Wednesday, 14 Oct 2026 | 06:29 PM

Trending :

'दृश्यम 3' की कमाई 500 करोड़ पार:इस क्लब में शामिल होने वाली अजय देवगन की पहली फिल्म; 2026 की दूसरी सबसे हिट फिल्म बनी 'दृश्यम 3' की कमाई 500 करोड़ पार:इस क्लब में शामिल होने वाली अजय देवगन की पहली फिल्म; 2026 की दूसरी सबसे हिट फिल्म बनी राष्ट्रपति भवन में दिखाई जा सकती है फिल्म ‘रामायण’:दावा- राजनीतिक नेताओं के लिए स्क्रीनिंग की तैयारी; अनुमतियां लेने में जुटे मेकर्स Aneet Padda Birthday Party | Alia Bhatt, Aahan Pandey Attend Celebration अनीत पड्डा ने अहान पांडे के साथ सेलिब्रेट किया बर्थडे:आलिया भी पहुंचीं; आलम खान ने शेयर की तस्वीरें, बाद में डिलीट की पोस्ट UK 07 राइडर- घर में घुसकर की मारपीट, FIR दर्ज:आईफोन-ब्लूटूथ हेडसेट छीना; बंदूक दिखाकर बीमार मां के सामने मारे थप्पड़
EXCLUSIVE

खीरा भंडारण युक्तियाँ: खीरा भंडारण करने का सही तरीका क्या है? ना करें ये सॉफ्ट, फ़रिश्ते में भी मोनोकर हो जाएगा ख़राब

ककड़ी भंडारण युक्तियाँ

17 मई 2026 को 13:20 IST पर अपडेट किया गया लोग अक्सर बाज़ार से खेडा खरीदकर सीधे फ़र्ज़ी में रख देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आम औषधि आपके समय से पहले खराब, बेजान और बेकार हो सकती है? असल में, खेडा बहुत अधिक ठंडक निरीक्षण नहीं कर पाता। अगर आप भी लंबे समय तक फिश और क्रैंची रखना चाहते हैं तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं। अनुसरण करना : खेड़ा स्टोर करने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ करना जरूरी है ताकि किताबें न लगें। बाजार से सामान के बाद खेडों को पानी से इकट्ठा करना। उन्हें स्टोर करने से पहले पूरी तरह से सुखा लें। छवि: मेटा एआई प्लास्टिक को प्लास्टिक की ट्रॉली में सीधे न रखें। उन्हें पेपर तौलिया या सूती कपड़े में लपेटकर रखें। छवि: मेटा एआई सूखे को क्रिस्पर ड्राअर के बजाय फ़्रिज़ के ऊपरी प्रोटोटाइप पर रखा गया। इसके बिल्कुल पीछे सटाकर न रखें, वहां सबसे ज्यादा ठंड होती है। छवि: मेटा एआई मिठाई को कभी भी टमाटर, सेब या केले के साथ न रखें। ये फल एथिलीन गैस के बर्तन हैं जिनसे खेडा जल्दी पीला पड़ जाता है और दागने लगता है। छवि: मेटा एआई अगर आप जिप-लॉक बैग में जिप-लॉक बैग रख रहे हैं, तो इसमें एक स्टील का डिजिटल डिजायन भी शामिल है। इससे पहले सप्ताह भर तक ताज़ा बना रहता है। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 17 मई 2026 13:20 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)खीरा भंडारण युक्तियाँ(टी)अंग्रेजी: खीरे को कैसे स्टोर करें(टी)खीरे को ताजा रखें(टी)खीरा फ्रिज में रखें(टी)ग्रीष्मकालीन रसोई युक्तियाँ(टी)खीरे को खराब होने से बचाएं(टी)कागज तौलिया विधि(टी)प्लास्टिक रैप भंडारण

दूसरा टेस्ट- पाकिस्तान ने लंच तक 4 विकेट गंवाए:बाबर-सलमान क्रीज पर; तस्कीन ने ओपनर्स को पवेलियन भेजा

दूसरा टेस्ट- पाकिस्तान ने लंच तक 4 विकेट गंवाए:बाबर-सलमान क्रीज पर; तस्कीन ने ओपनर्स को पवेलियन भेजा

