बीच सड़क पर नीतू कपूर और रणबीर ने किया डांस:साथ में पोज भी दिए, मां ने बेटे को गले लगाकर किया किस

एक्ट्रेस नीतू कपूर और उनके बेटे रणबीर कपूर बुधवार को पैपराजी के सामने साथ डांस स्टेप्स करते नजर आए। यह वीडियो तब का है जब मुंबई में दोनों एक साथ स्पॉट हुए और पैपराजी को पोज दिए और डांस स्टेप्स भी करते दिखे। नीतू ने बेटे को गले लगाया और उनके गाल पर प्यार से किस किया। इस दौरान रणबीर कपूर ब्लू डेनिम जींस और लेमन कलर की शर्ट में दिखे, जबकि नीतू कपूर डेनिम जींस, व्हाइट-ब्लू शर्ट और ब्लेजर में नजर आईं। दोनों के इस अंदाज पर यूजर्स ने प्रतिक्रिया देते हुए उनकी जोड़ी और बॉन्डिंग की तारीफ की है। नीतू कपूर फिल्म ‘दादी की शादी’ में आएंगी नजर गौरतलब, नीतू कपूर (नीतू सिंह) 70 और 80 के दशक की चर्चित अभिनेत्री रही हैं और उन्होंने ‘अमर अकबर एंथोनी’, ‘दीवार’ और ‘धर्मवीर’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है। 67 की उम्र में भी वे फिल्मों में एक्टिव हैं। जल्द ही वो फिल्म ‘दादी की शादी’ में नजर आएंगी, जो 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में वह कपिल शर्मा के साथ मुख्य भूमिका में हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म से नीतू सिंह की बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी भी अपना एक्टिंग डेब्यू कर रही हैं। वहीं रणबीर कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाते दिखेंगे और यह फिल्म दिवाली पर रिलीज होने वाली है। इसके अलावा वे संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ नजर आएंगे। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
Skin Care Tips: गर्मियों में भी बरकरार रहेेगी चेहरे की चमक, अपनाएं ये घरेलू टिप्स, सब पूछेंगे दमकती त्वचा का राज

Last Updated:April 30, 2026, 11:50 IST Summer Skin Care Tips: गर्मियों में स्किन काफी खराब होने लगती है. तेज धूप और गर्म हवाओं का असर हमारे चेहरे पर साफ नजर आने लगता है. खासतौर पर जो लोग रोजाना घर से बाहर काम पर जाते हैं, उन्हें स्किन टैनिंग की समस्या ज्यादा झेलनी पड़ती है. ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और क्रीम्स का सहारा लेते हैं, जो कई बार नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं. अगर आप चेहरे पर नैचुरल ग्लो देखना चाहते हैं या फिर चेहरे पर मौजूद दाग-धब्बों को दूर करना चाहते हैं तो कुछ घरेलू चीजों के नियमित इस्तेमाल कर सकते है. (सावन पाटिल/खंडवा) गर्मी का मौसम आते ही सूरज की किरणें त्वचा पर गहरा असर डालने लगती हैं और टैनिंग एक आम समस्या बन जाती है. ऐसे में चेहरे की देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है. ऐसे में लोग महंगे क्रीम और लोशन पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन उनका असर ज्यादा दिन नहीं टिकता. अगर आप भी नैचुरल ग्लो चाहते हैं, तो आपकी किचन में ही इसका आसान और सस्ता इलाज मौजूद है. कच्चा दूध स्किन के लिए एकदम नेचुरल क्लीनर की तरह काम करता है. इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड चेहरे की गंदगी को गहराई से साफ करता है. बस थोड़ा ठंडा दूध लें, उसमें रुई डुबोकर चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से साफ करें. कुछ ही दिनों में फर्क दिखने लगेगा. धूप में रहने से अगर चेहरा काला पड़ गया है, तो टमाटर आपके काम का है. टमाटर के रस में थोड़ा बेसन और हल्दी मिलाकर फेस पैक बनाएं और 15-20 मिनट तक लगाएं. इससे टैनिंग कम होगी और स्किन में निखार आएगा. Add News18 as Preferred Source on Google शहद स्किन को सॉफ्ट और हाइड्रेट रखने में मदद करता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो पिंपल्स को कम करने में काम आते हैं. चेहरे पर 10 मिनट तक शहद लगाकर धो लें आपको खुद फर्क महसूस होगा. गर्मियों में खीरा स्किन के लिए बेस्ट है. इसके स्लाइस आंखों पर रखें या रस चेहरे पर लगाएं. इससे स्किन को ठंडक मिलती है और डार्क सर्कल भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. हल्दी और मलाई का कॉम्बिनेशन तो पुराने समय से ही फेमस है. एक चम्मच मलाई में चुटकीभर हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं. इससे स्किन को पोषण मिलेगा और नैचुरल ग्लो भी आएगा. बेसन और दही दोनों ही स्किन के लिए काफी बेनेफिशियल हैं और त्वचा को निखारने में मदद करते हैं. आप इस फेस पैक को चेहरे के अलावा हाथों पर भी लगा सकते हैं. ग्लोइंग स्किन देने वाले इस पेस पैक को बनाने के लिए 5 चम्मच बेसन, 3 चम्मच दही और 1 चम्मच शङद मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे चेहरे पर लगाएं. ये सारे नुस्खे पूरी तरह नैचुरल हैं, लेकिन इन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल करना जरूरी है. साथ ही, किसी भी चीज को लगाने से पहले एक छोटा पैच टेस्ट जरूर कर लें, ताकि आपकी स्किन पर कोई रिएक्शन न हो. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : April 30, 2026, 11:50 IST
फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम:अमेजन के संस्थापक बेजोस और उनकी पत्नी ने इको फ्रेंडली कपड़ा बनाने किया 2322 करोड़ दान

अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और उनकी पत्नी लॉरेन सांचेज ने फैशन की दुनिया को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए करीब 2322 करोड़ दान में दिए हैं। यह रकम लैब में बने फाइबर, बैक्टीरिया से निर्मित धागे और खेती के कचरे से तैयार कपड़ों पर खर्च होगी। लॉरेन के लिए यह भावुक फैसला है। गरीबी के कारण उन्होंने अपनी प्रोम ड्रेस खुद ही सिली थी। अब ये उन वैज्ञानिकों की मदद कर रही हैं, जो कपड़े तैयार करने के पारंपरिक तरीकों को बदल रहे हैं। इस फंड का लक्ष्य 3-5 साल में पर्यावरण के अनुकूल कपड़े ग्राहकों तक पहुंचाना है। इससे प्रदूषणकारी सिंथेटिक मटेरियल और जीवाश्म इंधन पर फैशन इंडस्ट्री की निर्भरता कम होगी। ब्लूमबर्ग बिलियनेवर्स इंडेक्स के मुताबिक, बेजोस ₹26.45 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लॉरेन का बचपन संघर्षों के बीच बीता। उनके पास हाई स्कूल की विदाई पार्टी (प्रोम) के लिए महंगी ड्रेस खरीदने के पैसे नहीं थे। उन्होंने दादी से सिलाई सीखी और खुद लाल रंग की पफ-स्लीव ड्रेस तैयार की। ये पैसे कमाने के लिए कॉफी सर्व और दादी के साथ हाउसकीपिंग करती थीं। लेकिन अब वे सिर्फ महंगे गाउन पहनने तक सीमित नहीं है। यह भी तय कर रही हैं कि भविष्य में कपड़े किस चीज से बनेंगे। उनका दान न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद करेगी, बल्कि फैशन जगत में ऐसे इनोवेशन भी लाएगी, जिनसे कपड़ों का उत्पादन पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा। सांचेज को ग्रांट फैशन का भविष्य संवारने के लिए दी गई है। इससे औद्योगिक कचरे से तैयार रेशम जैसे धागे और कपास की जेनेटिक्स पर रिसर्च की जाएगी। बेजोस और लॉरेन उन वैज्ञानिकों का समर्थन कर रहे हैं, जो कपड़े बनाने के पारंपरिक और प्रदूषणकारी तरीकों का विकल्प खोज रहे हैं। फैशन इंडस्ट्री में पॉलिएस्टर जैसे सिंथेटिक मटेरियल का इस्तेमाल ज्यादा होता है। ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। अमेजन दुनिया की सबसे बड़ी कपड़ा रिटेलर है, इसलिए सांचेज का यह कदम प्रदूषण कम करने, फैशन को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी मशरूम, समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना महंगा, अब दाम कम होंगे सांचेज के दान से पांच प्रमुख संस्थानों को सहायता मिलेगी। बेजोस अर्थ फंड की सहायता राशि कोलंबिया यूनिवर्सिटी, यूसी बर्कले और कॉटन फाउंडेशन जैसे पांच संस्थानों को दी जाएगी। अब तक मशरूम और समुद्री कचरे से इको-फ्रेंडली कपड़े बनाना काफी महंगा रहा है। बेजोस दंपती की मदद से अब इन टिकाऊ कपड़ों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा और कीमत कम होगी।
अनूपपुर में कुएं की दीवार धंसी, अधेड़ की मौत:खेत में सिंचाई के लिए कुआं खोदते समय हादसा, बेटे ने बचाने की कोशिश की

अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनगवां के दर्रीटोला में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। कुएं की ऊपरी दीवार धंसने से 46 वर्षीय हीरालाल राठौर की मौके पर ही मौत हो गई। वह कुएं के अंदर काम कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा उन पर गिर गया। बेटे ने दिखाई हिम्मत, लेकिन नहीं बचा सके पिता घटना के समय उनका 11 वर्षीय बेटा पंकज राठौर वहीं मौजूद था। पिता को मलबे में दबा देख वह तुरंत कुएं में उतरा और मिट्टी हटाकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने घर जाकर अपनी मां और आसपास के लोगों को सूचना दी। ग्रामीणों ने निकाला शव, अस्पताल में किया गया मृत घोषित सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर हीरालाल राठौर को कुएं से बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खेत में बनवा रहे थे कुआं और मकान की थी योजना बताया जा रहा है कि हीरालाल राठौर ने एक साल पहले मौहरी गांव में दो एकड़ जमीन खरीदी थी। वह वहां खेती के साथ-साथ नया मकान बनाने की तैयारी कर रहे थे। खेत में पत्थर भी डलवाए गए थे। परिवार के अनुसार, पत्नी अंजू बाई ने पत्थर चोरी होने की आशंका जताई थी, जिसके बाद उन्होंने खेत में सिंचाई के लिए कुआं बनवाने का फैसला लिया। काम के दौरान हुआ हादसा पंकज राठौर ने बताया कि करीब 25 हाथ गहरा कुआं खोदा जा चुका था। मिट्टी धंसने से बचाने के लिए पत्थरों से आधी दीवार बनाई गई थी। हीरालाल कुएं की दीवार और मिट्टी के बीच खाली जगह को भर रहे थे, तभी ऊपर की मिट्टी अचानक धंस गई और हादसा हो गया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ घटना के समय हीरालाल कुएं में अकेले काम कर रहे थे। उनकी पत्नी दूसरे गांव गई हुई थीं। बड़ा बेटा घर पर था, जबकि छोटा बेटा पंकज उनके साथ मौजूद था। इस हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मुरैना के मैरिज गार्डन में आग:रात 2.30 बजे गोदाम में रखे गद्दे और कुर्सियां जलीं; दमकल की 2 गाड़ियों ने पाया काबू

मुरैना शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र स्थित अंबाह बाईपास पर वैष्णो मैरिज गार्डन के गोदाम में दरम्यानी बुधवार रात करीब 2.30 बजे अचानक आग लग गई। आग से गोदाम में रखी कुर्सियां, गद्दे, रजाई और अन्य सामान जल गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल की 2 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त गार्डन में कोई शादी समारोह नहीं था, जिससे कोई जनहानि या बड़ा हादसा नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। रात 2.30 बजे भड़की आग, दमकल ने बुझाई अंबाह बाईपास पर स्थित वैष्णो मैरिज गार्डन के उस हिस्से में रात 2.30 बजे आग लगी, जहां शादी समारोह में उपयोग होने वाले सामान का स्टॉक रखा जाता है। आग ने धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने आग की लपटें देखकर दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने पानी डालकर आग पर नियंत्रण पाया। आग लगने का कारण अभी अज्ञात है। थाना प्रभारी बोले- नुकसान का आकलन करेगा राजस्व विभाग स्टेशन रोड थाना प्रभारी एसआई संजय वरैया ने बताया कि, “बाई पास पर स्थित वैष्णो मैरिज गार्डन में आग लगी है । गार्डन का वह हिस्सा है जहां रजाई, गद्दे,कुर्सी स्टॉक किया जाता है। आग क्यों लगी इसकी जांच कर रहे हैं,बाकी राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन किया जाता है।” प्रशासन आग के कारणों का पता लगाने के साथ ही नुकसान का आकलन करने में जुट गया है।
मुरलीधरन बोले-IPL में ‘बिग बिजनेस’ का खेल:फेयर मुकाबले नहीं, मनोरंजन जरूरी; अब गेंदबाजों को पिटाई के लिए तैयार रहना होगा

