सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।
सलमान की याचिका पर हटवाया गया काला हिरण का टीजर:प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जानिए क्या है विवाद

फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।
अमेरिका से 5200 भारतीय डिपोर्ट; इनमें प्रोफेशनल्स-छात्र भी:हर तीसरे सप्ताह में 1 डिपोर्टेशन फ्लाइट, कनाडा में 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दूसरे साल मिशन डिपोर्टेशन तेज कर दिया है। इस अगस्त के पहले 15 दिन में ही 5200 से अधिक भारतीयों को डिपोर्ट किया जा चुका है।इस बार की डिपोर्टेशन लिस्ट में एच-1 बी, ओ-1 और स्टूडेंट वीसा पर अमेरिका गए भारतीय भी शामिल हैं। इन प्रोफेशनल्स की भी अच्छी खासी संख्या है। इस साल हर तीसरे हफ्ते में एक डिपोर्टेशन फ्लाइट रवाना की गई। वहीं, कनाडा के अल्बर्टा प्रांतीय सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (पीजीडब्ल्यूपी) रद्द कर दिया। अब वहां पर पढ़ाई कर रहे लगभग 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोटेंशन का खतरा बढ़ गया है। 2025 में डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या 16 साल में सबसे ज्यादा इमिग्रेशन एजेंसी (आईस) के एक अधिकारी के अनुसार अवैध प्रवासियों के खिलाफ इनकी धरपकड़ और डिपोर्टेशन दोनों की संख्या बढ़ी है। साल के अंत तक डिपोर्ट किए जाने वाले अवैध प्रवासियों की रिकॉर्ड संख्या होने वाली है। जबकि, पिछले साल डिपोर्ट किए गए 3567 भारतीयों में सभी ऐसे थे, जो अवैध रूप से अमेरिका में आए थे। आईएस ने जून में ही 801 भारतीयों को रिमूवल ऑर्डर (वापसी आदेश) जारी किया। हालांकि, इस रिमूवल ऑर्डर से तुरंत डिपोर्टेशन नहीं होता है। इसके खिलाफ कोर्ट में अपील की जा सकती है या फिर संबंधित व्यक्ति अपनी इच्छा से अमेरिका को छोड़ सकता है। 2025 में डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या 16 साल में सर्वाधिक स्तर पर थी। ट्रैफिक लाइट पार करने या सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई ट्रैफिक लाइट पार करने या सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई, तुरंत डिपोर्ट कर रहे वैध वीसा पर आए प्रोफेशनल्स को किसी भी उल्लंघन का आरोप लगा डिपोर्ट किया जा रहा है। अमेरिका के किसी शहर में ट्रैफिक लाइट पार करने पर छात्रों को डिपोर्ट करने के मामले सामने आए हैं। कुछ छात्रों द्वारा सोशल मीडिया जैसे एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रम्प सरकार की आलोचना का दोषी मानकर डिपोर्ट कर दिया गया। टेक्सास में एच-1बी वीसा होल्डर की जॉब चली गई। उसके पास 60 दिन तक अमेरिका में रहकर नई जॉब सर्च करने का अधिकार था। इस बीच, एक रेस्तरां में पार्ट टाइम जॉब करते समय आईस ने रेड डाली। वीसा होल्डर को पकड़ लिया गया। उसे आईस ने वीसा उल्लंघन का दोषी माना और भारत डिपोर्ट कर दिया। कनाडा में 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा, वर्क परमिट रद्द कनाडा की अल्बर्टा प्रांतीय सरकार की ओर से पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) रद्द किए जाने से वहां पढ़ाई कर रहे करीब 1,500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा बढ़ गया है। कनाडा में वर्क परमिट होने से ये सभी छात्र स्टडी-जॉब प्रोग्राम में शामिल थे। यानी ये सभी स्टडी के बाद जॉब भी कर रहे थे। अल्बर्टा के इन छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया। फिलहाल कनाडा इमिग्रेशन का कहना है कि कुछ समय तक ये छात्र जॉब कर सकते हैं। लेकिन, इन छात्रों का कहना है कि कनाडा सरकार की ओर से जॉब गारंटी को बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए नए कानून बनाए जाएं। पीएम बोले- बिना वैध वीजा-वर्क परमिट वाले छात्रों को जाना होगा उधर, कनाडा के पीएम मार्क कार्नी का कहना है कि जिन छात्रों के पास यहां रहने का वैध वीसा या फिर वर्क परमिट नहीं