पाकिस्तान के बांग्लादेश दौरे का दूसरा टेस्ट सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। रविवार को मैच के दूसरे दिन पाकिस्तान ने लंच तक 96 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। बाबर आजम और सलमान आगा क्रीज पर हैं। दिन की शुरुआत में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने ओपनर अब्दुल्लाह फजल को 9 और अजान ओवैस को 13 रन पर आउट किया। मेजबान बांग्लादेश मैच पर नियंत्रण बनाए हुए है। पाकिस्तान अभी भी बांग्लादेश की पहली पारी के 278 रन से 182 रन पीछे है। मेजबान टीम पहली पारी में 278 रन पर ऑलआउट हुई थी। पहला टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तान के लिए सीरीज बराबर करने के लिहाज से यह मुकाबला अहम है। तस्कीन अहमद ने आते ही झटके दो विकेट पाकिस्तान ने 21/0 के स्कोर से खेल शुरू किया। लेकिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद (2-30) ने पहले दो ओवरों में ही दोनों ओपनर्स को पवेलियन भेजकर पाकिस्तान को संकट में डाल दिया। पहले टेस्ट में 2 अर्धशतक लगाने वाले अब्दुल्ला फजल 9 रन बनाकर विकेटकीपर लिटन दास को कैच दे बैठे। वहीं, ढाका टेस्ट के शतकवीर अजान ओवैस को तस्कीन ने स्विंग गेंद पर शॉर्ट-लेग में मोमिनुल हक के हाथों कैच कराया। मेहदी हसन ने तोड़ी साझेदारी शुरुआती झटकों के बाद कप्तान शान मसूद और बाबर आजम ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 38 रन की साझेदारी हुई, लेकिन ऑफ स्पिनर मेहदी हसन (2-14) ने यह जोड़ी तोड़ दी। शान मसूद (21 रन) मेहदी की शॉर्ट गेंद पर शॉर्ट कवर में कैच आउट हुए। इसके बाद मेहदी ने सऊद शकील (8 रन) को भी आउट कर पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दीं। बाबर आजम पर टिकीं उम्मीदें बाएं घुटने की चोट के कारण पहला टेस्ट नहीं खेल सके बाबर आजम एक छोर पर टिके हुए हैं। लंच तक बाबर 37 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि आगा सलमान 6 रन पर खेल रहे हैं। पाकिस्तान को मैच में बनाए रखने की जिम्मेदारी अब इस जोड़ी पर है। ————————————————— सिलहट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हसन अली के सिर में चोट, स्ट्रेचर पर बाहर गए; ठीक होने पर दोबारा गेंदबाजी की पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली को बांग्लादेश के खिलाफ आज से शुरू हुए दूसरे टेस्ट के दौरान सिर पर चोट गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान टीम के लिए राहत की बात यह रही कि वे कुछ समय बाद ही मैदान पर लौट आए और दोबारा गेंदबाजी शुरू कर दी। पढ़ें पूरी खबर

पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के नाम बदले गए:लाहौर का इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक

पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के नाम बदले गए:लाहौर का इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक

पाकिस्तान के पंजाब सूबे में कहावत है ‘जिन्ने लाहौर नहीं वेख्या, ओ जमिया ही नहीं’ (जिसने लाहौर नहीं देखा, उसका जन्म ही नहीं हुआ)। अमृतसर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाहौर दशकों तक इस्लामीकरण के शिकंजे में रहने के बाद जड़ों की ओर लौट रहा है। दो महीने के भीतर लाहौर में 9 जगहों के इस्लामी नाम फिर से मूल हिंदू या ब्रिटिश विरासत पर रखे गए हैं। इनमें इस्लामपुरा अब अपने पुराने नाम कृष्णनगर और बाबरी मस्जिद चौक अब पुराने जैन मंदिर चौक के नाम से आधिकारिक रूप से जाना जाएगा। इनके बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। खास