मस्सों की समस्या से हैं परेशान? होम्योपैथिक डॉक्टर ने बताए बचाव के साथ घरेलू इलाज

आजकल त्वचा संबंधी समस्याओं में मस्सों की परेशानी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है. चेहरे, गर्दन, हाथों और पैरों पर उभरने वाले छोटे-छोटे दाने शुरुआत में सामान्य लगते हैं, लेकिन समय के साथ यह मस्सों का रूप लेकर लोगों की सुंदरता और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित करने लगते हैं. कई लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ महंगे इलाज का सहारा लेते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर पहचान और उचित उपचार से इस समस्या से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है. कैसे फैलता है वायरस दरअसल, मस्से मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होते हैं और यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, उसकी वस्तुओं का उपयोग करने या त्वचा पर छोटे कट के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है. बता दें कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है. कई बार मस्से अपने आप समाप्त हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह तेजी से बढ़ने लगते हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकते हैं. इस बारे में लोकल 18 को अधिक जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक डॉक्टर रजिता ने बताया कि मस्से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होते हैं और यह स्किन एलर्जी की वजह से भी हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति का तौलिया इस्तेमाल करने से भी मस्सों की समस्या बढ़ सकती है, लेकिन होम्योपैथिक पद्धति से इसका इलाज संभव है. क्या है होम्योपैथी में इलाज उन्होंने बताया कि होम्योपैथी में Thuja Occidentalis, Causticum और Nitric Acid जैसी कई दवाइयां हैं, जिनका उपयोग करके मस्सों को जड़ से खत्म किया जा सकता है. हालांकि, अगर मस्सों में ब्लीडिंग की समस्या ज्यादा बढ़ गई हो, तो पहले किसी नजदीकी डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मस्सों को आमतौर पर सर्जिकल माध्यम से हटाया जाता है, लेकिन होम्योपैथी की कुछ दवाइयां इन्हें जड़ से झड़ने में मदद करती हैं. उन्होंने बताया कि कई लोग मस्सों को हटाने के लिए चूने का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह काफी घातक साबित हो सकता है. क्योंकि चूना लगाने से घाव हो सकता है, जिससे खासकर शुगर के मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. क्या है लक्षण डॉ. रजिता ने बताया कि मस्सों की पहचान करना सामान्यतः आसान होता है. त्वचा पर छोटे, उभरे हुए और खुरदुरे दाने दिखाई देना इसका प्रमुख लक्षण है. इनका रंग त्वचा जैसा, हल्का भूरा, गुलाबी या सफेद हो सकता है. कई मस्सों पर छोटे काले बिंदु भी दिखाई देते हैं. कभी-कभी इनमें खुजली, जलन या खून आने जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं. इसलिए मस्सों को हाथ से छूने के बजाय एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए. होम्योपैथिक चिकित्सकों का कहना है कि मस्सों का उपचार केवल बाहरी रूप से नहीं, बल्कि शरीर की आंतरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करके किया जाना चाहिए. होम्योपैथी में रोग के मूल कारण को ध्यान में रखकर उपचार किया जाता है, जिससे मस्सों को जड़ से खत्म करने में मदद मिल सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ प्रमुख होम्योपैथिक औषधियां मस्सों के उपचार में उपयोगी मानी जाती हैं. Thuja Occidentalis को मस्सों की प्रमुख दवा माना जाता है, विशेष रूप से तब जब मस्से नरम, बड़े और तेजी से बढ़ रहे हों. Causticum उन मस्सों में लाभकारी मानी जाती है, जो चेहरे या हाथों पर अधिक संख्या में हों. Antimonium Crudum कठोर और मोटे मस्सों के लिए उपयोग की जाती है, जबकि Nitric Acid दर्द वाले और खून आने वाले मस्सों में राहत देने में सहायक मानी जाती है. घरेलू इलाज इसके अलावा घरेलू स्तर पर एलोवेरा जेल, केले के छिलके और प्याज के रस का प्रयोग भी लोग करते हैं. हालांकि, डॉक्टर बिना सलाह के किसी भी उपाय को अपनाने से बचने की सलाह देते हैं. उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक पद्धति से कई बार एक हफ्ते में भी मस्सों का इलाज संभव हो जाता है. इसलिए नागरिक अस्पताल में 5 रुपये की पर्ची बनवाकर कोई भी व्यक्ति होम्योपैथिक ओपीडी में आकर जांच करवाकर निशुल्क दवा ले सकता है.
