‘आप एक्टिंग छोड़ो, एयरफोर्स जॉइन करो’:अभय वर्मा को मिला यह कॉम्प्लीमेंट, बोले- इससे बड़ा सम्मान मेरे लिए शायद कुछ हो ही नहीं सकता

अभिनेता अभय वर्मा इन दिनों ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में भारतीय वायुसेना के अधिकारी आरएस धालीवाल का किरदार निभाकर चर्चा में हैं। इस भूमिका ने उन्हें अभिनेता के तौर पर चुनौती दी और देश के अनसंग हीरोज को करीब से समझने का मौका दिया। अभय बताते हैं कि एयरफोर्स स्टेशन में जवानों से मुलाकात, मिग-21 में बैठने और पूर्व एयर चीफ मार्शल धनोआ से मिलने के अनुभव उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहे। धालीवाल के परिवार से मुलाकात को वह अपने करियर का खास सम्मान मानते हैं। उन्होंने युद्ध, परिवार, वर्दी और देश के लिए बलिदान पर भी बात की। सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में काम करने का आपकी जिंदगी पर कितना असर पड़ा? जवाब: मेरे लिए एक्टिंग का एक ही फंडा है कि मैं हर दिन एक बेहतर इंसान बनूं। पिछले किरदार से जितनी खूबियां सीखूं, उन्हें अगले प्रोजेक्ट में इस्तेमाल करूं और एक बेहतर एक्टर बनूं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में हमारे देश के हीरोज को निभाने का मौका मिला। इसके साथ बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी महसूस हुई। आज हम अपने परिवार के साथ चैन से सोते हैं, देश पर गर्व करते हैं और हमारे युवा सेना में जाने का सपना देखते हैं, तो इसमें इन अनसंग हीरोज का बहुत बड़ा योगदान है। एक्टर के तौर पर ऐसा किरदार मिलना मेरे लिए किसी एथलीट के ओलंपिक के लिए चुने जाने जैसा है। सवाल: आपका जन्म 27 जुलाई 1998 को हुआ और कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई 1999 को था। जब आपने कारगिल और ऑपरेशन सफेद सागर को करीब से समझा तो क्या महसूस हुआ? जवाब: जब कारगिल युद्ध हुआ, तब मैं सिर्फ एक साल का था। उस समय मुझे कुछ पता नहीं था, लेकिन ‘कारगिल’ शब्द बहुत मशहूर हो गया था। बाद में किताबों के जरिए इसके बारे में जाना। ‘ऑपरेशन विजय’ के बारे में तो हम बहुत सुनते आए हैं, लेकिन ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की कहानी हमारे सामने नहीं आई थी। जब पहली बार डायरेक्टर ने इसके बारे में बताया तो मैंने उनसे पूछा- ‘सर, ये सच में हुआ था?’ सवाल बचकाना था, लेकिन कहानी इतनी अविश्वसनीय थी कि मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा हुआ भी था और हमें पता भी नहीं। सबसे खास बात यह थी कि मैं पहले से अपने हीरो के बारे में सोचकर नहीं आया था। किरदार निभाते-निभाते आरएस धालीवाल मेरे हीरो बन गए। उनकी बहादुरी, जज्बा और साहस ने मुझे बहुत प्रभावित किया। सवाल: एयरफोर्स के लोगों से मिलने पर आपको अपने किरदार की अहमियत कैसे महसूस हुई? जवाब: जब मैं एयरफोर्स स्टेशन में लोगों से मिला और बताया कि मैं आरएस धालीवाल का किरदार निभा रहा हूं, तो उनकी आंखों में अलग चमक आ गई। उनकी छाती गर्व से चौड़ी हो गई। एक व्यक्ति ने दोबारा मेरा हाथ मिलाकर कहा, ‘आप धाली को प्ले कर रहे हैं?’ हाल ही में रात में पुलिस अल्कोहल चेक कर रही थी। मैंने शीशा नीचे किया तो हवलदार ने मुझे दो बार देखा और पूछा कि आपने धाली का किरदार निभाया है ना? उन्होंने जाते-जाते दोबारा हाथ मिलाया। हमारे हीरोज के लिए लोगों के मन में जो सम्मान है, उसे महसूस करना मेरे लिए खास था। सवाल: आरएस धालीवाल बहुत कम बोलने वाले, आत्मविश्वासी और निडर अधिकारी थे। उन्हें निभाने की तैयारी कैसे की? जवाब: सबसे पहले तो मुझे डर लग रहा था, क्योंकि वह बहुत कम बोलते थे और मैं बहुत बोलता हूं। यही मेरी पहली चुनौती थी। हालांकि असली तैयारी हमारे डायरेक्टर और राइटर ने कराई। मुझे लगता है कि हर इंसान जो वर्दी पहनता है, वह भगवान का भेजा हुआ इंसान है। वह हमें बचाने के लिए वर्दी पहनता है, बिना कुछ मांगे अपना काम करता है। यह गुण मैंने अपनी मां और इन हीरोज में देखा