायदों के बारे में हम पहले से जानते हैं लेकिन एक रिसर्च में दावा किया गया है कि जिस शकरकंद के छिलके को हम फेंक देते हैं, उससे कैंसर जैसी बीमारियों को खत्म करने की क्षमता है. इस अध्ययन में दावा किया गया है कि शकरकंद के छिलके में ऐसे-ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर होने के जोखिम को बहुत कम कर देता है. रिसर्च के मुताबिक शकरकंद में भी कैंसररोधी गुण होता है. शकरकंद में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करता है. फ्री रेडिकल्स जब कोशिकाओं में बनने लगते हैं तब आसपास की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है. इससे कोशिकाओं के अंदर डीएनए, लिपिड और प्रोटीन डैमेज होने लगते हैं जो कैंसर कोशिकाओं में बदलने का कारण बनता है. छिल्के में मिले कैंसर को खत्म करने वाले कंपाउंडअमेरिकी नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन की वेबसाइट और पबमेड जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक शकरकंद के छिलके में कैंसररोधी गुण को साबित करने के लिए एक परीक्षण किया गया. इस परीक्षण में शकरकंद के छिलके में मौजूद विभिन्न तत्वों को निकाला गया और इसके बाद इसका विश्लेषण किया गया. इसके बाद शकरकंद के छिलके में स्लफोरहोडामाइन बी और 2, 2 डाइफिनाइल-1 पिकराइलड्रेजाइल जैसे तत्व पाए गए. इन तत्वों में एंटीकैंसर गुण से भरपूर होते हैं. इसके साथ ही इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट्स भी मिले जो कैंसर से बचाने में बहुत मददगार है. दरअसल, कोलोन, ब्रेस्ट, ओवरी, नेक, लंग्स जैसे कैंसर में जो तत्व पाए जाते हैं, उन तत्वों को शकरकंद के छिलके पाए जाने वाले कंपाउड कम कर देते हैं. ये सारे तत्व इन कैंसर को होने से रोक सकता है. अध्ययन के मुताबिक शकरकंद के छिलके कई तरह के कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकने में सक्षम है. स्किन पर लाता है ग्लोकई वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि शकरकंद के छिलकों में गूदे या पल्प के मुकाबले दस गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर होते हैं. यह न केवल पाचन को दुरुस्त रखता है बल्कि शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में भी सहायक पाया गया है. इसमें मौजूद अघुलनशील फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों की सेहत के लिए वरदान है. शकरकंद के छिलके हार्ट के लिए भी बहुत फायदेमंद है. शकरकंद के छिलके में मौजूद पोटैशियम बीपी को नियंत्रित करने और हार्ट की धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इससे स्किन में निखार आता है. एंटीऑक्सीडेंट्स की अधिकता के कारण यह फ्री रेडिकल्स से लड़ता है, जिससे समय से पहले झुर्रियां नहीं आतीं और त्वचा चमकदार बनी रहती है. टाइप 2 डायबिटीज में भी फायदेमंदएक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक शकरकंद के छिलके डायबिटीज के जोखिम को कम करने में माहिर है. आमतौर पर यही समझा जाता है कि शकरकंद मीठा होता है इसलिए यह डायबिटीज मरीजों को नहीं खाना चाहिए. लेकिन बीबीसी की एक रिपोर्ट ने रिसर्च का हवाला देते हुए बताया है कि 80 ग्राम शकरकंद में 285 किलो जूल ऊर्जा मिलती है. इसके साथ ही इसमें 0.9 ग्राम प्रोटीन, 0.2 ग्राम फैट, 6.7 ग्राम शुगर, 280 मिलीग्राम पोटैशियम, 14 मिलीग्राम विटामिन सी सहित कई तरह के मिनिरलस् पाए जाते हैं. ये सारे तत्व कई बीमारियों से बचाते हैं. इतना ही नहीं शकरकंद से टाइप 2 डायबिटीज से भी मुक्ति दिलाता है. अध्ययन के मुताबिक अगर शकरकंद की कम खुराक का सेवन किया जाए तो यह टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में ब्लड शुगर लेवल को बहुत घटा देता है. शकरकंद में कई तरह के विटामिन, मिनिरल्स और माइक्रो न्यूट्रेंट्स होते हैं जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है. शकरकंद के नियमित सेवन से वजन भी घटाया जा सकता है. शकरकंद वसा के मेटाबोलिज्म को तेज करता है. शकरकंद का सेवन करने के बाद भूख बहुत कम लगती है और लंबे समय तक कुछ खाने की चाहत नहीं होती है. इसी कारण शकरकंद वजन को कम करने में मदद करता है. इतना ही नहीं माना जाता है कि शकरकंद के सेवन से ब्लड शुगर भी नियंत्रित रहता है. शकरकंद एनर्जी बूस्टर भी है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

