Wednesday, 21 Oct 2026 | 08:09 PM

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ग्वालियर में छात्रा ने खुद को मारी गोली, मौत:सुसाइड नोट में लिखा- कम नंबर आए हैं, परिवार का नाम रोशन नहीं कर सकी

ग्वालियर में छात्रा ने खुद को मारी गोली, मौत:सुसाइड नोट में लिखा- कम नंबर आए हैं, परिवार का नाम रोशन नहीं कर सकी

ग्वालियर में 11वीं की छात्रा ने पिता की पिस्तौल से खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। गोली सीने में लगी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना बुधवार सुबह गिरराज जी मंदिर, घोसीपुरा बहोड़ापुर की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लिया। घटनास्थल से छात्रा के रजिस्टर में चार लाइनें लिखी मिलीं- “मेरे कम मार्क्स आए हैं। मैं परिवार का नाम रोशन नहीं कर सकी, इसलिए यह कदम उठा रही हूं। गुड बाय।” पुलिस ने रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट और फिंगरप्रिंट टीम को भी बुलाया गया। फिलहाल पुलिस प्राथमिक तौर पर यही मान रही है कि परीक्षा में कम अंक आने के कारण छात्रा ने यह कदम उठाया। शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित घोसीपुरा, गिरराज जी मंदिर के पास रहने वाले श्याम कुमार अहिरवार इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में जवान हैं। परिवार में उनकी पत्नी दीप्ति अहिरवार, 17 वर्षीय बेटी ट्विंकल और एक बेटा है। ट्विंकल 11वीं की छात्रा थी और दो दिन पहले ही उसका रिजल्ट आया था। छात्रा रात को अपनी मां के साथ सोई थी। बुधवार सुबह करीब 7 बजे अचानक गोली चलने की आवाज से पूरे परिवार की नींद टूट गई। आवाज घर के सामने वाले कमरे से आई थी। परिजन दौड़कर वहां पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला और बेटी के कराहने की आवाज आ रही थी। खिड़की से देखा तो अंदर ट्विंकल लहूलुहान पड़ी थी। उसके सीने से खून बह रहा था और पास ही पिता की लाइसेंसी पिस्तौल पड़ी थी। खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे, अस्पताल ले गए, मौत इसके बाद परिजनों ने कमरे की खिड़की तोड़ी और भतीजे गौरव उर्फ अंश को अंदर भेजा। अंदर जाकर उसने गेट खोला। कमरे में पास ही ट्विंकल के पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी और ट्विंकल के सीने से खून बह रहा था, हालांकि उसकी सांस चल रही थी। तत्काल परिजन उसे पास के एक अस्पताल ले गए, जहां से उसे जेएएच के लिए रेफर कर दिया गया। जयारोग्य अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया। एग्जाम में आए थे कम नंबर पुलिस जांच में पता चला है कि छात्रा 11वीं की थी और कुछ दिन पहले ही उसका रिजल्ट आया था, जिसमें उसके नंबर काफी कम आए थे। इसी आधार पर पुलिस का मानना है कि उसने कम नंबर आने के कारण यह कदम उठाया। रजिस्टर में मिला सुसाइड नोट छात्रा के कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। यह नोट अंग्रेजी में लिखा है, जिसमें छात्रा ने परीक्षा में कम नंबर आने पर परिवार का नाम रोशन न कर पाने की बात लिखी है। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने बताया- एक नाबालिग ने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसे जब्त कर मामले की जांच की जा रही है।

कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में बुधवार को अमाही बाघिन (T-141) और उसके आखिरी बचे शावक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले 9 दिनों के भीतर इस बाघ परिवार के सभी 5 सदस्य (बाघिन और उसके 4 शावक) खत्म हो गए हैं। बाघिन और उसके इकलौते बचे शावक को बचाने के लिए मुक्की के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी देखरेख कर रही थी, लेकिन बुधवार सुबह पहले बाघिन ने दम तोड़ा और फिर शाम को करीब 5:30 बजे शावक की भी मौत हो गई। कैसे उजड़ा बाघिन का कुनबा? बाघिन के बच्चों की मौत का सिलसिला 21 अप्रैल से शुरू हुआ था- 21 अप्रैल को पहले शावक की मौत। 24 अप्रैल को दूसरा शावक मृत मिला। 25 अप्रैल को तीसरे शावक ने दम तोड़ा। 29 अप्रैल को सुबह बाघिन और शाम को चौथे शावक की मौत। संक्रमण बनी मौत की वजह! कान्हा पार्क प्रबंधन ने बताया कि मृत बाघिन की उम्र करीब 8 से 10 साल और शावक की उम्र 15 से 18 महीने के बीच थी। डॉक्टरों की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम कर लिया है, जबकि शावक का पोस्टमार्टम और दोनों का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया जाएगा। शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण होना बताया जा रहा है। उठ रहे हैं गंभीर सवाल महज 9 दिनों के अंदर पूरा कुनबा खत्म हो जाने से पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतना घातक संक्रमण कैसे फैला और प्रबंधन इसे रोकने में नाकाम क्यों रहा, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन और शावक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं, आगे की जांच के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं।

गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार

गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार

छतरपुर: जिले के चंदला थाना क्षेत्र के बलकौरा गांव में बुधवार सुबह पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में हैं। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार बलकौरा निवासी रामवरन उर्फ पप्पू अहिरवार शराब का आदी था और अपनी पत्नी पिंकी अहिरवार के चरित्र पर अक्सर शक करता था। इसी बात को लेकर वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। परेशान होकर पिंकी करीब तीन महीने से मायके में रह रही थी। वह चार माह की गर्भवती थी। करीब एक सप्ताह पहले ही आरोपी उसे वापस घर लेकर आया था। रातभर बनाता रहा योजना बताया जा रहा है कि मंगलवार रात शराब के नशे में आरोपी ने पत्नी की हत्या की योजना बनाई। बुधवार सुबह उसने धारदार हथियार से पिंकी का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गर्भ में पल रहे चार माह के बच्चे की भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी अपनी पत्नी के मोबाइल पर रील बनाने को लेकर भी नाराज रहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता था, जो इस खौफनाक वारदात का कारण बना। आरोपी के दो बच्चे मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—को छोड़ गई है। इस घटना से बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। हत्या के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी लवकुशनगर नवीन दुबे ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। चार माह में तीसरी हत्या ग्रामीणों के मुताबिक बलकौरा गांव में चार महीने के भीतर यह तीसरी हत्या है। लगातार हो रही वारदातों से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

ट्रेनी एयर होस्टेस ने इशारों से समझाए ट्रैफिक रूल:इंदौर के पलासिया चौराहे पर पुलिस ने चलाया अनूठा जागरूकता अभियान

ट्रेनी एयर होस्टेस ने इशारों से समझाए ट्रैफिक रूल:इंदौर के पलासिया चौराहे पर पुलिस ने चलाया अनूठा जागरूकता अभियान

इंदौर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार नए-नए प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने पलासिया चौराहे पर एक अनूठा जागरूकता अभियान चलाया। इसमें ट्रेनी एयर होस्टेस पलासिया चौराहे पर पहुंची और इस अभियान का हिस्सा बनीं।अभियान के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने फ्लाइट में दिए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों की शैली में, इशारों एवं संकेतों के माध्यम से गाड़ी चलाने वालों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करने के लिए मोटिवेट किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने रेड सिग्नल पर रुकने, सीट बेल्ट लगाने, टू व्हीलर चलाने वालो को हेलमेट पहनने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण रुल्स की जानकारी दी। इस अभिनव पहल ने चौराहे पर उपस्थित गाड़ी चलाने वालों का ध्यान आकर्षित किया।

बेंगलुरु में भारी बारिश,अस्पताल की दीवार गिरने से 7 मौतें:इनमें 3 बच्चे शामिल, 7 घायलों का रेस्क्यू; सीएम सिद्धारमैया घटनास्थल पर पहुंचे

बेंगलुरु में भारी बारिश,अस्पताल की दीवार गिरने से 7 मौतें:इनमें 3 बच्चे शामिल, 7 घायलों का रेस्क्यू; सीएम सिद्धारमैया घटनास्थल पर पहुंचे