बात यह भी है कि इस बदलाव के खिलाफ वहां कोई कट्‌टरपंथी मोर्चा भी नहीं खोल पाया। पंजाब सूबे की सीएम मरियम नवाज के अनुसार परकोटा शहर लाहौर के आठों दरवाजे जिनमें दिल्ली गेट भी शामिल है, उसका भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार नाम प​रिवर्तन के दूसरे चरण में पाकिस्तान के सिंध और खैबर पख्तूनख्वाह प्रांतों में भी मूल नामों का ऐलान किया जा सकता है। इनके मूल नाम फिर बहाल – इस्लामपुरा फिर से कृष्णनगर – सुन्नतनगर फिर से संतनगर – मौलाना जफर चौक फिर से लक्ष्मी चौक – बाबरी मस्जिद चौक फिर से जैन मंदिर चौक – मुस्तफाबाद फिर से धर्मपुरा – सर आगा खान चौक फिर से डेविस रोड – अल्लामा इकबाल रोड फिर से जेल रोड – फातिमा जिन्ना रोड फिर से क्वींस रोड – बाग-ए-जिन्ना फिर से लॉरेंस रोड – मुस्तफाबाद को भी फिर से मिला पुराना नाम धर्मपुरा लक्ष्मी चौक… हमारी विरासत का हिस्सा लाहौर की बीकनहाउस यूनिवर्सिटी के लेक्चरर साद मलिक कहते हैं- यह वाकई सुखद बदलाव है। मैं इसे हमेशा लक्ष्मी चौक ही कहता रहा, क्योंकि मेरे पिता इसे इसी नाम से बुलाते थे। साद कहते हैं म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने अपने कागजों में भले ही इसका नाम मौलाना जफर अली चौक कर दिया हो, लेकिन मेरे और मेरे जैसे कई लोगों के लिए लक्ष्मी चौक उस विरासत का हिस्सा है, जिसे जफर अली खान के नाम से कोई लेना-देना नहीं है। लक्ष्मी चौक पीढ़ियों से जुड़ा हुआ नाम है। जैन मंदिर… नाम से ईमान पर आंच नहीं जैन मंदिर के पास के अनारकली इलाके के मौलाना वाजिद कादरी का मानना है कि इस्लाम को किसी मंदिर या गुरुद्वारे से समस्या नहीं है। 1990 के दशक में जैन मंदिर चौक का नाम बदलकर बाबरी मस्जिद चौक कर दिया गया। ये सियासी फैसला था। हमने कभी इसे बाबरी मस्जिद चौक नहीं बोला। हमें यह समझना होगा कि जिन पूर्वजों ने ये हिंदू नाम रखे थे, वे भी मुसलमान ही थे, और इससे उनके ईमान पर आंच नहीं आई थी। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है नवाज के दौर में बदले थे कई नाम…बेटी अब दुरुस्त कर रही; इमरान खान को नाम बदली से परहेज था नाम बदलने का दौर कब शुरू हुआ? पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ और पंजाब की सीएम मरियम नवाज ने 19 मार्च को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इसमें लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल (एलएचएआर) प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। लाहौर के नए नामों को फिर से पुराने हिंदू या ब्रिटिश विरासत के दौर के नाम पर रखने का फैसला लिया गया था। नवाज और मरियम का क्या कहना था? नवाज शरीफ का कहना था कि हमें यूरोप से सीख लेनी चाहिए। वे ऐतिहासिक नामों से छेड़छाड़ नहीं करते हैं। लाहौर के पुराने नाम हमारा इतिहास हैं, इसे हमें सहेजना है, बदलना नहीं है। मरियम का कहना था कि लाहौर का इतिहास ही इसकी पहचान है। पुराने नाम और इमारतें इसका सबूत हैं। कट्‌टरपंथियों का क्या रवैया रहा? कट्‌टरपंथ के नाम पर सड़कों पर उत्पात मचाने के लिए कुख्यात तहरीक-लब्बैक-पाकिस्तान (टीएलपी) को मरियम सरकार ने बैन कर रखा है। इसलिए कोई विरोध नहीं हुआ। लश्कर-ए-तैयबा ने भी मूल नाम रखने का कोई विरोध नहीं किया है। नाम बदली किसके दौर में हुई? लाहौर में नाम बदलने की कवायद 1990 के दशक में बाबरी मस्जिद के ढांचे को गिराने के बाद हुई। उस दौर में केंद्र में नवाज शरीफ, फिर बेनजीर और परवेज मुशर्रफ की सरकारें रहीं। 2018 से 2022 तक पीएम रहे इमरान खान के समय में नाम बदलने का दौर नहीं चला।

ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा:सरकार ने लोगों से जंग के लिए तैयार रहने को कहा, गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे

ईरान के बाद क्यूबा पर अमेरिकी हमले का खतरा बढ़ा:सरकार ने लोगों से जंग के लिए तैयार रहने को कहा, गुरिल्ला लड़ाई सिखा रहे

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ की हवाना यात्रा के बाद क्यूबा में अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ गई है। क्यूबा सरकार ने संभावित सैन्य टकराव को देखते हुए युद्ध जैसी तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर में लोगों को गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जा रही है और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, हवाना में कई सरकारी इमारतों को संभावित अमेरिकी हमले की स्थिति में तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। क्यूबा लंबे समय से अमेरिकी तेल नाकेबंदी और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में बिजली कटौती, ईंधन संकट और जरूरी सामानों की कमी बनी हुई है। लोगों को गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा क्यूबा के सरकारी मीडिया में आम नागरिकों को सैन्य प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लोगों को पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की ‘पूरी आबादी की लड़ाई’ की रणनीति के तहत गुरिल्ला युद्ध सिखाया जा रहा है। कुछ वीडियो में सैनिक पुराने सोवियत हथियारों के साथ अभ्यास करते दिखाई दिए। एक वीडियो में एंटी-एयरक्राफ्ट गन को बैलों से खींचते हुए भी दिखाया गया। सैन्य इतिहासकार हाल क्लेपाक ने CNN से कहा कि आधुनिक हथियारों की कमी के बावजूद क्यूबा की सेना अमेरिकी हमले का लंबा प्रतिरोध कर सकती है। उनके मुताबिक, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी क्यूबा ने बड़े स्तर पर लोगों को संगठित करने की क्षमता दिखाई है। इसी हफ्ते क्यूबा पहुंचे थे अमेरिकी खुफिया चीफ अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के प्रमुख जॉन रैटक्लिफ इस हफ्ते क्यूबा की राजधानी हवाना पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक वे ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका’ लिखे हुए विमान से पहुंचे थे, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। कई क्यूबाई लोगों ने इसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना। क्यूबा सरकार लंबे समय से CIA को दुश्मन मानती रही है। 1960 के दशक में फिदेल कास्त्रो की हत्या के लिए CIA ने विस्फोटक सिगार और जहरीले स्कूबा सूट जैसी योजनाएं बनाई थीं। क्यूबा में CIA की गतिविधियों से जुड़े संग्रहालय भी मौजूद हैं। क्यूबा मामलों के विशेषज्ञ पीटर कॉर्नब्लुह ने CNN से कहा कि यह इतिहास की बड़ी विडंबना है। उनके मुताबिक, रैटक्लिफ क्यूबा को ऐसा प्रस्ताव देने पहुंचे थे, जिसे ठुकराना मुश्किल हो। उन्होंने इसे दबाव वाली कूटनीति बताया। अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली तेल सप्लाई रोकी जनवरी से ही अमेरिका ने वेनेजुएला से क्यूबा को हो रही तेल सप्लाई को लगभग रोक दिया है। दूसरे देशों को भी चेतावनी दी जा रही है कि वे क्यूबा को तेल न दें। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को भी रोक लिया। इसका असर क्यूबा में साफ दिख रहा है। 9 जनवरी के बाद से वहां कोई बड़ी तेल सप्लाई नहीं पहुंची है। वहां हालात तेजी से खराब हो रहे हैं। क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल करीब 35 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया है रोजाना बिजली कट रही है। अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं। दवाइयों की कमी हो रही है और खाने की समस्या बढ़ रही है। इन हालात में क्यूबा की सरकार पर दबाव बढ़ गया है। क्यूबा में निवेश का मौका बनाना चाहते हैं ट्रम्प ट्रम्प क्यूबा को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कारोबारी नजरिए से भी देख रहे हैं। वह पहले से ही इस द्वीप में निवेश की संभावना देखते रहे हैं। 1998 में उनकी कंपनी ने चुपचाप क्यूबा का दौरा कराया था। 2011-12 में भी उनके संगठन के लोग वहां गोल्फ कोर्स बनाने की संभावनाएं देख चुके हैं। 2016 के चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प ने कहा था कि क्यूबा निवेश के लिए अच्छा मौका हो सकता है। अब उन्होंने फिर कहा, “वे हमसे बात कर रहे हैं। यह एक असफल देश है। उनके पास न पैसा है, न तेल, कुछ भी नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने क्यूबा की जमीन और मौसम की तारीफ भी की और इसे एक सुंदर द्वीप बताया। लेकिन उनके बयान से यह भी दिखा कि उन्हें भौगोलिक जानकारी पूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्यूबा तूफानों (हरिकेन) के क्षेत्र में नहीं आता, जबकि हकीकत में क्यूबा अक्सर हरिकेन से प्रभावित होता है। अंत में ट्रम्प ने ऐसे संकेत दिए जैसे क्यूबा पहले से ही अमेरिका की संपत्ति हो। उन्होंने कहा, “उन्हें हर हफ्ते तूफान के लिए हमसे पैसे नहीं मांगने पड़ेंगे।” आजाद होने के बाद क्यूबा को कंट्रोल करता था अमेरिका 1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध के बाद क्यूबा स्पेन से आजाद हुआ, लेकिन असली कंट्रोल अमेरिका के हाथ में चला गया। अमेरिका ने क्यूबा की राजनीति, सेना और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर रखा। वहां की जमीन, चीनी उद्योग और कारोबार में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा था। साल 1959 में क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो ने अपने गोरिल्ला सैनिकों के साथ मिलकर तानाशाह बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। बतिस्ता एक तानाशाह था। उसके खिलाफ लड़ाई के दौरान अमेरिका ने ही फिदेल कास्त्रो का समर्थन किया था। अमेरिकी अखबारों में कास्त्रो के इंटरव्यू छपते थे। सत्ता हासिल करने के बाद कास्त्रो ने बड़े बदलाव किए। उन्होंने देश में कम्युनिस्ट नीति अपनाई। अमेरिकी कंपनियों की संपत्ति जब्त कर ली और जमीन और उद्योग को सरकार के नियंत्रण में लिया। US ने प्रतिबंध लगाया तो सोवियत संघ का करीबी बना क्यूबा अमेरिका ने जवाब में क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए। व्यापार बंद कर दिया और तेल और जरूरी सामान की सप्लाई रोक दी। इससे क्यूबा की इकोनॉमी खराब होने लगी। इसके बाद क्यूबा ने सोवियत संघ (रूस) की तरफ रुख कर लिया। इस वजह से अमेरिका और क्यूबा के संबंध और खराब होते चले गए। इन दोनों के संबंध इतने खराब थे कि 55 साल तक कोई अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा गया ही नहीं। ये सिलसिला 2015 में तब खत्म हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बराक ओबामा क्यूबा गए, लेकिन तब तक फिदेल की जगह क्यूबा में उनके भाई राउल सत्ता संभाल चुके थे। अमेरिका ने कास्त्रो को मारने की 600 बार कोशिश की थी फिदेल कास्त्रो को अमेरिका अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक मानता था। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने फिदेल कास्त्रो को मारने के लिए 60 साल में 600 से ज्यादा बार असफल कोशिश की।

