Thursday, 15 Oct 2026 | 01:22 AM

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फीफा वर्ल्ड कप के लिए बेल्जियम टीम का ऐलान:डि ब्रुइन और कोर्टुआ संभालेंगे कमान, ओपेंडा बाहर; लिले के फर्नांडीज को पहली बार मौका

फीफा वर्ल्ड कप के लिए बेल्जियम टीम का ऐलान:डि ब्रुइन और कोर्टुआ संभालेंगे कमान, ओपेंडा बाहर; लिले के फर्नांडीज को पहली बार मौका

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए बेल्जियम ने 26 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। रियाल मैड्रिड के गोलकीपर थिबो कोर्टुआ और मिडफील्डर केविन डि ब्रुइन टीम की कमान संभालेंगे। वर्ल्ड कप 12 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जाएगा। मुख्य कोच रूडी गार्सिया की टीम इस बार डार्क हॉर्स (छुपा रुस्तम) साबित हो सकती है। बेल्जियम को अब भी अपने पहले वर्ल्ड कप खिताब का इंतजार है। बेल्जियम को ग्रुप-जी में मिस्र (इजिप्ट), ईरान और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है। टीम 16 जून को मिस्र के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। मटियास फर्नांडीज-पार्डो को पहली बार मौका, स्पेनिश नागरिकता के बाद भी टीम में शामिल लिले के 21 साल के फॉरवर्ड मटियास फर्नांडीज-पार्डो को पहली बार बेल्जियम की नेशनल टीम में जगह मिली है। उनके चयन पर लंबे समय से सस्पेंस था, क्योंकि उन्होंने पिछले साल स्पेनिश नागरिकता ले ली थी। हालांकि, थॉमस म्यूनिएर और नाथन न्गोय के साथ करीबी रिश्तों के चलते वे बेल्जियम के लिए खेलना चाहते थे। विवादों के बावजूद कोच रूडी गार्सिया ने इस युवा खिलाड़ी पर भरोसा जताया है। खराब फॉर्म के कारण लोइस ओपेंडा बाहर, मैट सेल्स को भी जगह नहीं युवेंटस के स्ट्राइकर लोइस ओपेंडा को वर्ल्ड कप टीम से बाहर कर दिया गया है। उनका पिछला सीजन खराब रहा था और वे नए क्लब की तलाश में हैं। इंग्लिश क्लब लीड्स यूनाइटेड ने उन्हें खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। खराब फॉर्म के चलते उन्हें 26 खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह नहीं मिली। गोलकीपर मैट सेल्स को भी इस बार टीम में शामिल नहीं किया गया है। 2018 में तीसरे स्थान पर रही थी बेल्जियम, 13 बार खेल चुकी है वर्ल्ड कप बेल्जियम की टीम 13 बार फुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुकी है। टीम का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2018 वर्ल्ड कप में रहा था, जब केविन डि ब्रुइन की अगुआई में वह तीसरे स्थान पर रही थी। तब बेल्जियम ने तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इससे पहले 1986 वर्ल्ड कप में टीम चौथे स्थान पर रही थी। वर्ल्ड कप 2026 के लिए बेल्जियम का स्क्वॉड इस प्रकार है गोलकीपर: थिबो कोर्टुआ, सेने लैमेंस, माइक पेंडर्स। डिफेंडर: टिमोथी कास्टैग्ने, जेनो डेबास्ट, मैक्सिम डी क्यूपर, कोनी डी विंटर, ब्रैंडन मेचेले, थॉमस म्यूनिएर, नाथन न्गोय, जोकिन सीस, आर्थर थिएट। मिडफील्डर: केविन डि ब्रुइन, अमादू ओनाना, निकोलस रास्किन, यूरी टिलेमैंस, हंस वानाकेन, एक्सेल विटसेल। फॉरवर्ड: चार्ल्स डी केटलेरे, जेरेमी डोकू, मटियास फर्नांडीज-पार्डो, रोमेलु लुकाकू, डोडी लुकेबाकियो, डिएगो मोरेरा, एलेक्सिस सेलेमेकर्स, लिएंड्रो ट्रॉसार्ड

फीफा वर्ल्ड कप के लिए बेल्जियम टीम का ऐलान:डि ब्रुइन और कोर्टुआ संभालेंगे कमान, ओपेंडा बाहर; लिले के फर्नांडीज को पहली बार मौका

फीफा वर्ल्ड कप के लिए बेल्जियम टीम का ऐलान:डि ब्रुइन और कोर्टुआ संभालेंगे कमान, ओपेंडा बाहर; लिले के फर्नांडीज को पहली बार मौका