सनराइजर्स हैदराबाद के चीफ कोच मुथैया मुरलीधरन ने कहा कि गेंदबाजों को मान लेना चाहिए कि उन्हें मार पड़ेगी। उनके अनुसार खेल बल्लेबाजों के पक्ष में झुक चुका है, इसलिए गेंदबाजों को इस स्थिति के साथ खुद को ढालना होगा। उन्होंने बुधवार को मुंबई में सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में IPL में बल्ले और गेंद के संतुलन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह टूर्नामेंट दर्शकों के मनोरंजन और स्पॉन्सरशिप के बिजनेस पर टिका है। उन्होंने कहा,’अगर हम बॉलिंग फ्रेंडली विकेट देंगे, तो दर्शक इसे बोरिंग कहेंगे। लोग चौके-छक्के देखना चाहते हैं, इसीलिए ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसे नियम लाए गए हैं। अगर खेल से मनोरंजन खत्म हुआ तो स्पॉन्सर्स और लोगों की दिलचस्पी कम हो जाएगी। फिलहाल बल्लेबाजों का पलड़ा भारी रहेगा, गेंदबाजों को खुद को अपडेट करने में समय लगेगा।’ हैदराबाद ने 244 रन के लक्ष्य को हासिल किया हैदराबाद ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में 244 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया। इस सीजन में ऐसे बड़े रन चेज पहले भी हुए हैं। पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम में 265 रन का लक्ष्य हासिल किया था। वहीं हैदराबाद ने जयपुर में 229 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया था। पावरप्ले का गणित बदला: पहले 50 रन बनते थे, अब 80 बन रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुरलीधरन ने खेल के बदलते स्वरूप पर बात की। उन्होंने कहा,’आजकल एक गेंदबाज के लिए परफॉर्म करना बहुत मुश्किल है। जब हम खेलते थे, तब पावरप्ले के 6 ओवरों में 40 से 50 रन को अच्छा स्कोर माना जाता था, लेकिन अब यह औसत 70 से 80 रन तक पहुंच गया है। अब हर टीम के पास ऐसे ओपनर्स हैं जो सिर्फ अटैक करना जानते हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि गेंद अंदर आ रही है या बाहर।’ 23 साल के सलिल ने बुमराह को जड़ा ‘नो-लुक सिक्स’ युवा बल्लेबाजों के निडर रवैये का उदाहरण देते हुए मुरलीधरन ने अनकैप्ड खिलाड़ी सलिल अरोड़ा का जिक्र किया। उन्होंने कहा,’जसप्रीत बुमराह जैसा दिग्गज गेंदबाज भी अब छक्के खा रहा है। जब 23 साल का नया लड़का सलिल, बुमराह को ‘नो-लुक सिक्स’ मारता है, तो यह अविश्वसनीय है। पहले युवा सोचते थे कि बुमराह के सामने टिकना कैसे है, अब वे सोचते हैं कि उन्हें छक्का कैसे मारना है। मॉडर्न गेम के साथ कॉन्फिडेंस लेवल बहुत बढ़ गया है।’ स्पिनर्स के लिए चिंता: टर्न के बजाय तेज फेंकने पर जोर मुरलीधरन ने जमीनी स्तर पर स्पिन बॉलिंग सिखाने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘आजकल के स्पिनर्स गेंद को टर्न कराने के बजाय सिर्फ तेज फेंकने की कोशिश करते हैं। बच्चों को 10-12 साल की उम्र से ही गेंद को स्पिन कराना सिखाना चाहिए। अगर आप स्पिन नहीं कराएंगे, तो बल्लेबाज को चकमा नहीं दे पाएंगे। अभी हालात ऐसे हैं कि नेट प्रैक्टिस में स्पिनर्स भी थ्रो-डाउन बॉलर की तरह दिखते हैं, जिन पर बैटर आसानी से लंबे शॉट लगाते हैं।’ आज के दौर में शेन वॉर्न और मैं भी होते तो खूब पिटते’ जब मुरलीधरन से पूछा गया कि क्या वो और शेन वॉर्न आज की पिचों पर सफल होते, तो उन्होंने कहा,’ हम गेंद टर्न तो कराते, लेकिन शायद बड़ा फर्क पैदा नहीं कर पाते। विकेट इतने अच्छे हैं कि शायद हमें भी एक-दो विकेट मिलते और बल्लेबाज 40 रन आसानी से बना लेते। मेरे समय में 170 टी-20 मैचों में शायद दो बार ही ऐसा हुआ जब मुझे 40 से ज्यादा रन पड़े। आज के दौर में अगर कोई स्पिनर 40 रन देता है, तो माना जाता है कि उसने अच्छी गेंदबाजी की है। हम इन दो युगों की तुलना नहीं कर सकते।’ ———————————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई IPL सीजन में छठा मैच हारी:हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, हेड-क्लासन की फिफ्टी; रिकेल्टन का शतक बेकार मुंबई इंडियंस को IPL के मौजूदा सीजन में छठी हार का सामना करना पड़ा है। उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया। मुंबई वानखेड़े में लगातार चौथा मैच हारी है। जबकि हैदराबाद ने सीजन में लगातार 5वां मैच जीता है। पूरी खबर IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। पूरी खबर
