‘असम आओ, तुम्हें पेड़ा खिलाऊंगा’: चुनाव जीतने के बाद पवन खेड़ा पर हिमंत बिस्वा सरमा का तंज | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:05 मई, 2026, 16:23 IST असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का मजाक उड़ाया, बीजेपी की जीत के लिए उनकी टिप्पणी को श्रेय दिया, सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा को अग्रिम जमानत दी, बीजेपी और सहयोगियों ने 126 में से 102 सीटें हासिल कीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा। (फाइल फोटो) असम के कार्यवाहक मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर पुलिस उन्हें राज्य में बुलाती है तो वह उन्हें “खूब पेड़ा खिलाएंगे” और उन्हें धन्यवाद देंगे। यह टिप्पणी भाजपा द्वारा असम विधानसभा चुनाव में मजबूत जीत हासिल करने और लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के एक दिन बाद आई है। गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए, सरमा ने कहा कि अभियान के दौरान खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने वास्तव में भाजपा की मदद की। सरमा ने कहा, “जब पुलिस पवन खेड़ा को यहां बुलाएगी तो मैं उन्हें खूब सारा पेड़ा खिलाऊंगा और इसके लिए उन्हें धन्यवाद दूंगा।” “मुझे लगता है कि पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बहुत अच्छा काम किया क्योंकि इससे हमें जीत में बहुत मदद मिली। प्रेस कॉन्फ्रेंस के कारण बहुत सारे वोट हमारी ओर स्थानांतरित हो गए।” #घड़ी | गुवाहाटी: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है, ”जब पुलिस पवन खेड़ा को यहां बुलाएगी तो मैं उन्हें खूब पेड़ा खिलाऊंगा और इसके लिए उन्हें धन्यवाद दूंगा… मुझे लगता है कि पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बहुत अच्छा काम किया क्योंकि इससे हमें बहुत मदद मिली…” pic.twitter.com/mXAIRqrTiX– एएनआई (@ANI) 5 मई 2026 उन्होंने आगे दावा किया कि विकास ने मतदाताओं के व्यवहार को प्रभावित किया और यहां तक कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की हार में भी योगदान दिया। सरमा ने सुझाव दिया कि अगर खेड़ा ने अभियान के दौरान ये टिप्पणियां नहीं की होतीं, तो कुछ सीटों पर नतीजे अलग हो सकते थे। ये टिप्पणियाँ खेरा से जुड़ी कानूनी कार्यवाही के बीच भी आई हैं। 2 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े जालसाजी और मानहानि मामले में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी। अदालत ने खेरा को असम पुलिस स्टेशन में पेश होने और औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया था। इसका जिक्र करते हुए सरमा ने अपना तंज जारी रखते हुए कहा, “कल हम सभी ने एक साथ ‘पेड़ा’ खाया। बाद में, मैं और भी बड़ा ‘पेड़ा’ दूंगा और आपको भी आमंत्रित करूंगा।” 126 सदस्यीय असम विधानसभा में, भाजपा ने 82 सीटें जीतीं, राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार किया। इसके सहयोगियों, असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 10 सीटें जीतीं, जिससे एनडीए की संख्या 102 हो गई। कांग्रेस ने 15 सीटें हासिल कीं। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : असम, भारत, भारत समाचार राजनीति ‘असम आओ, तुम्हें पेड़ा खिलाऊंगा’: चुनाव जीतने के बाद पवन खेड़ा पर हिमंत बिस्वा सरमा का तंज अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव परिणाम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)पवन खेड़ा विवाद(टी)बीजेपी की जीत असम(टी)असम के कार्यवाहक मुख्यमंत्री(टी)सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत(टी)कांग्रेस की असम में हार(टी)रिनिकी भुइयां शर्मा मामला