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए बेल्जियम ने 26 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। रियाल मैड्रिड के गोलकीपर थिबो कोर्टुआ और मिडफील्डर केविन डि ब्रुइन टीम की कमान संभालेंगे। वर्ल्ड कप 12 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जाएगा। मुख्य कोच रूडी गार्सिया की टीम इस बार डार्क हॉर्स (छुपा रुस्तम) साबित हो सकती है। बेल्जियम को अब भी अपने पहले वर्ल्ड कप खिताब का इंतजार है। बेल्जियम को ग्रुप-जी में मिस्र (इजिप्ट), ईरान और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है। टीम 16 जून को मिस्र के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। मटियास फर्नांडीज-पार्डो को पहली बार मौका, स्पेनिश नागरिकता के बाद भी टीम में शामिल लिले के 21 साल के फॉरवर्ड मटियास फर्नांडीज-पार्डो को पहली बार बेल्जियम की नेशनल टीम में जगह मिली है। उनके चयन पर लंबे समय से सस्पेंस था, क्योंकि उन्होंने पिछले साल स्पेनिश नागरिकता ले ली थी। हालांकि, थॉमस म्यूनिएर और नाथन न्गोय के साथ करीबी रिश्तों के चलते वे बेल्जियम के लिए खेलना चाहते थे। विवादों के बावजूद कोच रूडी गार्सिया ने इस युवा खिलाड़ी पर भरोसा जताया है। खराब फॉर्म के कारण लोइस ओपेंडा बाहर, मैट सेल्स को भी जगह नहीं युवेंटस के स्ट्राइकर लोइस ओपेंडा को वर्ल्ड कप टीम से बाहर कर दिया गया है। उनका पिछला सीजन खराब रहा था और वे नए क्लब की तलाश में हैं। इंग्लिश क्लब लीड्स यूनाइटेड ने उन्हें खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। खराब फॉर्म के चलते उन्हें 26 खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह नहीं मिली। गोलकीपर मैट सेल्स को भी इस बार टीम में शामिल नहीं किया गया है। 2018 में तीसरे स्थान पर रही थी बेल्जियम, 13 बार खेल चुकी है वर्ल्ड कप बेल्जियम की टीम 13 बार फुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुकी है। टीम का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2018 वर्ल्ड कप में रहा था, जब केविन डि ब्रुइन की अगुआई में वह तीसरे स्थान पर रही थी। तब बेल्जियम ने तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इससे पहले 1986 वर्ल्ड कप में टीम चौथे स्थान पर रही थी। वर्ल्ड कप 2026 के लिए बेल्जियम का स्क्वॉड इस प्रकार है गोलकीपर: थिबो कोर्टुआ, सेने लैमेंस, माइक पेंडर्स। डिफेंडर: टिमोथी कास्टैग्ने, जेनो डेबास्ट, मैक्सिम डी क्यूपर, कोनी डी विंटर, ब्रैंडन मेचेले, थॉमस म्यूनिएर, नाथन न्गोय, जोकिन सीस, आर्थर थिएट। मिडफील्डर: केविन डि ब्रुइन, अमादू ओनाना, निकोलस रास्किन, यूरी टिलेमैंस, हंस वानाकेन, एक्सेल विटसेल। फॉरवर्ड: चार्ल्स डी केटलेरे, जेरेमी डोकू, मटियास फर्नांडीज-पार्डो, रोमेलु लुकाकू, डोडी लुकेबाकियो, डिएगो मोरेरा, एलेक्सिस सेलेमेकर्स, लिएंड्रो ट्रॉसार्ड

महिलाएं क्यों नहीं होतीं गंजी जबकि मर्दों के गिर जाते हैं पूरे बाल? असल वजह का चल गया पता; आप भी जानें काम की चीजें

तस्वीर का विवरण

आपने अक्सर देखा होगा कि 30-40 साल की उम्र के पुरुषों में बिल्कुल तरह के गंजे हो जाते हैं, लेकिन महिलाओं के बालों में बिल्कुल अलग तरह के गंजे होते हैं। ऐसा क्यों? छवि: फ्रीपिक पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन एक एंजाइम की मदद से DHT में बदलाव किया जाता है। यह DHT बालों के फॉलिकल्स को सिकोड़ देता है, जिससे बाल उगना बंद हो जाते हैं। छवि: फ्रीपिक महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर पुरुषों की तुलना में बहुत कम होता है, इसलिए DHT का प्रभाव नागन्या होता है। छवि: फ्रीपिक यही कारण है कि गर्भावस्था के दौरान जब एस्ट्रोजेन का स्तर ऊंचा होता है, तो महिलाओं के बाल अधिक घने और चमकदार दिखने लगते हैं। छवि: फ्रीपिक महिलाओं के हेयरलाइन में ‘एरोमाटेज’ एंजाइम अधिक होता है, जो टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजेन में बदल देता है। छवि: फ्रीपिक पुरुषों में बाल, सिर के ऊपरी हिस्से से पूरी तरह गायब हो जाते हैं। छवि: फ्रीपिक महिलाओं में बाल पूरे सिर से धीरे-धीरे-धीरे-धीरे होते हैं, लेकिन हेयरलाइन आमतौर पर बनी रहती है। इसे ‘क्रिसमस ट्री पैटर्न’ भी कहा जाता है। छवि: इंस्टाग्राम 50 साल की उम्र के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर दिखता है। इसी समय महिलाएं ध्यान देती हैं कि उनके बालों की पहली तुलना में अधिक अच्छी हो रही हैं। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)पुरुष पैटर्न गंजापन(टी)महिला बालों का झड़ना(टी)डीएचटी हार्मोन(टी)टेस्टोस्टेरोन(टी)एस्ट्रोजन(टी)बालों के रोम(टी)जेनेटिक्स(टी)एलोपेसिया(टी)स्कैल्प स्वास्थ्य(टी)बालों का पतला होना

'डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट किया, आकर मिलो':लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छात्रा को फोन कर दबाव बनाया; गिरफ्तार

'डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट किया, आकर मिलो':लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छात्रा को फोन कर दबाव बनाया; गिरफ्तार

लखनऊ यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर परमजीत सिंह (50) को पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि प्रोफेसर ने बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा को फोन किया और छुट्टी से वापस आने का दबाव बनाया। कहा, ‘डार्लिंग, तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है। एग्जाम से पहले घर से आ जाओ। यहां पेपर तुम्हें दे देते हैं।’ फोन कटने पर छात्रा कहती है- ये मुझे बुला रहे हैं। मुझे पेपर नहीं चाहिए। मुझे फिर से मोलेस्ट (उत्पीड़न) करना चाहते हैं। आरोपी ने 14 और 15 मई की रात छात्रा को फोन किया। छात्रा ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली और वायरल कर दी। शुक्रवार को ऑडियो सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ जांच बैठाई। रात में पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने देर रात FIR दर्ज कर आरोपी प्रोफेसर को यूनिवर्सिटी कैंपस से पकड़ लिया। 4 साल से जूलॉजी डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर परमजीत बिजनौर के रहने वाले हैं। वह पत्नी और दो बेटियों के साथ लखनऊ में रहते हैं। मेन सब्जेक्ट और इलेक्टिव दोनों पेपर लीक का दावा प्रोफेसर ने फोन कॉल पर छात्रा से दावा किया कि कोर या मेन सब्जेक्ट और इलेक्टिव (वैकल्पिक विषय) दोनों पेपर लीक कर दिए हैं। बातचीत के दौरान प्रोफेसर छात्रा पर परीक्षा से पहले मिलने का दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, छात्रा लगातार मिलने से इनकार करती सुनाई दे रही है। पढ़िए पहले ऑडियो की बातचीत… प्रोफेसर- बच्चा, मम्मा ठीक हैं? छात्रा- जी सर। सब ठीक है। प्रोफेसर- चलो अच्छा, कुछ भी अगर हेल्प चाहिए होगा तो बताना। KGMU और PGI में ज्यादातर डॉक्टर अपने जानने वाले हैं। ठीक है डार्लिंग… अगर आप कहोगे तो मैं खुद आ जाऊंगा। कोई फाइनेंशियल सपोर्ट चाहिए होगा, तो भी बताना। तुम्हारे लिए सब कुछ ओपन है। छात्रा- नहीं सर, कुछ ऐसी दिक्कत नहीं है। हो जाएगा सब काम। अभी थोड़ा घर पर भी देखना है। प्रोफेसर- नहीं बता दूंगा किस दिन मिलना होगा? कोर और इलेक्टिव दोनों पेपर मैंने तुम्हारे लिए आउट कर लिए हैं। छात्रा- नहीं सर, मैंने पढ़ तो लिया है। सिलैबस मेरा पूरा हो गया है। प्रोफेसर- अरे यार, मैंने तुम्हारे लिए पूरा पेपर निकालकर रख लिया। आ जाओ बस। छात्रा- पढ़ तो लिया है सर मैंने। प्रोफेसर- तो मिलने नहीं आओगी एक बार? छात्रा- सर, मम्मी को थोड़ा देख लें। इस चक्कर में घर में रुकना इंपॉर्टेंट है। प्रोफेसर- तो मुझे बताओ, कब तक आ जाओगी मिलने एक बार। छात्रा- सर, घर पर थोड़ा स्टेबल हो जाए प्रोफेसर- तो मतलब विदिन सेवन डेज? छात्रा- सर, एग्जाम्स हो जाएं तो फिर आते हैं प्रोफेसर- मिलने आ जाओ, दोनों पेपर आउट कर लिए हैं तुम्हारे लिए छात्रा- अच्छा मैं ट्राई करती हूं। घर पर देखती हूं, जिस दिन निकल पाऊंगी, वैसी ही आती हूं। प्रोफेसर- ट्राई नहीं, आना पड़ेगा आपको बिलकुल। ठीक है, 4 दिन के अंदर आ जाओ छात्रा- यस सर प्रोफेसर- ओके, ओके इसके बाद प्रोफेसर से छात्रा की बातचीत बंद हो जाती है। फिर छात्रा बोलती सुनाई दे रही है- तो यह आदमी मुझे बुला रहा है। मैं जाऊंगी नहीं। मुझे नहीं चाहिए पेपर। यह मुझे अपने ऑफिस बुला रहा है जिससे दोबारा मुझे मोलेस्ट (शोषण) कर सके। अब पढ़िए दूसरे ऑडियो की बातचीत असि. प्रोफेसर- पैर चूम के सब कुछ रेडी है। बस मुझे डिच मत करना। मिलना चाहोगी या नहीं? मुझे क्लियर कर दो। छात्रा- सर, मेरे को… बस घर की दिक्कत है बस। असि. प्रोफेसर- मत आओ। कितने दिन तक नहीं आओगी, मैं आपका वेट करूंगा। आपको पता है न कि मैं आपके साथ affectionated (फिदा) हूं। जब तक आप नहीं कहोगी मैं कॉल भी नहीं करूंगा आपको। मुझे बताओ कितने दिन बाद मिलने आओगी आप। छात्रा- मेरे पास घर की सिचुएशन है। मम्मी को देख रही हूं इसलिए कुछ कह नहीं सकती। असि. प्रोफेसर- मुझे डिच तो नहीं करोगी न? मैंने आपके लिए एमएससी, पीएचडी कोर्स को रेडी कर दिया है… स्टैनफोर्ड के अंदर भी। सबकुछ रेडी है तुम्हारे लिए… सबकुछ, सारा प्लेटफॉर्म, जो आप कहोगी, आपका पैर चूमकर सबकुछ रेडी है। मैं यह चाहता हूं कि जब मैं कॉल करूं तो कॉल उठा रही हो और आई एम फीलिंग वेरी गुड। छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- जब कहोगी तभी कॉल करूंगा, बीच में कभी नहीं करूंगा। 15 दिन, 1 महीना, जब कहोगी तभी कॉल करूंगा। छात्रा- जी सर, जी सर असि. प्रोफेसर- … तो आप मिलने आओगी? तुम्हारे लिए दोनों पेपर आउट कर रखे हैं। Immuno genetics और genomics दोनों। छात्रा- जी सर, मैं घर पर थोड़ा देख लेती हूं। कल तक आपको बताती हूं। मेरे कल टर्म पेपर भी हैं। असि. प्रोफेसर- आप ही के लिए किया है। और किसी के लिए मैंने एफर्ट नहीं किया। केवल आपके लिए किया है। छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- और आपको मतलब… आपको बहुत… प्यार… (थोड़ा रुकते हैं) आपको पता ही है मेरी फीलिंग तुम्हारे लिए क्या है। छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- हां तो, मैं बहुत अटैच हूं तुम्हारे साथ इमोशनली छात्रा- जी सर असि. प्रोफेसर- सीरियसली मुझे डिच मत करना प्लीज छात्रा- जी सर, जी सर असि. प्रोफेसर- कब आओगी मुझे ये बता दो। 10 दिन के अंदर या 15 दिन छात्रा- सर, मैं कंफर्म नहीं कह सकती हूं। मुझे घर का भी देखना है और एग्जाम भी हैं। इस टाइम पर मैं समझ नहीं पा रही हूं असि. प्रोफेसर- मैं ये मानकर चल रहा हूं कि आप 10 दिन के अंदर आ जाओगी। जब मैं कॉल करूं तो आप आ जाना। छात्रा- ओके सर यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता बोले- सख्त कार्रवाई की जाएगी यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया, मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया। इस संबंध में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जूलॉजी डिपार्टमेंट की हेड प्रो.अमिता कनौजिया ने कहा- ऑडियो संज्ञान में आया है। मैंने भी सुना है। आवाज उन्हीं प्रोफेसर की लग रही है। परीक्षा नियंत्रक ने पुलिस को शिकायत दी लखनऊ यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर प्रो.राकेश द्विवेदी ने बताया- ऑडियो सामने आने के बाद परीक्षा नियंत्रक की तरफ से आरोपी