बंगाल में इमाम-मुअज्जिन और पुजारियों का भत्ता बंद:महिलाओं को 1 जून से ₹3000 मिलेंगे; TMC सरकार में हुए भ्रष्टाचार-महिला उत्पीड़न की जांच होगी

बंगाल में इमाम-मुअज्जिन और पुजारियों का भत्ता बंद:महिलाओं को 1 जून से ₹3000 मिलेंगे; TMC सरकार में हुए भ्रष्टाचार-महिला उत्पीड़न की जांच होगी

पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। राज्य सरकार ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाले भत्ते को 1 जून से बंद करने का फैसला किया है। इसके अलावा TMC सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न की जांच के लिए 2 आयोग बनेंगे। दोनों आयोगों की अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे। साथ ही महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3000 रुपए देने, मुफ्त बस यात्रा शुरू करने, सातवां वेतन आयोग गठित करने और OBC सूची में बदलाव जैसे अहम निर्णय भी लिए गए। मार्च में बढ़ाया था मानदेय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार ने इसी साल मार्च में धार्मिक नेताओं के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद राज्य की रजिस्टर्ड मस्जिदों के इमामों को हर महीने 3000 रुपए, जबकि मुअज्जिन और पुजारियों को 2000 रुपए की मदद दी जा रही थी। नई सरकार ने अब इस योजना को बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि छात्रों की कोई भी छात्रवृत्ति योजना बंद नहीं की जाएगी। महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना कैबिनेट ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 1 जून से महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए दिए जाएंगे। सरकार ने कहा कि जो महिलाएं पहले से ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ का लाभ ले रही हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार जल्द ही नया वेब पोर्टल भी शुरू करेगी, ताकि नई पात्र महिलाएं आवेदन कर सकें। राज्य सरकार ने 1 जून से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की भी मंजूरी दी है। हालांकि फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। CAA आवेदकों को भी मिलेगा लाभ सरकार ने स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत आवेदन करने वाली महिलाएं और वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए ट्रिब्यूनल पहुंचने वाली महिलाओं को भी अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलेगा। भ्रष्टाचार-उत्पीड़न की जांच के लिए 2 आयोग सरकार ने संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में आयोग बनाया है। इसमें एडीजी रैंक के IPS अधिकारी जयरामन सदस्य सचिव होंगे। आयोग कटमनी, रिश्वतखोरी, सरकारी धन के दुरुपयोग और आम लोगों से धोखाधड़ी जैसे मामलों की जांच करेगा। इसके दायरे में सरकारी अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, बिचौलिए, ठेकेदार, एनजीओ और सहकारी संस्थाएं भी आएंगी। दूसरा आयोग महिलाओं और बच्चियों पर कथित अत्याचार के मामलों की जांच करेगा। इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस समाप्ति चटर्जी करेंगी, जबकि IPS अधिकारी दमयंती सेन सदस्य सचिव होंगी। CM शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आयोग पिछले कई वर्षों में महिलाओं और बच्चों, खासकर SC, ST और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचारों की जांच करेगा। OBC सूची में होगा बदलाव सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के फैसले के आधार पर राज्य की मौजूदा OBC सूची को रद्द करने और उसमें संशोधन करने का फैसला लिया है। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान 77 समुदायों को OBC सूची में शामिल किया गया था, जिनमें 75 मुस्लिम समुदाय थे। इस फैसले को लेकर कानूनी विवाद हुआ था। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस सूची को रद्द कर दिया था और 2010 के बाद जारी करीब 5 लाख OBC प्रमाणपत्रों को अमान्य घोषित कर दिया था। नई सरकार अब OBC आरक्षण के लिए पात्रता तय करने हेतु एक नई समिति बनाएगी। सातवें वेतन आयोग को मंजूरी कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। इसका फायदा सरकारी विभागों के अलावा नगर निकाय, स्थानीय निकाय, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। हालांकि राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का मुद्दा सोमवार की बैठक में शामिल नहीं था। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… कोलकाता में पुलिस पर पथराव, 3 जवान घायल, 40 गिरफ्तार, अतिक्रमण हटाने के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था कोलकाता में रविवार को पार्क सर्कस इलाके में अतिक्रमण हटाने के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ, जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। सुरक्षाबलों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि मामले में अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें…

गर्मी में जांघ के आसपास खुजली से हैं परेशान, अपनाएं 5 असरदार देसी उपाय, तुरंत मिलेगा आराम