पंजाब किंग्स की टीम मैक्लोडगंज पहुंची:स्थानीय व्यंजनों का उठाया लुत्फ, धर्मशाला स्टेडियम में जीत के लिए पूजा; खिलाड़ियों की एक झलक को उमड़ी भीड़

आईपीएल के मौजूदा सीजन में अपनी जीत की लय बरकरार रखने और आगामी मुकाबलों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब किंग्स की टीम शुक्रवार को मैक्लोडगंज पहुंची। टीम के खिलाड़ियों और प्रबंधन ने शुक्रवार रात प्रसिद्ध ‘मैक्लो रेस्टोरेंट’ में समय बिताया। यहां टीम ने स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया। खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए गहमागहमी रही। मैदान पर उतरने से पहले टीम ने आध्यात्मिक आशीर्वाद को प्राथमिकता दी। टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों ने धर्मशाला के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया। टीम की जीत के लिए आहुतियां डाली गईं यह पूजा आगामी मैचों के सफल आयोजन और टीम के बेहतर प्रदर्शन की कामना के लिए की गई। इस दौरान स्थानीय पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच टीम की जीत के लिए आहुतियां डाली गईं। धौलाधार की पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह स्टेडियम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तरोताजा करने की रणनीति पंजाब किंग्स के लिए यह मैदान ‘होम ग्राउंड’ के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है। टीम प्रबंधन का मानना है कि यहां की सकारात्मक ऊर्जा खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने में सहायक होगी। मैक्लोडगंज के शांत वातावरण में बिताया गया यह समय खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तरोताजा करने की रणनीति का हिस्सा भी है। एचपीसीए ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए आने वाले दिनों में यहां हाई-वोल्टेज मुकाबले होने हैं, जिसे लेकर जिला प्रशासन और एचपीसीए ने भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। टीम अब इस आध्यात्मिक ऊर्जा और अभ्यास के साथ मैदान पर प्रदर्शन करने को तैयार है।
क्या नाभि में तेल डालने से सेहत और त्वचा रहती है अच्छी? कौन सा ऑयल इस्तेमाल के लिए बेस्ट, आजमाएं ये देसी नुस्खा

Last Updated:May 09, 2026, 08:57 IST Benefits of applying oil in navel : आजकल हम फिट रहने और अच्छी स्किन के लिए महंगे-महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और सप्लीमेंट्स पर हजारों खर्च कर देते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि हमारी दादी-नानी के पिटारे में एक ऐसा नुस्खा है जो फ्री जैसा है और सुपर इफेक्टिव भी? हम बात कर रहे हैं ‘नाभि’ यानी बेली बटन में तेल लगाने की. सुनने में शायद थोड़ा पुराना लगे, लेकिन आयुर्वेद और पुराने लोग इसे सेहत का खजाना मानते हैं. Nabhi Mein Tel Dalne Ke Fayde : नाभि हमारे शरीर का सेंटर पॉइंट है. यहाँ की स्किन काफी पतली होती है और इसके पीछे ढेर सारी छोटी-छोटी नसें होती हैं. इसी वजह से नाभि तेल को जल्दी सोख लेती है और इसका असर दिखने लगता है. हाँ, इसे कोई जादू या हर बीमारी का इलाज मत मानिए, लेकिन स्किन को सॉफ्ट रखने और खुद को रिलैक्स करने का इससे आसान तरीका कोई नहीं है. चलिए देखते हैं कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा तेल बेस्ट रहेगा. 1. कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल): अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई रहती है या पेट में भारीपन महसूस होता है, तो कैस्टर ऑयल ट्राई करें. यह थोड़ा गाढ़ा होता है, इसलिए रात को इसकी 2 बूंदें नाभि में लगाने से स्किन अंदर तक मॉइस्चराइज हो जाती है. यह रुखेपन को दूर करने का सबसे पक्का इलाज है. 