है। वे कुछ कर जाते हैं, लेकिन उसके बारे में बताते नहीं हैं। मेडल नहीं मांगते। बस अपना काम करते हैं। हमारे शो में भी एक लाइन है कि वर्दी ऐसी चीज नहीं है जिसे कोई राह चलता आदमी खरीदकर पहन ले। जिसे इसे पहनने का मौका मिलता है, वह आम इंसान से ऊपर होता है। मैं आखिरी दिन तक खुद को तैयार करता रहा, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसे लोगों जैसा पूरी तरह बनना संभव नहीं है। हम सिर्फ उनके जैसा बनने की कोशिश कर सकते हैं। सवाल: इस प्रोजेक्ट का ऑडिशन कैसे हुआ? जवाब: मैंने पहले ऑडिशन दिया था। वह ऑडिशन मुकेश छाबड़ा सर के ऑफिस में हुआ था। वह हर प्रोजेक्ट में कोशिश करते हैं कि मैं ऑडिशन दूं। मुझे यह बात अच्छी लगती है कि इंडस्ट्री में कुछ काम करने के बाद भी ऑडिशन देने में मुझे कोई दिक्कत नहीं होती। ऑडिशन पसंद आने के बाद जब मैं डायरेक्टर से मिला तो उन्होंने मुझे ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के बारे में विस्तार से बताया। मैं हैरान था कि ऐसा कुछ हमारे इतिहास में हुआ है और हमें इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है। मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह थी कि मुझे वर्दी पहनने और एक ऐसे इंसान को निभाने का मौका मिलेगा, जो आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण है। सवाल: आपको दर्शकों से सबसे बड़ा कॉम्प्लीमेंट क्या मिला? जवाब: एक व्यक्ति ने मुझे डीएम किया और लिखा- ‘आप एक्टिंग छोड़ो, एयरफोर्स जॉइन कर लो।’ इससे बड़ा कॉम्प्लीमेंट मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता। इसके अलावा एयर चीफ एपी सिंह जी मुझसे मिले और उन्होंने कहा, ‘यार, तू लग रहा है। तुमने कमाल का काम किया है।’ यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। एयरफोर्स के सबसे बड़े अधिकारी जब आपके काम की तारीफ करें और आशीर्वाद दें तो उससे बड़ा सम्मान क्या हो सकता है। सवाल: धालीवाल की बेटी से मुलाकात कैसी रही? जवाब: स्क्रीनिंग के दौरान उनकी बेटी से मुलाकात हुई। वह दो मिनट की भावुक मुलाकात थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि मुझसे क्या कहें और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उनसे क्या कहूं। ऐसा लग रहा था कि वह मेरी आंखों में अपने पिता की झलक देख रही हैं और मैं उनकी आंखों में धालीवाल साहब का एक हिस्सा देख रहा था। हम दोनों के पास शब्द कम पड़ गए थे। बस यही इच्छा थी कि जहां भी धालीवाल
फ्रांस में टॉरनेडो से 41 लोग घायल:300 घरों को नुकसान, छतें उड़ीं; ट्रेन-सड़क और हवाई सेवाओं पर भी असर

फ्रांस के एक गांव में सोमवार को टॉरनेडो आया। इसमें 41 लोग घायल हुए और सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टॉरनेडो से सबसे ज्यादा नुकसान करीब 1,000 आबादी वाले पोमास गांव में हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, यहां करीब 300 घरों को नुकसान पहुंचा और कुछ घरों की छतें पूरी तरह उड़ गईं। परिवहन मंत्री फिलिपे तबारो ने बताया कि ट्रेनें लेट हुईं, सड़कें बंद करनी पड़ीं और हवाई अड्डों पर देरी और उड़ानें रद्द हुईं। देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के कई इलाकों में तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। टॉरनेडो से जुड़ी तस्वीरें… 117 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली राष्ट्रीय मौसम सेवा मेटेओ-फ्रांस ने बताया कि पास के अरकेट्स-एन-वाल गांव में हवा की रफ्तार 117.48 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। देश के उत्तर में स्थित पेरिस के हवाई अड्डे पर भी देरी और उड़ानें रद्द होने की जानकारी दी गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मौके पर 120 से ज्यादा बचावकर्मियों को तैनात किया गया। घायलों में से 15 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। घायलों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है। उसके पति ने एएफपी को बताया कि घर गिरने से महिला घायल हुई। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा पहुंचीं काले हनुमानजी मंदिर:आरती में हिस्सा लेकर काला धागा बंधवाया, परिवार की खुशहाली के लिए कर रहीं धार्मिक यात्रा