मुशफिकुर रहीम ने संन्यास से वापसी की खबरें खारिज कीं:कहा- टीम अच्छा कर रही, मेरी जरूरत नहीं; पिछले साल रिटायरमेंट लिया था

मुशफिकुर रहीम ने संन्यास से वापसी की खबरें खारिज कीं:कहा- टीम अच्छा कर रही, मेरी जरूरत नहीं; पिछले साल रिटायरमेंट लिया था

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मुशफिकुर रहीम ने वनडे क्रिकेट में संन्यास से वापसी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। रहीम ने शुक्रवार को कहा- ‘उनका संन्यास का फैसला अंतिम है और वे अब इस फॉर्मेट में लौटकर नहीं आएंगे।’ 39 साल के रहीम ने खुलासा किया कि उन्हें बोर्ड और टीम मैनेजमेंट की तरफ से वनडे टीम में लौटने का संदेश मिला था। हाल ही में बांग्लादेश के वनडे कप्तान मेहदी हसन मिराज ने कहा था- ‘रहीम का अनुभव और मिडिल ऑर्डर में उनकी मौजूदगी टीम को मजबूती दे सकती है।’ इसके बाद मुशफिकुर से वापसी को लेकर बातचीत शुरू हो गई। पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले रहीम ने कहा- ‘टीम मेरे बिना भी अच्छा कर रही है।’ वापसी के सवाल पर रहीम ने कहा- ‘मुझे वनडे टीम में वापस लौटने का ऑफर मिला था, लेकिन मुझे लगता है कि अब उन्हें मेरी सेवाओं की कोई जरूरत नहीं है। टीम इस समय अच्छा प्रदर्शन कर रही है और वे भविष्य में और भी बेहतर करेंगे।’ मुशफिकुर की वापसी की मांग क्यों? न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के दौरान बांग्लादेश का मिडिल ऑर्डर नाकाम रहा। खासकर पहले वनडे में टीम को कोलैप्स का सामना करना पड़ा था। इसे बेहतर बनाने के लिए बोर्ड रहीम को वापस लाने का प्रयास कर रहा था। चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होने के बाद संन्यास लिया था रहीम ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी से बांग्लादेश के जल्दी बाहर होने के बाद रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था। रहीम अब केवल टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने टी-20 से 2022 वर्ल्ड कप के बाद रिटायरमेंट एनाउंस किया था। मुशफिकुर का वनडे करियर 19 साल का था। वे बांग्लादेश के पूर्व कप्तान भी रह चुके हैं। रहीम एकमात्र बांग्लादेशी है जिन्होंने टेस्ट में तीन डबल सेंचुरी लगाई है। ——————————–