बेंगलुरु में बुधवार को भारी बारिश के बीच हॉस्पिटल की दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल हैं। 7 घायलों का रेस्क्यू किया गया है। हादसे के समय सड़क किनारे मौजूद वेंडर और राहगीर मलबे की चपेट में आ गए। कई लोग मलबे में दब गए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण बोवरिंग एंड लेडी कर्जन हॉस्पिटल की दीवार कमजोर हो गई थी। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की। हादसे की तस्वीरें… उपमुख्यमंत्री बोले- दोषियों पर कार्रवाई होगी उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं विपक्ष ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सरकार की आलोचना की है। सरकार का कहना है कि वहां रेहड़ी-पटरी वालों को सामान बेचने की अनुमति दी गई थी। 7 घायलों में से 3 केरल से थे और बेंगलुरु घूमने आए थे। वहीं, मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि मलबे से शवों को बाहर निकालना पड़ा और कुछ लोगों को अपने पैर तक गंवाने पड़े। 2024 में बेंगलुरु में बारिश से 7 मंजिला इमारत ढही, 8 मौतें हुई थी बेंगलुरु में भारी बारिश के कारण 22 अक्टूबर 2024 को एक अंडरकंस्ट्रक्शन इमारत ढह गई थी। बाबूसापाल्या इलाके में हुए इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो गई। ————————- ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु में पानी की टंकी गिरने से 3 की मौत:चौथी मंजिल से फूड स्टॉल पर गिरी, बिल्डिंग मालिक पर लापरवाही का केस बेंगलुरु में बुधवार (2 अगस्त) रात को पानी की टंकी गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। टंकी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से नीचे फूड स्टॉल पर गिरी थी। ये घटना शिवाजी नगर बस स्टैंड के पास की है। पूरी खबर पढ़ें…

कमर दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, बिना दवा ऐसे पाएं राहत – News18 हिंदी

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X कमर दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, बिना दवा ऐसे पाएं राहत   Kamar Ke Dard Ka Ilaaj: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में महिलाओं के बीच कमर दर्द एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना, घर की जिम्मेदारियां और लगातार शारीरिक थकान इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं. अक्सर महिलाएं शुरुआत में इस दर्द को हल्के में लेती हैं, लेकिन समय के साथ यही समस्या बड़ी परेशानी का रूप ले सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार खराब पोश्चर, मांसपेशियों की कमजोरी, विटामिन की कमी और हार्मोनल बदलाव भी कमर दर्द को बढ़ाते हैं. हालांकि अच्छी बात यह है कि समय रहते ध्यान दिया जाए तो बिना दवाइयों के भी राहत संभव है. फिजियोथेरेपी, नियमित एक्सरसाइज और सही दिनचर्या अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. साथ ही जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है. छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर महिलाएं इस दर्द से राहत पाकर एक बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकती हैं.

अपने डाइट में जरूर शामिल करें ये 10 हाई प्रोटीन वाली सब्जियां, फैट भी ना के बराबर