मुरलीधरन बोले-IPL में ‘बिग बिजनेस’ का खेल:फेयर मुकाबले नहीं, मनोरंजन जरूरी; अब गेंदबाजों को पिटाई के लिए तैयार रहना होगा

सनराइजर्स हैदराबाद के चीफ कोच मुथैया मुरलीधरन ने कहा कि गेंदबाजों को मान लेना चाहिए कि उन्हें मार पड़ेगी। उनके अनुसार खेल बल्लेबाजों के पक्ष में झुक चुका है, इसलिए गेंदबाजों को इस स्थिति के साथ खुद को ढालना होगा। उन्होंने बुधवार को मुंबई में सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में IPL में बल्ले और गेंद के संतुलन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह टूर्नामेंट दर्शकों के मनोरंजन और स्पॉन्सरशिप के बिजनेस पर टिका है। उन्होंने कहा,’अगर हम बॉलिंग फ्रेंडली विकेट देंगे, तो दर्शक इसे बोरिंग कहेंगे। लोग चौके-छक्के देखना चाहते हैं, इसीलिए ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसे नियम लाए गए हैं। अगर खेल से मनोरंजन खत्म हुआ तो स्पॉन्सर्स और लोगों की दिलचस्पी कम हो जाएगी। फिलहाल बल्लेबाजों का पलड़ा भारी रहेगा, गेंदबाजों को खुद को अपडेट करने में समय लगेगा।’ हैदराबाद ने 244 रन के लक्ष्य को हासिल किया हैदराबाद ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में 244 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया। इस सीजन में ऐसे बड़े रन चेज पहले भी हुए हैं। पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम में 265 रन का लक्ष्य हासिल किया था। वहीं हैदराबाद ने जयपुर में 229 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया था। पावरप्ले का गणित बदला: पहले 50 रन बनते थे, अब 80 बन रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुरलीधरन ने खेल के बदलते स्वरूप पर बात की। उन्होंने कहा,’आजकल एक गेंदबाज के लिए परफॉर्म करना बहुत मुश्किल है। जब हम खेलते थे, तब पावरप्ले के 6 ओवरों में 40 से 50 रन को अच्छा स्कोर माना जाता था, लेकिन अब यह औसत 70 से 80 रन तक पहुंच गया है। अब हर टीम के पास ऐसे ओपनर्स हैं जो सिर्फ अटैक करना जानते हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि गेंद अंदर आ रही है या बाहर।’ 23 साल के सलिल ने बुमराह को जड़ा ‘नो-लुक सिक्स’ युवा बल्लेबाजों के निडर रवैये का उदाहरण देते हुए मुरलीधरन ने अनकैप्ड खिलाड़ी सलिल अरोड़ा का जिक्र किया। उन्होंने कहा,’जसप्रीत बुमराह जैसा दिग्गज गेंदबाज भी अब छक्के खा रहा है। जब 23 साल का नया लड़का सलिल, बुमराह को ‘नो-लुक सिक्स’ मारता है, तो यह अविश्वसनीय है। पहले युवा सोचते थे कि बुमराह के सामने टिकना कैसे है, अब वे सोचते हैं कि उन्हें छक्का कैसे मारना है। मॉडर्न गेम के साथ कॉन्फिडेंस लेवल बहुत बढ़ गया है।’ स्पिनर्स के लिए चिंता: टर्न के बजाय तेज फेंकने पर जोर मुरलीधरन ने जमीनी स्तर पर स्पिन बॉलिंग सिखाने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘आजकल के स्पिनर्स गेंद को टर्न कराने के बजाय सिर्फ तेज फेंकने की कोशिश करते हैं। बच्चों को 10-12 साल की उम्र से ही गेंद को स्पिन कराना सिखाना चाहिए। अगर आप स्पिन नहीं कराएंगे, तो बल्लेबाज को चकमा नहीं दे पाएंगे। अभी हालात ऐसे हैं कि नेट प्रैक्टिस में स्पिनर्स भी थ्रो-डाउन बॉलर की तरह दिखते हैं, जिन पर बैटर आसानी से लंबे शॉट लगाते हैं।’ आज के दौर में शेन वॉर्न और मैं भी होते तो खूब पिटते’ जब मुरलीधरन से पूछा गया कि क्या वो और शेन वॉर्न आज की पिचों पर सफल होते, तो उन्होंने कहा,’ हम गेंद टर्न तो कराते, लेकिन शायद बड़ा फर्क पैदा नहीं कर पाते। विकेट इतने अच्छे हैं कि शायद हमें भी एक-दो विकेट मिलते और बल्लेबाज 40 रन आसानी से बना लेते। मेरे समय में 170 टी-20 मैचों में शायद दो बार ही ऐसा हुआ जब मुझे 40 से ज्यादा रन पड़े। आज के दौर में अगर कोई स्पिनर 40 रन देता है, तो माना जाता है कि उसने अच्छी गेंदबाजी की है। हम इन दो युगों की तुलना नहीं कर सकते।’ ———————————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई IPL सीजन में छठा मैच हारी:हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, हेड-क्लासन की फिफ्टी; रिकेल्टन का शतक बेकार मुंबई इंडियंस को IPL के मौजूदा सीजन में छठी हार का सामना करना पड़ा है। उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया। मुंबई वानखेड़े में लगातार चौथा मैच हारी है। जबकि हैदराबाद ने सीजन में लगातार 5वां मैच जीता है। पूरी खबर IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। पूरी खबर