इराक दे रहा क्रूड ऑयल पर 33 डॉलर तक डिस्काउंट:जंग के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरना होगा; भारत इराकी तेल का तीसरा बड़ा खरीदार

इराक की सरकारी तेल कंपनी अपने ‘बसरा मीडियम’ क्रूड पर 33.40 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट दे रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार यह छूट उन खरीदारों के लिए है जो मई में तेल लोड करना चाहते हैं। हालांकि, इस सस्ते तेल को हासिल करने के लिए टैंकरों को ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से होकर गुजरना होगा, जहां फिलहाल युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। फरवरी के अंत से शुरू हुए अमेरिका-ईरान जंग के बाद से हॉर्मुज से तेल टैंकरों का गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया है। अप्रैल में सिर्फ 2 जहाजों ने ही भरा तेल शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अप्रैल में इराक के दक्षिणी बसरा बंदरगाह से केवल 2 जहाजों ने ही तेल लोड किया, जबकि मार्च में यह संख्या 12 थी। सामान्य हालात में इस बंदरगाह से हर महीने करीब 80 टैंकर तेल लोड करते हैं। इराक इस संघर्ष की शुरुआत में ही उत्पादन घटाने वाले शुरुआती देशों में से एक था, क्योंकि निर्यात रुकने से उसके स्टोरेज टैंक तेजी से भर गए थे। 1 से 10 मई के बीच सबसे ज्यादा छूट इराक की सरकारी तेल कंपनी SOMO के नोटिस के अनुसार: रिस्क की जिम्मेदारी खरीदार की होगी SOMO ने नोटिस में साफ कहा है कि जो खरीदार इन शर्तों को स्वीकार करेंगे वे ‘फोर्स मेज्योर’ यानी अनहोनी की स्थिति में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का प्रावधान का सहारा नहीं ले पाएंगे। कंपनी का कहना है कि खरीदारों को पहले से पता है कि हालात असाधारण हैं, इसलिए वे इस आधार पर सौदे से पीछे नहीं हट सकते। यानी रास्ते में किसी हमले की जिम्मेदारी पूरी तरह खरीदार की होगी। स्पॉट टेंडर के जरिए कय्याराह क्रूड भी पेश ट्रेडर्स के मुताबिक SOMO ने पिछले हफ्ते ‘कय्याराह क्रूड’ के लिए स्पॉट टेंडर भी जारी किया था। इसके लिए भी तेल के बैरल्स को फारस की खाड़ी के अंदर गहराई में जाकर लोड करना होगा। फिलहाल SOMO की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। भारत इराक का तीसरा बड़ा तेल खरीदार केपलर के अनुसार फरवरी 2026 में इराक भारत के टॉप 3 तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल था: नॉलेज पार्ट: क्या है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और यह क्यों जरूरी है? स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का करीब 20% से 30% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते पर निर्भर हैं। युद्ध या तनाव की स्थिति में इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई घट गई है और कीमतें अचानक बढ़ गई हैं।
इराक दे रहा क्रूड ऑयल पर 33 डॉलर तक डिस्काउंट:जंग के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरना होगा; भारत इराकी तेल का तीसरा बड़ा खरीदार

इराक की सरकारी तेल कंपनी अपने ‘बसरा मीडियम’ क्रूड पर 33.40 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट दे रही है। अभी इसकी कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार यह छूट उन खरीदारों के लिए है जो मई में तेल लोड करना चाहते हैं। हालांकि, इस सस्ते तेल को हासिल करने के लिए टैंकरों को ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से होकर गुजरना होगा, जहां फिलहाल युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। फरवरी के अंत से शुरू हुए अमेरिका-ईरान जंग के बाद से हॉर्मुज से तेल टैंकरों का गुजरना लगभग नामुमकिन हो गया है। अप्रैल में सिर्फ 2 जहाजों ने ही भरा तेल शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अप्रैल में इराक के दक्षिणी बसरा बंदरगाह से केवल 2 जहाजों ने ही तेल लोड किया, जबकि मार्च में यह संख्या 12 थी। सामान्य हालात में इस बंदरगाह से हर महीने करीब 80 टैंकर तेल लोड करते हैं। इराक इस संघर्ष की शुरुआत में ही उत्पादन घटाने वाले शुरुआती देशों में से एक था, क्योंकि निर्यात रुकने से उसके स्टोरेज टैंक तेजी से भर गए थे। 