तमिलनाडु विधानसभा का सबसे वायरल पल विजय नहीं, बल्कि उनके ड्राइवर का बेटा है

तमिलनाडु विधानसभा का सबसे वायरल पल विजय नहीं, बल्कि उनके ड्राइवर का बेटा है

वह क्षण जिसने इंटरनेट तोड़ दिया: 11 मई को तमिलनाडु के विधायक शपथ ग्रहण समारोह में सभी ऐतिहासिक क्षणों के बीच, एक चार सेकंड के आदान-प्रदान ने पूरे देश को रोक दिया। अब व्यापक रूप से ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक वीडियो में, नवनिर्वाचित विधायक सबरीनाथन आधिकारिक असेंबली रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से पहले सीएम विजय की ओर मुड़ते हुए और पूछते हुए दिखाई दे रहे हैं – “अन्ना, क्या मैं हस्ताक्षर करूँ?” विजय ने गर्मजोशी भरी मुस्कान के साथ जवाब दिया। चार शब्द. एक मुस्कान. लाखों व्यूज. लेकिन यह समझने के लिए कि यह क्षण इतना अलग क्यों था, आपको यह जानना होगा कि सबरीनाथन कौन है – और उसके पिता कौन हैं। ड्राइवर, सितारा और राजनीति से भी पुराना रिश्ता: राजेंद्रन लंबे समय से विजय के ड्राइवर से निजी सहायक बने हैं – एक ऐसा व्यक्ति जो आर्थिक रूप से संघर्षरत पृष्ठभूमि से आया है और अपने करियर के हर चरण में, देर रात की फिल्म की शूटिंग से लेकर सुबह के शेड्यूल तक, विजय के साथ रहा है। सबरीनाथन विजय को तब से जानते हैं जब वह एक साल का था, वह अपने पिता के साथ अनगिनत बार शूटिंग स्थलों पर जाता था और तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक की छाया में बड़ा हुआ था। यह कभी भी केवल नियोक्ता-कर्मचारी का रिश्ता नहीं था। यह परिवार था – जिसे भारत गहराई से समझता है। ऐसा जहां एक सुपरस्टार सार्वजनिक रूप से एक युवक के आंसू पोंछता है और किसी को यह अजीब नहीं लगता। वह बेटा जिसने एक सपने के लिए कतर छोड़ा: अधिकांश भारतीय पिताओं की तरह राजेंद्रन भी चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए ऋण लिया और पैसे उधार लिए कि सबरीनाथन को उनकी डिग्री मिले। जब सबरीनाथन को 2021 में कतर में नौकरी मिली, तो उनके पिता उनसे ज्यादा खुश थे। लेकिन सबरीनाथन को बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने कहा, “काम ठीक था, लेकिन मैं बेचैनी महसूस कर रहा था। जब मैंने सुना कि थलाइवर एक राजनीतिक संगठन शुरू करने जा रहा है, तो मैं चेन्नई लौटना चाहता था। लेकिन मेरे पिता सहमत नहीं थे।” इसलिए उन्होंने वही किया जो कोई भी स्वाभिमानी प्रशंसक-आस्तिक करेगा – वह अपने पिता की पीठ के पीछे गए, सीधे विजय के पास गए और उन्हें सीधे मना लिया। सबरीनाथन ने कहा, “वह विजय ही थे जिन्होंने मेरे पिता से कहा कि मुझे वापस आने और पार्टी में शामिल होने दें – वह मना नहीं कर सके।” आँसू, एक आलिंगन और एक टिकट जिसने सभी को चौंका दिया: 29 मार्च को, जब विजय ने विरुगमबक्कम से टीवीके के उम्मीदवार के रूप में सबरीनाथन की घोषणा की, तो इस फैसले ने पार्टी के अंदरूनी सूत्रों को भी चौंका दिया। उम्मीदवार की घोषणा के वायरल वीडियो में सबरीनाथन के आंसुओं के उस कच्चे, भावनात्मक क्षण को कैद किया गया, जिसे विजय ने व्यक्तिगत रूप से पोंछा और उसे गले लगाया – पास में खड़े राजेंद्रन स्पष्ट रूप से भावुक हो गए। सभा को संबोधित करते हुए, विजय ने भावुक होकर कहा: “मेरा ड्राइवर राजेंद्रन 15 साल से मेरे साथ है। अब, उसका बेटा सबरीनाथन मेरे साथ राजनीति में शामिल होगा।” हॉल एक पल के लिए खामोश हो गया – फिर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह क्लिप रातों-रात वायरल हो गई। सुबह तक पूरा भारत ड्राइवर के बेटे का नाम जान गया। शूटिंग स्थलों से लेकर विधानसभा भवन तक: सबरीनाथन ने डीएमके उम्मीदवार को हराकर विरुगमबक्कम से जीत हासिल की। और जब वह शपथ के दिन असेंबली रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के लिए आगे बढ़े, तो उन्होंने दुनिया में सबसे स्वाभाविक काम किया – वह उस व्यक्ति की ओर मुड़े जिसे वह बचपन से जानते थे और उससे सहमति मांगी। यह क्लिप कुछ ही घंटों में हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गई, और उपयोगकर्ताओं ने इसे “वर्षों में भारतीय राजनीति में सबसे मानवीय क्षण” कहा। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई: “यह भाई-भतीजावाद नहीं है – यह प्यार है,” एक उपयोगकर्ता ने लिखा। एक अन्य ने कहा, “एक सीएम जो कभी सुपरस्टार था, एक ड्राइवर का बेटा जो अब विधायक है। केवल विजय के तमिलनाडु में।” विजय ने कहा था कि वह “सितारों की नहीं, बल्कि आम लोगों की” पार्टी बनाना चाहते हैं। उस चार सेकंड के आदान-प्रदान में – “अन्ना, क्या मैं हस्ताक्षर करूँ?” – उन्होंने बिल्कुल यही साबित किया।