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा मंगलवार सुबह जयपुर के फेमस श्री काले हनुमानजी मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान के दर्शन किए और आरती में हिस्सा लिया। उन्होंने पंडितजी से अपनी नजर उतरवाई और काला धागा भी बंधवाया। सुनीता पिछले कुछ दिनों से धार्मिक यात्रा पर हैं और मंदिरों में दर्शन कर अपने परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना कर रही हैं। सुनीता के साथ राजस्थान में उनका काम देखने वाले मैनेजर सौरभ प्रजापत भी मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने पूजा-अर्चना की और काफी देर तक मंदिर परिसर में रहीं। इस दौरान उनका पूरा फोकस धार्मिक अनुष्ठान और प्रार्थना पर रहा। लगातार कर रहीं मंदिरों के दर्शन सुनीता आहूजा पिछले दो दिनों से जयपुर में हैं। इस दौरान उन्होंने शहर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए। मंगलवार सुबह काले हनुमानजी मंदिर में दर्शन से पहले उन्होंने सोमवार को खाटूश्यामजी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की थी। इससे पहले वह इंदौर में भी मंदिरों के दर्शन कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि सुनीता इन दिनों धार्मिक यात्राओं के जरिए मानसिक शांति हासिल करने और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना कर रही हैं। लगातार मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करना उनकी इसी यात्रा का हिस्सा माना जा रहा है। परिवार की शांति के लिए कर रही हैं प्रार्थना सुनीता आहूजा की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से चर्चा में रही है। गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर अनबन और तलाक की अर्जी से जुड़ी खबरें सामने आई थीं। ऐसे में उनकी धार्मिक यात्रा को परिवार में शांति और सुख-समृद्धि की कामना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, हाल ही में यह जानकारी सामने आई कि सुनीता ने गोविंदा से तलाक की अर्जी वापस ले ली है। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं को भी एक नया मोड़ मिला है। कभी साथ आते थे खाटूश्यामजी सुनीता आहूजा पहले अपने पति गोविंदा के साथ भी खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए आती रही हैं। दोनों की साथ में मंदिर यात्रा की तस्वीरें और खबरें भी पहले सामने आती रही हैं। अब सुनीता का अकेले धार्मिक यात्रा पर आना और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करना उनके लिए यह दौर कितना भावनात्मक है, इसकी झलक देता है। ————- ये खबर भी पढ़िए… तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद जयपुर पहुंचीं सुनीता-आहूजा:एयरपोर्ट पर अलग अंदाज में नजर आई एक्टर गोविंदा की पत्नी, कल खाटूश्यामजी जाएंगी एक्टर गोविंद की पत्नी सुनीता आहूजा तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद रविवार दोपहर को जयपुर पहुंचीं हैं। वह सोमवार को खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन कर बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाएंगी। सुनीता का खाटूश्यामजी से पहले भी जुड़ाव रहा है। बताया जा रहा है कि गोविंदा के पैर में गोली लगने वाली घटना के दिन भी वह खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए आई थीं। (पढ़िए पूरी खबर)
अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घटी:सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच 2025-26 में कमी; पिछले साल 3.63 लाख स्टूडेंट गए थे