1 से 10 मई के बीच सबसे ज्यादा छूट इराक की सरकारी तेल कंपनी SOMO के नोटिस के अनुसार: रिस्क की जिम्मेदारी खरीदार की होगी SOMO ने नोटिस में साफ कहा है कि जो खरीदार इन शर्तों को स्वीकार करेंगे वे ‘फोर्स मेज्योर’ यानी अनहोनी की स्थिति में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का प्रावधान का सहारा नहीं ले पाएंगे। कंपनी का कहना है कि खरीदारों को पहले से पता है कि हालात असाधारण हैं, इसलिए वे इस आधार पर सौदे से पीछे नहीं हट सकते। यानी रास्ते में किसी हमले की जिम्मेदारी पूरी तरह खरीदार की होगी। स्पॉट टेंडर के जरिए कय्याराह क्रूड भी पेश ट्रेडर्स के मुताबिक SOMO ने पिछले हफ्ते ‘कय्याराह क्रूड’ के लिए स्पॉट टेंडर भी जारी किया था। इसके लिए भी तेल के बैरल्स को फारस की खाड़ी के अंदर गहराई में जाकर लोड करना होगा। फिलहाल SOMO की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। भारत इराक का तीसरा बड़ा तेल खरीदार केपलर के अनुसार फरवरी 2026 में इराक भारत के टॉप 3 तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल था: नॉलेज पार्ट: क्या है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और यह क्यों जरूरी है? स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का करीब 20% से 30% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी रास्ते पर निर्भर हैं। युद्ध या तनाव की स्थिति में इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई घट गई है और कीमतें अचानक बढ़ गई हैं।
धनिया भंडारण युक्तियाँ: गर्मी में हरा धनिया खराब हो जाता है? जान लें इसे स्टोर करने का देसी जुगाड़; बिना फ़िरोज़ के सामान्य तक फिर से ताज़ा

पानी वाला उपाय: धनिया को सबसे पहले साफा और स्टार्स को छोटा सा एक्टर कर लें। अब एक गिलास में थोड़ा सा पानी भरा हुआ है और इसमें धनिये को ऐसे रखा जाता है जैसे फूल लगते हैं। छवि: फ्रीपिक ऊपर से प्रभाव सा नमक का सामान ढालना। इससे धनिया 4-5 दिन तक ताज़ा रहेंगे। छवि: फ्रीपिक नकली कपड़ों में लपेटकर रखें: धनिया को धोकर अच्छे से सुखा लें। अब इसे साधारण लकड़ी के कपड़े या कागज में लपेटें और किसी भी जगह पर रखें। यह विधि भी धनिया को लंबे समय तक कायम रखती है। छवि: फ्रीपिक मिट्टी का प्रयोग: धनिया को एक कपड़े में लपेटकर मटके के अंदर और मियामी बंद कर दिया गया। मिट्टी का पोटैशियम कोल्डक बनाया जाता है, जिससे धनिया जल्दी खराब नहीं होता। छवि: फ्रीपिक जड़ सहित धनिया: अगर आप बाजार से जड़वाए धनिया लाते हैं, तो रूटीन को हटाएं नहीं। यह कच्ची मिट्टी वाली मिट्टी में गाड़कर रखे या पानी में जगह है। इससे धनिया ज्यादातर समय तक जिंदा और ताजा रहता है। छवि: फ्रीपिक धूप और गर्मी से बचें: धनिया को सदैव अप्रत्यक्ष धूप से दूर। किसी भी अदृश्य और हवादार जगह पर रखने से यह जल्दी खराब नहीं होता है। छवि: फ्रीपिक धनिया को मुख्य मसाला नहीं, अन्यथा जोड़ा जा सकता है। इस्तेमाल से पहले ही स्टॉक, पहले से ढोकर स्टोर न करें। अशुभ को समय-समय पर हटाते रहें। छवि: फ्रीपिक अब आपको हरा धनिया जल्दी खराब होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। छवि: फ्रीपिक इन आसान देसी जुगाडों की मदद से आप बिना पिज्जा के भी धनिया को पिज्जा तक ताज़ा रख सकते हैं और खाने का स्वाद दोगुना कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक
लोन सेटलमेंट के झूठे वादों पर RBI की चेतावनी:गुमराह करने वाले विज्ञापनों से बचें; झांसे में आकर फीस दी तो बड़ा नुकसान होगा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को एक बार फिर आम जनता को कर्ज माफी के नाम पर चलाए जा रहे भ्रामक कैंपेन से बचने की सलाह दी है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि कुछ व्यक्ति और संस्थाएं लोगों को गुमराह कर लोन माफ कराने के झूठे वादे कर रही हैं। RBI ने दिसंबर 2023 में भी ऐसी ही चेतावनी जारी की थी। हाल ही में इस तरह कई मामले सामने आए हैं। RBI का कहना है कि ये कैंपेन न केवल लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि देश के क्रेडिट सिस्टम यानी बैंकिंग व्यवस्था के कामकाज में भी बाधा डाल रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे लोगों या संस्थाओं के झांसे में न आएं और अपने कर्ज से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सीधे अपने बैंक या NBFC से संपर्क करें। सोशल मीडिया और डायरेक्ट मैसेज के जरिए हो रही ठगी रिजर्व बैंक ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि उसने अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सीधे संपर्क के जरिए ऐसे अभियानों को चलते हुए देखा है। कुछ व्यक्ति और संस्थाएं लोगों को यह विश्वास दिला रही हैं कि वे उनका बैंक या NBFC का कर्ज माफ करवा सकते हैं। बता दें कि RBI ने इससे पहले दिसंबर 2023 में भी इसी तरह की चेतावनी जारी की थी, जिसे अब दोबारा दोहराया गया है। ‘डेट वेवर सर्टिफिकेट’ के नाम पर वसूली जा रही फीस RBI के मुताबिक, ये जालसाज लोगों को गुमराह करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं: देश के बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरा हैं ऐसे अभियान केंद्रीय बैंक का कहना है कि ये अभियान न केवल जनता को धोखा दे रहे हैं, बल्कि देश की क्रेडिट सिस्टम के कामकाज में भी बाधा डाल रहे हैं। RBI ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां वित्तीय संस्थानों की स्थिरता को कमजोर करती हैं और जमाकर्ताओं के हितों पर बुरा असर डालती हैं। ऐसे गिरोहों से जुड़ने का मतलब सीधा आर्थिक नुकसान उठाना है। RBI बोला- ऐसे लोगों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई रिजर्व बैंक ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि कर्ज माफी की पेशकश करने वाली संस्थाओं या व्यक्तियों के दावे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक हैं। ऐसे लोग मौजूदा कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई के पात्र हैं। RBI ने जनता से अनुरोध किया है कि वे ऐसे किसी भी भ्रामक अभियान की जानकारी तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दें। लोन की जानकारी के लिए सीधे बैंक जाएं RBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने कर्ज से जुड़ी किसी भी जानकारी या समस्या के लिए थर्ड पार्टी के पास जाने के बजाय सीधे अपने बैंक या लोन देने वाले संस्थान से संपर्क करें। सिर्फ अधिकृत संस्थान ही कर्ज के पुनर्गठन या राहत से जुड़ी जानकारी देने के लिए अधिकृत हैं।