दोगुना हुआ फीफा का प्राइज मनी पूल:गोल्फ- टेनिस की प्राइज मनी मिलकर भी फुटबॉल से कम, हर टीम को करीब 118 करोड़ मिलना तय

फीफा वर्ल्ड कप के लिए कुल प्राइज मनी 727 मिलियन डॉलर (करीब 6800 करोड़ रुपए) से बढ़ाकर 871 मिलियन डॉलर (8250 करोड़ रुपए) कर दी गई है। यही नहीं, हर टीम को मिलने वाली गारंटीड रकम भी बढ़ाकर 12.5 मिलियन डॉलर (करीब 118 करोड़) कर दी गई है। 2022 में प्राइज पूल 440 मिलियन डॉलर (करीब 3600 करोड़) था, यानी इस बार यह लगभग दोगुना हो गया है। अगर इस सदी की शुरुआत से तुलना करें तो वर्ल्ड कप की प्राइज मनी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है। 2002 में विजेता टीम को करीब 70 करोड़ रुपए मिलते थे, जो 2006 में 150 करोड़, 2010 में 250 करोड़, 2014 में 290 करोड़, 2018 में 315 करोड़ और 2022 में 350 करोड़ तक पहुंच गए। अब 2026 में विजेता को करीब 420 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। यह दिखाता है कि पिछले 20-25 साल में प्राइज मनी 500% तक बढ़ चुकी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण टूर्नामेंट की बढ़ती लोकप्रियता, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप से होने वाली भारी कमाई है। 2026 का वर्ल्ड कप 48 टीमों और 104 मैचों के साथ अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इसकी मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर करेंगे। अगर फीफा की दूसरे खेलों से तुलना करें तो फुटबॉल का दबदबा साफ नजर आता है। गोल्फ व टेनिस दोनों की कुल प्राइज मनी मिलाकर भी वर्ल्ड कप से कम है। टूर्नामेंट में खेलने वाली टीमों को टैक्स में राहत टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 48 टीमों को अमेरिका में टैक्स से राहत मिल सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार फीफा और अमेरिकी ट्रेजरी के बीच बातचीत के बाद फेडरल टैक्स में छूट देने पर सहमति बन रही है। इससे नेशनल फुटबॉल फेडरेशंस को करोड़ों रुपए का फायदा होगा और उनके खर्च का बोझ कम होगा। दरअसल, लंबी यात्रा, ठहरने और ऑपरेशनल लागत के साथ-साथ टैक्स नियमों को लेकर कई टीमों ने चिंता जताई थी, जिसके बाद यह कदम उठाया जा रहा है। वीसा संकट के कारण शामिल नहीं हो सका ईरान फीफा वर्ल्ड कप से पहले ईरान की टीम पर अनिश्चितता छाई है। वैंकुवर में हुई फुटबॉल लीडर्स की बैठक में ईरानी प्रतिनिधि वीसा समस्याओं के कारण शामिल नहीं हुए। बैठक की अध्यक्षता फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने की। रिपोर्ट्स के अनुसार, यही दिक्कत गुरुवार को होने वाली फीफा कांग्रेस में उनकी मौजूदगी पर भी असर डाल सकती है। एशियाई फुटबॉल संघ के महासचिव विंडसर जॉन ने उम्मीद जताई है कि ईरान जल्द शामिल होगा। अमेरिका-ईरान तनाव भी स्थिति को जटिल बना रहा है। खेल – प्राइज मनी फीफा वर्ल्ड कप- 8250 गोल्फ एलआईवी- 3800 फेडएक्स कप गोल्- 940 यूएस ओपन टेनिस- 850 (*करोड़ रुपए में)