2. नारियल तेल (Coconut Oil): यह तो हर घर में होता ही है. वर्जिन कोकोनट ऑयल हर तरह की स्किन को सूट करता है. अगर टाइट कपड़ों या पसीने की वजह से नाभि के आसपास जलन या खुजली होती है, तो नारियल तेल उसे तुरंत शांत कर देता है. इसकी हल्की खुशबू आपको रात में चैन की नींद सोने में भी मदद करेगी. Add News18 as Preferred Source on Google 3. तिल का तेल (Sesame Oil): सर्दियों के मौसम के लिए तिल का तेल बेस्ट है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्माहट देती है. अगर आपको मांसपेशियों में अकड़न या पेट के आसपास टाइटनेस लगती है, तो थोड़ा सा गुनगुना तिल का तेल नाभि में डालें. आपको बहुत राहत मिलेगी. 4. बादाम का तेल (Almond Oil): कौन नहीं चाहता कि उसकी स्किन ग्लो करे? बादाम के तेल में विटामिन-ई भरपूर होता है. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो यह तेल आपके लिए सबसे सेफ है. इसे रेगुलर लगाने से स्किन सॉफ्ट होती है और धीरे-धीरे पुराने निशान भी हल्के होने लगते हैं. 5. सरसों का तेल (Mustard Oil): पुराने समय से ही लोग सरसों का तेल नाभि में लगाते आए हैं. यह ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और शरीर की सुस्ती दूर करने के लिए जाना जाता है. पर ध्यान रहे, सरसों का तेल काफी स्ट्रॉन्ग होता है. अगर आपकी स्किन नाजुक है, तो इसे सीधे न लगाएं, बल्कि किसी दूसरे तेल में मिलाकर ही इस्तेमाल करें. अब सवाल है कि इसे लगाना कैसे है? सबसे जरूरी बात- तेल से ज्यादा सफाई पर ध्यान दें. तेल लगाने से पहले नाभि को अच्छे से साफ कर लें ताकि कोई गंदगी अंदर न जाए. सिर्फ 2-3 बूंदें ही काफी हैं, पूरी बोतल उंडेलने की जरूरत नहीं है! हर किसी की बॉडी अलग होती है, इसलिए रिजल्ट मिलने में थोड़ा वक्त लग सकता है. चलते-चलते एक जरूरी बात: यह एक घरेलू नुस्खा है, कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं. अगर आपको कोई स्किन एलर्जी है या कोई बड़ी बीमारी है, तो एक बार डॉक्टर से पूछने में कोई बुराई नहीं है. अगर तेल लगाने पर खुजली या दाने निकलें, तो तुरंत धो लें. इस देसी नुस्खे को आजमाएं और अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं! (All Image Credit:pinterest) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सुवेंदु अधिकारी शपथ: बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के साथ और कौन-कौन शपथ? सामने आई सरकारी मंत्री की लिस्ट

पश्चिम बंगाल में शनिवार (9 मई 2026) को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ। शुभेंदु के नवाब और कौन-कौन नेता शामिल होंगे, इसकी एक सूची भी सामने आई है। बीजेपी की तरफ से अभी आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के कई बड़े नेताओं के नाम बीजेपी की सूची में सामने आ गए हैं. शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, भाजपा के वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पॉल, रूपा घोष, दिलीप घोष, स्वपन दासगुप्ता, शंकर घोष, सरदत्त मुखर्जी, इंद्रनील खा और अजित कुमार शामिल हो सकते हैं। ये सभी नेता लंबे समय से पार्टी में सक्रिय रह रहे हैं और पश्चिम बंगाल में भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा कुछ और नेताओं के नाम की भी चर्चा है, जिसमें नई सरकार में जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनमें दीपंजन क्रिएटर, ज्वेल मुर्मू, नमन राय, दीपक बर्मन, सजल घोष और बंकिम घोष शामिल हैं। पार्टी के प्रमुखों का कहना है कि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर ध्यान देते हुए पार्टियों का गठन किया जा रहा है ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी बंगाल के नए सीएम पद की शपथ, चुनाव जीत पर जानें बांग्लादेश के पूर्व पीएम शेख हसीना फिल्म और सांस्कृतिक जगत से जुड़े रिश्ते को मौका फिल्म और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग भी नई सरकार में शामिल हो सकते हैं। अभिनेता रुद्रनील घोष, रथइंद्रनाथ बसु और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी शामिल किया जा रहा है। बीजेपी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है, इसलिए ऐसी पार्टी तैयार करना चाहती है जिसमें राजनीतिक अनुभव के साथ अलग-अलग कलाकारों के प्रतिनिधि भी शामिल हों। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनने वाली यह सरकार पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला रही है। अब इस बात पर गौर करें कि अंतिम सूची में किन-किन नेताओं के कौन-कौन से स्थान हैं और कौन सा विभाग दिया गया है। बंगाल चुनाव में किस पार्टी ने सबसे ऊंची रैली निकाली पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी जीत मिली है। भाजपा ने 206 वोट हासिल कर 2-तिहाई से बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही राज्य में 15 साल पुराने नेपोलियन कांग्रेस के शासन का अंत हो गया है। यह चुनावी सूची की विशेष गहनता पुनरीक्षण अर्थात सर के बाद पहला चुनाव हुआ था। चुनाव में पारंपरिक कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था. पार्टी को सिर्फ 80 सीटें मिलीं और एक सीट पर बढ़त बनी हुई है। राज्य की कुल 293 विधानसभाओं में से 292 विधानसभाओं के नतीजे घोषित किये गये हैं। अन्य धर्मशास्त्रों की बात करें तो कांग्रेस को 2 पादरी मिले हैं। आम जनता पार्टी (एजेयूपी) ने भी 2 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं सी नौकरीपेशा(एम) सिर्फ 1 सीट जीतने में सफल रही। ये भी पढ़ें: ऑपरेशन सिन्दूर में भारत ने जैश के मुख्यालय को बनाया था स्थिर, वो फिर से तैयार हो जाएगा, पाकिस्तान सरकार ने दिए 25 करोड़ (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सरकार(टी)पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री(टी)बीजेपी कैबिनेट(टी)अग्निमित्र पॉल(टी)दिलीप घोष(टी)रूपा गांगुली(टी)बंगाल राजनीति(टी)बीजेपी विधायक(टी)पश्चिम बंगाल शपथ ग्रहण 2026(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)बीजेपी(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सरकार(टी)पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री(टी)बीजेपी कैबिनेट(टी)अग्निमित्रा पॉल(टी)दिलीप घोष(टी)रूपा घोष(टी)बंगाल पॉलिटिक्स(टी)बीजेपी विधायक(टी)पश्चिम बंगाल शपथ ग्रहण 2026(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)बीजेपी(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल
विजय की सरकार बनने पर अब भी पेंच:TVK को 116 विधायकों का समर्थन, 2 अब भी बाकी; आज होने वाली शपथ कैंसिल

तमिलनाडु में विजय सरकार बनाने पर राजनीतिक सस्पेंस अब भी बरकरार है। TVK चीफ और एक्टर विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन उनके पास महज 116 विधायकों का ही समर्थन पत्र था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बहुमत का आंकड़ा न होने के कारण आज होने वाला विजय का शपथ समारोह कैंसिल हो गया है। दरअसल, विजय ने राज्यपाल को TVK, कांग्रेस, CPI, CPI(M) के 116 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था। IUML और VCK ने अब तक समर्थन पत्र नहीं दिया है। दोनों के पास 2-2 विधायक हैं। विजय को भी बहुमत के लिए महज 2 विधायक और चाहिए हैं। इससे पहले विजय ने 6 और 7 मई को भी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन राज्यपाल ने कहा कि 118 विधायकों का समर्थन दिखाए बिना वे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं कर सकते। VCK ने दिन में समर्थन की बात कही, रात तक कोई एक्शन नहीं VCK चीफ थिरुमावलवन ने शुक्रवार सुबह सार्वजनिक रूप से कहा कि उनकी पार्टी TVK को समर्थन देगी। लेकिन देर रात तक राज्यपाल को समर्थन का औपचारिक पत्र नहीं सौंपा। इससे विजय की शनिवार को होने वाली CM पद की शपथ एक बार फिर टल गई। राज्यपाल कार्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार शाम को हुई बैठक में विजय के पास केवल 116 विधायकों का ही रिकॉर्ड था। तमिलनाडु में 4 मई को रिजल्ट के बाद का घटनाक्रम… तमिलनाडु में सरकार गठन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