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने सबसे पहली महंगी चीज अपने पिता के लिए खरीदी थी। एक्टर ने कहा कि उन्होंने पिता के लिए रोलेक्स की घड़ी खरीदी थी। वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा, ‘जब मैंने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया तो मेरे पिता ने वही घड़ी मुझे पहनने के लिए दे दी। उस समय मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, लेकिन मुझे अपने पिता के लिए वह घड़ी पसंद आई थी।’ उन्होंने बताया कि उस समय उस घड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपए थी। सलमान के पास सिर्फ 4 लाख रुपए थे। बाकी पैसे उन्होंने उधार लेकर वह घड़ी खरीदी थी और अपने पिता को दी थी। घड़ी देखकर सलीम खान ने डांट लगाई थी सलमान ने आगे कहा, ‘जब मैंने वह घड़ी अपने पिता को दिखाई, तो उन्होंने कहा कि तुमने अभी ठीक से काम करना भी शुरू नहीं किया है और तुमने ये सब करना शुरू कर दिया? क्या तुम खुद को सुल्तान ऑफ ब्रुनेई (राजा) समझते हो? यह घड़ी बड़ी बेकार की चीज है।’ लेकिन बाद में सलीम खान ने घड़ी को देखकर कहा था, ‘ओह, यह तो ज्वेलरी का पीस है।’ सलमान ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 26-28 साल तक घड़ियां पहनना बंद कर दिया था। अब अगर लोग उन्हें अलग-अलग घड़ियां पहने देखते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे सारी घड़ियां उनकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ वही एक रोलेक्स है, बाकी सब दोस्तों की हैं।’ सलमान बोले- जिंदगी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी इसी इंटरव्यू में सलमान ने बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। मैंने स्क्रिप्ट लिखी हैं, लेकिन पढ़ी नहीं हैं।’ सलमान ने अपने करियर में मुख्य रूप से ‘चंद्रमुखी’, ‘वीर’ और ‘दबंग 3’ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी होंगी। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म की रिलीज डेट पहले 17 अप्रैल थी, जो टाल दी गई है और नई तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है। सलमान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वहीं, सलमान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपनी दूसरी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में वह करीना कपूर खान के साथ काम कर सकते हैं। ‘बीबी हो तो ऐसी’ से हुई थी सलमान के करियर की शुरुआत सलमान ने 1988 में आई फिल्म बीवी हो तो ऐसी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हालांकि, इस फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया था। बतौर लीड सलमान पहली बार 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म मैंने प्यार किया में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वो साजन, हम आपके हैं कौन..!, करण अर्जुन और तेरे नाम जैसी हिट फिल्मों में नजर आए। सलमान ने वॉन्टेड, सुल्तान और दबंग जैसी सुपरहिट फिल्में दी सलमान के करियर में ऐसे मौके भी आए, जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुईं। 2000 के दशक के मध्य में उनकी कई फिल्में (जैसे जान-ए-मन, फिर मिलेंगे, शादी करके फंस गया यार) बॉक्स ऑफिस पर फ्लाप रहीं। लेकिन एक्टर ने फिल्म वॉन्टेड से शानदार वापसी की थी। 2009 से लेकर 2016 तक उनकी ज्यादातर फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन भी किया। जिसमें वॉन्टेड, दबंग, रेडी, दबंग 2, बजरंगी भाईजान और सुल्तान शामिल हैं। 2017 में सलमान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ आई, जो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि, इसके बाद एक्टर ‘टाइगर जिंदा है’ में नजर आए, जिसने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर 565 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, फिल्म ‘टाइगर 3’ ने दुनिया भर में कुल 464-466.63 करोड़ रुपए का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया। हालांकि, उनकी आखिरी फिल्म सिकंदर उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर पाई। 200 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने 184.89 करोड़ रुपए कमाए।

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान ने उधार लेकर पिता के लिए घड़ी खरीदी थी:9 लाख रुपए कीमत थी, देखते ही सलीम खान ने डांट लगाई थी

सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने सबसे पहली महंगी चीज अपने पिता के लिए खरीदी थी। एक्टर ने कहा कि उन्होंने पिता के लिए रोलेक्स की घड़ी खरीदी थी। वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में सलमान ने कहा, ‘जब मैंने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया तो मेरे पिता ने वही घड़ी मुझे पहनने के लिए दे दी। उस समय मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, लेकिन मुझे अपने पिता के लिए वह घड़ी पसंद आई थी।’ उन्होंने बताया कि उस समय उस घड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपए थी। सलमान के पास सिर्फ 4 लाख रुपए थे। बाकी पैसे उन्होंने उधार लेकर वह घड़ी खरीदी थी और अपने पिता को दी थी। घड़ी देखकर सलीम खान ने डांट लगाई थी सलमान ने आगे कहा, ‘जब मैंने वह घड़ी अपने पिता को दिखाई, तो उन्होंने कहा कि तुमने अभी ठीक से काम करना भी शुरू नहीं किया है और तुमने ये सब करना शुरू कर दिया? क्या तुम खुद को सुल्तान ऑफ ब्रुनेई (राजा) समझते हो? यह घड़ी बड़ी बेकार की चीज है।’ लेकिन बाद में सलीम खान ने घड़ी को देखकर कहा था, ‘ओह, यह तो ज्वेलरी का पीस है।’ सलमान ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 26-28 साल तक घड़ियां पहनना बंद कर दिया था। अब अगर लोग उन्हें अलग-अलग घड़ियां पहने देखते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे सारी घड़ियां उनकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ वही एक रोलेक्स है, बाकी सब दोस्तों की हैं।’ सलमान बोले- जिंदगी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी इसी इंटरव्यू में सलमान ने बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी। मैंने स्क्रिप्ट लिखी हैं, लेकिन पढ़ी नहीं हैं।’ सलमान ने अपने करियर में मुख्य रूप से ‘चंद्रमुखी’, ‘वीर’ और ‘दबंग 3’ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में नजर आएंगे। इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी होंगी। पहले इस फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म की रिलीज डेट पहले 17 अप्रैल थी, जो टाल दी गई है और नई तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है। सलमान ने नई फिल्म की शूटिंग शुरू की वहीं, सलमान ने एक्ट्रेस नयनतारा के साथ अपनी दूसरी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है, जिसका अस्थायी नाम SVC63 है। इसके अलावा, वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान डायरेक्टर जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. के साथ एक सुपरहीरो एक्शन फिल्म में भी काम कर सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रोजेक्ट में वह करीना कपूर खान के साथ काम कर सकते हैं। ‘बीबी हो तो ऐसी’ से हुई थी सलमान के करियर की शुरुआत सलमान ने 1988 में आई फिल्म बीवी हो तो ऐसी से बॉलीवुड डेब्यू किया था। हालांकि, इस फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग रोल निभाया था। बतौर लीड सलमान पहली बार 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म मैंने प्यार किया में नजर आए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद वो साजन, हम आपके हैं कौन..!, करण अर्जुन और तेरे नाम जैसी हिट फिल्मों में नजर आए। सलमान ने वॉन्टेड, सुल्तान और दबंग जैसी सुपरहिट फिल्में दी सलमान के करियर में ऐसे मौके भी आए, जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुईं। 2000 के दशक के मध्य में उनकी कई फिल्में (जैसे जान-ए-मन, फिर मिलेंगे, शादी करके फंस गया यार) बॉक्स ऑफिस पर फ्लाप रहीं। लेकिन एक्टर ने फिल्म वॉन्टेड से शानदार वापसी की थी। 2009 से लेकर 2016 तक उनकी ज्यादातर फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन भी किया। जिसमें वॉन्टेड, दबंग, रेडी, दबंग 2, बजरंगी भाईजान और सुल्तान शामिल हैं। 2017 में सलमान की फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ आई, जो कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि, इसके बाद एक्टर ‘टाइगर जिंदा है’ में नजर आए, जिसने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर 565 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, फिल्म ‘टाइगर 3’ ने दुनिया भर में कुल 464-466.63 करोड़ रुपए का लाइफटाइम वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया। हालांकि, उनकी आखिरी फिल्म सिकंदर उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन नहीं कर पाई। 200 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने 184.89 करोड़ रुपए कमाए।