है, उन्हें जाना ही पड़ेगा। अल्बर्टा के प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने और भी सख्त रवैया अपनाया है। उन्होंने कहा, स्टडी वीसा अस्थायी दस्तावेज है। विदेशी छात्र इस आधार पर कनाडा में हमेशा के लिए नहीं रह सकते हैं। हमारे कॉलेज पहले अल्बर्टा के टैक्सपेयर्स के लिए हैं। यहां पढ़ने वाले छात्रों को स्टडी पूरी करने के बाद अपने देश लौटना ही पड़ेगा। जहां तक नियमों की बात है, कनाडा आने वाले हरेक विदेशी छात्र को इन्हें मानना ही होगा। टेक्सास के हालिंग से 20 घंटे की फ्लाइट से नई दिल्ली भेजा जा रहा ह्यूमन राइट्स फर्स्ट संगठन के अनुसार भारतीयों को ओमानी एयरवेज से डिपोर्ट कर रहे हैं। टेक्सास के हालिंग से 20 घंटे की फ्लाइट से नई दिल्ली भेजा जा रहा है। इस साल डिपोर्टेशन उड़ानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले साल अमेरिका ने सैन्य विमान हरक्यूलिस से डिपोर्ट किया था। 2025 में 3,567 भारतीय अमेरिका से डिपोर्ट हुए थे 2025 में अमेरिका ने 3,567 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया था। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जून 2026 में दी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2026 में जून तक 1,076 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। 5 फरवरी 2025 को अमेरिका ने पहली बार सैन्य विमान से 104 भारतीयों को अमृतसर भेजा था। इस दौरान कई लोगों को हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगी थीं। इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद देशभर में विवाद हुआ। संसद में भी हंगामा हुआ था। ———— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 15 हजार भारतीयों की छंटनी, नई जॉब नहीं:H-1B पर गए थे, ट्रम्प के सख्त नियम से अब डिपोर्ट का खतरा अमेरिका में 15 हजार भारतीय टेक कर्मियों की नौकरी जाने के बाद उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। पूरी खबर पढ़ें…
ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेगा उस पर भी एक्शन लेंगे, तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान की मदद करने वाले देशों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई होगी। इसमें बैंक, कंपनियां, एयरपोर्ट और सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने तेल तस्करी, कैश ट्रांसफर, करेंसी एक्सचेंज, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और फर्जी कंपनियों के जरिए ईरान तक पहुंचने वाली आर्थिक मदद को रोकने की बात कही। खबर अपडेट हो रही है…
ट्रम्प का ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान:बोले- जो देश मदद करेंगे, उन पर भी एक्शन लेंगे; तेल तस्करी नेटवर्क निशाने पर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर अलग-थलग किया जाएगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान की मदद करने वाले देशों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई होगी। इसमें बैंक, कंपनियां, एयरपोर्ट और सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने तेल तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई करने और कैश ट्रांसफर, करेंसी एक्सचेंज, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और फर्जी कंपनियों के जरिए ईरान तक पहुंचने वाली आर्थिक मदद को रोकने की बात कही। ट्रम्प का दावा- ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को बड़ा नुकसान हुआ है और उसके कई सैन्य कारखाने तबाह हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मुद्रा की हालत बहुत खराब है और देश आर्थिक संकट में है। ट्रम्प ने अमेरिका की नई आर्थिक कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताया। आसान भाषा में इसका मतलब है कि अमेरिका ईरान पर बहुत बड़ा आर्थिक दबाव बनाने जा रहा है। उन्होंने दूसरे देशों से भी ईरान की मदद