एक गृहिणी जो अभियान के दौरान बेहोश हो गई, उठी और फिर भी जीत गई

एक गृहिणी जो अभियान के दौरान बेहोश हो गई, उठी और फिर भी जीत गई

यदि आप तमिलनाडु की राजनीति पर नज़र नहीं रख रहे हैं, तो यहां संक्षिप्त संस्करण है: भारत के सबसे सिनेमाई राज्य ने हाल ही में एक फिल्म सुपरस्टार को मुख्यमंत्री के रूप में चुना है। सी. जोसेफ विजय – जिन्हें लाखों लोग “थलापति” के नाम से जानते हैं – ने 1967 के बाद से तमिलनाडु के पहले मुख्यमंत्री के रूप में इतिहास रचा, जो द्रमुक या अन्नाद्रमुक से नहीं आते हैं – दोनों पार्टियां जिन्होंने लगभग छह दशकों तक सत्ता का आदान-प्रदान किया है। इसे ऐसे समझें कि शाहरुख खान ने एक पार्टी बनाई, बहुमत हासिल किया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय में चले गए। सिवाय इसके कि विजय ने वास्तव में ऐसा किया था। और उनके शपथ ग्रहण समारोह में एक पल ने उनके अपने ऐतिहासिक शपथ ग्रहण पर भी ग्रहण लगा दिया. वह महिला जिसने कमरा रोका: शपथ लेने के लिए आवेदन करने वाले 234 नवनिर्वाचित विधायकों में से एक महिला ने हर कैमरे को अपनी ओर घुमाया – इसलिए नहीं कि वह एक मंत्री या एक सेलिब्रिटी थी, बल्कि इसलिए कि वह नौ महीने की गर्भवती थी। उनका नाम 36 वर्षीय एमआर पल्लवी है, जो बारहवीं कक्षा तक शिक्षित गृहिणी हैं, जिन्होंने डीएमके के पारंपरिक गढ़ चेन्नई के थिरु वी का नगर में डीएमके उम्मीदवार को 22,333 वोटों के अंतर से हराया। उन्होंने पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा था. वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं हैं. वह विजय की प्रशंसक हैं, जो उनकी पार्टी के गठन के दिन ही इसमें शामिल हो गईं – और किसी तरह तमिलनाडु विधानसभा में पहुंच गईं। किसी अन्य जैसा अभियान नहीं: पल्लवी ने अपनी गर्भावस्था के अंतिम चरण में भी चेन्नई की अत्यधिक गर्मी में घर-घर जाकर बड़े पैमाने पर प्रचार किया। आठ महीने की गर्भवती. कोई राजनीतिक अनुभव नहीं. कोई राजवंश समर्थन नहीं. बस सरासर धैर्य – और यह विश्वास कि “राजनीति में आम लोगों” के विजय के संदेश का मतलब उसके लिए भी था। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रचार अभियान के दौरान वह एक बार बेहोश हो गईं। वह उठी और वापस दरवाजे खटखटाने लगी। नतीजों के बाद, पत्रकारों ने थिरु वी का नगर में उनके साधारण घर का दौरा किया – दृश्य 2013 की दिल्ली की याद दिलाते हैं, जब राखी बिड़ला ने AAP के टिकट पर मंगोलपुरी से जीत हासिल की थी। ये कहानी भारत पहले भी देख चुका है. ऐसा कभी नहीं होता. विजय की पार्टी वास्तव में कैसी दिखती है: गैर-दक्षिण भारतीय यह सोच रहे हैं कि एक फिल्म स्टार की पार्टी ने तमिलनाडु में कैसे जीत हासिल की – देखिए कि विजय ने वास्तव में किसे मैदान में उतारा था। टीवीके के उम्मीदवार जीवन के सामान्य क्षेत्रों से आए थे – ड्राइवर, ऑटो-रिक्शा कार्यकर्ता, स्वच्छता कार्यकर्ता, ट्यूशन शिक्षक, कॉलेज के छात्र, सब्जी विक्रेता और मोची। पल्लवी कोई अपवाद नहीं है – वह नियम है। चेन्नई निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाली 53 महिलाओं में से केवल दो ही जीतीं – दोनों टीवीके से, दोनों पहली बार प्रतियोगी थीं। लंबे समय तक शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों के पुरुषों के प्रभुत्व वाले राज्य में, विजय की विधानसभा कुछ ऐसी दिखती है जैसा तमिलनाडु – और ईमानदारी से कहें तो भारत – ने पहले कभी नहीं देखा है। इंटरनेट के पास कहने के लिए बहुत कुछ था: जब पॉलिमर न्यूज ने पल्लवी को शपथ लेने के लिए आते हुए प्रसारित किया, तो यह क्लिप तुरंत #PallaviMLA और #PregnantMLA हैशटैग के तहत वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर पार्टी और राज्य स्तर से ऊपर उठकर प्रशंसा की बाढ़ आ गई। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के उपयोगकर्ताओं – जिनमें से कई ने कभी तमिल राजनीति का अनुसरण नहीं किया था – ने इस क्लिप को “यह वास्तविक राजनीतिक परिवर्तन जैसा दिखता है” जैसे कैप्शन के साथ साझा किया और “उन्होंने 8 महीने की गर्भवती होकर प्रचार किया और 22,000 वोटों से जीत हासिल की। ​​आपका बहाना क्या है?” अन्य राज्यों की महिला राजनेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए पोस्ट किया। यहां तक ​​कि विजय के आलोचकों ने भी स्वीकार किया कि इस पर बहस करना कठिन है। एक शपथ, दो जिंदगियां: डॉक्टरों ने पल्लवी को प्रसव के लिए 20 मई तक अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। इसका मतलब है कि तमिलनाडु विधायक के रूप में शपथ लेने के कुछ दिनों के भीतर, वह अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने के लिए प्रसूति वार्ड में जांच कराएंगी। बच्चे का जन्म एक ऐसी मां से होगा जो एक कानून निर्माता, एक प्रतिनिधि और इस बात का जीता-जागता सबूत है कि भारतीय राजनीति, अपने सबसे अच्छे दिनों में, वास्तविक भारत की तरह दिख सकती है। सफेद वेश्ती पहने शक्तिशाली पुरुषों से भरे हॉल में, नौवें महीने में एक गृहिणी थी जिसने कमरे को दिन की सबसे स्थायी छवि दी। जन्म देने से पहले, वह पहले ही एक जनादेश दे चुकी थी।