चंडीगढ़ में किन्नरों ने युवती को पीटा,VIDEO:क्लब के बाहर रोड पर गिरा जमकर लात-घूंसे मारे; भीड़ जमा थी लेकिन किसी ने नहीं बचाया

चंडीगढ़ में किन्नरों ने युवती को पीटा,VIDEO:क्लब के बाहर रोड पर गिरा जमकर लात-घूंसे मारे; भीड़ जमा थी लेकिन किसी ने नहीं बचाया

चंडीगढ़ में क्लब के बाहर किन्नरों ने एक युवती की जमकर पिटाई कर दी। इसका VIDEO सामने आया है। इसमें किन्नर एक युवती को घसीटते हैं और फिर नीचे गिराकर मारपीट करते हुए नजर आते हैं। वह युवती को जमकर लात-घूंसे मार रहे हैं। इस दौरान वहां कुछ युवक भी खड़े हैं लेकिन किन्नरों की वजह से कोई बीच-बचाव नहीं करता। हालांकि इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर झूठे दावे के साथ शेयर किया गया है। जिसमें कहा गया कि चंडीगढ़ के सेक्टर 26 के मशहूर क्लब के बाहर शराब के नशे में धुत लड़कियों के बीच फाइट हो रही है। दैनिक भास्कर की टीम सच्चाई जानने सेक्टर 26 पहुंची तो पता चला कि यह लड़ाई किन्नरों ने की थी। यह वीडियो 2 दिन पुराना है। मौके से यह पता चला कि जिस लड़की के साथ मारपीट की गई, वह नशे में थी। उसने किन्नरों पर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी, जिस वजह से उन्होंने युवती पर हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है। किन्नरों की युवती से मारपीट के PHOTOS.. जानिए, 32 सेकेंड के वीडियो में क्या दिख रहा वीडियो में दिख रहा है कि 5-6 किन्नर एक युवती से झगड़ रहे हैं। इस दौरान एक युवक उन्हें छुड़ाने की कोशिश करता है लेकिन किन्नरों को देख वह पीछे हट जाता है। इसके बाद किन्नर युवती को नीचे गिरा देते हैं। फिर एक किन्नर गाड़ी का सहारा लेकर लड़की को नीचे गिरा लातें मारने लगती है। इस दौरान वह गालियां भी निकालती हुई सुनाई देती हैं। एक लड़की चिल्लाते हुए कहती है कि छोड़ दे लेकिन मारपीट पर उतारू किन्नर किसी की बात नहीं सुनते। जहां पर झगड़ा हो रहा है, नीचे पानी भी जमा है लेकिन किन्रर और युवती झगड़ते हुए उसी में गिरती-उठती रहती हैं। शॉर्ट ड्रेस पहनी एक किन्नर ज्यादा ही एग्रेसिव नजर आती है और वह लगातार मारपीट करती रहती है। इसके कुछ देर बाद माहौल शांत होता है तो एक लड़का किन्नर को पकड़ने की कोशिश करता है तो वह उस पर भड़कते हुए धक्कामुक्की करते नजर आती है। इसके बाद वह चिल्लाते हुए वहां से जाने लगती है। जहां लड़कियों की लड़ाई हुई, भास्कर उस जगह पर पहुंचा लड़कियों की लड़ाई को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि ये उनकी लोकेशन का नहीं लग रहा। हालांकि दैनिक भास्कर सेक्टर 26 में उस जगह पहुंचा, जहां पर झगड़ा हुआ था। वहां पर क्लब भी मिला और वह जनरेटर भी, जो लड़कियों की लड़ाई के दौरान दिख रहा है। इसके अलावा झगड़ा करते हुए लड़कियां जिस पानी में गिरीं थी, वह भी उसी तरह वहां भरा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि यह मामला शुक्रवार रात का है। लड़कियों की फाइट रात 2 बजे हुई थी। यह भी पता चला कि पहले लड़कियों की लड़ाई क्लब के भीतर हुई थी। जिसके बाद वह झगड़ा करते हुए बाहर आ गईं। इस दौरान वहां एक कर्मचारी का बनाया वीडियो भी सामने आया है। जानिए, इनके बीच झगड़ा क्यों हुआ दैनिक भास्कर को मौके पर जाकर पता चला कि देयोरा क्लब के अंदर एक युवती का किसी दूसरी युवती से झगड़ा हुआ था। इस दौरान क्लब में मौजूद बाउंसर ने उसे तुरंत क्लब से बाहर निकाल दिया। इसके बाद युवती बाहर आ गई और बगल में ही स्थित सांते क्लब के बाहर आई। वहां क्लब से 3 ट्रांसजेंडर यानी किन्नर निकल रहीं थी। उन्हें देखकर युवती ने अपशब्द कह दिए। जिस पर तीनों किन्नर भड़क गए और उन्होंने युवती की पिटाई कर दी। पुलिस बोली- जांच कर रहे इस बारे में चंडीगढ़ पुलिस थाना सेक्टर 26 के SHO राम रतन ने कहा कि इस तरह का वीडियो उनकी जानकारी में आया है। इस मामले की जांच कर रहे हैं कि ये झगड़ा कहां हुआ, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