‘विपक्ष को मिटाने का प्रयास’: संजय राउत ने बंगाल, असम चुनाव परिणामों में अनियमितताओं का आरोप लगाया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:05 मई, 2026, 15:17 IST संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्रिमंडल पर शासन के बजाय केवल चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक जीत के बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार को तीखा हमला बोला और दावा किया कि ये वास्तविक जीत नहीं बल्कि प्रणालीगत हेरफेर का नतीजा है। पत्रकारों से बात करते हुए, शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि राज्यों में विपक्षी दलों को यह विश्वास हो रहा है कि कई चुनाव परिणाम जीत नहीं, बल्कि चोरी थे। राउत ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार केवल राजनीतिक नहीं थी, बल्कि चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों जैसे संस्थानों से जुड़ी एक बड़ी “मशीनरी” का परिणाम थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लगभग 30 लाख मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। राउत ने ममता बनर्जी के लिए समर्थन का आग्रह करते हुए कहा, ”यह चुनाव जीता नहीं गया, चुराया गया है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इसी तरह का पैटर्न महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, असम और ओडिशा सहित कई राज्यों में दिखाई दे रहा है, जहां, उनके अनुसार, चुनाव इस तरह से आयोजित किए गए जिससे सत्तारूढ़ पार्टी की जीत सुनिश्चित हुई। राउत ने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्रिमंडल पर शासन के बजाय केवल चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वे साल में 365 दिन चुनाव का अभ्यास करते हैं। विकास, रोजगार, महिला सुरक्षा ये उनकी प्राथमिकताएं नहीं हैं। उनकी एकमात्र प्राथमिकता यह है कि चुनाव कैसे लड़ना और जीतना है।” लोकतंत्र के स्वास्थ्य के बारे में चिंता जताते हुए, राउत ने दावा किया कि ऐसी चुनावी प्रक्रियाएं जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं का विलोपन, सत्ता और धन का दुरुपयोग और शीर्ष नेताओं के लंबे समय तक प्रचार ने चुनाव की निष्पक्षता को विकृत कर दिया है। #घड़ी | मुंबई, महाराष्ट्र: विधानसभा चुनाव के नतीजे पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत का कहना है, “मेरा मानना है कि यह लोकतंत्र की जीत नहीं है। यह निश्चित रूप से पीएम मोदी और अमित शाह की जीत है। पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों की तरह, लाखों लोगों के नाम… pic.twitter.com/rHMfmGUfGg– एएनआई (@ANI) 5 मई 2026 “अगर सत्तारूढ़ दल तय करता है कि विपक्ष का अस्तित्व नहीं होना चाहिए, तो चुनाव का क्या मतलब है?” उन्होंने पूछा, इस तरह के रुझान अन्य देशों में देखी जाने वाली प्रथाओं से मिलते जुलते हैं। उन्होंने ममता बनर्जी की भी आलोचना करते हुए कहा कि अगर उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अधिक निकटता से समन्वय किया होता तो पश्चिम बंगाल में परिणाम अलग हो सकते थे। उन्होंने गांधी को “दूरदर्शी नेता” बताया और कहा कि चुनावों के बारे में उनकी चेतावनियाँ सही साबित हुईं। उन्होंने कहा, “निश्चित तौर पर राहुल गांधी बार-बार कह रहे थे कि यह ममता दीदी का बहुत बड़ा अपराध है। उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। अगर ममता दीदी राहुल गांधी के साथ बैठतीं और चर्चा करतीं तो परिणाम कुछ और हो सकता था। राहुल गांधी ने जो कहा वह सच हो गया है। वह दूरदर्शिता वाले नेता हैं, उनके पास दूरदृष्टि है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावों में धांधली हुई है।” राउत ने इसकी तुलना इंदिरा गांधी की हार से करते हुए बीजेपी पीएम मोदी का भी ऐसा ही हश्र होने की भविष्यवाणी की. उन्होंने कहा, “मोदी के साथ यही होने वाला है। बीजेपी के साथ यही होने वाला है… जब भी दिया जलता है, हमारे मराठों में आग बढ़ती है। आग और तेज हो जाती है।” विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनावों में अपनी 77 सीटों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए राज्य में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 206 सीटें जीतीं। पिछले विधानसभा चुनाव में 212 सीटों पर जीत हासिल करने वाली तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। असम में एनडीए ने तीन-चौथाई बहुमत हासिल कर शानदार जीत हासिल की. भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्य में 206 सीटें जीतकर अपने दम पर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। भाजपा के सहयोगी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद ने 10-10 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने 15 सीटों पर जीत हासिल की है. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) ने एक सीट जीती और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने दो सीटें जीतीं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘विपक्ष को मिटाने का प्रयास’: संजय राउत ने बंगाल, असम चुनाव परिणामों में अनियमितताओं का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विधानसभा चुनाव 2026(टी)संजय राउत की आलोचना(टी)भाजपा की ऐतिहासिक जीत(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)चुनाव धांधली के आरोप(टी)ममता बनर्जी टीएमसी(टी)राहुल गांधी की भूमिका
अनूठी परंपरा; मियाओ सिस्टर्स फेस्टिवल:रंग-बिरंगे चावलों से बयां होता है दिल का हाल, 'सिस्टर्स राइस' देकर युवतियों ने चुना हमसफर

तस्वीर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक की है, जहां मियाओ समुदाय का प्रसिद्ध ‘मियाओ सिस्टर्स फेस्टिवल’ मनाया गया। इस दौरान आयोजित परेड में युवतियों ने अपनी सांस्कृतिक वेशभूषा और जटिल नक्काशी वाले भारी चांदी के आभूषण पहनकर हिस्सा लिया। यह मुख्य रूप से चीन का त्योहार है, जहां मियाओ समुदाय की सबसे अधिक आबादी है। इसके अलावा थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों में भी यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन युवा लड़के-लड़कियां पारंपरिक गीत गाकर, वाद्ययंत्र बजाकर और नृत्य के जरिए एक-दूसरे से मिलते हैं और अपना जीवनसाथी चुनते हैं। इस त्योहार की सबसे खास परंपरा ‘सिस्टर्स राइस’ है। इस अवसर पर पेड़ों की पत्तियों और फूलों का उपयोग करके रंग-बिरंगे चावल पकाते हैं। युवतियां इन खास चावलों को रूमालों या टोकरियों में रखकर युवकों को भेंट करती हैं। चावलों के साथ दिए गए अन्य छोटे प्रतीक युवाओं के बीच प्यार, इनकार या दोस्ती के संदेश को दर्शाते हैं। मियाओ बहनों के भोजन उत्सव का इतिहास और किंवदंती लोककथाओं के अनुसार, एक समय की बात है, एक बूढ़े व्यक्ति और उसकी पत्नी की तीन सुंदर बेटियाँ थीं। एक दिन, जब वे नदी किनारे खेल रही थीं, तो लड़कियों को अकेलापन और प्रेम की पीड़ा महसूस हुई। दाढ़ी वाले देवता, झांग गुओलाओ, ने लड़कियों की आत्मा में प्रवेश किया और उन्हें झींगा, मछली और अन्य विशेष सामग्रियों से भरे हुए पाँच रंगों के चिपचिपे चावल के रोल बनाने के लिए कहा। जब युवक पहाड़ से नीचे आए, तो सुंदर लड़कियों ने उन्हें चावल भेंट किए और वे उनसे प्रेम करने लगे। चीन का सिस्टर्स मील फेस्टिवल मियाओ संस्कृति में गहराई से जुड़ा हुआ है, जो सैकड़ों साल पुराना है। मूल रूप से यह एक प्रेम-प्रसंग की रस्म के रूप में शुरू हुआ था, जिसमें युवा मियाओ लड़कियां विशेष भोजन तैयार करती थीं और शादी के इच्छुक दूल्हों को भेंट करती थीं। रंगीन रेशम में लिपटे और प्रतीकात्मक सजावट से सजे ये भोजन, एक महिला की अपने प्रेमी के प्रति भावनाओं के बारे में गुप्त संदेश देते थे। चावल के पैकेट के अंदर अलग-अलग वस्तुएं अलग-अलग भावनाओं को दर्शाती थीं,दो चॉपस्टिक रुचि का संकेत देती थीं, जबकि एक मिर्च अस्वीकृति का प्रतीक थी।