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Last Updated:May 18, 2026, 18:15 IST Itching Home Remedies: गर्मियों में पसीना और नमी बढ़ने से जांघों के आसपास खुजली और रैशेज की समस्या होने लगती है. खासकर टाइट कपड़े पहनने के बाद यह परेशानी हो जाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो नारियल तेल, एलोवेरा जेल और नीम जैसे घरेलू उपाय जांघ के आसपास होने वाली खुजली से तुरंत राहत दिला सकते हैं. सूती कपड़े भी काफी राहत दे सकते हैं. खुजली से निजात पाने के लिए एलोवेरा जेल या नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. Home Remedies of Itching: गर्मी के मौसम में स्किन से जुड़ी समस्याएं सबसे ज्यादा परेशान करती हैं. पसीना, उमस और स्किन में नमी बढ़ने की वजह से जांघों के आसपास खुजली, जलन और रैशेज की समस्या काफी आम है. जो लोग लंबे समय तक बाहर रहते हैं या ज्यादा पसीना बहाते हैं, उन्हें यह परेशानी ज्यादा हो सकती है. कई बार लगातार खुजलाने से त्वचा लाल हो जाती है और इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जांघों के आसपास खुजली की वजह फंगल इंफेक्शन, पसीना, टाइट कपड़े या त्वचा में रगड़ भी हो सकती है. ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय जल्द राहत दे सकते हैं. खुजली से निजात पाने के देसी नुस्खे नारियल तेल : नारियल तेल में एंटीबैक्टीरियल और मॉइस्चराइजिंग गुण पाए जाते हैं, जो स्किन को ठंडक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. अगर खुजली हल्की हो, तो प्रभावित जगह को साफ करके वहां हल्का नारियल तेल लगाया जा सकता है. इससे त्वचा की ड्राइनेस कम होती है और जलन में राहत मिल सकती है. एलोवेरा जेल : एलोवेरा को त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद कूलिंग गुण खुजली और जलन को शांत करने में मदद कर सकते हैं. ताजा एलोवेरा जेल को प्रभावित जगह पर लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है और लालिमा कम हो सकती है. नीम का पानी : नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. अगर खुजली पसीने या हल्के फंगल इंफेक्शन की वजह से हो रही हो, तो नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से प्रभावित जगह साफ की जा सकती है. इससे त्वचा को राहत मिल सकती है. एंटीफंगल पाउडर : जांघों के आसपास लगातार नमी बने रहने से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं. इसलिए नहाने के बाद उस हिस्से को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. ढीले और सूती कपड़े : गर्मी में टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनने से पसीना ज्यादा जमा होता है, जिससे खुजली और रैशेज बढ़ सकते हैं. डॉक्टर के अनुसार सूती और ढीले कपड़े पहनने से त्वचा को हवा मिलती है और पसीना जल्दी सूखता है. इससे संक्रमण का खतरा कम हो सकता है. डॉक्टर से कब करें संपर्क? इस समस्या से बचने के लिए पसीने से गीले कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें. दूसरों का तौलिया या कपड़े इस्तेमाल करने से बचें. त्वचा को बार-बार खुजलाने से बचें. अगर खुजली लंबे समय तक बनी रहे, त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन, बदबू या पस बनने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलकर सलाह लेना जरूरी हो सकता है, क्योंकि यह फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

तेजा सज्जा की ‘हनु-मैन’ अब 3D में:25 जून को सिनेमाघरों में होगी रिलीज; अगले भाग में ऋषभ शेट्टी की एंट्री से बढ़ा फैंस का रोमांच

तेजा सज्जा की ‘हनु-मैन’ अब 3D में:25 जून को सिनेमाघरों में होगी रिलीज; अगले भाग में ऋषभ शेट्टी की एंट्री से बढ़ा फैंस का रोमांच