दिनाकरण ‘जालसाजी’ की शिकायत के साथ पुलिस के पास पहुंचे क्योंकि टीवीके ने एएमएमके विधायक के समर्थन का ‘सबूत’ साझा किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 08:09 IST टीवीके ने आगे आरोप लगाया कि अब पत्र की प्रामाणिकता को नकारने का प्रयास किया जा रहा है और दिनाकरन पर “झूठी खबर और गलत सूचना” फैलाने का आरोप लगाया। एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन (बाएं) और टीवीके प्रमुख विजय (दाएं) के बीच वाकयुद्ध चल रहा है। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर लड़ाई तेज हो गई है, अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) ने तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें विजय के नेतृत्व वाली पार्टी पर महत्वपूर्ण संख्या के खेल में जाली समर्थन पत्र का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है, जिसने राज्य को मुश्किल में डाल दिया है। यह शिकायत राज्य में सत्ता पर दावा करने के कड़े मुकाबले में एएमएमके के एकमात्र विधायक एस कामराज के समर्थन को लेकर दोनों पार्टियों के बीच तेज हो रही तनातनी में एक नया मुद्दा जोड़ती है। नवीनतम विकास तब हुआ जब टीवीके ने एक वीडियो जारी किया जिसमें कथित तौर पर कामराज को स्वेच्छा से विजय की पार्टी को समर्थन देने के लिए एक पत्र लिखते हुए दिखाया गया, जिससे एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरण के साथ उसका कड़वा टकराव बढ़ गया। #घड़ी | चेन्नई, तमिलनाडु | एएमएमके पार्टी के महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने सहायक पुलिस आयुक्त, गिंडी रेंज के कार्यालय का दौरा किया। यह दिनाकरण के इस दावे के बीच आया है कि टीवीके ने विधायक कामराज के पत्र की ‘जाली प्रति’ राज्यपाल के साथ साझा की थी और वह एक याचिका दायर कर रहे हैं… pic.twitter.com/GgF0T6Eaz8 – एएनआई (@ANI) 8 मई 2026 टीवीके ने शनिवार तड़के सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि दृश्यों में स्पष्ट रूप से कामराज को “स्वेच्छा से और खुशी से” पार्टी के पक्ष में समर्थन पत्र लिखते हुए दिखाया गया है। टीवीके द्वारा जारी बयान के अनुसार, विधायक ने यह भी बताया कि यह निर्णय एएमएमके महासचिव दिनाकरण की मंजूरी से लिया गया था। यह भी पढ़ें | द्रमुक के ‘संकल्प 3’ पर छिड़ी चर्चा: क्या वह तमिलनाडु में पुनर्मतदान से बचने के लिए विजय की टीवीके या अन्नाद्रमुक को बाहर से समर्थन देगी? पार्टी ने कहा, “ये एएमएमके विधायक कामराज के स्वेच्छा से और खुशी से एक पत्र लिखते हुए तमिलागा वेट्री कज़गम के लिए अपना समर्थन व्यक्त करने के वीडियो दृश्य हैं। उन्होंने कहा था कि वह एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन की मंजूरी के साथ तमिलागा वेट्री कज़गम को समर्थन दे रहे थे।” #घड़ी | टीवीके ने एएमएमके विधायक कामराज का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “ये एएमएमके विधायक कामराज के वीडियो विजुअल हैं, जो स्वेच्छा से और खुशी से तमिलागा वेट्री कड़गम के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हुए एक पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह तमिलागा वेट्री कड़गम को समर्थन दे रहे थे… pic.twitter.com/sM3xtyXx12– एएनआई (@ANI) 8 मई 2026 टीवीके ने आगे आरोप लगाया कि अब पत्र की प्रामाणिकता को नकारने का प्रयास किया जा रहा है और दिनाकरन पर “झूठी खबर और गलत सूचना” फैलाने का आरोप लगाया। बयान में कहा गया, “हालांकि, अब जो जानकारी फैलाई जा रही है कि उन्होंने पत्र नहीं लिखा, वह पूरी तरह से गलत और सच्चाई के विपरीत है। इसे स्पष्ट रूप से समझना हर किसी के लिए आवश्यक है। इन सभी तथ्यों को छिपाते हुए, टीटीवी दिनाकरण लगातार झूठी खबरें और गलत सूचना फैला रहे हैं।” पार्टी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि वह विधायकों को तोड़ने या बंद दरवाजे के पीछे समर्थन के लिए बातचीत करने का प्रयास कर रही थी। टीवीके ने कहा, “जनता को यह समझना चाहिए कि तमिलागा वेट्री कज़गम को किसी के साथ सौदेबाजी या बातचीत करने की कोई ज़रूरत नहीं है।” इससे पहले, एएमएमके ने दावा किया था कि तमिलनाडु चुनाव के फैसले के बाद तनावपूर्ण संख्या के खेल के बीच कथित तौर पर टीवीके को समर्थन देने के बाद कामराज ने संपर्क नहीं किया था। दिनाकरन ने विजय की पार्टी पर एएमएमके विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था और कहा था कि टीवीके को समर्थन देने के लिए उनकी पार्टी द्वारा कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। कुछ घंटों बाद नाटकीय घटनाक्रम में, दिनाकरन ने कामराज के साथ लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सरकार बनाने के लिए अन्नाद्रमुक नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी के दावे का समर्थन किया। मीडिया से बात करते हुए, दिनाकरन ने टीवीके पर कथित तौर पर टीवीके का समर्थन करने वाले एक पत्र की “जाली ज़ेरॉक्स कॉपी” का उपयोग करके राजनीतिक समर्थन गढ़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया। दिनाकरन ने कहा, “यह जालसाजी है। हम एक आपराधिक शिकायत दर्ज करेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एएमएमके का आधिकारिक समर्थन अन्नाद्रमुक के साथ रहेगा। उन्होंने कहा, ”हमारे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पलानीस्वामी हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए अन्नाद्रमुक की बोली को मजबूत करने के लिए पार्टी अन्य राजनीतिक दलों के साथ भी बातचीत कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया दिनाकरण ‘जालसाजी’ की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे क्योंकि टीवीके ने एएमएमके विधायक के समर्थन का ‘सबूत’ साझा किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु सरकार का गठन(टी)तमिलगा वेट्री कषगम(टी)अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम(टी)एएमएमके बनाम टीवीके(टी)एस कामराज विधायक(टी)टीटीवी दिनाकरन(टी)फर्जी समर्थन पत्र(टी)तमिलनाडु राजनीतिक संकट
सुवेंदु अधिकारी शपथ समारोह लाइव: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी, राज्यपाल ने शपथ ली

शुभेंदु अधिकारी की मुख्य भूमिका के बारे में गायत्री अधिकारी ने कहा, ‘नरसंहार के लिए काम करना चाहिए, उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।’ उनके पिता उनके प्रेरणा स्त्रोत हैं, 15 साल की उम्र में बाहुबली सुवेंदु अकेले सीपीआईएम से बैटल गर्ल थीं। वे चावल के साथ मछली या अंडा खाते थे। इन्हें हिल्सा, चिकन और पोस्तो (खसाखस) बहुत पसंद है. पिछले पांच वर्षों में उनके (सुवेंदु की) जान ने तीन बार खतरे में पड़ना, यह (जान को खतरे में डालने का) कारण बनाया है, वे भी सुखी बने रहें।’ #घड़ी | कांथी, पूर्वी मिदनापुर: पश्चिम बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी की मां गायत्री अधिकारी का कहना है, “उन्हें उन लोगों के लिए काम करना चाहिए जिन्होंने उन्हें सीएम बनाया है.. उनके पिता उनकी प्रेरणा हैं, जिन्होंने सुवेंदु की उम्र में अकेले सीपीआईएम से लड़ाई लड़ी थी… वह मछली के साथ चावल खाते थे या… pic.twitter.com/FoeMuehPJJ – एएनआई (@ANI) 9 मई 2026 (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री शपथ समारोह(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)ममता बनर्जी(टी)पीएम मोदी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल सीएम शपथ समारोह लाइव(टी)पश्चिम बंगाल सीएम शपथ(टी)सुवेंदु अधिकारी शपथ समारोह लाइव(टी)सुवेंदु अधिकारी शपथ समारोह(टी)सुवेंदु अधिकारी शपथ(टी)चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल शपथ ग्रहण(टी)शुभेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण(टी) पीएम मोदी(टी)अमित शाह(टी)नरेंद्र मोदी(टी)ममता शपथ(टी)बंगाल सीएम
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि होंगे देश के नए CDS:30 मई को रिटायर होंगे मौजूदा CDS अनिल चौहान