अनूठी परंपरा; मियाओ सिस्टर्स फेस्टिवल:रंग-बिरंगे चावलों से बयां होता है दिल का हाल, 'सिस्टर्स राइस' देकर युवतियों ने चुना हमसफर

तस्वीर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक की है, जहां मियाओ समुदाय का प्रसिद्ध ‘मियाओ सिस्टर्स फेस्टिवल’ मनाया गया। इस दौरान आयोजित परेड में युवतियों ने अपनी सांस्कृतिक वेशभूषा और जटिल नक्काशी वाले भारी चांदी के आभूषण पहनकर हिस्सा लिया। यह मुख्य रूप से चीन का त्योहार है, जहां मियाओ समुदाय की सबसे अधिक आबादी है। इसके अलावा थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों में भी यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन युवा लड़के-लड़कियां पारंपरिक गीत गाकर, वाद्ययंत्र बजाकर और नृत्य के जरिए एक-दूसरे से मिलते हैं और अपना जीवनसाथी चुनते हैं। इस त्योहार की सबसे खास परंपरा ‘सिस्टर्स राइस’ है। इस अवसर पर पेड़ों की पत्तियों और फूलों का उपयोग करके रंग-बिरंगे चावल पकाते हैं। युवतियां इन खास चावलों को रूमालों या टोकरियों में रखकर युवकों को भेंट करती हैं। चावलों के साथ दिए गए अन्य छोटे प्रतीक युवाओं के बीच प्यार, इनकार या दोस्ती के संदेश को दर्शाते हैं। मियाओ बहनों के भोजन उत्सव का इतिहास और किंवदंती लोककथाओं के अनुसार, एक समय की बात है, एक बूढ़े व्यक्ति और उसकी पत्नी की तीन सुंदर बेटियाँ थीं। एक दिन, जब वे नदी किनारे खेल रही थीं, तो लड़कियों को अकेलापन और प्रेम की पीड़ा महसूस हुई। दाढ़ी वाले देवता, झांग गुओलाओ, ने लड़कियों की आत्मा में प्रवेश किया और उन्हें झींगा, मछली और अन्य विशेष सामग्रियों से भरे हुए पाँच रंगों के चिपचिपे चावल के रोल बनाने के लिए कहा। जब युवक पहाड़ से नीचे आए, तो सुंदर लड़कियों ने उन्हें चावल भेंट किए और वे उनसे प्रेम करने लगे। चीन का सिस्टर्स मील फेस्टिवल मियाओ संस्कृति में गहराई से जुड़ा हुआ है, जो सैकड़ों साल पुराना है। मूल रूप से यह एक प्रेम-प्रसंग की रस्म के रूप में शुरू हुआ था, जिसमें युवा मियाओ लड़कियां विशेष भोजन तैयार करती थीं और शादी के इच्छुक दूल्हों को भेंट करती थीं। रंगीन रेशम में लिपटे और प्रतीकात्मक सजावट से सजे ये भोजन, एक महिला की अपने प्रेमी के प्रति भावनाओं के बारे में गुप्त संदेश देते थे। चावल के पैकेट के अंदर अलग-अलग वस्तुएं अलग-अलग भावनाओं को दर्शाती थीं,दो चॉपस्टिक रुचि का संकेत देती थीं, जबकि एक मिर्च अस्वीकृति का प्रतीक थी।
शाहरुख-दीपिका बीच पर रोमांटिक डांस करते दिखे:साउथ अफ्रीका में फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग जारी; अकेले शूट करते दिखे शाहरुख

शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की जोड़ी अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग के लिए साउथ अफ्रीका में हैं। केप टाउन के एक बीच से शाहरुख और दीपिका का एक डांस सीक्वेंस शूट करते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो में दोनों सनसेट के समय समुद्र किनारे रोमांटिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में शाहरुख और दीपिका हल्के रंग के ब्रीजी आउटफिट्स पहने हुए हैं। वे एक-दूसरे की तरफ बढ़ते हुए अपनी कोरियोग्राफी पूरी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने इस डांस स्टेप को परफेक्ट बनाने के लिए दो-तीन बार टेक लिए। हालांकि बीच का वह हिस्सा आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन फिर भी वहां शाहरुख को देखने के लिए भीड़ मौजूद रही। एड शीरन के गाने पर डांस की चर्चा शाहरुख और दीपिका पिछले हफ्ते ही शूटिंग शुरू करने के लिए साउथ अफ्रीका पहुंचे थे। उन्होंने