CM योगी ने इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया:केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी रहे साथ; सांसद रवि किशन कार पूल करके पहुंचे

CM योगी ने इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया:केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी रहे साथ; सांसद रवि किशन कार पूल करके पहुंचे

गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का आज यानी शनिवार को CM योगी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने शिलान्यास किया। समारोह से पहले केंद्रीय मंत्री ने गुरु गोरखनाथ के दर्शन पूजन किए। वहीं समारोह में शामिल होने के लिए सांसद रवि किशन ने कार पूल करके पहुंचे। उनके के साथ केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, कुशीनगर सांसद विजय दुबे भी रहे। करीब 393 करोड़ रुपए की लागत वाले बनने वाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम CM योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन की तरफ से ताल नदोर में उपलब्ध कराई गई जमीन पर 24 दिसंबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। औपचारिक शिलान्यास होने से पूर्व, सरकार की तरफ से जारी परियोजना लागत की प्रथम किस्त 63.39 करोड़ रुपए से काम आगे बढ़ रहा है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड एक (भवन) के अनुसार अब तक करीब 7 प्रतिशत काम हुआ है। स्टेडियम का निर्माण 23 दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। 2 तस्वीरें देखिए… सीएम योगी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए

ट्रेंडी सूट बैकलाइन डिज़ाइन: रोज़ मॉडल वाले सूट को डिमांड बुटीक के रूप में देखें, सेव कर लें 6 ट्रेंडी डिज़ाइन