बंद करने और अमेरिका के साथ इस अभियान में शामिल होने की अपील की। अमेरिकी प्रतिबंधों का ईरान पर क्या असर पड़ेगा? अमेरिका की नई कार्रवाई का सबसे बड़ा असर ईरान के तेल कारोबार और पैसे के लेनदेन पर पड़ सकता है। ईरान की कमाई का बड़ा हिस्सा तेल बेचने से आता है। अगर दूसरे देश, बैंक और कंपनियां अमेरिकी कार्रवाई के डर से ईरान के साथ कारोबार कम करते हैं, तो ईरान के लिए तेल बेचना और विदेशों से पैसा लेना मुश्किल हो सकता है। तेल की तस्करी और फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई होने से ईरान के लिए छिपकर कारोबार करना और अमेरिकी कार्रवाई से बचना भी मुश्किल होगा। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान को दुनिया से आर्थिक तौर पर अलग करने की कोशिश करेगा। ईरान का तेल तस्करी नेटवर्क कैसे काम करता है तेल बेचकर कमाई, पहचान छिपाकर सप्लाई तेल के बाद पैसे की बारी अमेरिका पूरी चेन तोड़ना चाहता है —————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- 2020 चुनाव में 24,000 गैर-नागरिकों ने वोट डाले:चुनाव में मेरी जीत हुई थी, धांधली रोकने के लिए कानून बनाऊंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मतदाता और नागरिकता रिकॉर्ड की जांच में 24 हजार से ज्यादा गैर-अमेरिकी नागरिकों के वोट डालने का पता चला है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
सुविंदर विक्की ने कभी इंश्योरेंस पॉलिसी बेची थी:खाने तक के पैसे नहीं थे; ‘आवारापन 2’ के किरदार को अपनी जिंदगी से जुड़ा बताया

एक्टर सुविंदर विक्की हाल ही में फिल्म ‘आवारापन 2’ में दिखाई दिए। कभी वो एक थिएटर प्ले से मिले सिर्फ 5 हजार रुपए लेकर मुंबई पहुंचे थे, लेकिन पैसे जल्दी खत्म हो गए और उन्हें एक महीने के अंदर पंजाब लौटना पड़ा। मुंबई में एक समय ऐसा भी आया, जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। गुजारा करने के लिए उन्होंने इंश्योरेंस पॉलिसी बेचीं और छोटे-मोटे काम किए। करीब एक दशक तक पंजाबी फिल्मों में छोटे किरदार निभाने के बाद उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ से हिंदी फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद ‘केसरी’, ‘माइलस्टोन’, ‘कोहरा’ और ‘धुरंधर द रिवेंज’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। हाल ही में सुविंदर विक्की ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘आवारापन 2’ के बारे में बात की। पढ़िए इंटरव्यू की अहम बातें। सवाल: ‘आवारापन 2’ का हिस्सा बनने का मौका आपको कैसे मिला और जब आपको फिल्म ऑफर हुई तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरे लिए सबसे खुशी की बात यह है कि मैं ‘आवारापन 2’ से जुड़ा। करीब 18 साल पहले जब ‘आवारापन’ आई थी, तब उसने युवाओं के बीच एक अलग ही इमेज बनाई थी। फिल्म के म्यूजिक और इमरान हाशमी के काम को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी। आज मेरी बेटी भी बड़ी हो गई है और वह भी ‘आवारापन’ को लेकर काफी एक्साइटेड रहती है। जैसे ही उसे पता चला कि मैं ‘आवारापन 2’ में काम कर रहा हूं, उसने फिल्म को लेकर बातें शुरू कर दीं। मेरे लिए यह एक बड़ी खुशी थी कि मैं उस फिल्म की दुनिया का हिस्सा बन रहा हूं, जिसे एक पीढ़ी ने इतना पसंद किया है। सवाल: ‘आवारापन 2’ में आपके किरदार जयदीप का अपना आंतरिक संघर्ष क्या है? जवाब: जयदीप का संघर्ष मुझे अपने जीवन के संघर्ष से काफी जुड़ा हुआ लगा। मेरी जिंदगी में भी एक समय यह द्वंद्व रहा कि क्या करना है, अभिनेता बनना है तो कैसे बनना है, कितनी स्ट्रगल करनी पड़ेगी, पैसे आएंगे या नहीं आएंगे, नौकरी के साथ यह काम करना पड़ेगा या पूरी तरह इसमें आना चाहिए। जयदीप के भीतर भी कुछ इसी तरह के सवाल हैं। वह सोचता है कि यहां रहूं या छोड़ दूं, साथ दूं या नहीं दूं। मुझे लगा कि उसके ये संघर्ष मेरे अपने संघर्षों से काफी मैच करते हैं। इसलिए मुझे इस किरदार से जुड़ना