तेलुगु सुपरहीरो फिल्म ‘हनु-मैन’ एक बार फिर बड़े परदे पर वापसी करने जा रही है। इस बार फिल्म को 3डी फॉर्मेट में रिलीज किया जाएगा, जिससे दर्शकों को पहले से ज्यादा भव्य और रोमांचक सिनेमाई अनुभव मिलने वाला है। निर्माताओं ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि ‘हनु-मैन 3डी’ 25 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। मेकर्स ने नए पोस्टर के साथ सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह फिल्म पहले दर्शकों के दिलों पर राज कर चुकी है और अब नए अंदाज में लौट रही है। साल 2024 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी और भारतीय सुपरहीरो फिल्मों के लिए नई शुरुआत मानी गई थी। फिल्म की कहानी काल्पनिक गांव अंजनाद्री पर आधारित है, जहां हनुमंथु नाम का एक साधारण युवक भगवान हनुमान की दिव्य शक्तियां प्राप्त करने के बाद लोगों की रक्षा करता है। इसमें तेजा के अलावा अमृता अय्यर, वरलक्ष्मी सरथकुमार, समुद्रकानी और विनय राय ने भी अहम किरदार निभाए थे। फिल्म के अगले पार्ट ‘जय हनुमान’ में ऋ षभ शेट्टी भी नजर आएंगे निर्देशक प्रशांत वर्मा की यह फिल्म उनके सिनेमैटिक यूनिवर्स की पहली कड़ी मानी जाती है। फिल्म की सफलता के बाद अब इसके अगले भाग ‘जय हनुमान’ को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्साह है। खबरों के मुताबिक, आगामी फिल्म में ऋषभ शेट्टी भी नजर आ सकते हैं। जिनका पहला लुक भी मेकर्स ने बाते साल ही रिवील कर दिया था। ऐसे में अब ‘हनु-मैन 3डी’ की दोबारा रिलीज को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है और माना जा रहा है कि फिल्म एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है।

कर्नाटक में दो हाथियों की लड़ाई में पर्यटक की मौत:महिला हाथियों को नहाते देख रही थी, उनके नीचे दबी; बच्चे सहित दो लोग बाल-बाल बचे

कर्नाटक में दो हाथियों की लड़ाई में पर्यटक की मौत:महिला हाथियों को नहाते देख रही थी, उनके नीचे दबी; बच्चे सहित दो लोग बाल-बाल बचे

कर्नाटक के कोडागु जिले स्थित डुबारे एलीफेंट कैंप में दो हाथियों की लड़ाई के दौरान एक महिला पर्यटक की मौत हो गई। घटना का दर्दनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक हाथी महिला के ऊपर गिर गया। एक पुरुष और उसकी गोद में एक बच्चा बाल-बाल बच गए। अधिकारियों के मुताबिक, तमिलनाडु की पर्यटक तुलसी (33) नदी किनारे खड़ी होकर हाथियों को नहलाते हुए देख रही थीं। नदी में 6 से 7 हाथी थे। उनके साथ महावत भी थे। तभी दो हाथी हिंसक होकर बेकाबू हो गए। इस दौरान वहां चीख-पुकार मच गई। 7 विजुअल्स के जरिए पूरी घटना देखिए… ——————————– ये खबरें भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- वनतारा में कानून का उल्लंघन नहीं हुआ:सही प्रक्रिया से लाए जानवर, सवाल उठाने से अवैध नहीं हो जाते सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जामनगर स्थित वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में जानवरों की खरीद-बिक्री नियमों के दायरे में हुई है। इस सेंटर को अंबानी परिवार का रिलायंस फाउंडेशन चलाता है। कोर्ट ने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। पूरी खबर पढ़ें…

कर्नाटक में दो हाथियों की लड़ाई में पर्यटक की मौत:महिला हाथियों को नहाते देख रही थी, उनके नीचे दबी; बच्चे सहित दो लोग बाल-बाल बचे

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धनिया से लेकर केला तक… डायलिसिस मरीजों के लिए जहर है ये चीजें! एक्सपर्ट से बताया- क्या खाना फायदेमंद