महिलाओं के लिए किसी अमृत से कम नहीं शतावरी, जानें इसके चौंकाने वाले फायदे – News18 हिंदी

arw img

X महिलाओं के लिए किसी अमृत से कम नहीं शतावरी, जानें इसके चौंकाने वाले फायदे   Shatavari Ke Fayde: शतावरी एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जिसकी मदद से शरीर की कई परेशानियों को दूर किया जा सकता है. खासतौर पर महिलाओं की समस्याओं को दूर करने में यह काफी प्रभावी जड़ी-बूटी है. मध्य प्रदेश के रीवा में आयुर्वेद अस्पताल के डीन डॉक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि शतावरी महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए लाभकारी हो सकती है. इसका वैज्ञानिक नाम एस्पेरेगस रेसिमोसस है. आयुर्वेद के मुताबिक, शतावरी का इस्तेमाल 100 से अधिक बीमारियों को दूर करने में प्रभावी माना जाता है. जड़ी-बूटी के अलावा इसका इस्तेमाल भारत के कई क्षेत्रों में सब्जी के रूप में भी किया जाता है. आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य के लिए शतावरी काफी फायदेमंद होता है. इसके इस्तेमाल से यौन रोगों से लेकर प्रेग्नेंसी से जुड़ी परेशानी को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा महिलाओं के लिए शतावरी के कई अन्य फायदे हो सकते हैं. शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव की वजह से इन दिनों महिलाओं का वजन काफी ज्यादा बढ़ रहा है. ऐसे में शतावरी का इस्तेमाल महिलाओं के लिए लाभकारी हो सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