इमिग्रेशन नीतियां सख्त होने के बीच 2025-26 में अमेरिकी कॉलेजों के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घट गई। यह जानकारी 1,100 से ज्यादा संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-लाभकारी संगठन की रिपोर्ट में सामने आई है। कॉमन ऐप की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में अंडरग्रेजुएट दाखिले के लिए कुल आवेदन बढ़े हैं। हालांकि, 1 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय आवेदकों की संख्या 10% घट गई, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। रिपोर्ट में भारत से आने वाले आवेदकों की संख्या में 15% कमी दर्ज की गई है। अमेरिका में सबसे ज्यादा भारत से स्टूडेंट पढ़ने जाते हैं। अमेरिकी कॉलेजों में छात्रों के रजिस्ट्रेशन घट सकते हैं इससे पहले शिक्षकों के एक संगठन की रिपोर्ट में कहा गया था कि सख्त वीजा नियमों और नीतियों को लेकर अनिश्चितता के कारण Fall 2026 में अमेरिकी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के रजिस्ट्रेशन 1.1 लाख तक घट सकते हैं। NAFSA और रिसर्च फर्म JB International की रिपोर्ट के मुताबिक, Fall 2025-26 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का रजिस्ट्रेशन अनुमानित 11.69 लाख था। इस साल यह घटकर 10.57 लाख रह गया है। 2024-25 में 3.63 लाख भारतीय स्टूडेंट पढ़ने गए थे 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में भारत से 3.63 लाख से ज्यादा छात्रों ने अलग-अलग कोर्स में दाखिला लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, Fall 2025-26 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया। 2026-27 में यह आंकड़ा 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। छात्र और विजिटर वीजा के नए नियम जुलाई में अमेरिकी सरकार ने नए नियमों की जानकारी दी थी। इन नियमों के तहत छात्र और विजिटर वीजा के लिए स्टेटस की पारंपरिक अवधि खत्म कर दी गई है और रहने की अवधि चार साल तय की गई है। चार साल की अवधि आमतौर पर किसी अकादमिक कोर्स की अवधि के बराबर होती है। अमेरिका उन विदेशी छात्रों पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाने पर भी विचार कर रहा है, जो ग्रेजुएशन के बाद देश में काम करने के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम का इस्तेमाल करना चाहते हैं। —————————
अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घटी:सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच 2025-26 में कमी; पिछले साल 3.63 लाख स्टूडेंट गए थे

अमेरिका में 2025-26 सेशन में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घट गई है। यह जानकारी 1,100 से ज्यादा संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-लाभकारी संगठन की रिपोर्ट में सामने आई है। कॉमन ऐप की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में अंडरग्रेजुएट दाखिले के लिए कुल आवेदन बढ़े हैं। हालांकि, 1 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय आवेदकों की संख्या 10% घट गई, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। रिपोर्ट में भारत से आने वाले आवेदकों की संख्या में 15% कमी दर्ज की गई है। अमेरिका में सबसे ज्यादा भारत से स्टूडेंट पढ़ने जाते हैं। अमेरिकी कॉलेजों में छात्रों के रजिस्ट्रेशन घट सकते हैं इससे पहले शिक्षकों के एक संगठन की रिपोर्ट में कहा गया था कि सख्त वीजा नियमों और नीतियों को लेकर अनिश्चितता के कारण Fall 2026 में अमेरिकी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के रजिस्ट्रेशन 1.1 लाख तक घट सकते हैं। NAFSA और रिसर्च फर्म JB International की रिपोर्ट के मुताबिक, Fall 2025-26 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का रजिस्ट्रेशन अनुमानित 11.69 लाख था। इस साल यह घटकर 10.57 लाख रह गया है। अमेरिका में विदेशी छात्रों का 41.77 अरब डॉलर का योगदान 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में भारत से 3.63 लाख से ज्यादा छात्रों ने अलग-अलग कोर्स में दाखिला लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया। 