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होमताजा खबरlifestyle धनिया से लेकर केला तक… डायलिसिस मरीजों के लिए जहर है ये चीजें! Last Updated:May 18, 2026, 16:46 IST Dehradun News: डायलासिस या किडनी के मरीजों में यूरिया और क्रिएटिनिन ज्यादा बढ़ जाता है. जिन लोगों का क्रिएटिनिन 2 से ज्यादा बढ़ जाता है और यूरिया में भी 60 से ज्यादा वृद्धि हो जाती है, इसका मतलब आपको संभलने की जरूरत है. एक्सपर्ट ने इसको लेकर खास जानकारी दी है और बताया है कि ऐसे लोगों को किन बातों का ध्यान देने की जरूरत है. देहरादून: आज के समय में कई मरीज किडनी में दिक्कत के चलते डायलिसिस पर चले जाते हैं. वहीं कुछ लोगों को मूत्र और किडनी रोग होते हैं. वहीं इंसान के शरीर में शुगर लेवल की तरह पोटेशियम लेवल भी होता है. अगर गलत खानपान होता है तो लोगों के शरीर में पोटेशियम लेवल बढ़कर बहुत गम्भीर रूप ले लेता है. वहीं डायलासिस पर जाने वाले लोगों को भी डाइट का ध्यान रखना चाहिए. किडनी के मरीज ही नहीं, पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होने पर दिल की धड़कनें अनियमित हो सकती हैं, जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट या दिल का दौरा पड़ने का खतरा रहता है. डायलासिस या किडनी के मरीजों के लिए जहरदेहरादून के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि डायलासिस या किडनी के मरीजों में यूरिया और क्रिएटिनिन ज्यादा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का क्रिएटिनिन 2 से ज्यादा बढ़ जाता है और यूरिया में भी 60 से ज्यादा वृद्धि हो जाती है, इसका मतलब आपको संभलने की जरूरत है. डाइट अगर सही से ली जाए तो किडनी को बचाया जा सकता है, वरना आपकी गलत डाइट आपके लिए जहर साबित हो सकती है. उन्होंने कहा कि किडनी और डायलिसिस के मरीजों के लिए वह चीजें खतरनाक हैं, जिनमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा पाई जाती है. उन्होंने कहा कि धनिया, आलू, टमाटर, केला, संतरा, आम, पालक जैसी चीजों को खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें पोटेशियम की अधिक मात्रा में पाई जाती है. सब्ज़ियों को उबालकर पकाने से पोटेशियम कम हो जाता है. इसके बढ़ने से आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और त्वचा में भयानक खुजली की समस्या हो सकत है. पोटेशियम लेवल बढ़ने से किडनी फंक्शन में दिक्कत होती है और शरीर में टॉक्सिन्स का स्तर तेजी से बढ़ सकता है. दिल का दौरा पड़ने का खतराउन्होंने कहा है कि जरूरत से ज्यादा पोटेशियम सिर्फ किडनी को ही नुकसान नहीं पहुंचता, इससे आपको गंभीर समस्याएं जैसे उल्टी, थकान, हड्डियों में कमजोरी, फेफड़ों में पानी भरना और जानलेवा दिल का दौरा तक का खतरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि आप अपनी डाइट में गाजर, मूली, पत्ता गोभी, ब्लू बेरी, अनार, सेब, अनानास और फ्रेंच बीन शामिल कर सकते हैं, जो आपके लिए फायदेमंद है. किडनी के मरीजों को मछली, रेड मीट, राजमा, रिफाइंड ,देसी घी, बटर,उड़द और छोले के सेवन से बचना चाहिए. खाना बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी का कच्ची घानी का सरसों का तेल यूज करना चाहिए. इसके अलावा आप एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का उपयोग भी कर सकते हैं. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Dehradun,Uttarakhand Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

संगीत- फैशन की दुनिया में चमका एस्टन विला का खिलाड़ी:इंग्लैंड के 30 वर्षीय कोर्टनी हॉस; अपराधियों के हमले ने छीना फुटबॉल करियर

संगीत- फैशन की दुनिया में चमका एस्टन विला का खिलाड़ी:इंग्लैंड के 30 वर्षीय कोर्टनी हॉस; अपराधियों के हमले ने छीना फुटबॉल करियर