साउदर्न कम्फर्ट, ईस्टर्न चैलेंज: कांग्रेस की एग्जिट पोल पहेली को सुलझाना | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:30 अप्रैल, 2026, 11:08 IST क्या पार्टी अलग-अलग उठापटक को व्यापक राष्ट्रीय पुनरुत्थान में बदल सकती है, या क्या यह भारत के चुनावी मानचित्र में अधिक सीमित, क्षेत्रीय भूमिका में स्थापित हो रही है? रुझान सिर्फ सीटों की संख्या से आगे जाते हैं और कांग्रेस के लिए गहरे मुद्दों को रेखांकित करते हैं। (पीटीआई) क्या 2026 के एग्ज़िट पोल कांग्रेस की वापसी का संकेत देते हैं, या वे उसके सिकुड़ते पदचिह्न को रेखांकित करते हैं? प्रमुख राज्यों के अनुमान एक परिचित, असमान कहानी की ओर इशारा करते हैं – दक्षिण में, विशेष रूप से केरल में लचीलापन है, लेकिन असम और पश्चिम बंगाल जैसे उच्च जोखिम वाले युद्ध के मैदानों में संघर्ष जारी है। पहली नज़र में, संख्याएँ कांग्रेस को कुछ राहत देती हैं। लेकिन करीब से देखने पर पता चलता है कि ये लाभ काफी हद तक भूगोल-विशिष्ट और गठबंधन-प्रेरित हैं, जिससे एक बड़ा सवाल उठता है: क्या पार्टी अलग-अलग उठापटक को व्यापक राष्ट्रीय पुनरुत्थान में बदल सकती है, या क्या यह भारत के चुनावी मानचित्र में अधिक सीमित, क्षेत्रीय भूमिका में स्थापित हो रही है? दो क्षेत्रों की कहानी एग्जिट पोल से पता चलता है कि कांग्रेस केरल में वापसी की राह पर है, जहां पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ को कड़े मुकाबले के बाद वाम दलों से आगे निकलने का अनुमान है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि केरल उन कुछ राज्यों में से एक है जहां कांग्रेस के पास अभी भी एक मजबूत संगठनात्मक आधार और स्पष्ट द्विध्रुवीय प्रतियोगिता है, जिससे सत्ता विरोधी लहर उसके पक्ष में काम कर सकती है। भारत में एग्जिट पोल अब व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के मौसम पूर्वानुमानों की तरह हैं। भविष्यवाणी: कल तूफान आएगा। परिणाम: तेज धूप। हर चुनाव में, सर्वेक्षणकर्ता पूरे विश्वास के साथ सुनामी की भविष्यवाणी करते हैं और मतदाता चुपचाप उन्हें मतगणना के दिन तैराकी सिखाने के लिए भेज देते हैं।#मतदान – अभिषेक सिंघवी (@DrAMSinghvi) 30 अप्रैल 2026 वोटवाइब, मैट्रिज़, जेवीसी, पीपुल्स पल्स और एक्सिस माई इंडिया में, यूडीएफ को लगातार 140 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार करने का अनुमान लगाया जा रहा है। सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), सभी अनुमानों में पीछे रहते हुए, एक सीमा के भीतर बना हुआ है जो इसे प्रतियोगिता में बनाए रखता है। हालाँकि, तमिलनाडु में तस्वीर अधिक सूक्ष्म है। अधिकांश अनुमानों से संकेत मिलता है कि सत्तारूढ़ द्रमुक गठबंधन सत्ता बरकरार रखेगा, जबकि कनिष्ठ सहयोगी के रूप में कांग्रेस को परिणाम के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। यहां भी, कांग्रेस का लाभ गठबंधन के अंकगणित से जुड़ा है, न कि उसके वोट आधार के स्वतंत्र विस्तार से। डीएमके की जीत कांग्रेस के दक्षिणी गढ़ को मजबूत करेगी और भारतीय ब्लॉक के सबसे स्थिर राज्य-स्तरीय गठबंधनों में से एक को संरक्षित करेगी। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के लिए, स्टालिन के लिए दूसरा कार्यकाल लगभग उतना ही मूल्यवान है जितना कि खुद सत्ता में रहना क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि भाजपा अगले पांच वर्षों के लिए तमिलनाडु से बाहर रहेगी। जहां यह अधिक मायने रखता है वहां संघर्ष करें दक्षिण से परे, पार्टी की चुनौतियाँ अधिक तीव्र दिखती हैं। #घड़ी | दिल्ली: चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश विधान सभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल पर कांग्रेस सांसद राजेश ठाकुर कहते हैं, “… एग्जिट पोल फिर से आ गए हैं, लेकिन हमेशा की तरह वे वास्तविक परिणामों से भिन्न होते हैं। कुछ एक पक्ष को खुश करने के लिए दिखाए जाते हैं, कुछ दूसरे को खुश करने के लिए, … pic.twitter.com/P4YE1id4Fn– एएनआई (@ANI) 29 अप्रैल 2026 असम में, लगभग सभी एग्जिट पोल भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को स्पष्ट बढ़त देते हैं, जो सत्तारूढ़ गठबंधन के लगातार तीसरे कार्यकाल की संभावना की ओर इशारा करते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के बावजूद, पार्टी सत्ता विरोधी लहर को विजयी गठबंधन में बदलने में असमर्थ दिखाई दे रही है। सीएनएन-न्यूज18 के वोटवाइब ने एनडीए को 90-100 सीटों पर, जेवीसी को 88-101 पर, और चाणक्य स्ट्रैटेजीज को 88-98 पर रखा है, जो बहुमत के 64 के निशान