आपने अक्सर देखा होगा कि 30-40 साल की उम्र के पुरुषों में बिल्कुल तरह के गंजे हो जाते हैं, लेकिन महिलाओं के बालों में बिल्कुल अलग तरह के गंजे होते हैं। ऐसा क्यों?
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पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन एक एंजाइम की मदद से DHT में बदलाव किया जाता है। यह DHT बालों के फॉलिकल्स को सिकोड़ देता है, जिससे बाल उगना बंद हो जाते हैं।
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महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर पुरुषों की तुलना में बहुत कम होता है, इसलिए DHT का प्रभाव नागन्या होता है।
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यही कारण है कि गर्भावस्था के दौरान जब एस्ट्रोजेन का स्तर ऊंचा होता है, तो महिलाओं के बाल अधिक घने और चमकदार दिखने लगते हैं।
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महिलाओं के हेयरलाइन में ‘एरोमाटेज’ एंजाइम अधिक होता है, जो टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजेन में बदल देता है।
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पुरुषों में बाल, सिर के ऊपरी हिस्से से पूरी तरह गायब हो जाते हैं।
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महिलाओं में बाल पूरे सिर से धीरे-धीरे-धीरे-धीरे होते हैं, लेकिन हेयरलाइन आमतौर पर बनी रहती है। इसे ‘क्रिसमस ट्री पैटर्न’ भी कहा जाता है।
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50 साल की उम्र के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर दिखता है। इसी समय महिलाएं ध्यान देती हैं कि उनके बालों की पहली तुलना में अधिक अच्छी हो रही हैं।
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