एक समय था, जब इंग्लैंड के फुटबॉल मैदानों में कोर्टनी हॉस का नाम गूंजता था। प्रीमियर लीग में खेलना, लाखों पाउंड की कमाई, बड़े स्टेडियमों की चमक और दुनिया भर में पहचान, यह सब उनके जीवन का हिस्सा था। लेकिन अब वही खिलाड़ी फुटबॉल से दूर, माइक्रोफोन के सामने खड़ा होकर अपने नए सपनों को आवाज दे रहा है। 30 वर्षीय कोर्टनी हॉस की कहानी सिर्फ एक फुटबॉलर की नहीं, बल्कि संघर्ष, दर्द और फिर नई शुरुआत की कहानी है। इंग्लैंड के क्लब एस्टन विला के लिए खेलने वाले इस डिफेंडर ने करियर में कई बड़े पल देखे। मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में विजयी गोल करना सबसे यादगार पल बना। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। साल 2018 में क्रिसमस के दौरान लंदन में परिवार से मिलने गए हॉस का कुछ अपराधियों ने पीछा किया। घर पहुंचते ही उन पर हमला हुआ। सिर पर बोतल से वार किया गया। खून से लथपथ हालत में वह किसी तरह अस्पताल पहुंचे। उस रात उन्होंने सिर्फ अपना करियर नहीं, बल्कि अपनी जान भी लगभग खो दी थी। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। फुटबॉल खेलना जारी रखा, लेकिन शरीर अब उनका साथ छोड़ने लगा था। कभी ग्रोइन इंजरी, कभी एंकल और फिर घुटने की गंभीर समस्या। चोटें बढ़ती गईं और मैदान पर उनका समय कम होता गया। 2022 में वह वॉटफोर्ड क्लब गए, उम्मीद थी कि करियर पटरी पर लौटेगा। लेकिन घुटने की चोट ने सब खत्म कर दिया। लगातार सर्जरी हुईं, रिहैब चला, लेकिन वापसी नहीं हो सकी। दो साल तक उन्होंने प्रोफेशनल मैच नहीं खेला। आखिरकार एस्टन विला ने भी उनका साथ छोड़ दिया। जहां कई खिलाड़ी ऐसे समय में टूट जाते हैं, वहीं हॉस ने खुद को नए रास्ते पर खड़ा किया। फुटबॉल से दूर होने के बाद उन्होंने संगीत को चुना, जो उनका बचपन का प्यार था। अब वह ‘कोर्टनी हॉस’ नहीं, बल्कि ‘कोर्ट्स’ के नाम से पहचाने जाना चाहते हैं। अब उनका इंस्टाग्राम फुटबॉल नहीं, बल्कि म्यूजिक वीडियो और गानों से भरा है। जल्द ही उनका नया एल्बम आने वाला है। इसके साथ ही वह ‘ब्लाइंडेड माइंड्स’ नाम से कपड़ों का ब्रांड भी लॉन्च कर रहे हैं। कभी प्रीमियर लीग का डिफेंडर रहा यह खिलाड़ी जिंदगी के नए मैदान में उतर चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब उसके हाथ में फुटबॉल नहीं, बल्कि माइक्रोफोन है। लेकिन जज्बा वही पुराना है- गिरकर फिर उठने का। हॉस के परिवार में सभी संगीत के शौकीन हॉस का परिवार संगीत के बेहद करीब रहा है। सात भाइयों वाले परिवार में सभी माइकल जैक्सन, अशर, क्रिस ब्राउन जैसे कलाकारों के गाने सुना करते थे। परिवार की पार्टियों में सभी भाई मिलकर गाते थे और बचपन में उन्हें लगता था कि वे ‘जैक्सन फाइव’ का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें रैप, आर एंड बी, क्लासिकल, इंडी और रॉक सहित हर तरह का संगीत पसंद है। हालांकि, उन्होंने आर एंड बी को इसलिए चुना क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी आवाज इस शैली के लिए सबसे बेहतर है।

इमली की चटनी रेसिपी: गरमा गरम चाट-पकौड़ी का मजा होगा दोगुना, घर पर खास हलवाई स्टाइल इमली की चटनी, नोट करें रेसिपी

इमली चटनी रेसिपी

18 मई 2026 को 16:06 IST पर अद्यतन किया गया इमली की चटनी रेसिपी: गर्मियों में अगर आप समोसे, कचौड़ी, चाट या पकौड़े का स्वाद लेना चाहते हैं, तो घर पर बनी खट्टी-मीठी इमली की रेसिपी सबसे बेहतरीन है। यह चिप्स स्वाद में बिल्कुल हलवाई स्टाइल में दिखता है और इसे बनाना भी बेहद आसान है। खास बात यह है कि सही तरीके से स्टोर करने पर 2 से 3 महीने तक बुरा नहीं होता। आइये जानते हैं इसकी आसान रेसिपी के बारे में। अनुसरण करना : सामग्री 150 ग्राम इमली 150 गुड़ ग्राम 1 से 2 चीनी चीनी 2 कप गरम पानी 1 मूल तेल आधा भाग जीरा 2 चुटकियाँ आधा आधा दरदारी पिसी सौंफ 1 काली मिर्च पाउडर आधा काला नमक स्वाद नमक आधा सोंठ छवि: फ्रीपिक सबसे पहले इमली को 20 से 30 मिनट तक गर्म पानी में अकेलाकर रख दें। इसके बाद हाथों से अच्छी तरह से मसलकर गूदा निकाला जाता है। अब छलनी की मदद से इसे अच्छा लें ताकि रेशे और बीज अलग-अलग हो जाएं। छवि: फ्रीपिक कड़ाही में 1 मसाला तेल गर्म करके, तड़का लगाने के लिए इसमें जीरा, हींग और दारदारी पिसी सौंफ मॉड्यूल पाइलन भून लें। आईमली की पल्प दाल डे और मूर्ति की आने तक की तैयारी हो गई। छवि: फ्रीपिक इमली के गूदे में गुड़ और चीनी डालें। गुड़ के अच्छे प्रकार के पिघलने के बाद रात्री लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, सादा नमक, सोंठ पाउडर और खरबूजे के बीज की दाल दें। सभी विकलांगों को अच्छी तरह से मध्यम आकार के बेंचमार्क पर ग्रेड। छवि: फ्रीपिक लगभग 5 से 7 मिनट तक अंतिम संस्कार पर अंतिम मिनट तक। जब मॅकॅमिनेशन पर अच्छी तरह का कोट होने लगे, तब गैस बंद कर दे। ध्यान रखें कि अनैतिकता के बाद लालच और अधिकता हो जाती है। छवि: फ्रीपिक पूरी तरह से निजीकरण के बाद इसे एयर टाइट कांचन के जार में पिज्जा में रखा गया। इसे सही तरीके से स्टोर करके 2 से 3 महीने तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 18 मई 2026 को 16:06 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)इमली चटनी रेसिपी(टी)इमली चटनी रेसिपी(टी)मीठी इमली चटनी(टी)हलवाई स्टाइल चटनी(टी)भारतीय चटनी रेसिपी(टी)खट्टी मीठी चटनी(टी)स्ट्रीट फूड चटनी(टी)घर का बना इमली सॉस(टी)इमली की चटनी कैसे बनाएं(टी)आसान चटनी रेसिपी