बहुत आसान लगा। सवाल: आपने अब तक कई ग्रे और नेगेटिव शेड्स वाले किरदार निभाए हैं। क्या अब कुछ अलग करने की इच्छा थी? जवाब: बिल्कुल। मन करता है कि कुछ अलग भी नजर आए। ऐसा नहीं है कि मैं रोमांस नहीं कर सकता। मेरा भी मन करता है कि पर्दे पर मेरी कोई हीरोइन हो, हम रोमांटिक सीन करें, तारों की छांव में बैठें या मैं उसके लिए मारधाड़ करूं और वह मेरे जख्मों पर मरहम लगाए। लेकिन फिर लगता है कि अगर हर कोई यही करेगा तो हम जो करते हैं, वह कौन करेगा? हमारे हिस्से में अच्छाई के साथ-साथ निगेटिविटी और बुराई को भी पर्दे पर उतारने की जिम्मेदारी आती है। सवाल: क्या किसी विलेन या ग्रे किरदार की सफलता का पैमाना यह है कि दर्शक उससे नफरत करने लगें? जवाब: बिल्कुल। एक विलेन तब कामयाब होता है, जब लोगों को उससे नफरत होने लगे। अगर आप किसी किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं और दर्शक उस किरदार को लेकर रिएक्ट करते हैं, उसकी तारीफ करते हैं या उससे डरते-नफरत करते हैं, तो एक अभिनेता के तौर पर वही आपकी सफलता है। सवाल: क्या किसी किरदार को निभाने के बाद उससे बाहर निकलने में आपको कभी परेशानी हुई है? जवाब: ऐसा बहुत ज्यादा नहीं हुआ, लेकिन ‘माइलस्टोन’ में गालिब का किरदार करते समय मुझे काफी पीठ दर्द रहता था। शूटिंग के बाद भी कुछ समय तक वह दर्द मेरे साथ रहा। फिर मैंने अपने दिमाग को यह समझाया कि आपने इतनी मेहनत की है, लगातार सीढ़ियां चढ़ते रहे हैं, इसलिए शरीर में कोई मसल खिंच गया होगा। पता नहीं सच में ऐसा था या मैंने अपने दिमाग को उस तरह सेट किया, लेकिन मेरे लिए वह तरीका काम कर गया। कई बार ऐसा भी होता है कि एक किरदार से निकलकर तुरंत दूसरे किरदार में जाना पड़ता है। जैसे मैंने बलबीर का किरदार किया और उसके बाद ‘सतलुज’ के लिए तैयारी करनी थी। ऐसे समय में अभिनेता को बहुत जल्दी स्विच ऑन और स्विच ऑफ करना पड़ता है। सवाल: पंजाबी सिनेमा, हिंदी फिल्मों और ओटीटी तीनों जगह काम करते हुए क्या आपकी एक्टिंग अप्रोच बदलती है? जवाब: मैं खुद को इस मामले में किस्मत वाला मानता हूं कि मुझे अक्सर ऐसा काम मिल जाता है, जो मुझे पसंद आता है। मेरे पास बहुत ज्यादा ऑप्शंस भी नहीं होते। अगर 8-10 स्क्रिप्ट आती हैं और उनमें से एक चुननी है तो मेरे लिए जो काम करने लायक है, मैं उसे करना चाहता हूं। चाहे किरदार एक सीन का हो, दो सीन का हो या 40 दिन का काम हो, मेरे लिए उसमें कुछ करने लायक जरूर होना चाहिए। अब तक मुझे जो काम मिला है, उसमें मैं खुद को काफी लकी मानता हूं। सवाल: इतने साल इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी क्या आज काम मांगने में झिझक नहीं होती? जवाब: नहीं, काम मांगने में कैसी झिझक? यह मेरा काम है। मैंने अपनी खुशी से, पूरे होश-हवास में इस फील्ड को चुना है। भगवान को साक्षी मानकर तय किया है कि मुझे अभिनेता बनना है। अब मेरी ड्यूटी है कि मुझे हर किरदार को अपनी 100 प्रतिशत क्षमता के साथ निभाना है। लोगों को वह पसंद आए, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। मेरे लिए मेरे सारे किरदार एक जैसे हैं। कोई एक दूसरे से कम या ज्यादा नहीं है। सवाल: आगे ऐसा कौन-सा किरदार करना चाहते हैं, जो अभी तक नहीं मिला? जवाब: मैं ऐसा किरदार करना चाहता हूं, जो मेरी अपनी जिंदगी के ज्यादा करीब हो। मैंने पुलिस वाले काफी किए हैं। अब कोई ऐसा आम आदमी, इंश्योरेंस एजेंट जैसा किरदार, बिजनेसमैन या पिता की भूमिका जिसमें जिंदगी की सच्चाई और मेरे अपने अनुभवों की झलक हो ऐसा कुछ करना चाहूंगा। क्योंकि जब किरदार
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरा हटाया गया

दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स और ट्रैफिक बोलार्ड्स हटा दिए हैं। इन बैरिकेड्स से पहले हाई कमीशन के आसपास बाहरी सुरक्षा घेरा बना हुआ था। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरियर और पार्किंग पोल हटा दिए थे। महाराष्ट्र के जलगांव में सड़क हादसा, बस-ट्रक की टक्कर में 4 की मौत महाराष्ट्र के जलगांव में पाचोरा-मालेगांव रोड पर MSRTC बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा चालीसगांव क्षेत्र के दहिवाल गांव के पास हुआ। टक्कर के बाद दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। हादसे के कारणों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आज की अन्य बड़ी खबरें… केन्या में हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 की मौत; 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख भी मारे गए केन्या के सांबुरु काउंटी में बुधवार सुबह हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें 5 अमेरिकी नागरिक और इक्वाडोर की खुफिया एजेंसी के प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी शामिल हैं। हेलिकॉप्टर माउंट ओलोलोक्वे के पास क्रैश हुआ था। यह लोइसाबा वाइल्डलाइफ कंजर्वेंसी से एवासो न्गिरो नदी की ओर जा रहा था। इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख मिशेल सेंसी-कॉन्टुगी के साथ उनकी पत्नी स्टेफनी सेंसी भी हादसे में मारी गईं। स्टेफनी फैशन डिजाइनर थीं। स्पेनिश टीवी नेटवर्क टेलीमुंडो के एग्जीक्यूटिव जोसे सुआरेज के भी मारे जाने की खबर है। हेलिकॉप्टर ऑपरेटर के मुताबिक, हादसे की वजह अभी पता नहीं चली है। केन्या रेड क्रॉस ने बताया कि हादसे वाली जगह पर आग और मुश्किल रास्ते के कारण राहत और शव निकालने के काम में परेशानी हुई। केन्या के परिवहन मंत्रालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। राहुल गांधी ने वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी को दी श्रद्धांजलि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री और अपने पिता राजीव गांधी की जयंती पर वीर भूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा- मंदिरों में भेदभाव की कोई जगह नहीं, कांचीपुरम के मंदिर का मामला मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि भगवान की नजर में सभी जीव समान हैं और भगवान किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। कोर्ट ने साफ किया कि मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने भगवद् गीता के अध्याय 9 के श्लोक 29 का हवाला देते हुए कहा कि मैं सभी जीवों के प्रति समान भाव रखता हूं। न मैं किसी का पक्ष लेता हूं, न किसी से द्वेष करता हूं। जो भक्तिभाव से मेरी पूजा करते हैं, वे मुझमें हैं और मैं उनमें हूं। मामला कांचीपुरम के अरुलमिगु देवराज स्वामीगल मंदिर, खासकर श्री मनवाला मामुनिगल श्राइन से जुड़ा था। यहां के एक निवासी ने याचिका में आरोप लगाया था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मनवाला मामुनिगल श्राइन में दो प्रवेश द्वार हैं- एक मुख्य और दूसरा साइड एंट्री। आरोप था कि गैर-ब्राह्मण भक्तों को मुख्य प्रवेश से जाने नहीं दिया जाता, जो साफ भेदभाव है। पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को पुलिस की मंजूरी, 30 शर्तें पुणे पुलिस ने राहुल गांधी के 22 अगस्त को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। हालांकि, पुलिस ने इसके लिए 30 शर्तें तय की हैं। आयोजकों को आपत्तिजनक तस्वीरें या बैनर लगाने से रोकने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। कार्यक्रम शहर के RTO चौक के पास SSPMS कॉलेज ग्राउंड में शाम 4:30 से रात 9:30 बजे तक होगा। पुलिस के मुताबिक, इसमें 8,000 से 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। मणिपुर में 3 दिन स्कूल-कॉलेज बंद, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का फैसला मणिपुर सरकार ने राज्य में 20 से 22 अगस्त तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया है। सरकार ने यह फैसला मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया है। इस दौरान बोर्ड से जुड़े सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी संस्थानों पर लागू होगा। दरअसल, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर JFD ग्रुप ने 48 घंटे की हड़ताल बुलाई है। बुधवार को हड़ताल के दूसरे दिन घाटी के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के पुतले जलाए और रैलियां निकालीं।