भारत सरकार ने एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा CDS अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। सुब्रमणि फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर हैं। इससे पहले वे भारतीय सेना में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और सेंट्रल कमांड के GOC-इन-C जैसे पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 1985 में गढ़वाल राइफल्स में हुए थे शामिल एनएस राजा सुब्रमणि ने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स से सेना में कमीशन लिया था। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद वे ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज भी गए। भारत लौटने के बाद उन्हें माउंटेन ब्रिगेड में ब्रिगेड मेजर की जिम्मेदारी दी गई। बाद में उन्होंने दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से पढ़ाई की। उनके पास लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है। जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली 35 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल क्षेत्रों में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में भारतीय दूतावास में डिफेंस अटैची भी रहे। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे। सांबा ब्रिगेड के हेड भी रह चुके हैं सुब्रमणि ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए एनएस राजा सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि होंगे देश के नए CDS:30 मई को रिटायर होंगे मौजूदा CDS अनिल चौहान

भारत सरकार ने एनएस राजा सुब्रमणि को देश का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा CDS अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। सुब्रमणि फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर हैं। इससे पहले वे भारतीय सेना में वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और सेंट्रल कमांड के GOC-इन-C जैसे पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 1985 में गढ़वाल राइफल्स में हुए थे शामिल एनएस राजा सुब्रमणि ने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स से सेना में कमीशन लिया था। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद वे ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज भी गए। भारत लौटने के बाद उन्हें माउंटेन ब्रिगेड में ब्रिगेड मेजर की जिम्मेदारी दी गई। बाद में उन्होंने दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से पढ़ाई की। उनके पास लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है। जम्मू-कश्मीर से लेकर कजाकिस्तान तक जिम्मेदारी संभाली 35 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर में सुब्रमणि ने अलग-अलग ऑपरेशनल क्षेत्रों में काम किया। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में भारतीय दूतावास में डिफेंस अटैची भी रहे। कर्नल रैंक में उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में ईस्टर्न कमांड में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) रहे। जम्मू-कश्मीर में वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर भी रहे। सांबा ब्रिगेड के हेड भी रह चुके हैं सुब्रमणि ब्रिगेडियर बनने के बाद सुब्रमणि ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। इसके अलावा वे आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस (DDGMI) भी रहे। साल 2023 में उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला। इसके एक साल बाद वे सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। रिटायरमेंट के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया था। देश के लिए सेवाओं के लिए एनएस राजा सुब्रमणि को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। कृष्णा स्वामीनाथन सुब्रमणि के अलावा, वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वे फिलहाल मुंबई में वेस्टर्न नैवी कमांडर हैं। कृष्णा भी 31 मई को कार्यभार संभालेंगे।
पंजाब के AAP मंत्री मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार:ED टीम अरोड़ा को चंडीगढ़ से दिल्ली ले गई; केजरीवाल बोले- पार्टी तोड़ने की कोशिश

केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह हुई रेड के वक्त वह चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित अपनी सरकारी कोठी पर ही थे। इसके बाद करीब 10 घंटे की पूछताछ की गई। जिसके बाद शाम करीब 5 बजे ED की टीम चंडीगढ़ और हरियाणा नंबर की गाड़ियों में उन्हें दिल्ली ले गई। आगे की पूछताछ उनसे दिल्ली में ही होगी। उनकी रात ED के लॉकअप में बीतेगी। ED ने शनिवार सुबह ही मंत्री अरोड़ा पर रेड चंडीगढ़ में उनके सरकारी घर, दिल्ली और गुरुग्राम के 5 ठिकानों में हुई है। ED ने खुलासा किया कि अरोड़ा ने अपनी फर्मों के जरिए मोबाइल खरीद की करीब 157.12 करोड़ रुपए की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए। इसके अलावा दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड-ट्रिपिंग के लिए इन सामानों के एक्सपोर्ट का इस्तेमाल किया। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और एक्सपोर्ट पर GST रिफंड तथा ड्यूटी ड्रॉबैक लेने के लिए दिल्ली की गैर-मौजूद फर्मों से कई फर्जी GST खरीद बिल हासिल किए गए। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और व्यक्तिगत लाभ कमाया गया। ED के जाल में कैसे फंसे अरोड़ा, कौन सी संपत्तियां अटैच हुईं… ED सोर्सेस के मुताबिक 157.12 करोड़ रुपए के फर्जी एक्सपोर्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों, डीमैट होल्डिंग्स और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है। यह अटैचमेंट के आदेश 19 अप्रैल को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 की धारा 37(3) और आयकर अधिनियम की धारा 132(9B) के तहत जारी किए गए थे। जिसके तहत जांच को सही ढंग से सिरे चढ़ाने के लिए 180 दिन के लिए यह अटैचमेंट की गई है। ED ने यह कार्रवाई 17 अप्रैल को गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के परिसर, उसके प्रमुख शेयरधारक मेसर्स फाइंडोक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालयों और संजीव अरोड़ा, काव्या अरोड़ा, हेमंत सूद और चंद्र शेखर से जुड़े स्थानों पर की गई तलाशी और जब्ती कार्रवाई के बाद की। इस संबंध में सामने आए अंतरिम कुर्की आदेश के अनुसार, कंपनी ने अपने निदेशकों, कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों के साथ मिलीभगत करके, फर्जी बिक्री और निर्यात को दर्शाने के लिए कथित तौर पर शेल संस्थाओं के एक नेटवर्क के माध्यम से फर्जी खरीद चालान तैयार किए। ईडी ने आरोप लगाया कि 157.12 करोड़ रुपये के कुल घोषित एक्सपोर्ट के मुकाबले, 102.50 करोड़ रुपये के लेनदेन केवल UAE स्थित दो संस्थाओं – मेसर्स फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO और मेसर्स ड्रैगन ग्लोबल FZCO के माध्यम से किए गए थे। ED ने आगे दावा किया है कि फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO, मेसर्स फोर्टबेल गैजेट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी है। जिसके मालिक हेमंत सूद और चंदर शेखर हैं। इससे एजेंसी को जांच में संबंधित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से धन की “राउंड-ट्रिपिंग” का संदेह पैदा हुआ है, जो कि FEMA की धारा 7 और FEMA (माल और सेवाओं का निर्यात) विनियम, 2015 के विनियम 9 के कथित उल्लंघन का मामला है। जब्त की गई संपत्तियों में हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के कई बैंक खाते, काव्या अरोरा के डीमैट खाते और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स के अलावा लुधियाना, मोहाली और गुरुग्राम में स्थित अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा ED अब विदेशी मुद्रा संबंधी कथित उल्लंघनों की चल रही जांच के तहत, ईडी संबंधित फर्मों और व्यक्तियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। अरोड़ा की गिरफ्तारी पर 3 बड़े बयान आगे बढ़ने से पहले इस पोल में अपनी महत्वपूर्ण राय जरूर दें… पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी। अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके। उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं। वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं। रेड के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…