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कतर का गैस निर्यात ठप:इकोनॉमी 8.6% गिर सकती है; यहां से ही भारत का सबसे ज्यादा LPG आयात

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कतर का गैस निर्यात ठप:इकोनॉमी 8.6% गिर सकती है; यहां से ही भारत का सबसे ज्यादा LPG आयात

कतर फारस की खाड़ी में मौजूद एक छोटा-सा रेगिस्तानी देश था, जहां ज्यादातर लोग मोती निकालने और समुद्र से जुड़े छोटे-मोटे कारोबार पर निर्भर थे। फिर प्राकृतिक गैस ने इस देश की किस्मत पूरी तरह बदल दी। कतर ने 90 के दशक में बड़े पैमाने पर LNG यानी लिक्विफाइट नैचुरल गैस बनाकर उसे होर्मुज स्ट्रेट के जरिए दुनियाभर में भेजना शुरू किया। इससे उसे हर साल अरबों डॉलर की कमाई होने लगी। सिर्फ 30 साल में वह दुनिया के सबसे अमीर देशों में शामिल हो गया। लेकिन 28 फरवरी के बाद अचानक सब बदल गया। जंग शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया और कतर की दुनिया तक पहुंच लगभग कट गई है। युद्ध और तनाव की खबरों ने पर्यटन और कारोबार पर भी असर डाला है। इससे देश में मंदी का खतरा बढ़ गया है। भारत भी कतर से भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस खरीदता है। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, भारत की कुल LNG आयात का करीब 40% से 47% हिस्सा कतर से आया है। गैस को लिक्विड में बदला, फिर बदली किस्मत कतर में 1971 में नॉर्थ फील्ड नाम का विशाल गैस भंडार मिला था। इसे दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में गिना जाता है। तब दुनिया में ज्यादातर देशों तक गैस पाइपलाइन के जरिए पहुंचाई जाती थी। समस्या यह थी कि कतर एक छोटा-सा खाड़ी देश है और उससे सीधे यूरोप या एशिया तक पाइपलाइन बिछाना बेहद महंगा और मुश्किल था। तब कतर ने एक बड़ा दांव खेला। उसने अपनी प्राकृतिक गैस को बहुत ज्यादा ठंडा करके तरल, यानी लिक्विड बनाने की तकनीक अपनाई। इसमें गैस को करीब माइनस 162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाता है। इतना ठंडा होने पर गैस सिकुड़कर तरल बन जाती है और उसका आकार करीब 600 गुना छोटा हो जाता है। यही LNG यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस कहलाती है। इससे गैस को पाइपलाइन की बजाय जहाजों से दुनियाभर में भेजना संभव हो गया। 30 साल पहले जापान के भेजी LNG की पहली खेप यहीं से कतर एक ऊर्जा महाशक्ति बनकर उभरा। 1996 में जापान को 60 हजार टन LNG की पहली खेप भेजी गई। इसके बाद उत्पादन तेजी से बढ़ा और 2010 तक कतर की क्षमता 7.7 करोड़ टन सालाना पहुंच गई। कतर की 60 फीसदी से ज्यादा कमाई गैस और उससे जुड़े कारोबार से होती रही। इस कमाई ने कतर के रेगिस्तान की तस्वीर बदल दी। जहां कभी कच्ची सड़कें और खाली रेतीले मैदान थे, वहां आज ऊंची-ऊंची कॉर्पोरेट इमारतें, चौड़ी सड़कें और आधुनिक शहर खड़े हैं। शहरों में ऐसी सिंचाई व्यवस्था बनाई गई कि रेगिस्तान के बीच भी हरियाली, घास और चमकीले फूल दिखाई देने लगे। दोहा जैसे शहर आधुनिक महानगरों में बदल गए। कतर ने मेट्रो नेटवर्क बनाया, जो राजधानी दोहा को उत्तर में बसे लुसैल शहर से जोड़ता है। लुसैल में पेरिस जैसे डिजाइन वाला विशाल मॉल बनाया गया और कृत्रिम बर्फ वाला थीम पार्क भी तैयार किया गया। कतर ने साल 2022 में दुनिया का सबसे महंगा