करतारपुर कॉरिडोर पर विदेश मंत्रालय का आया बयान:सुरक्षा स्थिति के चलते 7 मई 2025 से सेवाएं बंद, SGPC ने वीजा कोटा बढ़ाने की मांग उठाई

पाकिस्तान जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों के लिए वीजा कोटा बढ़ाने और करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग के बीच विदेश मंत्रालय ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए करतारपुर कॉरिडोर की सेवाएं फिलहाल निलंबित हैं। जायसवाल से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रतिनिधिमंडल की नई दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स से मुलाकात और सिख श्रद्धालुओं के लिए वीजा कोटा बढ़ाने की मांग को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हर साल एक द्विपक्षीय समझौते के तहत सिख जत्थे पाकिस्तान स्थित तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बोले- सेवाएं 7 मई 2025 से निलंबित हैं करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने की मांग पर जायसवाल ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण इसकी सेवाएं 7 मई 2025 से निलंबित हैं और अभी स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर हाल ही में संसद में भी सवाल उठाया गया था। विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स साद अहमद वारैच से मुलाकात के बाद आई है। प्रतिनिधिमंडल ने नवंबर 2026 में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरुपर्व से पहले अधिक संख्या में वीजा जारी करने की मांग की है। SGPC के अनुसार, प्रकाश गुरुपर्व के लिए 7,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान यात्रा हेतु पासपोर्ट जमा किए हैं। वहीं, पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से करीब 1,800 श्रद्धालुओं को ही वीजा जारी किए जाते हैं।
अमृतसर में गोल्डन टेंपल पहुंचे अभिनेता सुनील शेट्टी:परिवार संग टेका माथा, बोले- यहां आकर मिलती है अलग ऊर्जा और मन को सुकून

अमृतसर में बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी आज अपने परिवार के साथ गोल्डन टेंपल पहुंचे। उन्होंने गुरु घर में माथा टेका और सरबत के भले की अरदास की। इस दौरान उन्होंने पवित्र परिक्रमा में बैठकर गुरबाणी का श्रवण भी किया और वाहेगुरु का शुक्राना अदा किया। गोल्डन टेंपल पहुंचने के बाद सुनील शेट्टी भावुक नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद सुकून और खुशी मिलती है। उनके मुताबिक, गोल्डन टेंपल में पहुंचने के बाद कई बार उनके पास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं होते और वह भावुक हो जाते हैं। सुनील शेट्टी ने कहा कि जब भी वह गोल्डन टेंपल आते हैं, उन्हें यहां से एक अलग तरह की ऊर्जा और सकारात्मकता महसूस होती है। गुरु घर में नतमस्तक होने के बाद मन को शांति मिलती है और ऐसा लगता है कि सब कुछ अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि यहां का आध्यात्मिक माहौल व्यक्ति को भीतर से मजबूत करता है। अभिनेता ने बताया कि 11 तारीख को उनकी शादी की सालगिरह थी। इसके बाद वह परिवार के साथ गुरु घर का आशीर्वाद लेने के लिए अमृतसर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अलग-अलग कारणों से गुरु घर आते हैं, लेकिन यहां आकर सेवा, विनम्रता और अच्छी सोच की प्रेरणा मिलती है। सुनील शेट्टी ने कहा कि निजी जीवन में भी सेवा भाव और सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गोल्डन टेंपल में नतमस्तक होने के बाद वह नई ऊर्जा के साथ अपने काम की शुरुआत करेंगे। उनके मुताबिक, यहां आना उनके लिए सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा हासिल करने का अवसर है। सुनील शेट्टी की यात्रा के दौरान उनके प्रशंसकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने गुरु घर की मर्यादा का सम्मान करते हुए माथा टेका, गुरबाणी सुनी और अरदास की। इसके बाद वह परिवार सहित गुरु घर से मिली आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ रवाना हुए।