2026-27 में यह आंकड़ा 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। छात्र और विजिटर वीजा के नए नियम जुलाई में अमेरिकी सरकार ने नए नियमों की जानकारी दी थी। इन नियमों के तहत छात्र और विजिटर वीजा के लिए स्टेटस की पारंपरिक अवधि खत्म कर दी गई है और रहने की अवधि चार साल तय की गई है। चार साल की अवधि आमतौर पर किसी अकादमिक कोर्स की अवधि के बराबर होती है। अमेरिका उन विदेशी छात्रों पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाने पर भी विचार कर रहा है, जो ग्रेजुएशन के बाद देश में काम करने के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम का इस्तेमाल करना चाहते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका H-1B वीजा पर ₹98 लाख वसूलेगा: भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सरकार ने सोमवार को H-1B वीजा के लिए नया प्रस्ताव जारी किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को हर वीजा के लिए 1,03,265 डॉलर (करीब 98 लाख रुपए) की एक्सट्रा फीस देनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे:इतिहास में एक साथ पहली बार इतने वीजा कैंसिल होंगे, बिजनेस और टूरिस्ट वीजा पर असर

अमेरिका 2 लाख तक बिजनेस और टूरिज्म वीजा रद्द करने की तैयारी कर रहा है। यह अब तक वीजा रद्द करने की सबसे बड़ी सामूहिक प्रक्रिया होगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई की जा रही है। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने इसकी रिपोर्ट दी है।
अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे:इतिहास में पहली बार एक साथ इतने वीजा कैंसिल होंगे, अधिकारी बोले- घूमने आते हैं, फिर शरण मांगते

अमेरिकी सरकार 2 लाख तक विदेशी नागरिकों के बिजनेस और टूरिस्ट वीजा रद्द करने की तैयारी कर रही है। यह कदम लागू हुआ तो यह अमेरिकी इतिहास में एक साथ सबसे बड़ी संख्या में वीजा रद्द करने की कार्रवाई होगी। अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में B1 और B2 वीजा रद्द करने की घोषणा कर सकता है। ये वीजा 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए थे और उन लोगों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया है या कर रहे हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ऐसे लोग अमेरिका में कम समय के लिए आने वाले पर्यटक या कारोबारी के तौर पर दाखिल हुए थे, लेकिन बाद में स्थायी रूप से रहने के लिए शरण का आवेदन कर दिया। वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं कि तुरंत अमेरिका से निकाल दिया जाएगा अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा रद्द होने वाले लोगों की संख्या बताने से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चलेगी, इसलिए संख्या बदल सकती है। वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को तुरंत अमेरिका से निर्वासित कर दिया जाएगा। जिन लोगों के शरण (Asylum) के मामले लंबित हैं, उनकी स्थिति बदली जा सकती है, लेकिन उनका बिजनेस या टूरिस्ट यात्री का दर्जा खत्म हो जाएगा। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका में वीजा नियम कड़े ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने वीजा नियम पहले ही कड़े कर दिए हैं। आवेदकों से सोशल मीडिया की जानकारी मांगी जा रही है, महंगे वीजा बॉन्ड की व्यवस्था की गई है और कुछ देशों के नागरिकों को वीजा देने पर रोक लगाई गई है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने कहा कि कुछ लोग टूरिस्ट या बिजनेस वीजा लेकर अमेरिका आते हैं और फिर वहां रहने के लिए asylum का आवेदन करते हैं। उन्होंने कहा कि asylum का इस्तेमाल इमिग्रेशन कानून से बचने के रास्ते के तौर पर नहीं होना चाहिए। पिछले 18 महीनों में 1.75 लाख वीजा रद्द हो चुके B1 वीजा आमतौर पर बिजनेस यात्रा के लिए, जबकि B2 वीजा पर्यटन, परिवार से मिलने या मेडिकल इलाज के लिए जारी किया जाता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन वीजा धारकों में कितने लोग asylum मांग चुके हैं या मांग रहे हैं और कितने लोग प्रस्तावित कार्रवाई से प्रभावित होंगे। पिछले 18 महीनों में अमेरिकी विदेश विभाग करीब 1.75 लाख वीजा रद्द कर चुका है। इनमें अपराध के आरोपी या दोषी लोग और अमेरिकी नीतियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने वाले कुछ लोग भी शामिल हैं। ——————————–