इस शेड्यूल की शुरुआत एक गाने की शूटिंग के साथ की है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक यह गाना इंटरनेशनल सिंगर एड शीरन का हो सकता है। शाहरुख को वहां अकेले कार चलाते हुए भी एक सीन शूट करते देखा गया है। बताया जा रहा है कि फिल्म का एक बड़ा क्लाइमैक्स हिस्सा भी केप टाउन में ही शूट किया जाना है। बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड से मुकाबला फिल्म ‘किंग’ 24 दिसंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह साल 2026 की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। इसकी रिलीज के ठीक एक हफ्ते पहले हॉलीवुड की बड़ी फिल्में ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ (Avengers: Doomsday) और ‘ड्यून: पार्ट थ्री’ (Dune: Part Three) रिलीज हो रही हैं। साथ ही ‘जुमांजी 3’ भी इसी दौरान आने वाली है। ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
अप्रैल में रसोई गैस की डिमांड 16% घटी:जेट फ्यूल की मांग भी कम हुई, अमेरिकी-इजराइल और ईरान जंग का असर

भारत में कुकिंग गैस (LPG) की मांग में अप्रैल में गिरावट आई है। अमेरिकी-इजराइल और ईरान में जारी संघर्ष और तनाव के कारण सप्लाई बाधित हुई है, जिसका सीधा असर भारतीय रसोई और कमर्शियल सेक्टर पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में LPG की खपत 16.16% कम होकर 2.2 मिलियन टन रह गई है, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.62 मिलियन टन थी। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के डेटा के अनुसार, मार्च महीने (2.379 मिलियन टन) के मुकाबले भी अप्रैल में गैस की बिक्री में कमी आई है। सप्लाई कम होने के चलते सरकार को होटलों और इंडस्ट्रीज के लिए दी जाने वाली कमर्शियल सप्लाई में कटौती करनी पड़ी है ताकि घरों में रसोई गैस की कमी न हो। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई रुकी भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत आता है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी हमलों के बाद यह समुद्री रास्ता लगभग बंद हो गया है। घरों में दो रिफिल के बीच समय बढ़ाया गया इससे पहले सरकार ने घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन का लॉक-इन पीरियड किया था (यानी एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही दूसरा बुक होगा)। वहीं ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का गैप बढ़ाकर 45 दिन किया गया। 1 मई को कॉमर्शियल सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा किया इससे पहले 1 मई को कॉमर्शियल सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा हो गया था। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपए का इजाफा किया गया था। इस बढ़ोतरी के बाद अब ‘छोटू’ सिलेंडर की रिफिल कीमत 813.50 रुपए हो गई है। हवाई ईंधन (ATF) की मांग में भी गिरावट खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के कारण कई देशों ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद कर दिया था। इसकी वजह से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं या उनके रूट बदले गए। इसका सीधा असर एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की खपत पर पड़ा। अप्रैल में जेट फ्यूल की मांग 1.37% गिरकर 761,000 टन रह गई, जो मार्च में 807,000 टन थी। डीजल-पेट्रोल मांग भी बढ़ी अप्रैल में डीजल की बिक्री में मामूली 0.25% की ही बढ़त हुई और यह 8.282 मिलियन टन रही। मार्च में डीजल की डिमांड 8.1% की रफ्तार से बढ़ी थी। वहीं, पेट्रोल की बिक्री में अप्रैल में 6.36% की ग्रोथ देखी गई, जो मार्च की 7.6% ग्रोथ से कम है।