'एक्स बॉयफ्रेंड के चलते पीरियड्स में शर्म आती थी':एक्ट्रेस अनुपमा बोलीं- पहले 11 बच्चे चाहती थीं, अभी एक भी नहीं चाहिए

साउथ एक्ट्रेस अनुपमा परमेश्वरन ने हाल ही में अपने अतीत के एक नार्सिसिस्टिक दुर्व्यवहार (आत्ममुग्धता से भरे शोषण) वाले रिश्ते के बारे में बताया। ध्यान वर्मा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में अनुपमा ने कहा कि उनके एक्स-पार्टनर ने कथित तौर पर उन्हें एक्ट्रेस होने, कॉन्फिडेंट होने और यहां तक कि पीरियड्स होने जैसी बातों पर भी शर्मिंदा महसूस कराया। रिश्ते के असर के बारे में बताते हुए अनुपमा ने कहा कि पहले वह 11 बच्चे चाहती थीं, लेकिन अब बच्चे नहीं चाहतीं। उन्होंने बताया कि पूर्व पार्टनर हर बहस को उनके पीरियड्स से जोड़ देता था, फिर चाहे वह पीरियड्स के किसी भी दिन हुई हो। उन्होंने कहा, “पीरियड्स का पहला दिन हो, पांचवां दिन, दसवां दिन, पंद्रहवां दिन, बीसवां दिन या पच्चीसवां दिन, साइकिल का कोई भी दिन हो। आप इस व्यक्ति की किसी गलती पर उससे सवाल करेंगे, तो वह कहेगा- ओह, तुम पीएमएस कर रही हो, तुम्हारे पीरियड्स आने वाले हैं। इसलिए मुझे बहुत शर्म आती थी।” अनुपमा ने आगे कहा, “मैं 11 बच्चे पैदा करने का सपना देखने वाली इंसान थी। इस समय मुझे बच्चे भी नहीं चाहिए। मुझे महिला होने पर बहुत बुरा लगता था। अपनी उपलब्धियों को लेकर भी मुझे बहुत बुरा लगता था।” पहले रिश्ते को नार्सिसिस्टिक एब्यूज बताया था अनुपमा पहले भी अपने पूर्व पार्टनर के साथ रिश्ते के अनुभव के बारे में बात कर चुकी हैं। एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने इस रिश्ते को ‘नार्सिसिस्टिक एब्यूज’ बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पार्टनर ने धीरे-धीरे उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के अलग-अलग पहलुओं को कंट्रोल करना शुरू कर दिया था। रिश्ते में लगातार इमोशनल उतार-चढ़ाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “बहुत से लोग नार्सिसिस्टिक एब्यूज के बारे में नहीं जानते हैं। एक दिन, वह रेमो होगा। मुझ पर प्यार और देखभाल की बारिश होगी और मैं शायद दुनिया का सबसे लकी इंसान महसूस करूंगी।” उन्होंने कहा, “लेकिन अगले दिन वह अन्नियन होगा। यह उसका सबसे क्रूर रूप होगा और उसे आसपास क्या हो रहा है, इसकी बिल्कुल परवाह नहीं होगी।” अनुपमा ने आगे कहा था, “अगले दिन यही व्यक्ति अंबी बन जाएगा। वह अपनी गलतियों के लिए मुझसे माफी मांगेगा और बच्चे की तरह रोएगा। वह वादा करेगा कि गलतियां दोबारा नहीं करेगा, लेकिन फिर प्यार का वही चक्र जारी रहेगा।” अनुपमा ने 2015 में फिल्मी करियर शुरू किया था अनुपमा परमेश्वरन ने साल 2015 में मलयालम फिल्म ‘प्रेमम’ से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। फिल्म में मैरी के किरदार और उनके घुंघराले बालों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद उन्होंने मलयालम के साथ तेलुगु, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। साल 2016 में ‘अ आ’ से उन्होंने तेलुगु सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद ‘शतमानम भवति’ और ‘हेलो गुरु प्रेमा कोसमे’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। 2019 में ‘नटसार्वभौमा’ से कन्नड़ सिनेमा में डेब्यू किया। 2022 में ‘कार्तिकेय 2’ से उन्हें पैन-इंडिया पहचान मिली। वहीं, ‘टिल्लू स्क्वायर’ ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ाई।