से काफी ऊपर है। पूरे चुनाव में इंडिया ब्लॉक को 22-33 सीटों के बीच अनुमान लगाया गया है, जबकि एआईयूडीएफ को लगभग हार का सामना करना पड़ रहा है, तीन में से दो एजेंसियों ने इसे 0-3 सीटों पर अनुमान लगाया है। पश्चिम बंगाल में तो स्थिति और भी भयावह है. मुकाबला मोटे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच द्विध्रुवीय बना हुआ है, कांग्रेस अपनी जेब से परे प्रासंगिक बने रहने के लिए संघर्ष कर रही है और खुद को “तीसरे विकल्प” के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है। कुछ अनुमान तंग या त्रिशंकु विधानसभा की ओर भी इशारा करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं जहां नतीजों के केंद्र में कांग्रेस हो। सभी सर्वेक्षणकर्ताओं में से, जिन्होंने बंगाल के लिए अनुमान लगाए हैं, उनमें से अधिकांश को कुछ सर्वेक्षणों में केवल मामूली बढ़त के साथ कोई नतीजा नहीं मिला है: पीपल्स पल्स ने इसे 1-3 सीटों का अनुमान लगाया है, पोल डायरी ने इसे 3-5 सीटें दी हैं, जबकि मैट्रिज़ और पी-मार्क का अनुमान शून्य है। व्यापक पैटर्न सभी राज्यों में, एग्ज़िट पोल एक परिचित पैटर्न की ओर इशारा करते हैं। कांग्रेस सीधे मुकाबलों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करती है, उदाहरण के लिए केरल में, क्षेत्रीय गढ़ों (तमिलनाडु) में गठबंधन पर निर्भर रहती है, और बहुकोणीय या ध्रुवीकृत लड़ाई (असम और बंगाल) में संघर्ष करती है। साथ ही, भाजपा असम और संभावित बंगाल जैसे प्रमुख युद्ध के मैदानों में अपने पदचिह्न को मजबूत या विस्तारित करती हुई दिखाई दे रही है, जिससे एक राष्ट्रीय विषमता मजबूत हो रही है जो कांग्रेस को चुनौती दे रही है। रुझान सिर्फ सीटों की संख्या से आगे जाते हैं और कांग्रेस के लिए तीन गहरे मुद्दों को रेखांकित करते हैं। पहला भौगोलिक संकुचन है क्योंकि पार्टी की प्रतिस्पर्धात्मकता तेजी से चुनिंदा राज्यों तक सीमित हो गई है। फिर गठबंधन पर निर्भरता की समस्या आती है जहां पार्टी को लाभ अक्सर कनिष्ठ भागीदार के रूप में मिलता है, मुख्य ध्रुव के रूप में नहीं। एक कथात्मक कमी भी है क्योंकि पार्टी बंगाल जैसे उच्च-दाव वाले मुकाबलों में मुख्य चुनावी कथा को परिभाषित
76 साल के नाना पाटेकर ट्राइसेप डिप्स करते दिखे:जिम में गमछे में दिखे एक्टर, शिल्पा शेट्टी ने की फिटनेस की तारीफ

76 साल के एक्टर नाना पाटेकर का जिम में ट्राइसेप डिप्स करते वीडियो सामने आया है, जिसे फोटोग्राफर-प्रोड्यूसर अतुल कासबेकर ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर शेयर किया। अतुल कासबेकर द्वारा पोस्ट की गई रील में नाना पाटेकर हल्के भूरे शॉर्ट्स और सफेद बनियान में नजर आते हैं। गले में गमछा डाले वे बिना किसी कठिनाई के ट्राइसेप डिप्स करते हैं और अंत में मुस्कुराते हैं। अतुल ने दावा किया कि नाना ने कुल 15 डिप्स किए, हालांकि रिकॉर्डिंग थोड़ी देर से शुरू हुई थी। अतुल ने पोस्ट के कैप्शन में उनकी फिटनेस की तारीफ करते हुए लिखा कि नाना ने उन्हें अपने फिटनेस गोल्स दोबारा तय करने पर मजबूर कर दिया। शिल्पा शेट्टी-बादशाह ने तारीफ की नाना का वीडियो सामने आने पर कई यूजर्स ने उनकी उम्र में इस लेवल की फिटनेस पर हैरानी जताई। कुछ सेलेब्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी। शिल्पा शेट्टी ने क्लैप इमोजी के साथ उनकी फिटनेस की तारीफ की। सिंगर बादशाह ने “OG” लिखा। एक्टर राहुल देव और विनीत सिंह ने भी उनके फिटनेस लेवल की तारीफ की। नाना ने हाल ही में ओटीटी डेब्यू किया वर्क फ्रंट की बात करें तो नाना पाटेकर ने हाल ही में प्रकाश झा द्वारा निर्देशित वेब सीरीज ‘संकल्प’ के साथ अपना ओटीटी डेब्यू किया है। यह वेब सीरीज अमेजन एमएक्स प्लेयर पर 11 मार्च 2026 को रिलीज हुई थी। इसके अलावा नाना फिल्म ‘ओ रोमियो’ में भी नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने इस्माइल खान नाम के एक पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया था। मूवी 13 फरवरी को रिलीज हुई थी।