फुटबॉल वर्ल्ड कप आयोजित किया। इतना ही नहीं, उसने करीब 600 अरब डॉलर का सॉवरेन वेल्थ फंड बनाया, जिसने लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट, न्यूयॉर्क की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग और दुनिया भर की बड़ी संपत्तियों में निवेश किया। रस लाफान सिटी बनाने के बाद अमीर हुआ कतर कतर की आर्थिक सफलता में रस लाफान की बहुत बड़ी भूमिका रही है। इसे कतर की गैस इकोनॉमी का दिल माना जाता है। दोहा से 80 किमी उत्तर रेगिस्तान में बसे इस इंडस्ट्रियल सिटी की वजह से कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में शामिल हुआ। यह 100 वर्ग मील से ज्यादा इलाके में फैला हुआ है। यहां गैस प्रोसेसिंग और LNG प्लांट बने हैं। दोहा के दक्षिणी हिस्से में समुद्र किनारे लंबी औद्योगिक पट्टी बनाई गई, जहां गैस से अमोनिया और खाद तैयार की जाती है। 1990 से 2010 के बीच कतर की अर्थव्यवस्था हर साल औसतन 13 फीसदी की दर से बढ़ी। इस तेज विकास के लिए देश ने बड़ी संख्या में विदेशी मजदूर और पेशेवर कर्मचारियों को बुलाया। आज कतर की 32 लाख आबादी में करीब 90 फीसदी लोग विदेशी नागरिक हैं। इस सफलता को और बढ़ाने के लिए कतर ने 2019 में घोषणा की कि वह 2027 तक LNG उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 12.6 करोड़ टन सालाना करेगा। युद्ध से पहले उसकी क्षमता करीब 7.7 करोड़ टन थी। यह विस्तार दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं में गिना जा रहा था। लेकिन जंग की वजह से यह सब रुक गया है। ईरान की हमले से कतर के रस लाफान को नुकसान हाल के युद्ध में ईरान ने इसे निशाना बनाया। मिसाइलों और ड्रोन हमलों में रस लाफान के कुछ महत्वपूर्ण उपकरणों को नुकसान पहुंचा, जिससे कतर की गैस उत्पादन क्षमता करीब 17 फीसदी घट गई। इसी वजह से यह इलाका अब कतर की सबसे बड़ी चिंता भी बन गया है। कतर का सबसे बड़ा गैस उत्पादन केंद्र रस लाफान लगभग बंद पड़ा है। वहां की सड़कें बंद कर दी गई हैं। राजधानी दोहा के दक्षिण में बने विशाल हमाद पोर्ट पर लोडिंग क्रेन खामोश खड़ी हैं। जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है। राजधानी के होटल, लग्जरी दुकानें और बाजार खामोश हैं। एशिया ग्रुप नाम की रणनीतिक सलाहकार कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अहमद हेलाल ने कहा कि कतर की पूरी अर्थव्यवस्था गैस निर्यात पर टिकी हुई है। उनके मुताबिक, “आज कतर में जो कुछ भी दिखाई देता है, वह ऊर्जा से आई दौलत की वजह से बना है। इसी कारण देश अब बेहद मुश्किल आर्थिक स्थिति की तरफ बढ़ रहा है।” होर्मुज बंद हुआ तो दुनिया से दूर हुआ कतर होर्मुज कतर के लिए जरूरी सामान लाने का जरिया है। कारें, मशीनें, फल-सब्जियां और बाकी रोजमर्रा का सामान भी इसी रास्ते आता है। अब यह सप्लाई रुक चुकी है। सऊदी अरब और UAE जैसे पड़ोसी देशों के पास ऐसे पाइपलाइन रास्ते हैं जो होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर नहीं हैं। लेकिन कतर पूरी तरह इसी जलमार्ग में फंसा हुआ है। ईरानी नाकेबंदी शुरू होने के सिर्फ 24 घंटे बाद कतर एनर्जी ने कहा कि वह अपने गैस सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट पूरे नहीं कर पाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर होर्मुज कल भी खुल जाए, तब