नेतन्याहू बोले- ईरान ने बेटे की हत्या की कोशिश की:हमें मिली सिक्योरिटी एशोआराम के लिए नहीं, विपक्ष ने सवाल उठाए थे

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया और उनके दो बेटों में से एक की हत्या की कोशिश की। उन्होंने यह बात सरकार समर्थक चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू में कही। नेतन्याहू चुनाव से पहले अपने परिवार और दूसरे राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बात कर रहे थे। नेतन्याहू के दो बेटे याइर और अनवर हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके दोनों बेटों में से किसे निशाना बनाया गया था। हत्या की कोशिश कब और कैसे की गई। नेतन्याहू बोले- सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है दरअसल इजराइल में कई महीनों से नेतन्याहू के परिवार के सदस्यों और राजनीतिक नेताओं को दी जा रही सुरक्षा पर सवाल उठ रहे थे। इसके बाद इजराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने नेतन्याहू की पत्नी सारा और उनके दोनों बेटों के लिए सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी दी है। नेतन्याहू ने कहा, उन्हें दी जा रही सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है। यह सुरक्षा उन्हें नेतन्याहू के आगामी चुनाव हारने की स्थिति में भी मिलेगी। अवनेर इजराइल में रहते हैं, जबकि याइर पिछले कुछ सालों से ज्यादातर मियामी में रह रहे हैं। याइर दक्षिणपंथी विचारों वाली अपनी टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कथित हत्या की साजिश की जानकारी इजराइल के सुरक्षा अधिकारियों को कई महीनों से थी। हालांकि, सैन्य सेंसर ने इसके प्रकाशन पर रोक लगा दी थी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
बेसेंट बोले- ईरान के सामने अब दो रास्ते:दुनिया से अलग-थलग पड़कर गुजारे लायक अर्थव्यवस्था या सामान्य होकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में लौटने का मौका

वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं। बेसेंट के मुताबिक, पहला रास्ता पूरी तरह दुनिया से अलग-थलग पड़ना और गुजारे लायक अर्थव्यवस्था तक सीमित रहना है। दूसरा रास्ता सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का मौका पाना है। बेसेंट ने क्या कहा स्कॉट बेसेंट ने कहा, “… ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं: पूरी तरह से दुनिया से अलग-थलग पड़ना और गुजारे लायक अर्थव्यवस्था, या फिर सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का मौका पाना।” पोस्ट में इसके बाद “आज” लिखा है और दो लिंक दिए गए हैं: https://t.co/YHe7NoNkAf और https://t.co/UJfUIEdyV4
शी जिनपिंग सात साल बाद भारत आ सकते हैं:चीनी राष्ट्रपति के साथ 400 अधिकारी होंगे; BRICS समिट में शामिल होने की उम्मीद

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में शामिल हो सकते हैं। यह उनका करीब 7 साल बाद भारत का पहला दौरा होगा। भारत 12-13 सितंबर को BRICS सम्मेलन की मेजबानी करेगा। रॉयटर्स के मुताबिक, जिनपिंग के साथ करीब 400 अधिकारियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल आ सकता है। जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। तब उनके साथ 200 से कम अधिकारी थे। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।