लू और डिहाइड्रेशन से बचने के आयुर्वेदिक उपाय | Rajasthan Heatwave Ayurvedic Tips

authorimg

Home Remedies for Dehydration: राजस्थान में गर्मी अब धीरे-धीरे अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है. मई का महीना आते ही मरुधरा के ज्यादातर शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. आसमान से बरसती आग, तेज धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस मौसम में लोगों को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), अत्यधिक कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी-दस्त और बदन टूटने जैसी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों और खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूर व किसान लू की चपेट में सबसे जल्दी आ रहे हैं. ऐसे में राजाबेटी राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय की प्रसिद्ध आयुर्वेद डॉ. गुरप्रीत लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अचूक घरेलू उपाय अपनाने की सलाह दे रही हैं. डॉ. गुरप्रीत ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी का स्तर गिरना सबसे बड़ी और गंभीर समस्या बन जाती है. कई बार लोग लू की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन शुरुआत में वे इसके लक्षणों को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार, लू लगने पर मरीज को तेज बुखार आना, पूरे शरीर में असहनीय दर्द और जकड़न होना, बार-बार तेज प्यास लगना, जीभ और होंठ सूखना, उल्टी-दस्त होना और चक्कर आकर गिरना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. अगर इन लक्षणों को देखकर समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए, तो यह स्थिति गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है. रसोई में छिपा है लू का इलाज: छाछ, नींबू पानी और गिलोय का चमत्कारी असरडॉ. गुरप्रीत बताती हैं कि हमारे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऐसी कई घरेलू चीजें आसानी से उपलब्ध हैं, जिनका सही उपयोग करके लू और हीट स्ट्रोक से सौ फीसदी बचाव किया जा सकता है: मसाला छाछ: गर्मियों में अमृत मानी जाने वाली छाछ में पुदीना, काला नमक और भुना हुआ जीरा मिलाकर पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती. नींबू पानी व तुलसी का पानी: एक गिलास ठंडे पानी में नींबू निचोड़कर पीने से शरीर को तुरंत इलेक्ट्रोलाइट्स और एनर्जी मिलती है. इसके अलावा, तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी को दिनभर थोड़ा-थोड़ा पीने से शरीर को अंदरूनी ठंडक मिलती है. गिलोय की डंडी का पानी: घर में गिलोय उपलब्ध हो तो उसकी एक डंडी को पानी में अच्छी तरह उबालकर उसका सेवन करें. इस पानी को चाय या दूध में मिलाकर भी पिया जा सकता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने के साथ लू से बचाता है. पुदीना, गुलकंद और गोंद कतीरा हैं गर्मियों के ‘सुपरफूड’डॉ. गुरप्रीत के अनुसार, पुदीना और हरा धनिया गर्मियों में पेट को ठंडा रखने में सबसे मददगार होते हैं, इसलिए इन्हें अपनी दैनिक डाइट या चटनी के रूप में जरूर शामिल करना चाहिए. वहीं, रात को सोते समय गुलकंद को ठंडे दूध के साथ खाने से शरीर की आंतरिक गर्मी शांत होती है, जो छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद फायदेमंद है. यदि बच्चों की इम्युनिटी कमजोर है, तो उन्हें रात में हल्दी वाला दूध देना चाहिए. इसके साथ ही ‘गोंद कतीरा’ को रात में पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इसे मिश्री व ताजे दही के साथ खाएं, इससे शरीर का तापमान तुरंत गिरता है और लू का असर खत्म हो जाता है. इस मौसम में बेल का शरबत और बेल का जूस पीना भी पेट के लिए रामबाण माना जाता है. उल्टी-दस्त होने पर इलायची का पानी और डॉक्टर की विशेष हिदायतअगर किसी व्यक्ति को लू लग चुकी है और उसके उल्टी-दस्त बंद नहीं हो रहे हैं, तो एक गिलास पानी में दो से तीन छोटी इलायची डालकर अच्छी तरह उबाल लें. इस पानी को छानकर मरीज को थोड़ा-थोड़ा करके पिलाएं, इससे पेट को तुरंत राहत मिलती है. डॉ. गुरप्रीत ने अंत में सख्त हिदायत दी कि दोपहर के समय धूप में बाहर निकलते समय अपने सिर और चेहरे को सूती तौलिये या सूती कपड़े से अच्छी तरह ढककर ही निकलें. इस मौसम में सिंथेटिक, भारी या नायलॉन के कपड़े पहनने से पूरी तरह बचें और केवल ढीले सूती कपड़े पहनें. यदि इन तमाम घरेलू उपायों के बाद भी मरीज को आराम न मिले, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि हीट स्ट्रोक किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है.

आस्ट्रेलिया में पंजाबियों को डराने वाला संगठन बैन:न्यू नाजी संगठन करता था नस्लीय टिप्पणियां; सिखों की कृपाण का विरोधी

आस्ट्रेलिया में पंजाबियों को डराने वाला संगठन बैन:न्यू नाजी संगठन करता था नस्लीय टिप्पणियां; सिखों की कृपाण का विरोधी

ऑस्ट्रेलियाई में रह रहे पंजाबी समुदाय को वहां की सरकार ने बड़ी राहत दी है। गृह मंत्री टोनी बर्क ने पंजाबी कम्युनिटी सहित सभी भारतीय लोगों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां करने और रैलियां निकाल डराने वाले न्यू नाजी संगठन को हमेशा के लिए बैन कर दिया है। गृह मंत्री टोनी बर्क ने प्रतिबंध की घोषणा करते हुए साफ किया है कि अब इस संगठन से जुड़ने, इसका प्रचार करने या इसकी गतिविधियों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को 15 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। सरकार के इस कड़े फैसले का ऑस्ट्रेलिया में रह रहे पंजाबी समुदाय ने स्वागत किया है और इसे समाज में शांति और भाईचारे की जीत बताया है। यह संगठन पिछले कुछ सालों से एडोल्फ हिटलर की नाजी विचारधारा का प्रचार कर रहा था और देश में रह रहे गैर-श्वेत प्रवासियों को निशाना बना रहा था। खासकर मेलबर्न और सिडनी जैसे बड़े शहरों में इस ग्रुप के लीडर थॉमस सेवेल ने प्रवासियों के खिलाफ कई रैलियां निकाली थीं। यह ग्रुप सोशल मीडिया और जमीन पर लगातार ऑस्ट्रेलियाई समाज को बांटने और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक माहौल तैयार करने की कोशिशों में जुटा था, जिसके बाद सरकार ने नए सख्त नफरत-विरोधी कानूनों के तहत इसे गैर-कानूनी और नफरत फैलाने वाला समूह घोषित कर दिया है। जानें पंजाबी समुदाय को कब-कब किया टारगेट… जानें क्या है संगठन और क्यों लगा बैन…