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Last Updated:April 29, 2026, 21:32 IST अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं और साथ ही फैट कम रखना चाहते हैं, तो कुछ सब्जियां आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं. ये सब्जियां न सिर्फ शरीर को जरूरी प्रोटीन देती हैं, बल्कि फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में देती हैं. खास बात यह है कि इन्हें रोज के खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है, जिससे फिटनेस, वजन कंट्रोल और ओवरऑल हेल्थ को फायदा मिल सकता है. पालक सबसे बेहतरीन हरी पत्तेदार सब्जियों में से एक मानी जाती है, जिसे डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो मसल्स को मजबूत रखने, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं. इसमें फैट और कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए वजन घटाने और फिटनेस डाइट के लिए यह शानदार विकल्प है. पालक को स्मूदी, सलाद, सूप या लहसुन के साथ हल्का भूनकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम पालक में लगभग 2.9 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह पौष्टिक और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत बन जाती है. ब्रोकोली एक बेहद पौष्टिक क्रूसीफेरस सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. यह वजन कंट्रोल रखने, इम्यूनिटी मजबूत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. इसमें फैट और कैलोरी प्राकृतिक रूप से कम होती है, इसलिए हेल्दी मील प्लान में इसे अक्सर शामिल किया जाता है. ब्रोकोली को स्टीम करके, रोस्ट करके, हल्का भूनकर या सूप में मिलाकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम ब्रोकोली में लगभग 2.8 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह पेट भरने के साथ शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी देती है. हरी मटर स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन से भरपूर होती है. इसमें फाइबर भी अच्छा होता है, जिससे पेट देर तक भरा महसूस होता है. इसे पुलाव, सब्जी या स्नैक में इस्तेमाल करें. Add News18 as Preferred Source on Google ब्रसेल्स स्प्राउट्स प्रोटीन से भरपूर और पोषक तत्वों वाली सब्जी है, जो क्रूसीफेरस परिवार से आती है. इसमें प्रोटीन, विटामिन K, विटामिन C और अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन, हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें फैट बहुत कम होता है, लेकिन यह पेट भरने में मदद करती है. इसे मसालों के साथ रोस्ट करके, सलाद में डालकर या हल्का भूनकर खाया जा सकता है. लगभग 100 ग्राम ब्रसेल्स स्प्राउट्स में करीब 3.4 ग्राम प्रोटीन मिलता है, इसलिए यह प्लांट बेस्ड प्रोटीन का बेहतरीन विकल्प है. केल को बेहद पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जी माना जाता है, इसलिए इसे सुपरफूड भी कहा जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, विटामिन C और विटामिन K पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत रखने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं. इसमें फैट बहुत कम होता है, इसलिए वजन कंट्रोल करने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प है. केल को सलाद में कच्चा खाया जा सकता है, स्मूदी में मिलाया जा सकता है या सूप और सब्जी के रूप में भी लिया जा सकता है. करीब 100 ग्राम केल में लगभग 4.3 ग्राम प्रोटीन मिलता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत बन जाती है. फूलगोभी एक ऐसी सब्जी है जिसे कई तरीकों से खाने में शामिल किया जा सकता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन C अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि फैट और कैलोरी काफी कम होती है. यह पाचन को बेहतर रखने, इम्यूनिटी मजबूत करने और हेल्दी डाइट बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे कई हाई कार्ब फूड्स की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है. आप इससे गोभी राइस, मैश, पिज्जा बेस या मसालों के साथ रोस्ट करके स्वादिष्ट स्नैक बना सकते हैं. करीब 100 ग्राम फूलगोभी में लगभग 1.9 ग्राम प्रोटीन होता है. भले ही इसका प्रोटीन बहुत ज्यादा न हो, लेकिन पोषण और उपयोग के कई तरीकों की वजह से यह बेहद शानदार विकल्प है. शतावरी (Asparagus) शतावरी एक पौष्टिक और हल्की सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन के साथ फोलेट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसमें फैट और कैलोरी कम होती है, इसलिए हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए यह बढ़िया विकल्प मानी जाती है. यह पाचन को बेहतर रखने, दिल की सेहत को सपोर्ट करने और शरीर में सूजन कम करने में मददगार हो सकती है. इसका हल्का और स्वादिष्ट फ्लेवर इसे कई डिश में आसानी से शामिल करने लायक बनाता है. आप इसे ग्रिल करके, स्टीम करके, हल्का भूनकर या सलाद और पास्ता में मिलाकर खा सकते हैं. करीब 100 ग्राम शतावरी में लगभग 2.2 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जो इसे हल्का लेकिन पोषण से भरपूर विकल्प बनाता है. मशरूम तकनीकी रूप से फंगस है, लेकिन पोषण गुणों की वजह से इसे सब्जियों की श्रेणी में शामिल किया जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, बी विटामिन्स और सेलेनियम व कॉपर जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. मशरूम में फैट और कैलोरी काफी कम होती है, इसलिए वजन कंट्रोल करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसे हल्का भूनकर, ग्रिल करके, रोस्ट करके या सूप, पिज्जा, पास्ता और स्टर फ्राई जैसी डिश में मिलाकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम मशरूम में लगभग 3.1 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह स्वाद और पोषण दोनों देने वाला शानदार प्लांट बेस्ड विकल्प बन जाता है. कॉलर्ड ग्रीन्स एक पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन K और फाइबर पाया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत रखने, पाचन बेहतर करने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. इसमें फैट बहुत कम होता है, इसलिए हेल्दी और बैलेंस डाइट के लिए यह अच्छा विकल्प है. कॉलर्ड ग्रीन्स को हल्का भूनकर, सूप या स्टू में डालकर खाया जा सकता है. इसे लो-कार्ब मील्स में रैप की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है. करीब 100

घीया-चना दाल रेसिपी: बच्चे भी मांगकर खाएंगे घीया चने की दाल, सेहत के लिए भी अच्छा; लाजवाब जवाब में जानें आसान रेसिपी

घीया-चना दाल रेसिपी: बच्चे भी मांगकर खाएंगे घीया चने की दाल, सेहत के लिए भी अच्छा; लाजवाब जवाब में जानें आसान रेसिपी