ट्रेंडी सूट बैकलाइन डिज़ाइन

16 मई 2026 को 08:36 IST पर अपडेट किया गया ट्रेंडी सूट नेकलाइन डिज़ाइन: क्या आप भी रोज़ एक ही तरह के बोरिंग सूट डिज़ायन बोर हो रहे हैं? अब आपके सिंपल और डेली वियर को बिल्कुल ब्यूटिक के रूप में एलिगेंट लुक मिलेगा। बस अपने टेलर से कहा और सूट के बैक नेक पर ट्राई करें ये लेटेस्ट डिजाइन। अनुसरण करना : रोज़ाना वाले सूट में अगर आप थोड़ा ग्लैम लुक चाहते हैं, तो डीप राउंड या स्क्वायर बैक के साथ डोरी डिज़ाइन सबसे अच्छा है। इसमें आप प्लास्टिक से बनी कस्टमाइज़्ड लटकन या कार्यशाला वर्कशॉप वाली लटकन लगा सकते हैं। छवि: मेटा एआई अगर आप बहुत बड़ा या दीप नहीं देखना चाहते हैं, तो ‘की-होल’ पैटर्न आपके लिए प्रभावित है। एक छोटे से सा ओवल में, ड्रॉप या डायमंड स्पीच का कट बनाया जाता है, जिसके ऊपर एक प्रिंज़री बटन या हुक लगता है। छवि: मेटा एआई आज वी-नेकराइन फ्रंट और बैक दोनों में काफी ट्रेंड में है। बैक पर एक विभाग या विभाग वी-कैट डेक ने अपने बीच में सूट के कॉन्ट्रास्टिंग विभाग के पोटली बटन की लाइन स्थापित की। छवि: मेटा एआई अगर आप अपने डेली वियर कुर्तियां या सूट्स में लिटिल लिबरल और यूथफुल टच शामिल चाहते हैं, तो जियो ऑर्गनाइज़ कट-आउट ट्रेन करें। पीठ पर स्कोकोर या ट्राइएंगल कट किट में दो-तीन आदि पट्टियां लगाई जाती हैं। छवि: मेटा एआई आपके पुराने सूट को थोड़ा सा गर्लिश और बबली लुक देने के लिए ‘बो’ डिज़ाइन बिल्डिंग पर वापस जाएं। गले को छोटा सा ब्रॉडकास्टिंग उपकरण नीचे की तरफ एक कपड़ा की सुंदर सी बो-ताई जोड़ा करवाएं। बो को प्लेन बिल्डिंग से लेकर बिल्डिंग तक छवि: मेटा एआई इन दिनों ऑर्गेन्जा आर्किटेक्चर और लेस का क्रेज़ स्काई पर स्थित है। आप अपने सूट के पिछले हिस्सों में एक बड़ा कट करवाकर वहां ट्रांसपेरेंट ऑरजेन्जा फैब्रिकेशन लगा सकते हैं। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 16 मई 2026 को 08:36 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सूट नेक डिजाइन नवीनतम(टी)फैंसी सूट नेक डिजाइन(टी)सूट के गले के डिजाइन(टी)सूट गाला डिजाइन नवीनतम(टी)सूट के लिए बैक नेक डिजाइन(टी)सिंपल सूट नेक डिजाइन(टी)सिंपल सूट नेक डिजाइन(टी)स्टाइलिश सूट नेकलाइन डिजाइन(टी)कुर्ती बैक नेक डिजाइन(टी)कुर्ती बैक नेक डिजाइन

भीषण गर्मी में मधुमेह मरीज हो जाएं सतर्क! शरीर में पानी की कमी बन सकती है जानलेवा, डॉक्टर ने दी जरूरी सलाह

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Last Updated:May 16, 2026, 08:26 IST Diabetes Summer Tips: भीषण गर्मी का असर मधुमेह यानी डायबिटीज मरीजों पर अधिक गंभीर हो सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेज तापमान और शरीर में पानी की कमी से ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है, जिससे मरीजों की स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है. डिहाइड्रेशन के कारण कमजोरी, चक्कर, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में डायबिटीज मरीजों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और लंबे समय तक धूप में रहने से बचना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित दवा और समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करना बेहद जरूरी है. विशेषज्ञ हल्का और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दे रहे हैं. साथ ही कैफीन और अधिक मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है. ख़बरें फटाफट जोधपुर: राजस्थान में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी अब मधुमेह मरीजों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है. जोधपुर के मथुरा दास माथुर अस्पताल में सेवाएं दे रहे मधुमेह विशेषज्ञ डॉक्टर रौनक गांधी ने बताया कि जिन मरीजों की मधुमेह नियंत्रित नहीं रहती, उनमें शरीर से पानी की कमी होने का खतरा सबसे अधिक रहता है.उन्होंने कहा कि जब शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है तो ग्लूकोज़ के साथ पानी भी अधिक मात्रा में पेशाब के जरिए बाहर निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है और भीषण गर्मी इसे और गंभीर बना देती है. ऐसे में मरीजों को नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीना चाहिए और प्यास लगने के संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उन्होंने बताया कि मधुमेह की कुछ दवाइयाँ, जिन्हें ग्लिफ्लोज़िन वर्ग की दवाइयां कहा जाता है, जैसे डापा ग्लिफ्लोज़िन और एम्पा ग्लिफ्लोज़िन, शुगर नियंत्रित करने के साथ हृदय और किडनी के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन ये पेशाब की मात्रा बढ़ाकर शरीर में पानी की कमी भी बढ़ा सकती हैं. इसलिए गर्मी के मौसम में मधुमेह मरीजों को विशेष सावधानी बरतने, धूप से बचने, हल्का भोजन करने और नियमित रूप से शुगर की जांच करवाने की सलाह दी गई है. हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचावडॉक्टर रौनक गांधी ने सलाह दी कि मधुमेह मरीज प्यास लगने का इंतजार न करें और समय-समय पर पानी पीते रहें.शरीर जब पानी की जरूरत महसूस कराता है तो उस संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. मरीजों को गर्मी में अधिक सतर्कउन्होंने यह भी बताया कि डायबिटीज़ की कुछ दवाइयाँ, खासकर एसजीएलटी-2 इनहिबिटर्स, शरीर में यूरिन की मात्रा बढ़ा देती हैं. डापा ग्लिफ्लोज़िन और एम्पा ग्लिफ्लोज़िन जैसी दवाइयाँ शुगर कंट्रोल, हार्ट और किडनी के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन इनके कारण शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है.इसलिए इन दवाइयों का सेवन करने वाले मरीजों को गर्मी में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jodhpur,Rajasthan