अक्सर घरों में यह सवाल होता है कि खाने में क्या बनाया जाए, जो जल्दी भी बन जाए और सेहतमंद भी हो। अगर आप भी रोज की वही दाल-सब्जी से बोर हो गए हैं, तो घीया चने की दाल एक बेहतरीन रैंकिंग है। इसे लौकी चना दाल भी कहा जाता है. यह उन लोगों के लिए खास है जो लोकी की साधारण सब्जी खाना पसंद नहीं करते। इस तरीके से बनी दाल इतनी स्वादिष्ट होती है कि बच्चे भी इसे शौक से खाते हैं। घीया चने की दाल कैसे बनायें? सबसे पहले चने की दाल को धोकर कुकर में 3 कप पानी, हल्दी, नमक, हींग और अदरक के साथ। 3 सिटी तक आने वाले जहाज़ और स्टीम जहाज़ का इंतज़ार करें।एक अलग पैन में घी गर्म करें। जीरा और हींग का तड़का धागा। अब टमाटर नामांकित राक्षस तक।अब इसमें हरी मिर्च, गर्म मसाला, धनिया पाउडर और आठवीं लाल मिर्च डालें। इसके बाद कटी हुई लॉकी स्माल्टम।तैयार है तैयार को मसाले वाली हुई दाल में। एक-दूसरे में डूबा-मिल जाए।आखिरी में कटे हरे धनिए से गार्निश करें। आप स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा नींबू का रस भी डाल सकते हैं। यह डिश पारंपरिक और प्रोटीन से भरपूर है, साथ ही इसे बनाना भी बेहद आसान है। गरम गरम रोटियों के साथ इसका स्वाद लाजवाब लगता है। आज ही अपने किचन में इसे बनाएं और अपने परिवार को खिलाएं।

पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद रिकॉर्ड मतदान, पहली बार मतदान 92 फीसदी के पार

पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद रिकॉर्ड मतदान, पहली बार मतदान 92 फीसदी के पार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान ने इतिहास रच दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, राज्य में पहले और दूसरे चरण के बाद पहली बार मतदान का आंकड़ा 92 प्रतिशत के पार है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 91.78 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को 91.71 प्रतिशत मतदान हुआ था। विद्युत आयोग के अनुसार, यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है, जो 2011 के 84.72 प्रतिशत के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया है। बंगाल चुनाव में बम्पर वोट इस चुनाव में खास बात यह रही कि महिला भागीदारी में पुरुषों से ज्यादा रही। महिलाओं ने करीब 93.24 प्रतिशत मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 91.74 रहा. राज्य में मुख्य मुकाबला कैथोलिक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच देखा गया। दोनों ने ही भारी मतदान को अपने पक्ष में सम्राट का संकेत बताया है। दक्षिण बंगाल के प्रमुख क्षेत्र कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नादिया और उत्तर-दक्षिण 24 परगना में लंबी कतारें, राजनीतिक तनाव और चिटपुट हिंसा के बीच झड़प हुई। ये इलाक़ा पर्यटन स्थल से बेहद पुराने माने जाते हैं। नॉर्दर्न बनाम बीजेपी का मुकाबला वोटिंग के दौरान कुछ जगहों पर स्टॉकहाउस, स्टॉकहाउस, स्टॉकहोम और चार्ज-प्रत्यारोप की घटनाएं भी सामने आईं। ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय विचारधारा के समर्थकों का आरोप लगाया, जबकि नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “हतशा” बताया। कुल मिलाकर, रिकॉर्ड मतदान से यह साफ हो गया है कि इस बार का चुनाव बेहद कठिन और ठंडा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इतनी बड़ी हिस्सेदारी सत्ता परिवर्तन का संकेत बिंदु है या यूक्रेन कांग्रेस अपने शेयर बाजार में रहता है। ये भी पढ़ें: बंगाल के इन दो वोट पोल में भाजपा हुई साफ, ममता बनर्जी की फिर से बनी रही सरकार

पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी में फिर खिल सकता है कमल, एनडीए को 18+ बढ़त, बहुमत के जादुई आंकड़े पार

पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी में फिर खिल सकता है कमल, एनडीए को 18+ बढ़त, बहुमत के जादुई आंकड़े पार

पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी की 30 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में एक अलग-अलग चुनावी पोल सामने आया है और अब एक साझा रुझान की ओर इशारा किया जा रहा है। ‘पोल ऑफ पोल्स’ के सम्मिलित विश्लेषण में एनडीए स्पष्ट बढ़त के साथ उभरता दिख रहा है। 30 विधानसभा वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 16 है और ज्यादातर सर्वे एनडीए को इस आंकड़े के पार ले नजर आ रहे हैं. एनडीए की मजबूत स्थिति तीन प्रमुख विचारधारा एक्सिस माय इंडिया, पीपल्स पल्स और प्रजा पोल के आंकड़ों पर नजर डालें तो एनडीए की स्थिति मजबूत दिख रही है। एक्सिस माई इंडिया के अनुसार एनडीए को 16 से 20 प्रवेश मिल सकते हैं, जिससे वह बहुमत के करीब या शीर्ष पर पहुंच जाएगी। पीपल्स पल्स भी एनडीए को 16 से 20 फ़्रैंचाइज़ी के फ़्लोरिडा में ले जाता है, जबकि प्रजा पोल सबसे बड़ा अनुमान देता है कि एनडीए 19 से 25 फ़्लोरिडा तक पहुँच रहा है। इन त्रिस्तरीय सर्वेक्षण का औसत यही संकेत देता है कि एनडीए पुडुचेरी में सरकार बनाने की स्थिति में है। कांग्रेस गठबंधन पीछे, लेकिन उम्मीद है दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन इन अध्ययनों में पीछे नजर आ रहा है। एक्सिस माय इंडिया उसे 6 से 8 दर्शन देता है, जबकि पीपुल्स पल्स के अनुसार उसे 10 से 12 प्रवेश मिल सकते हैं, जो उसके लिए थोड़ा बेहतर संकेत है। प्रजा पोल का अनुमान 6 से 10 के बीच है। कुल मिलाकर कांग्रेस गठबंधन के लिए चित्र-चित्र दिखाई दे रहे हैं, हालांकि कुछ सर्वेक्षणों में उन्हें कांग्रेस गठबंधन तक पहुंचने की संभावना भी बताई जा रही है। TVK की सीमित लेकिन महत्वपूर्ण भूमिकाइस चुनाव में एक दिलचस्प तथ्य TVK (तमिलगा वेत्री कज़गम) का भी परिचय है। एक्सिस माई इंडिया के मुताबिक उसे 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं, लेकिन पीपल्स पल्स और प्रजा पोल दोनों ही उसे कोई सीट नहीं देते। इसका संकेत यह है कि टीवीके का प्रभाव सीमित रह सकता है और वह कुछ चुनिंदा स्पीकर तक ही सीमित रह सकता है। अन्य विद्वानों की भूमिका भी अहमअन्य आश्रम और आश्रमों में 0 से 3 आश्रम जाने का अनुमान है। संख्या भले ही कम हो, लेकिन कुल मिलाकर एकजुटता सरकार बनाने के अनुपात को प्रभावित कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषण: छोटे राज्यों में बड़ा असरअलग-अलग सर्वे में बहुमत के आंकड़े में अंतर जरूर है, लेकिन रुझान एक ही दिशा में है- एनडीए बहुमत के करीब या उससे आगे। राजनीतिक सिद्धांत का मानना ​​है कि छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानीय मुद्दे, अभ्यर्थियों की छवि और कम नामांकन के गणित को तेजी से बदला जा सकता है। ऐसे में 2-3 का फर्क भी शक्ति का संतुलन बदला जा सकता है। अगर ‘पोल ऑफ डेमोक्रेटिक पोल्स’ की बात करें तो पुडुचेरी में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिख रही है। अनुमान के मुताबिक एनडीए करीब 18 सीटों पर बहुमत में है, जबकि कांग्रेस करीब 9 सीटों पर बहुमत पर नजर रख रही है। टीवीके को 2 और अन्य के 1 सीट जाने का अनुमान है, जिससे एनडीए की सरकार का गठन दिख रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एनडीए पुदुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एनडीए पुडुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)(टी)एनडीए सीटें पुडुचेरी(टी)कांग्रेस सीटें पुडुचेरी(टी)चुनाव सर्वेक्षण भारत(टी) डेल पुडुचेरी(टी)कांग्रेस पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)प्रदर्शनी पुडुचेरी(टी)कांग्रेस बढ़त पुडुचेरी